पाकिस्तान को उकसा रहा तुर्किये, खुद अपने घर में कर रहा शांति वार्ता
भारत पाकिस्तान युद्ध में पाकिस्तान को हथियार और ड्रोन देकर लड़ाई में घी डालने वाला तुर्किये अपने देश में शांति बनाने के लिए विद्रोही गुटों से समझौता कर रहा है. इंडिपेंडेंट तुर्कसी की एक रिपोर्ट ने तुर्किये और कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी (PKK) के बीच एक अघोषित समझौते के अस्तित्व का खुलासा किया है, जिसके जरिए दशकों से चल रहे सशस्त्र संघर्ष को खत्म किया जाएगा और समूह को पूरी तरह से कानूनी राजनीतिक गतिविधि में परिवर्तित करा जाएगा है.
कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी दश्कों से अपने अस्तित्व अपनी पहचान को बचाने के लिए एर्दुआन की सेना से संघर्ष कर रही है. तुर्किये ने PKK संघर्ष को बलपूर्वक कुचलना चाहा, जिसमें नाकामयाब होने के बाद अब समझौता हो रहा है.
जेल से कुर्दो के नेता किया फैसला
मिडिल ईस्ट आई के दो सूत्रों ने मिडिल ईस्ट आई को बताया कि कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी शुक्रवार को ही यह ऐलान कर सकती है कि उसने तुर्किये के खिलाफ अपने सशस्त्र संघर्ष को खत्म करने का फैसला किया है और खुद को भंग कर देगी.
यह फैसला PKK के जेल में बंद नेता अब्दुल्ला ओकलान की ओर से फरवरी में जारी किए गए एक बयान के बाद लिया गया है, जिसमें उन्होंने 40 साल से भी पहले अपने द्वारा स्थापित संगठन से हथियार डालने का आह्वान किया था. शुक्रवार को PKK ने कहा कि उसने 5 से 7 मई तक एक कांग्रेस आयोजित की और ओकलान के आह्वान पर चर्चा की.
तुर्किये में होगी शांति
पिछले 40 सालों से तुर्किये PKK समूह परेशान हैं. PKK विद्रहियों ने तुर्किये में कई धमाके किए हैं और वह इराक, सीरिया से लगे क्षेत्र में तुर्की सेना से आमेन सामने की लड़ाई में भी शामिल रहे हैं.
कौन हैं कुर्द?
कुर्द एक जातीय समूह है जो पश्चिम एशिया के कुर्दिस्तान के पहाड़ी क्षेत्र में रहता है, जो दक्षिण-पूर्वी तुर्किये, उत्तर-पश्चिमी ईरान, उत्तरी इराक और उत्तरी सीरिया में फैला हुआ है. वे दुनिया के सबसे बड़े राज्यविहीन राष्ट्र हैं, जिनकी संख्या 20 से 40 मिलियन के बीच है.
कुर्दों की मांग रही है उनकी आबादी के हिसाब से दक्षिण-पूर्वी तुर्किये, उत्तरी इराक और उत्तरी सीरिया के हिस्सा मिलकर उनका एक अलग राष्ट्र बने. जिसके वजह से उनका इन देशों की सरकारों के से संघर्ष रहा है.
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