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अमेरिका और ईरान के बीच भीषण जंग में 2 अमेरिकी विमान ढेर, एक जवान लापता
5 Apr, 2026 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेहरान। ईरान और अमेरिका के बीच जारी सैन्य संघर्ष अब एक अत्यंत गंभीर और संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया है। युद्ध के पांचवें हफ्ते में प्रवेश करते ही ईरान ने शुक्रवार को एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि उसने अलग-अलग हमलों में अमेरिका के दो सैन्य विमानों को मार गिराया है। इस घटना ने पश्चिम एशिया के शक्ति संतुलन और जारी युद्ध की दिशा को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। जानकारी के अनुसार, मार गिराए गए विमानों में से एक ईरान की सीमा के भीतर गिरा है। इस विमान में सवार एक अमेरिकी सैन्य कर्मी को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जबकि कम से कम एक अन्य सैनिक अभी भी लापता बताया जा रहा है, जिसकी तलाश के लिए अमेरिकी सेना ने बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।
ईरान के सरकारी तंत्र और वहां के मीडिया ने दावा किया है कि फारस की खाड़ी में एक अमेरिकी ए-10 अटैक विमान को निशाना बनाया गया, जबकि एक अन्य दावे में एफ-15ई स्ट्राइक ईगल विमान को गिराने की बात कही गई है। एफ-15ई आमतौर पर दो चालक दल के सदस्यों—एक पायलट और एक हथियार विशेषज्ञ- के साथ उड़ान भरता है। ईरान के सरकारी टेलीविजन पर इस घटना से जुड़े कुछ वीडियो भी प्रसारित किए गए हैं, जिनमें पहाड़ी इलाकों के ऊपर अमेरिकी ड्रोन और हेलीकॉप्टर उड़ते देखे जा सकते हैं। साथ ही, ईरानी मीडिया ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें कोई विदेशी पायलट मिले, तो वे उसे तुरंत पुलिस के हवाले करें, जिसके लिए इनाम की भी घोषणा की गई है। यह इस संघर्ष के दौरान पहला मौका है जब अमेरिकी विमानों को इस तरह के सीधे नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं।
दूसरी ओर, इस संवेदनशील मुद्दे पर व्हाइट हाउस और पेंटागन ने अभी तक कोई विस्तृत धिकारिक बयान जारी नहीं किया है, हालांकि पेंटागन ने हाउस आर्म्ड सर्विसेज कमेटी को सूचित किया है कि एक सैनिक की स्थिति अभी भी अज्ञात है। एक अमेरिकी अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर पुष्टि की है कि क्षेत्र में एक लड़ाकू विमान के गिरने की घटना हुई है, लेकिन उन्होंने अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की है कि विमान किसी तकनीकी खराबी के कारण दुर्घटनाग्रस्त हुआ या उसे वास्तव में ईरान द्वारा मार गिराया गया है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मामले पर अधिक विवरण देने से इनकार किया, लेकिन उनका मानना है कि इस घटना का असर ईरान के साथ चल रही किसी भी संभावित बातचीत पर नहीं पड़ेगा, हालांकि उन्होंने हाल ही में ईरान को सैन्य रूप से कमजोर करने का दावा किया था। इस घटना के बाद न केवल युद्ध क्षेत्र में तनाव चरम पर है, बल्कि इसका व्यापक असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई दे रहा है। ईरान की होरमुज जलडमरूमध्य पर मजबूत पकड़ के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल और गैस की कीमतों में अचानक उछाल आया है। चूंकि दुनिया के ईंधन व्यापार का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है, इसलिए सप्लाई चेन बाधित होने की आशंका ने शेयर बाजारों को भी नीचे गिरा दिया है। यदि यह तनाव और बढ़ता है, तो खाद्य वस्तुओं और आम जरूरत की चीजों की कीमतों में भारी वृद्धि का खतरा पैदा हो सकता है। फिलहाल, पूरी दुनिया की नजरें अमेरिका के अगले कदम और लापता सैनिक की तलाश पर टिकी हुई हैं, क्योंकि यह घटना भविष्य में युद्ध के और भीषण होने का संकेत दे रही है।
यूएस बजट 2027: ईरान से भिड़े ट्रंप हांफते हुए बोले- घरेलू खर्च में कटौती कर रक्षा बजट बढ़ा दो
5 Apr, 2026 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वित्तीय वर्ष 2027 के लिए अपना प्रस्तावित बजट पेश कर दिया है, जिसमें घरेलू कार्यक्रमों में व्यापक कटौती और फेडरल एजेंसियों के पुनर्गठन की सख्त रूपरेखा तैयार की गई है। इस बजट का मुख्य उद्देश्य सरकारी खर्च पर लगाम लगाना और फेडरल सरकार के ढांचे को पूरी तरह बदलना है। ये बजट ऐसे समय पर आया है जब अमेरिका, ईरान ये जंग लड़ रहा है और बहुत बुरा फंसा हुआ है, शायद यही वजह है कि ट्रंप कहते सुने गए कि भले ही घरेलू खर्च में कटौती कर दो लेकिन रक्षा बजट बढ़ा दो।
