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सहमति से संबंध 'रेप' नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सरकारी अधिकारी पर दर्ज केस किया रद्द
17 Feb, 2026 05:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में व्यक्तिगत संबंधों और कानून के दुरुपयोग को लेकर एक बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने एक सरकारी अधिकारी के खिलाफ दर्ज धारा 376 (दुष्कर्म) और धारा 506 (आपराधिक धमकी) के तहत चल रहे मामले को पूरी तरह रद्द कर दिया है। अदालत का यह फैसला स्पष्ट करता है कि सहमति से बने लंबे संबंधों को बाद में 'शादी का झांसा' देकर किया गया रेप नहीं माना जा सकता, खासकर तब जब मामला ब्लैकमेलिंग से प्रेरित नजर आए।
पूरा मामला क्या है?
यह मामला उत्तर प्रदेश के एक सरकारी विभाग में तैनात दो अधिकारियों से जुड़ा है। पीड़िता (शिकायतकर्ता) ने आरोप लगाया था कि आरोपी अधिकारी ने उसे शादी का झांसा दिया और साल 2017 से उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। महिला का आरोप था कि अधिकारी ने बाद में शादी करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी के वकील ने कोर्ट को बताया कि दोनों पक्ष बालिग हैं और लंबे समय से एक-दूसरे को जानते थे। उनके बीच जो भी संबंध बने, वे पूरी तरह आपसी सहमति से थे। बचाव पक्ष ने यह भी सबूत पेश किए कि एफआईआर दर्ज कराने से पहले महिला ने अधिकारी से पैसों की मांग की थी और उसे झूठे केस में फंसाने की धमकी दी थी।
हाईकोर्ट का कानूनी दृष्टिकोण और धाराएं
जस्टिस अनीश कुमार गुप्ता की पीठ ने इस मामले में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं और कानूनी सिद्धांतों की गहरी व्याख्या की:
IPC की धारा 376 (दुष्कर्म): कोर्ट ने कहा कि धारा 376 के तहत अपराध तभी बनता है जब संबंध महिला की इच्छा के विरुद्ध या धोखे से बनाए गए हों। इस मामले में, चूंकि महिला शिक्षित थी और 5-6 वर्षों तक रिश्ते में रही, इसलिए इसे 'सहमति' माना गया।
शादी का वादा बनाम झूठा वादा: कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि 'शादी का वादा पूरा न कर पाना' (Breach of Promise) और 'शुरुआत से ही शादी का झूठा वादा करना' (False Promise) दो अलग बातें हैं। अगर संबंध शुरू होते समय पुरुष का इरादा शादी करने का था, लेकिन बाद में किन्हीं कारणों से शादी नहीं हो पाई, तो इसे रेप नहीं कहा जा सकता।
धारा 482 (CrPC) का उपयोग: हाईकोर्ट ने अपनी अंतर्निहित शक्तियों (Inherent Powers) का इस्तेमाल करते हुए इस एफआईआर और पूरी कानूनी कार्यवाही को रद्द कर दिया, क्योंकि कोर्ट को लगा कि यह मामला न्याय के लिए नहीं बल्कि 'ब्लैकमेलिंग' और पैसे ऐंठने के लिए दर्ज किया गया था।
अदालत की कड़ी टिप्पणी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि एक बालिग और समझदार महिला, जो खुद एक सरकारी पद पर है, उसे अच्छी तरह पता होता है कि बिना शादी के शारीरिक संबंध बनाने के क्या परिणाम हो सकते हैं। अदालत ने स्पष्ट शब्दों में कहा:
"यदि कोई महिला किसी पुरुष के साथ वर्षों तक स्वेच्छा से रहती है और संबंध बनाती है, तो बाद में शादी न होने पर वह इसे हथियार की तरह इस्तेमाल नहीं कर सकती। कानून का इस्तेमाल किसी निर्दोष को प्रताड़ित करने या उससे पैसे वसूलने (Extortion) के लिए नहीं किया जाना चाहिए।"
कोर्ट ने पाया कि शिकायतकर्ता ने आरोपी से एक बड़ी राशि की मांग की थी, जो यह साबित करता है कि शिकायत का आधार 'यौन शोषण' नहीं बल्कि 'आर्थिक लाभ' था। इसी आधार पर अदालत ने अधिकारी को सभी आरोपों से बरी कर दिया।
महाकाल मंदिर में पहचान छिपाकर घुसा मुस्लिम युवक: भगवा वस्त्र और तिलक लगाकर हिंदू युवती के साथ पकड़ा गया
