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बड़ा हादसा: Indonesia में ट्रेन दुर्घटना, मृतकों का आंकड़ा बढ़ा
28 Apr, 2026 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जकार्ता: इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता के बाहरी इलाके में सोमवार को हुए एक हृदयविदारक ट्रेन हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। अधिकारियों ने मंगलवार सुबह पुष्टि की है कि इस दुर्घटना में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। बेकासी तिमुर जैसे व्यस्त स्टेशन पर हुई इस टक्कर के बाद अभी भी मलबे में जिंदगियां तलाशने का संघर्ष जारी है।
हादसे का घटनाक्रम: कैसे हुई टक्कर?
हादसा उस वक्त हुआ जब बेकासी तिमुर स्टेशन पर एक 'कम्यूटर ट्रेन' (स्थानीय ट्रेन) खड़ी थी। इसी दौरान पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार लंबी दूरी की ट्रेन ने कम्यूटर ट्रेन के पिछले डिब्बों को जोरदार टक्कर मार दी।
शुरुआती कारण: बताया जा रहा है कि कम्यूटर ट्रेन पहले ट्रैक पर फंसी एक टैक्सी से टकराकर रुकी थी, जिसके तुरंत बाद पीछे से आ रही ट्रेन ने उसे टक्कर मार दी।
सर्वाधिक नुकसान: टक्कर इतनी भयावह थी कि डिब्बे एक-दूसरे पर चढ़ गए। सबसे ज्यादा क्षति महिलाओं के लिए आरक्षित डिब्बे को हुई है, जहाँ हताहतों की संख्या सबसे अधिक बताई जा रही है।
रेस्क्यू ऑपरेशन: "डिब्बे काटकर निकाली जा रही हैं लाशें"
इंडोनेशिया खोज एवं बचाव एजेंसी के प्रमुख मोहम्मद सयाफी ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण है। राहतकर्मी एंगल ग्राइंडर और भारी मशीनों की मदद से मुड़े हुए लोहे के डिब्बों को काट रहे हैं।
मौके का मंजर: स्टेशन पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कई लोग अपनों की तलाश में बदहवास घूम रहे हैं। एक भावुक दृश्य तब देखने को मिला जब एक युवक अपने भाई का खून से सना बैग सीने से चिपकाकर रोता नजर आया।
जीवित बचे लोगों की उम्मीद: बचाव दल का मानना है कि मलबे के भीतर अभी भी कुछ यात्री जीवित फंसे हो सकते हैं, जिन्हें निकालने के लिए रात-दिन काम किया जा रहा है।
राष्ट्रपति का दौरा और बुनियादी ढांचे पर सवाल
हादसे की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांटो ने अस्पताल पहुँचकर घायलों से मुलाकात की।
फ्लाईओवर का वादा: राष्ट्रपति ने स्वीकार किया कि रेलवे ट्रैक के पास भारी ट्रैफिक जाम की समस्या दुर्घटनाओं का कारण बनती है। उन्होंने प्रभावित क्षेत्र में जल्द ही फ्लाईओवर बनाने की घोषणा की।
रखरखाव में कमी: राष्ट्रपति ने स्पष्ट शब्दों में माना कि देश के रेलवे नेटवर्क का रखरखाव (Maintenance) संतोषजनक नहीं है। उन्होंने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।
जांच और पुराना रिकॉर्ड
सरकारी रेलवे कंपनी पीटी केरेटा एपी इंडोनेशिया के सीईओ बॉबी रसीदिन ने कहा कि सभी शवों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा समिति ने इस बात की जांच शुरू कर दी है कि क्या यह सिग्नल फेलियर था या मानवीय भूल।
गौरतलब है कि इंडोनेशिया में रेल सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। इससे पहले 2024 में पश्चिम जावा में हुए हादसे में भी चार लोगों की जान गई थी। इस ताजा घटना ने एक बार फिर दक्षिण-पूर्व एशिया के इस सबसे बड़े द्वीप समूह वाले देश में सार्वजनिक परिवहन की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
बांग्लादेश में नहीं थम रहे हिंदुओं पर अत्याचार, पेड़ पर लटका मिला पुजारी का शव
28 Apr, 2026 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ढाका। बांग्लादेश अभी भी हिंदुओं पर अत्याचार थमे नहीं है। हाल ही में एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां एक हिंदू मंदिर के पुजारी और देखभाल करने वाले व्यक्ति का शव तीन दिन बाद एक पेड़ से लटका हुआ मिला। इस वीभत्स घटना ने स्थानीय स्तर पर, खासकर अल्पसंख्यक समुदाय में, तनाव और डर का माहौल पैदा कर दिया है। एक अल्पसंख्यक समूह ने मामले के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद (बीएचबीसीयूसी) ने बताया कि चटगांव जिले के सतकनिया उपजिला के दोहाजारी क्षेत्र निवासी 40 वर्षीय नयन साधु कॉक्स बाजार सदर उपजिला के खुरुशकुल यूनियन में स्थित शिवकाली मंदिर की देखभाल करने के साथ-साथ पुजारी का काम भी करते थे। पुलिस और कॉक्स बाजार इलाके के निवासियों के मुताबिक, 19 अप्रैल की देर शाम दो अज्ञात व्यक्ति नयन को अपने साथ ले गए थे, और तीन दिन बाद, उनका शव गांव के बाहरी इलाके में एक पहाड़ी क्षेत्र में पेड़ से लटका हुआ मिला।
