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युद्धविराम के बावजूद खाड़ी में तनाव जारी, UAE-कुवैत पर हमले और ईरान में विस्फोट
8 Apr, 2026 04:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ईरान के साथ चल युद्ध के बीच अमेरिका के नेशनल काउंटर टेररिज्म सेंटर के निदेशक पद से इस्तीफा देने वाले जो केंट ने सीजफायर को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि अगर इस युद्धविराम को सफल बनाना है तो सबसे पहले यह जरूरी है कि इजरायल को संयम में रखा जाए. उनका कहना है कि सिर्फ सीजफायर का ऐलान कर देना ही काफी नहीं होता, बल्कि उसे सही तरीके से लागू करना ज्यादा अहम होता है. अगर किसी भी पक्ष की ओर से हमले जारी रहते हैं तो यह समझौता कमजोर पड़ सकता है.
जो केंट का बयान इस बात की ओर इशारा करता है कि मौजूदा हालात में इजरायल की भूमिका काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. अगर वह अपने सैन्य कदमों को नियंत्रित रखता है तो बातचीत आगे बढ़ सकती है और तनाव कम होने की संभावना बढ़ जाती है. यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्तों के लिए सीजफायर लागू किया गया है और क्षेत्र में शांति लाने की कोशिशें जारी हैं.
अमेरिका और ईरान युद्ध की शुरुआत
अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया था. हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई समेत कई नेताओं की मौत हो गई थी.उस हमले के बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए मिडिल ईस्ट के कई देशों में स्थिति अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया था, जिसमें बहरीन, कुवैत, दुबई शामिल था. इस जंग की शुरुआत से वैश्विक स्तर पर गैस और तेल की किल्लत भी हो गई थी. इसका सबसे बड़ा कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का बंद होना था. ये ऐसा रास्ता है, जिसके माध्यम से दुनिया का 20 फीसदी तेल ट्रांसपोर्ट किया जाता है.
सड़क पर मिले दो खोखे, गोलीबारी की घटना से सनसनी
8 Apr, 2026 11:06 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
करनाल। असंध में कैथल रोड पर स्थित एक रेस्टोरेंट पर बीती रात अज्ञात व्यक्ति ने फायरिंग कर दी। वारदात को अंजाम कैफे बंद होने के बाद दिया गया। मालिक को भी सुबह कैफे पर आने के बाद पता लग पाया। सूचना मिलते ही पुलिस और असंध सीआईए की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। रेस्टोरेंट के सामने सड़क पर दो खोल मिले हैं। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। फिलहाल किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
असंध निवासी कुलदीप सिंह ने करीब एक महीने पहले ही कैथल रोड पर अपना कैफे खोला था। बीती रात वह रोजाना की तरह कैफे बंद करके घर चले गए थे। उनके जाने के बाद किसी अज्ञात हमलावर ने बंद कैफे के शीशे पर फायरिंग कर दी। शटर से गोली आर-पार होकर कांच के दरवाजे पर लगी। दरवाजा चकनाचूर हो गया। इसके बाद आरोपी मौके से भाग गए। सूचना के बाद सुबह असंध थाना और सीआईए की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस सीसीटीवी फुटेज जांच रही है और वहीं, रेस्टोरेंट मालिक से पूछताछ कर रही है।
रंजिश या फिरौती, हर पहलू पर चल रही जांच
असंध पुलिस मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू पर जांच कर रही है। फिलहाल साफ नहीं हो पाया है कि फायरिंग के पीछे कोई पुरानी रंजिश है या फिर किसी प्रकार की फिरौती की मांग से जुड़ा मामला है। दोनों ही संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। क्योंकि इससे पहले असंध में अस्पताल और मेडिकल लैब पर फायरिंग हुई थी। वह मामला रंगदारी से जुदा पाया गया था। अब पुलिस उसी आधार पर भी मामले की जांच कर रही है।
रात को 10 बजे के बाद दिया वारदात को अंजाम
असंध थाना प्रभारी नसीब सिंह ने बताया कि घटना रात करीब 10 बजे के बाद की है। मौके से गोली के दो खोल बरामद हुए हैं। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फटेज खंगाली जा रही है। कैफे मालिक से भी पूछताछ की जा रही है।
बेमौसम बारिश से किसानों को बड़ा झटका, गेहूं की फसल भीगी
8 Apr, 2026 10:16 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
करनाल। हरियाणा में मंगलवार रात से मौसम ने एक बार फिर करवट ली। बीते 24 घंटों में प्रदेश के 20 जिलों में हल्की से मध्यम स्तर की बारिश हुई। इससे अधिकतम तापमान में 12 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। पूरे प्रदेश में दिन का तापमान 24 से 29 डिग्री के बीच रहा। बारिश के कारण गर्मी से तो राहत मिली लेकिन किसानों की मुश्किल बढ़ गई है।
नूंह व सोनीपत में किसानों को नहीं मिला तिरपाल
मौसम विभाग की चेतावनी के बावजूद मंडियों में फसल प्रबंधन के उचित प्रबंध नहीं किए गए। कहीं तिरपाल कम पड़ गईं तो कहीं प्रबंध ही नहीं किया गया। नतीजा हजारों क्विंटल गेहूं व बोरियां भीग गईं। अकेले पानीपत में 20 हजार क्विंटल गेहूं भीग गई। इससे प्रदेश की अधिकतर मंडियों में सरकारी और निजी खरीद भी ठप रही। पूरा दिन किसान अपने स्तर पर मंडियों में लाई गई फसल को बचाते नजर आए। नूंह व सोनीपत में किसानों को तिरपाल ही नहीं मिला।
