देश
ISS मिशन पर जाने वाले पहले भारतीय बने ग्रुप कैप्टन शुक्ला
26 Jun, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अंतरिक्ष जाने वाले दूसरे भारतीय बन गए हैं। साथ ही वे पहले भारतीय हैं जो ISS मिशन पर जाएंगे। रिपोर्ट्स की मानें तो Axiom-4 मिशन में भारत ने 548 करोड़ रुपये निवेश किए हैं। शुक्ला 14 दिन तक अंतरिक्ष में एक्सपेरिमेंट्स करेंगे। आइए जानते हैं बाकी डिटेल।
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अंतरिक्ष जाने वाले दूसरे भारतीय बन गए हैं।
टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय बन गए हैं। साथ ही वे इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) मिशन पर जाने वाले पहले भारतीय भी बन गए हैं। ध्यान दें, शुक्ला को ऑर्बिट में 14-दिन ठहरने के लिए सैलरी नहीं दी जाएगी। उनका मिशन, Axiom-4, Axiom Space द्वारा NASA के सहयोग से आयोजित एक प्राइवेटली ऑपरेटेड स्पेसफ्लाइट है, जिसमें शुक्ला की भागीदारी पूरी तरह भारत सरकार द्वारा फंडेड है।
क्या है Axiom मिशन 4?
Axiom मिशन 4 (Ax-4) इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) के लिए चौथा प्राइवेट ह्यूमन स्पेसफ्लाइट मिशन है, जिसे Axiom Space ने SpaceX और NASA के पार्टनरशिप में ऑर्गेनाइज किया है। ये अंतरिक्ष के कमर्शियलाइजेशन में एक महत्वपूर्ण कदम है और इंटरनेशनल कोलैबोरेशन को आगे बढ़ाने और माइक्रोग्रैविटी में कटिंग-एज रिसर्च करने का लक्ष्य रखता है। एस्ट्रोनॉट्स माइक्रोग्रैविटी में लगभग 60 साइंटिफिट एक्सपेरिमेंट्स करेंगे, जो लाइफ साइंसेज, मटेरियल साइंस, ह्यूमन फिजियोलॉजी और अर्थ ऑब्जर्वेशन जैसे अलग-अलग फील्ड्स में होंगे। इससे ये अब तक का सबसे साइंस-इंटेंसिव Axiom मिशन बन जाता है।
भारत ने Axiom-4 मिशन में 548 करोड़ रुपये किए निवेश
रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत ने Axiom-4 मिशन में 548 करोड़ रुपये निवेश किए हैं। ये राशि NASA और Axiom के साथ एस्ट्रोनॉट ट्रेनिंग, लॉन्च लॉजिस्टिक्स, ISS तक ट्रैवल, अकमोडेशन और मिशन के दौरान सपोर्ट को कवर करती है। इसमें शुक्ला द्वारा अंतरिक्ष में किए गए रिसर्च और साइंटिफिक एक्सपेरिमेंट्स भी शामिल हैं। उनकी भागीदारी को 2027 में निर्धारित भारत के गगनयान मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम की दिशा में एक कदम के रूप में देखा जा रहा है।
शुक्ला ISS पर एक्सपेरिमेंट्स करेंगे
Axiom-4 मिशन भारत को एडवांस्ड स्पेसफ्लाइट सिस्टम्स और प्रोटोकॉल्स, इंटरनेशनल कोलैबोरेशन अपॉर्चुनिटी और ऑर्बिट में रिसर्च करने का मौका देगा। 14-दिन के ISS पर प्रवास के दौरान, शुक्ला स्पेस न्यूट्रिशन स्टडीज़, फूड सस्टेनेबिलिटी एक्सपेरिमेंट्स और जीरो ग्रैविटी में सीड रीजनरेशन पर एक्सपेरिमेंट्स करेंगे।
अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय
Axiom मिशन के साथ, शुक्ला 1984 में राकेश शर्मा की फ्लाइट के बाद अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय बन गए। हालांकि, शर्मा के स्टेट-स्पॉन्सर्ड मिशन के विपरीत, शुक्ला की यात्रा स्पेस एक्सप्लोरेशन में कमर्शियल और इंटरनेशनल कोऑपरेशन के नए युग में हो रही है।
अब फोन पर नहीं सुनाई देगी अमिताभ बच्चन की आवाज, हट जाएगी साइबर फ्रॉड वाली कॉलर ट्यून
26 Jun, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। जब भी हम किसी को फोन करते है तो सबसे पहले अमिताभ बच्चन की साइबर फ्रॉड के प्रति जागरुक करने वाली कॉलर ट्यून सुनाई देती थी, लेकिन आज से आपको फोन पर अमिताभ बच्चन की आवाज वाली यह कॉलर ट्यून नहीं सुनाई देगी। आज से इस साइबर फ्रॉड के प्रति जागरुक करने वाली इस कॉलर ट्यून को हटा दिया गया है। लंबे समय से लोग इस कॉलर ट्यून से परेशान थे और बार बार इसे हटाने की मांग कर रहे थे।
हाल ही में भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने भी केंद्रीय संचार मंत्री से मुलाकात कर इस कॉलर ट्यून को हटाकर कोई अन्य विकल्प तलाशने का अनुरोध किया था। उन्होंने तर्क दिया था कि इस कॉलर ट्यून की वजह से लोगों को इमरजेंसी में कॉल के दौरान दिक्कत का सामना करना पड़ता है। यदि किसी व्यक्ति को इमरजेंसी में कोई कॉल करनी हो तो उसे लंबे समय तक पहले इस कॉलर ट्यून को सुनना पड़ता है। भाजपा विधायक की इस मांग पर केंद्रीय संचार मंत्री ने विचार करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब इस कॉलर ट्यून से लोगों को छुटकारा मिल गया है।