पुलिस अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि जब शव बरामद किया गया, तब तक वह सड़ना शुरू हो चुका था। पुलिस अब तक यह तय नहीं कर पाई है कि यह मामला हत्या का है या आत्महत्या का, हालांकि परिस्थितियों को देखते हुए हत्या का संदेह गहरा रहा है। परिषद ने एक बयान जारी कर नयन की हत्या के दोषियों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की मांग की। बयान में कहा गया, ‘एकता परिषद इस घटना की कड़ी निंदा करती है और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग करती है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।’
बीएचबीसीयूसी की वरिष्ठ सदस्य काजल देबनाथ ने कहा कि ‘हम यह बिल्कुल नहीं समझ पा रहे हैं कि एक दूरदराज के इलाके में स्थित अपेक्षाकृत छोटे मंदिर के एक साधारण संरक्षक की हत्या के पीछे क्या मकसद हो सकता है।’ बांग्लादेश पूजा उत्सव परिषद की कॉक्स बाजार इकाई के महासचिव जॉनी धर ने भी नयन के लापता होने के तीन दिन बाद शव बरामद होने को हत्या का स्पष्ट संकेत बताया है। पुलिस ने बताया कि मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने यह भी बताया कि नयन की पत्नी ने 19 अप्रैल को पति के गुमशुदा होने की प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसके बाद इस प्रकरण की जांच शुरू की गई थी। इस घटना ने एक बार फिर बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। इससे पहले, परिषद ने कहा था कि बांग्लादेश में इस साल 1 जनवरी से 31 मार्च के बीच सांप्रदायिक हिंसा की 133 घटनाएं हुई हैं, जो देश में अल्पसंख्यकों के लिए बिगड़ती स्थिति को दर्शाती हैं।
सरकार का फैसला, शहरी विकास को गति देने की कोशिश
28 Apr, 2026 08:28 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा 'स्टिल्ट प्लस फोर' नीति: हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, गुरुग्राम को छोड़ पूरे प्रदेश में निर्माण को हरी झंडी
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सोमवार को स्टिल्ट प्लस फोर (S+4) नीति के मामले में एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया है। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बैरी की खंडपीठ ने निर्माण कार्यों को लेकर प्रदेशवासियों को बड़ी राहत दी है।
गुरुग्राम के बाहर निर्माण पर रोक नहीं
अदालत ने स्पष्ट किया कि 2 अप्रैल को निर्माण पर लगाई गई रोक का आदेश केवल गुरुग्राम जिले तक ही सीमित है। इसका अर्थ यह है कि:
हरियाणा के अन्य सभी जिलों में सरकार की नीति के अनुसार चार मंजिला भवनों का निर्माण जारी रह सकेगा।
गुरुग्राम में फिलहाल अतिरिक्त मंजिलों के निर्माण पर पाबंदी बरकरार रहेगी।
बुलडोजर कार्रवाई पर रोक से इनकार
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने प्रदेश भर में चल रही अतिक्रमण हटाओ मुहिम और अवैध निर्माण के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई पर रोक लगाने से साफ मना कर दिया।
जस्टिस नागू ने टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्य सरकार कानून के दायरे में रहकर अवैध निर्माणों पर कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है।
कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं से सवाल किया, "क्या आप गुरुग्राम की स्थिति में सुधार नहीं चाहते?"
गुरुग्राम की स्थिति पर गंभीर चिंता
हाईकोर्ट ने गुरुग्राम के बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) की जर्जर होती स्थिति पर सख्त रुख अपनाया:
अतिक्रमण: फुटपाथों और सड़कों पर अवैध कब्जों के कारण पैदल चलने वालों के लिए जगह की कमी पर चिंता जताई गई।
तुलना: कोर्ट ने दिल्ली का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां लोग बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण कॉलोनियां छोड़ रहे हैं। गुरुग्राम भी वर्तमान में बढ़ती आबादी के भारी दबाव में है, इसलिए वहां नियमों में ढील देना संभव नहीं है।
नीति की होगी न्यायिक समीक्षा
अदालत ने यह भी साफ किया कि हरियाणा सरकार की 'स्टिल्ट प्लस फोर' नीति अभी भी न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) के अधीन रहेगी। जनहित याचिका पर सुनवाई जारी है, जिसमें निम्नलिखित तर्क दिए गए हैं:
विशेषज्ञ समिति की अनदेखी: याचिकाकर्ता का दावा है कि विशेषज्ञ कमेटी की सिफारिशों को लागू किए बिना ही चार मंजिलों की अनुमति दी गई।
बुनियादी ढांचे पर बोझ: कोर्ट ने माना कि बिना सीवरेज, ड्रेनेज और ट्रैफिक की ठोस योजना के अतिरिक्त मंजिलें बनाने से जलभराव और नागरिक समस्याएं बढ़ सकती हैं।
व्हाइट हाउस में गोलीबारी के बाद ब्रिटिश किंग चार्ल्स का अमेरिका दौरा
