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तनाव के बीच ईरान का बयान: बातचीत हुई तो खुलेगा होर्मुज स्ट्रेट
29 Apr, 2026 11:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ईरान और अमेरिका के बीच जारी यह तनाव वर्तमान में वैश्विक अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz), जो दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग 20-30% नियंत्रित करता है, का बंद होना एक ऐसा दांव है जिसने पूरी दुनिया को संकट में डाल दिया है।
ईरान के डिप्टी रक्षा मंत्री रेज़ा तलाई निक का बयान इस गतिरोध को सुलझाने की दिशा में एक शर्त के रूप में आया है, लेकिन जमीनी हकीकत काफी जटिल है।
ईरान की 3 प्रमुख शर्तें और वर्तमान स्थिति
ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने और जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने के लिए जो शर्तें रखी हैं, वे मुख्य रूप से डोनाल्ड ट्रंप की 'अधिकतम दबाव' (Maximum Pressure) की नीति को चुनौती देती हैं:
अमेरिकी नाकेबंदी (Blockade) खत्म करना: ईरान चाहता है कि अमेरिका उसके बंदरगाहों और तेल निर्यात पर लगी सख्त पाबंदियों को तुरंत हटाए।
इज़रायल की सैन्य कार्रवाई पर रोक: लेबनान और क्षेत्रीय संघर्षों में इज़रायल के हमलों को रोकना ईरान की एक प्रमुख कूटनीतिक शर्त है।
परमाणु वार्ता को बाद के लिए टालना: ईरान का प्रस्ताव है कि पहले व्यापारिक रास्ते (Hormuz) और युद्ध विराम पर समझौता हो, जबकि परमाणु मुद्दों पर बातचीत बाद में की जाए।
डोनाल्ड ट्रंप का कड़ा रुख
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी शर्तों पर अडिग हैं। उनका तर्क है कि:
दबाव की नीति: ट्रंप का मानना है कि नाकेबंदी की वजह से ईरान की अर्थव्यवस्था "पतन की स्थिति" (State of Collapse) में है और यही समय है जब ईरान को बिना किसी रियायत के झुकने पर मजबूर किया जा सकता है।
कोई रियायत नहीं: ट्रंप प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वे तब तक नाकेबंदी नहीं हटाएंगे जब तक ईरान बिना शर्त होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोलता और अपनी परमाणु गतिविधियों पर स्थायी रोक नहीं लगाता।
आगे की राह?
वर्तमान में पाकिस्तान और कतर जैसे देश मध्यस्थता की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन दोनों पक्षों के बीच 'भरोसे की कमी' सबसे बड़ी बाधा है। जहाँ एक तरफ ईरान इसे अपनी संप्रभुता और "पायरेसी" (अमेरिका द्वारा टैंकरों को रोकना) के खिलाफ प्रतिरोध बता रहा है, वहीं ट्रंप इसे ईरान को पूरी तरह आत्मसमर्पण कराने के अवसर के रूप में देख रहे हैं।
ईरान का बड़ा दावा—माजिद टेक्नोलॉजी से F-15E जेट को किया ढेर
29 Apr, 2026 10:41 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेहरान | रक्षा जगत में इस वक्त सबसे बड़ी चर्चा का विषय अमेरिका के अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों का गिरना बना हुआ है। अमेरिकी दावे के उलट कि उसने ईरान के एयर डिफेंस को नष्ट कर दिया है, 3 अप्रैल की घटना ने पेंटागन को हिलाकर रख दिया है। पिछले दो दशकों में पहली बार किसी देश ने अमेरिकी एफ-15ई स्ट्राइक ईगल (F-15E Strike Eagle) को मार गिराने में सफलता पाई है।
'माजिद' सिस्टम: रडार की नजरों से ओझल मौत
विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान ने इस उपलब्धि के लिए पारंपरिक रडार तकनीक के बजाय 'माजिद' (Majid) नामक एक छोटे और गुप्त एयर डिफेंस सिस्टम का उपयोग किया है। इसकी सफलता के पीछे के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
रडार-रहित तकनीक: अमेरिकी विमानों के 'रडार वॉर्निंग रिसीवर' (RWR) केवल रडार तरंगों को पकड़ते हैं। चूंकि माजिद सिस्टम में रडार होता ही नहीं, इसलिए विमान के सेंसर किसी भी खतरे का सिग्नल नहीं दे पाए।
इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल और इन्फ्रारेड ट्रैकिंग: यह सिस्टम विमान के इंजन से निकलने वाली गर्मी (Heat) को ट्रैक करता है। इसमें लगे एडवांस सेंसर 15 किलोमीटर की दूरी से ही इंजन की तपिश पहचान लेते हैं।
एडी-08 (AD-08) मिसाइल: यह मिसाइल Mach 2 (ध्वनि से दोगुनी गति) की रफ्तार से सीधे इंजन पर सटीक निशाना साधती है।
रूस-यूक्रेन युद्ध में फिर गई भारतीय युवक की जान, गांव में मातम
29 Apr, 2026 10:29 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
