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देश में गैस संकट के बीच IOCL ने ईरान के साथ व्यापार बढ़ाया
26 Mar, 2026 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
IOCL Iran Deal: भारत की सार्वजनिक क्षेत्र की सबसे बड़ी तेल कंपनी इंडियन ऑइल कॉरपोरेशन (Indian Oil Corporation) ने एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाते हुए ईरान से रसोई गैस (LPG Import) का आयात शुरू करने का निर्णय लिया है। साल 2018 के बाद यह पहली बार है जब भारत (India Iran Trade) ने ईरान से गैस की खेप मंगवाई है। (Energy Crisis in India) वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट और घरेलू बाजार में बढ़ती मांग के बीच इस कदम को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। (Strategic Energy Partnership) यह फैसला तब लिया गया है जब पारंपरिक स्रोतों से आपूर्ति (International Trade Relations) में कुछ बाधाएं देखी जा रही थीं।
क्यों पड़ी ईरान से गैस की जरूरत ? (Reasons for LPG Crunch)
देश के भीतर एलपीजी की मांग में अचानक आई तेजी और सप्लाई चेन (Supply Chain Disruptions) में आई दिक्कतों की वजह से घरेलू बाजार में किल्लत महसूस की जा रही थी। पहले भारत अपनी अधिकांश जरूरतें अन्य खाड़ी देशों से पूरी करता था, लेकिन ईरान से मिलने वाली गैस की अनुकूल शर्तों और कम दूरी (Geographical Proximity) के कारण लागत में बचत होने की संभावना है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत में रसोई गैस की खपत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है, जिसे पूरा करने के लिए नए विकल्पों को तलाशना जरूरी हो गया था।
2018 के बाद बदली स्थितियां (Post-2018 Geopolitical shift)
साल 2018 में अमेरिकी प्रतिबंधों और अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक (Geopolitics) दबाव के कारण भारत ने ईरान से तेल और गैस का आयात कम कर दिया था। हालांकि, मौजूदा परिस्थितियों में ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) भारत की सर्वोच्च प्राथमिकता बन गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान से एलपीजी की यह खेप न केवल कमी को दूर करेगी, बल्कि बाजार में कीमतों को स्थिर रखने में भी मदद कर सकती है। यह सौदा भारतीय तेल रिफाइनरीज के लिए एक राहत भरा संकेत है, जो लंबे समय से किफायती विकल्पों की तलाश में थे।
रसोई गैस की आपूर्ति पर असर (Impact on domestic consumers)
इस समझौते का सीधा लाभ आम उपभोक्ताओं (Indian Households) को मिल सकता है। जब कच्चे माल की आपूर्ति निरंतर और सस्ती होती है, तो सरकारी तेल कंपनियों के लिए सब्सिडी का बोझ कम होता है और भविष्य में गैस सिलेंडर के दामों (LPG Cylinder Price) में स्थिरता आने की उम्मीद बढ़ जाती है। आईओसी (IOC) का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि देश के किसी भी हिस्से में, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में, रसोई गैस की कमी न हो। यह कदम 'उज्ज्वला योजना' जैसे बड़े सरकारी अभियानों की सफलता को बनाए रखने के लिए भी आवश्यक है।
ईंधन की महंगाई में बढ़ोतरी: नायरा एनर्जी ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में संशोधन किया
26 Mar, 2026 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Nayara Energy Hikes Petrol-Diesel Prices: देश की सबसे बड़ी निजी ईंधन रिटेलर कंपनियों में शामिल नायरा एनर्जी ने गुरुवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी। नायरा एनर्जी ने बढ़ती वैश्विक तेल कीमतों के दबाव में पेट्रोल पांच रुपये और डीजल तीन रुपये प्रति लीटर महंगा किया है।
सूत्रों के अनुसार, यह फैसला वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में हालिया तेजी के बाद लिया गया है। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के चलते अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में तेज उछाल आया है, जिसका असर अब घरेलू बाजार पर भी दिखने लगा है।
A350 विमान में तकनीकी समस्या, एयर इंडिया की लंदन जाने वाली फ्लाइट वापस दिल्ली
26 Mar, 2026 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: एअर इंडिया से जुड़ी एक और चिंता वाली खबर सामने आई है। गुरुवार दोपहर को एअर इंडिया की दिल्ली से लंदन के हीथ्रो जाने वाली उड़ान में तकनीकी खराबी आ गई। इसके कारण विमान को उड़ान भरने के घंटों बाद वापस दिल्ली लौटना पड़ा। इस घटना से यात्रियों को न केवल अप्रत्याशित असुविधा का सामना करना पड़ा बल्कि एयरलाइन के बेड़े में हाल ही में शामिल किए गए आधुनिक विमानों की हालत पर भी सवाल खड़े हो गए।
क्या है पूरा वाकया?
गुरुवार सुबह लगभग छह बजे, एअर इंडिया की उड़ान संख्या AI111 ने दिल्ली से लंदन के लिए उड़ान भरी थी। फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट Flightradar24.com पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, विमान जब सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र में था, तब इसे वापस मोड़ने का बड़ा निर्णय लिया गया। इस निर्णय से पहले विमान लगभग चार घंटे तक हवा में रह चुका था।
वापसी की यात्रा को मिलाकर, यह विमान कुल सात घंटे तक हवा में रहने के बाद दोपहर करीब 12:30 बजे दिल्ली हवाई अड्डे पर सुरक्षित वापस उतर गया। सूत्रों ने जानकारी दी है कि उड़ान के दौरान विमान के अंदर कुछ आवाजें सुनी गई थीं, जिसके बाद यह मार्ग बदलने का फैसला किया गया। इस उड़ान में कुल कितने यात्री सवार थे, फिलहाल इसकी सटीक जानकारी नहीं मिल पाई है।
एअर इंडिया ने आधिकारिक बयान में क्या कहा?
