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हमास ने 8 लोगों को इजराइली जासूस बता गोली मारी
16 Oct, 2025 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गाजा। गाजा में हमास ने 8 लोगों को सडक़ पर गोली मार दी। हमास ने इन लोगों को इजराइल का जासूस बताया। वायरल वीडियो में 8 लोगों को आंखों पर पट्टी बांधकर बैठाया गया और हमास के लड़ाकों ने उन्हें गोली मार दी। इस दौरान कुछ लोग अल्लाह-हू-अकबर के नारे लगाते नजर आए। इजराइली सेना के गाजा से पीछे हटने के बाद हमास फिर से अपनी ताकत बढ़ा रहा है। उसने उन लोकल हथियारबंद गिरोह पर हमले शुरू किए हैं, जो इजराइल के कब्जे वाले इलाकों में ताकतवर हो गए थे।
आरोप है कि ये लोकल ग्रुप्स दो साल से राहत सामग्री लूटकर बेच रहे थे, जिससे गाजा में भुखमरी बढ़ी। हमास की पुलिस अब सडक़ों पर गश्त कर रही है और इन गैंग्स पर हमला कर रही है।
फिलिस्तीन राष्ट्रपति बोले- ये हत्याएं गलत
फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने इन हत्याओं को गलत बताया है। वहीं, फिलिस्तीन के एक्सपर्ट अब्दलहादी अलिजला ने कहा कि ये हत्याएं गलत हैं, लेकिन गाजा में कोई कोर्ट या कानून नहीं बचा है। लोग दो साल से बमबारी और हिंसा झेल रहे हैं, इसलिए ऐसी घटनाएं उनकी जिंदगी का हिस्सा बन गई हैं। हमास ने हजारों सैनिकों को गाजा में भेजा है। एक्सपर्ट का कहना है कि अगर युद्धविराम रहा, तो हमास कुछ ही हफ्तों में गाजा पर पूरी तरह कब्जा कर सकता है।
पाकिस्तान-अफगान में फिर हिंसक झड़प
16 Oct, 2025 03:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
काबुल/इस्लामाबाद। पाकिस्तान सुरक्षा बलों और अफगान तालिबान के बीच मंगलवार रात को फिर झड़पें हुईं। खैबर पख्तूनख्वा के कुर्रम जिले में सीमा पर दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया है। अफगानिस्तान के तालिबान प्रवक्ता मावलवी जबीहुल्लाह मुजाहिद ने बताया कि बुधवार सुबह पाकिस्तानी सेना ने कंधार के स्पिन बोल्डक इलाके में हमला किया। इस हमले में 12 आम लोग मारे गए और 100 से ज्यादा घायल हो गए। इस लड़ाई में दोनों पक्षों ने एक दूसरे के पोस्ट पर कब्जा करने का दावा किया है। साथ ही टैंकों के नुकसान की भी खबर है। पाकिस्तानी सरकारी मीडिया ने तालिबान पर बिना उकसावे के पहली गोली चलाने का आरोप लगाया।
वहीं, अफगानिस्तान समर्थित सोशल हैंडल ने दावा किया कि अफगान सुरक्षा बलों ने पाकिस्तान में उन जगहों को निशाना बनाया है जहां से अफगानिस्तान के लिए खतरा पैदा होता है। इसके साथ ही 7 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने की भी बात कही।
तालिबान चौकियों को भारी नुकसान
पाकिस्तान ने सूत्रों ने दावा किया है कि पाकिस्तान के हमले में कई तालिबान चौकियों को भारी नुकसान पहुंचा और उनकी चौकियों से आग की लपटें उठती देखी गई। अफगान तालिबान और फितना अल-खवारिज ने कुर्रम में बिना वजह गोलीबारी की। पाकिस्तानी सेना ने पूरी ताकत से जवाब दिया। दावा किया गया कि पाकिस्तान की जवाबी गोलीबारी में एक तालिबानी टैंक नष्ट हो गया, जिससे हमलावर अपनी चौकियां छोडक़र इलाके से भागने पर मजबूर हो गए। वहीं, काबुल का दावा है कि वह अपनी हवाई सीमा और संप्रभुता के उल्लंघन का जवाब दे रहा है।
पाकिस्तानी सेनाएं हाई अलर्ट पर
सूत्रों के अनुसार पाकिस्तानी सेनाएं हाई अलर्ट पर हैं और किसी भी हमले का जवाब देने के लिए पूरी तरफ से तैयार है। वहीं अफगानिस्तान समर्थित वॉर ग्लोब न्यूज ने एक वीडियो जारी करते हुए दावा किया कि तालिबान के एक ड्रोन ने पख्तूनख्वा के सीमावर्ती इलाकों में एक पाकिस्तानी सैन्य अड्डे पर विस्फोटक किया।
अफगानिस्तान में दो टीटीपी गुट साथ आए
अफगान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने बताया कि बुधवार को सुबह 8 बजे तक लड़ाई पर हमारा नियंत्रण हो गया था। इस बीच अफगानिस्तान में टीटीपी के दो गुटों ने पाकिस्तान के खिलाफ एक होने की घोषणा कर दी है। रिपोर्ट के अनुसार तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने घोषणा की है कि इसके दो समूह एक हो रहे हैं। इनमें से एक का नेतृत्व कुर्रम जिले के मुफ्ती अब्दुर रहमान कर रहे हैं, और दूसरा खैबर जिले की तिराह घाटी के कमांडर शेर खान हैं। इन दोनों कमांडरों ने टीटीपी के तरफ वफादारी की खसम खाई है।
