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300 रुपये देकर कराए फर्जी क्लेम, आयुष्मान योजना में 64 लाख का घोटाला
25 Mar, 2026 06:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), गुवाहाटी क्षेत्रीय कार्यालय की जांच में एक ऐसे मामले का खुलासा हुआ है, जिसमें फर्जी अस्पताल संचालकों ने असली 'आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना' के लाभार्थियों को अपने झांसे में फंसाया। उन्हें तीन सौ रुपये देकर फर्जी मरीज बनाया। अस्थायी अस्पताल में उनके फोटो खींचे। उसके बाद उन फोटो को विभाग की साइट पर अपलोड किया। यह दिखाया कि वे मरीजों का इलाज कर रहे हैं। आरोपियों ने सरकारी योजना के तहत मिलने वाली राशि हड़पने के लिए 778 नकली दावे तैयार किए। ऐसा कर उन्होंने 64 लाख रुपये की आपराधिक आय जुटा ली। ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत अंतरिम कुर्की आदेश (पीएओ) जारी कर असम के हैलाकांडी स्थित शिफा अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र के स्वामी मोबजिल हुसैन बरभुइया की लगभग 55.33 लाख रुपये की अचल संपत्तियों को कुर्क कर लिया है। यह मामला आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) के तहत बड़े पैमाने पर हुई धोखाधड़ी से संबंधित है। ईडी ने असम के हैलाकांडी पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर और आरोपपत्र संख्या के आधार पर इस मामले की जांच शुरु की है। ईडी की जांच में पता चला कि एबी-पीएमजेएवाई योजना के तहत सूचीबद्ध शिफा अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र, हैलाकांडी ने लाभार्थियों को कोई वास्तविक चिकित्सा उपचार प्रदान किए बिना ही 22.04.2019 से 05.11.2022 की अवधि के दौरान धोखाधड़ी से 64,10,780 रुपये के 778 फर्जी प्रतिपूर्ति दावे दायर किए। जब यह पता लगाने का प्रयास किया गया कि संबंधित अस्पताल अस्तित्व में है या नहीं, वहां का दौरा किया गया। घोषित पते पर अस्पताल का कोई अस्तित्व नहीं पाया गया। आरोपियों ने एक सुनियोजित धोखाधड़ी की रणनीति अपनाई, जिसके तहत आयुष्मान भारत कार्ड धारक लाभार्थियों को अस्थायी अस्पताल में बुलाया गया। उन्हें 300 रुपये के मामूली भुगतान के बदले अस्पताल के बिस्तरों पर लेटे हुए फोटो खींचे गए। इन फर्जी तस्वीरों को ट्रांजैक्शन मैनेजमेंट सिस्टम (टीएमएस) पोर्टल पर अपलोड करके उन चिकित्सा प्रक्रियाओं के फर्जी प्रतिपूर्ति दावे उत्पन्न किए गए। इन धोखाधड़ीपूर्ण दावों के आधार पर, अटल अमृत अभियान सोसाइटी (असम सरकार की राज्य स्वास्थ्य एजेंसी) द्वारा शिफा अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र के बैंक ऑफ इंडिया खाते में कुल 57.96 लाख रुपये जमा किए गए। ईडी की जांच में यह स्थापित हुआ कि ये धनराशि, जो पीएमएलए, 2002 की धारा 2(1)(यू) के तहत "अपराध की आय" मानी जाती है, नकद निकासी और यूपीआई हस्तांतरण के माध्यम से व्यवस्थित रूप से निकाल ली गई। जांच में यह भी पता चला है कि आरोपियों ने धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि की प्राप्ति के दौरान और उसके बाद, बिना किसी वैध आय स्रोत के, अचल संपत्ति के पांच भूखंड अधिग्रहित किए और दो बहुमंजिला इमारतों का निर्माण किया। इसके बाद ईडी ने अपराध की आय के रूप में प्राप्त 6 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है। इनमें पांच भूखंड और एक बहुमंजिला इमारत की एक मंजिल शामिल है, जिनका कुल मूल्य लगभग 55.33 लाख रुपये है।
भाजपा पर निशाना साधते हुए ममता बोलीं- जनता के साथ अन्याय नहीं होने दूंगी
25 Mar, 2026 05:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलकाता|बंगाल चुनाव की तपिश के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नक्सलबाड़ी में जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान 'दीदी' के निशाने पर केंद्र की भाजपा सरकार रही। ममता बनर्जी ने अपने भाषण में नागरिकता के मुद्दे से लेकर आदिवासियों के हक तक, हर उस नब्ज को टटोला, जो बंगाल की राजनीति में सबसे ज्यादा संवेदनशील मानी जाती है। ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि न NRC होने दूंगी, न डिटेंशन कैंप बनने दूंगी।
"बुजुर्गों को कतार में खड़ा करना शर्मनाक"
चुनावी सभा को संबोधित करते हुए सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि यह बेहद शर्मनाक है कि जिस देश में बुजुर्गों ने अपनी पूरी जिंदगी खपा दी, आज उनसे उनकी नागरिकता का सबूत मांगा जा रहा है। उन्होंने कहा, "बुजुर्ग नागरिकों को लंबी-लंबी कतारों में खड़ा किया जा रहा है। उनकी नागरिकता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। ममता बनर्जी ने कहा कि जिन लोगों ने वोट देकर सरकार चुनी, आज वही सरकार उनसे पूछ रही है कि वे इस देश के नागरिक हैं या नहीं? ऐसी पार्टी को वोट मांगने का कोई हक नहीं है।
हमने हर धर्म के लिए काम किया- ममता बनर्जी
ममता बनर्जी ने कहा कि एसआईआर के लिए कितनी लाइनें थीं? वे जानना चाहते हैं कि आपके परिवार में कितने बच्चे हैं। आप किस देश के नागरिक हैं। उन्होंने कितने आदिवासियों, राजबंशियों को निकाला है? कितने हिंदू, मुसलमान मारे गए हैं? क्या यह उनकी जिम्मेदारी है? 'दीदी' ने आगे कहा कि जब देश में आजादी का आंदोलन हुआ था, तब भाजपा पैदा भी नहीं हुई थी। आज वे धर्म की बात करते हैं। पहले वे कहते थे कि ममता बनर्जी दुर्गा पूजा की इजाजत नहीं देतीं, लेकिन यहां इतने सारे लोग दुर्गा पूजा, काली पूजा मनाते हैं। हमने हर धर्म के लिए काम किया है
हमने आदिवासियों को जंगल के अधिकार दिए-सीएम ममता
भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार ममता बनर्जी ने कहा कि हमने आदिवासियों को जंगल के अधिकार दिए हैं। भाजपा नाटक करती है, आदिवासियों पर अत्याचार करती है। सब जगह देखें आदिवासियों पर कितना अत्याचार हुआ, लेकिन मैंने बिरसा मुंडा कॉलेज बनवाया। मैंने बिरसा मुंडा की मूर्ति बनवाई। मैंने उनके लिए काम किया है।
सड़क हादसा: गंगा एक्सप्रेसवे पर बाइक और कार की टक्कर में तीन लोगों की जान गई
25 Mar, 2026 10:03 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
उन्नाव। अंतिम संस्कार में शामिल होकर लौट रहे वृद्ध समेत तीन की बाइक में बेहटा मुजावर क्षेत्र में गंगा एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन पर कार ने टक्कर मार दी। सिर और अन्य जगहों में चोट लगने से तीनों की मौत हो गई। हादसे के बाद काफी देर तक शव वहीं पड़े रहे। राहगीर की सूचना पर पहुंची पुलिस ने तीनों को सीएचसी पहुंचाया जहां डॉक्टर ने एक-एक कर तीनों को मृत घोषित कर दिया।
कार की टक्कर से बाइक सवार बुजुर्ग समेत तीन की मौत
हरदोई जिले के कासिमपुर क्षेत्र के अटिया गांव निवासी 60 वर्षीय राजू राठौर के चाचा रामजीवन की मंगलवार को बीमारी से मौत हो गई थी। अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए राजू राठौर कासिमपुर क्षेत्र के सिद्दीकपुर निवासी 50 वर्षीय रामबालक पुत्र शिवराज और गढ़ी निवासी 45 वर्षीय पवन पुत्र श्रीराम के साथ बाइक से बांगरमऊ क्षेत्र के नानामऊ गंगा घाट आया था।
एक ही बाइक से लौट रहे थे गांव
सोमवार रात लगभग 10:30 बजे सभी एक बाइक से गांव लौट रहे थे। बेहटा मुजावर क्षेत्र में रानीपुर गांव के पास निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन पर अज्ञात कार ने बाइक में टक्कर मार दी। हादसे में राजू, पवन व रामबालक की मौत हो गई। पुलिस तीनों को लेकर बांगरमऊ सीएचसी पहुंची। डॉक्टर ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। बेहटा मुजावर एसओ मुन्ना कुमार ने बताया शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए है। टक्कर मारने वाली कार का का पता लगाया जा रहा है।
झंडेवालान मंदिर के पास हादसा: स्लीपर बस पलटने से 2 की मौत, 23 यात्री घायल
25 Mar, 2026 09:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। करोल बाग इलाके में स्थित झंडेवालान मंदिर के पास मंगलवार तड़के एक स्लीपर टूरिस्ट बस अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 23 यात्री घायल हो गए। पुलिस और स्थानीय लोगों की त्वरित कार्रवाई से बस में फंसे यात्रियों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया।
पुलिस के मुताबिक 25 मार्च 2026 को करीब 1:05 बजे पीसीआर कॉल के जरिए सूचना मिली कि करोल बाग के हनुमान मंदिर के पास एक स्लीपर बस पलट गई है और कई यात्री घायल हैं। यह बस टूरिस्ट स्लीपर बस थी, जो जयपुर से दिल्ली के फतेहपुरी, सदर बाजार की ओर जा रही थी। बस में हादसे के समय करीब 30 यात्री सवार थे।
लोगों की मदद से पुलिस ने शुरू किया रेस्क्यू
सूचना मिलते ही करोल बाग थाने की टीम मौके पर पहुंची। उस समय बस पलटी हुई थी और कई यात्री अंदर फंसे हुए मदद के लिए चिल्ला रहे थे। पुलिसकर्मियों ने तुरंत एक गुजर रही जेसीबी मशीन को रुकवाया और स्थानीय लोगों की मदद से बस को हल्का उठाकर सीमेंट के ब्लॉकों से सहारा दिया। इसके बाद राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया।
सबसे पहले करीब 10 गंभीर घायलों को एंबुलेंस की मदद से सर गंगाराम अस्पताल भेजा गया। बाद में अन्य पुलिस अधिकारियों और टीमों के पहुंचने के बाद बाकी यात्रियों को भी सुरक्षित बाहर निकाला गया।
आरएमएल में हुई दो यात्रियों की मौत
कुल 23 घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जिनमें से 12 को डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां दो पुरुषों की मौत हो गई। 10 को सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया और एक को लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज भेजा गया।
मृतकों में से एक की पहचान शहबाज आलम (30) के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के धामपुर गांव का रहने वाला था। दूसरे मृतक (लगभग 25–26 वर्ष) की पहचान अभी नहीं हो सकी है और पुलिस उसकी पहचान कराने की कोशिश कर रही है।
बस चालक पंकज कुमार (26) निवासी अलवर, राजस्थान भी घायल है और उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने चालक को हिरासत में ले लिया है। मामले की जांच की जा रही है
अस्पताल में भर्ती हुईं सोनिया गांधी, डॉक्टरों ने हालात के बारे में किया खुलासा
25 Mar, 2026 09:07 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते मंगलवार (24 मार्च) देर रात दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में भर्ती कराया गया है. डॉक्टरों के मुताबिक, उन्हें सीने में जकड़न और सांस लेने में हल्की तकलीफ महसूस हो रही थी, जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें निगरानी में रखने का फैसला किया.
दिल्ली में बदलते मौसम और बढ़ते प्रदूषण की वजह से उनकी तबीयत पर असर पड़ा है. डॉक्टरों की एक टीम उनके स्वास्थ्य की बारीकी से जांच कर रही है. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, उनका ब्रोंकियल अस्थमा थोड़ा बढ़ गया है, जो ठंडी हवा और धूल के कारण अक्सर सक्रिय हो जाता है. अस्पताल के चेयरमैन डॉ. अजय स्वरूप ने संक्षिप्त जानकारी देते हुए बताया कि सोनिया गांधी की स्थिति फिलहाल स्थिर है. उन्हें एहतियात के तौर पर भर्ती किया गया है और उन्हें एंटीबायोटिक्स व अन्य जरूरी दवाएं दी जा रही हैं.
