ख़बर
सऊदी प्रिंस के भाई ने खेला डबल गेम, ईरान से लग रहा डर
2 Mar, 2026 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेहरान। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की पुष्टि ईरान की सरकारी मीडिया ने कर दी है। दो ईरानी सूत्रों के हवाले से बताया है कि हमले से कुछ देर पहले खामेनेई अपने दो सीनियर सलाहकारों अली लारीजानी और अली शमखानी के साथ एक सुरक्षित जगह पर बैठक कर रहे थे। इजराइल डिफेंस फोर्सेज ने कहा है कि अली शमखानी भी शनिवार सुबह हमलों में मारे गए हैं जबकि राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरानी सुप्रीम लीडर की मौत की बात कही। लारीजानी ने शनिवार रात को अपने सोशल मीडिया अकाउंट से एक्स पर एक पोस्ट किया था और फिलहाल उनकी स्थिति को लेकर पता नहीं चल पाया है।
मीडिया रिपोर्ट में अमेरिका के एक सूत्र ने बताया कि खामेनेई शाम को तेहरान में एक बैठक करने वाले थे इजराइली खुफिया एजेंसी को इसकी जानकारी थी, लेकिन इससे पहले खुफिया एजेंसी को ये भी पता चल गया कि सुप्रीम लीडर शनिवार सुबह भी एक बैठक करने वाले हैं इसीलिए इजराइली हमला सुबह किया गया। हालांकि बैठक की जगह नहीं बताई गई है लेकिन तेहरान में एक सिक्योर कंपाउंड में शुरूआती हमलों में ही उनकी मौत हो गई।
रिपोर्ट में इजरायल के अलावा, सऊदी अरब ने भी ट्रंप पर ईरान पर हमला करने के लिए दबाव डाला था। सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने खुले तौर पर डिप्लोमैटिक समाधान का समर्थन करने के बावजूद ईरान पर हमले का समर्थन किया था। रिपोर्ट में कहा गया है कि क्राउन प्रिंस ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से कहा कि सऊदी अरब ईरान के खिलाफ हमलों के लिए अपने एयरस्पेस या इलाके का इस्तेमाल नहीं होने देगा, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों के साथ बातचीत में उन्होंने चेतावनी दी कि अगर वॉशिंगटन ने मिडिल ईस्ट में अपनी बड़ी मिलिट्री फोर्स का इस्तेमाल नहीं किया तो ईरान और ज्यादा मजबूत और खतरनाक बनकर उभरेगा।
रिपोर्ट में कहा गया है कि सऊदी क्राउन प्रिंस के भाई, खालिद बिन सलमान ने जनवरी में वाशिंगटन दौरे के दौरान प्राइवेट बैठकों में अमेरिकी अधिकारियों को हमला करने के लिए कहा था। रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रंप ने आखिरकार अपनी पुरानी पॉलिसी के बावजूद हमले को आगे बढ़ाने का फैसला किया और भले ही ईरान से अमेरिकी इलाके को कोई सीधा खतरा नहीं था। क्राउन प्रिंस का दोहरा रवैया शायद सऊदी तेल इंफ्रास्ट्रक्चर के खिलाफ ईरान के बदले की कार्रवाई से बचने की उनकी इच्छा को दिखाता है। उनके करीबी लोगों ने माना कि वह तेहरान को रियाद का मुख्य क्षेत्रीय दुश्मन मानते हैं।
ईरान पर भड़के ट्रंप, दी अभूतपूर्व सैन्य कार्रवाई की धमकी
1 Mar, 2026 05:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दुबई : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को हमले तेज न करने की चेतावनी देते हुए रविवार को ऑनलाइन माध्यम से कहा कि अमेरिका ‘‘ऐसी ताकत के साथ जवाब देगा जो पहले कभी नहीं देखा गया होगा.’’ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ के जरिए रविवार को ये टिप्पणियां ऐसे समय में की जब ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या की जिम्मेदारी स्वीकार करने के बाद उन्हें धमकियां मिली हैं.ट्रंप ने लिखा, ‘‘ईरान ने अभी-अभी कहा है कि वे आज बहुत ज़ोरदार हमला करेंगे, जितना उन्होंने पहले कभी नहीं किया.’’ उन्होंने पोस्ट किया, ‘‘लेकिन उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए, क्योंकि अगर उन्होंने ऐसा किया, तो हम उन पर ऐसी ताकत से हमला करेंगे जो पहले कभी नहीं देखा गया होगा.’’
बता दें कि ईरान ने मिडिल ईस्ट में हमले तेज कर दिए हैं. वहीं ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत ने देश के भविष्य को लेकर बेहद अहम सवाल खड़े कर दिए हैं. हालांकि, मौलवियों की एक समिति को उनके स्थान पर नए नेता के चुनाव का दायित्व सौंपा गया है. ईरान के संविधान के मुताबिक 88 सदस्यीय समिति असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स (विशेषज्ञों की सभा) नए सर्वोच्च नेता का चयन करेगी. इस निकाय में केवल शिया धर्मगुरु शामिल होते हैं, जिन्हें हर आठ वर्ष में जनमत के आधार पर चुना जाता है.
हम खामेनई के रास्ते को और मजबूत करेंगे
खामेनई की मौत पर ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबफ का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा है कि खामेनेई पक्के और वफादार थे. ईरान उनके रास्ते को मजबूती और पक्के इरादे के साथ जारी रखेंगे. हम अमेरिका और इजराइली दुश्मन को बताते हैं कि आपने हमारी रेड लाइन पार की है और आपको इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी. हमारी सेनाओं ने सभी इजराइली दुश्मन सेंटर्स और अमेरिकी बेस पर हमला किया है और हमारा हमला जारी रहेगा. ईरान ने इस पल के लिए तैयारी कर ली है और हम कमांडर की शहादत के बाद भी रास्ते पर चलते रहेंगे.
