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क्रूरता की हद: फोटोशूट के लिए रंगे हाथी की मौत, विदेशी इन्फ्लुएंसर पर होगी कार्रवाई
2 Apr, 2026 10:16 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जयपुर में एक विदेशी सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर के फोटोशूट के लिए गुलाबी रंग में रंगे गए हाथी की मौत के बाद विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। दरअसल करीब डेढ़ महीने पहले हाथी की मौत हुई थी, जिसके बाद अब वन विभाग ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। बता दें कि वन्यजीव प्रेमियों और पशु अधिकार कार्यकर्ताओं ने इसे सीधे तौर पर पशु क्रूरता का मामला बताया है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
दरअसल यह मामला तब सामने आया जब रूस की इनफ्लुएंसर जूलिया बुरुलेवा द्वारा पोस्ट किए गए वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगीं। जूलिया पिछले साल जयपुर घूमने आई थीं और यहां की “पिंक सिटी” पहचान से काफी प्रभावित हुईं। इसी वजह से उन्होंने आमेर किले के पास स्थित हाथी गांव में एक थीम बेस्ड फोटोशूट कराने का फैसला किया। इस फोटोशूट में 65 साल के एक बुजुर्ग हाथी और एक महिला मॉडल यशस्वी को गुलाबी रंग में रंगा गया था। जूलिया ने करीब तीन महीने पहले इन तस्वीरों और वीडियो को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया था, जो अब फिर से चर्चा में आ गए हैं।
नैतिकता पर सवाल
शुरुआत में इन तस्वीरों और वीडियो ने लोगों का ध्यान खींचा, लेकिन जल्द ही पशु प्रेमियों ने जानवरों को इस तरह रंगने की सुरक्षा और नैतिकता पर सवाल उठाना शुरू कर दिया। विवाद तब और बढ़ गया जब यह जानकारी सामने आई कि जिस हाथी को गुलाबी रंग में रंगा गया था, उसकी करीब डेढ़ महीने पहले मौत हो चुकी है। इस खबर के सामने आते ही सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई और मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया।
पशु अधिकार कार्यकर्ताओं ने घटना को जानवरों के प्रति क्रूरता बताया
वन्यजीव प्रेमियों और पशु अधिकार कार्यकर्ताओं ने इस पूरी घटना को जानवरों के प्रति क्रूरता का उदाहरण बताया है। उनका कहना है कि हाथी की संवेदनशील त्वचा पर रासायनिक रंगों का इस्तेमाल उसकी सेहत के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। केमिकल वाले रंगों से त्वचा में जलन, एलर्जी और कई तरह के संक्रमण हो सकते हैं, जो शरीर के अंदरूनी अंगों को भी प्रभावित कर सकते हैं। कार्यकर्ताओं का मानना है कि हाथी पहले से ही बुजुर्ग था और ऐसे रासायनिक प्रभाव को झेलना उसके लिए मुश्किल रहा होगा। उनका कहना है कि यही उसकी मौत की वजह भी बन सकती है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच करने की मांग की है, ताकि यह साफ हो सके कि हाथी की मौत का असली कारण क्या था। साथ ही उन्होंने इनफ्लुएंसर, फोटोशूट के आयोजकों और हाथी गांव के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की है।
हालांकि हाथी गांव विकास समिति के अध्यक्ष बबलू खान ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। उनका कहना है कि हाथी को बहुत थोड़े समय के लिए ही रंगा गया था और इसमें किसी भी तरह के हानिकारक रासायनिक रंगों का इस्तेमाल नहीं किया गया था। उन्होंने दावा किया कि इस्तेमाल किए गए रंग प्राकृतिक और त्वचा के लिए सुरक्षित थे। बबलू खान के अनुसार जिस हाथी की मौत हुई है वह 65 साल का बुजुर्ग था और उसकी मौत प्राकृतिक कारणों से हुई है। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग हाथियों की उम्र के साथ प्राकृतिक रूप से मौत होना कोई असामान्य बात नहीं है और इस घटना को फोटोशूट से जोड़ना सही नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि हाथी गांव में जानवरों की देखभाल से जुड़े सभी नियमों का पालन किया जाता है।
मामले के तूल पकड़ने और सोशल मीडिया पर बढ़ते दबाव के बाद वन विभाग भी हरकत में आ गया है। वन विभाग के अधिकारियों ने अब इस घटना की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच में यह देखा जाएगा कि फोटोशूट के लिए जरूरी अनुमति ली गई थी या नहीं और क्या जानवर के साथ किसी तरह की क्रूरता की गई है। यदि जांच में बिना अनुमति गतिविधि या जानवर के साथ क्रूरता की पुष्टि होती है, तो दोषियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आस्था का महोत्सव: राम जन्मभूमि हनुमान मंदिर में ध्वजारोहण, खास मेहमानों को निमंत्रण
2 Apr, 2026 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आज हनुमान जयंती है और इस खास मौके पर राम जन्मभूमि परिसर के परकोटे के दक्षिण भुजा में बनाए जा रहे हनुमान मंदिर में धर्म ध्वजा का आरोहण किया जाएगा। चैत्र पूर्णिमा और हनुमान जयंती होने से यह आरोहण और भी खास बन गया है। मंदिर में विराजे भगवान श्री राम के अनन्य भक्त बजरंगबली की विधि विधान से पूजा करने के बाद धर्म ध्वजा लहराई जाएगी।
रामनवमी की मौके पर रामलला का विशेष श्रंगार कर सूर्य तिलक किया गया था। इस दौरान भक्तों की भारी भीड़ मंदिर में देखने को मिली थी और दर्शन व्यवस्था में भी बदलाव आया था। अब एक बार फिर मंदिर परिसर में कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।
कैसा है आज का कार्यक्रम
आज 11 बजे रखे गए इस कार्यक्रम में मंदिर आंदोलन के सूत्रधार रह चुके पूर्व सांसद विनय कटियार धर्म ध्वजा का आरोहण करने वाले हैं। मंदिर समिति की ओर से उन्हें मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाया गया है। यह पहली बार है जब वह राम जन्मभूमि परिसर के किसी आयोजन का हिस्सा बन रहे हैं। उनके साथ यहां बजरंग दल के अध्यक्ष रहे और वर्तमान में महाराष्ट्र भाजपा के साथ प्रभारी जयभान सिंह पवैया विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
इन लोगों को किया गया आमंत्रित
ट्रस्ट की ओर से इस ध्वजारोहण के लिए रामनगरी के साधु संतों के साथ डेढ़ सौ अन्य लोगों को आमंत्रित किया गया है। धर्म ध्वजा के आरोहण के बाद हनुमान मंदिर पूरे दिन खुला रहेगा। इस तरह से आने वाले अतिथि, ट्रस्ट और काम कर रही एजेंसियों के कर्मचारियों से लेकर सुरक्षाकर्मियों को दर्शन करने का मौका मिलेगा।
सामान्य दर्शनार्थियों को नहीं है अनुमति
जो सामान्य दर्शनार्थी रामलला के दर्शन के लिए पहुंचने वाले हैं उन्हें हनुमान मंदिर में दर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजरंगबली की प्रतिमा के प्राण प्रतिष्ठा बीते वर्ष की थी। उस समय परकोटे के बाकी 6 पूरक मंदिरों और राम मंदिर के प्रथम तल पर राम परिवार को प्रतिष्ठित किया गया था। ट्रस्ट की ओर से तभी से इन सभी मंदिरों में नियमित पूजन अर्चन की जा रही है लेकिन आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन अभी तक प्रारंभ नहीं हुए। पूजा के पश्चात प्रतिदिन मंदिर को बंद कर दिया जाता है।
मंदिर समिति का क्या कहना
