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देश में कोरोना की रफ्तार तेज, 24 घंटे में 32 नए मामले
7 Jun, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
देश में कोविड-19 (कोरोना) एक बार फिर तेजी से पांव पसार रहा है. देशभर में कोरोना के मरीजों की संख्या 5,000 से अधिक हो गई है. इसमें केरल सबसे अधिक प्रभावित राज्य बना हुआ है, जिसके बाद गुजरात, पश्चिम बंगाल और दिल्ली सबसे ज्यादा कोरोना के केस सामने आए हैं. वहीं कोरोना की रफ्तार को देखते हुए नोएडा में धारा-163 लगाई गई है, जो कि 7 जून से 9 जून तक प्रभावी रहेगी. स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को यह आंकड़े जारी किए.
कोरोना संक्रमण की रफ्तार को देखते हुए केंद्र अस्पतालों में कोविड-19 संबंधी तैयारियों की जांच के लिए मॉक ड्रिल आयोजित कर रहा है. सभी राज्यों को निर्देश दिया गया है कि वो कोविड-19 के मामले बढ़ने के मद्देनजर ऑक्सीजन, बेड, वेंटीलेटर और जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करें.
24 घंटे में चार लोगों की मौत
इस समय देश में इलाज करा रहे मरीजों की संख्या 5,364 है और पिछले 24 घंटे में संक्रमण से चार लोगों के मरने की जानकारी मिली है. हालांकि सूत्रों का कहना है कि ज्यादातर मरीजों में संक्रमण के हल्के लक्षण हैं और घर पर ही इलाज के बाद वह ठीक हो गए. इस साल जनवरी के बाद से देश में कोरोना से 55 लोगों के मरने की सूचना है. 22 मई तक देश में मरीजों की संख्या 257 थी.
दिल्ली में कोविड-19 के 30 नए मामले
दिल्ली में बीते 24 घंटे में कोविड-19 के 30 नए मामले सामने आए हैं, जिसके बाद इलाजरत मरीजों की संख्या बढ़कर 592 हो गई. स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में गुरुवार से कोरोना से किसी मरीज की मौत नहीं हुई है.
लखनऊ में डॉक्टर कोरोना पॉजिटिव
वहीं उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सिविल अस्पताल के डॉक्टर कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. यह डॉक्टर सिविल अस्पताल में फिजिशियन के पद पर तैनात हैं. पॉजिटिव रिपोर्ट आने पर डॉक्टर होम आइसोलेशन में चले गए हैं. इसके अलावा विक्रमादित्य मार्ग पर एक युवती भी कोरोना संक्रमित पाई गई है. कुल मिलाकर लखनऊ में अब तक कोरोना के 8 मरीज़ मिल चुके हैं.
नोएडा में कोरोना के 32 नए मामले दर्ज
गौतम बुध नगर (नोएडा) में बीते 24 घंटे में कोविड़ के 32 नए केस दर्ज किए गए है, जिससे कोविड में केस की संख्या बढ़ 190 हो गई है, जिसमे 79 पुरुष और 111 महिलाएं शामिल है. स्वास्थ्य विभाग ने कोविड से साढ़े तीन महीने की बच्ची की मौत की पुष्टि की. इस साल कोरोना से यह पहली मौत है. बच्ची का इलाज दिल्ली के चाचा नेहरू अस्पताल में चल रहा था. उसकी मौत एक हफ्ते पहले हुई थी. पोर्टल पर जानकारी आने के बाद स्वास्थ्य विभाग परिजनों से संपर्क कर रहा है.
वहीं कोरोना की रफ्तार को देखते हुए नोएडा में धारा-163 लगाई गई है, जो कि 7 जून से 9 जून तक प्रभावी रहेगी. इस दौरान किसी प्रकार का धरना प्रदर्शन नहीं हो सकेगा. किसी प्रकार का जुलूस नहीं निकाला जा सकेगा. बिना इजाजत के 5 या उससे अधिक लोग एक साथ एक जगह इकट्ठा नहीं हो सकते हैं.
इंदौर में कोविड के सात नए मामले मिले
मध्यप्रदेश के इंदौर जिले में शुक्रवार को पांच नए मरीज पॉजिटिव पाए गए है,जिसके बाद से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया है. इनमें से अधिकांश लोगों की ट्रेवल हिस्ट्री बताई जा रही है. कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि इंदौर में अब तक करीब 40 कोरोना के मरीज सामने आ चुके हैं. इसमें 8 मरीज अन्य जिलों के हैं. फिलहाल शहर में कोरोना के 20 एक्टिव मरीज हैं. सभी की हालत ठीक है. उचित इलाज देने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार उन पर नजर रखे हुए है.
कर्नाटक में सात लोगों की मौत
कर्नाटक के दावणगेरे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जो कोरोना वायरस से संक्रमित था. उसकी मौत से गुरुवार तक कर्नाटक में कोरोना वायरस से संबंधित मौतों की संख्या सात हो गई है. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 31 मई को दावणगेरे के सरकारी अस्पताल में उसकी मौत हो गई. कर्नाटक में गुरुवार को कुल संक्रमित मामले 65 थे, जिससे जनवरी से अब तक सामने आए कुल मामले 796 हो गए.
महाराष्ट्र में कोरोना के 114 नए मामले
महाराष्ट्र में कोविड-19 के 114 नए मामले सामने आए, जिससे इस साल जनवरी से अब तक कुल मामलों की संख्या 1,276 हो गई. जबकि एक और मरीज की संक्रमण से मौत हो गई, जिससे मरने वालों की संख्या 18 हो गई है. इन मामलों में से 44 पुणे (ग्रामीण क्षेत्रों में दो में से 42 नागरिक सीमा में), मुंबई में 37 और मीरा भयंदर और पनवेल नगर निगम क्षेत्रों में सात-सात मामले सामने आए. स्वास्थ्य विभाग के एक बयान में कहा गया कि इसके बाद नवी मुंबई (4), पिंपरी-चिंचवाड़ (6), कल्याण (3), ठाणे, सतारा, कोल्हापुर, सांगली, छत्रपति संभाजीनगर और परभणी (एक-एक मामला) में सामने आया.
गुजरात में कोरोना के 119 केस
गुजरात के स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि राज्य में कोरोना वायरस के 119 नए मामले सामने आए, जिससे उपचाराधीन मामलों की संख्या 508 हो गई, जबकि संक्रमण से किसी मौत की खबर नहीं आई. इनमें से 18 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि 490 अन्य घर पर क्वारंटीन में इलाज करा रहे हैं. वहीं ओडिशा में पिछले सात दिनों में कोरोना वायरस के 23 मामले सामने आए हैं. दौरान कुल 546 नमूनों की जांच की गई, जिनमें से 23 में वायरस की पुष्टि हुई.
