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अब सभी सरकारी दस्तावेज कन्नड़ में ही तैयार होंगे: मुख्य सचिव का निर्देश
25 Jun, 2025 06:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार ने प्रशासन में कन्नड़ भाषा के व्यापक उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए एक कड़ा परिपत्र जारी किया है. इसके अनुसार अब से सभी सरकारी विभागों को आधिकारिक कार्यों में कन्नड़ का अनिवार्य प्रयोग करना होगा. उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है. इसके साथ ही दुकानों की नेमप्लेट में भी कन्नड़ का प्रयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया है. सरकारी भाषा में कन्नड़ भाषा का इस्तेमाल अनिवार्य, उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई... कर्नाटक सरकार का बड़ा आदेश
कर्नाटक में कन्नड़ भाषा की स्थिति को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच सिद्धारमैया सरकार ने प्रशासन में कन्नड़ के व्यापक उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए एक सख्त सर्कुलर जारी किया है. राज्य की मुख्य सचिव शालिनी रजनीश ने बुधवार को एक अहम परिपत्र जारी करते हुए सभी सरकारी विभागों, निगमों, बोर्डों और स्थानीय निकायों को निर्देश दिया कि वे सभी आधिकारिक कार्यों में कन्नड़ भाषा का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें.सरकार ने यह कदम कन्नड़ भाषा समग्र विकास अधिनियम के उचित क्रियान्वयन की कमी और कन्नड़ भाषा के सार्वजनिक जीवन से धीरे-धीरे हटने की आशंका के बीच उठाया है.
मुख्य सचिव द्वारा जारी इस परिपत्र में स्पष्ट किया गया है कि अब सभी प्रकार के सरकारी आदेश, नियुक्तियां, स्थानांतरण, छुट्टी से संबंधित आदेश, नोटिस, कार्यालयीय पत्राचार, आंतरिक फाइल नोट्स तथा रिकॉर्ड बुक आदि कन्नड़ भाषा में ही तैयार किए जाएं. केवल केंद्र सरकार, अन्य राज्यों और न्यायालयों के साथ किए जाने वाले पत्राचार को इस नियम से छूट दी गई है.
उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
इसके साथ ही कार्यालयों की नामपट्टिकाएं भी अनिवार्य रूप से कन्नड़ में प्रदर्शित की जानी चाहिए. इसके अलावा कन्नड़ में प्राप्त होने वाले सभी पत्रों और आवेदनों का उत्तर कन्नड़ में ही दिया जाना आवश्यक होगा. विधायी कार्यवाही और सभी प्रकार के आधिकारिक दस्तावेज भी अब कन्नड़ में तैयार किए जाने का निर्देश दिया गया है.
परिपत्र में यह भी चेतावनी दी गई है कि इन निर्देशों का पालन न करने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ व्यक्तिगत रूप से अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि यह सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का कर्तव्य है कि वे भाषा नीति को सभी स्तरों पर पूरी निष्ठा से लागू करें.
दुकानों की नेमप्लेट में 60 फीसदी कन्नड़ का इस्तेमाल
इससे पहले राज्य सरकार ने निर्देश जारी किया था कि दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की नामपट्टिकाओं में कम से कम 60% कन्नड़ भाषा का प्रयोग किया जाना चाहिए. सरकार ने अध्यादेश लाकर अधिनियम में संशोधन भी किया था, ताकि नामपट्टिकाओं में कन्नड़ को प्राथमिकता दी जा सके. हालांकि, यह नियम जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू नहीं हो पाया है. कई कन्नड़ समर्थक संगठनों ने इस मुद्दे पर सरकार से सख्त कदम उठाने की मांग की थी. उनका कहना है कि राज्य में सार्वजनिक स्थानों पर कन्नड़ भाषा का प्रयोग लगातार कम हो रहा है और इससे कन्नड़ की सांस्कृतिक पहचान को खतरा है. कन्नड़ भाषा समग्र विकास अधिनियम को लागू करने के बावजूद कर्नाटक में भाषायी असंतुलन की स्थिति बनी हुई है. सार्वजनिक संस्थानों, निजी कंपनियों, यहां तक कि कई सरकारी कार्यालयों में भी अंग्रेजी या अन्य भाषाओं का अधिक प्रयोग हो रहा है, जिससे कन्नड़ को धीरे-धीरे पीछे धकेला जा रहा है.
