ख़बर
“बेटे के साथ ही खुशियां चली गईं”, पहलगाम हमले पर पिता का भावुक बयान
21 Apr, 2026 01:43 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा। दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को आज एक साल पूरा हो गया है, लेकिन लेफ्टिनेंट विनय नरवाल के परिवार के लिए समय जैसे ठहर सा गया है। 22 अप्रैल, 2025 को हुए उस आत्मघाती हमले में भारतीय नौसेना के युवा अधिकारी विनय नरवाल सहित 26 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी। आज एक साल बाद भी करनाल स्थित उनके घर में मातम का सन्नाटा पसरा है।
एक फरिश्ता, जिसने बुने थे कई सपने- राजेश नरवाल
विनय के पिता राजेश नरवाल ने नम आंखों से अपने बेटे को याद करते हुए कहा कि विनय केवल एक अधिकारी नहीं, बल्कि उनके घर का 'फरिश्ता' था। उन्होंने बताया कि विनय ने अपने भविष्य और परिवार के लिए ढेरों योजनाएं बनाई थीं, जिन्हें उसने एक डायरी में भी दर्ज किया था। कहा कि जिस दिन हमें यह दिल तोड़ने वाली खबर मिली, उसी दिन हमारे लिए जिंदगी सचमुच खत्म हो गई। एक पिता के लिए जवान बेटे का कंधा उठाना सबसे बड़ा दुख है, और यह दर्द ताउम्र बना रहेगा।
हनीमून पर गई खुशियों को लगी नजर
महज 26 साल के लेफ्टिनेंट विनय अपनी पत्नी हिमांशी के साथ हनीमून के लिए पहलगाम गए थे। किसे पता था कि अपनी नई जिंदगी की शुरुआत करने गया यह जोड़ा आतंकवाद की बर्बरता का शिकार हो जाएगा। आतंकवादियों ने उन्हें बेहद करीब से निशाना बनाया था।
सरकार की कार्रवाई पर गर्व
लेफ्टिनेंट विनय नरवाल के पिता ने कहा कि दुख की इस घड़ी में भी परिवार को भारतीय सेना और सरकार पर गर्व है। पिछले साल मई में भारतीय सेना द्वारा चलाए गए। वहीं, राजेश नरवाल ने 'ऑपरेशन सिंदूर' का जिक्र करते हुए कहा कि दोषियों को कड़ा सबक सिखाकर सरकार ने एक स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि ऐसी जवाबी कार्रवाई के बाद दुश्मन दोबारा ऐसी हिमाकत करने से पहले सौ बार सोचेगा।
होर्मुज में बढ़ा तनाव, अमेरिका ने ईरानी जहाज कब्जे में लिया, ईरान ने बताया समुद्री डकैती
21 Apr, 2026 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेहरान/वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। ताजा घटनाक्रम में अमेरिका ने ईरान के एक मालवाहक जहाज को अपने कब्जे में ले लिया है, जिससे क्षेत्रीय हालात और संवेदनशील हो गए हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अनुसार ईरान का ‘टॉस्का’ नामक यह जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करने की कोशिश कर रहा था। इसे अमेरिकी नौसेना के डेस्ट्रॉयर ने रोका। ट्रंप ने दावा किया कि जहाज को कई बार चेतावनी दी गई, लेकिन उसने निर्देशों का पालन नहीं किया, जिसके बाद अमेरिकी मरीन ने कार्रवाई करते हुए उसे अपने नियंत्रण में ले लिया। ईरान ने इसे समुद्री डकैती बताया है और सख्त से सख्त जवाब देने की बात कही है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा, कि ईरानी जहाज टॉस्का फिलहाल पूरी तरह अमेरिकी नियंत्रण में है और उसकी जांच की जा रही है कि उसमें क्या सामग्री मौजूद है। इस कार्रवाई को अमेरिका ने सुरक्षा और निगरानी के तहत उठाया गया कदम बताया है।
वहीं, ईरान ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ईरान के हजरत खातम अल-अनबिया सैन्य मुख्यालय ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने संघर्षविराम का उल्लंघन करते हुए ओमान की खाड़ी में ईरानी व्यापारिक जहाज पर फायरिंग की, जिससे उसका नेविगेशन सिस्टम प्रभावित हुआ। ईरान की सरकारी एजेंसियों के मुताबिक, यह जहाज चीन से ईरान की ओर जा रहा था। तेहरान ने इस कार्रवाई को “समुद्री डकैती” करार देते हुए चेतावनी दी है कि इसका सख्त से सख्त जवाब जल्द दिया जाएगा।
वार्ता पर पड़ सकता है असर
इस घटनाक्रम के बीच दोनों देशों के बीच जारी कूटनीतिक प्रयासों पर भी असर पड़ता दिख रहा है। पहले दौर की वार्ता असफल रहने के बाद दूसरे दौर को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ईरान की सरकारी एजेंसी ने इस्लामाबाद में प्रस्तावित वार्ता की खबरों को खारिज करते हुए उन्हें “झूठा प्रचार” बताया है। वहीं दूसरी तरफ विशेषज्ञों की राय है, कि होर्मुज जैसे रणनीतिक जलमार्ग में इस तरह की कार्रवाई वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर असर डाल सकती है। ऐसे में आने वाले दिनों में स्थिति किस दिशा में जाती है, इस पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती, मेडिकल कॉलेजों में लेवल-3 ट्रॉमा सेंटर की तैयारी
