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क्या तीसरी बार राष्ट्रपति बनना चाहते हैं डोनाल्ड ट्रंप, उन्हें ने कहा.....
29 Jan, 2025 12:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दूसरी बार राष्ट्रपति बनने के बाद डोनाल्ड ट्रंप कई ऐसे अहम फैसले ले चुके हैं। अमेरिका को फिर से 'महान' बनाने वाले ट्रंप तीसरे बार भी राष्ट्रपति बनने का ख्वाब संजोए हुए हैं। हालांकि, अमेरिका का संविधान उन्हें तीसरी बार राष्ट्रपति बनने का इजाजत नहीं देता है। ट्रंप को भी इस बात की चिंता है।
तीसरी बार चुनाव लड़ने पर ट्रंप ने क्या कहा?
हाल ही में ट्रंप ने मियामी में कांग्रेसनल रिपब्लिकन की बैठक में कहा कि मैंने तीसरी बार चुनाव लड़ने के लिए बहुत पैसा जुटा लिया है। लगता है कि इस पैसे का इस्तेमाल मैं खुद के लिए नहीं कर पाऊंगा। इसे लेकर मैं 100 फीसदी पक्का नहीं हूं क्योंकि संविधान के अनुसार मुझे तीसरी बार चुनाव लड़ने नहीं दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मेरा सौभाग्य होगा कि मैं दो बार नहीं बल्कि तीन या चार बार अमेरिका का राष्ट्रपति बन पाऊं। ट्रंप ने हंसते हुए रिपब्लिकन हाउस लीडर माइक जॉनसन से पूछा, "मुझे यकीन नहीं है कि मैं तीसरी बार चुनाव लड़ सकता हूं। माइक, क्या मुझे फिर से चुनाव लड़ने की अनुमति है? बेहतर होगा कि मैं आपको इस बहस में शामिल न करूं।"
क्या कहता है अमेरिका का संविधान?
दरअसल, अमेरिकी संविधान के 22वें संशोधन के अनुसार अमेरिका में राष्ट्रपति दो बार ही पद पर रह सकते हैं। संविधान में यह संशोधन 1951 में किया गया था।
कैसे संविधान में किया जा सकता है बदलाव?
इस संवैधानिक व्यवस्था में बदलाव तभी हो सकता है जब अमेरिका के सभी राज्यों की असेंबली तीन चौथाई बहुमत से प्रस्ताव पारित करें। गौरतलब है कि राष्ट्रपति का कार्यकाल बढ़ाने के लिए संविधान में संशोधन की यह प्रक्रिया करीब सात वर्ष लंबी है।
पेरिस के लूवर म्यूजियम का मेगा रिनोवेशन प्लान, मोनालिसा को भी मिलेगा नया कमरा
29 Jan, 2025 12:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पेरिस (फ्रांस)। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने मंगलवार को घोषणा की है कि पेरिस की इस ऐतिहासिक इमारत के बड़े नवीनीकरण और विस्तार के तहत लूवर संग्रहालय के अंदर “मोना लिसा” के लिए अपना अलग कमरा बनाया जाएगा, जिसमें 10 साल का समय लगेगा।
मैक्रों ने अपने भाषण में कहा कि “लूवर न्यू रेनेसां” नामक इस नवीकरण परियोजना में सीन नदी के पास एक नया प्रवेश द्वार शामिल होगा, जिसे 2031 तक खोला जाएगा और भूमिगत कमरों का निर्माण किया जाएगा। लूवर कमरे में लियोनार्डो दा विंची की उत्कृष्ट कृति प्रदर्शित की गई है।
मैक्रों ने दुनिया के सबसे ज़्यादा देखे जाने वाले संग्रहालय को आधुनिक बनाने के लिए सैकड़ों मिलियन यूरो की लागत का खुलासा नहीं किया, जो भीड़भाड़ और पुरानी सुविधाओं से ग्रस्त है। लेकिन अनुमान है कि यह 800 मिलियन यूरो (834 मिलियन डॉलर) तक पहुँच सकता है।
लूवर का नवीनतम नवीनीकरण 1980 के दशक में हुआ था, जब प्रतिष्ठित ग्लास पिरामिड का अनावरण किया गया था। अब, संग्रहालय अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप नहीं है।
मोना लिसा को अपना कमरा मिलेगा?
मैक्रॉन ने कहा कि संग्रहालय के विस्तार से “मोना लिसा” को एक नए, समर्पित कमरे में ले जाया जा सकेगा, जहाँ आगंतुक विशेष टिकट के जरिए पहुँच सकेंगे। उन्होंने कहा कि इससे उन लोगों के लिए यात्रा आसान हो जाएगी जो पेंटिंग देखना चाहते हैं और संग्रहालय के बाकी हिस्सों में अन्य आगंतुकों के लिए भी घूमना आसान हो जाएगा।
“मोना लिसा” को अब संग्रहालय के सबसे बड़े कमरे में सुरक्षात्मक शीशे के पीछे दिखाया जा रहा है, जो लियोनार्डो दा विंची की उत्कृष्ट कृति के साथ सेल्फी लेने के लिए उत्सुक आगंतुकों की लंबी, शोरगुल भरी कतारों से भरा हुआ है।
इस वजह से कमरे में मौजूद टिटियन और वेरोनीज जैसे महानतम वेनिस चित्रकारों की कुछ अन्य पेंटिंग्स कई लोगों की नजरों से छूट जाती हैं और लोग उन्हें देख नहीं पाते हैं।
1980 के दशक में संग्रहालय के नवीनतम बड़े नवीनीकरण को 4 मिलियन वार्षिक आगंतुकों को प्राप्त करने के लिए डिजाइन किया गया था। पिछले साल, लुवर में 8.7 मिलियन आगंतुक आए, जिनमें से तीन-चौथाई से अधिक विदेशी थे, जिनमें से ज़्यादातर संयुक्त राज्य अमेरिका, चीन और पड़ोसी देशों इटली, यूके, जर्मनी और स्पेन से थे।
कितना लगेगा कुल पैसा?