79 वर्षीय सोनिया गांधी पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का सामना कर रही हैं. जनवरी माह में इससे पहले भी उन्हें सांस संबंधी दिक्कत के कारण भर्ती होना पड़ा था. जून 2025 में उन्हें पेट में संक्रमण के कारण अस्पताल में कुछ दिन बिताने पड़े थे. सितंबर 2022 में उन्होंने इलाज के लिए विदेश की यात्रा भी की थी. फिलहाल, डॉक्टर उनकी रिकवरी पर नजर रख रहे हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि एक-दो दिनों में स्थिति पूरी तरह सामान्य होने पर उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल सकती है.
तेल छूट के बाद भारत-ईरान पहली खरीदारी में पहुंचे समझौते पर
25 Mar, 2026 08:21 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। तेल की बढ़ती कीमतों के बीच हाल ही में अमेरिका ने ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंधों में अस्थायी छूट दे दी है। इस छूट के बाद भारत ने ईरान से तेल खरीद को लेकर पहली डील पक्की कर ली है। यह डील 50 लाख बैरल कच्चे तेल की खरीद को लेकर हुई है। हालांकि, यह सौदा भारत को काफी महंगा साबित हुआ है।
दुनिया के सबसे बड़े रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स का संचालन करने वाली भारत की रिलायंस इंडस्ट्रीज ने ईरान के साथ तेल खरीद की डील की है। रिपोर्ट के मुताबिक, रिलायंस इंडस्ट्रीज ने ईरान का 50 लाख बैरल कच्चा तेल खरीदा है। सूत्र ने बताया कि इस कच्चे तेल की कीमत वैश्विक क्रूड बेंचमार्क ब्रेंट फ्यूचर्स के मुकाबले करीब 7 डॉलर प्रति बैरल अधिक पर तय हुई। हाल के वर्षों में चीन की रिफाइनरियां भारी मात्रा में ईरानी तेल खरीदती रही हैं। ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते चीन तक यह तेल ब्लैक मार्केट के जरिए पहुंचता है और अक्सर इस किसी दूसरे देश के तेल के रूप में रीब्रांड कर बेचा जाता है।
अमेरिकी प्रशासन ने शुक्रवार को समुद्र में पहले से मौजूद ईरानी तेल की खरीद के लिए 30 दिन की अस्थायी छूट दी थी। यह छूट उन जहाजों पर लदे तेल पर लागू होती है, जो 20 मार्च तक लोड हो चुके हैं और 19 अप्रैल तक बंदरगाहों पर उतारे जाएंगे।
ईरानी कंपनी के साथ रिलायंस इंडस्ट्रीज का समझौता भारत की मई 2019 के बाद ईरानी तेल की पहली खरीद है। ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते भारत ने ईरान से तेल खरीद बंद की थी। दुनिया के तीसरे सबसे बड़े तेल आयातक और उपभोक्ता भारत ने ईरान से तेल की यह खरीद तब की है, जब मिडिल ईस्ट में युद्ध के चलते तेल की किल्लत जारी है। भारतीय रिफाइनरियों ने इस महीने सप्लाई की कमी को कम करने के लिए अमेरिका की छूट के बाद 4 करोड़ बैरल से ज्यादा रूसी कच्चा तेल खरीदा है।
सूत्रों के अनुसार, भारत के साथ-साथ एशिया के अन्य देश भी ईरान का कच्चा तेल खरीदने पर विचार कर रहे हैं। हालांकि, चीन की प्रमुख रिफाइनिंग कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कंपनी ईरानी तेल खरीदने की योजना नहीं बना रही है।
ईरान का कच्चा तेल भारत तक आम तौर पर समुद्री रास्ते से पहुंचता है, और इसका सबसे अहम मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज है। हालांकि, यह साफ नहीं हुआ है कि भारत ने ईरान से जो तेल खरीदा है, उसकी डिलीवरी कब होगी। ईरान के तेल टर्मिनल (जैसे खार्ग द्वीप) से तेल टैंकर निकलते हैं। ये टैंकर पहले दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक होर्मुज से गुजरते हैं। इसके बाद जहाज अरब सागर के जरिए सीधे भारत के पश्चिमी तट (जैसे गुजरात के जामनगर, मुंबई आदि बंदरगाह) तक पहुंचते हैं। अमेरिका और इजरायल के हमलों के बीच ईरान ने इस समुद्री रास्ते को बंद कर रखा है। हालांकि, भारत जैसे कुछ देशों के कुछ टैंकरों को इस रास्ते से गुजरने की इजाजत मिली हुई है।
ट्रंप-मोदी टेलीफोन वार्ता: ईरान युद्ध और होर्मुज खाड़ी पर हुई बातचीत
24 Mar, 2026 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली : ईरान युद्ध के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत की है. भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने इसकी जानकारी दी है. उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने मध्य पूर्व की स्थिति पर चर्चा की.अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा, "राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी प्रधानमंत्री मोदी से बात की. उन्होंने मध्य पूर्व की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने का महत्व भी शामिल है."
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ फोन पर हुई बातचीत के बाद कहा कि भारत पश्चिम एशिया में जल्द से जल्द तनाव कम करने और शांति बहाल करने का समर्थन करता है. इस बातचीत में वैश्विक पोत परिवहन के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया.
होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के वास्ते ईरान के लिए अमेरिका की ओर से समयसीमा पांच दिन बढ़ाए जाने के एक दिन बाद ट्रंप ने मोदी को फोन किया.मोदी ने कहा, "भारत तनाव कम करने और जल्द से जल्द शांति बहाल करने का समर्थन करता है. होर्मुज जलडमरूमध्य का खुला, सुरक्षित और सुलभ रहना पूरी दुनिया के लिए आवश्यक है. हमने शांति और स्थिरता के प्रयासों के संबंध में संपर्क में रहने पर सहमति व्यक्त की."
इस संबंध में भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि दोनों नेताओं ने महत्वपूर्ण पोत परिवहन मार्ग को खुला रखने के महत्व पर विचार-विमर्श किया. गोर ने सोशल मीडिया पर कहा, "राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी की अभी बातचीत हुई. उन्होंने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने का महत्व भी शामिल है."