बजट प्रस्ताव में वर्ष 2026 के गैर-रक्षा स्तरों की तुलना में 10 फीसदी की कटौती का प्रावधान किया गया है, जिसे प्रशासन ने फिजूल और अप्रभावी कार्यक्रमों को समाप्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है। हालांकि, सीमा सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और वेटरन्स (पूर्व सैनिकों) से जुड़ी सेवाओं के लिए फंडिंग को प्राथमिकता के आधार पर बरकरार रखा गया है। बजट प्रस्ताव के अनुसार, कई प्रमुख विभागों की फंडिंग में दोहरे अंकों में कमी की गई है। कृषि विभाग के बजट में 19 फीसदी की कटौती कर इसे 20.8 अरब डॉलर करने का प्रस्ताव है, जबकि वाणिज्य विभाग के बजट में 12.2 फीसदी की कमी के साथ 9.2 बिलियन डॉलर का प्रावधान किया गया है। शिक्षा विभाग को 76.5 बिलियन डॉलर आवंटित किए गए हैं, लेकिन साथ ही इसे धीरे-धीरे खत्म करने की मंशा भी जताई गई है। स्वास्थ्य और मानवीय सेवाओं के बजट में 12.5 फीसदी और हाउसिंग एवं शहरी विकास विभाग में 13 फीसदी की कटौती प्रस्तावित है। सबसे अधिक मार अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों और राज्य विभाग पर पड़ी है, जहां फंडिंग में 30 फीसदी की भारी कमी कर इसे 35.6 बिलियन डॉलर तक सीमित कर दिया गया है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नए निकाय एडमिनिस्ट्रेशन फॉर अ हेल्दी अमेरिका के गठन का प्रस्ताव है, जो पोषण और खाद्य सुरक्षा जैसे विषयों पर केंद्रित होगा। गृह सुरक्षा विभाग के कुल बजट में कमी के बावजूद सीमा प्रवर्तन और आव्रजन नियंत्रण पर निवेश जारी रहेगा। इसी तरह, न्याय विभाग को पुलिसिंग के लिए अधिक संसाधन दिए जाएंगे, लेकिन गैर-जरूरी ग्रांट प्रोग्राम बंद कर दिए जाएंगे।
बजट का एक बड़ा हिस्सा फेडरल ब्यूरोक्रेसी को कम करने और शिक्षा व वर्कफोर्स डेवलपमेंट जैसी जिम्मेदारियां राज्यों और स्थानीय सरकारों को सौंपने पर जोर देता है। ओएमबी के डायरेक्टर रसेल टी. वॉट ने इसे एक ऐतिहासिक वित्तीय बदलाव करार दिया है। अब यह प्रस्ताव कांग्रेस में जाएगा, जहां घरेलू कटौतियों और फेडरल कार्यक्रमों के पुनर्गठन के मुद्दों पर सांसदों के बीच तीखी बहस होने की संभावना है।
विवादों में घिरे ओपन एआई के सीईओ ऑल्टमैन.........बहन ने लगाया यौन शोषण का आरोप
5 Apr, 2026 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। ओपन एआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, क्योंकि उनकी बहन एनी ऑल्टमैन ने अपने सिविल मुकदमे में संशोधन कर उन पर 1997 से 2006 के बीच यौन शोषण का आरोप लगाया है। एनी का दावा है कि यह शोषण उनके पारिवारिक घर में हुआ, जब वह केवल तीन साल की थीं और सैम 12 साल के थे। सैम ने इन आरोपों से इंकार कर बहन के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया है।
इस मामले में सेंट लुइस की फेडरल कोर्ट ने पहले एनी की याचिका को खारिज किया था, लेकिन जज जैकरी ब्लूस्टोन ने उन्हें मिसौरी के बाल यौन शोषण कानून के तहत अपना केस आगे बढ़ाने की सलाह दी। जज ने कहा कि एनी के अलग-अलग यौन दुर्व्यवहार से जुड़े दावे 2008 में समाप्त हो गए थे, लेकिन यह कानून कुछ पुराने मामलों में मुकदमा दाखिल करने की अनुमति देता है। इसके बाद एनी ने अपनी संशोधित शिकायत दायर की। सैम के वकीलों ने अभी तक इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है। ऑल्टमैन परिवार का कहना है कि एनी की मानसिक हालत ठीक नहीं है और उनके मुकदमे का उद्देश्य जबरदस्ती है। सैम ने कहा कि उनका परिवार हर संभव मदद कर रहा है, जिसमें आर्थिक मदद भी शामिल है।
सैम ऑल्टमैन ओपन एआई के सह-संस्थापक हैं और 2022 में एआई चैटबॉट चैटजीपीटी की रिलीज़ के बाद वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में एक जाना-पहचाना चेहरा बन गए हैं। फोर्ब्स के अनुसार उनकी कुल संपत्ति 3.3 बिलियन डालर है। यह मामला न केवल उनके व्यक्तिगत जीवन बल्कि पेशेवर छवि पर भी प्रभाव डाल सकता है, क्योंकि सैम ने एआई उद्योग में महत्वपूर्ण स्थान बनाया है। इस विवाद से जुड़े कानूनी और सामाजिक पहलुओं की निगरानी जारी है, और अदालत के निर्णय के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
ईरान के बुशहर परमाणु संयंत्र के पास हमला, एक सुरक्षा कर्मी की मौत
5 Apr, 2026 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेहरान। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान के बुशहर स्थित बुशहर न्यूक्लियर पॉवर प्लांट के पास शनिवार को हमला हुआ, जिसमें एक सुरक्षा कर्मी की मौत हो गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, संयंत्र के नजदीक एक प्रोजेक्टाइल गिरा, जिससे यह हादसा हुआ।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस हमले के साथ ही इजरायल ने ईरान के दक्षिणी खुजेस्तान प्रॉविंन्स के महशहर स्थित पेट्रोकेमिकल स्पेशल इकोनॉमिक जोन पर एयरस्ट्राइक का दावा किया है। बताया जा रहा है कि हमले के दौरान कई विस्फोट हुए और पूरे इलाके में धुएं का गुबार उठता देखा गया।
इजराइली सुरक्षा सूत्रों ने इन हमलों की पुष्टि करते हुए बताया कि वायुसेना ने रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया। हमले में कम से कम तीन कंपनियां प्रभावित हुई हैं, जबकि पांच लोगों के घायल होने की खबर है। विशेषज्ञों का मानना है कि परमाणु संयंत्र के पास हमला और पेट्रोकेमिकल जोन पर एयरस्ट्राइक इस बात का संकेत है कि संघर्ष अब ऊर्जा और रणनीतिक ठिकानों तक पहुंच चुका है। इससे न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर भी असर पड़ सकता है। लगातार बढ़ते हमलों के बीच मिडिल ईस्ट में हालात और गंभीर होते जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब इस पर टिकी हैं कि यह संघर्ष और कितना विस्तार लेता है।
अमेरिका के भारी हमलों के बावजूद ईरान की मजबूती बरकरार, क्या है राज?
