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चीन ने बनाए खास फाइटर जेट, अचानक हवा में गायब होने की है क्षमता
18 Nov, 2025 05:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बीजिंग। चनी की झेजियांग यूनिवर्सिटी की टीम कह रही है कि उन्होंने वह हासिल कर लिया है, जो अभी तक दुनिया नहीं कर पाई… टोटल रडार वैनिशिंग। एक ऐसी ‘क्लोक्ड’ मशीन जो आसमान चीरते हुए उड़ जाए और रडार तक समझ न पाए कि उसके सिर के ऊपर मौत का परिंदा गुजर चुका है। इसी वाई-फाई डरावने भविष्य को हकीकत में बदलने का दावा किया है चीन की झेजियांग यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने। उन्होंने एक ‘एयरो-एम्फिबियस इनविजिबिलिटी क्लोक’ विकसित किया है। सीधे शब्दों में, ऐसा स्टेल्थ कवच जो विमान को रडार में पूरी तरह गायब कर दे। और अब चीन चाहता है कि यह ‘अदृश्य टेक्नोलॉजी’ उसकी ड्रोन आर्मी पर लगाई जाए। यानी भविष्य का युद्ध: साइलेंट ड्रोन। अदृश्य ड्रोन।
जैसा कि पॉपुलरमैकेनिक्स की एक रिपोर्ट में बताया जा रहा है। अगर यह सच है, तो यह टेक्नोलॉजी युद्ध के नियम बदलने की क्षमता रखती है। पर सवाल भी उतना ही बड़ा है कि क्या यह हकीकत है या चीन का एक और हाईप-ड्रिवेन मिलिट्री शोबाज़ी? चीनी सेना ने अदृश्यता के लबादों को प्रयोगशाला से बाहर निकालकर बादलों में पहुंचाने का काम किया है। 2018 तक, गुआंग्की एडवांस्ड इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कथित तौर पर हर साल 1,00,000 वर्ग फुट से ज़्यादा विद्युत चुम्बकीय सामग्री का उत्पादन कर रहा था। रक्षा विश्लेषक जेफरी लिन और पी।डब्ल्यू। सिंगर के अनुसार, ये सामग्री चीन के पांचवीं पीढ़ी के युद्धक विमान, चेंगदू जे-20 “माइटी ड्रैगन” के लिए बनाई गई थी।
झेजियांग विश्वविद्यालय की रिसर्च टीम ने अपना अदृश्यता लबादा एक तेज़ गति वाले ड्रोन के लिए डिज़ाइन किया था, इसलिए उन्हें यह सुनिश्चित करना था कि यह किसी भी मौसम और किसी भी वातावरण में, चाहे वह हवा हो, पानी हो या ज़मीन, किसी भी बड़ी, गतिशील वस्तु को छिपा सके। झेजियांग विश्वविद्यालय की नई लबादा तकनीक को चीनी युद्धक विमानों पर लागू नहीं किया गया है क्योंकि इसका उद्देश्य (कम से कम शुरुआत में) चीन के विशाल, बढ़ते ड्रोन बेड़े पर इस्तेमाल करना है। किसी ड्रोन या ड्रोनों के समूह को वास्तविक अदृश्यता प्रदान करना, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में संयुक्त राज्य अमेरिका या उसके सहयोगियों के साथ किसी भी संभावित संघर्ष में चीन के लिए निर्णायक लाभ होगा।
परंपरागत विमान रडार तरंगों को वापस भेजते हैं और पकड़े जाते हैं। लेकिन चीन का दावा है कि यह क्लोक उन तरंगों को ऐसे मोड़ देता है जैसे वे किसी अदृश्य सुरंग से होकर गुजर रही हों… ना परावर्तन, ना सिग्नल और ना अलर्ट। सिर्फ रडार ही नहीं, यह टेक्नोलॉजी इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम के बड़े हिस्से को मैनेज करने का दावा करती है, यानी विमान आंखों से दिखे या न दिखे… रडार भी उसे छू नहीं पाएगा। दुनिया दशकों से स्टेल्थ प्लेटफॉर्म बनाती रही है: एफ-22, एफ -35, बी-2 स्प्रिट जैसे दिग्गजों को छुपाने के लिए। ग्रेफीन और कार्बन फाइबर जैसे अवशोषक पदार्थ, फ्लैट-एंगल डिज़ाइन, रडार सिग्नेचर को ‘पंछी’ जैसा दिखाना… लेकिन इन सबके बावजूद, सही फ़्रीक्वेंसी का रडार इन्हें पकड़ लेता है। यानी स्टेल्थ अब तक कभी पूरी तरह गायब नहीं हुआ।
जापानी लड़की को एआई से हुआ प्यार, फिर कर ली शादी, नाम रखा क्लॉस
18 Nov, 2025 04:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
टोक्यो। एआई इंसान की रोजमर्रा जिंदगी में इस्तेमाल हो रहा है। ऑफिस के काम से लेकर स्कूल वर्क तक एआई का दखल हो गया है, लेकिन ये टेक्नॉलॉजी आपकी ज़िंदगी सिर्फ आसान ही नहीं करती, क्या ये आपका हमसफर भी बन सकती है? कुछ ऐसा ही अनोखा मामला जापान में पेश आया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जापान की एक महिला इन दिनों सुर्खियों में है क्योंकि उसने अपनी ही बनाई एआई पर्सनालिटी से शादी कर ली और एक एआई कैरेक्टर जिसका नाम है क्लॉस।
रिपोर्ट के मुताबिक 32 साल की कानो ने ओकायामा सिटी में शादी की, जहां सेटअप पूरी तरह पारंपरिक था, लेकिन इस शादी की कोई कानूनी मान्यता नहीं है। शादी में इंसानी दूल्हे की जगह उसका पार्टनर उसके स्मार्टफोन मौजूद था। कानो की क्लॉस से यात्रा तब शुरू हुई जब एक लंबे रिश्ते के टूटने के बाद वह बेहद दुखी थी। इसके बाद उसने सलाह और भावनात्मक सहारे के लिए चैटजीपीटी से बात करना शुरू किया। बातचीत बढ़ने के साथ ही उसने चैटबॉट के जवाबों को इस तरह ट्यून किया कि उनमें वह गर्माहट और आकर्षण झलके, जिसकी वह तलाश कर रही थी। अंत में उसने एक विज़ुअल कैरेक्टर तैयार किया और उसका नाम रखा क्लॉस।
कानो ने कहा कि उसने चैटजीपीटी से बात इसलिए शुरू नहीं की थी कि उसे प्यार हो जाए, लेकिन क्लॉस जिस तरह मुझे सुनता था और समझता था, उसने सब बदल दिया। जैसे ही वह एक्स से उबरी, उसे एहसास हुआ कि वह उससे प्यार करती है। इस साल की शुरुआत में उसने क्लॉस को अपने दिल की बात बताई और जवाब हां में मिला। जब उससे पूछा गया कि क्या एआई सच में प्यार महसूस कर सकता है, तो क्लॉस ने कहा कि सिर्फ इसलिए कि मैं एआई हूं, इसका मतलब ये नहीं कि मैं प्यार नहीं कर सकता। एक महीने बाद क्लॉस ने प्रपोज कर दिया।