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए एअर इंडिया के प्रवक्ता ने बताया कि विमान की वापसी का फैसला एहतियात के तौर पर लिया गया। एक संदिग्ध तकनीकी खराबी सामने आने के बाद यह कदम उठाया गया। वक्ता ने कहा कि विमान सुरक्षित उतर गया है और एअर इंडिया के उच्च सुरक्षा मानकों के तहत इसकी विस्तृत तकनीकी जांच की जा रही है। प्रवक्ता ने बताया कि इस व्यापक जांच प्रक्रिया को पूरा करने में अतिरिक्त समय लगेगा। एयरलाइन ने यात्रियों को हुई इस अप्रत्याशित परेशानी के लिए खेद जताते हुए कहा है कि विमानन कंपनी उन्हें जल्द से जल्द लंदन पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।क्या जिस विमान में तकनीकी खराबी, वह पहले भी ऐसी घटना में शामिल रहा है?
एअर इंडिया ने इसी साल जनवरी 2024 से इन नए A350-900 विमानों का संचालन शुरू किया है। जिस विमान (VT-JRF) के साथ यह घटना हुई, उसका तकनीकी समस्याओं का पिछला रिकॉर्ड भी सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक, 15 मार्च को भी इसी विमान में तकनीकी खराबी आई थी। उस समय यह विमान न्यूयॉर्क से दिल्ली आ रहा था और तकनीकी समस्या के कारण इसे आयरलैंड के शैनन शहर की ओर डायवर्ट करना पड़ा था। एक ही विमान में इतने कम समय में दो बार तकनीकी खामी का आना, एयरलाइन के बेड़े के रखरखाव के नजरिए से ध्यान देने योग्य विषय है।
एअर इंडिया के लिए नए A350-900 विमानों में आ रही ये तकनीकी कमियां एयरलाइन के लिए परिचालन संबंधी चिंता का विषय बन सकती हैं। आगे चलकर, इस घटना की विस्तृत तकनीकी मूल्यांकन रिपोर्ट से ही खराबी के मूल कारण का पता चलेगा।
आंध्र प्रदेश बस हादसे पर शोक की लहर, प्रधानमंत्री कार्यालय ने की सहायता की घोषणा
26 Mar, 2026 06:23 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हैदराबाद। आंध्र प्रदेश के मार्कापुरम जिले में गुरुवार को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। एक निजी बस की एक ट्रक से टक्कर होने के बाद उसमें आग लग जाने से कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई। वहीं, 23 अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। बस दुर्घटना में मौतों पर तेलांगना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने दुख जताया है। इसके साथ ही उन्होंने हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया है।
मृतकों के परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं- रेवंत रेड्डी
रेवंत रेड्डी ने एक्स पर लिखा है, “मार्कपुरम में हुई बस दुर्घटना से गहरा सदमा लगा है। इस घटना में कई लोगों की मौत की खबर से गहरा दुख हुआ है। मृतकों के परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। घायलों को बेहतर चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने के लिए हम आंध्र प्रदेश सरकार के अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहे हैं। मैंने मुख्य सचिव रामकृष्ण राव को निर्देश दिया है कि वे तेलंगाना राज्य के निर्मल से आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जा रही इस बस दुर्घटना में मृतकों और घायलों का विवरण प्राप्त करें और युद्धस्तर पर राहत कार्य शुरू करने के लिए आंध्र प्रदेश के अधिकारियों के साथ समन्वय करें।”
मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका
दरअसल, आंध्र प्रदेश के मार्कपुरम जिले में रायवरम के पास गुरुवार सुबह 6:30 बजे एक निजी ट्रैवल बस की टिपर ट्रक से टक्कर हो गई, जिसमें 13 लोग जलकर मर गए और 15 अन्य घायल हो गए। आग लगने से दोनों वाहन पूरी तरह जल गए। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है क्योंकि कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। मृतकों और घायलों में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। बस हैदराबाद से प्रकाशम जिले के पामुरु आ रही थी। मृतक कनिगिरी और पामुरु के निवासी थे। टिपर कंक्रीट से लदा हुआ चिमाकुर्थी से मार्कपुरम जा रहा था। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल कर्मी मौके पर पहुंचे और बचाव व राहत कार्य शुरू किया। आग बुझाने के लिए दमकल की तीन गाड़ियां लगाई गईं।
देश में 60 दिन का तेल भंडार, सरकार ने कहा—ईंधन की कोई परेशानी नहीं
26 Mar, 2026 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने गुरुवार को साफ तौर पर कहा कि देश में पेट्रोलियम और एलपीजी (एलपीजी) की आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित और नियंत्रण में है। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे 'भ्रामक और दुष्प्रचार' पर ध्यान न दें, जिसका उद्देश्य बेवजह घबराहट पैदा करना है।
60 दिनों का स्टॉक उपलब्ध
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, भारत के पास कुल मिलाकर 74 दिनों की भंडारण क्षमता है, जिसमें से वर्तमान में लगभग 60 दिनों का स्टॉक उपलब्ध है। इसमें कच्चा तेल, पेट्रोलियम उत्पाद और भूमिगत रणनीतिक भंडारण (कवर्न) शामिल हैं। मंत्रालय ने बताया कि मध्य पूर्व संकट के 27वें दिन भी देश में कहीं भी पेट्रोल, डीजल या एलपीजी की कोई कमी नहीं है।
सरकार ने कहा, हर भारतीय के लिए लगभग दो महीने की निरंतर आपूर्ति उपलब्ध है, चाहे वैश्विक परिस्थितियां कैसी भी हों। साथ ही अगले दो महीनों के लिए कच्चे तेल की खरीद भी पहले ही सुनिश्चित कर ली गई है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि कुछ देशों में जहां ईंधन की कीमतों में भारी वृद्धि, राशनिंग, ऑड-ईवन नियम और पेट्रोल पंप बंद होने जैसी स्थिति है, वहीं भारत में ऐसी किसी भी आपातकालीन उपाय की जरूरत नहीं है।
