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गुजरात, केरल, बंगाल और पंजाब में विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए मतदान जारी
19 Jun, 2025 12:43 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आज चार राज्यों गुजरात, केरल, पश्चिम बंगाल और पंजाब में विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए मतदान हो रहा है। पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली चुनावी परीक्षा है। ये चुनाव केरल और पश्चिम बंगाल में खास तौर पर महत्वपूर्ण हैं, जहां अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं।
सुबह सात बजे से शुरू होगा मतदान
चार राज्यों की पांच विधानसभा सीटों पर होने जा रहे इस उपचुनाव को लेकर भाजपा, कांग्रेस और आप समेत अन्य पार्टियों ने पूरी तैयारी कर रखी हैं। चुनाव अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि पात्र मतदाताओं को सुबह 7 बजे से शाम 8 बजे के बीच मतदान करने की अनुमति होगी। मतों की गिनती 23 जून को होगी।
भाजपा, कांग्रेस और आप ने गुजरात में उतारे अपने उम्मीदवार
गुजरात में विसावदर और कडी विधानसभा सीटों पर गुरुवार को उपचुनाव होंगे, जहां भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने अपने उम्मीदवार उतारे हैं।
गुजरात में 294 मतदान केंद्रों पर मतदान
गुजरात के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने बताया कि राज्य सरकार ने मतदान के दिन दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। इसमें कहा गया है कि प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में 294 मतदान केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) के माध्यम से वोट डाले जाएंगे।
जूनागढ़ की सीट 2023 से खाली
जूनागढ़ जिले की विसावदर सीट दिसंबर 2023 से खाली है, जब तत्कालीन आप विधायक भूपेंद्र भयानी ने इस्तीफा देकर सत्तारूढ़ भाजपा में शामिल हो गए थे। विसावदर उपचुनाव के लिए भाजपा ने किरीट पटेल को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस ने नितिन रणपरिया को मैदान में उतारा है। आप के पूर्व गुजरात अध्यक्ष गोपाल इटालिया भी मैदान में हैं।
नीलांबुर उपचुनाव केरल में कांग्रेस का सेमीफाइनल
केरल में बहुत कुछ दांव पर लगाने वाली कांग्रेस ने पहले ही घोषणा कर दी है कि नीलांबुर उपचुनाव 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले का सेमीफाइनल है। केरल के एलओपी और कांग्रेस विधायक वीडी सतीशन ने दावा किया है कि उपचुनाव में जीत से राज्य में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) की वापसी की शुरुआत होगी।
केरल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सतीशन ने कहा कि यह एक राजनीतिक मुकाबला है, यूडीएफ और एलडीएफ के बीच सीधी लड़ाई है। यह 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले का सेमीफाइनल है और हमें बड़े अंतर से जीतने का भरोसा है।
कालीगंज विधानसभा उपचुनाव ममता के लिए बेहद महत्वपूर्ण
पश्चिम बंगाल की बात करें तो यहां अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं। राज्य के नादिया जिले में कालीगंज विधानसभा उपचुनाव में टीएमसी, बीजेपी और कांग्रेस-वाम गठबंधन के बीच त्रिकोणीय मुकाबला होने जा रहा है। उपचुनाव से पहले यहां चुनावी चर्चा में पहचान की राजनीति, मुर्शिदाबाद दंगों के बाद की चिंताएं और ऑपरेशन सिंदूर के बाद राष्ट्रवादी उभार हावी रहा है।
हाल ही में मुर्शिदाबाद में हुए दंगों के कारण भी उपचुनाव पर कड़ी नजर रखी जा रही है, जिसमें तीन लोग मारे गए थे और कई लोग बेघर हो गए थे। इसके अलावा एसएससी भर्ती घोटाले को लेकर असंतोष और 2024 के आम चुनावों के बाद से चुनावी गणित में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। कालीगंज में पहचान और विरासत चुनावी लड़ाई के केंद्र में हैं।
टीएमसी ने बीजेपी पर सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का आरोप लगाया
