देश
सड़क हादसे में बस ने मचाई तबाही: कई लोग घायल, दो की मौत
10 Mar, 2026 07:52 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। नांगलोई इलाके में बेकाबू डीटीसी बस ने कुछ लोगों को कुचल दिया। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई है। आक्रोशित लोगों ने बस को रोक कर उसपर पथराव कर दिया। तोडफ़ोड़ करने के बाद भीड़ ने एक बस को आग के हवाले कर दिया। पथराव में छह बसों के शीशे टूट गए हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया। घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची दमकल की गाडिय़ों ने आग पर काबू पा लिया है। पुलिस मौके पर मौजूद भीड़ को तितर-बितर कर मामले की जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक, सोमवार को सुबह करीब 9.45 बजे नजफगढ़ की तरफ से आ रही डीटीसी क्लस्टर बस ने एक स्कूटी, एक बाइक, एक रिक्शा और कुछ पैदल चलने वालों को टक्कर मार दी। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई है। जिनके शव एसजीएम अस्पताल और महाराजा अग्रसेन अस्पताल पंजाबी बाग में रखे गए हैं। एक महिला की हालत गंभीर है, जिसका अस्पताल में इलाज जारी है। आरोपी चालक को हिरासत में ले लिया गया है।
चुनावी ऐलान से पहले विपक्ष का बड़ा दांव, CEC पर घेराबंदी की तैयारी
9 Mar, 2026 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली|विपक्षी पार्टियां मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने के लिए संसद में प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस प्रस्ताव का ड्राफ्ट तैयार हो चुका है और इसे इसी हफ्ते जमा किया जा सकता है। यह पहली बार है जब विपक्षी दल एकजुट होकर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ ऐसा कड़ा कदम उठा रहे हैं।
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक वरिष्ठ सांसद ने बताया कि यह पूरी तरह से विपक्षी दलों की एकजुटता का नतीजा है। उन्होंने कहा कि ड्राफ्ट तैयार करने और इसकी योजना बनाने में सभी समान विचारधारा वाली पार्टियों ने मिलकर काम किया है। संसद के दोनों सदनों में इस योजना को लागू करने के लिए भी सभी दल साथ मिलकर काम करेंगे। टीएमसी नेता ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने अपने गरिमामय पद का अपमान किया है। कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक की अन्य पार्टियों ने भी इस नोटिस का समर्थन करने की बात कही है।
अब विपक्षी सांसद दोनों सदनों के सदस्यों के हस्ताक्षर इकट्ठा करेंगे। नियमों के अनुसार, इस तरह के नोटिस के लिए लोकसभा के कम से कम 100 सांसदों या राज्यसभा के कम से कम 50 सांसदों के हस्ताक्षर होना जरूरी है। मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के जज को हटाने जैसी ही होती है। उन्हें केवल साबित हुए गलत व्यवहार या काम करने में अक्षमता के आधार पर ही हटाया जा सकता है।
यह प्रस्ताव संसद के किसी भी सदन में पेश किया जा सकता है। इसे पास करने के लिए विशेष बहुमत की जरूरत होती है। इसका मतलब है कि सदन के कुल सदस्यों का बहुमत और मौजूद रहकर वोट देने वाले सदस्यों का दो-तिहाई बहुमत इस प्रस्ताव के पक्ष में होना चाहिए। कानून के मुताबिक, मुख्य चुनाव आयुक्त को केवल उन्हीं आधारों पर हटाया जा सकता है जिन पर सुप्रीम कोर्ट के जज को हटाया जाता है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हाल ही में दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस विचार का समर्थन किया था। उन्होंने कहा था कि अगर विपक्ष ऐसा प्रस्ताव लाता है, तो वे इसके साथ हैं। ममता बनर्जी फिलहाल बंगाल में वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (एसआईआर) के दौरान नाम हटाए जाने के विरोध में धरने पर बैठी हैं।
कांग्रेस का केंद्र पर वार, राहुल-खड़गे ने उठाए ऊर्जा सुरक्षा के सवाल
9 Mar, 2026 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली|संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में आज पश्चिम एशिया में जारी संकट को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष में घमासान देखने को मिला है। विदेश मंत्री की तरफ से सदन में पश्चिम एशिया में व्याप्त संकट पर बयान दिया गया। लेकिन इसके बाद से विपक्ष सरकार पर हमलावर है। कांग्रेस सांसद और विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, 'पश्चिम एशिया संकट से कितना नुकसान होगा? एक बड़े बदलाव की लड़ाई चल रही है। इससे हमारी अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान होगा। आपने शेयर बाजार देखा। प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका के साथ समझौता कर लिया है। देश को बड़ा झटका लगने वाला है। तो फिर इस पर चर्चा करने में उन्हें क्या दिक्कत है?'
'क्या पश्चिम एशिया का मुद्दा महत्वपूर्ण नहीं है?'