28 Apr, 2026 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। अमेरिका और ब्रिटेन के बीच बढ़ती कड़वाहट के बावजूद ब्रिटिश किंग चार्ल्स चार दिन की अमेरिका यात्रा पर आ रहे हैं। यह दौरा ऐसे वक्त हो रहा है जब वॉशिंगटन में व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर के दौरान गोलीबारी की घटना ने सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह दौरा इसलिए भी अहम है क्योंकि ब्रिटिश पीएम स्टार्मर और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बीच बीते दिनों में तीखी बहस देखने को मिली थी।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटेन के बकिंघम पैलेस ने साफ कहा है कि सुरक्षा समीक्षा और अमेरिकी अधिकारियों से बातचीत के बाद यह दौरा रद्द नहीं किया जाएगा। किंग चार्ल्स और क्वीन कैमिला सोमवार को अमेरिका पहुंचेंगे। हालांकि डिनर में हुई फायरिंग के बाद कुछ समय के लिए इस यात्रा को लेकर अनिश्चितता बनी गई थी। इस घटना में एक हमलावर ने सुरक्षा कर्मियों के पास गोलीबारी की थी, जिसके बाद अमेरिकी सीक्रेट सर्विस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस घटना के बावजूद ट्रंप ने खुद कहा कि किंग चार्ल्स का दौरा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा। इस दौरे की अहमियत सिर्फ सुरक्षा तक सीमित नहीं है।
बता दें पिछले कुछ महीनों में अमेरिका और ब्रिटेन के रिश्तों में कई मुद्दों को लेकर तनाव बढ़ा है। सबसे बड़ा मतभेद ईरान को लेकर है, जब ब्रिटेन ने अमेरिका और इजराइल के साथ मिलकर ईरान पर सैन्य कार्रवाई करने से इनकार कर दिया था। इस पर ट्रंप ने ब्रिटेन के पीएम की खुलकर आलोचना की थी और यहां तक कह दिया था कि अब रिश्ते पहले जैसे नहीं रहे।
इसके अलावा व्यापार को लेकर भी दोनों देशों के बीच टकराव बढ़ा है। ट्रंप प्रशासन ने ब्रिटिश सामानों पर 10 फीसदी टैरिफ लगाने की धमकी दी थी, जिससे आर्थिक रिश्तों में भी खटास आई है, वहीं ग्रीनलैंड को लेकर विवाद ने भी दोनों देशों के बीच दूरी बढ़ाई। जब ट्रंप ने ग्रीनलैंड खरीदने की बात दोबारा उठाई, तो ब्रिटेन के पीएम किम स्टार्मर ने डेनमार्क का समर्थन किया, जिससे मामला और बिगड़ गया। चागोस द्वीप समूह और डिएगो गार्सिया सैन्य अड्डे को लेकर भी अमेरिका ने ब्रिटेन की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। इसके अलावा अमेरिकी सरकार द्वारा कुछ ब्रिटिश नागरिकों पर वीजा प्रतिबंध लगाने का मुद्दा भी दोनों देशों के रिश्तों में तनाव का कारण बना। ऐसे हालात में किंग चार्ल्स का यह दौरा काफी अहम माना जा रहा है। यह सिर्फ एक औपचारिक यात्रा नहीं, बल्कि दोनों देशों के बीच बिगड़ते रिश्तों को संभालने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है।
अमेरिका-चीन तनाव बढ़ा, ट्रंप ने टैंकर और शिपिंग कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए
27 Apr, 2026 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अंतरराष्ट्रीय तनाव: अमेरिका ने चीनी तेल कंपनी और 'शैडो फ्लीट' पर लगाए कड़े प्रतिबंध, भड़का चीन
वाशिंगटन/बीजिंग: ईरान के परमाणु कार्यक्रम और मध्य-पूर्व में उसकी गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए अमेरिका ने अपनी रणनीति और सख्त कर दी है। अमेरिकी प्रशासन ने चीन की प्रमुख तेल रिफाइनरी हेंगली पेट्रोकेमिकल सहित करीब 40 शिपिंग कंपनियों और तेल टैंकरों पर कड़े प्रतिबंधों की घोषणा की है। इस कार्रवाई के बाद बीजिंग ने कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे अवैध बताया है।
कार्रवाई का मुख्य कारण: ईरान से तेल की खरीद
अमेरिका पहले ही ईरान के तेल निर्यात पर वैश्विक पाबंदी लगा चुका है, लेकिन चीन लगातार इन प्रतिबंधों को दरकिनार कर ईरान से कच्चा तेल खरीद रहा था।
निशाने पर हेंगली पेट्रोकेमिकल: यह चीन की एक विशाल रिफाइनरी है जिसकी क्षमता रोजाना 4 लाख बैरल तेल प्रोसेस करने की है। अमेरिकी जांच के अनुसार, यह कंपनी 2023 से ईरानी तेल की प्रमुख खरीदार बनी हुई थी।
'शैडो फ्लीट' पर वार: अमेरिका ने उन 40 जहाजों और कंपनियों को भी ब्लैकलिस्ट किया है जिन्हें ईरान का 'शैडो फ्लीट' कहा जाता है। ये जहाज अपनी पहचान छिपाकर अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिबंधित तेल की सप्लाई करते हैं।
अमेरिकी प्रशासन का सख्त संदेश
अमेरिकी वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन निर्देशों का हिस्सा है जिसका उद्देश्य ईरान की आय के सबसे बड़े स्रोत (तेल) को पूरी तरह सुखाना है।
उद्देश्य: ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाना ताकि वह अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं और क्षेत्रीय दखलअंदाजी को कम करने पर मजबूर हो।
दुनिया को चेतावनी: अमेरिका ने साफ कर दिया है कि जो भी देश, कंपनी या बिचौलिया ईरानी तेल के व्यापार में शामिल होगा, उसे अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा।
चीन की तीखी प्रतिक्रिया
अमेरिका के इस कदम पर चीन ने कड़ा ऐतराज जताया है। चीनी विदेश मंत्रालय के अनुसार:
वे इन "एकतरफा" प्रतिबंधों का पुरजोर विरोध करते हैं।
चीन ने चेतावनी दी है कि वह अपनी कंपनियों के वैध हितों और संप्रभुता की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा।
