जमशेदपुर। बहुचर्चित निखार सबलोक हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ता बताए गए अशोक कुमार सिंह उर्फ राघव को स्वास्थ्य लाभ के बाद पुलिस ने टाटा मुख्य अस्पताल (टीएमएच) से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस की संयुक्त जांच टीम ने इस मामले में राघव समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया था। हिरासत में पूछताछ के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने पर उसे टीएमएच में भर्ती कराया गया था, जहां से डिस्चार्ज मिलते ही पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर उसे जेल भेज दिया। पुलिस जांच के अनुसार, इस पूरे हत्याकांड की योजना तैयार करने में राघव की केंद्रीय भूमिका रही है।

15 लाख की सुपारी और जमीन विवाद में रची गई खूनी साजिश

पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि निखार सबलोक की हत्या के पीछे लगभग तीन एकड़ जमीन का विवाद और आपराधिक गिरोहों के बीच वर्चस्व की रंजिश मुख्य कारण थी। जांच रिपोर्ट के अनुसार, निखार को रास्ते से हटाने के लिए 15 लाख रुपये की सुपारी तय की गई थी। इस साजिश के तार दुमका जेल से जुड़े पाए गए, जबकि शूटरों को साजो-सामान, हथियार और स्थानीय स्तर पर लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी राघव ने संभाली थी।

उत्तर प्रदेश से बुलाए गए पेशेवर शूटरों ने 24 अगस्त को चांडिल के आसनबनी स्थित टेंथ माइल होटल के बाहर निखार सबलोक की ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, मृतक के शरीर पर 11 गोलियों के निशान मिले थे, जो हमले की गंभीरता और सुनियोजित साजिश को स्पष्ट करते हैं।

मोबाइल से मिले डिजिटल साक्ष्य, कोलकाता से वापसी पर हुई थी गिरफ्तारी

पुलिस को तकनीकी जांच के दौरान राघव के मोबाइल फोन से निखार सबलोक की एक तस्वीर बरामद हुई। यही समान तस्वीर वारदात को अंजाम देने वाले शूटरों के मोबाइल से भी बरामद की गई है, जिसे पुलिस इस हत्याकांड का सबसे पुख्ता डिजिटल साक्ष्य मान रही है। वारदात के दिन आरोपी राघव कोलकाता में मौजूद था। वहां से लौटते समय पुलिस टीम ने उसे बहरागोड़ा के समीप धर दबोचा था। पूछताछ के दौरान अस्वस्थ होने पर उसे एमजीएम अस्पताल से टीएमएच रेफर किया गया था।

पुराने विवाद और हथियारों की बरामदगी

राघव के आपराधिक और विवादित इतिहास की पड़ताल में सामने आया है कि वर्ष 2026 में बिष्टुपुर थाने में भी उसके खिलाफ संपत्ति हड़पने, पावर ऑफ अटॉर्नी के दुरुपयोग, वित्तीय धोखाधड़ी और जान से मारने की धमकी से जुड़ी शिकायतें दर्ज कराई गई थीं।

पुलिस ने इस मामले में राघव समेत सभी छह आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त हथियार, मोबाइल फोन और इस्तेमाल की गई कार जब्त कर ली है। अब पुलिस का मुख्य फोकस हत्याकांड की शेष कड़ियों को जोड़ने और इसमें शामिल अन्य मददगारों को कानून के दायरे में लाने पर है।