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येलो अलर्ट जारी, तेज हवाओं के साथ बारिश के आसार
7 Apr, 2026 08:51 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हिसार (हरियाणा)। प्रदेश के मौसम में एक बार फिर से बदलाव आएगा। पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के बाद मंगवार को 17 जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। कुछ स्थानों पर आंधी के साथ हल्की बारिश व ओलावृष्टि के आसार हैं। भारतीय मौसम विभाग ने प्रदेश के 17 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट तथा 5 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि वर्तमान परिदृश्य में मध्य श्रेणी का पश्चिमी मौसम प्रणाली अभी पूर्वी पाकिस्तान पर पहुंच गई है। इस वजह से संपूर्ण मैदानी राज्यों विशेषकर हरियाणा में हवाओं की दिशा में बदलाव से वातावरण में अस्थिरता बनी हुई है। बादलों की आवाजाही देखने को मिल रही है। सोमवार रात तक पश्चिमी मौसम प्रणाली भारत के उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर पहुंच जाएगी। इससे दक्षिणी पंजाब और उत्तरी राजस्थान पर एक चक्रवातीय परिसंचरण तंत्र विकसित होने से बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से प्रचुर मात्रा में नमी पहुंचेगी।
इस वजह से सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखी- दादरी, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, जींद, कैथल, रोहतक, झज्जर जिलों में 7-8 अप्रैल के दौरान 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने के आसार हैं। इस दौरान हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की गतिविधियों की संभावना बन रही है। उत्तरी जिलों पर 9 अप्रैल को भी असर रहेगा। इसके चलते बिखराव वाली हल्की बारिश व बूंदाबांदी की आशंका है।
9-10 अप्रैल के दौरान दिन और रात के तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी। नया कमजोर पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पर्वतीय पर 11 अप्रैल को सक्रिय होने से पश्चिमी शुष्क और गर्म हवाओं से संपूर्ण मैदानी राज्यों विशेषकर हरियाणा एनसीआर दिल्ली में अधिकतर स्थानों पर दिन और रात के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।के बाद नियमानुसार ड्यूटी मजिस्ट्रेट की निगरानी में पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और मौत के असली कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होंगे।
ईरान की साउथ पार्स गैस फील्ड पर फिर इजरायली हमला, बढ़ा तनाव
7 Apr, 2026 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेहरान। मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है, जब इजरायल ने सोमवार को ईरान की साउथ पार्स गैस फील्ड पर दोबारा मिसाइल हमला किया। यह गैस फील्ड दुनिया की सबसे बड़ी प्राकृतिक गैस परियोजनाओं में से एक है, जो ईरान और कतर के बीच फैली हुई है।
इससे पहले 18 मार्च को भी इस गैस फील्ड को निशाना बनाया गया था। उस समय अमेरकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि उन्हें इस हमले की कोई जानकारी नहीं थी और ऐसे हमलों को टालने की आवश्यकता है।
ताजा घटनाक्रम के बीच जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकाने के पास भी धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह हमला अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाकर किया गया हो सकता है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। स्थिति को और गंभीर बनाते हुए ईरान ने कड़ी चेतावनी दी है। ईरानी नेतृत्व ने संकेत दिया है कि यदि अमेरिका और इजरायल के हमले जारी रहते हैं, तो वह वैश्विक सप्लाई चेन को प्रभावित कर सकता है। अली अकबर विलायती ने कहा कि जवाब केवल सैन्य कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार पर भी असर डाला जा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह तनाव और बढ़ता है, तो होर्मुज जैसे अहम समुद्री मार्गों पर असर पड़ सकता है, जिससे वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति बाधित हो सकती है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब पहले से ही क्षेत्र में अस्थिरता बनी हुई है। आने वाले दिनों में इस टकराव के वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर व्यापक असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
