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बेंगलुरु भगदड़ पर गृह मंत्री का कड़ा रुख: "चाहे कोई हो, सख्त कार्रवाई तय"
5 Jun, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
18 साल बाद आईपीएल ट्रॉफी उठाने वाली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) टीम की जीत के जश्न के दौरान बुधवार को बेंगलुरु में एम चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर मची भगदड़ पर टिप्पणी करते हुए कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने गुरुवार को कहा कि सरकार जीत के जश्न के लिए खिलाड़ियों को बेंगलुरु नहीं लाना चाहती थी। गुरुवार को बेंगलुरु में मीडिया को संबोधित करते हुए, गृह मंत्री परमेश्वर ने एक सवाल का जवाब देते हुए दावा किया, “हमने इस संबंध में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) फ्रेंचाइजी या कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) से कोई अनुरोध नहीं किया था, और उन्होंने जीत का जश्न मनाने का कार्यक्रम आयोजित किया था।”
परमेश्वर ने कहा, “सरकार ने यह भी महसूस किया कि उसे खिलाड़ियों को सम्मानित करना चाहिए और जश्न का हिस्सा बनना चाहिए क्योंकि यह बेंगलुरु की टीम थी। बस इतना ही।” उन्होंने आगे कहा, “केएससीए और आरसीबी ने जश्न मनाने के लिए टीम को बेंगलुरु में लाया। सभी पहलुओं की जांच की जाएगी और जानकारी उपलब्ध होने के बाद सभी सवालों के जवाब दिए जाएंगे।”
एचएम परमेश्वर ने कहा, “सौभाग्य से, विधान सौधा में कुछ भी नहीं हुआ। यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है और मुझे इस पर बहुत दुख है। ग्यारह निर्दोष लोगों की जान चली गई। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि वे परिवारों को इस दुख को सहने की शक्ति दें और सरकार भी उनके साथ है,” । उन्होंने आगे कहा कि जब तक जांच रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की जाती, तब तक वे इस त्रासदी के बारे में कुछ नहीं कह सकते। उन्होंने कहा, “यदि कोई चूक पाई जाती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, चाहे वे कोई भी हों।” एचएम परमेश्वर ने कहा कि इस तरह से मौतें नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा, “निर्दोष लोगों की जान नहीं जानी चाहिए। उनके शवों को देखना दुखद है। मृतकों में से कई की उम्र 20 से 25 साल के बीच थी। वे जीत का जश्न मनाने आए थे। मुझे नहीं लगा था कि वे अपनी जान गंवा देंगे। हम चूक की पहचान करेंगे और सख्त कदम उठाएंगे।”
गृह मंत्री परमेश्वर ने कहा कि इस त्रासदी में अब तक कुल 11 लोगों की मौत हो चुकी है और 56 लोग घायल हुए हैं। घायलों में से 46 लोग उपचार के बाद अपने घर लौट चुके हैं। शेष 10 का अस्पतालों में उपचार किया जा रहा है। डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत स्थिर है। “ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार और गृह विभाग एक नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करेगा। भविष्य में पुलिस विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार बड़े कार्यक्रम, सम्मेलन और समारोह आयोजित करने के निर्देश जारी किए जाएंगे।”
मुख्यमंत्री ने बेंगलुरु शहरी जिले के डिप्टी कमिश्नर द्वारा मजिस्ट्रेट जांच का आदेश दिया है और जब तक जांच रिपोर्ट नहीं आ जाती, “हम कुछ नहीं कह पाएंगे।” उन्होंने कहा कि मुआवजे की घोषणा कर दी गई है और सरकार 10 लाख रुपये दे रही है, जबकि कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) 5 लाख रुपये मुआवजा दे रहा है और प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा, “मैं घटनास्थल का दौरा कर रहा हूं। मैं अधिकारियों और केएससीए अधिकारियों के साथ इस त्रासदी पर चर्चा करूंगा और उनका दृष्टिकोण भी जाना जाएगा। घटना के बारे में बहुत सारे सवाल हैं। पहले जांच होने दीजिए। रिपोर्ट में निश्चित रूप से चूक की ओर इशारा किया जाएगा और जो भी जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।”
11 मौत लेकिन FIR नहीं
इस बीच, कर्नाटक पुलिस ने भगदड़ के दौरान 11 लोगों की मौत से जुड़ी घटना के संबंध में अप्राकृतिक मौत के मामले दर्ज किए हैं। कब्बन पार्क पुलिस ने 11 यूडीआर मामले दर्ज किए हैं और घटनाक्रम के संबंध में कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। इस कदम से लोगों में आक्रोश फैल गया है, क्योंकि पुलिस विभाग के पास कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) और प्रभावशाली इवेंट मैनेजमेंट कंपनी पर मामला दर्ज करने का विकल्प था। सूत्रों ने आगे पुष्टि की कि अभी तक कोई भी व्यक्ति जिम्मेदारी लेने के लिए आगे नहीं आया है। सूत्रों ने बताया कि यूडीआर मामले वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार उठाए गए थे।
बेंगलुरु भगदड़ कांड: बेंगलुरु हादसे पर हाई कोर्ट सख्त, सरकार से मांगी रिपोर्ट
5 Jun, 2025 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बेंगलुरु: चिन्नास्वामी स्टेडियम बेंगलुरु में भगदड़ ने पूरे देश को हिला दिया है। इस घटना में अब तक 11 लोगों की दुखद मौत हुई है। मामले में सियासत गरमाई गई है। कर्नाटक सरकार सवालों के घेरे में है। आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं। इसी बीच घटना पर कर्नाटक हाई कोर्ट ने खुद ही एक जनहित याचिका (PIL) दायर की है। हाई कोर्ट ने कांग्रेस सरकार से इस मामले पर रिपोर्ट मांगी है।