रेवाड़ी में खराब मौसम के कारण मंडी की बंद
वहीं, झज्जर में हजारों क्विंटल गेहूं भीगने के बाद बुलडोजर की मदद से उसे शेड के नीचे करने का प्रयास किया गया। रेवाड़ी में तो खराब मौसम के कारण मंडी ही बंद कर दी गई। हिसार व भिवानी में जिला मुख्यालय की मंडी में फसल को तिरपाल से ढका पर तेज हवा के कारण फसल भीग गई। करनाल में भी शेड के बाहर पड़े गेहूं को किसान तिरपाल से ढकते नजर आए। अंबाला में केवल साहा अनाज मंडी में थोड़ा गेहूं भीगा है। हालांकि कैथल, यमुनानगर व फतेहाबाद में बचाव रहा।
किसानों के चेहरे पर चिंता
मंडियों में उचित प्रबंध नहीं होने के कारण किसानों के चेहरे पर चिंता और बेबसी साफ झलकी। पलवल की मंडी में पहुंचे किसान रघुवीर ने बताया कि सरकार ने 12 प्रतिशत नमी का मानक तय किया है लेकिन लगातार खराब मौसम के कारण फसल ठीक से सूख ही नहीं पा रही। पहले ओलावृष्टि ने फसल को नुकसान पहुंचाया। अब बारिश से हालत और खराब हो गई है। फसल मानकों पर खरी नहीं उतर रही तो खरीद कैसे होगी। इस बीच खेतों में गेहूं कटान व थ्रेसिंग का कार्य रुक गया है। फसल भीगने के कारण नमी की मात्रा बढ़ने की पूरी संभावना है।
सिरसा, फरीदाबाद व हांसी में नहीं बरसे बादल
अंबाला, पंचकूला, हिसार, महेंद्रगढ़, रोहतक, कुरुक्षेत्र भिवानी, जींद, रेवाड़ी, गुरुग्राम, करनाल, पलवल, नूंह, पानीपत, झज्जर, सोनीपत, चरखी-दादरी, कैथल, यमुनानगर, फतेहाबाद में बारिश हुई है। हालांकि सभी जिलों में दिनभर बादल छाए रहे। फरीदाबाद, हांसी व सिरसा में बारिश नहीं हुई। तापमान में एक दिन में इतनी गिरावट से लोगों को सर्दी महसूस हुई।
सीजफायर का असर: तेल सस्ता होते ही Sensex-Nifty में जोरदार उछाल
8 Apr, 2026 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
US-Iran Ceasefire: अमेरिका ने ईरान के साथ चल रही जंग को लेकर सीजफायर का ऐलान किया है. सीजफायर के ऐलान होते ही कच्चे तेली की कीमत भर-भराकर गिर गई और अमेरिकी शेयर बाजार में तूफानी तेजी आ गई. भारतीय शेयर बाजार में भी तगड़ी उछाल देखने को मिली है. निफ्टी करीब 800 अंक और सेंसेक्स 26,00 अंक बढ़ा है.
कच्चे तेली कीमत जो मंगलवार की रात लगभग 116 डॉलर प्रति बैरल रही है. वह गिरकर अब सिर्फ 95 डॉलर के करीब पहुंच गई है. यानी सीजफायर की घोषणा के बाद करीब 20 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है. डाउ जोंस फ्यूचर करीब 900 अंक उछला है. इसके साथ ही गिफ्ट निफ्टी भी करीब 3.5 प्रतिशत ऊपर है. भारतीय शेयर बाजार भी तगड़ी उछाल के साथ खुला.
क्या बोले डोनाल्ड ट्रंप?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ईरान के साथ दो हफ्तों के लिए सीजफायर पर सहमति जताई है. यह समझौता इस शर्त पर आधारित है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य को सुरक्षित रूप से तुरंत खोला जाएगा. ट्रंप ने सीजफायर का ऐलान उस दौरान किया. जब उनकी डेडलाइन का समय खत्म होने वाला था. ट्रंप ने कहा था कि अगर ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज नहीं खोलता तो उस पर ऐसा हमला करेंगे कि याद रखेगा. क्योंकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने की वजह से न सिर्फ अमेरिका बल्कि दुनियाभर के देशों को नुकसान हो रहा था. कच्चे तेल की कीमतें आसमान छूने लगी थीं.
तनाव कम करने के लिए अहम कदम
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर की घोषणा करने के दौरान कहा कि यह तनाव कम करने के लिए अहम कदम है. ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलना होगा. ट्रंप ने कहा कि सीजफायर का फैसला पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर के साथ बातचीत के बाद लिया गया है.
‘48 घंटे घर से बाहर न निकलें’: ट्रंप के बयान के बाद ईरान में भारतीयों के लिए चेतावनी
8 Apr, 2026 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Indian Embassy Advisory: अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान को धमकी देते हुए मंगलवार (7 अप्रैल 2026) को सोशल मीडिया साइट ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट किया. इसमें उन्होंने लिखा कि आज रात पूरी सभ्यता खत्म होने वाली है, जो दोबारा वापस नहीं आ सकती है. इस चेतावनी भरी पोस्ट के बाद पूरी दुनिया में हलचल मच गई है. ईरान की राजधानी तेहरान में स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है.
‘अगले 48 घंटे तक घर से ना निकलें’
ईरान को ट्रंप की धमकी के बाद भारतीय दूतावास ने भारतीयों के लिए एडवाइजरी जारी की है. इसमें कहा गया है कि जो भारतीय नागरिक ईरान में रह रहे हैं, वे जहां हैं, अगले 48 घंटे तक वहीं रहें. अगर जरूरत ना हो तो यात्रा और किसी तरह के मूवमेंट करने से बचना चाहिए. इसके साथ ही एडवाइजरी में साफ किया गया है कि किसी भी इलेक्ट्रिक इंस्टॉलेशन, पावर प्लांट, सैन्य ठिकानों और सरकारी भवनों से दूरी बनाकर रखें. ये हमले की स्थिति में ये अहम लक्ष्य हो सकते हैं.
