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प्रधानमंत्री मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद से की बात, पश्चिम एशिया के हालात पर जताई चिंता
22 Jun, 2025 06:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशिकयान से फोन पर बातचीत की। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने मौजूदा हालात पर चिंता जताते हुए कहा कि किसी भी मुद्दे का हल कूटनीति और संवाद से ही निकाला जाना चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस बातचीत की जानकारी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर साझा की। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा, कि मैंने ईरान के राष्ट्रपति पजशिकयान के साथ क्षेत्र की मौजूदा स्थिति पर विस्तार से चर्चा की। हमने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की। मैंने तनाव कम करने के लिए संवाद और कूटनीति को प्राथमिकता देने की अपील की है। साथ ही, क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता की आवश्यकता पर भी बल दिया।
यह बातचीत क्यों मानी जा रही अहम
पश्चिम एशिया में ईरान और इज़राइल के बीच लंबे समय से तनावपूर्ण हालात चल रहे हैं, ऐसे में अमेरिका का ईरान के परमाणु क्षेत्रों में हमला मामले को और गंभीर बनाता प्रतीत हुआ है। वैसे भी दोनों देशों में हाल के दिनों में हमलों और जवाबी कार्रवाइयों से हालात और बिगड़े हैं। भारत के लिए पश्चिम एशिया रणनीतिक, ऊर्जा सुरक्षा, प्रवासी भारतियों की सुरक्षा और व्यापार के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र है। ऐसे में भारत की शांति और स्थिरता की अपील अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक संतुलित और जिम्मेदार रुख के तौर पर देखी जा रही है।
देश के अधिकांश हिस्से में छाया मानसून, कई जगहों पर भारी बारिश
22 Jun, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। देश के ज्यादातर राज्यों में मॉनसून छा चुका है। इसके प्रभाव से देश के अलग-अलग इलाकों में कई जगह भारी बारिश हो रही है। पिछले सालों की अपेक्षा इस बार मॉनसून की रफ्तार तेज है और यह ज्यादातर राज्यों में समय से पहले ही दस्तक दे चुका है। मॉनसून के कारण समुद्र तटीय इलाकों से पहाड़ों और रेगिस्तान तक जमकर बारिश हो रही है। हालांकि दिल्ली को मॉनसून का इंतजार है। भारत मौसम विज्ञान विभाग का मानना है कि अगले 48 घंटे में मॉनसून दिल्ली में प्रवेश कर जाएगा।
वहीं उत्तर-पश्चिम भारत, मध्य प्रदेश, गुजरात और कोंकण और गोवा में 21-26 जून 2025 के दौरान भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है।22-23 जून को गुजरात क्षेत्र और मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा की संभावना है। इसके साथ ही पूर्वोत्तर भारत में अगले 3 दिनों के दौरान भारी से बहुत भारी वर्षा जारी रहने की संभावना है और उसके बाद अगले 4 दिनों तक कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना है।
विमान हादसे में जान गंवाने वाले दीपक पाठक पांच तत्व में विलीन
22 Jun, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बदलापुर। अहमदाबाद विमान हादसे में जान गंवाने वाले एयर इंडिया के क्रू मेंबर दीपक पाठक को शनिवार को गमगीन माहौल में अंतिम विदाई दी गई। उनके घर के बाहर और श्मशान घाट पर उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए भारी भीड़ उमड़ी। इस दौरान उनके परिजन, दोस्त और एयर इंडिया के सहकर्मी की आँखें नम थी। मुंबई से सटे बदलापुर के रहने वाले विमान के क्रू मेंबर दीपक पाठक (34) की भी 12 जून को गुजरात के अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया विमान हादसे में मौत हो गई थी। हालांकि विमान हादसे के एक सप्ताह बाद भी दीपक के शव की पहचान नहीं हो पाई थी। दरअसल उनके डीएनए जांच में उसकी बहनों और उसके डीएनए की मेडिकल जांच में दिक्कतें आ रही थीं। इसलिए बाद में उनके माता-पिता के डीएनए सैंपल लिए गए और मां का डीएनए मैच हो गया और पहचान की पुष्टि हो गई। दीपक की दो विवाहित बहनें, भाभी आठ दिनों से उनके शव को अपने कब्जे में लेने के लिए अहमदाबाद में इंतजार कर रही थीं। दीपक के शव की पहचान होने के बाद शुक्रवार देर शाम उनका शव परिजनों को सौंप दिया गया। एयर इंडिया ने उनके पार्थिव शरीर को बदलापुर स्थित उनके घर तक लाने के लिए विशेष विमान की व्यवस्था की थी। शनिवार दोपहर करीब 12.20 बजे दीपक का पार्थिव शरीर बदलापुर स्थित उनके आवास पर लाया गया। अंतिम दर्शन के लिए कुछ देर तक पार्थिव शरीर को घर पर ही रखा गया। बाद में दीपक के पार्थिव शरीर को फूलों से सजे रथ में रखकर बदलापुर के मोहनानंद नगर स्थित वैकुंठधाम श्मशान घाट ले जाया गया और बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों के बीच उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान सभी की आखें नम थी और कई लोग फुट फुट कर रो रहे थे।
दिल्ली NCR में आज फिर होगी झमाझम बारिश, मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट
22 Jun, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है. उधर भारत मौसम विज्ञान विभाग की तरफ से बारिश और आंधी को लेकर रविवार और सोमवार के लिए अलर्ट जारी कर दिया है. रविवार सुबह सात बजे दिल्ली का तापमान 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले दिनों के मुकाबले अधिक हैं. वहीं अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस तक रहने की संभावना है.
