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दूसरे विश्व युद्ध से भी 'खतरनाक' हालात! ग्लोबल पीस इंडेक्स 2025 में दुनिया की शांति का भयावह चेहरा सामने आया
20 Jun, 2025 10:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दुनियाभर में जारी उथल-पुथल, जंग के माहौल के बीच ये समझना काफी दिलचस्प है कि दुनिया के देश पिछले बरसों की तुलना में कितने सुरक्षित या असुरक्षित हुए हैं. वहां समय के साथ शांति आई है या फिर वे और अशांत ही होते गए हैं. इसी बिंदु पर जारी ग्लोबल पीस इंडेक्स 2025 यानी वैश्विक शांति सूचकांक की रिपोर्ट काफी दिलचस्प जानाकारी के साथ सामने आई है. इस रिपोर्ट के मुताबिक औसत तौर पर वैश्विक शांति में करीब 0.36 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई है. यानी दुनिया समय के साथ और अशांत होती जा रही है. ये लगातार तेरहवां बरस है जब दुनिया में अशांति बढ़ती गई है. इस साल 74 देशों में स्थितियां सुधरी हैं तो 87 देशों में परिस्थितियां विकट हो गई हैं.
सबसे सुरक्षित और असुरक्षित देश
ग्लोबल पीस इंडेक्स 2025 की रैंकिंग के हिसाब से दुनिया के सबसे पांच सुरक्षित देश – आइसलैंड, आयरलैंड, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रिया और स्वीट्जरलैंड हैं. जबकि सबसे ज्यादा असुरक्षित देश अफगानिस्तान, यमन, सीरिया, साउथ सूडान, इराक रहे हैं.सबसे चौंकाने वाली बात ये रही कि इजराइल जैसा अहम और ताकतवर समझा जाने वाला देश इस सूची में साउथ सूडान और सीरिया से थोड़ा ही ऊपर 155वें नंबर पर है. यानी रहने के लिहाज से ये बेहद असुरक्षित मुल्क है. वहीं, ईरान इस सूची में इजराइल से बेहतर स्थिति में नजर आता है. ईरान की रैंकिंग 142 है. जो पाकिस्तान के 144वें पायदान से भी काफी अच्छी स्थिति में है.
भारत-पाकिस्तान में कौन बेहतर
भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान पाक का मददगार बनकर उभरा तुर्किये भी रहने के लिहाज से काफी असुरक्षित है. ये इस सूची में 146 पायदान पर रहा है. भारत तुल्नात्मक तौर पर बेहतर स्थिति में है. भारत की रैंकिंग अमेरिका से भी बेहतर स्थिति में है. इस सूची में पाकिस्तान 144 नंबर पर है. जबकि भारत 115वें नंबर पर है. यानी भारत में मध्यम स्तर की शांत ही जबकि पाकिस्तान में काफी अशांत स्थिति है. वहीं, अमेरिका का स्थान 128वें नंबर पर रहा. जो अफ्रीकी देश – मोजाम्बिक, साउथ अफ्रीका और केन्या के भी नीचे रहा. यहीं आपको बता दें कि ये रिपोर्ट इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक्स एंड पीस ने जारी किया है.
2020 के रिपोर्ट का लब्बोलुआब
आइसलैंड, स्वीट्जरलैंड, आयरलैंड जैसे देश बेहतर स्थिति में अपनी मजबूत संस्थानों की वजह से हैं. साथ ही, बेहद कम भ्रष्टाचार, अच्छे इंफ्रास्ट्रक्चर इन देशों को घूमने के लिहाज से भी काफी अच्छा ट्रैवेल डेस्टिनेशन बनाता है. यूके – यूनाइटेड किंगडम यानी ब्रिटेन की स्थिति पिछले साल की तुलना में थोड़ी बेहतर हुई है. इस बार उसकी रैंकिंग 30 है. 2020 में आइसलैंड पहले स्थान पर था जबकि उसके अलावा न्यूजीलैंड, पुर्तगाल, ऑस्ट्रिया और डेनमार्क टॉप 5 में थे. मगर इस बार सूची में थोड़ी तब्दीली आई है. 2020 में इन 5 देशों के अलावा कनाडा, सिंगापुर, चेक रिपब्लिक, जापान और स्वीट्जरलैंड जैसे देश थे. वहीं, इस साल, आइसलैंड, आयरलैंड, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रिया और स्वीट्जरलैंड जैसे देशों के टॉप 5 में होने के अलावा टॉप 10 देशों में सिंगापुर, पुर्तगाल, डेनमार्क, स्लोवेनिया और फिनलैंड हैं.
2020 में कोविड की चिंताएं थीं!
अपने आप में दुनिया का शांत होना काफी जरुरी है. क्योंकि इसकी गैरमौजूदगी में आर्थिक असमानता बढ़ती है. साथ ही, दुनिया की ग्लोबल जीडीपी में भी भारी गिरावट दर्ज होती है. अगर लोग लड़ने-झगड़ने और अपनी जिंदगी की सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं में मशगूल रहेंगे तो फिर वे कला या फिर व्यापार, घर या दूसरे उत्पादक काम कैसे कर सकेंगे. जहां तक 2020 की बात है तो उस साल ग्लोबल पीस इंडेक्स रिपोर्ट कोविड 19 के आर्थिक प्रभाव और इस कारण होने वाली राजनीतिक अस्थिरता, अंतर्राष्ट्रीय संबंधों पर असर, हिंसा और दूसरे सामाजिक-आर्थिक विकास की वजह से प्रभावित रहा था. पर इस बार की स्थितियां अलग हैं.
