ख़बर
दिल्ली में हुए ब्लास्ट पर सामने आया चीन का बड़ा बयान
12 Nov, 2025 09:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बीजिंग। दिल्ली (Delhi) में हुए विस्फोट (Explosion) पर चीन (China) की तरफ से बड़ा बयान सामने आया है। चीन ने दिल्ली में हुए विस्फोट पर दुख जताया है और कहा है कि वो इस घटना से स्तब्ध है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान (Lin Xian) ने एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान ये बात कही।
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा, “हम इस घटना से स्तब्ध हैं।” इसके अलावा लिन ने विस्फोट में मृत लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की और घायलों के जल्द ठीक की कामना की। उन्होंने ये भी बताया कि इस ब्लास्ट में किसी चीनी नागरिक के हताहत होने की खबर नहीं मिली है।
इस्लामाबाद हाईकोर्ट के पास हुआ विस्फोट, पांच लोगों की मौत
12 Nov, 2025 08:50 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद। पाकिस्तान (Pakistan) की राजधानी इस्लामाबाद (Islamabad) के जी-11 सेक्टर स्थित न्यायिक परिसर (Judicial Complex) में मंगलवार को एक शक्तिशाली सिलेंडर विस्फोट (Cylinder Explosion) हुआ। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस घटना में पांच लोगों की मौत हो गई और 20 से ज़्यादा लोग घायल हो गए। घटना के बाद शहर की आपातकालीन सेवाओं को तुरंत कार्रवाई करनी पड़ी। स्थानीय पुलिस के अनुसार, विस्फोट उस समय हुआ जब अदालत परिसर में भारी यातायात और भारी भीड़ थी। उन्होंने बताया कि विस्फोट में कई वकील और नागरिक घायल हुए हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस और बचाव दल घटनास्थल पर पहुंच गए हैं और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है। विस्फोट के तुरंत बाद भड़की आग पर काबू पाने के लिए दमकलकर्मियों को तैनात देखा गया। प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि विस्फोट न्यायालय परिसर के पार्किंग क्षेत्र में खड़ी एक कार के अंदर हुआ। सिलेंडर विस्फोट के बाद वाहन में आग लग गई, जिससे पूरे परिसर में घना धुआं फैल गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जब सुरक्षाकर्मी न्यायिक परिसर के पास के हिस्से को खाली कराने के लिए दौड़े, तो अफरा-तफरी मच गई।
दिल्ली धमाके के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, भूटान में बोले पीएम मोदी
11 Nov, 2025 06:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
थिम्फू. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) दो दिवसीय दौरे पर भूटान (Bhutan) पहुंचे हैं। भूटान की राजधानी थिम्फू के एयरपोर्ट पर पीएम मोदी भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान भूटान सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री और शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे। पीएम मोदी 11-12 नवंबर को भूटान दौरे पर रहेंगे। इस दौरे से द्विपक्षीय संबंध मजबूत होंगे। प्रधानमंत्री मोदी भूटान के चौथे राजा (Fourth King) जिग्मे सिंग्ये वांगचुक (Jigme Singye Wangchuck) के 70वें’ जन्मदिन समारोह में भी शामिल होंगे। पीएम मोदी ने भूटान में दिल्ली विस्फोट पर दुख व्यक्त किया।
भूटान में दिल्ली धमाके पर बोले पीएम मोदी
भूटान में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली धमाके की घटना पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ‘दिल्ली ब्लास्ट ने सभी को व्यथित किया। पूरा देश पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है और जो भी इस धमाके के पीछे हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा और जांच एजेंसियां इसकी तह तक जाएंगी।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि वे रातभर जांच एजेंसियों के संपर्क में रहे।
‘यह दौरा द्विपक्षीय संबंधों में नई जान डालेगा’
इससे पहले भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे ने थिम्फू के पारो एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया। तोबगे ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि ‘मैं अपने बड़े भाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भूटान में स्वागत करने में पूरे देश के साथ शामिल हूं।’ दौरे पर निकलने से पहले एक बयान में प्रधानमंत्री ने कहा, ‘मुझे विश्वास है कि मेरा यह दौरा हमारी दोस्ती के बंधन को और गहरा करेगा और साझा प्रगति और समृद्धि की दिशा में हमारे प्रयासों को मजबूत करेगा।’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘हमारी साझेदारी हमारी ‘नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी’ (पड़ोसी पहले नीति) का एक मुख्य स्तंभ है और पड़ोसी देशों के बीच बेहतरीन दोस्ताना संबंधों का एक मॉडल है।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि यह दौरा हमारे द्विपक्षीय संबंधों में नई जान डालेगा।
पुनात्सांगछू-2 हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट का करेंगे उद्घाटन
इस दौरे के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक और प्रधानमंत्री तोबगे के साथ बैठक करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी और भूटान के राजा वांगचुक मिलकर भारत और भूटान द्वारा संयुक्त रूप से विकसित 1020 मेगावाट के पुनात्सांगछू-II हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट का उद्घाटन करेंगे। विदेश मंत्रालय (MEA) ने शनिवार को कहा कि इस दौरे का मकसद दोनों देशों के बीच दोस्ती और सहयोग के खास रिश्तों को मजबूत करना है। प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा भगवान बुद्ध के पवित्र पिपरहवा अवशेषों के प्रदर्शन के साथ भी हो रहा है, जिन्हें भारत से भूटान भेजा गया है।
‘जैश के मॉड्यूल के जरिए पाकिस्तान खुफिया एजेंसी…’, दिल्ली ब्लास्ट पर जम्मू-कश्मीर के Ex-DGP ने कही बड़ी बात
11 Nov, 2025 05:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
डेस्क: दिल्ली (Delhi) के लाल किले (Red Fort) के पास सोमवार को हुए कार धमाके (Explosions) को लेकर जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी एसपी वैद (SP Vaid) ने मंगलवार को बड़ा बयान दिया है. जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी ने कहा, ‘मेरा मानना है कि यह आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammed) के मॉड्यूल के जरिए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI की साजिश थी. साल 2014 के बाद से वे भारत के अंदर कुछ बड़ा करने में असफल रहे, इसलिए वे कुछ करने के लिए बेचैन थे.’
जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) के पूर्व डीजीपी एस. पी. वैद ने मंगलवार को कहा, ‘यह बहुत बड़ी साजिश थी, लेकिन इसके विफल होने के बावजूद बड़ा धमाका हुआ. मुझे लगता है कि इन सभी डॉक्टरों के मॉड्यूल जब दबा दिए गए, उसके बाद डॉ. उमर ने आत्मघाती हमलावर बनना चुना. बताया जा रहा है कि वह जम्मू-कश्मीर के पुलवामा का रहने वाला था. उसने लाल किले के बाहर इस आत्मघाती हमले को अंजाम दिया, जिसमें 10 से ज्यादा लोगों की जान गई और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए.’
वैज्ञानिकों ने एक सल्फर गुफा में दुनिया का सबसे बड़ा मकड़ी का जाला खोजा
11 Nov, 2025 05:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लंदन । वैज्ञानिकों ने अल्बानिया और ग्रीस की सीमा पर एक सल्फर गुफा में दुनिया का सबसे बड़ा मकड़ी का जाला खोज लिया है। यह जाला 106 वर्ग मीटर (करीब 1,040 वर्ग फुट) में फैला है, जो आधे टेनिस कोर्ट से भी बड़ा है। इसमें दो अलग-अलग प्रजातियों की 111,000 से ज्यादा मकड़ियां एक साथ रह रही हैं। ये मकड़ियां आमतौर पर दुश्मन होती हैं, लेकिन यहां वे शांतिपूर्ण तरीके से रह रही हैं। ऐसा पहली बार देखने को मिला है। यह खोज 2022 में चेक स्पेलियोलॉजिकल सोसाइटी के गुफा खोजने वाले ने की। वे व्रोमोनर कैनियन में सल्फर गुफा की खोज कर रहे थे। 2024 में रोमानिया की सैपिएंटिया हंगेरियन यूनिवर्सिटी ऑफ ट्रांसिल्वेनिया के जीवविज्ञानी शोधकर्ता ने अपनी टीम के साथ नमूने इकट्ठा किए।
इसके बाद इन नमूनों की डीएनए जांच से पता चला कि यह जाला दो प्रजातियों का है। अध्ययन 17 अक्टूबर 2025 को एक शोध पत्रिका में प्रकाशित हुआ। शोधकर्ता वैज्ञानिक ने कहा कि प्राकृतिक दुनिया में अभी भी अनगिनत आश्चर्य बाकी हैं। जब मैंने जाला देखा, तब मन में ढेर सारी भावनाएं उमड़ीं। सल्फर गुफा अंधेरी और खतरनाक है। इसमें हाइड्रोजन सल्फाइड गैस भरी हुई है, जो हवा को जहरीला बनाती है। गुफा सल्फ्यूरिक एसिड से कटकर बनी है। मकड़ी का जाला गुफा की दीवार पर फैला है, एक विशाल सामूहिक संरचना। यह दुनिया का सबसे बड़ा मकड़ी जाला माना जा रहा है। टेगेनेरिया डोमेस्टिका (घरेलू घर मकड़ी या बार्न फनल वीवर): लगभग 69,000 मकड़ियां थी।
प्राइनरिगोन वागन्स: 42,000 से ज्यादा मकड़ियां थी। ये मकड़ियां आमतौर पर अकेली रहती हैं। टेगेनेरिया प्राइनरिगोन को खा लेती है। लेकिन गुफा के अंधरे में उनकी नजर कमजोर हो जाती है, इसलिए वे एक-दूसरे को नुकसान नहीं पहुंचातीं। बल्कि सहयोग करती–यह पहली बार देखा गया। कुल 111,000 मकड़ियां एक मकड़ी मेगासिटी जैसी बस्ती बना रही हैं।
यह तंत्र पूरी तरह स्व-निर्भर है। सूरज की रोशनी न होने पर भी जीवन चल रहा है। गुफा में बहने वाली सल्फर-युक्त धारा से हाइड्रोजन सल्फाइड निकलता है। इससे सल्फर-ऑक्सीडाइजिंग बैक्टीरिया सफेद बायोफिल्म बनाते हैं। ये छोटे-छोटे मिडज (गैर-काटने वाले कीड़े) खाते हैं। मिडज गुफा के तालाबों में अंडे देते हैं। बादल की तरह उड़ते हैं, और मकड़ियां इन्हें खाकर जीवित रहती हैं।
शोधकर्ताओं को मकड़ियों के पेट के विश्लेषण से जानकारी मिली की कि उनकी आंतों में बैक्टीरिया कम हैं। सतह की मकड़ियों से अलग है। डीएनए से साबित हुआ कि ये गुफा के लिए उनके हिसाब की हो गई हैं। शोधकर्ता कहते हैं कि कुछ प्रजातियां आश्चर्यजनक आनुवंशिक लचीलापन दिखाती हैं। चरम स्थितियां ऐसी व्यवहार पैदा करती हैं जो सामान्य में नहीं दिखते।
अमेरिका ने बनाई ऐसी छतरी: लॉन्च होते ही मिसाइल को बना देगी कबाड़