चीन और रूस ने दी चेतावनी, अफगानिस्तान-पाकिस्तान के बीच शांति के लिए खोला मोर्चा
1 Mar, 2026 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच डूरंड रेखा के समीप छिड़े ताजा सैन्य संघर्ष ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंताएं बढ़ा दी हैं। सीमा पर जारी भारी गोलाबारी और हमलों के बीच अब विश्व शक्तियों ने दोनों देशों से संयम बरतने का आग्रह किया है। रूस और चीन ने स्पष्ट रूप से दोनों पड़ोसी मुल्कों से टकराव समाप्त करने और मतभेदों को राजनयिक माध्यमों से सुलझाने की अपील की है।
रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने एक आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति की गंभीरता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सीमा के दोनों ओर से नागरिक और सैन्य हताहतों की खबरें चिंताजनक हैं। रूस ने अफगानिस्तान और पाकिस्तान को मित्र देश संबोधित करते हुए इस खतरनाक सैन्य टकराव को तुरंत रोकने का आह्वान किया है। रूस का मानना है कि इस संकट का समाधान युद्ध के मैदान में नहीं, बल्कि बातचीत की मेज पर राजनीतिक और राजनयिक प्रयासों से ही संभव है। उधर, चीन ने भी क्षेत्रीय स्थिरता को ध्यान में रखते हुए पाकिस्तान और अफगानिस्तान से तत्काल युद्धविराम करने और आपसी संवाद शुरू करने की अपील की है। बीजिंग ने जोर देकर कहा है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति न केवल इन दो देशों के लिए, बल्कि पूरे दक्षिण एशिया की सुरक्षा के लिए अनिवार्य है।
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने भी इस बिगड़ती स्थिति पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उनके प्रवक्ता द्वारा जारी बयान में कहा गया कि सभी पक्षों को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का कड़ाई से पालन करना चाहिए। नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिकता होनी चाहिए और किसी भी प्रकार के क्षेत्रीय विवाद को कूटनीति के जरिए हल किया जाना चाहिए। मौजूदा तनाव के पीछे मुख्य कारण तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) और ऐतिहासिक डूरंड रेखा का विवाद है। पाकिस्तान लंबे समय से अफगानिस्तान की तालिबान सरकार पर यह आरोप लगाता रहा है कि वह प्रतिबंधित टीटीपी के आतंकियों को शरण दे रही है। पाकिस्तान का दावा है कि टीटीपी अफगान सरजमीं का इस्तेमाल कर पाकिस्तान में हमले कर रहा है। दूसरी ओर, तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबिहुल्लाह मुजाहिद ने कंधार में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि उनका प्रशासन हमेशा से शांतिपूर्ण समाधान का पक्षधर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अभी भी बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन सीमा पर संप्रभुता के मुद्दे पर समझौता नहीं करेंगे।
विवाद के केंद्र में स्थित 2,611 किलोमीटर लंबी डूरंड रेखा का इतिहास 19वीं सदी का है। ब्रिटिश भारत के तत्कालीन विदेश सचिव सर हेनरी मोर्टिमर डूरंड द्वारा खींची गई यह रेखा आज भी विवादों में है। अफगानिस्तान की कोई भी सरकार, जिसमें मौजूदा तालिबान प्रशासन भी शामिल है, इसे औपचारिक अंतरराष्ट्रीय सीमा के रूप में मान्यता नहीं देती है। 132 साल पहले खींची गई यह लकीर आज भी दोनों देशों के बीच खूनी संघर्ष और राजनयिक गतिरोध का मुख्य कारण बनी हुई है।
ताजा रिपोर्टों के अनुसार, सीमा की कुछ चौकियों पर अफगान सेना द्वारा सफेद झंडे लहराए जाने की खबरें आई हैं, जिसे युद्ध के मैदान में गोलीबारी रोकने या बातचीत के संकेत के रूप में देखा जाता है। हालांकि, स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अगले घटनाक्रम पर टिकी हैं।
अफगान-पाक संघर्ष के बीच ट्रंप बोले- पाकिस्तान को अपनी आत्मरक्षा का पूरा अधिकार
1 Mar, 2026 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और युद्ध जैसी स्थितियों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के रुख की सराहना की है। ट्रंप ने कहा कि पाकिस्तान के पास अपनी आत्मरक्षा करने का पूरा अधिकार है और उन्होंने हालिया संघर्ष में पाकिस्तानी नागरिकों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिका के पाकिस्तान के साथ संबंध बहुत ही प्रगाढ़ और अच्छे हैं। जब राष्ट्रपति ट्रंप से पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जारी इस तनाव में दखल देने को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह निश्चित रूप से दखल देना चाहेंगे, लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके पाकिस्तान के मौजूदा नेतृत्व के साथ बेहतरीन संबंध हैं। ट्रंप ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री की प्रशंसा करते हुए उन्हें एक महान प्रधानमंत्री बताया और कहा कि वह जिन दो वैश्विक नेताओं का सर्वाधिक सम्मान करते हैं, उनमें शहबाज शरीफ का नाम प्रमुखता से शामिल है।
