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क्षेत्र में सुरक्षा हालात को देखते हुए लिया गया फैसला
21 Mar, 2026 11:38 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बगदाद|इराक में नाटो मिशन ने सुरक्षा चिंताओं के कारण अपने कर्मियों की अस्थायी वापसी शुरू कर दी है। एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी के हवाले से इराकी न्यूज एजेंसी (आईएनए) ने यह जानकारी दी। रिपोर्ट में इस कदम को एक अस्थायी उपाय बताया गया है, जो पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और मिशन के सदस्यों की सुरक्षा के लिए उठाया गया है। उसने यह भी कहा कि युद्ध समाप्त होते ही और इराक में सुरक्षा स्थिति स्थिर होने पर नाटो सैनिक वापस लौट आएंगे।
यह नाटो का गैर लड़ाकू मिशन
इराक में नाटो मिशन एक गैर-लड़ाकू सलाहकार मिशन है, जो 2018 में इराकी सरकार के अनुरोध पर स्थापित किया गया था ताकि उसके सुरक्षा क्षेत्र को मजबूत किया जा सके। यह गैर-लड़ाकू मिशन 2018 में इराकी अधिकारियों के अनुरोध पर बनाया गया था, ताकि देश को अपनी सुरक्षा बलों को मजबूत करने और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में मदद मिल सके। नाटो कर्मियों ने इराक के सुरक्षा बलों के सदस्यों को प्रशिक्षण दिया, लेकिन गठबंधन के अनुसार वे उनके साथ युद्ध अभियानों में तैनात नहीं थे।
अमेरिकी कमांडर ने कहा धन्यवाद
यूरोप में नाटो बलों के कमांडर, अमेरिकी वायु सेना के जनरल एलेक्सस ग्रिनकेविच ने नाटो सैनिकों की इराक में तैनाती इराक और सहयोगियों का धन्यवाद किया। ग्रिनकेविच ने शुक्रवार को एक बयान में कहा, 'मैं नाटो मिशन, इराक के समर्पित पुरुषों और महिलाओं का भी धन्यवाद करना चाहता हूं, जिन्होंने इस अवधि के दौरान अपना मिशन जारी रखा। वे सच्चे पेशेवर हैं।' यह अस्थायी वापसी 28 फरवरी से ईरान पर अमेरिका-इस्राइल के संयुक्त हमलों के बाद बढ़े तनाव के बीच हो रही है, जिसके जवाब में ईरान और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों ने पूरे मध्य पूर्व में इस्राइल और अमेरिकी हितों पर हमले किए।
10-15 गाड़ियों की भिड़ंत, हादसे में सात लोग घायल।
21 Mar, 2026 11:08 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पानीपत (हरियाणा)। पानीपत में शनिवार सुबह अचानक आई धुंध में पानीपत में सिवाह स्टैंड के पास जीटी रोड हाईवे पर वाहनों की टक्कर हो गई। एक साथ 10-15 वाहन आपस में भिड़ गए। हादसे में कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए। जिससे जीटी रोड पर लंबा जाम लग गया। हादसे की सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और क्षतिग्रस्त वाहनों का हाईवे से हटाया। हादसे में तीन बच्चों समेत 7 लोग घायल भी हुए हैं। जिन्हें जिला नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसा सुबह करीब आठ बजे जीटी रोड हाईवे पर हुआ। बताया जा रहा है कि धुंध के कारण दिल्ली की ओर से आ रही एक कार की सामने चल रही कार से टक्कर हो गई। इसके बाद पीछे से वाहन आते रहे और एक दूसरे से टकराते रहे। इस टक्कर में करीब 15 वाहन क्षतिग्रस्त हुए। जिनमें 10 वाहनों ज्यादा क्षतिग्रस्त हुए। हादसे पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर पहले घायलों को अस्पताल पहुंचाया। इसके बाद क्रेन की मदद से सभी वाहनों को एक साइड किया। बाद में हाईवे से हटाकर रास्ता साफ कराया। इस दौरान हाईवे पर करीब एक घंटे तक जाम लगा रहा।
मार्च में दिसंबर जैसा एहसास, ठंड ने बढ़ाई कंपकंपी
21 Mar, 2026 10:04 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा। के विभिन्न जिलों में पिछले कुछ दिनों से जारी मौसम के बदलाव ने शनिवार की सुबह दिसंबर की सर्दी जैसा माहौल बना दिया। कई इलाकों में घना कोहरा और धुंध छा गई, जिससे दृश्यता काफी कम हो गई और लोगों को ठंड का अहसास हुआ। हाल ही में हुई बारिश के बाद अब कोहरे ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है, जबकि किसानों के लिए यह बदलाव फायदेमंद साबित हो रहा है। कुरुक्षेत्र में अल सुबह से ही घना कोहरा छाया रहा, जहां दृश्यता मात्र 25 मीटर तक सीमित रही। बादल छाए होने से अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 13 डिग्री दर्ज किया गया। दिन में हल्की धूप निकलने की संभावना है, लेकिन मौसम ठंडक भरा बना रहेगा। पानीपत में तीन दिनों की बारिश के बाद शनिवार को सुबह से तेज धुंध और कोहरा देखा गया। अधिकतम तापमान 26 डिग्री और न्यूनतम 14 डिग्री तक गिर गया। मौसम विशेषज्ञ डॉ. आशीष कुमार के अनुसार, अगले दो दिन बादल छाए रहेंगे और सोमवार को फिर बारिश हो सकती है। बहादुरगढ़ में गुरुवार-शुक्रवार को हुई बारिश के बाद शनिवार सुबह घना कोहरा छा गया। दृश्यता कम होने से वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर धीमी रफ्तार से चलना पड़ा। काम पर जाने वाले लोगों को भी काफी दिक्कत हुई। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक ऐसा ही मौसम बने रहने की उम्मीद है। फतेहाबाद जिले में वीरवार की हल्की बारिश के बाद पूरा इलाका गहरी धुंध की चपेट में रहा। दृश्यता कम होने से नेशनल हाईवे पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ी और चालकों को लाइटें जलानी पड़ीं। अधिकतम तापमान 27 डिग्री जबकि न्यूनतम 15 डिग्री दर्ज हुआ। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह धुंध और तापमान में गिरावट गेहूं की फसल के लिए वरदान साबित हो रही है। ओस की बूंदें फसल को प्राकृतिक नमी दे रही हैं, जिससे दानों की चमक और गुणवत्ता बढ़ेगी। पैदावार में इजाफे की उम्मीद जताई जा रही है। कृषि विभाग ने किसानों को मौसम का फायदा उठाने और सावधानी बरतने की सलाह दी है। झज्जर में भी शनिवार सुबह घना कोहरा छाया रहा, जहां साढ़े 8 बजे तक दृश्यता 30 मीटर तक रही। लोगों को एक बार फिर सर्दी का अहसास हुआ और कई लोग गर्म कपड़े पहनकर नजर आए। अधिकतम तापमान 26 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री दर्ज किया गया। हालांकि दिन चढ़ने के साथ कोहरा कुछ कम हुआ। बादली क्षेत्र में दो दिनों की रुक-रुक कर बारिश से खेती-बाड़ी को नुकसान पहुंचा है। किसानों के अनुसार सरसों की खड़ी फसल खराब हो गई है और गेहूं के उत्पादन पर भी बुरा असर पड़ा है। क्षेत्र में 15 से 18 एमएम तक बारिश दर्ज की गई। हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में यह बदलाव आया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों में बादल, हल्की बारिश और कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है। लोगों को सड़कों पर सतर्क रहने और वाहन धीमी गति से चलाने की सलाह दी जा रही है।
पश्चिम एशिया संकट के बीच पश्चिम एशिया में शांति की चर्चा
21 Mar, 2026 09:44 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन|पश्चिम एशिया में चल रहे भीषण संघर्ष के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने बड़ा संकेत दिया है। उन्होंने कहा है कि ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान को धीरे-धीरे कम करने पर विचार किया जा रहा है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब इस्राइल और ईरान के बीच हमले लगातार बढ़ रहे हैं और हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अमेरिका अपने सैन्य लक्ष्यों को लगभग हासिल कर चुका है। उन्होंने साफ किया कि अमेरिका का मकसद ईरान की मिसाइल ताकत को खत्म करना, रक्षा ढांचे को कमजोर करना और उसे परमाणु क्षमता हासिल करने से रोकना है। ट्रंप के मुताबिक अब हालात ऐसे हैं कि युद्ध को धीरे-धीरे खत्म करने पर विचार किया जा सकता है।
गैस फील्ड हमला बना बड़ा मोड़
इस हफ्ते इस्राइल ने ईरान के एक अहम गैस फील्ड पर हमला किया, जिससे हालात और बिगड़ गए। इसके जवाब में ईरान ने कतर में दुनिया के सबसे बड़े एलएनजी प्लांट को निशाना बनाया। इस टकराव का सीधा असर वैश्विक बाजार पर पड़ा और तेल-गैस की कीमतों में तेज उछाल देखा गया।
ट्रंप के पांच बड़े लक्ष्य क्या हैं?
ईरान की मिसाइल क्षमता और लॉन्च सिस्टम को पूरी तरह खत्म करना।
ईरान के रक्षा उद्योग को कमजोर और नुकसान पहुंचाना।
ईरान की नौसेना और वायुसेना की ताकत को खत्म करना, एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम सहित।
ईरान को परमाणु हथियार क्षमता हासिल करने से हर हाल में रोकना।
इस्राइल, सऊदी अरब, कतर, यूएई समेत सहयोगी देशों की सुरक्षा सुनिश्चित करना।
जंग के बीच बढ़ता नुकसान
ईरान के जवाबी हमलों में एक अमेरिकी F-35 लड़ाकू विमान को नुकसान पहुंचने की खबर सामने आई है। हालांकि पायलट सुरक्षित बताया गया है। इस बीच तेल की बढ़ती कीमतों और सप्लाई संकट को देखते हुए अमेरिका ने समुद्र में फंसे ईरानी तेल पर अस्थायी राहत देने का फैसला किया है, ताकि वैश्विक बाजार में संतुलन बनाया जा सके।
क्या सच में थमेगी जंग?
