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वेनेजुएला में अपने तेल और ऊर्जा अधिकार वापस चाहता है अमेरिका, टैंकरों की नाकाबंदी
19 Dec, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। अमेरिका-वेनेजुएला के बीच चल रहे विवाद ने जंग की शक्ल लेता दिख रहा। अमेरिका अब वेनेजुएला को धमकी दे रहा है और उसके तेल पर अपना हक जता रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका वेनेजुएला में अपने तेल और ऊर्जा अधिकार वापस चाहता है, जिन्हें ट्रंप के मुताबिक वहां की सरकार ने अवैध तरीके से छीन लिया था। ट्रंप ने ये बात पत्रकारों से बातचीत में कही।
उन्होंने कहा कि वेनेजुएला ने हमारी सारी ऊर्जा और तेल के अधिकार छीन ले लिए थे। ये सब कुछ गैरकानूनी रूप से हुआ और अब हम इसे वापस चाहते हैं। इससे पहले ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल पर बताया था कि वेनेजुएला को दक्षिण अमेरिका की अब तक की सबसे बड़ी नौसैनिक घेराबंदी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह घेराबंदी तब तक बढ़ती रहेगी, जब तक कराकास चोरी किया गया तेल और उससे जुड़ी संपत्तियां वापस नहीं करता। वेनेजुएला ने अमेरिका के इस कदम की कड़ी आलोचना की है और यूएन से शिकायत की है। कुल मिलाकर जंग की स्थिति बन रही है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप के करीबी सहयोगी और व्हाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर ने भी वेनेजुएला के तेल को लेकर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला का तेल असल में अमेरिका का है और वहां तेल उद्योग का राष्ट्रीयकरण चोरी था। मिलर ने पोस्ट में लिखा- अमेरिकी मेहनत, तकनीक और पूंजी से वेनेजुएला में तेल उद्योग खड़ा हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां की सरकार ने इसे जबरन अपने कब्जे में ले लिया और इस लूटे गए धन का इस्तेमाल आतंकवाद को बढ़ावा देने और ड्रग्स फैलाने में किया गया।
बता दें अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक किसी देश के प्राकृतिक संसाधनों पर उसी देश का अधिकार होता है। वेनेजुएला ने 1976 में अपने तेल उद्योग का राष्ट्रीयकरण किया और उसे सरकारी कंपनी के तहत लाया। साल 2007 में तत्कालीन राष्ट्रपति ह्यूगो शावेज ने बची हुई विदेशी तेल परियोजनाओं को भी नेशनलाइज्ड कर दिया, जिससे अमेरिकी कंपनियों को बाहर होना पड़ा। अमेरिकी कंपनियों ने इसे लीगल चैलेंज दिया और साल 2014 में वर्ल्ड बैंक के एक ट्राइब्यूनल ने वेनेजुएला को 1.6 अरब डॉलर देने का आदेश दिया। ये मामला अब भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। ट्रंप ने अपने पिछले कार्यकाल में वेनेजुएला की सरकारी कंपनी पर सैंक्शन लगाए थे। दूसरे कार्यकाल में ट्रंप ने वेनेजुएला के खिलाफ मैक्सिमम प्रेशर की नीति और तेज कर दी है।
एफबीआई के डिप्टी डायरेक्टर ने की इस्तीफे की घोषणा, नहीं बताया कारण
19 Dec, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। एफबीआई के डिप्टी डायरेक्टर डैन बोंगिनो ने बुधवार को घोषणा की कि वह नौकरी शुरू करने के 10 महीने बाद जनवरी में अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। 51 साल के बोंगिनो ने एक्स पर इस्तीफे का कोई कारण नहीं बताया, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें लगता है कि बोंगिनो अपने लोकप्रिय पॉडकास्ट पर वापस जाना चाहते हैं। एफबीआई में शामिल होने से पहले बोंगिनो का कानून प्रवर्तन की पृष्ठभूमि रही है। उन्होंने न्यूयॉर्क पुलिस ऑफिसर और सीक्रेट सर्विस एजेंट के तौर पर काम किया था, लेकिन उनकी नियुक्ति असामान्य थी क्योंकि एफबीआई में नंबर दो की पोस्ट पारंपरिक रूप से एक करियर कर्मचारी के पास होती है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एफबीआई में उनका कार्यकाल मार्च में शुरू हुआ था और अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी के साथ तनाव की खबरों से भरा रहा। अपने एक्स पोस्ट में, बोंगिनो ने मकसद के साथ सेवा करने का मौका देने के लिए ट्रंप, बोंडी और एफबीआई डायरेक्टर को धन्यवाद दिया। बोंगिनो के नाम वाले पॉडकास्ट के देश में सबसे ज्यादा श्रोता हैं और यह अक्सर साजिश की थ्योरी फैलाता है, जिसमें यह दावा भी शामिल है कि 2020 का राष्ट्रपति चुनाव ट्रंप से चुरा लिया गया था।
ओमान में PM मोदी ने भारतीय समुदाय के लोगों को किया संबोधित, बोले- ‘भारत आगे बढ़ रहा है’