भारत का अंतरिक्ष में नया कदम, शुभांशु शुक्ला ने ISS के लिए भरी उड़ान
25 Jun, 2025 05:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारत अंतरिक्ष में एक बार फिर इतिहास रचने जा रहा है। ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के लिए रवाना हो गए हैं। शुभांशु शुक्ला और तीन अन्य अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर एक्सिओम-4 मिशन, कैनेडी स्पेस सेंटर के कॉम्प्लेक्स 39ए से उड़ान भर चुका है। 28 घंटे की लंबी यात्रा के बाद अंतरिक्ष यान गुरुवार को शाम करीब साढे चार बजे इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से डॉक होने की उम्मीद है। स्पेस स्टेशन में पहुंचते ही शुभांशु स्टेशन का दौरा करने वाले पहले भारतीय बन जाएंगे और राकेश शर्मा के 1984 के मिशन के बाद अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय बन जाएंगे। यह लॉन्चिंग न केवल शुभांशु शुक्ला के लिए बल्कि अंतरिक्ष अन्वेषण में भारत की बढ़ती उपस्थिति के लिए भी एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
एक्सिओम-4 मिशन लांच होने के बाद शुभांशु शुक्ला ने अंतरिक्ष के रास्ते पहला संदेश भेजा है। उन्होंने कहा कि 41 साल बाद हम वापस अंतरिक्ष में पहुंच गए हैं और कमाल की राइड थी। इस वक्त हम 7.5 किलोमीटर प्रति सेकेंड की रफ्तार से पृथ्वी के चारों तरफ घूम रहे हैं और मेरे कंधे पर मेरे साथ मेरा तिरंगा है।”
बादल फटने से मणिकर्ण और गड़सा में तबाही, लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागे
25 Jun, 2025 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कुल्लू। जिला कुल्लू में भारी बारिश होने से कई इलाकों में बादल फटने से नुकसान हो गया है। मणिकर्ण घाटी के ब्रह्मगंगा, गड़सा घाटी की गोमती नदी में बादल फटे हैं। इसके अलावा सैंज घाटी के जीवा नाला सहित अन्य कई नालों में भी बादल फटा है, जिससे काफी नुकसान हुआ है। मणिकर्ण के साथ लगती ब्रह्मगंगा की पहाड़ियों में भारी बारिश होने से बादल फटा। बादल फटने से ब्रह्मगंगा नदी का जलस्तर बढ़ा। जिससे ब्रह्मगंगा के घरों में मलबा घुस गया है। वहीं, ग्रामीण अपने-अपने घरों से सुरक्षित जगहों की तरफ भाग गए।
बता दें कि पिछले कई सालों से ब्रह्मगंगा में बादल फटने का सिलसिला जारी है। यहां पर दो-तीन वर्ष पहले तो बाढ़ की भेंट लोग भी चढ़े हैं। जानी नुकसान हुआ है। वहीं, 2023 और 2024 में भी ब्रह्मगंगा में बादल फटने से भारी तबाही हुई है। लेकिन इसके बावजूद भी शासन और प्रशासन यहां के इन घरों को सुरक्षित करने में नाकाम साबित हुए हैं। बरसात के दिनों में लोगों को घर छोड़कर भागना पड़ता है। वहीं, आज भी बरसात शुरू होने से पहले ही ब्रह्मगंगा में बादल फटा और भारी मलबा घरों में घुस गया है। ब्रह्मगंगा में अफरा-तफरी मची हुई है।
पावर प्रोजेक्ट पर संकट: सतलुज की बाढ़ से शोंगटोंग हाइड्रो प्रोजेक्ट को भारी नुकसान
25 Jun, 2025 12:18 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रिकांगपिओ: हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिला में सतलुज नदी में अचानक पानी का स्तर बढ़ गया है। इससे बाढ़ जैसे हालात बन गए। यह स्थिति भारी बारिश नहीं, बल्कि गर्मी के बाद तेजी से ग्लेशियर पिघलने की वजह से उत्पन्न हुई है। सतलुज में बाढ़ के बाद 450 मेगावाट की निर्माणाधीन शोंगटोंग कड़छम जल विद्युत परियोजना के बैराज को इससे नुकसान पहुंचा है। अब परियोजना निर्माण में अपने निर्धारित समय से अधिक समय लग सकता है। निर्माण कार्य में हुई देरी से अब तक जहां प्रदेश सरकार को रॉयल्टी के रूप में करोड़ों रुपए की चपत लगी है, वहीं प्रभावित पंचायतों को भी इसका भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है । हालांकि कुछ माह से परियोजना निर्माण ने अपनी रफ्तार पकड़ी थी मगर अब सतलुज के जलस्तर बढऩे से निर्माण कार्य पर ब्रेक लग गया है। जलस्तर बढऩे से पोवारी के पास निर्माणाधीन डेम साइड (बैराज) का कार्य प्रभावित हुआ है।
सतलुज का पानी डैम साइड के निर्माणाधीन बैराज के ऊपर से बह रहा है । साइट से मलबा निकालने के लिए बनाया गया वैकल्पिक मार्ग भी पूरी तरह ढह गया है । गौर रहे कि एचपीपीसीएल के इस परियोजना का निर्माण पटेल कंपनी कर रही है। सवालों के घेरे में रही इस परियोजना का डैम साइड बैराज का कार्य समय पर पूरा नहीं होने से एक बार फिर सतलुज के जलस्तर बढऩे से कार्य प्रभवित हुआ है। डीसी किन्नौर डा. अमित कुमार शर्मा ने कहा कि हर वर्ष की तरह मानसून एवं बर्फ पिगलने से सतलुज का जलस्तर बढ़ा है। जलस्तर बढऩे से एचपीपीसीएल के बैराज साइड पर सतलुज का जलस्तर एक सेफ्टी मेकेनिजम से ऊपर चला गया है।
बारिश की दस्तक: पंजाब, यूपी, गुजरात समेत कई राज्यों में अलर्ट, जानें ताज़ा अपडेट
25 Jun, 2025 11:20 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: मौसम विभाग ने देश के उत्तर पश्चिमी हिस्से में खासकर जम्मू -कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, वेस्ट यूपी, गुजरात, कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा, सिक्किम, सौराष्ट्र और कच्छ में कुछ जगहों पर आज अत्यंत भारी बारिश को लेकर अलर्ट किया गया है. इसके साथ ही मध्य, पूर्व और उत्तर-पूर्व भारत के कई हिस्सों में अगले एक दो दिनों के दौरान सामान्य से भारी वर्षा की गतिविधि जारी रहने की संभावना है.
दक्षिण-पश्चिम मानसून
दक्षिण-पश्चिम मानसून उत्तरी अरब सागर के शेष भागों, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ और भागों, हरियाणा के कुछ भागों, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश और जम्मू के शेष भागों तथा पंजाब के कुछ और भागों में आगे बढ़ गया है. जोधपुर, जयपुर, आगरा, रामपुर, बिजनौर, करनाल, हलवारा से होकर गुजरा. अगले 24 घंटों के दौरान राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शेष भागों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं.
जानें पिछले 24 घंटों के दौरान का मौसम का हाल
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, गुजरात क्षेत्र और कोंकण में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की गई. पूर्वी राजस्थान, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हुई. इसके साथ ही ओडिशा, कर्नाटक और मणिपुर में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश हुई.
मध्य महाराष्ट्र में कुछ स्थानों पर 60-80 किमी प्रति घंटे की गति से तेज हवा चली. मराठवाड़ा, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, कोंकण, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पश्चिम मध्य प्रदेश, पंजाब में कुछ स्थानों पर 40-60 किमी प्रति घंटे की गति से हवा चली.