फतेहाबाद। हरियाणा के गांव कुम्हारिया के लिए एक और बेहद दुखद खबर सामने आई है। बेहतर भविष्य के सपने लेकर रूस गए गांव के दूसरे युवक, विजय पूनिया की भी मौत की पुष्टि हो गई है। करीब 25 दिनों के लंबे इंतजार और अनिश्चितता के बाद यह सूचना मिलने से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। विजय का पार्थिव शरीर दिल्ली पहुंच चुका है और परिजन उसे लेने के लिए वहां गए हैं; दोपहर तक शव के गांव पहुंचने की संभावना है।
एजेंटों की ठगी और युद्ध का शिकार
विजय पूनिया जुलाई 2025 में बिजनेस वीजा पर रूस गया था। वहां नौकरी दिलाने का झांसा देकर एजेंटों ने उसे अपने जाल में फंसाया और जबरन रूसी सेना में भर्ती करा दिया। इसके बाद उसे यूक्रेन के साथ चल रहे भीषण युद्ध के मोर्चे पर भेज दिया गया। विजय के साथ गांव का ही एक अन्य युवक अंकित जांगड़ा भी ठगी का शिकार हुआ था, जिसका शव 4 अप्रैल को ही गांव लाया गया था।
"हमें बचा लो" – वह आखिरी संदेश
13 सितंबर 2025 को विजय और अंकित की अपने परिवारों से आखिरी बार बात हुई थी। उन्होंने एक वॉइस मैसेज भेजकर गुहार लगाई थी, "सुबह हमें युद्ध के मैदान में ले जाया जा रहा है, बचा सकते हो तो बचा लो।" उस संदेश के बाद से ही दोनों का परिवार से संपर्क टूट गया था। परिवार लगातार भारत सरकार से उनकी सुरक्षित वापसी की गुहार लगा रहा था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
विजय का परिवार पहले से ही कई संघर्षों से जूझ रहा था:
अकेला सहारा: विजय के पिता का कुछ वर्ष पूर्व निधन हो चुका है। अब परिवार में केवल उसकी वृद्ध मां माया और छोटा भाई सुनील बचे हैं।
कर्ज का बोझ: परिवार ने जमीन और गहने गिरवी रखकर या लोन लेकर विजय को विदेश भेजा था, ताकि घर की आर्थिक स्थिति सुधर सके।
डीएनए जांच: विजय की पहचान सुनिश्चित करने के लिए करीब दो माह पहले उसका डीएनए सैंपल मंगवाया गया था, जिसके बाद अब उसकी मौत की आधिकारिक पुष्टि हुई है।
विदेश जाने का घटनाक्रम
विजय पहली बार जुलाई 2024 में स्टडी वीजा पर रूस गया था, लेकिन वीजा न बढ़ने के कारण वापस आ गया। फिर अक्टूबर 2024 में गया और मार्च में वापस लौटा। अंततः 15 जुलाई 2025 को वह एक साल के बिजनेस वीजा पर दोबारा रूस गया, जो उसके जीवन का आखिरी सफर साबित हुआ।
स्वच्छता पर सख्ती, आज अधिकारियों के साथ होगी बड़ी समीक्षा बैठक
29 Apr, 2026 09:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। हरियाणा के सरकारी स्कूलों में साफ-सफाई और स्वच्छता के मानकों को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा निदेशालय ने आज, 29 अप्रैल को एक महत्वपूर्ण राज्यस्तरीय ऑनलाइन समीक्षा बैठक आयोजित की है। सुबह 11 बजे शुरू हुई इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में प्रदेश के सभी 14,268 सरकारी स्कूलों की स्वच्छता व्यवस्था पर मंथन किया जा रहा है।
'स्वच्छ प्रांगण योजना' पर मुख्य फोकस
बैठक में 'स्वच्छ प्रांगण योजना' को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया जा रहा है। इसके तहत शिक्षा विभाग के आला अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी (DEO), जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी (DEEO) और खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) को कड़े निर्देश दिए गए हैं।
समीक्षा के मुख्य बिंदु:
बुनियादी सुविधाएं: स्कूलों में शौचालयों की नियमित सफाई और रखरखाव की स्थिति।
पेयजल व्यवस्था: छात्रों के लिए उपलब्ध पीने के साफ पानी की गुणवत्ता और व्यवस्था।
परिसर स्वच्छता: स्कूल के खेल मैदान और कमरों की साफ-सफाई।
निरीक्षण और जवाबदेही: स्वच्छता बनाए रखने की जिम्मेदारी सीधे तौर पर स्कूल प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की होगी।
मॉनिटरिंग का द्वि-स्तरीय ढांचा
शिक्षा निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि केवल निर्देश देना काफी नहीं है, बल्कि इसकी सघन निगरानी भी की जाएगी:
स्थानीय स्तर: जिला और ब्लॉक स्तर के अधिकारी स्कूलों का नियमित औचक निरीक्षण करेंगे।
राज्य स्तर: मुख्यालय स्तर पर हर महीने प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा (मासिक मॉनिटरिंग) की जाएगी।
उद्देश्य: बेहतर शैक्षणिक माहौल
इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों में शिक्षा का ऐसा वातावरण तैयार करना है जो स्वच्छ और सुरक्षित हो। विभाग का मानना है कि बेहतर स्वच्छता मानकों से न केवल बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार होगा, बल्कि उनकी उपस्थिति भी बढ़ेगी और अंततः शिक्षा की गुणवत्ता में सकारात्मक बदलाव आएगा।