वकील ने हाई कोर्ट में क्या कहा
कोर्ट में मौजूद सीनियर वकील हेमंत राज और जीआर मोहन ने घटना की जानकारी दी। उन्होंने सुरक्षा में हुई चूक के बारे में भी बताया। वकीलों ने कोर्ट को बताया कि आरसीबी (RCB) के खिलाड़ियों के सम्मान समारोह को देखने के लिए बहुत भीड़ जमा हो गई थी। लोग विधान सौधा के सामने स्थित हाई कोर्ट की बिल्डिंग पर भी चढ़ गए थे।
इस बीच, कर्नाटक पुलिस ने 11 लोगों की मौत के मामले में अप्राकृतिक मृत्यु का मामला (UDR) दर्ज किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, कब्बन पार्क पुलिस ने 11 UDR मामले दर्ज किए हैं। अभी तक इस मामले में कोई FIR दर्ज नहीं हुई है।
लोगों में बेंगलुरु पुलिस के खिलाफ नाराजगी
पुलिस के इस कदम से लोग नाराज हैं। लोगों का कहना है कि पुलिस कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) और इवेंट मैनेजमेंट कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज कर सकती थी। सूत्रों ने बताया कि अभी तक किसी ने भी इस घटना की जिम्मेदारी नहीं ली है। सूत्रों के अनुसार, UDR मामले वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर दर्ज किए गए हैं।
डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया के खिलाफ शिकायत
सामाजिक कार्यकर्ता स्नेहमयी कृष्णा ने गुरुवार को कब्बन पार्क पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, KSCA के पदाधिकारियों और अन्य के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। कृष्णा ने अपनी शिकायत में मांग की है कि पुलिस BNS अधिनियम की धारा 106 के तहत मामला दर्ज करे।
शिकायत की एक कॉपी कर्नाटक हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की बेंच को भी भेजी गई है। याचिका में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि यह एक गंभीर मामला है। याचिका डीजी और आईजीपी, और बेंगलुरु शहर के पुलिस आयुक्त को भी भेजी गई है। याचिकाकर्ता ने कहा है कि यह गंभीर चिंता का विषय है और इसमें मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और अन्य शक्तिशाली लोगों की भूमिका शामिल है। शिकायत की एक कॉपी मुख्य न्यायाधीश और अन्य को भेजी गई थी।
रात भर हुए पोस्टमॉर्टम
इस बीच, अधिकारियों ने विक्टोरिया और बोवरिंग अस्पतालों में 11 मृतकों का पोस्टमॉर्टम पूरा कर लिया है। शवों को उनके परिवारों को सौंप दिया गया है। परिवारों को शव जल्दी सौंपने के लिए पोस्टमॉर्टम रात भर किया गया। कर्नाटक सरकार ने मृतकों के परिवारों के लिए 10 लाख रुपये मुआवजे का ऐलान किया है। सरकार ने मजिस्ट्रियल जांच के भी आदेश दिए हैं।
बेंगलुरु हादसे पर खुलासा: तैयारी का समय मांग रही थी पुलिस, नजरअंदाज कर गया RCB मैनेजमेंट
5 Jun, 2025 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बेंगलुरु: पुलिस सूत्रों के मुताबिक बुधवार के फंक्शन के आयोजन के लिए सुरक्षा के बंदोबस्त को लेकर बेंगलुरु पुलिस ने असमर्थता जाहिर की थी, RCB की रिक्वेस्ट पर बेंगलुरु पुलिस ने कहा कि इतने बड़े आयोजन की तैयारी के लिए कम से कम दो दिन चाहिए अगर ये आयोजन रविवार को किया जाए तो बेहतर होगा.
सूत्रों के मुताबिक RCB प्रबंधन की ओर से कहा गया कि फैंस को ज्यादा इंतजार करवाना ठीक नहीं रहेगा. फ्रेंचाइस के इस अप्रोच के बाद सरकार की ओर से खास तौर पर DCM की ओर से पुलिस पर दबाव पड़ा और कुछ ही घण्टों की तैयारी के साथ पहले विधानसभा में RCB के ख़िलाडियों के सम्मान और फिर चिन्ना स्वामी स्टेडियम में फैन्स ग्रीटिंग का कार्यक्रम फिक्स कर दिया गया.
हालांकि RCB मैनेजमेंट इसमें विधानसभा से लेकर चिन्ना स्वामी स्टेडियम तक ओपन बस में विक्ट्री परेड का भी आयोजन करना चाहता था लेकिन पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी.
शर्मिष्ठा पनोली को कोलकाता हाई कोर्ट की वेकेशन बेंच से मिली अंतरिम जमानत, पासपोर्ट होगा जमा
5 Jun, 2025 05:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शर्मिष्ठा पनोली को कोलकाता हाईकोर्ट की वेकेशन बेंच ने अंतरिम जमानत दे दी है. कोर्ट ने कहा कि शर्मिष्ठा पनोली को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि उनका देश छोड़कर भागने का कोई प्लान नहीं है. साथ ही कहा गया कि शर्मिष्ठा को 10000 रुपये की जमानत राशि और जांच के लिए पासपोर्ट जमा करना होगा. कोर्ट ने आदेश दिया कि इस बीच शर्मिष्ठा देश नहीं छोड़ सकती. जहां कोलकाता हाई कोर्ट ने अब शर्मिष्ठा को अंतरिम जमानत दे दी है. वहीं, इससे पहले 3 जून को इन्फ्लुएंसर की अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी.
अपनी गलतियों से सीखेगी
बेटी को अंतरिम जमानत मिलने के बाद शर्मिष्ठा के पिता पृथ्वीराज पैनोली का बयान सामने आया है. पिता ने बेटी को लेकर कहा कि वो बहुत होशियार लड़की है और मैं उसे उसका भविष्य खुद तय करने दूंगा. वो अपनी गलतियों के प्रति सचेत है और मुझे उम्मीद है कि वो अपनी गलतियों से सीखेगी.