हेल्दी फूड की ओर कदम: HCU में मिलेट इंटर्नशिप से छात्र लड़ेंगे कुपोषण से
25 Jun, 2025 10:56 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हैदराबाद: तेलंगाना के हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी (HCU) में, पोषण और जलवायु लचीलापन बढ़ाने के लिए एडवांस जेनेटिक तकनीक का उपयोग करते हुए बाजरा और माइक्रोग्रेन अनुसंधान के विज्ञान में पूरे भारत के छात्रों को ट्रेंड करने के लिए एक अनूठा इंटर्नशिप कार्यक्रम शुरू किया गया है.
मिलेट मिशन
मई से जून तक, अलग-अळग विश्वविद्यालयों के छात्र एचसीयू के स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज में मिलेट (बाजरा) इंटर्नशिप कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं. जहां वे सोरघम और बाजरा जैसे माइक्रोग्रेन (सूक्ष्म अनाजों) पर रिसर्च कर रहे हैं. ये छोटे अनाज अपने उच्च पोषण मूल्य और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में बढ़ने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं, जो उन्हें जलवायु परिवर्तन के सामने एक आदर्श खाद्य स्रोत बनाता है.
शोध के प्रमुख और स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज के प्रमुख डॉ. मुथमिलारसन मेहानाथन ने कहा कि, माइक्रोग्रेन में बढ़ती आबादी में पोषण संबंधी अंतर को पाटने की क्षमता है. इसलिए हमारा ध्यान सिर्फ पैदावार पर ही नहीं बल्कि पोषक तत्वों की मात्रा को बेहतर बनाने पर भी है.
भविष्य के पोषण के लिए अत्याधुनिक अनुसंधान
डॉ. मुथमिलारासन के मार्गदर्शन में, टीम 300 से अधिक किस्मों के ज्वार और 100 से अधिक किस्मों के बाजरे का अध्ययन करने के लिए CRISPR-Cas9, नेक्स्ट जनरेशन सीक्वेंसिंग, मॉलिक्यूलर मार्कर और जैव सूचना विज्ञान जैसे जीनोम एडिटिंग टूल्स का उपयोग कर रही है. उनका लक्ष्य फाइटिक एसिड जैसे पोषण विरोधी तत्वों को कम करते हुए उपज, सूखा प्रतिरोध और पोषण गुणवत्ता को बढ़ाना है.
फाइटिक एसिड, जो दालों में स्वाभाविक रूप से पाया जाता है, आयरन, जिंक और कैल्शियम जैसे प्रमुख खनिजों के अवशोषण को रोकता है. हालांकि, शोधकर्ताओं ने पाया है कि अनाज को अंकुरित करने, भिगोने और किण्वित करने से यह एसिड कम हो सकता है, जिससे पोषक तत्व अधिक जैव उपलब्ध हो जाते हैं और पाचन आसान हो जाता है.
विज्ञान के साथ कुपोषण से लड़ना
भारत में 5.32 करोड़ कुपोषित बच्चे हैं. इस शोध का उद्देश्य उन्हें सीधे लाभ पहुंचाना है. एचसीयू के जीवन विज्ञान विभाग ने पहले ही दिखाया है कि पांच साल से कम उम्र के बच्चों को पोषक तत्वों से भरपूर दालें खिलाने से कुपोषण कम करने में मदद मिलती है.
अध्ययनों से पता चलता है कि अगर बच्चों को छह महीने तक सप्ताह में सिर्फ तीन बार उपमा या माल्ट जैसे बाजरे से बने भोजन खिलाए जाएं, तो इससे कुपोषण में काफी कमी आ सकती है. इसके अलावा, शोधकर्ताओं का कहना है कि ये अनाज मधुमेह को नियंत्रित करने में भीमदद करते हैं, जिससे ये चावल और गेहूं का एक स्वस्थ विकल्प बन जाते हैं.
जीनोम एडिटेड ग्रेन में भारत अग्रणी
भारत हाल ही में जीनोम एडिटेड राइस की किस्में विकसित करने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है. इससे प्रेरित होकर, एचसीयू की टीम उच्च पोषक तत्व सामग्री और कीटों और बीमारियों के प्रति अधिक प्रतिरोधक क्षमता वाली नई जीनोम एडिटेड मिलेट्स (बाजरा) किस्मों को जारी करने की दिशा में काम कर रही है.
डॉ. मुथमिलारसन ने कहा, "हम वैज्ञानिकों की एक ऐसी पीढ़ी तैयार करना चाहते हैं जो इस शोध को लोगों तक ले जा सकें और संभवतः उद्यमी बन सकें." अब तक 50 से अधिक छात्रों और युवा शोधकर्ताओं ने इस इंटर्नशिप में भाग लिया है.
एचसीयू इस दिशा में अग्रणी
भारत के 56 केंद्रीय विश्वविद्यालयों में से हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय ही एकमात्र ऐसा यूनिवर्सिटी है जो सूक्ष्म अनाजों पर इतने बड़े पैमाने पर शोध कर रहा है. विश्वविद्यालय बाजरे की अपनी अगली एडवांस किस्म जारी करने की तैयारी कर रहा है, जो बेहतर पोषण और कृषि स्थिरता का वादा करता है.
उज्जैन की बहू मनीषा दोहा में फंसी, ईरान-इजराइल संघर्ष के चलते लौटना हुआ मुश्किल
25 Jun, 2025 09:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
उज्जैन: ईरान इजरायल युद्ध के बीच कतर के दोहा में मध्य प्रदेश के उज्जैन कि बहू मनीषा फंसी हुई हैं. इस बात की जानकारी मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के X-पोस्ट से सामने आई है. मनीषा के पति रजत से ETV भारत ने उज्जैन स्थित निवास पर चर्चा की, जहां रजत ने बताया वे उज्जैन के अभिषेक नगर (नानाखेड़ा) में रहते हैं. वहीं, उनकी पत्नी बीते 3 सालों से कतर एयरवेज में जॉब कर रही हैं. ईरान के द्वारा कतर में यूएस बेस पर मिसाइल अटैक के बाद कतर में दहशत फैल गई है.