21 Apr, 2026 11:02 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को आधुनिक बनाने और सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। अब राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में लेवल-3 ट्रॉमा सेंटर खोलने की तैयारी शुरू हो गई है।
यहाँ इस खबर का परिवर्तित और व्यवस्थित रूप दिया गया है:
हरियाणा: मेडिकल कॉलेजों में बनेंगे हाई-टेक ट्रॉमा सेंटर, सड़क हादसों में जान बचाने के लिए सरकार का बड़ा फैसला
चंडीगढ़: सड़क दुर्घटनाओं के दौरान 'गोल्डन ऑवर' (हादसे के बाद का पहला घंटा) में घायलों को तुरंत उपचार उपलब्ध कराने के लिए हरियाणा सरकार ने प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में लेवल-3 ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने की योजना बनाई है। इसके लिए एक उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया है।
विशेषज्ञ कमेटी करेगी आकलन
इस पूरी परियोजना की रूपरेखा तैयार करने के लिए रोहतक पीजीआई (PGIMS) के निदेशक की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई है।
सदस्य: इस समिति में करनाल, सोनीपत (खानपुर कलां) और नूंह के मेडिकल कॉलेजों के निदेशक भी शामिल हैं।
समय सीमा: कमेटी को अगले 10 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी, जिसमें ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने की संभावनाओं और चरणों का विवरण होगा।
लेवल-3 ट्रॉमा सेंटर में क्या होगा खास?
इन सेंटरों को इस तरह तैयार किया जाएगा कि गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को भागना न पड़े। यहाँ मिलने वाली प्रमुख सुविधाएँ होंगी:
24/7 इमरजेंसी: चौबीसों घंटे आपातकालीन चिकित्सा सुविधा।
विशेषज्ञ डॉक्टर: सर्जन और एनेस्थीसिया विशेषज्ञों की ऑन-कॉल उपलब्धता।
अत्याधुनिक लैब: हड्डी रोग उपचार, आईसीयू, डिजिटल एक्स-रे और आधुनिक प्रयोगशालाएँ।
रेफरल सिस्टम: अत्यंत गंभीर स्थिति में मरीज को उच्च स्तरीय केंद्रों (लेवल-1 या 2) में भेजने की त्वरित व्यवस्था।
क्यों पड़ी इसकी जरूरत? (भयावह आंकड़े)
हरियाणा में सड़क हादसों के आंकड़े डराने वाले हैं, जो इस फैसले की अनिवार्यता को दर्शाते हैं:
मृत्यु दर: साल 2014 से अब तक प्रदेश में 57,901 लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवा चुके हैं।
हादसे: बीते 11 वर्षों में लगभग 1.15 लाख दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं।
सबसे प्रभावित जिले: गुरुग्राम, सोनीपत, करनाल, पानीपत और झज्जर में दुर्घटनाओं और मौतों की संख्या सर्वाधिक रही है।
पाकिस्तान की मध्यस्थता पर सवाल, अमेरिकी विशेषज्ञ ने ट्रंप को दी चेतावनी
21 Apr, 2026 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत में पाकिस्तान की भूमिका को लेकर नई बहस छिड़ गई है। अमेरिकी थिंक टैंक अमेरिकन एंटरप्राइज इंस्टीट्यूट के वरिष्ठ फेलो माइकल रुबिन ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे अमेरिका के लिए “शर्मनाक और खतरनाक” करार दिया है।
दरअसल एक लेख में रुबिन ने पाकिस्तान के पुराने रिकॉर्ड का उल्लेख करते हुए सवाल उठाए हैं और कहा, कि उसकी भूमिका अक्सर विवादों से जुड़ी रही है। उन्होंने पाकिस्तान के परमाणु वैज्ञानिक अब्दुल कादिर खान का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने ईरान के परमाणु कार्यक्रम में मदद की थी। ऐसे में उसी देश को मध्यस्थता की जिम्मेदारी देना एक गंभीर रणनीतिक गलती हो सकती है।
रुबिन ने यह भी कहा कि पाकिस्तान में यहूदी-विरोध और अमेरिका-विरोधी भावनाएं व्यापक हैं, जिससे उस पर भरोसा करना और भी मुश्किल हो जाता है। उन्होंने ओसामा बिन लादेन के मामले का जिक्र करते हुए कहा कि जब अमेरिकी सेना ने उसे मार गिराया था, तब पाकिस्तान की प्रतिक्रिया भी सवालों के घेरे में रही थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसलों पर टिप्पणी करते हुए रुबिन ने कहा कि पाकिस्तान पर भरोसा करना वैसी ही गलतियों को दोहराने जैसा है, जो पहले अफगानिस्तान, गाजा, सीरिया और यमन जैसे मामलों में देखी जा चुकी हैं।