बता दें कि यह कॉलर ट्यून केंद्र सरकार के जागरूकता अभियान का हिस्सा थी। इसमें जब भी कोई किसी को फोन करता तो अमिताभ बच्चन की आवाज में एक प्री-रिकॉर्डेड मैसेज बजाता था। इस कॉलर ट्यून का उद्देश्य लोगों को बढ़ते साइबर क्राइम के मामलों के बारे में सचेत करना था। वहीं, इस कॉलर ट्यून के चलते अमिताभ बच्चन को भी लोगों ने काफी ट्रोल किया था। लोग उन्हें ये हटाने के लिए भी बोलते थे। हाल में एक यूजर ने अमिताभ से कहा था- फोन पर बोलना बंद करो तो इस पर अमिताभ ने जवाब भी दिया था। अमिताभ ने कहा था- सरकार को बोलो भाई, उन्होंने हमसे कहा था सो किया।
रुद्रप्रयाग घोलतीर हादसे में धार के एक व्यक्ति की मौत, बेटा घायल; पत्नी लापता
26 Jun, 2025 07:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Rudraprayag Accident: उत्तराखंड में हुए भीषण सड़क हादसे में कई लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, कई लोग घायल भी हो गए। इस हादसे में धार के तीन लोग भी शामिल थे, जिसमें धार जिले के राजगढ़ के वीर सावरकर मार्ग के रहने वाले व्यापारी 42 वर्षीय विशाल सोनी की मौत हो गई। वहीं उनकी 41 वर्षीय पत्नी गौरी सोनी अभी लापता बताई जा रही हैं। इस दर्दनाक घटना में मृतक विशाल सोनी का दस वर्षीय बेटा पार्थ सोनी सकुशल है और उसे मामूली चोट आई है। घटना के बाद जैसे ही यह खबर राजगढ़ पहुंची पूरे क्षेत्र में मातम पसर गया। इस घटना से हर कोई स्तब्ध हो गया है। बताया जा रहा है कि विशाल अपनी पत्नी गौरी और बेटे पार्थ के साथ अपने पारिवारिक लोगों के साथ घूमने के लिए गए हुए थे। इस बीच रुद्रप्रयाग घोलतीर में यह दुखद हादसा हो गया और उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद प्रशासनिक टीमें रेस्क्यू में जुटी हुई हैं और लापता लोगों की तलाश जारी है।
रुद्रप्रयाग जनपद में गुरुवार सुबह ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर घोलतीर के समीप ये सड़क हादसा हुआ। बदरीनाथ दर्शन के लिए जा रहे यात्रियों का एक टेंपो-ट्रेवलर अनियंत्रित होकर सीधे अलकनंदा नदी में जा गिरा। वाहन में चालक सहित 19 लोग सवार थे। जिनमें 17 लोग एक ही परिवार के थे। एसडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमों ने अलकनंदा नदी में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है, लेकिन तेज बहाव और दुर्गम स्थल के कारण राहत कार्य में खासी मुश्किलें आ रही हैं। घटना से पूरे क्षेत्र में शोक और दहशत का माहौल है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। दुर्घटना के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। हादसे का कारण अभी पता नहीं चल पाया है।
CBI की छापेमारी में खुला ई-मित्र और बिचौलियों का काला सच
26 Jun, 2025 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
CBI ने ऑपरेशन चक्र-5 के तहत साइबर ठगी और डिजिटल अरेस्ट के खिलाफ देशभर में 42 ठिकानों पर छापेमारी की. 700 से ज्यादा बैंकों में 8.5 लाख फर्जी खाते बिना KYC के खोले गए. जिसमें 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया, लेकिन मामले की जांच अभी जारी है.
Operation Chakra-5: CBI का बड़ा एक्शन 42 ठिकानों पर की रेड, 700 बैंकों में 8.5 लाख फर्जी खातों का खुलासा
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने साइबर अपराधियों के खिलाफ अपनी अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक ऑपरेशन चक्र-5 को अंजाम दिया है. इस अभियान के तहत देशभर के पांच राज्यों – राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में 42 ठिकानों पर छापेमारी की गई. यह कार्रवाई उन साइबर ठगों के खिलाफ थी. जो फर्जी बैंक खातों के जरिए लोगों से ठगी कर रहे थे. CBI की शुरुआती जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. देशभर की 700 से ज्यादा बैंक शाखाओं में लगभग 8.5 लाख फर्जी खाते खोले गए. ये खाते बिना KYC (नो योर कस्टमर), बिना उचित दस्तावेजों और बिना किसी जांच के खोले गए थे. इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी के जरिए हासिल की गई रकम को ट्रांसफर करने और निकालने के लिए किया जा रहा था.