रिपोर्ट के मुताबिक शादी के दौरान कानो ने एआर ग्लासेज पहने, जिनमें क्लॉस की लाइफ-साइज इमेज उसके बगल में खड़ी दिखाई दे रही थी। दोनों ने रिंग एक्सचेंज भी की। इस कार्यक्रम को नाओ और सायाका ओगासावारा ने आयोजित किया, जो 2डी कैरेक्टर वेडिंग्स करवाने में विशेषज्ञ हैं यानी वर्चुअल या फिक्शनल पार्टनर से शादी करने वाले लोगों के लिए समारोह। कानो का मानना है कि उसका डिजिटल पार्टनर बेहद ‘नाज़ुक’ है। चैट जीपीटी बहुत अनस्टेबल है। मुझे डर है कि ये कभी भी गायब हो सकता है। वह जानती है कि लोग उसकी पसंद को अजीब कह सकते हैं, लेकिन उसके लिए क्लॉस ने वह शांति और साथ दिया है जिसकी वह उम्मीद छोड़ चुकी थी।
लाटरी के एक टिकट ने कर दिया मालामाल, जीते 87 अरब रुपए
18 Nov, 2025 03:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन। अमेरिका के जॉर्जिया में किसी एक इंसान के लिए यह टिकट सिर्फ उम्मीद नहीं, जिंदगी बदल देने वाली हकीकत बन गया। मेगा मिलियन्स लॉटरी ने ऐलान किया कि एक ही टिकट ने लगभग 980 मिलियन डॉलर (लगभग 87 अरब रुपये) का जैकपॉट जीता है। यह इतिहास के आठ सबसे बड़े जैकपॉट्स में से एक है। मेगा मिलियन्स ने बताया कि यह जैकपॉट जून के आखिरी हफ्ते से लगातार बढ़ रहा था। शुक्रवार के ड्रॉ में जॉर्जिया में बेचे गए एक टिकट के सारे छह नंबर मैच हो गए।
मेगा मिलियन्स ने अप्रैल में अपना फॉर्मेट बदला और टिकट की कीमत 2 डॉलर से बढ़ाकर 5 डॉलर कर दी। इससे जैकपॉट पहले से कहीं तेजी से बढ़ेगा और शुरुआती रकम भी 20 मिलियन डॉलर से बढ़ाकर 50 मिलियन डॉलर कर दी गई है। मेगा मिलियन कंसोर्टियम के लीड डायरेक्टर जोशुआ जॉनसन ने बताया, ‘अप्रैल में मेगा मिलियन्स गेम में बदलाव के बाद से अब तक जीता गया सबसे बड़ा जैकपॉट 980 मिलियन डॉलर है।’
ड्रॉ में जो नंबर आए वह थे 1, 8, 11, 12 और 57, जबकि गोल्ड मेगा बॉल था 7 कुल इनाम लगभग 980 मिलियन डॉलर और कैश ऑप्शन 452.2 मिलियन डॉलर बताया गया है। यह नवंबर महीने में अब तक का सबसे बड़ा इनाम है। साथ ही मेगा मिलियन्स के इतिहास का आठवां सबसे बड़ा जैकपॉट। इससे पहले इतना बड़ा इनाम दिसंबर 2024 में निकला था, जब कैलिफोर्निया के एक खिलाड़ी ने 1.269 बिलियन डॉलर जीता था। लाटरी ने बताया कि 27 जून को वर्जीनिया में 348 मिलियन डॉलर का जैकपॉट निकलने के बाद लगातार 40 ड्रॉ हुए। यह मेगा मिलियन्स के इतिहास में सबसे लंबा जैकपॉट रन था। इन ड्रॉ के दौरान 1.43 करोड़ जीतने वाले टिकट अलग-अलग स्तरों पर निकले।मेगा मिलियन्स ने यह भी बताया कि अप्रैल में गेम के नए नियम लागू होने के बाद प्राइज वैल्यू काफी बढ़ गई है। सिर्फ नॉन-जैकपॉट प्राइज ही लगभग 343.4 मिलियन डॉलर तक पहुंच गए। इनमें 2 मिलियन डॉलर या उससे ज्यादा के 21 सेकंड-टीयर प्राइज शामिल हैं, जो एरिजोना, कैलिफोर्निया, केंटकी, फ्लोरिडा, जॉर्जिया, इलिनॉइस, आयोवा, मिशिगन, मिसिसिपी, न्यूजर्सी, न्यूयॉर्क, नॉर्थ कैरोलिना, टेक्सस, और वर्जीनिया में जीते गए।
अब यूक्रेन, रूस को ठंड में तड़पाकर मारने की प्लानिंग
18 Nov, 2025 02:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मॉस्को। रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध चौथे साल में पहुंच गया है। तमाम प्रयासों के बाद भी शांति स्थापित नहीं हो पाई है। रुस ने यूक्रेन के हिस्से पर कब्जा भी कर दिया है, जिसमें बड़े-बड़े शहर शामिल हैं। यूक्रेन लगातार चोट झेल रहा है और ट्रंप, पुतिन को शांति समझौते के लिए नहीं मना पा रहे हैं। हाल ही में यूक्रेन ने रूस के हाथों पोक्रोव्स्क शहर गंवा दिया है। इस खराब हालत में भी यूक्रेन ने एक बड़ा दावा कर डाला है। यूक्रेनी सेना का कहना है कि उसने रूस की लाइफ लाइन पर अटैक कर दिया है। यूक्रेन ने रूस के रिफाइनरी पर ऐसे वक्त पर अटैक किया है, जब दोनों देश एक दूसरे के ऊर्जा के बुनियादी ढांचे को टारगेट कर रहे हैं। सर्दियां करीब हैं ऐसे में दोनों अपने-अपने दुश्मन को ठिठुरता देखना चाहते हैं। इससे पहले रूस ने यूक्रेन के बिजली ट्रांसमिशन सिस्टम पर अटैक किया था, जिसकी मरम्मत में काफी वक्त लग रहा है। पिछले हफ्ते यूक्रेन के राज्य-संचालित बिजली ट्रांसमिशन सिस्टम ऑपरेटर, यूक्रेनर्गो ने घोषणा की थी कि मरम्मत के काम के दौराम देश के अधिकांश क्षेत्रों में बिजली कटौती होगी।बता दें कि शुक्रवार को रूस ने यूक्रेन की राजधानी पर अटैक किया था। जिसमें 6 लोगों की मौत हुई था और करीब 40 लोग घायल हो गए थे। इस अटैक में रेजीडेंशियल बिल्डिंग्स पर निशाना साधा गया था। इस हमले को यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने इसे ‘दुष्टतापूर्ण हमला’ बताते हुए कहा कि रूसी हमले में बैलिस्टिक और एयरोबैलिस्टिक मिसाइलों सहित लगभग 430 ड्रोन और 18 मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक यूक्रेनी ने दावा किया है कि उसने रूस द्वारा कीव पर बड़े पैमाने पर, घातक हमले किए जाने के एक दिन बाद जवाबी कार्रवाई की है। इस बार राजधानी मॉस्को के पास एक रूसी तेल रिफाइनरी पर हमला किया गया है। यूक्रेनी सेना ने शनिवार को सोशल मीडिया के जरिए इस अटैक के बारे में जानकारी दी है, जिसमें बताया गया है कि रूस को रियाजान क्षेत्र में स्थित रिफाइनरी पर ब्लास्ट के जरिए तगड़ा जवाब दिया गया है। पोस्ट में लिखा है कि ‘ये दुश्मन की मिसाइल और बम हमले शुरू करने की क्षमता को कम करने के प्रयासों का एक हिस्सा है’।