4 Apr, 2026 03:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेहरान | अमेरिका और इस्राइल पांच हफ्तों में 12,300 से ज़्यादा ईरानी ठिकानों पर हमले कर चुके हैं। व्हाइट हाउस और पेंटागन बड़ी कामयाबी का दावा कर रहे हैं, लेकिन अमेरिकी मीडिया की मानें तो खुफिया एजेंसियां खुद इन दावों पर सवाल उठा रही हैं। ईरान के मिसाइल बंकर घंटों में दोबारा चालू हो रहे हैं। आधे से ज्यादा लॉन्चर अभी भी सुरक्षित हैं और हजारों ड्रोन अभी भी तैयार हैं। तो असली तस्वीर क्या है? जानिए
ईरान युद्ध को लेकर पहले वो बड़ी बातें, जो आपको जाननी चाहिए:
ईरानी सेना ने एक अमेरिकी F-15E लड़ाकू जेट को गोलाबारी में मार गिराया। दो पायलट वाले इस विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की पुष्टि दोनों देशों के अधिकारियों ने की है। घटना के बाद एक पायलट को बचा लिया गया है, जबकि दूसरा अभी भी लापता है। दूसरे पायलट की तलाश की जा रही है। इस बीच, ईरान ने मध्यस्थता की पाकिस्तान की पेशकश को सिरे से खारिज कर दिया है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, तेहरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह पाकिस्तान में अमेरिका नेतृत्व वाले किसी भी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात नहीं करेगा। अमेरिका पांच हफ्तों में ईरान के 12,300 ठिकानों पर हमले कर चुका है। अमेरिकी मीडिया के अनुसार, ईरान घंटों में अपने मिसाइल बंकर दोबारा चालू कर रहा है।ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, 28 फरवरी से शुरू हुए युद्ध के बाद से अब तक कम से कम 2,076 लोगों की मौत हो चुकी है और 26,500 लोग घायल हुए हैं।अब सवाल-दर-सवाल जानते हैं असली हालात...
क्या ईरान की मिसाइल क्षमता सच में तबाह हो गई?
द न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने इस दावे पर संदेह जताया है कि अमेरिका ईरान की मिसाइल क्षमता को नष्ट करने के करीब है, जबकि यही इस युद्ध का एक प्रमुख लक्ष्य था। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार ईरान के पास अभी भी इतनी बैलिस्टिक मिसाइलें और लॉन्चर बचे हैं कि वह इस्राइल और खाड़ी के अन्य देशों पर हमले जारी रख सके। खुफिया एजेंसियां बचे हुए लॉन्चरों की सटीक संख्या को लेकर अभी पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं।
व्हाइट हाउस और पेंटागन क्या दावे कर रहे हैं?
व्हाइट हाउस की प्रवक्ता अन्ना केली ने कहा था कि लोग राष्ट्रपति ट्रंप और अमेरिकी सेना की शानदार उपलब्धियों को कमतर आंकने की कोशिश कर रहे हैं। ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले 90 प्रतिशत कम हो गए हैं। उनकी नौसेना तबाह हो चुकी है। दो-तिहाई सुविधाएं क्षतिग्रस्त या नष्ट हो चुकी हैं और अमेरिका-इस्राइल का ईरान के आसमान पर पूरा दबदबा है।वहीं, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सोमवार को कहा था, 'हां, वे अभी भी कुछ मिसाइलें दागेंगे, लेकिन हम उन्हें मार गिराएंगे। वे जमीन के नीचे जाएंगे, लेकिन हम उन्हें ढूंढ निकालेंगे।'
ईरान हार क्यों नहीं रहा, असली वजह क्या है?
इसकी सबसे बड़ी वजह है ईरान की दशकों पुरानी भूमिगत तैयारी। CNN ने तीन सूत्रों के हवाले से बताया कि ईरान के मिसाइल लॉन्चर सुरंगों और गुफाओं के विशाल नेटवर्क में छुपे हुए हैं। यही वजह है कि उन्हें ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा। द न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि ईरान जानबूझकर अपने लॉन्चरों को बंकरों और गुफाओं में सुरक्षित रख रहा है ताकि युद्ध लंबा खिंचने पर दबाव बनाए रख सके।ईरान के मिसाइल बंकर हमलों के बाद इतनी जल्दी
दोबारा कैसे चालू हो जाते हैं?
यही वह सवाल है जो अमेरिकी रणनीतिकारों को सबसे ज़्यादा परेशान कर रहा है। अमेरिकी खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरान अमेरिकी और इस्राइली बमों से क्षतिग्रस्त हो चुके भूमिगत बंकरों में से लॉन्चरों को सुरक्षित बचा लेता है और उसे मरम्मत कर दोबारा हमले करता है।
ईरान अभी भी कितनी मिसाइलें दाग रहा है?
ईरान अभी भी इस्राइल पर प्रतिदिन करीब 20 मिसाइलें दाग रहा है। वह एक बार में दो-दो मिसाइलें दागता है। एक पश्चिमी अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि ईरान प्रतिदिन 15 से 30 बैलिस्टिक मिसाइलें और 50 से 100 ड्रोन दाग रहा है।
अन्य खुफिया रिपोर्ट्स में क्या सामने आया?
CNN ने अमेरिकी खुफिया आकलन से परिचित तीन सूत्रों के हवाले से बताया कि पांच हफ्तों की लगातार बमबारी के बावजूद ईरान के करीब 50% मिसाइल लॉन्चर अभी भी सुरक्षित हैं। एकतरफा हमला करने वाले ड्रोन भी अभी भी ईरान के पास मौजूद हैं। यानी उसकी करीब 50% ड्रोन क्षमता बरकरार है। एक सूत्र ने कहा, "वे अभी भी पूरे क्षेत्र में भारी तबाही मचाने की स्थिति में हैं।" साथ ही ईरान की तटीय रक्षा से जुड़ी क्रूज मिसाइलों का एक बड़ा हिस्सा अभी भी सुरक्षित है। यह जखीरा हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को खतरे में डालने की क्षमता रखता है।
अमेरिका के लिए ईरानी लॉन्चरों को ट्रैक करना इतना मुश्किल क्यों है?