इसके अलावा गरज और चमक के साथ बारिश होने की भी संभावना जताई गई है. इस दौरान हवा 50-60 किलोमीटर की रफ्तार से चल सकती है. सोमवार को भी ऐसा ही मौसम रह सकता है. इससे पहले शनिवार को शाम होते ही बारिश हुई, साथ ही तेज हवा चलने से लोगों को गर्मी से राहत मिली. अधिकतम तापमान 37.3 डिग्री सेज्सियस दर्ज किया गया, जो कि सामान्य से 1.3 डिग्री सेल्सियस कम रहा. वहीं न्यूनतम तापमान 27.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.2 डिग्री सेल्सियस कम था. हवा में नमी का स्तर 84 से 56 प्रतिशत रिकॉर्ड किया गया.
हवा की गुणवत्ता में सुधार: केंद्रीय प्रदूषण एवं नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, दिल्ली में रविवार सुबह 6:30 बजे औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 68 दर्ज किया गया. वहीं एनसीआर के शहर फरीदाबाद में 77, गुरुग्राम में 72, गाजियाबाद में 68 और ग्रेटर नोएडा में एक्यूआई 86 दर्ज किया गया. दिल्ली के इलाकों की बात करें तो अलीपुर में 76, आनंद विहार में 71, अशोक विहार 68, आया नगर 68, बवाना में 74, बुराड़ी क्रॉसिंग में 72, चांदनी चौक में 62, मथुरा रोड में 74, डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज में 51, द्वारका सेक्टर 8 में 96, डीटीयू में 85, दिलशाद गार्डन में 87, आईटीओ में 55, लोधी रोड में 52, मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में 53, मंदिर मार्ग में 51, नजफगढ़ में 69, नरेला में 99, नॉर्थ कैंपस डीयू में 74 और विवेक विहार एक्यूआई 72 दर्ज किया गया.
एअर इंडिया के तीन अधिकारी पद से हटाए जाएंगे, DGCA ने दिए सख्त निर्देश
22 Jun, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने एअर इंडिया की फ्लाइट संचालन में हुई गंभीर लापरवाहियों को लेकर कड़ा कदम उठाया है. DGCA ने एयर इंडिया को निर्देश दिया है कि वह तीन अधिकारियों को तुरंत उनकी मौजूदा जिम्मेदारियों से हटा दे, जो चालक दल (क्रू) की समय-सारणी और ड्यूटी निर्धारण (रोस्टरिंग) से जुड़े काम देख रहे थे.
यह कार्रवाई एअर इंडिया की उड़ानों में नियमित संचालन मानकों के उल्लंघन के बाद की गई है. DGCA का मानना है कि इन अधिकारियों की लापरवाही से फ्लाइट्स तय समयसीमा से अधिक देर तक चलाई गईं, जिससे सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हुए.
10 दिनों में मांगी गई रिपोर्ट
DGCA ने न सिर्फ अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है, बल्कि एअर इंडिया को यह भी निर्देश दिया है कि इनके खिलाफ बिना देर किए आंतरिक अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू की जाए. नियामक ने कहा है कि इस कार्रवाई का परिणाम 10 दिनों के भीतर एक रिपोर्ट के रूप में भेजा जाए.
क्यों जरूरी है ये कदम?
उड्डयन क्षेत्र में फ्लाइट क्रू की ड्यूटी तय करने के नियम बेहद सख्त होते हैं. किसी भी क्रू को बिना पर्याप्त विश्राम दिए लगातार ड्यूटी पर लगाना सुरक्षा के लिहाज से बेहद खतरनाक हो सकता है. DGCA ने संकेत दिया है कि अब इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में कटौती
वहीं, एयर इंडिया ने घोषणा की है कि वह 21 जून से 15 जुलाई 2025 के बीच 16 अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर उड़ानें घटाएगी, जबकि तीन विदेशी शहरों के लिए उड़ानें पूरी तरह निलंबित कर दी जाएंगी. एयरलाइन का कहना है कि यह कदम उड़ानों के समय निर्धारण में स्थिरता लाने और यात्रियों को अंतिम समय में होने वाली असुविधा से बचाने के लिए उठाया गया है.
अहमदाबाद विमान हादसे के बाद बढ़ी चिंता
12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रही बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर उड़ान में तकनीकी खामी के चलते हादसा हुआ था, जिसने एयर इंडिया की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए. इसके बाद, एअर इंडिया ने 12 से 17 जून के बीच 66 उड़ानें रद्द कर दीं, जिससे हजारों यात्रियों की यात्रा प्रभावित हुई.
डीजीसीए की रिपोर्ट: कोई बड़ी तकनीकी खामी नहीं, लेकिन चिंता बरकरार
डीजीसीए ने अहमदाबाद हादसे के बाद बोइंग 787 विमानों की जांच की, जिसमें कोई गंभीर सुरक्षा खामी नहीं पाई गई. फिर भी, DGCA ने एयर इंडिया के रखरखाव विभागों के बीच खराब समन्वय और प्रक्रियाओं में कमज़ोरी को लेकर चिंता जताई है. नियामक ने एयरलाइन को निर्देश दिया है कि वह अपने आंतरिक समन्वय को सुधारें और रखरखाव प्रणाली को और सुदृढ़ बनाएं.
एयर इंडिया के लिए संकटपूर्ण समय
टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया वर्तमान में संचालन, सुरक्षा और सेवा समयसारिणी की गंभीर चुनौतियों से गुजर रही है. एक ओर यात्रियों की शिकायतें बढ़ रही हैं, वहीं नियामक एजेंसियां भी कड़ी नजर बनाए हुए हैं. यदि एअर इंडिया अपने परिचालन में जल्द सुधार नहीं लाती, तो भविष्य में और कड़े दंडात्मक कदम उठाए जा सकते हैं.
एयर इंडिया की घटना के बाद एक और फ्लाइट से आया मेडे कॉल, इंडिगो फ्लाइट की बेंगलुरु में इमरजेंसी लैंडिंग
22 Jun, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली : अहमदाबाद प्लेन हादसे के कुछ दिनों बाद ही एक और फ्लाइट के पायलट ने मेडे (MAYDAY) कॉल किया. यह कॉल इंडिगो की गुवाहाटी से चेन्नई जा रही फ्लाइट के पायलट ने किया था. इसके बाद प्लेन की बेंगलुरु में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई.
