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अमेरिकी हमले में नाव में सवार 11 लोगों की मौत पर घिरे ट्रंप व हेगसेथ
8 Dec, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। वेनेजुएला से ड्रग्स सप्लाई के खिलाफ अभियान चला रहे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका लगा है। यह पूरा मामला 2 सितंबर को एक नाव पर अमेरिकी हमले के साथ शुरू हुआ। अमेरिका सरकार के मुताबिक इस नाव पर ड्रग्स लदे हुए थे और वह अमेरिका आ रही थी, लेकिन अब इस मामले पर सामने आई नई रिपोर्ट के मुताबिक वह नाव अमेरिका आ ही नहीं रही थी, जिस पर हमला करके ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस ऑपरेशन की कमान संभालने वाले एडमिरल ने सीनेटर्स को बताया कि यह नाव एक बड़े जहाज की तरफ जा रही थी, जो कि दक्षिण अमेरिकी देश सूरीनाम की तरफ जा रहा था। बता दें अमेरिकी नौसेना की तरफ से किए गए इस हमले में नाव पर सवार 11 लोगों की मौत हो गई थी।
ट्रंप ने इस स्ट्राइक का एक वीडियो साझा करते हुए लिखा था- यह स्ट्राइक तब की गई जब वेनेज़ुएला से आए ये पुख्ता तौर पर पहचान लिए गए नर्को-टेररिस्ट अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में ड्रग्स अमेरिका की ओर ले जा रहे थे। ये हिंसक ड्रग-तस्कर कार्टेल अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश नीति और अमेरिकी हितों के लिए खतरा हैं। स्ट्राइक में तीन पुरुष मारे गए। रिपोर्ट के मुताबिक एडमिरल ने बताया कि नाव दूसरे जहाज की तरफ जा रही थी, लेकिन नौसेना उसका पता नहीं लगा सकी। हालांकि, इस बात की संभावना है कि नाव सूरीनाम से अमेरिका की तरफ जा सकती थी, लेकिन सामान्यता सूरीनाम से जाने वाले ड्रग्स के रास्ते यूरोप की तरफ जाते हैं।
इस रिपोर्ट के खुलासे के बाद अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ की भूमिका अब जांच के दायरे में आ गई है। क्योंकि उन्होंने ही इस नाव को उड़ाने का आदेश दिया था। रिपोर्ट के मुताबिक एडमिरल ने सांसदों को बताया कि उसके समझ के मुताबिक मिशन का लक्ष्य सभी 11 लोगों को मारना और नाव को डुबो देना था। इस कारण हेगसेथ पर अब “पूरी वीडियो फुटेज जारी करने” का भारी दबाव बढ़ रहा है। बता दें हेगसेथ इस समय सिग्नल चैट के जरिए अमेरिका सैनिकों की लोकेशन को हूती विद्रोहियों के सामने सार्वजनिक करने के आरोप का भी सामना कर रहे हैं। ऐसे में इस मामले के खुलासे ने उनकी परेशानियों को और बढ़ा दिया है।
अमेरिकी हमले में नाव में सवार 11 लोगों की मौत पर घिरे ट्रंप व हेगसेथ
7 Dec, 2025 03:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। वेनेजुएला से ड्रग्स सप्लाई के खिलाफ अभियान चला रहे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका लगा है। यह पूरा मामला 2 सितंबर को एक नाव पर अमेरिकी हमले के साथ शुरू हुआ। अमेरिका सरकार के मुताबिक इस नाव पर ड्रग्स लदे हुए थे और वह अमेरिका आ रही थी, लेकिन अब इस मामले पर सामने आई नई रिपोर्ट के मुताबिक वह नाव अमेरिका आ ही नहीं रही थी, जिस पर हमला करके ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस ऑपरेशन की कमान संभालने वाले एडमिरल ने सीनेटर्स को बताया कि यह नाव एक बड़े जहाज की तरफ जा रही थी, जो कि दक्षिण अमेरिकी देश सूरीनाम की तरफ जा रहा था। बता दें अमेरिकी नौसेना की तरफ से किए गए इस हमले में नाव पर सवार 11 लोगों की मौत हो गई थी।
ट्रंप ने इस स्ट्राइक का एक वीडियो साझा करते हुए लिखा था- यह स्ट्राइक तब की गई जब वेनेज़ुएला से आए ये पुख्ता तौर पर पहचान लिए गए नर्को-टेररिस्ट अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में ड्रग्स अमेरिका की ओर ले जा रहे थे। ये हिंसक ड्रग-तस्कर कार्टेल अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश नीति और अमेरिकी हितों के लिए खतरा हैं। स्ट्राइक में तीन पुरुष मारे गए। रिपोर्ट के मुताबिक एडमिरल ने बताया कि नाव दूसरे जहाज की तरफ जा रही थी, लेकिन नौसेना उसका पता नहीं लगा सकी। हालांकि, इस बात की संभावना है कि नाव सूरीनाम से अमेरिका की तरफ जा सकती थी, लेकिन सामान्यता सूरीनाम से जाने वाले ड्रग्स के रास्ते यूरोप की तरफ जाते हैं।
इस रिपोर्ट के खुलासे के बाद अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ की भूमिका अब जांच के दायरे में आ गई है। क्योंकि उन्होंने ही इस नाव को उड़ाने का आदेश दिया था। रिपोर्ट के मुताबिक एडमिरल ने सांसदों को बताया कि उसके समझ के मुताबिक मिशन का लक्ष्य सभी 11 लोगों को मारना और नाव को डुबो देना था। इस कारण हेगसेथ पर अब “पूरी वीडियो फुटेज जारी करने” का भारी दबाव बढ़ रहा है। बता दें हेगसेथ इस समय सिग्नल चैट के जरिए अमेरिका सैनिकों की लोकेशन को हूती विद्रोहियों के सामने सार्वजनिक करने के आरोप का भी सामना कर रहे हैं। ऐसे में इस मामले के खुलासे ने उनकी परेशानियों को और बढ़ा दिया है।
क्यों और कैसे झुक गई शहबाज सरकार और कैसे मुनीर बन गए ‘सुपर पावर’