राष्ट्रपति के अनुसार पाकिस्तान वर्तमान में अच्छा कार्य कर रहा है। इसी क्रम में अमेरिका के विदेश मंत्रालय में राजनीतिक मामलों की अंडर सेक्रेटरी एलीसन एम. हूकर ने भी पाकिस्तान के कदमों का समर्थन करते हुए कहा कि पाकिस्तान ने जो कुछ किया वह उचित ही था। साथ ही, अमेरिका ने इस तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए अफगानिस्तान और पाकिस्तान में रहने वाले अपने नागरिकों के लिए एक सुरक्षा एडवाइजरी भी जारी की है, जिसमें बड़े शहरों में रहने वाले लोगों को संभावित आतंकी गतिविधियों से सावधान रहने को कहा गया है। एलीसन एम. हूकर ने जानकारी दी कि उन्होंने पाकिस्तान की विदेश सचिव अमना बलोच से विस्तृत बातचीत की है और अमेरिका हर हालात पर पैनी नजर रखते हुए पाकिस्तान का समर्थन जारी रखेगा। गौरतलब है कि अमेरिका ने अफगानिस्तान के खिलाफ खुले युद्ध का ऐलान कर दिया है, जिसके बीच पाकिस्तान ने काबुल समेत दो अन्य प्रांतों पर शुक्रवार को भीषण एयरस्ट्राइक की थी। इस हमले में कई लोगों की जान गई थी, जिसके जवाब में पाकिस्तान ने दावा किया था कि अफगानिस्तान के हमले में उसके 12 सैनिक मारे गए, जबकि जवाबी कार्रवाई में अफगानिस्तान के 13 लड़ाके ढेर हुए। सैन्य घटनाक्रम के अनुसार, पाकिस्तानी सेना ने पिछले शनिवार की रात अफगानिस्तान के पक्तिका प्रांत में एक मदरसे और नंगरहार प्रांत के बिहसूद जिले में एक रिहायशी घर को निशाना बनाया था। बिहसूद में हुए हमले में महिलाओं और बच्चों सहित एक ही परिवार के सत्रह सदस्यों की मौत हो गई, जिससे स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई। इसके प्रतिशोध में अफगानिस्तान ने गुरुवार रात डूरंड रेखा के पार पाकिस्तानी सैन्य चौकियों पर जोरदार हमले किए।
इस बीच, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रूस और चीन ने मध्यस्थता की पेशकश की है। रूस ने दोनों देशों से सैन्य टकराव छोड़कर बातचीत की मेज पर लौटने का आह्वान किया है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने संवाददाताओं से कहा कि रूस को उम्मीद है कि अफगान-पाकिस्तानी सीमा पर सीधा सैन्य संघर्ष जल्द ही समाप्त हो जाएगा। वहीं, चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने भी दोनों देशों के बीच बढ़ते संघर्ष को शांत करने के लिए मध्यस्थता की इच्छा जताई है। दूसरी ओर, भारत ने रमजान के पवित्र महीने के दौरान महिलाओं और बच्चों सहित निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाने वाले पाकिस्तानी हमलों की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इन हमलों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह पाकिस्तान द्वारा अपनी आंतरिक विफलताओं का दोष कहीं और थोपने का एक और प्रयास मात्र है। वर्तमान में सीमा पर तनाव चरम पर है और विश्व समुदाय की नजरें इस क्षेत्र में होने वाली अगली गतिविधियों पर टिकी हुई हैं।
इजरायल ने किया ईरान पर बड़ा हमला, तेहरान में धमाके से अफरा-तफरी, तनाव बढ़ा
1 Mar, 2026 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेल अवीव। मध्य पूर्व की गंभीर तनावपूर्ण स्थिति अब और भी भयावह होती नजर आ रही है, खासतौर पर तब जबकि इजरायल ने ईरान पर प्रिवेंटिव अटैक यानी एहतियाती सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी है। इजरायली रक्षा मंत्री ने शनिवार सुबह इस हमले की आधिकारिक पुष्टि की है और देशभर में राज्य आपातकाल की घोषणा की है। इस हमले के बाद तेहरान सहित कई इलाकों से जोरदार धमाकों की आवाज़ें और आसमान में धुएँ के गुबार की तस्वीरें सामने आई हैं।
इज़राइल ने अपनी सेना द्वारा जारी बयान में कहा है, कि यह कार्रवाई संभावित खतरे को पहले से रोकने के उद्देश्य से की गई है। इसी आशंका को देखते हुए इजरायली सेना ने अपने नागरिकों के लिए “प्रोएक्टिव अलर्ट” जारी करते हुए पूरे देश में सायरन बजाए और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी।
आईएसएफ (इज़रायल डिफेंस फोर्सेस) के आदेश पर जनता को शरणस्थलों में जाने व आवश्यक सावधानियाँ बरतने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि संभावित ईरानी मिसाइल हमलों से पहले लोग सुरक्षित रहें। सायरन की गूँज से तेल अवीव जैसे प्रमुख शहरों में भी तनाव का माहौल देखने को मिला है। बताया जा रहा है कि इस दौरान ईरान की राजधानी तेहरान में कम से कम तीन बड़े धमाके सुने गए। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट में बताया गया, कि धमाकों की आवाजें शहर के मध्य भाग में गूँजीं और आसमान में धुएँ का गुबार उठता देखा गया। हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है कि यह हमले थे या अन्य घटनाक्रम।
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस हमले का समय अत्यंत नाजुक है क्योंकि उभरते तनाव के बीच ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत जारी थी, जिसमें गुरुवार को जिनेवा में वार्ता का तीसरा दौर हुआ था। सैन्य कार्रवाई के शुरू होने से कूटनीतिक प्रयासों पर गंभीर सवाल उठ चुके हैं और यह तनाव पूरे मध्य पूर्व में व्यापक उभार का संकेत दे रहा है।
तानाशाह किम जोंग उन ने अपने अफसरों व कमांडरों को गिफ्ट में दी स्निपर राइफल
1 Mar, 2026 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्योंग यान। उत्तर कोरिया की सत्ताधारी पार्टी के शीर्ष पद पर चुने जाने के बाद किम जोंग उन ने अपने शीर्ष अधिकारियों और कमांडरों को नई स्निपर राइफल गिफ्ट की हैं। एक समारोह में किम जोंग ने लोगों को राइफल का तोहफा दिया। वहीं उनकी बेटी राइफल से निशाना लगाती नजर आई। चर्चा है कि किम जोंग बेटी को ही अपना उत्तराधिकारी बनाना चाहते हैं। किम ने कहा कि राइफल गिफ्ट करना दिखाता है कि उनका अपने अधिकारियों पर पूर्ण विश्वास है। इसके अलावा वर्कर्स पार्टी के लिए वह पूरी तरह से ईमानदार हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक हाल ही में तानाशाह किम की बहन किम यो जोंग भी अमरिका और दक्षिण कोरिया के खिलाफ काफी बयान दे रही थीं। ऐसे में उनको लेकर भी कई तरह की चर्चाएं चल रही थीं। हालांकि एक बार फिर किम जोंग उन को ही वर्कर्स पार्टी का चीफ चुना गया। स्थानीय मीडिया द्वारा जारी तस्वीरों में दिखाया गया है कि किम यो जोंग के हाथ में भी राइफल है।
