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उपचुनाव की तैयारी तेज, कर्नाटक BJP कोर कमेटी ने की बैठक
14 Mar, 2026 03:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कर्नाटक। भाजपा कर्नाटक के अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने शुक्रवार को कहा कि पार्टी की कोर कमेटी ने अपनी राज्य कोर कमेटी की बैठक में बागलकोट और दावनगेरे दक्षिण विधानसभा क्षेत्रों में आगामी उपचुनावों के लिए संभावित उम्मीदवारों पर चर्चा की। विजयेंद्र के अनुसार, बैठक में पार्टी के कर्नाटक प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल, केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी, राज्य विधानसभा और विधान परिषद में विपक्ष के नेता और अन्य वरिष्ठ नेता उपस्थित थे।
अंतिम निर्णय पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व का
पत्रकारों को संबोधित करते हुए विजयेंद्र ने कहा, "कोर कमेटी की बैठक में बागलकोट और दावणगेरे दक्षिण विधानसभा क्षेत्रों में आगामी उपचुनावों के लिए उम्मीदवारों के संबंध में चर्चा हुई।" उन्होंने कहा कि दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में पार्टी टिकट चाहने वाले विभिन्न नेताओं की आकांक्षाओं पर विस्तार से चर्चा की गई और बैठक में जिन नामों पर विचार किया गया। उन्हें अंतिम निर्णय के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व को भेजा जाएगा।
नेताओं से मतभेदों को दूर रखने का आग्रह किया
शिकारिपुरा के विधायक ने कहा कि पार्टी ने आगामी चुनावों में जीत सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक रूप से काम करने का संकल्प भी लिया है। उन्होंने कहा, "विधान परिषद के हमारे उम्मीदवारों और बागलकोट और दावणगेरे दक्षिण विधानसभा उपचुनावों में पार्टी के नामांकित व्यक्तियों की जीत सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, यह निर्णय लिया गया है कि हम सभी को एकजुट होकर काम करना चाहिए और अपना पूरा प्रयास करना चाहिए।" विजयेंद्र ने कहा कि दावणगेरे दक्षिण निर्वाचन क्षेत्र के उम्मीदवारों के साथ जोशी और सांसद गोविंद कारजोल सहित वरिष्ठ नेताओं के साथ एक और बैठक आयोजित की गई, जहां नेताओं से मतभेदों को दूर रखने का आग्रह किया गया। उन्होंने कहा, "हमने सभी से अतीत के मतभेदों को भुलाने, सभी मुद्दों को एक तरफ रखने और चुनाव जीतने के लिए एकजुट होकर काम करने का आग्रह किया।" टिकट आवंटन को लेकर कुछ नेताओं में असंतोष की खबरों पर विजयेंद्र ने कहा कि पार्टी ने चिंताओं को दूर करने के लिए पहले ही आंतरिक चर्चाएं की हैं। उन्होंने कहा, “हमने चार दीवारों के भीतर इस बारे में बात की है। हमने सभी को एक साथ बुलाया और इस पर चर्चा की। हमने यह संदेश दिया है कि सभी को अतीत को भूलकर पार्टी के हित में मिलकर काम करना चाहिए।”दावनगेरे में पिछले लोकसभा चुनावों के दौरान सामने आई समस्याओं का जिक्र करते हुए उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसी स्थिति दोबारा नहीं होगी। उन्होंने आगे कहा, “यह सुनिश्चित करने के लिए कि ऐसी स्थिति दोबारा न उत्पन्न हो, हमने आज दोनों पक्षों के नेताओं को एक साथ बुलाया और चर्चा की। हमें पूरा विश्वास है कि सब कुछ सुलझ जाएगा।”
1 अप्रैल से हाईवे सफर होगा महंगा, FASTag एनुअल पास की कीमत बढ़ी
14 Mar, 2026 01:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। देशभर में नेशनल हाईवे पर यात्रा करने वाले वाहन चालकों के लिए जल्द ही FASTag एनुअल पास महंगा होने वाला है। सरकार ने इसकी सालाना फीस में 2.5 प्रतिशत यानी 75 रुपये की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। इसके बाद इस पास की कीमत 3000 रुपये से बढ़कर 3075 रुपये हो जाएगी। नई दरें 1 अप्रैल से लागू होंगी। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने FASTag एनुअल पास की शुरुआत पिछले साल 15 अगस्त को की थी। यह पास जारी होने की तारीख से एक साल या 200 ट्रिप तक वैध रहता है, जो भी पहले पूरा हो जाए। यह सुविधा पूरे देश के नेशनल हाईवे पर लागू होती है, जबकि राज्य सरकारों के अधीन आने वाले हाईवे पर टोल सामान्य FASTag अकाउंट के जरिए ही कटता है।