7 Dec, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद। पाकिस्तान की सियासत में चल रही लंबी खींचतान, सौदेबाजी और सत्ता संघर्ष का अंत आखिरकार उसी दिशा में गया, जिसकी लंबे समय से चर्चा थी। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अंततः सेना के दबदबे के आगे झुकते हुए जनरल आसिम मुनीर की ‘सुपर पावर’ नियुक्ति पर अपनी मुहर लगा दी। राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी ने भी इस प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए पाकिस्तान की सत्ता संरचना में एक ऐतिहासिक बदलाव की शुरुआत कर दी है। अब इस पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर शहबाज सरकार मुनीर के सामने झुक कैसे गई और ऐसा क्या दांव चला गया कि मुनीर सीडीएफ भी बन गए।
राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद फील्ड मार्शल जनरल आसिम मुनीर न केवल पाकिस्तान के चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (सीओएएस) बने रहेंगे, बल्कि वे देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेस (सीडीएफ) भी बन गए हैं। इस तरह पाकिस्तान के तीनों सेनाओं यानी थल, जल और वायु सेना की कमान अब एक ही अधिकारी के हाथों में होगी। यह नियुक्ति पाकिस्तान के संविधान में किए गए 27वें संशोधन के बाद संभव हुई है, जिसने सेना प्रमुख के अधिकार अभूतपूर्व रूप से बढ़ा दिए हैं।
कई हफ्तों की सौदेबाजी का नतीजा
इस फाइल पर हस्ताक्षर में हुई देरी महज तकनीकी नहीं थी। इस्लामाबाद के सत्ता गलियारों में पिछले कई हफ्तों से तनाव और खामोशी का दौर चल रहा था। सूत्रों के अनुसार, यह देरी शहबाज सरकार, नवाज शरीफ, उनकी बेटी मरियम नवाज, और सेना प्रमुख आसिम मुनीर के बीच गहन ‘गिव एंड टेक’ पर चली बातचीत का नतीजा थी।
पीएमएल-एन नेतृत्व, खासकर नवाज शरीफ, इस पावरफुल नियुक्ति के बदले में राजनीतिक सुरक्षा चाहते थे। नवाज, जो चौथी बार प्रधानमंत्री बनने के अपने सपने को पूरा होते देख रहे हैं, चाहते थे कि भविष्य में सेना उनका रास्ता न रोके। एक वरिष्ठ पीएमएल-एन सूत्र के अनुसार, यदि मुनीर अगले पांच साल सीडीएफ और सीओएएस बने रहना चाहते हैं, तो उन्हें नवाज शरीफ की सत्ता में वापसी सुनिश्चित करनी होगी।
सरकार के पास कोई विकल्प नहीं रहा?
सूत्रों का कहना है कि नवाज ने भविष्य की सेना नियुक्तियों में भी अपनी राय को महत्व देने की शर्त रखी थी। अंततः शहबाज सरकार ने प्रस्ताव को मंजूरी दी, जो यह दर्शाता है कि या तो सेना ने सभी राजनीतिक आश्वासन दे दिए, या सरकार के पास मानने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था।
वायुसेना को साधने की कोशिश
तनावपूर्ण माहौल के बीच राष्ट्रपति ज़रदारी ने एयर चीफ मार्शल जहीर अहमद बाबर सिद्धू के कार्यकाल में दो साल का विस्तार भी मंजूर किया। इसे आसिम मुनीर द्वारा सभी बलों को साथ लेकर चलने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
पाकिस्तान के भविष्य पर गहरा प्रभाव
आसिम मुनीर के हाथों में सीओएएस, सीडीएफ और फील्ड मार्शल जैसे रैंक का एक साथ आना पाकिस्तान में सत्ता के अभूतपूर्व केंद्रीकरण की ओर इशारा करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह नियुक्ति पाकिस्तान के ‘हाइब्रिड शासन मॉडल’ को और मजबूत करती है, जिसमें सरकार दिखती है लेकिन असली ताकत सेना के पास होती है। शहबाज सरकार द्वारा मुनीर को यह सुपर पावर देना इस बात की खुली स्वीकारोक्ति है कि पाकिस्तान में असली ‘किंगमेकर’ कौन है। नवाज शरीफ को सत्ता में वापसी के लिए जिस तरह सेना के सामने झुकना पड़ा, उसने एक बार फिर पाकिस्तान की असैन्य सरकार की मजबूरी उजागर कर दी है।
सिर्फ खाना ही नहीं............पुतिन के साथ उनका विशेष पानी भी चलता हमेशा साथ
7 Dec, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मॉस्को। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दुनिया के उन दुर्लभ नेताओं में शुमार हैं, जो अपने पीने और खाने के पानी को हमेशा अपने साथ रखते हैं। चाहे वह विदेश में किसी दौरे पर हों, उनका पानी हमेशा उनके साथ होता है। इतना ही नहीं, उनका टूथब्रश तक इसी पानी से इस्तेमाल होता है। नहाने और टॉयलेट के लिए पुतिन होटल के पानी का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इसके लिए भी सुरक्षा टीम पहले से पूरी जांच करती है।
दुनिया में अमेरिका जैसे देशों के राष्ट्रपति अपने पानी के लिए ऐसा प्रावधान नहीं रखते, लेकिन रूस के पुतिन, उत्तर कोरिया के किम जोंग उन और चीन के शी जिनपिंग अपने खाने और पीने के पानी को साथ लेकर चलते हैं। जब पुतिन विदेश दौरे पर होते हैं, तब उनके साथ एक टीम होती है, जो उनके खाने-पीने की सामग्री और पानी की सुरक्षा को देखती है।
पुतिन के लिए पानी की बोतलें विशेष विमान से आती हैं। जैसे ही वह किसी देश में पहुँचते हैं, उनके लिए लदी हुई बोतलें होटल तक पहुंचाती हैं। दिनभर के कार्यक्रमों, मीटिंग्स और अन्य गतिविधियों में भी उनकी टीम पानी के खास इंतजाम रखती है, ताकि पुतिन को किसी भी समय सुरक्षित पानी मिल सके। सार्वजनिक और अंतरराष्ट्रीय मीटिंग्स में भी उनके पास हमेशा यही पानी रहता है। वह आम तौर पर छोटे-छोटे सिप में पानी पीते हैं और चाय-कॉफी का सेवन नहीं करते।
पुतिन के साथ उनकी किचन टीम और फूड टेस्टिंग लैब होती है, जो उनके लिए भोजन तैयार करती है। होटल में पहुंचते ही फटाफट किचन सेटअप होता है और रूस से लाए गए भोजन और सीलबंद बोतलबंद पानी का इस्तेमाल किया जाता है। सुरक्षा टीम यह सुनिश्चित करती है कि कोई भी वस्तु या पानी असुरक्षित न हो, और किसी भी तरह का वेस्ट तुरंत नष्ट किया जाता है।
