देश
'फैन-टेक' का दौर शुरू: खेल, फैशन और मनोरंजन के फैंस के लिए एकजुटता का मंच
29 May, 2025 08:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
फैन टेक्नोलॉजी में क्रांति लाने आ रहा है सुधीश अविक्कल का नया ऐप: सिर्फ खेल नहीं, यह एक अनुभव है एक फैन के द्वारा, फैंस के लिए शुरू की गई नई पहल
नई दिल्ली — खेल, मनोरंजन, फैशन और यात्रा की दुनिया से जुड़े फैंस के लिए एक बड़ी खबर है। सुधीश अविक्कल, जो अब तक कॉरपोरेट बोर्डरूम्स में अपने रणनीतिक कौशल के लिए जाने जाते रहे हैं, अब एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च करने जा रहे हैं जो फैंस की दुनिया में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है। यह ऐप न सिर्फ खेल प्रेमियों के लिए है, बल्कि उन सभी लोगों के लिए है जो फैशन ट्रेंड्स, यात्रा अनुभवों और मनोरंजन की दुनिया से गहराई से जुड़े हैं।
क्या है इस ऐप की खास बात?
आज की डिजिटल दुनिया में जब हर चीज़ अपडेट और स्कोर तक सिमट गई है, सुधीश कुछ ऐसा लाना चाहते हैं जो अनुभव को केंद्र में रखे। वे कहते हैं, “यह सिर्फ स्कोर और अपडेट्स की बात नहीं है। यह भावना, समुदाय और जुड़ाव की बात है। मैं खुद एक फैन हूं, और यह ऐप मेरी तरफ से उन फैंस को एक तोहफा है जो हर अनुभव को जीवंत बना देते हैं।” इस ऐप के ज़रिए फैंस न सिर्फ अपने पसंदीदा खेलों और सितारों से जुड़ पाएंगे, बल्कि एक-दूसरे से संवाद भी कर सकेंगे, अपनी राय साझा कर सकेंगे और एक डिजिटल कम्युनिटी का हिस्सा बन सकेंगे।
सही समय पर सही कदम
भारत में खेलों की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। क्रिकेट के साथ-साथ अब फुटबॉल, कबड्डी और ई-स्पोर्ट्स जैसे खेलों को भी बड़ी संख्या में दर्शक मिल रहे हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में भारत में 75 करोड़ से ज्यादा लोग स्पोर्ट्स कंटेंट से किसी न किसी रूप में जुड़े थे। यही वजह है कि सुधीश का यह नया स्टार्टअप बेहद सटीक समय पर सामने आ रहा है। ऐप का उद्देश्य केवल मनोरंजन देना नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा मंच बनाना है जहां हर फैन की आवाज़ सुनी जा सके। यह ऐप यूज़र्स को अपने अनुभव साझा करने, वीडियो और आर्टिकल्स अपलोड करने, फैन क्लब्स बनाने और लाइव इवेंट्स में भाग लेने की सुविधा देगा।
सुधीश एक अलग सोच वाला युवा उद्यमी
कन्नूर (केरल) की गलियों से निकलकर यूरोप की कॉरपोरेट दुनिया तक का सफर तय करने वाले सुधीश आज भारत में एक नया डिजिटल आंदोलन शुरू करने जा रहे हैं। वे उस नई पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करते हैं जो सादगी को महत्व देती है, दिखावे से दूर रहकर सार्थक बदलाव लाने पर विश्वास रखती है। सुधीश का मानना है कि तकनीक का असली उपयोग तभी होता है जब वह इंसानों को जोड़ने का माध्यम बने, न कि सिर्फ डेटा और एल्गोरिदम तक सीमित रहे।
फैन-टेक: भारत में एक नई क्रांति की शुरुआत
‘फैन-टेक’ एक नया शब्द है, लेकिन इसका भविष्य बेहद उज्ज्वल माना जा रहा है। जैसे ‘फिन-टेक’ ने बैंकिंग को बदला, वैसे ही ‘फैन-टेक’ अब मनोरंजन और फैन कल्चर को बदलने जा रहा है। यह ऐप न सिर्फ भारत में, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी ऐसे फैंस को जोड़ सकता है जो अपने अनुभवों को साझा करना चाहते हैं, अपने सितारों के करीब रहना चाहते हैं, और खुद को एक व्यापक समुदाय का हिस्सा महसूस करना चाहते हैं।
जल्द होगा लॉन्च, फैंस में उत्सुकता
सुधीश की टीम के अनुसार, यह ऐप जल्द ही ऐंड्रॉयड और iOS दोनों प्लेटफॉर्म्स पर लॉन्च किया जाएगा। लॉन्च से पहले ही सोशल मीडिया पर इस ऐप को लेकर चर्चा तेज हो गई है। फैंस अपने-अपने पसंदीदा खिलाड़ियों, कलाकारों और अनुभवों को लेकर एक जगह मिल पाने को लेकर बेहद उत्साहित हैं।
ऐप नहीं, एक आंदोलन
सुधीश अविक्कल का यह प्रयास महज़ एक तकनीकी उत्पाद नहीं है, बल्कि यह एक भावना है—एक ऐसा आंदोलन जो हर उस व्यक्ति के लिए है जिसने कभी किसी टीम की जीत पर जश्न मनाया हो, किसी हार पर आंसू बहाए हों, या किसी कलाकार की कला में खुद को पाया हो।
“मैं बस एक ऐसा मंच बनाना चाहता हूं जहां हर फैन को लगे कि उसकी आवाज़ मायने रखती है,” सुधीश कहते हैं।
भारत एक डिजिटल युग में प्रवेश कर चुका है, और सुधीश अविक्कल जैसे युवा उद्यमी इस युग को संवेदनाओं से भरने की दिशा में एक मजबूत कदम बढ़ा रहे हैं।
एयर डिफेंस को मजबूत करने के लिए भारत का बड़ा कदम, जल्द लाएगी काउंटर ड्रोन सिस्टम
29 May, 2025 07:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारतीय सेना अपने एयर डिफेंस सिस्टम को और मजबूत करने के लिए दो नए सिस्टम की तलाश में है. खासतौर पर GPS और BeiDou सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम के जरिए ऑपरेट होने वाले ड्रोन पर फोकस किया जा रहा है. चीन BeiDou नेविगेशन सिस्टम का इस्तेमाल करता है और पाकिस्तान भी GPS के साथ-साथ BeiDou का उपयोग करता है. भारतीय सेना को इन दोनों देशों के ड्रोन को LOC, IB और LAC पर डिटेक्ट, आइडेंटिफाई, ट्रैक और न्यूट्रलाइज करने के लिए काउंटर अनमैंड एरियल सिस्टम की जरूरत है. इसके लिए स्वदेशी कंपनियों से RFI जारी की गई है.