आपको बता दें कि दोनों नेताओं के बीच यह बातचीत ट्रंप के उस बयान के 24 घंटे से भी कम समय बाद हुई, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका और ईरान ने मध्य पूर्व में चल रही शत्रुता पर सार्थक बातचीत की है और होर्मुज को फिर से खोलने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम देने के बाद ईरानी बिजली संयंत्रों पर हमले को पांच दिनों के लिए टाल दिया है.इससे पहले दिन में पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया संकट पर राज्यसभा में बयान दिया था. उन्होंने कहा कि युद्ध के बीच जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए कूटनीति के माध्यम से भारत लगातार प्रयास कर रहा है.
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि सरकार सभी उपलब्ध स्रोतों से गैस और कच्चे तेल की खरीद के लिए प्रयासरत है. उन्होंने कहा कि भारत 40 से अधिक देशों के साथ ऊर्जा आयात कर रहा है. उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में भी ये प्रयास जारी रहेंगे क्योंकि पश्चिम एशिया में युद्ध ने वैश्विक स्तर पर गंभीर ऊर्जा संकट पैदा कर दिया है.
उन्होंने कहा कि भारत का उद्देश्य युद्ध को कम करना और होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना है, और देश सभी पक्षों को शांतिपूर्ण तरीके से सभी मुद्दों को हल करने के लिए प्रोत्साहित करने का प्रयास कर रहा हैय
पीएम मोदी ने कहा, "भारत संवाद और कूटनीति के माध्यम से पश्चिम एशिया में शांति चाहता है. हम ईरान, इजराइल और अमेरिका के संपर्क में हैं. हमारा उद्देश्य क्षेत्र में शांति सुनिश्चित करने के लिए संवाद और कूटनीति है. हमने उनसे युद्ध को कम करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के बारे में बात की है."प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया में छिड़े वर्तमान संघर्ष के कारण उत्पन्न स्थिति से निबटने के लिए अधिकार संपन्न सात नये समूहों का गठन किया गया है जो एलपीजी, आवश्यक सेवाओं एवं वस्तुओं की आपूर्ति एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े अन्य विषयों का नियमित आकलन कर सुझाव देंगे.
प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और इसके कारण भारत के सामने आई चुनौतियों पर राज्यसभा में अपनी ओर से वक्तव्य देते हुए कहा कि तीन सप्ताह से अधिक समय हो चुका है तथा इस युद्ध ने विश्व में गंभीर ऊर्जा संकट पैदा कर दिया है.
उन्होंने कहा कि भारत के लिए भी यह स्थिति चिंताजनक है. उनके अनुसार इस युद्ध से हमारे व्यापार के रास्ते प्रभावित हो रहे हैं और इससे पेट्रोल, डीजल, गैस और उर्वरक जैसे जरूरी सामान की नियमित आपूर्ति प्रभावित हो रही है.
भारत-अमेरिका रिश्तों पर कोल्बी बोले- साझा हित हैं आधार, जयशंकर की सराहना
24 Mar, 2026 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच भारत दौरे पर आएं अमेरिकी युद्ध नीति उप सचिव एल्ब्रिज कोल्बी ने दिल्ली में आयोजित एक विशेष सत्र में भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में विदेश नीति व्यावहारिक होनी चाहिए और उसका फोकस नतीजों पर होना चाहिए। उन्होंने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर की बात का जिक्र करते हुए कहा कि आज के हालात में देशों को लचीली और परिस्थिति के हिसाब से रणनीति अपनानी चाहिए। कोल्बी ने कहा कि भारत और अमेरिका के रिश्ते की सबसे बड़ी ताकत यह है कि यह केवल औपचारिकताओं पर आधारित नहीं है, बल्कि दोनों देशों के साझा हितों पर टिका है। उन्होंने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान दोनों देशों के रिश्तों को विशेष संबंध बताया था।
एल्ब्रिज कोल्बी ने भारत की विदेश नीति की तारीफ की
एल्ब्रिज कोल्बी ने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर की भारत फर्स्ट और इंडिया वे नीति की तारीफ की। कोल्बी ने कहा कि यह सोच अमेरिका की अमेरिका फर्स्ट नीति से मिलती-जुलती है। उन्होंने आसान शब्दों में समझाते हुए कहा कि- भारत फर्स्ट का मतलब है कि भारत अपनी विदेश नीति में सबसे पहले अपने राष्ट्रीय हितों को रखता है। इंडिया वे का मतलब है कि भारत अपने फैसले व्यावहारिक सोच और वास्तविक हालात को ध्यान में रखकर लेता है। कोल्बी के अनुसार, जयशंकर ने इस बात पर जोर दिया है कि विदेश नीति भावनाओं से नहीं, बल्कि ठोस और यथार्थवादी सोच से चलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में देशों को अपने हितों को स्पष्ट रूप से समझकर फैसले लेने चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि जयशंकर का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों की नींव भू-राजनीति और ताकत के संतुलन पर टिकी होती है। इसलिए किसी भी देश को अपनी नीति बनाते समय इन बातों का ध्यान रखना जरूरी है। कोल्बी ने कहा कि भारत ने तब बेहतर तरीके से प्रगति की है, जब उसने वैश्विक हालात का सही आकलन किया और उसी के अनुसार अपने फैसले लिए। उन्होंने कहा कि जयशंकर ने भारत की विदेश नीति की निष्पक्ष और सख्त समीक्षा (ऑडिट) की जरूरत बताई है, ताकि बदलती दुनिया के हिसाब से रणनीति को और मजबूत बनाया जा सके।
भारत-अमेरिका के मजबूत रिश्तों पर कोल्बी का जोर
भारत अमेरिका के मजबूत रिश्तों को लेकर कोल्बी ने कहा कि भारत और अमेरिका को हर मुद्दे पर सहमत होना जरूरी नहीं है। कोल्बी ने कहा कि सबसे जरूरी यह है कि दोनों देशों के हित और लक्ष्य बड़े मुद्दों पर एक जैसे होते जा रहे हैं। उन्होंने जोर दिया कि मतभेद होने के बावजूद रणनीतिक सहयोग मजबूत किया जा सकता है। दोनों देशों के रिश्ते दिखावे पर नहीं, बल्कि लंबे समय के साझा हितों पर आधारित हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भारत और अमेरिका दोनों चाहते हैं कि भारत-प्रशांत क्षेत्र में कोई एक देश हावी न हो। साथ ही, दोनों देश खुला व्यापार और अपनी-अपनी स्वतंत्रता बनाए रखने के पक्ष में हैं।
विदेश मंत्री जयशंकर की नीति की तारीफ