रूस-यूक्रेन का हाल किस तरह का
एक खास चीज जो इस रिपोर्ट में दिखी कि रूस और यूक्रेन 163 देशों की सूची में सबसे निचले पायदान पर रहे. इसके पीछे की वजह यहां करीब तीन बरस से जारी युद्ध और किसी भी वक्त हमले की आशंका है. 2023 में ग्लोबल पीस इंडेक्स में कहा गया था कि दुनिया में संघर्ष 15 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए हैं. यूके दूसरे कई देशों की तरह असुरक्षित होता जा रहा है. वहां के 15 फीसदी इलाके को घूमने के लिहाज से असुरक्षित बताया जाने लगा है. रिपोर्ट ये भी दर्ज करती है कि दुनिया दिन-ब-दिन और अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने की तरफ आगे बढ़ रही है. पुराने सैन्य या फिर राजनयिक गठजोड़ टूट रहे हैं और लोग अपने आपको कहीं भी यात्रा करने में असुरक्षित भी पा रहे हैं.
मुंबई-पुणे में भारी बारिश, बिहार से बंगाल तक ऑरेंज अलर्ट, दिल्ली को बारिश का इंतजार
20 Jun, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। देश के लगभग हिस्सों में मानसून ने दस्तक दे दिया है। इधर, पश्चिमी तट पर गुजरात, महाराष्ट्र तो पूर्वी तट पर ओडिशा, बंगाल में मानसून ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर में शुक्रवार को बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य में आज गर्मी से राहत मिल सकती है। दिनभर आसमान ने बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने बताया कि शुक्रवार को 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। साथ ही कई इलाकों में हल्की बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने बताया कि पड़ोसी राज्यों जैसे हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश में बारिश से एनसीआर रीजन में गर्मी और लू से राहत मिल सकती है।
मौसम विभाग की मानें तो मानसून ने बंगाल, झारखंड, ओडिशा और बिहार होते हुए उत्तर प्रदेश के दक्षिणी जिलों में दस्तक दे दिया है। वहीं, झारखंड की राजधानी रांची समेत कई जिलों में और कोलकता में बारिश की वजह से ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, स्कूलों और कॉलेजों को बंद रखने का फैसला किया गया है। वहीं, मौसम विभाग ने मुंबई के अलग-अलग इलाकों के अलावा पुणे में आज मानसून की बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने इन हिस्सों में बारिश की वजह से ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
मयानगरी मुंबई में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने राजधानी के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। इस सप्ताह भारी बारिश के कारण सड़कें, रेलवे स्टेशन और शहर के कई हिस्से जलमग्न हो गए हैं। मौसम विभाग ने बताया कि शुक्रवार को भी मुंबई में भारी बारिश होने की संभावना है वहीं, तापमान 27 से 29 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने बताया कि 21 और 22 जून को भी बारिश जारी रहने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने मुंबई के अलावा, पुणे में भी गुरुवार को भारी बारिश होने की संभावना जताया है।
बिहार-झारखंड और बंगाल का मौसम
बिहार सहित सभी पूर्वी राज्यों में मानसून ने दस्तक दे दिया है। मौसम विभाग की माने तो बिहार में अगले 6 दिनों तक यानी कि 35 जून तक आंधी-तूफान के साथ बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने बताया कि पड़ोसी राज्य झारखंड में भी मानसून ने दस्तक दे दिया है। 20 जून को राज्य में भारी बारिश की संभावना है। बारिश को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही राज्य में सभी शिक्षण संस्थानों को बंद करने का आदेश जारी किया गया है। मौसम विभाग ने कोलकता में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
यूपी में देरी से पहुंचा मानसून
आईएमडी की माने तो उत्तर प्रदेश में मानसून 5 दिन की देरी से 18 जून यानी कि बुधवार को पहुंचा। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 19 जून से मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है और यह 28 जून तक यह पूरे प्रदेश को कवर कर चुका होगा। मौसम विभाग ने बताया कि देरी होने का कारण क्षेत्रीय मौसमी चक्रों, जैसे बंगाल की खाड़ी में कम दबाव और पश्चिमी विक्षोभ, के प्रभाव थे। वहीं, मौसम विभाग ने बताया कि आज उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में आज बारिश की संभावना है।
इजराइल से जंग के बीच ईरान ने भारत के लिए खोला एयरस्पेस, सैकड़ों छात्र आज लौटेंगे वतन
20 Jun, 2025 09:56 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एक विशेष निकासी अभियान ऑपरेशन सिंधु (Operation Sindhu) की शुरुआत की है. यह अभियान विशेष रूप से उन भारतीय नागरिकों की सुरक्षित और त्वरित वापसी सुनिश्चित करने के लिए शुरू किया गया है जो इस समय ईरान में फंसे हुए हैं. दोनों देशों के बीच बीच जंग शुरू हो जाने की वजह से भारत के सैकड़ों छात्र ईरान में फंसे हुए हैं. छात्र के परिवार वालों ने सरकार से वापसी की गुहार लगाई थी, जिसके बाद उन्हें वापस लाने के लिए यह ऑपरेशन शुरू किया गया.
सूत्रों के अनुसार, आज रात दो निकासी उड़ानें भारत पहुंचेंगी.पहली उड़ान मशहद (ईरान) से रवाना हुई है और इसके रात 11:30 बजे के आसपास दिल्ली में उतरने की उम्मीद है. दूसरी उड़ान अश्गाबात (तुर्कमेनिस्तान) से आ रही है, जो सुबह 3 बजे के करीब दिल्ली पहुंचेगी. विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावासों और संबंधित एजेंसियों के संयुक्त समन्वय से यह अभियान चलाया जा रहा है. भारत सरकार का लक्ष्य है कि ईरान सहित पश्चिम एशिया के संकटग्रस्त क्षेत्रों में रह रहे सभी भारतीय नागरिकों की जल्द से जल्द सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जाए.
1000 छात्रों को भारत लाया जा रहा
इस ऑपरेशन के तहत लगभग 1000 भारतीय नागरिकों, जिनमें अधिकांश छात्र हैं, को ईरान के मशहद शहर से स्वदेश लाया जा रहा है. ईरान सरकार ने इस मानवीय प्रयास में सहयोग देते हुए तीन चार्टर्ड उड़ानों के लिए अपने एयरस्पेस पर लगी पाबंदियों को अस्थायी रूप से हटा दिया है. ये उड़ानें ईरानी एयरलाइन ‘महान एयर’ द्वारा संचालित की जा रही हैं और भारत सरकार कोआर्डिनेट कर रही है.