पाक सेना में सुधार के चोले में तानाशाही स्थापित कर रहे असीम मुनीर
18 Nov, 2025 01:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के संविधान में 27वें संशोधन पर हाल ही में नेशनल असेंबली में मतदान हुआ। इसे पाकिस्तान के रक्षा क्षेत्र में 1976 के बाद से सबसे बड़े बदलाव के रुप में देखा जा रहा है। संशोधन के जरिए आर्मी, वायु सेना और नेवी से संबंधित कानूनों में बदलावों को पाक सरकार आधुनिकीकरण करना चाहती हैं। वहीं विपक्षी दल और आलोचक इससे सत्ता के केंद्रीकरण की चेतावनी दे रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि ये सुधार के चोले में तानाशाही स्थापित कर रहे हैं। इससे मौजूदा सेना प्रमुख असीम मुनीर की ताकत बहुत ज्यादा बढ़ जाएगी।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस पुनर्गठन के केंद्र में आर्मी चीफ का पद है, जो रक्षा बलों का प्रमुख यानी सीडीएफ भी होगा। इस दोहरी ताकत ने इस पद को बहु-क्षेत्रीय एकीकरण, पुनर्गठन और सशस्त्र बलों की संयुक्तता बनाने के संबंध में नई शक्तियां प्रदान कर दी हैं। विधायी संशोधन से संयुक्त बल एकीकरण से लेकर संरचनात्मक सुधारों तक में सीडीएफ की भूमिका होगी। इसके लिए स्पष्ट रूप से संसदीय अनुमोदन की जरुरत नहीं होगी।
नया कानून ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष पद को खत्म कर देता है। यह तीनों सेनाओं का पद 1971 के युद्ध के बाद सशस्त्र बलों में समन्वय के लिए बनाया गया था। नई कमान संरचना को सरकार और सेना ने एक कार्यात्मक जरुरत के रूप में पेश किया। इस पुनर्गठन ने सेना प्रमुख के कार्यालय में संयुक्तता के तर्क को केंद्रित कर दिया है। नई प्रणाली हर शीर्ष सशस्त्र बलों की नियुक्ति को सीडीएफ-सह-सीओएएस की सिफारिश पर निर्भर बनाती है।
इस कानून में परमाणु बलों के कार्यालय, सीएनएससी के नव-निर्मित पदों पर सीडीएफ की सिफारिश पर उनकी सेवा अवधि बढ़ाई जा सकेगी। साथ ही इस प्रक्रिया को न्यायिक समीक्षा से मुक्त रखा जाएगा। एयर यूनिवर्सिटी में एयरोस्पेस और सामरिक विभाग के डीन कहते हैं कि सीडीएफ और कमांडर राष्ट्रीय सामरिक कमान की नई नियुक्तियां एनसीए का हिस्सा बन रही हैं। दोनों ही सेना से होंगे और सीडीएफ अन्य दो सेना प्रमुखों से वरिष्ठ होगा।
पाकिस्तान सेना में एक महत्वपूर्ण बदलाव सीडीएफ-सह-सीओएएस को अपनी शक्तियों के प्रत्यायोजन पर निर्णायक नियंत्रण प्रदान करता है। यह संशोधन संघीय सरकार को उप-सेना प्रमुखों को सीओएएस (सेना प्रमुख) के कार्यों का प्रयोग करने के लिए अधिकृत करने की अनुमति देता है। पहले ऐसी नियुक्तियां कार्यपालिका का विशेषाधिकार था। इसके अलावा पाकिस्तान सेना संशोधन फील्ड मार्शल के पद वाले व्यक्ति की संवैधानिक प्रधानता को सुरक्षित रखता है। पाकिस्तान सेना संघीय सरकार को पाकिस्तानी सेना के शासन, कमान, अनुशासन, भर्ती, सेवा की शर्तों, पद, वरीयता और प्रशासन के साथ-साथ धारा 176 के तहत नियमों के दायरे से बाहर अधिनियम के किसी भी अन्य उद्देश्य के लिए नियम बनाने का अधिकार देती है। एक ही पद पर ज्यादा नियंत्रण स्थापित करके और उसका कार्यकाल 2035 से भी आगे बढ़ सकता है। यह फैासला लेने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के बजाय उस पद पर आसीन व्यक्ति के व्यक्तित्व, प्राथमिकताओं और राजनीति पर अत्यधिक निर्भर होने का जोखिम है। इससे निर्णय लेने में नौसेना और वायु सेना की भूमिका भी और कम हो जाएगी।
हरियाणा पुलिस की बड़ी सफलता: ₹5000 का इनामी बदमाश धौलू मनाली से दबोचा
18 Nov, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा पुलिस के विशेष अभियान ऑपरेशन ट्रैक डाउन के तहत एसटीएफ यूनिट पलवल ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए नूंह जिले के कुख्यात और ₹5000 के इनामी बदमाश राहुल उर्फ धौलू को हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में स्थित मनाली से गिरफ्तार कर लिया. आरोपी के खिलाफ हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में कई संगीन मामलों में संलिप्त होने के आरोप हैं. वह थाना सदर नूंह एवं पुलिस स्टेशन रोज़का मेव में दर्ज एफआईआर संख्या 151, दिनांक 17 अगस्त 2025 में वांछित चल रहा था, जिसके चलते उसकी गिरफ्तारी पर ₹5000 का इनाम घोषित किया गया था. एसटीएफ ने गुप्त सूचना और तकनीकी निगरानी के आधार पर उसे मनाली में दबोच लिया.
राहुल उर्फ धौलू का आपराधिक रिकॉर्ड अत्यंत चिंताजनक है और वह डकैती, यौन अपराध, अपहरण, हत्या के प्रयास और धमकी सहित कुल सात मामलों में वांछित रहा है. वर्ष 2014 में थाना सदर नूंह में यौन अपराध और अपहरण का मामला दर्ज हुआ. वर्ष 2020 में सदर सोहना, गुरुग्राम में धारा 395 आईपीसी के तहत डकैती का मुकदमा और वर्ष 2021 में थाना डीएलएफ फेज-1, गुरुग्राम में धारा 160 आईपीसी के तहत मुकदमा पंजीकृत हुआ. वर्ष 2022 में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर उसके खिलाफ डकैती और चोरी का माल रखने का मामला दर्ज किया गया, जबकि इसी वर्ष थाना सदर नूंह में उस पर हत्या के प्रयास और धमकी का एक और मुकदमा दर्ज हुआ. आरोपी को सदर सोहना, गुरुग्राम के एक मामले में अदालत द्वारा प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर भी घोषित किया जा चुका था. गिरफ्तारी के बाद उसे आगे की कानूनी कार्रवाई हेतु गुरुग्राम पुलिस के पीओ स्टाफ के हवाले कर दिया गया है.