कतर के दोहा में कैसे फंसीं उज्जैन की मनीषा?
मनीषा के पति रजत ने बताया, '' सोमवार रात 10:30 बजे मनीषा से बात हुई थी. तब मनीषा ने बताया कि इरान इजराइल युद्ध से माहौल काफी खराब हो गया है. ईरान ने वहां यूएस बेस पर मिसाइल दाग दी है और वे घबराई हुई थीं. बस इसी बात को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तक उज्जैन भाजपा युवा मोर्चा के माध्यम से बात पहुंचाई और मनीषा की सुरक्षित वतन वापसी के लिए मैसेज पहुंचाया. मुख्यमंत्री ने तुरंत संज्ञान लिया और मनीषा की सुरक्षित वापसी के लिए परिवार को आश्वस्त किया है.''
सूचना मिलते ही किया एम्बेसी को मेल
मनीषा के पति रजत ने यह भी कहा मुख्यमंत्री के अलावा इंडियन एम्बेसी, कतर एम्बेसी, पीएमओ, सीएमओ, एवियशन डीजीसीए को भी मैंने मनीषा की डिटैल के साथ मेल किया था, जिसमें मनीष की सभी जानकारी साझा की है. सीजफायर की न्यूज के बाद स्थिति कतर सीमा में सामान्य है. मंगलवार को भी मनीषा से संपर्क हुआ है, वहां अब स्थिति सामान्य बताई जा रही है.
मुख्यमंत्री ने मनीषा के लिए गृहमंत्री से की बात
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लिखा, '' उज्जैन निवासी श्री रजत भटनागर जी की पत्नी श्रीमती मनीषा जी दोहा, कतर में फंसी हुई हैं. इस प्रकरण में मैंने माननीय केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी से सहयोग हेतु अनुरोध किया है. प्रदेश के संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि केंद्र सरकार के संपर्क में रहते हुए श्रीमती मनीषा जी की सकुशल स्वदेश वापसी सुनिश्चित करें.''
विदेश मंत्रालय से उज्जैन सांसद की हुई थी बात
इससे पूर्व उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया ने भी विदेश मंत्री से उज्जैन के फंसे लोगों को लेकर चर्चा की थी. उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया ने कहा था, '' मेरे पास कुछ माता पिता के कॉल आए हैं जिन्होंने अपने बच्चो की चिंता जताई है. कॉल के आधार पर हमने विदेश मंत्रालय बात की और लिस्ट मंगवाई है. कौन सा छात्र कहां का है, कहा फंसा हुआ है, अगर उज्जैन संसदीय क्षेत्र के छात्र-छात्रा या कोई भी वहां फंसे हैं तो उन्हें जल्द ही सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया जाएगा.
सांसद ने आगे कहा, '' मैं विदेश मंत्रालय की एडवाइजरी समिति का भी सदस्य भी हूं. जल्द ही हम आंकड़े सामने लाएंगे. सभी भारतीयों को सुरक्षित भारत लाए जाने का काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किया जा रहा है.''
रूस यूक्रेन युद्ध मे फंसे थे उज्जैन के 22 छात्र छात्राएं
इससे पहले रूस और यूक्रेन युद्ध के दौरान भी ऐसे ही हालात बने थे, जिसमें कई भारतीय खासतौर पर एमबीबीएस की पढ़ाई करने गए छात्र-छात्रा फंसे थे. उज्जैन से ही 22 नाम सामने आए थे, जिन्हें सुरक्षित लाया गया था. जैसे हालात ईरान में बने हुए हैं.
अमित शाह का ऐलान: 25 जून को मनाया जाएगा “संविधान हत्या दिवस”
25 Jun, 2025 08:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: भारत में आपातकाल की घोषणा के 50 वर्ष पूरे होने के गंभीर अवसर पर, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन ने नई दिल्ली में एक स्मृति कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें भारत के लोकतांत्रिक इतिहास के सबसे अंधकारमय अध्याय पर विचार किया गया. इस कार्यक्रम में मुख्य भाषण केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह जी द्वारा दिया गया. आपातकाल को लोकतंत्र की आत्मा पर एक क्रूरतम प्रहार बताते हुए, शाह ने प्रस्ताव रखा कि 25 जून को प्रतिवर्ष “संविधान हत्या दिवस” के रूप में मनाया जाना चाहिए. एक ऐसा दिन जब संविधान के हनन और सत्तावाद के विरुद्ध डटे लाखों भारतीयों के साहस को याद किया जाए.
अमित शाह ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्य भारतीय संस्कृति में गहराई से समाहित हैं. उन्होंने स्मरण किया कि कैसे उपनिवेश काल में भी भारतवासी, चाहे किसी भी क्षेत्र या पृष्ठभूमि से हों, प्रतिनिधिक शासन की आकांक्षा रखते थे, और वही मूल्य आज भी राष्ट्र की आकांक्षाओं को दिशा दे रहे हैं. भारत को “लोकतंत्रों की जननी” बताते हुए, उन्होंने वैशाली और मल्लों जैसे प्राचीन गणराज्यों का उदाहरण दिया और बताया कि हमारे लोकतांत्रिक परंपराएं कितनी गहराई तक जमी हुई हैं. उन्होंने कहा कि कोई भी तानाशाह, चाहे वह कितना ही शक्तिशाली क्यों न हो, भारतीय लोकतंत्र की नींव को उखाड़ नहीं सकता.
केंद्रीय गृह मंत्री ने आपातकाल की सामूहिक पीड़ा को याद करते हुए कहा कि समाज के हर वर्ग छात्रों से लेकर सरकारी कर्मचारियों तक, पत्रकारों से लेकर गृहिणियों तक ने इसका दंश झेला. उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए बताया कि उनके गांव से 184 लोगों को मनमाने ढंग से गिरफ़्तार कर जेल में डाल दिया गया था.