राहुल गांधी ने आगे कहा कि, 'हम इसके बाद दूसरे मुद्दों पर चर्चा कर सकते हैं। क्या पश्चिम एशिया का मुद्दा महत्वपूर्ण नहीं है? ईंधन की कीमतें और आर्थिक तबाही चर्चा के महत्वपूर्ण विषय नहीं हैं? ये सार्वजनिक मुद्दे हैं। हम इन्हें महत्वपूर्ण मानते हैं और इन पर चर्चा करना चाहते हैं... लेकिन वे चर्चा नहीं करना चाहते क्योंकि इससे और भी बातें सामने आएंगी, प्रधानमंत्री की छवि खराब होगी। उनकी छवि खराब होगी और उन्हें ब्लैकमेल किया जा रहा है, ये सब सामने आएगा। इसलिए वे चर्चा नहीं करना चाहते। आपने देखा कि प्रधानमंत्री संसद से कैसे भाग गए। मैं आपको बता रहा हूं, वे नहीं आ पाएंगे।'
भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ रहा है प्रभाव- खरगे
वहीं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार को एशिया के एक महत्वपूर्ण क्षेत्र में तेजी से बदल रही भू-राजनीतिक स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह हालात केवल उस क्षेत्र तक सीमित नहीं है। इसका प्रभाव भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर भी पड़ रहा है। साथ ही भारत की वैश्विक छवि और सामर्थ्य पर भी इसका असर दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि भारत अपनी कच्चे तेल की लगभग 55 प्रतिशत जरूरतें पश्चिम एशिया से होने वाले आयात से पूरी करता है। यदि उस क्षेत्र में संघर्ष बढ़ता है तो उसका सीधा असर हमारे देश की आर्थिक स्थिरता पर पड़ सकता है।
खड़गे ने राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन से कहा, 'मैं आपका आभारी हूं कि आपने मुझे यह मुद्दा उठाने का अवसर दिया।' खड़गे ने कहा कि वह नियम 176 के तहत तहत उभरती चुनौतियों के संदर्भ में भारत की ऊर्जा सुरक्षा के विषय पर अल्पकालिक चर्चा की अनुमति का अनुरोध करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि एशिया के उस क्षेत्र में लाखों भारतीय काम करते हैं, जिनकी सुरक्षा और आजीविका वहां की स्थिरता पर निर्भर करती है। हाल की घटनाओं में कुछ भारतीय नागरिकों के मारे जाने या लापता होने की खबरें भी सामने आई हैं।
हंगामे के बीच विदेश मंत्री ने दी जानकारी
उन्होंने कहा कि रसोई गैस सिलेंडर के दाम में लगभग 60 रुपये की बढ़ोतरी भी आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ डाल सकती है। भारत हर साल लगभग 51 बिलियन अमेरिकी डॉलर का तेल आयात करता है। यह भारतीय अर्थव्यवस्था और परिवारों के जीवन से सीधे जुड़ा हुआ विषय है। इसलिए इन अंतरराष्ट्रीय घटनाओं का असर अब भारत में भी दिखाई देने लगा है। इस बीच सभापति द्वारा नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को बैठ जाने के लिए कहा गया। सभापति ने खड़गे को बाद में बोलने का अवसर देने की बात कही और कहा कि फिलहाल विदेश मंत्री एस जयशंकर सदन में अपनी बात रखने जा रहे हैं। इस बार विपक्षी सांसदों ने जमकर हंगामा किया। हंगामे के बीच एस जयशंकर ने अपनी बात रखी। लेकिन विपक्षी सांसद लगातार नारेबाजी करते रहे इसके उपरांत विपक्ष ने सदन से वॉकआउट किया।
विदेश मंत्री के संबोधन के दौरान विपक्ष ने की नारेबाजी
दरअसल, नेता प्रतिपक्ष और विपक्षी सांसद इस मुद्दे पर सदन में अपनी बात रखना चाहते थे। सभापति ने मल्लिकार्जुन खड़गे को शुरुआत में बोलने का अवसर दिया और इसके बाद उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री द्वारा इस संदर्भ में आधिकारिक जानकारी दे रहे हैं। विदेश मंत्री द्वारा जानकारी दिए जाने के बाद वह खड़गे को बोलने का अवसर देंगे। लेकिन विपक्ष इसके लिए राजी नहीं हुआ और सदन में विपक्षी सांसद लगातार नारेबाजी करते रहे।
वोटर लिस्ट विवाद पर बंगाल में बवाल, मंत्री ने शुरू की भूख हड़ताल
9 Mar, 2026 05:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलकाता|पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर विवाद थमने का नाम नही ले रहा है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बाद अब उत्तर बंगाल विकास मंत्री उदयन गुहा ने भी मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को उन्होंने कूच बिहार के दिनहाटा में भूख हड़ताल शुरू कर दी। मंत्री का आरोप है कि चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के नाम पर मनमाने ढंग से लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए हैं।
गुहा चुनाव आयोग पर साधा निशाना
उदयन गुहा ने सीधे तौर पर चुनाव आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आयोग भारतीय जनता पार्टी के इशारे पर काम कर रहा है। उनके नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस सामूहिक भूख हड़ताल में हिस्सा लिया। मंत्री ने बताया कि बड़ी संख्या में मतदाताओं के नामों को 'अंडर एडजुडिकेशन' यानी जांच की श्रेणी में डाल दिया गया है। उनके मुताबिक, अकेले कूच बिहार जिले में ही 2.37 लाख से ज्यादा मतदाताओं के नाम इस पेंडिंग लिस्ट में रखे गए हैं।
चुनाव आयोग पक्षपात का लगाया आरोप
मंत्री ने कहा, 'ममता बनर्जी के नेतृत्व में हमारी पार्टी कोलकाता में पहले से ही विरोध कर रही है। चुनाव आयोग पक्षपात कर रहा है और भाजपा को फायदा पहुंचाने की कोशिश में है। आम मतदाताओं के नाम काटकर उन्हें मानसिक परेशानी दी जा रही है। आयोग यह भी नहीं बता रहा है कि इन नामों पर फैसला कब होगा।' उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने अपने जीवन में कई चुनाव आयोग देखे हैं, लेकिन इतना पक्षपाती आयोग कभी नहीं देखा। उन्होंने चेतावनी दी कि बंगाल के लोग बहुत जागरूक हैं और वे इस साजिश का कड़ा जवाब देंगे।
भाजपा के उन दावों पर भी मंत्री ने पलटवार किया, जिसमें कहा गया था कि इस प्रक्रिया से रोहिंग्या और अवैध घुसपैठियों की पहचान होगी। उदयन गुहा ने कहा, अगर कोई घुसपैठिया मिलता है, तो उसे बाहर निकालें और सजा दें। हमें उससे कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन हम चाहते हैं कि यहां पैदा हुए हर व्यक्ति का वोट देने का अधिकार सुरक्षित रहे। असल में जहां भाजपा कमजोर है, वहां योजना बनाकर असली मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं।
हड़ताल के सवाल पर क्या बोले नेता?
जब उनसे पूछा गया कि वह यह भूख हड़ताल कब तक जारी रखेंगे, तो उन्होंने कहा कि जब तक उनके शरीर में सांस है, वह पीछे नहीं हटेंगे। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी पिछले शुक्रवार को कोलकाता में इसी मुद्दे पर धरना शुरू किया था। तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि वे आम जनता के हक के लिए यह लड़ाई जारी रखेंगे।
PIL पर वकील की दलील से नाराज हुआ सुप्रीम कोर्ट, लगाई फटकार
9 Mar, 2026 03:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली|सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक वकील की तरफ से दायर किए गए पांच याचिकाओं को ‘असंगत और बेवजह’ बताते हुए पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन (पीआईएल) खारिज कर दिए। इनमें से एक याचिका में मांग की गई थी कि यह जांच की जाए कि प्याज और लहसुन में ‘तामसिक’ यानी नकारात्मक ऊर्जा होती है या नहीं। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने वकील सचिन गुप्ता को फटकार लगाते हुए कहा कि क्या आप आधी रात को ये सारी याचिकाएं तैयार करते हो? सीजेआई ने इन याचिकाओं को अस्पष्ट, असंगत और बिना आधार वाली बताया।
इस पीठ में जस्टिस जॉयमाल्या बागची भी शामिल थे। उन्होंने वकील को कई पीआईएल दायर करने पर फटकार लगाई। बता दें कि प्याज और लहसुन वाली याचिका में यह भी कहा गया था कि जैन धर्म के लोग इसे ‘तामसिक’ भोजन मानते हैं और इन्हें नहीं खाते। इसपर सीजेआई ने पूछा कि आप जैन समुदाय की भावनाओं को क्यों आहत करना चाहते हैं?