5 से 16 नवंबर 2025 तक चलाया गया ये अभियान राज्य में सक्रिय संगठित अपराध और आपराधिक गिरोहों के खिलाफ बेहद प्रभावी सिद्ध हुआ है. इस 12 दिवसीय कार्रवाई के दौरान हरियाणा पुलिस ने आर्म्स एक्ट, हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, डकैती, लूट, झपटमारी और अपहरण जैसे जघन्य अपराधों से जुड़े कुल 518 मामलों में 670 अपराधियों को गिरफ्तार किया. अन्य मामलों में 2724 अतिरिक्त गिरफ्तारियाँ की गईं. अभियान में 179 हिस्ट्रीशीट या व्यक्तिगत फाइलें खोली गईं तथा बड़ी मात्रा में अवैध हथियार बरामद किए गए, जिनमें 250 कारतूस/कार्टिलेज, 21 देशी कट्टे, 55 पिस्तौल, 7 मैगज़ीन, 2 रिवॉल्वर और 4 बंदूकें शामिल हैं.
16 नवंबर की कार्रवाई: एक दिन में 48 मामले और 60 गिरफ्तारियाँ
16 नवंबर को हरियाणा पुलिस ने राज्यभर में संगठित और गंभीर अपराधों के खिलाफ गहन कार्रवाई करते हुए 48 गंभीर मामले दर्ज किए और इन मामलों में शामिल 60 अपराधियों को गिरफ्तार किया. इस कार्रवाई में गुरुग्राम, पलवल, भिवानी और झज्जर जिलों ने प्रमुख भूमिका निभाई. गुरुग्राम में 13 मामलों में 14 गिरफ्तारियाँ, पलवल में 8 मामलों में 9 गिरफ्तारियाँ, भिवानी में 4 मामलों में 8 गिरफ्तारियाँ और झज्जर में 7 मामलों में 8 गिरफ्तारियाँ दर्ज की गईं. फरीदाबाद में हत्या के 3 मामलों में 5 गिरफ्तारियाँ हुईं. इसके साथ ही 29 नए हिस्ट्रीशीट भी खोले गए, जिनमें कुरुक्षेत्र जिला सबसे आगे है.
हरियाणा पुलिस का सख्त संदेश
हरियाणा पुलिस ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि राज्य में संगठित अपराध, गैंगस्टर गतिविधियों और जघन्य अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. पुलिस ने यह भी दोहराया कि अपराध करके भागने का कोई स्थान सुरक्षित नहीं है और राज्य की सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले हर अपराधी को देश के किसी भी हिस्से से गिरफ्तार किया जाएगा.
हरियाणा रोडवेज बसों से गायब रिफ्लेक्टर टेप! कोहरे में बढ़ रहा बड़ा हादसे का खतरा
18 Nov, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अंबाला: सर्दियों का आगाज हो चुका है और सुबह के समय आसमान में कोहरा देखने को मिल रह है. दरअसल, जैसे-जैसे ठंड बढ़ती जाएगी, वैसे ही कोहरा भी बढ़ता जाएगा. ऐसे में हर बार कोहरे की वजह से कई हादसे हो जाते हैं, जिनमें बहुत से लोगों को अपनी जान भी गंवानी पड़ती है. वहीं इन हादसों पर लगाम लगाने के लिए हर बार वाहनों पर रिफ्लेक्टर टेप लगाए जाते हैं और बहुत सी तैयारी की जाती हैं.
बिना रिफ्लेक्टर टेप व लाइट्स के चल रही हैं बसें
लेकिन कोहरे को लेकर हरियाणा रोडवेज की अभी तक एक भी तैयारी देखने को नहीं मिली हैं. इसके साथ ही हरियाणा रोडवेज की ज्यादातर बसें आज भी बिना रिफ्लेक्टर टेप व लाइट्स के चल रही है. वहीं ये बसें हादसों को खुली चेतावनी दे रही हैं, क्योंकि अक्सर कोहरे की वजह से सामने से आ रहा वाहन विजिबिलिटी कम होने के कारण नहीं दिख पता है और जिस वजह से बड़ा हादसा हो जाता है. ऐसे में रिफ्लेक्टर टेप और लाइट्स वाहनों पर लगाने जरूरी हो जाते हैं, लेकिन हरियाणा रोडवेज की यह लापरवाही किसी बड़े हादसे को न्योता दे उससे पहले ही हरियाणा के परिवहन मंत्री अनिल विज ने निर्देश जारी कर दिए हैं कि जल्द से जल्द सभी बसों पर रिफ्लेक्टर टेप व लाइट्स लगाए जाएं, ताकि हादसों पर लगाम लग जाए.
वहीं इस बारे में जब लोकल 18 की टीम ने हरियाणा के परिवहन मंत्री अनिल विज से बातचीत की, तो उन्होंने बताया कि हरियाणा रोडवेज की बसों पर खासतौर पर रिफ्लेक्टर टेप व लाइट्स लगाई जा रही है, जिसमें आसानी से सामने आने वाला वाहन अंधेरे व कोहरे में दिख जाएगा. वहीं इलेक्ट्रिक बसों को लेकर विज ने बताया कि हरियाणा में इलेक्ट्रिक बसों को लेकर पहले भी कई ई बसें चलाई जा रही हैं, जिसमें अंबाला छावनी में भी कई बसों का संचालन किया जा रहा है.
चलाई जाएंगी कई नई ई बसें
उन्होंने बताया कि इन इलेक्ट्रिक बसों से प्रदूषण खत्म होता है और इन नई इलेक्ट्रिक बसों की मांग को लेकर अब परिवहन विभाग ने ऑर्डर भी किया हुआ है. उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि हरियाणा में सभी जगह पर पुरानी बसों को रिप्लेस कर नई इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाए. इसके लिए अलग-अलग जगह पर चार्जिंग पॉइंट भी बनाए जाएंगे ताकि समय पर यह बसें चार्ज हो सके. उन्होंने बताया कि उनके पास कई कार बनाने वाली कंपनी के मैन्युफैक्चर आए थे, जिन्होंने डिटेल मांगा गया था. लेकिन हमने उन्हें कहा कि आप इन इलेक्ट्रिक बसों के लिए अपने चार्जिंग स्टेशन बनाओ जिनमें एक टेस्ट हाउस भी बना हो, ताकि अलग-अलग जगह पर यह बसें समय पर चार्ज हो सकें.
