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21 जुलाई से शुरू होगा संसद का मानसून सत्र, अहम विधेयकों पर होगी चर्चा
4 Jun, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Parliament Monsoon Session: संसद का आगामी मानसून सत्र 21 जुलाई से शुरू होने जा रहा है, जो 12 अगस्त 2025 तक चलेगा। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को इसकी घोषणा की। यह सत्र 23 दिनों तक चलेगा, जिसमें कई महत्वपूर्ण विधेयकों और राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की उम्मीद है।
इन पर हो सकती है चर्चा
अभी तक मिली जानकारी के अनुसार, सरकार इस सत्र में बीमा संशोधन विधेयक पेश कर सकती है, जिसमें बीमा क्षेत्र में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) की सीमा को 100 प्रतिशत तक बढ़ाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा, दिल्ली उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव भी लाया जा सकता है, जिसके लिए संसदीय कार्य मंत्री सभी दलों के नेताओं से चर्चा करेंगे।
विपक्ष की मांग
विपक्ष ने इस सत्र में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और पहलगाम हमले जैसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की मांग की है। कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने सरकार से मणिपुर हिंसा, बेरोजगारी, महंगाई और रेल हादसों जैसे मुद्दों पर भी जवाब मांगा है। विपक्षी नेताओं ने इन मुद्दों पर विशेष सत्र बुलाने की मांग की थी, लेकिन रिजिजू ने स्पष्ट किया कि मानसून सत्र में नियमों के तहत सभी मुद्दों पर खुली चर्चा होगी।
आर्थिक सर्वेक्षण और बजट पर नजर
सत्र के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए जाने वाले आर्थिक सर्वेक्षण और बजट पर भी सबकी नजर रहेगी। इसके अलावा, आपदा प्रबंधन (संशोधन) विधेयक, भारतीय वायुयान विधेयक 2024, और अन्य महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा और पारित होने की संभावना है।
RCB की जीत पर मचा कोहराम: भगदड़ में मौतें, डिप्टी CM ने कहा- आंकड़ा स्पष्ट नहीं
4 Jun, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
RCB Victory Parade: बेंगलुरु में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की IPL 2025 जीत के जश्न के दौरान चिन्नास्वामी स्टेडियम के पास भगदड़ जैसी स्थिति में कम से कम 11 लोगों की मौत और 50 से अधिक लोग घायल हो गए। यह दुखद घटना तब हुई जब हजारों प्रशंसक अपनी चैंपियन टीम को देखने के लिए स्टेडियम के गेट्स पर जमा हुए थे। RCB ने पंजाब किंग्स को छह रनों से हराकर अपनी पहली IPL ट्रॉफी जीती थी, जिसके बाद शहर में उत्साह चरम पर था।
स्टेडियम के बाहर एकत्र हुए प्रशंसक
बता दें कि बुधवार को शाम को एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हुई, जहां RCB की जीत का जश्न मनाने के लिए प्रशंसक बड़ी संख्या में एकत्र हुए थे। भीड़ की भारी संख्या के कारण स्टेडियम में प्रवेश करने की कोशिश में भगदड़ हुई, जिससे 11 लोगों की मौत हो गई और 50 से अधिक लोग घायल हो गए।
स्टेडियम की दीवारों पर चढ़े प्रशंसक
एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम की दीवारों और बाड़ों पर प्रशंसक चढ़ गए। वहीं पुलिस ने लोगों से अपील की कि वे वहां से चले जाएं और ऐसी गतिविधियों में शामिल न हों। बड़ी संख्या में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के प्रशंसक अपनी चैंपियन टीम की एक झलक पाने के लिए उमड़ पड़े। बता दें कि कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ द्वारा आज यहां सभी RCB खिलाड़ियों के लिए एक विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
अस्पताल नहीं पहुंच पाई एंबुलेंस
पुलिस ने बताया कि सड़कों पर भीड़भाड़ के कारण एंबुलेंस अस्पताल नहीं पहुंच पाई। वहीं एक अलग घटना में, स्टेडियम में कूदने के लिए गेट पर चढ़ते समय एक प्रशंसक गिर गया और उसका पैर टूट गया।
डिप्टी सीएम ने टीम का किया स्वागत
इससे पहले बुधवार को आरसीबी की टीम यहां एचएएल एयरपोर्ट पर पहुंची, तो डिप्टी सीएम डी.के. शिवकुमार ने उनका व्यक्तिगत रूप से स्वागत किया। उन्होंने प्रत्येक खिलाड़ी को गुलदस्ते भेंट किए। शिवकुमार ने विशेष रूप से क्रिकेटर विराट कोहली का स्वागत किया और उन्हें आरसीबी टीम का झंडा और कन्नड़ झंडा दोनों भेंट किए। विराट कोहली ने खुशी-खुशी झंडे स्वीकार किए और डिप्टी सीएम के साथ तस्वीरें खिंचवाईं। शिवकुमार को एयरपोर्ट जाते समय अपनी कार से आरसीबी का झंडा लहराते भी देखा गया।
ओडिशा में माओवादियों के मंसूबे नाकाम, सुरक्षा बलों ने 3.6 टन विस्फोटक किया बरामद
4 Jun, 2025 07:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ओडिशा: ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले में माओवादियों द्वारा लूटे गए लगभग 4 टन विस्फोटक में से सुरक्षा बलों ने अब तक लगभग 3.6 टन विस्फोटक बरामद कर लिया है. यह जानकारी बुधवार को अधिकारियों ने दी. गत 27 मई को माओवादियों ने के. बालंग इलाके में बांको पत्थर खदान से विस्फोटक ले जा रहे एक ट्रक को लूट लिया था, जिसमें अधिकतर जिलेटिन था. इस घटना के बाद ओडिशा पुलिस ने सीआरपीएफ, झारखंड जगुआर, विशेष अभियान समूह (एसओजी) और कोबरा इकाई के साथ मिलकर झारखंड के सारंडा जंगल में एक संयुक्त अभियान चलाया.
घने जंगल में छिपाकर रखा गया था विस्फोटक
डीआईजी (पश्चिमी रेंज) बृजेश राय ने बताया कि मंगलवार रात अभियान के दौरान सुरक्षा कर्मियों ने 1,000 किलोग्राम विस्फोटक बरामद किया. इससे पहले सोमवार को भी लगभग 2.5 टन विस्फोटक बरामद किया गया था. एक अन्य अधिकारी ने बताया कि इससे पहले लगभग 157 किलोग्राम विस्फोटक बरामद किया गया था. उन्होंने यह भी बताया कि विस्फोटक घने जंगल में छिपाकर रखा गया था. राय ने बताया, "झारखंड से सटे घने जंगल में तलाशी अभियान जारी है." इस बीच, ओडिशा पुलिस की एसआईटी ने मंगलवार को विस्फोटक गोदाम के मालिक श्रवण अग्रवाल और ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया है.