इसकी कई वजहें हैं। पहली- ईरान बड़ी संख्या में नकली लॉन्चर तैनात कर रहा है और अमेरिका को यकीन नहीं है कि उसने जितने लॉन्चर नष्ट किए, उनमें से कितने असली थे? दूसरी- ईरान 'दागो और भागो' की रणनीति अपना रहा है। मोबाइल प्लेटफॉर्म अपनी मिसाइलें दागने के बाद तुरंत जगह बदल लेते हैं। यह वही चुनौती है, जो यमन में हूतियों के खिलाफ भी झेलनी पड़ी। तीसरी- बमबारी से पहले भी ईरान के लॉन्चरों की कुल संख्या का अमेरिकी अनुमान पूरी तरह सटीक नहीं था। ऐसे में ट्रैकिंग मुश्किल है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
फाउंडेशन फॉर डिफेंस ऑफ डेमोक्रेसीज के ईरान कार्यक्रम के वरिष्ठ निदेशक बेहम बेन तालेब्लू के अनुसार, ईरान के हवाई क्षेत्र में अभी भी श्रेष्ठता बनाम वर्चस्व की जंग है। उन्होंने कहा अक्षम वायु रक्षा प्रणाली को नष्ट वायु रक्षा प्रणाली नहीं कह सकते। हमें हैरान नहीं होना चाहिए कि वे अभी भी लड़ रहे हैं। अमेरिकी विमान कम ऊंचाई पर मिशन उड़ा रहे हैं, जिससे वे ईरान की मिसाइलों के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाते हैं। संभव है कि ईरान ने एफ-15 पर सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल दागी हो, लेकिन अधिक संभावना है कि एक पोर्टेबल लॉन्चर से मिसाइल दागी गई हो या कंधे पर रखकर दागे जाने वाले लॉन्चर का इस्तेमाल किया गया हो। ऐसी मिसाइलों का पता लगाना बहुत मुश्किल होता है और यह दर्शाता है कि ईरान कमजोर है, लेकिन अभी भी घातक है।
ईरान ने दिखाया कड़ा रुख: पाकिस्तान की भूमिका खारिज, सैन्य अभियान तेज
4 Apr, 2026 12:18 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेहरान | ईरान ने पश्चिम एशिया संघर्ष में मध्यस्थता की पाकिस्तान की कोशिश को सिरे से खारिज कर दिया है। तेहरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह पाकिस्तान में अमेरिका नेतृत्व वाले किसी भी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात नहीं करेगा। वहीं, ईरान ने अमेरिका की मांगों को अस्वीकार्य बताते हुए संकट के शीघ्र समाधान की संभावनाओं को भी पीछे धकेल दिया है।
ईरान का रुख और पाकिस्तान की भूमिका
ईरान ने पाकिस्तान द्वारा खुद को पश्चिम एशिया संघर्ष में मध्यस्थ के तौर पर पेश करने के प्रयासों को ठुकरा दिया है। सूत्रों के अनुसार, तेहरान ने पाकिस्तान में अमेरिका के नेतृत्व वाले किसी भी प्रतिनिधिमंडल से मिलने से इनकार कर दिया है। इससे पाकिस्तान की कूटनीतिक कोशिशों को बड़ा झटका लगा है।पाकिस्तान ने यह दावा करते हुए अपनी कूटनीतिक क्षमता का इस्तेमाल करने की कोशिश की थी कि वह ईरान और अमेरिका दोनों पक्षों से संवाद स्थापित करने में सक्षम है। हालांकि, ईरान और पाकिस्तान के बीच गहरे अविश्वास के चलते, ईरानी पक्ष किसी भी बातचीत में इस्लामाबाद को कोई भूमिका देने से हिचकिचा रहा है।
कतर के जरिए मध्यस्थता की उम्मीद
हालांकि, इस बीच कुछ उम्मीद की किरण जगी है, क्योंकि रिपोर्टों से पता चलता है कि ईरान इस क्षेत्र के एक अन्य महत्वपूर्ण खिलाड़ी कतर के जरिए मध्यस्थता के प्रयास पर विचार कर सकता है। इस बीच, क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है।
ईरान का जवाबी अभियान जारी
ईरानी सेना का कहना है कि उन्होंने अमेरिका-इज़राइल के खिलाफ अपने जवाबी अभियान की 93वीं लहर पूरी कर ली है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने कब्जे वाले क्षेत्रों के अंदर गहरे इस्राइली सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले किए हैं। IRGC ने यह भी कहा कि पश्चिमी गैलिली, हाइफा, काफर कन्ना और क्रायोट में इज़राइलियों के एकत्रित होने और युद्ध समर्थन के केंद्रों को सटीकता से निशाना बनाया गया।
अमेरिकी का दूसरा एफ-35 फाइटर जेट गिराने का ईरान ने किया दावा, पायलट का बचना मुश्किल
4 Apr, 2026 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेहरान। ईरान ने अमेरिका का शक्तिशाली एफ-35 स्टील्थ फाइटर जेट मार गिराने का दावा किया है। ईरानी बलों ने अमेरिका का दूसरा एफ-35 लड़ाकू विमान मार गिराया है। एजेंसी ने यह भी दावा कि पायलट को गंभीर चोटें आई हैं और उसके बचने की संभावना कम है। अभी तक अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस बारे में कोई बयान या टिप्पणी नहीं की है। ईरान के खतम अल-अंबिया मुख्यालय के प्रवक्ता के मुताबिक सेंट्रल ईरान के क्षेत्र में दूसरा अमेरिकी एफ-35 स्टील्थ फाइटर मार गिराया गया। बयान में कहा कि एफ-35 लाइटनिंग-2 को ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम ने निशाना बनाया। यह फाइटर जेट ब्रिटेन में रॉयल एयर फोर्स लेकनहीथ से जुड़े एक स्क्वाड्रन का हिस्सा था।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मध्य ईरान के ऊपर एक दूसरे पांचवीं पीढ़ी के अमेरिकी एफ-35 विमान पर हमला कर उसे मार गिराया। टकराते समय और क्रैश के दौरान जबरदस्त धमाके को देखते हुए इस बात की संभावना कम ही है कि पायलट इजेक्ट हो पाया होगा। ईरान ने इसके दो सप्ताह पहले दावा किया था उसने एक अमेरिकी एफ-35 लाइटनिंग-2 विमान पर हमला किया था। 19 मार्च को सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने बताया कि अमेरिका एक एफ-35 फाइटर जेट ईरान के ऊपर युद्ध मिशन पर था, जब उसे आपातकालीन लैंडिंग करनी पड़ी। हॉकिन्स ने कहा कि विमान सुरक्षित रूप से उतर गया और जांच की जा रही है। सूत्रों के हवाले से बताया था कि विमान पर ईरान की तरफ से हमला हुआ था।
बता दें एफ-35 को अमेरिका के सबसे आधुनिक और शक्तिशाली विमानों में गिना जाता है। अगर ईरान का दावा सच होता है तो अमेरिका के पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट के वर्चस्व के लिए बड़ा झटका होगा। ईरान के खिलाफ संघर्ष में अमेरिका और इजराइल दोनों ही एफ-35 फाइटर जेट का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस विमान की कीमत 10 करोड़ डॉलर से ज्यादा है।