मैक्रॉन ने कहा कि लूवर के लिए एक नया प्रवेश द्वार 2031 तक सीन नदी के पास बनाया जाएगा, जिसका वित्तपोषण संग्रहालय की अबू धाबी शाखा से टिकट बिक्री, संरक्षण और लाइसेंसिंग धन द्वारा किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आने वाले महीनों में एक डिजाइन प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसके अलावा, संग्रहालय का विस्तार करने के लिए कुछ नए भूमिगत कमरे बनाए जाएंगे।
फ्रांस के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि नवीनीकरण की लागत अगले दस वर्षों में 700 से 800 मिलियन यूरो ($730 से 834 मिलियन) होने का अनुमान है, जिसमें से आधे नए प्रवेश द्वार के निर्माण के लिए खर्च होंगे। फ्रांसीसी राष्ट्रपति पद की परंपरागत प्रथाओं के अनुसार अधिकारी का नाम नहीं बताया जा सकता।
मैक्रों ने कहा कि यूरोपीय संघ के बाहर से आने वाले विदेशी आगंतुकों के लिए टिकट की कीमतें बढ़ाई जाएंगी, जो अभी 22 यूरो ($23) है। उन्होंने वादा किया कि संग्रहालय आम जनता और कर्मचारियों दोनों के लिए ज़्यादा सुरक्षित और आरामदायक होगा।
लूवर के बजट का आधा हिस्सा वर्तमान में फ्रांसीसी राज्य द्वारा वित्तपोषित किया जा रहा है, जिसमें 2,200 कर्मचारियों का वेतन भी शामिल है।
बाकी आधा हिस्सा निजी फंडों द्वारा प्रदान किया जाता है, जिसमें टिकट बिक्री, रेस्तरां, दुकानों और विशेष आयोजनों के लिए बुकिंग से होने वाली आय, साथ ही संरक्षक और अन्य भागीदार शामिल हैं।
पानी का रिसाव और अन्य क्षति
पुनर्निर्माण की घोषणा लूवर निदेशक लॉरेंस डेस कार्स द्वारा इस महीने की शुरुआत में संस्कृति मंत्री रचिदा दाती को लिखे एक नोट में अपनी चिंता व्यक्त करने के बाद की गई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि संग्रहालय "अप्रचलन" (obsolescence) के खतरे में है।
फ्रांसीसी समाचार पत्र ले पेरिसियन द्वारा पहली बार जारी किए गए दस्तावेज के अनुसार, उन्होंने जल रिसाव, तापमान में परिवर्तन और अन्य मुद्दों के कारण इमारत के धीरे-धीरे क्षरण के बारे में चेतावनी दी, जिससे कलाकृतियों का संरक्षण खतरे में पड़ सकता है।
संग्रहालय के प्रवेश द्वार के रूप में काम करने वाला पिरामिड, जिसे 1989 में दिवंगत राष्ट्रपति फ्रांस्वा मिटर्रैंड की परियोजना के हिस्से के रूप में अनावरण किया गया था, अब पुराना लगता है। डेस कार्स ने जोर देकर कहा कि यह जगह ठंड और गर्मी से ठीक से सुरक्षित नहीं है और शोर को बढ़ाती है, जिससे यह जगह आम लोगों और कर्मचारियों दोनों के लिए असुविधाजनक हो जाती है।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा संग्रहालय में भोजन और शौचालय की सुविधा का भी अभाव है।
अंतरिक्ष में फंसी सुनीता विलियम्स की मदद के लिए ट्रंप ने एलन मस्क से मांगी सहायता
29 Jan, 2025 12:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स कई महीनों से अंतरिक्ष में फंसी हैं। अब इनकी मदद के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एलन मस्क से मदद मांगी है। एलन मस्क ने एक्स पर इसको लेकर पोस्ट किया है।
एलन मस्क ने कहा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनसे दो बोइंग स्टारलाइनर अंतरिक्ष यात्रियों सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर की जल्द से जल्द वापसी की सुविधा देने के लिए कहा था, जो जून 2024 से अंतरिक्ष स्टेशन पर हैं।
नासा ने स्पेसएक्स को किया था शामिल
स्पेसएक्स के सीईओ ने दावा किया कि यह भयानक था कि पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन द्वारा इन्हें अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) में इतने लंबे समय तक फंसे छोड़ दिया गया था, भले ही नासा ने अपने क्रू-9 मिशन के हिस्से के रूप में दोनों अंतरिक्ष यात्रियों को वापस लाने के लिए कई महीने पहले ही स्पेसएक्स को शामिल कर लिया था।
नासा ने लगातार कहा है कि अंतरिक्ष यात्री फंसे नहीं हैं और वे स्वस्थ और अच्छे लोगों से जुड़े हैं।
कई बार की गई लाने की कोशिश?
बुच विल्मोर और सुनीता विलियम्स जून 2024 में बोइंग के स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान में सवार होकर आईएसएस के लिए रवाना हुए थे।
ये उड़ान, जिसे केवल 10 दिनों तक चलने का इरादा था, काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंचने के बाद, नासा और बोइंग ने अंतरिक्ष यान में समस्याओं को बेहतर ढंग से समझने के लिए हफ्तों तक काम किया लेकिन अंततः यह निर्णय लिया गया कि चालक दल के साथ स्टार्टलाइनर को वापस करना बहुत कठिन था।
अंतरिक्ष एजेंसी ने किया था एलान
अगस्त 2024 में, अंतरिक्ष एजेंसी ने घोषणा की कि उसने स्पेसएक्स को स्पेसएक्स क्रू-9 कैप्सूल पर विलियम्स और विल्मोर को घर लाने के लिए कहा था। दोनों अंतरिक्ष यात्रियों को क्रू-9 में रखा गया था, नासा ने चालक दल के चार सदस्यों में से दो को हटा दिया था, जिन्हें सितंबर में स्पेसएक्स ड्रैगन पर लॉन्च करने के लिए निर्धारित किया गया था।
इसके बजाय, विलियम्स और विल्मोर के लिए जगह बनाने के लिए उस उड़ान में केवल एक अंतरिक्ष यात्री और अंतरिक्ष यात्री को उतारा गया, जो फरवरी 2025 में अभियान के अंत में घर लौटने के लिए तैयार थे।
व्हाइट हाउस में नेतन्याहू और ट्रंप की मुलाकात 4 फरवरी को, इजरायल-अमेरिका संबंधों पर होगी चर्चा
29 Jan, 2025 12:08 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। इजराइली प्रधानमंत्री के कार्यालय ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 4 फरवरी को व्हाइट हाउस में एक बैठक के लिए आमंत्रित किया है। बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री नेतन्याहू राष्ट्रपति ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के दौरान व्हाइट हाउस में आमंत्रित होने वाले पहले विदेशी नेता हैं।