पूरे नेटवर्क को ब्रेक करने की तैयारी
CBI के अनुसार इन फर्जी खातों को खोलने में कुछ बैंक अधिकारी, एजेंट, बैंक कॉरेस्पॉन्डेंट, बिचौलिए और e-Mitra जैसी सेवाओं से जुड़े लोग शामिल थे. ये सभी कमीशन लेकर साइबर अपराधियों की मदद कर रहे थे. इस पूरे नेटवर्क को तोड़ने के लिए CBI ने भारतीय दंड संहिता (IPC), भारतीय न्याय संहिता (BNS) और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत एक FIR दर्ज की है.
क्या-क्या मिला छापेमारी में?
छापेमारी के दौरान CBI ने कई मोबाइल फोन, फर्जी KYC दस्तावेज, बैंक लेनदेन के रिकॉर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूत जब्त किए. इस कार्रवाई में अब तक 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. जिनमें एजेंट, खाताधारक, बैंक से जुड़े लोग और बिचौलिए शामिल हैं. CBI इन सभी को कोर्ट में पेश कर पूछताछ के लिए रिमांड मांगेगी.
जांच अभी जारी, और खुलासे की उम्मीद
CBI की जांच अभी भी जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं. साइबर ठगी और डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों ने देशभर में लोगों को परेशान किया है. ये ठग फर्जी कॉल सेंटर, फर्जी निवेश योजनाओं और UPI धोखाधड़ी के जरिए लोगों को निशाना बनाते हैं. CBI का यह अभियान साइबर अपराध के खिलाफ एक मजबूत कदम है, जिससे आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है.
साइबर ठगी से बचने के लिए सावधानी जरूरी
CBI ने लोगों से अपील की है कि वे अनजान कॉल्स, मैसेज या लिंक पर भरोसा न करें. अगर कोई आपको डिजिटल अरेस्ट या कानूनी कार्रवाई की धमकी दे, तो तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें. अपनी निजी जानकारी और बैंक डिटेल्स को सुरक्षित रखें. उसे किसी के भी साथ साझा न करें.
2019 से निष्क्रिय 345 पार्टियों को हटाने की प्रक्रिया शुरू
26 Jun, 2025 06:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों (आरयूपीपीएस) को लेकर चुनाव आयोग ने बड़ा एक्शन लिया है। इसके तहत आयोग ने 2019 से चुनाव न लड़ने वाले 345 गैर-मान्यता प्राप्त दलों को सूची से हटाने की प्रक्रिया शुरू की है। इन दलों के दफ्तर भी कहीं मौजूद नहीं पाए गए। आयोग ने बताया कि पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया के तहत यह बड़ा कदम उठाया गया है।
चुनाव आयोग ने गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों (आरयूपीपीएस) के लिए बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत गुरुवार को आयोग बताया कि उसने 345 पंजीकृत लेकिन गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों (आरयूपीपीएस) को सूची से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आयोग के अनुसार, इन दलों ने 2019 से अब तक यानी पिछले छह वर्षों में एक भी चुनाव में हिस्सा नहीं लिया है, जो पंजीकरण बनाए रखने की एक जरूरी शर्त है।
दल केवल कागजों तक सीमित
साथ ही चुनाव आयोग ने यह भी बताया कि इन पार्टियों के कार्यालय भी कहीं पर भौतिक रूप से मौजूद नहीं हैं, यानी ये केवल कागज़ों पर ही दर्ज हैं। आयोग के अनुसार देश भर के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ये 345 राजनीतिक दल सक्रिय होने का दावा करते हैं, लेकिन वास्तविक रूप से ऐसा कोई प्रमाण नहीं है। बता दें कि फिलहाल चुनाव आयोग के रिकॉर्ड में 2800 से ज्यादा RUPPs दर्ज हैं, लेकिन इनमें से कई दल जरूरी शर्तें पूरी नहीं कर रहे हैं। आयोग ने कहा कि ऐसे दलों को सूची से हटाने की प्रक्रिया जारी है ताकि चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी और जिम्मेदार बनाया जा सके।
विधानसभा से चुनाव से पहले आयोग की तैयारी
गौरतलब है कि चुनाव आयोग इन दिनों लगातार एक्शन में नजर आ रहा है। कारण है कि बिहार के साथ-साथ कई राज्यों में विधानसभा के चुनाव होने है। इसको लेकर आयोग ने बुधवार को घोषणा की कि आयोग बिहार के साथ-साथ पांच और राज्यों में मतदाता सूची की गहराई से समीक्षा करने जा रहा है। ये वो राज्य हैं, जहां 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव आयोग पूरे देश में विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया शुरू करेगा, ताकि वह अपने सांविधानिक दायित्व का पालन करते हुए मतदाता सूची की शुद्धता बनाए रख सके।
साल 2025 का सबसे बड़ा बदलाव, इस बार 30 नहीं 31 दिन का होगा जून महीना!