हालांकि यह जानकारी शनिवार को सामने आई है, लेकिन यह घटना 19 जून की बताई गई है. इंडिगो की इस फ्लाइट में 168 यात्री सवार थे. बताया जाता है कि पायलट ने खतरनाक रूप से कम ईंधन स्तर के कारण 'मेडे' घोषित कर दिया था.
इंडिगो प्लेन के पायलट ने फ्यूल की काफी कमी देखी थी, इसके बाद उसने एटीसी (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) को मेडे यानी इमरजेंसी कॉल की थी. इसके बाद पायलट ने फिर चेन्नई में लैंडिंग का प्रयास नहीं करने का फैसला किया और उड़ान को लैंडिंग के लिए बेंगलुरु में मोड़ दिया गया. मामले की नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने जांच शुरू कर दी है.
आगे की जांच तक उड़ान में शामिल दोनों पायलटों को हटा दिया गया है. हालांकि इंडिगो ने पायलट की कार्रवाई या ईंधन की स्थिति पर आधिकारिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन एयरलाइन के सूत्रों ने पुष्टि की है कि सभी 168 यात्रियों को सुरक्षित रूप से विमान से उतार लिया गया. यह आपात स्थिति एयर इंडिया बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर से जुड़ी एक दुखद घटना के ठीक एक सप्ताह बाद आई है. 12 जून को वह विमान लंदन के लिए उड़ान भरने के तुरंत बाद अहमदाबाद में आवासीय भवनों से टकरा गया था, जिसमें विमान में सवार 241 लोग मारे गए थे, जबकि एक यात्री ही जिंदा बचा था.
वहीं शुक्रवार को चेन्नई से मदुरै जाने वाली इंडिगो की एक और उड़ान में तकनीकी खराबी आ गई थी. इसमें 70 यात्रियों को लेकर उड़ान चेन्नई लौटी और सुरक्षित रूप से उतरी. विमानन सुरक्षा विशेषज्ञों ने आपातकालीन लैंडिंग और तकनीकी खराबी से जुड़ी लगातार घटनाओं के मद्देनजर परिचालन निरीक्षण, विमान की तैयारी और ईंधन प्रबंधन के बारे में चिंता जताई है. हालांकि हाल ही में इंडिगो में हुई घटनाओं में किसी यात्री को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है, लेकिन संकट की स्थिति में कॉल आने की बढ़ती आवृत्ति ने कड़ी जांच और बेहतर कॉकपिट निर्णय लेने के प्रोटोकॉल की मांग को बढ़ावा दिया है. दूसरी तरफ डीजीसीए ने अभी तक कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि दोनों घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए गहन जांच की जाएगी.
ईटीवी भारत को एक यात्री ने बताया कि उन्हें कभी पता ही नहीं चला कि यह एक इमरजेंसी है, क्योंकि इसकी कभी घोषणा नहीं की गई. उन्होंने कहा, "जब हम उतरे तो उन्होंने इतनी सुरक्षा और अग्निशमन व्यवस्था देखी कि वे घबरा गए. आमतौर पर ऐसे मामलों में यात्रियों को इमरजेंसी के बारे में कभी नहीं बताया जाता और केवल केबिन क्रू और पायलट को ही इसकी जानकारी होती है."
रेस्टोरेंट से क्रिकेट ग्राउंड तक: मोनांक पटेल का अद्भुत सफर
21 Jun, 2025 08:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
क्रिकेटर में अगर प्रतिभा मौजूद है तो फिर जगह मायने नहीं रखती। इसकी मिसाल कई खिलाड़ी इतिहास में पेश करते आए हैं और अब ऐसा ही एक और खिलाड़ी लगातार करके दिखा रहा है। हम बात कर रहे हैं अमेरिका के T20 कप्तान मोनांक पटेल की। इस खिलाड़ी ने टी20 विश्व कप 2024 में अमेरिका की कप्तानी करते हुए फैंस को खूब प्रभावित किया था और अब उन्होंने अमेरिका में चल रहे मेजर लीग क्रिकेट (MLC 2025) T20 टूर्नामेंट में एक ऐसी शानदार मैच जिताऊ पारी खेली है। मोनांक पटेल का जन्म 1 मई 1993 को गुजरात के आनंद में हुआ था। वो एक विकेटकीपर बल्लेबाज हैं जो भारत में रहते हुए गुजरात अंडर-16 और अंडर-19 टीमों से खेल चुके हैं। फिर उन्होंने अपने करियर की राह बदलने का फैसला लेते हुए अमेरिका जाने का फैसला किया और अमेरिका चले गए। साल 2010 में उनको ग्रीन कार्ड भी मिल गया और फिर 2016 में वो पूरी तरह से अमेरिका शिफ्ट हो गए। मोनांक का सपना अमेरिका में रेस्टोरेंट खोलना था, जो उन्होंने किया भी। साल 2016 में उन्होंने तेरियाकी मैडनेस नाम का एक चाइनीज रेस्टोरेंट खोला। फिर शुरू हुआ संघर्ष। दो साल तक वो अपने रेस्टोरेंट में 10-12 घंटे काम करते, खाना भी बनाते और मैनेजर की भूमिका भी निभाते। लेकिन बिजनेस डूबने लगा और फिर अचानक मां को टर्मिनल कैंसर हो गया, अकाउंट में सिर्फ 3 हजार डॉलर बचे थे। तब रेस्टोरेंट बंद करके वो न्यूजर्सी में अपनी बीमार मां की सेवा करने वापस न्यूजर्सी लौट गए।
आतंकवाद के खिलाफ अभियान तेज, राजनाथ सिंह ने दिए निर्देश
21 Jun, 2025 07:31 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राजनाथ सिंह ने जम्मू-कश्मीर में सेना के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक की. इसमें उन्होंने जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति, सीमा सुरक्षा और अमरनाथ यात्रा की तैयारियों के बारे में विस्तार से चर्चा कीं. बैठक में आतंकवाद विरोधी अभियानों और अमरनाथ यात्रा की बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था पर भी चर्चा हुई.
जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति और आगामी अमरनाथ यात्रा की तैयारियों को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को सेना के शीर्ष अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की. उधमपुर में उत्तरी कमान मुख्यालय में आयोजित इस बैठक में सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा और अन्य सीनियर अधिकारियों ने हिस्सा लिया.अधिकारियों ने रक्षा मंत्री को केंद्र शासित प्रदेश में मौजूदा सुरक्षा हालात की विस्तृत जानकारी दी. विशेष रूप से सीमावर्ती इलाकों और जंगली क्षेत्रों में चल रहे आतंकवाद विरोधी अभियानों पर चर्चा हुई. इसके अलावा तीन जुलाई से शुरू होने वाली 38 दिनों की अमरनाथ यात्रा के लिए किए गए सुरक्षा इंतजामों पर भी चर्चा हुई. रक्षा मंत्री शुक्रवार को दो दिवसीय दौरे पर उधमपुर पहुंचे थे. शनिवार सुबह उन्होंने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 2,500 सैनिकों के साथ योग सत्र में हिस्सा लिया और विभिन्न योगासनों का अभ्यास किया. योग सत्र के बाद उन्होंने सेना के अधिकारियों के साथ सुरक्षा समीक्षा बैठक शुरू की.
अमरनाथ यात्रा में पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था
अमरनाथ यात्रा के लिए सेना ने बहुस्तरीय सुरक्षा इंतजाम किए हैं, ताकि तीर्थयात्रियों को किसी भी तरह की परेशानी न हो. यह यात्रा मुख्य रूप से दो रास्तों से होती है. पहला रास्ता अनंतनाग जिले का 48 किलोमीटर लंबा पहलगाम मार्ग है, जो पारंपरिक और लोकप्रिय है. दूसरा मार्ग गंदेरबल जिले का 14 किलोमीटर लंबा बालटाल मार्ग है, जो छोटा लेकिन खड़ी चढ़ाई वाला है. सेना और अन्य सुरक्षा बल इन मार्गों पर कड़ी निगरानी रखेंगे.
जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा पर जोर
जम्मू-कश्मीर में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए सेना लगातार आतंकवाद विरोधी अभियान चला रही है. रक्षा मंत्री ने अधिकारियों को सीमावर्ती और आंतरिक क्षेत्रों में चौकसी बढ़ाने के निर्देश दिए. उन्होंने अमरनाथ यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही. यह बैठक जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा और विकास के लिए केंद्र सरकार की काम को दिखाती है. रक्षा मंत्री ने सेना की तैयारियों और समर्पण की सराहना की और कहा कि देश की सुरक्षा में सैनिकों का योगदान अतुलनीय है.
स्टाफ की कमी से जूझ रही रेलवे: रिटायर्ड कर्मचारियों को मिलेगा दोबारा नौकरी का अवसर, ये हैं शर्तें
21 Jun, 2025 05:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रेलवे ने रिटायर हुए कर्मचारियों को एक और मौका देने का फैसला किया है. अब रेलवे में जो नॉन-गजेटेड (Non-Gazetted) यानी छोटे स्तर के पद खाली हैं, उन्हें भरने के लिए रिटायर कर्मचारियों को फिर से कॉन्ट्रेक्ट (Contract) पर काम पर रखा जा सकेगा.
अब तक नियम यह था कि कोई भी रिटायर्ड कर्मचारी सिर्फ उसी पद पर दोबारा काम कर सकता था जिस पद पर वो रिटायर हुआ था. यानी जिस वेतन स्तर (Pay Level) पर रिटायर हुआ है, उसी वेतन स्तर के पद पर उसे फिर से रखा जा सकता था. अब रेलवे ने इस नियम में ढील दी है.
क्या है नए नियम?
नए नियम के अनुसार-
Pay Level-1 से Pay Level-9 तक के खाली पदों पर रिटायर्ड कर्मचारियों को फिर से नियुक्त किया जा सकता है.
अब कोई रिटायर्ड कर्मचारी अपने रिटायरमेंट वाले पद से तीन लेवल नीचे के पद पर भी दोबारा काम करने के लिए आवेदन कर सकता है.
उदाहरण के तौर पर, अगर कोई कर्मचारी Pay Level-6 से रिटायर हुआ है, तो उसे Level-6, Level-5, Level-4 और Level-3 तक के पदों के लिए चुना जा सकता है.
रेलवे ने यह भी साफ किया है कि पहले प्राथमिकता उन्हें दी जाएगी जो उसी लेवल से रिटायर हुए हैं, यानी जिस लेवल का पद खाली है, उसी लेवल से रिटायर्ड व्यक्ति को पहले मौका मिलेगा. अगर ऐसे लोग उपलब्ध नहीं हैं, तभी ऊपर के लेवल से रिटायर लोगों को मौका मिलेगा.
अब डिवीजन स्तर पर (जैसे ज़ोन या मंडल में) रिटायर्ड कर्मचारियों की भर्ती का अधिकार डिविजनल रेलवे मैनेजर (DRM) के पास होगा. रेलवे मुख्यालय में भर्ती का फैसला अब भी जनरल मैनेजर (GM) ही करेंगे. पूरे रेलवे ज़ोन में कितने रिटायर्ड कर्मचारियों को दोबारा रखा जाए, इसका फैसला भी जनरल मैनेजर ही करेंगे.
जरूरी शर्तें क्या हैं?
यह नियुक्ति तभी होगी जब असली जरूरत हो.
पूरी जांच और सोच-विचार के बाद ही रिटायर्ड स्टाफ को वापस लिया जाएगा.
ये नया नियम जारी होने की तारीख से लागू होगा.
यह आदेश रेलवे बोर्ड की मंजूरी और वित्त विभाग की सहमति से जारी किया गया है.