जेपी आंदोलन में लोकनायक जयप्रकाश नारायण की भूमिका की सराहना: शाह ने छात्र आंदोलनों और लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व वाले जेपी आंदोलन की भूमिका की सराहना की, जिसने देश की चेतना को जगाया. उन्होंने आपातकाल के दौरान राज्य तंत्र के दुरुपयोग की तीखी आलोचना की, जब केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल असहमति को दबाने, विपक्ष को डराने और नागरिक स्वतंत्रताओं को कुचलने के लिए किया गया. उन्होंने यह भी कहा कि उस समय की कांग्रेस सरकार ने न्यायपालिका और मीडिया जैसी स्वतंत्र संस्थाओं को भी कमजोर किया, जो लोकतंत्र के खिलाफ किसी भी खतरे की रक्षा करने वाली ढाल होनी चाहिए थीं.
शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लिखित उस पुस्तक की सराहना की, जो आपातकाल की भयावहता और उन सामान्य नागरिकों के त्याग को दर्ज करती है जिन्होंने स्वतंत्रता की रक्षा में अडिग रहकर संघर्ष किया. उन्होंने इस पुस्तक को भारतीय जनता की साहस और संकल्प को समर्पित बताया. भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था की अक्षुण्ण शक्ति को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि सरकारें आती-जाती रहेंगी, लेकिन संविधान की आत्मा हर नागरिक में जीवित रहनी चाहिए. उन्होंने युवाओं से संविधानिक मूल्यों को आत्मसात करने और उन्हें निभाने की अपील के साथ अपने उद्बोधन का समापन किया.
यह कार्यक्रम केवल अतीत के अन्यायों को याद करने का मंच नहीं था, बल्कि यह लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा के संकल्प को दोहराने और यह सुनिश्चित करने का अवसर भी था कि भारत के इतिहास में फिर कभी ऐसा अध्याय न दोहराया जाए.
पिछले 8 महीनों में डेढ़ गुना बढ़ गए चांदी के दाम... फिर भी नहीं बढ़ाए गए रामलला यंत्र के रेट
24 Jun, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अयोध्या : चांदी के दाम पिछले आठ महीनों में डेढ़ गुणा तक बढ़ गए हैं, लेकिन चांदी के ही फलक पर स्थापित रामलला रक्षायंत्र के दाम में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। पिछले साल अक्टूबर महीने में श्रीरामलला अयोध्या जी सेवा संस्थान की ओर से लॉचिंग के समय इसकी लागत चार हजार पांच सौ रुपये बताई गई थी। उस समय चांदी 65 हजार रुपये प्रति किलो थी और आज जब रक्षायंत्रों को उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की बारी आई, तब चांदी की कीमत एक लाख दस हजार रुपये प्रति किलो तक जा पहुंची है।
इस हिसाब से रक्षायंत्र की लागत में भी सवा से डेढ़ गुणा तक वृद्धि का अनुमान है, तथापि रक्षायंत्र की कीमत पूर्ववत रखने का कारण स्पष्ट करते हुए रामलला संस्थान के अध्यक्ष एवं अंतरराष्ट्रीय ख्याति के ज्योतिष गुरु डॉ. राजानंद शास्त्री स्पष्ट करते हैं कि करोड़ों रामभक्तों को रक्षायंत्र से युक्त करने का अभियान शुरू से ही नो प्रॉफिट-नो लॉस के हिसाब से अनुप्राणित था और आज इसी भावना के प्रति संकल्पित रहते हुए रक्षायंत्र की कीमत पूर्ववत चार हजार पांच सौ रुपये ही रखी गई है। यद्यपि कुछ विशिष्ट रक्षायंत्रों में 250 ग्राम तक चांदी का उपयोग किया गया है, किंतु आम श्रद्धालुओं तक आपूर्ति किए जाने वाले रक्षायंत्र में 14 ग्राम चांदी का ही प्रयोग है, किंतु रक्षायंत्र की लागत मात्र चांदी तक ही सीमित नहीं है। व्यय का सबसे बड़ा हिस्सा आइटी टीम पर करना पड़ रहा है। यह टीम व्यापक अभियान के माध्यम से लोगों तक इस यंत्र के बारे में जानकारी पहुंचाने और उसकी आनलाइन बुकिंग में व्यस्त है।
इसके अतिरिक्त यंत्र को सुनिश्चित आकार देने की कारीगरी, उसे मर्मज्ञ आचार्यों के माध्यम से रामरक्षा स्तोत्र सहित अन्य शास्त्रीय विशिष्टताओं से युक्त करने, आपूर्ति के लिए डाक व्यय तथा टैक्स मिलाकर इसकी लागत कीमत के ही आसपास बैठ रही है। ऐसे में समिति अपनी टीम से रक्षायंत्रों के वितरण को रामकाज से जुड़ा अभियान कहकर कम से कम पारिश्रमिक स्वीकार करने के लिए राजी कर रही है। यंत्र के लिए अब तक दो लाख आवेदन हो चुके हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इस आवेदन के अनुरूप 10 हजार से भी अधिक रक्षायंत्रों की यथास्थान आपूर्ति भी हो चुकी है। डा. राजानंद के अनुसार मध्य एवं पूर्वी उत्तर प्रदेश में रक्षायंत्र के लिए डेढ़ लाख से अधिक आवेदन हो चुके हैं और इस आवेदन के अनुरूप समिति इसी माह के अंत से मध्य एवं पूर्वी उत्तर प्रदेश के 50 से अधिक जिलों में आपूर्ति आरंभ करेगी।
राम मंदिर में भी हुआ है रक्षायंत्र का उपयोग
रामलला रक्षायंत्र की अवधारणा गत वर्ष राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के साथ सामने आई। यद्यपि रामरक्षा यंत्र की अवधारणा त्रेतायुगीन है, किंतु राम मंदिर के साथ रामलला के रक्षायंत्र से कोटि-कोटि राम भक्तों को अभरिक्षित करने की संकल्पना डा. राजानंद की है। राम मंदिर कालजयी और विरासत के अनुरूप महनीय सिद्ध हो इस तथ्य को ध्यान में रखकर स्वयं राम मंदिर की भी नींव में रामलला रक्षायंत्र का उपयोग हुआ है।
शी जिनपिंग के करीबी वांग यी से मिले डोभाल: आतंकवाद से लड़ने पर बनी सहमति, सुरक्षा सहयोग पर चर्चा
24 Jun, 2025 08:52 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने बीजिंग में चीनी विदेश मंत्री वांग यी के साथ मुलाकात में सभी प्रकार के आतंकवाद का मुकाबला करने पर जोर दिया. यह मुलाकात शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन के दौरान हुई. दोनों नेताओं ने भारत-चीन संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा की और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की.