11 Nov, 2025 04:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। अमेरिकी रक्षा और एयरोस्पेस कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने ऐलान किया है कि वह 2028 तक अंतरिक्ष में अपने ‘स्पेस-बेस्ड मिसाइल इंटरसेप्टर’ का असली परीक्षण करेगा। अमेरिका अब ऐसा स्पेस डिफेंस नेटवर्क बना रहा है जो दुश्मन की मिसाइल को उसके लॉन्च होते ही आसमान में खत्म कर दे– ताकि जंग की आग कभी अमेरिकी ज़मीन तक न पहुंच सके। लॉकहीड मार्टिन ने अपने वर्जीनिया स्थित कमांड एंड कंट्रोल प्रणाली का प्रोटोटाइप वातावरण तैयार किया है। यह ओपन आर्किटेक्चर सिस्टम समुद्र से लेकर अंतरिक्ष तक की रक्षा क्षमताओं को एकजुट कर रहा है। कंपनी ने बताया कि इस मिशन में कई इंडस्ट्री पार्टनर्स भी जुड़ चुके हैं ताकि अमेरिका को हर मोर्चे पर ‘सर्वश्रेष्ठ टेक्नोलॉजी बढ़त’ मिले।
यह वही हथियार है जो गोल्डन डोम प्रोजेक्ट का सबसे खतरनाक और निर्णायक हिस्सा माना जा रहा है। एक ऐसा सिस्टम जो अंतरिक्ष से ही दुश्मन की मिसाइलों को लॉन्च के कुछ सेकंड में तबाह कर देगा। यह प्रोजेक्ट डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के दौरान शुरू हुआ था, जिसका लक्ष्य है अमेरिका को अभेद्य मिसाइल डिफेंस कवच देना– धरती से लेकर अंतरिक्ष तक।
अमेरिकी रक्षा रणनीतिकारों के मुताबिक, बैलिस्टिक मिसाइलें और हाइपरसोनिक हथियार– जिनमें रॉकेट बूस्टर का इस्तेमाल होता है– सबसे ज्यादा कमजोर अपने शुरुआती ‘बूस्ट फेज़’ में होते हैं, यानी लॉन्च के ठीक बाद। अमेरिकी स्पेस फोर्स के प्रमुख जनरल चांस साल्ट्ज़मैन ने मार्च में एक इंटरव्यू में कहा था, हम सिर्फ स्पेस-बेस्ड इंटरसेप्टर नहीं चाहते – हम चाहते हैं कि वे मिसाइल को उसी ‘बूस्ट फेज़’ में मार गिराएं। हम चाहते हैं कि ये हमला हमारे देश से जितना दूर हो सके, वहीं असर दिखाए। इसलिए उन्हें बेहद तेज़ और सटीक होना होगा।
लॉकहीड मार्टिन के सीईओ जिम टैकलेट ने अपने एक बयान में कहा, हम 2028 तक वास्तविक ऑन-ऑर्बिट इंटरसेप्टर टेस्ट करने जा रहे हैं– यह कोई लैब एक्सपेरिमेंट नहीं, बल्कि असली युद्ध-तैयार सिस्टम होगा। उन्होंने बताया कि कंपनी अब पूरी तरह ऑपरेशनल प्रोटोटाइप्स बना रही है– ऐसी मशीनें जो “टेस्ट स्टैंड पर नहीं, बल्कि अंतरिक्ष में उड़ेंगी, मिसाइल को हिट करेंगी और उत्पादन के लिए तैयार होंगी। अगर लॉकहीड मार्टिन का यह प्रोजेक्टकामयाब हो गया, तो फिर एस-400 और आयरन डोम जैसे एयर डिफेंस की जरूरत ही नहीं रह जाएगी। हालांकि, पेंटागन पूरी परियोजना पर चुप्पी साधे हुए है, लेकिन रक्षा विशेषज्ञों के अनुसा गोल्डन डोम ऐसा ऑल-डोमेन डिफेंस सिस्टम बनेगा जो आने वाले दशकों तक अमेरिका की अंतरिक्षीय सैन्य ताकत का केंद्र होगा। लॉकहीड मार्टिन का यह मिशन सिर्फ एक परीक्षण नहीं – बल्कि यह संकेत है कि स्पेस अब जंग का नया मैदान बन चुका है। 2028 में जब गोल्डन डोम का इंटरसेप्टर अंतरिक्ष में सक्रिय होगा, तो पूरी दुनिया उसकी रेंज में होगी। अब तक जो जानकारी सार्वजनिक की गई है, उसके अनुसार पेंटागन और व्हाइट हाउस दोनों ने साफ़ कर दिया है कि गोल्डन डोम प्रोजेक्ट का केंद्रबिंदु अंतरिक्ष में तैनात मिसाइल इंटरसेप्टर होंगे। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि दुश्मन की मिसाइल को अमेरिकी सीमाओं से बहुत दूर ही नष्ट किया जाए, ताकि किसी भी खतरे को देश के भूभाग के करीब आने से पहले ही खत्म किया जा सके। हालांकि, गोल्डन डोम योजना केवल बूस्ट फेज़ में इंटरसेप्शन तक सीमित नहीं है। यह सिस्टम मिड-कोर्स फेज़ (जब मिसाइल पृथ्वी के वायुमंडल से बाहर अंतरिक्ष में होती है) में भी इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलों जैसी लंबी दूरी की मिसाइलों को ट्रैक और ध्वस्त करने में सक्षम रहेगा।
बांग्लादेश के साथ पाकिस्तान पका रहा खिचड़ी, भारत की बढ़ेगी टेंशन!
