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सोशल मीडिया से दूरी, पढ़ाई से दोस्ती: Karnal की छात्राओं का कमाल
1 May, 2026 12:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ICSE बोर्ड परिणाम: टॉपर्स ने सेल्फ स्टडी से गाड़े सफलता के झंडे, सोशल मीडिया से बनाई दूरी
नई दिल्ली: ICSE बोर्ड ने 10वीं और 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए हैं। इस बार की परीक्षाओं में 10वीं में छवि और 12वीं में रिया ने शीर्ष स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। सफलता पाने वाले इन होनहारों ने कोचिंग के बजाय 'सेल्फ स्टडी' और बेहतर योजना को अपनी जीत का आधार बताया।
10वीं की टॉपर छवि: न्यूरोलॉजिस्ट बनने का है सपना
आरकेपुरम की निवासी छवि ने बिना किसी ट्यूशन के जिले में अपना नाम रोशन किया है। उनके पिता रोडवेज में चालक हैं और मां शिक्षिका हैं। छवि ने अपनी तैयारी के लिए न केवल सोशल मीडिया से दूरी बनाई, बल्कि अपने चाचा की शादी तक में शामिल नहीं हुईं।
रणनीति: पिछले 10 वर्षों के प्रश्नपत्र हल किए और रोजाना 'टू-डू लिस्ट' बनाकर पढ़ाई की।
उपलब्धि: बायोलॉजी और एसएसटी में 100 में से 100 अंक प्राप्त किए।
भारती: डे-प्लानिंग से मिली कामयाबी
मॉडल टाउन की रहने वाली भारती ने भी 10वीं में शानदार प्रदर्शन किया है। पुलिस विभाग में कार्यरत मां और पिता की इस बेटी का लक्ष्य डॉक्टर बनकर समाज सेवा करना है।
रणनीति: भारती का मानना है कि रटने के बजाय विषय को समझना जरूरी है। वह सुबह ही अपना डे-प्लान तैयार कर लेती थीं और उसे पूरा करने के बाद ही सोती थीं।
उपलब्धि: हिंदी, इतिहास और भूगोल जैसे विषयों में पूरे 100 अंक हासिल किए।
12वीं की टॉपर रिया: सीए बनने का लक्ष्य
शक्तिपुरम की रिया कांबोज ने 12वीं में सफलता का परचम लहराया है। एक संयुक्त परिवार से आने वाली रिया ने पारिवारिक कार्यक्रमों और घर के निर्माण कार्य के बावजूद अपनी पढ़ाई को प्रभावित नहीं होने दिया।
रणनीति: "आज का काम कल पर न छोड़ना" रिया की सफलता का मूलमंत्र रहा। वह रोजाना 3-4 घंटे की एकाग्र पढ़ाई को पर्याप्त मानती हैं।
उपलब्धि: फिजिकल एजुकेशन में 99 और बिजनेस स्टडीज में 96 अंक प्राप्त किए।
चेतन्य: मुश्किल सवालों को पहले किया हल
12वीं के छात्र चेतन्य ने कठिन विषयों पर पहले पकड़ बनाई। उन्होंने नीट (NEET) की तैयारी भी शुरू कर दी है और अपने मामा की तरह डॉक्टर बनना चाहते हैं।
रणनीति: चेतन्य रात में पढ़ाई करना पसंद करते थे। उनकी बहन ने टाइमटेबल बनाने में मदद की, जबकि स्कूल शिक्षकों ने उन्हें पुराने पेपर हल करने का अभ्यास कराया।
उपलब्धि: केमिस्ट्री में 96 और फिजिकल एजुकेशन में 98 अंक मिले।
60 दिन के युद्ध कानून पर अमेरिका में बवाल, ईरान संघर्ष ने बढ़ाया टकराव
1 May, 2026 11:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन: अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ चलाए जा रहे सैन्य अभियान ने अब व्हाइट हाउस और कैपिटल हिल (अमेरिकी संसद) के बीच एक बड़ा संवैधानिक गतिरोध पैदा कर दिया है। 1973 के वॉर पावर्स रिजोल्यूशन (War Powers Resolution) की 60 दिनों की समयसीमा खत्म होने के करीब है, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने कांग्रेस (संसद) से मंजूरी लेने की किसी भी योजना से इनकार कर दिया है। सीनेट की सुनवाई के दौरान रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और डेमोक्रेटिक सांसदों के बीच तीखी बहस हुई, जिसने अमेरिकी सैन्य नीतियों और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
60 दिन की समयसीमा और 'सीज़फायर' की ढाल
1973 के कानून के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति को किसी भी सैन्य अभियान की शुरुआत के 60 दिनों के भीतर कांग्रेस से औपचारिक अनुमति लेनी पड़ती है। इस कानून का उल्लंघन करने पर सैन्य कार्रवाई को रोकना पड़ता है। हालांकि, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने एक नई कानूनी व्याख्या पेश करते हुए कहा कि क्योंकि क्षेत्र में वर्तमान में 'युद्धविराम' (Ceasefire) जैसी स्थिति है, इसलिए यह 60 दिन की कानूनी घड़ी प्रभावी रूप से रुक गई है।
विरोध: वर्जीनिया के सीनेटर टिम केन ने इस तर्क को 'कानूनी आधारहीनता' करार दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रशासन कानून की अपनी सुविधानुसार व्याख्या कर रहा है, जो भविष्य के लिए एक खतरनाक मिसाल बन सकता है।
नागरिक हताहतों और AI हथियारों पर सवाल
सुनवाई के दौरान एक लड़कियों के स्कूल पर हुए कथित हमले का मुद्दा भी गरमाया, जिसमें 170 से अधिक लोगों की मौत का दावा किया गया है। सांसदों ने पूछा कि क्या अमेरिकी तकनीक का इस्तेमाल नागरिकों को निशाना बनाने के लिए हुआ?