ट्रंप के बयान से यह संकेत जरूर मिला है कि अमेरिका युद्ध को लंबा खींचने के मूड में नहीं है, लेकिन जमीनी हालात अभी भी तनावपूर्ण हैं। ईरान और इस्राइल के बीच हमले जारी हैं और किसी भी समय हालात और बिगड़ सकते हैं। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि क्या कूटनीतिक प्रयास आगे बढ़ते हैं या संघर्ष और गहराता है।
क्यूबा सरकार का बड़ा फैसला, कूटनीतिक असर संभव
21 Mar, 2026 09:14 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हवाना|अमेरिका के साथ बढ़ती तनातनी के बीच क्यूबा ने सख्त संदेश देते हुए राजधानी हवाना स्थित अमेरिकी दूतावास का डीजल आयात का अनुरोध पूरी तरह ठुकरा दिया है। क्यूबा की सरकार के इस फैसले को केवल अमेरिकी दूतावास में ईंधन के मसले के तौर पर नहीं, बल्कि राजनीतिक चुनौती और ट्रंप को खुला दो टूक संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है। ऊर्जा को लेकर ट्रंप प्रशासन की धमकियों और ब्लैकमेल के बावजूद क्यूबा के इस सख्त संदेश ने एक नई चर्चा को जन्म दे दिया है।
इस बात को ऐसे समझा जा सकता है कि क्यूबा ने अमेरिकी दूतावास की डीजल आयात करने की अनुमति देने की अनुरोध को पूरी तरह से खारिज कर दिया है, जिससे ऊर्जा संकट और कूटनीतिक तनाव बढ़ गया है। क्यूबा सरकार ने यह फैसला ट्रंप प्रशासन की तरफ से देश पर लागू ईंधन ब्लॉकएड के बीच लिया है, जिससे क्यूबा को विदेश से तेल और डीजल की आपूर्ति मुश्किल हो गई है।
दूतावास में डीजल आयात करना चाहता था
बताया जा रहा है कि अमेरिकी दूतावास अपने जेनरेटर के लिए डीजल इम्पोर्ट करना चाह रहा था, क्योंकि लंबे समय से बिजली कटौती और ऊर्जा संकट के कारण दूतावास की रोजमर्रा की कामकाज में कठिनाइयां आ रही हैं। अमेरिका की तरफ से क्यूबा में ईंधन ब्लॉकएड लागू करने के बाद देश में डीजल की कमी इतनी गंभीर हो गई है कि अमेरिका के विदेश विभाग ने हवाना में अपने कर्मचारियों की संख्या कम करने पर विचार शुरू कर दिया है। हालांकि अगर ऐसा होता है कि तो संभव है कि क्यूबा भी अपनी वाशिंगटन दूतावास में कर्मचारियों की संख्या घटाने की मांग करे।
अब समझिए क्यूबा में ईंधन की कमी का कारण
इस बात को ऐसे समझा जा सकता है कि क्यूबा को पहले मुख्य रूप से तेल वेनेजुएला से मिलता था। लेकिन अब वहां से तेल नहीं आ रहा है। अमेरिका ने वेनेजुएला के साथ संबंधों को रोक दिया है और किसी भी देश को क्यूबा को तेल देने पर सजा देने की धमकी दी है। क्यूबा अब अपने स्वयं के प्राकृतिक गैस, सोलर ऊर्जा और स्थानीय तेल पर निर्भर है। लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। इस वजह से देश में कई जगह बिजली कटौती और सर्विस की समस्याएं हो रही हैं।
अमेरिकी प्रशासन का रुख
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रपं ने कहा है कि वे क्यूबा में सरकारी बदलाव चाहते हैं। ट्रंप ने क्यूबा के नेताओं को चेतावनी दी कि वे वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की तरह न हो जाएं, जिन्हें अमेरिका ने सत्ता से हटाया था। हालांकि अमेरिका और क्यूबा के बीच बातचीत जारी है। हाल ही में, क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनल ने कहा कि उन्होंने अमेरिकी सरकार के साथ मुलाकातें की हैं।
दूसरी ओर इस ईंधन आपूर्ति की समस्या के बीच अमेरिका की योजना यह भी है कि अगर आवश्यक हुआ, तो दूतावास के कर्मचारियों की संख्या घटाई जाए। फिलहाल, अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि उनके पास डीजल का पर्याप्त स्टॉक है, जो एक महीने तक काम चला सकता है।
मानवीय मदद और भविष्य की तैयारी
गौरतलब है कि इस संकट के बीच मानवीय संगठनों ने क्यूबा में सोलर पैनल, खाना और दवाइयां भेजनी शुरू कर दी हैं। क्यूबा रूसी तेल की एक बड़ी खेप प्राप्त करने की तैयारी कर रहा है, जो पिछले तीन महीनों में पहला होगा। इस बीच, अमेरिकी प्रशासन यह देख रहा है कि वे क्यूबा पर अपना प्रभाव बढ़ा सकते हैं। ट्रंप और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का मानना है कि क्यूबा में बदलाव उनके लिए महत्वपूर्ण है।
सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर बदले युद्ध के समीकरण
21 Mar, 2026 07:42 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन|ईरान ने एक ऐसे हथियार का इस्तेमाल किया है जिसने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिका और ब्रिटेन के संयुक्त सैन्य ठिकाने डिएगो गार्सिया पर ईरान ने मिसाइल हमला कर अपनी ताकत का बड़ा संकेत दिया है। यह हमला इसलिए ज्यादा खतरनाक माना जा रहा है क्योंकि यह बेस ईरान से करीब 4000 किलोमीटर दूर है, जो उसकी घोषित मिसाइल रेंज से कहीं ज्यादा है।
जानकारी के मुताबिक, ईरान ने इस सैन्य ठिकाने पर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इनमें से एक मिसाइल उड़ान के दौरान ही खराब हो गई, जबकि दूसरी को रोकने के लिए अमेरिकी युद्धपोत ने इंटरसेप्शन किया। अभी यह साफ नहीं है कि दूसरी मिसाइल पूरी तरह नष्ट हुई या नहीं, लेकिन राहत की बात यह रही कि दोनों में से कोई भी मिसाइल अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी और बेस सुरक्षित रहा।
घोषित रेंज से दोगुनी दूरी पर हमला?