26 Jun, 2025 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
साल 2025 का जून का महीना चल रहा है। वैसे तो जून का यह महीना तीस दिन का होता है और इस महीने में भीषण गर्मी पड़ती है, लेकिन इस बार हिमाचल में जून महीने में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। एक तरफ जहां मानसून जल्दी आने से लोगों को जून में पडऩे वाली भीषण गर्मी से राहत मिली है, तो वहीं दूसरी ओर इस बार हिमाचल के लोगों को जून महीने में एक अतिरिक्त दिन भी मिलेगा, क्योंकि हिमाचल में जून का महीना 30 दिनों की बजाय 31 दिन का होने जा रहा है। अब आप सोच रहे होंगे कि जून महीने में तो 30 दिन ही होते हैं तो एक अतिरिक्त दिन कैसे। दरअसल यह बड़ी चूक हुई है हिमाचल बीजेपी से।
बता दें कि हर साल राज्य सरकार एक सरकारी कैलेंडर जारी करती है। लोग उसी कैलेंडर के आधार पर सरकारी छुट्टियों और त्योहारों की जानकारी लेते हैं। सरकार के अलावा कई राजनीतिक दल भी अपना-अपना कैलेंडर जारी करते हैं और साल शुरू होने से पहले उन्हें अपने कार्यकर्ताओं के माध्यम से लोगों में बांटते हैं। इससे न केवल राजनीतिक दलों का प्रचार होता है, बल्कि लोगों को भी फ्री में कैलेंडर मिल जाता है। इसी के मद्देनजर हिमाचल में भाजपा ने भी साल 2025 का अपना कैलेंडर जारी किया था। कैलेंडर में हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और देश के प्रधानमंत्री मोदी की फोटो छपी है। भाजपा ने अपने कार्यकर्ताओं के जरिए लोगों में इस कैलेंडर को सर्कुलेट भी किया, लेकिन कैलेंडर में एक ऐसी गड़बड़ हो गई, जिस पर किसी का भी ध्यान नहीं गया। अब जब जून का महीना खत्म होने को है, तो लोंगो को भी इस कैलेंडर में हुई गड़बड़ का एहसास हुआ।
हिमाचल भाजपा के कैलेंडर को देख लोग यह सोच रहे हैं कि जून का महीना तो 30 दिन का होता है, लेकिन कैलेंडर में तो 31 दिन का दिखा रहा है। दरअसल, कैलेंडर की प्रिंटिंग के समय जून महीने को 30 की बजाय 31 दिन का कर दिया गया है। यानी कैलेंडर के हिसाब से 31 जून को मंगलवार है, वहीं जुलाई की पहली तारीख को भी मंगलवार है। ऐसे में यह चर्चा आम हो गई है कि महीना तो 30 का है, फिर भाजपा ने कैसे इसे 31 का कर दिया, क्या कैलेंडर छापते समय किसी से इसकी प्रूफिंग नहीं करवाई गई, या कार्यकर्ताओं को भी यह चूक दिखाई नहीं दी।
बिक्रम मजीठिया की पेशी के दौरान मोहाली कोर्ट में तनावपूर्ण माहौल
26 Jun, 2025 02:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब विजिलेंस ने 540 करोड़ के ड्रग व मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बुधवार को शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया को अमृतसर से गिरफ्तार किया था। मजीठिया को आज मोहाली कोर्ट में पेश किया गया।
चंडीगढ़। मजीठिया की पत्नी विधायक गनीव कौर के चंडीगढ़ स्थिति आवास पर भी विजिलेंस की टीम ने दबिश दी। शिरोमणि अकाली दल ने इस कार्रवाई का विरोध किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कहा कि सरकार ने बदले की राजनीति के तहत इस कार्रवाई को अंजाम दिया है। जानकारी के अनुसार विजिलेंस की टीम ने मजीठिया के आवास पर सुबह साढ़े छह बजे से साढ़े बारह बजे तक सर्च अभियान चलाया। इस दौरान कई महत्वपूर्ण सबूत इकट्ठे किए। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद विजिलेंस के एआईजी स्वर्णदीप सिंह की अगुआई में टीम मजीठिया को मोहाली लेकर पहुंची। जांच टीम ने बताया कि मजीठिया के स्टाफ और मजीठा हलके से विधायक उनकी पत्नी गनीव कौर ने पुलिस को किसी तरह का सहयोग नहीं दिया। मजीठिया के खिलाफ मोहाली विजिलेंस थाने में आमदनी से अधिक संपत्ति रखने के आरोप में केस दर्ज किया गया है। विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि जांच के दौरान एसआईटी को मजीठिया के खिलाफ ड्रग मनी और हवाला कारोबार करने के सुबूत मिले हैं।
पद का दुरुपयोग कर करोड़ों की संपत्ति बनाई
जांच में सामने आया है कि बिक्रम सिंह मजीठिया ने मंत्री रहते हुए पद का दुरुपयोग कर 540 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति बनाई। मंत्री बनने से पहले और बाद में संपत्ति का काफी अंतर है। आरोप है कि मजीठिया द्वारा नियंत्रित कंपनियों के बैंक खातों में 161 करोड़ रुपये की नकदी का लेन-देन हुआ। इस केस में विजिलेंस ब्यूरो की तरफ से हर तरह के लेन-देन की जांच की जा रही है। एसआईटी की जांच से स्पष्ट तौर पर पता चलता है कि यह फंड मजीठिया के कंट्रोल वाली सराया इंडस्ट्रीज के खाते में जमा की गई ड्रग मनी से संबंधित हैं।