18 Dec, 2025 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। ओमान (Oman) में भारतीय समुदाय (Indian Community) के लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम’ और ‘मोदी, मोदी’ के नारों के बीच अपना भाषण शुरू किया। ओमान में भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “मैं मेरे सामने एक मिनी इंडिया देख रहा हूं।”
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “ओमान में रहने वाले भारतीय अकसर भारत आते-जाते रहते हैं। आप भारत की हर घटना से अपडेट रहते हैं। आप सभी देख रहे हैं कि आज हमारा भारत कैसे प्रगति की नई गति से आगे बढ़ रहा है। भारत की गति हमारे इरादों में दिख रही है, हमारे प्रदर्शन में नजर आती है। कुछ दिनों पहले ही आर्थिक विकास के आंकड़े आए हैं और आपको पता होगा कि भारत की विकास दर 8% से भी अधिक रही है यानी भारत लगातार दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना है और ये तब हुआ है जब पूरी दुनिया चुनौतियों से घिरी हुई है।”
पाकिस्तान में फिर होगा बवाल- इमरान की तीनों बहनें आदियाला जेल के बाहर धरने पर बैठीं
18 Dec, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रावलपिंडी। पाकिस्तान की सरकार इन दिनों भीतर और बाहर दोनों मोर्चों पर दबाव में दिखाई दे रही है। एक ओर आर्थिक बदहाली और सुरक्षा चुनौतियां हैं, तो दूसरी ओर जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहनों ने सरकार और सैन्य नेतृत्व के लिए नई परेशानी खड़ी कर दी है। अपने भाई से मुलाकात न हो पाने से नाराज इमरान खान की बहनों ने एक बार फिर खुला विरोध शुरू कर दिया है। सिर्फ 20 मिनट की सीमित मुलाकात के बाद दोबारा किसी को मिलने की अनुमति न मिलने से आक्रोश और बढ़ गया है। इसी के चलते इमरान खान की बहनें पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ आदियाला जेल के पास धरने पर बैठ गई हैं और लंबे आंदोलन का संकेत दे दिया है।
इमरान खान की बहनों का कहना है कि अदालत के स्पष्ट आदेशों के बावजूद जेल प्रशासन और सरकार मुलाकात में लगातार बाधा डाल रहे हैं। इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने 24 मार्च को आदेश दिया था कि इमरान खान से हर सप्ताह मंगलवार और गुरुवार को मुलाकात की अनुमति दी जाए। हालांकि पार्टी का आरोप है कि इस आदेश का नियमित रूप से पालन नहीं किया जा रहा। बहनों का कहना है कि अदालत के फैसले के ऊपर जेल प्रशासन का रवैया सवाल खड़े करता है और ऐसा प्रतीत होता है जैसे जेल कानून से ऊपर हो गई हो।
पिछले कई हफ्तों से अलीमा खान, उज्मा खान और नोरीन खान नियाजी लगातार इमरान खान से मिलने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन हर बार उन्हें निराशा ही हाथ लगी है। हाल ही में जब मुलाकात की अनुमति नहीं दी गई तो पार्टी समर्थकों के साथ मिलकर उन्होंने धरना दिया। इस दौरान भीड़ को हटाने के लिए पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया गया, जिससे हालात और तनावपूर्ण हो गए।
मंगलवार को एक बार फिर इमरान खान की बहनें जेल की ओर मार्च करती नजर आईं। रास्ते में उन्हें रोक दिया गया, लेकिन उन्होंने वहीं बैठकर धरना देने का फैसला कर लिया। मार्च के दौरान अलीमा खान ने कहा कि उन्हें जहां भी रोका जाएगा, वे वहीं शांतिपूर्ण तरीके से बैठेंगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे लंबे धरने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। मीडिया के सामने उन्होंने गर्म कपड़े और कंबल दिखाते हुए संकेत दिया कि विरोध अनिश्चित समय तक चल सकता है।
धरनास्थल पर बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे, वहीं सुरक्षा के कड़े इंतजाम भी देखने को मिले। अलीमा खान ने कहा कि उनका विरोध न तो गैरकानूनी है और न ही असंवैधानिक। उनका कहना था कि वे केवल अदालत के आदेशों को लागू कराने और अपने बुनियादी अधिकारों की मांग कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में संविधान, लोकतंत्र और कानून के शासन को कमजोर किया जा रहा है, जिसके खिलाफ आवाज उठाना मजबूरी बन गया है। अलीमा खान ने देश की मौजूदा स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता प्रभावित हो रही है, अफगानिस्तान के साथ व्यापार बंद होने से बेरोजगारी बढ़ रही है और सुरक्षा हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। उन्होंने सरकार से यह भी मांग की कि 2 दिसंबर को इमरान खान और उनकी बहन उज्मा के बीच हुई संक्षिप्त मुलाकात में किन राजनीतिक मुद्दों पर बातचीत हुई थी, इसकी जानकारी परिवार को दी जाए। उनका कहना था कि यदि राजनीतिक विषयों पर चर्चा हुई है तो उस पर पार्टी नेतृत्व से बात की जानी चाहिए। इमरान खान की बहनों का यह विरोध अब केवल निजी मुलाकात तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सरकार की नीतियों और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर सीधा सवाल बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में यह आंदोलन किस दिशा में जाएगा, इस पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं।