DBCR विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में पहुंची उच्च सरकारी हस्ती
6 Apr, 2026 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सोनीपत|दीन बंधु छोटूराम यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी मुरथल में सोमवार को आठवां दीक्षांत समारोह आयोजित किया जा रहा है। इस गरिमामयी कार्यक्रम में देश के उप-राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे हैं। हरियाणा के राज्यपाल असीम कुमार घोष और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी समारोह में विशेष रूप से मौजूद हैं।समारोह के दौरान विश्वविद्यालय के 750 छात्र-छात्राओं को विभिन्न पाठ्यक्रमों की डिग्रियां प्रदान की जाएंगी। उपराष्ट्रपति ने छात्रों को संबोधित किया और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने का संदेश दिया।
अभय सिंह ने परिवार को लेकर कही खास बात, मीडिया में चर्चा
6 Apr, 2026 03:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झज्जर|प्रयागराज महाकुंभ में आईआईटी बाबा के नाम से चर्चा में आए अभय सिंह बैंक खाते की केवाइसी अपडेट करवाने के लिए अपनी पत्नी प्रीतिका के साथ सोमवार को झज्जर तहसील में पहुंचे। तहसील परिसर में वह अपने एडवोकेट पिता के चैंबर में कुछ देर रुके, जहां मीडिया से रूबरू हुए।
सेल्फी लेने वालों की लगी भीड़
चैंबर के बाहर अभय सिंह के साथ सेल्फी लेने वालों की भीड़ लग गई। कई लोगों ने उनके साथ पुरानी यादें भी ताजा कीं। अभय सिंह ने बताया कि उनकी पत्नी प्रीतिका बेंगलुरु की रहने वाली हैं। दोनों एक ही विजन पर साथ काम कर रहे हैं। माता-पिता से मिलने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “मैं उनसे जरूर मिलूंगा, लेकिन बड़े परिवार के लिए छोटे परिवार को छोड़ना पड़ता है।”
श्रीयूनिवर्सिटी बनाने का सपना
अभय सिंह ने बताया कि वे श्रीयूनिवर्सिटी बनाने पर काम कर रहे हैं। इस यूनिवर्सिटी में सांसारिक ज्ञान के साथ-साथ आध्यात्मिक साधना और विभिन्न प्रकार की साधनाओं को जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा, “ज्ञान को कम्बाइन किया जाएगा। यहां सिखाने वाला ज्ञान और साधना वाला ज्ञान दोनों पर काम होगा।
सांसारिक चीजों से दूर रहना जरूरी: अभय सिंह
उन्होंने जोर देकर कहा कि सांसारिक चीजों से दूर रहना बहुत जरूरी है। फिलहाल वे अपनी पत्नी के साथ हिमाचल प्रदेश में रह रहे हैं। महाकुंभ में अभय सिंह की साधु वेशभूषा, IIT बैकग्राउंड और स्पष्ट विचारों की वजह से उनकी काफी चर्चा हुई थी। अब शादी के बाद वे अपनी आध्यात्मिक और शैक्षणिक यात्रा को नई दिशा देने की तैयारी में हैं।
अभय सिंह ने फरवरी माह में की थी शादी
अभय सिंह ने इस साल 15 फरवरी 2026 को शादी की थी। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में शादी की थी। वहीं, दोनों ने 19 फरवरी को कोर्ट मैरिज की थी जिसके बाद वह हिमचाल में ही रह रहे हैं।
ट्रांसपोर्टर को दो टूक, टेंडर के बाद ढीली व्यवस्था बर्दाश्त नहीं
6 Apr, 2026 01:52 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कुरुक्षेत्र|प्रदेश सरकार अनाज खरीद की व्यवस्था को दुरुस्त करने में लगी है, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा व परेशानी का सामना न करना पड़े और गड़बड़ियां भी रोकी जा सके। इसके लिए ही सरकार अनाज मंडियों में शुद्धिकरण कर रही है। गेट पास, बॉयोमीट्रिक व्यवस्था इसी का ही हिस्सा है। किसानों को भी इसमें सहयोग करना चाहिए।
यह कहना है प्रदेश के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा का। वे यहां पहले पिपली फिर थानेसर अनाज मंडी में गेहूं खरीद प्रबंधों की व्यवस्था देखने पहुंचे थे। उन्होंने यहां आढ़तियों, अधिकारियों और किसानों से चर्चा की। कृषि मंत्री ने अब तक अनाज मंडियों में आई गेहूं, कटे गेट पास व खरीद प्रबंधों पर अधिकारियों से पूरी जानकारी ली और कहा कि किसी की भी तरफ से कोई शिकायत नहीं रहनी चाहिए।
कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने जब थानेसर अनाज मंडी में ट्रांस्पोर्टरों की जानकारी ली तो अधिकारियों ने कुछ अन्य के साथ राणा जी का भी नाम लिया। इस पर कृषि मंत्री ने मजाकिया अंदाज में कहा कि मेरे गले मत पा दियो। यह कहते ही हंसी का फव्वार फूट पड़ा।
ट्रांसपोर्टर घर बैठा तो होगी कार्रवाई
कृषि मंत्री ने कहा कि हर सीजन में उठान की ही समस्या रहती है। कई ट्रांसपोर्टर टेंडर लेने के बाद घर बैठ जाते हैं, जिससे उठान नहीं होता और जाम लगता है। लेकिन अब यह मनमानी सहन नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि उठान के बाद जब अनाज आगे एजेंसी के पास पहुंच जाता है तो उसके 48 घंटे बाद किसान को भुगतान होता है लेकिन ट्रांसपोर्टर व उठान एजेंसी की लापरवाही से यह भुगतान भी समय पर नहीं हो पाता लेकिन इस बार सरकार ऐसी कोताही सहन नहीं करेगी।
सीधी बारिश होने से नहीं होता कभी नुकसान
कृषि मंत्री ने कहा कि सीधे व सामान्य बारिश होने से कभी फसल में नुकसान नहीं होता लेकिन जब तूफान के साथ बारिश और ज्यादा मात्रा में होती है तो ही नुकसान होता है। कृषि मंत्री ने यह भी अगाह किया कि हमारे किसानों द्वारा पैदा किए अनाज को हम बेहतर सरंक्षित नहीं कर पाए तो भविष्य में एक-एक दाने को भी तरसना पड़ सकता है। ऐसे में हम सभी की जिम्मेदारी बनती है।
तनाव के बीच उम्मीद: ईरान और अमेरिका के बीच 45 दिन के युद्धविराम पर मंथन
6 Apr, 2026 12:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
US Iran War: ईरान-इजरायल-अमेरिका जंग को 38 दिनों का समय हो चुका है. इस जंग के कारण ईरान हजारों लोगों की मौत तो वहीं लाखों लोग अपना घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं. इस जंग की वजह से दुनियाभर में महंगाई तेजी से बढ़ती जा रही है. इसके बाद भी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप लगातार ईरान को धमकी देते नजर आ रहे हैं, इस बीच एक मीडिया रिपोर्ट से जंग रुकने की उम्मीद नज़र आ रही है. ऐसा कहा जा रहा है कि अमेरिका-ईरान और मीडिएटर 45 दिन के सीजफायर के लिए जोर दे रहे हैं.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच एक मीडिएटर के जरिए बातचीत चल रही है. इस बातचीत में अभी तक मीडिएटर का एक ग्रुप 45 दिन के संभावित सीजफायर की शर्तों पर चर्चा कर रहा है. इससे ऐसा माना जा रहा है कि अगर 45 दिनों का सीजफायर होता है, तो फिर बातचीत के जरिए जंग पूरी तरह खत्म हो सकती है.
अमेरिका और ईरान के बीच हो रही बातचीत
अमेरिकी आउटलेट ने बातचीत की जानकारी रखने वाले चार यूएस, इजरायली और रीजनल सोर्स का ज़िक्र किया है. उन्होंने एक्सियोस को बताया कि “बातचीत पाकिस्तानी, मिस्र और तुर्की के मीडिएटर के ज़रिए हो रही है. ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच भेजे गए टेक्स्ट मैसेज के ज़रिए भी हो रही है. सूत्रों ने अगले 48 घंटों में किसी पार्शियल डील पर पहुंचने की उम्मीद को बहुत ही कम बताया है.
ईरान ने क्या रखी सीजफायर के लिए शर्त
एक्सियोस के मुताबिक, ईरानी अधिकारियों ने मीडिएटर को साफ़ कर दिया है कि वे गाजा या लेबनान जैसी स्थिति में नहीं फंसना चाहते हैं. जहां कागज पर तो सीजफायर है लेकिन जहां US और इजरायल जब चाहें फिर से हमला कर सकते हैं. यही वजह है कि बातचीत के बात भी अब तक कोई फैसला नहीं हो पाया है. अगर आने वाले दिनों में बातचीत सफल होती है और कोई एक डिसीजन लिया जाता है तो यह भी साफ है कि जंग रुक सकती है.
अमेरिका की तरफ से ईरान पर हमले की शुरुआत 28 को गई थी. इसके बाद ईरान ने भी पलटवार शुरू किया. हालांकि अमेरिका और इजरायल के हमलो में ईरान के कई सीनियर लीडर और नागरिक मारे जा चुके हैं. वहीं ईरान भी लगातार अमेरिका के सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है. यह जंग हर रोज तेज होती जा रही है. दूसरी तरफ बातचीत शुरू होने के बाद युद्ध के खत्म होने की उम्मीद बढ़ गई है.
