मुंबई में नौ महीने में तीन कैदियों ने की आत्महत्या
मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के घर पर फायरिंग मामले के आरोपी अनुज थापन (32) ने हाल ही में पुलिस हिरासत में आत्महत्या कर ली। पिछले नौ महीने में मुंबई में पुलिस हिरासत में किसी आरोपी की आत्महत्या की यह तीसरी घटना है. गंभीर बात यह है कि जिस वक्त यह घटना हुई उस वक्त वहां चार पुलिसकर्मी तैनात थे. आपको बता दें कि मुंबई के बांद्रा इलाके में अभिनेता सलमान खान के घर पर फायरिंग करने के मामले में मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने सागर पाल (21), विक्की कुमार गुप्ता (24), सोनूकुमार बिश्नोई (35) और अनुज थापन (32) को गिरफ्तार किया था। क्राइम ब्रांच ने उन्हें मुंबई पुलिस आयुक्तालय की हिरासत में रखा था. जिस सेल में अनुज थापन को रखा गया था, उसमें आर्थिक अपराध शाखा और क्राइम ब्रांच के आरोपी एक साथ थे. उनकी सुरक्षा व निगरानी के लिए चार पुलिसकर्मी भी तैनात किये गये थे. थापन ने बीते बुधवार दोपहर बारह से एक बजे के बीच सेल के शौचालय में फटी चादर के टुकड़े और खिड़की के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। थापन की हिरासत में मौत का मामला मुंबई के आज़ाद मैदान पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया। मामले की जांच सीआईडी कर रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी पता चला कि मौत गला घोंटने से हुई है।
नौ महीने में यह तीसरी घटना
मुंबई में नौ महीने में यह तीसरी आत्महत्या की घटना है जब किसी आरोपी ने पुलिस हिरासत में आत्महत्या कर ली है. इससे पहले 8 सितंबर, 2023 को मरोल (पवई) रेजिडेंशियल सोसाइटी के हाउसकीपिंग कर्मचारी विक्रम अटवाल (40) ने अंधेरी में पुलिस हिरासत में आत्महत्या कर ली थी। उसपर 3 सितंबर को मरोल के एक फ्लैट में एक युवा एयर होस्टेस की हत्या का आरोप था। अटवाल ने भी लॉकअप के शौचालय में फांसी लगा ली। उसने यह कदम क्यों उठाया इसका कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। लेकिन यह अनुमान लगाया गया है कि उसने इस चिंता के कारण आत्महत्या कर ली कि उसके अपराध से उसके परिवार की बदनामी होगी। अटवाल की आत्महत्या से करीब डेढ़ महीने पहले एक अन्य हत्या मामले के आरोपी दीपक जाधव (28) ने 28 जुलाई को बोरीवली में पुलिस हिरासत में आत्महत्या कर ली थी. बोरीवली पश्चिम के निवासी जाधव को हत्या के एक मामले में पुणे में भारती विश्वविद्यालय पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद पुणे के यरवदा जेल में रखा गया था। वहां उस पर हमला करने के आरोप में अदालत की अनुमति से बोरीवली पुलिस ने उसे हिरासत में लिया और कोर्ट द्वारा 28 जुलाई तक उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। जाधव को सामान्य पुलिस हिरासत में रखा गया था. लेकिन दोबारा अदालत में पेश होने से पहले ही उसने आत्महत्या कर ली. बहरहाल आरोपियों द्वारा हिरासत में आत्महत्या करने से पुलिस हिरासत में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं.
सीआईडी कर रही अनुज थापन की आत्महत्या की जाँच

हिरासत में किसी आरोपी की मौत के मामले में मामले की जांच तीसरे पक्ष की जांच एजेंसी द्वारा की जाती है। मुंबई में इसकी जांच क्राइम ब्रांच करती है, जबकि राज्य स्तर पर इसकी जांच सीआईडी करती है. लेकिन चूंकि अनुज थापन की मौत क्राइम ब्रांच की हिरासत में हुई थी, इसलिए जांच सीआईडी द्वारा की जा रही है। आरोपी की हिरासत में मौत के बाद जांच एजेंसी द्वारा सीआरपीसी अधिनियम की धारा 174 के तहत जांच की जाती है। इसके अलावा सीआरपीसी एक्ट की धारा 176 के तहत न्यायिक जांच की जाती है. रिपोर्ट देने के बाद अगर कोई दोषी पाया जाता है तो उस पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की जाती है.

एनसीपी विलय की चर्चाओं पर बोलीं सुप्रिया सुले- अधूरे सपने को पूरा करना हमारी जिम्मेदारी
अंबेडकर विवाद पर हाईकोर्ट की टिप्पणी, आपराधिक अवमानना दायर करने एजी ऑफिस की अनुमति आवश्यक
बाथरुम में फिसले या सैनिकों ने पीटा?
होली पर घर जाना हुआ आसान! जयनगर-गोरखपुर के लिए चलेंगी स्पेशल ट्रेनें, फ्लाइट के महंगे टिकटों से मिली बड़ी राहत
धनबाद में SSC MTS परीक्षा में नकल कांड, सेंटर मैनेजर सहित 3 गिरफ्तार
लखनऊ, अयोध्या और काशी की 19 कचहरी में बम धमकी, सुरक्षा कारणों से परिसर खाली कराया गया
मैक्सीजोन स्कैम का 'मास्टरमाइंड' दंपती बेनकाब: 21 बैंक खातों में खपाए 521 करोड़, ED की चार्जशीट से मंचा हड़कंप
मौसम का दोहरा खेल: पहले कड़ाके की ठंड की वापसी, फिर सीधे 28°C पहुंचेगा तापमान; जानें आपके शहर का हाल
आधार सुधार में मनमानी पर रोक, नए नियम जल्द लागू
“हम जनप्रतिनिधि हैं, हमें जनता के बीच जाना......किसानों को लेकर भ्रम पैदा कर रहा विपक्ष