1 अप्रैल से पहले खरीदने पर मिलेगा पुरानी कीमत पर
अधिकारियों के मुताबिक, FASTag एनुअल पास की कीमत में हर साल बदलाव का प्रावधान पहले ही तय किया गया था। यह बढ़ोतरी देशभर में टोल दरों में होने वाले वार्षिक संशोधन के फॉर्मूले के आधार पर की जाती है। ऐसे में जो लोग 1 अप्रैल से पहले इस पास को खरीद लेते हैं या रिचार्ज करवा लेते हैं, उन्हें इसे अभी भी 3000 रुपये की पुरानी कीमत पर ही मिल जाएगा। वहीं, 1 अप्रैल के बाद इसे खरीदने वाले लोगों को 3075 रुपये चुकाने होंगे। अनुमान है कि इस बदलाव का असर करीब 52 लाख यूजर्स पर पड़ेगा।
कहां से खरीदा जा सकता है FASTag एनुअल पास
FASTag एनुअल पास को केवल राजमार्ग यात्रा ऐप (Rajmarg Yatra App) या भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से खरीदा जा सकता है। भुगतान करने के लगभग दो घंटे के भीतर यह पास एक्टिवेट हो जाता है और इसकी पुष्टि के लिए रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एसएमएस भेजा जाता है।
रिफंड नहीं मिलेगा
इस पास से जुड़ी एक महत्वपूर्ण शर्त यह भी है कि इसका भुगतान एकमुश्त किया जाता है और यह पूरी तरह नॉन-रिफंडेबल होता है। यानी यदि किसी कारण से पास का इस्तेमाल नहीं किया जाता है, तब भी पैसे वापस नहीं मिलेंगे। हालांकि, जो लोग नियमित रूप से नेशनल हाईवे पर यात्रा करते हैं, उनके लिए FASTag एनुअल पास काफी फायदेमंद साबित हो सकता है क्योंकि इससे बार-बार टोल भुगतान की झंझट कम हो जाती है।
सोनम वांगचुक को बड़ी राहत, केंद्र ने तत्काल प्रभाव से NSA हटाया
14 Mar, 2026 12:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी को तत्काल प्रभाव से खत्म करने और उन्हें रिहा करने का आदेश जारी किया है. इस बात की जानकारी खुद गृह मंत्रालय द्वारा दी गई है. मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है. मंत्रालय ने ये फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत मिलने वाले अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए लिया है।
गृह मंत्रालय ने कहा कि-
गृह मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि लेह में 24 सितंबर 2025 को उत्पन्न स्थिति के बाद जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर 26 सितंबर 2025 को सोनम वांगचुक को सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से हिरासत में लिया गया था. मंत्रालय की तरफ ये भी कहा गया कि सरकार लद्दाख में विभिन्न हितकारकों और समुदाय के नेताओं के साथ बातचीत कर रही हैं, ताकि क्षेत्र के लोगों की आकांक्षाओं और चिंताओं को समाधान किया जा सके।
सोनम वांगचुक क्यों हुए थे गिरफ्तार
गौरतलब है कि केंद्र शासित प्रदेश में 24 सितंबर को हुई हिंसा के मामले में चार लोगों की जान चली गई थी. यह हिंसा लेह में लद्दाख को छठी अनुसूची का दर्जा और राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई. करीब 90 लोग हिंसा के दौरान घायल हुए थे. 26 सितंबर को लद्दाख में हिंसक विरोध प्रदर्शन भड़काने के आरोप में सोमन वांगचुक को गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद उन्हें राजस्थान की सेट्रेल जेल भेज दिया गया।
चार दिन भारी बारिश की चेतावनी, India Meteorological Department ने जारी किया अलर्ट
14 Mar, 2026 11:01 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Heavy Rain Alert: गर्मी के तीखे तेवर के बीच पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से शुक्रवार को देश की राजधानी दिल्ली, राजस्थान समेत कई राज्यों का मौसम एक बार फिर बदल गया है। पूर्वाेत्तर के राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का दौर शुरू हो गया है। अगले चार दिन तक देश के उत्तर-पश्चिम व मध्य और पूर्वाेत्तर के अधिकतर हिस्सों में बारिश व गरज-चमक के साथ तेज हवाओं का मौसम रहेगा।