निचली मंजिलों में रहने की सलाह
एडवाइजरी में कहा गया है कि सुरक्षा वजहों से बहुमंजिला इमारतों की ऊपरी मंजिलों की वजह निचली मंजिलों में रहने की सलाह दी गई है. इसके साथ ही कहा गया है कि जरूरत ना हो तो हाईवे पर ना निकलें. सड़क मार्ग से जाना ही पड़े तो भारतीय दूतावास से तालमेल बनाकर रखना चाहिए.
हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया
दूतावास ने भारतीय नागरिकों की मदद के लिए मोबाइल हेल्पलाइन नंबर और ईमेल जारी किया गया है. ये अगले 24 घंटे के लिए संचालित रहेगी. इन मोबाइल नंबर पर संपर्क किया जा सकता है, +989128109115, +989128109109, +989128109102, +989932179359. ईमेल एड्रेस – cons.tehran@mea.gov.in है.
अस्पताल में लापरवाही उजागर, चूहों ने मरीजों के इंजेक्शन को बनाया निशाना
8 Apr, 2026 08:55 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रोहतक। पीजीआई के वॉर्डों में चूहे मरीज व तीमारदारों के खाने-पीने के सामान के बाद अब दवाइयों तक पहुंच चुके हैं। मंगलवार को तो मेडिसिन वॉर्ड के आईसीयू में एक चूहा मरीज को लगने वाला इंजेक्शन ही कुतरकर पी गया।
तीमारदार ने सफाईकर्मी को दी सूचना
आईसीयू में गंभीर मरीजों को एडमिट किया जाता है। यहां ज्यादा मरीजों के लिए ज्यादा साफ-सफाई व देखभाल की आवश्यकता होती है क्योंकि संक्रमण जल्दी फैलने का खतरा रहता है। ऐसे में चूहे आसानी से यहां संक्रमण फैला रहे हैं। तीमारदार के सूचना देने के बाद वॉर्ड में तैनात सफाईकर्मी आईसीयू में पहुंचे। इंजेक्शन की दवा पीने के बाद चूहे बेहोशी की हालत में पहुंच गया। सफाईकर्मियों ने चूहे को कचरा उठाने वाले पात्र से उठाया व बाहर वार्ड के बाहर छोड़ दिया। इतना ही नहीं, मरीजों के बैग में रखे कपड़े को कुतर डालते हैं।
प्रशासन हर बाद देता है आश्वासन
स्वास्थ्य संबंधी समस्या के कारण मरीज व तीमारदार पहले ही परेशान होते हैं। ऐसे में कॉकरोच व चूहे उनकी परेशानी बढ़ा देते हैं। कॉकरोच मरीजों के बेड के पास वाली दराज में घूमते रहते हैं। हर बार प्रशासन की ओर से समाधान का आश्वासन देकर बात टाल दी जाती है।
चूहे के संपर्क में आने से फैलती हैं ये बीमारियां
सिविल अस्पताल के डॉक्टर पवन गोयल ने बताया कि चूहों से प्लेग होने का खतरा रहता है। इनके काटने से फिवर तक हो जाता है। यह इंफेक्शन फैलने का कारण भी बनता है। वॉर्ड में चूहों के घूमने का मामला संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा कुछ है तो इसकी जांच कराई जाएगी।
सीजफायर के पीछे की सच्चाई: ईरान की 10 शर्तों पर क्या झुकेगा अमेरिका?
8 Apr, 2026 07:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
US-Iran Ceasefire: अमेरिका-इजरायल और ईरान की जंग दो हफ्ते के लिए रुक गई है. अमेरिका और इजरायल में सीजफायर के लिए सहमति बन गई है और दोनों देशों की ओर से इसका ऐलान भी कर दिया गया है. अमेरिका की तरफ से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान की तरफ से वहां के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सीजफयार पर मुहर लगाई है.
डेडलाइन से पहले ही थम गई बमबारी
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को होर्मुज खोलने के लिए जो डेडलाइन दी थी वो भारतीय समयानुसार सुबह 5.30 बजे खत्म हो चुकी हैं, लेकिन इस डेडलाइन के खत्म होने से पहले ही दोनों देशों के बीच सीजफायर हो चुका है. हलांकि अगर ये सीजफायर नहीं होता तो ईरान में बड़ी तबाही हो सकती थी क्योंकि ट्रंप ने पहले ही मगंलवार को यहां तक कहा था कि आज रात ईरान की पूरी सभ्यता खत्म हो सकती है.
मिडिल ईस्ट में चरम पर था तनाव
बता दें कि सीजफायर के इस ऐलान से पहले मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर था. ट्रंप ने सोमवार को ईरान के पावर प्लांट और ब्रिज को उड़ाने की धमकी दी थी. मंगलवार को ईरान के ऊपर लगातार हमले हुए. ईरान के लिए सबसे अहम माने जाने वाले खार्ग द्वीप में एक के बाद एक हमले हुए. ट्रंप ने साफ चेतावनी दे दी है कि अगर ईरान समझौता करने या होर्मुज स्ट्रेट खोलने को तैयार नहीं हुआ तो उसका समूल विनाश कर दिया जाएगा.
ईरान की तीखी प्रतिक्रिया
युद्ध विराम के बाद ईरान की तरफ से भी प्रतिक्रिया सामने आई है. ईरान के सु्प्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने कहा है कि ईरान ने युद्ध में दो हफ्ते के सीजफायर को मंजूरी दे दी गई है. बयान में यह भी कहा गया है कि शुक्रवार को इस्लामाबाद में अमेरिका के साथ बातचीत करेगा. हालांकि इस बयान में केवल 2 हफ्ते की सीजफायर की बात कहीं गई है, ये नहीं कहा गया कि युद्ध खत्म हो गया हैं. बयान के मुताबिक “इसका मतलब ये नहीं है कि युद्ध खत्म हो गया है. हमारी उंगलियां अभी भी ट्रिगर पर हैं. दुश्मन ने जरा सी भी गलती की तो उसका पूरी ताकत के साथ जवाब दिया जाएगा.”
