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दिल दहला देने वाला मामला: प्रेमिका की हत्या के बाद जेवर-कैश लेकर भागा नाबालिग
3 Apr, 2026 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
फर्रुखाबाद । उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के फर्रुखाबाद (Farrukhabad) से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां छह दिन से लापता 9वीं कक्षा की नाबालिग छात्रा (Minor student) की हत्या का सनसनीखेज खुलासा हुआ है. पुलिस के अनुसार नाबालिग प्रेमी और उसके नाबालिग साथी ने नकदी और जेवर के लालच में किशोरी की गला दबाकर हत्या कर दी और शव को बोरे में भरकर काली नदी के पास फेंक दिया. पुलिस ने मुख्य आरोपी को हिरासत में ले लिया है, जबकि उसका साथी फरार बताया जा रहा है.
जानकारी के मुताबिक, नवाबगंज थाना क्षेत्र की रहने वाली 15 वर्षीय छात्रा 28 मार्च की रात संदिग्ध परिस्थितियों में घर से लापता हो गई थी. परिजनों ने उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला. मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी और संदिग्ध परिस्थितियों में गायब होने की गुत्थी सुलझाने में जुट गई.जांच के दौरान पुलिस को चौंकाने वाली जानकारी मिली कि छात्रा ने प्रेमी द्वारा भेजी गई नींद की गोलियां दूध में मिलाकर परिजनों को पिला दी थीं. परिजनों के बेहोश होने के बाद वह घर से 50 हजार रुपये नकद और सोने-चांदी के जेवर लेकर प्रेमी के साथ चली गई थी.
लालच में बदली साजिश, हत्या की वारदात
पुलिस जांच में सामने आया कि गांव के बाहर नलकूप पर प्रेमी और उसका साथी मौजूद थे. नकदी और जेवर देखकर दोनों के मन में लालच आ गया और आरोप है कि दोनों ने मिलकर किशोरी की गला दबाकर हत्या कर दी. हत्या के बाद शव को बोरे में भरकर पहले खेत में छिपाया गया.
अगले दिन आरोपियों ने शव को मोहम्मदाबाद क्षेत्र के काली नदी किनारे फेंक दिया. इस पूरी वारदात ने इलाके में सनसनी फैला दी और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. घटना के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी.
परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने तीन युवकों के खिलाफ मामला दर्ज किया और जांच का दायरा बढ़ाया. शुरुआती पूछताछ में कुछ संदिग्धों को छोड़ा गया, लेकिन पुलिस का कहना है कि आरोपियों पर नजर रखने के लिए ऐसा किया गया था.
सख्ती से पूछताछ में खुला राज
पुलिस ने मुखबिरों और तकनीकी निगरानी की मदद से आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी. इसके बाद मुख्य आरोपी को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया. उसकी निशानदेही पर पुलिस ने शव, जेवर और अन्य सामान बरामद कर लिया है.
घटनास्थल का निरीक्षण पुलिस के आला अधिकारियों ने किया और फॉरेंसिक टीम ने भी अहम साक्ष्य जुटाए. पुलिस फरार आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दे रही है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है.
भरोसे का कत्ल और जांच जारी
प्रेम के नाम पर भरोसे का कत्ल की यह घटना पूरे इलाके को झकझोर देने वाली है. पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और उम्मीद है कि उसे भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा. मामले में पुलिस की कार्रवाई जारी है.
गैस सिलेंडर संकट का असर: रेस्टोरेंट्स ने घटाया स्टाफ, छोटा किया मेन्यू
3 Apr, 2026 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: ईरान से अमेरिका और इजराइल की छिड़ी जंग का असर भारत की फूड और बेवरेज सर्विस इंडस्ट्री में साफ देखा जा सकता है. यह उद्योग हाल ही में कोरोना महामारी के बाद उत्पन्न पाबंदियों की वजह से मार्केट शेयर में हुए नुकसान के बाद ठीक हो रही थी, अब एक और मुश्किल का सामना कर रही है.
कमर्शियल एलपीजी की बढ़ती कीमतों के साथ-साथ सप्लाई में रुकावटों की वजह से पूरे भारत में रेस्टोरेंट के काम पर असर पड़ रहा है. रेस्टोरेंट को स्टाफ की बढ़ती लागत का भी सामना करना पड़ रहा है. रेस्टोरेंट को चलाने के लिए स्टाफ कम करने, अपने मेन्यू को छोटा करने या मेन्यू की कीमतें बढ़ाने का सहारा ले रहे हैं.
कमर्शियल LPG की बदली हुई कीमतें
रेस्टोरेंट इंडस्ट्री बहुत कम प्रॉफिट मार्जिन पर चलती है, और ज्यादातर रिटेल आउटलेट पूरे भारत में लाखों लोगों को नौकरी देते हैं, जबकि उनकी इनपुट कॉस्ट में उतार-चढ़ाव का उन पर काफी असर पड़ता है. रेस्टोरेंट के लिए फ्यूल सबसे बड़े ऑपरेटिंग खर्चों में से एक है और एलपीजी की कीमतें अभी बढ़ रही हैं.
ऐसी स्थिति में रेस्टोरेंट मालिकों का कहना है कि इसका इस बात पर काफी असर पड़ेगा कि कौन वर्कफोर्स को नौकरी देगा और उन्हें पेमेंट करेगा, साथ ही आखिर में रेस्टोरेंट में खाने की कीमतें भी तय होंगी.
रेस्टोरेंट को चालू रखने के लिए स्टाफ और मेन्यू कम करने पर मजबूर होना पड़ा
रेस्टोरेंट मालिकों का कहना है कि एलपीजी की कीमत और सप्लाई में लगातार उतार-चढ़ाव की वजह से उनके पास बने रहने के लिए कड़े कदम उठाने के अलावा कोई चारा नहीं बचा है. कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी के कारण देश भर में कई रेस्टोरेंट असल में अपने दरवाजे बंद कर रहे हैं. वे अपने कर्मचारियों की संख्या कम कर रहे हैं या कुछ समय के लिए बंद कर रहे हैं जब तक कि LPG की कीमत और सप्लाई स्थिर नहीं हो जाती.
सदर में दशकों पुराना खाने का बिजनेस चलाने वाले जय प्रकाश राठौर का कहना है कि, सिलेंडर की कमी की वजह से उनका काम लगभग रूक गया है. उन्होंने कहा कि, उनके पास पहले 30 से 35 वर्कर थे, उसमे से ज्यादातर चले गए हैं. हलवाई का काम पूरी तरह से बंद हो गया है.
जय प्रकाश का कहना था कि, इस बिजनेस में उनके 40 से 50 सालों में, उन्होंने ऐसी मुश्किलें कभी नहीं देखीं. कमर्शियल सिलेंडर न मिलने की वजह से, राठौर को घरेलू एलपीजी सिलेंडर पर निर्भर रहना पड़ा है, जिन्हें अक्सर 3,000 से 4,000 रुपये की बढ़ी हुई कीमतों पर खरीदा जाता है. कुछ दिनों में, उन्हें बिजनेस चलाने के लिए अपने घर के किचन से सिलेंडर भी इस्तेमाल करने पड़े, जिससे घर का खाना बनाने में दिक्कत हुई.
ऐसी ही परेशानी पूरी दिल्ली में दिख रही है. करोल बाग में चेन्नई फ्लेवर्स चलाने वाले राधेश्याम ने कहा कि ज्यादा कीमत और सप्लाई की कमी की वजह से उनके आउटलेट ने घरेलू सिलेंडर इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है. उन्होंने कहा कि,सिलेंडर के दाम बढ़ने से उन्हें खाने की चीजों के दाम बढ़ाने पड़ रहे हैं और मैन्यू कम करना पड़ रहा है.