वकील ने क्या दलील दी? सीजेआई की सख्त चेतावनी
सीजेआई के फटकार के बाद वकील ने जवाब दिया कि यह आम समस्या है और गुजरात में किसी ने खाने में प्याज इस्तेमाल करने पर तलाक भी लिया। इस पर सीजेआई ने सख्त नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर अगली बार आप ऐसी बेवजह याचिका लाएंगे, तो आप देखेंगे कि हम क्या करेंगे।
अन्य याचिका भी की खारिज
इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने गुप्ता की तरफ से दायर चार अन्य पीआईएल भी खारिज कर दीं। इनमें से एक में शराब और तंबाकू उत्पादों में हानिकारक सामग्री को नियंत्रित करने की मांग थी, दूसरी में संपत्तियों के पंजीकरण को अनिवार्य करने की बात थी, और तीसरी में शास्त्रीय भाषाओं के घोषणा के लिए दिशा-निर्देश मांगने की याचिका थी। पीठ ने कहा कि इन याचिकाओं में मांगे अस्पष्ट थीं और इनके लिए कोई कानूनी आधार नहीं था। सीजेआई ने कहा कि अगर गुप्ता वकील नहीं होते, तो उन्होंने उन पर उदाहरणात्मक जुर्माना लगाया होता।
पुरानी तस्वीर शेयर कर ममता बनर्जी ने पीएम मोदी पर साधा निशाना
9 Mar, 2026 02:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली|पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति के हालिया दौरे को लेकर सियासत तेज हो गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. तृणमूल कांग्रेस ने एक दो साल पुरानी तस्वीर को लेकर प्रधानमंत्री पर निशाना साधा है, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू खड़ी नजर आ रही हैं जबकि प्रधानमंत्री कुर्सी पर बैठे हुए दिख रहे हैं|
तृणमूल ने पुरानी तस्वीर दिखाकर साधा निशाना
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने एक सार्वजनिक रैली में यह तस्वीर दिखाते हुए प्रधानमंत्री पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री राष्ट्रपति के पद के सम्मान की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, लेकिन तस्वीर कुछ और ही दिखाती है. ममता बनर्जी ने कहा, 'देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति खड़ी हैं और प्रधानमंत्री आराम से कुर्सी पर बैठे हैं. अगर आप राष्ट्रपति का सम्मान करते हैं, तो ऐसा क्यों?' उन्होंने कहा कि यह तस्वीर बताती है कि असल में कौन राष्ट्रपति का सम्मान करता है और कौन नहीं|
2024 में भारत रत्न सम्मान के दौरान ली गई थी तस्वीर
यह तस्वीर 31 मार्च 2024 की बताई जा रही है. उस दिन राष्ट्रपति मुर्मू और प्रधानमंत्री मोदी ने बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी से मुलाकात की थी और उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया था. उसी दौरान यह फोटो ली गई थी, जिसे अब तृणमूल कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर साझा किया है|
राष्ट्रपति के दौरे पर ममता बनर्जी की सफाई
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति जिस कार्यक्रम में शामिल हुईं, उसका आयोजन राज्य सरकार ने नहीं किया था बल्कि एक निजी संस्था ने किया था. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को उस कार्यक्रम के आयोजन में शामिल नहीं किया गया था. उन्होंने प्रधानमंत्री पर आरोप लगाया कि वे हर चुनाव से पहले 'वोट की चिड़िया' की तरह बंगाल आते हैं और राज्य सरकार पर आरोप लगाते हैं|
राष्ट्रपति ने कार्यक्रम में जताई नाराजगी
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शनिवार को दार्जिलिंग में आयोजित इंटरनेशनल संताल कॉन्फ्रेंस में शामिल होने पश्चिम बंगाल पहुंची थीं. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आमतौर पर राष्ट्रपति के दौरे पर मुख्यमंत्री और अन्य मंत्री स्वागत के लिए मौजूद रहते हैं, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि राज्यपाल भी उस समय बदले गए थे और वे भी मौजूद नहीं थे, लेकिन तय कार्यक्रम होने के कारण वह कार्यक्रम में शामिल होने आईं. राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि ममता बनर्जी उनकी 'छोटी बहन' जैसी हैं और वह नहीं जानतीं कि वह उनसे नाराज हैं या नहीं|
कार्यक्रम स्थल बदलने पर भी उठाए सवाल
राष्ट्रपति ने कार्यक्रम स्थल बदलने को लेकर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि उन्हें समझ नहीं आया कि राज्य प्रशासन ने पहले तय स्थान पर कार्यक्रम की अनुमति क्यों नहीं दी. उन्होंने कहा कि नया स्थान ऐसा है जहां लोगों के लिए पहुंचना मुश्किल है और शायद राज्य सरकार आदिवासियों के कल्याण को प्राथमिकता नहीं दे रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पूरे घटनाक्रम को 'शर्मनाक और अभूतपूर्व' बताया. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और आदिवासी समाज के सशक्तिकरण में विश्वास रखने वाले सभी लोग इससे दुखी हैं. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति, जो खुद आदिवासी समुदाय से आती हैं, उनके दर्द और पीड़ा ने पूरे देश को आहत किया है|
केंद्र ने मांगी राज्य सरकार से रिपोर्ट
मामले को गंभीर मानते हुए केंद्र सरकार ने राज्य प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है. केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने पश्चिम बंगाल की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती से कार्यक्रम के दौरान हुई कथित लापरवाहियों पर रिपोर्ट तलब की है|
दरिंदगी की हद: महिला को खंभे से बांधकर बेरहमी से पीटा और पिलाई शराब, आरोपी पकड़ा गया
9 Mar, 2026 11:11 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मधुबनी: बिहार के मधुबनी जिले के घोघरडीहा इलाके में एक महिला (40 वर्षीय) के साथ कथित तौर पर अमानवीय व्यवहार का मामला सामने आया है. आरोप है कि गांव की मुखिया के घर पर महिला को खंभे से बांधकर पीटा गया और पानी मांगने पर उसे जबरन शराब पिलाई गई. घटना के बाद आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.