ट्रंप ने वेनेजुएला सरकार को किया विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित
18 Dec, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला सरकार को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है। इसके साथ ही ट्रंप ने कैरेबियन सागर में अमेरिका द्वारा प्रतिबंधित ऑयल टैंकरों के मूवमेंट पर रोक लगा दी है। इससे वेनेजुएला के तेल टैंकरों की आवाजाही ठप हो जाएगी। ट्रंप की इस घोषणा से अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव उच्च स्तर पर पहुंच गया है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप ने अपने ट्रूथ पर उत्तेजक घोषणा करते हुए लिखा- हमारी संपत्ति की चोरी और आतंकवाद, ड्रग्स तस्करी और मानव तस्करी सहित कई अन्य कारणों से, वेनेजुएला की सरकार को एक विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किया गया है। इसलिए आज मैं वेनेजुएला में आने-जाने वाले सभी प्रतिबंधित तेल टैंकरों की पूरी तरह से नाकाबंदी का आदेश दे रहा हूं। वेनेजुएला को धमकाते हुए ट्रंप ने लिखा है- वेनेजुएला पूरी तरह से दक्षिण अमेरिका के इतिहास में अब तक के सबसे बड़े युद्धपोतों के बेड़े से घिरा हुआ है यह और भी बड़ा होता जाएगा और उन्हें ऐसा झटका लगेगा जैसा उन्होंने पहले कभी नहीं देखा होगा। जब तक कि वे अमेरिका को वह सारा तेल, जमीन और दूसरी संपत्ति वापस नहीं कर देते, जो उन्होंने पहले हमसे चुराई थी।
ट्रंप ने धमकी देते हुए लिखा- नाजायज मादुरो सरकार इन चोरी के तेल क्षेत्रों से मिले तेल का इस्तेमाल खुद को, ड्रग आतंकवाद, मानव तस्करी, हत्या और अपहरण के लिए फाइनेंस करने के लिए कर रही है। हमारी संपत्ति की चोरी और आतंकवाद, ड्रग तस्करी और मानव तस्करी समेत कई अन्य कारणों से वेनेजुएला सरकार को एक विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किया गया है।
ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा- अवैध अप्रवासियों और अपराधियों को जिन्हें मादुरो सरकार ने कमजोर और अक्षम बाइडेन प्रशासन के दौरान अमेरिका भेजा था, उन्हें वेनेजुएला वापस भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा है कि अमेरिका अपराधियों, आतंकवादियों या दूसरे देशों को हमारे देश को लूटने, धमकी देने या नुकसान पहुंचाने की इजाज़त नहीं देगा और इसी तरह किसी दुश्मन सरकार को हमारा तेल, जमीन या कोई दूसरी संपत्ति लेने की इजाज़त नहीं देगा, ये सब तुरंत अमेरिका को वापस किया जाना चाहिए।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो के बीच पिछले कुछ दिनों से तीखी तकरार चल रही है। कुछ ही दिन पहले अमेरिका ने वेनेजुएला का एक ऑयल टैंकर को जब्त कर लिया था। वेनेजुएला ने अमेरिका के इस कदम को लूट करार दिया था। इसके बाद ट्रंप ने नए प्रतिबंध लगाए, इसके दायरे में मादुरो के परिवार और तेल निर्यात से जुड़ी कंपनियां शामिल हैं। ट्रंप ने मादुरो को सत्ता छोड़ने का अल्टीमेटम दिया है, लेकिन मादुरो ने इसे अस्वीकार कर दिया है।
यौन अपराधी एपस्टीन मामले से जुड़े सभी ईमेल, तस्वीरें और डॉक्यूमेंट्स होंगे सार्वजनिक
18 Dec, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन। ट्रम्प प्रशासन जल्द ही को कुख्यात यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े दशकों पुराने सरकारी रिकॉर्ड सार्वजनिक कर सकता है। इस दौरान एपस्टीन मामले से जुड़े सभी ईमेल, तस्वीरें और डॉक्यूमेंट्स पब्लिक होंगे। इसका मकसद एपस्टीन के पूरे नेटवर्क की सच्चाई सबके सामने लाना है। आरोप है कि इस नेटवर्क में नाबालिग लड़कियों का शोषण हुआ और दुनिया के कई ताकतवर लोग इससे जुड़े थे। इससे पहले इस मामले से जुड़ीं 19 तस्वीरें 12 दिसंबर को पब्लिक हुई थीं। इसमें 3 तस्वीरें ट्रम्प की हैं। इसके अलावा पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन, अरबपति बिल गेट्स जैसे बड़ी हस्तियों की तस्वीरें भी सार्वजनिक हुईं थीं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अब एपस्टीन से जुड़े सभी रिकॉर्ड पब्लिक होने में सिर्फ 2 दिन बाकी हैं। ऐसे में अमेरिका ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में राजनीतिक और कारोबारी हलकों में हलचल तेज हो गई है। अब तक किसी भारतीय नागरिक या भारतीय नेता-उद्योगपति का नाम आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आया है।