छत्तीसगढ़ में अब तक 50 लोग संक्रमित
छत्तीसगढ़ में अब तक 50 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हुए हैं और सभी रोगियों में सामान्य लक्षण देखे गए हैं. अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ में अब तक कुल 1183 लोगों की जांच की गई है, जिनमें से लोग संक्रमित पाए गए हैं. अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ में फिलहाल कोविड-19 के जो भी मामले सामने आए हैं, उनमें अधिकतर मरीजों में सामान्य इंफ्लूएंजा जैसे लक्षण ही देखे जा रहे हैं, जैसे हल्का बुखार, सर्दी-खांसी या गले में खराश.
भीषण गर्मी से दिल्ली का हाल बेहाल, पारा 44 डिग्री के करीब पहुँचने का अनुमान
7 Jun, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
उत्तर भारत के राज्यों में एक बार फिर भीषण गर्मी पड़ने वाली है। पिछले सप्ताह तक उत्तर भारत की ओर तेजी से बढ़ रहे मानसून पर ब्रेक लगने के साथ ही मैदानी इलाके का मौसम फिर से गर्म होने वाला है। पश्चिमी विक्षोभ और वर्षा में कमी के चलते तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है।
मानसून के दोबारा सक्रिय होने के बाद ही गिरेगा तापमान
अगले एक सप्ताह तक बारिश की स्थिति नहीं बनने वाली है। इसके चलते दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, बिहार, झारखंड, ओडिशा एवं छत्तीसगढ़ का तापमान फिर चढ़ने लगेगा, जो मानसून के दोबारा सक्रिय होने के बाद ही गिरेगा।
भारत मौसम विभाग (आइएमडी) का मानना है कि 11 जून तक उत्तर से लेकर मध्य एवं पूर्वी भारत का मौसम पूरी तरह साफ हो जाएगा। गर्मी बढ़ जाएगी। 12 जून से मानसून फिर तेजी से आगे बढ़ना शुरू करेगा और जल्द ही बिहार, झारखंड एवं उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पहुंच जाएगा।
देश में प्री मानसून बारिश अच्छी होती रही
मौसम में अनिश्चितता के बारे में विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर में पश्चिमी विक्षोभ के लगातार आते रहने के कारण पूरे देश में प्री मानसून बारिश अच्छी होती रही। अप्रैल-मई में भी गर्मी अपना असर नहीं दिखा सकी।
केरल में समय से आठ दिन पहले मानसून का आगमन
केरल में समय से आठ दिन पहले मानसून का आगमन हो गया। इसी दौरान अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव के क्षेत्र बन जाने से मानसूनी हवाओं को आगे बढ़ने में मदद मिलती रही। ऐसे में गर्मी की अवधि सिमट गई। एक-दो स्थानों को छोड़कर लू (हीटवेव) की स्थिति कहीं नहीं बनी, लेकिन अब मौसम करवट लेता दिख रहा है।
अभी पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ नहीं है। पश्चिम से शुष्क व गर्म हवाएं तेजी से आगे बढ़ने लगी हैं। यह मानसून के रास्ते में अवरोध बनकर खड़ी हो गई हैं। मानसून की गति पर ब्रेक लग गया है। बारिश के अभाव में मौसम में तल्खी आने लगी है। पंजाब-हरियाणा के तापमान में वृद्धि होने लगी है।
उत्तर प्रदेश का मौसम साफ
उत्तर प्रदेश का मौसम साफ हो गया है। पश्चिमी क्षेत्रों में धूल भरी आंधी चलने की चेतावनी दी गई है। बिहार में भी 12 जून तक बारिश की स्थिति नहीं बन रही है। सप्ताह भर तक यहां भी पूर्व से पश्चिम तक के सारे जिले सूख जाएंगे।
राजस्थान में तापमान 40 डिग्री से ऊपर पहुंचेगा
राजस्थान गर्म होने लगा है। यहां एक-दो दिनों में तापमान 40 डिग्री से ऊपर पहुंच सकता है। मध्य प्रदेश में भी मौसम शुष्क रहेगा लेकिन दक्षिण के कुछ जिलों में मौसम की गतिविधियां अगले दो-तीनों तक रहेंगी। फिर धीरे-धीरे वहां भी मौसम शुष्क हो जाएगा।
बेंगलुरु के दुखद हादसे के बाद क्यों चर्चा में आ गई 16 अगस्त 1980 की तारीख
6 Jun, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हुई भगदड़ में 11 लोगों की मौत हुई और कई घायल हुए। इस दर्दनाक हादसे के बाद अब 16 अगस्त 1980 की तारीख फिर चर्चा में आ गई है। दरअसल बेंगलुरु में हुए हादसे ने 1980 में कोलकाता के ईडन गार्डन्स में हुई घटना को याद दिलाई थी। 16 अगस्त 1980 को ईडन गार्डन्स (तब सॉल्ट लेक स्टेडियम नहीं था, यह 1984 बनकर तैयार हुआ था) में चिर प्रतिद्वंद्वी मोहन बागान और ईस्ट बंगाल के बीच कोलकाता फुटबॉल मैच में दो टीमों के फैंस के बीच जबरदस्त झड़प हुई, जिसमें 16 लोगों की मौत हो गई। मैच में भीड़ में झगड़ा हुआ, पत्थरबाजी हुई और भगदड़ मच गई।
ईडन गार्डन्स में अगस्त की उस दोपहर में 70,000 से अधिक दर्शक गैलरी में जमा थे और मोहन बागान के तेज तर्रार राइट विंगर बिदेश बसु को ईस्ट बंगाल के साइड बैक दिलीप पालित ने गिरा दिया, जो अपनी रफ टैकलिंग के लिए कुख्यात थे। तब की रिपोर्टों के अनुसार, उस मैच के रेफरी स्वर्गीय सुधीन चटर्जी का मैच की व्यवस्था पर कंट्रोल नहीं था और एक बार जब बिदेश और दिलीप के बीच हाथापाई हुई, तब स्टैंड में तनाव फैल गया। दोनों पक्षों के दर्शकों की ओर से पत्थरबाजी हुई और कोलकाता पुलिस इतनी सतर्क नहीं थी कि भगदड़ जैसी स्थिति को समझ सके क्योंकि भीड़ घबरा गई और इधर-उधर भागने की कोशिश करने लगी।
ईडन गार्डन्स के दूसरे टियर से भगदड़ से बचने की कोशिश कर रहे प्रशंसकों की ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीर आज भी उन परिवारों को डराती है। 18 से 60 वर्ष की आयु के 16 फैन्स, जो दोपहर में अपने घरों से बेकाबू खुशी और उत्साह के साथ निकले थे, वे मैटाडोर (उन दिनों शव वाहन नहीं थे) में बेजान होकर वापस आए। वहीं 9 दिसंबर 2012 को इसी तरह की त्रासदी हो सकती थी, जब जब मोहन बागान के रहीम नबी के माथे पर विपक्षी टीम के स्टैंड से एक पत्थर आकर लगा। लेकिन, यह नजारा तब देखने को मिला, जब ईस्ट बंगाल के डिफेंडर अर्नब मंडल मोहन बागान के स्टार को सुरक्षित स्थान पर ले जा रहे थे। उस मैच को रद्द कर किया और ईस्टर्न मेट्रोपॉलिटन बाईपास की सड़कों पर झड़पों में 40 से अधिक लोग घायल हो गए।
