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जहां चुनावी जीत में शामिल है जादू, भारत का अनोखा शहर
31 Mar, 2026 11:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। असम के ब्रह्मपुत्र तट पर बसा मायोंग गांव केवल एक भौगोलिक स्थान नहीं, बल्कि रहस्य, रोमांच और प्राचीन मान्यताओं का केंद्र है। इस गांव को अक्सर भारत की काले जादू की राजधानी कहा जाता है। गुवाहाटी से करीब 50 किलोमीटर दूर गांव अपनी तंत्र विद्या और जादू के दावों के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। वहीं चुनावी माहौल में मायोंग की भूमिका अलग होती है। यह गांव जागीरोड विधानसभा सीट के अंतर्गत आता है, जहाँ भाजपा के वरिष्ठ नेता और मंत्री पीजूष हजारिका सक्रिय हैं। स्थानीय तांत्रिकों और गांव वालों का दावा है कि चुनाव के समय कई नेता केवल विकास के वादे करने नहीं आते, बल्कि अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए यहां टोटके और तंत्र साधना करते हैं। तांत्रिकों का कहना है कि नेता अक्सर रात में गुपचुप तरीके से आते हैं और विशेष पूजा कराते हैं। हालांकि, तांत्रिक केवल सकारात्मक कार्यों के लिए अपनी विद्या का उपयोग करते हैं और किसी को नुकसान पहुँचाने वाले उपायों को अस्वीकार कर देते हैं।
मायोंग का इतिहास खौफनाक किंवदंतियों से भरा है। कहा जाता है कि 1337 में दिल्ली के सुल्तान मुहम्मद शाह की एक लाख घुड़सवारों की सेना मायोंग के जंगलों में जादू के प्रभाव से गायब हुई थी। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार यहां के मंत्र इतने शक्तिशाली हैं कि वे किसी इंसान को हवा में गायब कर सकते हैं या बकरी या मुर्गा बना सकते हैं। गांव के संग्रहालय में रखी पुरानी तलवारें और तांबे की प्लेटें, जिन पर गुप्त मंत्र अंकित हैं, इन दावों की गवाही देती हैं। करीब तीन हजार की आबादी वाले इस गांव की खासियत यह है कि लगभग हर घर में कोई न कोई तांत्रिक या ओझा मौजूद है। पीढ़ियों से यह विद्या संरक्षित की जा रही है। स्थानीय निवासी जो पेशे से दुकानदार हैं, अपने घर में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति का रिकॉर्ड डायरी में रखते हैं। लोग यहां शारीरिक और मानसिक समस्याओं का इलाज मंत्रों और लकड़ी के सूप के माध्यम से करवाते हैं, न कि आधुनिक दवाओं से। आज भी मायोंग की साख कम नहीं हुई है। पास ही स्थित पोबितोरा वाइल्ड लाइफ सैंक्चुरी में आने वाले पर्यटक भी गांव की रहस्यमयी हवाओं का अनुभव करने आते हैं। मायोंग के लोग इसे डराने वाली चीज़ नहीं बल्कि अपनी संस्कृति और जीवन का हिस्सा मानते हैं और इसे एक कला के रूप में संरक्षित करना चाहते हैं।
आसमान में मंडराता खतरा: मिडिल-ईस्ट संघर्ष का भारत पर असर
31 Mar, 2026 10:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया के रेगिस्तान में गिरते मिसाइल और गरजते लड़ाकू विमानों की गूंज अब भारतीय वायुसेना के बेड़े में सन्नाटा पैदा कर रही है। यह महज एक संयोग नहीं, बल्कि आधुनिक युद्ध का वह क्रूर चेहरा है जहां सीमाएं आपस में जुड़ी नहीं होतीं, फिर भी एक देश की जंग दूसरे देश की सुरक्षा तैयारियों को बंधक बना लेती है। इजरायल-ईरान के बीच छिड़ा महायुद्ध भारत के स्वदेशी फाइटर जेट तेजस मार्क-1ए के लिए एक ऐसा अदृश्य अवरोध बन गया है, जिसने रक्षा गलियारों में चिंता की लकीरें खींच दी हैं। यह संकट अब केवल तेल की कीमतों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत की कॉम्बैट स्ट्रेंथ (युद्धक क्षमता) पर सीधा प्रहार है।
भारतीय वायुसेना वर्तमान में लड़ाकू विमानों की अपनी स्वीकृत संख्या (42 स्क्वाड्रन) के मुकाबले बेहद कम स्तर पर काम कर रही है। इस गैप को भरने के लिए स्वदेशी तेजस मार्क-1ए को गेम-चेंजर माना गया था। 180 विमानों का भारी-भरकम ऑर्डर एचएएल के पास है, लेकिन हकीकत यह है कि मार्च 2024 की डेडलाइन बीत जाने के बावजूद वायुसेना के हाथ अब तक खाली हैं। इस देरी की सबसे बड़ी और कड़वी वजह यह है कि तेजस का दिल (अमेरिकी इंजन) और उसकी आंखें (इजरायली रडार) दोनों ही इस वक्त युद्ध के मैदान में उलझे हुए हैं। अमेरिकी कंपनी जीई जो तेजस को एफ-404 इंजन सप्लाई करती है, वह इस समय वॉशिंगटन और यरूशलेम के रणनीतिक दबाव में है। यूक्रेन और मिडिल-ईस्ट के मोर्चों पर अमेरिकी लड़ाकू विमानों की बढ़ती सक्रियता के कारण जीई ने भारत को इंजन देना लगभग बंद कर दिया है। पिछले 90 दिनों से भारत को एक भी इंजन प्राप्त नहीं हुआ है, जबकि वादा हर महीने दो इंजन देने का था। अमेरिकी कंपनियां इस समय अपने घरेलू और इजरायली ऑर्डर्स को वॉर-प्रायोरिटी पर रख रही हैं, जिसका सीधा मतलब है कि भारत का प्रोजेक्ट उनकी प्राथमिकता सूची में सबसे नीचे खिसक गया है।
यही हाल इजरायली रडार सिस्टम का भी है। तेजस को दुनिया का सबसे घातक लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट बनाने वाला इजरायली ईएल/एम-2052 एईएसए रडार अब इजरायल की अपनी रक्षा जरूरतों के लिए रिजर्व कर लिया गया है। इजरायल इस समय अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है, ऐसे में उसकी कंपनियां भारत को रडार सप्लाई करने के बजाय अपनी सेना के लिए रडार और मिसाइल डिफेंस सिस्टम बनाने में जुटी हैं। यह स्थिति भारत के लिए एक कड़वा वेक-अप कॉल है। यह साबित हो गया है कि वैश्विक अस्थिरता के दौर में ग्लोबल सप्लाई चेन पर निर्भरता कितनी जोखिम भरी हो सकती है। जब दुनिया की महाशक्तियां जंग में उलझती हैं, तो वे अपने सहयोगियों के साथ हुए व्यापारिक करारों को दरकिनार करने में संकोच नहीं करतीं। भारत का तेजस प्रोजेक्ट इस समय उसी कोलेटरल डैमेज का शिकार हो रहा है, जो किसी भी समय हमारी वायुसेना की मारक क्षमता को कमजोर कर सकता है।
हाई कोर्ट का स्पष्ट आदेश: महिला की मायके की संपत्ति पर ससुराल का अधिकार नहीं