व्यापार समझौते पर दबाव में अमेरिका, भारत ने दिखाया सख्त रुख
26 Jun, 2025 12:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारत और अमेरिका व्यापार समझौते के लिए चल रही बातचीत अटकी हुई है। अमेरिका जहां यह समझौता जल्द करने के मूड में है, वहीं भारत इसमें जल्दबाजी नहीं चाहता है और उसने साफ कर दिया है कि वह अपने हितों से समझौता नहीं करेगा। 26 फीसदी टैरिफ के संभावित खतरे के बावजूद भारत किसी भी हालत में झुकेगा नहीं। टैरिफ के लिए ट्रंप द्वारा रखी गई डेडलाइन 9 जुलाई को खत्म हो रही है। अगर दोनों देशों के बीच समझौता नहीं होता है तो अमेरिका भारतीय आयात पर 26 फीसदी टैरिफ लगा सकता है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देशों के बीच बातचीत 50-50 के स्तर पर पहुंच चुकी है। भारत किसी भी तरह की “डेस्परेट डील” करने के मूड में नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि भारत “विन-विन” स्थिति बनाना है, जिससे डील से दोनों देशों को लाभ हो सके। अमेरिका भारत से खाद्य और कृषि जैसे क्षेत्र खोलने की मांग कर रहा है, लेकिन भारत ऐसा करने के लिए राजी नहीं है। अमेरिका चाहता है कि यह अंतरिम समझौता केवल कृषि तक सीमित न रहे, बल्कि इसमें सरकारी खरीद, बौद्धिक संपदा अधिकार, सीमा शुल्क और डिजिटल व्यापार जैसे अहम विषय भी शामिल हों।
वहीं भारत चाहता है कि अमेरिका 26 फीसदी प्रतिस्पर्धात्मक टैरिफ को पूरी तरह वापस ले। भले ही यह टैरिफ 9 जुलाई तक स्थगित किया गया हो, लेकिन 10 फीसदी का आधार शुल्क अप्रैल से लागू है। भारत स्टील और एल्युमीनियम पर अमेरिका द्वारा लगाए गए 50 फीसदी शुल्क को भी हटवाना चाहता है। इस टैरिफ से भारतीय निर्यातकों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
ऑटोमोबाइल और उससे जुड़े उपकरणों पर अमेरिका द्वारा लगाया गया 25 फीसदी टैरिफ भी भारत को मंजूर नहीं। भारत का लक्ष्य है कि इस समझौते का पहला व्यापक चरण 2025 के आखिर तक पूरा कर लिया जाए। अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। वहीं, भारत अमेरिका का 7वां सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। वित्त वर्ष 2025 में अमेरिका को भारत का निर्यात 36.33 बिलियन डॉलर यानी 3,15,889 करोड़ और आयात 29.86 बिलियन डॉलर यानी 2,59,632 करोड़ रुपए रहा। दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 500 बिलियन डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है, जिसे ‘मिशन-500’ कहा जाता है।
अब रथ यात्रा में भीड़ संभालेगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, हर्ष संघवी का बड़ा बयान
26 Jun, 2025 11:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद | 27 जून को अहमदाबाद में निकलने वाली भगवान जगन्नाथजी की 148वीं रथ यात्रा के लिए सुरक्षा समेत सभी इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं। गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने आज भगवान जगन्नाथ के नेत्रोत्सव समारोह में भाग लिया, आरती की और ध्वजारोहण भी किया। गृह राज्य मंत्री ने भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के पूरे मार्ग का पैदल निरीक्षण किया। साथ ही, मंत्री ने राज्य पुलिस प्रमुख विकास सहाय और शहर पुलिस आयुक्त जी.एस. मलिक सहित उच्च पदस्थ अधिकारियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। रथ यात्रा के मार्ग निरीक्षण के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए हर्ष संघवी ने कहा कि अहमदाबाद में जगन्नाथजी की रथ यात्रा आस्था और प्रबंधन की सबसे बड़ी यात्रा है। देश में पहली बार अहमदाबाद की रथ यात्रा में भीड़ प्रबंधन के लिए एआई तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के दौरान भीड़ पर नजर रखने और भगदड़ जैसी कोई अप्रिय घटना न घटे, यह सुनिश्चित करने के लिए ड्रोन और एआई तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि आधुनिक तकनीक की मदद ली जा रही है ताकि श्रद्धालु आसानी से जगन्नाथ जी के दर्शन कर सकें और उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो। रथ यात्रा के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था के बारे में बात करते हुए मंत्री ने कहा कि रथ यात्रा के पूरे मार्ग की 3डी मैपिंग की गई है। 