110 छात्रों को आर्मेनिया के जरिए वापस लाया
इससे पहले 110 भारतीय छात्रों को ईरान से आर्मेनिया के जरिए जमीनी रास्ते से सुरक्षित निकालकर भारत लाया गया था. ईरानी दूतावास के उप प्रमुख मोहम्मद जवाद हुसैनी ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा है कि हम भारतीयों को अपने जैसे मानते हैं. ईरानी एयरस्पेस भले ही बंद हो, लेकिन भारतीय नागरिकों की सुरक्षित निकासी के लिए हमने इसे खोलने की व्यवस्था की है. उन्होंने बताया कि अगर आवश्यकता पड़ी, तो आने वाले दिनों में अधिक उड़ानों की व्यवस्था भी की जा सकती है.
ईरान में 10,000 भारतीय नागरिक
हुसैनी ने बताया कि करीब 10,000 भारतीय नागरिक ईरान में रह रहे हैं, और जो भी भारत लौटना चाहते हैं, उनकी वापसी की समुचित व्यवस्था की जा रही है. हालांकि, अधिकांश भारतीय सुरक्षित हैं, लेकिन हाल ही में तेहरान में एक छात्रावास पर हुए इजराइली हवाई हमले में कुछ भारतीय छात्रों को मामूली चोटें आई हैं. भारत का विदेश मंत्रालय और तेहरान स्थित भारतीय दूतावास मिलकर इस संकट में लगातार संपर्क बनाए हुए हैं, ताकि सभी भारतीय नागरिकों की सुरक्षित और शीघ्र वापसी सुनिश्चित की जा सके.
विमान हादसा : अब तक 223 मृतकों के डीएनए सैंपल का मिलान, 202 शव उनके परिवारों को सौंपे
20 Jun, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद| सिविल अस्पताल अधीक्षक डॉ. राकेश जोशी ने बताया कि 12 जून को अहमदाबाद विमान हादसे में मारे गए 223 लोगों के डीएनए सैंपल सुबह 11:50 बजे तक मिलान हो गए हैं। 220 रिश्तेदारों से संपर्क किया गया है। इनमें से 202 परिवारों को उनके रिश्तेदारों के पार्थिव शरीर सौंप दिए गए हैं। सिविल अस्पताल में उपचाराधीन (2) व्यक्तियों के शव भी उनकी मृत्यु के पश्चात उनके परिजनों को सौंप दिए गए हैं। इस प्रकार सिविल अस्पताल से कुल 204 शव सौंपे जा चुके हैं। डॉ. राकेश जोशी ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि जिन 223 मृतकों के डीएनए मैच पाए गए हैं, उनमें 168 भारतीय नागरिक, 7 पुर्तगाली, 36 ब्रिटिश नागरिक, 01 कनाडाई और 11 गैर-यात्री यानी स्थानीय लोग शामिल हैं। उन्होंने बताया कि 15 शव हवाई मार्ग से तथा 189 शव सड़क मार्ग से उनके आवासों तक पहुंचाए गए। डॉ. जोशी ने बताया कि सौंपे गए 204 शवों में से उदयपुर से 7, वडोदरा से 21, खेड़ा से 11, अहमदाबाद से 58, मेहसाणा से 6, बोटाद से 1, जोधपुर से 1, अरावली से 2, आणंद से 21, भरूच से 7, सूरत से 11, पालनपुर से 1, गांधीनगर से 6, महाराष्ट्र से 2, दीव से 14, जूनागढ़ से 1, अमरेली में 2, गिर सोमनाथ में 5, महिसागर में 1, भावनगर में 1, पटना में 1, राजकोट में 3, मुंबई में 9, नडियाद में 1, जामनगर में 2, पाटन में 2, द्वारका में 2, साबरकांठा में 1, नागालैंड में 1, लंदन में 2 और मोडासा में 1 शव भेजे गए हैं।
अब विमान में 11ए सीट के लिए लोग ज्यादा भुगतान करने को तैयार
20 Jun, 2025 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। एयर इंडिया विमान हादसे के बाद सीट 11ए पर एक यात्री के जीवित बचने से सबसे सुरक्षित सीटों को लेकर बहस छिड़ गई है। ऐसे में अब फ्लाइट की टिकट बुक करने वाले यात्री इस सीट के लिए एक्स्ट्रा पैसे देने के लिए तैयार हैं।
बता दें 12 जून को अहमदाबाद में एयर इंडिया की फ्लाइट एआई-171 के क्रैश होने के बाद, जिसमें 241 लोगों की जान चली गई थी, उसमें 40 साल के विश्वास कुमार रमेश बैठे इस हादसे में वह ही जीवित बचे हैं, जो सीट 11ए पर बैठे थे। जैसे ही इस बारे में लोगों को पता चला कि 11ए सीट पर बैठा शख्स जीवित बच गया है, हर कोई इस सीट के बारे में जानने को उत्सुक था। बता दें हादसे के बाद से भारतीय ट्रैवल एजेंटों ने 11ए सीट की बुकिंग के लिए वृद्धि की सूचना दी, कुछ यात्री इसके लिए ज्यादा भुगतान करने को भी तैयार हैं।
देश में कोरोना से 116 मौतें, 6 हजार एक्टिव केस
20 Jun, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस के एक्टिव केसों की संख्या घटकर 5976 हो गई है। बीते 24 घंटे में 507 मरीज रिकवर हुए हैं। वहीं 40 नए केस भी सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, जनवरी 2025 से लेकर अब तक नए वैरिएंट से 116 मौतें हुई हैं। बुधवार को 3 लोगों ने जान गंवाई है। दिल्ली में 2 और केरल में एक मौत हुई है।
केरल में सबसे ज्यादा 1309 एक्टिव केस हैं। सबसे ज्यादा मौतें भी केरल में 37 हुई हैं। गुजरात में 1046 और पश्चिम बंगाल में 747 मामले हैं। नया वैरिएंट देश के 32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फैल गया है।
दो फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग
20 Jun, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। दिल्ली से लेह जा रही इंडिगो फ्लाइट 6ई 2006 तकनीकी खराबी के कारण गुरुवार सुबह वापस दिल्ली लौट आई। फ्लाइट में क्रू मेंबर्स सहित 180 लोग सवार थे। इसके अलावा स्पाइसजेट फ्लाइट एसजी 2696 भी उड़ान भरने के 10 मिनट बाद वापस लौट गई। ये फ्लाइट हैदराबाद से तिरुपति जा रही थी। फ्लाइट में कुल 80 यात्री सवार थे। एयरलाइंस ने बताया कि, टेकऑफ के बाद पायलट को संकेत मिला कि विमान के पिछले दरवाजे में कुछ दिक्कत है। जिसके बाद फ्लाइट वापस एयरपोर्ट आ गई। इससे पहले बुधवार को एअर इंडिया की 3 फ्लाइट कैंसिल की गईं थीं। इनमें दिल्ली-बाली, टोरंटो-दिल्ली और दुबई-दिल्ली वाली उड़ानें शामिल थीं।
विदेश से 2 किलो सोना लाया, प्लेन में ही छोड़कर भाग गया !