14 से 17 मार्च तक यूपी-बिहार में आंधी बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने 14 से 17 मार्च तक अलग-अलग हिस्सों में बारिश और तेज हवाएं चलने का येलो अलर्ट जारी किया है। शुक्रवार को दिल्ली-एनसीआर, चंडीगढ़, पंजाब, राजस्थान, हरियाणा, मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ में बादल छाए रहने से लू और गर्मी में आशिंक राहत मिली है।उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानों के तापमान में 3-5 डिग्री सेल्सियस व पश्चिमी हिमालय में 4-6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है।
16 मार्च तक पूर्वोत्तर में भारी बारिश
IMD के अनुसार शुक्रवार को असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, पश्चिम बंगाल के उत्तरी क्षेत्रों में चमक-गरज के साथ हल्की से मध्यम स्तर की बारिश तथा हिमालयी रेंज के जम्मू-कश्मीर, हिमाचल व उत्तराखंड में हल्की बर्फबारी व बारिश दर्ज की गई। पूर्वोत्तर राज्यों में 16 मार्च तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।
कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी
शनिवार से उत्तर-पश्चिम भारत के जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, हिमाचल, उत्तराखंड में छिटपुट से व्यापक बारिश व बर्फबारी होगी। शनिवार से सोमवार तक राजस्थान, दिल्ली व पंजाब के कई हिस्सों में छिटपुट और उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश में गरज-चमक व तेज हवाओं के साथ बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना है।
मोबाइल इंटरनेट महंगा हो सकता है, सरकार नए टैक्स पर कर रही विचार
14 Mar, 2026 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारत में आने वाले समय में मोबाइल इंटरनेट इस्तेमाल करना महंगा हो सकता है। सरकार मोबाइल डेटा के इस्तेमाल पर नया टैक्स लगाने के विकल्प को देख रही है। रिपोट्र्स के मुताबिक इस मामले में डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन से कहा गया है कि वह इस पर स्टडी करे और बताए कि क्या डेटा यूज पर टैक्स लगाना संभव है या नहीं। मीडिया रिपोट्र्स के मुताबिक हाल ही में टेलीकॉम सेक्टर की एक रिव्यू मीटिंग में यह मुद्दा सामने आया। इसके बाद डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन को कहा गया कि वह यह जांच करे कि मोबाइल डेटा के इस्तेमाल पर टैक्स लगाया जा सकता है या नहीं और अगर लगाया जाए तो उसका मॉडल क्या होगा।
रिपोट्र्स के अनुसार सरकार जिस विकल्प को देख रही है उसमें 1 प्रति जीबी डेटा पर टैक्स लगाया जा सकता है। अगर ऐसा होता है तो हर बार जब कोई यूजर मोबाइल डेटा इस्तेमाल करेगा तो उस पर यह अतिरिक्त चार्ज जुड़ सकता है। बताया जा रहा है कि अगर प्रति जीबी का टैक्स लागू होता है तो इससे सरकार को हर साल लगभग 22,900 करोड़ तक की कमाई हो सकती है। हालांकि अभी यह सिर्फ एक प्रस्ताव है और इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। भारत दुनिया के उन देशों में है जहां मोबाइल डेटा काफी सस्ता है। सस्ते इंटरनेट की वजह से भारत में डेटा की खपत बहुत तेजी से बढ़ी है। वीडियो स्ट्रीमिंग, सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेमिंग और रील्स देखने की वजह से मोबाइल डेटा का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। एक और अहम बात यह है कि अभी भी मोबाइल रिचार्ज और पोस्टपेड बिल पर 18 प्रतिशत जीएसटी लिया जाता है। यानी यूजर्स पहले से ही टेलीकॉम सर्विस पर टैक्स दे रहे हैं। अगर भविष्य में डेटा पर अलग से टैक्स लगाया जाता है तो यह मौजूदा टैक्स के अलावा एक नया चार्ज हो सकता है।
न्यायिक सेवा पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: जज बनने से पहले 3 साल वकालत जरूरी