हालांकि सार्वजनिक आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन यह स्पष्ट है कि पुतिन अपने विदेशी दौरे में होटल या स्थानीय पानी का बिल्कुल भी उपयोग नहीं करते। वे केवल अपने साथ लाया हुआ रूस का पानी पीते हैं और खाना बनाने में भी इसी पानी का इस्तेमाल किया जाता है। नहाने के लिए होटल का पानी इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन केवल तब जब सुरक्षा टीम ने पूरी तरह जांच लिया हो। हाथ धोना, टूथब्रश या मुंह साफ करने के लिए भी उनके अपने पानी का इस्तेमाल किया जाता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति को मिला ‘शांति पुरस्कार’, उत्साहित होकर खुद ही उठाकर गले में डाल लिया
7 Dec, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन,। आखिरकार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को शांति का पुरस्कार मिल ही गया। फुटबॉल की वैश्विक संस्था (फीफा) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपने नए फीफा शांति पुरस्कार से सम्मानित किया है। यह पुरस्कार खेल से इतर वैश्विक शांति को ध्यान में रखकर बनाया गया है और ट्रंप इसके पहले विजेता हैं। ट्रंप ने खुद ही इसे अपने गले में डाल लिया। इसके साथ ही ट्रंप को एक सर्टिफिकेट भी दिया गया, जिसमें ट्रंप को दुनिया में शांति और एकता बढ़ाने में योगदान देने वाला बताया गया।
डोनाल्ड ट्रंप का नोबेल शांति पुरस्कार के लिए प्रेम किसी से छिपा नहीं है। ऐसा माना जा रहा है कि फीफा द्वारा इस साल से शुरू किया जा रहा है शांति पुरस्कार ट्रंप को ही मिलेगा। वैसे बी फीफा के वर्तमान अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो को ट्रंप का करीबी माना जाता है। वह कई बार खुले तौर पर इस बात को कह चुके हैं कि गाजा संघर्ष में युद्धविराम करवाने के लिए ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार मिलना ही चाहिए। फीफा के अगले विश्वकप के लिए आयोजित किए जा रहे एक कार्यक्रम में जियानी ने अमेरिकी राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए ट्रंप को यह पुरस्कार देने का ऐलान किया। उन्होंने कहा, यह आपके लिए एक सुंदर मेडल है, जिसे आप जहां चाहें, वहां पहन सकते हैं। इसके बाद ट्रंप ने तुरंत ही इसे अपने गले में डाल लिया। इसके साथ ही ट्रंप को एक सर्टिफिकेट भी दिया गया, जिसमें ट्रंप को दुनिया में शांति और एकता बढ़ाने में योगदान देने वाला बताया गया।
इसके अलावा जियानी ने ट्रंप को एक सोने की ट्राफी भी भेंट की। इस पर आगे ट्रंप का नाम लिखा हुआ था। उन्होंने कहा, आप इस शांति पुरस्कार के योग्य हैं, अपनी कोशिशों और उपलब्धियों के लिए।फीफा शांति पुरस्कार मिलने के बाद ट्रंप उत्साहित नजर आए। उन्होंने कहा, यह मेरे जीवन के सबसे बड़े सम्मानों में से एक है। इसके बाद उन्होंने अपने परिवार, खासतौर पर अपनी पत्नी मेलानिया का धन्यवाद दिया और मेजबान देशों कनाडा और मेक्सिको के नेताओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह तीनों देशों के लिए बेहतर रहेगा।
नोबेल (1901 से) दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित शांति पुरस्कार है, जिसे स्वतंत्र नॉर्वेजियन कमिटी देती है और मदर टेरेसा, मलाला, मंडेला जैसे दिग्गजों को मिल चुका है। वहीं फीफा पीस प्राइज पूरी तरह नया है, जिसके नियम-पद्धति अस्पष्ट हैं और पहला विजेता खुद फीफा अध्यक्ष ने चुना। सोशल मीडिया पर लोग इसे मजाक बना रहे हैं। ज्यादातर यूजर्स इसे ट्रंप को खुश करने के लिए बनाया गया अवॉर्ड और फीफा का सेल्फ-गोल जैसे कमेंट कर रहे हैं।
भावुक होकर बोले ट्रंप– यह मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान
राष्ट्रपति ट्रंप को फीफा ने अपना पहला ‘फीफा पीस प्राइज’देकर दुनिया को चौंका दिया। 2025 में शुरू हुए इस नए पुरस्कार के पहले विजेता ट्रंप बने। दोहा में आयोजित समारोह में ट्रंप ने पुरस्कार लेते हुए भावुक स्वर में कहा, यह सचमुच मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान है। उन्होंने अपनी पत्नी और पूर्व फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप को भी धन्यवाद दिया।
इशाक डार ने रखी सार्क की जगह एक नई रीजनल बॉडी बनाने की मांग
7 Dec, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद,। पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने लंबे समय से बंद दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) की जगह एक नई रीजनल बॉडी बनाने की मांग प्रमुखता से उठाई है। इंस्टीट्यूट ऑफ स्ट्रैटेजिक स्टडीज इस्लामाबाद (आईएसएसआई) में आयोजित कार्यक्रम में डार ने इशारों ही इशारों में भारत को धमकाने का काम भी कर दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि दक्षिण एशिया अब जीरो-सम माइंडसेट, पॉलिटिकल फ्रैगमेंटेशन और खराब रीजनल आर्किटेक्चर में फंसा नहीं रह सकता।
पाकिस्तान के विदेश मंत्री डार का कहना है, कि पाकिस्तान खुला और सभी को साथ लेकर चलने वाला रीजनलिज्म चाहता है। उन्होंने सार्क के बाहर उभरते मल्टीलेटरल प्लेटफॉर्म के लिए पाकिस्तान के समर्थन का जिक्र किया। डार ने कहा कि इस साल की शुरुआत में पाकिस्तान, बांग्लादेश और चीन ने कॉमन इंटरेस्ट के एरिया में आपसी सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक ट्राइलेटरल मैकेनिज्म बनाया है। यह मैकेनिज्म खास तौर पर भारत के खिलाफ बनाया है, जिससे बांग्लादेश पहले ही किनारा कर चुका है। यहां पर डार ने भारत का परोक्ष जिक्र किया और कहा, इस कॉन्सेप्ट को बढ़ाया और दोहराया जा सकता है। जैसा कि मैंने पहले कहा है, इकोनॉमी से लेकर रीजनल प्रायोरिटी तक के मुद्दों पर अलग-अलग ज्योमेट्री वाले ग्रुप्स को किसी की सख्ती का बंधक नहीं बनाया जा सकता और न ही बनाया जाना चाहिए।