पाकिस्तान पर संकट गहराया! ईरान युद्ध के बीच Shehbaz Sharif का बड़ा फैसला—आज से लॉकडाउन
7 Apr, 2026 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। मध्य पूर्व में जारी तनाव और बढ़ते ऊर्जा संकट के बीच पाकिस्तान सरकार ने देशभर में ऊर्जा बचत के लिए बड़े कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में निर्णय लिया गया कि सिंध प्रांत को छोड़कर पूरे देश में बाजार और शॉपिंग मॉल रात 8 बजे तक बंद कर दिए जाएंगे।पाकिस्तान में बढ़ते ऊर्जा संकट और वैश्विक हालात के चलते सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। आने वाले दिनों में इन फैसलों का असर देश की अर्थव्यवस्था और आम जनजीवन पर साफ दिखाई दे सकता है।
नए नियम 7 अप्रैल से लागू कर दिए गए हैं
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) द्वारा जारी बयान के अनुसार, यह फैसला ऊर्जा खपत को कम करने और ईंधन संकट से निपटने के उद्देश्य से लिया गया है। यह नए नियम 7 अप्रैल से लागू कर दिए गए हैं। सरकार ने राहत देते हुए मेडिकल स्टोर और दवा दुकानों को इन समय-सीमाओं से बाहर रखा है, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों।
सिंध को फिलहाल छूट,अन्य राज्यों में सख्ती
सरकार के फैसले के तहत पंजाब, खैबर पख्तूनख्वा (KP), बलूचिस्तान, इस्लामाबाद और गिलगित-बाल्टिस्तान में सभी बाजार और मॉल रात 8 बजे तक बंद होंगे। हालांकि, सिंध में बाजारों के समय को लेकर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है और इस पर व्यापारिक संगठनों से चर्चा जारी है।
रेस्टोरेंट और शादी समारोहों पर भी असर
नए नियमों के तहत रेस्टोरेंट, बेकरी, तंदूर और खाद्य पदार्थों की दुकानें रात 10 बजे तक ही खुली रह सकेंगी। इसके अलावा, मैरिज हॉल, मार्की और अन्य कमर्शियल शादी स्थलों को भी रात 10 बजे तक बंद करना अनिवार्य होगा। सरकार ने निजी घरों में भी रात 10 बजे के बाद शादी समारोह आयोजित करने पर रोक लगा दी है।
ईरान संकट और तेल आपूर्ति पर असर
सरकार के अनुसार, यह कदम मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष के कारण उठाया गया है। 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया, जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल आपूर्ति बाधित हुई। यह मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 25% हिस्सा संभालता है, और इसकी बाधा से ईंधन की कीमतों में तेज़ उछाल देखा गया है।
मुजफ्फराबाद और गिलगित में राहत
सरकार ने गिलगित और मुजफ्फराबाद में नागरिकों को राहत देते हुए एक महीने तक इंटरसिटी पब्लिक ट्रांसपोर्ट मुफ्त करने की घोषणा की है। इसका पूरा खर्च केंद्र सरकार उठाएगी।इस बीच, सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने कराची में व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों से बैठक की।
उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में सभी को जिम्मेदारी निभानी होगी और सरकार ऐसे कदम उठाएगी जिससे आम जनता, खासकर गरीब वर्ग पर कम से कम बोझ पड़े। व्यापारिक संगठनों द्वारा दिए गए सुझावों की समीक्षा के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
चार अंतरिक्ष यात्री आर्टेमिस-2 के साथ चांद की ओर, 10 दिन में पृथ्वी पर वापसी
7 Apr, 2026 02:52 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने 52 साल बाद पहली बार इंसानों को चंद्रमा के करीब भेजने के लिए सोमवार 2 अप्रैल को अपना ‘आर्टेमिस-2’ मिशन सफलतापूर्वक लॉन्च किया है। दरअसल फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से सुबह 4:05 बजे ‘स्पेस लॉन्च सिस्टम’ (SLS) रॉकेट ने ओरियन स्पेसक्राफ्ट में सवार चार अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर चांद की ओर उड़ान भरी है। यह लॉन्चिंग पृथ्वी से चंद्रमा तक इंसानी सफर के एक नए दौर की शुरुआत मानी जा रही है। साल 1972 में ‘अपोलो-17’ के बाद यह पहला मौका है जब कोई इंसान पृथ्वी की निचली कक्षा (LEO) से आगे बढ़कर चंद्रमा के इतने करीब पहुंच रहा है। यह मिशन कुल 10 दिनों का है, जिसमें चारों अंतरिक्ष यात्री चांद के चारों ओर चक्कर लगाएंगे और फिर सुरक्षित तरीके से धरती पर लौटेंगे।
दरअसल लॉन्च से ठीक एक घंटा पहले एक तकनीकी समस्या ने कुछ देर के लिए सबकी चिंता बढ़ा दी थी। रॉकेट के ‘लॉन्च अबॉर्ट सिस्टम’ में कुछ गड़बड़ी आ गई थी, जिससे लॉन्चिंग पर खतरा बन गया था। यह सिस्टम बहुत अहम होता है, क्योंकि किसी भी खराबी की स्थिति में यह अंतरिक्ष यात्रियों को रॉकेट से सुरक्षित बाहर निकालने में मदद करता है। हालांकि इंजीनियरों ने इस समस्या को तेजी से ठीक कर लिया। इसके बाद सुरक्षा जांच के लिए काउंटडाउन घड़ी को एहतियातन 10 मिनट के लिए रोक दिया गया। रॉकेट के अलग-अलग जरूरी सिस्टम्स संभाल रहे इंजीनियरों की ‘ओके’ रिपोर्ट मिलने के बाद ही मिशन को आगे बढ़ने की मंजूरी दी गई।