31 Mar, 2026 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने हिंदू उत्तराधिकार कानून की व्याख्या करते हुए एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि किसी महिला को उसके मायके (माता-पिता) से मिली संपत्ति पर उसके पति या ससुराल पक्ष का कोई अधिकार नहीं होता है यदि महिला की मृत्यु बिना संतान और बिना वसीयत के हो जाती है। अदालत ने कहा कि ऐसी स्थिति में संपत्ति महिला के पिता के उत्तराधिकारियों को ही जाएगी।यह निर्णय उन आम धारणाओं को स्पष्ट करता है जिनमें अक्सर माना जाता है कि पत्नी के नाम दर्ज हर संपत्ति पर पति का अधिकार होता है। अदालत ने स्पष्ट किया कि संपत्ति के स्रोत (मायका या ससुराल) और उत्तराधिकार कानून की धाराओं के आधार पर ही अधिकार तय होते हैं।
आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला
न्यायालय ने अपने फैसले में हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 की धारा 15(2)(क) का हवाला देते हुए कहा कि महिला को माता-पिता से प्राप्त संपत्ति की उत्तराधिकार श्रृंखला अलग होती है। यदि महिला निसंतान है और उसकी मृत्यु हो जाती है तो यह संपत्ति उसके पति को नहीं बल्कि उसके पिता के परिवार की ओर लौटती है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि पति को न सिर्फ उस संपत्ति पर अधिकार नहीं है, बल्कि वह उस संपत्ति से जुड़े वैधानिक निर्णयों को चुनौती देने का भी अधिकार नहीं रखता है क्योंकि उसे उस संपत्ति में कोई कानूनी हित प्राप्त नहीं होता।
क्या है मामला
यह विवाद एक पारिवारिक संपत्ति से जुड़ा था। एक महिला (नानी) ने वर्ष 2002 में अपनी एक पोती (श्रीविरिता) को संपत्ति गिफ्ट कर दी थी। उस पोती की 2005 में बिना संतान के मौत हो गई। इसके बाद नानी ने उसी संपत्ति को अपनी दूसरी पोती (चिक्कला देविका मनसा) के नाम कर दिया। नानी की मौत के बाद दूसरी पोती ने राजस्व रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराने का प्रयास किया, जिसे शुरुआत में स्वीकार भी कर लिया गया। लेकिन पहली मृत पोती के पति ने इस पर आपत्ति जताई और निचले अधिकारियों से अपने पक्ष में आदेश दिलवा लिया। इसके बाद दूसरी पोती ने आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट में याचिका दायर की याचिकाकर्ता की दलील थी कि चूंकि संपत्ति ननिहाल पक्ष से आई थी और मृत महिला निसंतान थी, इसलिए उसके पति को कोई अधिकार नहीं बनता। कोर्ट ने इस दलील को सही माना।
हाई कोर्ट का फैसला
हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद कहा कि चूंकि संपत्ति मायके पक्ष से आई थी और मृत महिला की कोई संतान नहीं थी, इसलिए मृत पोती के पति का उसपर कोई अधिकार नहीं बनता। अदालत ने निचले प्राधिकरण के आदेश को निरस्त करते हुए संबंधित तहसीलदार को निर्देश दिया कि संपत्ति याचिकाकर्ता (दूसरी पोती) के नाम दर्ज की जाए। कोर्ट ने साफ कहा कि मृत महिला के पति ने अपनी पत्नी से कोई कानूनी हक प्राप्त नहीं किया था इसलिए गिफ्ट डीड की वैधता पर सवाल उठाने का उसका कोई अधिकार नहीं था।
क्या कहता है कानून
हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम की धारा 15 सामान्यतया महिला की संपत्ति की उत्तराधिकार व्यवस्था तय करती है। लेकिन धारा 15(2)(a) एक विशेष प्रावधान है। यह कहता है कि अगर संपत्ति महिला को उसके पिता या माता से प्राप्त हुई हो और वह बिना किसी संतान के मर जाए तो ऐसी संपत्ति पिता के वारिसों (जैसे भाई-बहन या उनके वारिस) को जाएगी, न कि पति या उसके पक्ष को। यह प्रावधान मायके की संपत्ति को मूल परिवार की ओर लौटाता है।
तेजस प्रोजेक्ट पर महायुद्ध का असर: इंजन और रडार की आपूर्ति में कमी
31 Mar, 2026 07:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी भीषण युद्ध ने न केवल वैश्विक तेल बाजार में कोहराम मचाया है, बल्कि इसका गहरा और नकारात्मक असर भारत की सैन्य तैयारियों पर भी पड़ने लगा है। अमेरिका और इजरायल के एक महीने से अधिक समय से इस जंग में उलझे होने के कारण पूरी दुनिया में सप्लाई चेन बाधित हो गई है। इसका सबसे सीधा और बड़ा झटका भारतीय वायुसेना के महत्वाकांक्षी स्वदेशी फाइटर जेट तेजस मार्क-1ए प्रोजेक्ट को लगा है।
दरअसल, तेजस मार्क-1ए के निर्माण के लिए दो सबसे महत्वपूर्ण घटक इंजन और रडार क्रमशः अमेरिका और इजरायल से आने हैं। इस फाइटर जेट में अमेरिकी कंपनी जीई का एफ-404 इंजन लगाया जाना है। एचएएल और जीई के बीच इंजन आपूर्ति का बड़ा करार है, लेकिन वैश्विक परिस्थितियों और युद्ध के दबाव के कारण जीई इंजन की सुचारू आपूर्ति में बाधा आ रही है। यूक्रेन और मध्य-पूर्व के संकटों की वजह से कंपनी पर अमेरिकी और इजरायली वायुसेना के ऑर्डर्स को प्राथमिकता देने का भारी दबाव है। आलम यह है कि पिछले 90 दिनों से भारत को एक भी इंजन प्राप्त नहीं हुआ है, जबकि वादा हर माह दो इंजन देने का था। डिलीवरी में करीब दो साल की देरी के चलते अब तक वायुसेना को मिलने वाले 32 विमानों के मुकाबले एक भी जेट नहीं मिल सका है।
इंजन के साथ-साथ इजरायली रडार सिस्टम की आपूर्ति भी संकट में है। तेजस मार्क-1ए के शुरुआती बैच में इजरायली ईएल/एम-2052 एक्टिव इलेक्ट्रॉनिकली स्कैन्ड अरे रडार सिस्टम लगाया जाना तय हुआ था। यह रडार 150 से 200 किलोमीटर की रेंज में एक साथ 60 लक्ष्यों की पहचान करने में सक्षम है। चूँकि इजरायल खुद ईरान के साथ युद्ध में सीधे तौर पर उलझा हुआ है, इसलिए उसकी डिफेंस कंपनियां अपनी सेना की जरूरतों को पूरा करने को प्राथमिकता दे रही हैं। इसके परिणामस्वरूप, भारत को समय पर रडार की सप्लाई नहीं मिल पा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस युद्ध ने पूरे डिफेंस इकोसिस्टम को प्रभावित किया है। यदि यही स्थिति रही, तो इसका असर केवल तेजस तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भारत के भविष्य के एम्का प्रोजेक्ट पर भी पड़ सकता है, जिसके प्रोटोटाइप में जीई के 414 इंजन लगाए जाने हैं।