रक्षा मंत्रालय का पक्ष: पीट हेगसेथ ने कहा कि पेंटागन AI-सहायता प्राप्त लक्ष्य प्रणाली का उपयोग कर रहा है, जिसमें मानवीय निगरानी (Human Oversight) भी शामिल है ताकि नागरिक हताहतों की संख्या कम की जा सके।
जनता का समर्थन: सीनेटर क्रिस्टन गिलिब्रैंड ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि अमेरिकी जनता ईरान के साथ एक और लंबे युद्ध के पक्ष में नहीं है। उन्होंने इस बात पर भी संदेह जताया कि इस अभियान से अमेरिका पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित हुआ है।
ट्रंप की स्पष्टोक्ति: "यह युद्ध नहीं, सर्जिकल स्ट्राइक है"
इस पूरे विवाद के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने चिरपरिचित अंदाज में इस संघर्ष को नया नाम दिया है। ट्रंप ने इसे 'युद्ध' मानने से इनकार करते हुए 'सैन्य अभियान' करार दिया। व्हाइट हाउस से जारी बयानों के अनुसार:
ईरान की हालत: ट्रंप का दावा है कि उनकी "मैक्सिमम प्रेशर" नीति और सैन्य प्रहारों से ईरान की नौसेना और वायुसेना लगभग ध्वस्त हो चुकी है।
आर्थिक घेराबंदी: ट्रंप के अनुसार, कड़े प्रतिबंधों और नाकाबंदी के कारण ईरान की तेल से होने वाली कमाई शून्य के करीब पहुंच गई है।
समझौते की संभावना: राष्ट्रपति ने दावा किया कि ईरान अब समझौते के लिए "बेताब" है और अमेरिकी कार्रवाई ने मध्य पूर्व में एक बड़े नरसंहार को रोक दिया है।
फिलहाल, यह मामला कानूनी मोड़ ले चुका है। यदि प्रशासन और कांग्रेस के बीच सहमति नहीं बनती, तो यह विवाद अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंच सकता है। दुनिया की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या ट्रंप प्रशासन 60 दिन की समयसीमा के बाद भी बिना संसदीय मंजूरी के ईरान पर दबाव जारी रख पाएगा।
चार-चार वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से बदलेगा मौसम, आंधी-बारिश की चेतावनी
1 May, 2026 10:56 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मई की शुरुआत में राहत: चार पश्चिमी विक्षोभों के चलते थमेगी गर्मी, आंधी-बारिश का पूर्वानुमान
नई दिल्ली/हरियाणा: भीषण गर्मी का सामना कर रहे लोगों के लिए मई का पहला पखवाड़ा राहत भरा रहने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार, एक के बाद एक चार पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) सक्रिय होने जा रहे हैं, जिससे तापमान में गिरावट आएगी और हीटवेव से बचाव होगा। हाल ही में हुई आंधी और बारिश की गतिविधियों के कारण गुरुवार को प्रदेश के अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
तापमान में गिरावट: 40 डिग्री से नीचे पहुंचा पारा
अप्रैल के आखिरी दिन प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से नीचे रहा। जहां कुछ समय पहले पारा 45 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया था, वहीं अब यह 35 से 40 डिग्री के बीच बना हुआ है।
रोहतक: 40.8 डिग्री सेल्सियस (सर्वाधिक)
हिसार: 39.9 डिग्री सेल्सियस
फरीदाबाद: 39.7 डिग्री सेल्सियस
सिरसा: 39.6 डिग्री सेल्सियस
सोनीपत: 39 डिग्री सेल्सियस प्रदेश में रात का तापमान भी 20 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया।
मई के पहले 10 दिनों का मौसम कैलेंडर
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार, लगातार सक्रिय हो रहे सिस्टम के कारण मई के शुरुआती 15 दिनों में भीषण गर्मी के आसार कम हैं:
30 अप्रैल की रात: दूसरा पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ, जिससे बादलों की आवाजाही शुरू होगी।
2 मई: तीसरे विक्षोभ के कारण तेज आंधी और बारिश की प्रबल संभावना है।
5 मई और 8 मई: इन तारीखों पर सक्रिय होने वाले विक्षोभों से मध्यम श्रेणी की वर्षा हो सकती है।
10 मई: एक और सिस्टम सक्रिय होने की उम्मीद है, जिससे मौसम कूल बना रहेगा।
ईरान का पलटवार: ट्रंप के दावे के बाद दी गंभीर अंजाम भुगतने की चेतावनी
1 May, 2026 10:33 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य और आर्थिक दबाव के बीच एक चौंकाने वाला बयान दिया है। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से चर्चा के दौरान ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सैन्य अभियानों ने ईरान की सैन्य शक्ति की कमर तोड़ दी है। ट्रंप के अनुसार, ईरान की नौसेना और वायु सेना लगभग समाप्त हो चुकी है और उनकी परमाणु क्षमता को "पूरी तरह से नष्ट" कर दिया गया है। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान के ड्रोन निर्माण उद्योग में 82 प्रतिशत की गिरावट आई है और वहां की अर्थव्यवस्था अब पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है।
ईरान की चेतावनी: 'दुखद और लंबे हमले होंगे'
राष्ट्रपति ट्रंप के दावों के विपरीत, ईरान ने इसे "बड़े झूठ" का पुलिंदा करार दिया है। ईरान के सर्वोच्च नेता मोज्तबा खामेनेई और विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि उनकी परमाणु और मिसाइल क्षमताएं सुरक्षित हैं। ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने फिर से हमला करने की हिमाकत की, तो उसे "लंबे और दर्दनाक" जवाबी हमलों का सामना करना पड़ेगा।
होर्मुज की खाड़ी का संकट: तेहरान ने होर्मुज की खाड़ी पर नए कड़े नियम लागू करने और इसे ब्लॉक करने के संकेत दिए हैं। इस तनाव के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। 1 मई 2026 को ब्रेंट क्रूड $111 प्रति बैरल के पार पहुँच गया है, जिससे दुनिया भर में आर्थिक मंदी और महंगाई का खतरा मंडराने लगा है।