उन्होंने कहा कि, लाल चटनी, रवा डोसा और उत्तपम जैसी चीज़ें बंद कर दी गई हैं क्योंकि उन्हें पकाने में ज्यादा समय लगता है और गैस का इस्तेमाल भी ज्यादा होता है. आउटलेट अब कम चीजें बनाता है और जल्दी बंद हो जाता है. उन्होंने आगे कहा, "पहले, हमारे पास लंबी लाइनें होती थीं. अब हमें किचन चलाने में मुश्किल हो रही है."
इंडस्ट्री के लोगों का कहना है कि ऐसे बदलाव अब कुछ समय के लिए नहीं हैं, बल्कि बचने की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा हैं. कई रेस्टोरेंट मेन्यू को फिर से डिजाइन कर रहे हैं ताकि उन चीजों पर ध्यान दिया जा सके जो जल्दी और सस्ती बनें, और ज्यादा एनर्जी लेने वाली डिशेज को हटाया जा सके.
कीमतें बढ़ने से ग्राहकों को हो रही है दिक्कत
ऑपरेटिंग कॉस्ट बढ़ने से ग्राहकों को इसका असर महसूस होने लगा है. कई खाने की जगहों और स्ट्रीट वेंडर्स ने कीमतें बढ़ा दी हैं, कुछ मामलों में तो पिछले कुछ हफ्तों में कई बार कीमतें बढ़ी हैं. दिल्ली की एक प्रोफेशनल नेहा वर्मा ने कहा कि फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म पर उनके कई पसंदीदा रेस्टोरेंट अब चालू नहीं हैं. उन्होंने कहा, "जब भी मैं चेक करती हूं, तो वे कुछ समय के लिए बंद दिखाते हैं. बाद में मुझे पता चला कि उन्हें एलपीजी सिलेंडर का इंतजाम करने में मुश्किल हो रही है." गुड़गांव में, साहिल राणा ने स्ट्रीट लेवल पर भी ऐसा ही ट्रेंड देखा.
एक लोकल चाय वाले ने एक कप की कीमत 10 रुपये बढ़ा दी. राणा ने कहा, "उसने कहा कि उसे सिलेंडर 4,000 रुपये में मिल रहे हैं, ऐसे में वह और कैसे मैनेज करेगा." पारंपरिक बाजारों में स्थिति खास तौर पर गंभीर है. सदर बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन फेडरेशन के जनरल सेक्रेटरी राजेंद्र शर्मा ने कहा कि रोज की कमाई पर निर्भर लगभग 60 फीसदी फेरीवाले एलपीजी न मिल पाने की वजह से चले गए हैं.
उन्होंने कहा, "सदर बाजार में, लोगों को पहले 20 से 30 रुपये में पूरा खाना मिल जाता था. आज, यह मुमकिन नहीं है. गरीब ग्राहक जो इतने सस्ते खाने पर निर्भर थे, उन पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है. उन्होंने सरकार से इस कमी को दूर करने की अपील की.
एलपीजी की कीमतों में भारी बढ़ोतरी से संकट शुरू
इस संकट का बड़ा कारण कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में भारी बढ़ोतरी है. 28 मार्च को ईरान-अमेरिका-इजराइल के बीच तनाव बढ़ने के बाद से 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर और 5 केजी वाले फ्री ट्रेड LPG (FTL) सिलेंडर के रेट दूसरी बार बढ़ाए गए हैं. मार्च में 144.5 रुपये की बढ़ोतरी के बाद, अप्रैल में कमर्शियल एलपीजी की कीमतें फिर से लगभग 200 रुपये बढ़ गईं. इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने अब दिल्ली में 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 2,078.5 रुपये कर दी है, जो 7 मार्च की कीमत 1,883 रुपये से 195.5 रुपये ज्यादा है. इसी तरह की बढ़ोतरी मेट्रो शहरों में भी देखी गई, मुंबई में 196 रुपये, चेन्नई में 203 रुपये और कोलकाता में 218 रुपये की बढ़ोतरी हुई है.
घरेलू (14.2 kg) एलपीजी सिलेंडर की कीमतें वैसी ही हैं. घरेलू कीमतों में बढ़ोतरी ग्लोबल ट्रेंड से जुड़ी है. सऊदी अरब का कॉन्ट्रैक्ट प्राइस (CP), जो LPG के लिए अहम भूमिका निभाता है, मार्च से अप्रैल तक लगभग 44 फीसदी से बढ़कर 542 डॉलर से 780 डॉलर प्रति मीट्रिक टन हो गया है. क्योंकि भारत LPG इंपोर्ट पर निर्भर है, इसलिए ग्लोबल मार्केट में उतार-चढ़ाव का स्थानीय स्तर पर तुरंत असर पड़ता है.
वेस्ट एशिया से सप्लाई चेन में रुकावटें
वेस्ट एशिया में भू-राजनैतिक तनाव की वजह से LPG की कीमत बढ़ गई है. इस इलाके में तनाव की वजह से होर्मुज स्ट्रेट से फ्लो में रुकावट आई है, जो पूरी दुनिया के लिए एक जरूरी सेलिंग रूट है. इंडस्ट्री के अधिकारियों का मानना है कि LPG की दुनिया भर में सप्लाई का 20 से 30 फीसदी अब या तो कंजेशन या भू-राजनैतिक अनिश्चितता की वजह से प्रभावित होगा और इसकी वजह से LPG की उपलब्धता बाजार की मांग से कम हो गई है और LPG की कीमत भी बढ़ गई है.
भारत में खाने-पीने की चीज़ों की सर्विस से जुड़े बिजनेस के लिए, एलपीजी की सप्लाई चेन में रुकावट से तुरंत ऑपरेशनल दिक्कतें पैदा होती हैं. छोटे बिजनेस पर सबसे ज्यादा असर कई जगहों पर मौजूद कई बड़ी कंपनियां इन रुकावटों के तुरंत असर को झेल लेंगी, जबकि छोटे रेस्टोरेंट, टेक-आउट या डिलीवरी आउटलेट पर सबसे ज्यादा बोझ पड़ेगा. छोटे ऑपरेटरों में एलपीजी की किल्लत का बड़ा असर देखने को मिल रहा है. इन दिक्कतों के जवाब में, छोटे ऑपरेटर्स को बने रहने के लिए तुरंत और बड़े खर्च में कटौती के तरीके अपनाने पड़ रहे हैं.
बहुत सारे बिजनेस भारी कमी की वजह से कुछ समय के लिए बंद हो गए हैं. वहीं, कई बिजनेस ऐसे हैं जिन्होंने अपनी गतिविधियों को काफी कम कर दिया है. सिर्फ बिजनेस ही इसका असर महसूस नहीं कर रहे हैं. बल्कि कुक, हेल्पर और डिलीवरी करने वाले जैसे वर्कर भी पूरी इंडस्ट्री में स्टाफ में कटौती की वजह से अपनी नौकरी खो चुके हैं।
इंडस्ट्री ने तुरंत सरकारी मदद की मांग की
वहीं, दूसरी तरफ इंडस्ट्री के ज्यादा से ज्यादा स्टेकहोल्डर सरकार से तुरंत एक्शन लेने की मांग कर रहे हैं. वे तीन मुख्य चीजें मांग रहे हैं: कमर्शियल एलपीजी की बढ़ती कीमतों से तुरंत राहत, सप्लाई का बेहतर समन्वय, और छोटे फूड बिजनेस के लिए टारगेटेड मदद.
एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि तुरंत एक्शन लिए बिना, इस इंडस्ट्री पर लंबे समय तक चलने वाले संकट के असर से बड़े पैमाने पर बिजनेस बंद हो जाएंगे और नौकरियां चली जाएंगी, जिससे हाल ही में महामारी से उभरी आर्थिक रिकवरी की संभावना बहुत कम हो जाएगी.
आने वाले हफ्ते भारत में फूड सर्विस इंडस्ट्री के इस हिस्से के लिए बहुत जरूरी होने वाले हैं क्योंकि उन्हें बढ़ती लागत और सप्लाई पाने की अपनी क्षमता को लेकर अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है.
चारधाम यात्रा में गैस की भारी डिमांड, सरकार ने बढ़ाया अलर्ट
2 Apr, 2026 11:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
देहरादून: आगामी चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने कमर्शियल एलपीजी गैस सिलिंडरों की बढ़ती मांग को लेकर व्यापक तैयारी शुरू कर दी है. मुख्य सचिव आनंद बर्धन के निर्देश पर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने केंद्र सरकार से अतिरिक्त गैस आवंटन के लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया है, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की आपूर्ति बाधित न हो.
सप्लाई डिपार्टमेंट की हाई लेवल बैठक, IOCL, BPCL, HPCL के साथ सप्लाई प्लान पर मंथन: सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में चारधाम यात्रा के दौरान संभावित मांग, भंडारण क्षमता, आपूर्ति श्रृंखला, परिवहन व्यवस्था और अंतिम वितरण प्रणाली पर गहन चर्चा की गई. अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि यात्रा शुरू होने से पहले ही पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया जाए और दुर्गम क्षेत्रों तक निर्बाध आपूर्ति के लिए मजबूत लॉजिस्टिक प्लान तैयार किया जाए. साथ ही, रियल टाइम मॉनिटरिंग और समन्वय के जरिए किसी भी आपूर्ति बाधा को तुरंत दूर करने की रणनीति पर जोर दिया गया.
14,901 प्रतिष्ठानों के लिए होगी 9,67,950 सिलिंडरों की जरूरत: विभागीय आंकड़ों के अनुसार अप्रैल से नवंबर 2026 के बीच प्रदेश के 14,901 होटल, रेस्टोरेंट, गेस्ट हाउस और अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में करीब 9,67,950 कमर्शियल एलपीजी सिलिंडरों की आवश्यकता होगी. चारधाम यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आगमन से इन प्रतिष्ठानों में खपत कई गुना बढ़ जाती है. विभाग का मानना है कि इस बार यात्रा और पर्यटन सीजन के संयुक्त प्रभाव से मांग और भी अधिक रह सकती है, इसलिए अग्रिम योजना के तहत अतिरिक्त आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
3000 से बढ़कर 6000 से ज्यादा सिलिंडर प्रतिदिन सप्लाई: विभाग के मुताबिक पिछले कुछ दिनों में गैस आपूर्ति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है. पहले जहां करीब 3000 सिलिंडर प्रतिदिन की सप्लाई हो रही थी. अब इसे बढ़ाकर 6000 से अधिक सिलिंडर प्रतिदिन कर दिया गया है. इस वृद्धि से बाजार में उपलब्धता बेहतर हुई है और मांग-आपूर्ति के बीच संतुलन स्थापित करने में मदद मिली है. अधिकारियों का कहना है कि यात्रा नजदीक आते ही जरूरत पड़ने पर सप्लाई को और बढ़ाने की भी तैयारी रखी गई है.
विभागीय आकलन: यात्रा में 2-3 गुना बढ़ती है खपत: चारधाम यात्रा के दौरान होटल, धर्मशाला, ढाबा और रेस्टोरेंट में गैस की खपत सामान्य दिनों की तुलना में 2 से 3 गुना तक बढ़ जाती है. तीर्थयात्रियों की बड़ी भीड़ के कारण भोजन व्यवस्था पर दबाव बढ़ता है, जिससे कमर्शियल एलपीजी सिलिंडरों की मांग अचानक बढ़ जाती है. यही कारण है कि गैस आपूर्ति को पर्यटन व्यवस्था की रीढ़ माना जाता है और इसमें किसी भी तरह की कमी सीधे व्यवस्था को प्रभावित कर सकती है.
5,389 निरीक्षण, 87 छापेमारी, 16 एफआईआर, 7 गिरफ्तार: कालाबाजारी, ओवरचार्जिंग और घरेलू गैस के व्यावसायिक उपयोग को रोकने के लिए सरकार ने सख्त रुख अपनाया है. 31 मार्च 2026 तक प्रदेशभर में 5,389 निरीक्षण और 87 छापेमारी की गई हैं. इस दौरान 16 एफआईआर दर्ज कर 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. साथ ही 699 घरेलू और 168 कमर्शियल सिलिंडर जब्त किए गए हैं. करीब 1.01 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि यात्रा के दौरान ऐसे अभियान और तेज किए जाएंगे ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो.
पेट्रोल-डीजल सप्लाई पर भी 24x7 निगरानी: सरकार ने एलपीजी के साथ-साथ पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति को भी प्राथमिकता में रखा है. ऑयल कंपनियों के साथ लगातार समन्वय स्थापित कर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि परिवहन, आपातकालीन सेवाओं और आम जनजीवन के लिए ईंधन की उपलब्धता बनी रहे. विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में निर्बाध आपूर्ति के लिए वैकल्पिक व्यवस्था और बैकअप प्लान भी तैयार किए गए हैं.
डिमांड आकलन से लेकर सख्त निगरानी तक फुल प्लान: सरकार इस बार पूरी तरह डेटा आधारित रणनीति पर काम कर रही है, जिसमें डिमांड का सटीक आकलन, केंद्र से अतिरिक्त आवंटन की मांग, सप्लाई चेन को मजबूत करना और जमीनी स्तर पर सख्त निगरानी शामिल हैं. विभाग का कहना है कि चारधाम यात्रा 2026 के दौरान गैस आपूर्ति को लेकर किसी भी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी. इसके लिए विभाग, जिला प्रशासन और ऑयल कंपनियों के बीच निरंतर समन्वय बनाए रखा जा रहा है, ताकि यात्रा सुचारू और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके.
पालतू कुत्ते का खरोंच मामूली समझा, किशोरी की रेबीज से मौत
2 Apr, 2026 09:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
थूथुकुडी: तमिलनाडु के थूथुकुडी जिले में एक दुखद घटना में 11वीं कक्षा की एक 16 साल की छात्रा की रेबीज होने से मौत हो गई. कहा जा रहा है कि उसे अपने पालतू कुत्ते के खरोंचने की वजह से रेबीज हुआ था, जिसका इलाज नहीं किया गया.
घटना और मेडिकल डायग्नोसिस
ओट्टापिदारम के पास पुथियामपुथुर की रहने वाली स्टूडेंट को करीब दो महीने पहले घर पर खेलते समय उसके पालतू कुत्ते ने खरोंच दिया था. परिवार के सूत्रों के मुताबिक उसे खरोंच गंभीर नहीं लगी और उसने अपने माता-पिता को नहीं बताया. 28 मार्च को उसे तेज बुखार हुआ. जब दवा से उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ, तो उसे थूथुकुडी गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहाँ डॉक्टरों ने कन्फर्म किया कि उसे रेबीज हो गया है. फिर उसे एडवांस इलाज के लिए मदुरै राजाजी गवर्नमेंट हॉस्पिटल रेफर किया गया. हालाँकि, मेडिकल मदद के बावजूद उसकी मौत हो गई.