डगमगाती कुर्सी को बचाने के लिए कैबिनेट में बड़े फेरबदल की तैयारी कर रहे राष्ट्रपति ट्रंप
6 Apr, 2026 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन। ईरान के साथ जारी भीषण युद्ध के बीच अमेरिकी प्रशासन में बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। एक तरफ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दुनिया को यह संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि स्थितियां उनके पूर्ण नियंत्रण में हैं, वहीं दूसरी ओर व्हाइट हाउस के भीतर रिजीम चेंज जैसा सियासी दबाव खुद ट्रंप सरकार पर बनता दिख रहा है। अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी को हटाए जाने के बाद अब कैबिनेट में बड़े स्तर पर फेरबदल की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
करीब पांच हफ्तों से चल रही इस जंग का सीधा असर अब अमेरिकी जनता की जेब और राष्ट्रपति की लोकप्रियता पर दिखने लगा है। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और महंगाई ने आम नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है। हालिया सर्वे के अनुसार, ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग गिरकर महज 36 प्रतिशत रह गई है, जो उनके मौजूदा कार्यकाल का सबसे निचला स्तर है। व्हाइट हाउस के भीतर भी यह स्वीकार किया जा रहा है कि राष्ट्रपति का हालिया राष्ट्र के नाम संबोधन जनता का भरोसा जीतने में विफल रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, ट्रंप अपनी टीम के कुछ प्रमुख सदस्यों के कामकाज से नाखुश हैं। नेशनल इंटेलिजेंस डायरेक्टर तुलसी गबार्ड और कॉमर्स सेक्रेटरी हॉवर्ड लुटनिक के नामों पर तलवार लटकती दिख रही है। बताया जा रहा है कि ट्रंप ने गबार्ड के विकल्पों पर अपने करीबियों से चर्चा शुरू कर दी है, जबकि लुटनिक अपने पुराने संबंधों को लेकर विवादों में घिरे हैं। हालांकि, आधिकारिक तौर पर व्हाइट हाउस इन खबरों का खंडन कर रहा है, लेकिन अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रपति छोटे लेकिन असरदार बदलावों की रणनीति पर काम कर रहे हैं ताकि सरकार की सक्रियता का संदेश दिया जा सके।ट्रंप के लिए सबसे बड़ी चुनौती जनता का मिजाज है। एक अनुमान के मुताबिक, लगभग 60 प्रतिशत अमेरिकी नागरिक इस युद्ध के खिलाफ हैं। उन्हें डर है कि लंबी खिंचती यह लड़ाई देश पर भारी आर्थिक बोझ डाल देगी। ट्रंप के अपने समर्थकों में भी बढ़ती कीमतों को लेकर बेचैनी साफ देखी जा सकती है। इसके अलावा, ट्रंप युद्ध की मीडिया कवरेज से भी खासे नाराज हैं और अपनी टीम से अधिक सकारात्मक खबरें सुनिश्चित करने को कहा है। फिलहाल, वाशिंगटन के गलियारों में चर्चा आम है कि पाम बॉन्डी के बाद अभी कई और बड़े चेहरों की छुट्टी हो सकती है।
ईरान-अमेरिका टकराव तेज: ट्रंप ने तय किया हमले का समय, होर्मुज को लेकर दुनिया में हलचल
6 Apr, 2026 11:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति (US President) डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ईरान की तरफ से होर्मुज (Hormuz) न खोले जाने से बेहद गुस्से में हैं, जो उनके शब्दों में साफ झलक रहा है। उन्होंने पहले ईरान (Iran) को 48 घंटे का अल्टीमेटम (Ultimatum) दिया था, फिर इस पर मुहर लगाते हुए मंगलवार का दिन घोषित किया। अब ट्रंप ने ईरान पर हमले का समय भी तय कर दिया है। उनके अनुसार समझौता न होने पर मंगलवार रात 8 बजे (भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह 5:30 बजे) ईरान पर हमला किया जाएगा।
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को दी गई अपनी समय-सीमा एक बार फिर आगे बढ़ा दी है। ट्रंप ने साफ कहा है कि अगर ईरान जल्द ही होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोलता और समझौता नहीं करता, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
मंगलवार रात 8 बजे- ईरान पर हमले का समय तय
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘मंगलवार रात 8 बजे (ईस्टर्न टाइम)!’
