कार्रवाई के नाम पर सिर्फ कागजी खानापूर्ति के आरोप
बलरामपुर|छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के राजपुर और शंकरगढ़ ब्लाक में राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के तहत 27 करोड़ से अधिक से चेक डैम का निर्माण कराया जा रहा है,लेकिन इस पूरे निर्माण कार्य में एस्टीमेट के माध्यम से बड़ा घोटाला किया गया है. जिन निर्माण कार्यों का लागत दूसरे विभागों के द्वारा 10 से 15 लाख रुपए में कराया गया है. ठीक उसी लंबाई चौड़ाई के चेक डैम का निर्माण 20 से 30 लाख रुपए में कराया जा रहा है|
चेक डेम निर्माण में करोड़ों का घोटाला, सिर्फ कागजों में हो रही
सबसे बड़ी बात है कि इसकी शिकायत राज्य सरकार से भी हुई है. जिस पर RES विभाग के अधीक्षण अभियंता को जांच के लिए निर्देश दिया गया है. इस पर सरगुजा संभाग के अधीक्षण अभियंता के द्वारा सभी निर्माण कार्यों से संबंधित दस्तावेज बलरामपुर जिले से अपने दफ्तर में मंगाया गया है, इसे एक सप्ताह से अधिक का वक्त गुजर चुका है लेकिन अभी तक अधीक्षण अभियंता के दफ्तर में जिले के अधिकारियों के द्वारा दस्तावेज नहीं भेजा गया है. दूसरी तरफ अभी तक अधीक्षण अभियंता ने संभाग स्तर का कोई जांच टीम गठित नहीं की है जो एस्टीमेट में गड़बड़ी और निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच सही तरीके से कर सके. यही वजह है कि इस पूरे निर्माण कार्य में बड़े घोटाले की आशंका जाहिर हो रही है|
भ्रष्टाचार पर सवाल सुनकर नाराज हुई विधायक
इस पूरे मामले को लेकर राजनीति भी गर्म होने लगी है पिछले दिनों अंबिकापुर में पत्रकारों ने सामरी विधानसभा की विधायक उदेश्वरी पैकरा से इसे लेकर जब सवाल किया तब विधायक सवालों को सुनकर और सहज महसूस करती हुई दिखाई दी. उन्होंने साफ तौर पर इन सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया. भ्रष्टाचार के सवालों को सुनकर भड़की हुई दिखाई दी. मतलब साफ है कि राजनीतिक संरक्षण में पूरा खेल खेला जा रहा है और सरकार को करोडो रुपए का नुकसान पहुंचाया जा रहा है. राजपुर, शंकरगढ़ ब्लाक के कई ग्राम पंचायत में ऐसी जगह पर चेक डैम का निर्माण किया जा रहा है, जहां पर उनकी कोई जरूरत नहीं है. इन चेक डैम के निर्माण से भी लोगों को कोई फायदा नहीं मिलने वाला है. लेकिन सरकारी पैसे का बंदरबांट करने के लिए चेक डेम प्रोजेक्ट को लाया गया है. इस योजना के तहत राजपुर के परसागुड़ी, बरियों, धंधापुर खोखनिया, सहित दर्जनों पंचायत में निर्माण चल रहा है|
कमीशनखोरी की सरेआम चर्चा
बताया जा रहा है कि 20 लाख से अधिक तक के निर्माण कार्यों को RES के द्वारा टेंडर के माध्यम से कराया जा रहा है जबकि बाकी कम लागत वाले निर्माण कार्यों को ग्राम पंचायत एजेंसी बनाकर कराया जा रहा है लेकिन यह निर्माण कार्यों को राजनीतिक दल से जुड़े तथा कथित नेताओं के द्वारा कराया जा रहा है. चर्चा इस बात की भी है कि निर्माण कार्यों को स्वीकृत करने के बदले जनप्रतिनिधियों और अफसरों ने मोटी राशि कमीशन के बतौर वसूल की है. चर्चा इस बात की भी है कि 25 से 30% की राशि कमीशन में निर्माण कार्य स्वीकृत करने के दौरान ही बांटी जा चुकी है. दबी जुबान में इस बात की भी चर्चा है कि निर्माण कार्यों का मूल्यांकन और सत्यापन करने में भी 15% खर्च हो रहा है. निर्माण कार्य 50% राशि में ही पूरा किया जा रहा है और इस 50% में भी ठेकेदार अपने हिस्से का राशि बचा रहें हैं. यही वजह है की कार्यवाही नहीं हो रही है|
