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दक्षिण कोरिया के विमान क्रैश की जांच में सामने आया पक्षी टकराने का मामला, 179 की मौत
27 Jan, 2025 01:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पिछले महीने दक्षिण कोरिया में हुए भीषण विमान हादसे की असली वजह सामने आ गई है। हादसे की जांच कर रहे अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि विमान के इंजन से पक्षी टकराया था। इसके बाद विमान अनियंत्रित हो गया। सोमवार को जारी की गई रिपोर्ट में सामने आया कि विमान के दोनों इंजन में पक्षी के पंख और खून के धब्बे मिले हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि यह प्रवासी बतख बैकाल डील हो सकती है। इंजन से मिले पंख और खूब के धब्बे के नमूने विशेष संगठनों को भेजे गए हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया हादसे से चार मिनट पहले विमान के ब्लैक बॉक्स ने रिकॉर्डिंग बंद कर दी थी। पहले अधिकारियों ने बताया था कि हवाई यातायात नियंत्रकों ने हादसे से कुछ मिनट पहले विमान को पक्षी के टकराने के जोखिम के बारे में चेतावनी दी थी।
हवाई अड्डे से हटाई जाएगी दीवार
हादसे के बाद दक्षिण कोरिया ने एलान किया था कि जिस दीवार से विमान टकराया था, उसे हटाया जाएगा। मुआन हवाई अड्डे के कुछ विशेषज्ञों ने बताया था कि दीवार पर विमान को उतरने के लिए दिशा देने वाले एंटीना लगे हैं। इसने हादसे को और गंभीर बनाया।
179 लोगों की हुई थी मौत
29 दिसंबर 2024 को दक्षिण कोरिया की जेजू एयरलाइंस का बोइंग 737-800 विमान थाईलैंड से दक्षिण कोरिया आ रहा था, लेकिन मुआन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरते समय क्रैश हो गया था। विमान रनवे पर फिसलते हुए एक दीवार से टकराया और उसमें धमाके के साथ आग लग गई। विमान में क्रू समेत 181 लोग सवार थे। इनमें से सिर्फ दो ही बच सके और बाकी 179 लोगों की मौत हो गई। यह विमान हादसा दक्षिण कोरिया के सबसे बड़े विमान हादसों में से एक था। हादसे का वीडियो सामने आया था, जिसमें विमान रनवे पर फिसलकर दीवार से टकरा गया और इससे विमान में विस्फोट के साथ आग लग गई। विमान का लैंडिंग गियर खराबी की वजह से नहीं खुला, जिसके चलते हादसा हुआ।
रूस ने पूर्वी यूक्रेन के शहर वेलीका नोवोसिल्का पर कब्जे का किया दावा
27 Jan, 2025 01:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लगभग दो साल से चल रहा रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म नहीं हो पा रहा है। दोनों देशों की सेनाएं एक-दूसरे के क्षेत्र पर कब्जा करने के लिए लगातार आगे बढ़ रही हैं। अब रूस ने पूर्वी यूक्रेन के शहर पर रणनीतिक कब्जे का दावा किया है। रूस ने कहा कि देश के औद्योगिक क्षेत्र कीव की पकड़ कमजोर करने के लिए लगातार हमारे प्रयास जारी हैं। रूसी रक्षा मंत्रालय ने पूर्वी यूक्रेन की एक बस्ती वेलीका नोवोसिल्का के पतन का एलान किया। जहां युद्ध के पहले करीब पांच हजार लोग रहते थे। जबकि यूकेन का कहना है कि केवल कुछ ही क्षेत्रों से उसके सैनिक पीछे हटे हैं।
रूस के दावों की अगर पुष्टि हो जाती तो वेलिका नोवोसिल्का 2025 में यूक्रेन की थकी और कम संख्या वाली सेना के खिलाफ पूर्वी डोनेट्स्क क्षेत्र में मास्को के सामने आत्मसमर्पण करने वाला पहला महत्वपूर्ण शहर बन जाएगा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पूर्वी यूक्रेन में घेरेबंदी से बचने के लिए यूक्रेनी सेना को वेलिका नोवोसिल्का के कुछ हिस्सों से पीछे हटना पड़ा। जबकि ब्रिगेड फ्रंटलाइन यहां सक्रिय है।