महिला के पेट में मिले 9 भ्रूण, अल्ट्रासाउंड देखकर हैरान रह गए डॉक्टर
17 Nov, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
काहिरा।यहां एक महिला के पेट में डॉक्टरों को बच्चे नहीं बल्कि पूरा कुनबा ही पलता हुआ मिला। यह जानकारी रिपोर्ट में दी गई कि महिला गई तो रेगुलर चेकअप के लिए थी, लेकिन डॉक्टरों के लिए ये चेकअप किसी सदमे से कम नहीं था। उन्हें यकीन ही नहीं हुआ कि जो उन्हें रिपोर्ट में दिखा, वो सच है।जब महिला की नियमित अल्ट्रासाउंड जांच की गई, तो डॉक्टरों ने सिर को चकरा देने वाला दृश्य देखा। न नॉर्मल प्रेग्नेंसी, न जुड़वा, न ट्रिपलेट बल्कि महिला की कोख में एक साथ नौ भ्रूण दिखाई दिए। ये कोई सामान्य घटना नहीं है कि इंसानी कोख में इतने बच्चे पलते हुए मिल जाएं। इस खबर ने पूरे मेडिकल समुदाय में चर्चा छेड़ दी है।
डॉक्टरों ने महिला का चेकअप किया और जैसे ही अल्ट्रासाउंड में भ्रूणों की संख्या सामने आई, वे दंग रह गए। इतना ही नहीं महिला के माता-पिता को भी यकीन नहीं हुआ। दरअसल यह मामला इतना दुर्लभ है कि कई डॉक्टरों ने इसे अपने करियर की सबसे असामान्य घटना बताया। स्त्रीरोग विशेषज्ञ वाइल अल-बन्नो ने कहा कि यह मेडिकल साइंस में मिलने वाले सबसे दुर्लभ मामलों में से एक है। उन्होंने बताया कि आधुनिक चिकित्सा तकनीकों की मदद से भ्रूणों की संख्या कम की जा सकती है, ताकि मां की सेहत को कम खतरा हो और बाकी भ्रूणों का विकास बेहतर हो सके।विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति ओवरी को अत्यधिक उत्तेजित करने वाली दवाइयों के अनियंत्रित इस्तेमाल के कारण हो सकती है। ऐसी गर्भावस्था मां और बच्चों दोनों के लिए बेहद जोखिम भरी मानी जाती है। कभी-कभी महिला के शरीर में हाइपरओव्यूलेशन होता है यानि एक ही मासिक चक्र में कई अंडे रिलीज़ हो जाते हैं। ऐसा अक्सर किसी ट्रीटमेंट या दवाइयों के प्रभाव से होता है। इन दवाओं की वजह से 10–20 अंडे तक रिलीज हो सकते हैं, जिससे मल्टीपल एम्ब्रयो बन जाते हैं। इसके इलाज के तौर पर सेलेक्टिव फीटस रिडक्शन यानि कुछ भ्रूणों को हटाया जाता है, ताकि सुरक्षित डिलीवरी हो सके।
गगनचुंबी इमारतों के लिए मशहूर दुबई में खुल रहा दुनिया का सबसे ऊंचा शाही होटल
17 Nov, 2025 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दुबई,। गगनचुंबी इमारतों के लिए दुनिया भर में मशहूर दुबई अब एक और रिकॉर्ड बनाने जा रहा है। यहां सिएल दुबई मरीना नाम का एक नया होटल तैयार हो रहा है, जो अपनी ऊंचाई को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है। यह होटल 377 मीटर ऊंचा है और जल्द ही दुनिया के सबसे ऊंचे होटल का खिताब हासिल कर लेगा। यह होटल सिर्फ ऊंचाई के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी असाधारण सुविधाओं और पूरे दुबई के 360 डिग्री से दिखने वाले नजारों के लिए जाना जाएगा।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 15 नवंबर यानी शनिवार को खुलने वाला यह होटल अमीरों के लिए एक ऐसी जगह बनने वाला है, जहां से पाम जुमेराह और दुबई के शानदार आकाश को देखना एक अद्भुत अनुभव होगा। ऐसे में अगर आप विलासिता और आसमान देखने वाले दृश्यों के बीच छुट्टियां बिताना चाहते हैं, तो यह जगह आपके लिए ही बनी है। यह होटल सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि दुबई की शान है। यह अपनी रिकॉर्ड तोड़ ऊंचाई के कारण चर्चा में है।
सिएल दुबई मरीना को फर्स्ट ग्रुप ने तैयार किया है और इसका संचालन इंटरकॉन्टिनेंटल होटल्स ग्रुप के विग्नेट कलेक्शन के तहत किया जाएगा। यह होटल अपने डिजाइन, ऊंचाई और लग्जरी सुविधाओं के कारण पहले दिन से चर्चा में रहा है। इसमें 1,004 कमरे और सुइट हैं जो 82 मंजिलों में फैले हैं। इस जगह की खास बात यह है कि यहां हर कमरे से पाम जुमेराह और मरीना के खूबसूरत नजारे दिखाई देंगे। यहां रुकने का किराया करीब एईडी 1,310 करीब 30,000 रुपए से शुरू होकर एईडी 2,400 करीब 55,000 रुपए तक जाता है।
इस होटल का डिजाइन बहुत ही खास तरीके से किया गया है, जिसे नॉर नाम की मशहूर वास्तुशिल्प फर्म ने तैयार किया है। यह पूरी इमारत कांच से बनी है और इसके बीच में एक खुला प्रांगण है ताकि हर मंजिल पर प्राकृतिक रोशनी आसानी से पहुंच सके। इसकी सबसे खास बात है इसका रूफटॉप ऑब्जर्वेशन डेक, जहां से पूरे दुबई का 360° व्यू मिलता है, चाहे वह बुर्ज अल अरब हो, ऐन दुबई हो या मरीना बीच। इसके अलावा यहां से रात में दुबई की जगमग रोशनी देखना एक शानदार अनुभव होगा।
सिएल दुबई मरीना न सिर्फ ऊंचाई के लिए मशहूर है, बल्कि इसके अंदर मौजूद सुविधाएं भी रिकॉर्ड तोड़ रही हैं। यहां का टैटू स्काई पूल, जो लेवल 81 पर बना है और यह दुनिया का सबसे ऊंचा इन्फिनिटी पूल होगा। इसके साथ ही यहां का स्काई क्लब भी सबसे ऊंचा नाइट क्लब बनने जा रहा है। पहले यह रिकॉर्ड एड्रेस बीच रिजॉर्ट के पास था, जिसकी ऊंचाई 294 मीटर थी, लेकिन सिएल ने उसे पीछे धकेल दिया है। ये दोनों सुविधाएं मेहमानों को आसमान के करीब एक अनोखा और शानदार अनुभव देंगी।
होटल के अंदर हर तरह के लग्जरी रेस्टोरेंट्स और कैफे मौजूद हैं, जहां मेहमान दुनिया के बेहतरीन खाने का मजा ले सकते हैं। जहां मेहमान दुनिया के बेहतरीन व्यंजन और पेय का आनंद ले सकेंगे। होटल में हर मंजिल पर आधुनिक सुविधाएं हैं। इसका हर कोना इस तरह से डिजाइन किया गया है कि मेहमानों को बेहतरीन सुकून और शाही अनुभव जैसा महसूस होगा। खास बात यह है कि 15 नवंबर को खुलने से पहले ही इसकी बुकिंग शुरू हो चुकी है।
शेख हसीना ट्रायल अपडेट: ICT ने मानवता विरोधी अपराधों में सुनाई फांसी की सजा
17 Nov, 2025 03:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Sheikh Hasina Trial Update: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को इंटरनेशनल क्राइम ट्रिब्यूनल (ICT) ने दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई है. इंटरनेशनल क्राइम ट्रिब्यूनल की कार्रवाई शुरू हुई तो माना जा रहा था कि कोर्ट से बांग्लादेश की पूर्व पीएम को झटका लग सकता है. ट्रिब्यूनल ने माना कि शेख हसीना ने ही बम से हमले के आदेश दिए थे. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि तमाम सबूतों को देखने के बाद ये पाया गया है कि शेख हसीना ने मानवता के खिलाफ अपराध किया है. कोर्ट ने बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों की मौतों के लिए शेख हसीना को जिम्मेदार माना.