इस दौरान डोभाल ने साफ तौर पर कहा कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए आतंकवाद के हर रूप का मिलकर मुकाबला करना जरूरी है. इससे पहले दिसंबर 2024 में भी डोभाल और वांग ने बीजिंग में बैठक की थी.
भारत और चीन एक बार फिर अपने संबंध सुधारने की कोशिश कर रहा है. इससे पहले भी विदेश सचिव स्तर की बैठकें हो चुकी हैं. दोनों देशों के बीच तनाव की वजह पूर्वी लद्दाख सीमा पर हुई झड़प थी.
आतंकवाद का मिलकर मुकाबला करना जरूरी- डोभाल
विदेश मंत्रालय की तरफ से अपने बयान में कहा गया कि दोनों पक्षों ने भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों में हाल के घटनाक्रम की समीक्षा की और लोगों के बीच ज्यादा से ज्यादा संपर्क बढ़ाने सहित द्विपक्षीय संबंधों के समग्र विकास को बढ़ावा देने की बात कही. एनएसए ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए सभी प्रकार के आतंकवाद का डटकर मुकाबला करने की आवश्यकता पर भी बल दिया.
डोभाल की तरफ से आतंकवाद का मुकाबला करने पर ऐसे वक्त जोर दिया है, जब लगभग डेढ़ महीने पहले भारत ने 22 अप्रैल के पहलगाम आतंकवादी हमले के जवाब में पाकिस्तान में कई आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दिया था. NSA डोभाल ने यह भी कहा कि सीमा पर शांति बनाए रखना और आतंकवाद से कठोरता से निपटना जरूरी है.
क्या है इस बैठक का मकसद
चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि चीन भारत के साथ मिलकर दोनों देशों के नेताओं के बीच महत्वपूर्ण आम सहमति को लागू करने और द्विपक्षीय संबंधों को जल्द से जल्द पटरी पर लाने के लिए काम करने को तैयार है. भारत पहले भी कई बार बता चुका है कि अप्रैल 2020 की स्थिति पर लौटना ही समाधान की दिशा में पहला कदम होगा. इस बैठक का मकसद LAC विवाद को पूरी तरह सुलझाने और आपसी संबंध फिर से बहाल करना है. इसके साथ ही दोनों देशों के बीच संबंध को एक बार फिर मजबूत करना है.
शिकोहाबाद में दर्दनाक हादसा...कुएं में मोबाइल निकालने उतरे चचेरे भाइयों समेत तीन की माैत
24 Jun, 2025 07:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शिकोहाबाद। शिकोहाबाद के गांव नगला पोहपी में मंगलवार को करीब 50 फीट गहरे सूखे कुएं में उतरे चाचा और दो भतीजों की दम घुटने से मौत हो गई। हादसा कुएं में गिरे मोबाइल फोन को निकालने के चक्कर में हुआ। मृतकों की पहचान चाचा चन्द्रवीर (28) और भतीजे अजय कुमार (25) व ध्रुव कुमार (22) के रूप में हुई है। गहरे कुएं में ऑक्सीजन के अभाव में मीथेन गैस बनी रही थी। तीनों कुएं में बारी-बारी से घुसे और बेहोश हो गए। सूचना पर प्रशासनिक अमला व बचाव दल मौके पर पहुंचा और चार घंटे से अधिक समय तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर तीनों को बाहर निकाला। सभी को संयुक्त चिकित्सालय शिकोहाबाद ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।
थाना शिकोहाबाद के गांव नगला पोहपी निवासी चचेरे भाई ध्रुव कुमार व अजय कुमार मंगलवार दोपहर करीब एक बजे खेत में बने कुएं के पास गए थे। ग्रामीणों ने बताया, अजय अपने ससुर के फोन से कहीं बात कर रहा था। अचानक फोन उसके हाथ से छूटकर कुएं में गिर गया। इसके बाद सबसे पहले ध्रुव फोन निकालने के लिए रस्सी के सहारे कुएं के अंदर उतरा, लेकिन काफी देर तक बाहर नहीं आया।
इसी बीच अजय के चाचा चंद्रवीर आ गए। ध्रुव को बाहर निकालने के लिए अजय रस्सी पकड़कर अंदर गया और वह भी बेहोश हो गया। दोनों भतीजों के बाहर न निकलने पर चंद्रवीर रस्सी पकड़कर कुएं में उतरे और वह भी ऑक्सीजन के अभाव और मीथेन के प्रभाव से बेहोश हो गए। काफी देर तक जब तीनों घर नहीं पहुंचे तो परिजन ढूंढने लगे। सूचना पर जब वे कुएं पर पहुंचे और अंदर झांककर देखा तो उनके होश उड़ गए। चाचा-भतीजे तीनों अंदर बेहोश पड़े थे। सूचना पर तत्काल ही फिरोजाबाद, शिकोहाबाद, मक्खनपुर, मटसेना, जसराना समेत कई थानों का पुलिस, मेडिकल टीम, एडीएम विशु राजा, एसडीएम विकल्प, डॉ. गजेन्द्रपाल सिंह, सीओ प्रवीण कुमार तिवारी, इंस्पेक्टर शिकोहाबाद अनुज राणा अपनी टीम के साथ गांव पहुंचे। फायर ब्रिगेड प्रभारी बृजेश कुमार भी टीम के आ गए और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
फिरोजाबाद के अपर जिलाधिकारी विशु राजा ने बताया कि दोनों युवक कुएं के पास बैठकर मोबाइल में गेम खेल रहे थे। इसी दौरान मोबाइल कुएं में गिर गया। कुएं में मीथेन गैस के संपर्क में आने के चलते तीनों की मौत हुई है। मृतकों के परिवार को दैवीय आपदा के मद से चार लाख रुपये दिलाए जाने के प्रयास किए जाएंगे। सीएमएस डॉ. आरसी केशव ने बताया कि तीनों युवकों को अस्पताल लाया गया था। परीक्षण के बाद तीनों को मृत घोषित कर दिया गया है।
युवक और तेंदुए की भयंकर भिड़ंत, पांच लोग घायल, वीडियो देख लोग हुए हैरान