इस संदर्भ में भारत का भी उल्लेख किया और रुबिन ने कहा कि इस तरह की संवेदनशील वार्ताओं के लिए भारत अधिक भरोसेमंद विकल्प हो सकता था। उन्होंने भारत को इस स्थिति में सतर्क रहने की सलाह भी दी।
ट्रंप बातचीत के साथ दे रहे चेतावनी
पहले दौर की बातचीत फेल रहने के बाद ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल 20 अप्रैल को पाकिस्तान पहुंचकर ईरान के साथ दूसरे दौर की बातचीत की कोशिश करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान ने अमेरिकी प्रस्तावों को नहीं माना, तो उसके नागरिक ढांचे को नुकसान पहुंचाया जा सकता है। हालांकि, ईरान की ओर से इस संभावित वार्ता में शामिल होने को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। मौजूदा संघर्षविराम 22 अप्रैल को समाप्त होने वाला है, ऐसे में आने वाले दिनों में क्षेत्रीय और वैश्विक राजनीति पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है।
3 साल पहले की लव मैरिज, विवाद के चलते PG में रह रही महिला ने उठाया कदम
21 Apr, 2026 10:27 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कुरुक्षेत्र/करनाल। तीन वर्ष पूर्व समाज की परवाह किए बिना प्रेम विवाह करने वाले विक्रम (26) और देवी (21) की प्रेम कहानी अब यादों में सिमट गई है। घरेलू विवाद के कारण पहले पति और फिर पत्नी ने आत्मघाती कदम उठा लिया।
अलग रहने के दौरान उठाया कदम
पुलिस जांच के अनुसार, तरावड़ी निवासी विक्रम और जींद की रहने वाली देवी के बीच पिछले कुछ समय से अनबन चल रही थी। करीब एक महीने पहले विवाद इतना बढ़ा कि देवी कुरुक्षेत्र के सेक्टर 13 स्थित एक पीजी (PG) में रहने चली गई थी।
पति की मौत: पत्नी के अलग होने से परेशान विक्रम करनाल के गांव चौपड़ी में अपनी नानी के पास चला गया था। तीन दिन पहले एक बंद कमरे से बदबू आने पर जब दरवाजा खोला गया, तो विक्रम का शव फंदे से लटका मिला।
पत्नी की मौत: पति की मौत के गम या आपसी तनाव के बीच सोमवार देर रात देवी ने भी अपने पीजी के कमरे में फंदा लगा लिया। जब लंबे समय तक कमरे में कोई हलचल नहीं हुई, तो खिड़की से देखने पर घटना का पता चला।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और देवी के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
डीएसपी सुनील कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह मामला आपसी कलह और मानसिक तनाव का लग रहा है।
देवी के परिजनों को सूचना दे दी गई है और पुलिस दोनों मौतों के बीच की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश कर रही है।
होर्मुज पर बढ़ते तनाव के बीच अजीत डोभाल रियाद पहुंचे, ऊर्जा मंत्री से की मुलाकात
21 Apr, 2026 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेहरान। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप होर्मुज को लेकर सख्त रवैया अपनाए हुए हैं। वहीं ईरान भी पीछे हटने को तैयार नहीं है। संकट गहराता जा रहा है। अमेरिकी नौसेना ने गल्फ ऑफ ओमान में ईरानी कार्गो जहाज तौस्का पर फायरिंग कर उसे जब्त कर लिया है। इधर ईरान ने सोमवार को इस्लामाबाद में होने वाली शांति वार्ता का प्रस्ताव ठुकरा दिया है। होर्मुज पर बढ़ते तनाव के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल रविवार को आधिकारिक दौरे पर रियाद पहुंचे। बता दें होर्मुज पर बढ़ते संकट के बीच भारत अब कच्चे तेल के लिए और देशों के ऑप्शन पर काम कर रहा है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इसी बढ़ते तनाव और अनिश्चितता के बीच डोभाल का यह दौरा एक औपचारिक यात्रा नहीं है, बल्कि पश्चिम एशिया में बदलते समीकरणों के बीच भारत की सक्रिय कूटनीतिक रणनीति का संकेत है। रियाद में होने वाली बैठकों में ऊर्जा सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता और आपसी सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। ऐसे समय में जब वैश्विक शक्तियां आमने-सामने हैं, भारत खुद को एक संतुलित और भरोसेमंद मध्यस्थ के रूप में पेश करता दिख रहा है। यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब होर्मुज में तनाव चरम पर है।