1969 के क्रिकेट मैच में हुआ हादसा
1969 में ऑस्ट्रेलिया की भारत में टेस्ट सीरीज के दौरान कोलकाता (ईडन गार्डन्स) और मुंबई के ब्रेबोर्न स्टेडियम में दो घटनाएं हुईं। मुंबई में यह घटना एक विवादास्पद निर्णय के बाद हुई थी, जिसमें एस वेंकटराघवन को बाहर होना पड़ा था। ऑल इंडिया रेडियो की कमेंट्री सुन रहे दर्शक भड़क उठे और उन्होंने उत्पात मचा दिया। लेकिन सौभाग्य से कोई मौत नहीं हुई। ईडन गार्डन्स में भगदड़ जैसी स्थिति बंगाल क्रिकेट संघ के तत्कालीन भ्रष्ट अधिकारियों के कारण थी, जिन्होंने क्षमता से अधिक नकली टिकट छपवाए थे और वहां कम से कम 20,000 लोग थे।
हिल्सबोरो (1989): इंग्लैंड के शेफ़ील्ड में हिल्सबोरो स्टेडियम में भगदड़ मचने से लिवरपूल और नॉटिंघम फॉरेस्ट के बीच एफए कप सेमीफाइनल के दौरान 97 लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों लोग घायल हो गए। यह अभी भी खेल से जुड़ी भीड़ की मौत की सबसे बुरी घटनाओं में से एक है। हौफोएट-बोइग्नी भगदड़ (2009): अबिदजान में आइवरी कोस्ट और मलावी के बीच विश्व कप क्वालिफायर के दौरान भगदड़ में 19 फैन्स की मौत हो गई और 135 गंभीर रूप से घायल हो गए।
कैप्टन अशोक राव ने संभाली आईएनएस विक्रांत की कमान
6 Jun, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारतीय नौसेना के कैप्टन अशोक राव ने गुरुवार को देश के पहले स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत की कमान संभाल ली। उन्होंने कमोडोर बीरेंद्र एस. बैंस से यह जिम्मेदारी ली है। नौसेना के मुताबिक, अब यह जिम्मेदारी संभालने वाले कैप्टन अशोक राव नौसेना पदक से सम्मानित अधिकारी हैं। नौसेना ने बताया कि कैप्टन राव नौसेना अकादमी के 52वें कोर्स के पूर्व छात्र हैं और उनके पास युद्धपोत संचालन का समृद्ध अनुभव है। उन्होंने पहले आईएनएस विशाखापत्तनम, आईएनएस कोरा और आईएनएस निशंक जैसे प्रमुख युद्धपोतों की भी कमान संभाली है। इसके अलावा, वह कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग में रक्षा सलाहकार के रूप में भी सेवा दे चुके हैं। आईएनएस विक्रांत की कमान संभालना कैप्टन राव के लिए एक प्रतिष्ठित उपलब्धि है, जो भारतीय नौसेना की आत्मनिर्भरता और तकनीकी शक्ति का प्रतीक है। आईएनएस विक्रांत की यह नई नेतृत्व पारी भारतीय समुद्री सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाएगी।
जेल से बाहर आए सनोज मिश्रा, बाबा महाकाल के दर्शन कर कहा-सच की जीत हुई
6 Jun, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। महाकुंभ की वायरल गर्ल मोनालिसा को पहचान दिलाने वाले डायरेक्टर सनोज मिश्रा जेल से रिहा हो गए हैं। उन पर एक महिला ने दुष्कर्म का आरोप लगाया था। जेल से बाहर आते ही उन्हें मोनालिसा के साथ देखा गया, जहां वह उज्जैन में महाकाल दर्शन के दौरान स्पॉट हुए। अब मोनालिसा संग उनके वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं। इसके साथ ही इस दौरान सनोज मिश्रा को लोगों से संवाद करते और अपनी बात रखते हुए देखा गया।
सनोज को उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन करने पहुंचे। उनके साथ मोनालिसा भी थी। वीडियो में सनोज ने कहा कि उन्हें झूठे केस में फंसाया गया था। उन्होंने दावा किया कि सच की जीत हुई है और यही वजह है कि उन्हें जेल से रिहा कर दिया गया। उन्होंने कहा कि अब वह अपने करियर की नई शुरुआत करना चाहते हैं और जल्द ही एक फिल्म की शूटिंग शुरू करेंगे। सनोज ने सोशल मीडिया पर खुद यह वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने लिखा- देश देख रहा है किस तरह से साजिश कर झूठे आरोप में फंसाया गया, बाबा महाकाल के दरबार से ही जाकर मैने दिल्ली पुलिस में समर्पण किया था। वापस आकर भी उज्जैन से जीवन की शुरुआत हो रही है। इस दौरान बाबा के दरबार में मोनालिसा, भतीजा श्याम, दोस्त महेंद्र लोधी, पत्नी रूबी मिश्रा, समेत अनेक मित्र शुभचिंतक मौजूद थे। सनोज मिश्रा के बाहर आने पर मोनालिसा भी खुश नजर आईं। उनका कहना था कि मिश्रा के बिना वह खुद को अधूरा महसूस कर रही थीं और अब जब वह वापस आ चुके हैं, तो आगे का सफर फिर से शुरू किया जाएगा।
PM मोदी का पाकिस्तान पर प्रहार: 'ऑपरेशन सिंदूर' दिलाएगा शर्मनाक हार की याद
6 Jun, 2025 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
PM Modi in JK: पहलगाम आतंकी हमले के बाद पहली बार जम्मू-कश्मीर के दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कटरा में पाकिस्तान पर जमकर हमला बोला है। पीएम मोदी ने कहा कि आज से ठीक एक महीने पहले पाकिस्तान में कयामत बरसी थी। अब पाकिस्तान कभी भी ऑपरेशन सिंदूर का नाम सुनेगा तो उसे अपनी शर्मनाक शिकस्त याद आएगी। हमले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह इंसानियत पर हमला था। हमारा पड़ोसी मानवता का विरोधी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उसका इरादा भारत में दंगे कराने का था, कश्मीर के मेहनतकश लोगों की कमाई रोकने का था। पीएम मोदी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का नौजवान अब आतंकवाद को मुंहतोड़ जवाब देने का मन बना लिया है।
आज दुनिया भारत के डिफेंस इकोसिस्टम की कर रही चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, आपने देखा है कि ऑपरेशन सिंदूर ने कैसे आत्मनिर्भर भारत की ताकत दिखाई है। आज दुनिया भारत के डिफेंस इकोसिस्टम की चर्चा कर रही है। इसके पीछे सिर्फ एक वजह है। हमारी सेना का मेक इन इंडिया पर भरोसा। हर भारतीय को वही दोहराना है जो सेना ने किया है। इस साल के बजट में हमने मिशन मैन्यूफैक्चरिंग की घोषणा की है। मैं जम्मू-कश्मीर के युवाओं से इस मिशन से जुड़ने का आग्रह करना चाहता हूं। आपके विचार और कौशल भारत की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।