हनुमान मंदिर पर किए जा रहे हैं ध्वजारोहण के चलते मंदिर पूरा दिन खुला रखने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में ट्रस्ट के पदाधिकारी का कहना है कि हनुमान मंदिर में ध्वज लहराने के बाद चार पूरक मंदिरों में ध्वजा फहराना बाकी रहेगा। इनमें माता दुर्गा, शिव और गणेश मंदिर के साथ एक शेषावतार मंदिर भी मौजूद है। माता अन्नपूर्णा और भगवान सूर्य देव के मंदिर पर ध्वज लगाया जा चुका है।
डिजिटल जनगणना का आगाज़: पीएम मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू ने लिया स्व-गणना में हिस्सा
2 Apr, 2026 07:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जनगणना 2027 के तहत स्व-गणना पहल में हिस्सा लिया। दरअसल यह कदम भारत में जनगणना के इतिहास में एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतीक है, क्योंकि देश की राजधानी दिल्ली समेत आठ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इस बार पूरी जनगणना प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से शुरू की गई है। इस पहल के साथ ही 15 दिनों की स्व-गणना अवधि शुरू हो गई है, जिसमें नागरिक सरकारी वेब पोर्टल के जरिए स्वयं ही अपने परिवार और आवास से जुड़ी जानकारी दर्ज कर सकते हैं।
दरअसल राष्ट्रपति भवन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गृह सचिव गोविंद मोहन और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण सहित वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में पोर्टल पर अपने परिवार का विवरण स्वयं भरा। उनकी यह भागीदारी देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभ्यास को दिए गए महत्व को दर्शाती है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने भी लिया हिस्सा
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपनी स्व-गणना प्रक्रिया पूरी करते हुए देशवासियों से इसमें सक्रिय भागीदारी करने की अपील की। प्रधानमंत्री की यह अपील नागरिकों को इस डिजिटल जनगणना अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने और देश के भविष्य के आंकड़ों को सटीक बनाने में योगदान देने के लिए प्रेरित करती है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने भी ऑनलाइन फॉर्म भरकर इस पहल में हिस्सा लिया, जिससे इस डिजिटल प्रक्रिया को उच्च स्तरीय समर्थन मिला है।
पहली बार भारत की जनगणना पूरी तरह से डिजिटल
यह पहली बार है जब भारत की जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जा रही है। इस डिजिटल बदलाव का उद्देश्य जनगणना प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना, डेटा संग्रह को अधिक कुशल बनाना और मानवीय त्रुटियों की संभावना को कम करना है। नागरिक अब घर बैठे ही अपनी जानकारी सुरक्षित रूप से दर्ज कर सकते हैं, जिससे समय और संसाधनों की बचत होती है और डेटा की सटीकता में भी सुधार आता है। यह पहल नागरिकों को अपनी जानकारी स्वयं दर्ज करने का अवसर देती है, जिससे प्रक्रिया में उनकी सीधी भागीदारी सुनिश्चित होती है।
पहले चरण में आवास और मकानों की गणना की जाएगी
जनगणना 2027 को दो चरणों में आयोजित किया जा रहा है। पहले चरण में आवास और मकानों की गणना की जाएगी, जिसमें देश में उपलब्ध आवासीय इकाइयों और उनकी विशेषताओं से संबंधित विस्तृत जानकारी एकत्र की जाएगी। यह चरण शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आवास की स्थिति, उसकी गुणवत्ता और पहुंच को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस डेटा का उपयोग आवास योजनाओं, शहरी नियोजन और बुनियादी ढांचा विकास के लिए किया जाएगा।
जानिए दूसरे चरण में क्या किया जाएगा?
दूसरे चरण में जनसंख्या से जुड़ा विस्तृत डेटा एकत्र किया जाएगा। इसमें व्यक्तियों की जनसांख्यिकीय, सामाजिक और आर्थिक जानकारी शामिल होगी, जैसे आयु, लिंग, शिक्षा का स्तर, व्यवसाय, धर्म और जाति (यदि लागू हो)। यह विस्तृत जानकारी सरकार को विभिन्न सामाजिक-आर्थिक समूहों की जरूरतों को समझने, लक्षित नीतियां बनाने और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक आधार प्रदान करेगी।
दिल्ली में स्व-गणना की समय-सीमा अलग-अलग क्षेत्रों के लिए निर्धारित की गई है, ताकि पूरी प्रक्रिया को सुचारु रूप से चलाया जा सके। नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) और दिल्ली छावनी क्षेत्रों में स्व-गणना प्रक्रिया तुरंत शुरू हो गई है। वहीं, दिल्ली के नगर निगम (MCD) क्षेत्रों में यह पहल 1 मई से 15 मई तक चलेगी। यह क्षेत्रीय विभाजन यह सुनिश्चित करता है कि विभिन्न प्रशासनिक इकाइयों में जनगणना अभियान को उनकी विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुसार प्रबंधित किया जा सके।
स्व-गणना अवधि समाप्त होने के बाद, घर-घर जाकर जानकारी जुटाने का अभियान दो चरणों में पूरा किया जाएगा। यह कदम उन नागरिकों और परिवारों तक पहुंचने के लिए उठाया जा रहा है जिनकी डिजिटल पहुंच सीमित है या जो किसी कारणवश स्वयं अपनी जानकारी दर्ज नहीं कर पाए हैं। यह दोहरी रणनीति यह सुनिश्चित करती है कि जनगणना में कोई भी व्यक्ति या परिवार छूट न जाए, जिससे देश की आबादी का एक व्यापक और सटीक चित्र प्रस्तुत किया जा सके।
CISF कांस्टेबल भर्ती विवाद: शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार की याचिका खारिज की
1 Apr, 2026 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। देश की सर्वोच्च अदालत ने एक बार फिर सरकार के रवैये पर नाराजगी जाहिर की है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अदालतों में लंबित मुकदमों की बढ़ती संख्या के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार खुद सरकार है। सरकार छोटे-छोटे मामलों को भी खींचकर सुप्रीम कोर्ट तक ले आती है।
सीआईएसएफ कांस्टेबल से जुड़ा है मामला
यह पूरा मामला केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के एक कांस्टेबल से जुड़ा है। दरअसल, बिना बताए 11 दिन ड्यूटी से गायब रहने और सहकर्मी की बेटी की शादी में मदद करने के आरोप में उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था। जब यह मामला पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट पहुंचा, तो अदालत ने पाया कि बर्खास्तगी की यह सजा बहुत ज्यादा है। हाई कोर्ट ने कांस्टेबल को बहाल करने और उसे 25 फीसदी पिछला वेतन देने का आदेश सुनाया।
हाई कोर्ट के फैसले को केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती
उच्च न्यायालय के इस फैसले को स्वीकार करने के बजाय केंद्र सरकार ने इसके खिलाफ शीर्ष अदालत में अपील दायर कर दी। इसी बात पर जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की बेंच ने केंद्र सरकार को फटकार लगाई है। जस्टिस नागरत्ना ने सरकारी वकील को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि हम हर जगह मुकदमों के बोझ का रोना रोते हैं। लेकिन असलियत यह है कि सरकार खुद सबसे बड़ी मुकद्मेबाज है। क्या सरकारी अफसरों को यह समझ नहीं आता कि 11 दिन की गैर-मौजूदगी के लिए नौकरी से निकाल देना गलत है? जब हाई कोर्ट ने राहत दे दी थी, तो आपको सुप्रीम कोर्ट आने की क्या जरूरत थी?