सख्त सजा: नाबालिग के साथ दुष्कर्म के आरोपी को 20 साल कैद और जुर्माना
31 Mar, 2026 05:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शिमला। हिमाचल प्रदेश के सोलन में कानून का कड़ा रुख देखने को मिला है। यहां की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक) कनिका चावला की अदालत ने एक नाबालिग लड़की का अपहरण करने और उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
अदालत ने दोषी को पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत 20 वर्ष का कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माना, आईपीसी की धारा 363 के तहत पांच वर्ष का कारावास व 10 हजार रुपये जुर्माना, और धारा 366 के तहत भी पांच वर्ष का कारावास व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। ये तीनों सजाएं एक साथ चलेंगी। यदि दोषी जुर्माने की राशि अदा नहीं करता है, तो उसे दो साल का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। अदालत द्वारा दोषी ठहराया गया व्यक्ति आसिफ अंसारी, उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरपुर जिले के रतनपुरी थाना क्षेत्र के ग्राम फुलत का निवासी है। वह सोलन में पीड़िता का पड़ोसी था। मामले की जानकारी देते हुए लोक अभियोजक पृथ्वी सिंह नेगी ने बताया कि यह घटना वर्ष 2021 की है। उस समय पीड़िता नाबालिग थी और सोलन में अपने परिवार के साथ किराये के मकान में रहती थी। आरोपी, जो पास के ही कमरे में रहता था, उसने पहले पीड़िता से जान-पहचान बढ़ाई और फिर शादी का झांसा देकर उसे चंडीगढ़ और सहारनपुर ले गया। वहां उसने पीड़िता के साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए। इस मामले की शिकायत महिला पुलिस थाना सोलन में दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद पुलिस ने तत्परता से जांच शुरू की। अभियोजन पक्ष ने अदालत में अपना पक्ष मजबूती से रखने के लिए कुल 11 गवाहों के बयान दर्ज कराए। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आसिफ अंसारी को पॉक्सो अधिनियम और आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी पाया।
हाईकोर्ट का फैसला: संतान को पेंशन का हक, चाहे जन्म अवैध रिश्ते से हुआ हो
31 Mar, 2026 04:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पहली पत्नी को कानूनी हकदार मानते हुए भी बेटी के अधिकार को दी मान्यता, फैसला बन सकता है नजीर
कोलकाता। कोलकत्ता हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है, कि अवैध रिश्ते से जन्मी संतान को भी पेंशन का अधिकार मिल सकता है। अदालत का यह निर्णय भविष्य में ऐसे मामलों के लिए एक अहम नजीर बन सकता है। यह मामला पूर्वी रेलवे में कार्यरत एक गेटमैन से जुड़ा था, जिसने अपनी पहली पत्नी को बिना तलाक दिए दूसरी शादी कर ली थी। रिटायरमेंट के बाद उसने अपनी सर्विस और पेंशन बुक में पहली पत्नी और बेटे के बजाय दूसरी पत्नी और उससे जन्मी बेटी का नाम दर्ज करा दिया।
पहली पत्नी ने इस फैसले को चुनौती देते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया। महिला का कहना था कि उसे मिर्गी की बीमारी के चलते पति ने छोड़ दिया और बिना जानकारी दिए दूसरी शादी कर ली। उसने यह भी आरोप लगाया कि 2012 के बाद से उसे कोई गुजारा भत्ता नहीं मिला, जबकि पहले उसे हर महीने 1000 रुपये देने का आदेश था। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष यह स्पष्ट हुआ कि दंपति के बीच कानूनी रूप से तलाक नहीं हुआ था। ऐसे में जस्टिस कृष्ण राव ने कहा कि पहली पत्नी ही कानूनी रूप से पेंशन की हकदार है।
हालांकि अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि दूसरी शादी भले ही हिंदू विवाह अधिनियम के तहत वैध नहीं मानी जा सकती, लेकिन उस संबंध से जन्मी संतान के अधिकारों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने आदेश दिया कि दूसरी पत्नी से जन्मी 15 वर्षीय बेटी का नाम भी सर्विस और पेंशन रिकॉर्ड में शामिल किया जाए। अदालत ने संतुलित दृष्टिकोण अपनाते हुए यह सुनिश्चित किया कि पहली पत्नी के अधिकार सुरक्षित रहें, साथ ही निर्दोष संतान को उसके अधिकारों से वंचित न किया जाए। इस फैसले को सामाजिक न्याय और संवेदनशीलता के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
देहरादून में हत्याकांड और फायरिंग मामले में कार्रवाई, चार गिरफ्तार और बार पर लगाया ताला
31 Mar, 2026 03:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
देहरादून: 30 मार्च सुबह राजपुर थाना क्षेत्र में हुई फायरिंग में रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी की मौत मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस की मानें तो आरोपियों में जेंजी क्लब (ZEN-Z) के मालिक संदीप और मुख्य आरोपी आदित्य भी शामिल हैं. जबकि, चार आरोपी फरार हैं, जिनकी पुलिस तलाश कर रही है.
क्या था मामला? दरअसल, 30 मार्च को सुबह करीब 6:50 बजे पुलिस कंट्रोल रूम को जोहड़ी गांव में फायरिंग की सूचना मिली थी. घटना की सूचना पर देहरादून एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल, एसपी सिटी समेत अन्य अधिकारी तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे. घटना के संबंध में जानकारी जुटाने पर पता चला कि मसूरी रोड पर मालसी के पास गाड़ी को पास न देने को लेकर एक दिल्ली नंबर की फॉर्च्यूनर कार और एक स्कॉर्पियो कार में सवार लोगों के बीच विवाद हो गया था, जिसमें स्कॉर्पियो सवार लोगों ने फॉर्च्यूनर कार का पीछा करते हुए उसे रुकवाने के लिए उसके टायरों पर फायरिंग की.