देश में जनगणना की तैयारी पूरी: तय हुई तारीख, पहली बार होगी जातियों की गिनती
4 Jun, 2025 07:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Census: देश में जनगणना कब से शुरू होगी, इसकी तारीख सामने आ गई है। 1 मार्च 2027 से जनगणना शुरू होगी और यह दो चरणों में पूरी होगी। इस बार जनगणना में जातियों की भी गणना होगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पहाड़ी राज्यों जैसे- जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में अक्टूबर 2026 में इसकी शुरुआत हो जाएगी।
केंद्र सरकार दो फेज में जातीय जनगणना कराएगी। गृह मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि पहले फेज की शुरुआत 1 अक्टूबर 2026 से होगी। इसमें 4 पहाड़ी राज्य- हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख शामिल हैं।
1 मार्च 2027 से दूसरा फेज शुरू होगा। इसमें देश के बाकी राज्यों में जनगणना शुरू होगी। गृह मंत्रालय ने अपने प्रेस रिलीज में बताया कि जातियों की गणना के साथ-साथ जनसंख्या जनगणना भी कराने का फैसला लिया गया है। इससे जुड़ा नोटिफिकेशन 16 जून 2025 तक आधिकारिक राजपत्र में पब्लिश किया जाएगा।
केंद्र ने 30 अप्रैल 2025 को जातीय जनगणना कराने का ऐलान किया था। देश में आजादी के बाद यह पहली जातीय जनगणना होगी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा था कि जातीय जनगणना को मूल जनगणना के साथ ही कराया जाएगा।
कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दल जाति जनगणना कराने की मांग करते रहे हैं। देश में पिछली जनगणना 2011 में हुई थी। इसे हर 10 साल में किया जाता है। इस हिसाब से 2021 में अगली जनगणना होनी थी, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण इसे टाल दिया गया था।
2011 में सामाजिक-आर्थिक गणना हुई, आंकड़े जारी नहीं मनमोहन सिंह सरकार के दौरान 2011 में सामाजिक-आर्थिक और जातिगत जनगणना करवाई गई थी। इसे ग्रामीण विकास मंत्रालय, शहरी विकास मंत्रालय और गृह मंत्रालय ने करवाया था। हालांकि इस सर्वेक्षण के आंकड़े कभी भी सार्वजनिक नहीं किए गए। ग्रामीण विकास मंत्रालय की वेबसाइट पर इसके SC-ST हाउसहोल्ड के आंकड़े ही जारी किए गए हैं।
जनगणना एक्ट 1948 में SC-ST की गणना का प्रावधान है। ओबीसी की गणना के लिए इसमें संशोधन करना होगा। इससे ओबीसी की 2,650 जातियों के आंकड़े सामने आएंगे। 2011 की जनगणना के अनुसार, 1,270 SC, 748 एसटी जातियां हैं। 2011 में SC आबादी 16.6% और एसटी 8.6% थी।
सेना पर बयान को लेकर राहुल गांधी की याचिका खारिज, इलाहाबाद हाई कोर्ट से नहीं मिली राहत
4 Jun, 2025 06:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ: इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने भारतीय सेना पर कथित अपमानजनक टिप्पणी को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी को फटकार लगाई. एकल न्यायाधीश की पीठ ने कहा कि यद्यपि “संविधान का अनुच्छेद 19(1)(ए) भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की गारंटी देता है,” फिर भी यह उचित प्रतिबंधों के अधीन है. अदालत ने आगे कहा कि अनुच्छेद 19 (1) (ए) उन बयानों पर लागू नहीं होता जो “भारतीय सेना के लिए अपमानजनक” हैं. जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की सिंगल बेंच ने यह आदेश दिया.
उच्च न्यायालय ने 2022 की भारत जोड़ो यात्रा के दौरान भारतीय सेना के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी के संबंध में लखनऊ की एक अदालत द्वारा जारी समन आदेश के खिलाफ विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा दायर याचिका को खारिज करते हुए यह टिप्पणी की. राहुल गांधी लखनऊ कोर्ट में पेश न होने पर कोर्ट के समक्ष निवेदन के साथ एप्लीकेशन सबमिट की गई, जिसमें राहुल गांधी के विरुद्ध वारंट जारी करके उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने की बात कही गई. कोर्ट द्वारा राहुल गांधी को पांचवा मौका देते हुए 23 जून 2025 को बतौर अभियुक्त हाजिर होने के लिए आदेश दिया गया है जिसमें अब मामले की अगली सुनवाई 23 जून को होगी.
राहुल गांधी की याचिका को किया खारिज
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आलोक वर्मा ने गांधी को उनके खिलाफ दायर मानहानि मामले में 24 मार्च को सुनवाई के लिए उपस्थित होने का निर्देश दिया था. इसे चुनौती देते हुए राहुल ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था.यह शिकायत वकील विवेक तिवारी ने उदय शंकर श्रीवास्तव की ओर से दायर की थी. उदय शंकर श्रीवास्तव सीमा सड़क संगठन के पूर्व निदेशक हैं और उनका पद सेना के कर्नल के समकक्ष है. मजिस्ट्रेट के आदेश के खिलाफ राहुल गांधी की याचिका को खारिज करते हुए उच्च न्यायालय ने कहा कि सीआरपीसी की धारा 199(1) के तहत, कोई व्यक्ति जो किसी अपराध का प्रत्यक्ष शिकार नहीं है, उसे भी “पीड़ित व्यक्ति” माना जा सकता है, यदि अपराध ने उसे नुकसान पहुंचाया है या प्रतिकूल रूप से प्रभावित किया है.
सेना पर बयान के मामले में नहीं मिली राहत
न्यायालय ने पाया कि मामले में शिकायतकर्ता, सीमा सड़क संगठन के सेवानिवृत्त निदेशक, जो कर्नल के समकक्ष रैंक के हैं, ने भारतीय सेना के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी. यह देखते हुए कि शिकायतकर्ता ने सेना के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त किया है और टिप्पणियों से वह व्यक्तिगत रूप से आहत हुआ है, अदालत ने कहा कि वह सीआरपीसी की धारा 199 के तहत पीड़ित व्यक्ति के रूप में योग्य है और इसलिए वह शिकायत दर्ज करने का हकदार है. इसके आलोक में, न्यायालय ने टिप्पणी की कि इस प्रारंभिक चरण में समन आदेश की वैधता का आकलन करते समय, प्रतिस्पर्धी दावों की योग्यता की जांच करना आवश्यक नहीं है, क्योंकि यह जिम्मेदारी ट्रायल कोर्ट की है. तदनुसार, न्यायालय ने याचिका खारिज कर दी.