केंद्र सरकार को लगा 25 हजार का जुर्माना
सुप्रीम कोर्ट ने न सिर्फ सरकार की इस याचिका को सिरे से खारिज कर दिया, बल्कि अदालत का कीमती समय बर्बाद करने के लिए केंद्र सरकार पर 25,000 रुपये का जुर्माना भी लगा दिया। यह फैसला उन अधिकारियों के लिए सबक है जो बिना सोचे-समझे हर फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत का दरवाजा खटखटाते हैं।
कोलकाता में पार्टी कार्यालय के बाहर कार्यकर्ताओं के बीच झड़प
1 Apr, 2026 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलकाता | पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में बुधवार को विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार चयन को लेकर जमकर हंगामा हुआ। विरोध प्रदर्शन के दौरान दो गुटों में झड़प हो गई, जिसमें कम से कम एक पार्टी कार्यकर्ता घायल हो गया।बताया जा रहा है कि नाराज कार्यकर्ता बाहरी उम्मीदवारों के नामांकन को रद्द करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और दोनों गुटों के बीच मारपीट शुरू हो गई।
चुनाव के टिकट बेचने का आरोप
विरोध बालीगंज विधानसभा सीट से पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सोमें मित्रा के बेटे रोहन मित्रा को उम्मीदवार बनाए जाने को लेकर था। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इस सीट के लिए पहले जायद हुसैन को टिकट देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन बाद में उन्हें दरकिनार कर दिया गया। प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं ने राज्य कांग्रेस नेतृत्व पर विधानसभा चुनाव के टिकट बेचने का भी आरोप लगाया। मुख्यालय के बाहर इस आरोप वाले पोस्टर भी लगाए गए।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तीखी बहस अचानक हाथापाई में बदल गई और पुलिस की मौजूदगी में ही कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। इस दौरान एक कार्यकर्ता के सिर पर रॉड से हमला किया गया, जिससे वह घायल हो गया। कुछ प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर धरना भी दिया और हिंसा में शामिल लोगों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए नारेबाजी की।
युवा कांग्रेस नेता पर आरोप
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कुछ कार्यकर्ताओं ने युवा कांग्रेस नेता काशिफ रजा पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि रजा ने अपने समर्थकों को भेजकर पार्टी कार्यकर्ताओं पर हमला करवाया। झड़प के दौरान महिला कार्यकर्ताओं के साथ दुर्व्यवहार के भी आरोप लगे हैं। एक महिला कार्यकर्ता के बेहोश होने की भी खबर है। पुलिस की मौजूदगी के बावजूद स्थिति तनावपूर्ण बनी रही और सुरक्षा कर्मियों के सामने ही झड़प और बहस जारी रही।
रविवार को कांग्रेस द्वारा 284 विधानसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा के बाद से कई जिलों में असंतोष सामने आ रहा है। आमता, बगनान, श्यामपुर, उलूबेड़िया दक्षिण और उलूबेड़िया पूर्व सीटों से भी विरोध की खबरें हैं। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक असीत मित्रा ने भी उम्मीदवार चयन पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि स्थानीय कार्यकर्ताओं की भावनाओं का ध्यान नहीं रखा गया, जिससे संगठन कमजोर होगा और चुनाव में पार्टी को नुकसान हो सकता है।
पूर्व बर्धमान जिले में भी नाराज कार्यकर्ताओं ने पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ की और जिला कांग्रेस दफ्तर के ताले तोड़ दिए। वहीं, फालाकाटा में बाहरी उम्मीदवारों को बदलने की मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों ने ब्लॉक कांग्रेस कार्यालय में तोड़फोड़ की।
विधानसभा चुनाव से पहले बड़ी कार्रवाई: भारी मात्रा में विदेशी करेंसी बरामद, तीन गिरफ्तार
1 Apr, 2026 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
West Bengal Election: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने बुधवार को शहर के पार्क स्ट्रीट पुलिस स्टेशन इलाके में छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा जब्त की है। इस कार्रवाई में करीब 5 करोड़ रुपये के विदेशी नोट बरामद किए गए हैं और तीन व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है।
आयकर विभाग को मिली खुफिया जानकारी
आयकर विभाग को गोपनीय सूचना मिली थी कि कुछ लोग अवैध रूप से विदेशी मुद्रा को ले जा रहे हैं। सूचना के आधार पर विभागीय अधिकारी तुरंत पार्क स्ट्रीट इलाके में पहुंचे और कार्रवाई शुरू की। तलाशी के दौरान 4,75,000 अमेरिकी डॉलर और 3,00,000 थाई भाट बरामद हुए जिनका भारतीय रुपये में क़ीमत लगभग 4,54,82,500 रुपये है।
मामले की जांच जारी
जांच में यह बात स्पष्ट नहीं हो पाई है कि इतनी बड़ी राशि इन लोगों के पास कैसे आई और इसका स्त्रोत क्या है। हिरासत में लिए गए तीनों आरोपियों के पास पर्याप्त दस्तावेज नहीं पाए गए, जो इस धन की वैधता सिद्ध कर सकें। इस कारण आयकर विभाग ने तीनों से सख्ती से पूछताछ शुरू कर दी है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
सतर्कता बढ़ाने पर जोर
विशेषज्ञों का कहना है कि यह बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा बरामद होना ऐसे समय में महत्वपूर्ण है, जब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों की घोषणा से पहले चुनाव आयोग ने केंद्र सरकार की जांच एजेंसियों, विशेष रूप से आयकर विभाग के साथ बैठकों में वित्तीय लेन-देन और काले धन की तस्करी पर सतर्कता बढ़ाने पर जोर दिया था।
जब्त की गई धनराशि
चुनाव आयोग की सक्रिय निगरानी के बीच राज्य में नाका चेकिंग और जांच अभियान भी पिछले कुछ समय से जारी हैं, जिनमें बड़ी मात्रा में नकदी और संदिग्ध धन जब्त किया जा चुका है। आयकर विभाग की यह बड़ी कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है, जब चुनाव का समय करीब आ रहा है और अवैध धन तथा अनैतिक वित्तीय गतिविधियों पर नियंत्रण को प्रमुखता दी जा रही है।
कब है पश्चिम बंगाल चुनाव?