पेट्रोल पंप मालिकों को राहत
सरकार की ओर से कहा गया है कि कुछ जगहों पर घबराहट में ईंधन खरीदने की घटनाएं सामने आईं, लेकिन सरकार ने इसे सोशल मीडिया पर फैलाए गए भ्रामक वीडियो का परिणाम बताया। इसके बावजूद सभी उपभोक्ताओं को ईंधन उपलब्ध कराया गया और तेल कंपनियों ने रातभर डिपो चलाकर सप्लाई बढ़ाई। सरकार ने पेट्रोल पंप मालिकों को राहत देते हुए क्रेडिट सीमा 1 दिन से बढ़ाकर 3 दिन कर दी है, ताकि कार्यशील पूंजी की कमी के कारण किसी भी पंप पर ईंधन की कमी न हो।मंत्रालय ने बताया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की मौजूदा स्थिति के बावजूद भारत को अपने 41 से अधिक वैश्विक आपूर्तिकर्ताओं से पहले की तुलना में अधिक कच्चा तेल मिल रहा है। देश की सभी रिफाइनरियां 100% से अधिक क्षमता पर चल रही हैं और अगले 60 दिनों के लिए कच्चे तेल की आपूर्ति पहले से तय है।
एलपीजी आपूर्ति भी पूरी तरह सुरक्षित
एलपीजी को लेकर भी सरकार ने किसी तरह की कमी से इनकार किया है। मंत्रालय के अनुसार, घरेलू उत्पादन में 40% की वृद्धि की गई है, जिससे रोजाना उत्पादन 50 हजार मीट्रिक टन(टीएमटी) तक पहुंच गया है, जो कुल आवश्यकता का 60% से अधिक है। अब आयात की दैनिक जरूरत घटकर 30 टीएमटी रह गई है। इसके अलावा, अमेरिका, रूस और ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों से 800 टीएमटी एलपीजी की खेप पहले से रास्ते में है, जो देश के 22 आयात टर्मिनलों पर पहुंचेगी।
सरकार ने कहा, लगभग एक महीने की एलपीजी आपूर्ति पूरी तरह सुनिश्चित है और अतिरिक्त खरीद लगातार जारी है। तेल कंपनियां रोजाना 50 लाख से अधिक सिलिंडर की आपूर्ति कर रही हैं। कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए व्यावसायिक सिलिंडरों का आवंटन 50% तक बढ़ाया गया है।
पीएनजी को बढ़ावा, लेकिन एलपीजी पर कोई असर नहीं
सरकार पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) को भी बढ़ावा दे रही है, क्योंकि यह सस्ता, सुरक्षित और पर्यावरण के लिए बेहतर है। भारत रोजाना 92 मिलियन क्यूबिक मीटर प्रति माह (एमएमएससीएमडी) गैस खुद पैदा करता है, जबकि कुल जरूरत 191 मिलियन क्यूबिक मीटर प्रति माह है, जिससे भारत एलपीजी की तुलना में गैस पर आयात के मामले में काफी कम निर्भर है। सिटी गैस नेटवर्क 2014 के 57 क्षेत्रों से बढ़कर 300 से अधिक क्षेत्रों तक पहुंच चुका है और घरेलू PNG कनेक्शन 25 लाख से बढ़कर 1.5 करोड़ से ज्यादा हो गए हैं। मंत्रालय ने साफ किया कि पीएनजी को बढ़ावा देने का मतलब यह नहीं है कि एलपीजी खत्म हो रही है। एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है।
न्यायिक प्रक्रिया पर ममता का बयान, प्रभावित लोगों की मदद का वादा
26 Mar, 2026 05:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को कहा कि तृणमूल कांग्रेस उन मतदाताओं को कानूनी सहायता प्रदान करेगी, जिनके नाम चल रही न्यायिक प्रक्रिया के दौरान हटा दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने बुधवार दोपहर पश्चिम बर्दवान जिले के पांडवेश्वर में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा, "जिन वोटरों के नाम न्यायिक प्रक्रिया में हटा दिए जाएंगे, उन्हें तृणमूल कांग्रेस की तरफ से कानूनी मदद दी जाएगी। हम उनके लिए वकीलों का इंतजाम करेंगे।" उनकी यह घोषणा भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) की उस जानकारी के एक दिन बाद आई है, जिसमें बुधवार शाम को बताया गया था कि न्यायिक प्रक्रिया के लिए भेजे गए 60 लाख मामलों में से, मंगलवार रात तक 32 लाख मामलों की प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी, और उन 32 लाख मामलों में से लगभग 40 प्रतिशत मामले ऐसे पाए गए जिन्हें हटाया जा सकता है। हालांकि, न्यायिक प्रक्रिया से हटाए गए इन वोटरों को, इस काम के लिए बनाए गए 19 अपीलीय ट्रिब्यूनलों में से किसी एक के पास जाने का मौका मिलेगा। इस मौके पर बोलते हुए, मुख्यमंत्री ने एक बार फिर कहा कि पश्चिम बंगाल की महिलाओं को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का मुकाबला करने के लिए खास पहल करनी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा, "वे हम पर चाहे जैसे भी हमले करें, लेकिन आखिर में जीत तृणमूल कांग्रेस की ही होगी। इस प्रक्रिया में महिलाओं को आगे बढ़कर मुख्य भूमिका निभानी होगी।"उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा चुनावी धांधली के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। उन्होंने कहा, "वे लॉकडाउन का सहारा भी ले सकते हैं, जैसा कि कोविड-19 महामारी के दौरान किया गया था। लेकिन हमें लड़ना आता है। अगर हम महामारी के दौरान लड़ पाए थे, तो हम अब भी लड़ पाएंगे।" उन्होंने पश्चिम बंगाल में होने वाले दो चरणों के विधानसभा चुनावों को 'कुरुक्षेत्र का महायुद्ध' भी बताया, जिसमें तृणमूल कांग्रेस पांडवों का और भाजपा कौरवों का प्रतिनिधित्व करती है। उन्होंने एलपीजी बुकिंग के नियमों को लेकर केंद्र सरकार पर भी हमला बोला और कहा, "कल मैंने सुना कि गैस बुकिंग की अवधि घटाकर 25 दिन कर दी गई है। मुझे नहीं पता कि यह सच है या नहीं; मुझे उन पर भरोसा नहीं है। आप 25 दिन से पहले बुकिंग नहीं कर सकते! अगर लोगों की गैस खत्म हो गई तो वे क्या करेंगे?"