रिपोर्ट के मुताबिक अजीत डोभाल ने रियाद पहुंचकर सऊदी अरब के शीर्ष नेतृत्व के साथ कई अहम बैठकें कीं। उन्होंने ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुल अजीज बिन सलमान, विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान और अपने समकक्ष मुसैद अल-ऐबान से मुलाकात की। इन बैठकों में द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय हालात पर विस्तार से चर्चा हुई। भारतीय दूतावास ने भी इस दौरे को रणनीतिक रूप से अहम बताया है। डोभाल की इस यात्रा का सबसे बड़ा फोकस ऊर्जा सुरक्षा रहा। भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया से पूरा करता है। ऐसे में सऊदी अरब जैसे देश के साथ करीबी सहयोग बेहद जरूरी है। इसके अलावा क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव और समुद्री सुरक्षा भी चर्चा का अहम हिस्सा रहे। अगर होर्मुज में तनाव बढ़ता है तो सबसे बड़ा असर तेल की कीमतों पर पड़ेगा। इससे भारत की अर्थव्यवस्था और महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है। इसके अलावा समुद्री व्यापार भी प्रभावित हो सकता है। यही कारण है कि भारत पहले से ही वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों और आपूर्ति के रास्तों पर काम कर रहा है।
भारत की विदेश नीति का आधार संतुलन, संवाद और रणनीतिक स्वायत्तता है। भारत अमेरिका के साथ मजबूत साझेदारी रखता है, वहीं ईरान के साथ ऊर्जा, व्यापार और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के रिश्ते भी बनाए हुए हैं। यही संतुलन उसे एक विश्वसनीय और व्यावहारिक खिलाड़ी बनाता है। भारत सीधे तौर पर ‘मध्यस्थ’ का दावा नहीं करता, लेकिन बैक-चैनल बातचीत, रणनीतिक साझेदारी और बहुपक्षीय मंचों के जरिए माहौल बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है। यही वजह है कि मौजूदा संकट में भारत की कूटनीति को स्थिरता लाने वाली ताकत के रूप में देखा जा रहा है।
अमेरिका में हमलावर ने 10 लोगों को मारी गोली, मरने वालों में 8 बच्चे भी शामिल
21 Apr, 2026 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लुइसियाना। अमेरिका के लुइसियाना राज्य के श्रेवेपोर्ट शहर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। रविवार सुबह करीब 6 बजे हुई घरेलू हिंसा की वारदात में 10 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जिनमें से आठ मासूम बच्चे शामिल हैं। मारे गए बच्चों की उम्र मात्र 1 से 14 साल के बीच है। स्थानीय पुलिस के मुताबिक इस खौफनाक वारदात का क्राइम सीन तीन अलग-अलग स्थानों तक फैला था। घटना के बाद जब पुलिस ने संदिग्ध हमलावर का पीछा किया तो एक वाहन मुठभेड़ में पुलिस की गोलीबारी में हमलावर मारा गया। स्थानीय अधिकारी इस सामूहिक हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में जुटे हैं। इस घटना ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है।
अमेरिका में घरेलू विवादों के इतनी जल्दी सामूहिक हत्याकांड में बदलने का मुख्य कारण हथियारों की आसान उपलब्धता है। अगर हमलावर के पास घातक हथियार न होता तो शायद हताहतों की संख्या इतनी अधिक नहीं होती। इतनी कम उम्र के 8 बच्चों की हत्या करना एक विक्षिप्त मानसिकता को दर्शाता है। यह घटना संकेत देती है कि समाज में गहरे पारिवारिक तनाव और मानसिक स्वास्थ्य की निगरानी में बड़ी चूक हो रही है। तीन स्थानों पर वारदात होना यह बताता है कि हमलावर ने भागने के दौरान या अलग-अलग कमरों व घरों में जाकर शिकार किया। यह पुलिस के लिए ‘मल्टी-साइट’ जांच की चुनौती पैदा करता है।
जापान में आया 7.4 तीव्रता का भीषण भूकंप..............पूरे देश को हिला दिया
21 Apr, 2026 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
टोक्यो। जापान में सोमवार को आए 7.4 तीव्रता के भीषण भूकंप ने पूरे देश को हिला दिया। जापान के उत्तरी हिस्से में आए भूकंप के बाद जापान मौसम विभाग (जेएमए) ने तुरंत सुनामी की चेतावनी जारी कर दी। मौसम विभाग ने तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है, क्योंकि समुद्र में ऊंची लहरें उठने की आशंका जाहिर की गई है। फिलहाल अभी जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है।
यह भूकंप स्थानीय समय के अनुसार शाम 4 बजकर 53 मिनट पर आया और इसका केंद्र उत्तरी इवाते प्रांत के प्रशांत महासागर क्षेत्र में बताया गया है। झटके इतने तेज थे कि सैकड़ों किलोमीटर दूर स्थित टोक्यो तक इमारतें हिल गईं। कई स्थानों पर लोग घबराकर घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए।