रेलवे ने रिटायर्ड कर्मचारियों को फिर से काम का मौका देकर स्टाफ की कमी को पूरा करने की कोशिश की है. इससे रेलवे का कामकाज भी बेहतर होगा और अनुभवी कर्मचारियों को भी एक और मौका मिलेगा.
एयर इंडिया के लिए मुश्किल: DGCA ने 3 अधिकारियों को हटाया, आगे कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
21 Jun, 2025 04:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
एअर इंडिया के खिलाफ विमानन सुरक्षा नियामक डीजीसीए ने बड़ा एक्शन लिया है. उसने एअर इंडिया को गंभीर चूक के कारण अपने तीन अधिकारियों को क्रू शेड्यूलिंग और रोस्टरिंग से संबंधित सभी भूमिकाओं और जिम्मेदारियों से हटाने का आदेश दे दिया है. इनमें एक डिवीजनल वाइस प्रेसिडेंट भी शामिल है. 20 जून के अपने आदेश में डीजीसीए ने एयरलाइन को बिना देरी किए इन तीन अधिकारियों के खिलाफ एक्शन शुरू करने का भी निर्देश दिया है. एअर इंडिया ने एक बयान में कहा कि उसने डीजीसीए के निर्देश को स्वीकार कर लिया है और आदेश को लागू कर दिया गया है.
एअरलाइन ने शनिवार को अपने बयान में कहा, ‘इस बीच, कंपनी के चीफ ऑपरेशनल ऑफिसर इंटीग्रेटेड ऑपरेशंस कंट्रोल सेंटर (आईओसीसी) पर सीधे निगरानी रखेंगे. एअर इंडिया यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि सुरक्षा प्रोटोकॉल और स्टेंडर्ड प्रक्टिसेस का पूरी तरह से पालन हो.’ वहीं, डीजीसीए के आदेश में कहा गया है, ‘लाइसेंसिंग, आराम और रीसेंसी जरूरतों में चूक के बावजूद एअर इंडिया द्वारा फ्लाइट क्रू के शेड्यूल और संचालन के संबंध में बार-बार और गंभीर उल्लंघनों का स्वेच्छा से खुलासा किया गया है.’
डीजीसीए ने कहा, ‘ये उल्लंघन ARMS से CAE फ्लाइट और क्रू मैनेजमेंट सिस्टम में पोस्ट ट्रांजिशन की समीक्षा के दौरान पाए गए.’ दरअसल, ARMS का पूरा नाम एयर रूट मैनेजमेंट सिस्टम है, जोकि एक सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म है. इसका इस्तेमाल एयरलाइन की ओर से तमाम ऑपरेशनल और मैनेजमेंट टास्क के लिए किया जाता है, जिसमें क्रू रोस्टरिंग और फ्लाइट प्लानिंग आदि शामिल हैं.
डीजीसीए ने दी एअर इंडिया को चेतावनी
DGCA के आदेश में कहा कि विशेष चिंता इन ऑपरेशनल चूकों के लिए सीधे जिम्मेदार प्रमुख अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक उपायों की ऑब्सेंस है. रेगुलेटर ने कहा कि ये अधिकारी अनधिकृत और गैर-अनुपालन क्रू पेयरिंग, अनिवार्य लाइसेंसिंग और नए मानदंडों का उल्लंघन, शेड्यूलिंग प्रोटोकॉल और निरीक्षण में प्रणालीगत विफलताओं सहित गंभीर और बार-बार की गई चूकों में शामिल रहे हैं. डीजीसीए ने एअर इंडिया को यह भी चेतावनी दी कि भविष्य में क्रू के शेड्यूलिंग में उल्लंघन के लिए लाइसेंस निलंबन और ऑपरेशनल प्रतिबंधों सहित कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
सोनिया गांधी ने इजरायली हमले पर जताया गुस्सा, सरकार से कहा- 'ईरान भारत के लिए महत्वपूर्ण'
21 Jun, 2025 04:43 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने ईरान और इजराइल के बीच जारी तनाव पर एक लेख लिखा है. उन्होंने ईरान पर इजराइल के हमले की निंदा की है, साथ ही मोदी सरकार के रुख पर चिंता जताई है. सोनिया गांधी के लेख का शीर्षक है भारत की आवाज को सुनने के लिए अभी भी बहुत देर नहीं हुई है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने उनके इस लेख को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक्स पर शेयर किया है.
सोनिया गांधी ने लेख में लिखा कि ईरान भारत का पुराना मित्र रहा है और हमेशा से भारत और ईरान के संबंध अच्छे रहे हैं. उन्होंने ईरान और भारत की दोस्ती का उदाहरण देते हुए कहा कि 1994 का जम्मू-कश्मीर मुद्दा सबसे यादगार है. क्योंकि जब संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग में भारत के खिलाफ प्रस्ताव लाया गया था, तो उस समय ईरान ने भारत का साथ देकर उस प्रस्ताव को रुकवाने में मदद की थी.
इस्लामी रिपब्लिक ईरान हमेशा से रहा भारत का सहयोगी
सोनिया गांधी ने बताया कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ने अपने पुराने शासन की तुलना में भारत का बहुत अधिक सहयोग किया है. उन्होंने कहा हालांकि ईरान के पुराने शासन यानी शाही राज्य ईरान ने 1965 और 1971 के युद्धों में पाकिस्तान का साथ दिया था.
भारत और इजराइल के बीच संबंध हो रहे हैं अच्छे
सोनिया गांधी ने अपने लेख में बताया कि पिछले कुछ दशकों से भारत और इजराइल के रणनीतिक संबंध भी मजबूत हो रहे है. उन्होंने कहा कि इस अनूठी स्थिति में भारत के पास शांति और संवाद का पुल बनने की कूटनीतिक ताकत और नैतिक जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि यह केवल एक अमूर्त सिद्धांत नहीं है, बल्कि उन सभी नागरिकों की सुरक्षा की बात है जो पश्चिम एशिया के देशों में रह रहे हैं और काम कर रहे है. उनकी सुरक्षा को गंभीरता से लेते हुए सरकार को विदेशी कूटनीति में अपनी स्थिति मजबूत करनी होगी.