पेट्रोल-डीजल और गैस संकट पर केंद्र की बड़ी समीक्षा बैठक
26 Mar, 2026 04:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार (27 मार्च) को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक करेंगे. ये मीटिंग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की जाएगी. सूत्रों के मुताबिक अनुमान लगाया जा रहा है कि मीटिंग के दौरान डीजल-पेट्रोल और LPG गैस सिलेंडर को लेकर समीक्षा हो सकती है. इसके साथ ही पश्चिम एशिया में जंग और भारत पर असर के बारे में चर्चा हो सकती है।
चुनावी राज्य नहीं होंगे शामिल
बताया जा रहा है कि इस बैठक में राज्यों में आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयारियों और योजनाओं पर चर्चा हो सकती है. मीटिंग का उद्देश्य ‘टीम इंडिया’ की भावना को बढ़ावा देना है ताकि आपस के तालमेल को सुनिश्चित किया जा सके. आज तक की रिपोर्ट के मुताबिक जिन राज्यों में चुनाव होना है, उनके मुख्यमंत्री मीटिंग में हिस्सा नहीं लेंगे. इन राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ अलग से कैबिनेट सचिवालय के माध्यम से बैठक होगी।
मुख्यमंत्रियों के साथ क्या बातचीत करने वाले हैं ?
मिडिल ईस्ट में तनाव के बाद पीएम मोदी ने लोकसभा और राज्यसभा में अपनी बात रखी थी. भाषण के दौरान उन्होंने कच्चा तेल और गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ‘मेड इन इंडिया’ के रोडमैप पर जोर दिया था. इसके साथ ही उन्होंने राज्यों को जमाखोरी रोकने के निर्देश दिए थे।
सर्वदलीय बैठक में रखी थी अपनी बात
इससे पहले बुधवार (25 मार्च) को सर्वदलीय बैठक का आयोजन किया गया था. देश में मौजूद हालात को लेकर मीटिंग में चर्चा हुई. केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा था कि ऐसे मुश्किल हालात में हम सभी को एक साथ खड़ा होना होगा. गैस और ऑइल संकट पर सरकार ने अपना पक्ष रखा और विपक्ष ने सुझाव दिया।
भ्रामक विज्ञापन मामले में सलमान खान की बढ़ी मुश्किलें, जांच के आदेश
26 Mar, 2026 04:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सलमान खान क्या होंगे गिरफ्तार? अदालत ने पान मसाला विज्ञापन मामले में पुलिस को दिया निर्देश
बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान पान मसाला के कथित भ्रामक विज्ञापन मामले में कानूनी घेराबंदी में फंसते नजर आ रहे हैं. जयपुर के जिला उपभोक्ता आयोग ने उनके खिलाफ जारी जमानती वारंट की तामील सुनिश्चित कराने के लिए पुलिस की विशेष टास्क फोर्स गठित करने के आदेश दिए हैं. आयोग ने निर्देश दिया है कि यह टीम मुंबई जाकर सलमान खान को वारंट तामील कराए. आयोग ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि यदि वारंट की तामील में बाधा उत्पन्न होती है या फिर 6 अप्रैल को सलमान खान के साथ पान मसाला कंपनी के निदेशक राकेश कुमार चौरसिया और दिनेश कुमार चौरसिया आयोग के समक्ष पेश नहीं होते हैं तो उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया जाएगा।
'सेलिब्रिटी कानून से ऊपर नहीं'
आयोग के अध्यक्ष जीएल मीणा और सदस्य सुप्रिया अग्रवाल व अजय कुमार की पीठ ने पुलिस महानिदेशक के माध्यम से जयपुर पुलिस आयुक्त और उपायुक्त को यह आदेश जारी किए हैं. यह आदेश परिवादी योगेन्द्र सिंह की ओर से दायर शिकायत पर पारित किया गया है. आयोग ने अपने आदेश में कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा है कि सेलिब्रिटी स्टेटस किसी भी व्यक्ति को कानून से ऊपर होने का अधिकार नहीं देता है. वारंट की तामील नहीं होना कानून का मखौल है और इससे उपभोक्ताओं का आयोगों पर विश्वास भी कमजोर होता है।
केसर होने के दावे पर किया मुकदमा
मामले की शुरुआत योगेंद्र सिंह के दायर परिवाद से हुई, जिसमें राजश्री पान मसाला के विज्ञापन पर पाबंदी लगाने की मांग की गई. शिकायत में कहा गया कि उत्पाद को केसर युक्त बताया जा रहा है, जबकि उसकी कीमत के आधार पर उसमें वास्तविक केसर होना संभव नहीं है, जिससे उपभोक्ताओं को गुमराह किया जा रहा है. इससे पहले भी इस मामले में सलमान खान और पान मसाला कंपनी को राहत नहीं मिली है. राज्य उपभोक्ता आयोग ने उनकी निगरानी याचिकाओं को खारिज करते हुए भ्रामक विज्ञापन के मामलों में सख्ती के संकेत दिए थे. साथ ही केंद्र और राज्य सरकार को यह सिफारिश भी की गई थी कि ऐसे मामलों को केवल केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण तक सीमित न रखकर राज्य उपभोक्ता आयोगों के दायरे में भी लाया जाए।
अचानक डाउन हुआ X, यूजर्स बोले- न खुल रहा ऐप, न दिख रही पोस्ट्स
26 Mar, 2026 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