इससे पहले उन्होंने कड़ी भाषा में चेतावनी दी थी कि अगर ईरान ने रास्ता नहीं खोला, तो अमेरिका उसकी ऊर्जा और बुनियादी ढांचे को पूरी तरह तबाह कर सकता है। उन्होंने यहां तक कहा कि ‘अगर होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोला गया, तो ईरान में पावर प्लांट और पुल सब कुछ निशाने पर होगा।’
पहले ट्रंप ने दिया था 48 घंटे का अल्टीमेटम
बता दें कि, ट्रंप पहले भी ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दे चुके थे, लेकिन बाद में इस समय-सीमा को कई बार बढ़ाया गया। अब इसे बढ़ाकर 8 अप्रैल की रात तक कर दिया गया है। एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि समझौते की संभावना अभी भी है, लेकिन अगर बात नहीं बनी तो वे ‘सब कुछ खत्म कर देंगे।’ उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान के आम लोग अपनी सरकार से खुश नहीं हैं और वे अमेरिका की कार्रवाई का समर्थन कर सकते हैं।
ईरान-अमेरिका में समझौता न होने पर बढ़ सकता है हमला
इससे पहले ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान का एक बड़ा पुल हमला कर गिरा दिया गया है और चेतावनी दी थी कि अगर जल्द समझौता नहीं हुआ, तो और भी बड़े हमले हो सकते हैं। अमेरिका और ईरान के बीच हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। एक तरफ बातचीत की कोशिशें जारी हैं, वहीं दूसरी ओर सख्त बयानबाजी और सैन्य कार्रवाई की आशंका भी लगातार बढ़ती जा रही है। आने वाले कुछ दिन इस पूरे मामले में बेहद अहम माने जा रहे हैं।
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री की विवादित टिप्पणी: संघर्ष छिड़ा तो कोलकाता तक पहुँचने की दी धमकी
6 Apr, 2026 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद। ऑपरेशन सिंदूर में तबाही से बचने के लिए अमेरिका के तलबे चाटकर खुद को बचाने की जद्दो जहद करने वाला पाकिस्तान एक बार फिर गीदड़ भभकी देने लगा है। रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक बार फिर भारत के खिलाफ भड़काऊ बयानबाजी करते हुए गीदड़ भभकी दी है। शनिवार को सियालकोट में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में दोनों देशों के बीच कोई संघर्ष होता है, तो वह केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उसकी मार कोलकाता तक पहुँच सकती है।आसिफ ने बिना किसी ठोस सबूत के भारत पर फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन (छिपकर हमला करने की साजिश) का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अगर भारत की ओर से कोई भी सैन्य कार्रवाई की जाती है, तो पाकिस्तान उसका जवाब भारतीय क्षेत्र के काफी अंदर तक घुसकर देगा। रक्षा मंत्री ने आक्रामक लहजे में कहा कि अगली बार संघर्ष 200-250 किलोमीटर के दायरे तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि हम उनके घरों तक जाएंगे।
पाकिस्तानी नेतृत्व की ओर से यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि पाकिस्तान की किसी भी हिमाकत का निर्णायक और मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। यह पहली बार नहीं है जब पड़ोसी देश के किसी जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति या राजनयिक ने भारतीय शहरों को निशाना बनाने की बात कही हो। हाल ही में पाकिस्तान के पूर्व उच्चायुक्त अब्दुल बसित ने भी दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों को दहलाने की धमकी दी थी।
विशेषज्ञ ख्वाजा आसिफ के इस बयान को पाकिस्तान की आंतरिक विफलताओं से ध्यान भटकाने और घरेलू राजनीति में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश के रूप में देख रहे हैं। फिलहाल, भारत की ओर से इस गीदड़ भभकी पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सीमा पर चौकसी हमेशा की तरह सख्त बनी हुई है।
ईरान जंग का असर, पाकिस्तान में 6 महीने नहीं मिलेगी मंत्रियों को तनख्वाह