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने हाल ही में कहा था कि उनकी बैलिस्टिक मिसाइलों की अधिकतम रेंज करीब 2000 किलोमीटर है। लेकिन डिएगो गार्सिया पर हमला इस दावे को चुनौती देता है। यह दूरी करीब 4000 किलोमीटर है, जिससे संकेत मिलता है कि ईरान के पास घोषित से कहीं ज्यादा लंबी दूरी तक मार करने की क्षमता हो सकती है।
क्या विकसित हो रही हैं लंबी दूरी की मिसाइलें?
इस्राइल के अल्मा रिसर्च एंड एजुकेशन सेंटर की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के पास अभी ज्यादातर छोटी दूरी की मिसाइलें हैं जो 1000 किलोमीटर तक मार कर सकती हैं और कुछ मध्यम दूरी की मिसाइलें हैं जिनकी रेंज 3000 किलोमीटर तक है। लेकिन रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ईरान लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों को विकसित करने के अंतिम चरण में पहुंच चुका है।
क्यों अहम है डिएगो गार्सिया बेस?
डिएगो गार्सिया हिंद महासागर के बीच स्थित एक बेहद महत्वपूर्ण सैन्य ठिकाना है। यहां से अमेरिका अपने बमवर्षक विमान, परमाणु पनडुब्बियां और गाइडेड मिसाइल जहाज तैनात करता है। यह बेस एशिया और पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य रणनीति का एक मजबूत केंद्र है। ऐसे में इस पर हमला होने की कोशिश को बेहद गंभीर माना जा रहा है।
दुनिया पर क्या होगा असर?
इस घटना के बाद अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की चिंता बढ़ गई है। अगर ईरान सच में इतनी लंबी दूरी की मिसाइल क्षमता हासिल कर चुका है, तो यह पूरे क्षेत्र की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। आने वाले समय में इस मुद्दे को लेकर तनाव बढ़ने और सैन्य गतिविधियों में तेजी आने की आशंका जताई जा रही है।
समुद्री पानी से मीठा पानी बनाने वाली इकाइयां बनीं निशाना
21 Mar, 2026 06:10 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दुबई|पश्चिम एशिया में जारी सैन्य तनाव के बीच एक नई और गंभीर चिंता उभरकर सामने आई है, पानी। दशकों तक तेल को क्षेत्र की सबसे अहम और संवेदनशील संपत्ति माना जाता रहा, लेकिन हालिया हमलों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब डीसैलीनेशन यानी समुद्री पानी को पीने योग्य बनाने वाले संयंत्र खाड़ी देशों की असली जीवनरेखा बन चुके हैं।
ईरान में तेल डिपो पर हमलों और खाड़ी क्षेत्र में जल एवं ऊर्जा परिसरों के पास मिसाइल और ड्रोन हमलों ने इस बुनियादी ढांचे की असुरक्षा को उजागर कर दिया है, जिस पर लगभग 10 करोड़ लोगों की रोजमर्रा की जरूरतें निर्भर हैं। डिसैलीनेशन रेगिस्तान में जीवन की रीढ़ माना जाता है।
अरब प्रायद्वीप के देश पूरी तरह डीसैलीनेशन प्लांट्स पर निर्भर
अरब प्रायद्वीप के देशों दुबई, दोहा, कुवैत सिटी, अबू धाबी की जल आपूर्ति पूरी तरह डीसैलीनेशन प्लांट्स पर निर्भर है। सऊदी अरब में 70% पीने का पानी इन्हीं संयंत्रों से आता है। कुवैत व ओमान में यह आंकड़ा 90% तक पहुंच जाता है।
डीसैलीनेशन डिपेंडेंसी
पूरे क्षेत्र में लगभग 10 करोड़ लोग सीधे तौर पर डीसैलीनेटेड पानी पर निर्भर हैं। दुनिया के सबसे बड़े डीसैलीनेशन प्लांट्स में से कई खाड़ी और लाल सागर के तटों पर स्थित हैं। यह स्थिति एक नई वास्तविकता को जन्म देती है, जिसे विशेषज्ञ डीसैलीनेशन डिपेंडेंसी कहते हैं।
स्थिर ढांचे हैं ये प्लांट्स इसीलिए मजबूरी भी
तेल पाइपलाइन या भंडारण टर्मिनलों के विपरीत, डीसैलीनेशन प्लांट्स को न तो आसानी से बदला जा सकता है और न ही बायपास किया जा सकता है। किसी बड़े संयंत्र को गंभीर नुकसान पहुंचने पर उसकी मरम्मत में महीनों या उससे अधिक समय लग सकता है। यही वजह है कि ये जहां पर भी हैं, उनका संरक्षण संबंधित देशों की मजबूरी भी है।
रूस के बाद अब ईरान को राहत, अमेरिका ने बदली अपनी सख्त नीति
21 Mar, 2026 06:01 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिका ने समुद्र में फंसे ईरानी तेल पर लगाए गए प्रतिबंधों को अस्थायी रूप से हटाने का फैसला किया है। ट्रंप प्रशासन ने एक महीने के लिए विशेष अनुमति देते हुए इन प्रतिबंधों को 19 अप्रैल तक स्थगित कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक यह राहत उन तेल खेपों पर लागू होगी, जो शुक्रवार तक जहाजों में लोड की जा चुकी थीं।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह कदम बढ़ती तेल कीमतों को नियंत्रित करने के प्रयास के तहत उठाया गया है। इस बीच ईरान ने चेतावनी दी है कि वह अपने जवाबी हमलों का दायरा बढ़ाकर दुनिया भर के पर्यटन और मनोरंजन स्थलों को भी निशाना बना सकता है।
क्या ईरान पर कम होंगे अमेरिका-इस्राइल के हमले?