महिला से बर्बरता, इलाज के दौरान मौत : घटना के बाद गंभीर हालत में पीड़ित महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. पुलिस ने मुखिया और उनके परिवार के सदस्यों सहित कई आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी. मामले में विवाद बढ़ा तो मधुबनी पुलिस ने शनिवार, 7 मार्च को घटना की पुष्टि करते हुए एक्स पोस्ट पर जानकारी दी.
परिजनों का आरोप, 'उसे खंभे से बांधकर पीटा' : घोघरडीहा के अमही गांव के लोगों ने बताया कि घटना 25 फरवरी की है, जब पीड़ित महिला जमीन विवाद को लेकर मदद मांगने मुखिया कुमारी देवी के घर पहुंची. इसी दौरान किसी बात पर विवाद बढ़ गया. मृतका के परिजनों का आरोप है कि विवाद बढ़ा तो मुखिया ने कुछ और लोगों को बुलाया और उसके साथ मारपीट की.
परिजनों ने बताया, उस दिन क्या हुआ? : मृतका के पति, मो. सहासुद्दीन ने बताया कि ''वो मदद मांगने गई थी, लेकिन उसे वहां खंभे से बांधकर बेरहमी से पीटा गया. पुलिस आई और उसे थाने ले गई. पुलिस ने हम सब से बातचीत की और फिर सबको छोड़ दिया. उसे पीएचसी घोघरडीहा ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी स्थिति गंभीर देखते हुए अनुमंडलीय अस्पताल फुलपरास रेफर कर दिया गया.''
''लेकिन उसकी हालत बिगड़ती चली गई, फिर उसे दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया. वहां से भी बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया, जहां उसकी मौत हो गई.'' - मृतका के पति, मो. सहासुद्दीन
ग्रामीणों ने बताया, 'महिला के साथ बर्बरता हुई' : ग्रामीणों ने बताया कि ''उसे बांस से मारा गया, उसके बाद वो बेहोश हो गई.'' एक और ग्रामीण महिला ने बताया कि ''उसके साथ मारपीट की गई, उसे शराब में पेशाब मिलाकर पिलाया गया.''
जब मुखिया के घर पर पहुंची महिला : वहीं मंसूरी समुदाय के प्रदेश अध्यक्ष अजय मंसूरी ने दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने बताया कि, ''महिला का उसके परिवार में जमीन विवाद था. पंचायत में मामला सुलझाने के लिए कहा गया. लेकिन पीड़िता का पति पंचायत में नहीं पहुंचा तो मुखिया का बेटा मगनु सिंह उसके घर पर गया और उसके साथ बदसलूकी की. जिसके बाद पीड़ित महिला मुखिया के घर पर पहुंची थी. तभी उसके साथ मारपीट की गई और पेशाब में शराब मिलाकर पिलाया गया.''
क्या बोली मधुबनी पुलिस? : डीएसपी अमित कुमार ने बताया कि, 25 फरवरी को मधुबनी जिले के घोघरडीहा थानांतर्गत ग्राम अमही में एक महिला के साथ मारपीट की घटना की सूचना मिली, जिसके बाद डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और घायल महिला को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया गया.
''पीड़ित महिला की इलाज के दौरान रविवार, 1 मार्च को मौत हो गई. मृतिका के परिजन के आवेदन के आधार पर कांड दर्ज कर त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य अभियुक्त मगनु सिंह को गिरफ्तार किया गया.'' - अमित कुमार, डीएसपी, मधुबनी
घटना के बाद से लोगों में नाराजगी : इधर जब महिला का शव घर पहुंचा तो कोहराम मच गया. परिजनों में चीख-पुकार मच गई. मृतका अपने पीछे तीन छोटे-छोटे बच्चों को छोड़ गई है. घटना के बाद से इलाके के लोगों में गुस्सा है. मृतका के पति ने आरोपियों को फांसी देने की मांग की है.
ईरानी युद्धपोत की शूटिंग पड़ी भारी: कोच्चि में रिपब्लिक टीवी का रिपोर्टर हिरासत में
9 Mar, 2026 09:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
एर्नाकुलम (केरल): जिले की हार्बर पुलिस ने शनिवार को रिपब्लिक टीवी के एक रिपोर्टर समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया. इन लोगों पर आरोप है कि उन्होंने सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करके कोच्चि में खड़े ईरानी नेवी के युद्धपोत IRIS Lavan का वीडियो बनाने की कोशिश की. गिरफ्तार किए गए लोगों में रिपब्लिक टीवी के तिरुवनंतपुरम के रिपोर्टर शंकर, कैमरामैन मणि और ड्राइवर विजयकुमार हैं. आरोप है कि वे सुबह-सुबह नाव से जहाज के पास हाई-सिक्योरिटी जोन में पहुंचे और वीडियो बनाने की कोशिश की. CISF अधिकारियों ने उन्हें रोका और कस्टडी में ले लिया. बाद में हार्बर पुलिस स्टेशन को सौंप दिया.
पुलिस ने सुरक्षा चेतावनी जारी की
घटना के बाद, कोच्चि के डीसीपी अश्वथी जीजी ने सख्त सुरक्षा चेतावनी जारी की, जिसमें कहा गया कि केरल के तट पर खड़े विदेशी जहाजों या दूसरे सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील जहाजों की फोटो खींचना या वीडियो बनाना पूरी तरह से मना है. उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी के पास अभी ऐसे विज़ुअल हैं, तो उन्हें तुरंत डिलीट कर दें. उन्होंने कहा कि चूंकि यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है, इसलिए सुरक्षा नियमों को तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
कोच्चि में ईरानी युद्धपोत
ईरानी नेवी के युद्धपोत IRIS Lavan में तकनीकी दिक्कतें आने के बाद कोच्चि तट पर खड़ा कर दिया गया. डिफेंस से जुड़े आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, यह कदम एक और ईरानी जहाज, IRIS Dena पर श्रीलंका के दक्षिण में अमेरिकी नेवी द्वारा कथित तौर पर हमला किए जाने के कुछ समय बाद उठाया गया.28 फरवरी को, ईरान सरकार ने जहाज में तकनीकी दिक्कतों को ठीक करने के लिए कोच्चि में डॉक करने की इजाजत के लिए अर्जेंट रिक्वेस्ट के साथ भारत से संपर्क किया. समुद्री सुरक्षा और कूटनीतिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए, भारत ने 1 मार्च को अनुरोध को मंजूरी दे दी. इसके बाद, IRIS लवन 4 मार्च को सुरक्षित रूप से कोच्चि पोर्ट पहुंच गया.