ग्राउंड बेस्ड काउंटर अनमैंड एरियल सिस्टम (C-UAS)
सेना के RFI में कहा गया है कि उन्हें ऐसा सिस्टम चाहिए जो किसी भी ड्रोन को डिटेक्ट, ट्रैक और न्यूट्रलाइज कर सके. इसके लिए वाइडबैंड RF डिटेक्टर, रडार और EQ/IR कैमरे से लैस सिस्टम की जरूरत है. सेना ने ड्रोन के साइज के साथ उसकी डिटेक्शन रेंज भी जारी की है. माइक्रो ड्रोन को 3 किलोमीटर, मिनी ड्रोन को 5 किलोमीटर और छोटे ड्रोन को 8 किलोमीटर की दूरी से डिटेक्ट और ट्रैक किया जा सके. रडार माइक्रो ड्रोन को 3 किलोमीटर, मिनी और छोटे ड्रोन को 5 किलोमीटर दूर से पहचान सके. सॉफ्ट किल के लिए दुश्मन के ड्रोन को 2 किलोमीटर पर ही जैमिंग कर सके.
इसमें GPS, GLONASS, BeiDou, Galileo और IRNSS जैसे सिस्टम को भी जाम करने की क्षमता हो. इसके अलावा स्पूफिंग, मेटाडाटा इंजेक्शन और फॉल्ट इंजेक्शन के लिए भी यह सिस्टम कारगर होना चाहिए. हार्ड किल के सिस्टम के लिए यह सिस्टम भारतीय सेना के पास मौजूद मीडियम मशीन गन और नेगेव LMG के साथ जोड़ा जा सके.
काउंटर ड्रोन सिस्टम की खासियत
RFI के मुताबिक, वाइड बैंड रेडियो फ्रीक्वेंसी डिटेक्टर के जरिए 5 किलोमीटर की रेंज में यह सिस्टम ड्रोन के रेडियो फ्रीक्वेंसी को डिटेक्ट कर सके. इस सिस्टम में यह भी तकनीक होनी चाहिए कि वह अपने और दुश्मन के ड्रोन के बीच फर्क समझ सके. सिस्टम के डिस्प्ले में दुश्मन के ड्रोन को लाल और अपने या मित्र ड्रोन को नीले रंग से दिखा सके. अगर यह सिस्टम ड्रोन को 2 किलोमीटर की जैमिंग रेंज में आ जाता है तो उसे न्यूट्रलाइज करने के लिए सॉफ्ट किल में वाइड बैंड साइबर इलेक्ट्रो मैगनेटिक ट्रांसमीटर (CEMT) से एंगेज कर सके.
अगर एंगेज करने में विफल हो जाता है तो जिस रेडियो फ्रीक्वेंसी से वह ड्रोन ऑपरेट कर रहा था, उसे थ्रेट लाइब्रेरी में भविष्य के लिए स्टोर कर सके. 1000 से ज्यादा स्टोरेज फैसिलिटी उस सिस्टम के पास हो. सिस्टम की 5 घंटे तक लगातार काम करने की क्षमता हो और इसका वजन 9 किलो से ज्यादा नहीं होना चाहिए ताकि एक ऑपरेटर इसे आसानी से ऑपरेट कर सके.
कोरोना का नया वेरिएंट NB.1.8.1 का आया खतरा, WHO ने दी सतर्क रहने की सलाह
29 May, 2025 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोरोना संक्रमण एक बार फिर दुनिया में कहर बरपा रहा है. अमेरिका, सिंगापुर, हॉगकॉग, थाइलैंड समेत भारत में भी कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कोविड के नए मामलों में हो रही बढ़ोतरी पर चिंता जताई है. कई देशों में कोरोना के नए वेरिएंट्स तेजी से फैल रहे हैं, जिससे लोग चिंतित और डरे हुए हैं. हालांकि, अभी स्थिति उतनी भयावह नहीं है, जितनी पिछली बार हुई थी. फिर भी सतर्कता जरूरी है. आइए जानते हैं WHO ने कोरोना के नए वैरिएंट्स को लेकर क्या कुछ कहा है और हमें किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.
नए वेरिएंट्स को लेकर WHO की चेतावनी
WHO ने बताया है कि कोरोना के कई नए वैरिएंट सामने आ रहे हैं. इनमें NB.1.8.1, JN.1 और KP.2 जैसे वेरिएंट्स शामिल हैं, जो ओमिक्रॉन के ही एक सब वैरिएंट हैं. NB.1.8.1 वेरिएंट फिलहाल चीन, अमेरिका और कुछ यूरोपीय देशों में तेजी से फैल रहा है. वहीं, भारत सहित कई देशों में कोरोना के दोनों सब-वैरिएंट्स NB.1.8.1 और LF.7 के मामले काफी तेजी से बढ़े हैं. भारत में इसके कारण संक्रमण में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
वैरिएंट ऑफ मॉनिटरिंग
बढ़ते जोखिमों को देखते हुए WHO ने अब NB.1.8.1 को वैरिएंट ऑफ मॉनिटरिंग की श्रेणी में रखा है, अब तक इसे वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट के रूप में रखा गया था, लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वैरिएंट्स के बदलते रूप को देखते हुए इसे वैरिएंट ऑफ मॉनिटरिंग में रखा है. यानी अब वायरस के इस रूप को प्राथमिकता के आधार पर ध्यान देने की जरूरत है. जबकि वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट के दौरान वायरस में हुए परिवर्तन और इसके प्रभाव को समझने की कोशिश की जाती है, इस श्रेणी में वैरिएंट ज्यादा चिंताजनक नहीं होता, लेकिन वैरिएंट ऑफ मॉनिटरिंग में इसको लेकर ध्यान देने की जरूरत पड़ती है.
नियंत्रण में हालात
विश्व स्वास्थ्य संगठन की मानें तो यह वैरिएंट काफी तेजी से लोगों को अपनी चपेट में लेता है, लेकिन फिलहाल इसके कारण गंभीर बीमारी या अस्पताल में भर्ती होने जैसी स्थिति नहीं बनती है. अगर हालात बिगड़ते भी है तो बहुत कम मरीज अस्पताल में भर्ती होते हैं. फिर भी विशेषज्ञों का मानना है कि इसकी अनदेखी नहीं की जानी चाहिए, क्योंकि वायरस कब अपना रूप बदल ले, कहा नहीं जा सकता.
भारत में क्या है हालात
महामारी विशेषज्ञ डॉ ने बताया किभारत में भी पिछले कुछ हफ्तों से कोरोना के मामलों में उछाला आया है. महाराष्ट्र और दिल्ली में कुछ नए केस सामने आए हैं. इनमें अधिकतर मामलों में लोग हल्की खांसी, बुखार और गले में खराश जैसी परेशानी महसूस कर रहे हैं. इस बीमारी की वजह से बहुत कम मरीज अस्पताल में भर्ती हुए हैं. भारत में पहले से ही लोगों में अच्छी-खासी हर्ड इम्यूनिटी बन चुकी है, इसलिए गंभीर लक्षणों के मामले बहुत कम हैं. इसके अलावा ज्यादातर लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज और बूस्टर डोज मिल चुकी हैं, जिससे स्थिति काबू में है.