ओरियन स्पेसक्राफ्ट अंतरिक्ष की ओर रवाना हो गया
वहीं अंतिम समय में मिशन के क्रू को लॉन्च डायरेक्टर से उत्साह भरा संदेश मिला, “आर्टेमिस II, मैं लॉन्च डायरेक्टर बोल रहा हूं, आप उड़ान के लिए तैयार हैं।” इस ऐतिहासिक घोषणा पर मिशन कमांडर रीड वाइजमैन ने पूरे आत्मविश्वास के साथ जवाब दिया, “हम पूरी मानवता की खातिर जा रहे हैं।” इस संवाद के तुरंत बाद चार RS-25 इंजन और दो सॉलिड रॉकेट बूस्टर पूरी ताकत के साथ चालू हो गए और ओरियन स्पेसक्राफ्ट अपने चार अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर अंतरिक्ष की ओर रवाना हो गया। यह पल अंतरिक्ष इतिहास में एक नए मील के पत्थर के रूप में दर्ज हो गया है।
मुख्य मकसद ओरियन स्पेसक्राफ्ट के ‘लाइफ सपोर्ट सिस्टम’ की गहराई से जांच करना
इस आर्टेमिस-2 मिशन का मुख्य मकसद ओरियन स्पेसक्राफ्ट के ‘लाइफ सपोर्ट सिस्टम’ की गहराई से जांच करना है। नासा यह देखना चाहता है कि अंतरिक्ष में इंसानों के लंबे समय तक रहने और काम करने के लिए यह यान कितना सुरक्षित और भरोसेमंद है। यह यान अभी चंद्रमा की सतह पर नहीं उतरेगा, लेकिन इसका सफल परीक्षण भविष्य में चंद्रमा पर इंसानों के स्थायी रूप से रहने का रास्ता आसान बनाएगा। यह मिशन इंसानों को चंद्रमा के आसपास रहने और काम करने का अनुभव देगा, जो आगे चलकर मंगल ग्रह पर मानव मिशन भेजने की नासा की बड़ी योजना का अहम हिस्सा है।
आर्टेमिस-2 में चार अनुभवी अंतरिक्ष यात्री, पहली महिला और गैर-अमेरिकी भी शामिल
आर्टेमिस-2 मिशन में नासा के तीन और कनाडाई स्पेस एजेंसी (CSA) का एक अंतरिक्ष यात्री शामिल है। ये चारों अनुभवी अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष अन्वेषण के एक नए दौर की शुरुआत कर रहे हैं, जिनमें कई ऐतिहासिक उपलब्धियां भी जुड़ी हैं।
रीड वाइजमैन (50): यूएस नेवी के टेस्ट पायलट रह चुके वाइजमैन इस मिशन के कमांडर हैं। उन्होंने 2014 में अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन पर छह महीने बिताए थे, जहां उन्होंने कई अहम वैज्ञानिक प्रयोग और तकनीकी काम किए थे। दिलचस्प बात यह है कि वाइजमैन को जमीन पर ऊंचाई से डर लगता है। 2020 में अपनी पत्नी को खोने के बाद वे अपनी दो बेटियों की अकेले परवरिश कर रहे हैं, जो उनकी मजबूत इच्छाशक्ति को दिखाता है।
क्रिस्टीना कोच (47): इंजीनियर और फिजिसिस्ट क्रिस्टीना कोच मिशन स्पेशलिस्ट हैं। वह अंतरिक्ष में सबसे लंबे समय तक रहने वाली महिला (328 दिन) का रिकॉर्ड बना चुकी हैं। क्रिस्टीना चांद के करीब पहुंचने वाली पहली महिला होंगी, जो लैंगिक समानता की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। उन्होंने बचपन में अपोलो-8 की खींची गई ‘अर्थराइज’ फोटो देखकर ही अंतरिक्ष यात्री बनने का सपना देखा था।
जेरेमी हैनसन (50): कनाडा के पूर्व फाइटर पायलट जेरेमी हैनसन भी मिशन स्पेशलिस्ट हैं और कनाडाई स्पेस एजेंसी का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। अगर यह मिशन योजना के अनुसार सफल रहता है, तो हैनसन चांद के करीब पहुंचने वाले पहले गैर-अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री बन जाएंगे। हैनसन अपने साथ कनाडा का मशहूर मैपल सिरप और कुछ कुकीज भी ले गए हैं, जो उनकी संस्कृति का प्रतीक हैं।
विक्टर ग्लोवर (49): मिशन के पायलट विक्टर ग्लोवर चांद के करीब पहुंचने वाले पहले अश्वेत व्यक्ति होंगे। यह अंतरिक्ष यात्रा में विविधता और समावेशिता को बढ़ावा देने वाला कदम माना जा रहा है। ग्लोवर अपने साथ बाइबिल और अपनी शादी की अंगूठियां ले गए हैं, जो उनके निजी विश्वास और मूल्यों को दिखाती हैं। वे अक्सर कहते हैं कि ब्रह्मांड में अपनी जगह को समझना ही इंसान होने का असली मतलब है।
आर्टेमिस-2 की सफलता के बाद नासा अपने अगले बड़े कदम ‘आर्टेमिस-3’ मिशन पर काम करेगा। इस मिशन में डॉकिंग सिस्टम की टेस्टिंग की जाएगी, जो भविष्य में चंद्रमा पर लैंडिंग और अंतरिक्ष स्टेशन बनाने के लिए जरूरी है। अगर सभी मिशन सफल रहते हैं, तो नासा की योजना है कि साल 2028 में ‘आर्टेमिस-4’ के जरिए इंसान एक बार फिर चंद्रमा की सतह पर कदम रखेगा। इससे पहले 2022 में नासा ने मानवरहित ‘आर्टेमिस-1’ मिशन सफलतापूर्वक भेजा था, जिसमें ओरियन कैप्सूल और SLS रॉकेट की क्षमता का परीक्षण किया गया था।
सांस की बीमारी बनी जानलेवा, जिला जेल में हवालाती की मौत
7 Apr, 2026 12:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