क्या था आरोप?
पुणे की 22 वर्षीय लॉ की छात्रा शर्मिष्ठा पानोली को कोलकाता पुलिस ने ऑपरेशन सिन्दूर पर एक वीडियो बनाने को लेकर गिरफ्तार किया था. कथित तौर पर शर्मिष्ठा पर आरोप था कि उसने अपनी एक वीडियो में धार्मिक भावनाओं को आहत किया था. इसी आरोप के चलते शर्मिष्ठा को गुरुग्राम में गिरफ्तार किया गया था. उनकी एक इंस्टाग्राम वीडियो को कथित तौर पर एक विशेष धर्म के प्रति अपमानजनक माना गया था. हालांकि, पैनोली ने वीडियो हटा दिया था और 15 मई को माफी भी मांगी थी.
जमानत याचिका हुई थी खारिज
पनौली ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें उसने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बॉलीवुड अभिनेताओं की चुप्पी पर सवाल खड़े किए थे. इस वीडियो में उन्होंने कथित तौर पर साम्प्रदायिक टिप्पणियां भी की थीं. इसी के चलते इन्फ्लुएंसर को 30 मई की रात को गिरफ्तार किया गया था. गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर कोलकाता ले गई थी और शनिवार को कोर्ट में पेश किया गया. जहां उसकी जमानत याचिका खारिज हो गई थी.
हालांकि, अब उसको अंतरिम जमानत दे दी गई है. कोलकाता पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी शर्मिष्ठा के खिलाफ विभिन्न समुदायों के बीच धार्मिक भावनाएं आहत करने की नीयत से दुर्भावनापूर्ण काम करने, जानबूझकर अपमान करने और शांति भंग करने के इरादे से उकसाने जैसी धाराओं में मामला दर्ज किया गया.
भारत-पाक बॉर्डर पर लगेगी हाईटेक फेंसिंग, सुरक्षा होगी और मजबूत
5 Jun, 2025 04:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दिल्ली: BSF ने सुरक्षा के लिहाज से बड़ा फैसला लिया है. BSF की ओर से बॉर्डर फेंसिंग को अपडेट किया जाएगा. जहां बॉर्डर पर फेंसिंग पुरानी हो गई वहां पर नई फेंसिंग लगाई जाएगी. ये बदलाव बॉर्डर की हर उस लोकेशन पर किया जाएगा जहां फेंसिंग पुरानी हो गई है और जहां BSF की तैनाती है. भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पर नई फेंसिंग लगाई जा रही है, उनमें एडवांस सुरक्षा तकनीक भी शामिल हैं. यह फेंसिंग घुसपैठ और अवैध गतिविधियों को रोकने में मदद करेगी.
नई फेंसिंग से BSF को होगा फायदा
BSF को नई फेंसिंग से निगरानी क्षमता और बेहतर प्रतिक्रिया समय मिलेगा. मॉर्डन और टेक्निकली अपडेटेड फेंसिंग से बॉर्डर की सुरक्षा और भी मजबूत होगी.
नई फेंसिंग की खासियत:
एंटी-कट डिजाइन: यह फेंसिंग आसानी से नहीं काटी जा सकती, जिससे घुसपैठ करना मुश्किल हो जाएगा.
स्मार्ट तकनीक: इसमें कैमरे, सेंसर और अन्य निगरानी उपकरण शामिल हैं, जो सीमा पर हर हलचल की निगरानी करते हैं.
सीसीटीवी कैमरे: यह फेंसिंग सीसीटीवी कैमरों से लैस है, जिससे BSF को सीमा पर किसी भी हलचल का पता चल सकता है.
सेंसर: सेंसर का इस्तेमाल घुसपैठ या अन्य संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाने के लिए किया जाएगा.
फेंसिंग का मकसद
घुसपैठ रोकना: यह फेंसिंग घुसपैठ और अवैध गतिविधियों को रोकने में मदद करेगी.
सीमा सुरक्षा बढ़ाना: यह फेंसिंग सीमा सुरक्षा को मजबूत करेगी और BSF की निगरानी क्षमता को बढ़ाएगी.
सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा: यह फेंसिंग सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों की सुरक्षा में भी मदद करेगी.
कहां-कहां की जाएगी अपडेट
राजस्थान भारत-पाक सीमा पर एक नई फेंसिंग लगाई जा रही है, जिसमें एंटी-कट डिजाइन, सेंसर और कैमरे शामिल हैं. पंजाब में भी नई फेंसिंग लगाई जा रही है, जो घुसपैठ और अवैध गतिविधियों को रोकने में मदद करेगी. इसके साथ ही जम्मू कश्मीर का LoC रीजन और बांग्लादेश के पास बॉर्डर पर भी पुरानी हो चुकी फेंसिंग को बदला जाएगा. वहीं बॉर्डर पर BSF को उपलब्ध स्निफर डॉग की संख्या को भी बढ़ाया जाएगा. इससे संदिग्ध वस्तु की पहचान और भी आसान हो जाएगी और रिस्पॉन्स टाइम में कमी आएगी.
हैदराबाद के व्यापारी ने फॉरेक्स ट्रेडिंग के झांसे में 3.28 करोड़ गंवाए, मोबाइल लिंक से हुई शुरुआत
5 Jun, 2025 03:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हैदराबाद: तेलंगाना में एक 59 साल के बिजनेसमैन से साइबर अपराधियों ने फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर 3.28 करोड़ रुपये ठग लिए. साइबर फ्रॉड से जुड़ा यह बड़ा मामला हैदराबाद के जुबली हिल्स की है. पीड़ित की शिकायत के बाद तेलंगाना साइबर सुरक्षा ब्यूरो (TGCSB) ने मामला दर्ज कर इस केस की जांच में जुट गई है.
