आठ माह में बना डालीं नशे की लत वाली 20 करोड़ टेबलेट
नशे के लिए प्रयोग की जाने वाली दवा अल्प्राजोलम के उत्पादन व तस्करी को लेकर पंजाब पुलिस की कार्रवाई के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हिमाचल प्रदेश में दवा बनाने वाली पांच फैक्ट्रियों पर छापेमारी की।
जांच में सामने आया कि एक ड्रग फैक्ट्री में मात्र आठ माह में 200 मिलियन (20 करोड़) से अधिक अल्प्राजोलम टेबलेट बनाकर महाराष्ट्र की फर्म को भेजी गईं।
ईडी ने हिमाचल की कई अन्य फैक्ट्रियों का रिकॉर्ड जब्त किया। मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के लिए ईडी ने मंगलवार को पंजाब, हिमाचल, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान व महाराष्ट्र राज्यों में 15 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया है।
यह जांच एक संगठित ड्रग तस्करी सिंडिकेट के नेटवर्क के खिलाफ की जा रही है जो पंजाब पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की ओर से एनडीपीएस एक्ट 1985 की विभिन्न धाराओं में दर्ज एफआइआर पर आधारित है। एफआइआर में दो ड्रग पेडलर व एक बिचौलिया एलेक्स पालीवाल को नामजद किया गया है।
मुंबई सहित कई राज्यों में फैला रैकेट
पंजाब पुलिस की एसटीएफ ने पिछले वर्ष मई में इस रैकेट का भंडाफोड किया था जो विशेष रूप से महाराष्ट्र के मुंबई सहित कई राज्यों में फैला हुआ था। इस मामले में आरोपित मुख्य सरगना एलेक्स पालीवाल को सहारनपुर से गिरफ्तार किया था। आरोपित एलेक्स पालीवाल से जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीमों व ड्रग्स कंट्रोल अफसरों ने मंगलवार को हिमाचल के बद्दी स्थित बायोजेनेटिक ड्रग प्राइवेट लिमिटेड की जांच कर रिकॉर्ड जब्त किया।
रिकॉर्ड से पता चला कि कंपनी ने आठ महीनों में 20 करोड़ से अधिक अल्प्राजोलम टेबलेट का निर्माण किया। जांच में बायोजेनेटिक लिमिटेड की दूसरी फार्मा निर्माण कंपनी साइलेक्स फार्मा केम ड्रग इंडस्ट्रीज का नाम सामने आया।
स्माइलेक्स फार्मा केम ड्रग इंडस्ट्री से 47.32 ड्रग्स कैप्सूल, 725.5 किलोग्राम ड्रग ट्रामाडोल पाउडर, 1.5 करोड़ कैप्सूल बरामद किए गए। इस इंडस्ट्री ने एक वर्ष में 6500 किलोग्राम ड्रग ट्रामाडोल पाउंडर खरीदा। कालाअंब में भी दबिश की सुचना है।
नशीले पदार्थों के परिवहन एवं वितरण के लिए एसटीएफ ने चार सप्लायर इंतजार सलमानी, प्रिंस सलमानी, बलजिंदर सिंह व सूबा को भी गिरफ्तार किया था। राज्य दवा नियंत्रक मनीष कपूर ने बताया कि फिलहाल उन्हें ईडी की छापेमारी की कोई जानकारी नहीं है।
वहीं एएसपी बद्दी अशोक वर्मा ने भी कहा कि बद्दी-नालागढ़ में ईडी के आने की उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उद्योग के प्रबंधक एमबी गोयल से जब इस विषय पर बात करनी चाही तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।
ईडी की हिमाचल व पंजाब सहित 15 स्थानों पर छापेमार
इन फार्मा कंपनियों की ईडी ने ली तलाशी ईडी ने मेसर्ज बायोजेनेटिक ड्रग्स प्रा. लि., मेसर्ज सीबी हेल्थकेयर, मेसर्ज स्माइलेक्स फार्माकेमड्रग इंडस्ट्रीज, मेसर्ज सोल हेल्थ केयर प्रा. लि. और मेसर्ज एस्टर फार्मा में छापेमारी की।
बता दें कि अल्प्राजोलम अत्यधिक शक्तिशाली व नशे की लत वाली दवा है जिसे भारत में ‘नियंत्रित पदार्थ’ के रूप में वर्गीकृत किया गया है। इसके उत्पादन, अपने पास रखने, व्यापार, निर्यात व उपयोग पर कड़े नियम लागू हैं क्योंकि इससे रोगियों तथा गैर-चिकित्सा उपयोगकर्ताओं दोनों में दुरुपयोग व इसपर निर्भरता का जोखिम उत्पन्न हो सकता है। अल्प्राजोलम का अवैध रूप से व्यापार पर नारकाटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट में 10 वर्ष तक की सजा हो सकती है।

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