सोनिया ने हमास हमले की निंदा
सोनिया गांधी ने 7 अक्टूबर 2023 को हमास की तरफ से किए गए इजराइल पर हमले की निंदा की. उन्होंने इजराइल की तरफ से हमास पर की गई जवाबी कार्रवाई को भी भयावह और असंगत बताया. उन्होंने भारत सरकार से कहा कि इस तरह के भयावह हमले के सामने भारत चुप नहीं रह सकता. उन्होंने बताया कि 55,000 से अधिक फिलिस्तीनियों की जान जा चुकी है. पूरे घर, परिवार यहां तक कि अस्पताल भी नष्ट हो गए हैं. गाजा अकाल के कगार पर खड़ा है और वहां के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
मोदी सरकार पर साधा निशाना
सोनिया गांधी ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने भारत की सांस्कृतिक और पारंपरिक नीति जिसमें दो राष्ट्रों के समाधान की नीति है, उसकी प्रतिबद्धता को त्याग दिया है. इसमें एक स्वतंत्र फिलिस्तीन की कल्पना की जाती है, जो आपसी सुरक्षा और सम्मान के साथ इजरायल के साथ कंधे से कंधा मिलाकर रह सके.
सरकार की चुप्पी पर साधे सवाल
सोनिया गांधी ने कहा कि इजराइल ने गाजा में तबाही मचा दी थी और अब ईरान पर लगातार हमले कर रहा है. इस तनाव पर भारत सरकार की चुप्पी यह दर्शाती है कि सरकार हमारे नैतिक और कूटनीतिक परंपराओं से पीछे हट रही है. उन्होंने कहा यह न केवल भारत की आवाज की कमी को दर्शाता है, बल्कि यह भारत के मूल्यों के आत्मसमर्पण भी है.
लेख के अंत में सोनिया गांधी ने मोदी सरकार से कहा कि अभी भी बहुत देर नहीं हुई है. भारत को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए और स्पष्ट रूप से बोलना चाहिए. भारत को पश्चिम एशिया के देशो के बीच उनकी आपसी बातचीत को बढ़ावा देना चाहिए और तनाव को कम करने की कोशिश करनी चाहिए.
ट्रंप-मुनीर लंच: CM उमर बोले, "यह अमेरिका की स्वार्थपूर्ण नीति का परिचायक है"
21 Jun, 2025 04:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हाल ही में पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर के साथ राष्ट्रपति ट्रंप ने व्हाइट हाउस में लंच किया. इसको लेकर जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला ने अमेरिका के रवैये को लेकर टिप्पणी की. सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा, अमेरिका अन्य देशों का तभी तक ‘दोस्त’ है जब तक उसे फायदा मिलता है और अमेरिका अपने हितों की रक्षा के लिए कुछ भी कर सकता है.
सीएम से डोनाल्ड ट्रंप और पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर के बीच हुए लंच को लेकर सवाल पूछा गया. इसी पर बात करते हुए सीएम ने बताया कि कब तक अमेरिका किसी देश के साथ दोस्ती निभाता है.
“अमेरिका अपना फायदा देखता है”
सीएम ने आगे कहा, अमेरिका के राष्ट्रपति अपनी मर्जी के मालिक हैं. क्या हम उन्हें बता सकते हैं कि उन्हें किसे लंच पर आमंत्रित करना चाहिए और किसे नहीं? यह एक अलग मुद्दा है कि हम सोचते थे कि अमेरिकी राष्ट्रपति हमारे बहुत खास दोस्त हैं और वो हमारी दोस्ती की इज्जत करेंगे.
अमेरिका वो ही करता है जिसमें उसको अपना फायदा लगता है. वो किसी और देश की फिक्र नहीं करते. सीएम उमर अब्दुल्ला अपने पिता फारूक अब्दुल्ला के साथ हाल ही में लॉन्च हुई वंदे भारत ट्रेन से जम्मू गए थे. ट्रेन से उतरने के बाद सीएम ने अमेरिका को लेकर बयान दिया.
ईरान-इजराइल वॉर पर क्या कहा?
सीएम से ईरान-इजराइल वॉर को लेकर सवाल पूछे गए. सीएम ने कहा, युद्ध रुकना चाहिए और दोनों देशों के बीच जो भी विवाद है उसका बातचीत से समाधान करना चाहिए.
सीएम ने कहा, यह बमबारी शुरू नहीं होनी चाहिए थी. इससे पहले जब अमेरिकी खुफिया प्रभारी से पूछा गया था कि क्या ईरान के पास परमाणु बम है, तो उन्होंने कहा था कि उन्हें नहीं लगता कि ईरान लंबे समय तक बम बना सकता है. लेकिन इजराइल ने कुछ महीनों के अंदर ही ईरान पर हमला कर दिया. यह हमला रुकना चाहिए और बातचीत के जरिए मुद्दे हल होने चाहिए.
हालांकि, जम्मू-कश्मीर के ईरान में पढ़ने वाले छात्रों को भारत लाने को लेकर उन्होंने कहा, सभी धीरे-धीरे घर वापस आ रहे हैं. उन्होंने आगे कहा, हम सभी को एक ही रात में एक साथ वापस नहीं ला सकते हैं. एयरपोर्ट और पोर्ट बंद हैं. हम उन्हें पहले रोड से आर्मेनिया लेकर आए, फिर उन्हें आर्मेनिया से भारत लाया गया. हमें उम्मीद है कि आज 300 से 400 छात्र भारत वापस आ रहे हैं. इनमें से ज्यादातर जम्मू-कश्मीर से हैं. उन सभी को हम सुरक्षित भारत वापस लाएंगे.