वहीं भारतीय नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने दावा किया है कि इसमें कुछ भारतीय मंत्री, पूर्व मंत्री और मौजूदा सांसदों के नाम सामने आ सकते हैं। हालांकि अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने ऐसा कोई संकेत नहीं दिया है, लेकिन एपस्टीन के संबंध अमेरिका के बाहर के देशों के नेताओं और बिजनेसमैन से भी बताए जाते हैं, इसलिए पूरी दुनिया की नजर इन फाइलों पर टिकी हैं। जेफ्री एपस्टीन की संपत्ति से जारी 19 तस्वीरों में 9 बड़ी हस्तियों के नाम सामने आए हैं। ये तस्वीरें सीधे तौर पर किसी को अपराधी साबित नहीं करतीं, लेकिन इन्हें एपस्टीन के साथ दिखाती हैं जिससे विवाद और सवाल खड़े हो रहे हैं। इसमें डोनाल्ड ट्रम्प (अमेरिकी राष्ट्रपति), बिल क्लिंटन (पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति), बिल गेट्स (अरबपति), प्रिंस एंड्रयू (ब्रिटिश किंग के भाई), स्टीव बैनन (ट्रम्प के पूर्व सलाहकार), लैरी समर्स (हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के पूर्व अध्यक्ष), वुडी एलन (फिल्म निर्माता), रिचर्ड ब्रैनसन (बिजनेसमैन), एलन डर्शोविट्ज (मशहूर वकील) शामिल हैं।
इस्लामिज़्म ना सिर्फ अमेरिका बल्कि पूरी दुनिया की आजादी, सुरक्षा के लिए खतरा
18 Dec, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। अमेरिका में नेशनल इंटेलीजेंस की डायरेक्टर तुलसी गबार्ड ने ऑस्ट्रेलिया में हुए आतंकी हमले को लेकर कहा कि इस्लामिज़्म ना सिर्फ अमेरिका बल्कि पूरी दुनिया की आजादी, सुरक्षा और समृद्धि के लिए सबसे खतरा है। उन्होंने दावा किया कि ऑस्ट्रेलिया में इस्लामिस्टों की भारी घुसपैठ ने हालात को इस मोड़ तक पहुंचाया है। गबार्ड ने कहा कि यह हमला किसी को भी चौंकाने वाला नहीं होना चाहिए, क्योंकि यह सीधे तौर पर ऑस्ट्रेलिया में इस्लामिस्टों की बड़े पैमाने पर हुई एंट्री का नतीजा है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में बॉन्डी बीच पर 14 दिसंबर को दो हमलावरों ने अचानक अंधाधुंध फायरिंग की थी। यह हमला यहूदी समुदाय के हनुक्का त्योहार के बीच हुआ। हमले में कम से कम 15 लोग मारे गए और दर्जनों अन्य घायल हुए। पुलिस एनकाउंटर में एक हमलावर को मौके पर ही मारा गया, जबकि दूसरा गंभीर घायल हुआ जो अस्पताल में हिरासत में है। ऑस्ट्रेलियाई पुलिस ने इस गोलीबारी को आतंकवादी हमला बताकर इसकी जांच शुरु कर दी है।
गबार्ड ने यूरोप और ऑस्ट्रेलिया को लेकर भी गंभीर चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यूरोप के लिए शायद बहुत देर हो चुकी है और संभव है कि ऑस्ट्रेलिया के लिए भी अब हालात हाथ से निकल चुके हों। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के पास अभी वक्त है, लेकिन वह भी ज्यादा समय तक नहीं रहेगा। उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने अमेरिका की सीमाओं को सुरक्षित करने को प्राथमिकता दी है, संदिग्ध आतंकियों को देश से बाहर निकालने पर जोर दिया है और बिना जांच-पड़ताल के बड़े पैमाने पर हो रहे माइग्रेशन को रोकने के कदम उठाए हैं, जो अमेरिकियों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है।
बीएमडब्ल्यू कारखाने पहुंचे राहुल गांधी बोले..........देश में विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ना चाहिए
18 Dec, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बर्लिन। जर्मनी दौरे के दौरान राजधानी बर्लिन पहुंचे कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भारत के गिरते विनिर्माण क्षेत्र पर चर्चा कर कहा कि अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने के लिए भारत को उत्पादन बढ़ाना होगा। कांग्रेस नेता आलोक शर्मा द्वारा साझा किए वीडियो में, राहुल गांधी बीएमडब्ल्यू कारखाने के अपने दौरे के बारे में बात करते हुए कहते हैं कि हम बीएमडब्ल्यू कारखाने गए थे शानदार अनुभव रहा और मुझे यह देखकर विशेष रूप से खुशी हुई कि उनके पास 450 सीसी की बाइक, टीवीएस है, और मुझे लगता है कि यह अच्छा प्रदर्शन करेगी। यह देखकर अच्छा लगा कि यहां एक भारतीय ध्वज लहरा रहा है।
वीडियों में राहुल गांधी ने कहा, भारत को उत्पादन शुरू करने की जरूरत है। उत्पादन किसी भी देश की सफलता की कुंजी है। हमारा विनिर्माण क्षेत्र गिर रहा है; वास्तव में विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ना चाहिए। इस बीच, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का जर्मनी के अपने पांच दिवसीय दौरे के दौरान बर्लिन हवाई अड्डे पर भारतीय प्रवासी कांग्रेस (आईओसी) द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया। वे आज होने वाले एक महत्वपूर्ण आईओसी कार्यक्रम में भाग लेने वाले हैं, जहां वे यूरोप भर के आईओसी नेताओं से मिलने वाले है। उनके आगमन पर आईओसी टीमों ने पुष्पांजलि अर्पित कर उनका स्वागत किया और सभी के चेहरे पर मुस्कान थी।