WHO की क्या सलाह है?
WHO ने सभी देशों से कहा है कि वे अपने निगरानी तंत्र को पहले से ज्यादा मजबूत करें. टेस्टिंग, रिपोर्टिंग और जीनोम सीक्वेंसिंग को बढ़ाया जाए. ताकि नए वैरिएंट्स का समय पर पता लगाया जा सके. साथ ही, लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
लोगों को डब्ल्यूएचओ की हिदायत
भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचें. अगर जाना आवश्यक है तो इन स्थानों पर मास्क पहनकर ही जाएं. ताकि आप संक्रमित व्यक्ति से बच सके या आप किसी को संक्रमित ना करें.
हाथों की नियमित सफाई करते रहें. बाहर से जब भी घर में आए या घर में ही हैं तो आप अपने हाथों को साफ करते रहें.
हल्के लक्षण दिखने पर टेस्ट करवाएं और जरूरत हो तो आइसोलेट हो जाएं.
जिन लोगों की इम्यूनिटी कमजोर है, वो वैक्सीन की बूस्टर डोज ले सकते हैं.
बुजुर्गों और बच्चों पर अधिक प्रभाव
भारत में कोरोना के मामले भले ही तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन हालात डरावने नहीं हैं. सावधानी बरतना बहुत जरूरी है. अगर आप भीड़ में जा रहे हैं, तो मास्क पहनें. बुजुर्गों और बच्चों का खास ख्याल रखें. जिन लोगों को पहले से कोई बीमारी है जैसे डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या सांस की तकलीफ वे लोग सतर्क और सावधान रहें. साथ ही घर से बाहर ना निलके.
पीएम मोदी का पटना में 5 किलोमीटर का भव्य रोड शो, मार्ग पर राफेल और ब्रह्मोस मिसाइल की लगीं रेप्लिका
29 May, 2025 05:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से दो दिवसीय बिहार दौरे पर हैं। पहले दिन वे पटना पहुंचे, जहां उन्होंने जय प्रकाश नारायण अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया और बिहटा एयरपोर्ट के निर्माण की आधारशिला रखी। इसके बाद पीएम मोदी का पटना एयरपोर्ट से बीजेपी कार्यालय तक 5 किलोमीटर से अधिक दूरी का रोड शो हुआ।
रोड शो के मार्ग पर इनकम टैक्स चौराहा सहित आधा दर्जन स्थानों पर विशेष मंच बनाए गए हैं, जहां राफेल और ब्रह्मोस मिसाइल की रेप्लिका लगाई गई है। मीडिया के लिए भी कई प्वाइंट तैयार किए गए हैं, जहां प्रधानमंत्री कुछ देर के लिए रुकेंगे और जनता से संवाद करेंगे। यह आयोजन पटना के लिए एक खास अवसर माना जा रहा है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। डॉग स्क्वाड और बम स्क्वॉड की टीमें सुबह से ही जांच-पड़ताल कर रही हैं। प्रधानमंत्री के काफिले के मार्ग पर हर जगह सुरक्षा अधिकारी सर्तक हैं और पूरी सड़क का निरीक्षण किया जा रहा है ताकि रोड शो पूरी तरह सुरक्षित और सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
पीएम मोदी ने जयप्रकाश नारायण एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का किया उद्घाटन, बिहार को दी 50 हजार करोड़ की विकास सौगात
29 May, 2025 05:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: ऑपरेशन सिन्दूर के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली बार पटना पहुंचे हैं. ढोल नगाड़ों के साथ लोग प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए पहुंचे हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान सहित एनडीए के कई नेता और कार्यकर्ता पटना एयरपोर्ट पर मौजूद हैं. पीएम मोदी ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया साथ ही बिहटा एयरपोर्ट का भी शिलान्यास किया. उन्होंने 50 हजार करोड़ की सौगात बिहार को दिया. उद्घाटन और शिलान्यास के बाद पीएम मोदी रोड शो करेंगे.
बेली रोड पर महिलाओं ने लगाए नारे
पीएम मोदी के स्वागत के लिए महिलाएं पटना बीजेपी कार्यालय के साथ-साथ बेली रोड के किनारे खड़ी हैं. महिलाओं ने एक सूर में कहा कि अभिनंदन हैं अभिनंदन हैं....पीएम मोदी का अभिनंदन हैं....भारी संख्या में पटना के प्रमुख चौराहे पर महिलाएं स्वागत के लिए खड़ी हैं. ऑपरेशन सिंदूर के लिए महिलाए मोदी जी को धन्यवाद दे रही है. 2025 फिर से नीतीश का नारा लगा रही हैं. एयरपोर्ट से लेकर भाजपा कार्यालय तक तिरंगा झंडा लगाया गया है. सुरक्षा के मद्देनजर बैरिकेडिंग लगाई गयी है.
पीएम मोदी करेंगे 5 KM का रोड शो
बैरिकेडिंग के पीछे खड़े होकर लोग पीएम मोदी का स्वागत के लिए खड़े हैं. पीएम मोदी 5 किलोमीटर रोड शो करेंगे. 50 हजार करोड़ की सौगात देने के बाद पीएम मोदी रोड शो निकलेंगे. लोकनायक जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नये टर्मिनल का उद्घाटन और बिहटा एयरपोर्ट का शिलान्यास के बाद पीएम मोदी रोड शो करेंगे. पीएम मोदी की एक झलक पाने के लिए लोग बेताव दिख रहे हैं. ढोल नगाड़ों के साथ लोग पीएम मोदी का स्वागत करने के लिए रोड के किनारे खड़े हैं.
ऑपरेशन सिंदूर के बाद बिहार दौरे पर पहुंचे पीएम मोदी, पटना एयरपोर्ट पर सीएम नीतीश और राज्यपाल ने किया स्वागत
29 May, 2025 04:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऑपरेशन सिंदूर के बाद दो दिवसीय दौरे पर बिहार पहुंचे हैं. पटना एयरपोर्ट पर राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत नीतीश कैबिनेट के मंत्रियों ने प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र एयरपोर्ट से सीधे पटना एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन पहुंचेंगे और पटना एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन करेंगे. इसके साथ ही पीएम बिहटा एयरपोर्ट का शिलान्यास भी करेंगे. इसके बाद प्रधानमंत्री का रोड शो शुरू हो जाएगा. रोड शो के बाद प्रधानमंत्री बिहार बीजेपी कार्यालय पहुंचेंगे. करीब एक घंटे तक प्रधानमंत्री बीजेपी कार्यालय में ही रुकेंगे.