17 Feb, 2026 04:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग बाबा महाकालेश्वर के दरबार में हाल ही में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने मंदिर की सुरक्षा और धार्मिक मर्यादाओं पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ एक मुस्लिम युवक अपनी हिंदू महिला मित्र के साथ दर्शन करने पहुँचा था, लेकिन उसकी वेशभूषा ने सभी को हैरान कर दिया। युवक ने मंदिर में प्रवेश पाने और अपनी पहचान छिपाने के लिए माथे पर तिलक लगा रखा था, शरीर पर भगवा कपड़े धारण किए थे और गले में रुद्राक्ष की माला पहनी हुई थी। वह पूरी तरह से एक सनातनी श्रद्धालु के रूप में नजर आ रहा था ताकि किसी को उस पर संदेह न हो। वह एक युवती के साथ उज्जैन आया था। नानाखेड़ा क्षेत्र में बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने पकड़कर उससे पूछताछ की और बाद में मारपीट की। बजरंग दल को सूचना मिली थी कि अलग-अलग राज्यों से आए युवक-युवती एक होटल में ठहरे हुए हैं। होटल के बाहर धोती-कुर्ता पहने जफर खान नाम के युवक को कार्यकर्ताओं ने पकड़ लिया।
इस खुलासे के बाद मंदिर परिसर में हड़कंप मच गया। युवक पर आरोप है कि उसने जानबूझकर अपनी पहचान छिपाई और हिंदू धर्म के पवित्र प्रतीकों का गलत इस्तेमाल किया। संगठनों ने इसे मंदिर की पवित्रता के साथ खिलवाड़ और 'लव जिहाद' का संदिग्ध मामला बताते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया। वहीं, साथ आई युवती ने पूछताछ में बताया कि वे दोनों दोस्त हैं और युवक उसे दर्शन कराने लाया था।
सूचना मिलते ही महाकाल थाना पुलिस मौके पर पहुँची और युवक को हिरासत में ले लिया। पुलिस इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि युवक का असली मकसद क्या था और क्या उसने मंदिर में प्रवेश के लिए किसी फर्जी दस्तावेज का सहारा लिया था। इस घटना के बाद महाकाल मंदिर प्रबंध समिति ने सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया है। अब मंदिर में प्रवेश के लिए आधार कार्ड की जांच को अनिवार्य और अधिक सख्त बनाया गया है, ताकि भविष्य में इस तरह की किसी भी अप्रिय स्थिति या धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाली घटना से बचा जा सके।
लंदन में इकलौते मंदिर को बचाने हिंदू समाज ने लगाई पीएम मोदी से गुहार
17 Feb, 2026 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लंदन। लंदन में भारत हिंदू समाज ने आरोप लगाया है कि पीटरबरो सिटी काउंसिल के कैबिनेट फैसले के बाद इकलौता हिंदू मंदिर और सामुदायिक केंद्र बंद होने जा रहा है। सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि एक मुस्लिम संस्था को उस जगह पर अधिकार दिया जा सकता है। हिंदू समुदाय ने पीएम मोदी से मंदिर को बचाने की गुहार लगाई है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पीटरबरो सिटी काउंसिल की कैबिनेट ने अपने बजट को संतुलित करने में मदद के लिए इस स्थल को बेचने पर सहमति जताई। यह केंद्र पिछले 40 सालों से पूजा, सामाजिक सेवा और सांस्कृतिक गतिविधियों का मुख्य स्थान रहा है और 35–40 मील के दायरे में यही एकमात्र हिंदू मंदिर है। समाज का कहना है कि इस फैसले से करीब 18 हजार हिंदू श्रद्धालु प्रभावित होंगे। यहां बुज़ुर्गों के लिए भोजन, बच्चों के लिए सांस्कृतिक शिक्षा और सामाजिक सहयोग जैसी सेवाएं दी जाती थीं। बीएचएस ने बताया कि उन्होंने 14 साल तक परिषद से बातचीत की और केंद्र को खरीदने का प्रस्ताव भी दिया, लेकिन इसके बावजूद फैसला बदलने पर ध्यान नहीं दिया गया।
समुदाय का आरोप है कि समानता, अल्पसंख्यक अधिकार और धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े मुद्दों को नजरअंदाज किया गया। यह सिर्फ जमीन या इमारत का मामला नहीं, बल्कि सम्मान, आस्था और बराबरी के अधिकार का सवाल है। संगठन ने ऐलान किया है कि वह अपने मंदिर और पूजा के अधिकार की रक्षा के लिए कानूनी और लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे।
170 मील प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रहे फाइटर जेट को 0.2 सेकंड में रोक दिया
17 Feb, 2026 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बीजिंग। चीन ने समंदर में अपनी ताकत का ऐसा प्रदर्शन किया है जिसे देख पूरी दुनिया हैरान रह गई। चीन के हाल ही में कमीशन किए गए अत्याधुनिक विमानवाहक पोत फुजियान ने अपनी इलेक्ट्रोमैग्नेटिक कैटापल्ट तकनीक का सफल परीक्षण किया। दावा किया जा रहा है कि यह तकनीक पारंपरिक स्टीम कैटापल्ट को पूरी तरह पीछे छोड़ चुकी है। चीन के सरकारी टीवी द्वारा जारी फुटेज में एक चौंकाने वाला नजारा दिखा। इस परीक्षण में फुजियान के इलेक्ट्रोमैग्नेटिक सिस्टम ने 30 टन वजन वाले एक भारी लड़ाकू विमान को जो 170 मील प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रहा था, महज 0.2 सेकंड में रोक दिया। यह न केवल इंजीनियरिंग का एक नमूना है, बल्कि युद्ध की स्थिति में विमानों की सुरक्षित लैंडिंग और टेकऑफ के लिए एक क्रांतिकारी छलांग है।