यूक्रेन की ब्रिगेड ने कहा कि तोपखाने और ड्रोन के मामले उनकी ताकत रूसी सेना के लगभग बराबर है, लेकिन जनशक्ति के मामले में रूस के पास सैनिकों की बड़ी संख्या है। ब्रिगेड ने कहा कि मौसम की स्थिति और घेरे जाने का खतरा देख हमारी सैन्य इकाइयां कुछ क्षेत्रों से पीछे हट गईं। इसका मतलब यह नहीं है कि हमने शहर पूरी तरह से छोड़ दिया है। वेलिका नोवोसिल्का में लड़ाई जारी है। हमारा उद्देश्य हमारे अपने नुकसान को कम करना और दुश्मन को अधिकतम नुकसान पहुंचाना है।
ब्रिगेड ने कहा कि हमारे पीछे हटने से रूसी सेना का आगे बढ़ना भौगोलिक रूप से कठिन हो जाएगा। क्योंकि उनके आगे बढ़ने में नदी बड़ी बाधा बनेगी। दुश्मन को कोई शांति नहीं मिलेगी। क्योंकि गोले और ड्रोन के कारण उनकी हर गतिविधि बाधित कर दी जाएगी। रूसी सेना ने पिछले साल रूस ने यूक्रेन के डोनेट्स्क के अवदीवका और वुहलदार शहरों पर कब्ज़ा कर लिया था। रूस ने तोपखाने, ग्लाइड बम और ड्रोन के जरिये इन शहरों को तबाह कर दिया गया था। अब रूस की सेना अब डोनेट्स्क के पोक्रोवस्क और चासिव यार पर कब्जा करने की कोशिश कर रही है।
पाकिस्तान में औद्योगिक क्षेत्र में LPG टैंकर विस्फोट, छह लोगों की मौत, 31 घायल
27 Jan, 2025 01:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लाहौर। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के एक औद्योगिक क्षेत्र में तरलीकृत पेट्रोलियम गैस से भरे एक टैंकर में विस्फोट हो गया। इस दौरान हादसे में एक नाबालिग लड़की सहित कम से कम छह लोगों की मौत हो गई और 31 अन्य घायल हो गए। इस घटना की जानकारी अधिकारियों ने सोमवार को दी।
बचाव अधिकारियों के अनुसार, यह घटना मुल्तान के हामिदपुर कनोरा इलाके में औद्योगिक एस्टेट में हुई। जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को एलपीजी टैंकर में विस्फोट होने से भीषण आग लग गई, जिसके कारण क्षतिग्रस्त वाहन का मलबा आस-पास के रिहायशी इलाकों में जा गिरा, जिससे काफी नुकसान हुआ।
पंजाब प्रांत में हुआ LPG टैंकर में ब्लास्ट
बचाव अधिकारियों ने बताया कि दस से ज़्यादा अग्निशमन वाहनों और फोम आधारित अग्नि शमन यंत्रों की मदद से कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
शुरू में बताया गया था कि इस घातक विस्फोट में कुल पाँच लोगों की मौत हो गई है। हालाँकि, बचाव अधिकारियों द्वारा विस्फोट से क्षतिग्रस्त हुए एक घर से एक और शव बरामद किए जाने के बाद मरने वालों की संख्या बढ़कर छह हो गई।
पुलिस ने बताया कि विस्फोट स्थल के आसपास के कम से कम 20 घर पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गए, जबकि 70 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए।
मुल्तान के सिटी पुलिस अधिकारी (सीपीओ) ने बताया कि आग में कई घर नष्ट हो गए और मवेशी भी मारे गए।
पूरे क्षेत्र में फैली गैंस की गंध
उन्होंने कहा कि औद्योगिक एस्टेट में खड़े टैंकर ट्रक के एक वाल्व से गैस लीक हो रही थी। उन्होंने कहा कि टैंकर में विस्फोट होने से पहले ही गैस की गंध आने पर इलाके में मौजूद कुछ लोग बाहर निकल गए थे।
आगे बताया कि टैंकर से गैस का रिसाव जारी है, जिसके कारण अधिकारियों को इलाके को खाली कराना पड़ा। घायलों में से 13 की हालत गंभीर बताई जा रही है।
जिला आपातकालीन अधिकारी ने पुष्टि की कि निश्तार अस्पताल में आपातकाल घोषित कर दिया गया है, जहाँ घायलों का इलाज चल रहा है।
सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आस-पास के इलाकों में तलाशी अभियान जारी है। एहतियात के तौर पर इलाके में बिजली और गैस की आपूर्ति रोक दी गई है, हालांकि मुल्तान-मुजफ्फरगढ़ रोड को अब यातायात के लिए खोल दिया गया है।
इस बीच, स्थानीय लोगों को विस्फोट स्थल से दूर रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि विस्फोटित टैंकर से निकली गैस हवा में फैली हुई है।
कैसे हुआ हादसा?