20 Jun, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। एक शख्स फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर प्लेन से सफर कर रहा था। उसके दिमाग में एक अजीबोगरीब आइडिया आया और उसने सोने की तस्करी की अनोखी योजना बना डाली। वो विदेश से एक करोड़ रुपये से ज्यादा का सोना लाया और प्लेन में लावारिस छोड़ गया। उसने ये सब जानबूझकर किया, ताकि विदेश से आने की वजह से पूछताछ में पकड़ा न जाए। हालांकि, वो आराम से मुंबई एयरपोर्ट से निकल गया। सोना दो दिन तक प्लेन में ही रहा और प्लेन उड़ता रहा। इसके बाद जो हुआ सुनकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे। विदेश से आया ये तस्कर 14 जून को कोलकाता से चेन्नई पहुंचा तो अधिकारियों ने उसे डोमेस्टिक टर्मिनल पर हिरासत में ले लिया। उसके पास से पेस्ट के रूप में 1.13 किलो सोना जब्त किया गया। अगर ये शख्स मुंबई उतरा था तो कोलकाता कैसे पहुंचा? इस घटना को कालानुक्रमिक तौर पर समझने के लिए कुछ चीजों को उलट कर जांचा गया। जांच में पता चला कि वो बंगाल से नहीं बल्कि अबू धाबी से सोना तस्करी कर लाया था। उसकी पूरी चाल देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। जांच में यह भी पता चला कि वह अबू धाबी से मुंबई में सोने की तस्करी कर रहा था। खुद को बचाने के लिए उसने सोने को घरेलू मार्गों से चेन्नई लाने की कोशिश की। जानकारी के मुताबिक तस्कर 12 जून को अबू धाबी से पेस्ट के रूप में सोना लेकर आया और उसे अपनी सीट के नीचे छिपा दिया। सोना वहीं लावारिस पड़ा था। वह सोना लिए बिना मुंबई एयरपोर्ट से निकल गया। इसके बाद वह वहां से चेन्नई चला गया। उसने विमान को ट्रैक किया और... उसने विमान के यूनिक नंबर का इस्तेमाल करते हुए लगातार उसे ट्रैक किया। ऐसा करना बहुत आसान है, क्योंकि इन दिनों कई साइट्स पर लाइव ट्रैकिंग उपलब्ध है। उसे पता चला कि यही विमान 14 जून को कोलकाता से चेन्नई के लिए उड़ान भरने वाला है। उसने तुरंत कोलकाता जाने का फैसला किया। रिपोर्ट के मुताबिक वह चेन्नई से कोलकाता गया और इंडिगो की उसी फ्लाइट में उसी सीट पर वापस बैठ गया, जहां उसने सोना रखा था। उसने वहां मौजूद सोने को आसानी से निकाल लिया। अब 48 घंटे बाद वह सोना लेकर चेन्नई एयरपोर्ट से निकलने लगा। हालांकि, वह इसमें सफल नहीं हो पाया। जांच में यह भी पता चला कि उसने फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर दूसरे नाम से टिकट बुक किया था और अपनी पहचान बदल ली थी। उसके पास से दो फर्जी आधार कार्ड और 898 ग्राम सोना भी जब्त किया गया। कुल मिलाकर उसके पास से 2 करोड़ रुपये से ज्यादा का सोना जब्त किया गया।
अहमदाबाद में क्रैश हुए एअर इंडिया विमान का ब्लैक बॉक्स जांच के लिए अमेरिका भेजा जाएगा
20 Jun, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। अहमदाबाद में 12 जून को क्रैश हुए एअर इंडिया विमान का ब्लैक बॉक्स जांच के लिए अमेरिका भेजा जाएगा है। क्रैश हुए बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान का ब्लैक बॉक्स क्रैश के अगले दिन ही रिकवर कर लिया गया था। विमान में आग लगने के बाद ब्लैक बॉक्स इतना डैमेज हो चुका है कि उससे डेटा रिकवर करना मुश्किल है। इसलिए उसे जांच के लिए अमेरिका भेजने का फैसला लिया गया है।
ब्लैक बॉक्स के 2 हिस्से कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर को हीट और आग से नुकसान पहुंचा है। देश में ऐसी कोई लैब नहीं है, जहां डेटा रिकवर किया जा सके।
इसी वजह से अब इन्हें अमेरिका की नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड की लैब में भेजने का फैसला किया गया है। इसके साथ सरकारी अफसर भी जाएंगे ताकि सुरक्षा और गोपनीयता बनी रहे।
ऑपरेशन सिंधु की सफलता के बाद 'बसों का झटका': ईरान से सुरक्षित लौटे छात्रों ने कहा- 'दिल्ली से श्रीनगर के लिए मिली घटिया बसें!'