मीडिया रिपोर्ट में फुजियान के चालक दल के सदस्य के मुताबिक इस सिस्टम का सबसे बड़ा फायदा इसकी ‘विस्फोटक त्वरण शक्ति है। यह बहुत ही कम दूरी में विमान को उड़ान भरने लायक रफ्तार दे देता है और उतनी ही तेजी से उसे रोक भी सकता है। सबसे बड़ी बात यह है कि भारी मशीनों के बावजूद इसमें स्टीम कैटापल्ट की तुलना में शोर बहुत कम होता है। चीनी सैन्य विशेषज्ञ सोंग झोंगपिंग का कहना है कि इस इलेक्ट्रोमैग्नेटिक सिस्टम की मदद से विमानवाहक पोत से विमानों के उड़ने की दर कई गुना बढ़ जाएगी, जिससे युद्ध के समय ‘फुजियान’ बिना रुके लगातार हमले कर सकेगा।
5 नवंबर को आधिकारिक तौर पर सेवा में आने के बाद फुजियान ने अपने पहले समुद्री मिशन में जे-35 स्टील्थ फाइटर, भारी जे-15टी, इलेक्ट्रॉनिक युद्धक विमान जे-15डीटी और केजे-600 अर्ली वार्निंग एयरक्राफ्ट के साथ टेकऑफ और लैंडिंग का अभ्यास किया। इस अभ्यास ने साबित कर दिया है कि चीन अब अमेरिका के समकक्ष समुद्री तकनीक विकसित करने की दिशा में बहुत आगे निकल चुका है।
🇮🇳 भारत का वैश्विक मंच पर बढ़ता प्रभाव
17 Feb, 2026 10:27 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
संयुक्त राष्ट्र में भारत की बढ़ती भूमिका
एंटोनियो गुटेरेस के अनुसार, भारत अब संयुक्त राष्ट्र की लगभग हर बड़ी चर्चा में एक अहम नेता बन गया है। इसमें शांति-सुरक्षा, सतत विकास और मानवाधिकार जैसे मुद्दे शामिल हैं। उन्होंने खास तौर पर भारत की जी20 अध्यक्षता के दौरान लिए गए फैसलों की तारीफ की। उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में लोकतंत्र कमजोर हो रहा है, लेकिन भारत एक मजबूत लोकतांत्रिक देश के रूप में खड़ा है।
यूएन शांति मिशनों में भारत का योगदान
संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख ने भारत को धन्यवाद देते हुए कहा, करीब 5000 भारतीय सैनिक और पुलिसकर्मी यूएन शांति मिशनों में तैनात हैं। भारत ने 2007 में लाइबेरिया में पूरी तरह महिला पुलिस यूनिट भेजी थी- जो यूएन इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि थी। यह कदम लैंगिक समानता की दिशा में बहुत महत्वपूर्ण माना गया।
दुनिया की बदलती आर्थिक ताकत
एंटोनियो गुटेरेस ने एक बड़ा ट्रेंड बताया- जिसमें जी7 जैसे विकसित देशों का वैश्विक अर्थव्यवस्था में हिस्सा धीरे-धीरे घट रहा है। वहीं भारत जैसे उभरते देशों का हिस्सा तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इससे भविष्य में ज्यादा न्याय, समानता और शांति वाली दुनिया बनने की संभावना बढ़ेगी।
संयुक्त राष्ट्र में सुधार की जरूरत
यूएन महासचिव ने आगे कहा- संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का ढांचा पुराना और कुछ हद तक अनुचित है। इसमें सुधार जरूरी है ताकि दुनिया की नई वास्तविकताओं को सही प्रतिनिधित्व मिल सके। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यूएन केवल सुरक्षा परिषद नहीं है-193 सदस्य देशों वाली महासभा में सभी देशों की बराबर आवाज है।
भारत दौरे पर आएंगे गुटेरेस
एंटोनियो गुटेरेस जल्द ही भारत आएंगे और इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में शामिल होंगे। वे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात करेंगे। इस दौरान वे एआई, ऊर्जा परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा पर बैठकों में भाग लेंगे। उन्होंने भारत को नवीकरणीय ऊर्जा में वैश्विक नेता भी बताया।
🇺🇸 संयुक्त राज्य अमेरिका ने आतंकवाद-रोधी सहयोग बढ़ाया
17 Feb, 2026 10:13 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सूडान के कोरडोफान इलाके में बाजार पर हुए हमले में कम से कम 28 लोगों की मौत
मानवाधिकार समूह ने सोमवार को बताया कि सूडान के कोरडोफान क्षेत्र में एक बाजार पर हुए हमलों में कम से कम 28 लोग मारे गए और दर्जनों घायल हो गए। सूडान में सेना और एक अर्धसैनिक समूह के बीच युद्ध अपने तीन साल पूरे करने के करीब पहुंच रहा है। नागरिकों के खिलाफ हिंसा पर नजर रखने वाले मानवाधिकार समूह इमरजेंसी लॉयर्स ने एक बयान में कहा कि रविवार को उत्तरी कोरडोफान प्रांत के सुदरी इलाके में एक बाजार पर ड्रोन से बमबारी की गई। उस समय बाजार में काफी भीड़ थी, जिससे मानवीय त्रासदी और भी बढ़ गई। समूह ने कहा कि हताहतों की संख्या बढ़ने की संभावना है।