11 Nov, 2025 03:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ढाका,। पाकिस्तान के नौसेना प्रमुख एडमिरल नवीद अशरफ ढाका पहुंच गए हैं। नवीद ने ढाका में बांग्लादेश के सेना प्रमुख जनरल वकार उज जमां और एडमिरलन जमुल हसन के साथ मुलाकात की। उनके बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस से भी मुलाकात करने की संभावना है। यह बैठकें पाकिस्तान-बांग्लादेश के द्विपक्षीय रक्षा संबंधों के लिहाज से अहम मानी जा रही है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान और बांग्लादेश के सैन्य अधिकारियों के बीच हालिया महीनों में लगातार बैठकें हुई हैं। पाकिस्तान के बांग्लादेश में पुराने इतिहास को देखते हुए भारत की चिंता बढ़ रही है। पाकिस्तान की ओर से बांग्लादेश की जमीन का इस्तेमाल पूर्वोत्तर भारत में अशांति फैलाने के लिए करने की चेतावनी एक्सपर्ट दे रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान की बांग्लादेश में दखल कोई ऐसी खिचड़ी पका सकती है, जिससे भारत की टेंशन बढ़ेगी।
बांग्लादेश की रक्षा मंत्रालय के इंटर सर्विस पब्लिक रिलेशंस ने कहा है कि अशरफ और जमां ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग और सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने पर चर्चा की। दोनों ने द्विपक्षीय प्रशिक्षण, सेमिनारों और यात्राओं के जरिए सैन्य सहयोग के विस्तार की संभावनाओं पर भी चर्चा की। नवीद अशरफ की यह यात्रा पाकिस्तानी नौसैनिक जहाज पीएनएस सैफ के चार दिवसीय सद्भावना यात्रा के लिए दक्षिण-पूर्वी चटगांव स्थित बांग्लादेश के मुख्य बंदरगाह के पास लंगर डालने के एक दिन बाद हो रही है। पाकिस्तानी नौसेना ने कहा है कि नवीद की यात्रा बांग्लादेश के साथ दीर्घकालिक संबंधों को मजबूत करने और समुद्री सहयोग को बेहतर बनाने के लिए है।
अशरफ से दो हफ्ते पहले ही पाकिस्तान की ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष जनरल साहिर शमशाद मिर्जा बांग्लादेश दौरा कर चुके हैं। उनकी मोहम्मद यूनुस के साथ मुलाकात विवादों में भी रही थी। इससे पहले आईएसआई के अधिकारी भी ढाका पहुंचे थे। शहबाज सरकार के कई मंत्रियों ने भी बीते दिनों में ढाका का दौरा किया।
बांग्लादेश में बीते साल अगस्त में विरोध प्रदर्शन के बाद शेख हसीना की सरकार गिर गई थी। शेख हसीना को सत्ता से बेदखल किए जाने के बाद बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में सरकार चल रही है। दक्षिणपंथी रुख वाली यूनुस सरकार ने पाकिस्तान के साथ संबंधों को तरजीह दी है, जबकि भारत के लिए उनका रुख अच्छा नहीं रहा है।
पुरुषों में होते हैं यौन ईर्ष्या के कई कारण
11 Nov, 2025 02:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन । कुछ मानसिक और व्यवहारिक गुण पुरुषों में ईर्ष्या की भावना को बढ़ा सकते हैं। यह भावना तब उत्पन्न होती है जब पुरुष को लगता है कि उसका साथी किसी और व्यक्ति के साथ भावनात्मक या शारीरिक रूप से जुड़ रहा है। यह केवल प्रेम से नहीं, बल्कि आत्म-सम्मान, भय और स्वामित्व की भावना से भी गहराई से जुड़ी होती है। हाल ही में हुए एक अध्ययन में पाया गया है कि, पुरुषों में यौन ईर्ष्या के कई कारण होते हैं। सबसे प्रमुख है असुरक्षा जब किसी पुरुष को अपने रूप, आर्थिक स्थिति या सफलता पर भरोसा कम होता है, तो उसे यह डर सताता है कि उसकी पार्टनर किसी और के साथ ज़्यादा खुश रह सकती है। दूसरी वजह है स्वामित्व की भावना। कई पुरुष अपने साथी को एक अधिकार की वस्तु मान लेते हैं, और जब वह किसी दूसरे पुरुष से बात करती हैं या हंसती हैं, तो उन्हें नियंत्रण खोने का डर सताने लगता है। पिछले अनुभव भी यौन ईर्ष्या का बड़ा कारण हैं। जिन पुरुषों को पहले किसी रिश्ते में धोखा मिला हो, वे नई रिलेशनशिप में भी संदेह और भय की भावना से जूझते हैं। वहीं आत्म-सम्मान पर चोट तब लगती है जब पुरुष यह सोचते हैं कि यदि उनकी पार्टनर किसी और में दिलचस्पी दिखा रही है, तो शायद वे खुद पर्याप्त नहीं हैं।
यौन ईर्ष्या के संकेत अक्सर व्यवहार में दिखने लगते हैं साथी के फोन या सोशल मीडिया की जासूसी करना, बार-बार पूछना कि वह किससे बात कर रही है, उसे नियंत्रित करने की कोशिश करना, या लगातार गुस्सा और बेचैनी महसूस करना। मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि इस स्थिति से निपटने के लिए खुलकर बातचीत करना सबसे जरूरी है। मन में बातें दबाने से समस्या बढ़ती है। खुद पर भरोसा और आत्मविश्वास बढ़ाना, साथी पर विश्वास रखना और जरूरत पड़ने पर काउंसलिंग लेना बेहद फायदेमंद हो सकता है। दरअसल, पुरुषों में यौन ईर्ष्या “प्यार का प्रमाण” नहीं, बल्कि असुरक्षा, आत्म-सम्मान और बीते अनुभवों का मिश्रण है। इसे समझना और संवेदनशीलता से संभालना रिश्ते को मजबूत और संतुलित बना सकता है।
दुष्यंत चौटाला ने DGP पर साधा निशाना, बोले- 'थार-बुलेट वालों में नेता भी हैं?'