मैक्सिको में बाढ़ से पूरा गांव बहा
16 Oct, 2025 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मैक्सिको सिटी। मैक्सिको में बाढ़ और भूस्खलन से भारी तबाही मची हुई है। बाढ़ के चलते 400 लोगों का एक पूरा गांव नक्शे से साफ हो गया है और कई इलाकों का संपर्क टूट गया है। लोग ऊंचे इलाकों पर फंसे हुए हैं और उन्हें सुरक्षित निकाला जा रहा है। सेना के हजारों जवान और नागरिक कार्यकर्ता लोगों को बचाने और सडक़ों को फिर से शुरू करने के काम में जुटे हैं। मैक्सिको सरकार ने पुष्टि की है कि बाढ़ और भूस्खलन से अब तक 64 लोगों की मौत हो चुकी है और दर्जनों अभी लापता हैं। एक पीडि़ता ने बताया कि कुछ नहीं बचा, सबकुछ तबाह हो गया। पुल, मकान, सडक़ें सबकुछ चला गया है।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि दूर-दराज के इलाकों में सैंकड़ों से लेकर हजारों तक लोग लापता हैं और भारी तबाही की आशंका है। मैक्सिको के पश्चिमी तट पर दो उष्णकटिबंधीय तूफानों के मिलने की वजह से मैक्सिको में भारी बारिश हुई। इससे नदियां उफान पर हैं और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन हो रहा है। मैक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम ने बताया कि सरकार की प्राथमिकता सडक़ों को फिर से खोलना और हवाई ब्रिजों को सुरक्षित करना है, जिससे लोगों को राशन की आपूर्ति हो सके और उन्हें सुरक्षित बचाया जा सके।
तीन राज्य सबसे ज्यादा प्रभावित
सरकार और सेना द्वारा लोगों को बचाने की भरसक कोशिश की जा रही है, लेकिन कई लोगों ने मिलकर खुद ही बचाव की कोशिशें शुरू कर दी हैं। कई लोगों ने अमेरिका में रहने वाले अपने रिश्तेदारों से मदद मांगी है, जिन्होंने किराए पर हेलीकॉप्टर लेकर लोगों को बचाया। दरअसल भारी तबाही से कई इलाके संपर्क से कट गए हैं और वहां पहुंचने के लिए सेना के जवानों को पहुंचने के लिए 6-7 घंटे पैदल चलकर जाना पड़ रहा है। मैक्सिको के वेराक्रूज, हिडाल्गो और पुएबला राज्यों में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। हिडाल्गो में ही करीब एक लाख घर तबाह हुए हैं। वेराक्रूज में 29 लोगों की मौत हुई है। वेराक्रूज में बीते चार दिनों में 24 इंच बारिश हुई है। वेराक्रूज के गवर्नर ने बताया कि राज्य में करीब तीन लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
अफगानिस्तान का दावा पाक सैनिकों को बनाया बंदी, पाकिस्तान ने लगाई सीजफायर की गुहार..
16 Oct, 2025 01:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली. पाकिस्तान (Pakistan) और अफगानिस्तान (Afghanistan) के बीच 48 घंटे के लिए अस्थायी युद्धविराम (ceasefire) लागू करने पर सहमति बनी है. सीमा पर ताजा झड़पों के बाद यह कदम उठाया गया है. लेकिन इस बीच अफगानिस्तान ने पाकिस्तानी सैनिकों को लेकर बड़ा दावा किया है. अफगान सूत्रों के मुताबिक, अफगान सुरक्षाबलों ने डूरंड लाइन पर स्पिन बोल्डक में कई पाकिस्तानी चौकियों को नष्ट कर दिया. इसके साथ ही कई पाकिस्तानी सैनिकों को बंदी बना लिया.
अफगानी सुरक्षाबलों ने टैंकों सहित कई हल्के और भारी हथियारों के जत्थे को भी जब्त कर लिया और उन्हें अफगानी सीमा में ले गए. रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तानी सुरक्षाबलों को इन झड़पों में भारी नुकसान हुआ है. अफगान बलों ने पाकिस्तानी सेना के कब्जे से बोल्डक के गेट को भी कब्जे में ले लिया.
अफगानिस्तान के सुरक्षाबलों के मुताबिक, अफगानी सुरक्षाबलों ने बुधवार तड़के ऑपरेशन में पाकिस्तानी सेना के कब्जे से स्पिन बोल्डक के गेट पर भी अपना नियंत्रण कर लिया.
तालिबान के प्रवक्ता जबिउल्लाह मुजाहिद का कहना है कि पाकिस्तान के अनुरोध पर दोनों देशों के बीच बुधवार शाम 5.30 बजे से सीजफायर लागू हो गया है. तालिबान ने अपने सुरक्षबालों से सीजफायर का पालन करने का निर्देश दिया है.
इससे पहले पाकिस्तान ने बुधवार शाम अफगानिस्तान पर हवाई हमले किए. अफगानी मीडिया के मुताबिक पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने राजधानी काबुल और स्पिन बोल्डक में बमबारी की है. इन हमलों में दर्जनों लोगों के मारे जाने की खबर है.
इसके जवाब में अफगानिस्तान ने भी पाकिस्तान के पेशावर में ड्रोन हमला किया है. इस हमले में एक प्लाजा के कमरे को निशाना बनाया गया है. दावा किया जा रहा है कि इसका इस्तेमाल खुफिया गतिविधियों के लिए एक सीक्रेट ऑफिस के तौर पर किया जा रहा था.
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इन हमलों में कंधार प्रांत में तालिबान की चौथी बटालियन और छठी बॉर्डर ब्रिगेड पूरी तरह तबाह हो गई है.
इससे पहले पाकिस्तान सुरक्षा बलों और अफगान तालिबान के बीच मंगलवार रात को झड़पें हुई थीं. पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग (ISPR) ने कहा था कि सुरक्षा बलों ने बलूचिस्तान बॉर्डर पर अफगान तालिबान के हमले को नाकाम कर दिया, जिसमें तालिबान के लगभग 15 से 20 मेंबर मारे गए. बता दें कि एक हफ्ते के भीतर पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच यह तीसरी बड़ी झड़प है.
भारतीय मूल का अमेरिकी अधिकारी गिरफ्तार
16 Oct, 2025 01:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन। भारतीय मूल के अमेरिकी विदेश विभाग के सीनियर एडवाइजर एश्ले टेलिस को 12 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया। मीडिया रिपोट्र्स के मुताबिक, उन पर देश की सुरक्षा से जुड़े गोपनीय डॉक्यूमेंट्स अपने पास रखने और चीनी अधिकारियों से सीक्रेट मुलाकात का आरोप है। 64 साल के टेलिस के वर्जीनिया वाले घर से एफबीआई को 1,000 से ज्यादा पेज के सीक्रेट दस्तावेज मिले हैं। अगर वे दोषी पाए गए तो 10 साल जेल और 2.5 लाख डॉलर (लगभग 2 करोड़ रुपए) का जुर्माना हो सकता है। टेलिस की सुनवाई वर्जीनिया कोर्ट में होगी। उन्हें जमानत मिलने की संभावना कम है, क्योंकि मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है।
सीमा पर फिर हिंसक झड़प, पाकिस्तानी हमले में 12 अफगान नागरिकों की मौत; 100 घायल
16 Oct, 2025 12:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
काबुल। पाकिस्तान (Pakistan) और अफगानिस्तान (Afghanistan) के बीच हिंसक झड़पें (Violent Clashes) जारी हैं। पाकिस्तान के नए हमले में अफगानिस्तान में 12 आम नागरिकों की मौत हुई है और 100 से ज्यादा घायल हुए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान की तरफ से कंधार राज्य में स्पिन बोल्डेक इलाके में हमला किया गया। वहीं पाकिस्तानी सेना ने बुधवार को दावा किया कि उसने अफगान तालिबान के कई हमलों को नाकाम कर दिया और दोनों देशों के बीच सीमा पर झड़पों की अलग-अलग घटनाओं में 40 से ज्यादा अफगानियों को मार गिराया।
अफगानिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने बताया कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने उनके इलाकों में भारी हथियारों से गोलीबारी की और नागरिक इलाकों को निशाना बनाया। यह हमले कंधार के स्पिन बोल्डक इलाके में किए गए, जिसके चलते 12 नागरिकों की मौत हो गई और 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। इस हमले के जवाब में अफगानिस्तान ने भी जवाबी कार्रवाई की। अफगानिस्तान का दावा है कि उनकी कार्रवाई में कई पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं और पाकिस्तान की कई चौकियों पर अफगानिस्तान ने कब्जा कर लिया है।
अफगानिस्तान ने ये भी कहा है कि तबाह चौकियों पर तैनात पाकिस्तानी सेना के टैंक और हथियारों पर उनका कब्जा हो गया है। गौरतलब है कि स्पिन बोल्डक इलाका रणनीतिक रूप से बेहद अहम है और पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच पहले भी इस इलाके में झड़पें हो चुकी हैं। मंगलवार रात में कुर्रम इलाके में भी पाकिस्तान और अफगानिस्तान के सैनिकों में झड़पें हुईं।
पाकिस्तान सेना ने आगे कहा कि स्थिति अभी भी बिगड़ रही है क्योंकि फितना अल ख्वारिज और अफगान तालिबान के ठिकानों पर और जमावड़ा लगने की खबरें हैं। फितना अल-ख्वारिज शब्द का इस्तेमाल पाकिस्तान द्वारा प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के आतंकवादियों के लिए किया जाता है। पाकिस्तानी सेना ने कहा, ‘अफगान तालिबान ने अपनी तरफ से पाकिस्तान-अफगान मैत्री द्वार को भी नष्ट कर दिया।
कपड़ा फैक्ट्री में आग, 16 की मौत
16 Oct, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ढाका। बांग्लादेश की राजधानी ढाका के मीरपुर इलाके में एक गारमेंट फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। इस हादसे में 16 लोगों की मौत हो गई है। अधिकारियों का कहना है कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। चार मंजिला फैक्ट्री में दोपहर करीब 12 बजे आग लगी, जो तीन घंटे बाद बुझाई गई। इसके पास ही एक केमिकल गोदाम में भी आग लग गई थी। हालांकि, अभी तक ये पता नहीं चल सका है आग फैक्ट्री में पहले लगी या गोदाम में। गवाहों के मुताबिक, गोदाम में ब्लीचिंग पाउडर, प्लास्टिक और हाइड्रोजन पेरोक्साइड्स रखे थे, जो आग को तेज करते हैं। प्लास्टिक जलने से जहरीली गैस निकलती है। फायर सर्विस डायरेक्टर मोहम्मद ताजुल इस्लाम चौधरी ने कहा कि पीडि़त शायद जहरीली गैस से मारे गए।
जापान में फ्लू के मामले बढ़ने से अस्पतालों में भीड़, जानें कौन सा वायरस जिम्मेदार
16 Oct, 2025 11:26 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
डेस्क: जापान (Japan) में इन दिनों फ्लू (Flu ) के बढ़ते मामलों ने चिंता बढ़ा दी है. देशभर के अस्पतालों में मरीजों (Patients) की संख्या तेजी से बढ़ रही है, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था (Health System) पर भारी दबाव बन गया है. रिपोर्ट्स के अनुसार, यह संक्रमण (Infection) सामान्य फ्लू की तुलना में अधिक तेजी से फैल रहा है. जापान सरकार ने इसे आधिकारिक तौर पर Nationwide Flu Epidemic घोषित किया है. बीते कुछ हफ्तों में मरीजों की संख्या में अचानक उछाल आया है, जिससे लोगों में डर और सतर्कता दोनों बढ़ गए हैं. सरकार और स्वास्थ्य एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही हैं ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके. बढ़ते मामलों के बीच कोविड जैसे हालातों की आशंका भी जताई जा रही है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक 4,000 से अधिक लोग अस्पतालों में भर्ती हो चुके हैं, जिनमें से कई मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है. बढ़ते फ्लू के मामलों के चलते कई अस्पतालों में बेड की कमी और मेडिकल स्टाफ पर दबाव देखा जा रहा है. जापान के कई एरिया में अस्पताल और स्वास्थ्य सेवाएं ठीक से काम नहीं कर रही हैं. संक्रमण को रोकने के लिए सरकार ने 100 से ज्यादा स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद करने का आदेश दिया है, ताकि बच्चों और शिक्षकों को संक्रमण से बचाया जा सके. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह रफ्तार जारी रही, तो हालात कोविड महामारी जैसे गंभीर हो सकते हैं.
राजीव गांधी अस्पताल में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. जैन के मुताबिक,जापान में फैल रहा यह फ्लू वायरस सामान्य इन्फ्लुएंजा का म्यूटेटेड वर्ज़न हो सकता है. हो सकता है कि जापान में इस वायरस में म्यूटेशन हो रहा है, जिससे यह पहले से अधिक संक्रामक और खतरनाक बन गया है. यह वायरस मुख्य रूप से H3N2 वायरस के किसी नए स्ट्रेन से जुड़ा माना जा रहा है, जो सामान्य फ्लू की तुलना में अधिक तेजी से फैलता है और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में गंभीर लक्षण पैदा कर सकता है.
डॉ जैन कहते हैं कि जापान में फ्लू के मामले बढ़ना चिंता का कारण है, लेकिन इसको कोविड जैसे हालातों जैसा मानना या वैसी आशंका नहीं है. फ्लू आमतौर पर हल्का ही होता है और कोविड की तुलना में इससे डेथ रेट काफी कम है. इस बार फ्लू सीजन लगभग पांच हफ्ते पहले शुरू हुआ है, जो दिखाता है कि मौसम बदल रहा है और वायरस तेजी से फैल रहा है. लगातार बढ़ते मामलों ने अस्पतालों पर दबाव बढ़ा दिया है, डॉक्टरों और नर्सों को दिन-रात ड्यूटी करनी पड़ रही है. सरकार ने निगरानी बढ़ाने और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.
पाकिस्तानी सैनिक पैंट तक छोड़कर भागे, अफगान आर्मी ने बंदूकों पर लटकाकर मनाया जश्न
16 Oct, 2025 10:25 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली. अफगानिस्तान (Afghanistan) और पाकिस्तान (Pakistan) सीमा (border) पर सब ठीक नहीं है. पिछले कुछ समय से दोनों ओर से लगातार एक-दूसरे पर हमले हो रहे हैं. ऐसे में 48 घंटे के लिए सीजफायर (ceasefire) लागू हो चुका है.
इससे पहले बुधवार को काबुल और कंधार में पाकिस्तानी हवाई हमलों में कम से कम 15 अफगान नागरिक मारे गए और 100 से अधिक घायल हो गए. यह हमला तालिबान के जवाबी हमले के बाद हुआ, जिसमें उन्होंने स्पिन बोल्डक में सीमा चौकियों पर कब्जा कर लिया. इस दौरान तालिबान के हाथ पाकिस्तानी सैनिकों की पैंट्स भी लगी हैं, जिन्हें छोड़कर वे भाग गए थे.
अफगानी पत्रकार दाउद जुनबिश ने बताया कि तालिबान के जवाबी हमले के बाद कुछ पाकिस्तानी सैनिक डूरंड रेखा के पास अपनी सैन्य चौकियों को छोड़कर भाग गए. तालिबान लड़ाकों ने इन चौकियों से पैंट और हथियार जब्त किए और इन्हें जीत की निशानी के तौर पर पेश किया. उन्होंने तालिबान लड़ाकों की एक तस्वीर साझा की, जिसमें वे जवाबी हमले के बाद भागी गई सीमा चौकियों से जब्त की गई पैंट और हथियार दिखा रहे हैं.
बता दें कि पिछले हफ्ते पाकिस्तान ने काबुल में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के कैंप्स को निशाना साधकर हमला किया था. यह हमला उस समय किया गया, जब अफगानिस्तान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी भारत दौरे पर आए.
अफगानिस्तान ने सीमा पर झड़प और अफगान के एयरस्पेस के बार-बार उल्लंघन के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया. इससे पहले पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और अफगान तालिबान के बीच मंगलवार रात को झड़पें हुई थीं. इस हमले में 12 लोग मारे गए थे और 100 से ज्यादा लोग घायल हुए थे. इसके बाद अफगानिस्तान ने पाकिस्तानी सीमा पर पर टैंक भेज दिए थे.
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच डूरंड लाइन को लेकर लंबे समय से विवाद है. दोनों देश एक-दूसरे पर हमले और आतंकियों को छिपाने का आरोप लगाते रहते हैं. 2021 में अफगानिस्तान हुकूमत पर तालिबान के कंट्रोल के बाद से तनाव और बढ़ गया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का बड़ा दावा, बोले-भारत अब रूस से नहीं खरीदेगा तेल, PM मोदी ने मुझे आश्वासन दिया है
16 Oct, 2025 09:23 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली. अमेरिकी राष्ट्रपति (US President) डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने बुधवार को भारत (India) को लेकर एक बार फिर बड़ा दावा (big claim) किया. उन्होंने कहा कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने उन्हें आश्वस्त किया है कि भारत अब रूस (Russia) से तेल (oil) नहीं खरीदेगा. ट्रंप ने इसे एक बड़ा कदम बताया और कहा कि यह उनके उस प्रयास का हिस्सा है जिसमें वे रूस को यूक्रेन युद्ध के कारण अलग-थलग करने की कोशिश कर रहे हैं.
हालांकि ट्रंप के दावे को लेकर भारत की तरफ से अभी तक कोई बयान सामने नहीं आया है. व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के समक्ष भारत द्वारा रूसी कच्चे तेल के निरंतर आयात पर चिंता व्यक्त की है, जिसके बारे में वाशिंगटन का मानना है कि यह राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के युद्ध को फंडिंग में मदद करता है. ट्रंप ने कहा, “इसलिए मैं इस बात से खुश नहीं था कि भारत तेल खरीद रहा है.”
उन्होंने आगे दावा करते हुए कहा, “और उन्होंने (प्रधानमंत्री मोदी) आज मुझे आश्वस्त किया कि वे रूस से तेल नहीं खरीदेंगे. यह एक बड़ा कदम है. अब हमें चीन को भी यही करने के लिए कहना होगा.”
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी कहा कि ऊर्जा नीति पर मतभेदों के बावजूद प्रधानमंत्री मोदी एक करीबी सहयोगी हैं. जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या चीन के साथ तनाव के बीच वह भारत को भरोसेमंद साझेदार मानते हैं, तो उन्होंने कहा, “वह (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी) मेरे मित्र हैं. हमारे बीच बहुत अच्छे संबंध हैं.”
ट्रंप ने रूस से तेल आयात को यूक्रेन युद्ध से जोड़ा
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि भारत की तेल खरीद ने अप्रत्यक्ष रूप से रूस के यूक्रेन पर आक्रमण को जारी रखने में मदद की है. उन्होंने कहा कि निरंतर व्यापार रूस को इस हास्यास्पद युद्ध को जारी रखने का मौका देता है जिसमें उसने डेढ़ लाख लोगों को खो दिया है.
उन्होंने कहा, “यह एक ऐसा युद्ध है जो कभी शुरू ही नहीं होना चाहिए था, लेकिन यह एक ऐसा युद्ध है जिसे रूस को पहले ही हफ्ते में जीत लेना चाहिए था और वे चौथे साल में प्रवेश कर रहे हैं. मैं इसे रुकते हुए देखना चाहता हूं.”
ट्रंप ने आगे कहा कि मोदी से आश्वासन लेना उनके उस कूटनीतिक प्रयास का हिस्सा था जिसमें वे मॉस्को की ऊर्जा से होने वाली आमदनी को काटना चाहते हैं. उन्होंने कहा, “अब हमें चीन को भी यही करने के लिए कहना होगा. चीन पर दबाव डालना पिछले हफ्ते हम जो मध्य पूर्व में कर चुके हैं, उसकी तुलना में आसान होगा.”
बता दें कि ट्रंप का ये बयान ऐसे समय पर आया है जब अमेरिका यह सुनिश्चित करने के लिए दबाव बढ़ा रहा है कि पश्चिमी प्रतिबंध प्रभावी हों और रूस की सेना को फंडिंग न मिल पाए.
‘प्रधानमंत्री मोदी महान व्यक्ति हैं’
अमेरिका के नामित राजदूत सर्जियो गोर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई बैठक पर पूछे गए सवाल पर ट्रंप ने कहा कि नामित अमेरिकी एंबेसडर सर्जियो गोर और पीएम मोदी की मुलाकात बहुत अच्छी रही. मोदी एक महान व्यक्ति हैं. सर्जियो ने मुझे बताया कि पीएम मोदी ट्रंप को पसंद करते हैं. ट्रंप ने कहा कि उन्होंने भारत को कई सालों से देखा है, और हर साल नए नेता आते थे, लेकिन मोदी काफी समय से प्रधानमंत्री हैं.
युद्ध खत्म होने पर फिर रूस से तेल खरीदे भारत: ट्रंप
ट्रंप ने यह भी कहा कि मोदी ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि भारत अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा. इसे तुरंत करना आसान नहीं है, लेकिन प्रक्रिया जल्द पूरी हो जाएगी. हम राष्ट्रपति पुतिन से बस यही चाहते हैं कि वे युद्ध रोकें, यूक्रेनियों को मारना बंद करें और रूसियों को मारना बंद करें क्योंकि वह बहुत सारे रूसियों को मार रहे हैं. दोनों नेताओं (वलोडिमिर जेलेंस्की और व्लादिमीर पुतिन) की नफरत बहुत ज्यादा है, यह एक बाधा है. लेकिन मुझे लगता है कि हम समाधान निकाल लेंगे. अगर भारत तेल नहीं खरीदेगा तो चीजें आसान होंगी. युद्ध खत्म होने के बाद भारत फिर से रूस से तेल खरीद सकता है.
भारत ने तेल आयात को आर्थिक आवश्यकता बताते हुए बचाव किया
गौरतलब है कि भारत ने बार-बार अपने रूस से तेल आयात का बचाव किया है और इसे अपनी ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता के लिए आवश्यक बताया है. पूर्व में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा था, “भारत की ऊर्जा खरीद राष्ट्रीय हित से संचालित होती है. हम किसी भी देश से राजनीतिक विचारों के आधार पर आयात नहीं करते. हमारे निर्णय बाज़ार की वास्तविकताओं से प्रेरित होते हैं.”
पश्चिमी देशों ने 2022 में जब से रूस से ऊर्जा आयात को धीरे-धीरे बंद करना शुरू किया, तब से भारत मॉस्को का सबसे बड़ा खरीदार बनकर उभरा है. व्यापार डेटा के अनुसार, रूस का कच्चा तेल अब भारत के कुल तेल आयात का लगभग एक-तिहाई हिस्सा है. भारत का यह भी कहना है कि उसका आयात रूस के तेल पर G7 द्वारा निर्धारित मूल्य सीमा के अनुरूप है और वह सभी अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करते हुए घरेलू ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा कर रहा है.
‘अमेरिका में लंबा खिंच सकता है शटडाउन’, बिगड़ते हालातों के बीच जानें किसने दी ये चेतावनी
15 Oct, 2025 01:43 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
डेस्क। अमेरिका (America) में पिछले 2 सप्ताह से शटडाउन (Shutdown) जारी है। शटडाउन के बीच रिपब्लिकन पार्टी (Republican Party) से स्पीकर माइक जॉनसन (Speaker Mike Johnson) ने कहा कि संघीय सरकार (Federal Government) का शटडाउन (सरकारी वित्तपोषण रुकने से कामकाज ठप होना) अब तक का सबसे लंबा शटडाउन हो सकता है। जॉनसन ने कहा कि जब तक डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद स्वास्थ्य देखभाल से संबंधित अपनी मांगों को नहीं छोड़ते और इसे (वित्त पोषण) दोबारा शुरू नहीं करते, तब तक वह उनके साथ बातचीत नहीं करेंगे।
शटडाउन के 13वें दिन ‘कैपिटल’ (अमेरिकी संसद भवन परिसर) में स्पीकर ने कहा कि उन्हें ट्रंप प्रशासन की ओर से बर्खास्त किए जा रहे हजारों संघीय कर्मचारियों के विवरण की जानकारी नहीं है। यह एक बेहद असामान्य सामूहिक छंटनी है जिसे व्यापक रूप से सरकार के दायरे को सीमित करने के लिए शटडाउन का लाभ उठाने के तरीके के रूप में देखा जा रहा है। इस बीच उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने सख्त कटौतियों की चेतावनी दी है। वहीं, कर्मचारी संघ मुकदमा कर रहे हैं।
जॉनसन ने कहा, ‘‘हम अमेरिकी इतिहास के सबसे लंबे शटडाउन की दिशा की ओर बढ़ रहे हैं।’’ शटडाउन पर कोई नतीजा निकलता नहीं दिख रहा जिसके कारण इसके लंबे समय तक इसके जारी रहने की उम्मीद है। सरकारी वित्तपोषण रुकने से हुए शटडाउन के कारण नियमित सरकारी कामकाज ठप पड़ गया है। संग्रहालय और अन्य ऐतिहासिक सांस्कृतिक संस्थान बंद कर दिए गए हैं और हवाई अड्डों पर उड़ानों में व्यवधान के कारण अफरातफरी मच गई है। शटडाउन को लेकर अर्थव्यवस्था में और अनिश्चितता पैदा हो गई है।
ट्रंप को नोबेल दिलाने के लिए वैश्विक अभियान चलाएगा इजरायल
15 Oct, 2025 12:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald trump) के गाजा पीस प्लान ने गाजा पट्टी में शांति ला दी है। उनकी इस योजना से खुश होकर इजरायली संसद (israeli parliament) में यह ऐलान किया गया है कि ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार दिलाने के लिए इजरायल वैश्विक स्तर पर अभियान चलाएगा। ट्रंप का नोबेल पुरस्कार के लिए प्रेम नया नहीं है, वह पिछले काफी समय से खुले आम इसे जीतने की इच्छा जाहिर कर रहे हैं, हालांकि इस बार उनकी जगह पर वेनेजुएला की विपक्ष की नेता मारिया कोरिना मचाडो को यह पुरस्कार मिला है।
इजरायली संसद में अपना संबोधन देने के लिए पहुंचे ट्रंप का स्वागत करते हुए वहां के सांसदों ने उन्हें शांति का राष्ट्रपति कहकर संबोधित किया। इस दौरान इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी घोषणा की कि ट्रंप को उनके राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान मध्य-पूर्व में शांति की पहल को आगे बढ़ाने के लिए इजरायल का सर्वोच्च सम्मान दिया जाएगा। इतना ही नहीं उन्होंने ट्रंप के वैश्विक प्रभाव की तारीफ करते हुए उन्हें इजरायल का सच्चा दोस्त बताया।
नेतन्याहू ने कहा, “आपने हमारे लिए जो कुछ भी किया है, उसके लिए आपका धन्यवाद। मैंने देश के सर्वोच्च सम्मान, इजरायल पुरस्कार से सम्मानित करने के लिए नामित किया है। जहां तक दूसरे पुरस्कार (नोबेल शांति पुरस्कार) की बात है तो आपको इसे प्राप्त करना बस समय की बात है।” उन्होंने कहा, “मैंने कई अमेरिकी राष्ट्रपति देखे हैं, लेकिन दोस्त डोनाल्ड ट्रंप की तरह दुनिया को इतनी तेजी और निर्णायक रूप से आगे बढ़ाते नहीं देखा।”
ट्रंप को नोबेल दिलाने के लिए इजरायली संसद का समर्थन
ट्रंप के नोबेल प्रेम को इजरायली संसद ने भी बखूबी समर्थन दिया। इजरायली संसद के अध्यक्ष अमीर ओहाना ने इस शांति समझौते के लिए ट्रंप की जमकर तारीफ की। नेसेट को संबोधित करते हुए ओहाना ने ट्रंप को शांति का राष्ट्रपति बताया, और कहा, “दुनिया में शांति को बढ़ावा देने के लिए आपसे ज्यादा काम करने वाला कोई नहीं है। कोई भी आपके आस-पास भी नहीं पहुंच पाया है।”
पाकिस्तान में शहबाज सरकार की नींदें उड़ा रही तहरीक-ए-लब्बैक, जानिए हिंसा क्यों?
15 Oct, 2025 11:41 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद। पाकिस्तान (Pakistan) में इन दिनों तहरीक-ए-लब्बैक (TLP) द्वारा आयोजित प्रदर्शनों ने शहबाज शरीफ सरकार की नींदें उड़ा रखी हैं। फिलिस्तीन (Palestine) के समर्थन में आयोजित यह विरोध प्रदर्शन अब हिंसक हो गया है जिसमें एक पुलिस अधिकारी सहित कम से कम 5 लोगों की मौत हो गई। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में सोमवार को पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की कई खबरें सामने आई हैं। कई वाहनों को भी फूंक दिया गया है। इस बीच अब तक 100 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
इससे पहले TLP ने बीते गुरुवार को लाहौर से इस्लामाबाद तक मार्च का आह्वान किया था। समूह ने इजरायल और हमास के बीच युद्ध को समाप्त करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के गाजा समझौते के विरोध में इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास तक मार्च करने की योजना की घोषणा की थी। हालांकि शुक्रवार को प्रदर्शन तब हिंसक हो गए जब इस कट्टरपंथी समूह ने इस्लामाबाद तक ‘लब्बैक या अक्सा मिलियन मार्च’ का आह्वान किया। इस कदम का पाकिस्तानी अधिकारियों ने कड़ा विरोध किया और पथराव के बीच प्रदर्शनकारियों पर लाठियां चलाईं और आंसू गैस के गोले दागे।
ताजा हिंसा क्यों?
अधिकारियों ने इस्लामाबाद और पड़ोसी रावलपिंडी में मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं भी निलंबित कर दीं। शुक्रवार के विरोध प्रदर्शन के दौरान, लगभग 50 पुलिस अधिकारी घायल हो गए, जबकि टीएलपी ने दावा किया कि उसके कुछ सदस्य मारे गए हैं। अगले दिन, अधिकारियों ने विरोध प्रदर्शन के दौरान 100 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया। सोमवार को नया संघर्ष शुरू हुआ जब प्रदर्शनकारियों ने TLP द्वारा जब्त किए गए शिपिंग कंटेनर हटाने की कोशिश की और लाहौर में पुलिस से भिड़ गए।
कौन सी सिगरेट पीती हैं इटली की PM मेलोनी, राष्ट्रपति एर्दोआन के जिक्र से उठा सवाल
15 Oct, 2025 10:40 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
डेस्क: इटली (Italy) की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी (PM Georgia Meloni) के सिगरेट पीने (Smoking Cigarettes) की चर्चा दुनियाभर में हो रही है. दरअसल, मिस्र के शर्म अल शेख में गाजा डील के दौरान तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोआन (President Erdoğan) ने मेलोनी को स्मोकिंग छोड़ने की सलाह दी, जिस पर मेलोनी का कहना था कि ऐसा करने पर वो लोगों की मदद नहीं कर पाएंगी. यूरोपीय आउटलेट पॉलिटिको (European outlet Politico) ने इसको लेकर एक रिपोर्ट की है.
रिपोर्ट के मुताबिक मंच पर जब एर्दोआन मेलोनी से मिले, तो उन्होंने पहले उनकी खूबसूरती की तारीफ की. एर्दोआन ने इसके बाद उन्हें कहा कि आप स्मोकिंग छोड़ दीजिए, जिसे मेलोनी ने सिरे से खारिज कर दिया. बातचीत के दौरान एर्दोआन ने इसे खत्म करने का प्रण भी लिया. कहा जा रहा है कि एर्दोआन धूम्रपान मुक्त विश्व बनाने के मकसद से आजकल नेताओं से शराब और सिगरेट छोड़ने की अपील कर रहे हैं.
2022 में चुनाव के दौरान जॉर्जिया मेलोनी ने अपने वेबसाइट पर एक आत्मकथा का प्रकाशन करवाया. उसमें उन्होंने अपने बारे में डिटेल में बताया. इसी रिपोर्ट में मेलोनी ने कहा है कि वे कभी-कभी अल्ट्रा-स्लिम सिगरेट का सेवन करती हैं. मेलोनी ने संख्या और सिगरेट के ब्रांड के बारे में कोई जानकारी नहीं दी. प्रधानमंत्री बनने के बाद मेलोनी ने एक शराब मेले के दौरान बड़ा खुलासा किया. मेलोनी ने कहा कि मुझे अल्कोहल पसंद है, लेकिन मेरी कोशिश रहती है कि इसे कम ही लिया जाए. उन्होंने शराब कैसे पिएं, इसे इस मेला में डिटेल में बताया था. मेलोनी के मुताबिक खाली पेट कभी शराब नहीं पीनी चाहिए.
चार दोस्तों को बचाकर खुद हमास की चंगुल में फंसे, अब इस्राइल को सौंपा गया इस हिंदू बंधक का शव
15 Oct, 2025 09:39 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेल अवीव। इस्राइल (Israel) और हमास (Hamas) के बीच युद्धविराम के बाद अब बंदियों की अदला-बदली का दौर शुरू हो चुका है। हमास ने 20 जीवित बंदियों (Prisoners) को रिहा किया। इसी के साथ दूसरी तरफ हमास की सशस्त्र शाखा अल-कसम ब्रिगेड्स (Armed Wing Al-Qassam Brigades) ने 4 मृत इस्राइल बंधकों के नाम सार्वजनिक कर, उनके शव सौंप दिए हैं, जिनमें से एक हिंदू छात्र (Hindu Student) बिपिन जोशी (Bipin Joshi) का शव भी शामिल है, जिनकी मौत की पुष्टि कर दी गई है।
हमास ने अपहृत बंदी बिपिन जोशी का शव दो साल से ज्यादा समय के बाद इस्राइल को लौटा दिया गया है। 7 अक्टूबर 2023 के हमले के दौरान बिपिन जोशी को उनकी बहादुरी के लिए जाना जाता था। उन्होंने बड़ी बहादुरी के साथ उसके 4 दोस्तों को बचाया था। बिपिन जोशी, जो कि नेपाली छात्र थे, हमास के हमले के समय 22 वर्ष के थे और गाजा सीमा के पास किबुत्ज़ अलुमिम में एक कृषि प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए नेपाल से आए थे। माना जाता है कि वह गाजा में जीवित बचे एकमात्र गैर-इस्राइली और हिंदू बंधक थे। सोमवार देर रात हमास ने उनका शव इस्राइली अधिकारियों को सौंप दिए।
बिपिन जोशी की इस्राइली यात्रा सितंबर 2023 में शुरू हुई, जब वह गाजा सीमा के पास स्थित किबुत्ज़ अलुमिम समुदाय में कृषि अध्ययन और कार्य कार्यक्रम के लिए 16 अन्य छात्रों के साथ शामिल हुए। इस पहल के तहत नेपाली छात्रों को इस्राइली कृषि पद्धतियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। 7 अक्टूबर की सुबह जब हमास के चरमपंथियों ने अचानक हमला किया, तो छात्रों ने एक बम बंकर में शरण ली।
टाइम्स ऑफ इस्राइल के अनुसार, जब अंदर ग्रेनेड फेंके गए, तो जोशी ने एक जिंदा ग्रेनेड उठाया और उसे फटने से पहले ही फेंक दिया, जिससे कई लोगों की जान बच गई। हमले में वह घायल हो गए और बाद में हमास के बंदूकधारी उन्हें पकड़कर गाजा ले गए। इसके बाद के इस्राइल सेना द्वारा जारी किए गए वीडियो फुटेज में जोशी को गाजा के शिफा अस्पताल में घसीटते हुए दिखाया गया, जो उन्हें जीवित देखने का आखिरी ज्ञात दृश्य था।
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