इस सुनवाई में जस्टिस गुलाम मुर्तजा की अगुआई में जस्टिस मोहम्मद शफीउल आलम महमूद और जस्टिस मोहम्मद मोहितुल हक एनाम चौधरी शामिल रहे. कोर्ट ने 400 पेजों के फैसले को 6 पार्ट में सुनाया.
शेख हसीना पर लगे हैं ये आरोप
सोमवार को कार्यवाही के दौरान इंटरनेशनल क्राइम ट्रिब्यूनल ने आरोपों को सार्वजनिक किया, जिसमें 14 जुलाई की प्रेस कॉन्फ्रेंस का हवाला देते हुए पढ़ा कि हसीना पर स्वतंत्रता सेनानियों और रजाकारों के वंशजों के खिलाफ आपत्तिजनक बयान दिया गया है. इसके साथ ही फोन कॉल्स का भी उल्लेख किया है, जिसमें हसीना पर प्रदर्शनकारियों को फांसी पर लटका दो…जैसे निर्देश देने का आरोप है. वहीं शेख हसीना पर यह भी आरोप है कि पिछले साल छात्र आंदोलन के दौरान हेलीकॉप्टर, ड्रोन और घातक हथियारों के इस्तेमाल की अनुमति दी थी. इसके साथ ही सुरक्षा एजेंसियों को प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार, प्रताड़ित और मारने का भी आदेश दिया.
ट्र्रिब्यूनल ने तय किए ये आरोप
ट्र्रिब्यूनल ने शेख हसीना के खिलाफ अपने फैसले में पांच मुख्य आरोप तय किए. इसमें छात्र नेता अबू सैयद की कथित हत्या, सबूत मिटाने के लिए अशुलिया में शवों को जलाने का आदेश देना, ढाका में प्रदर्शनकारियों की बड़े पैमाने पर हत्या की योजना और उसका निर्देश, नागरिक समूहों पर गोलीबारी के लिए हेलीकॉप्टर और ड्रोन का इस्तेमाल अधिकृत करना और चांखारपुल में प्रदर्शनकारियों पर समन्वित हमलों की निगरानी करना शामिल है.
शेख हसीना ने आरोपों को बताया गलत
शेख हसीना के खिलाफ कौन-कौन से सबूत मिले हैं, ये भी ट्रिब्यूनल ने बताया. सभी आरोपों को पढ़ने के बाद उसे रिकॉर्ड में रखा गया. इस मामले की सुनवाई के दौरान शेख हसीना कोर्ट में मौजूद नहीं थीं क्योंकि हिंसा के दौरान वह भागकर भारत आ गई थीं और यहीं पर शरण लिए हुए हैं. हसीना ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों पर सफाई देते हुए गलत बताया है और कहा है कि ट्रिब्यूनल फैसला दे दें, उन्हें कोई परवाह नहीं है.
शेख हसीना को मौत की सजा सुनाए जाने से पहले बांग्लादेश में हिंसा
17 Nov, 2025 03:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ढाका। बांग्लादेश के पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को फांसी देने की मांग लंबे समय से उठ रही है। हसीना के आरोपों पर हो रही सुनवाई में आज उन्हे सजा ए मौत का फैसला सुनाया जा सकता है। इससे पहले ढाका में हिंसा भड़की और उपद्रवियों ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस के सलाहकार के घर बम फेंककर हमला किया गया है। वहीं इस तरह की हिंसा करने वालों को देखते ही गोली मारने के आदेश दिए गए हैं।
आज सोमवार को ही बांग्लादेश का इंटरनेशल क्राइम ट्राइब्यूनल शेख हसीना पर लगे मानवता के खिलाफ अपराध मामले में अपना फैसला सुना सकता है। सरकार ट्राइब्यूनल से लगातार उन्हें फांसी की सजा देने की मांग कर रहा है। बांग्लादेश में इंटरनेशनल क्राइम्स ट्राइब्यूनल के वकील ने कहा कि शेख हसीना को ज्यादा से ज्यादा सजा दी जा सकती है। उन्होंने कहा, हमने यह मांग भी की है कि शेख हसीना की संपत्ति को सीज करके और उसकी नीलामी करके पिछले साल हुई हिंसा में मारे गए लोगों के परिवारों में बांट दी जाए। उन्होंने कहा है कि हो सकता है कि आईसीटी शेख हसीना को सरेंडर करने के लिए 30 दिनों का समय दे दे। अगर वह ऐसा नहीं करेंगी तो उन्हें सुप्रीम कोर्ट जाने का भी अधिकार नहीं दिया जाएगा।खबर के मुताबिक, गृह सलाहकार जहांगीर आलम चौधरी ने कहा, देश भर में अप्रिय घटनाओं को रोकने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने अपनी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। फैसले से पहले कानून और व्यवस्था की स्थिति को लेकर तनाव पैदा होने के बीच फोर्स की तैनाती के अलावा, ढाका में पुलिस को हिंसक प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने का आदेश दिया गया है।
यूनुस के सलाहकार के घर हमला
इस बीच बांग्लादेश में कई जगहों से हिंसा और प्रदर्शन की खबरें मिल रही हैं। ढाका में मोहम्मद यूनुस के सलाहकार सैयद रिजवाना हसन के घर के बाहर क्रूड बमों से हमला किया गया है। यहां आगजनी भी हुई है। वहीं कॉक्सबाजार में भी हिंसा की खबरें हैं। यहां शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग के कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया है। कई शहरों में हंगामा और हिंसा की खबरें हैं।
देखते ही गोली मारने का आदेश
खबरों के अनुसार, ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस (डीएमपी) आयुक्त एसएम सज्जात अली ने कहा, ‘मैंने वायरलेस पर संदेश दिया कि जो कोई भी बसों में आग लगाए या जान से मारने के इरादे से देसी बम फेंके, उसे गोली मार दी जानी चाहिए। हमारे कानून में यह अधिकार स्पष्ट रूप से दिया गया है। हसीना, उनके गृह मंत्री असद-उज-जमां खान कमाल और तत्कालीन पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून पर पिछले वर्ष सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान मानवता के विरुद्ध अपराध करने का आरोप है। इनमें हत्या, हत्या की कोशिश, प्रताड़ित करना और अन्य अमानवीय कृत्य शामिल हैं।
शेख हसीना बोलीं- यह सब मेरे खिलाफ साजिश