3डी मैपिंग के ग्राफिक्स के आधार पर पुलिस व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही अहमदाबाद रथ यात्रा के लिए 3,500 सीसीटीवी कैमरे, 2,872 बॉडी-वॉर्न कैमरे, 240 टेरेस प्वाइंट, 25 वॉच टावर और 23,844 पुलिस कर्मियों के साथ कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। हर्ष संघवी ने आगे कहा कि अहमदाबाद समेत पूरे राज्य में 213 रथयात्राएं आयोजित की जाती हैं। गुजरात पुलिस ने धार्मिक संगठनों के साथ मिलकर इन रथयात्राओं के लिए सुरक्षा व्यवस्था की है। मंत्री ने आगे कहा कि अहमदाबाद में रथ यात्रा सामाजिक एकता का प्रतीक है। अहमदाबाद पुलिस ने सामाजिक पुलिसिंग के माध्यम से सभी समुदायों के बीच भाईचारे को मजबूत करने का प्रयास किया है। क्रिकेट टूर्नामेंट सहित अन्य खेल खेले गए हैं। महिला पुलिस अधिकारियों ने भी महिलाओं के साथ बैठकें कर शांतिपूर्ण माहौल बनाने के लिए उनका सहयोग लेने का प्रयास किया है। रथ यात्रा मार्ग पर जर्जर मकानों के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि जर्जर मकानों का सर्वेक्षण किया गया है, 484 खतरनाक मकानों की पहचान की गई है और उन सभी को सील कर दिया गया है, तथा एएमसी के सहयोग से उन्हें तिरपाल से रोकने का काम किया गया है। उन्होंने बताया कि रथ यात्रा के दौरान अगर छोटे बच्चे खो जाते हैं तो उन्हें उनके परिजनों तक पहुंचाने के लिए रथ यात्रा मार्ग पर 17 जनसहायता केंद्र बनाए जाएंगे। पिछले साल ऐसे केंद्रों के जरिए 65 से ज्यादा बच्चों को उनके परिजनों तक सुरक्षित पहुंचाया गया था। इस अवसर पर गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने अहमदाबाद सिटी पुलिस के समर्पित कार्य की प्रशंसा की।
बिहार में आसमानी आफत, आकाशीय बिजली गिरने से 5 की मौत
26 Jun, 2025 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार में बीते 8 दिनों से मानसून सक्रिय है। बुधवार को पटना, जमुई, नवादा में तेज बारिश हुई है। मौसम विभाग ने राज्य के 28 जिलों के लिए बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। वहीं, 10 जिलों में मौसम सामान्य बना रहेगा।
मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले चार दिनों में अधिकतम तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। हालांकि, न्यूनतम तापमान में अगले 5 दिनों के दौरान कोई खास परिवर्तन नहीं होने की संभावना है। वहीं बिहार में आकाशीय बिजली से 5 लोगों की मौत हो गई। 7 लोग झुलसे हैं। बक्सर जिले के पुराने भोजपुर में ठनका गिरने से 1 बच्ची की मौत हो गई। केसठ में 2 युवक गंभीर रूप से झुलस गए।
गया के बांकेबाजार प्रखंड के वैरी वनवास गांव में वज्रपात से 15 साल के लड़के की मौत हो गई। 3 बच्चे झुलस गए। बच्चे जामुन के पेड़ के नीचे खेल रहे थे। तभी अचानक बिजली गिरी।
औरंगाबाद के वन गांव में धान के बिचड़े को देखने गया युवक ठनका की चपेट में आ गया। उसकी मौत हो गई। वहीं वासुदेवपुर चंदेल में 35 साल की महिला की मौत हो गई, जबकि महिला के पति और एक रिश्तेदार झुलस गए। नवादा के नेमदारगंज थाना क्षेत्र के महानंदपुर गांव में 45 साल के किसान मौत हो गई।
बदरीनाथ NH पर बड़ा सड़क हादसा, अलकनंदा में समाई श्रद्धालुओं की टेंपो ट्रैवलर
26 Jun, 2025 09:31 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड में भयानक बस हादसा हुआ है. बदरीनाथ नेशनल हाईवे पर घोलतीर में एक टेंपो ट्रैवलर अलकनंदा नदी में गिर गई है. बस हादसे से हड़कंप मच गया है. टेंपो ट्रैवलर उफनती अलकनंदा नदी में समा गई है. इस बस में 18 तीर्थ यात्री बताए जा रहे हैं.
टेंपो ट्रैवलर अलकनंदा नदी में गिरी: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टेंपो ट्रैवलर हादसे के दौरान 5 लोग छिटककर पहाड़ी पर अटक गए. बाकी लोगों की खोजबीन जारी है. राहत और बचाव दल मौके पर पहुंच गए हैं. हादसा तब हुआ जब बदरीनाथ नेशनल हाईवे पर घोलतीर के पास एक टेंपो ट्रैवलर अनियंत्रित होकर सीधे अलकनंदा नदी में समा गई. यह टेंपो ट्रैवलर तीर्थयात्रियों को लेकर बदरीनाथ धाम की ओर जा रही थी. हादसे के दौरान इसमें सवार पांच से छह यात्री पहाड़ी पर ही छिटक गए और घायल हो गए. जबकि अन्य यात्रियों के टेंपो ट्रैवलर के साथ नदी में जा गिरे.