19 Jun, 2025 06:48 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ईरान और इजराइल के बीच छिड़ी जंग के बाद भारत ने अपने छात्रों को वहां से बाहर निकाला है. ऑपरेशन सिंधु के तहत स्टूडेंट्स को देश वापस लाया गया है. इसी बीच ईरान से दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड हुए जम्मू-कश्मीर के छात्रों ने बताया कि उनके लिए दिल्ली से श्रीनगर जाने के लिए जो बसें राज्य सरकार की तरफ से भेजी गई है, उनकी हालत काफी खराब है.
बसों को लेकर छात्रों के उठाए गए मुद्दों के बाद सीएम उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट किया. सीएम उमर अब्दुल्ला ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के जरिए बताया कि इस मुद्दे पर गौर किया गया है और अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दिया गया है.
छात्रों ने उठाया घटिया किस्म की बसों का मुद्दा
एक छात्रा ने कहा, ईरान-इजराइल की वॉर के बीच में हम लोग फंस गए थे. वहां पर बहुत हालत खराब हो गई थी. जिसकी वजह से हमें यहां पर लाया गया. पहले हमें सड़क के रास्ते आर्मेनिया पहुंचाया गया, उसके बाद फ्लाइट से हम दोहा पहुंचे और फिर हम वहां से दिल्ली आए. अब हम अपने घर कश्मीर जाने वाले थे.
छात्रा ने आगे कहा, हमें दिल्ली से श्रीनगर ले जाने के लिए बहुत ही घटिया किस्म की बसें थी. जिनमें शायद कोई जानवर भी नहीं रह सकता है. यहां पर काफी ज्यादा घटिया बसें थी. जिसकी वजह से हमें बहुत मुश्किल हुई और हम यहां खड़े हैं. हम ने सुबह 4 बजे लैंड किया है और तब से अब तक हम इतने घंटों से यहां पर सिर्फ इंतजार कर रहे हैं. कोई ऑफिसर हमें यहां लेने के लिए नहीं था.
छात्रा ने बसों को लेकर कहा, इन बसों की कंडीशन बहुत खराब है, हम इन में नहीं जा सकते थे. हम पिछले 5 घंटे से दिल्ली एयरपोर्ट पर खड़े हैं. और इससे पहले हम 4 दिन सफर करके आए हैं. बहुत हद तक इन बसों में हमारी सुरक्षा के साथ समझौता हो रहा था. जबकि सीएम उमर अब्दुल्ला साहब ने अपने ट्वीट में कहा था कि छात्रों को सुरक्षा के साथ बिना समझौता किए कश्मीर पहुंचाया जाएगा. साछ ही छात्रा ने भारत सही सलामत पहुंचने के लिए केंद्रीय सरकार का आभार जताया. उन्होंने कहा, यहां पर अच्छे से पहुंचने के लिए हम केंद्र सरकार का शुक्रिया करते हैं. हम बिना किसी परेशानी के यहां पहुंचे हैं.
“सुबह से हम बसों का इंतजार करे रहे हैं”
ईरान से भारत आए एक और छात्र ने कहा, बसें खस्ता हालत में है. हम 4-5 दिन से लगातार सफर कर रहे हैं. हम बहुत थके हुए हैं. यह बसें उस लायक नहीं है कि यह कश्मीर तक पहुंचे. हम ने डिमांड की थी कि अगर आप फ्लाइट के टिकट नहीं दे रहे हैं. हमें बस ही दे रहे हैं तो आप अच्छी सी बसें दें. न किसी ने कुछ खाना खाया है, न कुछ पिया है. सुबह से हम बसों का अभी तक इंतजार कर रहे हैं.
इसी के साथ छात्र ने कहा कि हम बड़े ही आराम से ईरान से भारत तक पहुंचे हैं. इसके लिए हम केंद्रीय सरकार का शुक्र अदा करते हैं. लेकिन अब यहां से कश्मीर जाने में हमें परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है.
आदिवासी सशक्तिकरण की नई गाथा: मोदी सरकार के 11 साल में 3 गुना बढ़ा बजट, जीवनस्तर में आया क्रांतिकारी सुधार
19 Jun, 2025 06:26 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार समाज के हर तबके के विकास के लिए लगातार काम रही है. पिछले 11 सालों में केंद्र की ओर से चलाए जा रहे कल्याणकारी योजनाओं की वजह से आदिवासी और जनजातीय समाज के लोगों के जीवनस्तर में खासा सुधार आया है. केंद्रीय बजट 2025-26 ने जनजातीय मामलों के मंत्रालय के लिए पर्याप्त राशि जारी की गई और जनजातीय विकास के लिए बजट में 3 गुना इजाफा किया गया.
भारत में 10.45 करोड़ से अधिक आदिवासी लोग रहते हैं जो कुल आबादी का करीब 8.6 फीसदी है. आदिवासी समुदाय के लोग देश के सभ्यतागत ताने-बाने का अटूट हिस्सा रहे हैं. उन्होंने न सिर्फ समृद्ध परंपराओं, भाषाओं और ज्ञान प्रणालियों को संरक्षित किया बल्कि देश की सांस्कृतिक पहचान को आकार भी दिया.
हालांकि समृद्ध विरासत के बावजूद, आदिवासी समुदायों को मुख्यधारा के विकास की कहानी से बाहर रखा गया लेकिन अब पीएम नरेंद्र मोदी की अगुवाई में इस मामले में खासी प्रगति हुई है. केंद्रीय बजट 2025-26 ने जनजातीय मामलों के मंत्रालय के लिए धन में बड़े स्तर पर वृद्धि की. इसी तरह अनुसूचित जनजातियों के कल्याण के मामले में भी वित्तीय आवंटन बढ़ाया गया है. अब जनजातीय मामलों के मंत्रालय का वार्षिक बजट 3 ज्यादा हो गया है, मोदी सरकार पहले जहां 2013-14 में 4,295.94 करोड़ रुपये का बजट था वो 2025-26 में बढ़कर 14,926 करोड़ रुपये हो गया है.