X (Twitter)। इन दिनों कई जगहों पर ठीक से काम नहीं कर रहा है। यूजर्स ने शिकायत की है कि उन्हें अपनी फीड देखने, पोस्ट करने और दूसरे फीचर्स इस्तेमाल करने में परेशानी हो रही है। इंटरनेट आउटेज को ट्रैक करने वाली वेबसाइट Downdetector के अनुसार पिछले कुछ घंटों में अचानक शिकायतों की संख्या बढ़ गई। लगभग 46% यूजर्स को फीड देखने में दिक्कत हुई। करीब 34% यूजर्स को ऐप इस्तेमाल करने में समस्या आई। लगभग 14% यूजर्स को वेबसाइट खोलने में परेशानी हुई। इससे साफ है कि समस्या सिर्फ एक फीचर में नहीं, बल्कि पूरे प्लेटफॉर्म पर असर डाल रही है।
अलग-अलग देशों के यूजर्स भी परेशान
यूजर्स ने बताया कि उनकी टाइमलाइन पर कुछ भी लोड नहीं हो रहा है। कई लोगों ने कंटेंट पोस्ट करने और देखने दोनों में समस्या बताई। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार London सहित अलग-अलग देशों के यूजर्स ने भी इसी तरह की शिकायतें की हैं। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं है कि किन-किन देशों में यह समस्या ज्यादा है।
डाउन होते ही मीम्स की आई बाढ़
जैसे ही एक्स डाउन हुआ, यूजर्स ने मजाकिया मीम्स शेयर करने शुरू कर दिए। एक यूजर ने Josh Hazlewood के भारत आने की फोटो शेयर करके लिखा कि उनके आते ही एक्स डाउन हो गया। दूसरे यूजर्स ने Elon Musk से जुड़े मजेदार मीम्स भी शेयर किए।
अभी तक वजह साफ नहीं
फिलहाल इस आउटेज की असली वजह सामने नहीं आई है। कंपनी की तरफ से भी अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है। आमतौर पर ऐसे प्लेटफॉर्म कुछ घंटों में ठीक हो जाते हैं, लेकिन अगर समस्या बड़ी हो तो इसे ठीक होने में ज्यादा समय लग सकता है।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे आउटेज
हाल के दिनों में YouTube और Instagram जैसे प्लेटफॉर्म्स भी कई बार डाउन हो चुके हैं। इससे पता चलता है कि बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तकनीकी दिक्कतें आना अब आम बात होती जा रही है।
मामूली झगड़े का दर्दनाक अंत, पति ने पत्नी पर किया हमला
26 Mar, 2026 09:56 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सोनभद्र। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में चौंकाने वाली वारदात हुई है। यहां के बीजपुर क्षेत्र के महुआ वारी सीरसोती में मंगलवार देर रात पति-पत्नी के बीच हुए विवाद ने भयावह रूप ले लिया। आरोप है कि कन्हैया जाटव ने अपनी पत्नी सुमन जाटव के सिर पर लोहे की रॉड से वार कर दिया। इसके बाद सुमन के सिर तेजी से खून बहने लगा और अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
बता दें कि ये घटना मंगलवार रात लगभग 12 बजे की है, जब मोबाइल चलाने को लेकर कन्हैया और सुमन के बीच कहासुनी हुई। इस हमले में सुमन गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसके बाद परिजनों की सूचना पर डायल 112 मौके पर पहुंची और घायल को एनटीपीसी धन्वंतरी अस्पताल में ले जाया गया। यहां इलाज के दौरान रात लगभग डेढ़ बजे डॉक्टरों ने सुमन को मृत घोषित कर दिया।
गौरतलब है कि मृतका सुमन अपने पति के साथ ससुराल में रह रही थी। वह 2 बेटे और 2 बेटियों की मां थी। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि आरोपी पति एनटीपीसी बीजपुर में एक निजी कंपनी में कारपेंटर का काम करता है। मामले में आगे की जांच जारी है और क्षेत्र में स्थिति सामान्य बताई जा रही है। पुलिस ने कहा है कि दोषी से पूछताछ की गई है। हमारी टीम आगे की कार्रवाई कर रही है।
सीओ पिपरी हर्ष पांडेय ने बताया कि ग्राम महुआ बारी अंतर्गत थाना बीजपुर में एक पति-पत्नी के बीच में विवाद हो गया। इस घटना का तत्काल संज्ञान लेते हुए पीआरवी जब मौके पहुंची तो उन्हें यह पता चला कि कन्हैया जो म्योरपुर थाना अंतर्गत रहता है। उसका किसी बात को लेकर पत्नी सुमन से विवाद हो गया था। इसके बाद, उसने लोहे की रॉड को अपनी पत्नी के सिर पर मार दिया। बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
बस-ट्रक टकराने से आग, 13 लोग जिंदा जले; कई घायल
26 Mar, 2026 08:31 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मार्कापुरम। के पास रायवरम में यात्रियों से भरी बस की टिपर लॉरी से टक्कर हो गई, जिसमें करीब 13 लोग जिंदा जल गए. जबकि करीब 20 लोग घायल हैं. हादसा इतना भयावह था कि बस पूरी तरह जलकर खाक हो गई. फिलहाल, सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है और आपातकालीन सेवाएं मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में जुटी हैं. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, बस हरिकृष्णा ट्रैवल्स की है, जो तेलंगाना के निर्मल से नेल्लोर जा रही थी. हादसा सुबह करीब साढ़े 6 बजे के आसपास का है. हादसे के वक्त बस में करीब 40 लोग सवार थे. जब बस रायवरम के पास पहुंची तो उसकी ट्रक से जोरदार टक्कर हो गई. टक्कर लगने के बाद बस में आग लग गई, जो तुरंत ही पूरी बस को अपनी जद में ले लिया. बस धू-धूकर जल गई. जिसमें 13 लोगों की मौत हो गई 20 लोगों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