आईओसी का कहना है कि राहुल गांधी भारतीय प्रवासी भारतीयों को संबोधित करने और यूरोप में पार्टी के विभिन्न अध्यक्षों से मिलने के लिए आए हैं। वे अनिवासी भारतीयों से संबंधित मुद्दों और पार्टी की विचारधारा को और अधिक फैलाने के तरीकों पर चर्चा करने वाले है। इंडियन ओवरसीज कांग्रेस ने बताया हमें राहुल गांधी का स्वागत करते हुए गर्व हो रहा है, जो 17 दिसंबर को बर्लिन में भारतीय प्रवासी भारतीयों के साथ बातचीत करने वाले है। इस कार्यक्रम में यूरोप भर से भारतीय प्रवासी कांग्रेस के सभी अध्यक्ष एक साथ आएंगे और राहुल गांधी के साथ प्रमुख मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एक अनूठा मंच प्रदान करने वाले हैं, विशेष रूप से पार्टी को मजबूत करने, प्रवासी भारतीयों की चिंताओं और आईओसी किस प्रकार अधिक लोगों को पार्टी से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
तुर्किये में जहां उगता है सबसे ज्यादा गेहूं, अब जमीन में हो रहे सैकड़ों गड्ढे
17 Dec, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अंकारा। तुर्किये के कोन्या मैदान में सबसे ज्यादा गेहूं उगाया जाता है। कोन्या मैदान का कुल कृषि क्षेत्र करीब 2.6 मिलियन हेक्टेयर है, जो तुर्किये के कुल कृषि क्षेत्र का 11.2 फीसद है। क्षमता से ज्यादा उपज और ग्राउंड वाटर के अत्यधिक इस्तेमाल के कारण यह इलाका सूखा का सामना कर रहा है। इससे जमीनों में सैकड़ों गड्ढे बन रहे हैं, जो खेतों को बर्बाद कर रहे हैं। तुर्किये की आपदा प्रबंधन एजेंसी की नई रिपोर्ट के मुताबिक कोन्या बेसिन में अब तक 684 ऐसे गड्ढों की पहचान की गई है, जबकि रिसर्च सेंटर के मुताबिक 2017 में 299 सिंकहोल थे, जो 2021 तक बढ़कर 2,550 हो गए।
रिपोर्ट के मुताबिक साल 2025 में करीब 20 नए बड़े सिंकहोल बनने की पुष्टि हुई है। इन गड्ढों की गहराई 30 मीटर से ज्यादा और चौड़ाई 100 फीट तक बताई जा रही है। यह संकट अचानक नहीं आया है, बल्कि पिछले 20 साल से किसानों और प्रशासन की अनदेखी के कारण यह धीरे-धीरे बढ़ी है। 2025 में यह समस्या और बढ़ गई, क्योंकि सूखा और भूजल दोहन काफी बढ़ गया है। रिपोर्ट के मुताबिक सिर्फ करापिनार जिले में 534 सिंकहोल हैं और ये मुख्य रूप से ग्रामीण और कृषि क्षेत्रों में हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह इंसानों के कारण आई आपदा है, लापरवाही ने इसे और बढ़ावा दिया है। कोन्या मैदान की भूवैज्ञानिक संरचना कार्स्ट टाइप की है, मतलब यह मैदान कार्बोनेट और जिप्सम जैसी घुलनशील चट्टानों से बना है। ये चट्टानें हजारों सालों में पानी में घुलकर गड्ढे बनाती हैं। कोन्या में चुकंदर, मक्का और अन्य पानी-गहन फसलों की सिंचाई के लिए हजारों वैध और अवैध कुएं चल रहे हैं। 1970 के दशक से कुछ इलाकों में ग्राउंड वाटर लेवल 60 मीटर तक गिर चुका है। अवैध कुओं और अनियंत्रित पंपिंग ने जमीन को कमजोर कर दिया है, जिससे जमीन अचानक धंस रही है।
इल्हान उमर का आरोप, उनके बेटे से नागरिकता सिद्ध करने के लिए कहा गया
17 Dec, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता में आने के बाद से प्रवासियों के लिए जीवन थोड़ा कठिन हुआ है। इसी कड़ी में मिनेसोटा की डेमोक्रेटिक प्रतिनिधि इल्हान उमर ने दावा किया है कि उनके बेटे अदनान को अमेरिकी इमिग्रेशन एंड कस्ट्स्म एनफोर्समेंट के एजेंट्स ने रोक कर अपनी नागरिकता सिद्ध करने के लिए कहा।
रिपोर्ट के मुताबिक यह एजेंट्स सरकार के आदेश पर अवैध अप्रवासियों की तलाश कर रहे हैं। इल्हान ने पूरी घटना के बारे में बताया कि कल, जब वह एक स्टोर पर कुछ खरीद रहा था, तभी अदनान को कुछ आईसीई एजेंट्स ने रोक दिया और अपनी नागरिकता सिद्ध करने को कहा। चूंकि अदनान अपना पासपोर्ट हमेशा अपने साथ रखता है, उसने एजेंट को दिखाया और फिर अदनान को जाने दिया गया। दरअसल, अमेरिका में इल्हान उमर का नाम कोई कम जाना पहचाना नहीं है। कश्मीर के मुद्दे पर खुलकर पाकिस्तान का सपोर्ट करने वाली इल्हान उमर सोमालिया की मूल निवासी हैं। ट्रंप कई बार उन पर निजी हमला करते हुए उन्हें कचर बताकर कहा था कि वह नहीं चाहते कि यह अमेरिका में रहे। ट्रंप का आरोप है कि अमेरिका की नागरिकता पाने के लिए इ्ल्हान ने अपने भाई से ही शादी कर ली।
कौन है अदनान हिरसी?