पीएम-जनमन के लिए 24,104 करोड़ रुपये
मोदी सरकार की ओर से आदिवासी समुदायों के समग्र विकास के लिए पर्याप्त राशि जारी की गई है, जिसमें पीएम-जनमन के लिए 24,104 करोड़ रुपये और धरती आबा अभियान (2 अक्टूबर, 2024 में शुरू) के लिए 79,156 करोड़ रुपये शामिल है. इसका मकसद जमीनी स्तर पर विकास का व्यापक मॉडल पेश करता है.
इसके अलावा अनुसूचित जनजातियों के लिए विकास कार्य योजना (DAPST) में 2013-14 में जहां 24,598 करोड़ रुपये दिए गए थे वो अब 5 गुना बढ़कर 2024-25 में 1.23 लाख करोड़ रुपये हो गया. इसमें 42 केंद्रीय मंत्रालय और विभाग अब एसटी-केंद्रित पहलों में योगदान दे रहे हैं. यह आदिवासी समुदायों में शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और आजीविका में व्यापक और निरंतर प्रगति सुनिश्चित करता है.
आदिवासी भूमि और आजीविका को सुरक्षित करना
वन अधिकार अधिनियम (FRA) आदिवासी और वन-निवासी समुदायों को वन भूमि और संशाधनों पर उनके निजी और सामुदायिक अधिकारों को कानूनी रूप से मान्यता देकर सशक्त बनाता है. पिछले 11 सालों में सरकार ने 17 राज्यों और 1 केंद्र शासित प्रदेश में एफआरए सेल, क्षमता निर्माण और जागरूकता अभियान के जरिए इसका कार्यान्वयन किया है. साथ ही धरती आबा अभियान के तहत, इस समुदाय के लोगों की फंडिंग आजीविका विकास और दावे के बाद सहायता करती है.
मोदी सरकार ने इस समुदाय के बेहतर भविष्य के लिए प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) शुरू किया जो महज एक योजना न होकर- कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के लिए न्याय, सम्मान और उत्थान का एक शक्तिशाली मिशन है. यह पहल 18 राज्यों और 1 केंद्र शासित प्रदेश में 75 पीवीटीजी समुदायों के जीवन में परिवर्तन ला रही है, साथ ही देश के सबसे दूरदराज के इलाकों तक पहुंच भी रही है.
आंगनवाड़ी केंद्र और हॉस्टल के साथ-साथ बिजली भी
पीएम-जनमन योजना तीन साल की अवधि में 24,104 करोड़ रुपये के बड़े निवेश के साथ, इस समुदाय के लोगों की बुनियादी सुविधाओं (आवास, पानी, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, पोषण, सड़क और स्थायी आजीविका) तक लोगों की पहुंच सुनिश्चित करके दशकों की उपेक्षा को दूर कर रहा है. इसके तहत 1,04,688 मकान बनाए गए. 7,202 गांव में पाइप के जरिए पानी पहुंचाया गया. इन इलाकों में 1,069 आंगनवाड़ी केंद्र खोले गए. इस इलाकों में 500 हॉस्टल बनाए जाने हैं जिसमें 95 हॉस्टल में काम शुरू किया गया है. साथ ही 1,05,760 घरों तक बिजली पहुंचा दी गई है.
अंत्योदय के जरिए लोगों तक स्वच्छ पेयजल की पहुंच, बेहतर स्वास्थ्य सेवा, बच्चों के लिए अच्छी शिक्षा, बिजली और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत, सड़क संपर्क, डिजिटल नेटवर्क और आजीविका के बेहतर अवसर मुहैया कराना है. इसके अलावा प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन (पीएमजेवीएम) के जरिए आदिवासी समाज के लोगों आजीविका को भी बढ़ाने की कोशिश की गई है.
ईएमआरएस के जरिए आदिवासी छात्रों को बढ़िया शिक्षा
सरकार ने जनजातीय समुदायों के अमूल्य योगदान का सम्मान देने के लिए हर साल 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा की याद में जनजातीय गौरव दिवस मनाने का फैसला किया है. एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (ईएमआरएस) के जरिए आदिवासी छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा रही है. ईएमआरएस उन हर आदिवासी ब्लॉक में बनाए गए हैं, जहां 50% से ज्यादा ST आबादी है और कम से कम 20,000 आदिवासी निवासी रहते हों. मंत्रालय ने देश भर में करीब 3.5 लाख ST छात्रों को लाभान्वित करने के लिए 728 ईएमआरएस बनाने का लक्ष्य रखा है.
मोदी सरकार की अगुवाई में पिछले 11 सालों में, जनजातीय मामलों के मंत्रालय ने आदिवासी छात्रों को सशक्त बनाने के लिए अपने स्कॉलरशिर सिस्टम को मजबूत किया है. आज, 5 केंद्रीय स्कॉलरशिप स्कीम के जरिए हर साल करीब 30 लाख आदिवासी छात्र लाभान्वित होते हैं. 2013-14 में जहां इनका 978 करोड़ रुपये था वो अब बढ़कर 2024-25 में 3,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गया. पिछले दशक में 22,000 करोड़ रुपये से अधिक की स्कॉलरशिप दिए गए हैं. इस योजना से आईआईटी, आईआईएम और एम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में 7,000 छात्र लाभान्वित हुए हैं.
हाशिये से मुख्यधारा में शामिल हुआ आदिवासी समुदाय
सरकार ने आदिवासी आबादी के बीच हेल्थ से जुड़ी समस्याओं को दूर करने को लेकर 2023 में सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन शुरू किया. इसका मकसद 2047 तक सिकल सेल एनीमिया (एससीए) को खत्म करना है और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में 0-40 साल की आयु के 7 करोड़ व्यक्तियों की जांच करना है.
आदिवासी समुदायों को लगातार मान्यता भी दी जा रही है. पिछले एक दशक में (2014 और 2024 के बीच) 117 समुदायों को अनुसूचित जनजातियों की लिस्ट में शामिल किया गया है, जबकि एक दशक पहले यह संख्या महज 12 थी. इस तरह इस मामले में 10 गुना की वृद्धि हुई.