इस दौरान कोल्बी ने एस जयशंकर की सोच की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने राष्ट्रवाद और व्यावहारिक विदेश नीति की अहमियत को सही तरीके से रखा है। उनके कहा कि भारत एशिया में स्थिर संतुलन बनाने को सबसे बड़ी प्राथमिकता दे रहा है। कोल्बी ने जोर दिया कि यह सोच अमेरिका के दृष्टिकोण से भी मेल खाती है। उन्होंने कहा कि दोनों देश मानते हैं कि हर देश को अपने हितों की रक्षा और उन्हें आगे बढ़ाने का अधिकार है।
भारत और अमेरिका दोनों एशिया में स्थिर और संतुलित शक्ति व्यवस्था चाहते हैं।
जब अमेरिका अपने लोगों की सुरक्षा और समृद्धि के लिए काम करता है और भारत अपने नागरिकों के लिए, तो दोनों के प्रयास एक-दूसरे को मजबूत करते हैं।
दोनों देशों को हर मुद्दे पर पूरी सहमति की जरूरत नहीं है, बल्कि जहां जरूरी हो वहां सहयोग करना ही अहम है।
भारत-अमेरिका साझेदारी मजबूत है और आगे भी साझा हितों के आधार पर और गहरी होती रहेगी।
इच्छा मृत्यु को लेकर चर्चा में रहे हरीश राणा का निधन
24 Mar, 2026 08:52 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गाजियाबाद। इच्छा मृत्यु को लेकर चर्चा में रहे हरीश राणा का निधन हो गया है। उनके निधन की खबर सामने आते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है और लोगों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। बताया जा रहा है कि हरीश राणा लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उनकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी, जिसके चलते उन्होंने इच्छा मृत्यु (Euthanasia) की मांग को लेकर सुर्खियां बटोरी थीं। इस मामले ने समाज और प्रशासनिक स्तर पर भी काफी चर्चा पैदा की थी। हरीश राणा की इच्छा मृत्यु की मांग ने जीवन के अधिकार, मानवीय गरिमा और कानूनी पहलुओं को लेकर एक नई बहस छेड़ दी थी। कई सामाजिक संगठनों और आम लोगों ने इस पर अलग-अलग राय व्यक्त की थी। हालांकि, उनके निधन के बाद एक बार फिर इच्छा मृत्यु को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं—क्या गंभीर और असाध्य बीमारी से जूझ रहे लोगों को यह अधिकार मिलना चाहिए या नहीं। परिजनों के अनुसार, हरीश राणा का अंतिम संस्कार उनके गृह क्षेत्र में किया जाएगा। स्थानीय लोगों और परिचितों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
गाजियाबाद के हरीश राणा का आज दिल्ली के एम्स अस्पताल में निधन हो गया। वे बीते 13 साल से कोमा में थे। देश के सुप्रीम कोर्ट ने बीते दिनों उन्हें इच्छामृत्यु की इजाजत दी थी। हरीश राणा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के इंस्टीट्यूट रोटरी कैंसर अस्पताल (आईआरसीएच) में भर्ती थे। उन्हें उपशामक देखभाल वार्ड में रखा गया था। अस्पताल में एक हफ्ते से उनकी गहन निगरानी जारी थी। 23 मार्च को डॉक्टरों ने बताया था। उन्हें कुछ दिन और निगरानी में रखा जा सकता है। वे पिछले एक सप्ताह से बिना खाना और पानी के जीवित थे। यह प्रक्रिया छह दिनों से चल रही थी। इस दौरान उनके माता-पिता किसी चमत्कार का इंतजार कर रहे थे।
बेटे के निधन से पहले मां की प्रार्थना
हरीश की मां अस्पताल के गलियारे में बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ कर रही थीं। बेटे के निधन से पहले मां ने भावुक होकर अपनी बात कही थी। उन्होंने कहा था कि मेरा बेटा सांस ले रहा है। उसकी धड़कन अभी भी चल रही है। मां ने यह भी कहा कि वह मुझे छोड़कर जा रहा है।
मनी लॉन्ड्रिंग से 35,925 करोड़ की ‘आपराधिक आय’ का पता चला
24 Mar, 2026 08:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली|देश में धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत साइबर अपराध से संबंधित लगभग 257 मामले सामने आए हैं। ईडी ने इन मामलों की जांच शुरू की है। इन केसों में मनी लॉंड्रिंग के जरिए 35925 करोड़ रुपये की 'आपराधिक आय' एकत्रित की गई है। प्रवर्तन निदेशालय और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों (एलईए) के बीच संबंधित नोडल अधिकारियों के माध्यम से सूचना साझा करने/प्रसारित करने की एक स्थापित व्यवस्था है। इस व्यवस्था के तहत, ईडी और एलईए साइबर अपराध से संबंधित मामलों सहित सूचनाओं का आदान-प्रदान करते हैं।
'भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र'
डिजिटल और ऑनलाइन धोखाधड़ी नेटवर्क के माध्यम से गबन किए गए धन की पहचान और वसूली सहित साइबर अपराधों से निपटने के तंत्र को व्यापक एवं समन्वित तरीके से मजबूत करने के लिए, केंद्र सरकार ने कई कदम उठाए हैं। गृह मंत्रालय ने देश में सभी प्रकार के साइबर अपराधों से समन्वित और व्यापक तरीके से निपटने के लिए एक संबद्ध कार्यालय के रूप में 'भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र' (I4C) की स्थापना की है। I4C के एक भाग के रूप में 'राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल' (NCRP) (https://cybercrime.gov.in) शुरू किया गया है। यहां पर जनता सभी प्रकार के साइबर अपराधों से संबंधित घटनाओं की रिपोर्ट कर सकती है। इसमें महिलाओं और बच्चों के खिलाफ साइबर अपराधों पर विशेष ध्यान दिया गया है। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर रिपोर्ट की गई साइबर अपराध की घटनाओं को एफआईआर में परिवर्तित किया जाता है। उसके बाद की कार्रवाई, जैसे कि आरोप पत्र दाखिल करना, गिरफ्तारी और शिकायतों का समाधान, संबंधित राज्य/केंद्र शासित प्रदेश की कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा कानून के प्रावधानों के अनुसार किया जाता है।
8,690 करोड़ से अधिक की वित्तीय राशि बचाई
I4C के अंतर्गत 'नागरिक वित्तीय साइबर धोखाधड़ी रिपोर्टिंग और प्रबंधन प्रणाली' को वित्तीय धोखाधड़ी की तत्काल रिपोर्टिंग और जालसाजों द्वारा धन की हेराफेरी को रोकने के लिए वर्ष 2021 में शुरू किया गया था। I4C द्वारा संचालित इस प्रणाली के अनुसार, 31.01.2026 तक 24.65 लाख से अधिक शिकायतों में 8,690 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय राशि बचाई जा चुकी है। ऑनलाइन साइबर शिकायतें दर्ज करने में सहायता के लिए एक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर '1930' चालू किया गया है। I4C में एक अत्याधुनिक साइबर धोखाधड़ी निवारण केंद्र स्थापित किया गया है, जहां प्रमुख बैंकों, वित्तीय मध्यस्थों, भुगतान एग्रीगेटरों, दूरसंचार सेवा प्रदाताओं, आईटी मध्यस्थों और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के प्रतिनिधि साइबर अपराध से निपटने के लिए तत्काल कार्रवाई और निर्बाध सहयोग के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