न्यूजीलैंड में तूफान से उड़ानें बाधित, स्कूल बंद
न्यूजीलैंड के उत्तरी द्वीप के कई हिस्सों में सोमवार को भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण हवाई जहाज, रेल और नौका सेवाएं बाधित हुईं हैं। कई जगहों पर सड़कें बंद करनी पड़ीं। साथ ही हजारों निवासियों की बिजली गुल हो गई। हवाई अड्डे के मुताबिक, राजधानी वेलिंगटन से आने-जाने वाली अधिकांश उड़ानें रद्द या विलंबित रहीं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, एयर न्यूजीलैंड ने वेलिंगटन, नेपियर और पामर्स्टन नॉर्थ हवाई अड्डों पर अपनी सेवाएं रोक दीं हैं। अधिकारियों ने बताया कि 30,000 से अधिक घरों में बिजली नहीं थी, जिनमें वेलिंगटन के लगभग 10,000 ग्राहक शामिल हैं। वेलिंगटन क्षेत्र के वाहन चालकों से सड़कों पर न निकलने का आग्रह किया गया है, जबकि व्यापक क्षति के बाद आपात दल राहत कार्य में जुटे रहे और अधिकांश स्कूल बंद हैं। एयर न्यूजीलैंड ने वेलिंगटन, नेपियर और पामर्स्टन नॉर्थ हवाई अड्डों पर अपनी सेवाएं रोकीं।
ग्वाटेमाला में एक माह बाद समाप्त आपातकालीन शक्तियां
ग्वाटेमाला ने सोमवार को आपातकालीन स्थिति समाप्त कर दी, जो एक माह पहले राष्ट्रपति बर्नार्डो अरेवालो द्वारा लागू की गई थी। इस कदम के पीछे 10 पुलिसकर्मियों की हत्या थी, जिसे कथित गैंग सदस्यों द्वारा अंजाम दिया गया था। आपातकालीन स्थिति के दौरान कुछ संवैधानिक अधिकारों पर रोक लगाई गई थी। अधिकारियों को बिना न्यायाधीश के वारंट के गिरफ्तारी करने की अनुमति मिली थी। यह सुविधा अब मंगलवार से लागू होने वाले नए नियमों में नहीं रहेगी, हालांकि राष्ट्रपति अरिवालो ने नए उपायों का विस्तार से विवरण नहीं दिया। उन्होंने रविवार को बताया कि आपातकालीन अवधि में 83 गैंग सदस्यों को गिरफ्तार किया गया और हत्या और वसूली की घटनाओं में पिछले साल की तुलना में गिरावट आई। हालांकि उन्होंने सटीक आंकड़े साझा नहीं किए।
जिनेवा में बातचीत हुई फेल, तो ईरान पर हमले की तैयारी में जुटा है अमेरिका!
17 Feb, 2026 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु मुद्दे पर बातचीत जारी है। जिनेवा में दूसरे चरण की बातचीत के लिए ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची पहुंचे, लेकिन परदे के पीछे हालात गरम नजर आ रहे है। जानकारी के मुताबिक दिसंबर में फ्लोरिडा के मार-ए-लागो में हुई मुलाकात में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से साफ कहा था कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच समझौता नहीं हुआ तो वह ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर इजराइली हमले का समर्थन करेंगे।
मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है अब अमेरिकी सेना और खुफिया एजेंसियों के अंदर इस बात पर चर्चा हो रही है कि अगर इजराइल ईरान पर हमला करता है तो अमेरिका किस तरह उसकी मदद कर सकता है। चर्चा इस बात पर ज्यादा है कि अमेरिका सीधे हमला करेगा या नहीं, बल्कि इस पर है कि वह इजराइल को कैसे मदद दे सकता है। अंदरूनी बातचीत में यह विचार किया जा रहा है कि अमेरिकी वायुसेना इजराइली लड़ाकू विमानों को हवा में ईंधन भरने में मदद कर सकती है। इसके अलावा एक बड़ा सवाल यह भी है कि किन देशों से इजराइली विमानों को अपने हवाई रास्ते से गुजरने की अनुमति मिलेगी। जॉर्डन, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि वे अपने हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल ईरान पर किसी भी हमले के लिए नहीं होने देंगे। ऐसे में यह साफ नहीं है कि संभावित कार्रवाई के लिए रास्ता कैसे तय होगा।
रिपोर्ट के मुताबिक इसी बीच अमेरिका ने पश्चिम एशिया में अपनी सैन्य ताकत बढ़ा दी है। खबर है कि दूसरा अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस जेराल्ड आर फोर्ड भी क्षेत्र में भेजा जा रहा है। यह अमेरिकी सैन्य ताकत के साथ मिलकर ईरान के करीब भारी हथियारों की मौजूदगी सुनिश्चित करेगा1 ट्रंप ने इसे एहतियाती कदम बताया है। उनका कहना है कि अगर बातचीत विफल होती है तो अमेरिका तैयार रहना चाहता है। इजराइली पीएम नेतन्याहू खुले तौर पर ईरान के साथ समझौते को लेकर संदेह जता चुके हैं। उनका कहना है कि किसी भी समझौते में सिर्फ परमाणु कार्यक्रम ही नहीं, बल्कि ईरान के मिसाइल कार्यक्रम और क्षेत्र में उसके समर्थित संगठनों की फंडिंग पर भी रोक होनी चाहिए।