अधिकारियों के मुताबिक, पीड़ित बिजनेसमैन काफी समय से ऑनलाइन फॉरेक्स ट्रेडिंग से जुड़े हुए थे. कुछ दिन पहले, उनके मोबाइल फोन पर एक लिंक आया, जिसमें दावा किया गया कि यह एक प्रतिष्ठित ट्रेडिंग कंपनी से है.
60 लाख टैक्स मांगा और फिर भी खाते खाली
लिंक पर क्लिक करने के बाद, उन्हें एक ग्रुप में जोड़ा गया, जहां उन्हें ट्रेडिंग जारी रखने के लिए अपनी भारतीय मुद्रा को USDT (अमेरिकी डॉलर से जुड़ी एक क्रिप्टोकरेंसी) में बदलने की सलाह दी गई. इस प्रक्रिया पर भरोसा करते हुए, व्यापारी ने 8 जनवरी से 19 मई तक घोटालेबाजों द्वारा दिए गए बैंक खातों में ऑनलाइन धनराशि ट्रांसफर करना शुरू कर दिया. इस दौरान धोखेबाजों ने बिजनेसमैन को मुनाफे और खाते को अपग्रेड करने के वादों के झांसे में फंसाए रखा.
हालांकि, जब उन्होंने निवेश की गई राशि निकालने का प्रयास किया, तो उसे पहले कर शुल्क के रूप में 60 लाख रुपये का भुगतान करने के लिए कहा गया. कमाल की बात यह रही कि, धोखाधड़ी यहीं खत्म नहीं हुई.
बाद में उन्हें पहले 88,888 और 8,88,888 परीक्षण निकासी के रूप में निकालने का निर्देश दिया गया. जब उन्होंने इनकार कर दिया, तो घोटालेबाजों ने कहा कि, उन्होंने गलत प्रविष्टि की है और अब उन्हें सुरक्षा जमा के रूप में 80 लाख का भुगतान करने की आवश्यकता है. जब पीड़ित ने भुगतान में देरी की, तो उन्हें आगे 32 लाख रुपये विलंब शुल्क और फिर 35 लाख मुद्रा विनिमय कमीशन के रूप में भुगतान करने के लिए कहा गया.
क्रेडिट स्कोर के नाम पर मांगे 1.22 करोड़ रुपये
इन भुगतानों के बाद भी, धोखेबाजों ने उन्हें वीआईपी सदस्य का लेबल दिया और बैंक सेवा शुल्क की मांग की. बिजनेसमैन को अंतिम झटका तब लगा जब उन्होंने कहा कि उनका क्रेडिट स्कोर बहुत कम है और जब तक वह क्रेडिट रिपेयर डिपॉजिट के रूप में अतिरिक्त 1.22 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं करते, तब तक धनराशि नहीं निकाली जा सकती.
व्यापारी समझ चुका था कि, उसके साथ बड़ा फ्रॉड हुआ है. उसके बाद पीड़ित ने साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल किया और शिकायत दर्ज कराई. TGCSB के अधिकारी घोटाले की जांच कर रहे हैं, जिसने ऑनलाइन व्यापारियों का शोषण करने के लिए साइबर अपराधियों द्वारा वेल प्लांड रणनीतियों को उजागर किया है.
विश्व पर्यावरण दिवस पर पीएम मोदी ने लगाया 'सिंदूर का पौधा', दिया शांति और शक्ति का संदेश
5 Jun, 2025 02:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को विश्व पर्यावरण दिवस पर अपने आवास पर सिंदूर का पौधा लगाया. इस पौधे को उन्हें 1971 के युद्ध के दौरान उल्लेखनीय साहस दिखाने वाली महिलाओं के एक समूह ने उपहारस्वरूप दिया था. इस पहल को हाल ही में हुए ऑपरेशन सिंदूर से भी जोड़कर देखा जा रहा है.
कच्छ की यात्रा के दौरान महिलाओं ने किया था गिफ्ट
पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा- यह पौधा देश की महिलाओं की वीरता और प्रेरणा का एक मजबूत प्रतीक बना रहेगा. उन्होंने कहा कि हाल ही में कच्छ की यात्रा के दौरान, 1971 के युद्ध के दौरान उल्लेखनीय साहस दिखाने वाली महिलाओं के एक ग्रुप ने उनसे मुलाकात की और ये पौधे भेंट किए. उन महिलाओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए पीएम ने वादा किया कि वह अपने 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित आवास पर इस पौधे को लगाएंगे.
विश्व पर्यावरण दिवस पर सिंदूर के पौधे का चयन इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूत करने के लिए अपने सैन्य कार्रवाई का नाम ऑपरेशन सिंदूर दिया था. सिंदूर पारंपरिक रूप से विवाहित हिंदू महिलाओं द्वारा लगाया जाता है, जो उनके सुहाग का प्रतीक होता है.
हर देश को स्वार्थ से ऊपर उठना होगा-पीएम मोदी
एक्स पर पोस्ट किए गए एक वीडियो मैसेज में पीएम मोदी ने कहा कि वैश्विक जलवायु की सुरक्षा के लिए हर देश को स्वार्थ से ऊपर उठना होगा. उन्होंने कहा कि प्लास्टिक प्रदूषण को खत्म करना इस साल के विश्व पर्यावरण दिवस का विषय है और भारत पिछले चार-पांच वर्षों से लगातार इस पर काम कर रहा है.
पीएम मोदी ने कहा कि मिशन लाइफ, जो संसाधनों के सोच-समझकर इस्तेमाल और टिकाऊ जीवन शैली को अपनाने की वकालत करता है, दुनिया भर में एक सार्वजनिक आंदोलन बन रहा है. उन्होंने कहा कि लाखों लोगों ने अपने दैनिक जीवन में कम करें, दोबारा इस्तेमाल करें और रीसाइकिल करें के मंत्र को अपनाया है. एक्स पर एक पोस्ट में मोदी ने लोगों से ग्रह की रक्षा करने और पर्यावरणीय चुनौतियों पर काबू पाने के लिए अपने प्रयासों को और बढ़ाने का आग्रह किया. उन्होंने कहा, "मैं उन सभी लोगों की भी सराहना करता हूं जो हमारे पर्यावरण को हरा-भरा और बेहतर बनाने के लिए जमीनी स्तर पर काम कर रहे हैं."