6 Apr, 2026 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद। पाकिस्तान में इजराइल-अमेरिका की ईरान से जंग का असर दिख रहा है। पाकिस्तान में अगले 6 महीने तक मंत्रियों का वेतन पर रोक लगा दी गई है। दो दिन पहले पेट्रोल 137 पाकिस्तानी रुपया और डीजल 184 रुपया महंगा किया गया था। हालांकि देशभर में विरोध हुआ तो सरकार ने पेट्रोल 80 रुपया सस्ता कर दिया। अब पाकिस्तान में पेट्रोल 378 रुपया प्रति लीटर मिलेगा। डीजल बढ़ी हुई कीमत 520.35 रुपया प्रति लीटर पर ही मिलेगा।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बढ़ती महंगाई और आर्थिक संकट से निपटने के लिए पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने कड़े उपायों का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि पहले कैबिनेट मंत्रियों की 2 महीने की सैलरी रोकने का फैसला लिया गया था, लेकिन अब मंत्रियों को अगले 6 महीने तक वेतन नहीं मिलेगा। शुक्रवार आधी रात को राष्ट्र को संबोधित करते हुए पीएम शहबाज ने कहा कि सरकार ने जनता पर बोझ कम करने के लिए पेट्रोल टैक्स को 80 रुपया घटाने का फैसला किया है। नई कीमतें देशभर के पेट्रोल पंपों पर तुरंत लागू हो गई हैं। शरीफ ने यह कहा कि पेट्रोल की ये कीमतें कम से कम अगले एक महीने तक स्थिर रहेंगी।
शहबाज सरकार ने दो दिन पहले पेट्रोल पर टैक्स 105 रुपया से बढ़ाकर 160 रुपया कर दिया था। इससे यहां पेट्रोल की कीमत 321.17 रुपया से बढ़कर 458.41 रुपया प्रति लीटर पर पहुंच गई थी। हाई-स्पीड डीजल की कीमत भी 184.49 रुपया बढ़कर 520.35 रुपया प्रति लीटर हो गई थी। हालांकि, डीजल पर लेवी को खत्म कर दिया गया था, जिसके बाद पेट्रोल की कीमतों में भी राहत देने की मांग उठ रही थी।
शहबाज शरीफ ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने की वजह से दुनियाभर में पेट्रोलियम सप्लाई प्रभावित हुई है। इसके कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें तेजी से बढ़ीं। उन्होंने कहा कि पिछले तीन हफ्तों से तेल की कीमतें रोजाना बढ़ रही थीं, लेकिन हमने आम आदमी की मुश्किलों को देखते हुए इसका बोझ जनता पर नहीं डाला। सरकार ने इस दौरान करीब 129 अरब रुपया की सब्सिडी दी है। मोटरसाइकिल वालों को पेट्रोल पर 100 रुपया प्रति लीटर की अतिरिक्त सब्सिडी दी जाएगी। छोटे किसानों को प्रति एकड़ 1,500 रुपया की वित्तीय सहायता मिलेगी। पाकिस्तान रेलवे के इकोनॉमी क्लास के किरायों में कोई बढ़ोतरी नहीं करने का फैसला किया है।
अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग के बीच कच्चे तेल की कीमतों में भारी तेजी देखी जा रही है। ब्रैंट क्रूड की कीमत आज 7फीसदी की बढ़त के साथ 110 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया हैं। इससे पहले भारत में भी सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर स्पेशल एक्साइज ड्यूटी में 10-10 रुपया की कटौती की थी। पेट्रोल पर ड्यूटी 13 रुपया प्रति लीटर से घटाकर 3 रुपया, जबकि डीजल पर 10 रुपया से शून्य कर दी गई। एक्साइज ड्यूटी घटाकर पेट्रोल-डीजल के दामों को स्थिर रखा गया है।
इराकी जहाजों के लिए खुला है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, संघर्ष में इराकी लोगों का मिल रहा समर्थन
6 Apr, 2026 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेहरान। मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच ईरान ने इराक की जनता को खास संदेश दिया है। ईरान ने इराक के लोगों के प्रति आभार जताते हुए उनसे और करीब आएं ईराकी भाई। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल इब्राहिम जुल्फघारी ने कहा कि इस पूरे संघर्ष में इराक के लोगों का समर्थन महसूस किया गया है। उन्होंने कहा कि इराक के लोगों का दिल, उनकी भावनाएं और उनका मजबूत रुख हमेशा ईरान के साथ रहा है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इब्राहिम ने कहा कि ईरान अकेला नहीं है और इराक के लोग उनके साथ मजबूती से खड़े हैं। ईरान ने अमेरिका-इजराइल पर गंभीर आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि इन देशों ने ईरान की संप्रभुता पर हमला किया है और महिलाओं, बच्चों और आम लोगों को निशाना बनाया है। उन्होंने यह भी कहा कि स्कूल, अस्पताल और सार्वजनिक जगहों पर हमले किए गए हैं। सबसे अहम बात यह रही कि ईरान ने घोषणा की कि इराक को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर लगाए गए प्रतिबंधों से बाहर रखा गया है यानी इराक के जहाजों को इस रास्ते से गुजरने में कोई रोक नहीं होगी। ईरान ने कहा कि यह प्रतिबंध सिर्फ दुश्मन देशों पर लागू हैं और वह इराक की संप्रभुता का सम्मान करता है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी कहा कि जो देश दुश्मन नहीं हैं, उनके जहाज ईरानी पानी से गुजर सकते हैं, लेकिन इसके लिए पहले से जानकारी देना जरूरी होगा। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर 48 घंटे के अंदर कोई समझौता नहीं हुआ, तो हालात और गंभीर हो सकते हैं। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर लिखा कि समय तेजी से खत्म हो रहा है और अगर जल्द फैसला नहीं हुआ तो बड़ा एक्शन लिया जाएगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान के परमाणु ठिकाने के पास हमले के बाद लोगों को हटाया गया और ईरान ने भी इलाके में नए हमले शुरू करने की बात कही है।