गौरतलब है कि हाल ही में कुनमिंग में पाकिस्तान, चीन और बांग्लादेश की तीन तरफा मीटिंग हुई, जो अपनी तरह की पहली मीटिंग थी। यहां चल रही बातचीत में एक अहम कदम था। सार्क को कभी दक्षिण एशिया का ईयू माना जाता था। यह संगठन 2016 से निष्क्रिय है। उस साल भारत में हुए आतंकी हमलों में पाकिस्तान का हाथ होने के कारण भारत ने इस्लामाबाद में होने वाले शिखर सम्मेलन का बॉयकॉट किया था। उस समय शेख हसीना के नेतृत्व में बांग्लादेश ने भी ऐसा ही किया था। अपने भाषण में, पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने साउथ एशियन देशों से इतिहास के बोझ से बाहर निकलने और सिक्योरिटी, इकॉनमी, क्लाइमेट अडैप्टेशन और कनेक्टिविटी में कोऑपरेशन करने की अपील की। उन्होंने मई में हुए भारत-पाकिस्तान संघर्ष का जिक्र कर कहा कि यह ऐसा सबूत है, जो बताता है कि यह क्षेत्र कितना नाजुक बना हुआ है।
ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स के जंगलों में लगी भीषण आग, हाई अलर्ट जारी
7 Dec, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कैनबरा। ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स स्थित जंगलों में भीषण आग ने हालात बेहद गंभीर कर दिए हैं। यहां का तापमान 42 डिग्री होने के साथ ही तेज हवाओं के कारण आग और उग्र हो गई है। राज्य के कई हिस्सों में इमरजेंसी अलर्ट जारी कर लोगों को तुरंत घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की सलाह दी गई है। स्थिति इतनी भयावह है कि कई इलाकों से सामने आए वीडियो दिल दहला देने वाले हैं।
जानकारी अनुसार सेंट्रल कोस्ट से लेकर हंटर रीजन तक आग तेजी से फैल रही है। सिर्फ शनिवार को सेंट्रल कोस्ट इलाके में हजारों हेक्टेयर जंगल जलकर खाक हो गया। फेगन्स बे और वॉय-वॉय जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में सबसे ऊंचा अलर्ट जारी किया गया है। यह इलाका करीब 3.5 लाख लोगों का घर है और सिडनी से सिर्फ 45 किलोमीटर दूर स्थित है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अब तक 16 घर आग की चपेट में आ चुके हैं और संख्या बढ़ने की आशंका है। न्यू साउथ वेल्स रुरल फायर सर्विस की टीम ने लोगों से अपील की है कि अगर निकलने का रास्ता सुरक्षित है तो तुरंत स्थान बदल लें।
जानकारी अनुसार राज्य में कुल 50 से अधिक स्थानों पर आग भड़क रही है। अपर हंटर की मिल्सन्स गली की आग सबसे गंभीर बताई जा रही है, जिसमें 10,000 हेक्टेयर से ज्यादा वन क्षेत्र जल चुका है। हवा की दिशा लगातार बदलने के कारण नुकसान का सही आकलन करना मुश्किल हो रहा है। सेंट्रल कोस्ट के कूलेवोंग इलाके में कम से कम 12 घर पूरी तरह जल गए। आरएफएस अधिकारी के अनुसार, टीमों के पहुंचने से पहले ही कई घर नष्ट हो चुके थे। फायरफाइटर्स की कोशिश है कि आग वॉय वॉय जैसे बड़े शहरों तक न पहुंचे।
तस्मानिया के डॉल्फिन सैंड्स में भी आग ने दर्जनों घर, शेड और वाहन जला दिए हैं। यहां 700 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ और दो फायरफाइटर्स घायल हुए। कुछ इलाकों में बिजली के खंभे जल जाने के कारण एक हफ्ते तक बिजली न आने की आशंका है। विशेषज्ञों का कहना है कि तेज हवाएं और गर्म, सूखा मौसम आने वाले दिनों में आग को और खतरनाक बना सकता है। अधिकारियों ने जनता से सतर्क रहने और चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।
शहबाज-मुनीर को लगेगी मिर्ची, पुतिन ने तालिबान पर दिया चौंकाने वाला बयान
6 Dec, 2025 06:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत की दो दिवसीय यात्रा करके वापस जा चुके हैं. जहां एक ओर अमेरिका के टैरिफ वॉर ने पूरी दुनिया में अनिश्चितता की स्थिति पैदा कर दी है. वहीं दूसरी ओर भारत के सबसे पुराने दोस्त रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत की यात्रा की. रूसी राष्ट्रपति का भारत का दौरा पूरी दुनिया में चर्चा का विषय रहा. लेकिन इस दौरान व्लादिमीर पुतिन भारत से जाते-जाते कुछ ऐसा बोल गए, जिससे पाकिस्तान को बड़ा संदेश गया है |
‘तालिबान ने अफगानिस्तान को संभाला’
भारत से रवाना होने से पहले रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अफगानिस्तान की तालिबानी सरकार की तारीफ की. उन्होंने कहा कि अफगानी सरकार ने आतंकवाद से निपटने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं. तालिबान सरकार बहुत अच्छा काम कर रही है. तालीबान सरकार अफीम के खिलाफ भी लड़ाई लड़ रही है. इस कारण रूस ने तालिबानी सरकार को मान्यता दी है | बता दें कि रूस पहला देश है जिसने अफगानिस्तान की तालिबानी सरकार को मान्यता दी है |
‘तालिबानी सरकार ड्रग्स की चुनौती का सामना कर रही’
पुतिन ने तालिबानी सरकार की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि हमको ये स्वीकार करना होगा कि अफगानिस्तान कई दशकों तक गृहयुद्ध का सामना करता रहा है. लेकिन तालिबान की सरकार ने अफगानिस्तान को संभाल लिया. इसके अलावा कई बिंदुओं पर अफगानी सरकार काफी अच्छा काम कर रही है.