टीएमसी ने बीजेपी पर सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का आरोप लगाया है, लेकिन मुर्शिदाबाद दंगों और राज्य के कुछ हिस्सों में छिटपुट सांप्रदायिक झड़पों ने इस अल्पसंख्यक बहुल सीट पर तृणमूल कांग्रेस के गढ़ को तोड़ने के भगवा पार्टी के अभियान को और मजबूत कर दिया है।
लुधियाना उपचुनाव आप, कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण परीक्षा
लुधियाना पश्चिम उपचुनाव, जो गुरुवार को होने वाला है, एक उच्च-दांव राजनीतिक मुकाबला बन रहा है जो पंजाब में शहरी राजनीतिक कथानक को फिर से परिभाषित कर सकता है। जबकि यह सीट अपने आप में कई सीटों में से एक है, इस उपचुनाव के निहितार्थ इसकी सीमाओं से कहीं आगे तक फैले हुए हैं।
सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के लिए, यह मुकाबला जनवरी में अपने मौजूदा विधायक गुरप्रीत बस्सी गोगी की मृत्यु के बाद पंजाब में अपने प्रभुत्व की पुष्टि करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। सीट को बरकरार रखने से आप को अपने शहरी प्रभाव और निरंतरता की कहानी को बनाए रखने में मदद मिलेगी।
ईडी की 37 जगहों पर छापेमारी
19 Jun, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। दिल्ली में क्लासरूम निर्माण घोटाले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने बुधवार को ठेकेदारों और निजी कंपनियों के 37 ठिकानों पर छापेमारी की। यह छापेमारी दिल्ली पुलिस की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) की ओर से दर्ज की गई एफआईआर पर की गई है। एफआईआर में दिल्ली सरकार के तात्कालीन मंत्रियों के खिलाफ भी आरोप हैं। इन पर दिल्ली के अलग-अलग स्कूलों में अतिरिक्त क्लासरूम बनाने के दौरान घोटाले और गड़बड़ी करने का आरोप है।
भूस्खलन की चपेट में दो की मौत
19 Jun, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रुद्रप्रयाग। गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर जंगलचट्टी के पास बड़ा हादसा हो गया। पहाड़ी से अचानक भारी मलबा गिरने के चलते पांच यात्री इसकी चपेट में आकर गहरी खाई में जा गिरे। हादसे में दो यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि पहाड़ी पर भूस्खलन की वजह से यह घटना हुई। स्थानीय प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम द्वारा रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। घायलों को खाई से निकालकर प्राथमिक उपचार के लिए सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है।
महाराष्ट्र में स्कूलों में तीसरी भाषा के रूप में हिंदी अनिवार्य
19 Jun, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई । महाराष्ट्र में भाषा पर विवाद के बीच राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य में कक्षा 1 से 5 तक मराठी और अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में तीसरी भाषा के रूप में हिंदी अनिवार्य होगी। आज बुधवार को महाराष्ट्र सरकार ने आधिकारिक तौर पर आदेश जारी किया है।
सरकार ने साफ किया कि हिंदी तृतीय भाषा के रूप में सामान्य रूप से अध्ययन के लिए लागू की जाएगी। सरकार ने आदेश में कहा, “सभी माध्यमों के स्कूलों में मराठी अनिवार्य भाषा होगी। इस कार्यान्वयन की सभी व्यवस्थाएं शिक्षा विभाग की तरफ से की जाएंगी। मराठी और अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में कक्षा 1 से 5 तक के लिए हिंदी अब से तीसरी भाषा होगी।”
हालांकि, यदि ये छात्र हिंदी के बजाय किसी अन्य भारतीय भाषा को तीसरी भाषा के रूप में पढ़ाने की इच्छा व्यक्त करते हैं तो उन छात्रों को उस भाषा को तीसरी भाषा के रूप में पढ़ाने की अनुमति दी जाएगी। स्कूल में छात्र हिंदी के बजाय अन्य भाषाओं को तीसरी भाषा के रूप में पढ़ाने की इच्छा व्यक्त करते हैं, तो उनकी कक्षा में कम से कम संख्या 20 होनी चाहिए। यदि कम से कम 20 छात्र हिंदी के बजाय अन्य तीसरी भाषाएं पढ़ाने की इच्छा व्यक्त करते हैं तो उस भाषा को पढ़ाने के लिए एक शिक्षक प्रदान किया जाएगा, अन्यथा उक्त भाषा को ऑनलाइन पढ़ाया जाएगा।
