अग्निवीर परीक्षा क्यों नहीं होती पंजाब में
जालंधर। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कहा है यदि केंद्र में आइएनडीआइए (INDI Alliance) की सरकार बनी तो सबसे पहले ‘अग्निवीर’ योजना को बंद किया जाएगा। वह वीरवार को यहां पत्रकारों से मुखातिब थे। उनके साथ तीन सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी मौजूद थे।
18 साल की उम्र के युवाओं को सेना में किया जाता था भर्ती
बाजवा ने कहा कि जब केंद्र में हमारी सरकार थी तो 18 साल की उम्र के युवाओं को सेना में भर्ती किया जाता था। वह कम से कम 18 साल तक देश की सेवा करता था। अब भाजपा ने इसे केवल चार साल कर दिया है। ‘अग्निवीर’ योजना से पंजाब और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों का नुकसान हुआ है। पंजाबियों में देशभक्ति का जज्बा है।
‘अग्निवीर’ योजना के कारण युवाओं में जज्बा पैदा नहीं होगा। सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल हरवंत सिंह ने कहा कि ‘अग्निवीर’ योजना क्यों लाई गई। इसके पीछे क्या कारण है, केंद्र सरकार ने यह स्पष्ट नहीं किया। सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल जसबीर सिंह धालीवाल ने कहा ‘अग्निवीर’ योजना को पहले पायलट प्रोजेक्ट से इसे परखा जाना चाहिए था। पहले सेना में 20 प्रतिशत पंजाबी युवा होते थे। अब ये मात्र दो प्रतिशत रह गए हैं।
पंजाबी में क्यों नहीं होती अग्निवीर परीक्षा
अग्निवीर की परीक्षा हिंदी और अंग्रेजी में होती है। इसे पंजाबी में भी क्यों नहीं करवाया जाता। सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर काहलों ने कहा कि ‘अग्निवीर’ योजना के कारण नेपाल से गोरखा नहीं आ रहे हैं। इसका फायदा चीन उठा रहा है। उसने अपनी सेना में गोरखा की डिवीजन बनाने का निर्णय लिया है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता व नेता प्रतिपक्ष ने अग्निवीर योजना को बताया गलत। उन्होंने कहा कि इस योजना से पंजाब के युवाओं का नुकसान हुआ

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