पाकिस्तान और तालिबानी सरकार के बीच तनाव
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के रिश्तों में पिछले कुछ समय से तनाव है. ऐसे में समय में रूसी राष्ट्रपति की अफगानी सरकार की तारीफ करने से पाकिस्तान को मिर्ची लगेगी. पाकिस्तान लगातार अफगानिस्तान की तालिबानी सरकार पर आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाता रहा है. कुछ समय पहले तालिबान सरकार के एक मंत्री ने भारत की यात्रा भी की थी. इसके बाद भी पाकिस्तान बौखलाया था. वहीं अब रूसी राष्ट्रपति के तालिबानी सरकार की इस तरह तारीफ करना निश्चित ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और पाक सेना प्रमुख जनरल आसिफ मुनीर को नागवार गुजरेगा |
पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर टकराव, चार की जान गई और कई घायल
6 Dec, 2025 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर एक बार फिर से तनाव बढ़ गया है. दोनों देशों के बीच चमन सीमा पर भारी गोलीबारी हुई है. अफगानिस्तान के अधिकारियों ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से हुई भारी गोलीबारी में चार नागरिकों की मौत हो गई है |
रिपोर्ट के मुताबिक, अफगानिस्तान के स्पीन बोल्डक जिले के गवर्नर ने शनिवार (6 दिसंबर, 2025) को इन मौतों की पुष्टि भी कर दी है. वहीं, पाकिस्तान के जिला अस्पतालों में घायलों को लाए जाने की सूचना है. हालांकि, पाकिस्तान ने कहा कि गोलीबारी में कोई मारा नहीं गया है |
दोनों पक्ष एक-दूसरे पर लगा रहे पहले हमला करने का आरोप
दोनों पक्षों के अधिकारियों ने एक-दूसरे पर शुक्रवार (5 दिसंबर, 2025) को बलूचिस्तान प्रांत से लगी सीमा पर गोलीबारी का आरोप लगाया. अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी अधिकारियों ने कहा कि अफगान बलों ने बदानी इलाके में मोर्टार दागे थे. जबकि अफगान तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने आरोप लगाया कि स्पिन बोल्दक पर हमला पाकिस्तान ने किया था. उन्होंने दावा किया कि उनके बलों ने जवाबी कार्रवाई की. पाकिस्तान के आधिकारिक सूत्रों ने डॉन को बताया कि पाकिस्तानी बलों ने अफगान हमले के जवाब में गोलीबारी की. इसके अलावा, चमन-कंधार राजमार्ग पर भी गोलीबारी की सूचनाए हैं, लेकिन इनकी फिलहाल पुष्टि नहीं हो सकी है |
क्वेटा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर पुष्टि की कि गोलीबारी रात करीब 10 बजे शुरू हुई और देर रात तक जारी रही. चमन जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक ने कहा कि एक महिला समेत तीन घायलों को अस्पताल लाया गया है. जबकि पाकिस्तानी सेना की मीडिया शाखा ISPR या विदेश कार्यालय की ओर से इस बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है |
पिछले महीने भी जारी था दोनों देशों के बीच तनाव
चमन सीमा को फ्रेंडशिप गेट (मैत्री द्वार) के नाम से भी जाना जाता है. यह बलूचिस्तान प्रांत को अफगानिस्तान के कंधार से जोड़ती है. दोनों देश पिछले महीने तनाव के बाद युद्धविराम समझौते पर सहमत हुए थे, लेकिन पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने पिछले महीने कहा था कि तकनीकी रूप से कोई युद्धविराम समझौता लागू नहीं है, क्योंकि यह अफगान तालिबान की ओर से पाकिस्तान में आतंकवादी हमलों को रोकने पर निर्भर करता है और वह ऐसा करने में असफल रहा है |
पर्ल हार्बर की याद ताजा: फ्रांस की न्यूक्लियर पनडुब्बियों पर ड्रोन का संकट
6 Dec, 2025 11:42 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रूस यूक्रेन युद्ध के कारण यूरोप में तनाव पहले ही अपने चरम पर है और इसी बीच फ्रांस से बेहद चिंता बढ़ाने वाली घटना सामने आई है. देश के सबसे सुरक्षित सैन्य ठिकाने आइले लॉन्ग प्रायद्वीप पर स्थित न्यूक्लियर सबमरीन बेस के ऊपर पांच अनजान ड्रोन मंडराते देखे गए. यह वही जगह है जहां फ्रांस अपनी चार परमाणु बैलिस्टिक पनडुब्बियां रखता है. अगर यह अटैक करने की कोई साजिश होती तो यह फ्रांस का पर्ल हार्बर मोमेंट हो सकता था. दरअसल दूसरे विश्वयुद्ध में जापान ने अमेरिका के पर्ल हार्बर पर हमला बोला था, जिस कारण अमेरिकी बेस पर तबाही मची थी. इस हमले के बाद अमेरिका युद्ध में उतरा था. रिपोर्ट के अनुसार, घटनास्थल नॉर्थवेस्ट फ्रांस का वह इलाका है जिसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी अटलांटिक मैरिटाइम प्रीफेक्चर संभालता है. इनके प्रवक्ता गिलोम ले रस्ले ने पुष्टि की कि ड्रोन संवेदनशील इन्फ्रास्ट्रक्चर के बिल्कुल ऊपर देखे गए, हालांकि उन्होंने कहा कि तत्काल कोई खतरा नहीं था. उनके अनुसार यह हरकत ‘जनता को डराने की कोशिश’ भी हो सकती है |
ड्रोन दिखने पर फ्रांस ने क्या किया?