दूसरी तरफ, ईरान ने भी संकेत दिया है कि वह कुछ हद तक यूरेनियम संवर्धन कम करने पर विचार कर सकता है, लेकिन बदले में उस पर लगे आर्थिक प्रतिबंध हटाने होंगे1 अभी तक किसी लिखित समझौते की स्थिति नहीं बनी है। अमेरिका और ईरान के बीच जेनेवा में दूसरे दौर की बातचीत मंगलवार को ओमान की मध्यस्थता में जेनेवा में बातचीत होगी। अमेरिकी प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर इसमें हिस्सा लेंगे। विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि राष्ट्रपति ट्रंप पहले बातचीत चाहते हैं, लेकिन सभी विकल्प खुले हैं।
75 साल पुराने सैन्य गठबंधन को नई मजबूती
17 Feb, 2026 09:37 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिका और फिलीपींस ने अपनी ऐतिहासिक साझेदारी को एक बार फिर मजबूत करने का एलान किया है। संयुक्त राज्य अमेरिका और फिलीपींस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मनीला में आयोजित 12वीं द्विपक्षीय सामरिक वार्ता के दौरान रक्षा, आर्थिक और समुद्री सहयोग को और गहरा करने पर सहमति जताई।
1951 की रक्षा संधि पर फिर मुहर
दोनों देशों ने 1951 की पारस्परिक रक्षा संधि के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। संयुक्त बयान में स्पष्ट किया गया कि यह संधि प्रशांत क्षेत्र में किसी भी सशस्त्र हमले की स्थिति में दोनों देशों की सेनाओं, विमानों और सरकारी जहाजों यहां तक कि कोस्ट गार्ड पर भी लागू होगी। दक्षिण चीन सागर में बढ़ते तनाव के बीच इस संधि का महत्व और बढ़ गया है। बयान में समुद्री मार्गों की स्वतंत्रता और अंतरराष्ट्रीय कानून के सम्मान पर जोर दिया गया।
दक्षिण चीन सागर पर चीन को संदेश
संयुक्त बयान में चीन की अवैध, आक्रामक और दबावपूर्ण गतिविधियों की आलोचना की गई और कहा गया कि इससे क्षेत्रीय शांति और स्थिरता प्रभावित हो रही है। दोनों देशों ने इंडो-पैसिफिक में मुक्त, खुला और सुरक्षित क्षेत्र बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही यह भी कहा गया कि प्रथम द्वीप श्रृंखला में सामूहिक रक्षा किसी भी आक्रामकता को रोकने के लिए जरूरी है।
सैन्य सहयोग और नई तैनाती
अमेरिका और फिलीपींस ने 2026 में पांचवीं टू प्लस टू मंत्री स्तरीय वार्ता आयोजित करने का फैसला किया है। दोनों पक्षों ने संयुक्त सैन्य क्षमता और आपसी तालमेल बढ़ाने, अत्याधुनिक मिसाइल और मानवरहित प्रणालियों की तैनाती बढ़ाने तथा साइबर सुरक्षा सहयोग मजबूत करने पर सहमति जताई। इसके अलावा जापान के साथ विदेश मंत्रियों स्तर की त्रिपक्षीय वार्ता भी प्रस्तावित है, जिससे क्षेत्रीय रणनीतिक संतुलन को नई दिशा मिल सकती है।
आर्थिक सुरक्षा भी राष्ट्रीय सुरक्षा का हिस्सा
बैठक में आर्थिक सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला को राष्ट्रीय सुरक्षा का अभिन्न हिस्सा बताया गया। दोनों देशों ने लूजोन इकोनॉमिक कॉरिडोर में निवेश बढ़ाने और 2026 में मनीला में पहला निवेश फोरम आयोजित करने की घोषणा की। परिवहन, लॉजिस्टिक्स, ऊर्जा और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा देने पर भी सहमति बनी। साथ ही सुरक्षित और मानक-आधारित क्रिटिकल मिनरल्स सप्लाई चेन विकसित करने का संकल्प लिया गया।
परमाणु और स्वास्थ्य सहयोग
नागरिक परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में अमेरिका ने 15 लाख डॉलर की सहायता की घोषणा की है, जिसके तहत फिलीपींस में स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर (एसएमआर) कंट्रोल रूम सिम्युलेटर विकसित किया जाएगा। इसके अलावा अमेरिका ने फिलीपींस की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए 250 मिलियन डॉलर की प्रतिबद्धता भी दोहराई। संयुक्त बयान में ताइवान जलडमरूमध्य में शांति और स्थिरता के महत्व को रेखांकित किया गया। साथ ही किसी भी देश की क्षेत्रीय अखंडता के खिलाफ बल प्रयोग का विरोध किया गया।
भारत और इंडो-पैसिफिक के लिए क्या मायने?