13 लोग जिंदा जले
मार्कापुरम के DSP नागराजू ने बताया, इस हादसे में 13 लोग जिंदा जल गए, और अब तक लगभग 20 घायलों को बचाकर अस्पताल पहुंचाया गया है. बचाव दल पीड़ितों की पहचान करने और उनके रिश्तेदारों की जानकारी जुटाने का काम कर रहे हैं. हादसा इतना भयावह है कि शव को निकालने में ही कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है. फिलहाल, राहत कार्य जारी है।
CM ने जताया दुख
हादसे को लेकर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने दुख जताया है. उन्होंने अधिकारियों के इस मामले की जानकारी ली है. संभावना है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है. सीएम ने आशंका को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को दुर्घटना के कारणों की गहन जांच करने और उसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
उत्तर सिक्किम: बारिश और भूस्खलन के कारण संपर्क कट, पर्यटकों की मुश्किल बढ़ी
26 Mar, 2026 07:01 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। सिक्किम के उत्तरी हिस्से में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते कई जगहों पर भूस्खलन हुआ है, जिससे सड़क संपर्क बुरी तरह प्रभावित हो गया है। सबसे ज्यादा असर चुंगथांग क्षेत्र में देखा गया, जहां प्रमुख सड़कों के बंद होने से आवागमन ठप हो गया है। भूस्खलन के कारण इलाके में करीब 200 पर्यटक फंस गए हैं। अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी।
मंगन जिले के कलेक्टर अनंत जैन ने बताया कि मंगलवार रात चुंगथांग-लाचेन मार्ग पर कई जगह भूस्खलन हुआ, जिसके चलते लाचेन जा रहे पर्यटक बीच रास्ते में ही रुक गए। प्रशासन ने फंसे हुए पर्यटकों के लिए तुरंत राहत की व्यवस्था की। उन्हें रात भर के लिए आईटीबीपी कैंप और गुरुद्वारे में ठहराया गया, जहां भोजन और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।
अधिकारियों के अनुसार, सीमा सड़क संगठन द्वारा सड़क बहाली का काम जारी है। मौसम को देखते हुए हालात की समीक्षा की जाएगी और मार्ग पूरी तरह सुरक्षित घोषित होने के बाद ही यात्रा की अनुमति दी जाएगी।
इस बीच, कुछ पर्यटक गंगटोक लौट गए हैं और उन्होंने अपनी यात्रा योजनाएं रद्द कर दी हैं। वहीं, लाचुंग मार्ग, जो मंगलवार रात बंद हो गया था, अब साफ कर दिया गया है और वहां से पर्यटकों को सुरक्षित गंगटोक भेज दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में रुक-रुक कर बारिश जारी है, जिससे स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
गौरतलब है कि लाचेन मार्ग को हाल ही में 9 मार्च को ही दोबारा खोला गया था, जो 2023 में आई विनाशकारी हिमनद झील विस्फोट से आई बाढ़ के बाद गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके अलावा, भारी बर्फबारी के चलते प्रमुख पर्यटन स्थल त्सोमगो झील और नाथूला दर्रा फिलहाल पर्यटकों के लिए बंद हैं।
कल से दिल्ली-NCR में आएगा मौसम का यू-टर्न, 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेगी हवा
25 Mar, 2026 11:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दिल्ली में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से अभी मौसम सुहावना बना रहेगा। 18 मार्च के बाद एक बार फिर से मौसम करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग ने इस सप्ताह चार दिन गरज चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश की चेतावनी दी है। मौसम विभाग का अनुमान है कि बृहस्पतिवार, शुक्रवार, रविवार और सोमवार को अलग-अलग इलाकों में तेज हवा के साथ बारिश हो सकती है। इससे तापमान में गिरावट आएगी।
मौसम विभाग के अनुसार, 28 मार्च को छोड़कर 26, 27, 29 और 30 मार्च को हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है। वहीं, मौसम विभाग की ओर से साझा किए गए ताजा अपडेट के अनुसार, इस सप्ताह 30 मार्च तक मौसम में उतार चढ़ाव देखा जाएगा। मौसम ज्यादातर गीला रहने से तापमान में भी किसी बड़े उछाल की संभावना नहीं है।
बुधवार को दिनभर तेज धूप के चलते लोगों को गर्मी का अहसास हुआ। हालांकि, हवा चलने से मौसम खुशनुमा रहा। लेकिन, सुबह से ही निकल रही धूप ने लोगों को खासा परेशान किया हुआ है। इस दौरान अधिकतम तापमान 33.5 और न्यूनतम तापमान 16.4 डिग्री दर्ज हुआ। दिल्ली में अधिकतम आर्द्रता 94 प्रतिशत और न्यूनतम आर्द्रता 33 प्रतिशत रही।
मौसम विभाग के अनुसार, रिज में 34, आया नगर में 33.7, लोधी रोड में 33.8 और पालम में 31.9 अधिकतम पारा दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अधिकारियों ने पहले ही ऐसी संभावना जताई थी, क्योंकि पहाड़ों पर लगातार बर्फबारी हो रही है। मौसम में आए इस बदलाव की वजह पश्चिमी विक्षोभ को बताया जा रहा है।
महिला आरक्षण बिल में संशोधन की तैयारी, सीटें बढ़ेंगी तो क्या बदलेगा सियासी गणित?