अपने ही जाल में अमेरिका? ईरान तनाव पर जेडी वेंस की चिंता
29 Apr, 2026 09:42 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन | ईरान के साथ जारी सैन्य संघर्ष के बीच अमेरिकी सरकार के भीतर एक बड़ा रणनीतिक संकट गहरा गया है। इस विवाद के केंद्र में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और पेंटागन के बीच बढ़ता अविश्वास है। वेंस ने आशंका जताई है कि रक्षा मंत्रालय हथियारों की वास्तविक कमी को लेकर सरकार को अंधेरे में रख रहा है।
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की मुख्य चिंताएं
रिपोर्ट्स के अनुसार, जेडी वेंस ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ एक गोपनीय बैठक में पेंटागन की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाए हैं:
घटता जखीरा: सैन्य आकलनों से संकेत मिले हैं कि अमेरिका ने अपने मिसाइल इंटरसेप्टर और लंबी दूरी की घातक मिसाइलों का 50% से अधिक भंडार पहले ही खर्च कर दिया है।
वैश्विक साख पर खतरा: वेंस का मानना है कि यदि हथियारों का यही हाल रहा, तो ताइवान, दक्षिण कोरिया या यूरोप में किसी नए संकट की स्थिति में अमेरिका असहाय हो जाएगा।
पेंटागन बनाम हकीकत: जहाँ रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ अमेरिकी सैन्य क्षमता को 'मजबूत' बता रहे हैं, वहीं खुफिया रिपोर्टें इसके ठीक उलट इशारा कर रही हैं।
शांति प्रस्ताव पर अटका मामला, ईरान बोला—अभी और समय चाहिए
29 Apr, 2026 08:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेहरान। वेस्ट एशिया में युद्ध की आहट भले ही कुछ धीमी पड़ती नजर आ रही हो, लेकिन जमीनी स्तर पर तनाव अब भी चरम पर है। ईरान और अमेरिका के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर एक बार फिर अनिश्चितता की स्थिति बन गई है। तेहरान ने स्पष्ट संकेत दिया है कि संशोधित शांति प्रस्ताव पेश करने से पहले उसे और अधिक समय की आवश्यकता है, क्योंकि इस पर अंतिम मुहर ईरान के सुप्रीम लीडर द्वारा लगाई जानी है। इस देरी ने कूटनीतिक समाधान की प्रक्रिया को फिलहाल सुस्त कर दिया है, हालांकि पर्दे के पीछे बातचीत का सिलसिला अब भी जारी है।
पाकिस्तान समेत अन्य मध्यस्थ देशों को उम्मीद थी कि ईरान जल्द ही नया प्रस्ताव साझा करेगा, लेकिन तेहरान ने आंतरिक विचार-विमर्श और रणनीतिक सुझावों का हवाला देते हुए मोहलत मांगी है। सूत्रों के अनुसार, विदेश मंत्री अब्बास अराघची रूस दौरे से लौटने के बाद वरिष्ठ नेताओं के साथ लगातार बैठकें कर रहे हैं। प्रस्ताव को स्वीकार्य बनाने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है, लेकिन सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की सुरक्षा और उनके साथ संपर्क की जटिलताओं के कारण प्रक्रिया में समय लग रहा है। इससे पहले ईरान के उस प्रस्ताव को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खारिज कर दिया था, जिसमें युद्ध समाप्ति के बाद परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा की शर्त रखी गई थी। अब तेहरान एक अधिक संतुलित और लचीला रुख अपनाने की कोशिश में जुटा है।
दूसरी ओर, डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर कड़ा रुख अपनाते हुए दावा किया है कि ईरान वर्तमान में गंभीर संकट के दौर से गुजर रहा है। अमेरिका फिलहाल सीधे सैन्य कार्रवाई के बजाय आर्थिक नाकेबंदी और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास दबाव बनाने की रणनीति पर काम कर रहा है। अमेरिकी प्रशासन का लक्ष्य ईरान को परमाणु मुद्दे पर झुकने के लिए मजबूर करना है। हालांकि, ईरानी सेना ने स्पष्ट किया है कि वे मौजूदा हालात को शांतिपूर्ण नहीं मानते और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अपने संसाधनों को फिर से मजबूत कर रहे हैं। क्षेत्रीय स्तर पर भी बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। संयुक्त अरब अमीरात ने करीब 60 साल बाद तेल उत्पादक संगठन ओपेक से अलग होने का ऐलान कर वैश्विक बाजार को चौंका दिया है। वहीं, समुद्र में अमेरिकी मरीन कॉर्प्स द्वारा संदिग्ध जहाजों की तलाशी और इजरायल द्वारा लेबनान में हिज़्बुल्लाह की सुरंगों को नष्ट करने के दावों ने माहौल को और गरमा दिया है। एक तरफ शांति की कूटनीति चल रही है, तो दूसरी तरफ सैन्य और आर्थिक दबाव का खेल भी पूरी तीव्रता से जारी है।