इसके बाद प्रधानमंत्री बीजेपी कार्यालय से राजभवन के लिए प्रस्थान करेंगे. राजभवन जाने से पहले पीएम मोदी डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा के सरकारी आवास पहुंचेंगे और वहां जाकर पुत्र और होने वाली पुत्रवधु को आशीर्वाद देंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रात्रि विश्राम राजभवन में ही होना है. इसके बाद अगले दिन यानी 30 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रोहतास के बिक्रमगंज में विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे.
अलीपुरद्वार से पीएम मोदी बोले: ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ, ....अब हमला किया तो चुकानी पड़ेगी भारी कीमत!
29 May, 2025 04:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पश्चिम बंगाल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार से एक बार फिर से पाकिस्तान को चेतावनी दी. पीएम नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान से स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है. पीएम नरेंद्र मोदी ने अपनी जनसभा में कहा, "आज जब सिंदूर खेला की इस धरती पर आया हूं, तो आतंकवाद को लेकर भारत के नए संकल्प की चर्चा स्वभाविक है. 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकियों ने जो बर्बरता की, उसके बाद पश्चिम बंगाल में भी बहुत गुस्सा था. आपके भीतर जो आक्रोश था, आपका जो गुस्सा था. उसको मैं भलीभांति समझता था. आतंकवादियों ने हमारी बहनों का सिंदूर मिटाने का दुस्साहस किया. हमारी सेना ने उनको सिंदूर की शक्ति का अहसास करा दिया. हमने आतंक के उन ठिकानों को तबाह किया. जिसकी पाकिस्तान ने कल्पना तक नहीं की थी."
पाकिस्तान ने केवल आतंक को ही पाला है
उन्होंने आगे कहा कि आतंक को पालने वाले पाकिस्तान के पास दुनिया को देने के लिए कुछ भी पॉजिटिव नहीं है. जब से वो अस्तित्व में आए हैं, तब से ही उसने सिर्फ आतंक को पाला है. 1947 में बंटवारे के बाद से ही उसने भारत पर आतंकी हमला किया. कुछ सालों के बाद उसने यहां पड़ोस में आज के बांग्लादेश में जो आतंक फैलाया, पाकिस्तान की सेना ने जिस प्रकार बांग्लादेश में रेप और मर्डर किए वो कोई भूल नहीं सकता. आतंक और नरसंहार पाकिस्तानी सेना की सबसे बड़ी एक्सपर्टाइज है.
आतंकी हमला हुआ तो पाकिस्तान को बड़ी कीमत चुकानी होगी
प्रधानमंत्री ने इस दौरान पिछले युद्धों का जिक्र भी किया और कहा, "जब सीधा युद्ध लड़ा जाता है, तब उसकी हार तय होती है, उसकी पराजय निश्चित होती है. यही कारण है कि पाकिस्तान की सेना आतंकियों का सहारा लेती है. पहलगाम हमले के बाद अब भारत ने दुनिया को बता दिया है कि अगर अब भारत पर आतंकी हमला हुआ, तो दुश्मन को उसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी. पाकिस्तान समझ ले, तीन बार घर में घुसकर मारा है. बंगाल की इस धरती से ये 140 करोड़ भारतीयों का ऐलान है कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है."
ओडिशा में होम गार्ड भर्ती के दौरान युवक की मौत, फिजिकल टेस्ट के दौरान हुआ हादसा
29 May, 2025 03:23 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गजपति: ओडिशा के गजपति जिले में गुरुवार को होम गार्ड भर्ती के दौरान एक दर्दनाक हादसा हुआ. यहां फिजिकल टेस्ट के दौरान एक युवक की मौत हो गई और 5 अन्य युवकों की हालत गंभीर बताई जा रही है. यह हादसा भर्ती प्रक्रिया के दौरान 2 किलोमीटर की दौड़ में हुआ. मृत युवक की पहचान सुलंत मिशाल के रूप में हुई है, जो गजपति जिले रामगिरी थाना क्षेत्र के पारिसाल गांव का रहने वाला था. वहीं 5 अन्य अभ्यर्थी की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिनका इलाज अभी पारलाखेमुंडी जिला मुख्यालय चल रहा है. गुरुवार सुबह, भर्ती प्रक्रिया के तहत फिजिकल टेस्ट की शुरुआत की गई थी. इस दौरान उम्मीदवारों को रानीपेंठ से पद्मपुर तक 2 किलोमीटर की दौड़ लगानी थी. यह दौड़ बेत्तागुड़ा क्षेत्र में आयोजित की गई थी.
दौड़ खत्म कर जमीन पर गिर पड़ा
जानकारी के अनुसार, सुलंत मिशाल ने दौड़ पूरी कर ली थी, लेकिन दौड़ खत्म करने के कुछ ही मिनटों बाद वह जमीन पर गिर पड़ा और बेहोश हो गया. तत्काल उसे पारलाखेमुंडी के जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. सिर्फ सुलंत ही नहीं, बल्कि 5 अन्य अभ्यर्थियों को भी दौड़ के बाद शारीरिक तकलीफ महसूस हुई. इनमें से कुछ के नाम पी. शंकर और अर्पणा पानी हैं. सभी को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है. जैसे ही बाकियों को मामले का पता चला मौजूद अन्य उम्मीदवारों और अधिकारियों में अफरा-तफरी मच गई. भर्ती प्रक्रिया को तुरंत रोक दिया गया. परिजनों को सूचना दी गई और पुलिस ने भी जांच शुरू कर दी है.
144 पोस्ट के लिए निकली थी वैकेंसी
गजपति एसपी ने कहा कि 2 महीने पहले 144 पोस्ट के लिए विज्ञापन निकाला गया था, जिसमें 4000 से ज्यादा अभ्यर्थियों ने अपना नाम दाखिल करवाया था. जिसमें आगे चलकर 1200 से ज्यादा अभ्यर्थियों का चयन किया गया. आज फिजिकल टेस्ट रखा गया था. गाइडलाइन के मुताबिक, 2 किलोमीटर की दौड़ हो रही थी, जिसे पुरुष अभ्यर्थियों को 10 मिनट और महिला अभ्यर्थियों को 12 मिनट में पूरा करना था.
उन्होंने कहा कि मृत सुलांत मिसाल ने भी दौड़ में हिस्सा लिया था और उसे पूरा भी किया था. दौड़ पूरा करने के तुरंत बाद उसे सीने में दर्द की शिकायत हुई, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया. अस्पताल में डॉक्टर ने जांच करने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया. इसके अलावा पांच लोगों की तबीयत भी बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें भी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. 1 अभ्यर्थी फिलहाल अस्पताल से डिस्चार्ज हो गया है और बाकियों का इलाज अभी जारी है. हालांकि, अब तक मौत का सही कारण साफ नहीं हो पाया है, लेकिन भीषण गर्मी, पानी की कमी, और शारीरिक तैयारी की कमी को संभावित वजह माना जा रहा है.