जापान मौसम विभाग के अनुसार, सुनामी की लहरें करीब 10 फीट तक ऊंची हो सकती हैं और वे बार-बार तट से टकरा सकती हैं। विभाग ने चेतावनी दी है कि तटीय क्षेत्रों, नदी किनारों और निचले इलाकों में रहने वाले लोग तुरंत ऊंचे स्थानों या सुरक्षित इमारतों में शरण लें। जब तक आधिकारिक तौर पर चेतावनी समाप्त न कर दी जाए, तब तक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ही रहने की सलाह दी गई है।
जापान सरकार भी इस आपदा को लेकर पूरी तरह सतर्क हो गई है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने तुरंत एक आपातकालीन टीम गठित की है, जो हालात पर नजर रख रही है और राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारी कर रही है। जापान सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। इतना ही नहीं एहतियात के तौर पर कई जरूरी सेवाओं को भी प्रभावित किया गया है। खबरों के मुताबिक, हाचिनोहे बंदरगाह से जहाजों को समुद्र की ओर भेजा जा रहा है, ताकि वे संभावित सुनामी से सुरक्षित रह सकें। इसके अलावा टोक्यो और औमोरी के बीच चलने वाली बुलेट ट्रेन सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी गई हैं।
यह घटना 2011 जापान भूकंप और सुनामी की याद दिलाती है, जब 9.0 तीव्रता के भूकंप और उसके बाद आई सुनामी ने भारी तबाही मचाई थी और 18,000 से अधिक लोगों की जान चली गई थी। फिलहाल प्रशासन हालात का आकलन कर रहा है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि भूकंप से कितना नुकसान हुआ है। लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए राहत और बचाव कार्यों की पूरी तैयारी रखी गई है।
इंजीनियर और नेट क्वालिफाइड भाइयों ने बदला हरियाणा का म्यूजिक सीन, बॉलीवुड से आए ऑफर
20 Apr, 2026 01:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भिवानी। आलोचना जब जुनून बन जाए, तो सफलता की नई इबारत लिखती है। भिवानी जिले के संडवा गांव निवासी दो चचेरे भाइयों, सुमित और अनुज ने यह साबित कर दिखाया है। कभी लोगों के ताने सुनने वाले इन भाइयों के हरियाणवी गाने 'बैरण' ने दुनियाभर में धूम मचा दी है। यह गाना पिछले तीन सप्ताह से प्रतिष्ठित बिलबोर्ड इंडिया की टॉप रैंकिंग में बना हुआ है और यूट्यूब पर इसे 10 करोड़ से ज्यादा लोग देख चुके हैं।
तानों से बिलबोर्ड तक का सफर
अनुज और सुमित ने 2020 के लॉकडाउन के दौरान संगीत को करियर बनाने की ठानी। शुरुआत में 5 गाने असफल रहे, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। सुमित ने म्यूजिक कंपोज किया और अनुज ने अपनी आवाज दी। मात्र 50 हजार रुपये में तैयार हुए इस गाने ने रातों-रात इनकी किस्मत बदल दी। आज आलम यह है कि सोशल मीडिया पर इस गाने की रील्स की बाढ़ आई हुई है।
बॉलीवुड से मिल रहे हैं बड़े ऑफर
पॉपुलैरिटी मिलने के बाद इन भाइयों को बॉलीवुड, पंजाब और हरियाणा के बड़े कलाकारों (जैसे दिलप्रीत ढिल्लों, मासूम शर्मा, और केडी) से ऑफर मिल रहे हैं। अनुज ने पॉलिटिकल साइंस में नेट क्वालीफाई किया है, वहीं सुमित बीटेक कर चुके हैं। अपनी प्रतिभा के दम पर अब ये दोनों भाई गूगल की टीम के बुलावे पर मुंबई पहुंचे हुए हैं।
ऊर्जा के क्षेत्र में नई साझेदारी: त्रिकोमाली प्रोजेक्ट और गैस ग्रिड पर भारत-श्रीलंका में बनी सहमति
20 Apr, 2026 01:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलंबो: भारत के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन और श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके के बीच द्विपक्षीय संबंधों को लेकर उच्च स्तरीय वार्ता हुई। विदेश सचिव विक्रम मिसरी के अनुसार, इस बैठक का मुख्य केंद्र दोनों देशों के बीच प्रस्तावित तेल और गैस पाइपलाइन लिंक तथा त्रिकोमाली में ऊर्जा केंद्र परियोजना रही।
इन प्रमुख मुद्दों पर हुई चर्चा:
उपराष्ट्रपति ने भारत की 'पड़ोसी प्रथम' (Neighbour First) नीति को दोहराते हुए विकास सहयोग पर बल दिया। बैठक में मछुआरों की समस्या, आवासीय परियोजनाओं और क्षेत्रीय स्थिरता पर भी विस्तृत चर्चा हुई।
तमिल नेताओं से मुलाकात और आभार:
अपनी यात्रा के दौरान श्री राधाकृष्णन ने श्रीलंका के तमिल दलों के नेताओं से भी मुलाकात की। तमिल नेताओं ने चक्रवात 'दित्वाह' के बाद भारत सरकार द्वारा दिए गए 45 करोड़ डॉलर के राहत व पुनर्वास पैकेज के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया।