आतंकवाद पर भारत का सख्त स्टैंड, Rajnath Singh का पाकिस्तान को संदेश
28 Apr, 2026 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बीजिंग। बिश्केक (किर्गिस्तान) में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की रक्षा मंत्रियों की बैठक में भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आतंकवाद और वैश्विक सुरक्षा को लेकर बेहद आक्रामक और स्पष्ट रुख अपनाया। उन्होंने पाकिस्तान जैसे देशों का नाम लिए बिना सीमा-पार आतंकवाद और इसे संरक्षण देने वाली ताकतों को कड़ा संदेश दिया।
यहाँ रक्षा मंत्री के संबोधन के प्रमुख बिंदु दिए गए हैं:
आतंकवाद पर "जीरो टॉलरेंस" और दोहरे मानदंडों का विरोध
रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद किसी भी देश की संप्रभुता के लिए सबसे बड़ा खतरा है।
सख्त रुख: उन्होंने कहा कि आतंकवाद के मुद्दे पर "दोहरे मानदंड" (Double Standards) स्वीकार्य नहीं हैं।
जवाबदेही: SCO को उन देशों के खिलाफ कड़े कदम उठाने चाहिए जो आतंकवादियों को वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण या सुरक्षित पनाहगाह मुहैया कराते हैं।
ऑपरेशन सिंदूर: उन्होंने इस ऑपरेशन का उल्लेख करते हुए चेतावनी दी कि अब आतंकी ठिकाने सजा से बच नहीं पाएंगे। भारत ने यह साफ कर दिया है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।
मानवता के खिलाफ अपराध और 'तियानजिन घोषणा'
राजनाथ सिंह ने पिछले साल 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले को याद करते हुए इसे पूरी मानवता को झकझोर देने वाली घटना बताया।
उन्होंने 'तियानजिन घोषणा' का जिक्र किया, जो आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर "शून्य सहिष्णुता" (Zero Tolerance) की नीति का समर्थन करती है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आतंकवाद का कोई धर्म या राष्ट्रीयता नहीं होती और किसी भी शिकायत को निर्दोषों की हत्या का बहाना नहीं बनाया जा सकता।
बदलती वैश्विक व्यवस्था और गांधीवादी विचार
बढ़ते अंतरराष्ट्रीय तनाव और एकतरफावाद (Unilateralism) पर चिंता जताते हुए रक्षा मंत्री ने शांति का मार्ग सुझाया:
शांति की अपील: उन्होंने महात्मा गांधी के प्रसिद्ध कथन का हवाला दिया— "आंख के बदले आंख की सोच पूरी दुनिया को अंधा बना देती है।"
मानवीय दृष्टिकोण: उन्होंने कहा कि किसी भी संघर्ष या निर्णय का सबसे बुरा असर गरीब और जरूरतमंद लोगों पर पड़ता है, इसलिए शांति और आपसी सहमति ही एकमात्र रास्ता है।
SCO और भारत की प्रतिबद्धता
रक्षा मंत्री ने SCO के क्षेत्रीय आतंकवाद निरोधक ढांचे (RATS) की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत कट्टरपंथ, उग्रवाद और अलगाववाद को जड़ से खत्म करने के लिए संगठन के साथ पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
पाकिस्तान के हमले के बाद अफगानिस्तान में हड़कंप
28 Apr, 2026 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कुनार: अफगानिस्तान पर पाकिस्तानी हवाई हमला, विश्वविद्यालय और आवासीय क्षेत्रों को बनाया निशाना; 7 की मौत, 75 घायल
काबुल/कुनार: अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में पाकिस्तानी सैन्य बलों द्वारा किए गए हवाई हमलों ने क्षेत्र में भारी तबाही मचाई है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इन हमलों में अब तक कम से कम 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 75 से अधिक लोग घायल हैं। हमलों की तीव्रता को देखते हुए हताहतों की संख्या और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
आवासीय इलाकों और विश्वविद्यालय को बनाया निशाना
प्रांतीय राजधानी असदाबाद और सरकानो जिले सहित कई क्षेत्रों में सोमवार को बमबारी की गई। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, इन हमलों में न केवल रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया, बल्कि सैयद जमालुद्दीन अफगान विश्वविद्यालय परिसर पर भी मोर्टार और मिसाइलें दागी गईं।
तबाही का मंजर: विस्फोटों के बाद प्रभावित क्षेत्रों से काले धुएं के गुबार उठते देखे गए। हमलों के डर से सैकड़ों नागरिक अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने को मजबूर हो गए।
विश्वविद्यालय में दहशत: शैक्षणिक संस्थान पर हुए इस हमले में कम से कम 30 छात्र और प्रोफेसर घायल हुए हैं। परिसर की इमारतों को भी व्यापक नुकसान पहुँचा है।