इसी दौरान अमेरिका ने पश्चिम एशिया में और अधिक युद्धपोत और मरीन तैनात करने की घोषणा की। हालांकि कुछ घंटों बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि उनका प्रशासन क्षेत्र में सैन्य अभियान को कम करने पर विचार कर रहा है। उनका यह बयान ऐसे समय आया, जब तेल कीमतों में उछाल के कारण अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई।
युद्ध के बीच विरोधाभासी संकेत सामने आ रहे हैं और संघर्ष थमता नजर नहीं आ रहा है। ईरान ने इस्राइल और खाड़ी क्षेत्र के ऊर्जा ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं। यह घटनाक्रम उस समय हो रहा है, जब क्षेत्र में धार्मिक महत्व का दिन मनाया जा रहा था और ईरान में लोग पारंपरिक नववर्ष नवरोज का उत्सव मना रहे थे।
दुनियाभर में गहरा रहा ऊर्जा संकट
ईरान से सीमित जानकारी सामने आने की वजह से यह साफ नहीं है कि अमेरिका और इस्राइल के हमलों से उसके परमाणु, सैन्य या ऊर्जा ठिकानों को कितना नुकसान हुआ है। ये हमले 28 फरवरी से जारी हैं। हालांकि, ईरान के हमलों के कारण तेल आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जिससे न केवल पश्चिम एशिया बल्कि वैश्विक स्तर पर खाद्य और ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी देखी जा रही है।
अमेरिका और इस्राइल ने इस युद्ध के अलग-अलग कारण बताए हैं। इनमें ईरान के नेतृत्व को कमजोर करने के साथ उसके परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों को खत्म करना शामिल है। इन तमाम वजहों के बाद भी ईरान में फिलहाल न तो किसी बड़े जनविद्रोह के संकेत मिले हैं और न ही युद्ध के जल्द खत्म होने की कोई संभावना दिखाई दे रही है।
एक्सप्रेसवे हादसे में केबिन चकनाचूर, ड्राइवर-कंडक्टर की मौत
20 Mar, 2026 01:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बहादुरगढ़। के दिल्ली–कटरा एक्सप्रेसवे पर देर रात एक भीषण सड़क हादसे में ट्रक ड्राइवर और उसके साथी कंडक्टर की दर्दनाक मौत हो गई। हादसा रात करीब 1 बजे निलोठी गांव के पास हुआ, जहां तेज रफ्तार से आ रहे एक ट्राले ने आगे चल रहे दूसरे ट्राले में पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि पीछे वाले ट्राले का केबिन पूरी तरह चकनाचूर हो गया। हादसे के समय ट्राले में सवार ड्राइवर और कंडक्टर केबिन के अंदर ही बुरी तरह फंस गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया गया। क्षतिग्रस्त केबिन के कारण शवों को बाहर निकालना काफी मुश्किल रहा। हाइड्रा मशीन और गैस कटर की मदद से केबिन को काटकर दोनों शव बाहर निकाले गए। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए बहादुरगढ़ के नागरिक अस्पताल भिजवा दिया है। मृतक ड्राइवर की पहचान पंजाब के भटिंडा निवासी 26 वर्षीय गुरमीत सिंह के रूप में हुई है, जबकि कंडक्टर की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। पुलिस उसकी शिनाख्त के प्रयास में जुटी हुई है। परिजनों को हादसे की सूचना दे दी गई है और उनके पहुंचने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण तेज रफ्तार और लापरवाही माना जा रहा है।
मौसम विभाग की चेतावनी: गेहूं-सरसों को नुकसान की आशंका
20 Mar, 2026 09:43 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा। के विभिन्न हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से जारी पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हल्की से मध्यम बारिश, बूंदाबांदी और तेज हवाओं का दौर जारी है। शुक्रवार सुबह से नारनौल में लगातार हल्की बारिश हो रही है, जबकि झज्जर में रात से रुक-रुककर बरसात जारी है। हिसार सहित प्रदेश के 14 जिलों में पिछले 24 घंटों में बारिश दर्ज की गई, जिसमें पलवल और गुरुग्राम में सबसे अधिक वर्षा हुई। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से उत्तरी हरियाणा में 21 मार्च तक हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है। शुक्रवार-शनिवार को प्रदेश भर में, खासकर जीटी बेल्ट के जिलों जींद, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, अंबाला में बारिश, तेज हवाएं और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है। इससे दिन के तापमान में 8-10 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आई है, जबकि रात का तापमान हल्का बढ़ा है। हिसार में अधिकतम तापमान सामान्य से 8.3 डिग्री नीचे 23.