एयर चीफ मार्शल का बड़ा बयान: देश किस ओर बढ़ रहा है, ऑपरेशन सिंदूर ने साफ किया
29 May, 2025 02:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने आईआई वार्षिक बिजनेस समिट 2025 के उद्घाटन सत्र में डिफेंस में बढ़ती टेक्नोलॉजी को लेकर बात की. एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने इस मौके पर कहा, युद्ध का कैरेक्टर बदल रहा है. हर दिन, हम देख रहे हैं कि नई टेक्नोलॉजी आ रही हैं. टेक्नोलॉजी अब हमारे युद्ध में बड़े पैमाने पर आ रही है. एयर चीफ मार्शल ने ऑपेरशन सिंदूर का जिक्र किया. उन्होंने कहा, ऑपरेशन सिन्दूर ने हमें फिर से एक बार यह बता दिया है कि हम कहां जा रहे हैं और भविष्य में हमें क्या चाहिए. इसलिए, हमारी अपनी विचार प्रक्रिया को भी साकार करने में बहुत काम करने की जरूरत है, जो पहले से ही चल रही है. मुझे यकीन है कि जैसे हम अब तक चुनौती का सामना करने में कामयाब रहे हैं, ऐसे ही भविष्य में भी हम एक राष्ट्र के रूप में अपने मकसद को हासिल करने में सक्षम होंगे.
कमजोर ग्रुप नहीं है
उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान (AMCA) को प्राइवेट इंडस्ट्री की भी भागीदारी के लिए मंजूरी दे दी गई है, जो एक बहुत बड़ा कदम है और आज देश को प्राइवेट इंडस्ट्री में इसी तरह का विश्वास है. एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने आगे कहा, जब हम एक राष्ट्र के बारे में बात करते हैं, तो हम सभी सेना, नौसेना, वायु सेना, विभिन्न एजेंसियां, उद्योग, डीआरडीओ, हम सभी एक बड़ी चैन की कड़ियां हैं और हम सभी को यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारा ग्रुप, जिससे मैं भी संबंधित हूं, वह कमजोर समूह नहीं है जिसकी वजह से यह चैन टूट जाएगी.
राजनाथ सिंह ने बताई डिफेंस की कामयाबी
इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी डिफेंस की कामयाबी बताई. उन्होंने कहा, एक रक्षा मंत्री के रूप में, मुझे यह कहते हुए बेहद खुशी होती है कि भारत के लगातार आगे बढ़ती यात्रा में, पहली बार, देश का डिफेंस सेक्टर भी अपनी एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. पिछले 10 साल में सरकार की कई पहल के चलते, भारत का रक्षा क्षेत्र एक नई ऊंचाई पर पहुंच चुका है. उन्होंने आगे कहा, पिछले 10-11 साल पहले, जहां हमारा डिफेंस प्रोडक्शन 43,746 करोड़ रुपए था, वहीं आज यह 1,46,000 करोड़ रुपए के रिकॉर्ड आंकड़े को पार कर चुका है और गर्व की बात यह है कि इसमें 32,000 करोड़ रुपए से ज्यादा का योगदान प्राइवेट सेक्टर का रहा है.
राजनाथ सिंह ने आगे कहा, इसके साथ, हमारा डिफेंस एक्सपोर्ट, जो 10 साल पहले, हजार करोड़ रुपए से भी कम था, वो आज 23,500 करोड़ रुपए के रिकॉर्ड आंकड़े तक पहुंच गया है. आज सिर्फ हथियार नहीं, बल्कि हमारे सिस्टम, सब-सिस्टम, कॉम्पोनेंट और सर्विस भी दुनिया के 100 से ज्यादा देशों तक पहुंच रहे हैं.
ऑपरेशन सिंदूर
भारत ने पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ सबक सिखाया. पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया. इस ऑपरेशन में देश ने पारकिस्तान के 9 आतंकवादी ठिकानों को टारगेट किया और उन्हें तबाह कर दिया. इसी के बाद पाकिस्तान की तरफ से भी नाकाम हमला करने की कोशिश की गई लेकिन वो फेल हो गया. फिर दोनों देशों के बीच सीजफायर हुआ.
दिल्ली को गर्मी से राहत, बिहार-राजस्थान में बारिश का अलर्ट, यूपी में गिरेगा पारा: IMD का अपडेट
29 May, 2025 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। देश के कई राज्यों में मानसून की एंट्री हो गई है। कई राज्यों में मौसम तेजी से करवट ले रहा है, कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो रही है। IMD के मुताबिक, आज से एक नया पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव हो सकता है। आगे बताते हैं आने वाले दिनों में देश में मौसम कैसा रहना वाला है।दिल्ली एनसीआर में अगले तीन दिन तक बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। हवा के साथ आंधी का अनुमान जताया है, वहीं हरियाणा और पंजाब में आज और कल मध्यम बारिश हो सकती है। दिल्ली एनसीआर में 30 और 31 मई को गरज चमक के साथ बारिश का अनुमान है।
यूपी में कहां होगी बारिश?
यूपी में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस के बढ़ोतरी की संभावना है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तापमान में गिरावट की संभावना है। यूपी के कासगंज, एटा, मैनपुरी, शाहजहांपुर, बदायूं, इटावा, फर्रुखाबाद, हरदोई और कन्नौज समेत कई जिलों में बारिश का अलर्ट है।
बिहार में कब आएगा मानसून?
बिहार की अगर बात करें तो बिहार के 26 से 27 जिलों में तेज बारिश की संभावना है। बताया जा रहा है इन जिलों में अगले दो दिन तेज बारिश हो सकती है। 15 जून से बिहार में मानसून आने का अनुमान है।
राजस्थान में कैसा रहेगा मौसम?