183 क्रू मेंबर्स को सुरक्षित निकाला गया
जहाज पर सवार कुल 183 क्रू मेंबर्स को सुरक्षित निकाल लिया गया है और उन्हें अभी कोच्चि में इंडियन नेवी की स्पेशल मॉनिटरिंग फैसिलिटी और अन्य जगहों पर रखा गया है. सुरक्षा कारणों से, क्रू मेंबर्स को अभी नेवी की फैसिलिटी से बाहर जाने की इजाजत नहीं है. क्रू के लिए जरूरी मेडिकल मदद और रहने की जगह इंडियन नेवी की देखरेख में दी जा रही है.श्रीलंका के तट के पास IRIS देना से जुड़ी घटना ने इलाके में गंभीर चिंता पैदा कर दी थी. क्योंकि IRIS Lavan भी उसी इलाके में काम कर रहा था, इसलिए भारत इस मामले में कड़ी निगरानी रख रहा है. जहाज़ में तकनीकी दिक्कतों की गंभीरता का पता लगाने के लिए अभी जांच चल रही है.रिपोर्ट्स से पता चलता है कि जहाज की मरम्मत और क्रू की वापसी के बारे में आगे के फैसले आने वाले दिनों में लिए जाएंगे. रक्षा मंत्रालय लगातार स्थिति और क्रू की डिटेल्स पर नजर रख रहा है. ईरानी जहाज को भारत की मदद को पड़ोसी देशों के साथ समुद्री सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने की कोशिशों का हिस्सा माना जा रहा है.
कस्टडी में युवक की संदिग्ध मौत, परिजनों ने पुलिस पर प्रताड़ना का लगाया आरोप
9 Mar, 2026 09:23 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शिवगंगा (तमिलनाडु) : तमिलनाडु के शिवगंगा जिले के मनमदुरई में एक रिमांड कैदी की इलाज के दौरान मौत हो जाने के बाद तनाव फैल गया है. उसके परिवार का आरोप है कि पूछताछ के दौरान पुलिस ने उसे टॉर्चर किया.
मृतक की पहचान 26 वर्षीय आकाश डेलिसन के रूप में हुई है. पुलिस ने बताया कि उसे इलाके में हाल ही में हुए एक मारपीट के मामले में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. आकाश और अन्य कथित तौर पर जीवन नगर के जयकुमार और अधनूर के अझगर पर हमले में शामिल थे.
खबर है कि कुछ दिन पहले मनमदुरई में रेलवे कॉलोनी इलाके के पास हमलावरों ने दोनों पर हथियारों से हमला किया था. घटना के बाद, मनमदुरई पुलिस ने केस दर्ज किया और आकाश और एक अन्य संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने कहा कि गिरफ्तारी से बचने के लिए आकाश ने मेलापसलाई ओवरब्रिज से छलांग लगा दी और उसके पैर में फ्रैक्चर हो गया.
शुरू में उनका इलाज मनमदुरई सरकारी अस्पताल में हुआ और बाद में उन्हें शिवगंगा सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया, जहां से आगे के इलाज के लिए उन्हें मदुरई के सरकारी राजाजी अस्पताल में भर्ती कराया गया.
पुलिस ने बताया कि इलाज के दौरान देर रात उन्हें अचानक सांस लेने में दिक्कत होने लगी और इलाज के बावजूद उसकी मौत हो गई. हालांकि, आकाश के परिवार ने आरोप लगाया कि पूछताछ के दौरान मनमदुरई पुलिस द्वारा हिरासत में टॉर्चर किए जाने के बाद उसकी मौत हो गई. मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच के वकील हेनरी टिफाग्ने ने कहा कि मद्रास हाई कोर्ट को इस मामले का खुद संज्ञान लेना चाहिए.
अपने एक्स हैंडल पर उन्होंने लिखा, "थिरुप्पुवनम के पास मनमदुरई पुलिस स्टेशन में हिरासत में मौत. आकाश डेलिसन, एक 26 साल के दलित युवक को कथित तौर पर तिरुपुवनम के पुलिस इंस्पेक्टर ने मनमदुरई पुलिस स्टेशन में पीटा और टॉर्चर किया, जिससे उसकी मौत हो गई." उन्होंने आगे कहा, "युवक को 7 मार्च 2026 को रिमांड पर लिया गया था, और आज सुबह (8 मार्च 2026) मदुरै गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में उसकी मौत हो गई."
जेएएटी की मांग है कि पोस्टमॉर्टम "संतोष बनाम डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर मदुरै" फैसले की गाइडलाइंस के हिसाब से किया जाए और हाई कोर्ट इस मामले पर खुद संज्ञान ले.
महिला दिवस पर शर्मनाक तस्वीर: प्रसव के लिए अस्पताल दर अस्पताल भटकती रही आदिवासी महिला
9 Mar, 2026 08:19 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पालघर (महाराष्ट्र): एक ओर जहां पूरा देश अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस (International Women's Day) पर महिला सशक्तिकरण के बड़े-बड़े दावे कर रहा है और नारी शक्ति का उत्सव मना रहा है, वहीं महाराष्ट्र के आदिवासी बहुल जिले पालघर से सिस्टम को शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई है. एक गर्भवती आदिवासी महिला को प्रसव (डिलीवरी) के लिए तीन घंटा तक अस्पताल-अस्पताल भटकना पड़ा. मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं.
वडकुन की एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता शोभा माछी को आधी रात को उसी गांव की एक गर्भवती महिला के प्रसव के संबंध में फोन आया. वह तुरंत उसे लेकर डहाणू के कॉटेज अस्पताल पहुंचीं. लेकिन वहां उन्हें बताया गया कि सामान्य प्रसव नहीं हो पाएगा, इसलिए वे महिला को तुरंत किसी दूसरे अस्पताल ले जाएं. जब उन्होंने एम्बुलेंस मांगी, तो उनसे कहा गया कि एम्बुलेंस आने में दो से तीन घंटे लगेंगे. मजबूरी में शोभा माछी उस महिला को लेकर निजी अस्पतालों की ओर भागीं. इस दौरान इलाज के अभाव में वह महिला तीन घंटे तक तड़पती रही.