यात्रा को लेकर पूरा विवरण बाद में दिया जाएगा
व्हाइट हाउस ने कहा कि ट्रंप ने इजरायली प्रधान मंत्री नेतन्याहू को अगले सप्ताह की शुरुआत में व्हाइट हाउस में मिलने का निमंत्रण दिया। तारीख और समय के बारे में विवरण अंतिम रूप दिए जाने पर दिया जाएगा। यह बैठक छह सप्ताह के नाजुक युद्धविराम के बीच होने वाली है, जिससे गाजा में इजरायल और आतंकवादी समूह हमास के बीच 15 महीने से चल रही लड़ाई पर अस्थायी विराम लग गया है।
ट्रंप ने मिस्र को लेकर कही ये बात
ट्रंप ने सोमवार को यह भी कहा कि वह चाहते हैं कि मिस्र गाजा से फलस्तीनियों को ले जाए। ट्रंप ने मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी के बारे में कहा कि मैं चाहता हूं कि वह कुछ हमारे लिए करें। हम उनकी बहुत मदद करते हैं और मुझे यकीन है कि वह हमारी मदद कर सकते हैं। 7 अक्टूबर, 2023 के हमास के हमले के बाद इजरायल की सैन्य प्रतिक्रिया से अधिकांश आबादी विस्थापित हो गई है।
ट्रंप ने गाजा में फलस्तीनियों के बारे में कहा कि मैं उन्हें ऐसे क्षेत्र में रखना चाहता हूं जहां वे बिना किसी व्यवधान, क्रांति और हिंसा के रह सकें। ट्रंप की टिप्पणियां तब आई हैं जब उन्होंने सप्ताहांत में यह विचार रखा था कि मिस्र और जॉर्डन, जो दक्षिण और पूर्व में इजरायल और कब्जे वाले फलस्तीनी क्षेत्रों की सीमा बनाते हैं, उनको गाजा से फलस्तीनियों को लेना चाहिए क्योंकि वहां लगभग सब कुछ ध्वस्त हो गया है और लोग मर रहे हैं।
सीरिया में पीछे नहीं हटेगी इजरायल की सेना
सीरिया में बशर अल-असद के पतन के बाद दक्षिणी सीरिया में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र पर कब्जा करने वाली इजरायल की सेना माउंट हरमोन पर अनिश्चित काल तक तैनात रहेगी। इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने मंगलवार को इस इलाके के दौरे के बाद यह बात कही।
काट्स ने कहा कि इजरायल शत्रुतापूर्ण ताकतों को दक्षिणी सीरिया में स्थापित होने की अनुमति नहीं देगा। सीरिया-लेबनान सीमा पर माउंट हरमोन स्थित है, जो रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। इजरायल का गोलान हाइट्स पर भी कब्जा है, जिसे 1967 के पश्चिम एशियाई युद्ध में सीरिया से कब्जा कर लिया था।
गुरमीत राम रहीम 30 दिन की पैरोल पर जेल से बाहर, सिरसा स्थित डेरा पहुंचे
28 Jan, 2025 04:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Gurmeet Ram Rahim: बलात्कार और हत्या के मामलों में दोषी ठहराया जा चुका डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम एक बार फिर पैरोल पर जेल से बाहर आ गया है. अधिकारियों के अनुसार, वह मंगलवार सुबह जेल से बाहर आ गया. 2017 में दोषी ठहराए जाने के बाद पहली बार वह सिरसा स्थित डेरा जाएगा. पिछली पैरोल या फरलो के दौरान उसे केवल उत्तर प्रदेश के बागपत स्थित अपने आश्रम में जाने की अनुमति थी. राम रहीम को प्रशासन ने गुप-चुप तरीके से मंगलवार सुबह 5 बजकर 26 मिनट पर जेल से बाहर निकाला. इस दौरान कड़ी सुरक्षा देखने को मिली है. माना जा रहा है इस बार गुरमीत राम रहीम सिरसा स्थित डेरे में रहेगा. राम रहीम के वकील जितेंद्र खुराना ने कहा, 'कानून के तहत उन्हें आज 30 दिन की पैरोल दी गई है. पैरोल के बाद वे सुबह सिरसा स्थित डेरा आश्रम पहुंचे. कानून के मुताबिक, एक साल में 70 दिन की पैरोल और 21 दिन की फरलो दी जा सकती है. इसे किसी चुनाव या राजनीतिक आयोजन से नहीं जोड़ा जाना चाहिए.'
राम रहीम ने की अनुयायियों से ये अपील
पैरोल पर जेल से बाहर आने के बाद गुरमीत राम रहीम ने अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से अनुयायियों के नाम एक संदेश जारी किया है और उन्हें जानकारी दी है कि इस बार वो जेल से बाहर आने के बाद सिरसा के आश्रम में ही रहेगा. गुरमीत राम रहीम ने अपने अनुयायियों से अपील की है कि वो सिरसा न आएं और जैसा डेरे के सेवादारों की और से उन्हें कहा जाए उसका पालन करें. इससे पहले पिछले साल अक्टूबर में राम रहीम जेल से बाहर आया था. चुनाव आयोग की ओर से पैरोल के अनुरोध को मंजूरी दिए जाने के बाद वह जेल से बाहर आया था. पिछले 12 महीनों में यह उसकी चौथी अस्थायी रिहाई है और चार साल पहले दोषी ठहराए जाने के बाद से उसकी कुल रिहाई 16 हो गई हैं. राम रहीम हरियाणा और पंजाब में काफी प्रभाव रखता है. उसकी पिछली फरलो और पैरोल लगातार तमाम चुनावों के साथ-साथ हुई हैं, चाहे वह नगर निकाय या राज्य विधानसभा के चुनाव हों.
राम रहीम पंजाब, हरियाणा और लोकसभा चुनाव से पहले आया बाहर
पिछले साल 13 अगस्त को 21 दिन की छुट्टी मिलने के बाद राम रहीम 2 सितंबर को सुनारिया जेल वापस आ गया था. 19 जनवरी को राम रहीम को लोकसभा चुनाव से ठीक पहले पैरोल मिली थी, जिससे चुनावी कार्यक्रमों के साथ-साथ रिहाई का चलन जारी रहा था. इससे पहले वह 2022 के पंजाब विधानसभा चुनावों के दौरान 21 दिन जेल से बाहर रहा था. वहीं, हरियाणा नगर निगम चुनावों से ठीक पहले 17 जून, 2022 को एक और बार जेल से बाहर आया था. 2017 में गुरमीत राम रहीम सिंह को अपनी दो महिला अनुयायियों के साथ बलात्कार करने के आरोप में दोषी ठहराया गया था और 20 साल की सजा सुनाई गई थी. हालांकि, उसे और चार अन्य को मई में हाई कोर्ट ने संप्रदाय के पूर्व प्रबंधक रंजीत सिंह की 2002 की हत्या के मामले में बरी कर दिया था.