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 इस बार दो चरणों में होंगे, पहले चरण के चुनाव 23 अप्रैल और दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा। वोटों की गिनती और नतीजे 4 मई 2026 को घोषित किए जाएंगे। प्रदेश में 294 विधानसभा सीटें है।
बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने खड़ी फसलें किया क्षतिग्रस्त, 19 राज्यों में चेतावनी जारी
1 Apr, 2026 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बारामुला में भारी बारिश से स्कूल हास्टल में फंसे 34 लोगों को सेना ने निकाला
नई दिल्ली। उत्तर भारत में मौसम बदलने से किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने बुधवार के लिए दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और पंजाब समेत देश के 19 राज्यों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। यह बेमौसम बारिश रबी की फसलों, खासकर गेहूं और सरसों, के लिए बेहद हानिकारक साबित हो रहा है। तेज हवाओं और बारिश के कारण खेतों में खड़ी पकी फसलें आड़ी हो गई हैं, जिससे उनके सड़ने और फफूंद लगने का खतरा बढ़ गया है।
दिल्ली और पंजाब समेत मैदानी इलाकों में मंगलवार को मौसम ने अचानक बदल गया। दिल्ली के कई हिस्सों में हल्की बारिश हुई। दोपहर बाद घने बादल छाने और बिजली कड़कने के साथ मौसम एकदम से बदल गया। दिन में ही लोग गाड़ियों की लाइट जलाकर चलते नजर आए। दिल्ली का अधिकतम तापमान 33.7 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1.1 डिग्री ज्यादा था। हवा में नमी का स्तर 96 से 36 प्रतिशत दर्ज हुआ। पंजाब में कई जिलों में ओलावृष्टि के साथ बारिश भी हुई।
रिपोर्ट के मुताबिक कश्मीर के बारामुला में भारी बारिश के कारण पानी का स्तर अचानक बढ़ जाने से एक स्कूल हास्टल में फंसे 34 लोगों को सेना ने सुरक्षित निकाल लिया। इनमें 30 छात्र और चार शिक्षक शामिल हैं। जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी के बाद फिसलन के कारण श्रीनगर-लेह व बांडीपोरा-गुरेज मार्ग पर भी यातायात बहाल नहीं हो सका।
कश्मीर की गुरेज घाटी में दोपहर को हिमस्खलन हुआ, लेकिन आसपास कोई आवासीय बस्ती नहीं होने के चलते जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है। उधर हिमाचल में बारालाचा, कुंजुम और रोहतांग दर्रा में मंगलवार को हल्का हिमपात हुआ, जबकि केलंग में पांच, चंबा में दो मिलीमीटर बारिश हुई। कश्मीर में तेज और मूसलाधार बारिश के कारण रफियाबाद के वतरगाम इलाके में एक नाले में पानी का स्तर अचानक बढ़ गया, जिससे एक स्थानीय स्कूल हास्टल में बाढ़ आ गई। इससे वहां स्कूली बच्चे और शिक्षक परिसर के अंदर फंस गए। स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में तैनात सेना की टुकड़ी से संपर्क किया, जिसने तुरंत मानवीय सहायता अभियान शुरू किया। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों और खतरनाक रूप से ऊंचे जल स्तर के बावजूद टीमों ने फंसे हुए लोगों तक पहुंचने में सफलता पाई और सभी 34 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया। हिमाचल प्रदेश में गोंदला व केलंग जैसे उच्च इलाकों में मंगलवार को हिमपात हुआ। बीआरओ ने 16580 फीट ऊंचे शिंकुला के रास्ते को बहाल कर दिया है।
एलपीजी टैंकर संकट टला, 27 भारतीयों की जान सुरक्षित रही
1 Apr, 2026 03:34 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमले से ठीक एक दिन पहले, भारतीय ध्वज वाला एलपीजी टैंकर पाइन गैस संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के रुवैस पोर्ट पर 45 हजार मीट्रिक टन गैस लोड कर रहा था। उस वक्त जहाज के चीफ ऑफिसर सोहन लाल और उनके साथ मौजूद 27 भारतीय क्रू सदस्यों को उम्मीद थी कि वे एक हफ्ते के भीतर अपने घर पहुंच जाएंगे। लेकिन जैसे ही जंग शुरू हुई, सामरिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह बंद हो गया। ईरान ने इस समुद्री रास्ते में माइन्स बिछा दिए और जहाजों की आवाजाही पर रोक लगा दी, जिससे यह टैंकर करीब तीन हफ्ते तक वहीं फंसा रहा। इस दौरान क्रू सदस्यों ने अपनी आंखों के ऊपर से मिसाइलों और ड्रोनों को उड़ते देखा।
11 मार्च को भारतीय अधिकारियों ने क्रू को तैयार रहने का निर्देश दिया था, लेकिन युद्ध की भीषणता के कारण उन्हें 23 मार्च तक इंतजार करना पड़ा। अंततः ईरान ने इस टैंकर को सामान्य होर्मुज लेन के बजाय एक अत्यंत संकरे और अनोखे चैनल से गुजरने की अनुमति दी। यह रास्ता ईरान के तट के पास लारक द्वीप के उत्तर में स्थित था, जिसका उपयोग आमतौर पर व्यापारिक जहाज नहीं करते। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने इस रूट का सुझाव दिया क्योंकि मुख्य रास्ता बारूदी सुरंगों (माइन्स) से भरा हुआ था। मुंबई स्थित मालिक कंपनी सेवन आइलैंड्स शिपिंग और भारतीय अधिकारियों ने तय किया कि जहाज तभी आगे बढ़ेगा जब हर क्रू सदस्य इसके लिए राजी होगा।
चीफ ऑफिसर सोहन लाल के अनुसार, आईआरजीसी ने हर सदस्य से व्यक्तिगत तौर पर उनकी सहमति मांगी, जिस पर सभी 27 भारतीयों ने एकमत होकर हां कहा। टैंकर ने ईरान के क्षेत्रीय पानी से गुजरते हुए लारक और क़ेश्म द्वीपों के बीच से रास्ता बनाया। हालांकि यह रूट लंबा और घुमावदार था, लेकिन हमलों से बचने के लिए सबसे सुरक्षित था। खास बात यह रही कि आईआरजीसी ने न तो टैंकर पर बोर्डिंग की और न ही कोई फीस वसूली। जैसे ही जहाज ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार किया, भारतीय नौसेना के चार युद्धपोतों ने उसे सुरक्षा घेरे में ले लिया और करीब 20 घंटे तक गल्फ ऑफ ओमान से अरब सागर तक एस्कॉर्ट किया। भारत के लिए यह मिशन इसलिए महत्वपूर्ण था क्योंकि देश की करोड़ों रसोइयां एलपीजी आपूर्ति पर निर्भर हैं। पाइन गैस को पहले मंगलौर जाना था, लेकिन सुरक्षा और आपूर्ति की जरूरतों को देखते हुए इसे विशाखापट्टनम और हल्दिया पोर्ट पर गैस उतारने का निर्देश दिया गया। विदेश मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, अब भी फारस की खाड़ी में 18 भारतीय जहाज और 458 नाविक फंसे हुए हैं। भारत सरकार ईरान के साथ निरंतर कूटनीतिक चर्चा कर रही है ताकि शेष जहाजों को भी सुरक्षित निकाला जा सके। यह सफल ऑपरेशन भारत की मजबूत नौसैनिक उपस्थिति और प्रभावी विदेश नीति का प्रमाण है।