प्रोटोकॉल और अंतिम संस्कार
रेबीज वायरस होने की वजह से हॉस्पिटल अधिकारियों ने बॉडी सीधे परिवार को नहीं दी. हेल्थ सेफ्टी प्रोटोकॉल का पालन करते हुए मदुरै के एक श्मशान घाट में सरकारी देखरेख में अंतिम संस्कार किया गया.
मेडिकल एडवाइजरी
डॉक्टरों ने कहा कि समय पर एंटी-रेबीज वैक्सीनेशन से मौत को रोका जा सकता था, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कुत्ते या बिल्ली जैसे पालतू जानवरों से मामूली खरोंच भी वायरस फैला सकती है. रेबीज एक जानलेवा है लेकिन रोकी जा सकने वाली बीमारी है. किसी भी जानवर के काटने या खरोंच के बाद तुरंत इलाज जरूरी है. इसमें घाव की सफाई और वैक्सीनेशन बहुत जरूरी है.
तमिलनाडु में बढ़ती चिंता
हेल्थ अधिकारियों ने पूरे तमिलनाडु में रेबीज के मामलों में बढ़ोतरी देखी है. अकेले 2025 में रेबीज की वजह से 33 मौतें हुई. सरकार ने तब से कुत्तों के लिए वैक्सीनेशन ड्राइव और जागरूकता अभियान तेज कर दिए हैं. लोगों से जानवरों से होने वाली मामूली खरोंच को भी नजरअंदाज न करने और तुरंत मेडिकल मदद लेने की अपील की है. इस घटना से इलाके में चिंता फैल गई है और रेबीज से बचाव और जल्दी इलाज के बारे में ज़्यादा जागरूकता की जरूरत पर जोर दिया गया है.
डिफेंस एक्सपोर्ट में भारत की छलांग, नए आंकड़ों ने चौंकाया
2 Apr, 2026 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारत के डिफेंस एक्सपोर्ट में इस साल 60 प्रतिशत से भी ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. पिछले साल के मुकाबले इंडिया का डिफेंस एक्सपोर्ट करीब 40 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार (2 अप्रैल, 2026) को बताया है कि भारत कितने हथियार दुनियाभर के देशों को बेचने वाला है. भारत की इस उपलब्धि से पाकिस्तान को बड़ा झटका लगेगा क्योंकि वह खुद अपने हथियारों के लिए चीन और तुर्किए पर निर्भर है. ऐसे में भारतीय हथियारों की बढ़ती लोकप्रियता उसकी टेंशन जरूर बढ़ा देगी।
राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने बताया कि पिछले वित्त वर्ष के 23,622 करोड़ रुपये के मुकाबले इस साल डिफेंस एक्सपोर्ट में 62.66 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. इस उपलब्धि में डिफेंस पब्लिक सेक्टर अनडरटेकिंग (DPSU) और निजी क्षेत्र दोनों का योगदान अहम रहा है. इस पर राजनाथ सिंह ने कहा कि देश सफलता की शानदार कहानी लिख रहा है।
राजनाथ सिंह ने पोस्ट में बताया कि रक्षा निर्यात में यह बड़ी छलांग भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं पर बढ़ते वैश्विक भरोसे को दर्शाती है. उन्होंने कहा कि देश रक्षा निर्यात की शानदार कहानी लिख रहा है. रक्षा मंत्री ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का रक्षा निर्यात 38,424 करोड़ रुपये के उच्च स्तर पर पहुंच गया है
राजनाथ सिंह ने कहा, 'जो भारत कभी सिर्फ हथियारों के आयात के लिए जाना जाता था. अब वह निर्यात के मामले में तेजी से आगे बढ़ रहा है. साल 2014 में भारत का डिफेंस एक्सपोर्ट करीब 600 करोड़ रुपये था, जो आज बढ़कर 38,500 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।'
2014 से 2026 तक 12 सालों में भारत के डिफेंस एक्सपोर्ट में 35 हजार करोड़ रुपये से भी ज्यादा की बढ़ोतर हुई है, जबकि पिछले एक साल में 14,802 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ. राजनाथ सिंह ने कहा कि 14,082 करोड़ रुपये की इस बढ़ोतरी से भारत की स्वदेशी क्षमताओं और उन्नत विनिर्माण क्षमता पर वैश्विक विश्वास झलकता है. उन्होंने बताया कि इस उपलब्धि में डीपीएसयू का योगदान 54.48 प्रतिशत है, जबकी निजी उद्योग का योगदान 45.16 प्रतिशत रहा और यह सहयोगात्मक और आत्मनिर्भर रक्षा परिवेश की ताकत को दर्शाता है. 2024-25 में भारत का डिफेंस एक्सपोर्ट 23,622 करोड़ रुपये और 2023-24 में 21,083 करोड़ रुपये रहा था।
साइबर फ्रॉड के लिए भारतीय SIM कार्ड का अंतरराष्ट्रीय स्मगल, कंबोडिया में पकड़ा गया रैकेट
2 Apr, 2026 07:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हैदराबाद: तेलंगाना साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो (TGCSB) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कंबोडिया से चल रहे साइबर क्राइम नेटवर्क को गैर-कानूनी तरीके से भारतीय SIM कार्ड सप्लाई करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है. अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.
तेलंगाना साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो की डायरेक्टर शिखा गोयल के मुताबिक, मुख्य आरोपी, उत्तर प्रदेश का रहने वाला रिजवान (29) ने सैयद अशरफ अली (30), सैयद सोहेल (32), हैदराबाद के रहने वाले अतीक अहमद (28) और हनमकोंडा के रहने वाले नुने अशोक (29) के साथ मिलकर इस अपराध को अंजाम दिया.
गैंग ने कथित तौर पर 2023 से अब तक 600 से ज्यादा सिम कार्ड विदेशों में स्मगल किए हैं. इस रैकेट का पता तब चला जब चंद्रयानगुट्टा के रहने वाले अशरफ अली को 31 मार्च को शमशाबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रोका गया. जब वह कंबोडिया के लिए फ्लाइट पकड़ने की तैयारी कर रहा था, तो सिक्योरिटी वालों को उसके पास से 198 सिम कार्ड मिले. पूछताछ में उसने कबूल किया कि वह रिजवान के कहने पर सिम कार्ड ले जा रहा था.
जांच में पता चला कि अशरफ पहली बार 2023 में दुबई में रिजवान से मिला था, जहां उसे मोटे कमीशन का लालच दिया गया था. फिर उसने सोहेल, अतीक और अशोक जैसे पॉइंट ऑफ सेल सेंटर चलाने वाले लोकल एजेंटों के जरिए सिम कार्ड खरीदना शुरू कर दिया. इन एजेंटों ने कथित तौर पर अनजान लोगों के आधार डिटेल्स और दस्तावेज का इस्तेमाल करके सिम कार्ड खरीदे.
पुलिस ने कहा कि स्मगल किए गए सिम कार्ड का इस्तेमाल इंटरनेशनल साइबर क्रिमिनल्स फिशिंग, आइडेंटिटी थेफ्ट, इंपरसनेशन और एक्सटॉर्शन के लिए करते थे. अधिकारियों ने कहा कि गैर-कानूनी नेटवर्क इन सिम के जरिए फंड और कम्युनिकेशन रूट करके काम करता था, जिससे पता लगाना मुश्किल हो जाता था.
एक और आरोपी, अरविंद कुमार उर्फ शाहिद, जो नेटवर्क में कूरियर का काम करता था, अभी फरार है. अधिकारी उसे ट्रैक करने और सिंडिकेट की पूरी हद का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं.