अफगान सरकार ने जताया कड़ा विरोध
अफगानिस्तान के उच्च शिक्षा मंत्रालय ने इस सैन्य कार्रवाई की तीव्र निंदा की है। मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इसे "कायरतापूर्ण और क्रूर कृत्य" करार दिया है।
अंतरराष्ट्रीय सिद्धांतों का उल्लंघन: मंत्रालय के अनुसार, शैक्षणिक संस्थान पर हमला करना इस्लामी और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों के पूरी तरह खिलाफ है।
उच्च शिक्षा मंत्री का निर्देश: उच्च शिक्षा मंत्री शेख नेदा मोहम्मद नदीम ने अधिकारियों को घायलों के बेहतर उपचार के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय संगठनों से अपील की है कि वे इस हिंसा पर चुप्पी तोड़ें और कड़ी कार्रवाई करें।
अफगानिस्तान-पाकिस्तान संबंधों में बढ़ती कड़वाहट
बीते कुछ महीनों में अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमाई विवाद और कूटनीतिक तनाव चरम पर पहुँच गया है।
आरोप-प्रत्यारोप: दोनों देश एक-दूसरे पर अस्थिरता फैलाने और आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने का आरोप लगा रहे हैं।
विफल मध्यस्थता: स्थानीय स्तर पर शांति बहाली के प्रयास अब तक बेअसर रहे हैं। बार-बार हो रही गोलीबारी और हवाई हमलों ने सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले नागरिकों की सुरक्षा पर बड़ा संकट खड़ा कर दिया है।
कुनार प्रांत के सरकारी अस्पतालों में घायलों की भीड़ लगी है, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। बचाव दल मलबे में दबे लोगों की तलाश और राहत कार्य में जुटे हुए हैं।
अमेरिका में एक कार की कीमत में चीन में मिल रहीं 5 EV
28 Apr, 2026 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। चीन के इलेक्ट्रिक वाहन (EV) बाजार ने अपनी किफायती कीमतों से पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। एक हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, चीन में 25,000 डॉलर (लगभग 21 लाख रुपये) से कम कीमत वाले 200 से अधिक इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड मॉडल बिक्री के लिए उपलब्ध हैं।
क्या वाकई अमेरिका की एक कार की कीमत में चीन में कई EV आ सकती हैं?
जी हां, आंकड़ों का विश्लेषण बताता है कि अमेरिका में एक नई कार की जो औसत कीमत है, उतने बजट में चीन में कई इलेक्ट्रिक गाड़ियां एक साथ खरीदी जा सकती हैं। हालांकि, ये बेहद सस्ते मॉडल फिलहाल अमेरिकी या अन्य विदेशी बाजारों में उपलब्ध नहीं हैं और सुरक्षा मानकों या व्यापारिक नीतियों के कारण भविष्य में भी इनके वहां पहुंचने की उम्मीद कम है।
चीन की सबसे लोकप्रिय और किफायती इलेक्ट्रिक कारें
चीन के बाजार में कुछ ऐसे मॉडल हैं जो अपनी कम कीमत के कारण ग्राहकों की पहली पसंद बने हुए हैं:
Wuling Hongguang MiniEV: इसकी शुरुआती कीमत मात्र $6,560 (करीब 5.5 लाख रुपये) है। यह छोटी कार शहरी इलाकों में आवाजाही के लिए सबसे किफायती विकल्प मानी जाती है।
Geely EX2: इसकी कीमत $10,060 से शुरू होती है। यह एक कॉम्पैक्ट ईवी है जो अपने आधुनिक फीचर्स के लिए मशहूर है।
BYD Seagull: इसकी कीमत $10,200 के आसपास है। आकर्षक डिजाइन और शानदार रेंज की वजह से इसने बाजार में सनसनी फैला दी है।
BYD के अन्य मॉडल: इसमें Yuan UP ($10,945) और Qin Plus DM ($11,675) जैसे मॉडल भी शामिल हैं।
BYD का एकछत्र राज
इलेक्ट्रिक वाहनों के मामले में BYD चीन की सबसे बड़ी कंपनी बनकर उभरी है। कंपनी के तीन प्रमुख मॉडल, जिनकी कीमत 12,000 डॉलर से कम है, उन्होंने पिछले एक साल में 7 लाख से ज्यादा गाड़ियां बेची हैं। विशेष रूप से 'सीगल' मॉडल ने अपनी परफॉर्मेंस और कम दाम से वैश्विक विश्लेषकों को भी चौंका दिया है।
बजट कारों में भी मिलते हैं हाई-टेक फीचर्स
कम कीमत होने के बावजूद चीन की इन इलेक्ट्रिक कारों में फीचर्स से कोई समझौता नहीं किया गया है। इनमें शामिल हैं:
बड़ा इंफोटेनमेंट टचस्क्रीन।
फास्ट चार्जिंग और बेहतर बैटरी बैकअप।
ड्राइविंग असिस्ट सिस्टम और ऑटोमैटिक लेन चेंज।
उन्नत कनेक्टिविटी फीचर्स।
वैश्विक बाजार और भारत पर प्रभाव
चीन की इन सस्ती कारों की बढ़ती पहुंच वैश्विक ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए एक बड़ी चुनौती पेश कर रही है।
प्रतिस्पर्धा: यदि ये किफायती वाहन अन्य देशों के बाजारों में प्रवेश करते हैं, तो स्थानीय कंपनियों पर कीमतें घटाने का भारी दबाव होगा।