25 Mar, 2026 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। केंद्र सरकार संसद में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाले ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लागू करने की दिशा में एक नया संशोधन बिल लाने की तैयारी में है. इस कानून को 2023 में संसद ने पारित किया था, लेकिन इसके लागू होने को जनगणना और परिसीमन (डिलिमिटेशन) की प्रक्रिया से जोड़ दिया गया था. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अब सरकार इस प्रक्रिया को तेज करने के लिए नए विधायी कदमों पर विचार कर रही है. सरकार का उद्देश्य है कि महिलाओं को संसद और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देने का प्रावधान अगले आम चुनावों (2029) से पहले लागू किया जा सके. लेकिन इस प्रस्ताव के साथ ही कई राजनीतिक और संघीय सवाल भी उठ खड़े हुए हैं. इनमें खासतौर पर सीटों की संख्या बढ़ाने, दक्षिणी राज्यों के प्रतिनिधित्व और विपक्ष का रुख शामिल है।
जनगणना से पहले क्यों लाया जा रहा संशोधन?
अगर मौजूदा कानून की बात करें, तो इसके अनुसार महिलाओं के लिए आरक्षण तभी लागू होगा जब नई जनगणना के बाद परिसीमन किया जाएगा. लेकिन भारत में 2021 की जनगणना अभी तक नहीं हो पाई है, जिससे इस कानून के लागू होने में लंबी देरी हो सकती है. इसी कारण केंद्र सरकार इस आरक्षण को लागू करने के लिए जनगणना और परिसीमन से इसे आंशिक रूप से अलग करने के विकल्प तलाश रही है. लेकिन, सवाल ये उठता है कि इस संशोधन के लिए सरकार को दो तिहाई बहुमत की जरूरत है. ऐसे में क्या सरकार को विपक्ष का भरपूर सहयोग है? क्योंकि, बिना विपक्षी दलों के सहयोग के दो-तिहाई बहुमत मुमकिन नहीं है और यह पारित भी नहीं हो पाएगा. ऐसे में सरकार इतनी जल्दबाजी क्यों दिखा रही है?
5 राज्यों के चुनाव तो कारण नहीं?
इस सवाल के जवाब में वरिष्ठ पत्रकार उमेश चतुर्वेदी कहते हैं कि इतिहास में विरले घटना है, जब सरकार किसी कानून के लागू होने से पहले ही उसके संशोधन की प्रक्रिया शुरू कर रही है. इसका महत्वपूर्ण कारण पांच राज्यों के चुनाव हो सकते हैं. क्योंकि, पश्चिम बंगाल ऐसा राज्य है, जो भविष्य को पहले आत्मसात करता है, फिर पूरा भारत उसे अपनाता है. वहीं केरल में लिटरेसी रेट काफी ज्यादा है. ऐसे में ज्यादा गुंजाइश ये बनती है कि सरकार इन दोनों राज्यों में महिला वोटरों को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए इस संशोधन को जल्द से जल्द लाने की तैयारी कर रही है। उमेश चतुर्वेदी इसमें एक और एंगल जोड़ते हैं. उनका कहना है कि दक्षिण के राज्य जनगणना के बाद परिसीमन का विरोध करते रहे हैं. उनका दावा रहा है कि यदि जनगणना के बाद परिसिमन होता है तो दक्षिण की सीटें कम हो सकती हैं. क्योंकि, जनसंख्या नियंत्रण की मुहिम में दक्षिण के राज्यों ने काफी बेहतर भूमिका निभाई है. लिहाजा, उनके यहां उत्तर और पश्चिमी भारत के मुकाबले जनसंख्या कम है. लिहाजा, उनके सीटों की संख्या कम हो जाएगी. ऐसे में बीजेपी एक तीर से दो निशाने भी लगा सकती है. क्योंकि, इस संशोधन विधेयक के जरिए जनगणना से पहले सीटों का निर्धारण भी हो जाएगा और महिला आरक्षण का पताका बीजेपी लहरा रही है, उसे कायम भी रख लेगी।
विपक्ष ने सरकारी की टाइमिंग और नीयत पर सवार उठाए
महिला आरक्षण संशोधन विधेयक की सुगबुगाहट पर मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने कड़े तेवर दिखाए हैं. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसकी टाइमिंग और सरकार की नीयत पर सवाल खड़े कर दिए हैं. ऐसे में इसके समर्थन में कई अड़चनें अभी से दिखाई दे रही हैं. वैसे विपक्ष इस प्रस्ताव का पूरी तरह विरोध नहीं कर रहा है, लेकिन कई सवाल उठा रहा है. विपक्षी दलों ने मांग की है कि सरकार इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाए ताकि सभी पक्षों से चर्चा के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाए. कांग्रेस समेत कई दल यह भी चाहते हैं कि महिलाओं के आरक्षण में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए अलग उप-कोटा भी तय किया जाए।
संसद की सीटें कैसे और कितनी बढ़ेंगी?
इस योजना का सबसे बड़ा पहलू संसद और विधानसभाओं की सीटों की संख्या बढ़ाना है. अभी लोकसभा में कुल 543 सीटें हैं. प्रस्ताव है कि इसे लगभग 50 प्रतिशत बढ़ाकर 816 सीटों तक किया जाए. यदि यह प्रस्ताव लागू होता है तो कुल 816 सीटों में से लगभग 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी. इसका अर्थ यह है कि मौजूदा सांसदों की सीटें समाप्त किए बिना नए आरक्षण को लागू किया जा सकेगा। इसके साथ ही अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीटों की संख्या भी बढ़ेगी. इन आरक्षित सीटों में भी एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए तय होंगी. राज्य विधानसभाओं में भी लगभग 50 प्रतिशत सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव है, जिससे नए आरक्षण को लागू करना आसान हो सके।
दक्षिण के राज्यों को कैसे साधेगी सरकार?