वैश्विक बाजार पर असर
जानकारों का मानना है कि इस कार्रवाई से वैश्विक तेल बाजार में हलचल मच सकती है। चूंकि हेंगली पेट्रोकेमिकल एक बड़ी रिफाइनरी है, इसलिए इस पर लगे प्रतिबंधों से आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) प्रभावित होने की आशंका है। साथ ही, इससे वाशिंगटन और बीजिंग के बीच पहले से ही खराब चल रहे संबंधों में और कड़वाहट आने के संकेत हैं।
ड्रग्स के खिलाफ अमेरिका की कड़ी कार्रवाई, मिसाइल हमले में 3 लोगों की मौत
27 Apr, 2026 12:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन: अमेरिका में नशीले पदार्थों की तस्करी (Drug Trafficking) को जड़ से मिटाने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन अब 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर उतर आया है। ड्रग्स माफियाओं के खिलाफ जारी इस युद्ध में अमेरिकी सेना ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए ईस्टर्न पैसिफिक सागर क्षेत्र में ड्रग्स से लदी एक संदिग्ध नाव को मिसाइल हमले में पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया है।
सटीक मिसाइल हमले में नाव हुई खाक
जानकारी के अनुसार, यह सैन्य कार्रवाई 26 अप्रैल 2026 को अंजाम दी गई। अमेरिकी सेना की साउथर्न कमांड (Southcom) के जनरल फ्रांसिस डोनोवन के आदेश पर 'जॉइंट टास्क फोर्स साउथर्न स्पीयर' यूनिट ने इस ऑपरेशन को लीड किया। जैसे ही ड्रग्स से लदी नाव की लोकेशन पुख्ता हुई, अमेरिकी सेना ने उस पर सटीक मिसाइल दाग दी। हमले में नाव पर मौजूद भारी मात्रा में ड्रग्स जलकर राख हो गए और नाव समुद्र में समा गई।
3 'नार्को-आतंकी' ढेर, सेना ने साझा किया वीडियो
साउथर्न कमांड द्वारा साझा किए गए वीडियो और आधिकारिक जानकारी के मुताबिक:
इस हमले में नाव पर सवार 3 लोगों की मौत हो गई है।
अमेरिकी सेना ने इन मृतकों को अपराधी न मानकर 'नार्को-आतंकी' (Narco-Terrorists) घोषित किया है।
इस पूरे ऑपरेशन में अमेरिकी सेना का कोई भी जवान हताहत नहीं हुआ है।
सितंबर से जारी है 'ऑपरेशन नार्को'
अमेरिका पिछले साल सितंबर से ड्रग्स तस्करी के खिलाफ एक व्यापक और आक्रामक अभियान चला रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिकी युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले तस्करों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
ट्रंप की कड़ी चेतावनी
यह अभियान दर्शाता है कि अमेरिका अब ड्रग्स तस्करी को केवल अपराध नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़े खतरे (आतंकवाद) के रूप में देख रहा है। सैन्य कमांड के अनुसार, आने वाले दिनों में कैरेबियन सागर और प्रशांत महासागरीय क्षेत्रों में गश्त और हवाई हमलों को और भी तेज किया जाएगा ताकि अमेरिका की सीमाओं के भीतर नशे की पहुंच को पूरी तरह रोका जा सके।
मुठभेड़ में घायल आरोपी गिरफ्तार, अस्पताल में परिजनों का हंगामा
27 Apr, 2026 12:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
घरौंडा (करनाल): सूरज हत्याकांड मामले में सीआईए-2 (CIA-2) की टीम और बदमाशों के बीच देर रात फुरलक-उपली लिंक रोड पर मुठभेड़ हो गई। इस गोलीबारी में हत्याकांड का आरोपी गोविंदा पैर में गोली लगने से घायल हो गया, जिसे पुलिस ने हिरासत में लेकर सिविल अस्पताल में भर्ती कराया है। घटना के बाद अस्पताल में भारी हंगामा हुआ और परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
देर रात हुई मुठभेड़ का घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, रविवार रात करीब 1:00 बजे सीआईए-2 की टीम को सूचना मिली थी कि आरोपी गोविंदा फुरलक क्षेत्र के पास मौजूद है।
फायरिंग: जब पुलिस टीम ने बाइक सवार गोविंदा को रुकने का इशारा किया, तो उसने पुलिस पर गोलियां चला दीं। एक गोली पुलिस वाहन के शीशे पर भी लगी।
जवाबी कार्रवाई: आत्मरक्षा में पुलिस ने भी छह राउंड फायरिंग की, जिसमें से एक गोली गोविंदा के पैर में लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा।
अस्पताल में हंगामा और 'फर्जी एनकाउंटर' के आरोप
मुठभेड़ की खबर फैलते ही रात करीब 1:30 बजे बड़ी संख्या में दलित समाज के लोग और समाजसेवी अस्पताल पहुंच गए।
समर्पण का दावा: समाज के प्रतिनिधि अमृत एडवोकेट और अन्य लोगों ने पुलिस के दावों को सिरे से खारिज कर दिया। उनका कहना है कि उन्होंने पुलिस के कहे अनुसार दोपहर 11:00 बजे ही गोविंदा को मधुबन थाने में आत्मसमर्पण (Surrender) करवा दिया था।
प्रशासनिक जवाब: परिजनों का सवाल है कि जब आरोपी पहले से पुलिस की हिरासत में था, तो रात को मुठभेड़ कैसे हुई? लोगों ने इसे 'फर्जी एनकाउंटर' करार देते हुए अस्पताल में जमकर नारेबाजी की।
भारी पुलिस बल तैनात, स्थिति तनावपूर्ण
