अमेरिका ने ईरान के बंदर अब्बास, कोनार्क पोर्ट को किया तबाह, सैटेलाइट तस्वीरें सामने आई
तेहरान। अमेरिका ने ईरानी नेवी के दो सबसे अहम बंदर अब्बास नेवल बेस और कोनार्क नेवल बेस पर भीषण हमले किए। अमेरिका और इजराइली हमले के बाद इन दोनों नेवल बेस को लेकर कई सैटेलाइट तस्वीरें सामने आई हैं। इन तस्वीरों में बंदर अब्बास नेवल बेस पर तैनात मकरान सी बेस-टाइप जहाज में आग लगी हुई दिख रही है। ईरानी नौसेना का मुख्य हेडक्वार्टर होने के अलावा बंदर अब्बास ईरान के होर्मुज स्ट्रेट को कंट्रोल करने के मकसद से बनाया गया नौसेना बेस है। ट्रंप ने कहा है कि ईरान की नौसेना फोर्स को खत्म करना अमेरिकी अधिकारियों का मुख्य मकसद है। अमेरिका ने अभी तक 10 ईरानी जहाजों को खत्म करने की बात कही है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक तस्वीरों में रात में ली गई बंदर अब्बास नेवस बेस की स्थिति का पता चलता है। इस बेस पर ईरानी नेवी का मुख्य हेडक्वार्टर और इसके कई सबसे काबिल जहाज और सबमरीन तैनात रहते हैं। तस्वीरों में नेवल बेस के ज्यादातर हस्से में घना काला धुआं देखा जा सकता है। एक जगह पर धुएं का गुबार उठ रहा है। फैसेलिटी के कई हिस्सों पर हमले का असर देखा जा सकता है। तस्वीरों के आकलन से पता चलता है कि फ्लोटिंग डॉक को गंभीर नुकसान पहुंचा है, पेट्रोल बोट डैमेज हो चुके हैं, बिल्डिंग पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है।
सोमवार की इमेज और पहले की तस्वीरों की तुलना करने पर लगता है कि एक और शायद दो फ्रिगेट साइज के वॉरशिप पर भी हमला हुआ है। ये साफ तौर पर पोर्ट पर सबसे कीमती टारगेट में से एक है। पोर्ट में जो एक किलो क्लास पनडुब्बी और छोटी पनडुब्बी है, उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचा। कुछ और सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि ईरानी नौसना के कई और मुख्य युद्धपोत शायद तबाह हो गये या उन्हें गंभीर नुकसान पहुंचा हैं। बता दें बंदर अब्बास पोर्ट ईरान के होर्मोज़्गन प्रांत की राजधानी बंदर अब्बास में है और हॉर्मुज जलडमरूमध्य बिल्कुल पास स्थित है।
तस्वीरों से पता चलता है कि ईरान के दक्षिण-पूर्वी सिरे के पास कोनार्क में पोर्ट पर हमलों की रिपोर्ट है। दूसरी सैटेलाइट इमेज से पता चलता है कि उस जगह पर कई जंगी जहाज नष्ट हो गए और या डैमेज हुए हैं, जिसके बारे में पहले अंदाजा लगाया जा रहा था कि ये अलवंद क्लास का फ्रिगेट है। बाद में यूएस सेंट्रल कमांड ने बाद में उस जहाज की पहचान मौज क्लास के वॉरशिप के तौर पर की थी जिसे कभी-कभी जमरान क्लास भी कहा जाता है, जो अलवंद क्लास से लिया गया है। कोनार्क पोर्ट, ईरान के सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत में स्थित है। यह प्रसिद्ध चाबहार बंदरगाह के ठीक बगल में स्थित है।
रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने जवाबी कार्रवाई में दुनिया के सबसे अहम जलमार्गों में से एक हॉर्मुज स्ट्रेट को बंद करने का दावा किया है। इससे तेल की कीमतों में इजाफा शुरू हो गया है। पेंटागन ने अभी तक 6 अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने की पुष्टि की है। 18 घायल हैं। इजराइल में अभी तक 12 लोगों की मौत की जानकारी दी गई है। खामेनेई की मौत के बाद ईरान में सरकार चलाने के लिए अंतरिम शासी परिषद का गठन किया गया है। ईरान ने खाड़ी के कई देशों जैसे सऊदी अरब, कतर, बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात और कुवैत जैसे देशों पर भीषण हमले किए हैं। अमेरिका के बी-2 बॉम्बर्स ने ईरान के अंडरग्राउंड परमाणु केन्द्रों और मिसाइल भंडारण सुविधाओं पर हमले किए हैं। ईरान के रेड क्रेसेंट ने ईरान में मरने वालों का आंकड़ा 600 से ज्यादा पहुंचने की जानकारी दी है। इनमें बड़ी संख्या में सैनिक और आम नागरिक हैं। ट्रंप और अमेरिका के युद्ध मंत्री ने कहा है कि युद्ध 4-5 हफ्ते या उससे भी ज्यादा दिनों तक चल सकता है। ट्रंप ने ईरान में सैनिकों को उतारने की संभावना से भी इनकार नहीं किया है।
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