9518.91 करोड़ रुपये के लेन-देन अस्वीकृत
साइबर अपराधियों की पहचान करने वाले संदिग्धों का रजिस्टर I4C द्वारा बैंकों/वित्तीय संस्थानों के सहयोग से 10.09.2024 को शुरू किया गया। 31.01.2026 तक, बैंकों से प्राप्त 23.05 लाख से अधिक संदिग्ध पहचानकर्ताओं का डेटा और 27.37 लाख लेयर 1 म्यूल खातों का डेटा संदिग्ध रजिस्टर में शामिल संस्थाओं के साथ साझा किया गया है। इसके चलते 9518.91 करोड़ रुपये के लेन-देन अस्वीकृत किए गए हैं। समन्वय प्लेटफॉर्म को प्रबंधन सूचना प्रणाली (एमआईएस) प्लेटफॉर्म, डेटा भंडार और साइबर अपराध डेटा साझाकरण और विश्लेषण के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों के समन्वय प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य करने के लिए चालू किया गया है। यह विभिन्न राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में साइबर अपराध शिकायतों में शामिल अपराधों और अपराधियों के बीच अंतरराज्यीय संबंधों का विश्लेषण-आधारित विवरण प्रदान करता है। 'प्रतिबिंब' मॉड्यूल, अपराधियों और अपराध अवसंरचना के स्थानों को मानचित्र पर प्रदर्शित करता है। इससे संबंधित अधिकारियों को जानकारी मिलती है। यह मॉड्यूल कानून प्रवर्तन एजेंसियों को आई4सी और अन्य लघु एवं मध्यम उद्यमों से तकनीकी-कानूनी सहायता प्राप्त करने में भी सुविधा प्रदान करता है। इसके परिणामस्वरूप 21,857 से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है और साइबर जांच सहायता के लिए 149636 से अधिक अनुरोध प्राप्त हुए हैं। गृह मंत्रालय में राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह बात कही है।
जयशंकर के नेतृत्व में भारत की छवि मजबूत हुई
24 Mar, 2026 07:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली|पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच भारत दौरे पर आएं अमेरिकी युद्ध नीति उप सचिव एल्ब्रिज कोल्बी ने दिल्ली में आयोजित एक विशेष सत्र में भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में विदेश नीति व्यावहारिक होनी चाहिए और उसका फोकस नतीजों पर होना चाहिए। उन्होंने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर की बात का जिक्र करते हुए कहा कि आज के हालात में देशों को लचीली और परिस्थिति के हिसाब से रणनीति अपनानी चाहिए।कोल्बी ने कहा कि भारत और अमेरिका के रिश्ते की सबसे बड़ी ताकत यह है कि यह केवल औपचारिकताओं पर आधारित नहीं है, बल्कि दोनों देशों के साझा हितों पर टिका है। उन्होंने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान दोनों देशों के रिश्तों को विशेष संबंध बताया था।
भारत-अमेरिका के मजबूत रिश्तों पर कोल्बी का जोर
भारत अमेरिका के मजबूत रिश्तों को लेकर कोल्बी ने कहा कि भारत और अमेरिका को हर मुद्दे पर सहमत होना जरूरी नहीं है। कोल्बी ने कहा कि सबसे जरूरी यह है कि दोनों देशों के हित और लक्ष्य बड़े मुद्दों पर एक जैसे होते जा रहे हैं। उन्होंने जोर दिया कि मतभेद होने के बावजूद रणनीतिक सहयोग मजबूत किया जा सकता है। दोनों देशों के रिश्ते दिखावे पर नहीं, बल्कि लंबे समय के साझा हितों पर आधारित हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भारत और अमेरिका दोनों चाहते हैं कि भारत-प्रशांत क्षेत्र में कोई एक देश हावी न हो। साथ ही, दोनों देश खुला व्यापार और अपनी-अपनी स्वतंत्रता बनाए रखने के पक्ष में हैं।
विदेश मंत्री जयशंकर की नीति की तारीफ
इस दौरान कोल्बी ने एस जयशंकर की सोच की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने राष्ट्रवाद और व्यावहारिक विदेश नीति की अहमियत को सही तरीके से रखा है। उनके कहा कि भारत एशिया में स्थिर संतुलन बनाने को सबसे बड़ी प्राथमिकता दे रहा है। कोल्बी ने जोर दिया कि यह सोच अमेरिका के दृष्टिकोण से भी मेल खाती है। उन्होंने कहा कि दोनों देश मानते हैं कि हर देश को अपने हितों की रक्षा और उन्हें आगे बढ़ाने का अधिकार है।
एशिया में संतुलन और सहयोग
कोल्बी ने कहा कि:
भारत और अमेरिका दोनों एशिया में स्थिर और संतुलित शक्ति व्यवस्था चाहते हैं।
जब अमेरिका अपने लोगों की सुरक्षा और समृद्धि के लिए काम करता है और भारत अपने नागरिकों के लिए, तो दोनों के प्रयास एक-दूसरे को मजबूत करते हैं।
दोनों देशों को हर मुद्दे पर पूरी सहमति की जरूरत नहीं है, बल्कि जहां जरूरी हो वहां सहयोग करना ही अहम है।
भारत-अमेरिका साझेदारी मजबूत है और आगे भी साझा हितों के आधार पर और गहरी होती रहेगी।
बॉर्डर एरिया में कितना हुआ विकास? संसद में सरकार ने दिया जवाब
24 Mar, 2026 04:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। देश के सीमावर्ती इलाकों के विकास को लेकर सरकार ने बड़ा खुलासा किया है। लोकसभा में बताया गया कि सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम (बीएडीपी) के तहत वित्त वर्ष 2004-05 से अब तक 39 हजार से ज्यादा परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। सरकार ने यह भी साफ किया कि यह योजना अब अपने अंतिम चरण यानी ‘सनसेट फेज’ में पहुंच चुकी है। इसका उद्देश्य सीमा पर रहने वाले लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना और बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना रहा है। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लिखित जवाब में बताया कि इन परियोजनाओं के तहत सड़क, पुल, स्वास्थ्य केंद्र, स्कूल, आंगनवाड़ी और अन्य बुनियादी ढांचे का निर्माण किया गया है। यह कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय सीमा से 0 से 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों और कस्बों में लागू किया गया है। इसमें 16 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया गया है।
क्या है सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम?