बदलाव का संकेत: यह ट्रेंड स्पष्ट करता है कि भविष्य में इलेक्ट्रिक गाड़ियां न केवल तकनीक में उन्नत होंगी, बल्कि आम आदमी की जेब के दायरे में भी होंगी।
Imran Khan की चौथी आंखों की सर्जरी, रोशनी को लेकर बढ़ी चिंता
28 Apr, 2026 03:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद: अडियाला जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को मंगलवार सुबह इस्लामाबाद के पाकिस्तान आयुर्विज्ञान संस्थान (PIMS) लाया गया, जहाँ उनकी आंखों की एक और प्रक्रिया (प्रोसीजर) संपन्न हुई।
प्रमुख बिंदु:
चौथा इंजेक्शन: 74 वर्षीय इमरान खान को उनकी दाहिनी आंख में चौथा इंट्राविट्रियल एंटी-वेईजीएफ (Anti-VEGF) इंजेक्शन दिया गया है।
बीमारी: उन्हें सीआरवीओ (Central Retinal Vein Occlusion) नाम की गंभीर बीमारी है, जिसके कारण उनकी आंखों की रोशनी पर खतरा बना हुआ है।
स्वास्थ्य स्थिति: डॉक्टरों के अनुसार, पिछले इंजेक्शनों के बाद उनकी स्थिति में सुधार देखा गया है और वर्तमान में उनकी हालत स्थिर है। इंजेक्शन देने के बाद उन्हें वापस जेल भेज दिया गया है।
इलाज का घटनाक्रम
इमरान खान की इस बीमारी का पता जनवरी 2026 में चला था। तब से उनके इलाज का सिलसिला कुछ इस प्रकार रहा है:
प्रथम इंजेक्शन: 24 जनवरी 2026
द्वितीय इंजेक्शन: 24 फरवरी 2026
तृतीय इंजेक्शन: 23 मार्च 2026
चतुर्थ इंजेक्शन: 28 अप्रैल 2026
पीटीआई और परिवार की चिंताएँ
पीटीआई के अध्यक्ष बैरिस्टर गोहर अली खान ने इस मेडिकल चेकअप की पुष्टि की है, लेकिन साथ ही सरकार पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं:
निजी डॉक्टरों की मांग: पार्टी का कहना है कि इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को शिफा इंटरनेशनल अस्पताल जैसे निजी संस्थान में शिफ्ट किया जाना चाहिए, जहाँ उनके पारिवारिक डॉक्टर उनकी देखरेख कर सकें।
पारदर्शिता का अभाव: विपक्ष का आरोप है कि जेल प्रशासन और सरकार खान के स्वास्थ्य से जुड़ी पूरी जानकारी साझा नहीं कर रहे हैं।
बुशरा बीबी की स्थिति
गौरतलब है कि इमरान खान की पत्नी बुशरा बीबी भी आंखों की समस्या से जूझ रही हैं। हाल ही में (21 अप्रैल के आसपास) रावलपिंडी के एक अस्पताल में उनकी 'रेटिनल डिटैचमेंट' के लिए सर्जरी हुई थी। फिलहाल, दोनों पति-पत्नी रावलपिंडी की अडियाला जेल में अपनी सजा काट रहे हैं।
आरोपियों के पास से विदेशी मार्का पिस्टल बरामद
28 Apr, 2026 01:48 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा। एसटीएफ (STF) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात गैंगस्टर रोहित गोदारा गिरोह के दो शार्प शूटरों को सोमवार को हथियारों के साथ गिरफ्तार किया है। ये दोनों अपराधी किसी बड़ी सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे और अंबाला कैंट की शास्त्री कॉलोनी के पास नेशनल हाईवे-44 पर अपने अगले निर्देशों का इंतजार कर रहे थे।
विदेशी हथियार और कारतूस बरामद
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों की तलाशी ली, जिसमें उनके पास से घातक हथियार बरामद हुए हैं:
बरामदगी: एक विदेशी मार्का वाली देशी पिस्टल, दो मैगजीन और पांच जिंदा कारतूस।
पहचान: पकड़े गए शूटरों की पहचान आगरा निवासी भूपेंद्र सिंह उर्फ थापा और राजस्थान के भरतपुर निवासी नितिन उर्फ जट्टा के रूप में हुई है।
गैंगस्टर रोहित गोदारा से संबंध और साजिश
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं:
निर्देश: आरोपियों ने बताया कि उन्हें गैंगस्टर रोहित गोदारा और उसके करीबी साथियों—जेपी (कानेर), देवेंद्र (जयपुर) और वीरेंद्र चारण ने हथियार मुहैया करवाकर अंबाला भेजा था।
टारगेट किलिंग की तैयारी: शूटरों को आदेश दिया गया था कि अंबाला पहुँचने के बाद उन्हें उनके 'टारगेट' (निशाने) की जानकारी दी जाएगी। एसटीएफ की सतर्कता से समय रहते एक बड़ी 'टारगेट किलिंग' की साजिश को नाकाम कर दिया गया है।
पुलिस की आगामी कार्रवाई
पड़ाव थाना पुलिस ने पकड़े गए अपराधियों के खिलाफ संगठित अपराध से जुड़ी नई धाराओं 111(2), 111(3), 111(4) और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
रिमांड की तैयारी: पुलिस मंगलवार को दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर उनकी रिमांड मांगेगी।
जांच के मुख्य बिंदु: रिमांड के दौरान पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि अंबाला में इनका असली निशाना कौन था और शहर में इन्हें रसद, रुकने का ठिकाना और सूचनाएं कौन उपलब्ध करवा रहा था।