ईंधन संकट की चिंता नहीं, भारत ने सुरक्षित किया 40 दिनों का स्टॉक
1 Apr, 2026 02:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) के सचिव अंजन कुमार मिश्रा ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत के पास वर्तमान में तरल ईंधन का इतना भंडार मौजूद है जो देश की 20 से 40 दिनों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। नई दिल्ली में आयोजित पीएचडीसीसीआई हाइड्रोकार्बन समिट 2026 के दौरान मिश्रा ने वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की।
मिश्रा ने वास्तविकता को स्वीकार करते हुए कहा कि हालांकि हम तरल ईंधन का रिजर्व रखते हैं, लेकिन ऐसा भंडार बनाना संभव नहीं है जो छह महीने या उससे अधिक समय तक चल सके। उन्होंने कहा कि मौजूदा बैकअप 20 से 40 दिनों की मांग के लिए उचित है। पश्चिम एशिया के संकट पर बात करते हुए उन्होंने स्वीकार किया कि इसका प्रभाव भारत पर पड़ रहा है, लेकिन सरकार ने इससे निपटने के लिए पुख्ता योजना बनाई है। उन्होंने आश्वस्त किया कि अधिकारियों की टीम वैश्विक स्थिति पर पल-पल नजर रख रही है।
वैश्विक तनाव के कारण पैदा हुई चिंताओं को खारिज करते हुए पीएनजीआरबी अधिकारी ने स्पष्ट किया कि देश में जीवाश्म ईंधन की कोई कमी नहीं है और जनता को घबराने (पैनिक करने) की कतई आवश्यकता नहीं है। भारत न केवल अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा कर रहा है, बल्कि संकट की इस घड़ी में बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे पड़ोसी देशों की भी सक्रिय रूप से मदद कर रहा है।आयात पर निर्भरता के सवाल पर मिश्रा ने कहा कि घरेलू कच्चे तेल के उत्पादन को बढ़ाना एक क्रमिक प्रक्रिया है और इसे रातों-रात नहीं बदला जा सकता। हालांकि, भारत ने अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए तेल खरीद के विकल्पों का दायरा बढ़ाया है। अब भारत केवल पश्चिम एशिया पर निर्भर नहीं है, बल्कि रूस, वेनेजुएला और मोजाम्बिक जैसे नए बाजारों से भी तेल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
कीमतों में उछाल की संभावना पर उन्होंने कहा कि यदि वैश्विक संघर्ष के कारण कच्चे तेल के दाम बढ़ते भी हैं, तो यह प्रभाव केवल अस्थायी होगा। उन्होंने भरोसा जताया कि सरकार इस स्थिति को संभालने में सक्षम है और अंततः कीमतें अपने पुराने स्तर पर लौट आएंगी।
47 लाख आपत्तियों का निपटारा, हाईकोर्ट ने कहा: 7 अप्रैल तक सभी मामलों पर फैसला हो सकता है
1 Apr, 2026 02:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने बताया कि मंगलवार तक 60 लाख में से 47 लाख आपत्तियों का निपटारा किया जा चुका है। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने अदालत को बताया गया कि हर दिन करीब 1.75 लाख से 2 लाख आपत्तियों पर कार्रवाई की जा रही है और 7 अप्रैल तक सभी आपत्तियों का निपटारा कर लिया जाएगा।
हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने सुप्रीम कोर्ट में दी ये जानकारी
वहीं, ममता बनर्जी की ओर से पेश वकील ने शीर्ष अदालत को बताया कि मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की दर काफी अधिक है और यह करीब 45 प्रतिशत तक पहुंच गई है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ट्रिब्यूनलों को अपना काम करने दिया जाए, ताकि वे मतदाता सूची में नाम शामिल करने या हटाने से जुड़े मामलों का निपटारा कर सकें। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि विभिन्न राजनीतिक दल अपने-अपने हितों के अनुसार 100 प्रतिशत नाम शामिल करने या हटाने की मांग कर सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया कि इस मामले में अगली सुनवाई 7 अप्रैल को हो सकती है।
पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने दिए थे ये निर्देश
पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य में एसआईआर प्रक्रिया से जुड़ी आपत्तियों के निपटारे के लिए न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति करने का निर्देश दिया था। साथ ही पश्चिम बंगाल पुलिस के डीजीपी को एक पूरक हलफनामा दाखिल कर ये बताने को कहा गया था कि एसआईआर अधिकारियों को मिली धमकियों पर उन्होंने क्या कार्रवाई की।मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की पीठ एसआईआर की याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। याचिकाकर्ताओं की तरफ से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल, श्याम दीवान और गोपाल शंकरनारायनन और कल्याण बनर्जी अदालत में पेश हुए। वहीं चुनाव आयोग की तरफ से वरिष्ठ वकील दामा शेषाद्रि नायडू पेश हुए।
सामरिक शक्ति बढ़ी: भारतीय नौसेना को मिले 3 नए घातक जहाज
1 Apr, 2026 12:26 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। हिंद महासागर क्षेत्र में बदलती भू-राजनीतिक परिस्थितियों और चीन की बढ़ती सक्रियता के बीच भारतीय नौसेना की मारक क्षमता को एक बड़ी मजबूती मिली है। सोमवार को कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (जीआरएसई) ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए भारतीय नौसेना को एक ही दिन में तीन नए अत्याधुनिक जहाज सौंपे। इन जहाजों में दूनागिरी नामक एक स्टेल्थ फ्रिगेट, अग्रेय नामक एंटी-सबमरीन युद्धपोत और संशोधक नामक एक विशाल सर्वेक्षण पोत शामिल है। ये तीनों जहाज आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सिद्ध करते हुए उच्च स्तरीय स्वदेशी तकनीक से निर्मित हैं।