अधिकारियों ने नागरिकों को निजी दस्तावेज शेयर करते समय सावधान रहने की चेतावनी दी है, क्योंकि आइडेंटिटी डिटेल्स का गलत इस्तेमाल साइबर क्राइम ऑपरेशन में एक अहम टूल बनता जा रहा है.
प्रफुल्ल पटेल और तटकरे पर लगे आरोपों को पार्थ पवार ने बताया बेबुनियाद
2 Apr, 2026 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई।दिवंगत एनसीपी नेता अजित पवार के बेटे पार्थ पवार ने प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे के खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों को बेबुनियाद और अटकलों पर आधारित करार दिया है। उन्होंने कहा कि इन वरिष्ठ नेताओं को निशाना बनाने वाली खबरें पूरी तरह निराधार हैं।
सुनेत्रा की नाराजगी अटकलों के बीच पार्थ की अहम टिप्पणी
पार्थ पवार ने बयान में कहा कि इस तरह की कहानियां सिर्फ कल्पना हैं और सम्मानित नेताओं को गढ़े गए विवादों में घसीटने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि पटेल और तटकरे ने दशकों तक पार्टी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और नेतृत्व का परिचय दिया है, जो आज भी संगठन का मार्गदर्शन कर रहा है। ऐसे निराधार आरोप बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं और इन्हें खारिज किया जाना चाहिए। पार्थ का यह बयान उस समय आया है जब यह चर्चा चल रही है कि उनकी मां और महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार, पटेल और तटकरे से नाराज हैं।
पटेल और तटकरे द्वारा दी गई सफाई से सुनेत्रा पवार संतुष्ट नहीं
वहीं, रोहित पवार ने पिछले सप्ताह दावा किया था कि सुनेत्रा पवार ने 10 मार्च को भारतीय चुनाव आयोग को पत्र लिखकर खुद को पार्टी अध्यक्ष नियुक्त किए जाने की जानकारी दी थी। उन्होंने यह भी कहा था कि उनके पति अजित पवार की 28 जनवरी को हवाई दुर्घटना में मौत के बाद पार्टी की ओर से भेजे गए किसी भी पुराने पत्राचार को नजरअंदाज किया जाए। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि पार्टी प्रमुख बनने से पहले चुनाव आयोग को भेजे गए पत्र को लेकर पटेल और तटकरे द्वारा दी गई सफाई से सुनेत्रा पवार संतुष्ट नहीं थीं।
रोहित पवार के अनुसार, पटेल और तटकरे ने 16 फरवरी को चुनाव आयोग को पत्र लिखकर पार्टी संविधान में संशोधन और सभी अधिकार कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल को दिए जाने की जानकारी दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम पार्टी पर नियंत्रण हासिल करने की कोशिश थी। इस बीच, सुनेत्रा पवार द्वारा कथित रूप से चुनाव आयोग को भेजे गए चार पन्नों के पत्र की कॉपी सोशल मीडिया पर सामने आई है। इस पत्र में पटेल और तटकरे का बिना किसी पदनाम के उल्लेख होने से संगठन में उनकी स्थिति को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
दिल्ली दौरे पर सुनेत्रा के साथ नहीं दिख पटेल और तटकरे
पार्टी प्रवक्ताओं ने इस पत्र पर प्रतिक्रिया के लिए किए गए संपर्क का जवाब नहीं दिया। गौरतलब है कि सुनेत्रा पवार गुरुवार को दिल्ली दौरे पर थीं और उनके साथ पटेल और तटकरे की गैरमौजूदगी ने भी कई सवाल खड़े किए। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि वह अभी राज्यसभा सदस्य हैं और बजट सत्र के अंतिम दिन संसद में मौजूद रहीं।
वोटर लिस्ट विवाद: मालदा में न्यायिक अधिकारियों पर बंधक बनाकर विरोध प्रदर्शन
2 Apr, 2026 05:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मालदा: पश्चिम बंगाल के मालदा में बुधवार देर रात पुलिस को कालियाचक-2 में बीडीओ कार्यालय से SIR प्रक्रिया में शामिल तीन महिलाओं समेत सात न्यायिक अधिकारियों को छुड़ाना पड़ा. खबर के मुताबिक, स्थानीय लोग राज्य में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए वोटर लिस्ट से उनके नाम हटाए जाने का विरोध कर रहे थे. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने न्यायिक अधिकारियों को ऑफिस में 9 घंटे तक बंधक बनाए रखा.
अधिकारियों ने बताया कि बुधवार दोपहर के आसपास कुछ लोगों ने कालियाचक-2 बीडीओ ऑफिस के बाहर विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया. उनकी शिकायत थी कि SIR प्रक्रिया के दौरान उनके नाम काट दिए गए थे. प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, विरोध प्रदर्शन देर रात तक जारी रहा. पुलिस ने आखिरकार आधी रात के आसपास न्यायिक अधिकारियों को छुड़ाया. मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने अब हाल ही में नियुक्त पश्चिम बंगाल के एक्टिंग डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस, सिद्ध नाथ गुप्ता से इस घटना पर रिपोर्ट मांगी है.
जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने शुरू में न्यायिक अधिकारियों से मिलने की मांग की थी. ऑफिस में घुसने से मना करने पर, उन्होंने शाम करीब 4 बजे अपना प्रदर्शन शुरू कर दिया. उसके बाद प्रदर्शनकारियों ने पूरे BDO ऑफिस परिसर को घेर लिया.
आधिकारिक सूत्रों ने पुष्टि किया है कि प्रदर्शन के दौरान ऑफिस के अंदर फंसे लोगों में तीन महिला न्यायिक अधिकारी भी थीं. चुनाव आयोग ने पूरे मामले पर कड़ी नाराजगी जताई है. राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) के ऑफिस के एक अधिकारी ने बताया कि, इस पूरे मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दी गई है. जिला मजिस्ट्रेट और एसपी को तुरंत मौके पर पहुंचने का आदेश दिया गया है. उन्होंने कहा कि डीजीपी से भी घटना की रिपोर्ट मांगी गई है.
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार, न्यायिक अधिकारी अभी उन वोटरों से जुड़े मामलों की जांच कर रहे हैं जिनके नाम 28 फरवरी को जारी वोटर लिस्ट में 'अंडर एडजुडिकेशन' (न्याय निर्णय के अधीन) के तौर पर चिन्हित किए गए थे. इस काम का मकसद यह सही-सही पता लगाना है कि इन नामों को लिस्ट में रखा जाना चाहिए या हटा दिया जाना चाहिए.
गुरुवार सुबह ओल्ड मालदा में भी ऐसा ही विरोध प्रदर्शन हुआ. जिन मतदाताओं के नाम SIR से बाहर थे, उन्होंने नारायणपुर बीएसएफ कैंप के पास नेशनल हाईवे 12 को ब्लॉक कर दिया. हालांकि, कल की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन आज शुरू से ही सतर्क रहा. पुलिस और सेंट्रल फोर्स की एक बड़ी टुकड़ी पहले ही मौके पर पहुंच चुकी है.
मैनुल हक नाम के एक प्रदर्शनकारी का कहना था कि, इस इलाके के 7 से 8 गांव से अल्पसंख्यक समुदाय के लोग यहां जमा हुए हैं. उनका कहना था कि, एसआईआर के बहाने अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के नाम चुन-चुनकर हटाए जा रहे हैं.
उनका कहना था कि, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने पहले कहा था कि, जिन लोगों के माता-पिता का नाम 2002 की वोटर लिस्ट में था, उनके नाम अपने आप मौजूदा लिस्ट में शामिल हो जाएंगे. अब, अचानक 'लॉजिकल गड़बड़ियों' का हवाला देकर इन सही वोटरों के नाम भी लिस्ट से हटा दिए गए.