11 Nov, 2025 01:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा के डीजीपी ओपी सिंह के एक बयान ने सियासी हलचल मचा दी है. गुरुग्राम में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डीजीपी ने कहा कि 'थार और बुलेट से बदमाश चलते हैं. जिसके पास थार है, उसका दिमाग घूमा हुआ होगा.' इस बयान के बाद से सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चा का दौर शुरू हो गया है.
डीजीपी ने कहा कि जो लोग थार जैसी गाड़ियां चलाते हैं, उनका माइंडसेट दिखता है. उन्होंने कहा- “हम लिस्ट निकालें, अपने पुलिस वालों की. कितनों के पास थार है. जिनके पास थार है, उनका दिमाग घूमा होगा. थार कोई गाड़ी नहीं, एक स्टेटमेंट है कि ‘हम ऐसे हैं’, तो फिर भुगतो.”
ओपी सिंह यहीं नहीं रुके. उन्होंने कहा “हमारे एसीपी के बेटे ने थार से किसी को कुचल दिया था, बाद में पैरवी करने भी आ गए. अब दोनों मजे कैसे होंगे, दादागिरी भी करें और फंसे भी नहीं?”
दुष्यंत चौटाला ने भी किया पोस्ट
डीजीपी ओपी सिंह के बयान को लेकर पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने चुटकी ली है. उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की जिसमें 3 तस्वीरें थीं, एक में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर बुलेट पर नजर आ रहे थे, दूसरी में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव थार में बैठे थे, और तीसरी में खुद दुष्यंत चौटाला बुलेट पर सवार थे.
इन तस्वीरों के साथ उन्होंने लिखा, “डीजीपी साहब, तो क्या ये भी बदमाश हैं?” उनकी ये पोस्ट कुछ ही घंटों में वायरल हो गई और हजारों लोगों ने इसे शेयर किया.
सोशल मीडिया पर मीम्स और तंज की बाढ़
जैसे ही यह बयान वायरल हुआ, सोशल मीडिया पर मीम्स और जोक की बाढ़ आ गई. कई यूजर्स ने डीजीपी के बयान को ‘ओवरजनरलाइजेशन’ बताया तो कुछ ने इसे मजाकिया अंदाज में लिया. X और इंस्टाग्राम पर “#TharBadmash” और “#BulletGang” ट्रेंड करने लगे.
कौन हैं ओपी सिंह?
ओपी सिंह 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं. मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं और दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के जीजा हैं. वे हरियाणा पुलिस में सख्त छवि वाले अधिकारी माने जाते हैं.
हरियाणा पुलिस ने कसा शिकंजा, रोहित गोदारा गिरोह के दो बदमाशों को दबोचा
11 Nov, 2025 01:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा पुलिस के ऑपरेशन ट्रैकडाउन अभियान के तहत अपराधियों के विरुद्ध चल रही सघन कार्रवाई में आज एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है।
विशेष कार्य बल (एसटीएफ) गुरुग्राम की टीम ने रोहित गोदारा गैंग के दो सक्रिय सदस्यों नरेश कुमार और संजय उर्फ संजीव, दोनों निवासी गांव सैदपुर, जिला नारनौल को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी पिछले 11 महीनों से पुलिस गिरफ्त से फरार थे और उन पर 5,000-5,000 का इनाम घोषित था।
पांच दिसम्बर 2024 को नारनौल अदालत परिसर में इन दोनों आरोपियों ने विरोधी गैंग के सदस्य अमित पुत्र सत्यपाल निवासी सुराणी, जिला महेन्द्रगढ़ पर जानलेवा हमला किया था। वारदात के बाद आरोपी लगातार स्थान बदलते रहे और गिरफ्तारी से बचते रहे।
एसटीएफ गुरुग्राम की टीम ने तकनीकी निगरानी और खुफिया सूचनाओं के आधार पर लगातार ट्रैकिंग करते हुए नाै नवम्बर को दोनों आरोपियों को सफलतापूर्वक काबू किया। इसके बाद उन्हें एसटीएफ इकाई बहादुरगढ़ के हवाले कर दिया गया।
आरोपी संजय उर्फ संजीव के विरुद्ध लगभग दस तथा आरोपी नरेश कुमार के विरुद्ध चार आपराधिक मामले दर्ज हैं। दोनों के खिलाफ संगठित अपराध, हत्या के प्रयास और अवैध हथियार रखने जैसे गंभीर अपराधों के मामले लंबित हैं। इस प्रकरण में थाना शहर नारनौल, जिला महेंद्रगढ़ में एफ.आई.आर. संख्या 544/2024, धारा 109(1), 126, 191(2), 191(3), 61 बी.एन.एस. के अंतर्गत मुकदमा दर्ज है।
हरियाणा पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन ट्रैकडाउन अभियान में अब तक कुल 209 खूंखार अपराधियों और 1173 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। केवल 10 नवम्बर को ही 48 खूंखार अपराधी और 179 अन्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आए।