क्लब के बाहर चली गोली, एक युवक घायल; पुलिस जांच में जुटी
4 Apr, 2026 11:14 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के प्रीत विहार थाना क्षेत्र में स्थित एक क्लब के बाहर शनिवार तड़के गोलीबारी की एक घटना सामने आई है, जिसमें 21 वर्षीय एक युवक घायल हो गया है। उसके पैर में गोली लगी है। गुरु तेग बहादुर (जीटीबी) अस्पताल में भर्ती कराया गया है। युवक की पहचान समीर (21 वर्ष) के रूप में हुई है। वह नूर-ए-इलाही, घोंडा का रहने वाला है।
पुलिस के मुताबिक, सुबह लगभग 04:33 बजे जीटीबी अस्पताल से पीसीआर कॉल के जरिए सूचना मिली कि एक युवक को गोली लगी है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम अस्पताल पहुंची। जांच के दौरान पता चला कि समीर अपने दोस्तों के साथ प्रीत विहार स्थित शोशा क्लब गया था। क्लब के अंदर उनकी दूसरे लड़कों से झगड़ा हो गया। जिसके बाद दोनों पक्ष क्लब से बाहर सर्विस रोड की तरफ आ गए। इसी दौरान बाहर एक अज्ञात व्यक्ति ने फायरिंग कर दी, जिसकी गोली समीर के दाहिने पैर (घुटने के नीचे) में जा लगी। इस घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घायल समीर को उसके दोस्तों ने तुरंत जीटीबी अस्पताल पहुंचाया। समीर ने बताया है कि वह गोली चलाने वाले कोे नहीं पहचानता है। क्राइम टीम द्वारा घटनास्थल का मुआयना किया गया है और लोगों से पूछताछ जारी है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। इस घटना में शामिल आरोपियों की पहचान कर उन्हें पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
बढ़ता संघर्ष: ईरान का सख्त रुख, US को पीछे हटने का अल्टीमेटम
4 Apr, 2026 10:14 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेहरान | पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। ईरान ने अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उसके खिलाफ किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई की गई, तो उसका जवाब पहले से कहीं ज्यादा करारा और विनाशकारी होगा।ईरानी सशस्त्र बलों के केंद्रीय मुख्यालय के प्रवक्ता इब्राहिम ज़ोल्फाघारी ने शनिवार को बयान जारी कर कहा कि अमेरिका के हालिया बयानों और धमकियों को हल्के में नहीं लिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान अपनी सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा।
अमेरिकी ठिकानों और सहयोगियों पर निशाना
ईरान ने सिर्फ अमेरिकी सैन्य ठिकानों ही नहीं, बल्कि उन देशों को भी चेतावनी दी है जो अपने यहां अमेरिकी सैन्य बेस की अनुमति देते हैं। प्रवक्ता ने कहा कि ऐसे देशों को अमेरिका को अपने क्षेत्र से बाहर करने के लिए कदम उठाने चाहिए, अन्यथा उन्हें भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।
ऊर्जा और आर्थिक ढांचे पर हमले की चेतावनी
ईरानी सेना ने संकेत दिए हैं कि जवाबी कार्रवाई केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं होगी। इसमें ऊर्जा संयंत्र, ईंधन केंद्र और आर्थिक ढांचे भी निशाने पर हो सकते हैं। बयान में कहा गया है कि यह कार्रवाई पहले से कहीं ज्यादा व्यापक और कठोर होगी।
डोनाल्ड ट्रंप के बयान से बढ़ा विवाद
यह पूरा विवाद उस समय और बढ़ गया जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के बुनियादी ढांचे जैसे पुल, बिजली संयंत्र और ऊर्जा सुविधाओं को निशाना बनाने की बात कही थी। ईरान ने इसे उकसाने वाला और खतरनाक बयान बताया है। ईरान ने साफ शब्दों में कहा है कि जो देश अमेरिकी सेना को अपने यहां पनाह दे रहे हैं, वे तुरंत उन्हें हटाएं। अन्यथा, संभावित संघर्ष में वे भी निशाने पर आ सकते हैं।
अमेरिका में बजट बदलाव: रक्षा पर जोर, शिक्षा और विदेशी सहायता में कटौती की तैयारी
4 Apr, 2026 10:05 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन | अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वित्त वर्ष 2027 के लिए अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा रक्षा बजट पेश किया है। ट्रंप प्रशासन ने डेढ़ खरब डॉलर के रिकॉर्ड रक्षा बजट का प्रस्ताव पेश किया है। यह रक्षा बजट में 44 प्रतिशत की बड़ी वृद्धि है, जिससे पेंटागन के खर्च में खासी बढ़ोतरी होगी। रक्षा बजट बढ़ाने के लिए कई घरेलू कार्यक्रमों में कटौती करने की तैयारी है। व्हाइट हाउस ने अपने आधिकारिक बजट प्रस्ताव में कहा, 'राष्ट्रीय रक्षा के लिए पहले दिए गए ऐतिहासिक 1 खरब डॉलर के बजट को आगे बढ़ाते हुए 2027 के लिए 1.5 खरब डॉलर की मांग की गई है, जो 44 प्रतिशत की वृद्धि है।'
अमेरिका को दुनिया का सबसे ताकतवर देश बनाए रखने की कवायद
अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि यह प्रस्ताव बढ़ते सुरक्षा दबावों के बीच अमेरिका की सैन्य बढ़त को बनाए रखने में मदद करेगा। दस्तावेज में कहा गया, '2027 का बजट इस वादे को सुनिश्चित करेगा कि अमेरिका दुनिया की सबसे शक्तिशाली और सक्षम सेना बनाए रखे।' प्रस्ताव में लगभग 1.1 खरब डॉलर का आधारभूत रक्षा खर्च शामिल है, जबकि करीब 350 अरब डॉलर गोला-बारूद उत्पादन और रक्षा औद्योगिक ढांचे के विस्तार के लिए निर्धारित किए गए हैं।इस बजट का एक प्रमुख हिस्सा 'गोल्डन डोम' मिसाइल रक्षा प्रणाली विकसित करने के लिए रखा गया है। व्हाइट हाउस के अनुसार, गोल्डन डोम परियोजना को मजबूत वित्तीय समर्थन दिया जाएगा और इसे घरेलू सुरक्षा रणनीति के तहत प्राथमिकता मिलेगी।
बजट में जहाज निर्माण के लिए 65.8 अरब डॉलर का प्रावधान भी किया गया है, जिसमें नए युद्धपोत और सहायक पोत बनाने की योजना है। साथ ही, सैन्य कर्मियों के वेतन में वृद्धि का भी प्रस्ताव है, जिसमें ई-5 और उससे नीचे के रैंक के जवानों के लिए 7 प्रतिशत वेतन बढ़ोतरी शामिल है।