फायरिंग की घटना में दुर्घटनावश सड़क पर मॉर्निंग वॉक कर रहे रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश कुमार जोशी (उम्र 74 वर्ष, पुत्र गिरीश चंद्र जोशी, निवासी तुला अपार्टमेंट जोहड़ी गांव, राजपुर देहरादून) को गोली लग गई. उनके साथी उन्हें तत्काल उपचार के लिए मैक्स अस्पताल लेकर गए, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई.
उधर, घटना में शामिल फॉर्च्यूनर कार राजकीय प्राथमिक विद्यालय जोहड़ी गांव के पास अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई, जिसके बाद स्कॉर्पियो कार में सवार लोगों ने फॉर्च्यूनर में सवार लोगों के साथ मारपीट कर उनकी कार को क्षतिग्रस्त कर दिया. इस घटना में फॉर्च्यूनर कार में सवार 2 लोगों को चोटें आई, जिन्हें कार में बैठे उनके 2 अन्य साथियों ने उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया. घटना के बाद स्कॉर्पियो कार में सवार सभी लोग मौके से फरार हो गए थे.
उधर, घटना के संबंध में मृतक मुकेश कुमार जोशी के साडू भाई राकेश कुमार उप्रेती ने पुलिस में तहरीर दी. जिसके आधार पर थाना राजपुर पर मुकदमा दर्ज किया. इसी बीच एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल समेत अन्य अधिकारियों ने अस्पताल जाकर घटना से संबंधित घायल लोगों से जानकारी जुटाई.
घटना की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की धरपकड़ के लिए तत्काल अलग-अलग टीमों का गठन किया गया. साथ ही पूरे जिले में नाकेबंदी कर सघन चेकिंग अभियान चलाया गया. गठित टीमों ने घटनास्थल व आसपास आने जाने वाले मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से घटना में शामिल आरोपियों के संबंध में जानकारी जुटाई.
घटना के संबंध में जानकारी जुटाने के बाद पुलिस ने फार्च्यूनर कार में सवार घायल युवकों के साथियों रोहित कुमार और मौ. अखलाक को पूछताछ के लिए चौकी लाया गया. उन्होंने पहले वाहन को पास न देने को लेकर हुई रोड रेज की घटना दिखाने का प्रयास किया, लेकिन यह बात पुलिस के गले नहीं उतरी. जब पुलिस ने दोनों युवकों से सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने सच उगल दिया.
रोहित और अखलाख ने बताया गया कि वो दोनों कुठालगेट स्थित जेनजी (ZEN Z) बार में काम करते हैं. बीती 29 मार्च की रात उनके बार में आए शांतनु त्यागी, आदित्य चौधरी, कविश त्यागी और उनके अन्य साथियों का बार में काम करने वाले युवक मोहित अग्रवाल के साथ बिल कम करने को लेकर विवाद हो गया था. विवाद के बाद उन्होंने (बार कर्मी रोहित और अखलाख ने) आदित्य चौधरी के वाहन स्कार्पियो का पिछला शीशा फोड़ दिया था. इस घटना के बाद आदित्य चौधरी और उसके साथी उन्हें देख लेने की धमकी देकर मौके से चले गए.
रात में हुए विवाद के दौरान उनके (बार कर्मी रोहित और अखलाख) मोबाइल व चार्जर बार में ही छूट गए थे, जिन्हें लेने के लिए वो बार मालिक संदीप कुमार की फार्च्यूनर कार से बार तक गए. इस दौरान गोली रेस्टोरेंट के पास आदित्य चौधरी और उसके साथियों ने उन्हें कार में जाता देख रोकने का प्रयास किया और उन्हें रोकने के लिए अपने स्कार्पियो वाहन से उनका पीछा किया. वाहन को रुकवाने के दौरान दोनो पक्षों के बीच आपसी फायरिंग हुई.
इसी बीच जोहड़ी गांव के पास फार्च्यूनर कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई. स्कार्पियो कार में सवार आदित्य चौधरी व उसके साथियों के पास आटोमैटिक पिस्टल होने के कारण दोनों आरोपी फार्च्यूनर कार सवार बार कर्मी रोहित और अखलाख मौके पर अपने साथियों को छोड़कर जंगल की ओर भाग गए. इस घटना में एक राह चलते व्यक्ति मुकेश जोशी को गोली लगने और मौके पर पुलिस के आ जाने के कारण दोनों आरोपियों ने अपने पास रखे तमंचों व कारतूस को पास की झाड़ियों में फेंक दिया. आरोपियों ने पुलिस को रोड रेज के चलते घटना के होने की झूठी जानकारी दी.
पूछताछ के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों रोहित और अखलाख (बार कर्मी) को मौके से गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर जोहड़ी गांव में सड़क किनारे झाड़ियों से घटना में इस्तेमाल किए गए 2 देसी तमंचे और 4 जिंदा कारतूस बरामद किए गए. आरोपियों को घटना में इस्तेमाल तमंचे उपलब्ध कराने पर बार के मालिक संदीप कुमार को गिरफ्तार किया गया. साथ ही आरोपी संदीप के बार ZEN Z को बंद कराते हुए उसे सील कर दिया है. साथ ही लाइसेंस निरस्तीकरण के लिए जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी जा रही है.
रायपुर से आदित्य चौधरी गिरफ्तार: आरोपियों से पूछताछ के आधार पर सामने आए स्कार्पियो वाहन सवार लोगों की तलाश के लिए पुलिस ने सघन चेकिंग अभियान चलाया. जिसके तहत घटना में इस्तेमाल स्कार्पियो वाहन को डोईवाला क्षेत्र में थानो रोड पर एकांत स्थान पर जंगल से बरामद किया गया. साथ ही घटना में शामिल एक आरोपी आदित्य चौधरी को ननूरखेडा, रायपुर से गिरफ्तार किया गया. अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर दबिशें दे रही है.
पूछताछ में आरोपी आदित्य चौधरी ने बताया कि 29 मार्च की रात वो अपने अन्य साथियों शांतनु त्यागी, कविश त्यागी, समीर चौधरी, वैभव और एक अन्य साथी के साथ ZEN Z बार में गया था. जहां बिल कम करने को लेकर उनका बार में काम करने वाले युवकों से झगड़ा हो गया. इसी बीच बार में कार करने वाले युवकों ने उनके स्कार्पियो वाहन का शीशा तोड़ दिया. मौके पर अन्य लोगों के बीच-बचाव में करने पर वो अपने साथियों के साथ वहां से चला गया.