करनाल। जिला जेल में बंद एक हवालाती की तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। बताया जा रहा है कि देर रात उसे सांस लेने में दिक्कत हुई थी। जिसके बाद तुरंत उसे अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने इलाज शुरू किया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। मामले की सूचना के बाद पुलिस जांच में जुट गई है और पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया जाएगा।
66 वर्षीय सुखचैन सिंह की हुई मौत
मृतक की पहचान 66 वर्षीय सुखचैन सिंह पुत्र हजूर सिंह के रूप में हुई है। वह निसिंग थाना क्षेत्र के गांव डाचर का रहने वाला था। वह 8 अप्रैल 2025 से करनाल जेल में बंद था। जानकारी के अनुसार बीती रात करीब 2 बजे सुखचैन सिंह को अचानक सांस लेने में दिक्कत हुई। जेल प्रशासन ने तुरंत उसे करनाल के कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
दो मामलों में आरोपी, 10 अप्रैल को थी पेशी
सुखचैन सिंह पर नशा तस्करी से जुड़े दो मामले दर्ज थे। पहला मामला 2 जनवरी 2017 को निसिंग थाना में दर्ज हुआ था, जिसमें वह 6 फरवरी 2017 से जमानत पर था। वहीं दूसरा मामला 6 अप्रैल 2025 को दर्ज किया गया था। इस केस में उसकी अगली पेशी 10 अप्रैल को तय थी।
ड्यूटी मजिस्ट्रेट की निगरानी में होगा पोस्टमॉर्टम
रामनगर थाना के एसएचओ महावीर सिंह ने बताया कि हवालाती की मौत के बाद नियमानुसार ड्यूटी मजिस्ट्रेट की निगरानी में पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और मौत के असली कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होंगे।
मीरी-पीरी विवाद में बड़ा फैसला संभव, Shiromani Gurdwara Parbandhak Committee अध्यक्ष ने संभाली कमान
7 Apr, 2026 12:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कुरुक्षेत्र (हरियाणा)। शाहाबाद के मीरी पीरी मेडिकल संस्थान में 20 मार्च को हुए विवाद के चलते आज एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंद्र सिंह धामी पहुंचे हैं, जहां वे सैंकड़ों की संख्या में पहुंची संगत के साथ बैठक की जा रही है। बैठक में बड़ा फैसला भी लिया जा सकता है, जिस पर संगत के साथ प्रशासन की भी नजरें टिकी हुई है। 20 मार्च को संस्थान में उस समय बड़ा विवाद हो गया था जब अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे कर्मचारियों से मिलने हरियाणा कमेटी के नामित सदस्य बलजीत सिंह दादूवाल समर्थकों व अन्य पदाधिकारियों के साथ पहुंच गए थे। यहां संस्थान को संभाले जाने को लेकर दादूवाल पक्ष व एसजीपीसी पक्ष आमने-सामने आ गया था तो जमकर हंगामा भी हुआ था, जिसके चलते पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा था।
हरियाणा कमेटी उपाध्यक्ष ने इस विवाद के बीच अपने साथ मारपीट किए जाने, पकड़ी उछालने के आरोप भी लगाए थे तो वहीं उन्होंने दादूवाल के साथ मिलकर एसपी को शिकायत भी दी थी। वहीं दूसरे पक्ष ने भी शिकायत दी थी, जिसमें दादूवाल व उनके समर्थकों पर संस्थान पर कब्जे के प्रयास तक के भी आरोप लगाए थे। दादूवाल पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने एसजपीसी पक्ष के सीनियर मीत प्रधान सरदार रघुजीत सिंह विर्क, बलदेव सिंह कैमपुरिया सहित 20 लोगों पर केस दर्ज कर लिया था, जिसके बाद विवाद और भी गहरा गया।
जहां अब एसजीपीसी दादूवाल पक्ष पर कार्रवाई की मांग कर रही है वहीं इसी के चलते ही एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंद्र सिंह धामी भी पहुंचे हैं। उनका कहना है कि वे प्रशासन को अपना मांग पत्र सौंपेंगे और प्रशासन मौके पर नहीं पहुंचा तो एसपी कार्यालय का भी घेराव किया जा सकता है। उधर तीन दिन पहले दादूवाल भी हरियाणा कमेटी मुख्यालय पर अपने समर्थकों के साथ बैठक कर धामी से भी बड़ा शक्ति प्रदर्शन करने का ऐलान कर चुके हैं।
अमेरिका ने तेहरान की यूनिवर्सिटी पर किया हमला, 13 आम नागरिकों की मौत
7 Apr, 2026 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेहरान। ईरान के साथ इजराइल-अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध में सोमवार को हवाई हमलों में तेहरान की एक यूनिवर्सिटी पर हमला किया गया। ईरानी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक तेहरान के दक्षिण-पश्चिम में स्थित शरीफ यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी पर हुए हवाई हमले में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई है। हमले के कारण रात भर धमाकों की गूंज सुनाई देती रही। घंटों तक, रुक-रुककर, नीचे उड़ते लड़ाकू विमानों की आवाज़ें सुनाई दीं। इसके साथ ही कैंपस के पास मौजूद एक प्राकृतिक गैस वितरण केंद्र को भी नुकसान पहुंचा है। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि यूनिवर्सिटी परिसर में किस चीज को निशाना बनाया था।