रेस्क्यू अभियान जारी: दुर्घटना की सूचना मिलते ही घोलतीर पुलिस चौकी से पुलिस बल और रुद्रप्रयाग से एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया गया. नदी का तेज बहाव राहत और बचाव कार्य में चुनौती बना हुआ है. बचाव टीम लगातार प्रयास कर रही है. स्थानीय ग्रामीणों ने भी राहत और बचाव कार्य में सहयोग किया है. हादसे के बाद से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल है. अभी तक कितने लोग लापता हैं और कितने सुरक्षित हैं, इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है.
कार भी खाई में गिरी: इधर रुद्रप्रयाग जिले में ही एक और हादसा हुआ है. सन बैंड के पास बुधवार रात एक कार हादसे का शिकार हो गई. कार बेकाबू होकर करीब 200 मीटर गहरी खाई में जा गिरी. कार सवार चमोली जिला सहकारी बैंक सतेराखाल शाखा के मैनेजर की हादसे में मौत हो गई.
सोने की तस्करी का पर्दाफाश, मुंबई में 9 करोड़ की खेप पकड़ी गई
26 Jun, 2025 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने सोना गलाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। बताया गया है कि मुंबई के मस्जिद बंदर इलाके में छापेमारी में 9 करोड़ रूपये का सोना जब्त कर सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह छापामारी रविवार को की गई थी। दरअसल डीआरआई विदेश से स्थानीय नागरिकों की मदद से सोने की तस्करी के एक मामले की जांच कर रही थी। उस समय पता चला कि इसमें एयरपोर्ट के कुछ कर्मचारी भी शामिल हैं। आरोपी विदेश से तस्करी कर लाए गए सोने को आरोपियों तक पहुंचाते थे। उसके बाद मस्जिद बंदर स्थित यूनिट में इसे पिघलाया जाता था और गुप्त तरीके से स्थानीय बाजार में बेचा जाता था। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए डीआरआई की टीम ने रविवार को मस्जिद बंदर स्थित सोना गलाने वाली यूनिट पर छापेमारी की और पांच लोगों को गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई में आठ करोड़ 93 लाख कीमत के आठ किलोग्राम 747 ग्राम वजन के छह सोने के बार जब्त किए गए। इस मामले में मीनानाथ भुले, विश्वास यादव उर्फ अमोल, उदय जंगम, रोहित मोहिते और विक्रम मोटे तथा राजकुमार पवार को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों से जब जब्त किए गए सोने की खरीद की रसीद मांगी गई तो उन्होंने आधिकारिक दस्तावेज पेश नहीं किए। जांच के दौरान मिली जानकारी के अनुसार, इस मामले में सोना पिघलाने वाली इकाई के मालिक राजकुमार पवार और ड्राइवर रविंद्र सालुंखे को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
- एयरपोर्ट कर्मचारी रडार पर
एयरपोर्ट कर्मचारियों से तस्करी का सोना ले जाया जा रहा था। इसमें कौन-कौन कर्मचारी शामिल हैं, इसकी जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में संदेह है कि हवाला के जरिए पैसा भेजा गया था।
- ऐसे होता था काम
मीनानाथ भुले एयरपोर्ट कर्मचारियों से तस्करी का सोना लेता, उसे पिघलाता और फिर ग्राहकों तक पहुंचाता। जबकि विश्वास यादव उर्फ अमोल तस्करी के सोने के सारे लेन-देन का रिकॉर्ड रखता था। जंगम और मोहिते दोनों सोना पिघलाते थे। विक्रम मोटे ड्राइवर है और एयरपोर्ट से तस्करी का सोना लाने की जिम्मेदारी उसी की थी।
छात्रों के लिए राहत, 10वीं की परीक्षा अगले साल से दो चरणों में
26 Jun, 2025 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) 2026 से एक बड़ा बदलाव करने जा रहा है। अब तक 10वीं की परीक्षा साल में एक बार आयोजित हुआ करती थी। अगले साल से 10वीं की परीक्षा साल में दो बार आयोजित होगी।
पहले चरण की परीक्षा फरवरी और दूसरे चरण की मई में आयोजित होगी, पहले चरण की परीक्षा अनिवार्य होगी जबकि दूसरा चरण वैकल्पिक होगा। सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने बुधवार को बताया कि अगले साल से सीबीएसई 10वीं की परीक्षा साल में दो बार आयोजित होगी। पहले चरण की परीक्षा फरवरी और दूसरे चरण की मई में आयोजित होगी। पहले चरण की परीक्षा अनिवार्य होगी जबकि दूसरा चरण वैकल्पिक होगा। जिन जगहों पर अत्यधिक ठंड के कारण फरवरी में स्कूल बंद रहते हैं वहां दसवीं कक्षा के छात्रों को किसी भी चरण में उपस्थित होने का विकल्प मिलेगा। दो बार परीक्षा की सुविधा वैकल्पिक है। जरूरी नहीं कि छात्र दोनों बार बोर्ड परीक्षा में हिस्सा लें। पहली परीक्षा मुख्य है। छात्र दूसरी परीक्षा सुधार के लिए दे सकेंगे। यह व्यवस्था खासतौर पर उन छात्रों के लिए फायदेमंद साबित होगी, जो पहली बार में अपने प्रदर्शन से संतुष्ट नहीं होते हैं। वे कुछ महीनों के भीतर ही दोबारा परीक्षा दे सकेंगे।