30 मार्च की सुबह कुठालगेट क्षेत्र में अपने साथियों के साथ घूमने के दौरान उन्हें फार्च्यूनर कार में बार में काम करने वाले युवक दोबारा दिखाई दिए, जिन्हें सबक सिखाने के लिए उन्होंने फार्च्यूनर रोकने का प्रयास किया. लेकिन उन्होंने अपने वाहन को मालसी से जोहड़ी गांव की ओर तेजी से भगा दिया. पीछा करने के दौरान उसके साथी शांतनु त्यागी ने उन्हें रोकने के लिए उन पर अपने पास रखी पिस्टल से फायर कर दिया. जिसके बाद फार्च्यूनर सवार युवकों ने भी उनके ऊपर भी अपने पास रखे तमंचों से जवाबी फायर किया.
जोहड़ी गांव के पास फार्च्यूनर कार पेड़ से टकरा गई, जिस पर आरोपी आदित्य चौधरी और उसके साथियों ने अपने स्कार्पियो में रखे लोहे की रॉड और लाठी डंडों से फार्च्यूनर में बैठे 2 व्यक्तियों पर हमला कर दिया. इस दौरान फार्च्यूनर सवार 2 अन्य लोग मौके से फरार हो गए. घटना के बाद आरोपी देहरादून से बाहर भागने की फिराक में थे, लेकिन पुलिस की सघन चेकिंग के चलते वो जिले की सीमा से बाहर नहीं जा पाए. ऐसे में उन्होंने अपने स्कार्पियो को डोईवाला क्षेत्र में थानो रोड पर जंगल में एक एकांत स्थान पर छिपा दिया. वहां से अकेले-अकेले और अलग-अलग माध्यमों से फरार हो गए.
गिरफ्तार आरोपियों के नाम-
रोहित कुमार पुत्र राकेश कुमार (उम्र 20 वर्ष), निवासी- मोहन गार्डन, उत्तम नगर, दिल्ली-
फार्च्यूनर सवार बार कर्मी
मौ. अखलाक उर्फ साबिर पुत्र मौ. सगीर (उम्र 23 वर्ष), निवासी- बेहलोता, थाना मोरकाही, जिला खगड़िया, बिहार-
फार्च्यूनर सवार बार कर्मी.
संदीप कुमार पुत्र जगदीश सिंह (उम्र 43 वर्ष), निवासी- अमर कॉलोनी, मुण्डका नागलोई, पश्चिमी दिल्ली-
(बार संचालक).
आदित्य चौधरी पुत्र अंकुर चौधरी (उम्र 20 वर्ष), निवासी- ननूरखेडा नालापानी, रायपुर, देहरादून-
(स्कार्पियो सवार).
फरार आरोपियों के नाम-
शांतनु त्यागी-
(स्कार्पियो सवार).
कविश त्यागी-
(स्कार्पियो सवार).
समीर चौधरी-
(स्कार्पियो सवार).
वैभव-
(स्कार्पियो सवार).
आरोपियों से बरामद असलहे और गाड़ी-
2 तमंचे 315 बोर
जिंदा कारतूस- 4
खोखा कारतूस- 2
बिना नंबर प्लेट की स्कार्पियो
"Gen-Z बार बीती 29 की सुबह 2 से 2.30 बजे तक खुला था. इसके बाद सुबह पौने 4 बजे के आस पास बिल कम कराने को लेकर बार में झगड़ा हुआ था. इस दौरान कल्ब संचालकों ने ग्राहकों के स्कॉर्पियो में तोड़फोड़ की. जिसका बदला सुबह उजाला होने पर लेने की योजना बनाई. सुबह करीब साढ़े 6 बजे के आस पास ओवरटेक कर फायरिंग की. इसी दौरान मार्निंग वॉक पर निकले मुकेश जोशी को गोली जा लगी. इस दौरान 8 से 9 राउंड फायरिंग हुई. असलहों के कोई लाइसेंस नहीं हैं. जिसे जब्त कर लिया गया है."
- प्रमेंद्र डोबाल, एसएसपी, देहरादून
सीएम नीतीश का प्रतिक्रिया: मघड़ा मंदिर हादसे में राहत एवं मुआवजे के निर्देश
31 Mar, 2026 03:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मघड़ा मंदिर हादसा: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नालंदा जिले के बिहारशरीफ स्थित मघड़ा शीतला देवी मंदिर में हुई भगदड़ की घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने इस हादसे को अत्यंत पीड़ादायक बताते हुए कहा कि वे इस घटना से व्यक्तिगत रूप से मर्माहत हैं। उन्होंने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की है और घायलों की त्वरित सहायता के लिए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं।
मुआवजे का ऐलान
मुख्यमंत्री ने हादसे में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं के आश्रितों के लिए तत्काल आर्थिक मदद की घोषणा की है। सरकारी आदेश के अनुसार आपदा प्रबंधन विभाग से प्रत्येक मृतक के परिवार को 4 लाख रुपये दिए जाएंगे। वहीं, मुख्यमंत्री राहत कोष से अतिरिक्त 2 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। इस तरह से प्रत्येक पीड़ित परिवार को 06-06 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
घायलों के इलाज के लिए मॉडल अस्पताल को निर्देश
हादसे में घायल हुए श्रद्धालुओं का इलाज वर्तमान में बिहारशरीफ के मॉडल अस्पताल में चल रहा है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया है कि घायलों के इलाज में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है और जरूरत पड़ने पर उन्हें बेहतर चिकित्सा केंद्रों में शिफ्ट करने का भी विकल्प खुला रखने को कहा है।
वरीय अधिकारी मौके पर, राहत कार्य तेज
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश के तुरंत बाद वरीय अधिकारी और जिला प्रशासन की टीम घटनास्थल पर पहुंच गई है। मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र में मची अफरा-तफरी को नियंत्रित कर लिया गया है। मुख्यमंत्री स्वयं पूरी स्थिति की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और उन्होंने अधिकारियों को घटना के कारणों की विस्तृत जांच करने का भी आदेश दिया है।
चैती मंगलवार के अवसर पर भीड़ में भगदड़, मघड़ा मंदिर में भारी जनहानि