पाकिस्तान में महिला के साथ बर्बरता: जादू-टोने के नाम पर हिंसा
28 Jan, 2025 03:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पाकिस्तान के सिंध से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है. यहां एक गर्भवती महिला को जादू-टोने का शिकार होने के शक में पीट-पीटकर मार दिया गया. मामले को लेकर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, हालांकि उनपर अभी तक कोई केस रजिस्टर नहीं हुआ है.
जादू-टोने का बताया शिकार
रिपोर्ट के मुताबिक मामला सिंध प्रांत में मल्कानी शरीफ नगर के खुदा बख्शी हिस्बानी गांव का है. 30 साल की गर्भवती संगीता कोल्ही के पति हरीश कोल्ही ने उसे गांव के ही बच्चू कोल्ही और हर्शन कोल्ही नाम के 2 भोपा ( डॉक्टर) को सौंप दिया. उनका मानना था कि संगीता को किसी बुरी आत्मा ने अपने वश में कर लिया है. भोपा महिला को उसके घर के पास स्थित एक मंदिर लेकर गए.
मरने तक की पिटाई
मंदिर में लगातार 5 दिन तक महिला के बाल खींचे गए, उसे मुक्के और लाठी-डंडे से खूब पीटा गया. मृतक परिवार का कहना है कि रविवार 26 जनवरी 2025 की रात पिटाई के कारण संगीता की मौत हो गई. मौत की खबर सुनते ही परिवार वाले और पड़ोसी मंदिर की तरफ भागे, हालांकि भोपा तब तक नहीं रुके जब तक पुलिस ने आकर उन्हें गिरफ्तार नहीं कर लिया.
परिवार वालों से नहीं दिया मिलने
मृतक संगीता के पिता विश्राम, भाई अशोक और माता का कहना है कि संगीता बिल्कुल स्वस्थ थी. वे झुद्दो शहर से उसे मिलने आए थे, लेकिन भोपा ने उन्हें संगीता से बातचीत नहीं करने दी. उनका कहना था कि इससे भूत भगाने में खलल पड़ेगा. वहीं पड़ोसियों का कहना था कि लगातार रात में संगीता की पिटाई के कारण चीखने की आवाज से वह सो नहीं पाते थे. संगीता की शादी को 6 साल बीतने के बाद भी उसका कोई बच्चा नहीं था, हालांकि अपनी मौत के समय वह गर्भवती थी. फिलहाल पुलिस ने महिला के शरीर को कस्टडी में लिया है और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
कर्मचारियों के लिए खुशखबरी; इस देश में 4 दिन काम, 3 दिन छुट्टी, 200 कंपनियों ने अपनाया ये नियम अपनाया
28 Jan, 2025 03:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
यूके में कर्मचारियों के लिए गुड न्यूज सामने आई है। एक तरफ भारत में जहां कुछ लोग 70 से 90 घंटे काम करने की सलाह दे रहे हैं, वहीं यूके की कम से कम 200 कंपनियों ने ऐसा फैसला लिया है, जो कर्मचारियों के लिए काफी अच्छा है।
कम से कम 200 ब्रिटिश कंपनियों ने अपने सभी कर्मचारियों के लिए बिना किसी सैलरी कम किए हफ्ते में चार दिन काम करने के लिए हस्ताक्षर किए हैं। द गार्जियन की एक रिपोर्ट में 4 डे वीक फाउंडेशन के हवाले से कहा गया है कि कुल मिलाकर ये 200 कंपनियां 5,000 से अधिक लोगों को रोजगार देती हैं और इन चैरिटी में मार्केटिंग और टेक्नोलॉजी फर्मों का प्रतिनिधित्व सबसे अच्छा है।
कब आया था 5 डे वर्किंग पैर्टन?
4 डे वर्किंग के समर्थकों का मानना है कि 5 डे वर्किंग पैटर्न पुराने आर्थिक युग से विरासत में मिला है । पैटर्न में बदलाव का एलान करते हुए, फाउंडेशन के अभियान निदेशक जो राइल ने कहा '9-5, 5 दिन वर्किंग पैर्टन 100 साल पहले बना था और अब यह आज के समय के हिसाब से सही नहीं है। हमें लंबे समय से इसमें अपडेट की आवश्यकता है।'
क्या बोले फाउंडेशन के डायरेक्टर?
फाउंडेशन के अभियान निदेशक ने आगे कहा कि 50 प्रतिशत अधिक खाली समय के साथ, चार दिन काम करने से लोगों को अधिक खुशहाल, अधिक संतुष्टिदायक जीवन जीने की आजादी मिलेगी।'
किसे मिलेगा फायदा?
सैकड़ों ब्रिटिश कंपनियां और एक स्थानीय परिषद पहले ही दिखा चुकी है कि बिना सैलरी कम किए चार दिन का हफ्ता वर्कर और एम्पलॉयर दोनों के लिए फायदेमंद हो सकता है।
इस बदलाव को सबसे पहले लगभग 30 मार्केटिंग, विज्ञापन और प्रेस संबंध फर्मों की तरफ से अपनाया गया था। इस मुकदमे का पालन 29 चैरिटी, एनजीओ और सामाजिक देखभाल उद्योग-आधारित संगठनों और 24 टेकनॉलिजी, आईटी और सॉफ्टवेयर फर्मों द्वारा किया गया था।
बाद में बिजनेस, कंसल्टिंगऔर प्रबंधन क्षेत्रों की अन्य 22 कंपनियां भी इसमें शामिल हो गईं और स्थायी रूप से कर्मचारियों को चार दिन काम करने का ऑफर दिया गया।
इस कदम को उप प्रधान मंत्री एंजेला रेनर सहित लेबर पार्टी के कई वरिष्ठ राजनेताओं का समर्थन मिला। हालांकि, सत्ता हासिल करने के बाद से पार्टी ने आधिकारिक तौर पर इस नीति को नहीं अपनाया है।
WFH को लेकर क्या कहते कर्मचारी?