ट्रंप की ईरान को धमकी: 3 दिन में समझौता नहीं हुआ तो तेल पाइपलाइनों को तबाह कर देंगे
28 Apr, 2026 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बेहद सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि अगले तीन दिनों के भीतर ईरान परमाणु और क्षेत्रीय मुद्दों पर समझौता नहीं करता है, तो उसकी तेल पाइपलाइनों को भीषण विस्फोटों के जरिए नष्ट कर दिया जाएगा। ट्रंप का यह कड़ा बयान ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची की रूस यात्रा के बीच आया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में खलबली मच गई है।
एक अंतरराष्ट्रीय चैनल को दिए साक्षात्कार में ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा कि अमेरिका की सख्त नाकेबंदी के कारण ईरान पहले ही जहाजों के जरिए तेल निर्यात करने में असमर्थ है। अब यदि पाइपलाइन नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया गया, तो ईरान का तेल निर्यात पूरी तरह ठप हो जाएगा और वह अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल बेचने के लायक भी नहीं बचेगा। ट्रंप ने धमकी दी कि पाइपलाइनों को इस तरह तबाह किया जाएगा कि ईरान उन्हें दोबारा बनाने की स्थिति में नहीं रहेगा। तनाव की ताजा कड़ी ईरान के विदेश मंत्री अराघची का रूस दौरा है। इससे पहले वे अमेरिका के साथ अप्रत्यक्ष वार्ता की उम्मीद में पाकिस्तान गए थे, लेकिन ट्रंप ने अपना प्रतिनिधिमंडल वहां भेजने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद अराघची ओमान और फिर रूस की यात्रा पर निकल गए, जहां वे राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात कर वार्ता की रूपरेखा पर चर्चा करेंगे। ट्रंप ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनकी टीम अब पाकिस्तान नहीं जाएगी, अब जो भी बातचीत होगी, वह केवल फोन पर होगी। ईरान ने हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप को एक लिखित प्रस्ताव भी भेजा था, जिसे राष्ट्रपति ने तुरंत खारिज कर दिया। हालांकि, ट्रंप ने दावा किया कि पहले प्रस्ताव के मुकाबले ईरान ने अब एक दूसरा, बेहतर प्रस्ताव भेजा है। उन्होंने कहा कि वार्ता के लिए इधर-उधर सफर करने की जरूरत नहीं है, ईरान जब चाहे उन्हें फोन कर सकता है। दूसरी ओर, ईरान का कहना है कि वे मॉस्को में रूस के साथ मिलकर युद्ध समाप्त करने और शांति बहाली के ढांचे पर चर्चा करेंगे। 11 और 12 अप्रैल को हुई शांति वार्ता के पहले दौर की विफलता के बाद अब वैश्विक नजरें ट्रंप की तीन दिन की समय सीमा और रूस-ईरान की अगली रणनीतिक चाल पर टिकी हैं।
तापमान में लगातार बढ़ोतरी, लू जैसे हालात बनने लगे
28 Apr, 2026 11:01 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा में मौसम का मिजाज बदला: भीषण गर्मी के बीच धूल भरी आंधी और बूंदाबांदी से राहत
हरियाणा के विभिन्न हिस्सों में सोमवार को सूर्य के तीखे तेवरों ने जनजीवन को बेहाल कर दिया, लेकिन शाम होते-होते मौसम ने करवट बदली। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से कई जिलों में धूल भरी आंधी के साथ हल्की वर्षा दर्ज की गई, जिससे तापमान में गिरावट आने की संभावना जगी है।
गर्मी का रिकॉर्ड और जिलों का तापमान
सोमवार को प्रदेश का सबसे गर्म जिला फरीदाबाद रहा। राज्य के प्रमुख शहरों का अधिकतम तापमान कुछ इस प्रकार दर्ज किया गया:
शहर
अधिकतम तापमान (°C)
फरीदाबाद
44.4
रोहतक
44.2
महेंद्रगढ़
43.5
हिसार
43.4
जींद
43.1
गुरुग्राम
43.0
हिसार में न्यूनतम तापमान 22.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
शाम को मौसम में अचानक बदलाव
शाम 7 बजे के बाद प्रदेश के कई जिलों में धूल का गुबार छा गया। भिवानी, हिसार, रेवाड़ी, चरखी-दादरी और महेंद्रगढ़ में तेज हवाओं के साथ धूल भरी आंधी चली। सिरसा, फतेहाबाद और आसपास के क्षेत्रों में भी इसी तरह का मौसम देखने को मिला, जबकि कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी ने गर्मी से आंशिक राहत दी।
अगले तीन दिनों का पूर्वानुमान
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार, आने वाले दिनों में राहत जारी रहने की उम्मीद है:
तारीख: 28, 29 और 30 अप्रैल को मौसम परिवर्तनशील रहेगा।
हवा की गति: प्रदेश में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार हैं।