31 Mar, 2026 12:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नालंदा : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा में चैती मेले का उत्सव एक दुखद घटना में बदल गया। मंगलवार को बिहारशरीफ के दीप नगर थाना क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध और पूजनीय मगरा शीतला मंदिर में जुटी भारी भीड़ के बीच अचानक भगदड़ मच गई। इस घटना में अबतक आठ महिला श्रद्धालुओं की जान चली गई है। आशंका जताई जा रही है कि मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है। इस घटना के बाद, मंदिर परिसर से लेकर मॉडल अस्पताल तक अफरा-तफरी और चीख-पुकार का माहौल छा गया है। प्रशासन इस वक्त राहत कार्यों में जुटा हुआ है। घटना के बाद पटना कमिश्नर को बिहारशरीफ भेजा गया है। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को जांच के निर्देश दिए हैं।
चैती मंगलवार को लेकर उमड़ी थी भीड़
आज चैत्र महीने का आखिरी मंगलवार है, इसी वजह से मंदिर में हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। सुबह से ही मंदिर में भीड़ लगने लगी थी। चश्मदीदों के अनुसार, मंदिर परिसर के अंदर पहले दर्शन करने की होड़ में धक्का-मुक्की शुरू हो गई और देखते ही देखते एक बड़ी भगदड़ मच गई। हालांकि अभी तक आधिकारिक रूप से भगदड़ मचने के कारण को लेकर कुछ नहीं कहा गया है।
सभी मृतक महिलाएं, दो की पहचान हुई
इस हादसे में जिन लोगों की जान गई, वे सभी महिलाएं हैं। अब तक हुई पहचान के अनुसार शकुंत बिहार निवासी दिनेश रजक की 50 वर्षीय रीता देवी और नूरसराय के रहने वाले कमलेश प्रसाद की 45 वर्षीय पत्नी रेखा देवी के रूप में हुई है। बाकी पीड़ितों की पहचान करने की कोशिशें अभी जारी हैं। इस बीच, छह से ज्यादा गंभीर रूप से घायल लोगों का इलाज बिहार शरीफ के मॉडल अस्पताल में चल रहा है।
भारी पुलिस तैनात
हादसे की जानकारी मिलते ही SDPO समेत जिले के सीनियर अधिकारी खुद मौके पर पहुंचे हैं। हालात पर काबू पाने के लिए घटनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। दीप नगर पुलिस थाने के जवान, प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्यों में सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं। मंदिर परिसर को खाली कराया जा रहा है। मंदिर प्रशासन की ओर से अभी तक इस घटना को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
गुजरात को मिला नया सांस्कृतिक तोहफा: पीएम मोदी ने खोला सम्राट संप्रति म्यूजियम
31 Mar, 2026 11:16 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Samrat Samprati Museum : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को गांधीनगर में सम्राट संप्रति संग्रहालय का उद्घाटन किया। सम्राट अशोक के पोते और जैन परंपरा में अहिंसा के प्रति समर्पण और जैन धर्म के प्रचार के लिए जाने जाने वाले सम्राट सम्प्रति के नाम पर स्थापित यह संग्रहालय जैन धर्म की समृद्ध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को प्रदर्शित करता है। महावीर जैन आराधना केंद्र परिसर में स्थित इस संग्रहालय में सात अलग-अलग भाग हैं। संग्रहालय में सदियों पुराने दुर्लभ अवशेष, जैन कलाकृतियां और पारंपरिक विरासत संग्रह संरक्षित और प्रदर्शित किए गए हैं।
संग्रहालय में 2000 से ज्यादा कलाकृतियां
इस संग्रहालय में 2000 से ज्यादा कलाकृतियां और पत्थर धातु की मूर्तियां हैं। संग्रहालय में जैन धर्म से जुड़ीं पांडुलिपियां और छोटे सिक्के सहेजकर रखे गए हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने इस सभी दुर्लभ चीजों को ध्यान पूर्वक देखा और इनके बारे में जानकारी प्राप्त की। इस संग्रहालय को बनाने में तकनीक और ऑडियो-वीडियो टूल का भी इस्तेमाल किया गया है। संग्रहालय की दीवारों पर सुंदर धार्मिक चित्र और चिन्ह भी उकेरे गए हैं।
साणंद में सेमीकंडक्टर संयंत्र का करेंगे उद्घाटन
प्रधानमंत्री अपने एक दिन के गुजरात दौरे पर हैं। वह साणंद में एक सेमीकंडक्टर संयंत्र का उद्घाटन करेंगे और 20,000 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे, उद्घाटन करेंगे एवं राष्ट्र को समर्पित करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने एक बयान में कहा कि दोपहर 12.34 बजे, मोदी अहमदाबाद के साणंद स्थित केन्स सेमीकॉन प्लांट का उद्घाटन करेंगे, जो इस संयंत्र में वाणिज्यिक उत्पादन की शुरुआत का प्रतीक होगा और यह भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर होगा।
विकास की कई परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे PM
बयान में कहा गया है कि इसके बाद, प्रधानमंत्री वाव-थराड जाएंगे, जहां शाम लगभग 4 बजे प्रधानमंत्री मोदी 20,000 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे, उनका उद्घाटन करेंगे और उन्हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इस अवसर पर वे एक सभा को संबोधित भी करेंगे। बयान में कहा गया है कि साणंद में सेमीकंडक्टर संयंत्र के उद्घाटन के साथ ही, संयंत्र में उन्नत इंटेलिजेंट पावर मॉड्यूल (आईपीएम) का वाणिज्यिक उत्पादन शुरू हो जाएगा। ये मॉड्यूल ऑटोमोटिव और औद्योगिक एक्लीकेशन के लिए महत्वपूर्ण घटक हैं।
उत्पादन क्षमता प्रतिदिन 63.3 लाख यूनिट होगी