क्या है सिंदूर के पौधे की खासियत?
सिंदूर के पौधे को वैज्ञानिक रूप से बिक्सा ओरेलाना के नाम से जाना जाता है. यह एक औषधीय और सांस्कृतिक महत्व का पौधा है. इसे कुमकुम ट्री, कमीला ट्री, या लिपस्टिक ट्री भी कहा जाता है. यह पौधा दक्षिण अमेरिका, मैक्सिको और कुछ एशियाई देशों में पाया जाता है. भारत की बात करें तो यह मुख्य रूप से महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में उगाया जाता है.
इस पौधे के फल और बीजों से लाल या नारंगी रंग का प्राकृतिक डाई प्राप्त होता है, जिसे सिंदूर के रूप में उपयोग किया जाता है. यह रंग शुद्ध और केमिकल-मुक्त होता है, जो त्वचा के लिए सुरक्षित है.इसके बीजों को पीसकर पाउडर या लिक्विड रूप में सिंदूर बनाया जाता है, जिसका उपयोग धार्मिक कार्यों, माँग भरने और सौंदर्य प्रसाधनों में होता है.
औषधीय गुण: यह पौधा औषधीय गुणों से भरपूर है. इसके बीजों और रस का उपयोग एंटीपायरेटिक (बुखार कम करने), एंटी-डायबिटिक, और रक्त शोधन के लिए किया जाता है. यह हृदय की शक्ति बढ़ाने और रक्त संचार में सुधार करने में भी मदद करता है.
बेंगलुरु भगदड़: प्रियांक खरगे बोले– 'हां, प्रशासन से गलती हुई, टाला जा सकता था हादसा'
5 Jun, 2025 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बेंगलुरु: बेंगलुरु भगदड़ पर कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खरगे का बयान आया है. इसमें उन्होंने स्वीकार किया कि यह प्रशासन की गलती थी, प्रशासन अगर थोड़ा और ध्यान देता तो इतना बड़ा हादसा होने से टल जाता. इसके साथ ही उन्होंने बीजेपी पर भी निशाना साधते हुए कहा की बीजेपी इस मामले में राजनीतिकरण कर रही है.
बेंगलुरु भगदड़ पर कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खरगे का बयान आया है. इसमें उन्होंने स्वीकार किया कि यह प्रशासन की गलती थी, प्रशासन अगर थोड़ा और ध्यान देता तो इतना बड़ा हादसा होने से टल जाता. इसके साथ ही उन्होंने बीजेपी पर भी निशाना साधते हुए कहा की बीजेपी इस मामले में राजनीतिकरण कर रही है.
कर्नाटक सरकार ने भूल को स्वीकारा
अब इस पूरे घटनाक्रम पर कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे ने कहा कि हां, गलती हुई है. बेहतर योजना और समन्वय से इसे टाला जा सकता था. उन्होंने कहा कि एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम की क्षमता 35,000 लोगों की है, लेकिन 2 से 3 लाख लोग अचानक सड़कों पर उमड़ पड़े. हमने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की, लेकिन हम भीड़ को नियंत्रित नहीं कर पाए. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इसकी जिम्मेदारी ली है और उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इसके लिए सुधारात्मक कदम उठाये जाएं.
बीजेपी पर साधा निशाना
बीजेपी पर तीखा हमला बोलते हुए खरगे ने कहा कि बीजेपी को इससे कोई मतलब नहीं की स्थिति कैसी है, उसे हर चीज में राजनीतिकरण करना पसंद है. उन्होंने कहा कि जब हमने बीजेपी को बताया कि इतने कम समय में खुली बस में विक्ट्री परेड करना असंभव है क्योंकि व्यवस्थाओं के अभाव हैं, तो उन्होंने कहा कि हम टीम का अपमान कर रहे हैं. वहीं बीजेपी अब हमारी गलती पर नैतिकता का पाठ पढ़ा रही हैं. बाद में उन्होंने वह पोस्ट हटा दी गई है. इसके आगे उन्होंने कहा कि बीजेपी किसी भी चीज को लेकर राजनीतिकरण करने में कभी पीछे नहीं हटती, फिर चाहे वह राष्ट्रीय भावना ही क्यों न हो.
बीजेपी ने कर्नाटक सरकार पर दागे सवाल
बीजेपी ने प्रेस कांफ्रेंस कर कर्नाटक की सरकार को सवालो के घेरे में ले लिया. उन्होंने कहा कि क्या ये मात्र एक एक्सीडेंट था? ये नार्मल भगदड़ नहीं थी. सीएम कहते है कि ऐसी भगदड़ होती रहती है. यह सीएम और डिप्टी सीएम के आपसी झगड़े से हुआ है. उन्होंने कहा कि जब स्टेडियम में 35000 लोगों की कैपेसिटी थी, तो 3 लाख लोग कैसे आ गए. इसके आगे उन्होंने कहा कि विक्ट्री मार्ग किसके कहने पर कराई गई, उसके लिए कौन जिम्मेदार है, ऑर्गनाइजर और पुलिस के बीच में कॉर्डिनेशन क्यों नहीं हुआ?
बाहर मातम, अंदर खुशी
बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि बाहर लोग मर रहे थे और अंदर सेलिब्रेशन चल रहा था. उन्होंने कहा कि सबको पता था कि क्रिकेट फैंस भारी मात्रा में सड़क पर आएंगे, इसके बावजूद कोई ठोस व्यवस्था क्यों नहीं की गई. क्या सीएम और डिप्टी सीएम इस्तीफा देंगे? 25 हजार एक्स्ट्रा टिकट बेचे हैं. राहुल गांधी कहां हैं? क्या वो सीएम-डिप्टी सीएम को तलब करेंगे?