राजस्थान के कोटा, बीकानेर, भरतपुर और जयपुर में आज और कल तेज बारिश हो सकती है। साथ ही तेज हवाएं चलने का भी अनुमान जताया गया है।1 जून के दौरान उत्तराखंड में कुछ जगह भारी बारिश की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने का अनुमान है।
इन राज्यों में होगी बारिश
वहीं नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, असम और त्रिपुरा में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा मुंबई और गुजरात के कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई है और अभी कुछ दिन तक ऐसा ही मौसम रहने की संभावना है।
राजनाथ सिंह का PoK पर बड़ा बयान: वो दिन दूर नहीं जब PoK कहेगा, मैं भारत का हिस्सा हूं
29 May, 2025 01:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने CII (भारतीय उद्योग परिसंघ) के वार्षिक व्यापार शिखर सम्मेलन-2025 के उद्घाटन समारोह को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने PoK में रह रहे लोगों को लेकर कहा, वो लोग भारत की मुख्यधारा में कभी न कभी जरूर वापल लौटेंगे. मैं जानता हूं वहां के ज्यादातर लोग भारत के साथ एक जुड़ाव महसूस करते हैं, लेकिन कुछ हैं जिन्हें भटकाया गया है. राजनाथ सिंह ने आगे कहा, PoK में रह रहे हमारे भाइयों की स्थिति कुछ ऐसी ही हैं जैसे वीर योद्धा महाराणा प्रताप के छोटे भाई शक्ति सिंह की थी. छोटे भाई के अलग हो जाने के बाद भी बड़े भाई का विश्वास उन पर बना रहा था. वो अपने भाई को लेकर कहते थे, तब कुपंथ को छोड़ सुपथ पर स्वयं चला आएगा, मेरा ही भाई है, मुझसे दूर कहां जाएगा.
स्वयं लौट कर कहेगा कि मैं भारत ही हूं
राजनाथ सिंह ने आगे कहा, भारत हमेशा ही दिलों को जोड़ने की बात करता है. वो दिन दूर नहीं है जब हमारा ही अंग PoK स्वयं लौट कर कहेगा कि मैं भारत ही हूं, मैं वापस आया हूं. PoK का भारत के साथ एकीकरण इस देश की सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक समृद्धि पर निर्भर करता है. राजनाथ सिंह ने कहा, मैं मानता हूं कि पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) के लोग हमारे अपने हैं, हमारे परिवार का हिस्सा है. हम एक भारत श्रेष्ठ भारत के संकल्प के लिए प्रतिबद्ध है और हमें यह पूरा विश्वास है कि हमारे वो भाई जो आज हमसे भौगोलिक और राजनीतिक रूप से अलग है. वे भी अपने स्वाभिमान, आत्मा की आवाज और स्वेच्छा से भारत की मुख्य धारा में कभी न कभी जरूर वापस लौटेगें.
रक्षा क्षेत्र नई ऊंचाई पर पहुंचा
इस मौके पर राजनाथ सिंह ने कहा, एक रक्षा मंत्री के रूप में, मुझे यह कहते हुए बेहद खुशी होती है कि भारत के लगातार आगे बढ़ती यात्रा में, पहली बार, देश का डिफेंस सेक्टर भी अपनी एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. पिछले एक दशक में सरकार की कई पहल के चलते, भारत का रक्षा क्षेत्र एक नई ऊंचाई पर पहुंच चुका है. उन्होंने कहा, पिछले 10-11 साल पहले, जहां हमारा डिफेंस प्रोडक्शन 43,746 करोड़ रुपए था, वहीं आज यह 1,46,000 करोड़ रुपए के रिकॉर्ड आंकड़े को पार कर चुका है और गर्व की बात यह है कि इसमें 32,000 करोड़ रुपए से अधिक का योगदान प्राइवेट सेक्टर का रहा है.
उन्होंने आगे कहा, इसके साथ, हमारा डिफेंस एक्सपोर्ट, जो 10 साल पहले, हजार करोड़ रुपए से भी कम था, वो आज 23,500 करोड़ रुपए के रिकॉर्ड आंकड़े तक पहुंच गया है. आज सिर्फ हथियार नहीं, बल्कि हमारे सिस्टम, सब-सिस्टम, कॉम्पोनेंट और सर्विस भी दुनिया के 100 से ज्यादा देशों तक पहुंच रहे हैं. रक्षा मंत्री ने कहा, आज देश में 16,000 से अधिक MSMEs डिफेंस सेक्टर से जुड़ी हैं. ये छोटी कंपनियां हमारी स्पलाई चेन की रीढ़ की हड्डी बन चुकी हैं. ये न सिर्फ आत्मनिर्भरता की हमारी जर्नीको मजबूत कर रही हैं, बल्कि लाखों लोगों को रोजगार भी दे रही हैं.
ऑपरेशन सिंदूर का किया जिक्र
ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, आज हम सिर्फ लड़ाकू विमान या मिसाइल सिस्टम नहीं बना रहे हैं. बल्कि हम New Age Warfare Technology के लिए भी तैयार हो रहे हैं. हमारे home grown systems ने आज, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान, पूरी दुनिया को चौंकाते हुए यह साबित किया है कि हम दुश्मन के किसी भी कवच को भेदने की ताकत रखते हैं.
राजनाथ सिंह ने कहा, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान आपने देखा कि किस तरह, हमने पहले आतंकी ठिकानों को और उसके बाद दुश्मन के सैन्य अड्डों, एयरबेस को तबाह किया. उन्होंने आगे कहा, करने को हम और भी बहुत कुछ कर सकते थे, लेकिन शक्ति और संयम, इन दोनों के समन्वय का, हमने दुनिया के सामने एक शानदार उदाहरण पेश किया. आत्मनिर्भरता के बैनर के तले हम आज Critical और frontier technologies पर भी, लगातार सफलता हासिल कर रहे हैं. AI, साइबर डिफेंस, Unmanned Systems, और Space-Based Security के क्षेत्र में भारत की पकड़ अब ग्लोबल स्टेज पर मजबूती से स्थापित हो रही है.
नौसेना को जल्द मिलेगा नया तलवार-क्लास फ्रिगेट INS तमाल, जून में रूस से भारत आएगा
29 May, 2025 12:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारतीय नौसेना को जल्द ही एक और ताक़तवर जंगी जहाज़ मिलने वाला है. सूत्रों के मुताबिक, अगले महीने यानी जून 2025 को INS तमाल नया तलवार-क्लास फ्रिगेट रूस भारत को सौंपेगा. यह जहाज़ रूस के यानतर शिपयार्ड में बना है और 2016 में हुए समझौते का हिस्सा है, जिसमें कुल चार युद्धपोत बनाए जा रहे हैं दो रूस में और दो भारत में. इस परियोजना के तहत दो फ्रिगेट्स रूस में और दो भारत में बनाए जा रहे हैं. INS तमाल को जून 2025 में भारतीय नौसेना को औपचारिक रूप से सौंपा जाएगा. जून महीने के अंत तक नौसेना में कमीशन किया जाएगा.
हवा, पानी और जमीन पर एक साथ हमला करने में सक्षम
INS तमाल: बहु-भूमिका वाला स्टील्थ युद्धपोत INS तमाल एक आधुनिक गाइडेड मिसाइल स्टील्थ फ्रिगेट है. जो हवा, जल और सतह पर एक साथ हमला करने में सक्षम है. यह ब्रह्मोस एंटी-शिप मिसाइल से लैस होगा और एडवांस सेंसर तथा हथियार प्रणालियों से लैस रहेगा.