इजरायल-UAE रक्षा गठबंधन: 'आयरन डोम' की पहली विदेशी तैनाती
मध्य पूर्व में बदलते समीकरणों के बीच एक बड़ी खबर यह आई है कि इजरायल ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की सुरक्षा के लिए अपना घातक 'आयरन डोम' एयर डिफेंस सिस्टम और 'आयरन बीम' (लेजर आधारित सिस्टम) तैनात किया है। यह पहली बार है जब इजरायल ने अपनी रक्षा तकनीक और सैनिकों को किसी अरब देश की सुरक्षा के लिए भेजा है। रिपोर्टों के अनुसार, इस सिस्टम ने ईरान द्वारा दागी गई दर्जनों मिसाइलों और ड्रोनों को सफलतापूर्वक मार गिराया है, जो अब्राहम एकॉर्ड्स के तहत दोनों देशों के बीच बढ़ते सैन्य सहयोग को दर्शाता है।
भारत-पाक संघर्ष और '200% टैरिफ' का दावा
राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बार फिर दक्षिण एशिया में शांति स्थापित करने का श्रेय लेते हुए भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रुकवाने का जिक्र किया। ट्रंप ने दावा किया कि साल 2025 में जब दोनों परमाणु संपन्न देशों के बीच तनाव चरम पर था और 11 विमान गिरा दिए गए थे, तब उन्होंने 200 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी देकर युद्ध रुकवाया था। ट्रंप का कहना है कि उन्होंने दोनों देशों के नेताओं को स्पष्ट कर दिया था कि यदि लड़ाई बंद नहीं हुई, तो वे अमेरिका के साथ व्यापार पूरी तरह खो देंगे। उन्होंने दावा किया कि इस हस्तक्षेप से 2.5 करोड़ से 5 करोड़ लोगों की जान बची। हालांकि, भारतीय पक्ष ने हमेशा की तरह साफ किया है कि युद्धविराम सैन्य अधिकारियों (DGMO) के बीच बातचीत के जरिए हुआ था।
पाकिस्तान में ईंधन कीमतों में उछाल, नेपाल में राहत, भारत पर नजर
1 May, 2026 09:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद: पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में गहराते सैन्य तनाव का असर अब वैश्विक तेल बाजार पर स्पष्ट रूप से दिखने लगा है। कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच पड़ोसी देशों में ईंधन की कीमतों को लेकर दो अलग-अलग तस्वीरें सामने आई हैं। जहाँ कंगाली की कगार पर खड़ा पाकिस्तान तेल की कीमतों में लगी आग से झुलस रहा है, वहीं नेपाल ने अपने नागरिकों को पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कटौती कर राहत प्रदान की है। भारत में भी सरकार ने टैक्स ढांचे में बड़ा बदलाव किया है, हालांकि आम जनता के लिए कीमतों को स्थिर रखा गया है।
पाकिस्तान में हाहाकार: ₹399 के पार पहुँचा पेट्रोल
आर्थिक बदहाली का सामना कर रहे पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल की कीमतें अब तक के उच्चतम स्तर के करीब पहुँच गई हैं। गुरुवार को जारी नई अधिसूचना के मुताबिक, पेट्रोल में 6.51 रुपये और हाई-स्पीड डीजल (HSD) में रिकॉर्ड 19.39 रुपये प्रति लीटर की भारी वृद्धि की गई है। इस बढ़ोतरी के बाद पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत 399.86 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर हो गई है। डीजल की कीमतों में आए इस जबर्दस्त उछाल से वहां परिवहन और माल ढुलाई की लागत बढ़ना तय है, जिससे महंगाई का एक नया दौर शुरू हो सकता है।
नेपाल में राहत, लेकिन रसोई गैस और हवाई ईंधन महंगा
एक तरफ पाकिस्तान में कीमतें आसमान छू रही हैं, तो दूसरी तरफ नेपाल ऑयल कॉरपोरेशन ने आम जनता को राहत देते हुए पेट्रोल में 2 रुपये और डीजल में 12 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है। इस कमी के बाद नेपाल में पेट्रोल 214.50 रुपये और डीजल 222.50 रुपये प्रति लीटर (स्थानीय मुद्रा) की दर से मिलेगा। हालांकि, यह राहत रसोई तक नहीं पहुँच सकी है; नेपाल में एलपीजी सिलेंडर के दाम ₹150 बढ़कर ₹2160 हो गए हैं और एविएशन फ्यूल (हवाई ईंधन) की कीमतों में भी भारी इजाफा किया गया है।
भारत में टैक्स स्ट्रक्चर में बदलाव, पर नहीं बढ़े रेट
भारत में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) ने साफ किया है कि अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता के बावजूद घरेलू उपभोक्ताओं पर बोझ नहीं डाला जाएगा। केंद्र सरकार ने 1 मई 2026 से प्रभावी होने वाले नए नियमों के तहत पेट्रोल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क ₹23 और डीजल पर ₹33 प्रति लीटर निर्धारित किया है। सरकार ने अतिरिक्त उत्पाद शुल्क को शून्य कर टैक्स के गणित को संतुलित किया है, जिससे खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। भारतीय महानगरों में पेट्रोल और डीजल के दाम अपने पुराने स्तर पर ही बरकरार हैं, जो वैश्विक संकट के बीच देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
पूर्व CM Bhupinder Singh Hooda पर शिकंजा, प्लॉट आवंटन में गड़बड़ी का आरोप
1 May, 2026 08:39 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंचकूला प्लॉट आवंटन मामला: पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा के खिलाफ CBI ने दाखिल की चार्जशीट, नियमों में फेरबदल के आरोप
पंचकूला: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने पंचकूला औद्योगिक भूखंड आवंटन मामले में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और अन्य आरोपियों के खिलाफ विशेष अदालत में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल कर दिया है। सीबीआई ने चार्जशीट के साथ हरियाणा सरकार द्वारा केस चलाने के लिए दी गई आधिकारिक मंजूरी भी अदालत को सौंप दी है।
भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप
दायर की गई चार्जशीट में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराएं लगाई गई हैं। जांच एजेंसी का आरोप है कि हुड्डा ने मुख्यमंत्री और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) के अध्यक्ष रहते हुए अपने करीबियों को आर्थिक लाभ पहुँचाने के लिए पद का दुरुपयोग किया।
नियमों को ताक पर रखकर आवंटन
चार्जशीट के अनुसार, साल 2016 में दर्ज इस मामले की जांच में सामने आया है कि:
14 औद्योगिक भूखंडों के लिए आवेदन की समय-सीमा समाप्त होने के बाद नियमों में बदलाव किया गया।
चहेतों को फायदा पहुँचाने के लिए अनुभव और वित्तीय क्षमता के अंकों को घटाकर 'वाइवा-वॉइस' (मौखिक परीक्षा) के अंक 15 से बढ़ाकर 25 कर दिए गए।
बाजार भाव के अनुसार 30.34 करोड़ रुपये के भूखंडों को मात्र 7.85 करोड़ रुपये में आवंटित कर दिया गया, जिससे सरकारी खजाने को भारी चपत लगी।
आरोपियों की सूची में कई बड़े नाम
सीबीआई ने पूर्व सीएम हुड्डा के अलावा कई पूर्व अधिकारियों और उनके करीबियों को नामजद किया है:
धर्मपाल सिंह नांगल: पूर्व आईएएस और एचएसवीपी के तत्कालीन मुख्य प्रशासक।
सुभाष चंद्र कांसल: पूर्व मुख्य वित्तीय नियंत्रक।
बीबी तनेजा: पूर्व उप अधीक्षक।
इसके अलावा हुड्डा के ओएसडी, निजी सचिव के रिश्तेदार, उनके सहपाठी के बेटे और पैतृक गांव के निवासियों सहित कुल 14 आवंटियों को आरोपी बनाया गया है।
अगली सुनवाई 4 जून को
अदालत ने संबंधित विभाग को दस्तावेजों की जांच करने के निर्देश दिए हैं और इस मामले में अगली रिपोर्ट 4 जून को पेश की जानी है। सीबीआई ने एक गवाह के बयान भी सीलबंद लिफाफे में कोर्ट को सौंपे हैं। फिलहाल, कुछ आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत अंतिम मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है।
लेबनान पर इज़रायली हमला, एयरस्ट्राइक्स में 24 लोगों की मौत से हड़कंप
1 May, 2026 08:27 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बेरूत/तेल अवीव: लेबनान में शांति की उम्मीदों को करारा झटका लगा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहल पर हुआ युद्धविराम समझौता पूरी तरह धराशायी हो चुका है। इज़रायल ने ट्रंप के आदेशों और अंतरराष्ट्रीय दबाव को दरकिनार करते हुए दक्षिण लेबनान में भीषण हमले शुरू कर दिए हैं। गुरुवार को हुई ताबड़तोड़ एयरस्ट्राइक्स और गोलाबारी ने एक बार फिर खूनी खेल शुरू कर दिया है, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुँच गया है।
घरों पर बरसे बम: महिलाओं और बच्चों समेत एक ही परिवार के कई सदस्य खत्म
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार को हुई इज़रायली एयरस्ट्राइक्स में अब तक 24 लोगों की जान जा चुकी है। हमलों की भयावहता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि जिबचिट गाँव में एक रिहायशी मकान को निशाना बनाया गया, जिसमें एक ही परिवार के 4 सदस्यों की मौके पर ही मौत हो गई। मरने वालों में 5 महिलाएं और 2 मासूम बच्चे भी शामिल हैं। अस्पतालों में घायलों की भारी भीड़ उमड़ रही है, जिनमें से कई की हालत नाजुक बनी हुई है। प्रशासन का कहना है कि बचाव कार्य जारी रहने के कारण मृतकों का आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है।
हिज़बुल्लाह का पलटवार: इज़रायली टैंकों और सैनिकों पर ड्रोन से हमला
सीज़फायर टूटने और आम नागरिकों की मौत के बाद हिज़बुल्लाह ने इज़रायल से कड़ा बदला लेने का ऐलान किया है। दक्षिण लेबनान में हिज़बुल्लाह के लड़ाके फिर से सक्रिय हो गए हैं और उन्होंने इज़रायली सेना की अग्रिम चौकियों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। जवाबी कार्रवाई में हिज़बुल्लाह ने बिन्त जेबिल इलाके में दो इज़रायली मरकावा टैंकों को ड्रोन के जरिए तबाह कर दिया। इसके अलावा, उत्तरी इज़रायल में किए गए एक सटीक ड्रोन हमले में इज़रायल का एक सैनिक भी मारा गया है। दोनों ओर से बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने ट्रंप प्रशासन की शांति कोशिशों पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
गुरुग्राम एमसीजी चुनाव अपडेट: दूसरी बार भी नहीं चुना गया सीनियर डिप्टी मेयर, पार्षदों में भारी नाराजगी
30 Apr, 2026 01:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुरुग्राम: साइबर सिटी के नगर निगम में सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के पदों के लिए होने वाला बहुप्रतीक्षित चुनाव वीरवार को एक बार फिर नाटकीय रूप से टल गया। सवा साल के लंबे अंतराल और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के कड़े हस्तक्षेप के बाद उम्मीद थी कि आज शहर को नए डिप्टी मेयर मिल जाएंगे, लेकिन ऐन वक्त पर मेयर राजरानी मल्होत्रा के अस्वस्थ होने के चलते बैठक रद्द करनी पड़ी। हिपा (HIPA) के कॉन्फ्रेंस हॉल में सुबह 11 बजे पार्षदों और निगम आयुक्त की मौजूदगी के बावजूद चुनावी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।
मेयर की अनुपस्थिति और 'स्वास्थ्य' का पेंच