"जानकारी मिली है कि जब महिला को डहाणू कॉटेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, तब वहां अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) पर नियुक्त स्त्री रोग विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं थे. इस संबंध में अस्पताल अधीक्षक से रिपोर्ट मांगी गई है. बुलाए जाने पर भी डॉक्टर ने आने से क्यों मना किया, हमने उनसे स्पष्टीकरण मांगा है और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी."- डॉ. रामदास मराड, जिला शल्य चिकित्सक, पालघर
भाजपा विधायक चित्रा वाघ ने 'ईटीवी भारत' से बात करते हुए कहा, "मुझे डहाणू उप-जिला अस्पताल के इस गंभीर मामले की जानकारी आप लोगों से मिली है. एक गर्भवती महिला को प्रसव (डिलीवरी) के लिए मना करना बहुत ही गंभीर बात है. मैंने जिला शल्य चिकित्सक से संपर्क कर जानकारी ली है. मैं पालघर जिले की स्वास्थ्य सुविधाओं और ऐसी गंभीर घटनाओं के बारे में तुरंत स्वास्थ्य मंत्री से चर्चा करूंगी."
"समय पर डॉक्टर और सुविधाएं न मिलने के कारण गरीब लोग निजी अस्पतालों में जाने को मजबूर हैं. लेकिन एक गरीब व्यक्ति निजी अस्पताल में इलाज के लिए जरूरी पचास हजार से एक लाख रुपये कहां से लाएगा? अगर यह स्थिति नहीं बदली, तो ऐसी घटनाएं बार-बार होती रहेंगी और महिलाओं को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा." -शोभा माछी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, वडकुन
हाईकोर्ट ने दिया विशाखापट्टनम पोर्ट पर खड़े विदेशी जहाज को गिरफ्तार करने का आदेश
8 Mar, 2026 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने विशाखापट्टनम पोर्ट पर खड़े विदेशी बल्क कैरियर एमवी पोलर स्टार को गिरफ्तार करने का आदेश दिया है। यह कार्रवाई लातवियाई शिप मैनेजमेंट कंपनी द्वारा जहाज मालिकों के खिलाफ बकाया भुगतान के विवाद के चलते हुई। कंपनी का दावा है कि जहाज मालिक ने मैनेजमेंट कॉन्ट्रैक्ट के तहत देय रकम का भुगतान नहीं किया, जो करीब 8.33 लाख डॉलर 7.6 करोड़ रुपए से ज्यादा है। कोर्ट ने एडमिरल्टी जूरिस्डिक्शन का इस्तेमाल करते हुए जहाज को तब तक डिटेन रखने का निर्देश दिया जब तक मालिक दावा राशि जमा या स्वीकार्य सिक्योरिटी पेश नहीं करते।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक समुद्री कानून के मुताबिक जहाज की गिरफ्तारी का मतलब यह नहीं कि जहाज को जब्त कर लिया गया है, बल्कि उसे बंदरगाह से बाहर निकलने की इजाजत नहीं दी जाती है। यह कदम विवादित राशि की वसूली के लिए उठाया जाता है। जहाजों का ऑपरेशन महंगे और दैनिक रूप से लाखों डॉलर का होता है, इसलिए डिटेंशन मालिकों पर वित्तीय दबाव डालता है। इस मामले में कोर्ट ने साफ किया कि जहाज का पूरा ढांचा, इंजन, मशीनरी, उपकरण, फर्नीचर, ईंधन और अन्य तकनीकी सामान अरेस्ट के दायरे में होंगे, हालांकि कार्गो की लोडिंग और अनलोडिंग जारी रह सकती है।
विदेशी जहाज पर भारत का कानून कैसे लागू होता है, यह समुद्री कानून के सिद्धांतों के तहत समझा जा सकता है। जब कोई विदेशी जहाज किसी देश के पोर्ट या सीमा में प्रवेश करता है, तो वह अस्थायी रूप से उस देश के कानून के अधीन हो जाता है। इसके तहत जहाज पर मौजूद लोग स्थानीय नियमों का पालन करने के लिए बाध्य होते हैं और यदि जहाज से संबंधित कोई विवाद होता है तो स्थानीय कोर्ट कार्रवाई कर सकती है। एमवी पोलर स्टार के विशाखापत्तनम पोर्ट पहुंचते ही यह जहाज भारत के कानून के दायरे में आ गया। इस विवाद की शुरुआत एक शिप मैनेजमेंट एग्रीमेंट से हुई।
रिपोर्ट के मुताबिक लातविया की डॉसन शिप मैनेजमेंट सिया ने 5 सितंबर 2024 को जहाज के मालिकों के साथ समझौता किया था। समझौते के मुताबिक कंपनी जहाज के संचालन, क्रू की भर्ती, तकनीकी रखरखाव, मशीनरी खरीद और सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करती। इसके एवज में मालिक को प्रति माह 17,500 डॉलर की मैनेजमेंट फीस और अन्य संचालन खर्च चुकाने थे।
कंपनी का आरोप है कि मालिक लगातार भुगतान में चूक करते रहे और अक्टूबर 2025 में हुए सेटलमेंट एग्रीमेंट के बावजूद भी पहली किस्त का भुगतान नहीं हुआ। वर्तमान में बकाया राशि 8,33,148 डॉलर बताई गई है, जिसमें मैनेजमेंट फीस, ऑपरेशन खर्च और कानूनी खर्च शामिल हैं।
कंपनी ने कोर्ट को बताया कि भुगतान के लिए कई बार ईमेल भेजे गए, लेकिन कोई ठोस जवाब नहीं मिला। इसलिए जहाज के भारत पहुंचते ही कोर्ट से अरेस्ट का आदेश लिया गया। अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार में जहाजों की गिरफ्तारी एक महत्वपूर्ण कानूनी उपाय है। दुनिया का करीब 90 फीसदी व्यापार समुद्री मार्गों से होता है, और यह नियम तय करता है कि सेवा देने वाली कंपनियों को समय पर भुगतान मिले और कॉन्ट्रैक्ट का पालन हो।
बल्लारी के गुरुकुल हॉस्टल में छात्र के हमले से सनसनी, जांच में जुटी पुलिस
8 Mar, 2026 03:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुजरात| के सूरत में कॉलेज की दो छात्राओं ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता एप चैट जीपीटी की मदद से आत्महत्या कर ली। उनके शव स्वामीनारायण मंदिर के बाथरूम में मिले। पुलिस ने शनिवार को बताया कि घटनास्थल से एनेस्थीसिया के इंजेक्शन बरामद किए गए। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि छात्राओं ने आत्मघाती कदम उठाने से पहले चैट जीपीटी पर आत्महत्या करने के तरीकों का पता किया था। 18-20 वर्ष की उम्र की ये दोनों सहेलियां शुक्रवार दोपहर से लापता थीं। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर सानिया गांव के पास मंदिर के बाहर उनका स्कूटर ढूंढ निकाला। सीसीटीवी फुटेज में दोनों को मंदिर के बाथरूम की ओर जाते देखा गया। दरवाजा तोड़ने पर दोनों बेसुध मिलीं, जिन्हें अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस को छात्राओं के मोबाइल फोन की गैलरी से आत्महत्या से जुड़ी तस्वीरें भी मिली हैं। पुलिस इस कदम के पीछे के कारणों की जांच कर रही है।