खूनी हुआ रास्त: ट्रैक्टर-ट्रॉली निकालने को लेकर विवाद, दबंग ने छाती में मारी गोली
20 Apr, 2026 12:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चीका। गांव स्यू माजरा में खेत से लौटते समय रास्ते के मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया। गांव के ही एक व्यक्ति ने अंधाधुंध फायरिंग कर गुरविंदर सिंह (45) नामक व्यक्ति की हत्या कर दी। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत और तनाव का माहौल है।
रास्ते के विवाद में चली गोलियां
मृतक के भतीजे सतनाम सिंह के अनुसार, रविवार रात करीब 11 बजे वे ट्रैक्टर-ट्रॉली में तूड़ी लेकर घर लौट रहे थे। नहर के पास गांव के ही प्रताप सिंह ने उन्हें रोक लिया और रास्ते को निजी बताते हुए वहां से गुजरने से मना कर दिया। बहस बढ़ने पर आरोप है कि प्रताप सिंह ने फायरिंग शुरू कर दी। उसने तीन राउंड फायर किए, जिनमें से एक गोली गुरविंदर की छाती में जा लगी।
अस्पताल पहुंचने से पहले मौत
परिजनों ने घायल गुरविंदर को तुरंत गुहला के सरकारी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। गुहला थाना प्रभारी सुनेश कुमार ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। गवाहों के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस आरोपी की तलाश के साथ मामले की गहन जांच कर रही है।
कर्ज से बढ़ी मालदीव की मुश्किलें, मुइज्जू ने भारत से की करेंसी स्वैपिंग सुविधा बढ़ाने की मांग
20 Apr, 2026 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
माले मालदीव इस समय अपने सबसे कठिन आर्थिक दौर से गुजर रहा है। भारी अंतरराष्ट्रीय कर्ज और तेजी से घटते विदेशी मुद्रा भंडार के कारण देश की अर्थव्यवस्था चरमराने की कगार पर है। इस बीच, मालदीव सरकार ने भारत से एक बार फिर करेंसी स्वैप सुविधा की अवधि बढ़ाने की गुहार लगाई है। हालांकि, भारत के लिए इस अनुरोध को स्वीकार करना कूटनीतिक और तकनीकी रूप से एक बड़ी चुनौती बन गया है।
मालदीव की वित्तीय स्थिति वर्तमान में बेहद चिंताजनक है। अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसियों, जैसे फिच ने इसकी सॉवरेन रेटिंग को सीसी पर रखा है, जो कर्ज चूक (डिफ़ॉल्ट) की उच्च संभावना की ओर इशारा करता है। देश पर अप्रैल 2026 में लगभग 1 अरब डॉलर के कर्ज भुगतान का दबाव था। हालांकि मालदीव ने अपने सॉवरेन डेवलपमेंट फंड का उपयोग कर 500 मिलियन डॉलर के सुकुक बॉन्ड का भुगतान तो कर दिया है, लेकिन इस कदम ने उसके विदेशी मुद्रा भंडार को लगभग खाली कर दिया है। भारत ने हमेशा मालदीव की मुश्किल समय में मदद की है। अक्टूबर 2024 में भारत ने 400 मिलियन डॉलर की करेंसी स्वैप सुविधा दी थी, जिसे नियमों में ढील देते हुए पहले भी दो बार विस्तार दिया जा चुका है। इसके अलावा, भारत ने 50-50 मिलियन डॉलर के ट्रेजरी बिलों की अवधि बढ़ाई और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 565 मिलियन डॉलर की लाइन ऑफ क्रेडिट भी प्रदान की। लेकिन अब समस्या तकनीकी नियमों की है।
भारतीय नियमों के अनुसार, दो बार की निकासी के बीच एक अनिवार्य कूलिंग-ऑफ अवधि (निश्चित समय का अंतर) होनी चाहिए। इसके साथ ही कर्ज विस्तार की भी एक तय सीमा होती है। मालदीव की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से पर्यटन पर निर्भर है, लेकिन मध्य पूर्व में जारी संघर्ष ने पर्यटन उद्योग की कमर तोड़ दी है। ईंधन की बढ़ती कीमतों और अंतरराष्ट्रीय ऋण मिलने में हो रही देरी ने संकट को और गहरा कर दिया है। यदि भारत तकनीकी कारणों से इस बार करेंसी स्वैप सुविधा को विस्तार नहीं दे पाता है, तो मालदीव के लिए अल्पावधि में अपनी वित्तीय स्थिरता बनाए रखना असंभव हो सकता है। अब पूरी दुनिया की नजरें भारत के फैसले पर टिकी हैं कि वह अपने नियमों और पड़ोसी की बिगड़ती आर्थिक सेहत के बीच कैसे संतुलन बिठाता है।
युद्ध का कोई भी टिकाऊ समाधान ईरान के सभी खतरों को ध्यान में रखकर हो