केंद्रीय मंत्री रिजिजू: मानसून सत्र की तारीख तय, 21 जुलाई से शुरू होकर 12 अगस्त तक चलेगा सत्र
4 Jun, 2025 03:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दिल्ली: संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से शुरू होगा. केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को इस बात का ऐलान किया है. उन्होंने बताया कि मानसून सत्र 21 जुलाई से शुरू हो कर 12 अगस्त तक चलेगा. जानकारी के मुताबिक, ऑपरेशन सिंदूर पर भी सरकार नियमों के तहत चर्चा करने को तैयार हो गई है. तीन महीने से ज्यादा के ब्रेक के बाद संसद के दोनों सदन 21 जुलाई को सुबह 11 बजे बुलाए जाने वाले हैं. इससे पहले संसद का बजट सत्र इस साल 31 जनवरी को शुरू हुआ था. लोकसभा और राज्यसभा दोनों को 4 अप्रैल को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया था, जिससे 2025 का पहला संसद सत्र समाप्त हो गया था.
ऑपरेशन सिंदूर पर होगी चर्चा
रिजिजू ने बताया कि सत्र के दौरान ऑपरेशन सिन्दूर पर चर्चा होगी. केंद्रीय मंत्री ने कहा, हर सत्र खास होता है और हम ऑपरेशन सिन्दूर सहित सभी मुद्दों पर चर्चा करेंगे. उन्होंने आगे कहा, सरकार चाहती है कि सभी को साथ लिया जाए – हमने विपक्ष से संपर्क किया है और उम्मीद है कि हर कोई एकजुट रुख अपनाएगा. रिजिजू ने कहा, नियमों के तहत, सभी मुद्दों पर मानसून सत्र के दौरान चर्चा होगी.
ऑपरेशन सिंदूर पर नहीं होगा विशेष सत्र
जहां एक तरफ विपक्ष लगातार सरकार से ऑपरेशन सिंदूर को लेकर विशेष सत्र बुलाने की मांग कर रही थी. 16 दलों ने पीएम मोदी को मंगलवार को पत्र लिखे थे. वहीं, दूसरी तरफ सरकार ने इसी बीच मानसून सत्र की तारीख का ऐलान कर दिया है. इसी के साथ यह भी बता दिया गया है कि विपक्ष की लगातार मांग के बाद भी ऑपरेशन सिंदूर पर विशेष सत्र नहीं होगा. विपक्ष लगातार ऑपरेशन सिंदूर, सीजफायर और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से किए जा रहे दावों को लेकर स्पेशल सत्र बुलाने की मांग की जा रही थी और विपक्ष लगातार सरकार से सवाल पूछ रहा था. हालांकि, अब मानसून सत्र की तारीख का ऐलान कर दिया गया है.
बुधवार को इंडिया गठबंधन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. इस दौरान संसद का स्पेशल सत्र बुलाने की मांग की जा रही थी. दीपेंद्र हुड्डा ने कहा था, पहलगाम हमला, ऑपरेशन सिंदूर, सेना के शौर्य नमन के लिए, राष्ट्रपति ट्रंप की बयानबाजी पर उठ रहे सवालों को लेकर हमने संसद के विशेष सत्र की मांग की है. दुनिया को जानकारी दी जा रही है तो संसद को क्यों नहीं? इसी को लेकर रामगोपाल यादव ने भी कहा था, हमारी कूटनीति कैसी रही? कितने देश हमारे साथ आए? संजय राउत ने भी इस दौरान सवाल पूछा था कि राष्ट्रपति ट्रंप के कहने पर युद्ध विराम हो सकता है, तो देश के विपक्ष के कहने पर संसद का विशेष सत्र नहीं बुला सकते.
पाकिस्तान पर होगी चर्चा
जानकारी के मुताबिक मानसून सत्र में पाकिस्तान पर चर्चा हो सकती है. इस समय पाकिस्तान को लेकर विपक्ष भी सरकार से कई सवाल पूछेगा और सदन में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भी सवाल पूछे जाने का अनुमान है. इसी के साथ सत्र, जो 23 दिनों तक चलेगा इस में प्रमुख विधेयकों की शुरूआत, उन पर चर्चा, राष्ट्रीय सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और ऑपरेशन सिन्दूर जैसे हालिया राष्ट्रीय विकास पर चर्चा होने की उम्मीद है.
महाभियोग की कार्रवाई भी होगी पूरी
संसद के मॉनसून सत्र के दौरान ही जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग की कार्रवाई भी पूरी हो जाएगी. महाभियोग का प्रस्ताव सत्र के पहले हफ्ते में ही लाने की तैयारी है. जब सरकार की तरफ से विपक्षी दलों से महाभियोग को लेकर बात की जा रही है तो विपक्ष के नेता जस्टिस यादव के महाभियोग को लेकर जो विपक्ष की तरफ से प्रस्ताव दिया गया उस पर भी सवाल पूछ रहे हैं, जिसपर सरकार की तरफ से कहा जा रहा है कि ये राज्यसभा के सभापति के पास लंबित है, वो इसपर फैसला करेंगे.
CJI गवई ने उठाए न्यायिक नियुक्तियों में सरकारी दखल पर सवाल, नेहरू सरकार के जमाने में हुई थी मनमानी
4 Jun, 2025 03:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दिल्ली: भारत के मुख्य जज बीआर गवई ने जजों की नियुक्ति को लेकर अहम टिप्पणी की है. उन्होंने कहा है कि सरकार ने भारत के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति करते समय दो बार सबसे वरिष्ठ न्यायाधीशों को नजर अंदाज किया, उस समय न्यायाधीशों की नियुक्ति में अंतिम निर्णय सरकार का ही था. मुख्य न्यायाधीश ब्रिटेन के सुप्रीम कोर्ट द्वारा आयोजित एक गोलमेज सम्मेलन में 'न्यायिक वैधता और सार्वजनिक विश्वास बनाए रखना के' विषय पर ये बातें कही हैं.
जजों की नियुक्ति में किसका होता है फैसला-CJI
इस गोलमेज सम्मेलन में इंग्लैंड और वेल्स की लेडी चीफ जस्टिस बैरोनेस कैर और यूके के सुप्रीम कोर्ट के जज जॉर्ज लेगट भी शामिल हुए. मुख्य न्यायाधीश ने कहा, 'भारत में, विवाद का एक मुख्य मुद्दा यह रहा है कि न्यायिक नियुक्तियों में प्राथमिकता किसकी है. 1993 तक, सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में जजों की नियुक्ति में अंतिम निर्णय कार्यपालिका का होता था. इस अवधि के दौरान, भारत के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति में कार्यपालिका ने दो बार जजों के फैसले को अनदेखा किया, जो स्थापित परंपरा के विरुद्ध था.'
नेहरू सरकार पर CJI ने की खुलकर बात
CJI पद के लिए जिन दो जजों को दरकिनार किया गया है, वे हैं जस्टिस सैयद जाफर इमाम और जस्टिस हंस राज खन्ना. जस्टिस इमाम को 1964 में शीर्ष पद पर पद नहीं सौंपा जा सका था क्योंकि वे स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से पीड़ित थे और तत्कालीन जवाहरलाल नेहरू सरकार ने जस्टिस पीबी गजेंद्रगढ़कर को यह पद सौंपा था.