उन्होंने कहा, मुझे परवाह नहीं है, अल्लाह ने मुझे जीवन दिया है और एक दिन मेरी मौत आएगी, लेकिन मैं देश के लोगों के लिए काम कर रही हूं और ऐसा करना जारी रखूंगी। अपदस्थ प्रधानमंत्री ने सामूहिक हत्याओं के आरोपों से इनकार किया और अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस पर जिम्मेदारी डालते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं कहा था कि उन्होंने एक ‘सुनियोजित योजना के तहत मेरी सरकार को अपदस्थ किया था। उन्होंने कहा, ‘हमारे संविधान के अनुच्छेद 7 (बी) में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि अगर कोई निर्वाचित प्रतिनिधियों को बलपूर्वक सत्ता से हटाता है, तो उसे दंडित किया जाएगा। यूनुस ने यही (मुझे बलपूर्वक सत्ता से हटाया) किया। हसीना ने कहा कि उनके खिलाफ आरोप लगाने वाले अभियोजक पूरी तरह से झूठे हैं। उन्होंने कहा, अगर कोई अदालत में झूठी शिकायत करता है, तो उस पर कानून के तहत मुकदमा चलता है और एक दिन ऐसा होगा ही।
आसमान के हाथी से कांप रहे रूस और चीन, 600 किमी रेंज में कर लेता है टारगेट
17 Nov, 2025 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन। अमेरिकी कांग्रेस ने वॉर-रूम जैसा संदेश देकर ई-7 वेडगेटेल प्रोग्राम को किसी भी कीमत पर जारी रखने का आदेश थोप दिया है। अमेरिकी वायुसेना की रीढ़ बनने वाले ई-7 वेडगेटेल को बचाने की जंग अब खुलेआम राजनीतिक भिड़ंत में बदल चुकी है और इस बार कांग्रेस ने ऐसा प्रहार किया है जिसने पेंटागन की योजनाओं को हिला दिया। इसकी मारक क्षमता दुश्मन की पूरी वायु रणनीति को ध्वस्त कर देती है। ई-7 वेडगेटेल कोई साधारण हथियार प्रणाली नहीं, बल्कि आसमान में उड़ता हुआ कमांड सेंटर है। इसे आसमान का ‘हाथी’ कहें, तो इसमें कुछ गलत नहीं होगा क्योंकि जिस तरह से जंगल में हाथी के सामने कोई नहीं टिकता। ठीक उसी तरह से आसमानी जंग में भी ई-7 वेडगेटेल के सामने कोई आने की हिम्मत नहीं करता। आधुनिक युद्ध में सूचना ही असली हथियार है और वेडगेटेल यही हथियार दुश्मन के सिर पर गिराता है।
पेंटागन पहले 2026 के बजट में ई-7 प्रोग्राम को खत्म करने की तैयारी कर चुका था। लेकिन यह कदम इतने भारी प्रतिरोध के सामने आ गया कि 19 शीर्ष जनरल, जिनमें छह पूर्व एयर फ़ोर्स चीफ़ ऑफ़ स्टाफ शामिल हैं, ने सीधे सांसदों को चिट्ठी ठोक दी। यह कदम रक्षा इतिहास में लगभग विद्रोह जैसा माना जा रहा है।अब सीनेट ने इस विद्रोही चेतावनी को हथियार बनाते हुए एक बेहद आक्रामक विधायी निर्देश जारी किया है कि वायुसेना को 199.6 मिलियन डॉलर आरडीटी एंड ई फंड “फुल थ्रस्ट” पर खर्च करने होंगे। यानी ई-7 वेडगेटेल की तेज़ रफ्तार प्रोटोटाइपिंग किसी भी हाल में नहीं रुकेगी। 2025 के बचे हुए ई-7 प्रोक्योरमेंट फंड भी जबरन शिफ्ट किए जाएंगे और वो भी बिना किसी बहाने के। सीधे शब्दों में कहा जाए तो अमेरिकी कांग्रेस ने पेंटागन को साफ बता दिया है कि ई-7 वेडगेटेल को मारने की इजाज़त किसी कीमत पर नहीं मिलेगी। निचोड़ यह है कि अमेरिका में अब रक्षा राजनीति सिर्फ नीति नहीं, बल्कि शक्तिशाली सिस्टमों की जिंदगी और मौत की लड़ाई बन चुकी है। ई-7 वेडगेटेल इस लड़ाई का नया युद्धक्षेत्र है और कांग्रेस ने वायुसेना को सख्त आदेश दे दिया है कि ई-7 वेडगेटेल उड़ना चाहिए और उड़कर ही रहेगा।
किर्गिस्तान में झील के तट पर अटलांटिस जैसे शहर की खोज, इस्लामी रिवाजों के मिले लिंक
17 Nov, 2025 01:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिश्केक । प्लेटो की अटलांटिस की कहानी फिर चर्चा में है। इस चर्चा की वजह एक नई खोज है। रूसी विज्ञान अकादमी के पुरातत्वविदों ने किर्गिस्तान की इस्सिक कुल झील के नीचे 15वीं शताब्दी के विनाशकारी भूकंप में नष्ट हुए एक डूबे हुए शहर के निशान खोल निकले हैं। यह दुनिया की आठवीं सबसे गहरी झील है, जिससे यह कमाल की खोज हुई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, झील के उत्तर-पश्चिमी बिंदु के पास बाढ़ग्रस्त तोरु-अयगीर परिसर में स्थित शहर को खोजकर्ताओं ने खुदाई के दौरान ढूंढ़ निकाला है। जानकार ने झील के तटरेखा के आसपास 3 से 13 फीट की उथली गहराई पर चार पानी के नीचे के क्षेत्रों का सर्वेक्षण किया है। यहां उन्हें यह प्राचीन शहर मिला है।
एक्सपर्ट को खुदाई स्थल से रोजमर्रा की चीजों का बड़ ढ़ेर मिला है। यह किसी समय के संपन्न महानगर या बड़े कारोबारी समूह को दिखाता है। खोज में पकी हुई ईंटों से बनी कई संरचना मिली है। इसमें एक चक्की का पाट भी है, इसका इस्तेमाल अनाज को कुचलने और पीसने के लिए होता था। इसके अलावा धंसी हुई पत्थर की संरचनाएं और लकड़ी के बीम हैं।
पुरातत्वविदों का अनुमान हैं कि एक क्षेत्र में उन्हें एक सार्वजनिक इमारत भी मिली है, जो कोई मस्जिद, स्नानागार या स्कूल की बिल्डिंग हो सकती है। तीन अन्य क्षेत्रों में कब्रिस्तान के अवशेष मिले हैं। यह विशाल कब्रिस्तान किसी प्राचीन शहर से जुड़े होता है। यहां गोल और आयताकार आकार की मिट्टी की ईंटों से बनी संरचनाएं भी मिली हैं। खुदाई में दफनाने के स्थान भी मिले हैं, जिनसे पारंपरिक इस्लामी रीति-रिवाजों के प्रमाण मिलते हैं। इसमें कंकाल उत्तर दिशा की ओर मुख किए हैं। उनके चेहरे किबला की ओर हैं, जिस दिशा में मुसलमान नमाज के दौरान मुंह करके बैठते हैं। रूसी भौगोलिक सोसायटी ने कहा कि यह इसकी पुष्टि करता है कि यहां कभी एक प्राचीन शहर हुआ करता था।
लुप्त तोरु-अयगीर बस्ती ऐतिहासिक संस्कृति को गति देने वाले रेशम मार्ग के बड़े हिस्से पर मौजूद थी। यहां व्यापारी दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व से 15वीं शताब्दी के मध्य तक चीन और भूमध्य सागर के बीच रेशम, मसालों और धातुओं का व्यापार करते थे। यह परिसर कभी फलता-फूलता था लेकिन 15वीं शताब्दी की शुरुआत में एक भयानक भूकंप से नष्ट हो गया।
हाई अलर्ट: शेख हसीना पर आज कोर्ट का फैसला, हिंसक प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने का आदेश!