अब और भी तेज़ होगी आकाश मिसाइल, DRDO की फ्यूल टेक्नोलॉजी से समय और लागत की बचत
5 Jun, 2025 01:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दिल्ली: पाकिस्तान के साथ पिछले महीने छिड़े सैन्य संघर्ष के बाद भारत अपने रक्षा तंत्र को और मजबूत तथा दमदार करने में जुट गया है. इस संघर्ष के दौरान पाक के ड्रोन और मिसाइल को हवा में ही उड़ा देने वाली आकाश मिसाइल को अब और दमदार बनाया जा रहा है. DRDO अब आकाश मिसाइल सिस्टम की क्षमताओं को और अधिक एडवांस करने की दिशा में काम कर रहा है.
रक्षा मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) अब ऐसी तकनीक पर काम कर रहा है जिसमें मिसाइल के मौजूदा ढांचे या डिजाइन में बड़े बदलाव किए बगैर ही इसकी ऑपरेशनल क्षमता को बेहतर बनाया जा सके. इस मामले में DRDO का फोकस Alternative Propulsion Fuels (APF) के विकास पर है, जिससे आकाश मिसाइल की रेंज, स्पीड और मारक क्षमता को बढ़ाया जा सके. इस बदलाव के पीछे का सबसे बड़ा मकसद यही है कि ज्यादा खर्च किए बगैर और ज्यादा समय लगाए बगैर ही मिसाइल को इस तरह से रि-डिजाइन किया जाए ताकि इसे और घातक बनाया जा सके.
RSM को अपग्रेड करने में जुटा DRDO
आकाश मिसाइल सिस्टम देश के बहुस्तरीय एयर डिफेंस नेटवर्क का एक अहम हिस्सा है. इसने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के कई ड्रोन और शॉर्ट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइलों को गिराकर अपनी प्रभावशीलता साबित की थी. अब DRDO के वैज्ञानिक इस प्रणाली के Ramjet Sustainer Motor (RSM) को अपग्रेड करने की दिशा में काम कर रहे हैं. यह मोटर मिसाइल को शुरुआती बूस्ट देने के बाद हवा में हाई स्पीड से आगे बढ़ने में मदद करती है. इसमें नए तरह के नेक्स्ट-जेनरेशन फ्यूल्स के इस्तेमाल से thrust और burn efficiency में बड़ा सुधार लाया जा सकता है, जिससे मिसाइल की गति, रेंज और गतिशीलता (Maneuverability) में भी इजाफा होगा.
सूत्रों के अनुसार, DRDO अब ऐसा फ्यूल तैयार कर रहा है जिसे मौजूदा आकाश मिसाइल सिस्टम में ही बिना किसी संरचनात्मक बदलाव के ही इस्तेमाल किया जा सके. यह बदलाव काफी समय और संसाधन बचाएगा, क्योंकि इसके जरिए मिसाइल की फिजिकल रीडिजाइन की आवश्यकता नहीं पड़ेगी. हालांकि इन एडवांस फ्यूल्स की सटीक संरचना के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है, पर शुरुआती संकेत से ऐसा लगता है कि इनके उपयोग से आकाश मिसाइल सिस्टम की ऑपरेशनल क्षमताएं काफी हद तक बढ़ जाएंगी.
हाई लेवल सुरक्षा कवच
आकाश सिस्टम पहले से ही लड़ाकू विमानों, ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों जैसे अनेक हवाई खतरों से निपटने में सक्षम है. अब इसे अपग्रेड किए जाने के बाद से इसकी लंबी दूरी तक इंटरसेप्ट करने की क्षमता और अधिक मजबूत हो जाएगी. यह पहल देश की मल्टीलेवल एयर डिफेंस रणनीति को और मजबूती देगी, जिसमें पहले से ही मीडियम रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल (MR-SAM) और बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस (BMD) जैसे अहम सिस्टम शामिल हैं. इनसे एक हाई लेवल हवाई सुरक्षा कवच बनता है.
अमरनाथ यात्रा 2025 से पहले घाटी में सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम, 42,000 जवान तैनात
5 Jun, 2025 01:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
श्रीनगर: अमरनाथ यात्रा हर साल लाखों श्रद्धालुओं के लिए एक पवित्र अवसर होता है. इस बार यह यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 9 अगस्त तक चलेगी. 38 दिनों तक चलने वाली यह यात्रा जम्मू-कश्मीर के दो रास्तों से होकर पवित्र 'अमरनाथ गुफा तक जाती है — एक रास्ता पहलगाम से है जो करीब 48 किलोमीटर लंबा है, और दूसरा बालटाल से है, जो 14 किलोमीटर का छोटा लेकिन कठिन रास्ता है.
हाईटेक निगरानी के साथ भारी सुरक्षाबल
इस साल सुरक्षा के खास इंतज़ाम किए गए हैं. अप्रैल में पहलगाम में एक बड़ा आतंकी हमला हुआ था जिसमें 26 लोगों की जान चली गई थी. इसके बाद सरकार ने अमरनाथ यात्रा के लिए सुरक्षा बढ़ा दी है. करीब 42,000 से ज्यादा सुरक्षाबलों को जम्मू-कश्मीर में तैनात किया गया है. ये जवान केंद्रीय अर्धसैनिक बलों से हैं जैसे कि CRPF, BSF, CISF, ITBP और SSB. सिर्फ जवानों की तैनाती ही नहीं, बल्कि सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है. जगह-जगह CCTV कैमरे लगाए गए हैं, ड्रोन से निगरानी की जा रही है और AI तकनीक से खतरे की पहचान की जा रही है. सुरक्षा एजेंसियाँ और सेना आपस में मिलकर काम कर रही हैं ताकि किसी भी खतरे से पहले ही निपटा जा सके.