मां भारती का मुकुट है जम्मू कश्मीर
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर, मां भारती का मुकुट है। ये मुकुट एक से बढ़कर एक खूबसूरत रत्नों से जड़ा हुआ है। ये अलग-अलग रत्न, जम्मू कश्मीर का सामर्थ्य हैं। यहां की पुरातन संस्कृति, यहां के संस्कार, यहां की आध्यात्मिक चेतना, प्राकृति का सौंदर्य, यहां की जड़ी बूटियों का संसार, फलों और फूलों का विस्तार, यहां के युवाओं में जो कौशल है वो मुकुट मणि की तरह चमकता है।
चिनाब बिज बनेंगे समृद्धि का जरिया
पीएम मोदी ने कहा कि चिनाब ब्रिज हो या फिर अंजी ब्रिज हो ये जम्मू-कश्मीर की समृद्धि का जरिया बनेंगे। इससे टूरिज्म तो बढ़ेगा ही इकोनॉमी के दूसरे सेक्टर्स को भी लाभ होगा। जम्मू कश्मीर की रेल कनेक्टिविटी दोनों क्षेत्रों के कारोबारियों के लिए नए अवसर बनाएगी। इससे यहां की इंडस्ट्री को गति मिलेगी।
Omar Abdullah's announcement on full statehood, gave a ray of hope to the people
6 Jun, 2025 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जम्मू । जनसभा में जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि अब राज्य में तेजी से विकास हो रहा है। कई बुनियादी ढांचा परियोजनाएं तेजी से पूरी हो रही हैं, चाहे वह जम्मू रिंग रोड हो, श्रीनगर रिंग रोड हो, दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे हो, जम्मू-श्रीनगर फोर लेन हाईवे हो, जम्मू और श्रीनगर हवाई अड्डों का विस्तार हो या रेलवे नेटवर्क का विस्तार हो। हम विकसित भारत के लिए विकसित जम्मू-कश्मीर के अपने लक्ष्य को प्राप्त करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। मैं जम्मू-कश्मीर के सभी लोगों की ओर से प्रधानमंत्री जी को तहे दिल से धन्यवाद देता हूं..."
पीएम ने जारी किए स्मारक सिक्के और टिकट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चिनाब पुल और अंजी पुल का उद्घाटन करने के बाद स्मारक सिक्के और टिकट जारी किए। पीएम मोदी ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कटरा से श्रीनगर तक पहली वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के बाद कटरा में एक कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से बातचीत की।
'जल्द पूर्ण राज्य का दर्जा मिलेगा'
कटरा जनसभा में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि मुझे जम्मू-कश्मीर में सभी रेलवे परियोजनाओं में प्रधानमंत्री के साथ जुड़ने का सौभाग्य मिला है। सबसे पहले, जब अनंतनाग रेलवे स्टेशन का उद्घाटन किया गया था। दूसरा, जब बनिहाल रेलवे सुरंग का उद्घाटन किया गया था, 2014 में जब कटरा रेलवे स्टेशन का उद्घाटन किया गया था, तब भी यही चार लोग यहां मौजूद थे, जबकि तत्कालीन रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा को जम्मू-कश्मीर के एलजी के पद पर पदोन्नत किया गया था, मुझे एक राज्य के सीएम से एक केंद्र शासित प्रदेश के सीएम के रूप में पदावनत किया गया था। लेकिन हमें पता भी नहीं चलेगा कि चीजें सामान्य हो जाएंगी और पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा जम्मू-कश्मीर को एक राज्य का दर्जा दिया जाएगा।" मैं अटल बिहार को नहीं भूल सकता।
46,000 करोड़ से अधिक लागत की कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास
जम्मू-कश्मीर के रियासी कटरा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 46,000 करोड़ रुपए से अधिक लागत की कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और लोकार्पण के कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
'देश ने दशकों से इस रेलवे लाइन का सपना संजोया था'
कटरा जनसभा में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि "आज का दिन ऐतिहासिक है। जम्मू-कश्मीर में एक और रत्न जुड़ गया है। आज पीएम मोदी ने जम्मू को श्रीनगर से जोड़ने वाली रेलवे लाइन का उद्घाटन किया है। देश ने दशकों से इस रेलवे लाइन का सपना संजोया था। इसके निर्माण में बड़ी चुनौतियां थीं, प्रकृति पर विजय पाने की कोशिश करने के बजाय, प्रकृति के साथ सामंजस्य बिठाते हुए, पुलों और सुरंगों के इस नेटवर्क के माध्यम से यह रेलवे लाइन आज एक वास्तविकता बन गई है। यह हमारे प्रधान मंत्री के दृढ़ संकल्प, कड़ी मेहनत और लेजर-शार्प फोकस के कारण संभव हुआ है।"
पीएम मोदी के वाहन की आरती की और फूल बरसाए
इससे पहले, कटरा में लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाहन की आरती की और फूल बरसाए, क्योंकि उनका काफिला शहर के एक हिस्से से गुजर रहा था।
'कटरा में कोई तभी आता है जब माता बुलाती है'
कटरा में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि, "ठीक 11 साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कटरा रेलवे स्टेशन के उद्घाटन के लिए यहां आए थे। उस समय मैंने कहा था कि कटरा में कोई तभी आता है जब माता बुलाती है...पीएम मोदी का यहां आना किसी न किसी कारण से टलता रहा। फिर चुनाव की घोषणा हुई, सरकार बदली और माता की इच्छा पूरी हुई कि पीएम मोदी प्रधानमंत्री बनें और कटरा रेलवे स्टेशन का उद्घाटन किया...शायद विधाता चाहते थे कि पीएम मोदी दोबारा प्रधानमंत्री बनें ताकि वो कश्मीर घाटी को रेलवे से जोड़ने का ऐतिहासिक काम कर सकें।"
पीएम मोदी ने दिखाई हरी झंडी
कटरा और श्रीनगर को जोड़ने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन, कटरा रेलवे स्टेशन से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हरी झंडी दिखाए जाने के तुरंत बाद चिनाब पुल को पार कर गई।
ट्रेन में सवार स्कूली बच्चों से पीएम मोदी ने की बात