इल्हान उमर और उनके पूर्व पति अहमद हिरसी के बेटे का नाम अदनान है। इसके अलावा इस दंपत्ति के दो बेटियां और हैं। हालांकि, इन तीनों के बारे में सार्वजनिक जानकारी बहुत कम है। हालांकि, 2016 में जब मिनेसोटा से इल्हान जीतकर आई थीं, उस वक्त अदनान 10 साल के थे। उमर ने बताया कि यह पहली बार नहीं है, जब उनके बेटे को एजेंट्स ने रोका हो। इससे पहले भी एक मस्जिद में वह कुछ लोगों के साथ नमाज पढ़ रहा था। ठीक उसी समय वहां पर एजेंट्स आ गए और सभी से पूछताछ की। हालांकि, बाद में सभी को छोड़ दिया गया।
चुनाव आते ही पाकिस्तान के प्रति बांग्लादेशी नेताओं में जागी हमदर्दी, भारत पर मढ़ने लगे आरोप
17 Dec, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ढाका। बांग्लादेश में आम चुनाव नजदीक आते ही भारत-विरोधी बयानबाजी तेज हो गई है। इस बीच बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के एक नेता के बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। बीएनपी नेता ने 1971 के मुक्ति संग्राम के दौरान बंगाली बुद्धिजीवियों के नरसंहार के लिए पाकिस्तानी सेना की बजाय भारत की ओर इशारा किया है। इस बयान को न केवल ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ माना जा रहा है, बल्कि इसे भारत-विरोधी राजनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है। कहा जा रहा है कि ऐसे नेता पाकिस्तान से हमदर्दी रखते हैं जो भारत का विरोध कर रहे हैं।
बीएनपी की नारायणगंज शहर इकाई के सदस्य सचिव एडवोकेट अबू अल यूसुफ खान टिपू ने रविवार को शहीद बुद्धिजीवी दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा आयोजित एक चर्चा कार्यक्रम में कहा कि 1971 में बंगाली बुद्धिजीवियों की सामूहिक हत्या पाकिस्तानी सेना ने नहीं, बल्कि एक पड़ोसी देश की सेना ने की थी। उनका यह बयान अप्रत्यक्ष रूप से भारत की ओर इशारा करता माना गया। टिपू के बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी आलोचना हुई, जिसके बाद बीएनपी ने औपचारिक रूप से खुद को इस बयान से अलग कर लिया।
गौरतलब है कि यह बयान 16 दिसंबर को मनाए जाने वाले विजय दिवस से ठीक एक दिन पहले आया है। विजय दिवस वह दिन है जब 1971 में पाकिस्तानी सेना ने आत्मसमर्पण किया था और बांग्लादेश एक स्वतंत्र राष्ट्र बना। भारत में भी इसे विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है। ऐसे संवेदनशील मौके पर दिए गए इस बयान ने माहौल को और गरमा दिया है। टिपू ने अपने बयान में जमात-ए-इस्लामी को भी पश्चिमी पाकिस्तानी सेना के अत्याचारों में मिलीभगत के आरोप से बरी करने की कोशिश की और कहा कि किसी एक राजनीतिक समूह को दोषी ठहराना इतिहास का विकृतिकरण है। उन्होंने जमात से अंतरिम सरकार पर इतिहास को सही करने का दबाव बनाने का आग्रह भी किया। इससे पहले इसी कार्यक्रम में जमात के नेता गुलाम पोरवार ने भी दावा किया था कि बुद्धिजीवियों की हत्या भारतीय सेना और उसकी खुफिया एजेंसी की सुनियोजित साजिश थी।
इसी कड़ी में नेशनल सिटिजन पार्टी (एनसीपी) के दक्षिण क्षेत्र के प्रमुख संयोजक हसनत अब्दुल्ला ने भी भारत के खिलाफ तीखा जहर उगला। उन्होंने धमकी भरे लहजे में कहा कि यदि बांग्लादेश को अस्थिर करने की कोशिश हुई तो उसका असर भारत के पूर्वोत्तर राज्यों तक पहुंचेगा। उन्होंने भारत पर सीमा हत्याओं और बांग्लादेश की राजनीति में दखल देने के बेबुनियाद आरोप लगाए।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शेख हसीना की सरकार के पतन और नई सत्ता व्यवस्था के बाद भारत-विरोधी बयान चुनावी रणनीति का हिस्सा बनते जा रहे हैं। चुनाव से पहले राष्ट्रवाद और बाहरी दुश्मन का मुद्दा उछालकर जनता को प्रभावित करने की कोशिश साफ नजर आ रही है, जिससे भारत-बांग्लादेश संबंधों पर भी असर पड़ सकता है।
मेक्सिको में निजी विमान लैंडिंग के दौरान छत से टकराया, 7 लोगों की मौत