14 Mar, 2026 10:05 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक सेवा (सिविल जज जूनियर डिवीज़न) में नियुक्ति के लिए अनिवार्य 3 वर्ष के प्रैक्टिस नियम की समीक्षा याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कहा कि यह नियम लागू रहेंगे। अब सिर्फ यह तय करना है कि नियम लागू करने के तरीके क्या होने चाहिए। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की खंडपीठ ने आदेश दिया कि जिन हाईकोर्टों ने पहले ही सिविल जज (जूनियर डिवीज़न) पदों के लिए विज्ञापन जारी कर दिया है, वो आवेदन की अंतिम तिथि 30 अप्रेल 2026 तक बढ़ाएं।
अगले सप्ताह होगी सुनवाई
इसके साथ ही भविष्य में जारी होने वाले नए विज्ञापनों में भी यही अंतिम तिथि निर्धारित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है। सुप्रीम कोर्ट के जजों की बेंच को बताया गया कि कुछ राज्यों में भर्ती प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस पर कोर्ट ने कहा कि समीक्षा याचिकाओं पर अगले सप्ताह सुनवाई की जाएगी और आवेदन की तारीख बढ़ाने से फिलहाल उम्मीदवारों की तात्कालिक समस्या दूर हो जाएगी।
फैसले का सम्मान करने की अपील
वरिष्ठ अधिवक्ता पिंकी आनंद ने प्रैक्टिस की अनिवार्यता को फिलहाल स्थगित करने की मांग की थी। इसे अदालत ने स्वीकार नहीं किया। सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि तीन साल की प्रैक्टिस की शर्त सुप्रीम कोर्ट के फैसले से तय हुई है। उसका सम्मान किया जाना चाहिए। प्रैक्टिस की शर्त का उद्देश्य अभ्यर्थियों को अदालतों के कामकाज का व्यावहारिक अनुभव करना है।
पीरियड्स लीव कानून पर कोर्ट की टिप्पणी, बोले—ऐसा नियम बना तो महिलाओं के रोजगार पर पड़ सकता है असर
14 Mar, 2026 09:56 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को महिलाओं कर्मचारियों और छात्राओं के लिए देशभर में मासिक धर्म अवकाश नीति की मांग करने वाली एक जनहित याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। अदालत ने याचिका खारिज करते हुए कहा, ऐसी नीति अनजाने में लैंगिक रूढ़िवादिता को बढ़ावा दे सकती है और इससे महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर कम हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि और नियोक्ता महिलाओं को नौकरी देने से कतराने लगेंगे।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि ऐसी मांगें अनजाने में महिलाओं के बारे में रूढि़वादी सोच को भी मजबूत कर सकती हैं। अदालत ने टिप्पणी की कि मासिक धर्म को किसी कमजोरी या हीनता के रूप में पेश करना सही नहीं है। हालांकि, अदालत ने यह भी कहा कि संबंधित सक्षम प्राधिकारी इस विषय पर दी गई याचिकाकर्ता की प्रतिनिधित्व पर विचार कर सकते हैं और सभी हितधारकों से परामर्श करके नीति बनाने की संभावना की जांच कर सकते हैं। यह याचिका शैलेन्द्र मणि त्रिपाठी ने दायर की थी, जिसमें महिलाओं के लिए छात्रों और कामकाजी महिलाओं दोनों के लिए मासिक धर्म अवकाश की राष्ट्रीय नीति बनाने की मांग की गई थी।
मासिक धर्म अवकाश पर केरल का दिया उदाहरण
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एमआर शमशाद ने बताया कि कुछ राज्य और संस्थान पहले ही इस दिशा में कदम उठा चुके हैं। उन्होंने केरल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां स्कूलों में कुछ राहत दी गई है और कई निजी कंपनियां भी स्वेच्छा से कर्मचारियों को यह अवकाश दे रही हैं। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि स्वैच्छिक रूप से दी गई ऐसी सुविधाएं अच्छी हैं, लेकिन अगर इसे कानून के जरिए अनिवार्य बना दिया गया तो इसके सामाजिक और पेशेवर प्रभाव पड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि इससे यह धारणा बन सकती है कि महिलाओं को अतिरिक्त छुट्टियां मिलेंगी, जिससे उनके रोजगार के अवसर प्रभावित हो सकते हैं। अदालत ने यह भी कहा कि चूंकि याचिकाकर्ता पहले ही संबंधित अधिकारियों को इस विषय पर प्रतिनिधित्व दे चुके हैं, इसलिए बार-बार अदालत से आदेश मांगने की आवश्यकता नहीं है। इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए संबंधित अधिकारियों को प्रतिनिधित्व पर उचित निर्णय लेने का निर्देश दिया।