जम्मू-कश्मीर के कटरा रेलवे स्टेशन से कटरा और श्रीनगर को जोड़ने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्रेन में सवार स्कूली बच्चों से बातचीत की। उन्होंने ट्रेन में मौजूद रेलवे कर्मचारियों से भी बातचीत की।
ऑपरेशन ब्लू स्टार बरसी, आज बंद रहेगा अमृतसर
6 Jun, 2025 11:29 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमृतसर। ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी के मद्देनजर दल खालसा की तरफ से शुक्रवार को अमृतसर बंद का आहवान किया गया है। जिसके चलते सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गई और शिक्षण संस्थानों ने भी इसे लेकर सावधानी के तौर पर कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। शहर में 62 नाके लगाए गए हैं। गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी ने अपने सभी कॉलेजों में 6 जून को होने वाली परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है।
गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी की तरफ से जारी आदेशों के अनुसार 6 जून को होने वाली सभी वार्षिक और समेस्टर परीक्षाओं को प्रबंधकीय कारणों के चलते स्थगित किया गया है। ये सभी थ्यूरी परीक्षाएं अब 20 जून को शुक्रवार को पहले निर्धारित समय के अनुसार परीक्षा केंद्रों में होंगी। इस संबंधित सारी जानकारी स्टूडेंट्स यूनिवर्सिटी वेबसाइट पर उपलब्ध होगी।
समलैंगिक जोड़े को लेकर मद्रास हाईकोर्ट की टिप्पणी, भले ही कानूनी मान्यता नहीं मिली...लेकिन जोड़े परिवार बना सकते
6 Jun, 2025 09:27 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चेन्नई । समलैंगिक जोड़ों को लेकर मद्रास हाईकोर्ट ने बड़ी टिप्पणी की है। मामले की सुनवाई कर कोर्ट ने कहा कि भले ही समलैंगिक विवाहों को कानूनी मान्यता नहीं मिली है लेकिन इसके बाद भी इसतरह के जोड़े परिवार बना सकते हैं। परिवार बनाने के लिए शादी करना ही एकमात्र तरीका नहीं है।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने एक केस में यह मानने से इंकार किया था कि समलैंगिक जोडों को विवाह करने का मौलिक अधिकार है।
हाईकोर्ट की यह टिप्पणी एक समलैंगिक जोड़े के बचाव में की। 25 वर्षीय लेस्बियन महिला को उसके परिवार वालों ने बंद करके रखा था। जस्टिस जीआर स्वामीनाथन और जस्टिस वी लक्ष्मीनारायणन की पीठ ने कहा कि चुने हुए परिवार की अवधारणा अब अच्छी तरह से स्थापित हो चुकी है और इस स्वीकार भी किया गया है।
इस मामले में पीड़िता की मां ने कहा कि उसकी बेटी ड्रग लेती थी। याचिकाकर्ता ने बेटी को गुमराह किया था। इस पर न्यायालय ने पीड़िता से बात कर उसकी मां के दावे को खारिज कर दिया। अदालत ने कहा, पीड़िता के ऊपर किसी भी तरह की लत का आरोप लगाना गलत होगा। लड़की ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी साथी के साथ जाना चाहती है।
न्यायालय ने जस्टिस लीला सेठ का जिक्र कर कहा कि हर कोई जस्टिस लीला नहीं हो सकता, जो अपनी संतान की यौन रुझान को समझ कर स्वीकार कर सकें। पीड़िता की मां लीला सेठ जैसी नहीं है। वह चाहती हैं कि उनकी बेटी एक सामान्य जिंदगी जिए, एक सीधी-सादी महिला की तरह शादी करें। हमने उन्हें समझाने की कोशिश की है कि लड़की बालिग है और उसे अपनी जिंदगी जीने का हक है, लेकिन हमारी कोशिश बेकार रही है। आपको बता दें कि जस्टिस लीला सेठ ने अपने बेटे के यौन रुझान को स्वीकार करते हुए स्वीकार किया था।
बेंगलुरु भगदड़ मामले में बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर समेत 8 अफसर सस्पेंड
6 Jun, 2025 08:18 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बेंगलुरु । बेंगलुरु भगदड़ मामले में सीएम सिद्धारमैया ने पुलिस को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर और डीएनए इवेंट मैनेजमेंट एजेंसी के अफसरों को अरेस्ट करने का आदेश दिया। साथ ही बेंगलुरु के पुलिस कमिश्नर समेत 8 अफसरों को सस्पेंड कर दिया।
सस्पेंड किए गए अधिकारियों में पुलिस कमिश्नर के अलावा एडिश्नल पुलिस कमिश्नर, कब्बन पार्क थाना प्रभारी, एसीपी, डीसीपी सेंट्रल डिवीजन, क्रिकेट स्टेडियम प्रभारी, स्टेशन हाउस मास्टर, स्टेशन हाउस ऑफिसर शामिल हैं।
सीएम सिद्धारमैया ने कहा है कि मामले की जांच के लिए हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज माइकल डी कुन्हा की अध्यक्षता में एक सदस्यीय जांच आयोग बनाया गया है। आयोग 30 दिनों में रिपोर्ट सौंपेगा। इस कार्यक्रम के आयोजन में जो लोग जिम्मेदार थे, उन पर भी कार्रवाई होगी। इवेंट मैनेजमेंट एजेंसी के अफसरों की गिरफ्तारी होगी।
"चारधाम यात्रा में अब तक 80 श्रद्धालुओं की मौत, आखिर क्यों नहीं साथ देती पहाड़ों में सांस?"
6 Jun, 2025 12:03 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
देहरादून
हर साल लाखों लोग पवित्र चारधाम यात्रा के लिए जाते हैं। इस बार भी यह यात्रा शुरू हो चुकी है। हालांकि इस बार की चारधाम यात्रा एक दुखद वजह से भी चर्चा में है। इस साल यात्रा के दौरान अब तक 80 लोगों की जान जा चुकी है। आखिर ऐसा क्या हो रहा है कि पहाड़ों की ऊंचाइयों पर सांसें अटक रही हैं? अगर आप भी पहाड़ पर किसी यात्रा का प्लान बना रहे हैं तो किन बातों का ख्याल रखें? आइए समझते हैं।
लाखों लोग करते हैं चारधाम यात्रा
हर साल मई से शुरू होने वाली चारधाम यात्रा (केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री) श्रद्धालुओं के लिए आस्था का सबसे बड़ा पड़ाव मानी जाती है। लेकिन इस बार यात्रा शुरू होने के बाद से ही मौत के आंकड़े डराने वाले हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस साल अब तक 80 श्रद्धालु अपनी जान गंवा चुके हैं। इनमें से ज्यादातर मौतें ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी, हार्ट अटैक और सांस लेने में तकलीफ की वजह से हुई हैं।
पहाड़ों की ऊंचाई है सांसों का दुश्मन!