किम जोंग की बेटी की उम्र अभी 13 साल है। वैसे तो किम जोंग अपने परिवार को सार्वजनिक रूप से कहीं ले नहीं जाते हैं। हाल ही में एक मिसाइल टेस्ट के दौरान वह अपनी बेटी को साथ लेकर गए थे। इसके अलावा उनकी बहन की भी कई तस्वीरें सामने आ चुकी हैं। हाल ही में जब किम जोंग चीन की यात्रा पर गए थे तब भी वह बेटी को साथ ले गए थे। वर्कर्स पार्टी ने सात दिनों का एक वार्षिक समारोह किया जिसमें किम जोंग उन का जमकर गुणगान किया गया।
बता दें किम जोंग ने कहा है कि यदि अमेरिका अपनी शत्रुतापूर्ण नीति छोड़कर उत्तर कोरिया के परमाणु संपन्न राष्ट्र के संवैधानिक दर्जे को स्वीकार करता है, तो उत्तरी कोरिया अमेरिका के साथ संबंधों को सुधारने के लिए तैयार होगा। वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया की नौवीं कांग्रेस के अवसर पर आयोजित एक परमाणु सैन्य परेड में किम ने यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका उत्तर कोरिया के संविधान में परिभाषित परमाणु राष्ट्र की वर्तमान स्थिति का सम्मान करता है और उत्तर कोरिया के प्रति अपनी शत्रुतापूर्ण नीति वापस लेता है, तो ऐसा कोई कारण नहीं है कि हम अमेरिका के साथ अच्छे संबंध स्थापित न कर सकें।
रिपोर्ट के मुताबिक किम जोंग ने कहा कि अमेरिका और उत्तर कोरिया साथ चल सकते हैं, लेकिन केवल तभी जब अमेरिका यह स्वीकार कर ले कि उत्तर कोरिया के परमाणु हथियार स्थायी रूप से रहेंगे। उत्तरी कोरिया के सुप्रीम लीडर की टिप्पणियों को अप्रैल में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चीन यात्रा से पहले अमेरिका के साथ बातचीत का रास्ता खोलने के रूप में देखा गया। किम ने हालांकि दक्षिण कोरिया के साथ किसी भी राजनयिक सुधार की उम्मीदों को खारिज करते हुए उन्हें सबसे बड़ा शत्रु बताया है।
ईरान का जबरदस्त पलटवार............. आठ देशों में मौजूद अमेरिकी बेस पर ताबड़तोड़ हमले
1 Mar, 2026 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेल अवीव। इजरायली और अमेरिकी हमलों का ईरान ने बड़ा बदला लिया है। ईरान ने शनिवार दोपहर करीब आठ देशों में मौजूद अमेरिकी बेस पर ताबड़तोड़ हमले किए है। इसमें बहरीन के नेवल बेस, कतर, यूएई, सऊदी अरब, इजरायल, कुवैत, दुबई शामिल हैं। इन हमलों के बाद बहरीन ने कहा है कि अमेरिकी नेवी के पांचवें फ्लीट के हेडक्वार्टर को मिसाइल हमल किए गए है। वहीं कतर में भी धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। हालांकि, किसी भी नुकसान की तुरंत कोई खबर नहीं है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अबू धाबी में भी जोरदार धमाका हुआ है। दुबई में भी धमाकों की आवाज सुनी गई। ईरान ने खतरनाक मिसाइलों से अमेरिकी बेस को निशाना बनाया है। मिडिल ईस्ट में कई देशों में अमेरिकी मिलिट्री ने अपने बेस बनाए हुए हैं, जहां पर बड़ी संख्या में सैनिकों और हथियारों की तैनाती है।
इसके पहले, अमेरिका और इजरायल ने शनिवार को पूरे ईरान में टारगेट कर बड़ा हमला किया था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी लोगों से अपनी सरकार पर कब्जा करने की अपील की। पहला हमला तेहरान के डाउनटाउन में 86 साल के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के घर के कंपाउंड को टारगेट कर किया गया। यह तुरंत साफ नहीं था कि वह उस समय वहां थे या नहीं।
ट्रंप ने वीडियो में कहा, बीते “47 सालों से, ईरानी शासन अमेरिका को मौत का नारा लगा रहा है और खून-खराबे और बड़े पैमाने पर हत्या का एक कभी न खत्म होने वाला कैंपेन चलाया है, जिसमें यूनाइटेड स्टेट्स, हमारे सैनिकों और कई, कई देशों के बेगुनाह लोगों को टारगेट किया है।” उन्होंने ईरानियों से हमलों के दौरान कवर लेने की अपील की, लेकिन फिर कहा कि जब हम खत्म कर लें, तब अपनी सरकार पर कब्जा कर लें। यह आपकी होगी। वहीं, इजरायली और अमेरिकी हमलों का ईरान ने जवाब देना शुरू कर दिया है। ईरान के पैरामिलिट्री रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कहा कि उसने इजरायल को निशाना बनाकर ड्रोन और मिसाइलों की पहली लहर लांच करके जवाब दिया। इस बीच, यमन में ईरान के सपोर्ट वाले हूतियों ने रेड सी शिपिंग रूट और इजरायल पर हमले फिर से शुरू करने की कसम खाई है। ऐसा दो सीनियर हूती अधिकारियों ने बयान में कहा।
अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरान के ताबड़तोड़ हमले, पांच देशों में तनाव के बीच एयरस्पेस बंद
28 Feb, 2026 03:31 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिकी और इस्राइल के संयुक्त हमले के बाद अब ईरान ने भी पलटवार करना शुरू कर दिया है। इस्राइल के अलावा खाड़ी देशों के कई अमेरिकी सैन्य अड्डों पर ईरानी हमले तेज हो गए हैं। ईरान ने कुवैत, बहरीन,कतर, सऊदी अरब, और यूएई में अमेरिकी सैन्य अड्डों पर हमला किया है।
दोहा में अमेरिकी सैन्य अड्डों को बनाया निशाना
ईरान ने कतर के दोहा में अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाया है। कतर के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि उसने देश को निशाना बनाकर किए गए कई हमलों को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया है। रक्षा मंत्रालय इस बात की पुष्टि करता है कि खतरे का पता चलते ही सुरक्षा योजना के अनुसार उससे तुरंत निपटा गया और कतर की धरती तक पहुंचने से पहले ही सभी मिसाइलों को रोक दिया गया
ईरान के हमलों में अब तक क्या हुआ?