शिक्षा-स्वास्थ्य जैसे कई अहम मदों में बजट कटौती की तैयारी
रक्षा खर्च में इस बढ़ोतरी के साथ अमेरिकी सरकार कई अन्य अहम कार्यक्रमों के बजट में कटौती की तैयारी कर रही है। आधिकारिक दस्तावेज के मुताबिक, '2026 के गैर-रक्षा कार्यक्रमों की तुलना में बजट में 10 प्रतिशत की कटौती का प्रस्ताव है।' प्रस्ताव में शिक्षा, पर्यावरण, स्वास्थ्य और विदेशी सहायता कार्यक्रमों में कटौती का खाका पेश किया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, पर्यावरण, शिक्षा और स्वास्थ्य अनुसंधान कार्यक्रमों में 73 अरब डॉलर तक की कटौती हो सकती है।कांग्रेस में इस प्रस्ताव पर राजनीतिक मतभेद साफ दिखे। रिपब्लिकन नेताओं ने रक्षा बजट में बढ़ोतरी का स्वागत किया, जबकि डेमोक्रेट्स ने इसे अत्यधिक बताते हुए कहा कि इससे घरेलू प्राथमिकताओं पर असर पड़ेगा। अब यह बजट प्रस्ताव कांग्रेस के पास जाएगा, जहां सांसद तय करेंगे कि नए वित्त वर्ष (1 अक्टूबर से शुरू) से पहले इसमें कितना हिस्सा मंजूर होता है। अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा सैन्य खर्च करने वाला देश है। यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है, जब वॉशिंगटन को पश्चिम एशिया संघर्ष, चीन के साथ प्रतिस्पर्धा और हथियार भंडार को फिर से भरने व सेना के आधुनिकीकरण की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
ईरान की सुपरसोनिक मिसाइल ने इजराइल में मचाई तबाही, ड्रोन फैक्ट्री को उड़ाया
4 Apr, 2026 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेहरान,। अमेरिका-इजराइल लगातार ईरान पर हमले कर रहे हैं। इस जंग को एक महीने से ज्यादा हो चुका है। दोनों ओर से मिसाइल हमले जारी हैं। ईरान ने इजराइल के पेटा टिकवा में एक ड्रोन फैक्ट्री को उड़ा दिया। ईरान की सुपरसोनिक मिसाइल ने इजराइल में तबाही मचा दी है, पूरी फैक्ट्री खंडहर में तब्दील हो गई है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इजराइल के सेंट्रल में पेटा टिक्वा वह जगह है, जहां ईरान की मिसाइल आकर गिरी। इस हमले से हुई भारी तबाही और विनाश साफ दिख रहा है, इजराइल में इस हमले की भयानक तस्वीरें सामने आई हैं उससे ईरान की सुपरसोनिक मिसाइल के असर का अंदाजा लगाया जा सकते हैं कि एक पूरा कारखाना खंडहर बन गया है। माना जा रहा है कि यह फैक्ट्री इज़राइल की रक्षा जरूरतों के लिए ड्रोन तकनीक से जुड़ी थी। यह मिसाइल जहां गिरी वहां बड़ा गड्ढा बन गया। पास में ही ऊंची-ऊंची रिहायशी इमारतें भी हैं. अगर यह मिसाइल इधर-उधर गिरती तो भारी जनहानि हो सकती थी। हालांकि, मिसाइल एक खुले इलाके में गिरी, जिससे नुकसान कुछ हद तक सीमित रहा, लेकिन इसके बावजूद फैक्ट्री पूरी तरह तबाह हो गई। मशीनें जल चुकी हैं, एसी यूनिट्स, वायरिंग और इंसुलेशन सब बाहर निकल आए हैं। यह दृश्य दिखाता है कि मिसाइल का असर कितना जबरदस्त था।
यह बड़ा सवाल है कि तमाम दावों के बावजूद इज़राइल का मिसाइल डिफेंस सिस्टम इस मिसाइल को रोक नहीं सका। यह मिसाइल कैसे इस सुरक्षा कवच को भेदते हुए यहां तक पहुंची, यह जांच का विषय है। वाहनों और इमारत के बाकी हिस्से इस हमले से प्रभावित हुए हैं। यह जगह एक बार फिर इस युद्ध की भयावहता को दिखाती है। गुरुवार को ईरान की ओर से करीब 6 मिसाइलें दागी गई थीं, जिन्होंने इज़राइल के अलग-अलग हिस्सों, जैसे बेइत शेमेश और अन्य इलाकों को निशाना बनाया। इन हमलों में संपत्ति का नुकसान जरूर हुआ, लेकिन किसी की जान नहीं गई।
खाकी पर दाग: ASI शर्मिला 33 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार
4 Apr, 2026 09:56 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कुरुक्षेत्र (हरियाणा)। वैवाहिक कलह के एक मामले में 33 हजार रुपये की रिश्वत लेती हुए केयूके थाने में तैनात एएसआई शर्मिला मलिक को राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो अंबाला की टीम रंगे हाथ पकड़ा है। शर्मिला पीड़ित से उसके पक्ष में बयान लिखकर मामले को रफा-दफा करने के लिए 50 हजार रुपये की मांग कर रही थी। आखिर में पीड़ित ने जब इतने रुपये देने में असमर्थता दिखाई तो 35 हजार में सौदा तय कर दौ हजार रुपये मौके पर ही ले लिए थे। बाकी रुपये देने के लिए शुक्रवार का दिन तय किया था। पीड़ित एसीबी से संपर्क कर शर्मिला को रंगे हाथ पकड़वाया। एसीबी को दी शिकायत में शरीफगढ़ के रहने वाले नवदीप सिंह ने बताया कि पंजाब के जालंधर जिले रामगढ़ फिलौरा रहने वाले उनके ताऊ के बेटे सिमरनजीत सिंह की शादी ज्योतिसर गांव की रहने वाली प्रभजीत कौर से 15 सिंतबर 2024 को हुई थी। शादी के लगभग छह माह के बाद दो अप्रैल 2025 को प्रभजीत के पिता हरमीत सिंह उन्हें लेने के लिए उनके घर पर आए और बोले की प्रभजीत की माता का जन्मदिन है और घर पर कुछ कार्य है, जिन्हें निपटाने के बाद वह प्रभजीत को वापस पहुंचा देंगे। लगभग एक साल बाद भी प्रभजीत वापस नहीं आई और सिमरनजीत सिंह के खिलाफ थाना केयूके के महिला हेल्प डेस्क पर शिकायत दर्ज करवा दी।