'कमजोर हुई न्यायपालिका की स्वतंत्रता'
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 2015 में राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग अधिनियम को रद कर दिया था. उन्होंने कहा कि इस अधिनियम ने न्यायिक नियुक्तियों में कार्यपालिका को प्राथमिकता देकर न्यायपालिका की स्वतंत्रता को कमजोर किया है. 'कॉलेजियम प्रणाली की आलोचना हो सकती है, लेकिन कोई भी समाधान न्यायिक स्वतंत्रता की कीमत पर नहीं आना चाहिए.
जजों के रिटायरमेंट पर क्या बोले CJI?
मुख्य न्यायाधीश गवई ने कहा कि किसी न्यायाधीश द्वारा सरकारी पद ग्रहण करना, या त्यागपत्र देकर चुनाव लड़ना नैतिक चिंताएं पैदा करता है. भारत में जजों के लिए एक निश्चित रिटायरमेंट उम्र होती है. यदि कोई जज रिटायरमेंट के तुरंत बाद सरकार के साथ कोई अन्य नियुक्ति लेता है, या चुनाव लड़ने के लिए पीठ से इस्तीफा देता है, तो यह महत्वपूर्ण नैतिक चिंताएं पैदा करता है और सार्वजनिक जांच को आमंत्रित करता है.
देश में कोरोना का खतरा बरकरार, 24 घंटे में 276 नए केस, 7 की मौत
4 Jun, 2025 12:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दिल्ली: देश में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. पिछले 24 घंटों में कोविड-19 के मामलों में बड़ा उछाल देखने को मिला है, जिसके साथ ही देशभर में सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर 4,302 हो गई और सात नई मौतें दर्ज की गईं. स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से बुधवार सुबह ताजा आंकड़े जारी किए हैं. वहीं, कोरोना के बढ़े मामले को लेकर स्वास्थ्य अधिकारियों को अलर्ट कर दिया है. कोरोना की संख्या में खासतौर पर दिल्ली, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में तेजी से बढ़ोतरी देखी गई है. पिछले 24 घंटों में सक्रिय कोविड-19 मामले 276 बढ़कर 4,302 हो गए हैं. हालांकि 3281 मरीज ठीक भी हो गए हैं, जिन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है. इस बीच कोरोना से संक्रमित सात लोगों की मौत हो गई है.
कहां-कितने केस हैं एक्टिव
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार, पिछले 24 घंटों में पश्चिम बंगाल में 60 नए मामले सामने आए हैं, जबकि उत्तर प्रदेश और दिल्ली में क्रमश 63 और 64 संक्रमण के मामले मिले हैं. एक दिन पहले कोविड-19 के 65 नए मामलों के साथ एक्टिव केस की संख्या 4,026 तक पहुंच गई थी. इसी अवधि में दिल्ली में 47 नए मामले दर्ज किए गए और केरल में 35 नए मामले सामने आए. इस समय दिल्ली में 457, गुजरात में 461, कर्नाटक में 324, केरल में 1373, महाराष्ट्र में 510, तमिलनाडु में 216, उत्तर प्रदेश में 201 और पश्चि बंगाल में 432 मामले एक्टिव हैं.
स्वास्थ्य अधिकारी स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं, हालांकि अस्पताल में भर्ती होने की दर कम बनी हुई है. इस बीच कर्नाटक के कालाबुरागी में गुलबर्गा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज ने कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए एहतियाती उपाय के रूप में 25-बेड वाला कोविड-19 वार्ड स्थापित किया है.
लैब तैयार है, लगातार कर रहे कोरोना का टेस्ट
कलबुर्गी के GIMS अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक ने कहा, ‘राज्य सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग और चिकित्सा शिक्षा विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, हम 25 बेड के सेट के साथ पूरी तरह से तैयार हैं. जिनमें से पांच बेड वेंटिलेटर के साथ आईसीयू में हैं, पांच उच्च निर्भरता वाली इकाइयां हैं, पांच गर्भवती महिलाओं और प्रसूति सेवाओं की आवश्यकता वाले रोगियों के लिए हैं और शेष दस सामान्य बेड हैं.
हमारे पास एक लेबर रूम और एक अटैच ऑपरेशन थियेटर है. हमारे पास पर्याप्त ऑक्सीजन है और हमने पर्याप्त मानव संसाधन तैनात किए हैं. हमारी लैब पूरी तरह से रेडी है और किसी भी संख्या में सैंपल लेने के लिए तैयार हैं. स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के माध्यम से राज्य सरकार जरूरी किट भेज रही है और हम COVID-19 का पता लगाने के लिए टेस्ट कर रहे हैं.’
पंजाब में एक और पाक जासूस गिरफ्तार, यूट्यूब चैनल से फैलाता था सूचना
4 Jun, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब: ऑपरेशन सिंदूर के बाद से ही भारत में पाकिस्तान के आतंकवाद को लेकर भारत और भी अलर्ट हो गया है. इसी के साथ भारत में रह कर पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले लोगों पर एक्शन लिया जा रहा है. पंजाब पुलिस ने अब रूपनगर से जसबीर सिंह नाम के एक यूट्यूबर को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया है.
जसबीर सिंह “जान महल” के नाम का एक यूट्यूब चैनल चलाता है. इसी के साथ यह भी सामने आया है कि जसबीर सिंह का हरियाणा से गिरफ्तार यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा के साथ भी संपर्क था. जानकारी के मुताबिक, जसबीर सिंह पाकिस्तान खुफिया एजेंसी इंटेलिजेंस ऑफिसर शाकिर के संपर्क में भी था. वो तीन बार (2020, 2021, 2024) पाकिस्तान जा चुका है. उसके इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज भी खंगाले गए हैं. उसके मोबाइल से पाकिस्तान के कई नंबर मिले हैं.
PAK नेशनल डे कार्यक्रम में शिरकत
जसबीर सिंह ने भी पाकिस्तान एंबेसी के कर्मचारी दानिश के निमंत्रण पर पाकिस्तान नेशनल डे के कार्यक्रम में शिरकत की थी जो दिल्ली पाकिस्तानी एंबेसी में हुआ था. पंजाब के डीजीपी ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, तेजी से कार्रवाई करते हुए, स्टेट स्पेशल ऑपरेशंस सेल मोहाली ने गांव महलां, रूपनगर के निवासी जसबीर सिंह से जुड़े एक जासूसी नेटवर्क का खुलासा किया है.