फ्रांस के अखबार ले मोंड की रिपोर्ट के मुताबिक, ड्रोन दिखते ही काउंटर-ड्रोन और सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया. मरीन राइफल बटालियन, जो इस बेस की सुरक्षा संभालती है, ने ड्रोन पर फायर भी किया. हालांकि यह अभी साफ नहीं है कि कोई ड्रोन मार गिराया गया या नहीं. न्यूक्लियर सबमरीन जैसा संवेदनशील ठिकाना होने के कारण यह घटना यूरोप में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा रही है. फ्रांस लंबे समय से ऐसी किसी संभावित ‘हाइब्रिड वारफेयर’ गतिविधि के खतरे को लेकर सतर्क रहा है |
क्या पहले भी ड्रोन दिखने के आए मामले?
यह घटना उसी पैटर्न का हिस्सा है जो पिछले कुछ महीनों से पूरे यूरोप में देखा जा रहा है. इसी हफ्ते आयरलैंड के पश्चिमी तट पर भी 4-5 ड्रोन देखे गए, जो यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की की फ्लाइट के ठीक बाद उनके रास्ते में दिखाई दिए. ड्रोन आयरिश नेवी के जहाज ‘ले विलियम बटलर येट्स’ के ऊपर लगभग स्थिर हो गए, मानो ये जानबूझकर दिखना चाहते हों. सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि यह घटनाएं किसी बड़े पैमाने पर यूरोप की हवाई सुरक्षा को परखने की कोशिश भी हो सकती हैं |
यूरोप में लगातार हो रही ड्रोन की घटनाएं
10 सितंबर से अब तक कई यूरोपीय देशों ने अपने हवाई क्षेत्र में रहस्यमय ड्रोन देखे हैं. सबसे गंभीर मामला पोलैंड का था, जहां बेलारूस से 19 ड्रोन सीमा पार करते देखे गए थे. तब से लेकर अब तक कई देशों ने रूस पर इसके आरोप लगाए हैं. हालांकि रूस हर बार जिम्मेदारी से इनकार करता रहा है |
जलवायु परिवर्तन ने दुनियाभर के शहरों को भीषण गर्मी में धकेला
5 Dec, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लंदन । जलवायु परिवर्तन की रफ्तार ने दुनिया भर के शहरों को अभूतपूर्व गर्मी में धकेल दिया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक आने वाले दशकों में शहरी तापमान 2 डि्गी से 7 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने की आशंका है। अर्बन हीट आइलैंड प्रभाव के कारण कॉन्क्रीट और भीड़भाड़ वाले इलाकों में गर्मी और ज्यादा असहनीय हो सकती है। इसका सबसे ज्यादा असर गरीब, बच्चे, बुजुर्ग और खुले में काम करने वाले लोगों पर पड़ेगा।
रिपोर्ट में बताया गया है कि बढ़ती गर्मी के चलते श्रमिक उत्पादकता में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी। 1995 से 2030 के बीच गर्मी के कारण 3.75 मिलियन फुल-टाइम नौकरी के बराबर कामकाजी घंटे खो चुके हैं, जो 2030 तक बढ़कर 8.1 मिलियन के स्तर तक जा सकते हैं। इसके चलते वैश्विक आर्थिक नुकसान करीब 498 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।
रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली, टोक्यो, बीजिंग, करांची, ढाका और जकार्ता जैसे बड़े शहरों में अगले वर्षों में भीषण गर्मी, स्वास्थ्य संकट, पानी की कमी और कूलिंग उपकरणों की बढ़ी मांग देखने को मिलेगी। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक हीटवेव के कारण हीटस्ट्रोक के मामले वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ रहे हैं। 2000–2021 के बीच 65 साल से जयादा आयु के लोगों में गर्मी से होने वाली मौतों में 85फीसदी तक वृद्धि दर्ज की गई है। केवल यूरोप में 2022 की गर्मियों में 61,000 से ज्यादा अतिरिक्त मौतें दर्ज की गई।
क्लाइमेट विशेषज्ञ बताते हैं कि 2008 से 2019 के बीच भारत के दस प्रमुख शहरों में हर साल औसतन 1,116 लोगों की जान हीटवेव से गई। उनका कहना है कि बढ़ती गर्मी से निपटने तुरंत राहत उपायों और दीर्घकालिक शहरी योजना दोनों जरूरी हैं। शहरों में ग्रीन कवर बढ़ाना, जलाशयों को संरक्षित करना और कंक्रीट के उपयोग को घटाना जरुरी कदम हैं। कृषि पर भी गर्मी का प्रभाव दिख रहा है। वैज्ञानिक कम पानी और गर्मी झेलने वाली फसलों की प्रजातियां विकसित करने में जुटे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि हिमालयी ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं, जिससे कृत्रिम झीलों और अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ रहा है। आने वाले समय में नदियों के जलप्रवाह और मैदानी क्षेत्रों में बाढ़ की आवृत्ति बढ़ सकती है।
विशेषज्ञ ने चेतावनी दी हैं कि हीटवेव को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है। अत्यधिक तापमान शरीर के अंगों को क्षति पहुंचा सकता है और समय पर मदद न मिले तो जीवन खतरे में पड़ सकता है। बढ़ती गर्मी की चुनौती से निपटने के लिए समाज और सरकार दोनों को अभी से तैयारी करनी होगी।
हिजाब महिलाओं की गरिमा को बचाता है, वहीं पश्चिम उन्हें भोग की वस्तु बनाता है: खामेनेई