24 Jun, 2025 07:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखीमपुर। लखीमपुर खीरी के धौरहरा वन रेंज के जुगनूपुर स्थित ईंट भट्ठे पर तेंदुए ने सोमवार को वहां काम करने गए युवक पर हमला कर दिया। इस पर युवक उससे भिड़ गया। यह देख काफी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हो गए और तेंदुए पर ईंट-पत्थर फेंके। इसके बाद तेंदुआ भाग गया। जिससे युवक की जान बची। हालांकि वह घायल हो गया, वहीं तेंदुआ भी चोटिल हुआ है।
सूचना पर रेंजर और वन दरोगा पहुंचे तो घायल तेंदुए ने उन पर हमला कर दिया। इससे वन दरोगा और रेंजर समेत पांच लोग घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके बाद मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने ट्रेंकुलाइज कर तेंदुए को पकड़ लिया है। धौरहरा वन रेंज के गांव जुगनूपुर गांव स्थित मेड़ईलाल वर्मा के भट्ठे की चिमनी में छिपे बैठे तेंदुए ने गिरधारी पुरवा निवासी मिहीलाल (35) पर हमला कर दिया। यह देख पड़ोस के खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों ने युवक को बचाने के लिए तेंदुए पर ईंटों-पत्थरों से हमला कर दिया। इससे तेंदुआ युवक को छोड़कर केले के खेत में घुस गया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना क्षेत्रीय वनाधिकारी नृपेंद्र चतुर्वेदी को दी।
वन विभाग की टीम पर किया हमला
सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम जाल लेकर केले के खेत की ओर बढ़ रही थी, तभी तेंदुए ने टीम पर हमला कर दिया। इससे वन दरोगा राजेश कुमार दीक्षित, रेंजर नृपेंद्र चतुर्वेदी, पीआरवी आरक्षी राम सजीवन और एक ग्रामीण गांव जुगुनूपुर निवासी इकबाल खां घायल हो गए। घायलों को सीएचसी धौरहरा लाया गया। जहां डॉक्टर ने फौरी इलाज के बाद मिहीलाल, इकबाल खां तथा वन दरोगा राजेश दीक्षित को लखीमपुर रेफर कर दिया।
मामूली घायल रेंजर नृपेंद्र चतुर्वेदी और पीआरवी आरक्षी को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी। घटना के बाद मौके पर वन विभाग की टीम के अलावा प्रभारी निरीक्षक सुरेश कुमार मिश्र और सीओ शमशेर बहादुर सिंह पुलिस बल के साथ पहुंच गए। काफी संख्या में ग्रामीणों ने खेत को घेर लिया। कुछ देर बाद वन कर्मियों ने ट्रेंकुलाइज कर तेंदुए को पकड़ लिया है।
क्षेत्रीय वनाधिकारी नृपेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि तेंदुआ के हमले से वन दरोगा, रेंजर और युवक सहित चार पांच लोग घायल हुए हैं। तेंदुए को ट्रेंकुलाइज कर पकड़ लिया गया है।
नर्स से दुष्कर्म और मारपीट का मामला, कंपाउंडर पर गंभीर आरोप
24 Jun, 2025 07:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुरादाबाद। भोजपुर थाना क्षेत्र के निजी अस्पताल में कंपाउंडर ने नर्स के साथ दुष्कर्म कर मोबाइल से उसका वीडियो बना लिया। इसे वायरल करने की धमकी देकर आरोपी ने पीड़िता को ब्लैकमेल किया। आरोप है कि पुलिस से शिकायत करने पर आरोपी कंपाउंडर, उसके मामा और एक साथी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
भोजपुर क्षेत्र में रहने वाली अनुसूचित जाति की युवती ने दर्ज कराए केस में बताया कि वह एक निजी अस्पताल में नर्स का काम करती है। इसी अस्पताल में भगतपुर के पाडलीबाजे निवासी कुलदीप भी काम करता है। पीड़िता का आरोप है कि करीब चार साल पहले आरोपी कुलदीप ने उसके साथ दुष्कर्म किया और मोबाइल से वीडियो बना लिया।
पीड़िता ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने उसे शादी करने का झांसा देकर शांत कर दिया। आरोपी ने कभी अस्पताल तो कभी होटल में ले जाकर पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। इस बीच वह दो बार गर्भवती हो गई तो आरोपी ने उसे दवा खिलाकर गर्भपात करा दिया।
पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने उसकी सैलरी के रुपये भी ले लिए हैं। पीड़िता का कहना है कि सात जून 2025 को आरोपी ने अस्पताल में उसके साथ मारपीट की और दुष्कर्म किया। 16 जून को पीड़िता ने शादी के लिए दबाव बनाया तो आरोपी ने शादी करने से साफ इनकार कर दिया और जाति सूचक शब्द कहकर उसे अपमानित किया।
आरोपी ने धमकी दी कि अगर किसी से शिकायत की या मुकदमा दर्ज कराया तो तेरे फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दूंगा। इतना ही नहीं आरोपी कुलदीप, उसका मामा रिंकू और दोस्त दीपक शर्मा उसे लगातार धमकी दे रहे हैं।
एसपी देहात कुंवर आकाश सिंह का कहना है कि पीड़िता की तहरीर पर आरोपी दुलदीप, रिंकू और दीपक शर्मा के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
सीएम योगी का बड़ा ऐलान, पूर्वांचल और गंगा एक्सप्रेस-वे को मिलेगी नई रफ्तार