आदेश में कहा गया है, “राज्य स्तर पर इसे तुरंत लागू किया जाएगा। मराठी और अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में, अन्य माध्यम के स्कूलों में कक्षा 1 से 5 के लिए तीन भाषाओं, अर्थात् माध्यम भाषा, मराठी और अंग्रेजी का अध्ययन किया जाएगा।
देश का पहला एंटी सबमरीन वारफेयर ‘अर्णाला’ भारत के समुद्री बेड़े में शामिल
19 Jun, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
विशाखापट्टनम । देश का पहला एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट ‘अर्णाला’ बुधवार को भारत के समुद्री बेड़े में शामिल किया गया। महाराष्ट्र के वसई के ऐतिहासिक ‘अर्णाला’ किले के नाम पर बना यह युद्धपोत भारत की समृद्ध समुद्री विरासत को दर्शाता है। यह पोत भारत की नौसैनिक क्षमताओं में बड़ा बदलाव लाने के साथ ही तटीय सुरक्षा को मजबूत करेगा। रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हिंद महासागर क्षेत्र में भारत आत्मनिर्भर समुद्री शक्ति के रूप में उभरेगा।
विशाखापट्टनम के नौसेना डॉकयार्ड में आज चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान की अध्यक्षता में कमीशनिंग समारोह में जहाज को नौसेना के बेड़े में शामिल किया गया। स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित 16 पनडुब्बी रोधी युद्धक उथले जल पोत (एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट) में से यह पहला पोत है। इस युद्धपोत में 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। इसमें भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल), एलएंडटी, महिंद्रा डिफेंस और एमईआईएल सहित प्रमुख भारतीय रक्षा फर्मों की उन्नत प्रणालियां शामिल हैं। इस परियोजना में 55 से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) ने सहयोग दिया है।
युद्धपोत निगरानी टीमों की देखरेख में निर्मित ‘अर्णाला’ को 08 मई को भारतीय नौसेना को सौंपा गया था। विभिन्न खतरों के खिलाफ मजबूती से खड़े रहे ‘अर्णाला’ किले की तरह इस जहाज को समुद्र में मजबूत उपस्थिति के लिए डिजाइन किया गया है। इसका मजबूत निर्माण और उन्नत क्षमताएं सुनिश्चित करती हैं कि यह जहाज समुद्री क्षेत्र की चुनौतियों का सामना करके उभरते खतरों से भारत के जल की रक्षा कर सकता है। नौसेना के अनुसार ‘अर्णाला’ जहाज को पानी के नीचे निगरानी रखने, तलाश और बचाव कार्यों और कम तीव्रता वाले समुद्री संचालन (एलआईएमओ) के लिए तैयार किया गया है।
मनरेगा पर बंगाल को न्याय! कलकत्ता हाई कोर्ट ने केंद्र को बकाया भुगतान और काम बहाल करने को कहा
18 Jun, 2025 11:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कलकत्ता हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को बंगाल में फिर से मनरेगा शुरू करने का निर्देश दिया है. हाई कोर्ट ने कहा है कि केंद्र सरकार इस योजना को एक अगस्त से शुरू करे. चीफ जस्टिस टीएस शिवगणनम और जस्टिस चैताली चटर्जी दास की बेंच ने यह आदेश दिया. हालांकि, कुछ क्षेत्रों में अनियमितताओं की जांच जारी रह सकती है. बंगाल में यह योजना पिछले करीब तीन साल से स्थगित है.
कोलकाता हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को राज्य के कुछ जिलों (पूर्व बर्धमान, हुगली, मालदा और दार्जिलिंग) में अनियमितताओं के आरोपों की जांच जारी रखने की अनुमति दी. कोर्ट ने कहा कि मनरेगा के क्रियान्वयन के प्रभारी अधिकारियों को विशेष शर्तें लगाने का अधिकार होगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जो चीजें तीन साल पहले हुई थी, वह फिर से दोबारा न हो.
2022 में केंद्र सरकार ने रोकी थी फंडिंग
हाई कोर्ट ने कहा कि इस समय अदालत का प्रयास इस योजना का कार्यान्वयन सुनिश्चित करना है, जो राज्य में पिछले करीब तीन साल से स्थगित है. दरअसल, केंद्र सरकार ने 2022 में फंडिंग रोक दी थी, जिसके कारण राज्य के लाखों श्रमिक प्रभावित हुए.
केंद्र ने आरटीआई के जवाब में कहा कि 63 लोकेशन में से 31 में अनियमितताएं पाई गईं, जिसके चलते फंडिंग रोकी गई थी. 2021-22 में पश्चिम बंगाल को MGNREGA के तहत 7,507.80 करोड़ रुपये मिले थे, लेकिन इसके बाद तीन साल तक कोई फंड नहीं दिया गया.