मेट्रो परियोजना में बड़ी चोरी: 1000 मीटर केबल गायब
14 Mar, 2026 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। दिल्ली मेट्रो में एक बार फिर केबल चोरों ने सिस्टम को प्रभावित कर दिया है। दीपाली चौक और मजलिस पार्क के बीच का 9.9 किलोमीटर लंबा नया कॉरिडोर, जिसका उद्घाटन महज कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया था, वहां सिग्नलिंग केबल की चोरी हो गई। इससे मेट्रो की रफ्तार पर ब्रेक लग गया। पुलिस ने इस मामले में एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया है। डीएमआरसी के कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन डिपार्टमेंट के प्रिंसिपल एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनुज दयाल ने कहा कि केबल चोरी के कारण सिग्नलिंग सिस्टम बाधित हो गया। भलस्वा और मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशनों के बीच प्रभावित खंड में ट्रेनें 25 किमी प्रति घंटे की सीमित स्पीड से चलीं। दयाल ने कहा कि व्यस्त समय में ट्रेनों की सेवा चलती रहती है, इसलिए उस दौरान सिग्नलिंग केबल लगाना संभव नहीं है। यात्रियों को होने वाली असुविधा को कम करने के लिए गुरुवार रात को मेट्रो की सेवाएं खत्म होने के बाद मरम्मत का काम शुरू किया गया।
भीषण सड़क हादसा: बस पलटी, 4 यात्रियों की जान गई
14 Mar, 2026 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
निजामाबाद। तेलंगाना के निजामाबाद जिले में तेज रफ्तार बस पलटने से चार लोगों की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक बस में 23 यात्री सवार थे। बस हैदराबाद से महाराष्ट्र के अकोला जा रही थी। निजामाबाद के इंदलवाई इलाके के पास ड्राइवर बस से कंट्रोल खो बैठा। इसके बाद बस सडक़ से उतरकर पलट गई। हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हुई। पुलिस का कहना है कि ड्राइवर की लापरवाही और तेज रफ्तार हादसे की वजह हो सकती है।
हवाई सफर हो सकता है महंगा, IndiGo ने फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने का लिया निर्णय
14 Mar, 2026 07:48 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। इंडिगो ने अपने सभी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय रूटों पर ईंधन शुल्क बढ़ाने का निर्णय लिया है। एयरलाइन द्वारा जारी बयान के अनुसार, यह नई दरें 14 मार्च 2026 की रात 12:01 बजे से लागू हो जाएंगी। इसका सीधा मतलब यह है कि कल से इंडिगो की उड़ानों के लिए टिकट बुक करने वाले यात्रियों को पहले के मुकाबले अधिक जेब ढीली करनी होगी।
विमानन ईंधन का खर्च किसी भी एयरलाइन को चलाने में लगने वाली कुल लागत का एक बहुत बड़ा हिस्सा होता है। इंडिगो समेत सभी एयरलाइंस का कहना है कि ईंधन की कीमतों में इस अचानक और तेज़ बढ़ोतरी से उनके पूरे नेटवर्क और बजट पर गहरा असर पड़ेगा। एयरलाइंस के मुताबिक, ईंधन पर होने वाले इस अतिरिक्त भारी खर्च की भरपाई करने के लिए उन्हें हवाई किरायों में बढ़ोतरी करनी होगी। इससे पहले एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने 12 मार्च से हर घरेलू उड़ान के टिकट पर 399 रुपये का अतिरिक्त ईंधन शुल्क लगाने का फैसला किया था। एयरलाइन ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि नई अधिभार प्रणाली धीरे-धीरे लागू की जाएगी। पहले चरण में 12 मार्च से घरेलू उड़ानों और दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) देशों के लिए जाने वाली उड़ानों पर प्रति टिकट 399 रुपये का ईंधन शुल्क जोड़ा जाएगा।
रहस्यमय हालात में झाक मठ के महंत पारसनाथ की मौत, कुंड में मिला शव