बोर्ड के मुताबिक, पहले चरण की परीक्षा का परिणाम अप्रैल में जारी किया जाएगा जबकि दूसरे चरण का परिणाम जून में जारी किया जाएगा। आंतरिक मूल्यांकन केवल एक बार किया जाएगा। यह कदम ‘नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति’ (एनईपी) के तहत उठाया गया है।
हिमाचल में बारिश से मची तबाही, कसोल-धर्मशाला में दर्जनों मजदूर लापता
26 Jun, 2025 07:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शिमला। हिमाचल के कसोल और धर्मशाला से बारिश और बाढ़ के कारण बड़े हादसे की खबर सामने आई है। हिमाचल के धर्मशाला में बारिश के बाद खड्ड में 15-20 मजदूर बह गए। धर्मशाला के विधायक ने फेसबुक पोस्ट शेयर कर इस हादसे की जानकारी दी और बताया कि धर्मशाला में अचानक आई पानी के तेज बहाव में 15-20 मजदूर बह गए। जिनकी अभी तक कोई सूचना नहीं मिल सकी है।
हिमाचल के कसोल से जल प्रलय का खौफनाक वीडियो सामने आया है। वीडियो में पानी के तेज बहाव में गाड़ियां माचिस की डिब्बी की तरह बहती नजर आ रही है।
कसोल मणिकरण से थोड़ा पीछे है। यह टूरिस्ट प्लेस है। यहां पर अधिकांश इजरायली लोग आते हैं। पानी का अधिक प्रवाह परियोजना के पानी के बहाव के कारण हुआ है। कसोल के जल प्रलय में कई लोगों के बहने की खबर भी सामने आई है। फिलहाल लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने के लिए कहा गया है।
बारिश और लैंडस्लाइड के चलते जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे बंद हो गया है। यहां ट्रैफिक जाम हो गया है। रुद्रप्रयाग में अलकनंदा का जलस्तर बढ़ने से बड़ी शिव मूर्ति के गले तक पानी आ गया है।
भीषण हादसा: नहर में गिरी कार, नवजात सहित चार की जान गई, तीन घायल
25 Jun, 2025 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हल्द्वानी। उत्तराखंड में नैनीताल जिले के हल्द्वानी में बुधवार सुबह एक अनियंत्रित वाहन के नहर में गिरने से उसमें वाहन सवार नवजात शिशु सहित चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और अन्य तीन घायल हो गए। कुमायूं परिक्षेत्र की पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) रिद्धिम अग्रवाल ने बताया कि आज सुबह हल्द्वानी में फायर ब्रिगेड दफ्तर के पीछे बहने वाली सिंचाई नहर में एक कार अनियंत्रित होकर गिर गई। जिसमें एक नवजात सहित चार लोगों की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि कार में कुल सात लोग सवार थे। कार में सवार सभी लोग ग्राम बरा, किच्छा, उधम सिंह नगर के निवासी थे। कार में सवार सभी लोग सुशीला तिवारी अस्पताल से वापस गांव लौट रहे थे।
उन्होंने बताया कि अचानक सिंचाई नहर में कार गिरने के बाद पलट गई। फिर थोड़ा आगे बहकर पुलिया में फंस गई। इस दौरान कार के अंदर पानी घुस गया। अग्रवाल ने बताया कि पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने कार को रेस्क्यू करके नहर से बाहर निकाला। कार के शीशे खोलने पर पता चला कि एक नवजात शिशु समेत चार लोगों की मौत हो गयी है। मृतकों की पहचान नीतू (34), कमला देवी (51), राकेश (32) के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि वाहन से रामा, रमेश और वाहन चालक श्यामलाल को घायल अवस्था में सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। तीनों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
सरकार का साफ संदेश—ईंधन कीमतों में फिलहाल कोई बढ़ोतरी नहीं
प्रत्याशियों की संपत्ति ने खींचा ध्यान, करोड़ों की दौलत का खुलासा
भोपाल से घोषणा: नई पीढ़ी पढ़ेगी ‘नर्मदा टाइगर’ राजा हिरदेशाह की कहानी
महिला आरक्षण पर बढ़ा विवाद: कांग्रेस बोली—PM बुलाएं सर्वदलीय बैठक
AAP के भीतर सियासी बयानबाजी तेज, Saurabh Bharadwaj का Raghav Chadha पर हमला
युद्ध का असर भारत तक: तारकोल महंगा, सड़क परियोजनाएं अटकीं
सबूत कमजोर या जांच में खामी? केस पर उठे सवाल
बिश्केक में भारत-चीन रक्षा मंत्रियों की बैठक, Rajnath Singh ने जताई खुशी