मैनुल हक ने बताया कि, इन वोटरों के बाहर होने की दर लगभग 50 प्रतिशत है. उनमें से कई तो लगभग 150 साल पुरानी पीढ़ियों से यहां रह रहे हैं. ऐसे में उनकी मांग है कि सभी सही वोटरों के नाम वापस जोड़े जाएं. उन्होंने यह भी बताया कि, इसके अलावा कई अयोग्य वोटरों के नाम भी लिस्ट में शामिल किए गए हैं, जिसका वे कड़ा विरोध करते हैं.
कानपुर से सामने आया भयावह सच: अवैध किडनी ट्रांसप्लांट का जाल
2 Apr, 2026 05:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कानपुर। कानपुर पुलिस ने चिकित्सा जगत को शर्मसार करने वाले एक बड़े किडनी_रैकेट का पर्दाफाश किया है।जिस में अब तक 60 से ज्यादा अवैध किडनी ट्रांसप्लांट की बात सामने आई है। पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई में आरोही' और आहूजा' अस्पतालों को सील कर संचालक डॉक्टरों समेत छह आरोपियों को जेल भेजा गया। यह गिरोह टेलीग्राम के जरिए डोनर और रिसीवर के बीच सौदेबाजी करता था जिस।में बिहार के एमबीए छात्र को डोनर और मेरठ की महिला को रिसीवर के रूप में जोड़ा गया। आठवीं पास एम्बुलेंस चालक शिवम अग्रवाल खुद को डॉक्टर बताकर मरीजों को जाल में फंसाता था। गोपनीय तरीके से अस्पतालों में रात के समय बिना किसी रिकॉर्ड के ये ऑपरेशन किए जाते थे। यह लोग जिन की किडनी निकालते थे उस को तीन से चार लाख देते थे फिर आगे यह किडनी 60 लाख में बेचते थे।कानपुर पुलिस ने बहुत बढ़िया काम किया है जो इस पूरे रैकेट का भंडाफोड़ किया है।
मंदिर हादसा: पुलिस ने चार पुजारियों को किया गिरफ्तार, 20 लोग आरोपी
2 Apr, 2026 03:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कई लोगों ने हादसे के लिए कुप्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया
पटना। बिहार में नालंदा के मघड़ा शीतला मंदिर हादसे में 20 लोगों पर मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में पुलिस ने चार पुजारियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की गिरफ्त में आए इन पुजारियों पर रुपए लेकर पूजा करवाने और महिलाओं पर डंडे चलाने का आरोप है। दीपनगर थाने की दारोगा के बयान के बाद एफआईआर दर्ज दर्ज की है। मामले में 20 नामजद और कई अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया। नामजद लोगों में 18 पंडा समाज के लोग और उनके दो सहयोगी शामिल हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बिहार के नालंदा जिले में स्थित शीतला माता मंदिर में मंगलवार को धार्मिक सभा के दौरान भगदड़ मच गई थी। इस दौरान आठ महिलाओं की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए थे। यह घटना तब हुई जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए जमा हुए थे, जिससे वहां भारी भीड़ हो गई और अचानक मची भगदड़ में कई लोग कुचल गए। बिहार सरकार ने इस घटना की जांच के आदेश दिए हैं। घटनास्थल से सामने आए विजुअल्स में मंदिर परिसर के अंदर भारी तादाद में भीड़ और अफरा-तफरी का माहौल दिखाई दे रहा है। जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारी और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
बिहार शरीफ के सहायक पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मंगलवार सुबह शीतला माता मंदिर में मची भगदड़ में करीब आठ महिलाओं की मौत हो गई। पुलिसकर्मी और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया। चश्मदीदों ने बताया कि हर मंगलवार को मंदिर में भारी भीड़ उमड़ती है, जिसमें पटना समेत राज्य के कई इलाकों से श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। कई लोगों ने इस हादसे के लिए कुप्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया है। एक चश्मदीद ने कहा कि यह सब कुप्रबंधन की वजह से हुआ है, जबकि दूसरे शख्स ने कहा कि कोई भी कतार में खड़ा नहीं होना चाहता था और हर कोई सबसे पहले दर्शन करना चाहता था। चैत्र महीने का आखिरी मंगलवार होने के कारण भीड़ और भी ज्यादा भीड़ थी।
बगावत भुलाकर भारत ने पड़ोसी देशों को दिया ऊर्जा सुरक्षा का भरोसा
2 Apr, 2026 11:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। अमेरिका-इजरायल युद्ध ने पूरी दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति को झकझोर कर रख दिया है। विशेष रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने से, जहां से वैश्विक तेल और गैस का 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है, दक्षिण एशियाई देशों में हाहाकार मचा है। इस महासंकट के बीच भारत ने अपनी नेबरहुड फर्स्ट (पड़ोसी प्रथम) नीति का परिचय देते हुए उन देशों की ओर भी मदद का हाथ बढ़ाया है, जिन्होंने हाल के वर्षों में भारत विरोधी रुख अपनाया था। मालदीव और बांग्लादेश जैसे देशों ने, जो कभी इंडिया आउट और बॉयकॉट इंडिया जैसे अभियानों में मशगूल थे, आज गहरे ईंधन संकट के समय नई दिल्ली को ही अपना सबसे भरोसेमंद साथी पाया है।
मालदीव की बात करें तो राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने इंडिया आउट के नारे पर सत्ता हासिल की थी और भारतीय सैन्य कर्मियों को बाहर निकाल दिया था। हालांकि, युद्ध के कारण तेल की किल्लत और चीन से तत्काल राहत न मिलने पर उन्हें भारत का ही रुख करना पड़ा। भारत ने कूटनीतिक परिपक्वता दिखाते हुए मालदीव के पर्यटन उद्योग को बचाने के लिए आपातकालीन कोटे के तहत पेट्रोल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) की विशेष खेप भेजी है। मुइज्जू ने अब भारत को मालदीव का सबसे भरोसेमंद साझेदार स्वीकार किया है। इसी तरह, बांग्लादेश में अगस्त 2024 के सत्ता परिवर्तन के बाद उभरी भारत विरोधी भावनाओं और बॉयकॉट इंडिया अभियान के बावजूद, भारत ने मानवता को प्राथमिकता दी है। ईरान युद्ध के कारण बांग्लादेश का पावर ग्रिड और कपड़ा उद्योग ठप होने की कगार पर है। ऐसे में भारत ने मैत्री पाइपलाइन के जरिए हाई-स्पीड डीजल की आपूर्ति बढ़ा दी है। मार्च 2026 में भारत ने 15,000 टन डीजल भेजा और अगले महीने 40,000 टन अतिरिक्त आपूर्ति की योजना है। बिजली आपूर्ति को भी बिना किसी बाधा के जारी रखा गया है ताकि वहां की अर्थव्यवस्था पूरी तरह न ढह जाए।
श्रीलंका में भी स्थिति गंभीर है, जहां राष्ट्रपति दिसानायके के अनुरोध पर भारत ने 28 मार्च 2026 को 38,000 मीट्रिक टन ईंधन की खेप कोलंबो भेजी। श्रीलंका ने इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्री जयशंकर का सार्वजनिक रूप से आभार व्यक्त किया है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत अपनी घरेलू जरूरतों को संतुलित करते हुए पड़ोसियों को एनर्जी सिक्योरिटी प्रदान कर रहा है। ईरान युद्ध ने यह साबित कर दिया है कि वैश्विक अस्थिरता के समय जहां अन्य देश व्यावसायिक हित देखते हैं, वहीं भारत वसुधैव कुटुंबकम के सिद्धांत पर चलते हुए एक निस्वार्थ रक्षक की भूमिका निभा रहा है।
Moon Mission की नई उड़ान: NASA का Artemis II लॉन्च, इंसानों का चांद तक सफर शुरू
2 Apr, 2026 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हैदराबाद: NASA ने Artemis II मिशन को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया है. इस मिशन के तहत चार अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा की परिक्रमा पर भेजा गया है. इन अंतरिक्ष यात्रियों में तीन पुरुष और एक महिला शामिल हैं. यह मिशन साल 1972 में Apollo 17 के बाद, चंद्रमा की पहली मानव-युक्त यात्रा है, जो पृथ्वी का प्राकृतिक उपग्रह है. यह मिशन, विज्ञान और अन्वेषण के उद्देश्यों से चंद्रमा पर मानव की दीर्घकालिक उपस्थिति स्थापित करने के NASA के प्रयासों का एक हिस्सा है.