इस खेप में सबसे प्रमुख दूनागिरी है, जो प्रोजेक्ट 17ए के तहत निर्मित नीलगिरि श्रेणी का पांचवां गाइडेड-मिसाइल फ्रिगेट है। लगभग 6,670 टन वजनी और 149 मीटर लंबा यह युद्धपोत ब्रह्मोस एंटी-शिप मिसाइलों और उन्नत लैंड-अटैक क्रूज मिसाइल प्रणालियों से लैस है। इसे हवा, सतह और गहरे पानी के नीचे बहु-आयामी ऑपरेशनों को अंजाम देने के लिए डिजाइन किया गया है। वारशिप डिजाइन ब्यूरो द्वारा तैयार किए गए इस जहाज के निर्माण में 75 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री का उपयोग हुआ है, जिसमें 200 से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) का योगदान रहा है। नौसेना की पनडुब्बी रोधी क्षमताओं को विस्तार देने के लिए अग्रेय को शामिल किया गया है। यह अरनाला श्रेणी के एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट्स में से चौथा जहाज है। 77 मीटर लंबा यह वॉटरजेट-संचालित युद्धपोत अत्याधुनिक लाइटवेट टॉरपीडो, स्वदेशी रॉकेट लॉन्चर और उथले पानी के सोनार से लैस है, जो तटीय निगरानी और माइन-वॉरफेयर में निर्णायक भूमिका निभाएगा। इसमें 80% से अधिक स्वदेशी पुर्जों का इस्तेमाल किया गया है।वहीं, तीसरा जहाज संशोधक एक विशाल सर्वेक्षण पोत (लार्ज सर्वे वेसल) है, जिसका वजन 3400 टन है। इसका मुख्य कार्य समुद्री रास्तों का सटीक निर्धारण करना और तटीय व गहरे पानी का हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण करना है। यह पोत ऑटोनॉमस अंडरवॉटर व्हीकल और डिजिटल साइड स्कैन सोनार जैसे आधुनिक उपकरणों से लैस है, जो रक्षा और नागरिक दोनों उद्देश्यों के लिए डेटा एकत्र करेगा। जीआरएसई वर्तमान में नौसेना के लिए कई अन्य परियोजनाओं पर भी काम कर रहा है, जिसमें अगली पीढ़ी के पेट्रोल वेसल और कार्वेट शामिल हैं। एक साथ तीन जहाजों का नौसेना को सौंपा जाना न केवल रक्षा निर्माण की गति को दर्शाता है, बल्कि यह हिंद महासागर में भारत की नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर की भूमिका को भी और अधिक सशक्त बनाता है।
ऑनर किलिंग का सनसनीखेज मामला, बेटी के बाद प्रेमी को भी उतारा मौत के घाट
1 Apr, 2026 11:03 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना : बिहार के चंपारण जिले में ऑनर किलिंग का दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां बेटी के प्रेम प्रसंग ने नाराज एक पिता और मामा ने मिलकर पहले उसकी हत्या की और फिर उसके प्रेमी को भी मौत के घाट उतार दिया। मृतक लड़के के परिवार की शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और इस दोहरे हत्याकांड का खुलासा हुआ। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपी पिता और मामा को पुलिस ने किया गिरफ्तार
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार यह मामला लौकरिया थाना क्षेत्र का है। आरोपी पिता की पहचान मदन बिन और मामा की पहचान जितेंद्र निषाद उर्फ जीतन के रूप में हुई है। दोनों ने पिछले साल सितंबर में इस घटना को अंजाम दिया था। लंबे समय तक मामले की जांच जिसके बाद करीब सवा दो महीने पहले पुलिस ने इस पूरे हत्याकांड की गुत्थी सुलझाई। पुलिस के अनुसार मदन के परिवार के कुछ अन्य लोगों ने भी इस हत्याकांड में उसकी सहायता की थी और पुलिस फिलहाल उनकी तलाश कर रही है।
बेटी के प्रेम प्रसंग से नाराज था पिता
पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी मदन ने कबूल किया है कि वह अपनी बेटी के प्रेम प्रसंग से नाराज था और इसी के चलते उसने बेटी और उसके प्रेमी की हत्या की साजिश रची। मदन ने बताया कि वह 8 सितंबर 2025 को लकड़ी काटने के बहाने अपनी बेटी को जंगल लेकर गया था। वहां पर उसका साला जितेंद्र और उनके अन्य साथी पहले से मौजूद थे। इसके बाद उन लोगों ने मृतका को डरा धमका कर उसके प्रेमी को फोन करवाया और उसे मिलने के बहाने जंगल बुलाया। मृतक की प्रेमी की पहचना अखिलेश यादव के रूप में हुई है।
डरा-धमका कर बेटी के प्रेमी से लिखवाया सुसाइड नोट
अखिलेश के जंगल पहुंचने से पहले ही आरोपियों ने युवती का गला दबा कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद जब अखिलेश घटनास्थल पर पहुंचा तो उन्होंने उसकी जमकर पिटाई की। इसके बाद अखिलेश को डरा धमका कर आरोपियों ने उससे एक सुसाइड लेटल लिखवाया और उसका भी गला दबाकर उसे मार डाला। इसके बाद आरोपियों ने रस्सी के सहारे दोनों शवों को पेड़ से बांध दिया। अखिलेश के लिखे लेटर को आरोपियों ने उसके मोबाइल कवर में छिपा दिया। इसके बाद सभी आरोपी घर लौट आए।
घटना के पांच महीने बाद शव बरामद हुए
10 सितंबर को मृतका युवती के पिता ने ही उसकी गुमशुदगी की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई। दुसरी तरह मृतक युवक के परिवार ने भी पुलिस में बेटे के लापता होने का केस किया। शुरुआत में पुलिस ने युवक के परिजनों की शिकायत पर सख्त कार्रवाई नहीं की जिसके बाद उसकी मां ने कोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट के आदेशों के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज की और घटना के पांच महीने बाद दोनों मृतकों के शव बरामद किए गए। मृतकों के शव 22 जनवरी को जंगल से बरामद हुए थे। जंगल में लकड़ी काटने गए लोगों ने मृतकों के कंकाल देखे और पुलिस को मामले की जानकारी दी। पुलिस ने मोबाइल और चप्पलों से शवों की पहचान की और फिर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
चारधाम यात्रा 2026: NDMA की बड़ी तैयारी, 10 अप्रैल को होगी सुरक्षा मॉक ड्रिल
1 Apr, 2026 10:40 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
देहरादून: उत्तराखंड चारधाम यात्रा की तैयारियां जोर शोर पर चल रही हैं. यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की पूरी तैयारियां हैं. चारधाम यात्रा से संबंधित तैयारियों को परखने के लिए NDMA के नेतृत्व में उत्तराखंड आपदा प्रबंधन विभाग आगामी 10 अप्रैल को चारधाम के संबंधित जिलों के साथ ही गढ़वाल रीजन के सभी जिलों में मॉक ड्रिल कराएगा. इसके लिए हर जिले के लिए अलग-अलग सिनेरियो क्रिएट करने की रणनीति तैयार की गई है, ताकि आगामी चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले तैयारियों में हुई कर्मियों को चिन्हित कर उसको दूर किया जा सके.