पुलिस ने दी जानकारी
पोस्ट में आगे जानकारी दी गई है कि जसबीर सिंह, “जान महल” नामक यूट्यूब चैनल चलाता है. साथ ही उसका संपर्क पीआईओ शाकिर उर्फ जट्ट रंधावा के साथ जुड़ा हुआ पाया गया है, जो आतंक समर्थित जासूसी नेटवर्क का हिस्सा है. पोस्ट में आगे कहा गया, ज्योति मल्होत्रा की गिरफ्तारी के बाद, जसबीर ने खुद को बचाने के लिए इन पीआईओ के साथ अपने बातचीत के सभी सबूत मिटाने की कोशिश की. हालांकि अब जसबीर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है. इस मामले में अब जांच की जा रही है
तरनतारन से गगनदीप और जैसलमेर से शकूर खान गिरफ्तार
इससे पहले भारत में रह कर पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले और भी लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. मंगलवार को पंजाब के तरनतारन इलाके से पंजाब पुलिस और काउंटर इंटेलीजेंस ने गगनदीप सिंह उर्फ गगन को गिरफ्तार किया है. इसी के साथ मंगलवार को ही पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले आरोपी शकूर खान को भी गिरफ्तार किया गया था. आरोपी राजस्थान के जैसलमेर का रहने वाला है. इससे पहले पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में हरियाणा और पंजाब पुलिस ने हिसार की ट्रैवल व्लॉगर और यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा और कैथल के मस्तगढ़ गांव के देवेंद्र सिंह (25) को गिरफ्तार किया था.
मानसून की सुस्त रफ्तार ने बढ़ाई टेंशन, इस दिन से दोबारा बरसेगा पानी
4 Jun, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Monsoon 2025: देश में मानसून की धीमी पड़ी रफ्तार 11 जून के आसपास फिर से जोर पकड़ेगा। भारतीय मौसम विभाग (आइएमडी) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में एक नया मौसम तंत्र बनने की संभावना है, जिससे मानसून दोबारा सक्रिय होगा और देश के शेष हिस्सों में आगे बढ़ेगा। इस वर्ष मानसून ने 24 मई को केरल में समय से पहले दस्तक दी। यह पिछले 16 वर्षों में सबसे जल्द शुरुआत रही। लेकिन, शुरुआती उत्साह के बाद मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई।
तपाए बिना बीत गया नौतपा
इस बार मौसम की पहेली ने लोगों को हैरान कर रखा है। 25 मई से दो जून तक नौतपा बिना तपाए ही बीत गया तो समय से पहले आया मानसून ठिठक गया। हालांकि मौसम विभाग ने पूरे मौसम में सामान्य से 105 फीसदी अधिक वर्षा का अनुमान जताया गया है, जिससे खरीफ फसलों की बुआई को समय रहते गति मिल सकती है।
मानसून की रुकावट से किसान परेशान
देश के लगभग 50 फीसदी कृषिभूमि अब भी वर्षा पर निर्भर है। ऐसे में मानसून की शुरुआत ने किसानों में उत्साह जगाया था, लेकिन रुकावट ने निराशा भी बढ़ाई है। महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात और तेलंगाना जैसे राज्यों में सोयाबीन, कपास, मक्का, धान और गन्ने की बुआई प्रभावित हो रही है। किसान अब बुआई रोककर वर्षा का इंतजार कर रहे हैं ताकि पर्याप्त मिट्टी की नमी मिल सके। देश की लगभग चार ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा मानसून, भारत को खेतों की सिंचाई और जलाशयों को भरने के लिए आवश्यक लगभग 70 फीसदी वर्षा प्रदान करता है।
छत्तीसगढ़ः 30 साल में सबसे ठंडा गुजरा नौतपा
-छत्तीसगढ़ में पिछले 30 साल में नौतपा सबसे ठंडा गुजरा है। नौतपा में औसतन अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री रहा है। इस बार यह 35 डिग्री तक लुढ़क गया।
-नौतपा 25 मई से 2 जून तक रहा। इन नौ दिनों में भीषण गर्मी गायब रही। सामान्यत: नाैतपा में लू चलने का ट्रेंड रहा है। नौतपा तो तपा ही नहीं, मई महीना भी ठंडा गुजर गया।
-पिछले 10 सालों में पिछले साल 30 मई को अधिकतम तापमान 46.8 डिग्री पर पहुंच गया था। इस साल 13 मई को पारा 41.8 डिग्री पर पहुंचा था। इसके बाद पारा चढ़ने के बजाय उतरता रहा।
-बंगाल की खाड़ी में सिस्टम कमजोर होने से मानसून दंतेवाड़ा के आसपास से आगे नहीं बढ़ा है। पिछले दो दिनों में दंतेवाड़ा में बारिश भी नहीं हुई है।
मोदी ने उत्तर-पूर्वी राज्यों के सीेएम से की बातः
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारी बारिश का कहर झेल रहे उत्तर-पूर्वी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और राज्यपाल से बात की। उन्होंने बारिश का कहर झेल रहे उत्तर-पूर्वी राज्यों को हर संभव मदद का भरोसा जताया। पिछले कुछ दिनों से बारी बारिश और भू-स्खलन से जान गवाने वालों की संख्या 36 पहुंच गई है और करीब छह लाख लोग इससे प्रभावित हैं।
पीएम मोदी को जी7 का न्योता नहीं मिलने से उठे सवाल, क्या भारत-कनाडा संबंध हो गए खत्म
4 Jun, 2025 10:07 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। इस साल कनाडा में 15-17 जून को होने वाले जी7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को न्योता नहीं भेजा गया है। इससे भारत-कनाडा के संबंधों में जारी तनाव एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। यदि ऐसा ही रहा तो यह पहला मौका होगा जब पीएम मोदी 6 साल में पहली बार जी7 सम्मेलन में शामिल नहीं होंगे, जबकि वह 2019 से लगातार इसमें भाग लेते आए हैं।
गौरतलब है कि सितंबर 2023 में कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने आरोप लगाया था कि खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत की भूमिका है। निज्जर की जून 2023 में कनाडा के सरे शहर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। भारत ने इन आरोपों को बेतुका और निराधार बताया। इसके बाद दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों में तीखा टकराव हुआ, और एक-दूसरे के राजनयिकों को निष्कासित किया गया।
कनाडा में सरकार बदली, पर हालात नहीं
अप्रैल 2025 में कनाडा में चुनाव हुए और मार्क कार्नी की सरकार बनी। इससे संबंधों में सुधार की कुछ उम्मीदें जगी थीं। विदेश मंत्री अनीता आनंद और एस. जयशंकर के बीच फोन पर बातचीत भी हुई, लेकिन व्यावहारिक स्तर पर रिश्ते पटरी पर लौटते नहीं दिख रहे हैं।
खालिस्तान मुद्दा बना सबसे बड़ा अवरोधक
भारत की प्रमुख चिंता है कनाडा में सक्रिय खालिस्तानी तत्व और उनका खुलेआम समर्थन। रिपोर्ट्स के अनुसार, कनाडा की नई सरकार पर खालिस्तान समर्थकों ने दबाव डाला कि पीएम मोदी को जी7 सम्मेलन के लिए निमंत्रण न भेजा जाए। यह वही मुद्दा है जो भारत की किसी भी उच्च स्तरीय बातचीत या यात्रा को अवरुद्ध करता है।
सीएम रेखा का बड़ा कदम: 1 नवंबर से लागू होगा नया नियम, 2300 ई-ऑटो की एंट्री
3 Jun, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