पंचकूला पुलिस ने किया चोरी और हथियार सप्लाई गैंग का पर्दाफाश, 6 गिरफ्तार
ऑपरेशन ट्रैकडाउन के तहत पंचकूला क्राइम ब्रांच ने दुकानों में चोरी और अवैध हथियार सप्लाई करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने चोरी के 3 आरोपी, 1 रैपिडो टैक्सी चालक, 1 युवक और 1 नाबालिग सहित कुल 6 आरोपियों को पकड़ा है। टीम ने वारदात में प्रयुक्त स्विफ्ट कार, 1 पिस्टल, 2 कट्टे और 5 जिंदा कारतूस बरामद किए।
एमसी4आर जीन दिल को स्वस्थ रखने में मददगार
11 Nov, 2025 01:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कैंब्रिज । एमसी4आर नामक एक जीन, जो आमतौर पर वजन बढ़ाने के लिए जिम्मेदार माना जाता है, वास्तव में हृदय को स्वस्थ रखने में भी मदद कर सकता है। यूनिवर्सिटी ऑफ कैंब्रिज की एक नई रिसर्च ने पारंपरिक सोच को चुनौती दी है। यह खोज मोटापे और दिल की बीमारियों के बीच संबंध को लेकर वैज्ञानिकों को एक नया नजरिया देती है। शोध के अनुसार, जिन लोगों में एमसी4आर जीन का एक दुर्लभ संस्करण (रेयर वेरिएंट) पाया गया, उनमें खराब कोलेस्ट्रॉल यानी एलडीएल (एडीएल) का स्तर अन्य लोगों की तुलना में काफी कम था। साथ ही, इनमें हृदय रोगों का खतरा भी अपेक्षाकृत कम देखा गया। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह जीन लगभग एक प्रतिशत मोटे वयस्कों और करीब पांच प्रतिशत मोटे बच्चों में मौजूद होता है। ब्रिटेन में किए गए एक सर्वे के अनुसार, हर 300 में से एक व्यक्ति में इस जीन में म्यूटेशन पाया गया है।
एमसी4आर जीन मस्तिष्क में एक विशेष प्रोटीन तैयार करता है, जो भूख और ऊर्जा के स्तर को नियंत्रित करता है। सामान्य स्थिति में यह जीन व्यक्ति को जरूरत के मुताबिक भूख लगने और संतुलित भोजन करने में मदद करता है। लेकिन जब इस जीन में गड़बड़ी होती है, तो व्यक्ति अत्यधिक भूख महसूस करता है, जिससे उसका वजन तेजी से बढ़ने लगता है। यही कारण है कि इस जीन को लंबे समय से मोटापे से जोड़ा जाता रहा है। हालांकि, अब रिसर्च से यह सामने आया है कि इस जीन का दुर्लभ संस्करण शरीर में फैट मेटाबॉलिज्म को इस तरह प्रभावित करता है कि खराब कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स का स्तर कम हो जाता है। नतीजतन, हृदय रोग का खतरा घटता है। इस शोध में वैज्ञानिकों ने 7,719 बच्चों और 124 वयस्कों के जीन का विश्लेषण किया, जिनमें मोटापा एमसी4आर जीन के कारण था। इसके बाद उनके डेटा की तुलना यूके बायो बैंक के 3.36 लाख प्रतिभागियों से की गई।
नतीजे चौंकाने वाले थे एमसी4आर जीन वाले व्यक्तियों का ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल लेवल और समग्र हृदय स्वास्थ्य उन लोगों से बेहतर पाया गया, जिनमें यह जीन मौजूद नहीं था। शोधकर्ताओं का कहना है कि एमसी4आर जीन मस्तिष्क और शरीर के बीच फैट मेटाबॉलिज्म का संतुलन बनाए रखता है। यह जीन दिमाग को यह संकेत देता है कि शरीर में कितनी ऊर्जा और वसा स्टोर हो रही है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इस जीन की कार्यप्रणाली को गहराई से समझने से न केवल मोटापे बल्कि हृदय रोग और उच्च कोलेस्ट्रॉल जैसी स्थितियों के इलाज के लिए नई दवाओं के विकास का रास्ता खुल सकता है।
यमुनानगर में बड़ा सड़क हादसा: रोडवेज बस और कार की आमने-सामने टक्कर, कई यात्री घायल
10 Nov, 2025 05:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा के यमुनानगर में हादसा हुआ है। यमुनानगर के छछरौली के लेदी-बिलासपुर रोड पर गांव खानूवाला मोड़ के पास रोडवेज बस और कार की टक्कर हो गई। इसमें कार चालक व बस में सवार तीन यात्री जख्मी हो गए। बस व कार भी क्षतिग्रस्त हो गए। राहगीरों ने घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया।
हरियाणा रोडवेज बस के परिचालक राजिश खान ने बताया कि छछरौली में सोम नदी के पुल की मरम्मत कार्य के लिए नेशनल हाईवे का रास्ता बंद है। इसकी वजह से लेदी-डारपुर के लिए बसें व्यासपुर के रास्ते आ-जा रही हैं। राजिश खान ने बताया कि उनकी ड्यूटी भी सोमवार को डारपुर की बस पर थी। बस व्यासपुर से लेदी की ओर जा रही थी। इस बीच गांव खानूवाला के पास तेज रफ्तार कार आई और बस से टकरा गई। इससे बस में बैठे तीन यात्रियों को चोटें आई। उन्हें तुरंत बस से नीचे उतर कर लेदी के निजी अस्पताल में पहुंचाया गया। बस से टकराई कार का चालक भी जख्मी था, उसे भी राहगीरों ने अस्पताल पहुंचाया।