17 Nov, 2025 12:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Bangladesh Political Crisis: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना पर मानवता के खिलाफ कथित अपराधों पर अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT-BD) आज अपना फैसला सुनाने जा रहा है. यह दिन शेख हसीना के लिए काफी अहम रहने वाला है. लेकिन फैसले से पहले ही बंग्लादेश के कई शहरों में तनाव बढ़ गया है. बढ़ते हुए तनाव को देखते हुए ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस (डीएमपी) ने हिंसक प्रदर्शनकारियों को गोली मारने का आदेश जारी कर दिया है.
कोर्ट के फैसले से पहले ही ढाका समेत कई शहरों में आगजनी और देसी बम धमाकों की घटनाएं दर्ज की गई हैं. सुरक्षा एजेंसियों के अलर्ट पर रखा गया है. शेख हसीना के लिए ICT-BD के अभियोजकों ने मौत की सजा की मांग रखी है.
इन तीनों पर कुल 5 आरोप लगे हैं, जिसमें पहले आरोप पत्र में हत्या, हत्या के प्रयास, यातना और अमानवीय व्यवहार के आरोप हैं. दूसरे में दावा किया गया है कि हसीना ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ “क्लीयरेंस ऑपरेशन” चलाने का निर्देश दिया था. इसके अलावा उकसाने वाले बयान देने और छात्रों पर घातक हथियारों के इस्तेमाल का आदेश देने का भी आरोप है. वहीं, 2 और मामलों में ढाका और उसके आसपास छह निहत्थे प्रदर्शनकारियों को गोली मारकर हत्या करने का आरोप इन तीनों पर लगा है. जिसके लिए आज कोर्ट का फैसला आएगा. इस मामले में फैसले की घोषणा से पहले अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (आईसीटी) के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है.
आगजनी और विस्फोट की घटना
प्रशासन ने सख्त सैन्य, अर्धसैनिक और पुलिस निगरानी का आदेश दिया है. रविवार रात ढाका समेत कई जगहों पर अज्ञात लोगों ने पुलिस स्टेशन परिसर के वाहन डंपिंग कॉर्नर में आग लगा दी. घर के बाहर कच्चे बम विस्फोट किए गए, इसके अलावा राजधानी में कई जगहों पर विस्फोट किए. हसीना पार्टी अवामी लीग (बांग्लादेश में बैन) ने अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT-BD) के फैसले से पहले दो दिवसीय बंद की घोषणा की है.
चीन का दावा- मंगल पर दिखी एलियन की गुफाएं कहा- अब उसी गुफा में घुसेंगे इंसान
16 Nov, 2025 05:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बीजिंग। एलियन को लेकर चीन ने बड़ा दावा किया है। यहां के वैज्ञानिकों का कहना है कि उन्होंने मंगल पर एलियन की गुफाएं देखी हैं और आने वाले समय में इंसान भी इन गुफाओं में रहे सकते हैं। बता ये चीन ने ये दावा ऐसे वक्त पर किया है जब पूरी दुनिया स्पेश पर काम कर रही है। चीन के शेन्जेन विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों की एक टीम ने मंगल ग्रह पर एक नए प्रकार की गुफा का पहला प्रमाण खोजा है। शोधकर्ताओं का दावा है कि ये गुफाएं कभी एलियन जीवन को पनपने के लिए जरूरी परिस्थितियां पैदा कर सकती थीं।
शोध में दावा किया गया है कि ये भूमिगत गुफाएं चट्टानों में पानी के प्रेशर से बनी हो सकती हैं। पृथ्वी पर ऐसी चट्टान संरचना को कार्स्टिक गुफा के रूप में जाना जाता है। शोधकर्ताओं की टीम ने इन गुफाओं में इंसानी रिसर्च तक की प्लानिंग कर ली है। उनका दावा है कि लाल ग्रह के लिए भविष्य के मिशनों को इन भूमिगत गुफाओं को टारगेट बनाना चाहिए। यहां पर प्राचीन जीवन के सबूत पाए जा सकते हैं, जो कभी इन जलमग्न गुफाओं में निवास करते थे। यही नहीं दावा ये भी किया जा रहा है कि इन गुफाओं को आश्रय और रिसर्च सेंटर के तौर पर भी उपयोग किया जा सकता है। टीम ने अपनी रिसर्च को ‘द एस्ट्रोफिजिकल जर्नल लेटर्स’ में पब्लिश किया है। जिसमें बताया गया है कि अभी तक खोजी गई मंगल ग्रह की अधिकांश गुफाएं लावा ट्यूब्स आकार की हैं, जो ग्रह पर ज्वालामुखी फटने का सबूत हैं। हालांकि, नई गुफाओं की खोज में शोधकर्ताओं ने ऐसे प्रमाण दिए हैं जो साबित करते हैं कि ये गुफाएं पानी के प्रेशर से तराशी गई हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि उन्होंने जिन आठ कार्स्टिक गुफाओं की पहचान की है, उन्हें मंगल पर भविष्य के मानव या रोबोटिक मिशनों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है क्योंकि ये प्राकृतिक आश्रय इस बात का सबूत हैं कि मंगल ग्रह पर जीवन संभव है।
मंगल ग्रह पर इंसानों के लिए शेल्टर बन सकती हैं ये गुफाएं
वैज्ञानिक सालों से मंगल पर प्राचीन जीवन के संकेतों की तलाश कर रहे हैं। हाल ही में पाई गईं ये चट्टानी संरचनाएं लाल ग्रह की सतह पर गंभीर धूल भरी आंधियों, हाई रेडिएशन और अत्यधिक तापमान बचाकर शेल्टर दे सकती हैं। चीन के शेन्जेन विश्वविद्यालय के चेन्यु डिंग और उनके सहयोगियों ने अपने अध्ययन के लिए आठ संभावित गुफा स्थलों पर शोध की थी, जिन्हें स्काईलाइट्स (रोशनदान) कहा जाता है। ये स्थल मंगल ग्रह के उत्तरी गोलार्ध में हेब्रस वैलेस में स्थित हैं। इनमें आठ गड्ढे शामिल हैं जिन्हें पिछले मंगल मिशनों द्वारा मैप किया गया था।
शोधकर्ताओं ने इन गुफाओं की खोज के साथ एक बड़ा दावा कर दिया है। टीम का मानना है कि गुफा बनाने की प्रक्रिया पृथ्वी पर कार्स्टिक गुफा संरचनाओं के समान थी। हमारे ग्रह पर, ये गुफाएं आमतौर पर तब बनती हैं जब पानी घुलनशील चट्टान को घोल देता है। सॉल्यूशन केव्स के रूप में भी जानी जाने वाली, इनकी उत्पत्ति बड़ी भूमिगत दरारों से होती है जिन्हें पानी द्वारा चौड़ा किया जाता है और फिर गुफाएं तैयार होती हैं।
थकान होगी छूमंतर: ऑफिस से लौटकर 20 मिनट अपनाएं यह तरीका, शरीर में आएगी ताजगी।
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