मोदी सरकार के पिछले 11 सालों में हर क्षेत्र में लगातार कल्याणकारी योजनाओं की मदद से आदिवासी समुदाय हाशिये से लौटकर मुख्यधारा में शामिल हो गए हैं. अब ये देश की विकास यात्रा के केंद्र बन गए हैं. पीएम-जनमन, धरती आबा अभियान और वन धन योजना जैसी केंद्रीय योजनाओं ने यह तय किया है कि आदिवासी नागरिकों को समान अधिकार, अवसर और सम्मान मिले. यह परिवर्तन कल्याण ही नहीं बल्कि न्याय, सशक्तिकरण और समावेशन पर भी आधारित है. आदिवासी समाज के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और संस्कृति में निवेश के साथ ही अपना भविष्य खुद बना रहे हैं.
कर्नाटक कैबिनेट ने अल्पसंख्यकों को दिया तोहफा: आवास योजनाओं में आरक्षण 10% से बढ़कर 15% हुआ
19 Jun, 2025 06:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कर्नाटक सरकार ने गुरुवार को एक अहम निर्णय लेते हुए राज्य में अल्पसंख्यक समुदायों को आवास योजनाओं में मिलने वाले आरक्षण को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया है. यह फैसला मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया, जिसका उद्देश्य राज्य के बेघर अल्पसंख्यक परिवारों को अधिक लाभ पहुंचाना है.
बैठक के बाद पत्रकारों को जानकारी देते हुए राज्य के कानून एवं संसदीय कार्य मंत्री एचके पाटिल ने बताया कि यह निर्णय राज्य के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में लागू आवास विभाग की विभिन्न योजनाओं पर प्रभावी होगा. उन्होंने कहा कि सरकार को यह कदम राज्य भर में अल्पसंख्यकों में बेघरों की बड़ी संख्या को ध्यान में रखते हुए उठाना पड़ा.
एचके पाटिल ने कहा, राज्य सरकार अल्पसंख्यक समुदायों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए प्रतिबद्ध है. आवास एक बुनियादी आवश्यकता है, और यह सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है कि हर वर्ग को इसका समुचित लाभ मिले. पिछले आंकड़ों और सर्वेक्षणों से पता चला है कि अल्पसंख्यक समुदायों में बेघरी की समस्या अधिक गंभीर है, इसलिए यह आरक्षण बढ़ाना जरूरी था.
हाउसिंग स्कीम्स में अल्पसंख्यकों को मिलेगा 15 फीसदी आरक्षण
राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे प्रमुख आवास कार्यक्रमों जैसे कि बसव वासति योजना, अश्रय योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) और मुख्यमंत्री आवास योजना में यह संशोधित आरक्षण लागू किया जाएगा.
सरकार के इस फैसले को सामाजिक समावेश की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला न केवल आवास सुरक्षा को बढ़ावा देगा, बल्कि सामाजिक-आर्थिक विषमता को भी कम करने में सहायक होगा.
सरकार के फैसले से गरमाई राज्य की सियासत
हालांकि, इस फैसले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी आने लगी हैं. विपक्षी दलों ने आशंका जताई है कि यह कदम आगामी स्थानीय चुनावों को ध्यान में रखकर उठाया गया है. बीजेपी के नेताओं ने इसे तुष्टिकरण की राजनीति करार दिया है, लेकिन कांग्रेस सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि यह निर्णय एक सामाजिक जरूरत के आधार पर लिया गया है, न कि राजनीतिक फायदे के लिए.
कैबिनेट द्वारा लिए गए इस निर्णय को जल्द ही राजकीय अधिसूचना के रूप में जारी किया जाएगा और इसके बाद संबंधित विभाग इसे लागू करने की प्रक्रिया शुरू करेगा.
अस्पताल से छुट्टी मिली सोनिया गांधी को, राहुल गांधी ने किया स्वागत
19 Jun, 2025 06:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी की हालत अब स्थिर है. आज सर गंगाराम अस्पताल से सोनिया गांधी को डिस्चार्ज कर दिया गया है. डॉक्टरों की निरंतर देखभाल के बाद गुरुवार से स्पेशल डाइट प्लान भी शुरू किया गया है.
डॉ. अजय स्वरूप ने बताया कि इससे पहले रविवार रात को अचानक तबीयत बिगड़ने पर सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती किया गया था. जानकारी के अनुसार, उन्हें पेट संबंधी समस्या है. इसके बाद गैस्ट्रोइंटेरोलाजी सर्जरी के विशेषज्ञ डॉ. समीरन नंदी की देखरेख में उनका इलाज शुरू किया गया था.
पहले भी किया गया था भर्ती: बता दें कि, 78 वर्षीय सोनिया गांधी को उम्र की वजह से कई बार स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने के चलते पहले भी सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती किया जाता रहा है. इसी साल 20 फरवरी में भी उन्हें सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उन्हें आखिरी बार संसद में 13 फरवरी को देखा गया था, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई थी. वह लंबे समय तक कांग्रेस की अध्यक्ष रही हैं.
2004 में कांग्रेस ने दर्ज की थी जीत: साथ ही वह सात बार रायबरेली संसदीय क्षेत्र से और एक बार कर्नाटक के बेल्लारी संसदीय क्षेत्र से लोकसभा चुनाव जीत चुकी हैं. सोनिया गांधी के अध्यक्ष रहते हुए ही कांग्रेस ने वर्ष 2004 के लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज की थी और 10 वर्ष तक प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व में सरकार चली थी.