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। झज्जर में सुबह उठते ही लोगों को बारिश का नजारा दिखा, जिससे वातावरण में ठंडक छा गई। कुछ दिन पहले गर्मी से परेशान लोग अब एसी और पंखे बंद कर रहे हैं। अधिकतम तापमान 20 डिग्री और न्यूनतम 17 डिग्री दर्ज किया गया। इस मौसम बदलाव से किसानों की चिंता बढ़ गई है। गेहूं और सरसों की फसलें पककर खड़ी हैं, लेकिन बारिश, तेज हवाओं और संभावित ओलावृष्टि से फसलें जमीन पर बिछने, गुणवत्ता खराब होने और उत्पादन में कमी का खतरा मंडरा रहा है। कई इलाकों में तेज हवाओं से गेहूं की फसलें लेट गई हैं। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. चंद्रशेखर डागर ने किसानों को सलाह दी है कि अगले दो दिनों में सिंचाई रोक दें और सब्जियों पर कोई स्प्रे न करें।मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी और हवाओं की दिशा में परिवर्तन के कारण हुआ है। पहले मार्च के शुरुआती दिनों में तापमान सामान्य से 8 डिग्री अधिक था, लेकिन अब पूरे प्रदेश में तापमान सामान्य से नीचे आ गया है।प्रशासन और कृषि विभाग किसानों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं, ताकि फसलों को न्यूनतम नुकसान हो।
रतिया MLA को नोटिस, जरनैल सिंह ने दी सफाई
20 Mar, 2026 09:37 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अंबाला (हरियाणा)। कांग्रेस में राज्यसभा चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग का मामला गरमाता जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस की अनुशासनात्मक समिति ने क्रॉस वोटिंग मामले में रतिया के विधायक जरनैल सिंह को कारण बताओं नोटिस जारी किया है। नोटिस में उन पर एंटी पार्टी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया गया। इसके साथ ही आरोपी पर रतिया विधायक को 7 दिनों के भीतर जवाब देना। अभी तक क्रॉस वोटिंग के मामले में चार विधायकों का नाम सामने आया था। इसके बाद से कयास लगाए जा रहे थे कि कांग्रेस अन्य विधायकों के नाम भी खोलेगी। रतिया विधायक का नाम सामने आने के बाद प्रदेश कांग्रेस की राजनीति एक बार फिर से गर्म आ गई है। अब देखना होगा कि उनकी तरफ से क्या जवाब आता है। इसके साथ-साथ ऐसा ही कारण बताओं नोटिस नारायणगढ़ की विधायक शैली चौधरी को भी दिया गया है उनका जवाब भी अभी लंबित है।
जरनेल सिंह ने तोड़ी चुप्पी, कहा- मैं पार्टी का सच्चा सिपाही हूं
रतिया से विधायक जरनेल सिंह का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने अपने ऊपर लग रहे आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए खुद को पार्टी के प्रति वफादार बताया है। विधायक जरनेल सिंह ने स्पष्ट किया कि उन्हें अभी तक पार्टी की ओर से कोई कारण बताओ नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में कोई नोटिस मिलता है, तो वे उसका उचित जवाब पार्टी आलाकमान को देंगे। जरनेल सिंह ने भावुक होते हुए कहा कि उन्हें जानबूझकर बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने खुद को पार्टी का सच्चा सिपाही बताते हुए कहा कि उनकी निष्ठा पर सवाल उठाना गलत है क्रॉस वोटिंग के दावों पर विराम लगाते हुए विधायक ने दावा किया कि उन्होंने कोई क्रॉस वोटिंग नहीं की है। उन्होंने कहा, मैंने अपना वोट भूपेंद्र सिंह हुड्डा को दिखाकर डाला था जरनेल सिंह ने अन्य विधायकों का बचाव करते हुए यह भी कहा कि उनकी जानकारी में किसी ने भी क्रॉस वोट नहीं किया है और पूरी पार्टी एकजुट है मुझे बदनाम करने की कोशिश की जा रही है, जबकि मैंने पूरी पारदर्शिता के साथ पार्टी के पक्ष में मतदान किया है। हालांकि इस दौरान विधायक जरनैल सिंह ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की उनके द्वारा कई बार तारीफ करने के सवाल उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी अच्छे व्यक्ति के मालिक है और हमेशा विपक्ष के विधायक को भी पूरा मान सम्मान देते हैं क्षेत्र के काम के लिए वह कई बार मुख्यमंत्री से मिले हैं और उनसे काम भी करवाए हैं विधायक का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पार्टी के भीतर क्रॉस वोटिंग की चर्चाएं तेज हैं। अब देखना यह होगा कि इस स्पष्टीकरण के बाद पार्टी आलाकमान का अगला कदम क्या होता है।
करांची में बारिश, आंधी-तूफान ने ली 19 लोगों की जान, कई घरों की छतें व दीवारें गिरी
20 Mar, 2026 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