चारधाम के मंदिर समुद्र तल से 3 हजार से साढ़े 3 हजार मीटर की ऊंचाई पर स्थित हैं।पहाड़ों पर जैसे-जैसे ऊंचाई बढ़ती है, हवा में ऑक्सीजन का स्तर कम होता जाता है। समुद्र तल पर हवा में ऑक्सीजन की मात्रा 21% होती है, लेकिन 3,000 मीटर की ऊंचाई पर यह स्तर काफी कम हो जाता है। इसे मेडिकल भाषा में 'हाइपोक्सिया' कहते हैं। खासकर उन लोगों के लिए, जो मैदानी इलाकों से सीधे पहाड़ों पर चढ़ जाते हैं, यह स्थिति जानलेवा साबित हो सकती है। डॉक्टरों का कहना है कि बिना तैयारी के ऊंचाई पर चढ़ने से 'एक्यूट माउंटेन सिकनेस' (AMS) का खतरा बढ़ जाता है, जिसके लक्षणों में सिरदर्द, चक्कर आना, उल्टी और सांस फूलना शामिल हैं।
किन लोगों को होता है सबसे ज्यादा खतरा?
मौत के आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे ज्यादा प्रभावित बुजुर्ग और पहले से बीमार लोग हैं। हार्ट रोग, हाई ब्लड प्रेशर, शुगर और सांस की बीमारियों से जूझ रहे श्रद्धालु इस ऊंचाई पर सबसे ज्यादा जोखिम में होते हैं। इसके अलावा, कई लोग बिना मेडिकल जांच और तैयारी के यात्रा पर निकल पड़ते हैं, जो खतरे को और बढ़ा देता है।
क्या है प्रशासन की तैयारी?
इन मौतों के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या प्रशासन इस स्थिति को संभालने के लिए तैयार है? उत्तराखंड सरकार ने यात्रा मार्गों पर मेडिकल कैंप, ऑक्सीजन सिलेंडर और आपातकालीन सेवाएं शुरू की हैं, लेकिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के सामने ये सुविधाएं नाकाफी साबित हो रही हैं। इसके अलावा, मौसम की मार भी यात्रियों के लिए मुश्किलें बढ़ा रही है। अचानक बारिश, भूस्खलन और ठंड यात्रा को और जोखिम भरा बना देती है।
ये टिप्स बचा सकते हैं जान
अगर आप भी चारधाम यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो कुछ सावधानियां आपकी जान बचा सकती हैं…
मेडिकल जांच जरूरी: यात्रा से पहले डॉक्टर से सलाह लें और अपनी सेहत की पूरी जांच कराएं।
ऊंचाई की आदत डालें: सीधे ऊंचाई पर न चढ़ें। पहले कुछ दिन कम ऊंचाई वाले इलाकों में रुकें, ताकि शरीर को ऑक्सीजन की कमी की आदत पड़ सके।
सही कपड़े और दवाएं: ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़े और जरूरी दवाएं साथ रखें।
हाइड्रेशन जरूरी: खूब पानी पिएं, ताकि शरीर में ऑक्सीजन का स्तर बना रहे।
"यह युद्ध नहीं, आतंक पर सर्जिकल वार था: पाक की गोलाबारी पर शशि थरूर का बयान"
5 Jun, 2025 10:58 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
India Pakistan conflict Shashi Tharoor 2025: भारत-पाक के बीच हालिया संघर्ष (India Pakistan conflict 2025) पर कांग्रेस के शीर्ष नेता शशि थरूर ने अमेरिका में एक कूटनीतिक मंच से बड़ा बयान (Shashi Tharoor Pakistan remarks) दिया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की ओर से की गई अंधाधुंध गोलाबारी केवल “हताशा और रणनीतिक कमजोरी का प्रमाण” है। भारत ने आतंकी ढांचों पर सटीक हमले किए, जबकि पाकिस्तान के पास भारत में ऐसा कोई लक्ष्य नहीं था-इसलिए उन्होंने नागरिकों (Civilian attacks by Pakistan) को निशाना बनाया।
भारत का फोकस आतंक के खिलाफ था
थरूर ने वाशिंगटन डीसी में काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस के एक आयोजन में बोलते हुए कहा कि भारत का फोकस आतंक के खिलाफ था, न कि पाकिस्तान के आम नागरिकों के खिलाफ। उन्होंने कहा, “भारत और पाकिस्तान के बीच यह संघर्ष असमान था-हम आतंकियों पर हमला कर रहे थे, वे हमारे निर्दोष लोगों पर।”
भारत में कोई आतंकी अड्डा नहीं है
उन्होंने अमेरिका के पूर्व राजदूत केनेथ आई. जस्टर सहित वैश्विक नीति-निर्माताओं को बताया कि पाकिस्तानी सेना की यह रणनीति साफ दिखाती है कि भारत में कोई आतंकी अड्डा नहीं है, और नागरिकों पर हमला करना मानवाधिकारों के खिलाफ है।
भारत ने पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया
थरूर ने इस बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया जो “ऑपरेशन सिंदूर” के बाद भारत की कूटनीतिक पहल का हिस्सा था। इस ऑपरेशन के तहत भारत ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया।
ड्रोन और रिमोट-टारगेटेड अटैक के नए युग की ओर ध्यान दिलाया
थरूर ने कहा, “यूक्रेन युद्ध के बाद से आधुनिक युद्ध की परिभाषा बदल चुकी है।” उन्होंने ड्रोन और रिमोट-टारगेटेड अटैक के नए युग की ओर ध्यान दिलाते हुए बताया कि दोनों देशों की सेनाओं ने इस संघर्ष के दौरान एक-दूसरे की हवाई सीमा में प्रवेश नहीं किया-सब कुछ ‘डिजिटल दूरी’ से किया गया।
पाकिस्तान की गोलाबारी को ‘गंभीर चिंता’ का विषय बताया
उन्होंने पाकिस्तान की ओर से की गई अनियंत्रित गोलाबारी को ‘गंभीर चिंता’ का विषय बताया और कहा, “भारत में कोई ऐसा संगठन नहीं है जो UN या किसी वैश्विक संस्था द्वारा आतंकवादी घोषित किया गया हो। तो पाकिस्तान किसे निशाना बना रहा है?”