अमेरिका-फिलीपींस गठबंधन में बढ़ती सक्रियता को भारत सहित अन्य इंडो-पैसिफिक साझेदार ध्यान से देख रहे हैं। समुद्री सुरक्षा, सप्लाई चेन विविधीकरण और आसियान की भूमिका क्षेत्रीय रणनीतिक संतुलन के केंद्र में हैं। स्पष्ट है कि इंडो-पैसिफिक अब वैश्विक शक्ति संतुलन का अहम मंच बन चुका है, जहां अमेरिका अपने सहयोगियों के साथ रक्षा और आर्थिक साझेदारी को नए स्तर पर ले जाने में जुटा है।
नेपाल में चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज, आरपीपी ने जारी किया घोषणा-पत्र
17 Feb, 2026 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
काठमांडू। नेपाल में 5 मार्च को होने वाले चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसे लेकर सभी पार्टियां अपने-अपने वादे कर रही हैं। नेपाल की राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (आरपीपी) ने नेपाल में राजतंत्र की वापसी की मांग मेनिफेस्टो के जरिए उठाई है। अपने चुनावी घोषणा-पत्र में पार्टी ने ‘पृथ्वी पथ’ को राष्ट्र निर्माण का मार्गदर्शक सिद्धांत बताया है। इसमें सेक्युलरिज्म को खारिज कर ‘हिंदू राष्ट्र’ बनाने की बात कही है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पार्टी अध्यक्ष राजेंद्र लिंगदेन ने काठमांडू में पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में घोषणा-पत्र पेश किया, जिसमें नेपाल को हिंदू राष्ट्र बनाने, राजतंत्र की बहाली, प्रांतीय संरचना को समाप्त कर दो-स्तरीय शासन अपनाने, चुनावी सुधार और अच्छे शासन पर जोर दिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी ने 5 मार्च को होने वाले चुनाव के लिए इस घोषणा-पत्र को तैयार किया है, जिसमें आर्थिक परिवर्तन के 6 स्तंभों वाले मॉडल को नेपाल की समृद्धि का आधार बताया है।
पार्टी ने भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस, स्थानीय क्षेत्रों को स्वतंत्र बनाने और ‘पृथ्वी पथ’ को शासन की भावी दिशा के रूप में अपनाया है। घोषणा-पत्र में राजनीतिक स्थिरता, सुशासन, आर्थिक सुधार और सामाजिक न्याय के जरिए समृद्धि को बढ़ावा देने पर फोकस है। इसके अलावा पूर्व-पश्चिम महेंद्र राजमार्ग को तीन सालों में अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने और अगले 10 सालों को ऊर्जा उत्पादन का दशक घोषित करने का वादा किया है। जीरो टॉलरेंस की नीति और अच्छे शासन के प्रस्ताव में ‘हम कुचले जाएंगे, भ्रष्ट नहीं होंगे’ का आक्रामक नारा शामिल किया है। भ्रष्टाचार से लड़ने के इस वादे को अमल में लाने के लिए, पार्टी ने 1990 के बाद बड़े नेताओं और कर्मचारियों की संपत्ति की जांच करने और गैर-कानूनी संपत्ति जब्त करने के लिए कानूनी व्यवस्था का प्रस्ताव रखा है। इसने जाति भेदभाव और छुआछूत समेत सभी तरह के धार्मिक भेदभाव को अपराध बनाने का प्रण भी शामिल है। पार्टी का दावा है कि उसका विजन नेपाल में सभी धार्मिक समुदायों के सम्मान की रक्षा करना है, ताकि आजादी पक्की हो सके।
Boko Haram के बढ़ते खतरे के बीच बढ़ी हलचल
17 Feb, 2026 08:05 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नाइजीरिया में आतंकवाद और हथियारबंद गिरोहों से लड़ाई तेज होती जा रही है। इसी बीच अमेरिका ने करीब 100 सैनिक और सैन्य उपकरण वहां भेजे हैं। नाइजीरियाई सेना ने बताया कि ये अमेरिकी सैनिक लड़ाई नहीं करेंगे, बल्कि वहां की सेना को ट्रेनिंग देंगे, तकनीकी मदद देंगे और खुफिया जानकारी साझा करेंगे।
क्यों भेजे गए अमेरिकी सैनिक?
नाइजीरिया की सरकार ने खुद अमेरिका से मदद मांगी थी। देश में कई आतंकवादी और हथियारबंद गिरोह सक्रिय हैं। इनमें बोको हराम, आईएस से जुड़े संगठन और अपहरण करने वाले गिरोह शामिल हैं। इन हमलों में अब तक हजारों लोगों की मौत हो चुकी है।
नाइजीरिया में क्या करेंगे अमेरिकी सैनिक?
नाइजीरिया के डिफेंस हेडक्वार्टर के स्पोक्सपर्सन मेजर जनरल समैला उबा के अनुसार, अमेरिकी सैनिक सीधे युद्ध में हिस्सा नहीं लेंगे, केवल ट्रेनिंग, सलाह और जानकारी देंगे। इस दौरान पूरे ऑपरेशन की कमान नाइजीरिया के पास ही रहेगी।
अमेरिका-नाइजीरिया तनाव
कुछ समय पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आरोप लगाया था कि नाइजीरिया में ईसाइयों की सुरक्षा नहीं हो रही। लेकिन नाइजीरिया सरकार ने इस आरोप को गलत बताया और कहा कि आतंकवादी धर्म देखकर नहीं, बल्कि इलाके के हिसाब से हमला करते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, हमलों के ज्यादातर शिकार नाइजीरिया के मुस्लिम बहुल उत्तरी इलाकों के लोग हैं।
नाइजीरिया में हालात क्यों बिगड़े?