बता दें कि नवंबर 2022 में Artemis I की सफलता को आगे बढ़ाते हुए, यह नया मिशन क्रू को पृथ्वी की निचली कक्षा से भी आगे ले जाएगा, और चंद्रमा के पास से गुज़रने (lunar flyby) की कोशिश करेगा, और 'फ्री-रिटर्न' रास्ते पर चलेगा. इस मिशन को Space Launch System (SLS) रॉकेट और Orion अंतरिक्ष यान से लॉन्च किया गया है. यह मिशन, भविष्य के मानव चंद्र अन्वेषण मिशनों के लिए ज़रूरी सिस्टम और हार्डवेयर की पुष्टि करने में मदद करेगा.
क्या है Artemis II मिशन का मकसद
Artemis II गहरे अंतरिक्ष मिशनों के लिए ज़रूरी क्षमताओं की एक विस्तृत श्रृंखला का प्रदर्शन करेगा और चंद्रमा पर उतरने की नींव रखेगा. इसके साथ ही, यह मिशन इस बात पर भी नज़र रखेगा कि अंतरिक्ष का अंतरिक्ष यात्रियों के शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है. इसके लिए, वैज्ञानिक अंतरिक्ष यात्रियों की यात्रा से पहले और बाद, दोनों ही समय उनके रक्त से 'ऑर्गेनॉइड्स' (organoids) नामक ऊतक के नमूने तैयार करेंगे.
Artemis II के क्रू में कौन शामिल
Artemis II के क्रू में NASA के अंतरिक्ष यात्री रीड वाइज़मैन (कमांडर), विक्टर ग्लोवर (पायलट) और क्रिस्टीना कोच (मिशन स्पेशलिस्ट) के साथ-साथ कनाडाई अंतरिक्ष यात्री जेरेमी हैनसेन (मिशन स्पेशलिस्ट) शामिल हैं.
चूंकि अब NASA अंतरिक्ष यात्रियों को स्पेस में स्मार्टफ़ोन ले जाने की अनुमति देता है, इसलिए Artemis II के अंतरिक्ष यात्री ज़्यादा आज़ादी से फ़ोटो और वीडियो ले पाएंगे. पृथ्वी के नागरिक NASA के खास ऑनलाइन ट्रैकिंग टूल, Artemis Real-time Orbit Website (AROW) के ज़रिए इस अंतरिक्ष मिशन को रियल-टाइम में ट्रैक कर सकते हैं. यह टूल NASA की वेबसाइट (nasa.gov/trackartemis) और मोबाइल ऐप पर उपलब्ध है.
कैसे होगी Artemis II की घर वापसी
कुल दस दिनों तक चलने वाला Artemis II मिशन, चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण बल का इस्तेमाल करके एक 'स्लिंगशॉट' पैंतरा अपनाएगा, जो अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी पर वापस लौटने की चार-दिवसीय यात्रा पर आगे बढ़ाएगा. पहुंचने पर, सर्विस मॉड्यूल क्रू मॉड्यूल से अलग हो जाएगा, जिसमें अंतरिक्ष यान का मुख्य प्रोपल्शन सिस्टम होता है.
इसके बाद, अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी के वायुमंडल में फिर से प्रवेश करेंगे और पैराशूट की मदद से नीचे उतरेंगे. अंतरिक्ष यात्रियों का पॉड कैलिफ़ोर्निया के तट के पास समुद्र में उतरेगा. Artemis II, इसके बाद आने वाले Artemis III मिशन के लिए एक सीढ़ी का काम करेगा. यह मिशन पहली बार इंसानों को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास के क्षेत्र की खोज के लिए भेजेगा, जो चंद्रमा की सतह पर इंसानों की वापसी का प्रतीक होगा.
महाराष्ट्र में दर्दनाक हादसा: तेज रफ्तार ट्रक ने पिकअप को मारी टक्कर, छह की मौत
2 Apr, 2026 10:32 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जालना (महाराष्ट्र): महाराष्ट्र में बुधवार को एक भीषण हादसा हो गया. समृद्धि एक्सप्रेसवे के पास कदवांची इलाके में एक ट्रक की मजदूरों से भरी पिकअप से भिड़ंत हो जाने से छह महिला मजदूरों की मौत हो गई. वहीं सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए.
बताया जाता है कि नागपुर से मुंबई की ओर जा रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने मजदूरों को ले जा रही एक पिकअप गाड़ी को पीछे से टक्कर मार दी. इस हादसे में छह महिला मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 7 से 8 घायलों को तुरंत इलाज के लिए जालना सरकारी जनरल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है.
घायलों का अभी आगे का मेडिकल इलाज चल रहा है. वहीं घटना की जानकारी मिलने पर जालना पुलिस और समृद्धि हाईवे पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची.
उन्होंने बचाव अभियान शुरू किया, और स्थानीय नागरिक भी घायलों को अस्पताल ले जाने में मदद करने के लिए राहत कार्यों में शामिल हुए.
इस बीच, शिवसेना विधायक अर्जुन खोतकर ने जालना सरकारी जनरल हॉस्पिटल का दौरा किया और घायलों का हालचाल पूछा. उन्होंने जिला सिविल सर्जन डॉ. राजेंद्र पाटिल से चर्चा की और घायलों को तुरंत मेडिकल मदद देने के निर्देश दिए.
उन्होंने कहा कि अगर गंभीर रूप से घायल लोगों के लिए जरूरत पड़ी तो तुरंत और डॉक्टरों और खून की आपूर्ति का इंतजाम किया जाएगा. इसके अलावा, उन्होंने साफ किया कि वह मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री से बात करेंगे ताकि यह पक्का हो सके कि मरने वालों के परिवारों को आर्थिक मदद दी जाए. पुलिस अभी इस मामले में आगे की जांच कर रही है.