ईरान ने कतर, बहरीन, कुवैत यूएई में अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाया है। बहरीन ने पुष्टि की है कि अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े के मुख्यालय को मिसाइल हमले का निशाना बनाया गया है। कतर के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि पैट्रियट रक्षा प्रणाली द्वारा एक ईरानी मिसाइल को रोक दिया गया है। संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी से एक जोरदार विस्फोट की खबर मिली है। कतर, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है। इससे पहले ईरान की आईआरजीसी ने पुष्टि की थी कि उसने अमेरिकी-इस्राइल हमलों के बाद इस्राइल की ओर मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं।
तनाव के बीच कई अंतरराष्ट्रीय उड़ान निलंबित
रिपोर्ट्स के मुताबिक हंगरी की विज एयर ने इस्राइल, यूएई के दुबई के साथ-साथ अबू धाबी और जॉर्डन के अम्मान से आने-जाने वाली सभी फ्लाइट्स तुरंत सात मार्च तक निलंबित कर दीं। जर्मनी की लुफ्थांसा ने दुबई, तेल अवीव, लेबनान के बेरूत और ओमान के मस्कट से आने-जाने वाली शनिवार और रविवार की उड़ानें निलंबित कर दीं। वहीं नीदरलैंड्स की केएलएम ने एम्स्टर्डम से तेल अवीव की उड़ानें रद्द कर दी है। ओमान एयर ने इराक की राजधानी बगदाद की सभी फ्लाइट सस्पेंड कर दीं। ऐसे में ही रूस ने ईरान और इस्राइल की सभी उड़ानें रोक दी है। कुवैत ने भी अगली सूचना तक ईरान की सभी उड़ान सेवा बंद कर दी। इराक ने आने-जाने वाली सभी विमान कैंसिल करते हुए अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है।
फतेहाबाद में स्पोर्ट्स टीम की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त, मचा हड़कंप
28 Feb, 2026 02:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
फतेहाबाद|गांव खाबड़ा कलां के पास शनिवार दोपहर को खिलाड़ियों से भरी गाड़ी पलट गई। गाड़ी का टायर पंक्चर होने से अनियंत्रित हो गई और खेत में पलट गई। खिलाड़ी हिसार जिले के गांव चूली बागड़ियान से गांव हरिपुरा खेलने जा रहे थे। इसमें फुटबाल खिलाड़ी सवार थे। आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और खिलाड़ियों को गाड़ी से बाहर निकालकर भट्टू सीएचसी पहुंचाया गया। जहां से चार खिलाड़ियों को फतेहाबाद रेफर किया गया और बाकि प्राथमिक उपचार देकर छुट्टी दे दी गई, एक खिलाड़ी को फ्रेक्चर हुआ है खिलाड़ी आदमपुर क्षेत्र के गांव चूली बागड़ियान की फुटबाल एकेडमी में अभ्यास करते हैं। इन सभी खिलाड़ियों को गांव हरिपुरा में हो रहे टूर्नामेंट में खेलने जाना था। सभी खिलाड़ियों को टाटा मैजिक गाड़ी में सवार करके रवाना किया गया। जैसे ही गाड़ी खाबड़ा कलां के पास पहुंची, तो अचानक टायर पंक्चर हो गया। इससे ड्राइवर का संतुलन बिगड़ गया और गाड़ी सड़क किनारे खेत में पलट गई।आसपास के लोगों ने हादसे को देखकर तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और एक-एक करके सभी खिलाड़ियों को गाड़ी से बाहर निकाला। इसके बाद पुलिस और एंबुलेंस हेल्पलाइन नंबर पर कॉल की गई। अस्पताल से मिली रिपोर्ट के मुताबिक खिलाड़ी विजय, बिल्लू, सुनील, दिनेश व क्षतिज को फतेहाबाद रेफर किया गया है। इसके अतिरिक्त पंकज, अमन, विकास, हिमांशु, ज्ञानेंद्र, मुकेश, रोहतास, कुलदीप, अनुज को प्राथमिक उपचार दिया गया है। घटना की सूचना मिलते ही खिलाड़ियों के अभिभावक भी अस्पताल में पहुंच गए।
सरस्वती चौक का बदला रूप, सीएम ने गिनाईं उपलब्धियां
28 Feb, 2026 01:58 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बाबैन|लाडवा विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों को तेज गति से आगे बढ़ाया जा रहा है और क्षेत्र में निरंतर नई परियोजनाओं का शिलान्यास व उद्घाटन किया जा रहा है। निर्माणाधीन योजनाएं पूरी होने के बाद लाडवा प्रदेश की अन्य विधानसभाओं के लिए विकास का मॉडल बनेगा। यह विचार मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को बाबैन में सरस्वती चौक के सौंदर्यीकरण कार्य के उद्घाटन अवसर पर जनसभा को संबोधित करने के दौरान व्यक्त किए। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने लोगों की समस्याएं भी सुनीं और संबंधित अधिकारियों को शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लाडवा क्षेत्र में ग्रामीण और शहरी दोनों हिस्सों में करोड़ों रुपये की लागत से अनेक विकास परियोजनाएं चल रही हैं। उमरी में लगभग पांच एकड़ भूमि पर संत शिरोमणि गुरु रविदास स्मारक का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा राक्षी नदी को पक्का करने, लाडवा शहर में सड़क निर्माण कार्य, बिहोली में राजकीय पशु चिकित्सा पॉलिक्लीनिक की स्थापना तथा गांव धनौरा जाटान में खिलाड़ियों के लिए आधुनिक खेल स्टेडियम तैयार किया गया है। रामकुंडी स्थित अग्रसेन चौक का सौंदर्यीकरण भी पूरा किया जा चुका है।मुख्यमंत्री ने किसान कल्याण को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि पिछले 11 वर्षों में फसल खराबे और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को 15,448 करोड़ रुपये की सहायता राशि दी गई है। ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल के माध्यम से 53,821 किसानों को 116 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा जारी किया गया, जिसमें बाजरा, कपास, धान और ग्वार फसलों के नुकसान की भरपाई शामिल है। उन्होंने बताया कि सरकार ने अपने संकल्प पत्र के अनुसार 24 फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद सुनिश्चित की है और अधिसूचना जारी कर इसे लागू किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अंग्रेजों के समय से लागू आबियाना व्यवस्था समाप्त कर किसानों को राहत दी है। नकली खाद, बीज और कीटनाशक बेचने वालों के खिलाफ सख्त कानून बनाया गया है, जिसमें पांच वर्ष तक की सजा का प्रावधान है। साथ ही खरीफ सीजन-2024 से फसल खरीद का भुगतान 48 घंटे के भीतर डीबीटी के माध्यम से किसानों के खातों में भेजा जा रहा है।