दरअसल, नाइजीरिया में स्थानीय आतंकवादी संगठन सक्रिय हैं और पड़ोसी देशों से भी आतंकी घुसपैठ बढ़ी है। इसके साथ अपहरण और अवैध खनन करने वाले गिरोह भी हिंसा फैला रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार अभी तक आम लोगों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा पाई है। दिसंबर में, अमेरिकी सेना ने उत्तर-पश्चिमी नाइजीरिया में इस्लामिक स्टेट ग्रुप से जुड़े आतंकवादियों पर एयरस्ट्राइक की थी।
बीएनपी के हिंदू सांसद ने भारत के विदेश नीति पर उठाए सवाल........हसीना के अलावा किसी को नहीं पूछा
17 Feb, 2026 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ढाका। बांग्लादेश की हालिया चुनाव में बीएनपी गठबंधन ने शानदार जीत दर्ज की है। 12 फरवरी को हुए चुनाव में बीएनपी ने 212 सीटें जीती हैं और पार्टी के नेता तारिक रहमान 17 फरवरी को प्रधानमंत्री पद की शपथ ले रहे है। इस चुनाव में तीन हिंदू सांसद भी चुने गए हैं, जिसमें ढाका-3 से जीते गोयेश्वर चंद्र रॉय संभावित मंत्री हैं। गोयेश्वर पहले भी बीएनपी सरकार में मंत्री रह चुके हैं और भारत से अच्छे संबंधों के समर्थक हैं, लेकिन उनके अनुसार भारत ने बांग्लादेश में हिंदुओं के उत्पीड़न पर कभी कार्रवाई नहीं की।
बीएनपी सांसद रॉय ने बताया कि चुनाव से पहले बीएनपी ने अपनी योजनाओं को जनता के सामने रखा और युवाओं पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उनका कहना है कि बीएनपी सरकार कानून और व्यवस्था बनाएगी, अर्थव्यवस्था मजबूत करेगी और निर्यात बढ़ाने पर ध्यान देगी। उन्होंने जोर दिया कि बांग्लादेश में हर व्यक्ति को संविधान के अनुसार बराबरी का अधिकार है और सरकार तथा प्रशासन निष्पक्ष तरीके से काम करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हसीना सरकार के दौरान कई हिंदू समुदाय के लोग टॉर्चर किए गए, लेकिन भारत ने इस पर कभी कोई कदम नहीं उठाया।
गोयेश्वर ने स्पष्ट किया कि बीएनपी के समर्थन में सभी धर्मों के लोग शामिल थे.....हिंदू, मुस्लिम, बौद्ध और ईसाई—और बांग्लादेश में सांप्रदायिक सद्भाव की लंबी परंपरा रही है। उन्होंने अंतरिम सरकार की सराहना करते हुए कहा कि उसने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराए, लेकिन आर्थिक और कानून व्यवस्था की चुनौतियों के कारण पूरी क्षमता से काम नहीं कर सकी। अब चुनी हुई सरकार को संविधान और कानून के अनुसार काम करना चाहिए, न कि पार्टी की प्राथमिकताओं के अनुसार।
गोयेश्वर ने भारत की विदेश नीति पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि भारत ने बांग्लादेश में केवल शेख हसीना से दोस्ती की और बीएनपी नेताओं को नजरअंदाज किया। भारत को यह स्वीकार करना चाहिए कि उन्होंने पिछली नीतियों में गलती की। उन्होंने कहा कि हसीना को भारत में पनाह नहीं दी जानी चाहिए और सभी अपराधियों को कोर्ट का सामना करना चाहिए। उनका मानना है कि पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंध जरूरी हैं और यह केवल किसी एक पार्टी या देश के बड़ेपन पर निर्भर नहीं करता, बल्कि बराबरी और पारस्परिक सम्मान पर आधारित होना चाहिए।
दाहिनी आंख की रोशनी पर उठे सवाल
17 Feb, 2026 07:52 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के संस्थापक और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रावलपिंडी के अदियाला जेल में एक टीम ने मेडिकल जांच की, जिसमें उनकी दाहिनी आंख में बिना चश्मे के 6/24 और बायीं आंख में 6/9 आशिंक दृष्टि पाई गई। पाकिस्तानी की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
चश्मे के साथ दृष्टि की स्थिति क्या है?
'डॉन' अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, चश्मे के साथ दाहिनी आंख में 6/9 और बायीं आंख में 6/6 दृष्टि थी। 6/6 दृष्टि का मतलब है कि व्यक्ति छह मीटर की दूरी पर सामान्य दृष्टि वाले किसी व्यक्ति की तरह चीजें स्पष्ट रूप से देख सकता है। जबकि 6/9 दृष्टि का अर्थ है कि व्यक्ति छह मीटर पर केवल उतना ही देख सकता है, जितना सामान्य दृष्टि वाला नौ मीटर की दूरी से देख सकता है।
मेडिकल बोर्ड में कौन-कौन शामिल थे?
रिपोर्ट के मुताबिक, मेडिकल बोर्ड में डॉ. प्रोफेसर नदीम कुरैशी, रावलपिंडी के अल-शिफा ट्रस्ट नेत्र अस्पताल के रेटिना विभाग के प्रमुख और डॉ. प्रोफेसर एम अरिफ, इस्लामाबाद के पाकिस्तान मेडिकल साइंसेज इंस्टीट्यूट (पीआईएमएस) में नेत्र रोग विभाग के प्रमुख शामिल थे। स्लिट लैम्प जांच में यह पाया गया कि दोनों आंखों की बाहरी परत (कॉर्निया) बिलकुल साफ थी और आंख के सामने वाले हिस्से में कोई गड़बड़ी नहीं थी। दाहिने आंख के अंदर का पारदर्शी तरल (विट्रियस) भी ज्यादातर साफ था, लेकिन उसमें कुछ छोटे-छोटे रेशेदार धब्बे दिखे और आंख के नीचे थोड़ी बहुत रक्तस्राव जैसी समस्या थी।
रेटिना और मैकुलर एडिमा की स्थिति क्या है?