5 Dec, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तहरान। ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई ने एक बार फिर अनिवार्य हिजाब और सख्त ड्रेस कोड का खुलकर बचाव किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लगातार पोस्ट करते हुए उन्होंने पश्चिमी देशों पर तीखा हमला बोला और दावा किया कि इस्लाम महिलाओं को सच्ची आजादी और सम्मान देता है, जबकि पश्चिमी पूंजीवादी व्यवस्था उन्हें महज यौन वस्तु बना देती है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान की संसद के 150 से ज्यादा सांसदों ने न्यायपालिका पर हिजाब कानून को ढीला करने का आरोप लगाया था। ठीक एक दिन बाद खामेनेई ने जवाब दिया। उन्होंने लिखा, समाज का पहला कर्तव्य है महिलाओं की सुरक्षा, गरिमा और शांति सुनिश्चित करना। इस्लाम ठीक यही करता है। पश्चिम में पूंजीवाद महिलाओं को विज्ञापनों, फिल्मों और फैशन की भेंट चढ़ाता है। वहाँ औरत को सिर्फ शरीर समझा जाता है। खामेनेई ने पश्चिमी समाज में लैंगिक वेतन असमानता का भी जिक्र किया। उनका कहना था कि वहाँ महिलाओं से समान काम करवाया जाता है, लेकिन वेतन कम दिया जाता है और उनका शारीरिक शोषण आम है। इसके उलट इस्लाम में महिला को घर का फूल बताया गया है। उन्होंने हदीस का हवाला देते हुए लिखा, “महिला नौकरानी नहीं है। वह फूल है, जिसकी देखभाल करनी है। उसकी खुशबू और रंग पूरे घर को महकाते हैं। उसे सम्मान और सुरक्षा दो, वह तुम्हें समृद्ध करेगी।
खामेनेई ने यह भी कहा कि हिजाब और पर्दे का कानून औरत को सड़क पर चलते हुए पुरुषों की भूखी नजरों से बचाता है और उसे एक सम्मानजनक पहचान देता है। उनके मुताबिक पश्चिमी आजादी का मतलब सिर्फ नग्नता और भोग है, जबकि इस्लामी व्यवस्था औरत को सशक्त बनाती है, उसे पढ़ने-लिखने, आगे बढ़ने और अपनी पहचान बनाने का पूरा हक देती है। 2022 में महसा अमीनी की हिरासत में मौत के बाद ईरान में हिजाब विरोधी बड़े आंदोलन हुए थे। उसके बाद से कानून को और सख्त करने की मांग तेज हो गई थी। खामेनेई के ताजा बयानों ने उस बहस को फिर हवा दे दी है। सरकार अब नए कानून पर काम कर रही है, जिसमें हिजाब न पहनने पर भारी जुर्माना और जेल की सजा का प्रावधान होगा। खामेनेई का संदेश साफ है – हिजाब कोई दमन नहीं, महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा का इस्लामी तरीका है।
अमेरिका में छात्र को भारी हथियारों, दर्जनों राउंड गोलियों के साथ किया गिरफ्तार
5 Dec, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। अमेरिका में पुलिस ने यूनिवर्सिटी ऑफ डेलावेयर के पूर्व छात्र को भारी हथियारों, दर्जनों राउंड गोलियों, बॉडी आर्मर और एक खतरनाक मैनिफेस्टो के साथ गिरफ्तार किया है। 25 साल का छात्र को 24 नवंबर की आधी रात से ठीक पहले पकड़ा जब वह पार्क में संदिग्ध हालात में पिकअप में बैठा था। अधिकारियों के मुताबिक उसके व्यवहार पर शक होने के बाद जब ट्रक की तलाशी ली गई तो अंदर का नजारा देख सब हैरान रह गए।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस को एक .357 ग्लॉक पिस्टल, 27 राउंड की कई भरी हुई मैगजीन्स और बॉडी आर्मर प्लेट्स मिली। अभियोजन पक्ष के मुताबिक यह पिस्टल ऐसे किट में फिट की गई थी कि वह सेमी-ऑटोमैटिक राइफल की तरह काम कर सके। इससे साफ होता है कि हथियारों का यह जखीरा किसी साधारण इस्तेमाल के लिए नहीं था। उसे तब पकड़ा गया है जब कुछ दिन पहले ही व्हाइट हाउस के पास एक अफगान नागरिक ने दो नेशनल गार्ड्स पर हमला किया था। इस शख्स के पास एक नोटबुक मिली, जिसमें खतरनाक बातें लिखी हैं।
सबसे ज्यादा चिंता उस नोटबुक से बढ़ी जो उसके साथ बरामद हुई. इसमें हाथ से लिखे नोट्स थे जिनमें यूनिवर्सिटी ऑफ डेलावेयर कैंपस पुलिस डिपार्टमेंट पर हमला करने की कथित योजना दर्ज थी। नोटबुक में मुख्यालय का बनाया गया नक्शा भी था, जहां एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स मार्क किए हुए थे। एक रिपोर्ट के मुताबिक इसमें हमले के बाद पुलिस से बच निकलने की रणनीति, इस्तेमाल होने वाले हथियारों का विवरण और कई ऐसी बातें थीं जिन्हें पुलिस ‘पूर्व नियोजित हमले की योजना’ बता रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक गिरफ्तारी के बाद लुकमान ने कथित रूप से कहा कि शहीद बनना सबसे बड़ी चीजों में से एक है। पुलिस के लिए यह बयान इस कथित साजिश की गंभीरता को और बढ़ाने वाला था। योजनाओं में एक कैंपस पुलिस अधिकारी का नाम भी दर्ज था, लेकिन अभी यह साफ नहीं है कि वह निशाने पर क्यों था? बताया जा रहा है गिरफ्तार छात्र पाकिस्तान में पैदा हुआ था, लेकिन बचपन से अमेरिका में रह रहा है और अमेरिकी नागरिक है। गिरफ्तारी के बाद उसके घर पर छापा मारा और वहां से हथियार बरामद किए गए हैं। जांच एजेंसी अब यह समझने की कोशिश कर रही है कि क्या लुकमान अकेले काम कर रहा था या इसके पीछे कोई और भी शामिल है।