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यूनिवर्सिटी में अभी कोई छात्र मौजूद नहीं है, क्योंकि युद्ध के चलते देश के सभी स्कूलों में ऑनलाइन क्लासें चल रही हैं। इसके अलावा कुछ मीडिया रिपोर्ट की माने तो इस यूनिवर्सिटी पर हथियारों से जुड़े काम करने का आरोप लगाया गया है। खासकर ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम में इसकी भूमिका को लेकर संदेह है। जो कि ईरान का अर्धसैनिक बल रिवोल्यूशनरी गार्ड नियंत्रित करता है। वहीं, पिछले कुछ सालों में कई देशों ने इस यूनिवर्सिटी पर सेना के साथ मिलकर काम करने के आरोप में प्रतिबंध भी लगाए हैं। इसके अलावा एक ऑनलाइन संदेश में बताया कि कोम के एक रिहायशी इलाके में हुए हवाई हमले में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई। कोम, तेहरान के ठीक दक्षिण में स्थित शिया समुदाय का एक पवित्र धार्मिक शहर है।
ईरान ने पिछले कई दिनों से युद्ध में हुए कुल जान-माल के नुकसान को लेकर कोई आंकड़े जारी नहीं किए हैं। उसने अपने सैन्य साजो-सामान को हुए नुकसान के बारे में भी कोई जानकारी नहीं दी है। तेहरान के डिस्ट्रिक्ट 9 इलाके के प्रमुख के हवाले से बताया कि इस हमले में शरीफ यूनिवर्सिटी का गैस स्टेशन निशाना बना है, जिसके चलते शरीफ इलाके में गैस की आपूर्ति कुछ समय के लिए बाधित हो गई।
ईस्टर पर ट्रंप ने किया गालीभरा पोस्ट, सांसद करना चाहते हैं ट्रंप की सनक का इलाज
7 Apr, 2026 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईस्टर के मौके पर सोशल मीडिया पर गुस्सैल और गाली भरा पोस्ट लिखा कि पूरी दुनिया हैरान रह गई। इसमें ट्रंप ने ईरान को खुलकर धमकी दी और उसमें इतनी अश्लील भाषा का इस्तेमाल किया कि अब कांग्रेस में 25वें संशोधन की धारा 4 लागू करने की मांग जोर पकड़ रही है। ये धारा ही अब ट्रंप की सनक का सही इलाज करेगी। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा- ‘मंगलवार ईरान में पावर प्लांट डे और ब्रिज डे एक साथ होगा। जैसा कुछ पहले कभी नहीं देखा गया!!! हॉर्मुज खोल दो, पागल, वरना तुम नर्क में रहोगे बस देखते रहो!
यह पोस्ट ईस्टर सुबह 8 बजे के करीब पोस्ट किया गया, इसमें ट्रंप ने ईरान को हॉर्मुज न खोलने पर पावर प्लांट और ब्रिज तबाह करने की धमकी दी थी लेकिन भाषा बेहद गंदी थी। मिडिल ईस्ट युद्ध के बीच यह पोस्ट और भी संवेदनशील माना जा रहा है। ऐसे में डेमोक्रेट्स ने 25वें संशोधन की मांग की। डेमोक्रेटिक सीनेटर क्रिस मर्फी ने एक्स पर लिखा कि अगर मैं ट्रंप की कैबिनेट में होता तो ईस्टर पर संवैधानिक वकीलों से 25वें संशोधन के बारे में बात करता। यह पूरी तरह से पागलपन है।
एमएसएनबीसी के पूर्व होस्ट मेहदी हसन ने पोस्ट की तस्वीर शेयर करते हुए कहा कि उपराष्ट्रपति और कैबिनेट को तुरंत 25वें संशोधन की धारा 4 लागू करनी चाहिए। यह अमेरिकी संविधान का एक अहम प्रावधान है, जो 1967 में राष्ट्रपति जॉन एफ केनेडी की हत्या के बाद पास किया गया था। इसका मकसद होता है अगर राष्ट्रपति मर जाए, इस्तीफा दे दे, हटा दिया जाए या अक्षम हो जाए तो उपराष्ट्रपति को सत्ता सौंपने की प्रक्रिया तय करना। इसमें कुल चार धाराएं, जिसमें से चौथी धारा को मौजूद वक्त में लागू करने की मांग हो रही है।
जानकारी के मुताबिक धारा-1 में अगर राष्ट्रपति मर जाए, इस्तीफा दे दे या हटा दिया जाए तो उपराष्ट्रपति पूर्ण राष्ट्रपति बन जाता है। धारा-2 में अगर उपराष्ट्रपति का पद खाली हो तो राष्ट्रपति नया नाम प्रस्तावित करता है, जिसे कांग्रेस की मंजूरी चाहिए होती है। धारा-3 में अगर राष्ट्रपति खुद को अस्थायी रूप से अक्षम महसूस करे तो वह उपराष्ट्रपति को अस्थायी रूप से सत्ता सौंप सकता है। धारा-4 सबसे अहम है क्योंकि इसमें उपराष्ट्रपति और कैबिनेट के बहुमत को अधिकार है कि वे लिखित रूप से घोषणा करें कि राष्ट्रपति अपने कर्तव्यों को निभाने में असमर्थ हैं। इसके बाद उपराष्ट्रपति तुरंत एक्टिंग राष्ट्रपति बन जाता है। अगर राष्ट्रपति कहे कि वह ठीक है तो 4 दिन में कैबिनेट और उपराष्ट्रपति को कांग्रेस में दो-तिहाई बहुमत से साबित करना पड़ता है।
रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका के कई सांसद और नेता कह रहे हैं कि ट्रंप का ईरान युद्ध को लेकर बार-बार शब्द बदलना, रणनीति बदलना और यह गाली भरा पोस्ट लिखना, उनके मानसिक स्वास्थ्य पर सवाल उठाता है। ईरान युद्ध में हजारों मौतें हो चुकी हैं और ट्रंप लगातार पूर्ण हवाई नियंत्रण का दावा करते हैं, लेकिन ईरानी हमले खत्म नहीं हो रहे हैं। ऐसे में लोग चिंतित हैं कि राष्ट्रपति का यह व्यवहार देश और दुनिया के लिए खतरा बन सकता है। ऐसे में मांग उठ रही है कि कैबिनेट या उपराष्ट्रपति को कोई कदम उठाना चाहिए। इसी बीच रिपब्लिकन सांसदों के बीच भी ट्रंप की नीतियों से असहमति के सुर उठ रहे हैं।
क्या पुतिन के सामने सरेंडर करेंगे जेलेंस्की, चार साल से चल रही जंग होगी खत्म!