मिशन 'ऑपरेशन सिंधु' कामयाब: ईरान से अब तक 517 भारतीय स्वदेश पहुंचे
21 Jun, 2025 10:39 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इजराइल-ईरान के बीच पिछले कुछ समय से तनाव बढ़ गया है. दोनों एक दूसरे पर मिसाइल और ड्रोन दाग रहे हैं. इसी बीच भारत अपने नागरिकों को सुरक्षित ईरान से वापस लेकर आ रहा है. भारत ने अपने नागरिकों को युद्धस्थल ईरान से वापस लाने के लिए ऑपरेशन सिंधु लॉन्च किया है. इस ऑपरेशन के तहत अब तक 517 भारतीय वापस आ चुके हैं. विदेश मंत्रालय की 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान में 10 हजार 765 भारतीय रहते हैं.
ऑपरेशन सिंधु के तहत शनिवार 21 जून को ईरान से सुरक्षित भारतीयों की तीसरी फ्लाइट भारत पहुंची है. 117 भारतीय नागरिकों को अश्गाबात, तुर्कमेनिस्तान से देश वापस लाया गया है.
अब तक 517 भारतीयों की हुई वापसी
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ईरान से भारतीयों को वापस लाए जाने की जानकारी देते हुए पोस्ट किया. उन्होंने कहा, अश्गाबात, तुर्कमेनिस्तान से लोगों को लेकर फ्लाइट 21 जून को 03:00 बजे नई दिल्ली में उतरी, जो ईरान से भारतीयों को घर लेकर आई. उन्होंने आगे कहा, ऑपरेशन सिंधु के तहत अब तक ईरान से 517 भारतीय नागरिक भारत लौट आए हैं.
इससे कुछ ही घंटे पहले, शुक्रवार (जून 20) की देर रात, एक और फ्लाइट, मशहद, ईरान से, 290 भारतीय छात्रों को भारत लेकर आई है.
“हम दहशत में थे”
ईरान से भारत लौटे जफर अब्बास नकवी ने बताया, जब हमले होने लगे तब हमने भारत सरकार से संपर्क किया. कार्रवाई इतनी तेजी से हुई कि हम शब्दों में अपना आभार व्यक्त नहीं कर सकते. प्रधानमंत्री मोदी और उत्तर प्रदेश CM योगी आदित्यनाथ को बहुत बहुत धन्यवाद देता हूं जिन्होंने हमारे लिए सारे इंतजाम किए.
ईरान से भारत लौटी जिया कुलसुम ने कहा, ईरान में हम बहुत परेशान हो गए थे, दहशत में थे. सरकार ने हमारा बहुत साथ दिया और सुरक्षित अपने वतन पहुंचा दिया.
छात्रों ने जताया पीएम का आभार
जानकारी के मुताबिक, ईरान में सबसे ज्यादा तादाद में भारत के जम्मू-कश्मीर के छात्र पढ़ते हैं. इन सभी को भारत वापस लाया गया. जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट एसोसिएशन ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट कर पीएम मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर को उन्हें भारत वापस लाने के लिए शुक्रिया अदा किया और उनका आभार जताया.
एसोसिएशन ने लिखा, ईरान के मशहद से 290 छात्रों को लेकर महान एयर की फ्लाइट भारत आई, जिनमें से ज्यादातर छात्र जम्मू-कश्मीर से हैं, अभी नई दिल्ली में सुरक्षित उतरी है. समय पर इस मामले में हस्तक्षेप और समर्थन करने के लिए पीएम मोदी, विदेश मंत्री एस जयशंकर और सभी संबंधित अधिकारियों को धन्यवाद.
110 छात्रों को लेकर आई पहली फ्लाइट
‘ऑपरेशन सिंधु’ के तहत ईरान से 110 छात्रों को लेकर पहली फ्लाइट गुरुवार (19 जून) तड़के दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरी. छात्रों के पहले बैच को, सभी उर्मिया मेडिकल यूनिवर्सिटी से, ईरान से सड़क मार्ग से आर्मेनिया लाया गया और फिर फ्लाइट से वो दोहा पहुंचे और वहां से दिल्ली लाया गया.
'सदानीरा समागम' में CM मोहन यादव बोले: सिंहस्थ 2028 को बनाएंगे अविस्मरणीय
21 Jun, 2025 10:31 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सिंहस्थ:2028 एक बड़ा धार्मिक आयोजन होगा. उन्होंने कहा कि यहां श्रद्धालुओं को घाटों पर ऐसी सुविधा उपलब्ध होगी कि 24 घंटे में पांच करोड़ लोग पुण्य स्नान का लाभ ले सकेंगे. शिप्रा के दोनों ओर करीब 30 किमी की लम्बाई में विकसित घाटों पर सुविधाजनक ढंग से स्नान संभव होगा. यह सिंहस्थ ऐतिहासिक सिद्ध होगा. मध्यप्रदेश जल संरक्षण के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर देश के लिए उदाहरण बनेगा. मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने भारत भवन में छह दिवसीय सदानीरा समागम का शुभारंभ करते हुए यह बात कही.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जल ऑक्सीजन भी प्रदान करता है. मध्यप्रदेश सरकार ने 30 मार्च से 30 जून तक जल गंगा संवर्धन अभियान के माध्यम से नागरिकों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक बनाने का अभियान संचालित किया. प्रदेश के नगर-नगर और गांव-गांव में जल स्रोतों को शुद्ध और उपयोगी बनाने का कार्य चला. अनेक पोखर, जलाशय और बावड़ियों को पुनर्जीवन भी प्राप्त हुआ. इस अभियान में सरकार और समाज ने संयुक्त रूप से कार्य करके दिखाया है.