केदारनाथ में श्रद्धालुओं और प्रशासन के लिए चुनौती बना मौसम
18 Jun, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चारों तरफ पानी का जलजला, सड़कों पर मलबा, मलबे में फंसे लोग
रुद्रप्रयाग । उत्तराखंड में मौसम श्रद्धालुओं के साथ-साथ प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है। आलम यह है कि रास्तों पर एक तरफ मलबों का ढेर है तो वहीं दूसरी तरफ खचाखच लोगों से भरी सड़कें हैं। सोशल मीडिया पर इन दिनों चारधाम यात्रा से जुड़े वीडियो लगातार वायरल हो रहे हैं, जिसमें तबाही के मंजर नजर आ रहे हैं। केदारनाथ जाने वाले रास्ते पर पानी के भारी बहाव का वीडियो काफी खतरनाक है। ऐसा लग रहा है कि 2013 वाली त्रासदी फिर से केदारनाथ में आ सकती है। केदारनाथ जाने वाला पैदल मार्ग पूरी तरह से बंद है। वहीं खराब मौसम के कारण हेली सेवा भी प्रभावित है। उत्तरकाशी चारधाम यात्रा के महज 50 दिनों में 10 लाख से ज़्यादा तीर्थयात्रियों ने गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के पवित्र दर्शन कर लिए हैं। यमुनोत्री धाम में 5 लाख और गंगोत्री धाम में 5 लाख से ज्यादा यात्री दर्शन कर चुके हैं। कपाट खुलने से अब तक लगातार यात्रा में उत्साह देखने को मिल रहा है।
पहली बारिश में खुली पोल, दिल्ली के कई क्षेत्रों में जलभराव सड़कों पर लगा जाम
18 Jun, 2025 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में मंगलवार को हुई तेज बारिश ने प्रशासन की तैयारियों की पोल खोल दी है। बारिश से कई इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया, अंडरपास में पानी भर गया और ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा गई। हालांकि इस बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी। ऐसी ही स्थिति आज यानी बुधवार को भी बनने की संभावना है। बता दें दिल्ली में अभी प्री मॉनसून बारिश हो रही है और जल्द ही मॉनसूनी बारिश शुरू हो जाएगी।
भारी बारिश के कारण दिल्ली के अंडरपास, पुल, आईटीओ, और कई इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया, जिससे वाहनों की आवाजाही पर असर पड़ा। वहीं खराब मौसम के चलते दोपहर 3 से 4 बजे के बीच दिल्ली हवाई अड्डे पर 12 उड़ानों का रूट डायवर्ट किया गया। मानसून से पहले नालों की सफाई और जलभराव से निपटने के दावे किए गए, लेकिन हकीकत पहली ही बारिश में सामने आ गई। दिल्ली की सड़कों पर पानी और जाम नजर आया।
आईएमडी के आंकड़ों के मुताबिक सफदरजंग में 10 मिमी, लोधी रोड पर 5 मिमी, पूसा में 41 मिमी, नारायणा में 15 मिमी और आयानगर में 23 मिमी बारिश दर्ज की गई। पालम और सफदरजंग स्टेशनों पर दोपहर 2.30 बजे से 3 बजे तक और शाम 6.30 बजे 35-40 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलीं। मंगलवार को अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो मौसम के औसत से 3.8 डिग्री कम था। न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.5 डिग्री ज्यादा था।
आईएमडी ने बुधवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें खासतौर पर रात के समय बिजली के साथ तूफान, हल्की बारिश और 50-60 किमी प्रति घंटे की गति से हवा चलने की संभावना जताई है। वहीं, अधिकतम और न्यूनतम तापमान 34 और 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। दिल्ली में गुरुवार तक येलो अलर्ट जारी रहेगा। इस दौरान हल्की बारिश, गरज के साथ छींटे, बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
जी-7 सम्मेलन में इमैनुएल मैक्रों से ऐसा क्या बोले पीएम मोदी
18 Jun, 2025 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कनाडा के दौरे पर हैं। जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी ने कई वैश्विक नेताओं से मुलाकात की। इसी बीच फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ पीएम मोदी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें दोनों जोर से हंसते दिखाई दे रहे हैं।
पीएम मोदी ने मैक्रों से क्या कहा?