बयान में कहा गया है कि प्रत्येक मॉड्यूल में 17 चिप शामिल हैं और इनकी आपूर्ति कैलिफोर्निया स्थित अल्फा एंड ओमेगा सेमीकंडक्टर (एओएस) को की जाएगी। बयान में कहा गया है कि संयंत्र के सभी चरण पूरे होने पर, इसकी उत्पादन क्षमता प्रतिदिन 63.3 लाख यूनिट होगी। बयान में कहा गया है कि इस संयंत्र का उद्घाटन इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण कदम है। बयान में कहा गया है कि माइक्रोन टेक्नोलॉजी के बाद, यह कार्यक्रम के तहत स्वीकृत परियोजनाओं में वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करने वाला दूसरा सेमीकंडक्टर संयंत्र होगा।
आंध्र में दिल दहला देने वाला मामला: शादीशुदा सैनिक ने महिला की हत्या की, पुलिस जांच जारी
31 Mar, 2026 10:58 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
विशाखापट्टनम: आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम से एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर दिया है। यहां भारतीय नौसेना के एक टेक्नीशियन ने अपनी ही प्रेमिका की नृशंस हत्या कर दी। हत्या के बाद शव के तीन टुकड़े किए और उन्हें घर के अलग-अलग हिस्सों में छिपा दिया। आरोपी की पहचान 30 वर्षीय चिंतदा रविंद्र के रूप में हुई है। वह आईएनएस डेगा पर तैनात है। पिछले दो साल से गजुवाका इलाके में एक किराए के फ्लैट में रह रहा था। रविंद्र की 28 वर्षीय पोलिपल्ली मौनिका से मुलाकात साल 2021 में एक डेटिंग ऐप के जरिए हुई थी। रविंद्र शादीशुदा है। उसकी पत्नी बच्चे पैदा होने के बाद अपने मायके गई थी। मौका देखकर उसने रविवार की दोपहर मौनिका को अपने फ्लैट पर बुलाया। उसके पहुंचने के कुछ देर बाद दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। आरोपी का दावा है कि मौनिका ने उससे 3.5 लाख रुपए लिए थे, उसने जब पैसे मांगे तो मौनिका उनके अवैध संबंध के बारे उसकी पत्नी को बताने की धमकी देने लगी। इसी विवाद में रविंद्र ने अपना आपा खो दिया। गुस्से में आकर उसने गला घोंटकर मौनिका की जान ले ली। जांच में सामने आया कि रविंद्र ने इस अपराध को छिपाने के लिए पहले से ही तैयारी शुरू कर दी थी। वो श्रीनगर के एक स्टोर में धारदार चाकू खरीदने गया था, लेकिन वहां नहीं मिलने पर उसने ऑनलाइन कटर और आरी ऑर्डर किए।
उस हथियार से उसने मौनिका के शव को तीन हिस्सों में काट दिया। कू्ररता की हद पार करते हुए उसने शव का एक हिस्सा फ्रिज के अंदर ठूंस दिया, जबकि दूसरा हिस्सा एक बोरी में भरकर बिस्तर के नीचे छिपा दिया। सिर और हाथों वाले तीसरे हिस्से को सुनसान इलाके में ले जाकर उसे जला दिया। जुर्म को छिपाने की तमाम कोशिशों के बावजूद रविंद्र का जमीर उसे कचोटने लगा, उसने अपने एक दोस्त को फोन किया और पूरी वारदात के बारे में बताया। दोस्त ने उसे भागने के बजाय पुलिस के पास जाने की सलाह दी। इसके बाद रविंद्र गाजुवाका पुलिस स्टेशन पहुंचा और अपना गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस जब फ्लैट के अंदर दाखिल हुई, तो वहां का नजारा देख उनके होश उड़ गए। मौके से खून से सने हथियार और शव के अवशेष बरामद किए गए।
कम विजिबिलिटी बनी वजह: शिरडी में लैंडिंग फेल, फ्लाइट सूरत भेजी गई
31 Mar, 2026 08:19 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शिर्डी: दिल्ली से शिर्डी जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट का सफर सोमवार रात (30 मार्च) को काफी डराने वाला रहा. दरअसल, दिल्ली से उड़ान भरने के बाद विमान अपने तय समय, यानी रात 8:00 बजे, शिर्डी पहुँच गया लेकिन, खराब मौसम की वजह से फ्लाइट पर बुरा असर पड़ा. कम विजिबिलिटी के कारण विमान को सुरक्षित रूप से लैंड कराना संभव नहीं हो पाया.
आखिर हुआ क्या था?
इंडिगो की फ्लाइट दिल्ली से शिरडी के लिए अपने तय समय पर रवाना हुई. रात 8:00 बजे शिरडी एयरपोर्ट के पास पहुँचने पर, पायलट ने विमान को लैंड कराने की कोशिश की लेकिन, खराब मौसम की वजह से यह कोशिश नाकाम रही.इसके बाद विमान को नासिक के ऊपर साथ ही छत्रपति संभाजीनगर जिले के वैजापुर और येओला इलाकों में 'होल्डिंग पैटर्न' (हवा में चक्कर लगाते रहने) में रहने का निर्देश दिया गया. इस उम्मीद में कि मौसम बेहतर हो जाएगा, विमान कुछ समय तक उस इलाके में चक्कर लगाता रहा.
लोगों में चिंता का माहौल
इस बीच विमान के काफी कम ऊँचाई पर चक्कर लगाने की वजह से स्थानीय नागरिकों में डर का माहौल बन गया. विमान से आ रही तेज आवाज और उसकी कम ऊँचाई को देखकर लोगों को शक हुआ कि शायद कुछ गंभीर गड़बड़ी हो गई है. नतीजतन, नागरिकों ने इस मामले को लेकर नासिक और छत्रपति संभाजीनगर के एयरपोर्ट प्रशासन से संपर्क किया.इसके जवाब में प्रशासन ने स्पष्ट किया कि विमान में किसी भी तरह की कोई तकनीकी खराबी नहीं थी. खराब विजिबिलिटी (कम दिखाई देने) के कारण लैंडिंग संभव नहीं थी. इसके अलावा, नागरिकों से शांत रहने का आग्रह किया गया.मौसम की स्थिति में कोई सुधार न होने पर काफी देर तक इंतजार करने के बाद और ईंधन की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए पायलट ने आखिरकार विमान को सूरत हवाई अड्डे की ओर मोड़ने का फैसला किया. इसके बाद विमान को सूरत में सुरक्षित रूप से उतारा गया, जहां उसमें ईंधन भरने का काम पूरा किया गया. फिर मौसम साफ होने के बाद विमान शिरडी पहुँचा.