भारत की नीति आतंक के खिलाफ है : थरूर
थरूर ने कहा कि भारत की नीति ‘आतंक के खिलाफ’ है, ‘पाकिस्तान के खिलाफ’ नहीं। “हमारा मकसद निर्दोषों को नुकसान पहुँचाना नहीं था-हमने दिखाया कि सटीक, नियंत्रित प्रतिक्रिया भी एक रणनीतिक संदेश दे सकती है,” उन्होंने जोर देकर कहा।
थरूर ने पाकिस्तान से पूछा, इन संगठनों को बैन क्यों नहीं करते?
थरूर ने पाकिस्तान से तीखे सवाल पूछे: “अगर आप हमले से बचना चाहते हैं, तो अपने देश में आतंक के अड्डों को खत्म क्यों नहीं करते? इन संगठनों को बैन क्यों नहीं करते? फंडिंग क्यों नहीं रोकते ?”
ऑपरेशन सिंदूर को आतंकवाद के खिलाफ एक स्पष्ट नीति बताया
उन्होंने भारत के ऑपरेशन सिंदूर को केवल एक सैन्य मिशन नहीं, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ एक स्पष्ट नीति बताया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अनुसार, यह “एक सैद्धांतिक बदलाव था—भारत अब सिर्फ प्रतिक्रिया नहीं देता, बल्कि पेशेवर और सटीक तरीके से कार्य करता है।”
भारत की कार्रवाई पहलगाम आतंकी हमले के बाद हुई (Terror camp strikes India)
गौरतलब है कि भारत की यह कार्रवाई उस भयानक आतंकी हमले के बाद हुई, जिसमें पाकिस्तान-समर्थित आतंकियों ने पहलगाम में 26 निर्दोष पर्यटकों की हत्या कर दी थी। इसके बाद भारत ने मिसाइल और ड्रोन से आतंकी और सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले किए।
हैदराबाद में बनेगा राफेल का मुख्य ढांचा: भारत में पहली बार फ्रांस के बाहर निर्माण
5 Jun, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Rafel Manufacture in India: भारत में फ्रांसीसी फाइटर जेट राफेल (Rafel) की बॉ़डी बनाई जाएगी। राफेल बनाने वाली कंपनी दसॉल्ट एविएशन (Dassault) ने टाटा ग्रुप (TATA) के साथ बड़ी डील फाइनल की है। दसॉल्ट अब टाटा ग्रुप के साथ मिलकर भारत (India) में फाइटर जेट (Fighter Jet) की बॉडी का निर्माण करेगी। दसॉल्ट एविएशन ने टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड के साथ भारत में लड़ाकू विमान राफेल की बॉडी पार्ट के निर्माण के लिए 4 प्रोडक्शन ट्रांसफर एग्रीमेंट पर साइन किए हैं। यह समझौता भारत के एयरोस्पेस विनिर्माण को मजूबत करेगा। साथ ही, ग्लोबल सप्लाई चेन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। इसे भारत में सैन्य विमान के निर्माण की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
इन हिस्सों को भारत में बनाया जाएगा
राफेल के अहम हिस्सों का निर्माण भारत में किया जाएगा। टाटा ग्रुप की कंपनी ज्वाइंट वेंचर के तहत विमान का फ्यूजलेग, जेट के पीछे का पूरा हिस्सा, सेंट्रल फ्यूजलेग और जेट के सामने का हिस्सा का निर्माण करेगी। जानकारी के अनुसार, इस प्रोडक्शन प्लांट के तहत 2028 तक राफेल जेट का पहला फ्यूजलेग असेंबली लाइन से बाहर आ जाएगा। जब फैक्ट्री पूरी तरह से बनकर तैयार हो जाएगी, तब हर महीने 2 फ्यूजलेग तैयार होंगे।
पहली बार राफेल के फ्यूजलेग का फ्रांस से बाहर होगा निर्माण
डील के बाद दसॉल्ट एविएशन के चेयरमैन और CEO एरिक ट्रैपियर ने कहा कि पहली बार राफेल के फ्यूजलेग का उत्पादन फ्रांस के बाहर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह भारत में हमारी सप्लाई चेन को मजबूत करने की दिशा में निर्णायक कदम है। दसॉल्ट के CEO ने TASL (Tata Advanced Systems limited) का शुक्रिया अदा किया है।
भारतीय एयरोस्पेस की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
TASL के मुख्य कार्यकारी अधिकारी व प्रबंध निदेशक सुकरन सिंह ने कहा कि यह साझेदारी भारतीय एयरोस्पेस कि दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि देश में संपूर्ण राफेल फ्यूजलेग का निर्माण TASL की टाटा एडवांस सिस्टम की क्षमताओं में बढ़ते हुए भरोसे और दसॉल्ट एविएशन के साथ हमारे सहोयग की ताकत को दर्शाता है। यह भारत द्वारा मजबूत एयरोस्पेस विनिर्माण ईको सिस्टम स्थापित करने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति है। इस समझौते पर हस्ताक्षर भारत की ‘मेक इन इंडिया’ और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर होने की पहल के प्रति दसॉल्ट एविएशन के मजबूत कमिटमेंट को दर्शाता है।
26 राफेल विमान खरीदने की मंजूरी
भारत और फ्रांस ने भारतीय नौसेना (India Navy) के लिए 26 राफेल विमान की खरीद के लिए एक अंतर-सरकारी समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। फ्रांस की कंपनी डसॉल्ट एविएशन द्वारा निर्मित, राफेल-मरीन एक लड़ाकू विमान है। जो समुद्री क्षेत्र में पूर्ण रूप से चलने में सक्षम है। इन विमानों की डिलीवरी साल 2030 तक पूरी हो जाएगी। इससे पहले भारतीय वायुसेना भी राफेल फाइटर जेट को अपने बेड़े में शामिल कर चुका है। भारतीय वायुसेना (Indian Airforce) के पास राफेल विमानों की दो स्क्वाड्रन हैं, जो अंबाला (हरियाणा) और हाशिमारा (पश्चिम बंगाल) में तैनात हैं।
"बेंगलुरु हादसे में 11 मौतें, विराट की टीम के खिलाफ FIR; जानें किन धाराओं में मामला दर्ज"
5 Jun, 2025 09:59 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Bengaluru stampede: बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर बुधवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की IPL 2025 जीत के जश्न के दौरान हुई भगदड़ में 11 लोगों की मौत और 33 लोग घायल हो गए थे। इस मामले में कब्बन पार्क पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई है। पुलिस स्टेशन में विराट कोहली की टीम RCB, DNA (इवेंट मैनेजर), KSCA प्रशासनिक समिति और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। वहीं FIR में धारा 105, 125 (1)(2), 132, 121/1, 190 R/w 3 (5) लगाई गई हैं।
हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से मांगी रिपोर्ट
वहीं इस मामले में कर्नाटक हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। कोर्ट ने सरकार से घटना के कारणों, सुरक्षा उपायों और अब तक उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी है। अदालत ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया और 10 जून तक विस्तृत स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।
RCB ने की 10 लाख रुपए की अनुग्रह राशि देने की घोषणा
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। इसके साथ ही, RCB ने ‘RCB Cares’ नामक एक फंड स्थापित करने की भी घोषणा की है, जो इस हादसे में घायल हुए प्रशंसकों की मदद के लिए होगा। RCB ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, “बेंगलुरु में कल हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने RCB परिवार को बहुत पीड़ा पहुंचाई है। सम्मान और एकजुटता के प्रतीक के रूप में, RCB ने मृतकों के 11 परिवारों को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है।”
सीएम ने भी किया 10 लाख रुपये देने की घोषणा
वहीं इससे पहले कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भी मृतकों के परिवारों के लिए 10 लाख रुपये की सहायता और घायलों के लिए मुफ्त इलाज की घोषणा की है।
सत्ता का समीकरण और जाति का आँकड़ा: क्यों ज़रूरी है जातीय जनगणना?