तनाव को देखते हुए घरौंडा के डीएसपी मनोज कुमार और डीएसपी राजीव मौके पर पहुंचे, लेकिन प्रदर्शनकारी शांत नहीं हुए। स्थिति बिगड़ते देख एसपी नरेंद्र बिजारनियां ने अस्पताल परिसर में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया।
क्रांतिमान पार्क बना छात्र आंदोलन का केंद्र, महापंचायत में उठेंगे मुद्दे
27 Apr, 2026 12:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हिसार: हरियाणा के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर सोमवार को हिसार के क्रांतिमान पार्क में 'छात्र हित महापंचायत' का आयोजन किया गया। विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा बुलाई गई इस महापंचायत में न केवल छात्र नेता, बल्कि खाप प्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के सदस्य भी अपनी आवाज बुलंद करने पहुंचे हैं।
दमन के खिलाफ एकजुट हुए छात्र संगठन
इनसो (INSO) के प्रदेशाध्यक्ष दीपक मलिक ने महापंचायत को संबोधित करते हुए कहा कि यह आयोजन पूरी तरह से गैर-राजनीतिक है और इसका एकमात्र उद्देश्य छात्रों के अधिकारों की रक्षा करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों की आवाज को तानाशाही पूर्ण तरीके से दबाया जा रहा है।
प्रशासन और पुलिस पर गंभीर आरोप
महापंचायत के दौरान छात्र नेताओं ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर तीखे सवाल उठाए:
गन पॉइंट पर गिरफ्तारी: दीपक मलिक ने आरोप लगाया कि जीजेयू (GJU) प्रकरण के बाद छात्रों को इस तरह गिरफ्तार किया गया जैसे वे कोई बड़े अपराधी हों। उन्होंने दावा किया कि छह छात्रों को रात के समय गन पॉइंट पर उठाया गया, जिनमें से पांच का नाम तो एफआईआर (FIR) में भी नहीं था।
दहशत का माहौल: आरोप है कि पुलिस ने केवल दहशत पैदा करने के लिए प्रतिष्ठित व्यक्तियों के घरों में पिस्तौल के साथ प्रवेश किया, जबकि शांतिपूर्ण संवाद की अनुमति मांगने वालों पर संगीन धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज किए गए।
विश्वविद्यालयों के 'भगवाकरण' पर तीखा प्रहार
महापंचायत में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के हालिया घटनाक्रम का भी जिक्र किया गया। छात्र नेताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाया:
पक्षपातपूर्ण रवैया: वक्ताओं ने कहा कि जहाँ एक तरफ लोकतांत्रिक संवाद करने वाले छात्रों पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ सत्ता पक्ष से जुड़े संगठनों के प्रदर्शनकारियों का कुलपति खुद स्वागत करते हैं।
नियुक्ति पर सवाल: छात्र संगठनों ने कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि आज विश्वविद्यालयों में 'शिक्षाविद' होने के बजाय किसी विशेष विचारधारा (RSS) से जुड़ा होना कुलपति बनने की योग्यता बन गई है। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों में बढ़ते 'भगवाकरण' के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने का आह्वान किया।
कोलंबिया में यात्री बस में आतंकियों ने किया धमाका, 13 की मौत, 38 घायल
27 Apr, 2026 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बोगोटा। कोलंबिया के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में स्थित काउका क्षेत्र में एक यात्री बस को निशाना बनाकर किए गए भीषण बम धमाके में कम से कम 13 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। जबकि 38 अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनमें 5 बच्चे भी शामिल हैं। धमाका उस समय हुआ जब बस यात्रियों से भरी हुई थी और काजिबियो इलाके में पैनअमेरिकन हाईवे से गुजर रही थी। स्थानीय गवर्नर ऑक्टावियो गुजमान के अनुसार, विस्फोटक उपकरण सड़क पर ही लगाया गया था और बस के पास पहुंचते ही उसमें विस्फोट कर दिया गया। सेना के शीर्ष अधिकारियों ने इस घटना को स्पष्ट रूप से एक सुनियोजित आतंकी हमला करार दिया है।
कोलंबिया के सशस्त्र बलों के कमांडर जनरल ह्यूगो लोपेज ने प्रारंभिक जांच के आधार पर इस हमले के पीछे कुख्यात अपराधी इवान मोर्दिस्को के नेटवर्क और जैमे मार्टिनेज गुट का हाथ होने की आशंका जताई है। ये दोनों समूह पूर्व विद्रोही संगठन के उन धड़ों से जुड़े हैं, जिन्होंने 2016 के शांति समझौते को मानने से इनकार कर दिया था। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कई घायलों की स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है, जिससे मृतकों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस हमले की तीखी निंदा की है। उन्होंने हमले के दोषियों को आतंकवादी, फासीवादी और ड्रग तस्कर बताते हुए कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। कोलंबिया का यह क्षेत्र पिछले 48 घंटों से भीषण हिंसा की चपेट में है, जहां पुलिस स्टेशनों पर गोलीबारी, एयर ट्रैफिक रडार पर हमले और बम से लदे ड्रोनों के इस्तेमाल सहित 26 से अधिक हिंसक घटनाएं दर्ज की गई हैं। इससे पहले काली और पामिरा शहरों में सैन्य ठिकानों के पास भी विस्फोटक से लदे वाहनों में धमाके किए गए थे।