अब एयरपोर्ट के आसपास ऊंची इमारतों पर होगी कार्रवाई, डीजीसीए ने उठाया कदम
19 Jun, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अधिकारियों को ढांचे को गिराने या ऊंचाई कम करने का होगा अधिकार
नई दिल्ली। अहमदाबाद एयर इंडिया विमान दुर्घटना के बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय (डीजीसीए) ने एक अहम कदम उठाया है। मंत्रालय ने विमान सुरक्षा में जोखिम पैदा करने वाली भौतिक संरचनाओं पर नियंत्रण को कड़ा करने के लिए नए मसौदे और नियम जारी किए हैं। बता दें 12 जून को अहमदाबाद से लंदन का रहा विमान उड़ान भरते ही कुछ दूरी पर जाकर विमान बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल से टकराया और उसमें आग लग गई। इस दुर्घटना में विमान में सवार 242 में से 241 लोगों की मौत हो गई थी। घटना के बाद अब केंद्र सरकार कड़े कदम उठा रही है।
नए मसौदा नियमों का नाम ‘विमान अवरोधों को गिराने के नियम-2025’ रखा गया है। ये नियम राजपत्र में प्रकाशित होते ही लागू हो जाएगा। इनका उद्देश्य एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्रों में ऊंचाई की सीमा से ज्यादा इमारतों और पेड़ों पर त्वरित कार्रवाई के लिए अधिकारियों को अधिकार देना है। इस पहल को विमान मार्गों में आने वाली रुकावटों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए एक सक्रिय कदम के रूप में देखा जा रहा है।
मसौदा नियमों के तहत यदि कोई इमारत तय ऊंचाई से ज्यादा है तो संबंधित क्षेत्र के प्रभारी अधिकारी की ओर से उसे नोटिस जारी किया जाएगा। संपत्ति मालिक को 60 दिनों के अंदर साइट प्लान और ढांचे की माप समेत अन्य विवरण प्रस्तुत करने होंगे। यदि ऐसा नहीं किया गया तो अधिकारियों को ढांचे को गिराने या ऊंचाई कम करने की कार्रवाई का अधिकार होगा।
यदि डीजीसीए या कोई अधिकृत अधिकारी किसी ढांचे को नियमों का उल्लंघन मानता है तो वो इसे हटाने या कम करने का आदेश जारी कर सकता है। मालिक को पालन करने के लिए 60 दिन का समय दिया जाएगा, जो उचित कारणों पर और 60 दिन तक बढ़ाया जा सकता है। इसके अलावा अधिकारियों को दिन के समय स्थल का निरीक्षण करने की इजाजत होगी, बशर्ते वह संपत्ति मालिक को पहले से सूचित करें। अगर संपत्ति मालिक सहयोग नहीं करता तो अधिकारी जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई कर सकते हैं और मामला डीजीसीए को भेज सकते हैं।
मसौदा नियमों के तहत यदि किसी ढांचे को हटाने या कम करने का आदेश दिया जाता है तो संपत्ति मालिक पहले या दूसरे अपीलीय अधिकारी के सामने तय फॉर्म, जरुरी दस्तावेज और एक हजार रुपए शुल्क के साथ अपील कर सकते हैं। इसमें मुआवजे की शर्तें भी रखी गई हैं। सिर्फ वह मालिक जिन्हें आधिकारिक आदेशों के मुताबिक ढांचे को गिराने या संशोधित करने के लिए कहा गया है और जिन्होंने आदेश का पालन किया है, उन्हें मुआवजा दिया जाएगा। अधिसूचना की तिथि के बाद नियमों का उल्लंघन कर बनाए गए किसी भी ढांचे को मुआवजा नहीं मिलेगा। डीजीसीए ने इन मसौदा नियमों पर प्रकाशन के 20 दिनों के अंदर जनता से सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं।
सुप्रीम कोर्ट सख्त: ‘ठग लाइफ’ पर धमकियों को नजरअंदाज करना सही नहीं
19 Jun, 2025 04:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने अभिनेता और फिल्म निर्माता कमल हासन की फिल्म ‘ठग लाइफ’ की कर्नाटक में स्क्रीनिंग को बाधित करने वाली धमकियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को इस मामले में कर्नाटक सरकार को फटकार लगाई है। SC ने कहा कि यह आपका कर्तव्य है कि आप ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करें जो इस तरह की धमकियां देते है।
प्रदेश सरकार ने कार्रवाई का दिया आवश्वासन
कर्नाटक सरकार ने अब इस मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया है। प्रदेश सरकार ने कहा कि अगर फिल्म अभी रिलीज होती है तो सभी सिनेमाघरों में “पूर्ण सुरक्षा” प्रदान की जाएगी। साथ ही पुलिस ने अब कन्नड़ समर्थक समूहों को नोटिस जारी किया है, जिन्होंने कन्नड़ भाषा के बारे में अभिनेता की टिप्पणी को लेकर फिल्म को रोकने की धमकी दी थी।
क्या है पूरा मामला
बता दें कि यह मामला तब सुर्खियों में आया जब कर्नाटक में कुछ कन्नड़ संगठनों ने कमल हासन के एक बयान को लेकर विरोध जताया, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि “कन्नड़ भाषा तमिल से उत्पन्न हुई है।” इस बयान के बाद कर्नाटक में फिल्म की रिलीज को रोकने के लिए धमकियां दी गईं, जिसमें सिनेमाघरों को जलाने तक की बात कही गई।
अभिनेता को माफी मांगने की जरूरत नहीं
कोर्ट ने कहा कमल हासन को अपने बयान के लिए माफी मांगने की जरूरत नहीं है। इस बीच, अभिनेता ने कहा कि वह राज्य के जवाब से संतुष्ट हैं और मामला बंद करना चाहते हैं।
याचिकाकर्ता के वकील ने किया विरोध
वहीं याचिकाकर्ता के वकील ने मामले को बंद करने के अनुरोध का विरोध किया और धमकी देने वालों के खिलाफ दिशा निर्देश और आपराधिक कार्यवाही की भी मांग की। याचिकाकर्ता ने पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
5 जून को रिलीज होनी थी फिल्म
बता दें कि कमल हासन की फिल्म ‘ठग लाइफ’ 5 जून को रिलीज होनी थी, लेकिन कमल हासन की टिप्पणी के कारण विवाद हो गया। कमल हासन की टिप्पणी के बाद कन्नड़ समर्थक समूहों में रोष फैल गया। उन समूहों ने कमल हासन से माफी की मांग की थी, लेकिन कमल हासन ने ऐसा करने से इनकार कर दिया।
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