20 Apr, 2026 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेहरान। ईरान-अमेरिका के बीच आधिकारिक तौर पर अभी सीजफायर जारी है। इसके बाद ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने की घोषणा कर दी, लेकिन 24 घंटे के बाद ही उसने ये आदेश वापस ले लिया और इसे बंद कर दिया। ईरान का कहना है कि अमेरिका ने समझौता नियमों का उल्लंघन किया है। जब से यह युद्ध शुरू हुआ, उसके बाद ईरान ने खाड़ी देशों पर भी हमले किए हैं। इसमें यूएई भी शामिल है जिसपर ईरान ने सबसे ज्यादा मिलसाइलें दागीं। यूएई के विदेश मंत्रालय में राज्य मंत्री सईद बिन मुबारक अल हाजेरी का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर काफी नहीं है। उन्होंने कहा कि युद्ध का कोई भी टिकाऊ समाधान ईरान के सभी खतरों को ध्यान में रखकर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि होर्मुज का बंद होना आर्थिक आतंकवाद है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एक इंटरव्यू में हाजेरी ने पश्चिम एशिया में युद्ध, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को ब्लॉक करने, ईरान के हमलों और उसके असर, सीजफ़ायर और बातचीत और यूएई में बड़ी भारतीय कम्युनिटी पर बात की। यूएई के विदेश मंत्री ने कहा कि हमारा देश सीजफ़ायर की घोषणा और उससे जुड़ी बातचीत पर करीब से नज़र रख रहा है। उन्होंने कहा कि हम सीजफायर एग्रीमेंट के नियमों पर और स्पष्टीकरण चाहते हैं ताकि यह पक्का हो सके कि ईरान सभी दुश्मनी को तुरंत खत्म करने के लिए पूरी तरह से और वेरिफाई किया जा सकने वाला कमिटमेंट दिखाए।
उन्होंने कहा कि सिर्फ़ सीजफायर काफी नहीं है। इस युद्ध का कोई भी टिकाऊ हल ईरान के सभी खतरों से निपटना होगा। उसकी न्यूक्लियर क्षमताएं, उसकी बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन, उससे जुड़े प्रॉक्सी, और होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह और बिना किसी शर्त के फिर से खोलना भी शामिल है। हमें इस बात को लेकर साफ-साफ पता होना चाहिए कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अभी भी बंद है। आने-जाने पर रोक लगाई जा रही है, शर्तें तय की जा रही हैं और उसे कंट्रोल किया जा रहा है। ईरान जहाजों को ट्रांज़िट के लिए परमिशन लेने के लिए मजबूर कर रहा है और हर जहाज पर टोल ले रहा है। इसका असर सिर्फ यूएई और उसके पड़ोसियों पर ही नहीं पड़ रहा है, बल्कि भारत पर भी पड़ रहा है।
यूएई के मंत्री हाजेरी ने कहा कि हमने यह लड़ाई नहीं चाही थी। उन्होंने कहा कि असल में हमने इसे रोकने की पूरी कोशिश की और यह युद्ध शुरू होने से पहले यूएई और दूसरे खाड़ी देशों ने हर मौजूद चैनल से यह साफ कर दिया था कि उनके इलाके और एयरस्पेस का इस्तेमाल ईरान पर हमला करने के लिए नहीं किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि यह भरोसा पूरी ईमानदारी और अच्छी नीयत से किया गया था। ईरान ने इसे नज़रअंदाज़ करके उन्हीं देशों पर हमला किया जिन्होंने शांति बनाए रखने के लिए सबसे ज़्यादा मेहनत की थी।
बता दें 28 फरवरी से ईरान ने अकेले यूएई के खिलाफ 537 बैलिस्टिक मिसाइलें, 26 क्रूज़ मिसाइलें और 2,256 ड्रोन लॉन्च किए हैं, जो हर दूसरे टारगेटेड देश के खिलाफ से ज़्यादा हैं। मंत्री के मुताबिक यूएई ने लड़ाई को बढ़ने से रोकने के लिए ईमानदारी से और लगातार कोशिशें कीं और उन कोशिशों का जवाब पहले से सोचे-समझे हमले से मिला।
यूक्रेन ने मास्को से जंग में उतारे रोबोट, रुस के कई ठिकानों पर किया कब्जा
20 Apr, 2026 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कीव। रोबोट्स घरों से निकलकर युद्ध के मैदान में पहुंच चुके हैं हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध में यूक्रेन की तरफ से जमीन पर चलने वाले ड्रोन यानी रोबोट का इस्तेमाल किया गया, जिन्होंने आगे बढ़कर ना सिर्फ दुश्मनों पर हमला किया, बल्कि उनके ठिकाने पर कब्जा करने में भी मदद की।
रोबोट्स अब घरों का काम करने तक सीमित नहीं हैं उन्होंने जंग कमान संभाल ली है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक रूस-यूक्रेन युद्ध में यूक्रेन के खारकीव के पास बर्फ से ढके इलाके में, हाल ही में कुछ ऐसा हुआ, जिसने लोगों को चौंका दिया। वहां सैनिक नहीं, उनकी जगह मशीनें आगे बढ़कर दुश्मनों का खात्मा कर रही थीं। रूस-यूक्रेन युद्ध में पहली बार ऐसा हुआ कि दुश्मन के किसी ठिकाने पर बिना किसी सैनिक के ही कब्जा कर लिया गया हो। तकनीक का इस्तेमाल करते हुए दर्जनों मशीन के दम पर ठिकाने पर कब्जा किया गया।