सुरक्षा के साथ सुविधाओं पर भी ज़ोर
सुरक्षा के साथ-साथ बाकी ज़रूरी तैयारियां भी चल रही हैं. सड़कों की मरम्मत, मेडिकल कैंप, आपातकालीन सेवाएं और भीड़ को संभालने के लिए विशेष इंतज़ाम किए गए हैं. स्थानीय प्रशासन और लोगों की मदद से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि यात्रा में किसी को परेशानी न हो. पिछले साल रिकॉर्ड 5.12 लाख श्रद्धालु अमरनाथ गुफा पहुंचे थे. इस साल यह संख्या और भी बढ़ सकती है. अमरनाथ गुफा समुद्र तल से 3,888 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है. यहां एक बर्फ से बना प्राकृतिक शिवलिंग होता है, जिसे भगवान शिव का प्रतीक माना जाता है.
सरकार का कहना है कि यह यात्रा सिर्फ आस्था की नहीं, बल्कि देश की एकता और हिम्मत की भी मिसाल है. हम सिर्फ़ तीर्थयात्रियों की सुरक्षा नहीं कर रहे, बल्कि हमारी सदियों पुरानी परंपरा और विश्वास की भी रक्षा कर रहे हैं.
जम्मू-कश्मीर में NIA की बड़ी कार्रवाई, 32 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी
5 Jun, 2025 12:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जम्मू-कश्मीर: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने आज गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के कई जिलों के कई इलाकों में छापेमारी की है. आतंकी साजिश रचने के मामले जांच के तहत एजेंसी की ओर से शोपियां, कुलगाम, कुपवाड़ा, सोपोर और बारामूला के कई इलाकों में छापेमारी की जा रही है. जांच एजेंसी ने यहां 2018 में मारे गए लश्कर के आतंकी के घर के साथ-साथ करीब 32 ठिकानों पर छापेमारी की.
एजेंसी से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने आतंकी साजिश रचने के मामले की जांच को लेकर कई जिलों में कई जगहों पर छापेमारी की है. शोपियां जिले में कई स्थानों पर छापेमारी चल रही है. इसी तरह दक्षिण कश्मीर के पुलवामा, कुलगाम और सोपोर के साथ-साथ बारामूला में भी छापेमारी की जा रही है.
2018 में मारा गया था लश्कर का कमांडर
NIA ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में 32 स्थानों पर तलाशी ली जा रही है. अलग-अलग आतंकवादी संगठनों के ओवर ग्राउंड वर्कर (OGW) के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के मामले में तलाशी ली जा रही है. एजेंसी ने जून 2018 में कुलगाम के चेडर बान इलाके में मारे गए लश्कर के कमांडर शकूर अहमद डार के घर सोपत देवसर में भी छापेमारी की है.
जासूसी के आरोप में NIA ने की थी छापेमारी
इससे पहले पिछले हफ्ते भी NIA ने पाकिस्तान से जुड़े जासूसी मामले में 8 राज्यों में 15 जगहों पर छापेमारी की थी. एजेंसी के जुड़े अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के एक असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (ASI) मोती राम जाट की गिरफ्तारी के बाद यह छापेमारी की गई.
मोती राम सीआरपीएफ से बर्खास्त कर दिया गया है. एजेंसी की ओर से यह छापेमारी उत्तर प्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र (मुंबई), हरियाणा, राजस्थान, छत्तीसगढ़, असम और पश्चिम बंगाल में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों से जुड़े संदिग्धों के ठिकानों पर की गई. छापेमारी के दौरान यहां से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, संदिग्ध वित्तीय दस्तावेज और अन्य कागजात भी बरामद हुए.
मुंबई हवाई अड्डे पर 52 करोड़ की कोकीन जब्त, एक गिरफ्तार
5 Jun, 2025 10:07 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एयर इंटेलिजेंस यूनिट के अधिकारियों ने एक व्यक्ति के पास से 52 करोड़ रूपये मूल्य की कोकीन जब्त कर उसे गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार व्यक्ति ने कबूल किया कि उसे नैरोबी के एक हैंडलर ने ड्रग्स की तस्करी के लिए 1500 अमेरिकी डॉलर का भुगतान किया था। बताया गया है कि नैरोबी से आए केन्याई नागरिक कैनेडी चेगे को मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एयर इंटेलिजेंस यूनिट के अधिकारियों ने गिरफ्तार किया। कैनेडी चेगे के पास से 5194 ग्राम कोकीन जब्त की गई जिसका बाजार मूल्य 52 करोड़ रुपया है। कैनेडी चेगे ने कमर की बेल्ट आदि में छिपाकर पैकेट के जरिए कोकीन की तस्करी की थी।
एक साल में कई बार मची भगदड़, देश की भीड़ प्रबंधन व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
5 Jun, 2025 09:10 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Bangalore Stampede: बेंगलुरु में बुधवार को चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की IPL 2025 जीत के जश्न के दौरान हुई भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई और 33 लोग घायल हो गए। इस घटना के बाद एक बार फिर से व्यवस्था पर सवाल उठने शुरू हो गए है। सरकार ने दावा किया कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 5 हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। लेकिन जिस परिवार ने अपने को खोया है उसका दुख इस तर्क से कम नहीं किया जा सकता। इस घटना ने सरकार की अव्यवस्था की पूरी तरह से पोल खोल दी है। यह पहली घटना नहीं है जिसमें सरकार की तरफ से अव्यवस्था देखी गई है, पिछले 12 महीने में ऐसी कई घटनाएं हुई है। जिस में सरकार का फेलियर नजर आया है।
आइए जानते है पिछले 12 महीनों में किन-किन जगहों पर भगदड़ हुई है…
1- हाथरस सत्संग हादसा
