मुजफ्फरपुर। जिले के गायघाट प्रखंड क्षेत्र स्थित गयासुद्दीनपुर पूर्वी टोला मध्य विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक मोहम्मद मिर्जा गालिब को एक महिला शिक्षिका के साथ कथित तौर पर अमर्यादित, अशोभनीय और हिंसक व्यवहार करने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जिला शिक्षा पदाधिकारी कुमार अरविंद सिन्हा ने विभागीय जांच के बाद यह सख्त कार्रवाई की है। इस घटना के सामने आने के बाद इलाके के शैक्षणिक माहौल में हलचल मच गई है और स्थानीय अभिभावकों में भी काफी नाराजगी देखी जा रही है।

महिला शिक्षिका ने लगाया मानसिक प्रताड़ना का आरोप

जिला शिक्षा कार्यालय की ओर से जारी आधिकारिक ज्ञापांक के अनुसार, 29 जुलाई 2026 को विद्यालय का औचक स्थलीय निरीक्षण किया गया था। इसी दौरान विद्यालय की एक सहायक महिला शिक्षिका ने अधिकारियों के सामने अपना लिखित बयान दर्ज कराया था। महिला शिक्षिका ने आरोप लगाया कि प्रभारी प्रधानाध्यापक की नीयत उनके प्रति ठीक नहीं थी और वह लगातार उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। विरोध करने पर कथित तौर पर उनके साथ आपत्तिजनक और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया जाता था।

विरोध करने पर मारपीट और धमकी का आरोप

मामला सिर्फ कथित मानसिक प्रताड़ना तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि महिला शिक्षिका के मुताबिक विरोध करने पर प्रभारी प्रधानाध्यापक कथित तौर पर आपे से बाहर हो गए और उनके साथ मारपीट करने की कोशिश की। इस दौरान उन्हें जान से मारने की धमकी दिए जाने का भी गंभीर आरोप लगाया गया है। बिगड़ते हालात को देखते हुए महिला शिक्षिका ने आपातकालीन हेल्पलाइन 112 पर कॉल कर पुलिस से मदद मांगी, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने बीच-बचाव कर स्थिति को शांत कराया। विभागीय जांच के दौरान यह बात भी सामने आई कि आरोपी शिक्षक शिक्षिका के परिचितों और समाज के अन्य लोगों को भी लगातार धमका रहे थे।

स्पष्टीकरण असंतोषजनक मिलने पर निलंबन की कार्रवाई

विभागीय नियमों के तहत 12 अगस्त 2026 को प्रभारी प्रधानाध्यापक मोहम्मद मिर्जा गालिब से पूरे घटनाक्रम को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया था। विभाग के अनुसार, उनके द्वारा दिया गया जवाब जांच में पूरी तरह असंतोषजनक और मनगढ़ंत पाया गया। इसके बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी कुमार अरविंद सिन्हा ने इसे शिक्षक आचरण संहिता का गंभीर उल्लंघन मानते हुए मोहम्मद मिर्जा गालिब को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय, मीनापुर निर्धारित किया गया है, जहां उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।