बल्लारी में गुरुकुल हॉस्टल में छात्र का हमला, एक की मौत; कई बच्चे घायल
कर्नाटक के बल्लारी जिले में स्थित एक गुरुकुल आवासीय विद्यालय में देर रात एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। पुलिस के अनुसार, एक छात्र ने अचानक उग्र होकर अपने ही साथ पढ़ने वाले बच्चों पर हमला कर दिया। बताया गया कि रात के भोजन के बाद जब छात्रावास में सभी बच्चे सो रहे थे, उसी दौरान आरोपी छात्र ने हॉस्टल में मौजूद लोहे की बेड रॉड उठाकर अन्य छात्रों पर हमला शुरू कर दिया। वह जिसे भी सामने पाता, उस पर वार करता चला गया।
इस हमले में कुल आठ छात्र घायल हो गए। इनमें से एक बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। बाकी छह बच्चों को भी चोटें आई हैं। घटना के बाद घायल बच्चों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। बल्लारी पुलिस के मुताबिक यह घटना देर रात हुई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि छात्र ने ऐसा कदम क्यों उठाया।
महिलाओं को 4,596 करोड़ का सामाजिक ऋण देगा एसबीआई
देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर विशेष रूप से महिला सशक्तीकरण पर केंद्रित 4,596 करोड़ रुपये (50 करोड़ डॉलर) की सिंडिकेटेड सामाजिक सावधि ऋण सुविधा शुरू करने का एलान किया है। एसबीआई चेयरमैन सीएस शेट्टी ने कहा कि यह सामाजिक ऋण बैंक के सामाजिक और शासन सिद्धांतों के प्रति समर्पण का प्रतीक है। इसमें महिलाओं के लिए अवसर पैदा करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। यह वित्तपोषण सामाजिक बदलाव तेज करने पर केंद्रित है और लैंगिक अंतर कम करने की प्रतिबद्धता दर्शाता है।
असम में 3.25 करोड़ रुपये मूल्य की हेरोइन जब्त, 5 गिरफ्तार
असम के काछार जिले में 3.25 करोड़ रुपये मूल्य की हेरोइन जब्त की गई और इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई शनिवार को दो वाहनों से हेरोइन बरामद होने के बाद की गई।
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर काछार पुलिस ने सिलचर-कलैन रोड पर वाहनों को रोककर तलाशी ली। पुलिस ने कुल 538 ग्राम हेरोइन जब्त की और पांच तस्करों को हिरासत में लिया। सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि असम की नशा विरोधी लड़ाई बिना किसी समझौते के जारी रहेगी, जब तक राज्य पूरी तरह से ड्रग-फ्री नहीं बन जाता।
केरल सरकार ने जंगली सूअर शिकार आदेश को एक वर्ष के लिए बढ़ाया
केरल सरकार ने जंगली सूअरों के नियंत्रित शिकार के आदेश की वैधता एक वर्ष तक बढ़ा दी है। यह आदेश उन सूअरों पर लागू होगा जो मानव बस्तियों में घुसकर जान, संपत्ति और फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं।राज्य के वन विभाग की हालिया गाइडलाइन के अनुसार, यह आदेश 28 मई 2026 तक लागू रहेगा। चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन ने इस विस्तार की सिफारिश की, क्योंकि राज्य के कई हिस्सों में जंगली सूअरों की उपस्थिति बनी हुई है और लोगों व कृषि को खतरे से बचाना जरूरी है।
केरल तट पर मछली पकड़ने वाली नाव डूबने से दो लापता
केरल के कोल्लम तट के पास मछली पकड़ने वाली नाव सेंट जोसेफ के एक जहाज से टकराने के बाद डूब गई। हादसे में दो नाविक लापता हैं, जबकि नौ अन्य को जहाज द्वारा बचाया गया। पुलिस के अनुसार, नाव में कुल 11 क्रू मेंबर थे, सभी अन्य राज्यों के रहने वाले और गहरे समुद्र में मछली पकड़ने के लिए गए थे। नाव शुक्रवार रात शक्तिकुलंगारा हार्बर से रवाना हुई थी।
हादसा शनिवार को समुद्र के लगभग 120 नौटिकल मील दूर हुआ। टक्कर के कारण नाव को गंभीर नुकसान हुआ और वह जल्दी ही डूब गई। बचाए गए नौ नाविकों को जल्द ही कोच्चि या तिरुवनंतपुरम के विजिन्जम लाया जाएगा। पुलिस ने कहा कि बचाए गए नाविकों के बयान दर्ज करने के बाद ही मामले में प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
घरेलू गैस सिलेंडर महंगा होने पर TMC महिला कार्यकर्ताओं का विरोध मार्च
कोलकाता में रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस की महिला कार्यकर्ताओं ने रविवार को विरोध मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने बर्तन बजाकर महंगाई के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया और घरेलू रसोई पर बढ़ते बोझ को उजागर किया।
यह मार्च मध्य कोलकाता के सुभोध मुल्लिक स्क्वायर से शुरू हुआ। इसमें राज्य की मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य और शशि पांजा, टीएमसी सांसद माला रॉय समेत कई महिला नेता और पार्षद शामिल हुए। प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने काले कपड़े पहनकर रैली निकाली और बर्तन बजाते हुए गैस सिलेंडर की कीमतों में हुई बढ़ोतरी का विरोध किया। उनका कहना था कि रसोई की जिम्मेदारी अधिकतर महिलाओं पर होती है और महंगाई का सबसे ज्यादा असर उन्हीं पर पड़ता है।
केरल में शराब की दुकानों में बढ़ोतरी को लेकर सरकार का घेराव
केरल कैथोलिक बिशप्स कॉन्फ्रेंस (केसीबीसी) ने राज्य में शराब की दुकानों की बढ़ती संख्या और नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई न होने को लेकर सरकार की आलोचना की है। केसीबीसी की टेम्परेंस कमीशन ने इस संबंध में एक परिपत्र जारी किया, जिसे रविवार को राज्य के विभिन्न कैथोलिक चर्चों में पढ़कर सुनाया गया।
कमीशन के अध्यक्ष बिशप एम्ब्रोस पुथेनवीटिल ने कहा कि केरल में कैथोलिक चर्च के 32 डायोसीज में शराब और नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। परिपत्र में कहा गया कि चर्च और सामाजिक संगठन लगातार शराब और ड्रग्स के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, लेकिन प्रशासन इन पर रोक लगाने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रहा है। इसके विपरीत राज्य में शराब के आउटलेट लगातार बढ़ते जा रहे हैं। रविवार को राज्य भर के चर्चों में विभिन्न कार्यक्रमों के साथ एंटी-लिकर और एंटी-ड्रग डे भी मनाया गया।