निर्धारित समय के अनुसार निगम के 36 पार्षद और उच्चाधिकारी चुनाव स्थल पर पहुँच चुके थे, लेकिन बैठक की अध्यक्षता करने वाली मेयर की तबीयत बिगड़ने की सूचना ने पूरी प्रक्रिया पर पानी फेर दिया। आधिकारिक नोटिस और सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच प्रशासन को एक बार फिर चुनाव टालने का निर्णय लेना पड़ा। जानकारों का मानना है कि यह स्थगन केवल स्वास्थ्य कारणों से नहीं, बल्कि सत्ताधारी दल के भीतर चल रही आपसी खींचतान का नतीजा भी हो सकता है, क्योंकि पार्टी अभी तक चेहरों पर सर्वसम्मति नहीं बना पाई है।
भाजपा के भीतर 'शक्ति प्रदर्शन': राव इंद्रजीत बनाम राव नरबीर
नगर निगम में भाजपा के पास 24 पार्षदों का स्पष्ट बहुमत है और कई निर्दलीयों का भी समर्थन प्राप्त है, लेकिन असली लड़ाई पार्टी के दो दिग्गज धड़ों के बीच है। एक तरफ केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह का खेमा अपनी पकड़ बनाए रखना चाहता है, तो दूसरी ओर कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह के समर्थक अपने पार्षदों को इन मलाईदार पदों पर आसीन कराने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। दक्षिण हरियाणा की राजनीति में वर्चस्व की यह 'अंदरूनी जंग' विकास कार्यों में बाधा बन रही है, क्योंकि इन पदों के खाली होने से 'फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट कमेटी' (F&CC) जैसी महत्वपूर्ण समितियां निष्क्रिय पड़ी हैं।
HTET रिकॉर्ड को लेकर भिड़े कर्मचारी और अधिकारी: भिवानी बोर्ड में हंगामा, कर्मचारियों ने शुरू की हड़ताल
30 Apr, 2026 01:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भिवानी: हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (BSEH) मुख्यालय में वीरवार को उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब बोर्ड प्रशासन द्वारा 'हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा' (HTET) 2024 के रिकॉर्ड को नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू की गई। इस कदम का बोर्ड के कर्मचारियों ने कड़ा विरोध किया, जिसके बाद कार्यालय परिसर हंगामे और नारेबाजी के अखाड़े में तब्दील हो गया। कर्मचारियों ने प्रशासन की इस कार्रवाई को अनुचित बताते हुए तुरंत प्रभाव से हड़ताल शुरू कर दी है, जिससे बोर्ड का कामकाज पूरी तरह ठप हो गया।
रिकॉर्ड नष्ट करने की मंशा पर उठे सवाल, जांच प्रभावित होने का डर
हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों का आरोप है कि HTET 2024 की परीक्षा और परिणामों को लेकर पहले से ही कई विवाद चल रहे हैं, ऐसे में रिकॉर्ड को इतनी जल्दी नष्ट करना किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है। कर्मचारियों का तर्क है कि नियमानुसार किसी भी परीक्षा का रिकॉर्ड एक निश्चित समय तक सुरक्षित रखना अनिवार्य होता है, लेकिन बोर्ड प्रशासन इसे जल्दबाजी में ठिकाने लगाना चाहता है। विरोध प्रदर्शन कर रहे नेताओं ने कहा कि यदि यह रिकॉर्ड नष्ट हो गया, तो भविष्य में होने वाली किसी भी कानूनी जांच या आरटीआई (RTI) प्रक्रिया का कोई आधार नहीं बचेगा।
बोर्ड प्रशासन और कर्मचारियों के बीच गतिरोध बरकरार
प्रशासनिक अधिकारियों ने इस मामले में सफाई देते हुए इसे एक नियमित प्रक्रिया (Routine Process) बताया है, लेकिन कर्मचारियों का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा। कर्मचारियों की हड़ताल के चलते बोर्ड की कई महत्वपूर्ण शाखाओं में ताले लटक गए हैं, जिससे दूर-दराज से आए छात्रों और अभिभावकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक रिकॉर्ड नष्ट करने का फैसला वापस नहीं लिया जाता और पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक उनका धरना और काम रोको आंदोलन जारी रहेगा।
होर्मुज स्ट्रेट बना तनाव का केंद्र, ईरान ने दी घातक परिणामों की धमकी
30 Apr, 2026 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेहरान/वाशिंगटन। मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) में जारी तनाव अब एक ऐसे मुहाने पर पहुँच गया है जहाँ से वापसी की राह कठिन नजर आ रही है। ईरान और अमेरिका के बीच मची सैन्य होड़ ने पूरी दुनिया को युद्ध के मुहाने पर खड़ा कर दिया है। इस बीच, ईरान ने बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए अमेरिका को अंतिम चेतावनी जारी की है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की रणनीतिक नाकेबंदी के बीच ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह झुकने के बजाय अपने अस्तित्व और शर्तों के लिए अंतिम सांस तक संघर्ष करने को तैयार है।
वैश्विक ऊर्जा संकट: होर्मुज की नाकेबंदी ने बढ़ाई धड़कनें
दुनिया की कुल तेल आपूर्ति का लगभग 20 से 30 प्रतिशत हिस्सा होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरता है, जो अब दोनों देशों के बीच शक्ति प्रदर्शन का अखाड़ा बन चुका है। ईरान ने जहाँ अमेरिकी और इजरायली जहाजों के लिए इस रास्ते को अवरुद्ध कर दिया है, वहीं अमेरिका ने भी अरब सागर की ओर से कड़ी नाकेबंदी कर रखी है। इस दोहरी घेराबंदी ने वैश्विक तेल बाजार में अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है। हालांकि कई अंतरराष्ट्रीय शक्तियां मध्यस्थता के जरिए समाधान निकालने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन दोनों ही पक्ष अपनी-अपनी शर्तों से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।
कमांडर शहरम ईरानी का पलटवार: 'ईरान को कम समझना दुश्मन का भ्रम'