घायल यात्रियों में यमुनानगर शहर की सोनिया शर्मा ने बताया कि वह परिवार के सदस्यों के साथ गांव कोट जा रही थी। इस हादसे में उनकी नाक पर चोट आई है, वहीं उनकी माता के सिर में चोट लगी है। एक अन्य सदस्य को भी हल्की चोटें आई हैं। घायल कार चालक के पिता कलेसर निवासी सुक्कड ने बताया कि उनका बेटा सौरभ व्यासपुर में कार मरम्मत का काम करता है। जो कार बस से टकराई, वह भी गांव निवासी शख्स की है। यह कार बेटा सर्विस के लिए व्यासपुर लेकर जा रहा था।
आर्मी कैंटीन में ट्रंप ब्रांड की वाइन की बिक्री पर बवाल, घिरा राष्ट्रपति का परिवार
10 Nov, 2025 05:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के परिवार पर सत्ता के सहारे अपना कारोबार बढ़ाने के गंभीर आरोप लगे हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी सैन्य स्टोर में ट्रंप ब्रांड वाली वाइन बेची जा रही है। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद विवाद शुरू हो गया। यह विवाद तब शुरू हुआ, जब एक पत्रिका ने ट्रंप ब्रांड वाली वाइन और साइडर छुट्टियों से पहले वॉशिंगटन डीसी और वर्जीनिया के सेंटरविले में सैन्य कर्मियों के लिए ड्यूटी-फ्री स्टोर्स में पहुंची है। इससे ट्रंप और उनका परिवार कई समूहों के निशाने पर आ गया।
रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों ने वाइन बिक्री की पुष्टि की लेकिन इसमें किसी कानून के उल्लंघन को खारिज कर दिया। ट्रंप के प्रतिनिधियों ने जोर देकर कहा कि ये दूसरे ट्रंप ब्रांड वाले उत्पादों की तरह एक लाइसेंसिंग व्यवस्था का हिस्सा है। इसमें राष्ट्रपति की इसमें कोई भूमिका नहीं है। दूसरी ओर निगरानी समूहों ने वाइन बिक्री की निंदा करते हुए इसे संघीय सुविधाओं का मुद्रीकरण बताया, भले ही प्रत्यक्ष कानूनी उल्लंघन साबित ना होता हो।
वॉशिंगटन में नागरिकों के लिए जिम्मेदारी और नैतिकता के प्रवक्ता ने कहा कि यह उन चीजों में से एक है, जहां शायद कोई कानूनी मुद्दा नहीं है। यह एक दृष्टिकोण और नैतिकता का मुद्दा है। अगर सरकार उत्पादों को थोक में खरीदती है तो यह संविधान के पारिश्रमिक खंड का उल्लंघन हो सकता है, जो राष्ट्रपतियों को वेतन से परे अतिरिक्त लाभ से रोकता है।
वाइन बिक्री का यह मामला ट्रंप परिवार के अपने कारोबार के लिए हालिया समय में उठाए गए कदमों का ध्यान दिलाता है। इसमें पाकिस्तान में क्रिप्टो उद्यमों में प्रवेश भी शामिल है, जिसके बारे में आलोचकों का कहना है कि इसने अमेरिका-भारत संबंधों को पटरी से उतार दिया है। ट्रंप परिवार की एक कंपनी ने पाकिस्तान की नवगठित क्रिप्टो काउंसिल के साथ एक सौदे पर हस्ताक्षर किए हैं।
एंडगेम बॉम्बर: ट्रंप का गुप्त न्यूक्लियर हथियार हो गया उजागर, रूस-चीन के लिए चेतावनी
10 Nov, 2025 04:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। अमेरिका के हवाई क्षेत्र से छोड़ी जाने वाली न्यूक्लियर क्रूज मिसाइल एजीएम-181 एलआरएसओ की तस्वीरें और विवरण सामने आने के बाद वैश्विक सुरक्षा पर बहस तेज हो गई है। कैलिफ़ोर्निया में एक प्लेनस्पॉटर द्वारा हाल ही में ली गई तस्वीरों ने पेंटागन की उस गोपनीय परियोजना का पर्दाफाश कर दिया जिसे वर्षों से गुप्त रखा गया था।
बताया जाता है कि एलआरएसओ को पुराने एजीएम-86बी की जगह आधुनिक न्यूक्लियर वाली क्रूज मिसाइल के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह मिसाइल बी-52 बॉम्बर के भीतर लटकती दिखाई गई और इसके बाद बताया गया कि आगे चलकर यह बी-21 रेडर स्टेल्थ बॉम्बर पर भी तैनात की जाएगी। परिमार्जित तौर पर इसका उद्देश्य दुश्मन के एयर डिफेंस को चकमा देकर गुप्त और सटीक हमला करना है।
तकनीकी स्पेसिफिकेशन के मुताबिक एलआरएसओ की लंबाई लगभग 6.4 मीटर और वजन लगभग 1,360 किलोग्राम है। यह सबसोनिक गति से उड़ते हुए 2,500 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर सकती है। मिसाइल में डब्ल्यू80-4 नामक न्यूक्लियर वॉरहेड के प्रयोग की संभावना है, जिसका वेरिएबल यील्ड 5 से 150 किलोटन के बीच बताया जा रहा है, अधिकतम यील्ड पर यह हिरोशिमा बम से कई गुना अधिक विनाशक शक्ति रखती है। मार्गदर्शन के लिए इनर्शियल, जीपीएस और टेरकॉम सिस्टम मौजूद हैं, जबकि मिसाइल के स्टेल्थ फीचर्स और फोल्डिंग विंग इसे रडार में कम दृष्टिगोचर बनाते हैं।