13 Mar, 2026 06:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बाड़मेर। राजस्थान में अभी साध्वी प्रेम बाईसा की मौत की गुत्थी सुलझी भी नहीं थी कि अब झाक मठ के मठाधीश महंत पारसनाथ महाराज का शव मिलने से हर कोई हैरान है। बाड़मेर जिले के झाक गांव में 57 साल के महंत पारसनाथ महाराज का शव गुरुवार सुबह मठ परिसर में बने पानी के में पड़ा मिला। लोगों हैरान है कि आखिर महंत की मौत कैसे हुई। मठ सेवकों ने बताया कि गुरुवार तड़के करीब 5 बजे रोज की तरह टांके यानी कुंड से पानी लेने गए थे। तभी उन्होंने देखा कि महंत पारसनाथ पानी में तैर रहे हैं। जब हिलाडुलाकर देखा तो पता चला कि उनकी मौत हो चुकी है। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना गांव वालों और पुलिस को दी।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक गांव वालों ने बताया कि मठ के सेवकों की सूचना पर जब वह कुंड के पास पहुंचे तो पाया कि महंत जी की पादुका बिलकुल तरकीब से रखी थी। कुछ लोग इसे खुदकुशी तो कुछ लोग हत्या कर शव को कुंड में डालने की बात कह रहे हैं। हालांकि पुलिस ने शव को कब्ज में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है मामले में हरेक पहलू की जांच करेंगे।
पुलिस को कहना है कि उन्हें सुबह करीब आठ बजे घटना के बारे में बताया गया। एसपी ने बताया कि मठ के लोगों ने पूछताछ में बताया है कि महंत पिछले कुछ समय से मानसिक बीमारी से जूझ रहे थे और उनका इलाज भी चल रहा था। हालांकि पुलिस इस मामले को हरेक एंगल से जांच करेगी। बता दें महंत पारसनाथ महाराज करीब 30 साल से झाक मठ के मठाधीश थे। वह न सिर्फ धार्मिक गुरु के रूप में बल्कि समाजसेवी और सुधारक के रूप में भी जाने जाते थे उनकी मौत की खबर से झाक और बाटाडू क्षेत्र में शोक की लहर है।
सात साल जेल में रहने के बाद आरोपी को जमानत, सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता
13 Mar, 2026 04:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मादक औषधि एवं मनोरोगी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस) एक्ट के तहत दोषी ठहराए गए एक व्यक्ति को बड़ी राहत देते हुए जमानत दे दी है। अदालत ने यह फैसला इसलिए लिया क्योंकि वह व्यक्ति पिछले सात साल से अधिक समय से जेल में बंद है और उसकी अपील पर फिलहाल जल्दी सुनवाई होने की संभावना नहीं है। जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की बेंच ने मनोज कुमार गुप्ता की अपील स्वीकार करते हुए पटना हाईकोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें पहले उनकी सजा को निलंबित करने और जमानत देने से इनकार किया गया था। मनोज कुमार गुप्ता ने मई 2025 में पटना हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी।
एनडीपीएस एक्ट के तहत लगाए गए कई आरोप
यह मामला साल 2000 में दर्ज एक एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें एनडीपीएस एक्ट की कई गंभीर धाराओं, 20(b)(ii)(C), 23(c), 24, 27A और 29, के तहत आरोप लगाए गए थे। ये धाराएं आमतौर पर बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थों की तस्करी और उससे जुड़े अपराधों से संबंधित होती हैं।
अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने क्या की टिप्पणी?
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि भले ही आरोपी को व्यावसायिक मात्रा में नशीले पदार्थों से जुड़े मामले में दोषी ठहराया गया हो, लेकिन उसने पहले ही सात साल से ज्यादा समय जेल में बिताया है। साथ ही, पटना हाईकोर्ट में उसकी अपील की सुनवाई फिलहाल जल्दी होने की संभावना नहीं दिख रही है, इसलिए इस स्थिति में उसे जमानत देना उचित है। अदालत ने यह भी कहा कि आरोपी को जमानत मिलने से पहले स्पेशल कोर्ट द्वारा लगाया गया जुर्माना जमा करना होगा। इसके अलावा, ट्रायल कोर्ट जो भी शर्तें तय करेगा, उनका पालन करना होगा। इन शर्तों के पूरा होने के बाद उसकी सजा को अस्थायी रूप से निलंबित करते हुए उसे जमानत पर रिहा किया जाएगा।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट में रहना होगा मौजूद