विशेषज्ञों का मानना है कि काउका और वाये डेल काउका क्षेत्रों में हिंसा की इस लहर के पीछे ड्रग तस्करी मार्गों पर कब्जे की जंग है। यह इलाका सेंट्रल अमेरिका और यूरोप तक नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए मुख्य गलियारे के रूप में जाना जाता है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रक्षा मंत्रालय ने उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है। सरकार ने इस हिंसा के पीछे मुख्य सूत्रधार माने जा रहे मार्लोन नामक नेता की गिरफ्तारी के लिए 10 लाख डॉलर से अधिक के इनाम की घोषणा की है। प्रशासन ने क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी है ताकि अपराधियों के नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके।
नाबालिग के साथ थर्ड डिग्री! पुलिस पर गंभीर आरोप, चार कर्मियों पर मामला दर्ज
27 Apr, 2026 11:20 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भिवाड़ी: राजस्थान के भिवाड़ी में एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़के को अवैध हिरासत में रखकर 'थर्ड डिग्री' टॉर्चर देने का गंभीर मामला सामने आया है। भारी जन-आक्रोश और विरोध प्रदर्शन के बाद, प्रशासन ने रविवार देर रात यूआईटी (UIT) थाना प्रभारी दारा सिंह मीणा सहित चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है। इन सभी पर मारपीट और एससी/एसटी (SC/ST) एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
विरोध के बाद जागी पुलिस
परिजनों का आरोप है कि शुरुआत में पुलिस ने उनकी शिकायत पर कोई ध्यान नहीं दिया। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
धरना प्रदर्शन: रविवार शाम कांग्रेस जिलाध्यक्ष बलराम यादव के नेतृत्व में चौपानकी थाने के बाहर धरना शुरू हुआ।
नेताओं का समर्थन: रात होते-होते पूर्व विधायक संदीप यादव और कांग्रेस प्रत्याशी इमरान खान भी प्रदर्शन में शामिल हो गए, जिसके बाद दबाव में आकर पुलिस प्रशासन को मामला दर्ज करना पड़ा।
घटना का क्रम: हिरासत से वेंटिलेटर तक
परिजनों द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार:
21 अप्रैल: भिवाड़ी फेस-3 थाने के सिपाही गोपाल और अन्य कर्मी नाबालिग को उसके घर से उठाकर ले गए। उस वक्त वह पूरी तरह स्वस्थ था।
मदद की गुहार: चचेरे भाई के पास आए एक फोन कॉल में पीड़ित लड़का रोते हुए बता रहा था कि पुलिस उसे बुरी तरह पीट रही है।
अस्पताल में भर्ती: अगले दिन परिजनों को सूचना मिली कि लड़के की तबीयत खराब है। जब वे अस्पताल पहुंचे, तो वह बेहोशी की हालत में वेंटिलेटर पर था। हालत गंभीर होने के कारण उसे जयपुर रेफर किया गया।
धमकाने के आरोप: परिवार का दावा है कि पुलिस ने सबूत मिटाने के लिए अस्पताल में लड़के के फोटो और वीडियो बनाने से रोका और जबरन रिकॉर्डिंग डिलीट करवा दी।
चेर्नोबिल की परमाणु त्रासदी: एक गलती जिससे फूटे परमाणु बम
27 Apr, 2026 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कीव। 26 अप्रैल 1986 की रात दुनिया के इतिहास में एक काले अध्याय के रूप में दर्ज है, जब सोवियत संघ (अब यूक्रेन) के चेर्नोबिल में स्थित न्यूक्लियर पावर प्लांट के रिएक्टर-4 में विस्फोट हुआ। इस हादसे को आज 40 साल पूरे हो चुके हैं, लेकिन इसका असर आज भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उस रात एक मामूली टेस्ट के दौरान हुई मानवीय भूल और तकनीकी खामियों ने मिलकर ऐसी तबाही मचाई, जिसने पूरे यूरोप को रेडिएशन की चपेट में ला दिया। विशेषज्ञों के मुताबिक, विस्फोट के बाद निकलने वाला रेडिएशन इतना ज्यादा था कि शुरुआती घंटों में इसका प्रभाव हर घंटे दो परमाणु बमों के बराबर आंका गया। हादसे की शुरुआत एक रूटीन सेफ्टी टेस्ट से हुई थी, जिसमें यह जांचा जा रहा था कि बिजली गुल होने की स्थिति में रिएक्टर को कैसे ठंडा रखा जा सकता है। लेकिन अनुभवहीन स्टाफ और सुरक्षा नियमों की अनदेखी ने स्थिति को भयावह बना दिया। कंट्रोल रॉड्स को जरूरत से ज्यादा बाहर निकाल दिया गया, जिससे रिएक्टर की ऊर्जा अचानक कई गुना बढ़ गई।
जब हालात काबू से बाहर हो गए, तो इमरजेंसी शटडाउन बटन दबाया गया, लेकिन रिएक्टर के डिजाइन में मौजूद खामी ने स्थिति और बिगाड़ दी। दो भीषण विस्फोटों ने 1000 टन वजनी कवर प्लेट को उड़ा दिया और आसमान में जहरीली रेडिएशन की लपटें फैल गईं।
इस हादसे के पहले गवाह बने 25 वर्षीय फायरफाइटर वसिली इग्नातेंको, जिन्हें एक सामान्य आग बुझाने के लिए बुलाया गया था। बिना किसी सुरक्षा उपकरण के वे और उनके साथी आग बुझाने पहुंच गए। उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि वे घातक रेडियोएक्टिव पदार्थों के संपर्क में आ चुके हैं।
