जेप्टो बिक्री मामले में डी-मार्ट को पछाड़ सकती है: अधिकारी
नई दिल्ली । क्विक कॉमर्स यूनिकॉर्न ज़ेप्टो की बिक्री अगले 18-24 महीनों में ऑफलाइन रिटेल दिग्गज डीमार्ट से अधिक हो सकती है। इसके साथ ही जेप्टो का वार्षिक राजस्व अगले 5-10 वर्षों में 2.4 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है। कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने हाल ही में नई दिल्ली में सातवें जेआईआईएफ फाउंडेशन डे कार्यक्रम के दौरान कहा। उन्होंने कहा कि डीमार्ट एक 30 अरब डॉलर की कंपनी है और हमारी बिक्री उससे सिर्फ 4.5 गुना कम है। यदि हम सही तरीके से काम करने में सक्षम रहते हैं, तो हम हर साल 2-3 गुना बढ़ते रहेंगे और अगले 18-24 महीनों में उसे पछाड़ सकते हैं। यदि हम सही तरीके से काम करते हैं, तो हम इस व्यवसाय को आज की 10,000 करोड़ रुपये से अधिक की टॉप लाइन से अगले 5-10 वर्षों में संभावित रूप से 2.5 लाख करोड़ रुपये की टॉप लाइन तक ले जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी का ध्यान देश के टॉप 40 शहरों के 50-75 मिलियन घरों पर रहेगा, जो देश में किराना और दैनिक आवश्यकताओं की खरीदारी का अधिकांश हिस्सा हैं। उन्होंने अनुमान लगाया कि भारतीय किराना बाजार वित्त वर्ष 2029 तक 850 अरब डॉलर का होगा, जिसमें से ये घर 400 अरब डॉलर का योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि किराना सभी श्रेणियों से बड़ा है जो अमेजान और फिल्पकार्ट मिलकर सेवा देते हैं। यदि आप इलेक्ट्रॉनिक्स, परिधान, फर्नीचर आदि सभी को जोड़ लें और उसे दोगुना भी कर दें, तब भी यह किराना और घरेलू आवश्यकताओं जितना बड़ा नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि क्विक-कॉमर्स फर्म ने तीन साल से कम समय में शून्य से 10,000 करोड़ रुपये की बिक्री हासिल की है, जो फ्लिपकार्ट से भी तेज है, जिसने इसे चार साल में हासिल किया था।

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