पीएम तारिक रहमान ने आर्मी चीफ जनरल वकर-उज-जमां की ‘कमान’ बहाल की
28 Feb, 2026 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ढाका। बांग्लादेश की राजनीति में फरवरी महीना बड़े बदलाव लेकर आया है। 18 महीने के अंतरिम शासन के बाद तारिक रहमान के नेतृत्व में पूर्ण राजनीतिक सरकार के गठन के साथ सत्ता समीकरण बदल गए हैं। इसका सीधा असर सेना पर भी पड़ा है। सेना प्रमुख जनरल वकार-उज-जमां की ‘कमान’ एक बार फिर मजबूत होती दिख रही है।
सूत्रों के अनुसार, अंतरिम सरकार के दौरान सेना पर जो निगरानी और नियंत्रण तंत्र लागू किया गया था, वह अब समाप्त कर दिया गया है। पहले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) सचिवालय के माध्यम से सेना के निर्णयों पर ओवरसाइट रखी जा रही थी। अंतरिम शासन का नेतृत्व कर रहे मोहम्मद यूनुस के कार्यकाल में यह व्यवस्था लागू की गई थी, जिससे सेना मुख्यालय के कई फैसले प्रभावित हुए थे।
दो बड़ी बाधाएं हुईं दूर
जानकारी के मुताबिक, जनरल जमां के पूर्ण अधिकार में दो प्रमुख बाधाएं थीं पहली, राजनीतिक सरकार का अभाव और दूसरी, एनएसए सचिवालय के जरिए सैन्य मामलों में दखल। अब पूर्ण सरकार बनने और निगरानी तंत्र हटने के बाद सेना प्रमुख को राहत मिली है। पूर्व एनएसए और वर्तमान विदेश मंत्री खलिलुर रहमान पर आरोप था कि उन्होंने सैन्य मामलों में गहरी दखलंदाजी की। कई मौकों पर आर्मी मुख्यालय के फैसलों को एनएसए कार्यालय से पलट दिया गया। इससे सेना के भीतर असंतोष की स्थिति बनी रही।
सेना में बड़े फेरबदल
हालिया घटनाक्रम के बाद सेना के शीर्ष पदों पर बदलाव किए गए हैं। जनरल जमां के भरोसेमंद लेफ्टिनेंट जनरल मैनुर्रहमान को चीफ ऑफ जनरल स्टाफ (सीजीएस) नियुक्त किया गया है। वहीं लेफ्टिनेंट जनरल कमरुल हसन को विदेश मंत्रालय में राजनयिक भूमिका सौंपी गई है। ब्रिगेडियर कैसर राशिद को पदोन्नत कर मेजर जनरल बनाया गया और उन्हें डीजीएफआई का महानिदेशक नियुक्त किया गया है।
विश्लेषकों का कहना है कि इन बदलावों से सेना के भीतर कथित ‘जमातीकरण’ में कमी आई है और पेशेवर ढांचे को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ा है। जनरल जमां लंबे समय से सेना को एक पेशेवर और राजनीतिक प्रभाव से मुक्त बल के रूप में स्थापित करने की वकालत करते रहे हैं।
बैरकों में वापसी की तैयारी
अंतरिम शासन के दौरान कानून-व्यवस्था संभालने के लिए सेना को सड़कों पर उतारा गया था। अब नई सरकार बनने के बाद उम्मीद है कि सेना धीरे-धीरे बैरकों में लौटेगी। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह सामान्य होने तक सैनिकों की तैनाती जारी रह सकती है।
सीमा पर बड़ा एक्शन, Pakistan के मंत्री बोले– 297 तालिबान मारे गए
28 Feb, 2026 11:49 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अफगानिस्तान और पाकिस्तान| के बीच जंग के हालात बने हुए हैं और दोनों ओर से ही हमलों का दौर जारी है। इस बीच पाकिस्तानी अधिकारियों ने बताया है कि अफगान तालिबान और उनके सहयोगी आतंकवादी समूहों के लगभग 300 जवान उनके खिलाफ चल रहे अभियान में मारे जा चुके हैं। वहीं, सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने देर रात दिए अपडेट में कहा कि सुरक्षा बलों ने 297 लड़ाकों को मार गिराया और 450 से अधिक अफगान जवान घायल हो गए।अफगानिस्तान में तालिबान शासन के बारे में बताते हुए मंत्री ने कहा कि ऑपरेशन गजब-लिल-हक के दौरान पाकिस्तान ने उनकी 89 चौकियों को नष्ट कर दिया और 18 अन्य पर कब्जा कर लिया। इसी के साथ लगभग 135 टैंक और बख्तरबंद वाहन भी नष्ट कर दिए गए। मंत्री ने कहा कि पाकिस्तानी वायुसेना ने अफगानिस्तान भर में लगभग 29 स्थानों को भी प्रभावी ढंग से निशाना बनाया।अफगानिस्तान की ओर से सीमा पर एक साथ 53 जगहों पर हमले किए जाने के बाद पाकिस्तान ने ऑपरेशन गजब-लिल-हक नाम का एक जवाबी हमला शुरू किया है। सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने शुक्रवार शाम को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि अफगान तालिबान को पाकिस्तान और आतंकवादी संगठनों के बीच चुनाव करना होगा।
पाकिस्तानी बेस पर बमबारी, Afghanistan की कार्रवाई से मचा हड़कंप
28 Feb, 2026 11:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पाकिस्तान और अफगानिस्तान| खुली जंग छिड़ गई है। पाकिस्तान को तालिबान करारा जबाव दे रहा है। दिन के उजाले में हमले के बाद तालिबान भी चुप नहीं है। इस बीच अफगानिस्तान के तालिबान के नेतृत्व वाले रक्षा मंत्रालय ने एक वीडियो साझा किया है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि कैसे एक के बाद कई पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है।शुक्रवार को जारी किए गए एक वीडियो में पाकिस्तानी ठिकानों पर हमले दिखाए गए हैं, जो दोनों पड़ोसी देशों के बीच चरम पर पहुंचे संघर्ष को दिखा रहा है। न्यूज एजेंसी पीटीआई ने एक्स पर वीडियो साझा किया है, जो कि तालिबान रक्षा मंत्रालय से जुड़ा है। अफगानिस्तान के तालिबान रक्षा मंत्रालय से संबंधित इस फुटेज को मौजूदा तनाव के बीच की गई जवाबी कार्रवाई के सबूत के रूप में बताया जा रहा है। मंत्रालय का दावा है कि यह वीडियो उसकी नवीनतम सैन्य कार्रवाई को दर्शाता है।
देखिए तालिबान के एयर स्ट्राइक का वीडियो...