नेपाल में गहराया तेल संकट.................सप्ताह में दो दिन छुट्टी रखने का प्रस्ताव
6 Apr, 2026 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
काठमांडू। मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष और युद्ध के कारण दुनिया के कई देशों में तेल की आपूर्ति बाधित हुई है। नेपाल भी तेल के वैश्विक संकट से अछूता नहीं रहा। पेट्रोलियम और डीजल की कमी को देखकर नेपाल सरकार ने अहम निर्णय लिया है। राजधानी काठमांडू में हुई शाह कैबिनेट की बैठक में हर हफ्ते दो दिन की छुट्टी देने का प्रस्ताव पास किया गया, ताकि ऊर्जा की खपत कम की जा सके और पेट्रोलियम की बचत सुनिश्चित हो सके।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह नई नीति विशेष रूप से निजी और सरकारी कार्यालयों में लागू होगी। कैबिनेट ने बताया कि कदम देश में ईंधन की कमी को देखकर अस्थायी उपाय के रूप में लिया है। अधिकारियों ने कहा कि छुट्टी का दिन सप्ताह के मध्य और अंत में निर्धारित किया जा सकता है, ताकि कार्यालयों और उद्योगों में काम प्रभावित न हो।
नेपाल में पेट्रोलियम संकट पिछले कुछ महीनों से बढ़ता जा रहा है। मिडिल ईस्ट में जारी जंग के कारण तेल के निर्यात में बाधाएं आई हैं, जिससे देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तेजी से वृद्धि हुई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देश में औसतन तेल की खपत में 15-20 प्रतिशत तक की गिरावट आई है। इसकारण सरकार ने ऊर्जा बचत के लिए यह कदम उठाया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस निर्णय से ईंधन की बचत होगी, लेकिन आर्थिक गतिविधियों पर इसका असर भी पड़ेगा। कई उद्योगों ने चिंता जाहिर की है कि सप्ताह में दो दिन की छुट्टी से उत्पादन और व्यवसाय प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि सरकार का कहना है कि यह अस्थायी कदम है और स्थिति के अनुरूप बदलाव किए जाएंगे। नेपाल की जनता और व्यापारिक वर्ग नए निर्णय पर मिली-जुली प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कुछ लोग ऊर्जा संकट से निपटने का सकारात्मक उपाय मान रहे हैं, जबकि अन्य दैनिक जीवन और उद्योगों के लिए चुनौतीपूर्ण कदम मान रहे हैं।
कुवैत में वित्त मंत्रालय और तेल रिफाइनरी पर ड्रोन हमले
5 Apr, 2026 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दोहा। कुवैत में वित्त मंत्रालय पर ड्रोन से हमला किया गया जिससे इमारत को काफी नुकसान पहुंचा है जबकि शुवैख जिले में एक तेल रिफाइनरी में आग लग गई। हमलों में किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। कुना समाचार एजेंसी के अनुसार हमले में मंत्रालय की इमारत को हुए भारी नुकसान के बाद कर्मचारियों को घर से काम करने का निर्देश दिया गया है। इससे पहले, बुधवार को कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाया था। इस ड्रोन हमले से ईंधन के टैंकों में आग लग गई थी। उल्लेखनीय है कि गत 28 फरवरी को अमेरिका और इज़रायल ने ईरान में विभिन्न ठिकानों पर हमले शुरू किए, जिससे काफी जान माल का नुकसान हुआ। ईरान, इज़रायली क्षेत्र के साथ-साथ पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले कर रहा है।
हमने पायलट को ईरान से सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है, ट्रंप का बड़ा दावा
5 Apr, 2026 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार सुबह घोषणा की कि अमरीका ने ईरानी क्षेत्र से उन दो लड़ाकू पायलटों को सुरक्षित निकाल लिया है, जो शनिवार को ईरानी सेना के हमले में दो अमेरिकी विमानों के गिराए जाने के बाद से लापता हो गए थे। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया ट्रूथ सोशल पर कहा, “हमने उन्हें पा लिया है! मेरे प्यारे देशवासियों, पायलट अब पूरी तरह सुरक्षित हैं।” उन्होंने बताया कि इस ‘चमत्कारी’ अभियान में दूसरे पायलट को सफलतापूर्वक सुरक्षित निकाल लिया गया है। इससे पहले एक अन्य पायलट को भी सुरक्षित निकाल लिया गया था, लेकिन इसकी पुष्टि इसलिए नहीं कि गयी थी क्योंकि वे दूसरे बचाव अभियान को खतरे में नहीं डालना चाहते थे।