करांची। पाकिस्तान का सबसे बड़ा शहर करांची इस समय भीषण प्राकृतिक आपदा की चपेट में है। बुधवार रात से शुरू हुई बारिश और आंधी-तूफान ने शहर में भारी तबाही मचाई है, जिसमें अब तक कम से कम 19 लोगों की मौत हो चुकी है। तेज हवाओं के कारण मकानों की छतें गिरने, दीवारें ढहने और पेड़ों के उखड़ने से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। बुधवार रात भारी बारिश और तेज हवाएं चलने के कारण मकानों की छतें और दीवारें ढह गईं, जगह-जगह पेड़ और साइनबोर्ड गिर गए।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान मौसम विज्ञान विभाग ने गुरुवार को भारी बारिश होने और तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान जताया है। कोरांगी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि दूरभाष केंद्र की छत और दीवार ढह जाने से 12 लोगों की मौत हुई है। ये लोग वहां चाय पी रहे थे। उन्होंने कहा कि तेज हवाओं, आंधी-तूफान और बारिश के कारण सईदबाद क्षेत्र के मोचको गोठ में एक इमारत ढह गई। एसएसपी ने कहा कि बचाव दल मलबा हटा रहा है और मलबे के नीचे और भी लोग हो सकते हैं। कोरांगी में और लोगों के हताहत होने की सूचना मिली है, जहां एक घर की छत गिर जाने से वहां रहने वाले दंपति की मौत हो गई जबकि मलिर में दो लोग आकाशीय बिजली की चपेट में आ गए।
उन्होंने बताया कि लांधी क्षेत्र की मजीद कॉलोनी से भी लोगों के हताहत होने की सूचना है, जबकि क्लिफ्टन क्षेत्र में एक गिरे हुए पेड़ के नीचे से एक महिला का शव दबा मिला। करांची के महापौर ने गुरुवार को लोगों को घर पर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। भारी बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप रही। मौसम विभाग ने सिंध के अन्य हिस्सों में भी अगले दो दिनों तक बारिश होने की संभावना जताई है।
अगर ईरान ने हमले नहीं रोके तो सऊदी अरब और उसके साझेदार करेंगे जवाबी कार्रवाई
20 Mar, 2026 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रियाद। पश्चिम एशिया में जारी जंग अब एक नए मोड़ पर पहुंच रही है। ईरान के लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों से खाड़ी देशों की चिंता बढ़ गई है और अब सऊदी अरब का सब्र टूटता दिख रहा है। सऊदी के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि अब उनके देश और उसके सहयोगियों की सहनशक्ति खत्म हो रही है। प्रिंस फैसल ने साफ कहा कि ईरान को तुरंत अपनी रणनीति पर विचार करना चाहिए। उन्होंने इशारों में यह भी जता दिया कि अगर हमले नहीं रुके, तो सऊदी अरब और उसके साझेदार जवाबी कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेंगे।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक प्रिंस फैसल ने कहा कि हम यह साफ कर देना चाहते हैं कि हमारे पास बहुत बड़ी क्षमता और ताकत है। अगर हम चाहें, तो उसका इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि कब और किन हालात में सऊदी जवाब देगा, लेकिन उनके बयान से साफ है कि अब स्थिति संवेदनशील हो चुकी है। प्रिंस फैसल ने ईरान पर आरोप लगाया कि यह हमले अचानक नहीं किए जा रहे हैं, बल्कि पूरी प्लानिंग के साथ किए गए हैं।
बता दें ईरान ने बुधवार को खाड़ी देशों के कई अहम ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया था। कतर के रास लाफन गैस प्लांट पर हमला हुआ, जो दुनिया के सबसे बड़े एलएनजी केंद्रों में से एक है। इस हमले की कतर ने कड़ी निंदा की और इसे खुली आक्रामकता बताया। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात के हबशन गैस प्लांट को भी निशाना बनाया, जहां हमले के बाद ऑपरेशन अस्थायी रूप से रोकने पड़े। यूएई के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक उनकी एयर डिफेंस ने 13 बैलिस्टिक मिसाइल और 27 ड्रोन को मार गिराया।
रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब भी इस हमले से अछूता नहीं रहा। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उनकी एयर डिफेंस ने रियाद की ओर आ रही चार मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया, जबकि दो मिसाइलें देश के पूर्वी हिस्से की ओर दागी गई थीं। ईरान ने इन हमलों के पीछे अपनी सफाई देते हुए कहा कि यह कार्रवाई इजराइल द्वारा उसके साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमले के जवाब में की गई है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने चेतावनी दी थी कि अगर उस पर हमला हुआ, तो खाड़ी देशों के तेल और गैस ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा। हालांकि सऊदी अरब और उसके सहयोगी इस दलील को खारिज कर रहे हैं। उनका कहना है कि ईरान जानबूझकर पूरे क्षेत्र को युद्ध में झोंकने की कोशिश कर रहा है।