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो पीएम मोदी ने इमैनुएल मैक्रों की चुटकी ली। उन्होंने कहा मैक्रों से कहा, "आजकल आप ट्वीटर (X) पर भी एक्टिव हैं।" यही सुनते मैक्रों जोर से हंस पड़े।
पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों गले मिले
जी-7 सम्मेलन में इमैनुएल मैक्रों ने पीएम मोदी से हाथ मिलाया और फिर दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को गले लगा लिया। इस दौरान इमैनुएल मैक्रों ने विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल से भी हाथ मिलाया।
पीएम मोदी और मैक्रों की बातचीत
जी-7 सम्मेलन के दौरान इमैनुएल मैक्रों और पीएम मोदी एक-साथ बैठकर बातें करते भी नजर आए। राष्ट्रपति मैक्रों ने पीएम मोदी से पूछा, "आप कब आए?" इसपर पीएम मोदी ने उन्हें जवाब दिया, "मैं पिछली रात को पहुंचा था और इससे पहले मैं साइप्रस की यात्रा पर भी गया था।"
पीएम मोदी ने शेयर की तस्वीर
पीएम मोदी ने भी सोशल मीडिया पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ तस्वीर साझा की है। इस दौरान पीएम मोदी ने लिखा, "मेरे दोस्त इमैनुएल मैक्रों से मिलना हमेशा खुशनुमा रहा है। हमने कई मुद्दों पर बात की। भारत और फ्रांस दुनिया की बेहतरी के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।"
ट्रंप ने मैक्रों पर किया था ट्वीट
बता दें कि बीते दिन जी-7 सम्मेलन में पहुंचे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बीच में ही वाशिंगटन डीसी वापस चले गए। ऐसे में मीडिया से बातचीत के दौरान राष्ट्रपति मैक्रों ने मजाकिया अंदाज में कहा कि ट्रंप को ईरान और इजरायल के बीच सीजफायर करवाना था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक्स (ट्वीटर) पर पोस्ट शेयर करते हुए राष्ट्रपति मैक्रों पर तीखी टिप्पणी की थी।
खेल मंत्री सिंधिया से मिले नॉर्थईस्ट यूनाइटेड एफसी के मालिक जॉन अब्राहम, क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं पर हुई चर्चा
18 Jun, 2025 05:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से बुधवार को अभिनेता जॉन अब्राहम और नॉर्थईस्ट यूनाइटेड फुटबॉल क्लब (एनयूएफसी) के सीईओ मंदर ताम्हाणे ने मुलाकात की. इस मुलाकात को लेकर केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व ट्विटर) पर एक तस्वीर साझा की और जॉन अब्राहम के खेलों के प्रति समर्पण की प्रशंसा की.
सिंधिया ने अपने पोस्ट में लिखा, “ऐसे व्यक्ति से मिलना हमेशा खुशी देता है जो खेलों के प्रति गहरा जुनून रखता हो और युवा प्रतिभाओं को तलाशने, उन्हें आकार देने और समर्थन देने की इच्छा रखता हो, खासकर पूर्वोत्तर भारत में, जो तेजी से भारत की खेल महाशक्ति बन रहा है.
उन्होंने लिखा कि जॉन का फुटबॉल के प्रति उत्साह और उनके सपने कि हमारी धरती से एक दिन मेस्सी या रोनाल्डो जैसा खिलाड़ी निकले वास्तव में प्रेरणादायक है. उन्हें और उनकी टीम को भारतीय फुटबॉल को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए शुभकामनाएं.”
सिंधिया से जॉन अब्राहम ने की मुलाकात
नॉर्थईस्ट यूनाइटेड एफसी, गुवाहाटी (असम) स्थित एक पेशेवर फुटबॉल क्लब है जो इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) में हिस्सा लेता है, क्लब की स्थापना 13 अप्रैल 2014 को की गई थी और यह पूर्वोत्तर भारत के आठ राज्यों असम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, मेघालय, त्रिपुरा और सिक्किम का प्रतिनिधित्व करता है। यह देश का एकमात्र क्लब है जो इतने बड़े भौगोलिक और सांस्कृतिक क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करता है.
क्लब के मालिक जॉन अब्राहम ने 2013 में क्लब को व्यक्तिगत रूप से खरीदा था. उनके लिए यह सिर्फ एक व्यावसायिक उद्यम नहीं बल्कि जुनून का विषय रहा है. उन्होंने हाल एक इंटरव्यू में बताया था कि एनयूएफसी में निवेश कर वे हर साल आर्थिक नुकसान झेलते हैं, क्योंकि बाकी फ्रेंचाइजी बड़े कॉरपोरेट समूहों के स्वामित्व में हैं. उन्होंने कहा था, मैं व्यक्तिगत रूप से मालिक हूं. जब मेरी टीम हारती है, तो मैं रोता हूं लेकिन मैं उनसे प्यार करता हूं.
नॉर्थईस्ट यूनाइटेड एफसी ने जीता डूरंड कप
हाल ही में, नॉर्थईस्ट यूनाइटेड एफसी ने 2024 के डूरंड कप के फाइनल में प्रतिष्ठित क्लब मोहन बागान को 4-3 से हराकर अपनी पहली बड़ी ट्रॉफी जीती. यह जीत क्लब, खिलाड़ियों, कोच और सपोर्ट स्टाफ के वर्षों के संघर्ष और मेहनत की परिणति रही. जॉन अब्राहम ने इस जीत को कभी हार न मानने की भावना का प्रतीक बताया.