मशीनों से काम, फर्जी मास्टर रोल से गांव वालों को खुश कर दिए
दूसरी तरफ राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के तहत निर्माण कार्य होने के बाद भी मशीनों से पूरा काम कराया गया है. मशीनों से ही नीव की खुदाई की गई है और अजाक्स मशीन लगाकर कांक्रीट तैयार कराया गया है इसके कारण गांव के लोगों को रोजगार भी नहीं मिला है. मास्टर रोल में फर्जी मजदूरों का हाजिरी भरने की भी आशंका है. लेकिन एस्टीमेट कई गुना अधिक होने के कारण निर्माण करने वाले ठेकेदार और एजेंसी मजदूरी राशि उन लोगों के नाम पर चढ़ा दिया गया है जिन्होंने काम नहीं किया है और फिर इन्हीं लोगों को और इनसे जुड़े लोगों को जांच के दौरान पंचनामा में हस्ताक्षर करने के लिए मौजूद किए जाने की आशंका है क्योंकि इन लोगों को बिना काम रुपए मिला है ऐसे में उनके द्वारा ठेकेदारों के इशारे में बयान दिया जा सकता है|
7 दिन बाद भी CE को नहीं भेजा जांच के लिए दस्तावेज
बलरामपुर के अधिकारियों के द्वारा कार्रवाई के नाम पर भी खानापूर्ति की गई है उन्होंने पिछले दिनों निर्माण स्थलों का निरीक्षण किया था और उसके बाद अपने हिसाब से रिपोर्ट भी तैयार कर लिया. कहा जा रहा है कि अधिकारियों ने गड़बड़ी पर रिपोर्ट में क्लीन सीट दे दी है क्योंकि निरीक्षण और जांच में शामिल अधिकारियों को भी हिस्सा पहुंचाया गया है. अधीक्षण अभियंता जी एल तंवर का कहना है कि रायपुर से चीफ इंजीनियर से बलरामपुर के शंकरगढ़ और राजपुर इलाके में हुए चेक डेम निर्माण में अनियमितता की शिकायत पर जांच की आदेश मिले हैं. जिस पर उन्होंने जिला के अधिकारियों से मूल्यांकन से जुड़े दस्तावेज और एस्टीमेट भी सात दिन में मांगे थे लेकिन सात दिन बीत चुका है. दस्तावेज मिलने के बाद हमारी टीम जांच करेगी और फिर सरकार को रिपोर्ट भेजेगी|

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की
राज्य सरकार अग्निशमन सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं आधुनिक बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत - झाबर सिंह खर्रा
मजबूरी की इंतहा: बहन की चिता बाथरूम में जलाई, सिस्टम पर उठे सवाल
दाऊद इब्राहिम गैंग की रणनीति में बड़ा बदलाव, 4 राज्यों में फैलाया नकली नोट का नेटवर्क
अमेरिका-ईरान वार्ता की उम्मीद से एशियाई बाजारों में जोश
बाबा साहेब भारतीय संस्कृति में रचे—बसे मूल्यों से जुड़े महामना थे: राज्यपाल
सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला: भेदभाव को बताया अन्याय का रूप, कर्मचारी को मिला न्याय
राज्यपाल ने बाबा साहेब अम्बेडकर को श्रद्धा—सुमन अर्पित किए तथा उनके आदर्श अपनाने का किया आह्वान
QCO टेस्टिंग के महंगे खर्च से MSME परेशान, GTRI ने उठाई आवाज