प्रिंस फैसल ने यह भी कहा कि भले ही एक दिन यह जंग खत्म हो जाए, लेकिन ईरान के साथ भरोसा बहाल करना बेहद मुश्किल होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान की हरकतों ने भरोसे को पूरी तरह तोड़ दिया है। अगर वह तुरंत नहीं रुका, तो भविष्य में संबंध सामान्य होना नामुमकिन हो जाएगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान पिछले एक दशक से ऐसी रणनीति बना रहा था, जिसमें पड़ोसी देशों को निशाना बनाकर अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाने की कोशिश शामिल है। इस पूरे घटनाक्रम ने साफ कर दिया है कि अब खाड़ी क्षेत्र सिर्फ दर्शक नहीं रह गया है, बल्कि सीधे इस संघर्ष की चपेट में आ चुका है। अगर ईरान के हमले नहीं रुकते, तो आने वाले दिनों में यह टकराव और बड़ा रूप ले सकता है।
विजिलेंस का एक्शन, पंचकूला से पकड़ा गया खनन विभाग का पूर्व अधिकारी
19 Mar, 2026 05:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नारनौल (हरियाणा)। नारनौल में अवैध खनन से जुड़े बड़े घोटाले में विजिलेंस टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तत्कालीन सहायक खनन अधिकारी संजय सिम्बरवाल को पंचकूला से गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी लंबे समय से चल रही जांच के बाद की गई है, जिसमें सरकारी राजस्व को लाखों रुपये की हानि पहुंचाने के आरोप सामने आए हैं। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो रेवाड़ी और नारनौल की संयुक्त टीम इस मामले की जांच कर रही थी। जांच में खुलासा हुआ कि खनन विभाग के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों ने वाहन मालिकों के साथ मिलीभगत कर फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए। साथ ही, राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण के आदेशों की अनदेखी करते हुए कम जुर्माना वसूल कर वाहनों को छोड़ दिया गया। एसीबी के इंस्पेक्टर अशोक कुमार के अनुसार, इस मामले में अब तक 17 में से 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। संजय सिम्बरवाल की गिरफ्तारी के साथ ही जांच और तेज कर दी गई है। वहीं, शेष दो आरोपी एमओ राजेंद्र और क्लर्क चंद्रशेखर—की गिरफ्तारी अभी बाकी है, जिन्हें जल्द काबू करने की बात कही जा रही है। उन्होंने बताया कि इस कार्रवाई में इंस्पेक्टर राजेश और एएसआई बीर सिंह सहित पूरी टीम शामिल रही। विजिलेंस की इस कार्रवाई से खनन विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
हरियाणा में राज्यसभा चुनाव को लेकर बवाल, हुड्डा ने उठाए गंभीर सवाल
19 Mar, 2026 01:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। हरियाणा में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी विवाद गहरा गया है। नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने राज्यपाल को पत्र लिखकर चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दो राज्यसभा सीटों के चुनाव में लोकतांत्रिक मूल्यों और नियमों की अनदेखी की गई। हुड्डा ने अपने पत्र में कहा कि हरियाणा विधानसभा में कुल 90 सदस्य हैं और एक सीट जीतने के लिए 31 वोट जरूरी थे। भाजपा के पास 48 और कांग्रेस के पास 37 विधायक हैं, ऐसे में सामान्य स्थिति में दोनों दलों का एक-एक उम्मीदवार जीतना तय माना जा रहा था। लेकिन भाजपा ने अपने उपाध्यक्ष सतीश नांदल को निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर उतारकर चुनाव को विवादित बना दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तापक्ष ने चुनाव जीतने के लिए अनैतिक तरीकों का सहारा लिया, जिसमें विधायकों की खरीद-फरोख्त, दबाव और सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग शामिल है। हुड्डा ने इसे लोकतंत्र की हत्या करार दिया। इसके साथ ही उन्होंने रिटर्निंग ऑफिसर पंकज अग्रवाल पर भी पक्षपात का आरोप लगाया। उनका कहना है कि कांग्रेस विधायकों के वैध वोटों को रद्द किया गया, जबकि भाजपा और निर्दलीय के पक्ष में पड़े संदिग्ध वोटों को स्वीकार किया गया। हुड्डा ने राज्यपाल से मामले में हस्तक्षेप करने और संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से लोकतंत्र की छवि को नुकसान पहुंचा है और जनता में नाराजगी है। पत्रकारों से बातचीत में भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि चार विधायकों के नाम उजागर किए गए हैं, एक दो दिन में पांचवां नाम भी सामने आ जाएगा। कांग्रेस के पांच विधायकों की तरफ से क्रॉस वोट किया गया है। सभी के खिलाफ एक्शन पर हाईकमान फैसला करेगा। विधायक बीबी बतरा ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के 32 वोट वैलिड पड़े हैं, इनमें से 28 वोट आए। चार वोट गलत तरीके से कैंसल किए गए। इसके बारे में राज्यपाल को भी सब लिखा है।
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