यहां बताते चलें कि इस प्रोजेक्ट का विकास 2017-2021 के दौरान तेज़ हुआ और इसमें रिथियॉन जैसी रक्षा कंपनियों ने अहम भूमिका निभाई। पहली टेस्ट फ्लाइट 2025 में हुई और 2030 तक इसे तैनात करने का लक्ष्य रखा गया है। पेंटागन का कहना है कि यह पुराने हथियारों का अपग्रेड है और रूस-चीन जैसे प्रतिद्वंद्वी देशों के बढ़ते हाइपरसोनिक व मिसाइल क्षमताओं का जवाब देने के लिए विकसित किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि एलएसओ जैसी क्षमताएं डिटरेंस की पुरानी परिभाषा को और जटिल कर देंगी, क्योंकि कम ऊँचाई पर चुपके से उड़ने वाली न्यूक्लियर क्रूज मिसाइल पूर्व-सक्रियता और प्रथम प्रहार के दायरे को बदल सकती है। जबकि अमेरिकी अधिकारी इसे रणनीतिक संतुलन और सुरक्षा सुनिश्चित करने वाली तकनीक बता रहे हैं, आलोचक कहते हैं कि ऐसे हथियारों की तैनाती इलाके में संवेदनशीलता बढ़ा सकती है और नये सुरक्षा जोखिम उत्पन्न कर सकती है।
ट्राइग्लिसराइड्स का बढ़ा स्तर भी दिल के लिए खतरनाक: विशेषज्ञ
10 Nov, 2025 03:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लंदन। नाचते, चलते या आराम करते समय अचानक दिल का दौरा पड़ने की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। विशेषज्ञों ने लोगों को आगाह किया है कि केवल कोलेस्ट्रॉल नहीं, बल्कि ट्राइग्लिसराइड्स का बढ़ा स्तर भी दिल के लिए उतना ही खतरनाक साबित हो सकता है। चिकित्सकों का कहना है कि ट्राइग्लिसराइड्स एक प्रकार की वसा होती है जो शरीर में ऊर्जा के भंडारण के रूप में काम करती है। भोजन से मिलने वाली अतिरिक्त कैलोरी को शरीर फैट के रूप में जमा कर लेता है, जिसे जरूरत पड़ने पर ऊर्जा में बदला जाता है। मगर जब व्यक्ति शारीरिक रूप से निष्क्रिय रहता है, तब यही वसा शरीर में जमा होकर हार्ट अटैक, स्ट्रोक, हाई बीपी और डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों को जन्म देती है। विशेषज्ञों के मुताबिक, ट्राइग्लिसराइड्स का बढ़ा स्तर न केवल हृदय को कमजोर करता है, बल्कि पैंक्रियाज में सूजन पैदा कर पैंक्रियाटाइटिस जैसी घातक बीमारी का कारण भी बन सकता है।
इसके अलावा यह अथेरोस्क्लेरोसिस यानी धमनियों में वसा जमा होने की प्रक्रिया को तेज कर देता है, जिससे ब्लड फ्लो बाधित होता है और अचानक हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। डॉक्टरों का कहना है कि जिन लोगों को डायबिटीज, थायरॉइड की समस्या या मोटापा होता है, उनमें ट्राइग्लिसराइड्स का स्तर सामान्य से कहीं अधिक पाया जाता है। धीरे-धीरे यह स्थिति हृदय की कार्यप्रणाली को प्रभावित करने लगती है। अगर किसी व्यक्ति को चलते समय सीने में दर्द, सांस फूलना, पैरों में सूजन या लगातार थकान महसूस हो, तो यह दिल की बीमारी का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि हृदय को स्वस्थ बनाए रखने के लिए नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, धूम्रपान और शराब से परहेज, और पर्याप्त नींद बेहद जरूरी है।
साथ ही, समय-समय पर लिपिड प्रोफाइल टेस्ट कराना चाहिए, ताकि कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स दोनों के स्तर पर नजर रखी जा सके। विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि ट्राइग्लिसराइड्स को हल्के में लेना दिल की बीमारियों का सबसे बड़ा जोखिम बन सकता है इसलिए सतर्क रहना ही सबसे बेहतर बचाव है। मालूम हो कि पिछले कुछ सालों में अचानक हार्ट अटैक और सडन कार्डियक अरेस्ट के मामलों में चौंकाने वाली बढ़ोतरी देखी गई है। पहले जहां यह समस्या उम्रदराज लोगों में आम थी, वहीं अब युवा वर्ग भी इसकी चपेट में आ रहा है।
नारी शक्ति वंदन पर मंथन, 27 अप्रैल को MP विधानसभा का विशेष सत्र
अधिकारी के सम्मान पर हमला: आईपीएस एसोसिएशन मध्यप्रदेश ने विधायक के बयान की निंदा की
चाय की दुकान पर लेते ही पकड़ा गया घूस, लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई
ग्रेनेड हमले और टारगेट किलिंग की साजिश फेल, दिल्ली-NCR से दो संदिग्ध पकड़े गए
ST-SC अधिकारियों को मिलेगा प्रमोशन का लाभ, मात्रात्मक आंकड़ों के लिए उच्च स्तरीय समिति तैयार
डिटॉक्स वाटर पीने से पहले जान लें इसके साइड इफेक्ट
राजनीति पर पप्पू यादव का विवादित बयान, महिलाओं को लेकर कही बड़ी बात