इसके बाद एएसआई शर्मिला मलिक ने दोनों पक्षों को थाने में बुलाया, जहां शर्मिला ने शिकायतकर्ता व सिमरनजीत को अलग बुलाकर कहा की प्रभजीत के परिजन 10 लाख रुपये की मांग कर रहे हैं। उन्होंने 10 लाख रुपये देने में असमर्थता दिखाते हुए कहा कि सेक्शन नौ के तहत मामले की अपील कोर्ट में दायर कॉपी एएसआई को सौंप दी। शर्मिला ने इसके बाद 50 हजार रुपये की मांग करते हुए कहा कि वह बयान उनके पक्ष में लिख देगी, जिससे उनकी अदालत में मदद होने का हवाला दिया। अंत में दाेनों के बीच 35 हजार रुपये में सौदा तय हुआ। इसके बाद एएसआई ने शिकायतकर्ता से दो हजार रुपये मौके पर लिए और बकाया राशि शुक्रवार को बयान लिखवाने के समय देने की बात तय हुई। शिकायतकर्ता ने एसीबी को शिकायत देते हुए कहा कि वह एएसआई को रिश्वत नहीं देना चाहते हैं अगर उन्होंने रुपये नहीं दिया तो वह उनका काम रोक देगी। इसलिए उसे रंगे हाथ पकड़कर एएसआई पर कार्रवाई की मांग की। टीम ने शिकायतकर्ता को 500-500 रुपये के 66 रंगे ही नोट देकर एएसआई को देने के लिए बोला। सेक्टर 13 में शाम के समय जब एएसआई रुपये लेने आई तो एएसआई को रुपये देते ही शिकायतकर्ता ने एसीबी टीम को इशारा कर दिया और टीम ने मौके पर पहुंचकर एएसआई शर्मिला मलिक को रंगे हाथ दबोच लिया।
जिले में पहले भी खाकी कई बार हो चुकी है दागदार
13 मार्च को पुलिस नहर से एक शव निकालने में आनाकानी करते हुए अपना क्षेत्र होने से नकारती रही। वहीं दोनों जगहों की पुलिस मौके पर पहुंची तो पुलिसकर्मी क्षेत्र विवाद को लेकर आमने-सामने हो गए थे।
24 अक्टूबर 2025 काे थाना शहर प्रभारी विनय एक मामले को रफा-दफा करने के नाम पर 50 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ काबू किया गया था।
कुछ साल पहले बाबैन थाना में खाकी धारी समाज के रक्षक ने ही थाना परिसर में बने महिला मित्र कक्ष में 16 वर्षीय किशोरी को हवस का शिकार बना लिया था।
जुलाई 2025 में पिहोवा थाना के बाहर पुलिसकर्मी की पिटाई का वीडियो वायरल हुआ, जिसमें अन्य पुलिसकर्मी मूकदर्शक बने रहे।
करीब तीन साल पहले जिले में विजिलेंस की टीम ने सेक्टर-सात चौकी प्रभारी और महिला एएसआई को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू किया है। केस रफा-दफा करने के लिए ऐवज में शिकायतकर्ता से 60 हजार रुपए की डिमांड की थी।
21 अगस्त 2023 को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो कुरुक्षेत्र और करनाल की टीम ने लाडवा थाने के एक हवलदार को 13 हजार रुपये की रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया है। टीम ने आरोपी के कब्जे से राशि भी बरामद की है। आरोपी हवलदार ने दुर्घटना के मामले में वाहन की सुपुर्ददारी के एवज में 20 हजार रुपये मांगे थे। बाद में 13 हजार रुपये में बात पक्की हुई थी।
Haryana में मौसम का करवट लेना, 7 अप्रैल से सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ
4 Apr, 2026 09:55 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हिसार (हरियाणा)। पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के बाद प्रदेश में मौसम का मिजाज बदल गया। प्रदेश के कई जिलों में बूंदाबांदी हुई है। सिरसा जिले में सबसे अधिक 21 एमएम बारिश होने से जनजीवन प्रभावित हो गया। हिसार जिले में वीरवार देर रात दो गांवों बालसमंद और डोभी में ओलावृष्टि होने से फसलों को नुकसान पहुंचा है। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को भी कुछ स्थानों पर बारिश व तेज हवाएं चलने के आसार हैं। भारतीय मौसम विभाग ने आरेंज अलर्ट जारी कर दिया है।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि नया पश्चिमी विक्षोभ दो अप्रैल को सक्रिय होने से वीरवार को पश्चिमी जिलों में बारिश और बूंदाबांदी हुई है। शुक्रवार को सिरसा ,फतेहाबाद ,हिसार ,जींद ,कैथल, भिवानी पानीपत, करनाल ,महेंद्रगढ़, रेवाड़ी ,गुरुग्राम, फरीदाबाद ,मेवात ,पलवल में हल्की बारिश बूंदाबांदी और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की गतिविधियों को दर्ज किया गया है।
नया पश्चिमी विक्षोभ सात अप्रैल से सक्रिय होगा
मौसम विभाग के अनुसार नया पश्चिमी विक्षोभ सात अप्रैल से सक्रिय होगा। इस वजह से उत्तर-पश्चिम भारत विशेषकर हरियाणा एनसीआर दिल्ली में मौसम में बदलाव आएगा। हरियाणा एनसीआर दिल्ली में 7-8-9 अप्रैल आंधी चलने के साथ ही बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि होने के आसार है। उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर भारी बर्फबारी होने से तापमान में रिकॉर्ड तोड़ गिरावट देखने को मिलेगी।
किसानों की माथे पर चिंता की लकीरें
गेहूं की कटाई के समय लगातार बदल रहे मौसम ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें बढ़ा दी है। किसानों के लिए फसल निकालना चुनौती बन गया है। मौसम का मिजाज पल पल बदल रहा है। कभी धूप खिल रही है तो कभी बादल छा रहे हैं।
गांव तरकांवाली में घर पर गिरी बिजली, युवती झुलसी
सिरसा। जिले के चोपटा गांव तरकांवाली में वीरवार रात बिजली गिरने से एक घर क्षतिग्रस्त हो गया और युवती ज्योति (18) झुलस गई।
बढ़ता तनाव: होर्मुज के बाद अब बाब अल-मंदेब को लेकर ईरान की धमकी
4 Apr, 2026 09:28 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेहरान | ईरान ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय शिपिंग के लिए महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर दबाव बढ़ाने की ओर इशारा किया है। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने कहा कि तेहरान अपने विरोधियों पर दबाव बढ़ाने के लिए बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य को भी निशाना बना सकता है। यह बयान ऐसे समय में आया है, जब होर्मुज जलडमरूमध्य पर जारी समुद्री नाकाबंदी अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर गहरा आर्थिक और लॉजिस्टिक दबाव बना रही है।गालिबाफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कई सवाल पोस्ट करते हुए वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं की कमजोरियों को उजागर किया। उन्होंने इस जलमार्ग पर दुनिया की निर्भरता पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि वैश्विक तेल, एलएनजी, गेहूं, चावल और उर्वरक शिपमेंट का कितना हिस्सा बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है?