तापमान में गिरावट: आंधी और संभावित बारिश के चलते अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आ सकती है।
इजराइल की जनता भड़की: चुनाव से पहले नेतन्याहु पर दबाव
28 Apr, 2026 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
यरुशलम। इजराइल में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहु के खिलाफ जनाक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। बढ़ती सुरक्षा की चिंता और लंबे खिंचती युद्ध की स्थिति के साथ ही आंतरिक राजनीतिक संकट को लेकर बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। अक्टूबर में संभावित चुनावों को देखते हुए ये विरोध प्रदर्शन राजनीतिक रूप से बेहद अहम माने जा रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हाल के महीनों में हिज़्बुल्लाह और ईरान समर्थित समूहों के साथ बढ़ते तनाव ने देश की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। हालिया संघर्षों में हुई जनहानि और बुनियादी ढांचे को पहुंचे नुकसान ने सरकार की आलोचना को और तेज कर दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि सीमावर्ती और ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार के खिलाफ असंतोष अधिक गहरा गया है। इसी बीच, नेतन्याहु की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। प्रोस्टेट कैंसर से जुड़ी खबरों ने राजनीतिक माहौल को प्रभावित किया है। हालांकि सरकार की ओर से इसे निजी मामला बताया जा रहा है, लेकिन जनता के एक वर्ग में उनके नेतृत्व को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
इसके अलावा, इजराइली न्यायपालिका में लंबित भ्रष्टाचार मामलों ने भी प्रधानमंत्री की छवि को प्रभावित किया है। विपक्ष इन मुद्दों को चुनावी अभियान में प्रमुखता से उठा रहा है, जिससे राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सुरक्षा स्थिति और राजनीतिक अस्थिरता इसी तरह बनी रहती है, तो आगामी चुनावों में सत्ता परिवर्तन की संभावना बढ़ सकती है। आने वाले महीनों में इजराइल की राजनीति और क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
अब टेक्सास में अंधाधुंध फायरिंग, 2 की मौत, हमलावर गंभीर रुप से घायल
28 Apr, 2026 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मिडलैंड। अमेरिका के टेक्सास प्रांत के मिडलैंड शहर में रविवार तड़के एक बार के बाहर हुई गोलीबारी की दो घटनाओं ने सनसनी फैला दी। यह घटना सुबह की है, जब ट्रेडविंड्स और ड्यूविले बुलेवार्ड के पास स्थित एक बार के बाहर अचानक गोलियों की आवाज गूंज उठी। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अब उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी गई है।जानकारी के अनुसार, घटना के समय कुछ ऑफ-ड्यूटी पुलिसकर्मी उसी बार में तैनात थे। जैसे ही उन्होंने पास में फायरिंग की आवाज सुनी, वे तुरंत मौके पर पहुंचे। वहां उनका सामना एक हथियारबंद व्यक्ति से हुआ। पुलिसकर्मियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संदिग्ध पर गोलियां चलाईं, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया। संदिग्ध को तुरंत मिडलैंड मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। बताया जा रहा है कि इस गोलीबारी में दो लोगों की मौत हुई है।
जांच में यह बात सामने आई है कि पुलिस मुठभेड़ से ठीक पहले बार के सामने सड़क के दूसरी ओर कुछ लोगों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। झगड़ा इतना बढ़ गया कि संदिग्ध ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस प्रारंभिक गोलीबारी में दो अन्य लोग भी घायल हुए थे, जिन्हें निजी वाहन से अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन दोनों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। वर्तमान में इस पूरी घटना की कमान टेक्सास रेंजर्स ने संभाल ली है। वे विशेष रूप से पुलिस द्वारा की गई जवाबी फायरिंग के पहलुओं की जांच कर रहे हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि वे घटना के हर संभावित कोण को खंगाल रहे हैं और विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही आगे के तथ्यों का खुलासा किया जाएगा। फिलहाल क्षेत्र में शांति है, लेकिन एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और पुलिस बल लगातार गश्त कर रहा है। मामले की तहकीकात जारी है।
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