CM Rekha Gupta: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को राजधानी में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए ‘एयर पॉल्यूशन मिटिगेशन प्लान 2025’ का शुभारंभ किया। इस योजना के तहत दिल्ली मेट्रो स्टेशनों पर 2,300 इलेक्ट्रिक ऑटो लगाए जाएंगे, जबकि सबसे अधिक प्रदूषित 13 क्षेत्रों में ‘मिस्ट स्प्रेयर’ की तैनाती की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ और स्वस्थ दिल्ली उनकी सरकार का सपना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वायु प्रदूषण से सीधे तौर पर नागरिकों के स्वास्थ्य पर असर पड़ता है। योजना के अनुसार, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) केंद्रों का हर छह महीने में ऑडिट किया जाएगा ताकि भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई जा सके।
पेड़ लगाने पर फोकस, 70 लाख पौधों का लक्ष्य
रेखा गुप्ता ने बताया कि इस वर्ष ‘शुद्ध हवा सबका अधिकार – प्रदूषण पर जोरदार प्रहार’ अभियान के तहत 70 लाख पौधे लगाए जाएंगे। इसमें ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसी पहल को शामिल किया गया है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुरू किया था। इस अभियान के जरिए माताओं को सम्मान देने के साथ पर्यावरणीय जिम्मेदारी को भी जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि यह योजना दिल्ली को स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
दिल्ली में 1 नवंबर से केवल ईंधन मानकों वाली गाड़ियां ही प्रवेश करेंगी
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि यातायात जाम से निपटने के लिए ‘स्मार्ट इंटेलिजेंट ट्रैफिक सिस्टम’ लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आगामी 1 नवंबर से दिल्ली में केवल बीएस-6, सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों को ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। वहीं, जिन निर्माण स्थलों का क्षेत्रफल 500 वर्ग मीटर से अधिक है, उन्हें दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) के पोर्टल पर अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होगा।
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा “एयर पॉल्यूशन को खत्म करने के लिए हमारे पास जितने भी साइंस आर्गेनाइजेशंस हैं। हम उनके साथ एमओयू करेंगे। जो अपने लेटेस्ट इनोवेशन आइडियाज दिल्ली सरकार के साथ साझा करके प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई लड़ने में मदद करेंगे। हमने कानपुर आईआईटी के साथ एक समझौता किया है। इसके तहत बहुत जल्द दिल्ली में कृत्रिम बारिश की जाएगी। ऐसे ही प्रदूषण से लड़ने से के लिए हम युवाओं के साथ मिलकर अभियान चलाएंगे। पहले की सरकारों में दिल्ली सरकार के लेवल पर कम काम होता था, लेकिन कहीं एमसीडी के लेवल पर तो कहीं एमसी के लेवल पर स्मॉग गन और वाटर स्प्रिंकलर्स चलते दिखाई देते थे। वो भी तब जब सर्दी का सीजन पीक पर होता था।”
सीएम रेखा गुप्ता ने आगे कहा “दिल्ली में प्रदूषण का कोई समय नहीं है। ये साल के 12 महीने दिल्ली में मौजूद रहता है। इसलिए हमने दिल्ली में मॉनसून का समय छोड़कर हम साल भर एक हजार वाटर स्प्रिंकलर्स और 140 स्मॉग गन पूरे दिल्ली में तैनात रहेंगे। यह हर वार्ड हर विधानसभा में लगाए जाएंगे। ताकि किसी भी प्रकार का वायु प्रदूषण कंट्रोल किया जाए। इसी प्रकार 70 नई रोड क्लीनर मशीनें हम ले रहे हैं। इसमें 30 वाटर टैंकर भी साथ रहेंगे। दिल्ली सरकार ने इसे मंजूरी दे दी है। इसके अलावा हमने डस्ट पॉल्यूशन कंट्रोल करने के लिए हमने दिल्ली में 13 हॉट स्पॉट बनाए हैं। यहां बड़े-बड़े पोल्स पर मिस्ड स्पेयर लगाएंगे। हाईराइज बिल्डिंग्स पर एंट्री स्मॉग लगाना जरूरी है।”
कटरा से कश्मीर तक चलेगी वंदे भारत ट्रेन, पीएम मोदी दिखाएंगे हरी झंडी
3 Jun, 2025 05:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जम्मू: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 जून को कटरा से कश्मीर के लिए पहली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रेल सेवा का उद्घाटन करेंगे. उसके बाद कटरा के खेल स्टेडियम में एक रैली को संबोधित करेंगे. इससे पहले वह रियासी जिले में विशाल चिनाब नदी पर बने दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे पुल चिनाब ब्रिज राष्ट्र को समर्पित करेंगे. दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे ब्रिज, चिनाब ब्रिज, जम्मू कश्मीर में शान से खड़ा है. उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेलवे लिंक (USBRL) का हिस्सा है.
नए भारत की ताकत
पीएमओ में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने एक्स पर पोस्ट में लिखा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 जून, 2025 को चिनाब ब्रिज का उद्घाटन करेंगे.... नए भारत की ताकत और दूरदर्शिता का गौरवशाली प्रतीक!" बता दें कि, खराब मौसम के कारण 19 अप्रैल को चिनाब ब्रिज का उद्घाटन नहीं हो पाया था. अब 6 जून को प्रधानमंत्री मोदी जम्मू-कश्मीर में होंगे और घाटी के लोगों को बाहरी दुनिया के लिए सीधी ट्रेन सेवा के रूप में ईद का तोहफा देंगे.
पीएम मोदी के दौरे को लेकर तैयारियां शुरू
प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए चिनाब ब्रिज, श्री माता वैष्णो देवी रेलवे स्टेशन कटरा और खेल स्टेडियम कटरा को नए रूप में तैयार किया जा रहा है. प्रधानमंत्री की सुरक्षा आज शाम कटरा शहर पहुंचेगी और रियासी जिले के बक्कल और कौरी गांवों के बीच स्थित श्री माता वैष्णो देवी रेलवे स्टेशन कटरा, खेल स्टेडियम और चिनाब नदी पर बने दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे पुल को अपने नियंत्रण में लेगी.
कश्मीर के लिए एक ऐतिहासिक क्षण
कश्मीर घाटी के लोगों के लिए यह ऐतिहासिक क्षण होगा जब कटरा से कश्मीर के लिए सीधी सेवा शुरू होगी. एक अधिकारी ने बताया, "प्रधानमंत्री चेनाब ब्रिज जाने से पहले उधमपुर में उतरेंगे और उसके बाद कटरा रेलवे स्टेशन से श्रीनगर की ओर जाने वाली वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे. उसके बाद मोदी कटरा के खेल स्टेडियम में एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे, जहां मेगा रैली आयोजित करने की तैयारियां की जा रही हैं. इस संबंध में अंतिम बैठक आयोजित की जाएगी, ताकि पीएम मोदी की जम्मू कश्मीर यात्रा को अंतिम रूप दिया जा सके. अधिकारी ने बताया कि, कश्मीर के लिए ट्रेन के उद्घाटन से घाटी में कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा. खासकर आगामी वार्षिक अमरनाथ यात्रा के लिए, जो जुलाई के पहले सप्ताह में शुरू होगी.