गालिबाफ का इशारा बढ़ा रहा दुनिया की चिंता
ईरानी संसद के अध्यक्ष ने आगे कहा कि कुछ देश और कंपनियां इस रणनीतिक कदम से विशेष रूप से प्रभावित हो सकती हैं। उन्होंने पूछा, "किन देशों और कंपनियों का इस जलडमरूमध्य से गुजरने वाले शिपमेंट में सबसे अधिक हिस्सा है?" इससे यह संकेत मिलता है कि इस्लामिक गणराज्य अपने प्रभाव को अधिकतम करने के तरीकों का मूल्यांकन कर रहा है।
ईरान के जवाबी हमलों में नहीं आई कमी
यह समुद्री रणनीति युद्ध के मैदान पर बढ़ते तनाव के साथ मेल खाती है। ईरान और उसके सहयोगियों ने एक सतत जवाबी अभियान ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 के तहत हमलों क नई लहर शुरू कर दी है, जिसने कब्जे वाले क्षेत्रों के भीतर महत्वपूर्ण इस्राइली सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। यह हमले हाल की शत्रुतापूर्ण कार्रवाइयों की सीधी प्रतिक्रिया माने जा रहे हैं, जो क्षेत्रीय संघर्ष में एक महत्वपूर्ण वृद्धि का संकेत देते हैं।
ऊर्जा सुविधाओं और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने का आरोप
ईरान का कहना है कि यह जवाबी कार्रवाई उन हमलों का भी जवाब है, जिनमें ईरान की ऊर्जा सुविधाओं और नागरिक बुनियादी ढांचे को जानबूझकर निशाना बनाया गया। प्रेस टीवी ने बताया कि विरोधी ताकतों की पिछली कार्रवाइयों के कारण सैकड़ों ईरानी नागरिकों की मौत हुई थी, जिनमें मिनाब में एक प्राथमिक विद्यालय में लगभग 170 बच्चे शामिल थे।
ऐतिहासिक उपलब्धि: रिनी संपत वॉशिंगटन डीसी मेयर चुनाव में दक्षिण एशियाई चेहरा बनीं
4 Apr, 2026 09:23 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन | अमेरिका की राजनीति में भारतीय मूल के लोगों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। इसी कड़ी में रिनी संपत ने इतिहास रचते हुए वॉशिंगटन डीसी मेयर चुनाव के बैलेट में जगह बना ली है। वह इस पद के लिए बैलेट तक पहुंचने वाली पहली दक्षिण एशियाई उम्मीदवार बन गई हैं। तमिलनाडु के थेनी में जन्मी रिनी संपत बचपन में ही अमेरिका चली गई थीं। उन्होंने बताया कि यह उपलब्धि सिर्फ उनके लिए नहीं, बल्कि पूरे दक्षिण एशियाई समुदाय के लिए गर्व का पल है।
अमेरिकन ड्रीम से राजनीति तक का सफर
रिनी ने कहा कि वह सात साल की उम्र में अमेरिकन ड्रीम को पूरा करने के लिए अमेरिका आई थीं। अब उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यह सपना वॉशिंगटन डीसी के हर नागरिक के लिए हकीकत बने। उनके अभियान के मुताबिक, 4,500 से ज्यादा लोगों ने उनके समर्थन में हस्ताक्षर किए, जिसके बाद उन्हें आधिकारिक तौर पर बैलेट में जगह मिली।
मुद्दों पर आधारित चुनावी एजेंडा
31 वर्षीय रिनी संपत पिछले एक दशक से वॉशिंगटन डीसी में रह रही हैं और एक सरकारी ठेकेदार के रूप में काम कर चुकी हैं। उनका चुनावी एजेंडा शहर की बुनियादी समस्याओं को सुधारने पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि अगर वह मेयर बनती हैं, तो सड़कों की मरम्मत, सीवर और जल निकासी समस्याओं का समाधान, 911 सेवाओं में सुधार और महंगाई को कम करना उनकी प्राथमिकता होगी।
सिस्टम पर उठाए सवाल
रिनी संपत ने मौजूदा प्रशासन पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि शहर की बुनियादी सेवाएं लगातार कमजोर हो रही हैं। उन्होंने हाल की बर्फबारी का जिक्र करते हुए कहा कि सड़कों और फुटपाथों की हालत खराब हो गई थी और कचरा प्रबंधन भी बिगड़ गया था। उन्होंने खुद को एक आउटसाइडर उम्मीदवार बताते हुए कहा कि वह पारंपरिक राजनीति से अलग हैं और किसी बड़े राजनीतिक समूह का समर्थन उन्हें नहीं मिला है। उनका मानना है कि शहर को नई सोच और जमीनी स्तर पर काम करने वाले नेतृत्व की जरूरत है।
भारतीय जड़ों से प्रेरणा
रिनी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार, खासकर अपने दादा और पिता को दिया। उन्होंने कहा कि भारत से मिले संस्कार और परिवार की प्रेरणा ही उन्हें सार्वजनिक सेवा के लिए आगे बढ़ने की ताकत देती है। रिनी संपत की उम्मीदवारी अमेरिका में भारतीय और दक्षिण एशियाई समुदाय की बढ़ती राजनीतिक भागीदारी को दर्शाती है। हाल के वर्षों में इस समुदाय की उपस्थिति कांग्रेस और राज्य स्तर पर बढ़ी है, लेकिन बड़े शहरों के मेयर चुनाव में यह अभी भी कम देखने को मिलती है।
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