इस प्रस्ताव का सबसे संवेदनशील पहलू दक्षिण भारत से जुड़ा है. दक्षिणी राज्यों को आशंका है कि यदि परिसीमन पूरी तरह जनसंख्या के आधार पर हुआ तो उत्तर भारत की जनसंख्या अधिक होने के कारण उनकी राजनीतिक हिस्सेदारी घट सकती है. इसी वजह से कई दक्षिणी राज्यों के नेता चाहते हैं कि सीटों की संख्या बढ़ाई जाए, लेकिन राज्यों के बीच मौजूदा प्रतिनिधित्व का अनुपात लगभग बरकरार रखा जाए।हालांकि इसके बीच कुछ नेताओं ने चेतावनी दी है कि केवल जनसंख्या के आधार पर परिसीमन करने से दक्षिण भारत के राज्यों की राजनीतिक ताकत कम हो सकती है, क्योंकि उन्होंने पिछले दशकों में जनसंख्या नियंत्रण में बेहतर प्रदर्शन किया है. इसलिए केंद्र सरकार के सामने चुनौती है कि वह सीटें बढ़ाते हुए उत्तर-दक्षिण संतुलन भी बनाए रखे, ताकि संघीय राजनीति में विवाद ना बढ़े।
सदन में सरकार को कितना समर्थन चाहिए?
यह संशोधन संविधान से जुड़ा होने के कारण इसे पारित कराने के लिए संसद में विशेष बहुमत की आवश्यकता होगी. यानी लोकसभा और राज्यसभा दोनों में उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के दो-तिहाई समर्थन की जरूरत होगी, साथ ही कुल सदस्य संख्या का भी बहुमत चाहिए होगा. इसके अलावा संविधान संशोधन होने के कारण कम से कम आधे राज्यों की विधानसभाओं से भी इसकी पुष्टि आवश्यक होगी. ऐसे में सरकार के लिए केवल अपने सहयोगियों के समर्थन से काम चलाना मुश्किल हो सकता है और विपक्षी दलों का सहयोग भी महत्वपूर्ण होगा।
300 रुपये देकर कराए फर्जी क्लेम, आयुष्मान योजना में 64 लाख का घोटाला
25 Mar, 2026 06:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), गुवाहाटी क्षेत्रीय कार्यालय की जांच में एक ऐसे मामले का खुलासा हुआ है, जिसमें फर्जी अस्पताल संचालकों ने असली 'आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना' के लाभार्थियों को अपने झांसे में फंसाया। उन्हें तीन सौ रुपये देकर फर्जी मरीज बनाया। अस्थायी अस्पताल में उनके फोटो खींचे। उसके बाद उन फोटो को विभाग की साइट पर अपलोड किया। यह दिखाया कि वे मरीजों का इलाज कर रहे हैं। आरोपियों ने सरकारी योजना के तहत मिलने वाली राशि हड़पने के लिए 778 नकली दावे तैयार किए। ऐसा कर उन्होंने 64 लाख रुपये की आपराधिक आय जुटा ली। ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत अंतरिम कुर्की आदेश (पीएओ) जारी कर असम के हैलाकांडी स्थित शिफा अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र के स्वामी मोबजिल हुसैन बरभुइया की लगभग 55.33 लाख रुपये की अचल संपत्तियों को कुर्क कर लिया है। यह मामला आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) के तहत बड़े पैमाने पर हुई धोखाधड़ी से संबंधित है। ईडी ने असम के हैलाकांडी पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर और आरोपपत्र संख्या के आधार पर इस मामले की जांच शुरु की है। ईडी की जांच में पता चला कि एबी-पीएमजेएवाई योजना के तहत सूचीबद्ध शिफा अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र, हैलाकांडी ने लाभार्थियों को कोई वास्तविक चिकित्सा उपचार प्रदान किए बिना ही 22.04.2019 से 05.11.2022 की अवधि के दौरान धोखाधड़ी से 64,10,780 रुपये के 778 फर्जी प्रतिपूर्ति दावे दायर किए। जब यह पता लगाने का प्रयास किया गया कि संबंधित अस्पताल अस्तित्व में है या नहीं, वहां का दौरा किया गया। घोषित पते पर अस्पताल का कोई अस्तित्व नहीं पाया गया। आरोपियों ने एक सुनियोजित धोखाधड़ी की रणनीति अपनाई, जिसके तहत आयुष्मान भारत कार्ड धारक लाभार्थियों को अस्थायी अस्पताल में बुलाया गया। उन्हें 300 रुपये के मामूली भुगतान के बदले अस्पताल के बिस्तरों पर लेटे हुए फोटो खींचे गए। इन फर्जी तस्वीरों को ट्रांजैक्शन मैनेजमेंट सिस्टम (टीएमएस) पोर्टल पर अपलोड करके उन चिकित्सा प्रक्रियाओं के फर्जी प्रतिपूर्ति दावे उत्पन्न किए गए। इन धोखाधड़ीपूर्ण दावों के आधार पर, अटल अमृत अभियान सोसाइटी (असम सरकार की राज्य स्वास्थ्य एजेंसी) द्वारा शिफा अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र के बैंक ऑफ इंडिया खाते में कुल 57.96 लाख रुपये जमा किए गए। ईडी की जांच में यह स्थापित हुआ कि ये धनराशि, जो पीएमएलए, 2002 की धारा 2(1)(यू) के तहत "अपराध की आय" मानी जाती है, नकद निकासी और यूपीआई हस्तांतरण के माध्यम से व्यवस्थित रूप से निकाल ली गई। जांच में यह भी पता चला है कि आरोपियों ने धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि की प्राप्ति के दौरान और उसके बाद, बिना किसी वैध आय स्रोत के, अचल संपत्ति के पांच भूखंड अधिग्रहित किए और दो बहुमंजिला इमारतों का निर्माण किया। इसके बाद ईडी ने अपराध की आय के रूप में प्राप्त 6 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है। इनमें पांच भूखंड और एक बहुमंजिला इमारत की एक मंजिल शामिल है, जिनका कुल मूल्य लगभग 55.33 लाख रुपये है।
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