17 Dec, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अकापुल्को। मध्य मेक्सिको में सोमवार को एक छोटा निजी विमान इमरजेंसी लैंडिंग की के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में सात लोगों की मौत हो गई। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मेक्सिको स्टेट सिविल प्रोटेक्शन के कोऑर्डिनेटर एड्रियन हर्नांडेज़ ने इस घटना की पुष्टि की है। यह हादसा सैन मातेओ अटेंको इलाके में हुआ, जो एक औद्योगिक क्षेत्र है। यह जगह टोलुका एयरपोर्ट से करीब पांच किलोमीटर और मेक्सिको सिटी से लगभग 50 किलोमीटर पश्चिम में स्थित है। जानकारी के मुताबिक विमान ने मेक्सिको के प्रशांत तट पर स्थित अकापुल्को शहर से उड़ान भरी थी।
एड्रियन हर्नांडेज़ ने बताया कि इस निजी जेट में कुल 8 यात्री और 2 क्रू मेंबर सवार थे। हादसे के कई घंटे बाद तक मलबे से केवल सात शव ही बरामद किए गए। बाकी लोगों की स्थिति को लेकर जांच की जारी है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक विमान ने एक फुटबॉल मैदान पर आपात लैंडिंग की कोशिश की थी, लेकिन वह पास ही स्थित एक फैक्ट्री या कारोबारी इमारत की छत से टकरा गया जिससे उसमें आग लग गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग और हादसे के कारण काफी नुकसान हुआ। इस दुर्घटना की जांच शुरू कर दी गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक आग की वजह से आसपास के इलाके से करीब 130 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना पड़ा। एहतियात के तौर पर कई इमारतों को खाली कराया गया, ताकि किसी और को नुकसान न पहुंचे। फिलहाल राहत और बचाव कार्य पूरा कर लिया गया है और स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
भारत और यूएई के बीच गहरा सहयोग साझा हितों को बढ़ाता है आगे
17 Dec, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अबू धाबी। भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अबू धाबी में संयुक्त अरब अमीरात के डिप्टी पीएम और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान के साथ 16वीं संयुक्त आयोग बैठक और पांचवीं रणनीतिक वार्ता की सह-अध्यक्षता की। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत और यूएई के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी से जुड़े पहलुओं की समीक्षा की और आने वाले समय की प्रमुख प्राथमिकताओं पर चर्चा की। मंगलवार को एक्स पर विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि आज के समय में भारत और यूएई के बीच गहरा सहयोग साझा हितों को आगे बढ़ाता है और क्षेत्रीय व वैश्विक स्थिरता में योगदान देता है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जयशंकर ने कहा कि व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते और द्विपक्षीय निवेश संधि के बाद भारत-यूएई के बीच व्यापार, निवेश, वित्तीय तकनीक और डिजिटल कनेक्टिविटी में हुई अहम बढ़ोतरी पर प्रकाश डाला। उन्होंने कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में भी बड़ी संभावनाओं की ओर ध्यान दिलाया, जिसमें भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा जैसी पहलें शामिल हैं। उन्होंने ऊर्जा सहयोग के विस्तार पर भी जोर दिया, खासतौर पर नागरिक परमाणु ऊर्जा सहयोग, शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को मजबूत करने और रक्षा और सुरक्षा सहयोग को और सुदृढ़ करने की बात कही।
इसके अलावा, उन्होंने लोगों के बीच आदान-प्रदान को बढ़ावा देने और सांस्कृतिक रिश्तों को मजबूत करने, अहम खनिज, अंतरिक्ष और ध्रुवीय अनुसंधान जैसे नए क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आपसी समन्वय को अहम बताया। जयशंकर ने लिखा कि उपराष्ट्रपति से मुलाकात सम्मान की बात है और भारत-यूएई के बीच आर्थिक और रक्षा सहयोग को गहरा करने पर उपयोगी बातचीत हुई। इसके अलावा विदेश मंत्री ने यूएई की मुबाडाला निवेश कंपनी के प्रबंध निदेशक और समूह मुख्य कार्यकारी अधिकारी खलदून खलीफा अल मुबारक से भी मुलाकात की। इस बैठक में वैश्विक भू-आर्थिक परिदृश्य और भारत-यूएई संबंधों को और मजबूत करने के अवसरों पर विचार किया गया।
‘लिटिल फुट’ जीवाश्म मानव पूर्वज की नई प्रजाति हो सकता है: अध्ययन