क्रूरता की हद: फोटोशूट के लिए रंगे हाथी की मौत, विदेशी इन्फ्लुएंसर पर होगी कार्रवाई
2 Apr, 2026 10:16 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जयपुर में एक विदेशी सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर के फोटोशूट के लिए गुलाबी रंग में रंगे गए हाथी की मौत के बाद विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। दरअसल करीब डेढ़ महीने पहले हाथी की मौत हुई थी, जिसके बाद अब वन विभाग ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। बता दें कि वन्यजीव प्रेमियों और पशु अधिकार कार्यकर्ताओं ने इसे सीधे तौर पर पशु क्रूरता का मामला बताया है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
दरअसल यह मामला तब सामने आया जब रूस की इनफ्लुएंसर जूलिया बुरुलेवा द्वारा पोस्ट किए गए वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगीं। जूलिया पिछले साल जयपुर घूमने आई थीं और यहां की “पिंक सिटी” पहचान से काफी प्रभावित हुईं। इसी वजह से उन्होंने आमेर किले के पास स्थित हाथी गांव में एक थीम बेस्ड फोटोशूट कराने का फैसला किया। इस फोटोशूट में 65 साल के एक बुजुर्ग हाथी और एक महिला मॉडल यशस्वी को गुलाबी रंग में रंगा गया था। जूलिया ने करीब तीन महीने पहले इन तस्वीरों और वीडियो को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया था, जो अब फिर से चर्चा में आ गए हैं।
नैतिकता पर सवाल
शुरुआत में इन तस्वीरों और वीडियो ने लोगों का ध्यान खींचा, लेकिन जल्द ही पशु प्रेमियों ने जानवरों को इस तरह रंगने की सुरक्षा और नैतिकता पर सवाल उठाना शुरू कर दिया। विवाद तब और बढ़ गया जब यह जानकारी सामने आई कि जिस हाथी को गुलाबी रंग में रंगा गया था, उसकी करीब डेढ़ महीने पहले मौत हो चुकी है। इस खबर के सामने आते ही सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई और मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया।
पशु अधिकार कार्यकर्ताओं ने घटना को जानवरों के प्रति क्रूरता बताया
वन्यजीव प्रेमियों और पशु अधिकार कार्यकर्ताओं ने इस पूरी घटना को जानवरों के प्रति क्रूरता का उदाहरण बताया है। उनका कहना है कि हाथी की संवेदनशील त्वचा पर रासायनिक रंगों का इस्तेमाल उसकी सेहत के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। केमिकल वाले रंगों से त्वचा में जलन, एलर्जी और कई तरह के संक्रमण हो सकते हैं, जो शरीर के अंदरूनी अंगों को भी प्रभावित कर सकते हैं। कार्यकर्ताओं का मानना है कि हाथी पहले से ही बुजुर्ग था और ऐसे रासायनिक प्रभाव को झेलना उसके लिए मुश्किल रहा होगा। उनका कहना है कि यही उसकी मौत की वजह भी बन सकती है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच करने की मांग की है, ताकि यह साफ हो सके कि हाथी की मौत का असली कारण क्या था। साथ ही उन्होंने इनफ्लुएंसर, फोटोशूट के आयोजकों और हाथी गांव के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की है।
हालांकि हाथी गांव विकास समिति के अध्यक्ष बबलू खान ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। उनका कहना है कि हाथी को बहुत थोड़े समय के लिए ही रंगा गया था और इसमें किसी भी तरह के हानिकारक रासायनिक रंगों का इस्तेमाल नहीं किया गया था। उन्होंने दावा किया कि इस्तेमाल किए गए रंग प्राकृतिक और त्वचा के लिए सुरक्षित थे। बबलू खान के अनुसार जिस हाथी की मौत हुई है वह 65 साल का बुजुर्ग था और उसकी मौत प्राकृतिक कारणों से हुई है। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग हाथियों की उम्र के साथ प्राकृतिक रूप से मौत होना कोई असामान्य बात नहीं है और इस घटना को फोटोशूट से जोड़ना सही नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि हाथी गांव में जानवरों की देखभाल से जुड़े सभी नियमों का पालन किया जाता है।
मामले के तूल पकड़ने और सोशल मीडिया पर बढ़ते दबाव के बाद वन विभाग भी हरकत में आ गया है। वन विभाग के अधिकारियों ने अब इस घटना की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच में यह देखा जाएगा कि फोटोशूट के लिए जरूरी अनुमति ली गई थी या नहीं और क्या जानवर के साथ किसी तरह की क्रूरता की गई है। यदि जांच में बिना अनुमति गतिविधि या जानवर के साथ क्रूरता की पुष्टि होती है, तो दोषियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आस्था का महोत्सव: राम जन्मभूमि हनुमान मंदिर में ध्वजारोहण, खास मेहमानों को निमंत्रण
2 Apr, 2026 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आज हनुमान जयंती है और इस खास मौके पर राम जन्मभूमि परिसर के परकोटे के दक्षिण भुजा में बनाए जा रहे हनुमान मंदिर में धर्म ध्वजा का आरोहण किया जाएगा। चैत्र पूर्णिमा और हनुमान जयंती होने से यह आरोहण और भी खास बन गया है। मंदिर में विराजे भगवान श्री राम के अनन्य भक्त बजरंगबली की विधि विधान से पूजा करने के बाद धर्म ध्वजा लहराई जाएगी।
रामनवमी की मौके पर रामलला का विशेष श्रंगार कर सूर्य तिलक किया गया था। इस दौरान भक्तों की भारी भीड़ मंदिर में देखने को मिली थी और दर्शन व्यवस्था में भी बदलाव आया था। अब एक बार फिर मंदिर परिसर में कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।
कैसा है आज का कार्यक्रम
आज 11 बजे रखे गए इस कार्यक्रम में मंदिर आंदोलन के सूत्रधार रह चुके पूर्व सांसद विनय कटियार धर्म ध्वजा का आरोहण करने वाले हैं। मंदिर समिति की ओर से उन्हें मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाया गया है। यह पहली बार है जब वह राम जन्मभूमि परिसर के किसी आयोजन का हिस्सा बन रहे हैं। उनके साथ यहां बजरंग दल के अध्यक्ष रहे और वर्तमान में महाराष्ट्र भाजपा के साथ प्रभारी जयभान सिंह पवैया विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
इन लोगों को किया गया आमंत्रित
ट्रस्ट की ओर से इस ध्वजारोहण के लिए रामनगरी के साधु संतों के साथ डेढ़ सौ अन्य लोगों को आमंत्रित किया गया है। धर्म ध्वजा के आरोहण के बाद हनुमान मंदिर पूरे दिन खुला रहेगा। इस तरह से आने वाले अतिथि, ट्रस्ट और काम कर रही एजेंसियों के कर्मचारियों से लेकर सुरक्षाकर्मियों को दर्शन करने का मौका मिलेगा।
सामान्य दर्शनार्थियों को नहीं है अनुमति
जो सामान्य दर्शनार्थी रामलला के दर्शन के लिए पहुंचने वाले हैं उन्हें हनुमान मंदिर में दर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजरंगबली की प्रतिमा के प्राण प्रतिष्ठा बीते वर्ष की थी। उस समय परकोटे के बाकी 6 पूरक मंदिरों और राम मंदिर के प्रथम तल पर राम परिवार को प्रतिष्ठित किया गया था। ट्रस्ट की ओर से तभी से इन सभी मंदिरों में नियमित पूजन अर्चन की जा रही है लेकिन आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन अभी तक प्रारंभ नहीं हुए। पूजा के पश्चात प्रतिदिन मंदिर को बंद कर दिया जाता है।
मंदिर समिति का क्या कहना
हनुमान मंदिर पर किए जा रहे हैं ध्वजारोहण के चलते मंदिर पूरा दिन खुला रखने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में ट्रस्ट के पदाधिकारी का कहना है कि हनुमान मंदिर में ध्वज लहराने के बाद चार पूरक मंदिरों में ध्वजा फहराना बाकी रहेगा। इनमें माता दुर्गा, शिव और गणेश मंदिर के साथ एक शेषावतार मंदिर भी मौजूद है। माता अन्नपूर्णा और भगवान सूर्य देव के मंदिर पर ध्वज लगाया जा चुका है।
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18वीं लोकसभा का सातवां सत्र संपन्न: 9 विधेयक पारित, लेकिन संविधान संशोधन बिल अटका