अमेरिका में एफ-16सी फाइटिंग फाल्कन जेट ट्रेनिंग के दौरान क्रैश
5 Dec, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन,। कैलिफोर्निया के आसमान में अमेरिकी एयरफोर्स के मशहूर थंडरबर्ड्स एरियल डेमो टीम का एक एफ-16सी फाइटिंग फाल्कन ट्रेनिंग के दौरान क्रैश हो गया। हादसा गुरुवार सुबह करीब 10.45 बजे हुआ, लेकिन राहत की बात यह है कि पायलट समय रहते बाहर निकल आया और सुरक्षित रूप से जमीन पर उतरा गया। एयरफोर्स की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि पायलट की हालत स्थिर है और वह मेडिकल टीम की देखरेख में है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ट्रेनिंग मिशन नियंत्रित एयरस्पेस में चल रहा था। हादसे के तुरंत बाद आसमान में पैराशूट लटकते हुए पायलट को नीचे आते देख लोगों ने वीडियो और तस्वीरें साझा कीं जो सोशल मीडिया पर तेजी से से वायरल हो गईं। इन तस्वीरों में क्रैश के बाद उठता धुआं और सूखी झील के किनारे बिखरा मलबा साफ नजर आ रहा है। एयरफोर्स ने कहा है कि घटना की जांच शुरू कर दी गई है और 57वीं विंग पब्लिक अफेयर्स ऑफिस आगे की जानकारी उपलब्ध कराएगा। अभी यह साफ नहीं है कि ट्रेनिंग मिशन के दौरान ऐसी स्थिति कैसे बनी जिसमें पायलट को इजेक्ट करना पड़ा। जांच के बाद ही खराबी या वजह का पता चल सकेगा।
रिपेार्ट के मुताबिक मौके पर स्थानीय एजेंसियों ने तत्काल रेस्क्यू और फायर कंट्रोल का काम संभाला। विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि उन्हें सुबह 10.30 बजे क्रैश की सूचना मिली और तुरंत फायर सपरेशन ऑपरेशन शुरू किया गया। हादसा जिस इलाके में हुआ, वह एक सूखी झील है, जहां ट्रेनिंग मिशन के दौरान कई बार फाइटर जेट्स की लो फ्लाइंग होती है। अधिकारियों के मुताबिक आग फैलने से पहले ही उसे नियंत्रित कर लिया गया ताकि आसपास के क्षेत्र को किसी तरह का नुकसान न हो।
इंटरनेशनल मुजाहिद दिखाने की चाहत में लगा मुनीर........इमरान ने निकाली जमकर भड़ास
5 Dec, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कराची। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के जेल से जारी बयान में पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जेल में बंद इमरान ने आर्मी चीफ जनरल मुनीर पर जमकर भड़ास निकाली है। इमरान ने आरोप लगाया है कि आसिम मुनीर खुद को इंटरनेशनल मुजाहिद (लड़ाका) दिखाने और पश्चिमी समर्थन पाने के लिए जानबूझकर अफगानिस्तान के साथ तनाव बढ़ा रहे हैं। इमरान खान ने मुनीर को मानसिक रूप से बीमार बताया है, जिसके कारण उनके मुताबिक पाकिस्तान में कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा हो गई है और संविधान और कानून का राज पूरी तरह से खत्म हो गया है।
इमरान के अनुसार, मुनीर की नीतियों (अफगानों को धमकाना, शरणार्थियों को निकालना, ड्रोन हमले करना) ने अफगानिस्तान के साथ संबंधों को खराब किया है और आतंकवाद के कैंसर को कंट्रोल से बाहर कर दिया है।
इमरान खान ने कहा कि उन्हें पूरी तरह से अकेले कैद में रखा गया है और जेल मैनुअल के तहत मिलने वाली बुनियादी ज़रूरतें भी छीन ली गई हैं। उन्होंने इसे साइकोलॉजिकल टॉर्चर और टार्चर करार दिया है। यह बयान उनकी बहन डॉ. उज़मा खान से एक महीने से ज़्यादा समय बाद रावलपिंडी की अदियाला जेल में मुलाकात के एक दिन बाद आया है। उन्होंने दावा किया है कि उनकी पत्नी को फर्जी मामलों में जेल में बंद रखा गया है और वह बहुत ज़्यादा दबाव में हैं। खान ने आरोप लगाया कि उनकी बहन नोरीन नियाज़ी को उनसे मिलने के अपने कानूनी अधिकार की मांग करने पर सड़क पर घसीटा गया। यह बयान इमरान खान द्वारा अपने नाम से जारी किया गया है और सोशल मीडिया पोस्ट (एक्स पर) के माध्यम से साझा किया गया है। इमरान खान ने कहा कि आसिम मुनीर की नीतियां पाकिस्तान के लिए खतरनाक हैं। उन्होंने दुख व्यक्त किया कि मुनीर की नीतियों के कारण आतंकवाद कंट्रोल से बाहर हो गया है। उनका आरोप है कि मुनीर को पाकिस्तान के राष्ट्रीय हितों की कोई चिंता नहीं है और वह यह सब पश्चिमी ताकतों को खुश करने के लिए कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुनीर ने पहले अफगानों को धमकाया, फिर पाकिस्तान से शरणार्थियों को निकाला और ड्रोन हमले किए, जिसका नतीजा अब बढ़ते आतंकवाद के रूप में भुगता जा रहा है। इमरान खान ने मुनीर को मानसिक रूप से बीमार आदमी कहा। उन्होंने आरोप लगाया कि मुनीर के नैतिक दिवालियापन के कारण पाकिस्तान में संविधान और कानून का राज पूरी तरह से खत्म हो गया है।
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