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि मनोज कुमार गुप्ता को पटना हाईकोर्ट में अपनी अपील की सुनवाई के दौरान नियमित रूप से उपस्थित होना होगा या अपने वकील के माध्यम से प्रतिनिधित्व करना होगा। साथ ही, उसे बेवजह सुनवाई टालने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि इस आदेश में कही गई बातें केवल जमानत देने के सीमित उद्देश्य के लिए हैं। अदालत ने मामले के मूल मुद्दों या अपील के मेरिट पर कोई टिप्पणी नहीं की है, इसलिए हाईकोर्ट इस मामले की सुनवाई स्वतंत्र रूप से करेगा।
विपक्ष का बड़ा कदम, मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग नोटिस तैयार
13 Mar, 2026 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुख्य चुनाव। आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए विपक्ष ने संसद में नोटिस दिया है. नोटिस देने में राज्यसभा और लोकसभा दोनों संसद के सदस्य शामिल हैं. यह पहली बार है, जब किसी मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए ऐसी कार्रवाई की गई है. अगर कोई दल लोकसभा में नोटिस देता है, तो नियमों के अनुसार उसके पास लोकसभा के 130 और राज्यसभा के 63 सांसदों की सहमति जरूरी है. लेकिन विपक्ष ने 193 सांसदों का समर्थन पाकर यह आंकड़ा पार कर लिया है और नोटिस जारी किया है. इसमें मुख्य विपक्षी दलों के साथ ही इंडिया गठबंधन में शामिल सभी पार्टियां और कुछ निर्दलीय सांसद शामिल हैं. जानकारी के अनुसार मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नोटिस देने का कदम तृणमूल कांग्रेस पार्टी का है, जिसका समर्थन सभी इंडिया गठबंधन के सभी छोटे-बड़े दलों के सांसदों ने दिया है. नोटिस में विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयुक्त के खिलाफ कई आरोप लगाए हैं. जिसमें चुनाव आयोग की स्वतंत्रता को प्रभावित करना, बडे़ पैमाने पर मतदाता वंचित करना, पक्षपातपूर्ण आचरण, चुनावी धांधली की जांच में जानबूझकर बाधा डालना शामिल है. विपक्ष ने दावा किया कि चुनाव आयोग ने भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए लाखों मतदाताओं के नाम हटाए हैं. पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर बड़े आरोप लगाए हैं।
शनिवार को संसद में पेश होगी नोटिस
लोकसभा सचिवालय को मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नोटिस मिलने के बाद जांच-पड़ताल शुरू किया जाएगा. आरोप में सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का भी जिक्र है. हालांकि यह आधिकारिक रूप से कल यानी शनिवार को लोकसभा और राज्यसभा में पेश किया जाएगा. विपक्ष द्वारा यह कदम चुनाव आयोग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खडे़ करती है।
सत्ता पक्ष ने बताया राजनीतिक स्टंट
विपक्षी दलों द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नोटिस देना न सिर्फ चुनाव आयोग की कार्यशैली पर सवाल खड़े करती है, बल्कि आगामी आने वाले चुनावों में चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े करती है. वहीं इस मामले को लेकर सत्ताधारी दल राजनीतिक स्टंट करार दिया है. कल यानी शनिवार के दिन नोटिस को लेकर संसद हंगामेदार रहने की संभावना है. हालांकि, नोटिस को लेकर अभी तक सरकार या चुनाव आयोग की ओर से कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
9.9 किमी रूट पर बड़ी चोरी, दिल्ली मेट्रो की 1000 मीटर सिग्नल केबल गायब
13 Mar, 2026 03:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दिल्ली। में चोर इतने बेखौफ हो गए हैं, कि चार दिन पहले उद्घाटन हुए दिल्ली मेट्रो की केबल काट ले गए. जिस मेट्रो लाइन का देश के प्रधानमंत्री ने उद्घाटन किया हो, उस लाइन की केबल कट जाना हैरानी की बात है. चोरों ने ना सिर्फ केबल काटी बल्कि दिल्ली मेट्रो की रफ्तार पर भी ब्रेक लगा दिया. फिलहाल, पुलिस ने केबल काटने के आरोप में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. जानकारी के अनुसार, दीपाली चौक-मजलिस पार्क के बीच 9.9 किलोमीटर लंबे रूट पर लगी करीब 1000 मीटर केबल चोरी हो गई. डीएमआरसी के अधिकारियों ने बताया कि केबल चोरी होने की वजह से सिग्नल सिस्टम में बाधा आई. हालांकि इस दौरान भलस्वा से मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन के बीच चलाई गई, लेकिन स्पीड सिर्फ 25 किलोमीटर प्रति घंटे ही रही. गुरुवार को दिनभर यह रूट बंद रहा. अगर ऐसे में केबल बिछाई भी जाएगी, तो सबसे पहले संचालन को बंद करना पड़ेगा. बिना बंद करे केबल नहीं बिछाई जा सकती।