खण्डवा जिला प्रथम स्थान पर
देश में जल संरक्षण के कार्य में श्रेष्ठ परिणाम लाने वाले जिलों की सूची तैयार की गई तो भारत सरकार के मापदंडों के आधार पर मध्यप्रदेश का खण्डवा जिला प्रथम स्थान पर रहा. मध्यप्रदेश के अन्य जिलों में भी इसी तरह पानी के संरक्षण के कार्य किए जाएंगे. सदानीरा आयोजन में निरंतर 6 दिन विविध गतिविधियों हो रही हैं जिनमें जल एकाग्र डाकयू ड्रामा , फिल्में, गायन नदीनामा के अंतर्गत काव्यपाठ, नृत्य नाटिका आदि गतिविधियां शामिल रहेंगी.
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश से ढाई सौ से अधिक नदियों का उद्गम और प्रवाह होता है. यहां तक कि पुण्य सलिला गंगा जी को जल सम्पन्न बनाने में मध्यप्रदेश के अमरकंटक से निकली सोन नदी का भी योगदान है. बेतवा भी यमुना में जाकर समाहित होती है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सदानीरा समागम के स्वरूप की सराहना की. प्रमुख सचिव संस्कृति एवं पर्यटन शिवशेखर शुक्ला ने सदानीरा समागम में छह दिन तक होने वाली गतिविधियों को विवरण दिया.
कई पुस्तकों का भी लोकार्पण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विशेष डाक्यूमेंट्री सीरीज और ग्रंथ सदानीरा, पृथ्वी पानी का देश काव्य संग्रह और प्राचीन जल संग्रहण परम्परा पर केंद्रित पुस्तक जल धारा और पत्रकारिता पर केंद्रित पुस्तक का विमोचन किया. इस अवसर पर प्रेम शंकर शुक्ला और डॉ जवाहर कर्नावट भी उपस्थित थे.
वीर भारत न्याय, संस्कृति विभाग के इस आयोजन में जनसंपर्क विभाग, मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, पुरातत्व संचालनालय, माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय, बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय, रविंद्र नाथ टैगोर विश्वविद्यालय,भारत भवन,मध्य प्रदेश जनजातीय संग्रह संग्रहालय एवं भोपाल जिला प्रशासन भी सहयोगी हैं. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप जलाकर जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत भारत भवन, भोपाल में सदानीरा समागम का शुभारंभ किया.
गणमान्य अतिथि रहे मौजूद
इस अवसर पर सांसद वीडी शर्मा, विधायक भगवानदास सबनानी, उपस्थित थे. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चित्र एवं शिल्प प्रदर्शनी का अवलोकन किया. नर्मदा पथ के अनेक स्थानों के चित्रों के छायाकार राजेन्द्र जांगले भी इस मौके पर उपस्थित थे. इस अवसर पर मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक अतुल कोठारी, वीर भारत न्यास के संचालक श्रीराम तिवारी और अभिनेता अन्नू कपूर उपस्थित थे.
PM मोदी: योग सार्वभौमिक है, 'एवरेस्ट से समंदर तक' सभी के लिए है
21 Jun, 2025 10:26 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
देशभर में आज 11वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है. इस बार की थीम “योगा फॉर वन अर्थ, वन हेल्थ” है. इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विशाखापत्तनम में 3 लाख लोगों के साथ योगा किया. पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि योग लोगों को विश्व के साथ एकता की ओर ले जाता है, जहां आंतरिक शांति वैश्विक नीति बन जाती है. मानवता के लिए अंतरराष्ट्रीय योग दिवस प्राचीन अभ्यास की शुरुआत का प्रतीक है.
पीएम मोदी ने 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि जब भारत ने संयुक्त राष्ट्र में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने का प्रस्ताव रखा तो 175 देशों का समर्थन मिल गया था. 11 सालों के बाद योग अब दुनिया भर के करोड़ों लोगों के जीवन का हिस्सा बन गया है. उन्होंने आगे कहा कि चाहे सिडनी ओपेरा हाउस हो, एवरेस्ट पर्वत या समुद्र का विस्तार, संदेश यह है कि योग सभी के लिए है. दुनिया भर में कुछ तनाव जैसी चीजें हो रही हैं.
“एवरेस्ट की चोटी हो या समंदर, योग सभी का है”
पीएम मोदी ने इस मौके पर कहा, मेरा विश्व से अनुरोध है कि इस योग दिवस को मानवता के लिए योग 2.0 की शुरुआत के रूप में मनाया जाए, जहां आंतरिक शांति वैश्विक नीति बन जाए, योग हमें विश्व के साथ एकता की ओर ले जाता है. योग सभी के लिए सीमाओं, पृष्ठभूमि, उम्र या क्षमता से परे है.
पीएम ने यह भी कहा कि योग एक महान व्यक्तिगत अनुशासन है, यह एक ऐसी प्रणाली भी है जो लोगों को “मैं” से “हम” की ओर ले जाती है और यह मानवता को सांस लेने, संतुलन बनाने और फिर से संपूर्ण बनने के लिए आवश्यक विराम बटन है. स्वयंसेवकों के साथ भी पीएम मोदी ने बाद में योगा किया. अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर पीएम मोदी ने पोस्ट कर कहा, योग सिर्फ एक एक्सरसाइज नहीं है. पीएम ने योग को जीवन का एक तरीका बताया.
“पीएम ने पूरी दुनिया में योग को बनाया लोकप्रिय”
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू भी इस विशेष अवसर पर पीएम मोदी के साथ मौजूद रहे. एन चंद्रबाबू नायडू ने कार्यक्रम के दौरान पीएम की तारीफ की और कहा कि पीएम मोदी ने योग को न केवल भारत में बल्कि दुनिया भर में लोकप्रिय बनाया और इसे वैश्विक कल्याण आंदोलन में बदल दिया. नायडू कहा, योग दिवस 175 से अधिक देशों में, 12 लाख स्थानों पर मनाया जा रहा है, जिसमें 10 करोड़ से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया.
उन्होंने आगे कहा, “मैं हमारे दूरदर्शी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को न सिर्फ भारत में बल्कि पूरे विश्व में योग को लोकप्रिय बनाने के लिए धन्यवाद देता हूं. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत की और योग को वैश्विक स्वास्थ्य आंदोलन बना दिया.”
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