ईरानी नौसेना के कमांडर शहरम ईरानी ने अमेरिका की युद्ध क्षमताओं और उसकी धारणाओं पर तीखा प्रहार किया है। कमांडर ने कहा कि जो लोग यह मानते हैं कि वे ईरान को कुछ ही दिनों के भीतर घुटने टेकने पर मजबूर कर देंगे, वे एक बड़े भ्रम में जी रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि दुश्मन की यह सोच अब सैन्य अकादमियों में एक मजाक बनकर रह गई है। कमांडर ईरानी के अनुसार, अब तक बरता गया संयम कमजोरी नहीं बल्कि एक सोची-समझी रणनीति थी, लेकिन यदि उनकी जायज मांगें अनसुनी की गईं, तो ईरान अपनी सैन्य रणनीति में ऐसा बदलाव करेगा जिसकी कल्पना भी वाशिंगटन ने नहीं की होगी।
ट्रंप की सख्त नीति और ईरान का आक्रामक पैंतरा
बुधवार को सरकारी ब्रॉडकास्टर के जरिए जारी संदेश में ईरानी नौसैनिक अधिकारियों ने सीधे तौर पर चेतावनी दी है कि अमेरिकी सेना की किसी भी अगली गतिविधि का जवाब तत्काल और विनाशकारी कार्रवाई से दिया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि स्थायी समाधान की उम्मीद में अब तक दिखाया गया धैर्य अब समाप्त हो रहा है। दूसरी ओर, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के किसी भी समझौते के प्रस्ताव को सिरे से खारिज करते हुए अपनी नाकेबंदी की नीति को सही ठहराया है। ट्रंप का मानना है कि नौसैनिक घेराबंदी हवाई हमलों से कहीं अधिक प्रभावशाली है और इसने ईरान को आर्थिक रूप से बैकफुट पर धकेल दिया है। इस तनातनी ने पूरे क्षेत्र को बारूद के ढेर पर बैठा दिया है।
हाईवे पर पलटी बस, बोलीविया में 9 लोगों की दर्दनाक मौत, 22 जख्मी
30 Apr, 2026 10:04 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ला पाज़। दुनियाभर में सड़क दुर्घटनाओं के बढ़ते ग्राफ ने सुरक्षा दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी कड़ी में दक्षिण अमेरिकी देश बोलीविया से एक विचलित कर देने वाली खबर सामने आई है, जहाँ बुधवार को एक यात्री बस के दुर्घटनाग्रस्त होने से कोहराम मच गया। यह भीषण हादसा पिसिगा-ओरुरो अंतर्राष्ट्रीय राजमार्ग पर विला चालाकोलो कस्बे के पास हुआ। यह मार्ग बोलीविया और चिली को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण व्यापारिक और यात्रा गलियारा है, जहाँ यात्रियों से खचाखच भरी एक तेज रफ्तार बस अनियंत्रित होकर पलट गई।
हादसे में 9 यात्रियों की मौत, कई की हालत नाजुक
इस दर्दनाक सड़क दुर्घटना में अब तक 9 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर और पलटने की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कई यात्रियों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया, जबकि कुछ अन्य की मौत अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में हो गई। जान गंवाने वालों के अलावा, इस हादसे में 22 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सभी घायलों को तत्काल समीपवर्ती चिकित्सा केंद्रों में भर्ती कराया गया है, जहाँ डॉक्टरों के अनुसार कई पीड़ितों की स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है, जिससे मृतक संख्या बढ़ने की आशंका है।
जांच के घेरे में ड्राइवर: शराब नहीं, थकान हो सकती है वजह
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और बचाव दलों ने मोर्चा संभाला और मामले की तकनीकी जांच शुरू कर दी है। शुरुआती पड़ताल में पुलिस का मानना है कि दुर्घटना का संभावित कारण बस की अत्यधिक गति (ओवरस्पीडिंग) या चालक को नींद की झपकी आना हो सकता है। अधिकारियों ने बताया कि 24 वर्षीय बस चालक को हिरासत में लेकर उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया है, जिसकी रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हुई है कि वह शराब के नशे में नहीं था। फिलहाल, पुलिस इस पहलू पर गौर कर रही है कि क्या लंबी दूरी की थकान या मानवीय चूक इस त्रासदी की मुख्य वजह रही।
असुरक्षित सफर और नियमों की अनदेखी
बोलीविया का यह हादसा एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर करता है। हर साल हजारों लोग सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवा देते हैं, जिसका बड़ा कारण यातायात नियमों का पालन न करना और लंबी दूरी के सफर में ड्राइवरों पर काम का अतिरिक्त दबाव होता है। प्रशासन ने फिलहाल दुर्घटनाग्रस्त बस को हाईवे से हटाकर यातायात बहाल कर दिया है, लेकिन इस घटना ने स्थानीय यात्रियों और प्रशासन के बीच सुरक्षा इंतजामों को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।
ईरान युद्ध का असर: पाकिस्तान की टूटी कमर, शहबाज शरीफ ने बयां किया दर्द
30 Apr, 2026 09:58 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद। पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच गहराते सैन्य तनाव ने पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान की आर्थिक स्थिरता को हिलाकर रख दिया है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हालिया कैबिनेट बैठक में इस संकट पर चिंता जताते हुए स्वीकार किया कि मौजूदा संघर्ष ने देश द्वारा पिछले दो वर्षों में बड़ी मशक्कत से हासिल की गई आर्थिक प्रगति को पटरी से उतार दिया है। प्रधानमंत्री के अनुसार, युद्ध की विभीषिका ने न केवल क्षेत्रीय शांति को भंग किया है, बल्कि पाकिस्तान के विकास कार्यों को भी भारी क्षति पहुँचाई है, जिसके चलते अब सरकार कूटनीतिक रास्तों के जरिए शांति बहाली को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बना रही है।
आसमान छूता तेल बिल और डगमगाती अर्थव्यवस्था