सरकार के अनुसार बीएडीपी का मकसद सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की जरूरतों को पूरा करना है। इसके तहत स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पेयजल, कृषि और छोटे उद्योग जैसे क्षेत्रों में काम किया गया। योजना का लक्ष्य इन क्षेत्रों को मुख्यधारा के विकास से जोड़ना और वहां रहने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं देना रहा है।
किस तरह के काम किए गए हैं?
मंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत सड़कें, पुल और पुलिया बनाई गईं। इसके अलावा डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए आवास, अस्पतालों में अतिरिक्त कमरे, स्कूलों में क्लासरूम, आंगनवाड़ी केंद्र, छात्रावास और आजीविका से जुड़े प्रोजेक्ट भी शुरू किए गए। इससे सीमावर्ती इलाकों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हुआ है।
वित्तीय स्थिति और हाल के खर्च का क्या आंकड़ा है?
सरकार ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में इस योजना के तहत 168.90 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। यह राशि पहले से स्वीकृत परियोजनाओं की देनदारियों को पूरा करने के लिए दी गई। इससे साफ है कि अब योजना अपने अंतिम चरण में है और नई परियोजनाओं की बजाय पुराने काम पूरे किए जा रहे हैं।
अब आगे क्या है सरकार की नई योजना?
सरकार ने बीएडीपी के बाद वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम शुरू किया है। इसके तहत 2023 में उत्तरी सीमा के 662 गांवों के विकास की योजना बनाई गई। वहीं 2025 में वीवीपी-II के तहत 1,954 गांवों को शामिल किया गया है, जिसमें भारत-पाकिस्तान सीमा वाले इलाके भी शामिल हैं। यह कार्यक्रम 2028-29 तक चलेगा।
सीमावर्ती इलाकों के लिए इसका क्या मतलब है?
सरकार का कहना है कि नई योजनाओं के जरिए सीमा क्षेत्रों में विकास को और तेज किया जाएगा। इससे वहां के लोगों को बेहतर सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर मिलेंगे। हालांकि बीएडीपी के सनसेट फेज में जाने से यह भी संकेत मिलता है कि अब सरकार नई रणनीति के साथ आगे बढ़ रही है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा- धर्म बदलने पर नहीं मिलेगा SC-ST का लाभ
24 Mar, 2026 12:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने अनुसूचित जाति को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने कहा कि धर्म परिवर्तन करने वाला व्यक्ति पूरी तरह से अनुसूचित जाति का दर्जा खो देता है. यानी कि हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म अपनाने वाले ही अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति का दर्जा प्राप्त कर सकते हैं. ईसाई या किसी अन्य धर्म में परिवर्तन करने वालों का दर्जा खत्म हो जाएगा. ऐसे परिवारों को किसी प्रकार का एसटी-एससी अधिनियम का लाभ नहीं मिलेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट ने धर्म परिवर्तन करने वाले दलित परिवार को लेकर कहा कि कोई भी ऐसा व्यक्ति जो हिंदू धर्म का है और वह ईसाई धर्म में कन्वर्ट हो जाता है, उसे अनुसूचित जाति (SC) का सदस्य नहीं माना जाएगा. ऐसे लोगों का एसटी-एसटी का कोई लाभ भी नहीं मिलेगा. इसके साथ ही SC/ ST Act, 1989 के तहत संरक्षण का दावा भी नहीं कर सकते हैं।
आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट का फैसला बरकरार
सुप्रीम कोर्ट में यह फैसला जस्टिस पीके मिश्रा और जस्टिस ए वी अंजारिया की पीठ ने सुनाया है. दरअसल, सुप्रीम कोर्ट से पहले आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने धर्म परिवर्तन करने वालों के सभी लाभ बंद करने का फैसला सुनाया था. जिसमें बताया गया कि जो हिंदू धर्म से ईसाई धर्म में शामिल हो गए हैं. वे अनुसूचित जाति के सदस्य नहीं रह जाते. आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने यह फैसला पिछले साल मई में सुनाया था. जिसके खिलाफ पादरी चिंथदा आनंद ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।
क्या था मामला?