उन्होंने कहा, डूरंड कप जीतने की भावना अभी भी मेरे अंदर नहीं समाई है. यह सबक है कि टीम को केवल जीतते समय नहीं, हार के समय भी थामे रखना चाहिए. सुरंग के अंत में रोशनी होती है और हमने यह साबित कर दिया है.
क्लब की इस सफलता ने न केवल जॉन अब्राहम के सपनों को पंख दिए हैं, बल्कि पूर्वोत्तर भारत में फुटबॉल के बढ़ते प्रभाव और संभावनाओं को भी रेखांकित किया है.
राजा रघुवंशी हत्याकांड में नए किरदार की एंट्री
18 Jun, 2025 05:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड में नए-नए खुलासे हो रहे हैं। अब इस केस में एक और किरदार की एंट्री हुई है। पुलिस ने सोनम की कॉल डिटेल खंगाली है। कॉल डिटेल में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है।
राज, सोनम और वो...
जांच में पता चला है कि सोनम हत्याकांड से पहले सोनम राज के अलावा किसी दूसरे शख्स के भी संपर्क में थी। उस शख्स का नाम संजय वर्मा बताया जा रहा है। 1 मार्च से 8 अप्रैल के बीच सोनम ने संजय वर्मा को लगातार कॉल किया था। 38 दिनों में सोनम ने संजय वर्मा को 234 बार कॉल की थी। सोनम ने उसका नंबर संजय वर्मा होटल के नाम से सेव किया था।
कौन है संजय वर्मा?
पुलिस की जांच में ये स्पष्ट हो गया है कि राजा रघुवंशी हत्याकांड में राज कुशवाहा के अलावा अन्य लोग भी शामिल हैं। इस बात का पता लगाया जा रहा है कि आखिर संजय वर्मा कौन है? राजा के मर्डर के बाद से ही संजय वर्मा का फोन स्विच ऑफ आ रहा है।
राज-सोनम में संजय वर्मा के नाम से लिया नंबर?
राज और सोनम ने ही राजा की हत्या की साजिश रची थी। अंदेशा लगाया जा रहा है कि दोनों ने संजय वर्मा के नाम पर मोबाइल नंबर लिया हो। हो सकता है कि हत्या की प्लानिंग के लिए संजय वर्मा के नाम से नंबर लिया हो, जिससे हत्याकांड के बाद पुलिस की जांच से बचा जा सके।
तीन आरोपियों ने भी ली नई सिम
जांच में सामने आया है कि शिलांग में राजा की हत्या करने पहुंचे विशाल, आकाश और आनंद ने भी नई सिम ली थी। राजा को मारने के बाद तीनों आरोपियों ने नंबर बंद करके सिम फेंक दी।
पीएम मोदी ने ट्रंप के सामने ही खारिज किया भारत-पाक मध्यस्थता का दावा, कहा- 'आतंकवाद पर व्यापार नहीं'
18 Jun, 2025 05:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर बातचीत हुई है. दोनों के बीच 35 मिनट तक वार्ता हुई, जिसमें पीएम मोदी ने ट्रंप को बताया कि भारत ने ना कभी मध्यस्थता स्वीकार की थी, न करता है और न ही कभी करेगा. दरअसल, ट्रंप कई बार ये दावा कर चुके हैं कि उन्होंने पिछले महीने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के दौरान मध्यस्थता की थी. अमेरिकी राष्ट्रपति पूरी दुनिया को बताते रहे हैं कि उनके कारण ही भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर हुआ. दोनों देशों के बीच शांति का श्रेय वो खुद ले रहे हैं.
ट्रंप के दावे के बाद कांग्रेस मोदी सरकार पर हमलावर थी. राहुल गांधी से लेकर कांग्रेस के तमाम प्रवक्ताओं का कहना था कि पीएम मोदी ट्रंप के सामने झुक गए. राहुल गांधी ने यहां तक कह दिया था कि पीएम मोदी ने सरेंडर कर दिया.
कनाडा में दोनों नेताओं की होनी थी मुलाकात
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की मुलाकात कनाडा में G7 समिट की साइडलाइंस पर होनी तय थी. इजराइल और ईरान तनाव के कारण ट्रंप को जल्दी वापस अमेरिका लौटना पड़ा, जिसके कारण यह मुलाकात नहीं हो पाई.