‘यह लोकतंत्र का अपमान’: राष्ट्रपति सम्मान विवाद पर पीएम मोदी ने ममता सरकार को घेरा
8 Mar, 2026 03:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली|प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में आयोजित एक कार्यक्रम को लेकर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के सम्मान के साथ समझौता किया गया और यह न केवल राष्ट्रपति बल्कि देश के संविधान का भी अपमान है। यह लोकतंत्र की महान परंपरा का भी अपमान है।प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू संथाल समुदाय के एक बड़े सांस्कृतिक उत्सव में शामिल होने के लिए पश्चिम बंगाल गई थीं। लेकिन इस महत्वपूर्ण और पवित्र कार्यक्रम में उन्हें उचित सम्मान देने के बजाय टीएमसी ने उसका बहिष्कार किया। पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति स्वयं आदिवासी समाज से आती हैं और वह हमेशा आदिवासी समुदाय के विकास और कल्याण को लेकर चिंतित रही हैं। इसके बावजूद राज्य सरकार की ओर से कार्यक्रम के प्रति गंभीरता नहीं दिखाई गई।प्रधानमंत्री के अनुसार, राज्य सरकार ने इस आयोजन को पूरी तरह अव्यवस्था के हवाले कर दिया। उनका कहना था कि यह घटना केवल राष्ट्रपति का अपमान नहीं है, बल्कि यह भारत के संविधान और उसकी मूल भावना का भी अनादर है। उन्होंने आगे कहा कि लोकतंत्र की महान परंपरा में राष्ट्रपति का पद सर्वोच्च सम्मान का प्रतीक होता है। ऐसे में किसी भी राजनीतिक मतभेद से ऊपर उठकर इस पद की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। पीएम मोदी ने टीएमसी सरकार पर सत्ता के अहंकार में डूबे होने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करती हैं।
मैं उन सभी संतों के साथ हूं जो गो माता, गीता और सनातन की बात करते हैं: धीरेंद्र शास्त्री
8 Mar, 2026 10:39 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाराणसी। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि मैं उन सभी संतों के साथ हूं जो गो माता, गीता और सनातन की बात करते हैं। शंकराचार्य ने गाय का मुद्दा उठाया है। पूरे देश में गो माता को लेकर अभियान चल रहा है। हम गो सेवक होने के नाते उनका नैतिक रूप से समर्थन करते हैं। लेकिन लखनऊ के लिए हमें आमंत्रण नहीं मिला है। मैं एक महीने के लिए एकांतवास के लिए जा रहा हूं। धीरेंद्र शात्री शुक्रवार को अपनी मां के साथ काशी पहुंचे। उन्होंने बाबा विश्ननाथ के दर्शन किए।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सीएम योगी से टकराव के बीच शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद गो, गंगा और सनातन की रक्षा के लिए 11 मार्च को लखनऊ में सभा करेंगे। हालांकि अभी उन्हें सभा की परमिशन नहीं मिली है। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य भी काशी में थे। पत्रकारों ने उनसे सवाल किया कि क्या शंकराचार्य को सभा करने की अनुमति मिलेगी? इस पर केशव ने कहा कि परमिशन देना मेरा काम नहीं है। इसके बाद उन्होंने इस मसले पर चुप्पी साध ली। धीरेंद्र शास्त्री ने प्रशंसकों को सकारात्मक जीवन जीने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि काशी आना उनके लिए हमेशा विशेष अनुभव रहता है, क्योंकि यह भगवान शिव की नगरी है और यहां की आध्यात्मिक ऊर्जा पूरे देश को प्रेरित करती है।
उन्होंने इंडियन क्रिकेट टीम के फाइनल में पहुंचने पर पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने विश्वास जताया कि इंडियन टीम निश्चित रूप से जीत हासिल करेगी और देश का नाम रोशन करेगी। शास्त्री ने यह भी कहा कि भारत की सनातन की विचारधारा से पूरे विश्व में शांति आ सकती है। सनातन की संस्कृति में वह ताकत है कि वह विश्व में शांति और संतुलन बना सकती है।
अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़, 10 करोड़ रुपये का मादक पदार्थ बरामद
8 Mar, 2026 09:37 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने नेपाल, भारत और श्रीलंका से जुड़े एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने 77.60 किलोग्राम हैशिश ऑयल और 2 किलोग्राम चरस जब्त की है, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 10 करोड़ रुपये बताई जा रही है। एनसीबी के अधिकारियों ने बताया कि इस ऑपरेशन में तस्करों द्वारा इस्तेमाल की गई दो कारें, एक मोटरसाइकिल और एक मछली पकड़ने वाली नाव भी जब्त की गई हैं। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि तस्कर समुद्री रास्तों और सीमावर्ती क्षेत्रों का इस्तेमाल करते हुए मादक पदार्थ भारत में लाते थे और फिर उन्हें विभिन्न राज्यों तथा अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाते थे। इस मामले में अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक श्रीलंकाई शरणार्थी भी शामिल है, जिसे नेटवर्क की अहम कड़ी माना जा रहा है। एजेंसी उससे पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह के अन्य सदस्य कौन-कौन हैं और यह नेटवर्क किन-किन देशों में फैला हुआ है। सूत्रों के अनुसार, गिरोह नेपाल और श्रीलंका के रास्ते मादक पदार्थ भारत में लाता था। एनसीबी को इस नेटवर्क की गतिविधियों के बारे में खुफिया जानकारी मिली थी, जिसके आधार पर विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर यह कार्रवाई की गई। एनसीबी अधिकारियों ने कहा कि पूरे नेटवर्क की गहन जांच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि इस तस्करी के पीछे कौन-कौन से अंतरराष्ट्रीय गिरोह सक्रिय हैं। एजेंसी ने स्पष्ट किया कि देश में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
विश्व धरोहर दिवस पर रायपुर में सजी विरासत की अनोखी झलक, संरक्षण पर विशेषज्ञों का मंथन
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राज्यमंत्री गौर का सख्त रुख: लापरवाही पर एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश
महतारी वंदन योजना से संवर रही पहाड़ी कोरवा परिवारों की तकदीर
