बिहार में ED की छापेमारी से मचा हड़कंप, 100 करोड़ का रेलवे घोटाला
ED Raid: बिहार में बुधवार 22 जनवरी की सुबह-सुबह ED की छापेमारी से हड़कंप मच गया. जानकारी के मुताबिक, ED ने रेलवे क्लेम घोटाला मामले में बिहार के पटना, नालंदा और कर्नाटक के बेंगलुरु तक कई जगहों पर एक साथ रेड मारी. यह घोटाला 100 करोड़ से अधिक का माना जा रहा है. यह घोटाला रेलवे कर्मचारियों के नाम पर फर्जी दस्तावेजों के सहारे किया गया है. अब तक मिली जानकारी के अनुसार ED ने पटना समेत देश के तीन शहरों के पांच लोकेशन पर सर्च ऑपरेशन चलाया है. पटना और नालंदा के अलावा बेंगलुरु में भी ED की छोपमारी चल रही है. पटना में 3, नालंदा में 1 और बेंगलुरु में 1 स्थान पर रेड पड़ने की सूचना मिल रही है.
रेलवे हादसों में फर्जी मुआवजे का दावा
बता दें कि रेलवे का यह घोटाला रेलवे में हादसे के बाद घायलों और मृतकों के नाम पर फर्जी तरीके से मुआवजा हासिल करने से संबंधित है. इस मामले में रेलवे की आपत्ति के बाद शिकायत दर्ज की गई थी. शिकायत में कहा गया था कि बड़े पैमाने पर हादसों में फर्जी मौतों के नाम पर मुआवजे का दावा किया गया था. इस मामले में कई न्यायिक अधिकारियों, वकीलों और सरकारी कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर रही है.
CBI ने रेलवे घोटाले में की कार्रवाई
इस मामले में पटना में CBI की टीम ने आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी समेत कुछ अन्य धाराओं में केस दर्ज किया था. सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन न्यायमूर्ति रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति उदय यू. ललित की पीठ के निर्देश पर CBI ने यह मामला दर्ज किया था. यह मामला वर्ष 2015-2018 के बीच का है. सूत्रों की माने तो एक-एक व्यक्ति के नाम पर चार-चार बार धन की उगाही की गई थी.

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