19 अप्रैल से शुरू हो रही है उत्तराखंड की चारधाम यात्रा: उत्तराखंड चारधाम की यात्रा 19 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही शुरू हो रही है. पिछले साल की तरह इस साल भी चारधाम की यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है. इसे देखते हुए शासन प्रशासन की ओर से व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है. इसके साथ ही यात्रा से जुड़े विभागों ने अपनी- अपनी व्यवस्थाओं को धरातल पर उतारने की कवायद भी शुरू कर दी है. ताकि 19 अप्रैल से पहले इन व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर लिया जाए क्योंकि चारधाम के कपाट खुलने से दो दिन पहले ही चारधाम यात्रा के लिए श्रद्धालुओं की रवानगी शुरू हो जाती है.
चारधाम यात्रा को लेकर 10 अप्रैल को होगी एनडीएमए की मॉक ड्रिल: उत्तराखंड चारधाम यात्रा के दौरान कई बार श्रद्धालुओं को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. इनमें भूस्खलन होने की वजह से यातायात बाधित होना, वाहनों का अत्यधिक दबाव होने के चलते ट्रैफिक जाम होना समेत अन्य समस्याएं शामिल हैं. इसके अलावा कई बार आपदा सीजन के दौरान भी चारधाम यात्रा काफी अधिक प्रभावित होती है. इसको देखते हुए भी आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से पहले से ही व्यवस्थाओं को मुकम्मल कराया जाता है, ताकि भारी बारिश या फिर भूस्खलन की वजह से श्रद्धालुओं को दिक्कतों का सामना न करना पड़े. यही वजह है कि चाधाम से संबंधित जिलों रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी और चमोली के साथ ही गढ़वाल रीजन के अन्य जिलों में भी मॉक ड्रिल कराया जाएगा.
इन जिलों में होगी एनडीएमए की मॉक ड्रिल: भले ही उत्तराखंड के चारधाम तीन जिलों रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी और चमोली में मौजूद हैं, लेकिन इसमें अन्य जिले शामिल होते हैं. चारधाम की यात्रा ऋषिकेश और हरिद्वार से शुरू होती है. यही वजह है कि चारधाम यात्रा में तीन जिलों के साथ ही देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी और टिहरी की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है. ऐसे में 10 अप्रैल को गढ़वाल रीजन के जिलों में मॉक ड्रिल करायी जाएगी. यह मॉक ड्रिल एनडीएमए (National Disaster Management Authority) की ओर से कराई जाएगी. इसमें उत्तराखंड आपदा प्रबंधन विभाग के साथ ही संबंधित जिला प्रशासन के अधिकारी कर्मचारी भी शामिल होंगे.
आपदा प्रबंधन सचिव ने ये कहा: उत्तराखंड आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने कहा कि-
एनडीएमए की ओर से चारधाम यात्रा से संबंधित जिलों और विभागों के साथ मिलकर 10 अप्रैल को मॉक ड्रिल करायी जाएगी. इस मॉक ड्रिल में एनडीएमए के सदस्य और अधिकारी शामिल होंगे और उनके निर्देशन में मॉक ड्रिल करायी जाएगी. इसमें चारधाम से संबंधित जिलों और विभागों का भी पूरा सहयोग रहेगा. इस मॉक ड्रिल में अलग- अलग जिलों में अलग- अलग सिनेरियो क्रिएट किए जाएंगे, जिसके जरिए तैयारियों का जायजा लिया जायेगा. साथ ही जो कमियां सामने आएंगी, उनको दूर किया जाएगा.
-विनोद सुमन, सचिव, आपदा प्रबंधन विभाग-
एनडीएमए की मॉक ड्रिल में निकली कमियां दूर की जाएंगी: सुमन ने बताया कि मॉक ड्रिल के लिए जिलों से बातचीत की जाएगी, ताकि ये पता लगाया जा सके कि किस जिले में किस तरह की समस्याएं सामने आती है. इसमें ट्रैफिक जाम, भगदड़, भूस्खलन, सड़क बाधा, आगजनी, बाढ़ समेत अन्य सिनेरियो क्रिएट किए जाएंगे. ऐसे में मॉक ड्रिल के दौरान एनडीएमए की ओर से इस चीज को देखा जाएगा कि जिलों की तैयारी कैसी है. संसाधनों की क्या स्थिति है. कर्मचारी कितने ट्रेंड हैं और क्या- क्या कमियां हैं. कमियों को कैसे दूर किया जाएगा उसके उपाय पर ध्यान दिया जायेगा.
जम्मू-कश्मीर: गांदरबल में एनकाउंटर, एक आतंकी मारा गया
1 Apr, 2026 10:40 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गांदरबल (जम्मू कश्मीर): जम्मू- कश्मीर के गांदरबल जिले के अरहामा इलाके में घेराबंदी और तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने एक आतंकवादी को मार गिराया. भारतीय सेना के अनुसार यह अभियान मंगलवार रात को शुरू किया गया था, जिसके बाद रुक-रुक कर गोलीबारी की खबरें आई, जिसके चलते सुरक्षा बलों को घेराबंदी को रणनीतिक रूप से फिर से व्यवस्थित करना पड़ा. सेना ने बताया कि सैनिकों ने एक संयमित दृष्टिकोण के साथ प्रभावी ढंग से जवाबी कार्रवाई की, जिसके परिणामस्वरूप एक आतंकवादी मारा गया
मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले में मंगलवार शाम सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ हुई. अधिकारियों के मुताबिक, यह मुठभेड़ जिले के अहरामा वन क्षेत्र (Ahrama woods) में उस समय शुरू हुई जब सुरक्षाबल वहां तलाशी अभियान चला रहे थे. तभी आतंकियों ने फायरिंग कर दी.
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि जंगल में आतंकियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिलने के बाद पुलिस, सेना और सीआरपीएफ (CRPF) की एक संयुक्त टीम ने घेराबंदी और तलाशी अभियान (CASO) शुरू किया था. जैसे ही जवान संदिग्ध इलाके की ओर बढ़े, वहां छिपे आतंकियों ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद सुरक्षाबलों ने भी जवाबी कार्रवाई की.