रिपोर्ट के मुताबिक यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने सार्वजनिक तौर पर इस बदलाव की ओर इशारा किया है। डिफेंस इंडस्ट्री वर्कर डे के मौके पर उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि इस युद्ध के इतिहास में पहली बार दुश्मन के किसी ठिकाने पर जमीनी सिस्टम और ड्रोन की मदद से कब्जा किया गया। कब्जा करने वालों ने सरेंडर कर दिया और यह ऑपरेशन बिना सैनिकों और किसी नुकसान के पूरा किया गया। हालांकि उन्होंने उस ऑपरेशन का नाम नहीं बताया। वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक इस ऑपरेशन की शुरुआत सैनिकों के आगे बढ़ने से नहीं हुई थी। इसके बजाय, जमीन पर चलने वाला ड्रोन यानी रोबोट को रूसी बंकर की तरफ भेजा गया। वह कीचड़ भरे रास्ते से गुजरता हुआ अपने टारगेट तक पहुंचा और फिर धमाके के साथ फट गया। इसके बाद, कई सिस्टम का इस्तेमाल करते हुए एक हमला किया गया।
रिपोर्ट के मुताबिक युद्ध में हवा और जमीन दोनों तरह के ड्रोन को एक साथ तैनात किया गया था। कुछ ड्रोन ऊपर हवा में मंडराते रहे ताकि युद्ध के मैदान को सीधा निशाना बना सकें, दूसरे ड्रोन का इस्तेमाल विस्फोटक गिराने या सीधे हमले करने के लिए किया गया। जमीन पर, मुश्किल रास्तों के बावजूद रोबोटिक यूनिट्स लगातार आगे बढ़ती रहे। एक ही ऑपरेशन में दर्जनों ड्रोन का इस्तेमाल किया। हवा और जमीन, दोनों तरफ से हो रहे हमलों की वजह से, बचाव करने वाली टीम को एक ही समय पर कई खतरों का सामना करना पड़ा। यह ऑपरेशन कई घंटों तक चला और जब बाद में यूक्रेनी सैनिक वहां पहुंचे, तो उन्हें रूसी सैनिकों की लाशें मिलीं और उन्होंने उस जगह पर कब्जा कर लिया। जीत के साथ-साथ इस मिशन से कुछ अहम सबक भी मिले। ऑपरेटर्स ने उन क्षेत्रों की पहचान की जहां भविष्य में इस्तेमाल के लिए ड्रोन्स में सुधार किया जा सकता है।
चाहे लोग इजराइल को पसंद करें या न करें, वह अमेरिका का महान सहयोगी...
20 Apr, 2026 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने इजराइल की तारीफ करते हुए उसे संयुक्त राज्य अमेरिका का एक महान सहयोगी बताया और मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के बीच देश के साहस और वफादारी की तारीफ की। ट्रुथ सोशल पर पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि लोगों की राय चाहे जो भी हो, इजराइल लगातार अमेरिका के साथ खड़ा रहा है। ट्रंप ने कहा कि चाहे लोग इजराइल को पसंद करें या न करें, उन्होंने खुद को अमेरिका का एक महान सहयोगी साबित किया है। वे साहसी, निडर, वफादार और समझदार हैं और दूसरों से अलग, जिन्होंने संघर्ष और तनाव के समय अपना असली रंग दिखाया है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप की ये टिप्पणियां इजराइल से यह कहने के एक दिन बाद सामने आईं कि उसे लेबनान पर बमबारी करने से मना किया गया है और उन्होंने कहा अब बहुत हो गया। ट्रंप की ये टिप्पणियां ऐसे समय आई हैं जब क्षेत्रीय तनाव काफी बढ़ गया है, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य का फिर से बंद होना भी शामिल है। ईरान ने कहा है कि यह रणनीतिक जलमार्ग तब तक बंद रहेगा, जब तक अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर अपनी नौसैनिक नाकाबंदी हटा नहीं लेता।
एक रिपोर्ट के मुताबिक तेहरान ने शनिवार को कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य तब कर नहीं खुलेगा जब तक अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर अपनी नौसैनिक नाकाबंदी हटा नहीं लेता, साथ ही एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने चेतावनी दी कि अंतिम समझौता अभी भी काफी दूर है।
युवाओं के नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को मिलेगा नया आयाम : वित्त मंत्री ओपी चौधरी
जैविक खेती से एरिन भगत बनीं आत्मनिर्भर, प्राकृतिक कृषि से घटी खेती की लागत
अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस में भोपाल में "रन फॉर टाइगर का भव्य आयोजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवाड़ी के नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन का किया लोकार्पण
बिहान योजना से मिली नई पहचान, पोषण सखी बन महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की बनीं संरक्षक
एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत विद्यार्थियों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
निवाड़ी में विकास का नया अध्याय आरंभ हो रहा है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