अमरीकी राष्ट्रपति ने बताया कि पिछले कुछ घंटों के दौरान, अमेरिकी सेना ने अमरीकी इतिहास के सबसे साहसी बचाव अभियानों में से एक को अंजाम दिया। उन्होंने कहा कि पायलट ईरान के दुर्गम पहाड़ों में दुश्मन की सीमा के पीछे था और दुश्मन हर घंटे उसके करीब पहुंच रहे थे। ट्रंप ने कहा कि वह पायलट कभी अकेला नहीं था क्योंकि कमांडर-इन-चीफ, युद्ध सचिव और ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष चौबीसों घंटे उसकी लोकेशन पर नजर रख रहे थे और बचाव की योजना बना रहे थे। उन्होंने बताया कि अमरीकी सेना ने उसे वापस लाने के लिए दुनिया के सबसे घातक हथियारों से लैस दर्जनों विमान भेजे थे। पायलट को कुछ चोटें आई हैं, लेकिन वह ठीक हो जाएगा।
अमरीकी सैन्य इतिहास में यह पहली बार है जब दो अमरीकी पायलटों को दुश्मन के इलाके के काफी अंदर से अलग-अलग बचाया गया है। ट्रंप ने गर्व से कहा, “हम कभी भी किसी अमरीकी योद्धा को पीछे नहीं छोड़ेंगे।” ट्रंप ने दावा किया कि बिना किसी अमेरिकी सैनिक के हताहत हुए इन दोनों ऑपरेशनों को पूरा करना यह साबित करता है कि अमरीका ने ईरानी आसमान पर पूर्ण वर्चस्व हासिल कर लिया है। अमरीकी राष्ट्रपति ने अंत में कहा, “यह एक ऐसा क्षण है जिस पर सभी अमेरिकियों को गर्व होना चाहिए और एकजुट होना चाहिए। हमारे पास दुनिया के इतिहास की सबसे अच्छी और पेशेवर सेना है। सभी को ईस्टर की शुभकामनाएं।”
निजी टिप्पणियों पर भड़के फ्रांसीसी राष्ट्रपति, ट्रंप के पत्नी वाले बयान को बताया मर्यादाहीन
5 Apr, 2026 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पेरिस। अंतरराष्ट्रीय राजनीति में अमेरिका और फ्रांस के बीच जुबानी तनातनी तेज हुई है। फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अपनी पत्नी ब्रिगिट मैक्रों के बारे में की गई टिप्पणियों की कड़ी निंदा की। दक्षिण कोरिया की यात्रा के दौरान मैक्रों ने कहा कि ट्रंप की बातें अशालीन और स्तरहीन हैं और वे बहुत ज्यादा बोलते हैं। दरअसल यह प्रतिक्रिया ट्रंप के उस बयान के कुछ घंटे बाद आई, जिसमें उन्होंने मैक्रों के साथ हुई फ़ोन कॉल का जिक्र कर फ्रांसीसी राष्ट्रपति का मजाक उड़ाया। ट्रंप ने कहा कि मैक्रों की पत्नी उनके साथ बेहद बुरा बर्ताव करती हैं और वीडियो क्लिप का संदर्भ दिया जिसमें ब्रिगिट मैक्रों ने विमान से उतरते समय मैक्रों के चेहरे को हल्का धक्का दिया था। मैक्रों ने पहले गलत जानकारी बताकर हल्के अंदाज़ में मज़ाक बताया था।
ट्रंप की टिप्पणियाँ ईरान से संबंधित अमेरिकी नेतृत्व वाले संघर्ष के संदर्भ में आईं, जिसमें उन्होंने फ्रांस से खाड़ी क्षेत्र में मदद भेजने की मांग की थी। मैक्रों ने कहा कि फ्रांस युद्ध के बाद मदद कर सकता है, जिसका ट्रंप ने मजाक उड़ाया। इसके अलावा, ट्रंप ने नाटो की विश्वसनीयता पर सवाल उठाकर कागज़ी शेर कहा।
फ्रांस में ट्रंप की इन टिप्पणियों का व्यापक विरोध हुआ। नेशनल असेंबली की अध्यक्ष येल ब्रौन-पिवेट ने कहा कि यह स्तरहीन था, और फ्रांस अनबाउड पार्टी के मैनुअल बॉम्पार्ड ने टिप्पणी की कि मैक्रों और उनकी पत्नी के बारे में ऐसा कहना अस्वीकार्य है। फ्रांसीसी मीडिया ने इस एक और विवादास्पद बयानबाजी बताया।
सैन्य और कूटनीति के मुद्दों पर, मैक्रों ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के किसी भी बलप्रयोजन के खिलाफ चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि ऐसा अभियान लंबा, जोखिम भरा और वैश्विक जहाज़रानी के लिए खतरनाक होगा। मैक्रों ने कहा कि कूटनीति ही व्यावहारिक रास्ता है और जलडमरूमध्य को केवल ईरान के साथ परामर्श करके ही खोला जा सकता है।
मैक्रों ने अमेरिका और नाटो के बदलते रुख पर टिप्पणी कर कहा कि युद्ध और शांति के मामलों में गंभीरता जरूरी है। सहयोगियों से समर्थन न मिलने पर अफ़सोस जताया जा सकता है, लेकिन यह हमारा अभियान नहीं है। नाटो को कमजोर करने वाले सार्वजनिक संदेह पर उन्होंने चेतावनी दी कि इससे गठबंधन का मूल तत्व खोखला हो जाएगा।
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