मेक इन इंडिया की दिशा में बड़ा कदम: INS तमाल को भारत का आखिरी आयातित युद्धपोत माना जा रहा है, क्योंकि अब भारत अपने युद्धपोतों को स्वदेशी तौर पर डिज़ाइन और निर्मित करने पर ज़ोर दे रहा है.
जल्द होगा नौसेना में शामिल
परियोजना 1135.6 का हिस्सा 2016 में हस्ताक्षरित प्रोजेक्ट 1135.6 के तहत कुल चार तलवार-क्लास युद्धपोतों का निर्माण होना है. INS तमाल इस श्रृंखला का दूसरा पोत है जो रूस में बना है. कमीशनिंग से पहले होने वाले ट्रायल में निर्माता (मैन्युफैक्चरर) ट्रायल, स्टेट कमेटी ट्रायल और फिर डिलीवरी एक्सेप्टेंस ट्रायल शामिल होते हैं, जो बंदरगाह (हार्बर) और समुद्र दोनों में किए जाते हैं. समुद्र में होने वाले ट्रायल के दौरान हथियारों की फायरिंग भी की जाती है. सूत्रों के मुताबिक, जहाज़ के कमीशनिंग क्रू में शामिल करीब 200 नौसैनिक फरवरी में रूस पहुंचे थे, जहां उन्होंने INS तमाल के ट्रायल की निगरानी की और प्रशिक्षण लिया. अब यह जहाज़ नौसेना में शामिल होने की तैयारी में है.
बटला हाउस में अतिक्रमण या अन्याय? सुप्रीम कोर्ट तय करेगा रास्ता, अगली सुनवाई अगले हफ्ते
29 May, 2025 12:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दिल्ली: दिल्ली के बाटला हाउस में मौजूद कई दुकानों और मकानों पर यूपी इरिगेशन की तरफ से अवैध निर्माण के मामले में नोटिस लगाया गया है. बटला हाउस के खसरा नंबर 277 और 279 में स्थित मकानों और दुकानों के तोड़फोड़ नोटिस के खिलाफ याचिका दायर की गई है. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट अगले हफ्ते करेगा सुनवाई. वकील ने कहा कि यह मामला जामिया में तोड़फोड़ के खिलाफ है. सीजेआई बीआर गवई ने कहा कि इसमें वो पहले हाईकोर्ट जाएं.
वकील ने कहा कि कोर्ट ने कहा था कि 15 दिन का नोटिस चाहिए, लेकिन यहां एक नोटिस चिपकाया गया है और कहा गया है कि हमें बेदखल कर देना चाहिए. 26 मई को नोटिस चिपकाया गया, हमारी कोई सुनवाई नहीं हुई. वकील ने कहा कि अगर इस पर सुनवाई हो सकती है तो हमारे पास कुछ उपाय हो सकते हैं. सीजेआई ने कहा कि मामले को अगले सप्ताह सूचीबद्ध करें.
5 जून तक खाली करने का नोटिस
साउथ दिल्ली के ओखला गांव में उत्तर प्रदेश के सिंचाई विभाग की ओर से आदेश दिया गया है. आदेश के मुताबिक, खसरा नंबर-277 पर बने अवैध निर्माणों के खिलाफ ये नोटिस जारी की गई है. इस अवैध निर्माण में मुरादी रोड और सेलिंग क्लब रोड पर बने मकान और दुकानों शामिल हैं.
इन दुकानों और मकानों को खाली करने के लिए वहां नोटिस भी चस्पा किया गया है. इन दुकानों और मकान को 5 जून तक खाली करने का आदेश दिया गया है. यह जमीन उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की है, जिस पर पिछले 50-60 साल से अवैध कब्जा किया गया है. वहीं इन घरों में रहने वाले और दुकानों के जरिए अपनी रोजी-रोटी चलाने वाले लोगों ने कहा कि चाहे कुछ भी हो जाए वो इसे खाली नहीं करेंगे. हम लड़ेंगे-मरेंगे लेकिन इस जगह को छोड़कर नहीं जाएंगे.
नकली नक्सली बनकर दी IED धमाके की धमकी, 50 लाख की फिरौती मांगने वाले दो युवक गिरफ्तार
29 May, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
साइबराबाद पुलिस ने बुधवार को एक स्थानीय निवासी से 50 लाख रुपये की फिरौती की मांग करने वाले दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आर्थिक तंगी से जूझ रहे इन आरोपियों ने खुद को नक्सली बताकर घरेलू विस्फोटक उपकरण (IED) धमाके की धम्की दी थी और रुपयों की मांग की थी। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों के पास से विस्फोटक सामग्री, एक धमकी भरा पत्र, चार मोबाइल फोन और आधार कार्ड बरामद किए।
22 मई को जेडीमेटला पुलिस को एक शिकायत मिली, जिसमें बताया गया कि शिकायतकर्ता के पिता के घर के सामने लगा तुलसी का पौधा तोड़ दिया गया और उन्हें उनकी कार में धमकी भरा पत्र और एक लाल गमछा रखा हुआ मिला है। यह पत्र कथित तौर पर “नक्सलियों” की ओर से भेजा गया था, जिसमें शुक्रवार सुबह 9 बजे तक 50 लाख रुपये की मांग की गई थी। पत्र में चेतावनी दी गई थी कि अगर पैसे नहीं दिए गए, तो शिकायतकर्ता को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
आर्थिक तंगी में रची साजिश
बालनगर डिवीजन के सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) पी. नरेश रेड्डी ने बताया कि क्षतिग्रस्त तुलसी का पौधा एक प्रतीकात्मक चेतावनी के रूप में पेश किया गया था। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी एर्रमसेट्टी राजू (33) और कंदुरेली राजू (24) आंध्र प्रदेश के गन्नवरम के रहने वाले हैं। पुलिस पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि उन्होंने आर्थिक तंगी के चलते यह फिरौती की साजिश रची थी।
पहले से आपराधिक रिकॉर्ड, हाल ही में गंवाई नौकरी
पुलिस के अनुसार, एर्रमसेट्टी राजू के खिलाफ पहले से ही गन्नवरम पुलिस स्टेशन में संपत्ति से जुड़े अपराधों के मामले दर्ज हैं। बताया गया है कि तीन महीने पहले उसे एक निजी कंपनी से नौकरी से निकाल दिया गया था, जिसके बाद उसकी आर्थिक स्थिति और बिगड़ गई।
बम फोड़ने की योजना बनाई
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने अपनी साजिश के तहत शापुर नगर के एक अमीर निवासी को निशाना बनाया। जब उनकी पहली धमकी भरी चिट्ठी, जिसमें 50 लाख रुपये की मांग की गई थी, का कोई जवाब नहीं मिला, तो वे आंध्र प्रदेश के विजयनगरम चले गए। वहां उन्होंने एक IED बनाया। इसके बाद वे हैदराबाद लौटे और 28 मई 2025 को शिकायतकर्ता के घर पर बम फोड़ने की योजना बनाई, ताकि डर फैलाकर अपनी मांग पूरी करवा सकें।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और तीन विशेष टीमों का गठन किया। पुलिस ने इस दौरान 500 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खांगले और तकनीकी और मानवीय खुफिया सूचनाओं का इस्तेमाल करते हुए संदिग्धों की हरकतों का सफलतापूर्वक पता लगाया। पुलिस के अनुसार, संदिग्धों ने भागने की कोशिश की, लेकिन सूचना मिलते ही उन्हें पकड़ लिया गया।