इसके बाद राष्ट्रपति ट्रंप के आग्रह पर आज दोनों लीडर्स की फोन पर बात हुई. बातचीत लगभग 35 मिनट चली. 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने फोन पर प्रधानमंत्री मोदी को शोक संवेदना प्रकट की थी और आतंक के खिलाफ समर्थन व्यक्त किया था. उसके बाद दोनों लीडर्स की यह पहली बातचीत थी.
ऑपरेशन सिंदूर पर हुई बात
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप से ऑपरेशन सिंदूर के बारे में विस्तार से बात की. उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप को स्पष्ट रूप से कहा कि 22 अप्रैल के बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने का अपना दृढ़ संकल्प पूरी दुनिया को बता दिया था.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 6-7 मई की रात को भारत ने पाकिस्तान और पीओके में सिर्फ आतंकी ठिकानों को ही निशाना बनाया था. साथ ही भारत ने यह भी स्पष्ट कर दिया था कि पाकिस्तान की गोली का जवाब भारत गोले से देगा. भारत के मुंहतोड़ जवाब के कारण पाकिस्तान को भारत से सैन्य कारवाई रोकने का आग्रह करना पड़ा.
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को स्पष्ट रूप से कहा कि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान कभी भी किसी भी स्तर पर भारत-अमेरिका ट्रेड डील या अमेरिका द्वारा भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता जैसे विषयों पर बात नहीं हुई थी.
राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री द्वारा विस्तार में बताई गई बातों को समझा और आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई के प्रति समर्थन व्यक्त किया. प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि भारत अब आतंकवाद को प्रॉक्सी वार नहीं, युद्ध के रूप में ही देखता है और भारत का ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है.
ट्रंप के दावों को खारिज करता रहा है भारत
पाकिस्तान पर भारत के ताबड़तोड़ एक्शन के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था अमेरिका की मध्यस्थता के कारण भारत और पाकिस्तान में सीजफायर हुआ. इसके तुरंत बाद पाकिस्तान ने भी सीजफायर की पुष्टि की थी. हालांकि भारत ने साफतौर पर कहा कि संघर्षविराम में किसी भी तीसरे देश की भूमिका नहीं है. भारत ने एक बार नहीं बल्कि कई बार ट्रंप के दावों का खारिज किया.
भगवान वेंकटेश्वर के नाम से जाना जाएगा तिरुपति हवाई अड्डा
18 Jun, 2025 04:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के अध्यक्ष बीआर नायडू ने बुधवार को कहा कि आंध्र प्रदेश में रेनिगुंटा हवाई अड्डे का नाम बदलकर 'श्री वेंकटेश्वर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा' करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कहा कि सिफारिश नागरिक उड्डयन मंत्रालय को भेज दी गई है।
हवाई अड्डा तिरुमाला के दिव्य सौंदर्य को दर्शाएगा
नायडू ने कहा कि तिरुमाला के आध्यात्मिक और भक्तिपूर्ण माहौल को दर्शाने के लिए हवाई अड्डे को फिर से डिज़ाइन किया जाएगा। उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि रेनिगुंटा हवाई अड्डे का नाम बदलकर भगवान श्री वेंकटेश्वर के नाम पर रखने का प्रस्ताव रखा गया है। हवाई अड्डा तिरुमाला के दिव्य सौंदर्य को दर्शाएगा।
श्रीवारी मंदिर बनाने की भी योजना
टीटीडी ने कर्नाटक सरकार से भूमि आवंटन लंबित रहने तक बेंगलुरु में एक प्रमुख स्थान पर श्रीवारी मंदिर बनाने की भी योजना बनाई है। सतत परिवहन को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री कुमार स्वामी ने टीटीडी को 100 इलेक्ट्रिक बसें प्रदान करने पर सहमति व्यक्त की है।
तिरुपति मंदिर का प्रसाद
आधिकारिक बयान के अनुसार, इन्हें जल्द ही तिरुमाला की परिवहन प्रणाली में शामिल करने के प्रयास चल रहे हैं। मंदिर निकाय मंदिर के प्रसाद में इस्तेमाल होने वाले घी, पानी और भोजन की गुणवत्ता का परीक्षण करने के लिए सीएसआईआर प्रयोगशाला स्थापित करने के लिए तिरुपति में जगह भी पट्टे पर देगा।
दिल्ली के श्री वेंकटेश्वर कॉलेज का आधुनिकीकरण करेगा टीटीडी
बीआर नायडू ने कहा कि दिल्ली में 73 साल पुराने श्री वेंकटेश्वर कॉलेज का आधुनिकीकरण किया जाएगा। टीटीडी के अध्यक्ष की अगुवाई वाली तीन सदस्यीय समिति नई नियुक्तियाँ किए जाने से पहले 200 अनुबंध व्याख्याताओं की चिंताओं का समाधान करेगी।
कैश कांड में घिरे जस्टिस वर्मा ने इस्तीफा देने से किया इनकार, तत्कालीन CJI को लिखा पत्र
18 Jun, 2025 01:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कथित कैश कांड में जस्टिस यशवंत वर्मा द्वारा तत्कालीन सीजेआई संजीव खन्ना को लिखे गए जवाबी पत्र के कुछ अंश सामने आए हैं. सूत्रों के मुताबिक जस्टिस वर्मा ने अपने जवाब में कहा कि वह अन्याय के खिलाफ नहीं झुकेंगे. आरोपों को नकारते हुए उन्होंने साजिश की ओर इशारा किया है. पहले भी उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट के सीजे के समक्ष जवाब में साजिश की आशंका जताई थी.