सूत्रों के अनुसार, सुरक्षाबलों ने इलाके में दो आतंकियों को घेर लिया गया. स्थिति को देखते हुए मुठभेड़ स्थल पर अतिरिक्त कुमक (Reinforcements) भेजी गई. ताकि घेराबंदी को और मजबूत किया जा सके. बता दें कि गांदरबल जिले में पिछले कुछ वर्षों में कई सुरक्षा अभियान (Cordon & Search Operations) और मुठभेड़ें हुई हैं. यह क्षेत्र केंद्रीय कश्मीर में स्थित है, जहां जंगली और पहाड़ी इलाके होने के कारण आतंकियों को छिपने में आसानी होती रही है.
आज से बदल गया आपका वित्तीय और डिजिटल अनुभव: 1 अप्रैल के 10 अहम नियम
1 Apr, 2026 10:17 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
April 1 Financial Rule Change: आज यानी 1 अप्रैल से नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत हो रही है. हर साल अप्रैल की शुरुआत के साथ कुछ नए नियम लागू होते हैं. इस बार भी नए फाइनेंशियल ईयर के साथ कई बदलाव होने जा रहे हैं. इन बदलावों का असर आपकी सैलरी, टैक्स, यात्रा और बैंकिंग पर सीधा पड़ेगा. तो चलिए इन सभी बदलावों के बारे में एक-एक करके डिटेल से जानते हैं.
1 अप्रैल 2026 से बदल जाएंगे ये नियम
नंबर 1- इनकम टैक्स में बड़ा बदलाव
इस साल से नया इनकम टैक्स कानून लागू होगा, जो पुराने सिस्टम की जगह लेगा. अब टैक्स से जुड़ी प्रक्रिया को आसान बनाया जा रहा है. पहले 'फाइनेंशियल ईयर' और 'असेसमेंट ईयर' अलग-अलग होते थे, लेकिन अब केवल एक 'टैक्स ईयर' रहेगा. इसके साथ ही 1 अप्रैल से ITR-3 और ITR-4 भरने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 31 अगस्त कर दी गई है.
नंबर 2- टेक होम सैलरी हो सकती है कम
अगर नए लेबर कोड लागू होते हैं, तो आपकी सैलरी स्ट्रक्चर बदल जाएगी. अब कंपनियों को आपकी कुल सैलरी का आधा हिस्सा बेसिक पे रखना होगा. इससे PF में ज्यादा पैसा जाएगा, लेकिन हर महीने हाथ में मिलने वाली सैलरी थोड़ी कम हो सकती है. हालांकि, अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है.
नंबर 3- ग्रेच्युटी में होगा फायदा
बेसिक सैलरी बढ़ने से ग्रेच्युटी की रकम भी बढ़ेगी. यानी नौकरी छोड़ने या रिटायरमेंट के समय आपको ज्यादा पैसा मिल सकता है.
नंबर 4- FASTag महंगा होगा
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी एनएचएआई (National Highways Authority of India) ने FASTag के सालाना पास की कीमत बढ़ा दी है. अब यह 3,000 रुपये की जगह 3,075 रुपये का हो जाएगा. यह वार्षिक पास गैर व्यावसायिक वाहनों के लिए है और इसका इस्तेमाल करीब 1,150 टोल प्लाजा पर किया जा सकता है.
नंबर 5- रेलवे टिकट कैंसिलेशन नियम बदले
Indian Railways ने टिकट रद्द करने के नियम अपडेट किए हैं. इसके तहत अब रिफंड पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेगा कि आपने टिकट कितनी जल्दी कैंसिल किया है. सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले तक ही टिकट कैंसिल करने पर रिफंड मिलेगा. अगर आप 8 घंटे से कम समय में टिकट रद्द करते हैं, तो आपको कोई पैसा वापस नहीं मिलेगा.
रिफंड इस तरह मिलेगा-
72 घंटे पहले: लगभग पूरा पैसा वापस (थोड़ा चार्ज कटेगा)
24 से 72 घंटे पहले: 25% किराया कटेगा
8 से 24 घंटे पहले: 50% किराया कटेगा
वहीं, एक अच्छी बात यह है कि ई-टिकट कैंसिल करने पर पैसा अपने आप अकाउंट में आ जाएगा, आपको अलग से कोई फॉर्म भरने की जरूरत नहीं है. इसके अलावा अब यात्री ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल पाएंगे. यह सुविधा खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो बड़े शहरों में रहते हैं, जहां कई रेलवे स्टेशन होते हैं.
नंबर 6- पैन कार्ड के नए नियम
अब पैन कार्ड बनवाने के लिए सिर्फ आधार कार्ड काफी नहीं होगा. अभी तक लोग सिर्फ आधार कार्ड के जरिए PAN कार्ड के लिए आवेदन कर सकते थे. लेकिन 31 मार्च 2026 के बाद यह सुविधा खत्म हो जाएगी. 1 अप्रैल से आवेदन करते समय आपको जन्म प्रमाण पत्र, वोटर आईडी, 10वीं की मार्कशीट, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस या मजिस्ट्रेट द्वारा जारी हलफनामा जैसे दस्तावेज जमा करने होंगे.
नंबर 7- क्रेडिट स्कोर अपडेट तेजी से होगा
Reserve Bank of India के नए नियम के अनुसार, अब बैंकों को हर हफ्ते लोन से जुड़ी जानकारी अपडेट करनी होगी. इससे आपका क्रेडिट स्कोर जल्दी अपडेट होगा.
नंबर 8- सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड पर टैक्स नियम
अगर आपने गोल्ड बॉन्ड शेयर बाजार से खरीदे हैं, तो अब उस पर 12.5% टैक्स लगेगा. हालांकि, RBI से सीधे खरीदे गए बॉन्ड को मैच्योरिटी तक रखने पर टैक्स छूट मिलती रहेगी.
नंबर 9- ATM ट्रांजैक्शन में बदलाव
अब ATM से सीमित फ्री ट्रांजैक्शन मिलेंगे, उसके बाद चार्ज देना होगा. जैसे- HDFC बैंक के एटीएम से पांच फ्री ट्रांजैक्शन के बाद UPI कैश विद्ड्रॉल पर प्रति ट्रांजैक्शन 23 रुपये शुल्क लिया जाएगा.
नंबर 10- डिजिटल पेमेंट में बदलाव
इन सब से अलग अब डिजिटल पेमेंट में सुरक्षा बढ़ेगी और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन जरूरी होगा. पहले कई बार सिर्फ OTP डालकर पेमेंट पूरा हो जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. अब हर ट्रांजैक्शन के लिए दो तरह की पहचान जरूरी होगी. जैसे- OTP के साथ PIN, पासवर्ड या फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल करना पड़ेगा. यानी अब पेमेंट में एक एक्स्ट्रा सुरक्षा लेयर जुड़ जाएगी.
यानी 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले ये बदलाव आपकी रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करेंगे. इसलिए इन नियमों को पहले से समझ लेना जरूरी है, ताकि आप अपनी फाइनेंशियल प्लानिंग बेहतर तरीके से कर सकें.
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