कपिल सिब्बल ने फॉर्म 17C का किया जिक्र
देश में लोकसभा चुनावों के पांचवें चरण के मतदान पूरे हो गए हैं। वहीं, बाकी बचे दो चुनावों के लिए तैयारियां जोरों पर हैं। इस बीच, चुनाव आयोग विपक्ष के निशाने पर आ गया है। निर्वाचन आयोग पर मतदान के आंकड़ों को देरी से जारी करने के आरोप लगातार लग रहे हैं। वरिष्ठ वकील और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने गुरुवार को चुनाव आयोग के आंकड़े जारी करने के हिचकिचाहट पर सवाल उठाया।सिब्बल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनाना दायर कर बताया कि फॉर्म 17 अपलोड करने का कोई कानूनी प्रावधान नहीं है। उन्होंने इस पर सवाल करते हुए कहा कि फॉर्म 17 को EC अपने वेबसाइट पर क्यों नहीं डालता? इसकी डेटा को सामने रखने में आयोग को क्या समस्या है? उन्होंने आगे कहा कि हम नहीं जानते हैं कि क्या सही है और क्या गलत है।मालूम हो कि सिब्बल का यह बयान आयोग द्वारा बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में दायर किए गए एक हलफानामा के बाद आया है, जिसमें कहा गया है कि फॉर्म 17सी के आधार पर मतदाता मतदान डेटा को खोने से मतदाताओं में भ्रम पैदा होगा क्योंकि इसमें डाक मतपत्र की गिनती भी शामिल होगी। निर्वाचन आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में तर्क दिया कि मतदान केंद्रों में मतदाता मतदान के अंतिम प्रमाणित डेटा को प्रकाशित करने का कोई कानूनी प्राविधान नहीं है।

रिटायर्ड फौजी ने सिर पर राइफल रखकर ट्रिगर दबाया, इलाके में सनसनी
बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुआ सिस्टम, 7 राज्यों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट
जिस वंदे भारत एक्सप्रेस में सवार थे भागवत........उस पर हरदोई में हुई पत्थरबाजी
तकनीक तभी सार्थक जब वह मानव हित में हो, हम एआई को सुशासन और सबके विकास के लिए अपनाएंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सीएम मोहन यादव ने कंपनियों को मध्य प्रदेश आने का दिया निमंत्रण
T20 WC: पाकिस्तान क्रिकेट में बढ़ा बवाल! शादाब खान के 'भारत को नहीं हराया' वाले बयान पर शाहिद अफरीदी का पलटवार
कौन हैं एआई किड ऑफ इंडिया, इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान चर्चा में क्यों? जानिए उनके बारे में सबकुछ