5 Jun, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Caste census india: केंद्र की मोदी सरकार (Modi Government) ने जाति जनगणना को मंजूरी दे दी है। सरकार के फैसले की जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विणी वैष्णव (Cabinet Minister Ashwini Vaishnav) ने कहा कि पूर्व में कांग्रेस (Congress) की सरकार ने जाति जनगणना (Caste Census) का विरोध किया। 1947 के बाद से जातीय जनगणना नहीं हुई। मोदी सरकार ने आगामी जनगणना में जातीय जनगणना को शामिल करने का फैसला किया है। भारत में आखिरी बार जनगणना साल 2011 में हुई थी, जबकि जाति जनगणना 1931 में ब्रिटिश शासनकाल में हुई थी।
दो फेज में कराई जाएगी जातीय जनगणना
देश में जातीय जनगणना दो फेज में कराई जाएगी। पहला चरण 1 अक्टूबर 2026 से शुरू होगा। दूसरे चरण की शुरुआत 1 मार्च 2027 से होगी। पहले चरण में चार राज्यों में जाति जनगणना कराई जाएगी। इनमें उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, लद्दाख और जम्मू-कश्मीर शामिल हैं। जातीय जनगणना के साथ-साथ जनसंख्या जनगणना भी कराने का फैसला लिया गया है। इससे जुड़ा नोटिफिकेशन 16 जून 2025 को आधिकारिक राजपत्र में पब्लिश किए जाने की उम्मीद है। जनगणना 2027 देश में पहली बार डिजिटल जनगणना होगी।
नीतीश के जातीय सर्वे से बाद उठी देश व्यापी जातीय जनगणना की मांग
साल 2022 में नीतीश कुमार (nitish kumar) ने जब बिहार में महागठबंधन का हाथ थामा था। उसके बाद उन्होंने बिहार में जातीय जनगणना कराने का फैसला लिया, लेकिन कोर्ट के दखल के बाद इसे जातीय सर्वे का नाम दे दिया गया। जातीय सर्वे को तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने सामाजिक न्याय की जीत कहा। उसके बाद से देश भर में जातीय जनगणना की मांग होने लगी।
विपक्षी पार्टियों ने की जातीय जनगणना की मांग
समाजवादी पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने भी जतीय जनगणना की मांग की। कांग्रेस भी जातीय जनगणना के समर्थन में उतर आई, जबकि एक वक्त था, जब कांग्रेस ने नारा दिया था, न जात पर-न पात पर, इंदिरा जी की बात पर, मुहर लगेगी हाथ पर। कांग्रेस नेता राहुल गांधी लोकसभा चुनाव 2024 में जमकर जातीय जनगणना को चुनावी मुद्दा बनाया। वह तब से लगातार जातीय जनगणना की बात करते रहे। वामपंथी दलों ने भी जातीय जनगणना कराने के फैसले का स्वागत किया है। सीपीआई (एम) के महासचिव एमए बेबी ने कहा कि जातिगत आर्थिक-सामाजिक सर्वेक्षण आवश्यक है।
क्यों पड़ी जातीय जनगणना की जरूरत
देश में जब मंडल आयोग लागू हुआ था, तब कहा गया था कि देश में ओबीसी (OBC) वर्ग की आबादी 52 फीसदी है। इसका आधार 1931 में ब्रिटिश शासनकाल में हुए जातीय जनगणना को माना गया था। अब बीते कुछ सालों से तर्क दिया जा रहा है कि समय के साथ-साथ जातीय जनगणना में बदलाव हुआ है। ओबीसी वर्ग की आबादी बढ़ गई है।
जातीय जनगणना के समर्थन में तर्क
जातीय जनगणना का समर्थन करने वाले लोगों का मनाना है कि इससे सरकार को विकास की योजनाओं का खाका तैयार करने में मदद मिलेगी। सरकार देश व राज्य के विकास के लिए कई तरह की नीतियां बनाती है, लेकिन इसमें जातीय जनगणना के पुख्ता प्रमाण न होने से कई बार दिक्कतें आती हैं। जातीय जनगणना हो जाने से विकास का पैमाना दुरुस्त हो जाएगा। साथ ही, जातीय जनगणना से यह साफ हो जाएगा कि कौन सी जाति आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक स्तर पर पिछड़ी हुई है। उन जातियों तक सीधा लाभ पहुंचाने के लिए सरकार नए सिरे से योजना बना सकती है। जातीय जनगणना पिछड़ी हुई जातियों को उचित जगह दिलाने में मदद करेगी।
जातीय जनगणना के विरोध में तर्क
जाति जनगणना का विरोध करने वाले लोगों का मानना है कि अगर जनगणना के आंकड़े सार्वजनिक हो जाएंगे तो जो जातियां पिछड़ी हुई पायी जाएंगी, वह राजनीतिक दलों के सीधे टारगेट पर होंगी। सभी राजनीतिक दल उस जातीय समूह को अपना वोट बैंक बनाने की कवायद में जुट जाएंगे। जिससे समावेशी विकास की अवधारणा धूमिल होगी। साथ ही, जिस जाति की संख्या कम होगी। वह अपनी संख्या बढ़ाने के होड़ में लग सकते हैं। इससे जन्म दर में बढ़ोतरी होगी। इसका सीधा असर परिवार नियोजन जैसे कार्यक्रम पर पड़ेगा। जनसंख्या को काबू में रखने की कवायद को झटका लग सकता है।
साडा अध्यक्ष पद के लिए अशोक शर्मा का नाम चर्चा में