इस युद्ध का सबसे भयावह असर पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार और ऊर्जा क्षेत्र पर पड़ा है। प्रधानमंत्री शरीफ ने खुलासा किया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता के कारण देश का साप्ताहिक तेल आयात बिल 300 मिलियन डॉलर के सामान्य स्तर से उछलकर अब 800 मिलियन डॉलर के खतरनाक स्तर तक पहुँच गया है। खर्च में हुई इस बेतहाशा बढ़ोतरी ने अर्थव्यवस्था पर असहनीय बोझ डाल दिया है, जिसका असर घरेलू खपत पर भी दिखने लगा है। चालू सप्ताह के दौरान पेट्रोलियम उत्पादों की मांग में आई बड़ी गिरावट स्पष्ट रूप से औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों में छाई सुस्ती की ओर इशारा कर रही है। हालात की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने एक विशेष टास्क फोर्स तैनात की है, जो हर दिन बदलती स्थितियों का विश्लेषण कर बचाव के उपाय तलाश रही है।
शांति की पहल: इस्लामाबाद में ऐतिहासिक कूटनीतिक प्रयास
इन विपरीत परिस्थितियों के बीच पाकिस्तान ने एक कुशल मध्यस्थ की भूमिका निभाते हुए दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। 11 अप्रैल को इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों के बीच चली 21 घंटे की मैराथन बैठक को प्रधानमंत्री ने एक मील का पत्थर करार दिया है। इस महत्वपूर्ण वार्ता को सफल बनाने में सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और विदेश मंत्री इशाक डार ने पर्दे के पीछे से बड़ी भूमिका निभाई, जिसके सुखद परिणाम स्वरूप दोनों महाशक्तियों के बीच संघर्ष विराम की अवधि को आगे बढ़ाना संभव हो पाया। यह बातचीत न केवल पाकिस्तान की कूटनीतिक परिपक्वता को दर्शाती है, बल्कि युद्ध को टालने की दिशा में एक बड़ी वैश्विक उम्मीद बनकर उभरी है।
दूसरे दौर की वार्ता और भविष्य की रणनीतिक योजना
शांति प्रयासों की इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए पाकिस्तान अब दोनों प्रतिद्वंद्वी देशों के बीच दूसरे चरण की प्रत्यक्ष बातचीत की मेजबानी करने की तैयारी कर रहा है। हाल ही में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के पाकिस्तान दौरे ने इन उम्मीदों को और बल दिया है, जहाँ उन्होंने पाकिस्तानी नेतृत्व को सकारात्मक सहयोग का भरोसा दिलाया है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने विश्वास व्यक्त किया है कि ईरान के शीर्ष नेतृत्व से चर्चा के बाद कूटनीतिक बातचीत का यह सिलसिला एक स्थायी समाधान की ओर बढ़ेगा। पाकिस्तान सरकार का मानना है कि यदि यह बातचीत सफल रहती है, तो न केवल क्षेत्र में शांति लौटेगी, बल्कि युद्ध की मार झेल रही दक्षिण एशियाई अर्थव्यवस्थाओं को भी पुनः विकास के पथ पर लौटने का अवसर मिलेगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का नया बयान, होर्मुज स्ट्रेट को दिया अपना नाम
30 Apr, 2026 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर जारी इस तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का हालिया सोशल मीडिया पोस्ट अंतरराष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। अप्रैल 2026 के ताजा घटनाक्रम के अनुसार, ट्रंप ने न केवल इस महत्वपूर्ण जलमार्ग पर अमेरिकी नाकेबंदी को सख्त करने के संकेत दिए हैं, बल्कि इसे सांकेतिक रूप से 'स्ट्रेट ऑफ ट्रंप' (Strait of Trump) का नाम भी दे दिया है।
इस विवाद से जुड़ी मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
'स्ट्रेट ऑफ ट्रंप' का विवाद: हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक यूजर ने होर्मुज स्ट्रेट का नक्शा साझा करते हुए इसे 'स्ट्रेट ऑफ ट्रंप' लिखा। राष्ट्रपति ट्रंप ने इस पोस्ट को री-शेयर करते हुए अपनी सहमति दी। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य और आर्थिक तनातनी चरम पर है।
पुरानी टिप्पणी और 'फर्जी न्यूज़' का तंज: ट्रंप ने पिछले महीने (मार्च 2026) मियामी में आयोजित 'फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव (FII) प्रायोरिटी समिट' के दौरान भी अनजाने में होर्मुज को 'स्ट्रेट ऑफ ट्रंप' कह दिया था। बाद में उन्होंने मज़ाकिया लहजे में इसे सुधारते हुए कहा कि मीडिया इसे उनकी "गलती" बताएगा, जबकि उनके मुताबिक उनसे गलतियां बहुत कम होती हैं।
नाकेबंदी पर सख्त रुख: ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि ईरान के बंदरगाहों और होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी तब तक जारी रहेगी जब तक ईरान एक नए "परमाणु समझौते" (Non-nuclear deal) पर हस्ताक्षर नहीं कर देता। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह आर्थिक घेराबंदी बमबारी से अधिक प्रभावी है क्योंकि इससे ईरान की अर्थव्यवस्था "पतन की स्थिति" (State of collapse) में पहुँच गई है।
वैश्विक प्रभाव: इस नाकेबंदी के कारण दुनिया के तेल व्यापार का लगभग 20% हिस्सा प्रभावित हुआ है। कच्चे तेल की कीमतें $110 प्रति बैरल के पार पहुँच गई हैं, जिससे भारत और यूरोप जैसे तेल आयातक देशों में ईंधन की कीमतें बढ़ने का खतरा मंडरा रहा है।
ईरान ने इस नाकेबंदी को "समुद्री डकैती" करार दिया है और बदले में खुद भी इस मार्ग को बंद करने की चेतावनी दी है। ट्रंप का मानना है कि समय ईरान के पक्ष में नहीं है और वे "अधिकतम दबाव" की नीति के जरिए तेहरान को अपनी शर्तों पर समझौता करने के लिए मजबूर कर देंगे।
‘आप मेरी मां का क्रश’—ट्रंप के बयान पर किंग चार्ल्स हुए लाल