जुलाई 2024 में उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के सिकंदराराऊ क्षेत्र के फुलरई गांव में 2 जुलाई को नारायण साकार हरि उर्फ भोले बाबा के सत्संग के दौरान भगदड़ मचने से एक बड़ा हादसा हुआ। इस घटना में 121 लोगों की मौत हो गई, जिनमें अधिकांश महिलाएं (लगभग 100) और कुछ बच्चे शामिल थे। हादसे में 200 से अधिक लोग घायल हुए थे।
2- हैदराबाद थियेटर हादसा
दिसंबर 2024 में हैदराबाद के संध्या थिएटर में भगदड़ फिल्म ‘पुष्पा 2’ के प्रीमियर शो के दौरान हुई थी। इस दौरान अभिनेता अल्लू अर्जुन की एक झलक पाने के लिए प्रशंसकों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिसके कारण भगदड़ मच गई। इस हादसे में 35 वर्षीय महिला रेवती की मौत हो गई और उनका 8 वर्षीय बेटा रूप से घायल हो गया था।
3- महाकुंभ में मची भगदड़
प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ मेले में मौनी अमावस्या के दौरान संगम तट पर भगदड़ मचने की घटना सामने आई। इस हादसे में करीब 30 लोगों की मौत हुई और कई लोग घायल हुए थे।
4- तिरुपति मंदिर भगदड़
तिरुपति बालाजी मंदिर में जनवरी 2025 को रात 9:30 बजे वैकुंठ द्वार दर्शन टिकट काउंटर के पास भगदड़ मच गई। इस हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई, जिसमें एक महिला (तमिलनाडु के सेलम की मल्लिका) शामिल थी, और 40 से अधिक लोग घायल हुए थे।
5- नई दिल्ली रेलवे स्टेशन
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर 15 फरवरी 2025 को रात करीब 9:55 बजे भगदड़ मच गई थी, जिसमें 18 लोगों की मौत हो गई और 25 से अधिक लोग घायल हुए थे।
असम में भारी बारिश से बाढ़ की स्थिति गंभीर, 6.5 लाख से अधिक लोग प्रभावित
5 Jun, 2025 08:09 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुवाहाटी। असम में जारी भारी बारिश के चलते बाढ़ की स्थिति बुधवार को और गंभीर हो गई, जिससे राज्य के कई हिस्से जलमग्न हो गए हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, अब तक करीब 6.5 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जबकि 6 और लोगों की जान चली गई है। इस वर्ष बाढ़ और भूस्खलन से मृतकों की कुल संख्या 17 पहुंच गई है।
ब्रह्मपुत्र नदी सहित सात प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। गुवाहाटी स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी) ने आने वाले दिनों में भी भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना जताई है। इसके साथ ही कुछ जिलों में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी भी दी गई है।
अतिवर्षा के कारण हैलाकांडी, श्रीभूमि, मोरीगांव, कछार, सोनितपुर, तिनसुकिया, बारपेटा, बोंगाईगांव, नलबाड़ी, ग्वालपारा, बक्सा समेत कुल 21 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। विस्तृत जानकारी अनुसार 69 राजस्व क्षेत्र प्रभावित हुए हैं, जबकि 1,506 गांव जलमग्न बताए गए हैं और इससे 6,33,114 लोग प्रभावित हुए हैं। 223 राहत शिविर में 39,746 लोग आश्रित हैं। सहायता के लिए 288 राहत वितरण केंद्र सक्रिय हैं। एएसडीएमए अधिकारियों के अनुसार, राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। प्रभावितों को राशन, पीने का पानी और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
इंद्रदेव की मेहरबानी! 8 जून तक झमाझम बारिश का अलर्ट
4 Jun, 2025 11:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मौसम विभाग से जबर्दस्त खुशखबरी आई है। जून चल रहा है लेकिन सूरज की तपीश फिलहाल परेशान नहीं करेगी। 8 जून तक समूचे भारत में आंधी-बारिश का दौर जारी रहेगा। अधिकतम तापमान को लेकर मौसम विभाग ने कहा है कि 3 से 4 दिन बाद ही इसमें बढ़ोतरी हो सकती है। वह भी ओडीशा और पश्चिम राजस्थान में देखने को मिलेगी। मौसम विभाग ने पूरे देश का मौसम का पूर्वानुमान जारी किया है। इसके मुताबिक पूर्वी व मध्य भारत, उत्तर पश्चिम भारत और नॉर्थ ईस्ट में बारिश का दौर जारी रहेगा। 50 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
एमपी-सीजी में चलेंगी तेज हवाएं
मौसम विभाग ने कहा है कि पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 7 दिन तक बारिश का दौर जारी रहेगा। वहीं एमपी, विदर्भ, छत्तीसगढ़ में 4 से 8 जून के बीच आंधी और बारिश होगी। बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड में 5 जून को तूफान आने की संभावना है।
यूपी-राजस्थान में बारिश का दौर
IMD के बुलेटिन के मुताबिक जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और चंडीगढ़ में कुछ इलाकों में बारिश होगी। 7 से 9 जून के बीच पश्चिम राजस्थान में धूल भरी आंधी आने की आशंका है।
40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेगी
इसके अलावा केरल और कर्नाटक में जमकर बारिश होगी। 4 से 8 जून के बीच आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और कर्नाटक में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेगी।
गर्मी का हाल
मौसम विभाग ने कहा है कि नॉर्थ वेस्ट इंडिया में अगले 24 में तापमान में खास बढ़ोतरी नहीं होगी। 3 से 4 दिन बाद ही इसमें बदलाव देखने को मिलेगा। मध्य भारत में भी 3 से 4 दिन बाद ही मौसम पलटेगा। पूर्वी भारत में अधिकतम तापमान 2 से 3 डिग्री गिरेगा। देश के शेष हिस्से में भी गर्मी का प्रकोप कम झेलना पड़ेगा।
साडा अध्यक्ष पद के लिए अशोक शर्मा का नाम चर्चा में