कुछ ही घंटों में फायरफाइटर्स को उल्टियां, त्वचा में जलन और आंखों में जलन जैसी समस्याएं होने लगीं। धीरे-धीरे उनकी हालत बिगड़ती गई—त्वचा पर फफोले, आंतरिक अंगों का फेल होना और अंततः मौत। वसिली समेत उनके कई साथी कुछ ही हफ्तों में दम तोड़ गए।
इस त्रासदी का केंद्र प्रिपयत शहर था, जहां करीब 50 हजार लोग रहते थे। हादसे के बाद पूरे शहर को खाली कराना पड़ा और आज भी यह ‘घोस्ट सिटी’ बना हुआ है। चेर्नोबिल आपदा ने दुनिया को परमाणु ऊर्जा के खतरों के प्रति आगाह किया। 40 साल बाद भी उस क्षेत्र में रेडिएशन का असर बना हुआ है और यह घटना आज भी मानव भूल और तकनीकी लापरवाही की सबसे बड़ी चेतावनी मानी जाती है।
खाड़ी मिशन पर एनएसए डोभाल, अबू धाबी में यूएई राष्ट्रपति से अहम मुलाकात
27 Apr, 2026 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अबू धाबी। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल खाड़ी देशों के अहम दौरे पर हैं। इसी क्रम में उन्होंने अबू धाबी पहुंचकर संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जाएद अल नाहयान से मुलाकात की।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस उच्चस्तरीय बैठक में क्षेत्रीय स्थिरता, पश्चिम एशिया के मौजूदा भू-राजनीतिक हालात और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। खास तौर पर इजरायल-ईरान तनाव के बाद क्षेत्र में पैदा हुए असंतुलन और उसके संभावित प्रभावों पर दोनों पक्षों ने विचार-विमर्श किया।
डोभाल का यह दौरा भारत की खाड़ी नीति के तहत रणनीतिक संपर्क बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। इससे पहले वह सऊदी अरब का भी दौरा कर चुके हैं, जहां उन्होंने ऊर्जा, विदेश और सुरक्षा से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठकें की थीं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के अनुसार, यह यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर की जा रही है और इसका उद्देश्य खाड़ी देशों के साथ भारत के संबंधों को और मजबूत करना है।
सऊदी अरब की राजधानी रियाद में हुई बैठकों में चार प्रमुख मुद्दों पर फोकस किया गया था, जिनमें वैश्विक व्यापार मार्गों की सुरक्षा, सप्लाई चेन की स्थिरता, होर्मुज जलडमरूमध्य और फारस की खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा चिंताएं, खुफिया सहयोग बढ़ाना और आर्थिक संबंधों को मजबूत करना शामिल हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव और क्षेत्रीय अस्थिरता के बीच भारत अपने रणनीतिक और आर्थिक हितों को सुरक्षित रखने के लिए सक्रिय कूटनीति अपना रहा है।
डोभाल की यह यात्रा न सिर्फ सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है, बल्कि इससे भारत और खाड़ी देशों के बीच दीर्घकालिक साझेदारी को भी नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
कैरोलिन लेविट को कैसे पता ट्रंप के कार्यक्रम में फायर-शॉट भी होगा
27 Apr, 2026 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन । अमेरिका में शनिवार की रात को जो कुछ भी हुआ, उस घटना ने हर किसी को चौंका दिया। हिल्टन होटल में जहां होनी थी एक ऐसी पार्टी, जिसमें सभी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भाषण को सुनने वाले और कहां उन्हें सुनाई दी गोलियों की तड़तड़ाहट। इस बीच व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट का पुराना वीडियो हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह वीडियो व्हाइट हाउस कॉरेंसपॉन्डेंट्स डिनर में हुई गोलीबारी की घटना के बाद फिर से चर्चा में आ गया है।
पत्रकारों का डिनर शुरू होने से कुछ समय पहले, लेविट ने मीडिया से बातचीत में दर्शकों से अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का भाषण देखने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि ट्रंप का संबोधन काफी दिलचस्प और मनोरंजक होगा। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा था कि भाषण में कुछ तीखे हमले देखने को मिल सकते हैं, जिससे कार्यक्रम और आकर्षक बनेगा। उस समय उनके बयान को राजनीतिक कटाक्ष और मजाक की तरह देखा गया लेकिन लेविट का फायर-शॉट वाला मजाक कार्यक्रम के दौरान बिल्कुल सही साबित हुआ।
दअरसल लेविट ने कार्यक्रम से पहले पूछा गया था कि आज पत्रकारों के सामने ट्रंप क्या बोलने वाले हैं? इस पर लेविट ने कहा था कि उन्होंने खुद ही अपना भाषण लिखा है और वे ही जानते हैं कि वे क्या कहने वाले हैं, लेकिन ये बिल्कुल क्लासिक ट्रंप का स्टाइल होगा। उन्होंने कहा कि वे पूरे हाल को अपनी बातों से हिलाकर रख देने वाले है। इसके बाद लेविट ने मजाक में कहा कि मजे के साथ-साथ कुछ फायर शॉट भी देखने को मिल सकते है। हालांकि ये सिर्फ बातों के लिहाज से कहा गया था लेकिन कार्यक्रम में वाकई फायर शॉट हुए और अफरा-तफी मच गई।
म्यांमार में 4.2 तीव्रता का भूकंप दर्ज हुआ