7 Apr, 2026 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मास्को। मिडिल ईस्ट में जंग अभी जारी है इसी बीच दुनिया की दूसरी बड़ी जंग यानी रूस यूक्रेन युद्ध को लेकर अब एक ऐसा बयान सामने आ गया है जिसने इस वक्त पूरी दुनिया को हिला के रख दिया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने संकेत दिए हैं कि वह पुतिन से मिलने के लिए तैयार हैं। बता दें यह एक बयान नहीं बल्कि एक ऐसा कदम है जिसने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप समेत पूरी दुनिया के बड़े नेताओं को भी हैरान कर दिया है।
बता दें 4 साल से चल रही इस जंग में दोनों नेता यानी जेलेंस्की और पुतिन कभी भी आमने-सामने नहीं बैठे। तो आखिरकार अचानक ऐसा क्या बदल गया? क्या अब जंग खत्म होने की ओर बढ़ रही है? बता दें रूस-यूक्रेन युद्ध को करीब 4 साल हो चुके हैं। साल 2022 में जब युद्ध शुरू हुआ तब से लेकर आज तक लाखों लोग प्रभावित हुए। हजारों सैनिक मारे गए और दोनों देशों की अर्थव्यवस्था पर भी भारी असर पड़ा। सबसे अहम बात यह है कि इन चार सालों में पुतिन और जेलेंस्की की एक भी बार आमने-सामने मुलाकात नहीं हुई है। दोनों नेताओं की आखिरी जो मुलाकात हुई थी वो साल 2019 में पेरिस में हुई थी। युद्ध शुरू होने से पहले अब हालात बदलते हुए नजर आ रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 2 महीने पहले भी रशिया ने जेलेंस्की को मॉस्को आने का न्योता दिया था। बैठक करने के लिए बातचीत कही गई थी और अब जेलेंस्की ने जो कहा है उसने सभी को चौका दिया है। उन्होंने यह कहा कि अगर शांति का कोई भी मौका मिले तो मैं पुतिन से मिलने के लिए तैयार हूं। मैं सीधी बातचीत से पीछे नहीं हटूंगा क्योंकि यह जंग अब लोगों की जिंदगी का सवाल बन चुकी है। जरूरत पड़ी तो मैं मॉस्को जाने के लिए भी तैयार हूं। यही वो बयान है जिसने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और पश्चिमी देशों को चौंका दिया, क्योंकि अब तक यूक्रेन का रुख बेहद सख्त था। रूस से सीधी बातचीत से दूरी बनाई गई थी, लेकिन अब सीधे पुतिन से मिलने की बात सामने आई है।
एक्सपर्ट्स ये मानते हैं कि चार साल लंबी जंग से दोनों देश थक चुके हैं। भारी आर्थिक और सैन्य नुकसान हो चुका है और अब जंग एक स्टेलमेट की स्थिति में पहुंचती हुई नजर आ रही है, लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या वाकई यह मुलाकात होगी? क्या जेलस्की मॉस्को जाएंगे? और अगर जेलस्की मॉस्को गए तो क्या यह जंग खत्म होने की एक शुरुआत की तरफ बढ़ेगी? क्या यह उम्मीद हकीकत बनेगी या फिर एक और नाकाम कोशिश साबित होगी। यह तो आने वाला वक्त ही बता पाएगा, लेकिन जिस तरीके से अब जेलस्की ने पुतिन से मिलने की बात कही है, उसने इस वक्त पूरी दुनिया में हलचल मचा दी है।
सऊदी में मास क्रैकडाउन: हफ्तेभर में 14 हजार से ज्यादा लोग गिरफ्तार, कश्मीरी युवक हिरासत में
7 Apr, 2026 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रियाद। सऊदी अरब में अवैध रूप से रह रहे विदेशियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई जारी है। हाल ही में चलाए गए ‘मास क्रैकडाउन’ अभियान के तहत एक सप्ताह में 14,000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में एक कश्मीरी युवक भी है। यह अभियान देश के निवास, श्रम और सीमा सुरक्षा कानूनों के उल्लंघन पर रोक लगाने के उद्देश्य से चलाया गया।
मिनिस्ट्री ऑफ इन्टीरियर सऊदी अरेबिया के अनुसार, 26 मार्च से 1 अप्रैल के बीच विभिन्न सरकारी एजेंसियों के साथ संयुक्त निरीक्षण में कुल 14,242 लोगों को हिरासत में लिया गया। इनमें 7,884 लोग निवास कानून का उल्लंघन करते पाए गए, जबकि 3,948 लोगों को सीमा सुरक्षा नियम तोड़ने और 2,410 को श्रम कानून उल्लंघन के आरोप में पकड़ा गया। अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में से 23,815 को यात्रा दस्तावेज हासिल करने के लिए उनके दूतावासों के पास भेजा गया है। वहीं 6,808 लोगों को देश छोड़ने के लिए यात्रा बुकिंग पूरी करने का निर्देश दिया गया और 6,285 लोगों को डिपोर्ट किया जा चुका है।
इसके अलावा 1,449 लोगों को अवैध रूप से देश में प्रवेश करने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया, जिनमें अधिकतर यमन और इथियोपिया के नागरिक शामिल हैं। वहीं 29 लोगों को अवैध रूप से देश से बाहर निकलने की कोशिश में गिरफ्तार किया गया। सऊदी सुरक्षा बलों ने उन लोगों पर भी कार्रवाई की है, जो अवैध निवासियों को सहायता प्रदान कर रहे थे। ऐसे 25 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिन पर आवास, रोजगार या परिवहन सुविधा देने के आरोप हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर सख्त निगरानी
इस बीच, सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। अली खामेनेई से जुड़े एक पोस्ट के मामले में कश्मीर के एक युवक को हिरासत में लिया गया है। बताया जा रहा है कि उसने ईरान से संबंधित संवेदनशील मुद्दे पर पोस्ट किया था, जिसके बाद दम्माम में उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि सऊदी अरब सरकार कानून व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की ढील देने के मूड में नहीं है।
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