अब तक, कुल 200 कंपनियां हफ्ते में 4 दिन काम करने के नियम को लागू कर चुकी हैं, जिनमें लंदन की 59 कंपनियों का नेतृत्व है। कर्मचारी, जो अभी भी दूर से काम करने का आनंद ले रहे हैं, बैक-टू-ऑफिस जनादेश के खिलाफ काम कर रहे हैं। यह तब देखा गया जब स्टार्लिंग बैंक के कर्मचारियों के एक समूह ने इस्तीफा दे दिया क्योंकि मुख्य कार्यकारी ने मांग की कि हजारों कर्मचारी उसके कार्यालयों में अधिक बार आएं।
ड्रेंट्स म्यूजियम में की विस्फोट कर चोरी, 2500 साल पुराना मुकुट चुराया
28 Jan, 2025 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नीदरलैंड के एसेन शहर में स्थित ड्रेंट्स म्यूजियम से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। बताया जा रहा है एतिहासिक ड्रेंट्स म्यूजियम से सैकड़ों साल पुरानी कीमती चीजें चोरी की गई हैं।डच पुलिस के अनुसार, यह चोरी शनिवार की सुबह एसेन के ड्रेंट्स म्यूजियम में हुई।
बताया जा रहा है चोरों ने धूम 2 के अंदाज में चोरी की है, पहले विस्फोट करके म्यूजिम में घुसने का रास्ता बनाया, फिर चोरी की। पुलिस के अनुसार, उन्हें स्थानीय समयानुसार सुबह 3:45 बजे एक विस्फोट की रिपोर्ट मिली।
कंगन और मुकुट ले गए चोर
पुलिस की तरफ से जारी सीसीटीवी फुटेज में धमाके से पहले संदिग्धों को बाहरी दरवाजा खोलते हुए दिखाया गया है। फुटेज में हवा में चिंगारी और धुआं फैलते हुए देखा जा सकता है। चोर अपने साथ तीन डैसियन सोने के कंगन और कोटोफेनेस्टी काल का शानदार सजावट वाला मुकुट (हेलमेट) ले गए हैं।
मुकुट में क्या है खास?
इस बेशकीमती हेलमेट को 2500 साल पहले तैयार किया गया था और प्रदर्शनी में आकर्षण का केंद्र बना हुआ था।
ये सारी चीजें डैशियन्स के बारे में एक प्रदर्शनी का हिस्सा थीं, एक प्राचीन समाज जिसने रोमनों की तरफ से विजय प्राप्त करने से पहले वर्तमान रोमानिया के अधिकतर हिस्से पर कब्जा कर लिया था।
जुलाई से शो में, डासिया: एम्पायर ऑफ गोल्ड एंड सिल्वर' में रोमानिया भर के संस्थानों से उधार लिया गया खजाना दिखाया गया है।
कहां हुई थी इसकी खोज?
वेबसाइट पर सामने आई एक प्रेस रिलीज में, ड्रेंट्स म्यूजियम ने कोटोफेनेस्टी के हेलमेट का जिक्र किया। ये हेलमेट लगभग एक सदी पहले रोमानियाई गांव में खोजा गया था। इसके डिजाइन में पौराणिक दृश्य और आंखों का पेयर दिखा गया है, ये पहनने वाले के ऊपर स्थित है। ऐसा माना जाता है कि ये हेलमेट बुरी नजर से बचाते हुए युद्ध के दौरान दुश्मनों को रोकता है।
पुलिस ने शुरू की घटना की जांच
डच पुलिस ने घोषणा की कि वे वैश्विक पुलिस एजेंसी के साथ काम कर रहे हैं और रविवार तक उन्हें 50 से अधिक सूचनाएं प्राप्त हो चुकी हैं। जांचकर्ता वर्तमान में एक ग्रे कलर की कार के बारे में जानकारी की तलाश कर रहे हैं जो कि हफ्ते के शुरू में पास के शहर अलकमार से चोरी हो गई थी और रात भर हुई चोरी के तुरंत बाद, अपराध स्थल से लगभग चार मील दूर जलती हुई पाई गई थी।
बांगलादेश रेलवे कर्मचारियों की हड़ताल, पेंशन और ओवरटाइम सैलरी पर विवाद
28 Jan, 2025 01:23 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ढाका। बांग्लादेश में कई महीनों से हिंसा जारी है, अब रेलवे कर्मचारियों ने यूनुस सरकार के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है। बांग्लादेश में ट्रेन सेवाएं ठप हो गईं हैं, क्योंकि रेलवे कर्मचारी अतिरिक्त काम के लिए लाभ की मांग करते हुए राष्ट्रव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए, जिससे सैकड़ों हजारों लोग प्रभावित हुए हैं।
बांग्लादेश रेलवे रनिंग स्टाफ और वर्कर्स एसोसिएशन पेंशन और ग्रेच्युटी बेनिफिट से जुड़ी परेशानियों की वजह से हड़ताल कर रहा है। रेलवे कर्मचारी ओवरटाइम सैलरी और पेंशन लाभ को लेकर लंबे समय से चले आ रहे विवाद के कारण स्ट्राइक पर चले गए हैं। इसकी यूनियन ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों को अपनी मांगें पूरी करने के लिए सोमवार तक का समय दिया है।
400 यात्री ट्रेनों का संचालन प्रभावित
हड़ताल से लगभग 400 यात्री ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ, जिसमें 100 से अधिक अंतर-शहर सेवाएं और बांग्लादेश रेलवे की तरफ से संचालित तीन दर्जन से अधिक मालगाड़ियां शामिल थीं। रेलवे प्रतिदिन लगभग 250,000 यात्रियों को ले जाता है।
क्या बोला रेल मंत्रालय?
बांग्लादेश के रेल मंत्रालय ने कहा कि ट्रेन यात्रियों को मंगलवार से कुछ महत्वपूर्ण ट्रेन मार्गों पर चलने वाली बस सेवाओं पर अपने पूर्व-बुक किए गए टिकटों का उपयोग करने की अनुमति दी जाएगी।
रेल मंत्रालय ने कर्मचारियों से हड़ताल वापस लेने की अपील करते हुए एक बयान में कहा,
'बांग्लादेश रेलवे और रेल मंत्रालय बहुत ईमानदार हैं और कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। हम वित्त मंत्रालय के साथ नियमित संपर्क में हैं।'
क्यों हड़ताल पर गए कर्मचारी?