गुजरात में पीएम मोदी की पेशकश: सेमीकंडक्टर प्लांट का उद्घाटन, जनता को 20,000 करोड़ की राहत
31 Mar, 2026 07:59 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को गुजरात दौरे पर रहेंगे। यहां वो जनता को सेमीकंडक्टर प्लांट की सौगात देने वाले हैं। आज वो इस प्लांट का उद्घाटन करेंगे। इसे गुजरात के साणंद में बनाया गया है। इसके अलावा पीएम मोदी 20000 करोड रुपए से ज्यादा की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास करने वाले हैं।जिस सेमीकंडक्टर प्लांट का उद्घाटन किया जाने वाला है, यह उन्नत इंटेलिजेंट पावर माड्यूल का वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करेगा। सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में उठाया गया भारत का यह महत्वपूर्ण कदम है। इससे वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति मजबूती से दिखाई देगी।
कैसा है पीएम मोदी का प्लान
प्रधानमंत्री सुबह 10 बजे गांधीनगर में सम्राट संप्रति संग्रहालय का उद्घाटन करने के बाद एक जनसभा को संबोधित करेंगे। पीएमओ कार्यालय की औषधि की जानकारी के मुताबिक 12:34 पर अहमदाबाद के साणंद स्थित कैंस सेमीकंडक्टर प्लांट का उद्घाटन किया जाएगा। यह सेमीकंडक्टर बनाने के क्षेत्र में भारत के लिए मील का पत्थर साबित होगा। यह स्वीकृत की गई परियोजनाओं में वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करने वाला दूसरा संयंत्र होने वाला है।
केंद्र सरकार का अहम निर्णय: पेट्रोल पंपों से भी मिलेगा केरोसिन
30 Mar, 2026 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक तेल आपूर्ति में संभावित बाधाओं को देखकर केंद्र सरकार ने ऐतिहासिक निर्णय लिया है। अब राशन की दुकानों (पीडीएस) के पारंपरिक दायरे से बाहर निकलकर केरोसिन (मिट्टी का तेल) देश के चुनिंदा पेट्रोल पंपों पर मिलेगा। केंद्र सरकार का यह कदम घरेलू ईंधन सुरक्षा सुनिश्चित करने और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को सुलभ बनाने की दिशा में उठाया गया है। मोदी सरकार ने आपूर्ति श्रृंखला को लचीला बनाने के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के कठोर नियमों में 60 दिनों की विशेष ढील दी है। इस नई नीति के तहत व्यवस्था कुछ इस प्रकार होगी। प्रत्येक जिले में राज्य सरकार या केंद्रशासित प्रदेश प्रशासन अधिकतम 2 पेट्रोल पंपों का चुनाव करेगा। इन्हीं पंपों के माध्यम से केरोसिन का भंडारण और वितरण किया जाएगा। इन चिह्नित पेट्रोल पंपों को अधिकतम 5,000 लीटर तक केरोसिन का स्टॉक रखने की अनुमति दी गई है। केरोसिन बांटने वाले एजेंटों और डीलरों को फिलहाल लाइसेंस लेने की अनिवार्य प्रक्रिया से छूट दी गई है। साथ ही, टैंकरों से तेल उतारने (सप्लाई) के नियमों को भी सरल बनाया गया है।
यह निर्णय मुख्य रूप से अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष के कारण लिया गया है। मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में जारी युद्ध की वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित होने की आशंका है। भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए घरेलू बाजार में किसी भी तरह की कमी को रोकने के लिए सरकार ने अभी से एहतियाती कदम उठाए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में देश के भीतर ईंधन की कोई किल्लत नहीं है। पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार सभी भारतीय रिफाइनरियां अपनी शीर्ष क्षमता पर कार्य कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है। घरेलू एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। प्रतिदिन औसतन 55 लाख से अधिक सिलेंडर डिलीवर किए जा रहे हैं। ऑनलाइन गैस बुकिंग का आंकड़ा 94 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जिससे वितरण में पारदर्शिता आई है। घरेलू उपभोक्ताओं को शत-प्रतिशत गैस आपूर्ति दी जा रही है, जबकि औद्योगिक और कमर्शियल सेक्टर को उनकी औसत खपत का 80 प्रतिशत आवंटित किया जा रहा है।
केंद्र सरकार ने राज्यों को अतिरिक्त 4.80 करोड़ लीटर केरोसिन आवंटित किया है ताकि एलपीजी की मांग को जरूरत पड़ने पर संतुलित किया जा सके। साथ ही, सिटी गैस कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे होटल और कमर्शियल संस्थानों में पीएनजी कनेक्शन का विस्तार करें। मोदी सरकार ने जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों पर ध्यान न दें। कुछ राज्यों में घबराहट के कारण पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी गई हैं, लेकिन प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि सप्लाई चेन पूरी तरह सुरक्षित है।
होर्मुज संकट से हड़कंप: Strait of Hormuz बंद होने से ऊर्जा आपूर्ति पर बड़ा खतरा
30 Mar, 2026 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। ईरान के साथ अमेरिका और इजरायल के हमलों की वजह से होर्मुज स्ट्रेट बंद है। इसकी वजह से मिडिल ईस्ट का तेल बाकी दुनिया में नहीं जा रहा है। हालात इसतरह के हैं कि तमाम देशों को घटते तेल स्टॉक का असर महसूस हो रहा है। प्रमुख अमेरिकी वित्तीय संस्था जेपी मॉर्गन ने पिछले हफ्ते जारी रिपोर्ट में चेतावनी दी है कि जैसे-जैसे यह झटका पश्चिम की ओर बढ़ेगा, एशिया पर इसका असर सबसे पहले पड़ेगा। रिपोर्ट के अनुसार अगला नंबर अमेरिका और यूरोप का होगा। आमतौर पर, फारस की खाड़ी से तेल का शिपमेंट 10 से 20 दिनों में एशिया पहुंचता है। करीब 20 से 35 दिनों में यूरोप और अफ्रीका और फिर आखिर में करीब 35 से 45 दिनों के बाद अमेरिका पहुंचते हैं। मॉर्गन की रिपोर्ट में कहा गया है कि पश्चिम की ओर बढ़ रही सप्लाई में रुकावट की वजह से एशिया को सबसे पहले दबाव महसूस होगा। आखिरी तेल टैंकर 28 फरवरी को स्ट्रेट से निकला था और युद्ध से पहले ये आखिरी शिपमेंट ज्यादातर खत्म हो चुके हैं।
दक्षिण-पूर्व एशिया पर खास तौर पर बुरा असर पड़ेगा। इस इलाके में तेल एक्सपोर्ट में महीने-दर-महीने 41 फीसदी की गिरावट का जिक्र कर रिपोर्ट में कहा गया, “तेल से संबंधित मुख्य चुनौती कीमत से फिजिकल कमी में बदल गई है। दक्षिण पूर्व एशिया के बाद स्थिति से अफ्रीका प्रभावित होगा, जिसका असर अप्रैल की शुरुआत तक और बढ़ जाएगा, हालांकि यह लोकल स्टॉक लेवल और देश में आयात किए गए तेल पर कितने आश्रित हैं, इस पर निर्भर करता है। मॉर्गन ने कहा कि तनाव के शुरुआती संकेत दिख रहे हैं। केन्या में रिटेल लेवल पर फ्यूल की कमी हो रही है, जबकि तंजानिया के पास अभी काफी स्टॉक है। यूरोप पर इसका असर अप्रैल के बीच तक महसूस होने की संभावना है, हालांकि उसके पास मजबूत इन्वेंट्री बफर और अल्टरनेटिव अटलांटिक बेसिन सप्लाई का फायदा है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका को सबसे आखिर में झटका लगेगा, क्योंकि उसका घरेलू प्रोडक्शन काफी है। इसलिए शायद उस शॉर्ट-टर्म फिजिकल शॉर्टेज महसूस नहीं होगी, हालांकि कैलिफोर्निया सप्लाई की चुनौतियों के लिए खास तौर पर कमजोर है और देश को ऊंची कीमतों का सामना करना पड़ेगा।
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ED की पूछताछ के 72 घंटे बाद मौत: जितेंद्र शेल्के की दुर्घटना पर अंजलि दमानिया ने उठाए सवाल।
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