19 अप्रैल को खराब मौसम के कारण कार्यक्रम स्थगित
इससे पहले, 19 अप्रैल को प्रधानमंत्री कश्मीर के लिए ट्रेन सेवा का उद्घाटन करने वाले थे, लेकिन खराब मौसम के कारण कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया था और अब इस ऐतिहासिक क्षण के लिए 6 जून की तारीख तय की गई है. 22 अप्रैल को पहलगाम हमले और पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) के अंदर आतंकवादी ढांचे को खत्म करने के लिए शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह प्रधानमंत्री की जम्मू-कश्मीर की पहली यात्रा होगी. पहले चरण में उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला-रेल-लिंक (USBRL) पर बारामूला और कटरा के बीच ट्रेनें चलेंगी. जम्मू तवी रेलवे स्टेशन पर विस्तार कार्य पूरा होने के बाद जम्मू के लिए ट्रेनें चलेंगी. देश के अन्य हिस्सों से आने वाले यात्रियों को कटरा में ट्रेन से उतरकर कश्मीर के लिए दूसरी ट्रेन पकड़नी होगी और इसी तरह कश्मीर से आने वाले यात्रियों को कटरा में उतरकर आगे की यात्रा के लिए दूसरी ट्रेन पकड़नी होगी. एसएमवीडी रेलवे स्टेशन हिंदू देवी वैष्णो देवी की तलहटी में स्थित है, जहां हर साल करीब 10 मिलियन श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं.
कश्मीरी लोगों को ऐतिहासिक क्षण का इंतजार
देश के लोग और खास तौर पर कश्मीर घाटी के लोग लंबे समय से रेल संपर्क के जरिए जुड़ने का इंतजार कर रहे हैं, जिसमें पिछले कई सालों में कई उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं. कठिन पहाड़ी रास्ते से गुजरते हुए रेलवे को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिसमें रियासी जिले के बक्कल और कौरी गांवों के बीच चिनाब नदी पर एक पुल का निर्माण भी शामिल है, जो दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल बनकर इंजीनियरिंग का एक चमत्कार है.
36 सुरंग के बारे में जानें
272 किलोमीटर लंबी उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला-रेलवे-लाइन (USBRL) में 36 सुरंगें हैं जो 119 किलोमीटर की दूरी तय करती हैं. इनमें से कुछ सुरंगें इतनी लंबी और जटिल हैं कि वे इंजीनियरिंग उत्कृष्टता में मील का पत्थर बन गई हैं. 12.77 किलोमीटर लंबी टी-50 सुंबर और खारी के बीच भारत की सबसे लंबी परिवहन सुरंग है, जो कश्मीर घाटी को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ती है. बनिहाल और काजीगुंड के बीच बनाई गई 11.2 किलोमीटर लंबी टी-80 सुरंग, जिसे पीर पंजाल रेंज में कश्मीर की रीढ़ माना जाता है. 5.099 किलोमीटर लंबी टी-34 सुरंग डुअल-पैसेज इंजीन्यूइटी है और इसका निर्माण पाई-खड़ और अंजी खड्ड के बीच किया गया था. अत्यधिक खंडित डोलोमाइट और मुख्य सीमा क्षेत्र को नेविगेट करना महत्वपूर्ण था और इसने गंभीर भूवैज्ञानिक चुनौतियों का सामना किया था.
3.2 किलोमीटर लंबी टी-25 सुरंग एक भूमिगत जल धारा के खिलाफ एक लड़ाई थी और इसका निर्माण छह साल तक चला. 2006 में खुदाई के दौरान अप्रत्याशित रूप से एक भूमिगत जल धारा की खोज की गई थी. यह धारा प्रति सेकंड 500 से 2000 लीटर पानी छोड़ती थी, जिससे महत्वपूर्ण बाधाएं पैदा होती थीं.
संक्षिप्त इतिहास और समयरेखा
कश्मीर को भारतीय रेलवे नेटवर्क से जोड़ना एक सदी से भी पुराना सपना है. कश्मीर घाटी के लिए एक नैरो गेज रेल लिंक बनाने का पहला विचार एक सदी से भी पहले आया था, जब 1 मार्च 1892 को महाराजा प्रताप सिंह द्वारा और बाद में 1898 में महाराजा रणबीर सिंह ने जम्मू-श्रीनगर रेल लिंक की आधारशिला रखी थी. पंजाब को श्रीनगर और कश्मीर घाटी से जोड़ने के लिए चार व्यवहार्य मार्ग पाए गए. जम्मू से बनिहाल मार्ग, झेलम घाटी के माध्यम से पुंछ मार्ग, रावलपिंडी से भी झेलम घाटी के माध्यम से पंजर मार्ग और ऊपरी झेलम घाटी में हजारा के माध्यम से कालाको सराय से एबटाबाद मार्ग शामिल हैं.
मीटर और ब्रॉड गेज ट्रैक के मिश्रण के लिए विस्तृत सर्वे किए गए. हालांकि, दुर्गम जलवायु, मुश्किल इलाके, सीमित संसाधन और इतिहास ने इस विचार को सर्वेक्षण रिपोर्टों और ड्राइंग बोर्ड तक ही सीमित कर दिया. 1905 में अंग्रेजों ने भी इस विचार पर फिर से विचार किया और महाराजा प्रताप सिंह ने मुगल रोड का अनुसरण करते हुए रियासी के माध्यम से जम्मू और श्रीनगर के बीच लाइन पर सहमति व्यक्त की. इस योजना में पीर पंजाल रेंज को पार करने के लिए एक संकीर्ण गेज ट्रैक की परिकल्पना की गई थी, लेकिन यह परियोजना केवल एक सपना बनकर रह गई.
स्वतंत्रता के बाद भी इस परियोजना पर कई बार विचार किया गया, लेकिन साल 1981 में ही जम्मू-उधमपुर रेल लिंक परियोजना को मंजूरी दी गई. साल 1994-95 में उधमपुर-श्रीनगर-बारामुल्ला (USBRL) के बीच अंतिम रेल संपर्क को मंजूरी दी गई और वर्ष 2002 में केंद्र सरकार ने इस रेलवे लाइन को राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया.
कश्मीर घाटी को भारतीय रेलवे के नेटवर्क से जोड़ने के सपने को साकार करने की यात्रा के दौरान कुछ महत्वपूर्ण प्रमुख घटनाएं इस प्रकार हैं:
1981: जम्मू-उधमपुर रेल लिंक को मंजूरी दी गई.
1994: श्रीनगर तक रेल लिंक के विस्तार की घोषणा की गई.
1995: उधमपुर-कटरा रेल लिंक पर काम शुरू हुआ.
1999: काजीगुंड-बारामूला रेल लिंक पर काम शुरू हुआ.
2002: कटरा-काजीगुंड रेल लिंक पर काम शुरू हुआ.
13 अप्रैल 2005: जम्मू-उधमपुर सेक्शन खोला गया.
