लांधड़ी-चिकनवास और भावदीन टोल पर धरना
हरियाणा। संयुक्त किसान मोर्चा ने नेशनल हाइवे जाम कर दिया है। जाम के बाद किसान धरना देकर विरोध जता रहे हैं। फसल खरीद को लेकर किसान विरोधी फैसलों के विरोध में किसानों ने शनिवार को सुबह 11 से 3 बजे तक लांधड़ी चिकनवास टोल के पास रोड़ जाम का एलान किया है। जाम से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन ने 250 कर्मचारियों को तैनात किया है। हिसार- सिरसा हाइवे पर वाहनों को बरवाला रुट पर डायवर्ट किया गया है। संयुक्त किसान मोर्चा संयोजक सरदानंद की अगुवाई में जाम का एलान किया गया है। उन्होंने कहा कि फसल खरीद को लेकर की थोंपी गई शर्तों को किसी सूरत में नहीं मानेंगे। गेट पास और बायोमेट्रिक की जबरदस्ती बंद की जाए। किसान सरकार के नए खरीद नियमों के खिलाफ हैं। गेट पास , बायोमेट्रिक, ट्रैक्टर नाम प्लेट को लेकर किसानों को बहुत दिक्कतें आएंगी। मंडियों के बाहर लंबी लाइनें लग जाएंगी।
जब सरकार के पास किसान का मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल के जरिए पूरा ब्योरा है तो अब जबरदस्ती की शर्त लगाकर क्यों परेशान किया जा रहा है। सरकार कागजी जाल में फंसा कर उसे कुचल रही है। किसान एक ट्राली के साथ बायोमीट्रिक लगाने मंडी में आए या अपनी बची हुई फसल को बचाने का काम करे। किसान अपनी जमीन किसी को बटाई पर देता है, वह किराए पर किसी तीसरे व्यक्ति का ट्रैक्टर लेकर आता है तो तीनों का मिलान कैसे होगा। किसान नेता शमशेर नंबरदार ने बताया कि संयुक्त मोर्चा के आदेश अनुसार अगला फैसला लिया जाएगा।
पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने बताया कि पुलिस के करीब 200 कर्मचारी लांधड़ी व मय्यड़ टोल पर तैनात किए गए हैं। एनएच पर मय्यड़ से अग्रोहा के बीच सभी प्रमुख चौक पर पुलिस बल तैनात है। फायर ब्रिगेड , एंबलुेंस को भी अलर्ट पर रखा गया है। एक इंस्पेक्टर के साथ 71 पुलिस कर्मियों को रिजर्व में रखा गया है। किसी तरह की शिकायत मिलने पर यह रिजर्व टीम तुरंत मौके पर भेजी जाएगी। चिकनवास, अग्रोहा चौक पर भी पुलिस बल तैनात रहेगा। शहर में पुलिस के नाके लगाए गए हैं।
75 हजार रुपये प्रति एकड़ ठेके पर ली थी जमीन
वहीं, शुक्रवार को सिरसा के गांव मीरपुर में 26 एकड़ गेहूं की फसल आग लगने से पूरी तरह नष्ट हो गई। प्रभावित किसान वीरेंद्र कुमार, ललित मोहन और अमित चंद का आरोप है कि शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे रेलवे ट्रैक से गुजर रही ट्रेन से किसी व्यक्ति द्वारा बीड़ी या जलती वस्तु फेंकने के कारण आग लगी। तेज हवा के चलते आग तेजी से खेतों में फैल गई और देखते ही देखते पकी फसल को चपेट में ले लिया। सूचना के बाद दमकल की पांच गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और किसानों के सहयोग से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया लेकिन तब तक 26 एकड़ फसल जलकर राख हो चुकी थी। महिलाओं ने बताया कि यह जमीन उन्होंने 75 हजार रुपये प्रति एकड़ ठेके पर ली थी। चार एकड़ फसल ही बच पाई है। उन्होंने सरकार से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है।
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