पहलगाम हमले के बाद तेज़ कार्रवाई: एक महीने में 500 अवैध आप्रवासी बांग्लादेश भेजे गए
29 May, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियां देशभर में अलर्ट मोड पर हैं। इसी कड़ी में दिल्ली पुलिस ने राजधानी में एक खास अभियान चलाया है, जिसका मकसद संदिग्ध प्रवासियों की पहचान करना है। इस ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने 470 अवैध बांग्लादेशी नागरिकों और 50 विदेशी नागरिकों की पहचान की। ये लोग या तो बिना वैध दस्तावेज के भारत में रह रहे थे, या उनका वीज़ा खत्म हो चुका था लेकिन वे देश छोड़ने की बजाय यहीं ठहरे हुए थे। इन सभी अवैध प्रवासियों को गाज़ियाबाद स्थित हिंडन एयरबेस से एयरलिफ्ट किया गया और त्रिपुरा की राजधानी अगरतला ले जाया गया, जहां से ज़मीनी सीमा के ज़रिए उन्हें वापस बांग्लादेश भेज दिया गया।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दिये कड़े निर्देश
‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पिछले साल के अंत में खास निर्देश दिए थे। इसमें कहा गया था कि अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों और रोहिंग्या लोगों की पहचान की जाए, उनका पूरा सत्यापन किया जाए और ज़रूरी कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया जाए। 15 नवंबर 2024 से 20 अप्रैल 2025 के बीच, केंद्रीय गृह मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने लगभग 220 अवैध प्रवासी और 30 विदेशी नागरिक पकड़े, जिनका वीज़ा एक्सपायर हो चुका था। इन लोगों को विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) के हवाले किया गया। इसके बाद उन्हें रेल और सड़क मार्ग से पूर्वी राज्यों तक पहुंचाया गया और फिर ज़मीनी सीमा से बांग्लादेश वापस भेज दिया गया।
पहलगाम हमले के बाद कार्यवाही तेज हुई
पहलगाम हमले के बाद इस अभियान में और भी तेजी आई हैं। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, “पिछले एक महीने में हिंडन एयरबेस से अगरतला तक 3-4 विशेष उड़ानें हुई हैं, जिनमें सभी अवैध प्रवासी भेजे गए हैं।” उन्होंने आगे कहा कि पिछले छह महीनों में करीब 700 अवैध प्रवासियों को बांग्लादेश वापस भेजा का चुका है।
बांग्लादेशी प्रवासियों और रोहिंग्या की गिरफ्तारी
शुरुआत में, दिल्ली के सभी 15 जिलों के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) को निर्देश दिए गए कि वे सत्यापन अभियान चलाएं और अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों और रोहिंग्या को पहचानकर गिरफ्तार करें। ऑपरेशन से जुड़े एक सूत्र ने बताया,” इसके बाद दिल्ली पुलिस की पहली बटालियन की टीम और FRRO अधिकारी गिरफ्तार किए गए अवैध प्रवासियों को ट्रेन के जरिए पश्चिम बंगाल लेकर गए। वहां से वे बस द्वारा आगे बढ़े और सभी अवैध प्रवासियों को सीमा सुरक्षा बल (BSF) के हवाले किया, जिसके बाद उन्हें बांग्लादेश निर्वासित कर दिया गया।
अमित शाह ने पुलिस को दिये कड़े निर्देश
रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली में बीजेपी की सरकार बनने के बाद, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पुलिस को बड़ी साजिश को बेनकाब करने के निर्देश दिए हैं। एक सूत्र के अनुसार, “पुलिस से कहा गया है कि वे अपनी जांच और गहराई से करें और उन गुप्त नेटवर्क के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाएं जो अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या प्रवासियों को भारत में दाखिल होने और नकली दस्तावेज़ बनाने में मदद करते हैं।”
राज्यों को बांग्लादेश और म्यांमार से आए संदिग्ध अवैध प्रवासियों के दस्तावेज़ जांचने के लिए 30 दिनों का समय दिया गया था। अगर उनके दस्तावेज़ सत्यापित नहीं हुए, तो उन्हें देश निकाला जाना था। अब, गृह मंत्रालय ने नई हिदायतें जारी की हैं ताकि पहचान पत्र जारी करने में जो भी कमियां थीं, उन्हें सही किया जा सके और ऐसी खामियों से बचा जा सके।
स्पेशल सेल ने की ढेरों एफ़आईआर
जिलाधिकारी, पुलिस, क्राइम ब्रांच और स्पेशल सेल ने कई एफआईआर दर्ज की हैं। इन शिकायतों में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि किन लोगों ने अवैध प्रवासियों को भारत में आने में मदद दी, उनके रहने का इंतजाम किया, नकली पहचान पत्र बनवाए, पते के प्रमाण हासिल किए, दिल्ली में नौकरियां दिलवाईं और उनके लिए आवास की व्यवस्था की।
22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस को कड़ा निर्देश दिया है कि वे अवैध प्रवासियों की पहचान और गिरफ्तारी में तेजी लाएं और उन्हें जल्द से जल्द वापस भेजें। एक सूत्र के मुताबिक, “दिल्ली पुलिस ने लगभग पांच अस्थाई हिरासत केंद्र बनाए हैं। इन्हें FRRO के साथ मिलकर काम करना है और अवैध प्रवासियों को विशेष उड़ानों से अगरतला हवाई अड्डा और पश्चिम बंगाल तक पहुंचाना है।”
केंद्रीय गृह मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने कुल 34,265 संदिग्ध अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की जांच की। इनमें से 33,217 प्रवासियों के दस्तावेज़ सही पाए गए, जबकि 278 लोगों के दस्तावेज़ों की जांच अभी भी जारी है।
साडा अध्यक्ष पद के लिए अशोक शर्मा का नाम चर्चा में
श्री विश्वकर्मा महापंचायत संगठन की प्रदेश स्तरीय बैठक 30 को बैठक में होंगे कई महत्वपूर्ण निर्णय
बंगाल में कानून-व्यवस्था पर घमासान, नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप
विधानसभा-1 के वार्ड 9 से अभियान का शुभारंभ, जनभागीदारी पर जोर