एक के बाद कई बम बरसाए
वीडियो में रात के समय हवाई हमले के फुटेज दिखाई दे रहे हैं, जिनमें पहाड़ी इलाकों में विस्फोटों की चमक और पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों पर लक्षित हमले शामिल हैं। हालांकि इन दृश्यों की प्रामाणिकता और सटीक स्थान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी। लेकिन यह वीडियो ऐसे समय में जारी किया गया है, जब दोनों तरफ से हमले जारी हैं। इससे पहले अफगानिस्तान भर में पाकिस्तान ने व्यापक हवाई बमबारी की, जिसमें 29 स्थानों को निशाना बनाया गया था।इधर, अफगानिस्तान के टोलो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक हमलों में इस्लामाबाद के फैजाबाद के पास एक सैन्य शिविर, नौशेरा में मुख्यालय, जमरुद की सैन्य बस्ती और एबटाबाद में स्थित लक्ष्य शामिल थे। तालिबान मंत्रालय ने इस ऑपरेशन को 'सफल' बताते हुए दावा किया कि उसने पाकिस्तानी सेना के प्रमुख ठिकानों, केंद्रों और सुविधाओं को निशाना बनाया है।
पाकिस्तान का दावा: महत्वपूर्ण क्षति नहीं
वहीं इस हमले को लेकर बीबीसी ने पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी के हवाले से बताया कि अफगान तालिबान के दागे गए ड्रोनों ने तीन ठिकानों को निशाना बनाया, जिसमें नौशेरा में सेना का तोपखाना स्कूल, एबटाबाद में एक सैन्य अकादमी के पास का इलाका और स्वाबी में एक प्राथमिक विद्यालय के पास का स्थान बताया गया है। उन्होंने दावा किया कि वायु रक्षा प्रणालियों ने सभी ड्रोनों को रोककर नष्ट कर दिया, और इस घटना में किसी के हताहत होने या महत्वपूर्ण क्षति की कोई खबर नहीं है।
खतरनाक हथियारों संग तानाशाह की बेटी, सामने आया चौंकाने वाला दृश्य
28 Feb, 2026 11:37 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
उत्तर कोरिया| में तानाशाह किम जोंग उन के नेतृत्व का जश्न मनाने वाला एक सप्ताह तक सत्तारूढ़ दल का सम्मेलन चला। इसके बाद किम जोंग उन ने शीर्ष सरकारी और सैन्य अधिकारियों को नई स्नाइपर राइफलें तोहफे में दीं। राज्य मीडिया ने उनकी बेटी किम जू ऐ की एक तस्वीर को प्रमुखता से दिखाया, जिसमें वह शूटिंग रेंज में निशाना साध रही हैं। किम जोंग की बेटी की लगातार पिता के साथ मौजूदगी से यह अटकलें तेज हो रही हैं कि किम उन्हें भविष्य के नेता के रूप में तैयार कर रहे हैं।इस जश्न में किम की ताकतवर बहन किम यो जोंग की भी मौजूद रहीं, जिन्होंने हाल के वर्षों में वॉशिंगटन और सियोल के प्रति उनकी मुखर प्रवक्ता के रूप में कार्य किया है। कांग्रेस में पदोन्नति के बाद अब वह पार्टी की केंद्रीय समिति की महानिदेशक के पद पर कार्यरत हैं। उनका नया पद पार्टी के आंतरिक संचालन और प्रशासनिक मामलों की देखरेख करने वाली उनकी व्यापक भूमिका का संकेत देता है।
किम जोंग के साथ लगातार बढ़ रही बेटी की मौजूदगी
सरकारी मीडिया द्वारा ली गई तस्वीरों में किम यो जोंग और अन्य शीर्ष अधिकारी किम जोंग उन द्वारा दी गई राइफलों को निशाने पर साधते हुए दिखाई दिए। किम की छोटी बेटी, जिसने अपने पिता के समान भूरे रंग का चमड़े का कोट पहना हुआ था, भी बंदूक को पकड़े हुए दिखाई दी, जबकि बंदूक की नली से धुआं निकल रहा था।नवंबर 2022 में एक लंबी दूरी की मिसाइल परीक्षण में पहली बार सार्वजनिक रूप से दिखाई देने के बाद से 13 वर्षीय किम जू ए अपने पिता के साथ सैन्य प्रदर्शनों, कारखाने के उद्घाटन और सितंबर में बीजिंग की यात्रा सहित कई कार्यक्रमों में शामिल हुई है। बीजिंग में किम जोंग उन ने छह साल में चीनी नेता शी जिनपिंग के साथ अपना पहला शिखर सम्मेलन किया था।
अमेरिका से बातचीत के दरवाजे खुले, लेकिन किम ने रखी ये शर्त
इस साल की बैठकों में किम ने उत्तर कोरिया के परमाणु शस्त्रागार को तेज करने की अपनी योजनाओं पर जोर दिया, जो पहले से ही विभिन्न हथियार प्रणालियों से लैस है। इन्हें अमेरिका और एशिया में अमेरिकी सहयोगियों के लिए खतरा माना जाता है। इसके साथ ही उन्होंने प्रतिद्वंद्वी दक्षिण कोरिया के प्रति अपने कठोर रुख की पुष्टि की।हालांकि, उन्होंने अमेरिका के साथ बातचीत के दरवाजे खुले रखे। प्योंगयांग के पहले के रुख को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन को लंबे समय से ठप पड़ी बातचीत को फिर से शुरू करने की शर्त के रूप में उत्तर कोरिया के परमाणु निरस्त्रीकरण की मांग को छोड़ देना चाहिए।