नियमों के मुताबिक एक रनिंग स्टाफ सदस्य अपने मुख्यालय लौटने पर 12 घंटे या बाहर तैनात होने पर 8 घंटे आराम करने का हकदार है।
यदि रेलवे संचालन के फायदे के लिए आराम के घंटों के दौरान काम करना जरूरी होता है, तो ओवर टाइम का पैसा मिलता है।
ओवरटाइम करते ये लोग
बांग्लादेश में रेलवे कर्मचारी, जिनमें ड्राइवर, सहायक ड्राइवर, गार्ड और टिकट चेकर शामिल हैं, जनशक्ति की कमी के कारण नियमित रूप से निर्धारित घंटों से अधिक काम करते हैं। बदले में, उन्हें परंपरागत रूप से उन अतिरिक्त घंटों पर गणना की गई पेंशन लाभ के साथ अतिरिक्त वेतन मिलता है।
लोगों को हो रही परेशानी
कुश्तिया के दक्षिण-पश्चिमी जिले के एक देशी लोक सिंगर रेजा फकीर ने कहा,'हमारे पास एक म्यूजिक कॉन्सर्ट में पार्ट लेने के लिए आज दोपहर के लिए ट्रेन टिकट थे।' लेकिन अब हमें वहां जाने के लिए बस टिकट खरीदना पड़ा, इसलिए हमें दोगुना भुगतान करना पड़ा।'
ट्रंप ने किया खुलासा, टिकटॉक को खरीदने के लिए कई कंपनियों से हुई बात
28 Jan, 2025 01:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। माइक्रोसॉफ्ट की टिकटॉक खरीदने को लेकर चर्चा जोरों पर हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट उन अमेरिकी कंपनियों में से एक है जो लोकप्रिय एप पर अप्रैल में लगने वाले बैन को रोकने में मदद करने के लिए टिकटॉक पर कंट्रोल लेना चाहती है।
जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या माइक्रोसॉफ्ट टिकटॉक का नया स्वामित्व लाने में मदद करने में रुचि रखने वाली कंपनियों में से एक है, तो ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा, 'मैं हां कहूंगा।'
50 प्रतिशत हिस्सेदारी देने के लिए तलाश रहे खरीदार
ट्रंप ने कहा कि अन्य कंपनियां भी टिकटॉक को खरीदने में रुचि रखती हैं, लेकिन वह कोई लिस्ट उपलब्ध नहीं कराएंगी।
पिछले हफ्ते कार्यालय में अपने पहले कामों में से एक में, ट्रंप ने सरकार को संतुष्ट करने वाले नए स्वामित्व को खोजने के लिए टिकटॉक के लिए समय सीमा 19 जनवरी से 4 अप्रैल तक 75 दिनों तक बढ़ा दी।
राष्ट्रपति ने कहा है कि वह कंपनी में अमेरिका को 50 प्रतिशत हिस्सेदारी देने के लिए अंतिम खरीदार की तलाश कर रहे हैं, जिसका स्वामित्व चीन स्थित बाइटडांस के पास है।
फिलहाल डिटेल अस्पष्ट है और यह स्पष्ट नहीं है कि वह सरकार या किसी अन्य अमेरिकी इकाई की तरफ से एप पर नियंत्रण का प्रस्ताव कर रहा है या नहीं।
AI ने दिया था प्रस्ताव
पिछले हफ्ते, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्टार्टअप पर्प्लेक्सिटी एआई ने बाइटडांस के लिए एक नया प्रस्ताव पेश किया था। मामले से परिचित एक व्यक्ति के अनुसार, अमेरिकी सरकार को एक नई इकाई का 50 प्रतिशत तक स्वामित्व रखने की अनुमति देगा, जो पर्प्लेक्सिटी को टिकटॉक के अमेरिकी व्यवसाय के साथ विलय करता है।
क्या बोले डोनाल्ड ट्रंप?
कई अन्य निवेशकों - जिनमें अरबपति फ्रैंक मैककोर्ट और ट्रंप के पूर्व ट्रेजरी सचिव स्टीवन मेनुचिन शामिल हैं। सार्वजनिक रूप से टिकटॉक के अमेरिकी प्लेटफॉर्म को खरीदने की अपनी इच्छा के बारे में बात की है। ट्रंप ने यह भी कहा है कि उन्होंने कंपनी के बारे में निजी तौर पर कई लोगों से बात की है।
ट्रंप ने मिसाइल डिफेंस सिस्टम आयरन डोम को लेकर उठाए अहम सवाल
28 Jan, 2025 12:52 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार एग्जीक्यूटिव ऑर्डर जारी कर रहे हैं। उनके आदेशों को दुनिया गौर से देख रही है। कुछ फैसले ऐसे हैं, जो काफी चर्चाओं में भी है।
इसी बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिका में आयरन डोम सिस्टम की तरह अगली पीढ़ी की मिसाइल रक्षा प्रणाली का निर्माण करने का आदेश दिया है। बता दें कि हमास की ओर से दागी गई मिसाइलों के हमले से बचने के लिए इजरायल आयरन डोम सिस्टम का इस्तेमाल करता आया है।
रिपोर्ट के अनुसार, अगली की पीढ़ी रक्षा कवच अमेरिका को बैलिस्टिक, हाइपरसोनिक, एडवांस क्रूज मिसाइलों और अन्य हवाई हमलों से बचाएगा।
अमेरिका को आयरन डोम की जरूरत: ट्रंप
अमेरिका के नए रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के पदभार ग्रहण के दिन रिपब्लिकन कांग्रेस की बैठक में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि इजरायल के पास आयरन डोम है। उनके पास मजबूत मिसाइल डिफेंस सिस्टम है। इजरायल पर 342 मिसाइलें दागी गई थीं लेकिन इनमें से सिर्फ एक मिसाइल ही थोड़ी बहुत निशाने पर लगी थी। अन्य देशों के पास इस तरह का सिस्टम क्यों नहीं होना चाहिए और हमारे पास ऐसा
क्यों नहीं है?
ट्रंप ने आगे कहा कि हम हमारे देश के लिए ऐसा ही आयरन डोम बनाएंगे और ये सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी हमारे देश की तरफ आंख उठाकर नहीं देख सके और हमारे लोगों को नुकसान नहीं पहुंचा सके। हालांकि, ट्रंप ने यह नहीं बताया कि अमेरिका को किस देश से खतरा है। हालांकि, ट्रंप किस देश से कब पंगा ले लें, इसका अंदाजा लगा पाना काफी मुश्किल है।
क्या है आयरन डोम की खासियत?