जस्टिस वर्मा ने जवाब में इन हाउस इन्क्वायरी की छानबीन के तथ्यों में अनदेखे पहलुओं को भी स्पष्ट किया है. जस्टिस वर्मा ने जवाब में घर में ना होने और कर्मचारियों द्वारा घर में कैश मिलने जैसी किसी घटना के नकारे जाने के तथ्य को भी स्पष्ट किया है. जस्टिस वर्मा ने जवाब में इस्तीफा देने से इनकार करते हुए कहा था कि अन्याय के आगे झुकने को तैयार नहीं हूं.
दवाब के आगे झुकने से इनकार
कैश मिलने के मामले में तीन जजों की समिति द्वारा दोषी पाए जाने के बाद देश के तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) जस्टिस संजीव खन्ना ने 4 मई को जस्टिस वर्मा को 48 घंटे की भीतर पद से इस्तीफा देने या स्वैच्छिक सेवानिवृति लेने का समय दिया था. इलाहाबाद हाई कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस वर्मा ने तत्कालीन सीजेआई खन्ना के इस दवाब के आगे झुकने से इनकार कर दिया.
पक्ष रखने का मौका नहीं मिला
जस्टिस वर्मा ने 6 मई को तत्कालीन सीजेआई को लिखे पत्र में इस्तीफा देने या स्वैच्छिक सेवानिवृति लेने से साफ इनकार कर दिया था. जस्टिस वर्मा ने तत्कालीन सीजेआई खन्ना से कहा था, पद से इस्तीफा देना या स्वैच्छिक सेवानिवृति लेने का मतलब मौलिक रूप से अन्यायपूर्ण प्रक्रिया को स्वीकार करना होगा. इसके तहत उन्हें व्यक्तिगत सुनवाई और पक्ष रखने का मौका देने भी वंचित कर दिया गया.
निष्पक्षता को लेकर उठाए सवाल
जस्टिस वर्मा ने इस्तीफा देने के बजाए, इस मामले में अपनाई गई प्रक्रियात्मक निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा है कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से पक्ष रखने का मौका नहीं दिया गया. तत्कालीन सीजेआई खन्ना ने 8 मई को मामले की जांच के लिए गठित तीन जजों की समिति की रिपोर्ट और जस्टिस यशवंत वर्मा का जवाब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया था. जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग चलाने की सिफारिश की थी.
अंडमान में मिला 2 लाख करोड़ लीटर तेल और गैस का भंडार
18 Jun, 2025 12:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। ईरान-इजराइल के बीच जारी जंग के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच भारत के लिए राहतभरी खबर है। भारत को अंडमान सागर में तेल और नेचुरल गैस का भंडार मिला है। माना जा रहा है कि यहां 2 लाख करोड़ लीटर कच्चा तेल मिल सकता है।
केंद्रीय पेट्रोलियम गैस मंत्री हरदीपसिंह पुरी ने कहा कि अगर यह अनुमान सही निकला तो इससे भारत की जीडीपी 5 ट्रिलियन से 5 गुना बढक़र 25 ट्रिलियन डॉलर हो सकती है, जबकि मिलने वाला कच्चा तेल 11.6 अरब बैरल जितना हो सकता है। उन्होंने कहा कि अंडमान से निकलने वाले कच्चे तेल के बाद हमारी एनर्जी की जरूरत एक झटके में पूरी हो जाएगी। हम दुनिया के अन्य देशों को भी तेल बेच सकेंगे। इधर, ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि युद्ध के कारण भारत पर आर्थिक संकट का खतरा बढ़ रहा है। खासकर होर्मुज जलडमरु मध्य को लेकर चिंताएं हैं। अगर यह बंद होता है तो भारत के लिए तेल और गैस का आयात महंगा पड़ेगा।
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