पेंटागन की एआई रेस में ओपनएआई को बढ़त, एंथ्रोपिक को झटका
28 Feb, 2026 11:33 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन|अमेरिकी एआई कंपनी ओपनएआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सैम ऑल्टमैन ने शुक्रवार को कहा कि कंपनी ने अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन के साथ एक समझौता किया है। इसके तहत उसके एआई मॉडल रक्षा एजेंसी के क्लासिफाइड नेटवर्क में 'तकनीकी सुरक्षा उपायों' के साथ इस्तेमाल किए जाएंगे।ऑल्टमैन ने कहा कि कंपनी के दो सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा सिद्धांत घरेलू स्तर पर सामूहिक निगरानी पर रोक और बल प्रयोग की जिम्मेदारी मनुष्यों के हाथ में रखने से जुड़े हैं, जिनमें स्वायत्त हथियार प्रणालियां भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये सिद्धांत इस समझौते का हिस्सा बनाए गए हैं।
केवल क्लाउड नेटवर्क पर होगी तैनाती
ऑल्टमैन ने कहा, 'हम अपने मॉडलों के सही ढंग से काम करने को सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी सुरक्षा उपाय भी बनाएंगे, जैसा कि युद्ध विभाग भी चाहता था। हम अपने मॉडलों की सहायता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए FDE (फाइनल डेवलपमेंट ऑथेंटिकेशन) तैनात करेंगे, और इन्हें केवल क्लाउड नेटवर्क पर ही तैनात करेंगे। हम युद्ध विभाग से अनुरोध कर रहे हैं कि वह सभी AI कंपनियों को यही शर्तें प्रदान करे, जिन्हें हमारे विचार से सभी को स्वीकार करना चाहिए।'
ट्रंप ने दिए संघीय एजेंसियों को एंथ्रोपिक का इस्तेमाल बंद करने के निर्देश
यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब प्रतिद्वंद्वी एआई स्टार्टअप एंथ्रोपिक ने पेंटागन के साथ अपने समझौते में इसी तरह के सुरक्षा प्रावधानों पर जोर दिया था, जिस पर इस सप्ताह ट्रंप प्रशासन की नाराजगी सामने आई थी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सभी संघीय एजेंसियों को एंथ्रोपिक टेक्नोलॉजी का उपयोग तुरंत बंद करने के निर्देश दिए हैं।इसी के साथ पेंटागन और एंथ्रोपिक आमने-सामने आ चुके हैं। ट्रंप के एजेंसियों को दिए सख्त आदेश के बाद रिपोर्ट्स के मुताबिक एंथ्रोपिक ने अपनी एआई तकनीक पर 'आपूर्ति चेन जोखिम' का लेबल लगाने के मामले में पेंटागन को अदालत में चुनौती देगा।
ट्रंप प्रशासन के फैसले के खिलाफ एंथ्रोपिक जाएगा कोर्ट
अमेरिका का रक्षा विभाग पेंटागन प्रसिद्ध एआई कंपनी एंथ्रोपिक के साथ उस वक्त गंभीर विवाद में फंस गया है। जब उसने एंथ्रोपिक से कह रहा है कि उसके एआई मॉडल क्लाउड (Claude) को अमेरिकी सेना में बिना रोक-टोक उपयोग करने की अनुमति दें। इसी के साथ कहा गया कि अगर एआई कंपनी ऐसा नहीं करती है, तो उसे सप्लाई चेन रिस्क के रूप में नामित करने की भी चेतावनी दी। यह ऐसा गंभीर कदम है, जो उसके व्यापार को बुरी तरह से प्रभावित कर सकता है।
पवन खेड़ा की राजनीतिक उड़ान: कर्नाटक से राज्यसभा तक
करिश्मा कपूर के लिए एकजुट दिखा परिवार, स्क्रीनिंग में पहुंचे सैफ अली खान और करीना
बिकवाली के बीच FPIs को बड़ी राहत: सरकारी बॉन्ड्स में निवेश पर कैपिटल गेन्स टैक्स से मिली छूट, रुपया थामने की कोशिश
बॉलीवुड के सबसे मजबूत रिश्तों में से एक, जैकी-आयशा ने मनाई 39वीं सालगिरह
ब्याज दरों पर आरबीआई के 'नो चेंज' से सुस्त पड़ा बाजार: ऊपरी स्तरों से फिसले मुख्य सूचकांक, जानिए किन सेक्टर्स में दिखी बिकवाली
ऋतिक रोशन बोले- ग्रे शेड वाले किरदार ज्यादा चुनौतीपूर्ण और दिलचस्प लगते हैं
कौन हैं राजेश मेहता और क्या है ₹15 लाख करोड़ का वित्तीय विवाद? जानिए कैसे फंसा एलआईसी का भारी-भरकम पैसा
मंत्री बनते ही इस्तीफा, रामलिंगा रेड्डी बोले- पार्टी में बने रहेंगे
मधुबन पार्क की बदहाल स्थिति उजागर, आम लोगों पर भी लगे गंदगी फैलाने के आरोप
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके भारत में, संविधान का किया समर्थन