आयरन डोम एक एयर डिफेंस सिस्टम है। इजरायली सेना का दावा है कि उसका 'आयरन डोम' सिस्टम दुश्मन की 90 फीसद मिसाइलों को हवा में ही ध्वस्त कर देता है। यह एयर डिफेंस सिस्टम दुश्मन के ड्रोन को भी नेस्तनाबूंद कर देता है। इजरायली कंपनी राफेल एडवांस डिफेंस सिस्टम और इजरायल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज ने इस एयर डिफेंस सिस्टम को बनाया है। यह दिन-रात समेत किसी भी मौसम में मार करने में सक्षम है।
कैसे काम करता है आयरन डोम?
यह एक ग्राउंड-टू-एयर डिफेंस सिस्टम है, जो रडार और तामिर इंटरसेप्टर मिसाइलों से लैस है। रडार दुश्मन मिसाइलों की जानकारी देता है और बताता है कि मिसाइल या रॉकेट कहां गिर सकता है और यह कितनी दूर है। इसके बाद इंटरसेप्टर मिसाइलें अपना काम करती हैं और हवा में ही दुश्मन रॉकेट ध्वस्त कर दिए जाते हैं।
स्पा सेंटर की आड़ में चल रहा था जिस्मफरोशी का धंधा, पुलिस ने मारा छापा
27 Jan, 2025 04:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
करनाल। हरियाणा के करनाल में स्पा सेंटर में गलत कार्य होने की शिकायतों पर पुलिस ने एक्शन लिया है। सुपर मॉल में दो स्पा सेंटर संचालित है। इन दोनों में गलत कार्य होने की लगातार शिकायतें मिलने के बाद डीएसपी नायब सिंह और एसएचओ श्रीभगवान के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दोनों सेंटर पर एक साथ छापामारी की।
पकड़ी गईं 10 युवतियां
छापामारी होते ही सुपर मॉल में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मॉल के मुख्य गेट पर सुरक्षा बढ़ा दी और स्पा सेंटर के अंदर जाकर तलाशी लेने पर दोनों सेंटर से 10 युवतियां व तीन युवक मिले और कुछ संदिग्ध सामग्री भी बरामद हुई।
प्रशासन ने भवन मालिकों को पहले दी थी चेतावनी
पुलिस युवक व युवतियों को हिरासत में लेकर सिविल लाइन थाने पहुंची और आगामी कार्रवाई शुरू कर दी। करीब दो साल पहले शहर में स्पा सेंटर की भरमार होने और इन सेंटर पर आपत्तिजनक कार्य होने की शिकायतें प्रशासन को मिली थी। तब प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए भवन मालिकों को निर्देश दिए थे कि वह अपने भवन इन सेंटर के संचालन के लिए नहीं देंगे।
यदि कोई भवन संचालक सेंटर चलाने के लिए अपना भवन किराए पर देता है, तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। लेकिन समय आगे बढ़ने के साथ ही नियम में भी हवा में उड़ गए। करनाल के सुपर मॉल सहित शहर के अन्य क्षेत्रों में भी स्पा सेंटर पहले की तरह ही संचालित किए जा रहे हैं।
हिसार के होटल में सेक्स रैकेट का खुलासा
बता दें कि इससे पहले हिसार जिले के एक होटल में पुलिस ने छापेमारी की थी। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि होटल में देह व्यापार का धंधा चल रहा है। जिसके बाद से पुलिस ने होटल में छापेमारी की और होटल संचालक राजकुमार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी राजकुमार चार थाईलैंड और एक नाइजीरियन महिला की मदद से अपने होटल में सेक्स रैकेट चला रहा था।
पुलिस जांच में पता चला कि होटल संचालक राजकुमार की दिल्ली में एक महिला से जान पहचान हुई थी। जिसके जरिए चार थाईलैंड और एक नाइजीरियन महिला को अपने होटल लेकर आया और फिर उसने देह व्यापार का धंधा शुरू कर करवा दिया।
सड़क हादसा : हिसार में अनियंत्रित कार ने मोटरसाइकिल को मारी टक्कर, दो घायल; कराने का आरोप
27 Jan, 2025 04:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हिसार। हरियाणा के हिसार जिले के आजाद नगर से मोटरसाइकिल पर कैमरी रोड जा रहे मामा-भांजे को एक कार ने टक्कर मार दी। जिससे दोनों घायल हो गए। घायलों को नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
क्या है पूरा मामला?
इस मामले को लेकर चंद्रलोक कॉलोनी के रहने वाले आत्मानंद ने बताया कि वह टेलर का काम करता हैं। उसकी बहन दर्शना सोढी की शादी उकलाना के मदनपुरा के रहने वाले विनोद कुमार के साथ हुई थी। 23 जुलाई को उसकी बहन दर्शना की मौत हो गई थी। इस बारे में धारा 304बी के तहत उकलाना थाना में केस दर्ज करवाया था।
जिस कारण उसकी व विनोद की आपस में रंजिश चल रही है। 26 जनवरी को वह और उसकी बहन दर्शना का बेटा अमन मोटरसाइकिल पर सवार होकर आजाद नगर से कैमरी रोड की तरफ जा रहे थे।
जीजा पर जताया एक्सीडेंट कराने का शक
दोपहर करीब 2:40 बजे कबीर छात्रावास के सामने पहुंचे, तो वहां सरकारी क्वार्टरों की तरफ से एक ऑल्टो कार का चालक अपनी कार को लापरवाही से चलाता हुआ आया और उसके मोटरसाइकिल में टक्कर मारी।
कार की टक्कर लगते ही वह और अमन दोनों मोटरसाइकिल सहित रोड पर गिर गए। जिस कारण उसे व अमन को काफी चोटें लगी। उसे शक है कि यह एक्सीडेंट विनोद ने करवाया है। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर लिया है।
माउंट एवरेस्ट से 100 गुना ऊंचे पर्वतों की खोज, वैज्ञानिक भी हैरान
27 Jan, 2025 04:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
माउंट एवरेस्ट फतह करना बहुत बड़ी उपलब्धि है. यह इतनी ऊंचाई पर है कि वहां वायुमंडल की ऑक्सीजन भी साथ छोड़ती नजर आती है. साथ ही यह चढ़ाई कितनी कठिन है कि माउंट एवरेस्ट जाने के रास्ते पर पड़े पर्वतारोहियों शव इसकी गवाही देते हैं. लेकिन हाल ही में नेचर जर्नल में प्रकाशित लेख में रिसर्चर्स ने पुष्टि की है कि धरती पर माउंट एवरेस्ट से भी 100 गुना ऊंची चोटी मौजूद है. माउंट एवरेस्ट से ऊंचा ये पहाड़ अफ्रीका और प्रशांत महासागर की सीमा पर है और पृथ्वी पर पाए गए पहाड़ों में अब तक का सबसे ऊंचा पहाड़ है.