रिपोर्ट के मुताबिक, दाहिने आंख के रेटिना यानी पीछे की परत में चारों हिस्सों में मध्यम मात्रा में रक्तस्राव था और कुछ छोटे सफेद धब्बे (कॉटन वूल स्पॉट्स) भी दिखे। आंख के बीच वाले हिस्से (मैकुलर एडिमा) में सूजन धीरे-धीरे ठीक हो रही थी और फोकस का मुख्य हिस्सा (फोवीअल कॉन्टूर) साफ नजर आ रहा था। रेटिना अपनी जगह जुड़ा हुआ था। खास जांच (ऑप्टिकल कोहेरेंस टोमोग्राफी) में भी पाया गया कि मैकुलर सूजन घटकर कम हो गई थी और आंख के बीच की मोटाई 550 से घटकर 350 हो गई।
पीटीआई के नेताओं को दी गई जानकारी
रिपोर्ट के मुताबिक, पीटीआई अध्यक्ष गोहर खान और सीनेट में विपक्षी नेता अल्लामा राजा नासिर अब्बास रविवार को पीआईएमएस पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें इमरान खान की स्थिति से अवगत कराया। इमरान खान के निजी चिकित्सकों को भी फोन पर जानकारी दी गई। हालांकि, इससे पहले पीटीआई नेता लतीफ खोसा ने पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश याह्या अफरीदी से औपचारिक रूप से संपर्क किया और इमरान खान की जांच के तरीके पर गंभीर आपत्तियां जताईं। उनके पत्र में बताया गया कि पूर्व प्रधानमंत्री की जांच अदियाला जेल में बहुत गोपनीय तरीके से की गई, जिससे लोगों में कई तरह की चिंता पैदा हो गई।
प्रशासनिक कार्यक्रम में हंगामा, SDM को झुनझुना थमाने पर FIR
16 Feb, 2026 06:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कैथल| हरियाणा के कैथल जिले में कांग्रेस विधायक देवेंद्र हंस और उनके चार सहयोगियों पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। यह मामला गुहला के SDM कैप्टन परमेश सिंह को झुनझुना थमाने और अपमानजनक बयान देने से जुड़ा है। घटना जनवरी 2026 में हुई, जब विधायक देवेंद्र हंस और उनके समर्थक अवैध निर्माण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।
यमुना नगर
विधायक ने आरोप लगाया कि SDM अवैध निर्माण नहीं रोक रहे और ठेकेदारों से मिलीभगत कर रहे हैं। SDM के बयानों में बदलाव से नाराज होकर उन्होंने SDM को झुनझुना थमाने की कोशिश की।
ये था मामला
विधायक ने कहा: "पकड़ो और जाकर बजाते रहो", "तुम्हारे बस का कुछ नहीं है, इसे बजाते रहो", या इसी तरह के शब्द बोले, जिसे अपमानजनक माना गया। SDM ने इसे ठुकरा दिया और कहा कि अपने पास रख लो। SDM ने विधायक पर दुर्व्यवहार, अधिकारी के कर्तव्य में बाधा डालने, और आधिकारिक काम में रुकावट का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी। सेना से रिटायर लोगों ने एसडीएम का समर्थन किया था।
पत्नी के मायके जाने के दौरान पूर्व सैनिक का दर्दनाक कदम
16 Feb, 2026 04:52 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चरखी दादरी|दादरी की हरिनगर कॉलोनी निवासी एक व्यक्ति ने रविवार देर रात को घर पर अपनी लाइसेंसी पिस्तौल से सिर में गोली मारकर आत्महत्या कर ली। मृतक 41 वर्षीय रविंद्र मूल रूप से झज्जर जिले के गांव खाचरौली तथा वर्तमान में दादरी की हरिनगर कॉलोनी में रहता था।
साल 2019 में भारतीय से हुआ था रिटायर
वह वर्ष 2019 में भारतीय सेना से रिटायर हुआ था और करीब ढाई वर्ष से सिंचाई विभाग में कार्यरत था। घटना के समय घर पर वह और उसका छोटा बेटा मौजूद थे। बेटे ने गांव में रह रहे अपने बड़े भाई को फोन पर घटना की सूचना दी। फिर मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। हालांकि अभी तक घटना के कारणों का पता नहीं चल सका है।
पत्नी गई थी मायके
वारदात के समय मृतक की पत्नी खाटू श्याम से सीधे अपने मायके चली गई थी। सोमवार दोपहर को पुलिस ने मृतक के बड़े बेटे रचित के बयान के आधार पर इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई करते हुए शव का पोस्टमार्टम करवाया।
घर में अकेले थे, सिर में गोली मारकर दी जान
16 Feb, 2026 04:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चरखी दादरी| दादरी की हरिनगर कॉलोनी निवासी एक व्यक्ति ने रविवार देर रात को घर पर अपनी लाइसेंसी पिस्तौल से सिर में गोली मारकर आत्महत्या कर ली। मृतक 41 वर्षीय रविंद्र मूल रूप से झज्जर जिले के गांव खाचरौली तथा वर्तमान में दादरी की हरिनगर कॉलोनी में रहता था।
साल 2019 में भारतीय से हुआ था रिटायर
वह वर्ष 2019 में भारतीय सेना से रिटायर हुआ था और करीब ढाई वर्ष से सिंचाई विभाग में कार्यरत था। घटना के समय घर पर वह और उसका छोटा बेटा मौजूद थे। बेटे ने गांव में रह रहे अपने बड़े भाई को फोन पर घटना की सूचना दी। फिर मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। हालांकि अभी तक घटना के कारणों का पता नहीं चल सका है।
पत्नी गई थी मायके
वारदात के समय मृतक की पत्नी खाटू श्याम से सीधे अपने मायके चली गई थी। सोमवार दोपहर को पुलिस ने मृतक के बड़े बेटे रचित के बयान के आधार पर इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई करते हुए शव का पोस्टमार्टम करवाया।
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