16 Dec, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मेलबर्न/जोहान्सबर्ग । मानव विकास के इतिहास को लेकर एक अहम खोज सामने आई है। दुनिया के सबसे पूर्ण होमिनिन जीवाश्मों में से एक माने जाने वाले ‘लिटिल फुट’ को लेकर वैज्ञानिकों का मानना है कि यह मानव पूर्वज की अब तक अज्ञात प्रजाति हो सकती है। ऑस्ट्रेलियाई शोधकर्ताओं की अगुवाई में किए गए इस अध्ययन ने मानव विकास वृक्ष को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
‘लिटिल फुट’ कंकाल को वर्ष 2017 में सार्वजनिक रूप से पेश किया गया था। इसके पैर की हड्डियां 1994 में दक्षिण अफ्रीका के स्टरकफॉन्टेन गुफा क्षेत्र में मिली थीं। इसके बाद करीब 20 वर्षों तक चली खुदाई के बाद यह लगभग पूर्ण कंकाल सामने आया। इसे अब तक का सबसे संपूर्ण ऑस्ट्रालोपिथेकस कंकाल माना जाता है। अब तक वैज्ञानिकों के बीच इस बात को लेकर मतभेद रहे हैं कि ‘लिटिल फुट’ किस प्रजाति से संबंधित है। कुछ विशेषज्ञ इसे ऑस्ट्रालोपिथेकस प्रोमेथियस मानते रहे हैं, जबकि अन्य का कहना था कि यह 1925 में पहचानी गई ऑस्ट्रालोपिथेकस अफ्रीकैनस प्रजाति का हिस्सा है, जिसके जीवाश्म उसी गुफा क्षेत्र में पहले भी मिल चुके हैं।
हालांकि, अमेरिकन जर्नल ऑफ बायोलॉजिकल एंथ्रोपोलॉजी में प्रकाशित नए अध्ययन में शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि ‘लिटिल फुट’ की शारीरिक बनावट दोनों ज्ञात प्रजातियों से अलग है। अध्ययन के प्रमुख शोधकर्ता डॉ. जेसी मार्टिन के अनुसार, खोपड़ी के पीछे के हिस्से सहित कई संरचनात्मक अंतर इस ओर इशारा करते हैं कि यह एक नई, अब तक नमूना न ली गई मानव पूर्वज प्रजाति हो सकती है। शोधकर्ताओं का मानना है कि यह खोज मानव परिवार वृक्ष की एक पूरी नई शाखा को उजागर कर सकती है। हालांकि, उन्होंने औपचारिक रूप से नई प्रजाति का नामकरण नहीं किया है और कहा है कि यह कार्य उस टीम को करना चाहिए, जिसने दो दशकों से अधिक समय तक इस जीवाश्म पर काम किया है।
इमरान की रिहाई के लिए खैबर पख्तूनख्वा में बड़ा आंदोलन, मुख्यमंत्री ने कहा-आजादी या मौत
16 Dec, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रावलपिंडी। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई को लेकर देश की सरकार और सैन्य नेतृत्व के खिलाफ एक बड़े आंदोलन की घोषणा कर दी है। रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद इमरान खान का संदेश लेकर अफरीदी अब सड़कों पर उतर आए हैं। सूत्रों के मुताबिक, अफरीदी ने स्पष्ट शब्दों में ऐलान किया है कि इमरान खान का नारा आजादी या मौत है और अब इसी रास्ते पर चलकर निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि उन्हें प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने की धमकी दी जा रही है, लेकिन वह डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने साफ किया कि खैबर पख्तूनख्वा में सिर्फ इमरान खान की राजनीति और नीतियां ही प्रभावी रहेंगी।
अफरीदी का यह बयान ऐसे समय आया है जब पाकिस्तान इमरान खान की जेल में एकांत कारावास की स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय दबाव का सामना कर रहा है। इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं, और उनकी पार्टी लगातार आरोप लगा रही है कि उन्हें मानसिक यातना देने के लिए एकांत में रखा गया है। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने इस पर चिंता व्यक्त की है। इस बीच, अफरीदी ने यह दावा भी किया है कि इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को जेल में लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अदियाला जेल प्रशासन ने उन्हें लगातार दसवीं बार इमरान खान से मिलने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। इमरान खान के करीबी सहयोगियों और पार्टी नेताओं ने सेना प्रमुख पर अवैध हस्तक्षेप और राजनीतिक बदले की कार्रवाई का आरोप लगाया है। अदियाला जेल के बाहर हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं, जहां इमरान खान की बहनें, पार्टी कार्यकर्ता और स्वयं मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी कई दिनों से डटे हुए हैं। इमरान खान की सेहत को लेकर फैल रही अफवाहों ने भी माहौल को और गर्म कर दिया है।
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