धरती की सतह से नीचे की गहराई में हैं ये पहाड़
माउंट एवरेस्ट से ऊंची ये चोटियां पृथ्वी की सतह से नीचे की ओर गहराई में मौजूद हैं. ये बेहद पुरानी हैं. पृथ्वी की सतह से बाहर की बजाय अंदर की ओर धंसे इन पहाड़ों की ऊंचाई 1 हजार किलोमीटर से कहीं ज्यादा है, जो कि माउंट एवरेस्ट की 8.8 किलोमीटर से कई गुना है. शोधकर्ताओं का कहना है कि ये पहाड़ आधा अरब साल से ज्यादा पुराने भी हो सकते हैं.
नहीं जानते ये कैसे बने?
पोस्ट के मुताबिक इस खोज को लेकर प्रमुख शोधकर्ता और मशहूर भूंकप विज्ञानी कहते हैं कि ये कोई नहीं जानता कि वहां इन पहाड़ों की मौजूदगी क्या है? ये दो 2 विशाल संरचनाएं पृथ्वी के कोर और मेंटल के बीच की सीमा पर हैं. यह इलाका अफ्रीका और प्रशांत महासागर के नीचे क्रस्ट के नीचे अर्ध-ठोस एरिया का है. चूंकि भूकंप या पृथ्वी के अंदर होने वाली घटनाओं के चलते टेक्टोनिक प्लेटें अपनी जगह बदलती रहती हैं और वे पृथ्वी की सतह से लगभग 3 हजार किलोमीटर की गहराई तक जा सकती हैं. ऐसे में 1000 किलोमीटर की गहराई वाली इन संरचनाओं का मिलना संभव है.
वैज्ञानिकों दशकों से पृथ्वी के अंदर भूकंपीय तरंगों के कारण पृथ्वी के आवरण में छिपी बहुत बड़ी-बड़ी संरचनाओं को खोजने में जुटे हुए हैं. इसके लिए वे ग्रह के दूसरी ओर से आने वाली ध्वनि को जरिया बनाते हैं. इससे उन्हें यह जानने में मदद मिलती है कि पृथ्वी के नीचे क्या मौजूद है.
Starlink की डायरेक्ट टू सेल सैटेलाइट सर्विस की बीटा टेस्टिंग शुरू, मोबाइल को मिलेगा सेटेलाइट नेटवर्क
27 Jan, 2025 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
टेस्ला के मालिक ने एक बड़ा एलान किया है। उन्होंने हाल ही में कहा है कि मोबाइल टावर के बिना फोन सर्विस मिलेगी। इसकी बीटा टेस्टिंग आज से शुरू हो सकती है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स हैंडल पर उन्होंने जानकारी शेयर करते हुए कहा कि 27 जनवरी यानी आज से स्टारलिंककी डायरेक्ट टू सेल सैटेलाइट सर्विस की बीटा टेस्टिंग शुरू हो सकती है।
मोबाइल का नेटवर्क सीधे सेटेलाइट से होगा कनेक्ट
आईबीसी ग्रुप के फाउंडर Mario Nawfal के पोस्ट को रि शेयर करके कंफर्म किया। इसमें स्टारलिंक की डायरेक्ट टू सेल सैटेलाइट जैसी सर्विस का जिक्र है। डायरेक्ट टू सेल सैटेलाइट सर्विस के तहत मोबाइल सीधे सेटेलाइट बेस्ड नेटवर्क से कनेक्ट होंगे। इसके बाद वे फोन सर्विस का इस्तेमाल कर पाएंगे।
डायरेक्ट टू सेल सैटेलाइट सर्विस के तहत जमीन पर मोबाइल नेटवर्क टावर लगाने की जरूरत नहीं है। ऐसे में ट्रेडिशनल मोबाइल टावर पर बोझ कम होगा।
जबरदस्त होगी इंटरनेट स्पीड
पिछले कुछ महीनों से स्टारलिंक लगातार अपनी सैटेलाइट कम्युनिकेशन नेटवर्क को एक्सपेंड कर रहा है। कंपनी इंटरनेट स्पीड बढ़ाने के लिए लगातार नए रॉकेट्स लॉन्च करने के साथ ही नए सैटेलाइट्स भी तैनात कर रही है। TweakTown की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यूजर्स अब 250-350Mbps की स्पीड पर इंटरनेट का इस्तेमाल कर सकते हैं। साउथ ऑस्ट्रेलियाई इलाकों में फाइबर के जरिए मिलने वाली 50-60Mbps स्पीड से यह कहीं ज्यादा है।
डायेरक्ट टू सेल सैटेलाइट सर्विस इमरजेंसी में काफी मददगार होगी। आमतौर पर साइक्लोन, भूकंप जैसी आपदा पर मोबाइल टावर गिरने, वायरिंग की समस्या आने या खराब होने जैसी समस्या होती है। जब फोन सैटेलाइट नेटवर्क से कनेक्ट होंगे तो आपदा वाली जगह पर भी कनेक्टिविटी चालू रहेगी और बिना देरी इमरजेंसी सर्विसेज सपोर्ट मिलेगा।
डेड जोन एरिया में भी आएगा नेटवर्क
डायरेक्ट-टू-सेल सर्विस लाखों Internet of Things (IoT) डिवाइसेज को भी कनेक्टिविटी ऑफर करेगी। । यूजर्स को इमरजेंसी के दौरान खासकर ग्रामीण इलाकों या उन एरिया में ट्रैवल करते समय जो डेड ज़ोन है, वहां बिना बाधा कनेक्टिविटी मिलती रहेगी। डायरेक्ट-टू-सेल सैटेलाइट्स फिलहाल SpaceX के Falcon 9 रॉकेट और Starship पर लॉन्च किए जाएंगे।
अगर एलन मस्क की यह टेक्नोलॉजी सफल हो जाती है तो निश्चित तौर पर टेक्नोलॉजी का भविष्य पूरी तरह बदल जाएगा। टेलीकॉम इंडस्ट्री पर इसका जबरदस्त असर पड़ेगा।
हादसे के बाद प्रशासन सख्त, सुपरवाइजर पर गिरी गाज और कंपनी हुई ब्लैकलिस्ट
