बिल्डिंग मालिकों के लिए अहम अपडेट, ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट के नियम हुए और कड़े
गुरुग्राम: हरियाणा सरकार ने प्रदेश के रियल एस्टेट सेक्टर और भवन निर्माण नियमों को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार की तरफ से हरियाणा बिल्डिंग कोड के अंतर्गत हाल ही में किए गए संशोधनों को जमीन पर उतारने के लिए नई गाइडलाइन जारी कर दी गई है। इस नई व्यवस्था को पूरी तरह से ऑनलाइन और जवाबदेह बनाने के लिए टाउन प्लानिंग मुख्यालय ने एक विशेष पोर्टल पर काम करना शुरू कर दिया है। इस डिजिटल बदलाव का सबसे बड़ा फायदा आम जनता को होगा क्योंकि अब सभी रिहायशी इमारतों के ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट यानी ओसी सीधे वेबसाइट पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रहेंगे।
आधी-अधूरी इमारतों को सर्टिफिकेट मिलने पर लगेगी पूरी रोक
इस नए पोर्टल के अस्तित्व में आने के बाद भ्रष्टाचार और मनमानी पर काफी हद तक लगाम लग सकेगी। अब तक देखने में आता था कि कई बिल्डर या मकान मालिक अधूरी इमारतों का भी ओसी हासिल कर लेते थे, जिससे वहां रहने आने वाले लोगों को बुनियादी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। सरकार के इस सख्त कदम के बाद अब बिना काम पूरा किए ओसी जारी करना नामुमकिन हो जाएगा क्योंकि पोर्टल पर हर जानकारी पूरी पारदर्शिता के साथ दर्ज होगी और कोई भी नागरिक उसे आसानी से देख सकेगा।
हाई रिस्क टावरों के लिए पैनल वाले आर्किटेक्ट ही होंगे जिम्मेदार
सुरक्षा के लिहाज से हाई रिस्क वाली ऊंची इमारतों और ग्रुप हाउसिंग टावरों के लिए सरकार ने बेहद कड़े नियम बनाए हैं। नई व्यवस्था के तहत इन बड़े प्रोजेक्ट्स को ओसी जारी करने का अधिकार सिर्फ उन्हीं आर्किटेक्ट्स को होगा जो कम से कम पांच साल के अनुभव के साथ सरकार के विशेष पैनल में शामिल होंगे। इसके लिए विभाग जल्द ही योग्य और अनुभवी आर्किटेक्ट्स का एक आधिकारिक पैनल तैयार करने की प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है, जिससे बहुमंजिला इमारतों की निर्माण गुणवत्ता और सुरक्षा को पूरी तरह सुनिश्चित किया जा सके।
व्यवस्था पूरी होने तक पुरानी गाइडलाइन के अनुसार ही जारी होंगे नक्शे
सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि जब तक नया डिजिटल पोर्टल पूरी तरह बनकर तैयार नहीं हो जाता और आर्किटेक्ट्स के पैनल की चयन प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक जनता को परेशान होने की जरूरत नहीं है। इस बीच के समय में विभाग ने स्पष्ट गाइडलाइन दी है कि संशोधन में शामिल कई नई व्यवस्थाएं तभी से लागू मानी जाएंगी जब इनका बुनियादी ढांचा तैयार हो जाएगा। तब तक राज्य में भवनों के नक्शे पास करने और ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट जारी करने का काम पहले से तय नियमों के मुताबिक ही सामान्य रूप से चलता रहेगा।

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