अस्पताल में लापरवाही उजागर, चूहों ने मरीजों के इंजेक्शन को बनाया निशाना
रोहतक। पीजीआई के वॉर्डों में चूहे मरीज व तीमारदारों के खाने-पीने के सामान के बाद अब दवाइयों तक पहुंच चुके हैं। मंगलवार को तो मेडिसिन वॉर्ड के आईसीयू में एक चूहा मरीज को लगने वाला इंजेक्शन ही कुतरकर पी गया।
तीमारदार ने सफाईकर्मी को दी सूचना
आईसीयू में गंभीर मरीजों को एडमिट किया जाता है। यहां ज्यादा मरीजों के लिए ज्यादा साफ-सफाई व देखभाल की आवश्यकता होती है क्योंकि संक्रमण जल्दी फैलने का खतरा रहता है। ऐसे में चूहे आसानी से यहां संक्रमण फैला रहे हैं। तीमारदार के सूचना देने के बाद वॉर्ड में तैनात सफाईकर्मी आईसीयू में पहुंचे। इंजेक्शन की दवा पीने के बाद चूहे बेहोशी की हालत में पहुंच गया। सफाईकर्मियों ने चूहे को कचरा उठाने वाले पात्र से उठाया व बाहर वार्ड के बाहर छोड़ दिया। इतना ही नहीं, मरीजों के बैग में रखे कपड़े को कुतर डालते हैं।
प्रशासन हर बाद देता है आश्वासन
स्वास्थ्य संबंधी समस्या के कारण मरीज व तीमारदार पहले ही परेशान होते हैं। ऐसे में कॉकरोच व चूहे उनकी परेशानी बढ़ा देते हैं। कॉकरोच मरीजों के बेड के पास वाली दराज में घूमते रहते हैं। हर बार प्रशासन की ओर से समाधान का आश्वासन देकर बात टाल दी जाती है।
चूहे के संपर्क में आने से फैलती हैं ये बीमारियां
सिविल अस्पताल के डॉक्टर पवन गोयल ने बताया कि चूहों से प्लेग होने का खतरा रहता है। इनके काटने से फिवर तक हो जाता है। यह इंफेक्शन फैलने का कारण भी बनता है। वॉर्ड में चूहों के घूमने का मामला संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा कुछ है तो इसकी जांच कराई जाएगी।
सीएम हेल्पलाइन की शिकायत का त्वरित समाधान
सपनों को मिला कलेक्टर का साथ, द कलेक्टर्स-15 से शुरू हुई बदलाव की नई इबारत
मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारी राकेश कुमार कुशवाह ने ओपन इंडिया प्री-स्टेट शूटिंग प्रतियोगिता में जीता स्वर्ण पदक
प्रधानमंत्री मोदी ने सीधी जिले में बने 1500 तालाबों और नरसिंहपुर के अमृत सरोवरों का मन की बात में किया उल्लेख
युवाओं के नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को मिलेगा नया आयाम : वित्त मंत्री ओपी चौधरी
जैविक खेती से एरिन भगत बनीं आत्मनिर्भर, प्राकृतिक कृषि से घटी खेती की लागत
अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस में भोपाल में "रन फॉर टाइगर का भव्य आयोजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवाड़ी के नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन का किया लोकार्पण
बिहान योजना से मिली नई पहचान, पोषण सखी बन महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की बनीं संरक्षक
एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत विद्यार्थियों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