29 Apr, 2026 12:38 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन | अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ब्रिटेन के किंग चार्ल्स III की ऐतिहासिक मुलाकात के दौरान व्हाइट हाउस का माहौल उस वक्त हंसी-मजाक से भर गया, जब ट्रंप ने कूटनीतिक शिष्टाचार को दरकिनार कर एक बेहद निजी और दिलचस्प पारिवारिक किस्सा साझा किया।
"मेरी मां को आप पर क्रश था"
28 अप्रैल को आयोजित औपचारिक स्वागत समारोह के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने मुस्कुराते हुए खुलासा किया कि उनकी दिवंगत मां, मैरी ऐन मैकलॉड ट्रंप, अपनी युवावस्था के दौरान किंग चार्ल्स की बहुत बड़ी प्रशंसक थीं। ट्रंप ने कहा:
"मेरी मां स्कॉटलैंड से थीं और उन्हें ब्रिटिश राजघराने से बेहद लगाव था। वह हमेशा कहती थीं कि 'देखो, युवा चार्ल्स कितने क्यूट (Cute) हैं।' सच तो यह है कि उन्हें आप पर 'क्रश' हुआ करता था।"
यह सुनकर 77 वर्षीय किंग चार्ल्स अपनी हंसी नहीं रोक पाए। राष्ट्रपति ने आगे याद किया कि जब भी टीवी पर शाही परिवार का कोई कार्यक्रम आता था, तो उनकी मां सब काम छोड़कर स्क्रीन से चिपक जाती थीं और उन्हें भी बड़े गौर से देखने को कहती थीं।
कूटनीति और पुरानी दोस्ती का नया अध्याय
मजाक के साथ-साथ ट्रंप ने इस मुलाकात के रणनीतिक महत्व को भी रेखांकित किया:
स्कॉटिश कनेक्शन: ट्रंप ने अपनी मां की पृष्ठभूमि (स्कॉटलैंड का छोटा गांव) का जिक्र करते हुए बताया कि उनके परिवार में ब्रिटिश परंपराओं के प्रति हमेशा से गहरा सम्मान रहा है।
बदलता इतिहास: ट्रंप ने चुटकी लेते हुए कहा कि अगर अमेरिका के संस्थापक नेता आज किंग चार्ल्स और उन्हें एक साथ खड़े देखते, तो वे हैरान रह जाते कि 1776 की दुश्मनी अब इतनी गहरी दोस्ती में बदल चुकी है।
विरासत: मैरी ऐन मैकलॉड (1912-2000) 18 साल की उम्र में अमेरिका आई थीं। ट्रंप ने बताया कि उनके जीवन और विचारों पर उनकी मां का अटूट प्रभाव रहा है।
सोनीपत संकल्प पत्र जारी, आधुनिक सुविधाओं पर खास जोर
29 Apr, 2026 12:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सोनीपत (हरियाणा। भारतीय जनता पार्टी ने सोनीपत नगर निगम चुनाव के लिए अपना चुनावी घोषणापत्र यानी 'संकल्प पत्र' पेश कर दिया है। 'समर्पित सेवा-सशक्त सुशासन' के ध्येय वाक्य के साथ जारी इस संकल्प पत्र में शहर के कायाकल्प, आधुनिक सुविधाओं और जनता को राहत देने वाले कई महत्वपूर्ण वादे किए गए हैं।
बुनियादी ढांचा और जल प्रबंधन
शहर की पुरानी समस्याओं के समाधान के लिए भारी-भरकम बजट का प्रावधान किया गया है:
निकासी और सीवरेज: जलभराव की समस्या से निपटने के लिए 390 करोड़ रुपये की लागत से ड्रेनेज सिस्टम दुरुस्त किया जाएगा। गांव राठधना और देवडू में नए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाएंगे। साथ ही स्वच्छ पेयजल के लिए 50 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
सड़कें और पार्किंग: शहर की मुख्य सड़कों और ग्रीन बेल्ट के सुधार के लिए 190 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाने के लिए 80 करोड़ रुपये की लागत से मल्टी-लेवल पार्किंग बनाई जाएगी।
सुरक्षा और स्मार्ट तकनीक
CCTV और कमांड सेंटर: शहर की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए 200 करोड़ रुपये की लागत से 'इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर' बनाया जाएगा, जिससे पूरे शहर की सीसीटीवी के जरिए निगरानी होगी।
डिजिटल सेवाएं: भ्रष्टाचार पर लगाम और जनता की सुविधा के लिए प्रॉपर्टी टैक्स, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और नक्शा पास कराने जैसी सुविधाओं को पूरी तरह ऑनलाइन किया जाएगा।
खेल और सामुदायिक विकास
स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स: सेक्टर-4 के स्टेडियम में 50 करोड़ रुपये से नई सुविधाएं जोड़ी जाएंगी। इसके अतिरिक्त लहराडा और ऋषि कॉलोनी में नए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तैयार होंगे।
जनसुविधाएं: शहर में एक आधुनिक 520 सीटों वाला ऑडिटोरियम और सेक्टर-23 में नई डिस्पेंसरी का निर्माण प्रस्तावित है। ड्रेन नंबर 6 का सौंदर्यीकरण कर वहां शॉपिंग एरिया विकसित किया जाएगा।
महिलाओं और आम नागरिकों को विशेष राहत
पिंक टॉयलेट: महिलाओं की सुविधा के लिए विशेष 'पिंक टॉयलेट' बनाए जाएंगे, जिनमें नैपकिन वेंडिंग मशीन और फीडिंग रूम की व्यवस्था होगी।
टैक्स में छूट: महिलाओं के नाम पर पंजीकृत घरों के हाउस टैक्स में 25% की बड़ी छूट दी जाएगी।
मालिकाना हक: 20 वर्षों से अधिक समय से रह रहे परिवारों को उनके मकानों की रजिस्ट्री और वैध मालिकाना हक देने का वादा किया गया है।
जैविक खेती से एरिन भगत बनीं आत्मनिर्भर, प्राकृतिक कृषि से घटी खेती की लागत
अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस में भोपाल में "रन फॉर टाइगर का भव्य आयोजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवाड़ी के नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन का किया लोकार्पण
बिहान योजना से मिली नई पहचान, पोषण सखी बन महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की बनीं संरक्षक
एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत विद्यार्थियों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
निवाड़ी में विकास का नया अध्याय आरंभ हो रहा है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