रात के समय बिछेगी केबल
अधिकारियों के मुताबिक, अगर केबल को बिछाने का कार्य किया जाएगा, तो मेट्रो का संचालन रोकना पड़ेगा. ऐसे में रात का समय उचित रहेगा, क्योंकि रात के समय यात्रियों की सेवा समाप्त हो जाती है. इस दौरान मेट्रो केबल बिछाने का काम किया जाएगा. रेल कॉर्पोरेशन ने भी यात्रियों को सूचित कर दिया है, ताकि किसी भी यात्री को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े।
पुलिस ने चोर को गिरफ्तार कर भेजा जेल
मेट्रो लाइन के केबल की चोरी 11 मार्च को हुई थी. चोरी की सूचना मिलने के बाद पुलिस एक्शन में आ गई और चोर को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार आरोपी की पहचान जहांगीरपुरी निवासी शेख शफीक (28) के रूप में हुई है. बता दें, दिल्ली मेट्रो में यह कोई पहली घटना नहीं है, जब केबल की चोरी हुई हो. इससे पहले भी कई बार केबल चोरी हो चुकी है. डीएमआरसी के अधिकारियों के मुताबिक चोर रात करीब साढ़े 12 बजे से लेकर सुबह 4 बजे तक केबल काटने के लिए एक्टिव रहते हैं. ज्यादातर चोरियां इसी समय होती हैं।
आंध्र प्रदेश में बड़ी कार्रवाई, 3.5 टन केमिकल के साथ ₹47 करोड़ की ड्रग्स बरामद
13 Mar, 2026 01:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
विजयवाड़ा। वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) ने आंध्र प्रदेश के एनटीआर जिले के कोंडापल्ली इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एरिया में एक गुप्त संयंत्र पकड़ा है, जो अलप्राज़ोलम का उत्पादन कर रहा था। यह एक साइकोट्रॉपिक पदार्थ है, जिसे नार्कोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सबस्टेंसेस (एनडीपीएस) एक्ट के तहत नियंत्रित किया जाता है। वित्त मंत्रालय ने बताया कि छापेमारी के दौरान 237 किलोग्राम अलप्राज़ोलम जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित बाज़ार कीमत लगभग 47 करोड़ रुपए है। इस खुफिया आधारित अभियान को “ऑपरेशन व्हाइट हैमर” का कोड नाम दिया गया था। इस अभियान में एक पूरी तरह से कार्यशील औद्योगिक सेटअप का खुलासा हुआ, जो कथित तौर पर अलप्राज़ोलम का उत्पादन कर रहा था और इसे रासायनिक निर्माण इकाई के आड़ में छिपाया गया था। मंत्रालय ने यह भी बताया कि अधिकारियों ने 800 किलोग्राम से अधिक प्रमुख कच्चा माल, 2,860 लीटर विभिन्न रसायन और औद्योगिक उपकरण जैसे रिएक्टर, ड्रायर और सेंट्रीफ्यूज जब्त किए, जो एक संगठित और बड़े पैमाने पर गुप्त दवा निर्माण संयंत्र की मौजूदगी को दर्शाते हैं। प्रारंभिक जांच से पता चला कि यह ऑपरेशन कथित तौर पर रसायन और फार्मास्यूटिकल क्षेत्र में 20 साल से अधिक अनुभव वाले एक रसायनज्ञ द्वारा संचालित किया गया था। यह व्यक्ति हैदराबाद में कच्चा माल उपलब्ध कराने और वितरण नेटवर्क संभालने वाले सहयोगी के साथ मिलकर काम कर रहा था।
अधिकारियों के अनुसार, आरोपी ने अवैध अलप्राज़ोलम उत्पादन के लिए फैक्ट्री परिसर किराए पर लिया था। दोनों कथित मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान वित्त वर्ष के दौरान डीआरआई ने खुफिया-आधारित अभियानों के माध्यम से आठ गुप्त दवा निर्माण इकाइयों को ध्वस्त किया, जो सरकार के नशामुक्त भारत अभियान और समाज व लोगों को नार्कोटिक और साइकोट्रॉपिक पदार्थों के खतरे से सुरक्षित रखने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इससे पहले फरवरी में असम राइफल्स और डीआरआई ने संयुक्त अभियान में अत्यधिक नशे की लत वाले मेथामफेटामाइन टैबलेट्स जब्त किए थे, जिनकी कीमत 45 करोड़ रुपए से अधिक थी और त्रिपुरा में एक ड्रग पैडलर को गिरफ्तार किया था।
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