11 अक्टूबर 2008: मजहोम-अनंतनाग सेक्शन खोला गया.
14 फरवरी 2009: बारामूला-मजहोम सेक्शन खोला गया.
28 अक्टूबर 2009: अनंतनाग-काजीगुंड सेक्शन खोला गया.
26 जून 2013: बनिहाल-काजीगुंड सेक्शन खोला गया.
4 जुलाई 2014: उधमपुर-कटरा सेक्शन खोला गया.
20 फरवरी 2024: बनिहाल-संगलदान खंड खोला गया.
ओडिशा के मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का मामला, दो हाउस सर्जनों पर 25-25 हजार का जुर्माना
3 Jun, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ओडिशा: ओडिशा में एक मेडिकल कॉलेज में रैगिंग करने का मामला सामने आया है. यहां सरकार द्वारा संचालित एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में दो हाउस सर्जनों पर चौथे वर्ष के MBBS छात्र की कथित रैगिंग के आरोप में 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है. अधिकारियों ने बताया कि कॉलेज की एंटी-रैगिंग कमेटी ने सोमवार को हुई बैठक में यह फैसला लिया है. एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल सुचित्रा दास ने बताया, 'हमें एंटी-रैगिंग सेल से 12 मई को हाउस सर्जनों द्वारा चौथे वर्ष के MBBS छात्र की रैगिंग करने की शिकायत मिली थी. शिकायतों मिलने के बाद उनपर चर्चा के लिए एंटी-रैगिंग कमेटी की बैठक आयोजित की गई.'
मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल ने क्या कहा?
सुचित्रा दास ने बताया, 'बैठक में इस मामले पर गहन विचार विमर्श के बाद समिति ने इस घटना में शामिल दो हाउस र्जनों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाने का फैसला किया है.' दास ने बताया कि आंतरिक जांच के बाद एंटी रैगिंग पैनल को पता चला कि पीड़ित के साथ शारीरिक रूप से मारपीट नहीं की गई थी, बल्कि उसे मानसिक रूप से परेशान किया गया था.
प्रधानाचार्य ने बताया कि इसी के अनुरूप समिति ने शिकायत में जिन हाउस सर्जनों के नाम का उल्लेख किया गया था, उनके खिलाफ जुर्माना लगाने का फैसला किया. इसे लेकर बरहामपुर के एसपी सरवण विवेक एन ने कहा कि पुलिस इस घटना के बारे में अलग से जांच कर रही है. अगर मामला गंभीर हुआ तो वे रैगिंग के दिशानिर्देशों के अनुसार मामला दर्ज करेंगे. बता दें कि फिलहाल हाउस सर्जनों पर रैगिंग के मामले में शिष्टाचार और नैतिकता के उल्लंघन के आधार पर जुर्माना लगाया गया है. समिति के एक सदस्य ने कहा कि यूजीसी के दिशानिर्देशों के मुताबिक, हाउस सर्जनों के सजा दी गई है.
भारत में रैगिंग का कानून क्या कहता है?
भारत में रैगिंग को गंभीर अपराध माना जाता है और इसके खिलाफ सख्त कानूनी प्रावधान हैं. यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) और भारत सरकार ने रैगिंग को रोकने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं. रैगिंग करने पर कॉलेज स्तर पर निलंबन, निष्कासन, या हॉस्टल से निष्कासन जैसी सजा हो सकती है.
रैगिंग के मामले में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 294, 323, 341, 506 आदि के तहत भी कार्रवाई हो सकती है, जिसमें 7 साल तक की जेल और जुर्माना शामिल है. वहीं गंभीर मामलों में पुलिस शिकायत दर्ज की जा सकती है. इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार, रैगिंग-रोधी समितियां सभी शिक्षण संस्थानों में अनिवार्य हैं.
राजस्थान में पूर्व मंत्री के पीए का पाकिस्तान से जुड़ाव, जैसलमेर से गिरफ्तार
3 Jun, 2025 04:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जयपुर: राजस्थान खुफिया विभाग ने रोजगार कार्यालय में सहायक प्रशासनिक अधिकारी शकूर खान को हिरासत में लिया है. शकूर को पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में जैसलमेर से गिरफ्तार किया गया. शकूर पर आरोप है कि वो पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए काम करता है. सीआईडी सिक्योरिटी के आईजी विष्णु कांत गुप्ता ने इसकी पुष्टि की है. उनका कहना है कि संदिग्ध गतिविधियों के चलते शकूर पर काफी लंबे समय से नजर रखी जा रही थी. वहीं अब पुलिस का शक यकीन में बदल चुका है.
दानिश से था संपर्क
विष्णु कांत गुप्ता के अनुसार, शकूर खान पाकिस्तान दूतावास के पूर्व हाई कमीशन एहसान-उर-रेहमान अलियास दानिश और सोहेल कमर के भी संपर्क में था. दानिश को ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान वापस भेज दिया गया था. दानिश ने ज्योति मल्होत्रा समेत कई लोगों को ISI का जासूस बनाया था.
फोन में 13 ISI एजेंट्स के मिले नंबर
शूकर से जयपुर में पूछताछ की गई. इस दौरान इसके फोन में 13 ISI एजेंट्स के भी नंबर मिले हैं. शकूर इन सभी से व्हाट्सएप समेत अन्य सोशल मीडिया एप के जरिए संपर्क करता था. शूकर ने भारतीय सेना से जुड़ी कई संवेदनशील जानकारियां भी ISI से साझा की थीं. यही नहीं, शकूर किसी को बिना बताए कई बार पाकिस्तान भी जा चुका है. शकूर का वीजा बनवाने में दानिश उसकी मदद करता था.
7 बार गया पाकिस्तान
बड़ौदा गांव में रहने वाले शकूर के कई करीबी पाकिस्तान से ताल्लुक रखते हैं. सिंध, रहीमयार खान, सुक्कूर समेत कई जगहों पर उसके रिश्तेदार रहते हैं. पूछताछ में पता चला है कि शकूर हाल के दिनों में 7 बार पाकिस्तान गया था. वहीं जब शकूर से इसकी वजह पूछी गई, तो वो संतोषजनक उत्तर नहीं दे सका.
पूर्व मंत्री का पीए
बता दें कि शकूर खान कांग्रेस के पूर्व मंत्री सालेह मोहम्मद का पीए भी रह चुका है. 2008 में सालेह पोखरण से विधायक बने थे. इस दौरान उन्हें राजस्थान मंत्रिमंडल में जगह मिली थी. तभी उन्होंने शकूर खान को अपना पर्सनल असिस्टेंट (पीए) बनाया था. आईजी गुप्ता के अनुसार शकूर के खिलाफ ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट 1923 के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा.
साडा अध्यक्ष पद के लिए अशोक शर्मा का नाम चर्चा में
श्री विश्वकर्मा महापंचायत संगठन की प्रदेश स्तरीय बैठक 30 को बैठक में होंगे कई महत्वपूर्ण निर्णय
बंगाल में कानून-व्यवस्था पर घमासान, नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप
