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मुनीर की गीदड़भभकी, पाकिस्तान कहीं भी जाकर हमला कर सकता.........भारत की गलतफहमी जल्द दूर होगी
19 Oct, 2025 11:43 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद। पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने फिर से भारत के खिलाफ भड़काऊ बयानबाजी की है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के पास इसतरह के हथियार हैं, जो कही भी जाकर हमला कर सकते हैं।
गीदड़भभकी देते हुए मुनीर ने कहा, भारत की गलतफहमी कि वह अपनी बड़े होने की वजह से (क्षेत्र में) महफूज है, जल्द खत्म हो जाएगी। पाकिस्तानी आर्मी प्रमुख मुनीर ने ये बातें सैन्य अकादमी में एक पासिंग परेड को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि परमाणु शक्ति वाले माहौल में जंग की कोई जगह नहीं है। अगर दोनों देशों के बीच कोई जंग हुई, तब पाकिस्तानी सेना का जवाब उम्मीद से कहीं बढ़कर होगा, जिसके बारे में हमला करने वाले ने कभी सोचा भी नहीं होगा। मुनीर ने कहा कि ऑपरेशन बुनीयान‑उम‑मारसूज (भारत के खिलाफ हुआ संघर्ष) के दौरान पाकिस्तान आर्मी ने अपनी काबिलियत दिखाकर कई गुना बड़ी दुश्मन सेना को हराया। उन्होंने कहा कि अल्लाह की मदद और लोगों के समर्थन से पाकिस्तान ने अपनी सीमाओं की रक्षा में बड़ी सफलता हासिल की है। मुनीर ने वादा किया कि देश की एक इंच भी जमीन किसी दुश्मन को नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जैसे उन्होंने भारत को पिछली बार हराया था वैसे ही भारत की मदद से चलाए जा रहे आतंकियों के गुटों को कुचल डालने वाले है।
आर्मी चीफ मुनीर ने कहा कि पाकिस्तान एयर फोर्स ने भारत के राफेल गिराए, कई बेस और एस-400 मिसाइल सिस्टम्स को टारगेट किया। इसके साथ ही मुनीर ने कश्मीर में आतंकवाद और अत्याचारों की निंदा कर कश्मीरियों को अपने फैसले खुद करने का अधिकार देने की मांग की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान कश्मीरी लोगो के लिए समर्थन जारी रखेगा।
टॉमहॉक मिसाइल के मामले में टालमटोल करते दिखे ट्रंप
19 Oct, 2025 10:50 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन । यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने रूस से लड़ने के लिए टॉमहॉक मिसाइलें मांगी। हालांकि, ट्रंप ने हिचकिचाट जाहिर की।
ट्रम्प ने कहा कि मैं चाहता हूं कि यूक्रेन को कभी टॉमहॉक की जरूरत ही न पड़े। हालांकि, जेलेंस्की ने टॉमहॉक के बदले में यूक्रेन में बने हजारों ड्रोन देने की डील रखी। इस पर ट्रम्प ने हामी भरी लेकिन उन्होंने कहा कि यूक्रेन को लंबी दूरी के हथियार देना दोनों देशों के तनाव को और बढ़ाएगा। जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन के लोगों के लिए एक मजबूत सुरक्षा गारंटी सबसे जरूरी चीज है। उन्होंने कहा कि नाटो की सदस्यता सबसे अच्छी है लेकिन फिलहाल उनके लिए हथियार बहुत जरूरी हैं। इसके अलावा ट्रम्प ने पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच चल रहे संघर्ष पर भी बात की। उन्होंने कहा कि मैं इस तनाव को आसानी से हल कर सकता हूं।
ट्रम्प और जेलेंस्की ने बैठक से पहले मीडिया से बात की। इस दौरान दोनों ने कई सवालों के जवाब दिए। ट्रम्प ने कहा कि वे जेलेंस्की और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बातचीत करके जंग खत्म करवा सकते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पुतिन के साथ आगामी हफ्तों में बुडापेस्ट में होने वाली समिट एक ‘डबल मीटिंग’ होगी, जहां वह पुतिन और जेलेंस्की से अलग-अलग मिलने वाले हैं, लेकिन दोनों राष्ट्रपति आपस में सीधे मुलाकात नहीं करने वाले है।
पाकिस्तानी हमले पर तालिबान ने दी चेतावनी, कहा– हम जवाब देना जानते हैं
19 Oct, 2025 09:42 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
काबुल। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा विवाद और हवाई हमलों को लेकर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। दोनों देशों के बीच शनिवार को कतर की राजधानी दोहा में शांति वार्ता तय थी, लेकिन वार्ता से ठीक पहले अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने पाकिस्तान पर हवाई हमले करने का गंभीर आरोप लगाया है।
तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि अफगानिस्तान अपने ऊपर हुए किसी भी हमले का जवाब देने का पूरा अधिकार रखता है। उन्होंने लिखा, पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की सीमाओं का उल्लंघन किया है। हमारे लोग और हमारे सैनिक मारे गए हैं। हम जवाब देना जानते हैं और करेंगे भी। गौरतलब है कि पाकिस्तान द्वारा की गई एयरस्ट्राइक में तीन अफगान क्रिकेटरों की मौत हो गई। इन खिलाड़ियों का संबंध नंगरहार प्रांत से बताया जा रहा है। इस घटना ने अफगान जनता में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है।
पुर्तगाल ने भी लगाया बुर्का और नकाब पहनने पर प्रतिबंध
19 Oct, 2025 08:35 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लिस्बन । पुर्तगाल का संसद ने एक विधेयक पास किया है, जो सार्वजनिक जगहों पर बुर्का और नकाब पहनने पर रोक लगाता है। यह कदम दक्षिणपंथी चेगा पार्टी का है और इसके पास होने के बाद संसद में महिला सांसदों और चेगा नेताओं के बीच जोरदार बहस भी हुई।
इस विधेयक के अनुसार, अब कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक जगहों पर चेहरा पूरी तरह ढककर नहीं घूम सकेगा। कानून तोड़ने पर 200 से 4,000 यूरो (करीब 4।7 लाख रुपये) का जुर्माना लगाया जाएगा। किसी को जबरन बुर्का पहनाने पर तीन साल तक की जेल हो सकती है। हालांकि, पूजा स्थलों, हवाई जहाज और राजनयिक परिसरों में चेहरे ढकने की अनुमति दी गई है।
कानून बनने के लिए अब राष्ट्रपति मार्सेलो रेबेलो डी सूसा की मंजूरी जरूरी है। वे इसे मंजूरी दे सकते हैं, या वीटो लगा सकते हैं, या इसे संवैधानिक न्यायालय के पास भेज सकते हैं। अगर यह कानून बन गया, तो पुर्तगाल यूरोप के उन देशों की सूची में शामिल हो जाएगा जहां बुर्का पर प्रतिबंध है, जैसे फ्रांस, बेल्जियम, ऑस्ट्रिया और नीदरलैंड।
कार्गो एरिया में लगी आग ने रोका हवाई यातायात, ढाका एयरपोर्ट पर उड़ानों में भारी असर
18 Oct, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। बांग्लादेश की राजधानी ढाका के हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के कार्गो विलेज इलाके में शनिवार दोपहर भीषण आग लग गई। अधिकारियों के अनुसार, यह इलाका आमतौर पर आयतित सामान पखने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
फायर सर्विस मुख्यालय के मीडिया सेल अधिकारी तल्हा बिन जसीम ने बताया क आग की तिव्रता काफी गंभीर है। उन्होंने कहा कि 16 दमकल यूनिट मौके पर पहुंच चुकी हैं, जबकि अन्य 16 यूनिट रास्ते में हैं।
आग बुझाने में जुटे कर्मी
हवाई अड्डे के कार्यकारी निदेशक के प्रवक्ता मसूदुल हसन मसूद ने बताया कि आग कार्गो विलेज के पास वाले हिस्से में लगी। उन्होंने कहा कि फायर सर्विस, बांग्लादेश एयरफोर्स और एयरपोर्ट कर्मी मिलकर आग बुझाने में लगे हैं। फिलहालस आग लगने के कारण और नुकसान की सहा जनकारी अब तक सामने नहीं आई है।
आग लगने के बाद चार उड़ानों को चटगांव के शाह अमानत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की ओर मोड़ दिया गया। चटगांव एयरपोर्ट के प्रवक्ता इब्राहिम खलील ने बताया कि इनमें दो घरेलू उड़ानें और दो अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शामिल हैं।
रोकी गई सभी उड़ानें
एहतियात के तौर पर कई विमानों को हैंगर से हटाकर सुरक्षित जगह पर ले जाया गया है ताकि कोई नुकसान न हो। कुल 28 फायर यूनिट आग पर काबू पाने में जुटी हैं, जबकि ढाका एयरपोर्ट पर सभी उड़ानें फिलाहल रोक दी गई है।
सेना के पराक्रम से कांपा पाकिस्तान, मुनीर बोला- युद्ध हुआ तो परमाणु हमला करेंगे
18 Oct, 2025 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। पाकिस्तान आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने एक बार भारत के खिलाफ बेतुका बयान दिया है। मुनीर ने शनिवार को गीदड़भभकी देते हुए कहा कि भारत के छोटे से उकसावे पर भी 'माकूल जवाब' दूंगा। उन्होंने कहा कि 'न्यूक्लियराइज्ड माहौल' में युद्ध के लिए कोई जगह नहीं है।
मुनीर खैबर पख्तूनख्वा के एबटाबाद में प्रीमियर पाकिस्तान मिलिट्री एकेडमी (PMA) काकुल में पासिंग आउट आर्मी कैडेट्स के ग्रेजुएशन सेरेमनी को ये बयान दिया है। उन्होंने कहा, "मैं भारत की मिलिट्री लीडरशिप को सलाह देता हूं और पक्के तौर पर सावधान करता हूं कि न्यूक्लियराइज्ड माहौल में युद्ध के लिए कोई जगह नहीं है।"
मुनीर ने कहा, "हम कभी डरेंगे नहीं, बयानबाजी से मजबूर नहीं होंगे और बिना किसी झिझक के छोटे से उकसावे का भी मजबूती से जवाब देंगे।"
भारत पाकिस्तान संघर्ष का किया जिक्र
भारत और पाकिस्तान के बीच हाल ही में हुए संघर्ष का जिक्र करते हुए मुनीर ने दावा किया कि पाकिस्तान की आर्म्ड फोर्सेज ने सभी खतरों को कथित तौर पर न्यूट्रलाइज करके जबरदस्त प्रोफेशनलिज्म और दूर तक पहुंचने वाली काबिलियत दिखाई है और 'संख्या में ज़्यादा मजबूत दुश्मन' के खिलाफ 'जीत' हासिल की है।
भारत पर लगाए बेबुनियाद आरोप
मुनीर ने भारत पर पाकिस्तान को अस्थिर करने के लिए आतंकवाद को हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया, उन्होंने कहा कि मुट्ठी भर आतंकवादी पाकिस्तान को नुकसान नहीं पहुंचा सकते और चेतावनी दी कि अफगान जमीन का इस्तेमाल करने वाले सभी प्रॉक्सी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) की तरफ इशारा करते हुए धूल में मिला दिए जाएंगे।
पाक आर्मी चीफ ने भारत से इंटरनेशनल नियमों के हिसाब से मुख्य मुद्दों को सुलझाने की भी अपील की। ये कश्मीर विवाद का साफ इशारा था। इसके साथ ही उन्होंने जम्मू-कश्मीर के लोगों को नैतिक और डिप्लोमैटिक सपोर्ट देने के पाकिस्तान के वादे को दोहराया है।
पाकिस्तान को शांति पसंद देश बताते हुए मुनीर ने कहा कि US और चीन समेत बड़ी ताकतों के साथ उसके मजबूत रिश्ते हैं सेरेमनी में, मलेशिया, नेपाल, फलस्तीन, कतर, श्रीलंका, बांग्लादेश, यमन, माली, मालदीव और नाइजीरिया समेत कई दोस्त देशों के कैडेट्स भी ग्रेजुएट हुए।
समुद्र में नाव दुर्घटना, मोज़ाम्बिक में तीन भारतीयों की जान गई, पांच की तलाश जारी
18 Oct, 2025 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हिंद महासागर में भारतीय नागरिकों को ले जा रही नाव अचानक दुर्घटनाग्रस्त हो गई है। इस हादसे में 3 भारतीयों की जान चली गई और 5 लोग अभी तक लापता है। उनकी तलाश की जा रही है।
यह हादसा शुक्रवार को मोजाम्बिक में बीरा पोर्ट के पास हुआ। मोजाम्बिक में भारतीय दूतावास के अनुसार, इस नाव में एक टैंकर के क्रू मेंबर्स सवार थे। उन्हें रोज की तरह ऑपरेशन ट्रांसफर के लिए टैंकर पर ले जाया जा रहा था। तभी यह नाव अचानक पलट गई, जिससे हादसा हो गया।
भारतीय दूतावास ने दी जानकारी
इस नाव में कुल 14 भारतीय नागरिक मौजूद थे। नाव पलटने की वजह अभी तक सामने नहीं आई है। भारतीय दूतावास ने इस हादसे की जानकारी देते हुए कहा- र्भाग्यवश इस हादसे में कुछ भारतीयों की मौत हो गई और कुछ अभी तक लापता हैं। हम मृतकों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हैं। हम पीड़ित परिवारों के साथ संपर्क में बने हुए हैं और उन्हें हर संभव मदद मुहैया करवाई जाएगी।
6 को किया गया रेस्क्यू
भारतीय दूतावास के अनुसार, हादसे के बाद 5 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया है।वहीं, एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है, जिसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। बचाव और राहत कार्य अभी भी जारी है।
स्थानीय अधिकारियों की मदद से 5 लापता भारतीयों के लिए तलाशी अभियान जारी है, लेकिन अभी तक उनका कुछ पता नहीं चल सका है। भारतीय दूतावास ने आश्वासन दिया है कि ऑपरेशन पर बारीकी से नजर रखी जा रही है।
“हमारा ही रहेगा गाजा” – हमास ने किया साफ़, हथियार छोड़ने का कोई इरादा नहीं
18 Oct, 2025 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिका गाजा में युद्धविराम के बाद एक स्थायी शांति ढांचे की योजना पर काम कर रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शांति पहल के पहले चरण के तहत हमास और इजराइल ने बंधकों तथा कैदियों की रिहाई पर सहमति जताई है और यह प्रक्रिया शुरू भी हो चुकी है. हालांकि, हमास के ताजा बयान से संकेत मिलता है कि समझौते के आगे के चरणों में अड़चनें आ सकती हैं.
दरअसल,न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को दिए एक इंटरव्यू में हमास के वरिष्ठ नेता मोहम्मद नज्जाल ने कहा कि संगठन गाजा में सुरक्षा व्यवस्था अपने हाथ में ही रखेगा और फिलहाल निरस्त्रीकरण का कोई सवाल नहीं है. हमास की तरफ से ये बयान तब आया है जब ट्रंप कई बार धमकी दे चुके हैं अगर हमास ने हथियार नहीं छोड़े तो अंजाम बुरे होंगे.
ट्रंप के प्लान को लगा झटका
हमास नेता नज्जाल ने कहा कि संगठन पाँच साल तक के युद्धविराम के लिए तैयार है ताकि गाजा का पुनर्निर्माण किया जा सके, लेकिन इसके साथ हथियार छोड़ने की शर्त स्वीकार नहीं होगी. उनका कहना था कि जब तक फिलिस्तीनियों को राज्य का वादा और उम्मीद नहीं दी जाती, तब तक सुरक्षा हमारे हाथों में रहनी ज़रूरी है.
हमास का यह रुख अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 20 प्वाइंट शांती योजना के लिए बड़ा झटका है, जिसमें युद्ध के बाद गाजा में नई प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था बनाने की कोशिश हो रही है. विश्लेषकों के मुताबिक, यह बयान संकेत देता है कि हमास अभी भी अपनी राजनीतिक और सैन्य ताकत को बरकरार रखना चाहता है, चाहे अंतरराष्ट्रीय दबाव कितना भी बढ़ जाए.
अमेरिका की योजना पर पानी?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्य पूर्व शांति योजना में गाजा को हथियार-मुक्त क्षेत्र बनाने की बात कही गई है, ताकि इजराइल और फिलिस्तीन के बीच स्थायी सुलह की नींव रखी जा सके. लेकिन हमास के नए रुख से साफ है कि संगठन किसी भी विदेशी दबाव में अपने सैन्य ढांचे को खत्म नहीं करेगा. राजनीतिक जानकार मानते हैं कि जब तक हमास गाज़ा की सुरक्षा अपने हाथ में रखता है, तब तक कोई भी स्थायी समाधान मुश्किल ही रहेगा.
राजकीय समारोह में मची भगदड़: ओडिंगा की अंत्येष्टि में 18 घायल, अफरा-तफरी का माहौल
18 Oct, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
केन्या के पूर्व प्रधानमंत्री रैला ओडिंगा के राजकीय अंत्येष्टि समारोह के दौरान शुक्रवार को एक फुटबाल स्टेडियम में भगदड़ मचने से 18 लोग घायल हो गए।
ओडिंगा का इस सप्ताह भारत में 80 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। इससे पहले गुरुवार को एक सार्वजनिक दर्शन समारोह के दौरान भगदड़ मच गई थी, जिसमें पुलिस फायरिंग से तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि 10 लोग घायल हुए थे।
कैसे मच गई भगदड़?
राजधानी नैरोबी के स्टेडियम में जब राजकीय अंत्येष्टि समारोह शुरू हुआ तो भीड़ में से कुछ लोग ओडिगा के पार्थिव शरीर को देखने के लिए आगे बढ़ गए, जिससे वहां भगदड़ मच गई। घायल 18 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
स्टेडियम में हजारों लोग मौजूद थे, जहां एंग्लिकन चर्च की प्रार्थना सभा के लिए ओडिगा के ताबूत को राष्ट्रीय ध्वज से ढंका गया था। वे नारे लगा रहे थे और ओडिंगा के चित्र लिए हुए थे।
ट्रंप ने फिर दी गाजा पर सैन्य कार्रवाई की चेतावनी, बोले– ‘अगर हमास नहीं माने तो कार्रवाई तय’
18 Oct, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के 19 बंधकों के शवों की वापसी के मुद्दे पर कोई समझौता न करने वाले बयान के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने हमास को चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा, हमास अगर सभी बंधकों के शव इजरायल को वापस नहीं करता है तो वह इजरायल को सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू करने के लिए ग्रीन लाइट दिखा देंगे।
विदित हो कि ट्रंप की शांति योजना के तहत 10 अक्टूबर को गाजा पट्टी पर इजरायल के हमले बंद हो गए थे। इसके 72 घंटे के भीतर हमास को सभी जीवित 20 बंधक और 28 बंधकों के शव इजरायल को देने थे लेकिन अभी तक 19 शव नहीं दिए गए हैं। ट्रंप का बयान इसलिए भी मायने रखता है क्योंकि गुरुवार को नेतन्याहू के बयान के बाद इजरायली रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने गाजा में नियुक्त सैन्य कमांडरों को हमले फिर से शुरू करने की योजना बनाने के निर्देश दिए थे।
हमास ने क्या कहा?
हमास ने कहा है कि बंधकों के शव उन सुरंगों में हो सकते हैं जो इजरायली हमलों के कारण नष्ट हो गई हैं। ये सुरंगें जमीन से काफी नीचे थीं और उनमें कुछ इजरायली बंधक जीवित अवस्था में रखे गए थे और कुछ बंधकों के शव थे। लेकिन इजरायली हमलों में जीवित बंधक भी मारे गए। इसलिए खोदाई करके शवों के अवशेष निकालने के लिए विशेष उपकरणों की जरूरत होगी और उसमें समय भी लगेगा।
हमास ने कहा है कि कुछ बंधकों के शव इजरायली सेना के नियंत्रण वाले इलाकों में भी हैं। हमास ने कहा है कि शवों के न मिलने तक इजरायली प्रधानमंत्री ने राहत सामग्री की आपूर्ति रोकने की बात कही है। नेतन्याहू का यह कदम राजनीतिक लाभ के लिए मानवीय जरूरतों को पूरा करने में अड़ंगा डालने वाला है।
हमास ने मध्यस्थों से गाजा में पर्याप्त खाद्य सामग्री की आपूर्ति सुनिश्चित करवाने का अनुरोध किया है। रफाह सीमा को वाहनों के आवागमन के लिए खोले जाने के लिए कहा है जिससे घरों, अस्पतालों और स्कूलों की मरम्मत के लिए आवश्यक सामग्री आ सके।
संयुक्त राष्ट्र ने इस बात की जताई आशंका
इस बीच संयुक्त राष्ट्र ने गाजा पट्टी के कई इलाकों में सड़कें पूरी तरह से खत्म हो जाने, मलबे से रास्ता रुका होने और सीमा पर रोके जाने से राहत सामग्री न पहुंचने की बात कही है। इससे गाजा में भूख से मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई है।
ट्रम्प के 50 प्रतिशत टैरिफ का असर, महंगे दामों पर कपड़े-ज्वेलरी यूएस नहीं भेज रहे व्यापारी
17 Oct, 2025 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। अमेरिका के भारतीय सामानों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने के बाद भारत से अमेरिका सामन भेजना अब एक्सपोर्टर्स को महंगा पड़ रहा है। इसके चलते पिछले चार महीनों में अमेरिका को एक्सपोर्ट में 37.5 फीसदी की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव की रिपोर्ट के अनुसार, यह इस साल की सबसे बड़ी गिरावट है। मई 2025 में भारत का अमेरिका को निर्यात 8.8 बिलियन डॉलर था, जो सितंबर 2025 तक गिरकर 5.5 बिलियन डॉलर पर आ गया। यानी, महज चार महीनों में भारत ने 3.3 बिलियन डॉलर (करीब 28,000 करोड़) से ज्यादा का एक्सपोर्ट कम हो गया है।
सितंबर में सबसे ज्यादा 20 प्रतिशत गिरा एक्सपोर्ट
सितंबर पहला ऐसा महीना था, जब भारतीय सामानों पर पूरी 50 प्रतिशत ड्यूटी लगी। इसी महीने निर्यात में सबसे बड़ी 20.3 फीसदी की मासिक गिरावट आई। हालांकि यह गिरावट जून से शुरू हुई थी। जून में 5.7 प्रतिशत, जुलाई में 3.6 प्रतिशत, और अगस्त में 13.8 प्रतिशत की कमी आई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, टेक्सटाइल्स (कपड़े), रत्न एवं आभूषण, इंजीनियरिंग सामान और केमिकल्स जैसे बड़े उद्योग सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। इन उद्योगों से शिपमेंट में भारी कमी आई, जो निर्यात गिरावट का सबसे बड़ा कारण बनी।
दोनों देशों के बीच चल रही ट्रेड डील
भारत और अमेरिका लंबे समय से एक ट्रेड डील पर काम कर रहे हैं। 25 अगस्त को अमेरिकी टीम छठे दौर की बातचीत के लिए आने वाली थी, लेकिन बाद में इसे टाल दिया गया। एग्रीकल्च सेक्टर जैसे मुद्दों पर सहमति नहीं बन पा रही थी। इसके बाद सितंबर में बातचीत फिर से शुरू हुई। भारतीय अधिकारी इस साल के अंत तक एक बड़ा समझौता करने की उम्मीद कर रहे हैं।
नेपाल में 4.9 तीव्रता का भूकंप
17 Oct, 2025 03:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
काठमांडू। पश्चिमी नेपाल के सुदूरपश्चिम प्रांत में गुरुवार को 4.9 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप से किसी भी तरह के नुकसान की तत्काल कोई खबर नहीं है। हालांकि भूकंप के झटकों के चलते लोग घरों से बाहर निकल आए। राष्ट्रीय भूकंप निगरानी केंद्र के अनुसार, भूकंप सुबह 1:08 बजे दर्ज किया गया, जिसका केंद्र बझांग जिले के दंतोला क्षेत्र में था। बझांग जिला काठमांडू से लगभग 475 किलोमीटर पश्चिम में स्थित है। पड़ोसी जिलों बाजुरा, बैतड़ी और दारचुला में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप से किसी भी तरह के नुकसान की तत्काल कोई खबर नहीं है। बता दें कि नेपाल सबसे सक्रिय टेक्टोनिक क्षेत्रों (भूकंपीय क्षेत्र 4 और 5) में से एक में स्थित है, जो बेहद ही संवेदनशील इलाका है। यहां हर साल कई भूकंप आते हैं।
अगले साल आर्थिक तंगी से जूझेगी दुनिया, बाबा वेंगा ने की भविष्यवाणी
17 Oct, 2025 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सोफ़िया । साल 2025 ने दुनिया को कई डरावने सबक दिए वैश्विक युद्धों की आग, जलवायु परिवर्तन के कारण तबाही, और कई देशों में आर्थिक अस्थिरता। अब जब नया साल करीब है, लोग उम्मीद कर रहे हैं कि 2026 राहत लेकर आएगा, लेकिन बाबा वेंगा की भविष्यवाणी ने लोगों के मन में भय पैदा कर दिया है। उनकी मानें तो 2026 में दुनिया एक भयंकर आर्थिक संकट की चपेट में आने वाली है, जो पूरी वित्तीय व्यवस्था को हिला कर रख देगा।
रिपोर्ट के अनुसार, बाबा वेंगा ने साल 2026 के लिए एक चरम वैश्विक वित्तीय संकट की भविष्यवाणी की थी। उन्होंने कहा था कि इस साल डिजिटल और फिजिकल दोनों तरह की करेंसी ध्वस्त हो जाएंगी। इससे बैंकिंग सिस्टम में कैश क्रश जैसी स्थिति बन जाएगी, जहां न तो नकद लेन-देन संभव होगा, न ही डिजिटल भुगतान सुरक्षित रहेंगे। इसके चलते बैंकिंग सिस्टम पर भारी दबाव पड़ेगा, करेंसी की वैल्यू घटेगी, मार्केट में तरलता की कमी होगी, और दुनिया मंदी जैसी स्थिति की ओर बढ़ेगी। इस आर्थिक हलचल से महंगाई बढ़ने, ब्याज दरों के ऊंचे होने, और तकनीकी उद्योग में अस्थिरता की स्थिति बन सकती है।
अब दुनिया की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या बाबा वेंगा की यह भविष्यवाणी सच साबित होगी। विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान वैश्विक अर्थव्यवस्था पहले से ही अस्थिर स्थिति में है कई देशों में कर्ज का बोझ, युद्ध और महंगाई ने संतुलन बिगाड़ रखा है। अगर आने वाले साल में कोई बड़ा आर्थिक संकट आता है, तो बाबा वेंगा की यह भविष्यवाणी फिर से चर्चा का विषय बन जाएगी। हर साल की तरह 2026 भी उम्मीदों और आशंकाओं का संगम लेकर आएगा। जहां एक ओर लोग नए साल में खुशियों की कामना कर रहे हैं, वहीं बाबा वेंगा की भविष्यवाणी ने दुनिया को आर्थिक तंगी के डर से भर दिया है। अब देखना यह है कि यह भविष्यवाणी केवल एक चेतावनी बनकर रह जाती है या वाकई 2026 में दुनिया आर्थिक संकट के दौर से गुजरती है।
बाबा वेंगा की भविष्यवाणी के अनुसार, यह संकट केवल एक या दो देशों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका असर पूरे ग्लोब पर देखने को मिलेगा। दुनिया के कई बड़े बैंक और वित्तीय संस्थान गंभीर चुनौतियों का सामना करेंगे। कई देशों की मुद्रा का मूल्य गिर सकता है और अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रणाली भी प्रभावित होगी। यदि यह सच साबित होता है, तो यह संकट 1929 की महामंदी जैसी ऐतिहासिक स्थिति भी पैदा कर सकता है। बाबा वेंगा का असली नाम वांगेलिया पांडेवा दिमित्रोवा था। उनका जन्म 31 जनवरी 1911 को बुल्गारिया में हुआ था। 12 साल की उम्र में एक भयानक तूफान में उनकी आंखों में रेत भर जाने से उनकी दृष्टि चली गई, लेकिन उसी के बाद उन्होंने भविष्य देखने की अद्भुत शक्ति हासिल की। उनकी भविष्यवाणियां अक्सर पहेलियों के रूप में होती थीं, जिन्हें बाद में घटित घटनाओं से जोड़ा जाता रहा। बाबा वेंगा ने अपने जीवन में कई ऐसी बातें कही थीं जो बाद में सच साबित हुईं सोवियत संघ के विघटन की भविष्यवाणी, 9/11 हमलों का संकेत, और सुनामी और परमाणु हादसों जैसी घटनाओं का पूर्वानुमान। इन सबके कारण उन्हें बाल्कन की नास्त्रेदमस कहा जाने लगा।
खुला नया रहस्य: अपने ‘सूरज जैसे’ साथी से मिला आसमान का दानव तारा बीटलगीज
17 Oct, 2025 01:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन।धरती से दिखने वाले सबसे चमकदार तारों में शामिल बीटलगीज को लेकर वैज्ञानिकों ने एक चौंकाने वाली खोज की है। लंबे समय से खगोलविद यह मान रहे थे कि इस विशाल तारे के पास कोई व्हाइट ड्वार्फ या न्यूट्रॉन स्टार जैसा साथी होगा, लेकिन हालिया एक्स-रे ऑब्जर्वेशन ने यह धारणा गलत साबित कर दी। दरअसल, बीटलगीज का साथी तारा कोई मृत या घना ऑब्जेक्ट नहीं, बल्कि हमारे सूरज जैसा एक युवा तारा है।
ओरायन तारामंडल में स्थित बीटलगीज धरती से लगभग 548 प्रकाश वर्ष दूर है। यह एक रेड सुपरजायंट है, जिसका द्रव्यमान सूर्य से 16 से 19 गुना अधिक और आकार लगभग 764 गुना बड़ा है। अपनी उम्र के आखिरी पड़ाव पर पहुंच चुका यह तारा कभी भी सुपरनोवा में बदल सकता है। इसकी चमक कई बार अचानक बढ़ती-घटती रही है, जिससे वैज्ञानिक लंबे समय से उलझन में थे। अब माना जा रहा है कि इस उतार-चढ़ाव के पीछे इसका यह नया खोजा गया साथी तारा जिम्मेदार हो सकता है।
वैज्ञानिकों ने दिसंबर 2024 में बीटलगीज के चमकदार पैटर्न्स का विश्लेषण कर यह अनुमान लगाया कि उस समय इसका साथी ऑब्जेक्ट सही स्थिति में होगा। शुरुआती मान्यताओं के अनुसार, यह व्हाइट ड्वार्फ या न्यूट्रॉन स्टार हो सकता था, क्योंकि ऐसे ऑब्जेक्ट्स पुराने, भारी तारों के पास आमतौर पर पाए जाते हैं। लेकिन जब नासा के चंद्रा एक्स-रे ऑब्जर्वेटरी से इसे देखा गया, तो सच्चाई कुछ और ही निकली। खगोलविदों का कहना है कि बीटलगीज और सिवार्हा की यह जोड़ी तारों के विकास की पारंपरिक समझ को चुनौती देती है। अनुमान है कि दोनों करीब 10 मिलियन साल पहले साथ बने, लेकिन अब उनकी स्थिति बिल्कुल विपरीत है बीटलगीज मृत्यु के कगार पर है, जबकि उसका साथी तारा अपने जीवन की शुरुआत में है। इस तरह का एक्सट्रीम मास रेशियो बाइनरी सिस्टम बेहद दुर्लभ माना जाता है। कार्नेगी मेलॉन यूनिवर्सिटी की खगोलभौतिकविद एना ओ’ग्रेडी के मुताबिक, यह खोज तारों के असामान्य जोड़ों की एक नई श्रेणी की शुरुआत करती है। उनके अनुसार, हमें अब उन सिस्टम्स का भी अध्ययन करना होगा जिन्हें अब तक नज़रअंदाज़ किया गया था। बीटलगीज और उसके साथी तारे की यह खोज न केवल खगोलशास्त्र की किताबों को नया अध्याय देगी, बल्कि यह भी साबित करेगी कि ब्रह्मांड अभी भी रहस्यों से भरा है और हर बार हमें चकित कर सकता है।
अद्भुत और दुर्लभ मकड़ी लगी वैज्ञानिकों के हाथ
17 Oct, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बैंकाक। थाईलैंड के घने जंगलों से एक ऐसी अविश्वसनीय खबर सामने आई है, जिसने कीट प्रेमियों और वैज्ञानिकों को चौंका दिया है। दरअसल, यहां पर एक अद्भुत और दुर्लभ मकड़ी वैज्ञानिकों के हाथ लगी, जिसके शरीर का एक हिस्सा नर का है तो दूसरा हिस्सा मादा का है। यह मकड़ी अपनी अनोखी और दुर्लभ जैविक बनावट के कारण चर्चा का विषय बन गई है। यह खोज हमें प्रकृति के एक और अनछुए पहलू से रूबरू कराती है और साबित करती है कि धरती पर अभी भी कितने रहस्य छिपे हैं जो हमारी जानकारी से परे हैं। इस जीव के शरीर के एक तरफ नर और दूसरी तरफ मादा के गुण दिखाई देते हैं, जो इसे अत्यंत दुर्लभ बनाता है। इंटरनेट पर लोगों ने इसे ‘लेडीबॉय स्पाइडर’ नाम दिया है। इसका बायां हिस्सा नारंगी रंग का है, जो मादा के गुणों को दर्शाता है, जबकि दायां हिस्सा सफेद रंग का है जो नर के गुणों को दर्शाता है।
शरीर के अंगों और रंगों में स्पष्ट विभाजन ही इस मकड़ी की बड़ी विशेषता है। यह नन्हा जीव ‘गाइनैंड्रोमॉर्फिज्म’ नामक एक अविश्वसनीय जैविक घटना का जीता-जागता उदाहरण है, जिसका मतलब है कि एक ही जीव के शरीर में नर और मादा दोनों के ही लक्षण और गुण मौजूद हों। वैज्ञानिक इसे एक दुर्लभ आनुवंशिक त्रुटि मानते हैं। शोधकर्ताओं ने इस नई प्रजाति का नाम जापानी कार्टून ‘वन पीस’ के एक किरदार ‘इनाज़ुमा’ के नाम पर रखा है। यह किरदार लिंग बदलने की क्षमता रखता है, जो इस मकड़ी की द्विलिंगी प्रकृति से मेल खाता है। इस हैरतअंगेज मकड़ी की खोज थाईलैंड के कंचनाबुरी प्रांत के एक जंगल में सड़क किनारे हुई।
चुलालोंगकॉर्न यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता मकड़ियों के बिल ढूंढ रहे थे, जब उनकी नजर इस अनोखे जीव पर पड़ी। मकड़ी के रंग और शारीरिक बनावट में यह स्पष्ट अंतर देखते ही शोधकर्ताओं को तुरंत अहसास हो गया कि यह विज्ञान के लिए एक नई और महत्वपूर्ण खोज है। उन्होंने तत्काल चुलालोंगकॉर्न यूनिवर्सिटी के एक्सपर्ट से संपर्क किया। यह मकड़ी ‘विशबोन स्पाइडर’ प्रजाति की है, जो जमीन में बिल बनाकर रहती है और शिकार पर छिपकर हमला करती है। वैज्ञानिकों को यह भी संदेह है कि यह जहरीली हो सकती है, क्योंकि इसने प्रयोगशाला में अध्ययन के दौरान भी अपने नुकीले दांत से अटैक की कोशिश की थी। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह अनोखी ‘लेडीबॉय स्पाइडर’ प्रजनन कर सकती है? यह प्रश्न जीव विज्ञान की समझ को और भी गहरा कर सकता है।
लैब में इस अनोखे जीव का अध्ययन करने के बाद रिसर्चर्स ने बताया कि वे अभी निश्चित नहीं हैं कि यह मकड़ी अपने आप बच्चे पैदा कर सकती है या नहीं। प्रयोगशाला में जांच के दौरान यह पाया गया कि इसके शरीर में मादा जननांग तो मौजूद थे, लेकिन नर जननांग इतने विकसित नहीं थे कि वे निषेचन के लिए शुक्राणु स्थानांतरित कर सकें। हालांकि, शोधकर्ताओं का मानना है कि कृत्रिम गर्भाधान के जरिए इसके प्रजनन की संभावना तलाशी जा सकती है। यदि वैज्ञानिक इसमें सफल होते हैं, तो यह न केवल इस दुर्लभ प्रजाति के संरक्षण में मदद करेगा, बल्कि गाइनैंड्रोमॉर्फिज्म की घटना पर भी नई जानकारी प्रदान करेगा।
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