24 Jun, 2025 06:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गाजीपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिले को दो बड़ी सौगात देने के साथ ही गंगा एक्सप्रेस-वे को गाजीपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जोड़ने की बात कही। कहा कि गंगा एक्सप्रेस-वे को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जोड़ने का काफी दिनों से काम चल रहा है, जो जल्द ही मुर्त रूप लेगा। वहीं, शहर से सटे अंधऊ-चौकिया बाईपास को स्वीकृत करने के साथ ही शहर के कलेक्ट्रेट घाट से चितनाथ घाट नया कॉरिडोर बनवाने के लिए डीपीआर भी मंगवाया है। कहा कि कारिडोर को भी शीघ्र बनाने का काम किया जाएगा। वह अधिकारियों संग समीक्षा बैठक के पश्चात मीडिया कर्मियों से वार्ता कर रहे थे।
सीएम योगी ने कहा कि देश की भौगोलिक और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से जुड़ा हुआ यह जनपद अत्यंत महत्वपूर्ण है। रामायण काल से और उससे भी प्राचीन जनपद का इतिहास है। बीच के कालखंड में इस जनपद को अपनी पहचान के संकट से गुजरना पड़ा था। आज मुझे प्रसन्नता है कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे हो या फिर महर्षि विश्वामित्र मेडिकल कॉलेज, आज इस जनपद की पहचान बन गए हैं। अभी हमने यहां पर मेडिकल कॉलेज में ही नर्सिंग कॉलेज जो निर्माणाधीन हैं, उसका निरीक्षण भी किया है और यहां पर विकास कार्यों की समीक्षा ली है।
जिसमें लगभग 1100 करोड़ रुपये की परियोजनाएं जो वर्तमान में पूर्ण की जा चुकी है या कुछ निर्माणाधीन है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत भी यहां युद्ध स्तर पर कार्य चल रहे हैं। उनकी क्वॉलिटी को मेंटेन करते हुए हर घर तक शुद्ध पेयजल की उपलब्धता हो इसके बारे में आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए हैं। प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि हम लोगों ने उत्तर प्रदेश की पुलिस भर्ती की प्रक्रिया को पूर्ण किया है, जिसमें 60244 पुलिस भर्ती में उत्तर प्रदेश के युवाओं को देश के सबसे बड़े पुलिस बल के रूप कार्य करने का उन्हें अवसर दिया है। इसमें 1534 अभ्यर्थी अकेले गाजीपुर के हैं। इसके लिए गाजीपुरवासियों का उन्होंने अभिनंदन किया और उनके परिवारों को बधाई दिया।
दो सड़क हादसे, दो की मौत और तीन बच्चों समेत पांच घायल
24 Jun, 2025 06:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाराणसी। वाराणसी जिले के मिर्जामुराद क्षेत्र के कोसड़ा गांव स्थित नेशनल हाईवे के सर्विस रोड पर मंगलवार को बड़ा हादसा हुआ। बाइक पर सवार होकर मामी अपने भांजे के साथ मायके से ससुराल भदोही जा रही थी। इसी दौरान गलत दिशा से आ रही एक मैजिक की टक्कर से बाइक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। जिसमें भांजे की मौके पर मौत हो गई। वहीं मामी गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया।
ये है मामला
भदोही अहमादपुर गांव निवासी सुषमा गौतम पत्नी संतोष गौतम दो दिन पूर्व अपनी दो बेटी परी (04) व लाडो (3 माह) को लेकर मिर्जापुर जिले के कछवा थाना अंतर्गत महामलपुर गांव निवासी अपने भांजे राहुल (25) के साथ बाइक से मायके दियाव गांव आई थी।
सुषमा अपनी बीमार मां को देखकर पुनः अपने भांजे के साथ बाइक पर सवार होकर दोनों बच्चियों संग अपने ससुराल जा रही थी। इसी दौरान मिर्जामुराद क्षेत्र के कोसड़ा गांव स्थित नेशनल हाईवे के सर्विस रोड पर ओवरब्रिज के नीचे गलत गिशा से आ रही मैजिक के चपेट में बाइक आ गई। जिससे डिवाइडर से भिड़ी और सभी गंभीर रूप से सभी घायल हो गए। जिसमें सिर में अत्यधिक चोट लगने के कारण भांजे की घटनास्थल पर मौत हो गई। वहीं मामी गंभीर रूप से घायल हो गई। संजोग अच्छा रहा कि दोनों बच्चे छिटक कर दूर गिरीं, जिससे बाल- बाल बच गईं।
सूचना पर पहुंचे अपने हमराहियों के साथ मिर्जामुराद थाना प्रभारी प्रमोद कुमार पांडेय ने शव को कब्जे में लेकर गंभीर रूप से घायल बेहोश मामी को खजूरी स्थित एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया। मृतक अविवाहित बताया गया। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल रहा।
दो बाइक की आमने- सामने भिडंत, पति की मौत, पत्नी और मासूम घायल
रोहनिया के नगर पंचायत गंगापुर निवासी आशुतोष प्रजापति (35), पत्नी सुमन और 10 माह का बेटा श्रेयांस बाइक दवा लेने लोहता जा रहे थे। गंगापुर अकेलवा मार्ग पर नरैचा लोहता गांव के सामने एक अन्य बाइक सवार ने जोरदार टक्कर मार दी। जिससे आशुतोष प्रजापति की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं पत्नी व बच्चा घायल हो गए। दूसरा बाइक सवार अपनी बाइक को घटनास्थल पर ही छोड़कर फरार हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल मां- बच्चे को अस्पताल भेजा और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। घटना की सूचना मिलते ही पिता होरी प्रजापति व माता आशा और बहन सुंदरी का रो- रोकर बुरा हाल हो गया।
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