कम कीमत वाली एसयूवी में भी दिए जा रहे छह एयरबैग
नई दिल्ली। भारत में अब कम कीमत वाली एसयूवी में भी छह एयरबैग ऑफर किए जा रहे हैं। हुंडई मोटर्स की ओर से भारतीय बाजार में एक्सटेर एसयूवी को ऑफर किया जाता है। कंपनी की इस एसयूवी में छह एयरबैग ऑफर किए जाते हैं। यह सेफ्टी फीचर एसयूवी में स्टैंडर्ड तौर पर दिया जाता है।
जिसका मतलब है कि इसके बेस वेरिएंट में भी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गया है। छह एयरबैग के साथ आने वाली यह देश की सबसे सस्ती एसयूवी है। इसकी कीमत 6.12 लाख रुपये एक्स शोरूम से शुरू हो जाती है। महिंद्रा की ओर से अप्रैल के आखिर में एक्सयूवी 3एक्सओ को लॉन्च किया गया था। कंपनी की यह एसयूवी छह एयरबैग के साथ आती है। कंपनी ने इसे 7.49 लाख रुपये की एक्स शोरूम कीमत पर भारतीय बाजार में ऑफर किया है।वेन्यू को भी छह एयरबैग जैसे सेफ्टी फीचर के साथ ऑफर किया जाता है। 10 लाख रुपये से कम कीमत पर मिलने वाली इस एसयूवी में कई और फीचर्स को भी दिया जाता है। इसकी एक्स शोरूम कीमत 7.94 लाख रुपये से शुरू हो जाती है। किआ की ओर से भी सोनेट एसयूवी को बेहतरीन फीचर्स और सेफ्टी के साथ ऑफर किया जाता है। वेन्यू की तरह ही इसमें भी छह एयरबैग ऑफर किए जाते हैं।
एसयूवी के सभी वेरिएंट में इस फीचर को दिया जाता है। किआ सोनेट की एक्स शोरूम कीमत 7.99 लाख रुपये से शुरू होती है।टाटा की ओर से नेक्सन एसयूवी को ऑफर किया जाता है। इस एसयूवी को कंपनी की ओर से कॉम्पैक्ट एसयूवी सेगमेंट में लाया जाता है। सेफ्टी के लिए इसमें भी छह एयरबैग मिलते हैं। इसकी एक्स शोरूम कीमत भी 7.99 लाख रुपये से शुरू हो जाती है। बता दें कि भारत में वाहन निर्माता अब बेहतरीन फीचर्स के साथ ही वाहनों को सुरक्षित बनाने पर भी ध्यान दे रहे हैं। कुछ समय पहले तक महंगी कारों में ही ज्यादा एयरबैग दिए जाते थे।

राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (22 मार्च 2026)
केंद्रीय नीतियों पर उठाए सवाल, आम आदमी की चिंता व्यक्त की
लोगों ने जताई नाराजगी, सोशल मीडिया पर हो रही तीखी प्रतिक्रिया
न्यायिक सुधारों में पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
‘भाजपा की बी-टीम है कांग्रेस’ – सीएम विजयन का विवादित बयान
‘उस समय चिंता जताने वाले शहंशाह चुप क्यों?’ कांग्रेस का तीखा सवाल
चुनावी माहौल में दिया ‘BJP हटाओ, देश बचाओ’ का नारा
फैंस ने खरीदे 6 लाख तक के टिकट, आयोजन हुआ विवादित
हाई कोर्ट में सोम डिस्टिलरीज केस की सुनवाई, ना स्टे मिला ना राहत — 23 मार्च को टॉप प्राथमिकता पर होगी अगली सुनवाई
महापौर का बयान: “जिसकी जरूरत होती है, वही सामान खरीदते हैं”