27 Apr, 2026 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रगूंन। रविवार सुबह म्यांमार में 4.2 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (एनसीएस) के अनुसार यह भूकंप सुबह 02:57 बजे आया और इसकी गहराई करीब 90 किलोमीटर थी। इससे एक दिन पहले शनिवार को भी इसी क्षेत्र में 4.8 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसकी गहराई 95 किलोमीटर थी। लगातार आ रहे इन झटकों ने क्षेत्र की भूकंपीय सक्रियता को लेकर चिंता बढ़ा दी है। वैज्ञानिकों के अनुसार, भूकंप पृथ्वी की सतह से लेकर लगभग 700 किलोमीटर की गहराई तक उत्पन्न हो सकते हैं। इन्हें तीन श्रेणियों में बांटा जाता है उथले (0–70 किमी), मध्यवर्ती (70–300 किमी) और गहरे (300–700 किमी)। आमतौर पर 70 किमी से अधिक गहराई वाले भूकंपों को डीप-फोकस भूकंप माना जाता है। म्यांमार में आए ये हालिया भूकंप मध्यवर्ती श्रेणी में आते हैं। म्यांमार भूकंप और सुनामी के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र है। इसका प्रमुख कारण इसकी भौगोलिक स्थिति है, जहां चार प्रमुख टेक्टोनिक प्लेटें—भारतीय, यूरेशियन, सुंडा और बर्मा प्लेट—आपस में टकराती और सरकती रहती हैं। इन प्लेटों की सक्रियता के कारण यहां भूगर्भीय हलचल लगातार बनी रहती है। देश के भीतर 1400 किलोमीटर लंबी एक ट्रांसफॉर्म फॉल्ट लाइन गुजरती है, जो अंडमान स्प्रेडिंग सेंटर को उत्तर में स्थित सागाइंग फॉल्ट से जोड़ती है। यह सागाइंग फॉल्ट म्यांमार के प्रमुख शहरों जैसे सागाइंग, मांडले, बागो और यांगून के लिए बड़ा खतरा बनती है, जहां देश की लगभग 46 प्रतिशत आबादी रहती है। दहालांकि यांगून फॉल्ट लाइन से कुछ दूरी पर है, फिर भी इसकी घनी आबादी के कारण जोखिम बना रहता है। इतिहास में 1903 में बागो में आए 7.0 तीव्रता के भूकंप का असर यांगून तक महसूस किया गया था, जो इस क्षेत्र की संवेदनशीलता को दर्शाता है।
बांग्लादेश- हत्याओं में 14 प्रतिशत का उछाल, चरमराई कानून-व्यवस्था
26 Apr, 2026 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ढाका। बांग्लादेश में कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति जनता के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है। हालिया पुलिस आंकड़ों के अनुसार, साल 2026 की पहली तिमाही में हत्या की घटनाओं में पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 14 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज की गई है। राजधानी ढाका सहित देश के विभिन्न हिस्सों में हो रहे हिंसक अपराधों ने नागरिकों के बीच असुरक्षा की भावना को गहरा कर दिया है। हाल ही में मोहखाली इलाके में एक डॉक्टर पर हुए चाकू से हमले जैसी घटनाओं ने स्पष्ट कर दिया है कि अपराधी अब खुलेआम वार करने से भी नहीं कतरा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि हिंसक अपराधों में यह वृद्धि न केवल कानून प्रवर्तन एजेंसियों पर जनता के भरोसे को कम करती है, बल्कि सामाजिक स्थिरता के लिए भी बड़ा खतरा है। वैश्विक स्तर पर जारी ईरान युद्ध के कारण ऊर्जा संकट और बढ़ती महंगाई ने पहले ही आम जनता की कमर तोड़ रखी है, ऐसे में आंतरिक सुरक्षा का गिरता स्तर लोगों के लिए दोहरी मार साबित हो रहा है। रिपोर्टों में इस बात पर जोर दिया गया है कि अपराधियों में कानून का भय समाप्त होता जा रहा है, जिसका मुख्य कारण पुलिस व्यवस्था की कमजोरी, जांच में सुस्ती और न्याय मिलने में होने वाली देरी है। जब तक त्वरित जवाबदेही तय नहीं की जाती, तब तक अपराध समाज में सामान्य बात बन जाएंगे और डर लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन जाएगा।
राजनीतिक स्तर पर भी इस मुद्दे को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। संसद में निर्दलीय सांसदों ने गृह मंत्री की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि बार-बार दिए गए आश्वासनों के बावजूद देश में भीड़ तंत्र (मॉब कल्चर) का प्रभाव खत्म नहीं हो रहा है। प्रशासन द्वारा दंडमुक्ति की संस्कृति को समाप्त करने के वादे कागजों तक ही सीमित नजर आ रहे हैं। देश भर में एक के बाद एक हो रहे भीड़ के हमले और हिंसक झड़पें सरकार के दावों की पोल खोल रही हैं।
मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के पिछले 18 महीनों के कार्यकाल में भीड़ द्वारा की जाने वाली हिंसा की घटनाओं में तेजी आई है। आलोचकों का तर्क है कि वर्तमान शासन व्यवस्था बहाल करने में विफल रहा है, जिससे आपराधिक गिरोहों को पनपने का अवसर मिल रहा है। यह बढ़ता अपराध ग्राफ अब केवल पुलिसिया मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह देश के आर्थिक विकास, सामाजिक सामंजस्य और राष्ट्रीय स्थिरता के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुका है। सरकार के लिए यह समय निर्णायक कार्रवाई करने और न्याय व्यवस्था में जनता का विश्वास बहाल करने का है।
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