दरअसल, पादरी चिंथदा आनंद ने कुछ लोगों पर जातिगत भेदभाव और दुर्व्यवहार का आरोप लगाया था. इस मामले में SC/ST के तहत मामला दर्ज हुआ था. जब यह मामला आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट पहुंचा, तो कोर्ट ने इस आधार पर FIR को रद्द कर दिया कि पादरी आनंद ने ईसाई धर्म ज्वाइन कर लिया है. ऐसे में वे धर्म परिवर्तन के बाद अनुसूचित जाति वाले स्टेटस को खो दिया. अब वे SC/ST अधिनियम के तहत संरक्षण का दावा नहीं कर सकते हैं. हाई कोर्ट के इस फैसले को चुनौती देने के लिए पादरी आनंद ने सुप्रीम कोर्ट का दरबाजा खटखटाया था।
पार्टी ने कहा- यह कदम भारत के पश्चिम एशिया संबंधों पर नकारात्मक असर डाल सकता है
24 Mar, 2026 11:27 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिका-इस्राइल। कांग्रेस ने मंगलवार को कहा कि अगर पाकिस्तान द्वारा अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच मध्यस्थता कराने की खबरें सही हैं, तो यह भारत के लिए बड़ा झटका और नाकामी की बात है। विपक्षी पार्टी ने दावा किया कि ऑपरेशन सिंदूर में भारत की सैन्य सफलता के बावजूद, पाकिस्तान की कूटनीतिक सक्रियता और नैरेटिव प्रबंधन मोदी सरकार से काफी बेहतर रहा है।
कांग्रेस ने सरकार को आड़े हाथों लिया
कांग्रेस के संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया की कई रिपोर्ट्स में पाकिस्तान को अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच एक मध्यस्थ बताया गया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'अगर ये रिपोर्ट्स सही हैं, तो यह भारत के लिए बड़ा झटका है और खुद को विश्वगुरु बताने वालों को करारा जवाब है।' रमेश ने कहा कि पिछले एक साल में यह साफ हुआ है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान की कूटनीतिक सक्रियता और वैश्विक स्तर पर अपनी बात रखने की रणनीति भारत से बेहतर रही है। उन्होंने दावा किया कि राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक संकट से जूझ रहा पाकिस्तान अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिर से मजबूत होता दिख रहा है।कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि डोनाल्ड ट्रंप ने उस व्यक्ति के साथ नजदीकी दिखाई, जिसकी भड़काऊ बयानबाजी पहलगाम आतंकी हमले का आधार बनी। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने आसिम मुनीर को दो बार व्हाइट हाउस में आमंत्रित किया। जयराम रमेश ने पीएम मोदी की हालिया इस्राइल यात्रा को गलत फैसला बताते हुए कहा कि यह यात्रा उस समय समाप्त हुई, जब अमेरिका-इस्राइल द्वारा ईरान पर हवाई हमले शुरू होने वाले थे, जिससे भारत की संभावित मध्यस्थ की भूमिका कमजोर हुई।
ट्रंप का दावा- ईरान के साथ बातचीत जारी; तेहरान ने दावा खारिज किया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि अमेरिका एक सम्मानित ईरानी नेता के संपर्क में है और ईरान युद्ध समाप्त करने के लिए समझौते को लेकर इच्छुक है। हालांकि, उन्होंने उस नेता का नाम बताने से इनकार कर दिया। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका मोजतबा खामेनेई से बातचीत नहीं कर रहा है। वहीं, ईरान ने अमेरिका से सीधी बातचीत से इनकार किया है, लेकिन यह माना है कि क्षेत्र के कुछ देश तनाव कम करने की कोशिश कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तुर्किये, मिस्त्र और पाकिस्तान पिछले कुछ दिनों से अमेरिका और ईरान के बीच संदेशों का आदान-प्रदान करा रहे हैं। बताया गया कि इन देशों के विदेश मंत्रियों ने अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से अलग-अलग बातचीत की।28 फरवरी से अमेरिका और इस्राइल ने ईरान पर संयुक्त हमले शुरू किए थे, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई। इसके बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई से संघर्ष पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र में फैल गया।
‘मुस्लिमों को मारने वालों का एनकाउंटर’—AIMIM नेता के बिगड़े बोल
24 Mar, 2026 11:23 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
उत्तर प्रदेश। में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम (AIMIM) के प्रदेश अध्यक्ष हाजी शौकत अली ने एक बार फिर विवादित बयान देकर यूपी की सियासत में हलचल पैदा कर दी है. उन्होंने कहा कि हमें सिर्फ 11 विधायक दे दो. हम अपनी ताकत दिखा देंगे. इस दौरान वे इतने में ही नहीं रुके, उन्होंने कहा कि किसी मुसलमान का अगर एनकाउंटर होगा तो एनकाउंटर करने वालों का भी एनकाउंटर होगा.शौकत अली ने यह बात यूपी के मेरठ में ईद मिलन कार्यक्रम के दौरान कही थी। जानें क्या कहा दरअसल, हाल ही में मेरठ में ईद के मौके पर मुस्लिमों ने सड़क पर बैठकर नमाज पढ़ी थी, जिसको लेकर विवाद गहरा गया था. विवाद बढ़ने पर जिला पुलिस अधीक्षक ने भी कार्रवाई की बात कही थी. यह सुनते ही मुस्लिम समुदाय बिगड़ गया और ईद मिलन कार्यक्रम के दौरान ही शौकत अली ने विवादास्पद बयान दे दिया. इस दौरान शौकत अली ने रामनवमी के जुलूस पर भी सख्त कदम उठाने की बात की।
क्या बोले शौकत अली?
मेरठ में ईद मिलन समारोह के दौरान शौकत अली ने सरकार और प्रशासन को जमकर घेरा और अपनी ताकत दिखाने की बात की. उन्होंने कहा कि हमें 111 नहीं, बल्कि सिर्फ 11 विधायक दे दो. हम अपनी ताकत दिखा देंगे. मैं आपसे वादा करता हूं कि अगर किसी मुसलमान का एनकाउंटर हुआ, तो एनकाउंटर करने वालों का भी एनकाउंटर किया जाएगा. भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार ने सिर्फ आरोपों के आधार पर बुलडोजर चलाए हैं और मदरसों पर ताले लगवाए।
सपा वाले भी कहते हैं, हमारी सरकार नहीं
इस दौरान शौकत अली ने समाजवादी पार्टी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आपने जिसके 111 विधायक जिताए हैं. अब वह भी कह रहे है क्या कर सकते हैं? प्रदेश में तो उनकी सरकार ही नहीं है. शौकत अली ने मौजूदा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि बेगुनाहों को निशाना बनाया जा रहा है. इससे बचने के लिए शौकत अली ने लोगों से अपील की, कि वे सभी मदरसों की हिफाजत के लिए एक डंडा, एक झंडा और एक नेता तय करें. तभी उनकी बात विधानसभा तक पहुंचेगी. फिलहाल, शौकत अली के इस बयान ने विवाद को गहरा दिया है।
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