बाद में पुलिस ने खुलासा किया कि घटनास्थल की पहचान एक अवैध एलपीजी रिफिलिंग गोदाम के रूप में की गई थी और रिफिलिंग ऑपरेशन के दौरान विस्फोट हुआ था। उन्होंने कहा कि एलपीजी को एक बड़े गैस बाउजर से छोटे बाउजर और साइट पर वाणिज्यिक सिलेंडर में स्थानांतरित किया जा रहा था।
पुलिस ने आगे बताया कि बड़े गैस बाउजर में कथित तौर पर तस्करी की गई एलपीजी रखी गई थी। उन्होंने बताया कि विस्फोट में गोदाम में मौजूद पांच छोटे और बड़े गैस बाउजर नष्ट हो गए।
कोलंबिया का यू-टर्न, अमेरिका से निर्वासित नागरिकों को स्वीकार करने का फैसला
27 Jan, 2025 12:56 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलंबिया। अमेरिका से आए निर्वासित नागरिकों के मामले पर डोनाल्ड ट्रंप और कोलंबिया के राष्ट्रपति के बीच सियासत गरमा गई है। अब कोलंबिया ने ट्रंप की धमकी के बाद अमेरिका से निर्वासित लोगों को स्वीकारने का फैसला किया।
अमेरिका ने अवैध तरीके से रहने वाले कोलंबियाई लोगों को वापस उनके देश भेजने के लिए 2 फ्लाइट से रवाना किया था। इसके बाद कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने अमेरिका से प्रवासियों को लेकर आ रही उड़ानों को हवाई रास्ता देने से इनकार करते हुए अपने देश में आने से रोक दिया था।
कोलंबिया भेजेगा राष्ट्रपति विमान
डोनाल्ड ट्रंप ने फिर कोलंबिया पर टैरिफ लगाने की धमकी दी थी। अब अमेरिका से प्रवासी निर्वासन फ्लाइट को स्वीकार करने से इनकार करने के बाद, कोलंबिया अपने राष्ट्रपति विमान को कोलंबियाई नागरिकों को लेने के लिए होंडुरास भेजेगा।
राष्ट्रपति कार्यालय ने बयान में क्या कहा?
राष्ट्रपति कार्यालय के एक बयान में रविवार को कहा गया कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने देश में निर्वासित किए गए कोलंबियाई नागरिकों की 'सम्मानजनक वापसी' की सुविधा के लिए राष्ट्रपति विमान की व्यवस्था की।
बैकफुट पर आए कोलंबिया के राष्ट्रपति
कोलंबिया सरकार ने, राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो के निर्देशन में उन साथी नागरिकों की सम्मानजनक वापसी की सुविधा के लिए राष्ट्रपति विमान उपलब्ध कराया है, जो आज सुबह निर्वासन उड़ानों पर देश में आने वाले थे। यह उपाय सम्मानजनक स्थितियों की गारंटी देने की सरकार की प्रतिबद्धता का जवाब देता है। किसी भी परिस्थिति में, देशभक्त और अधिकार-धारकों के रूप में, कोलंबियाई लोगों को कोलंबियाई क्षेत्र से निर्वासित नहीं किया गया है और न ही किया जाएगा।
ट्रंप का कोलंबिया पर आरोप
इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने कोलंबिया के फैसले के बाद 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की।
इसके अलावा ट्रंप प्रशासन ने कोलंबियाई नागरिकों पर यात्रा प्रतिबंध और वीजा रद्द करने की घोषणा भी की, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया।
ट्रंप ने कोलंबिया पर आरोप लगाया था कि कोलंबिया ने अमेरिकी फ्लाइटों को उतरने से मना किया था।
वहीं कोलंबिया ने भी अमेरिका पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने का फैसला लिया था।
तेल टैंकर में 905 पेटी अंग्रेजी शराब ले जाते पकड़ा
25 Jan, 2025 04:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब से तेल टैंकर में छिपाकर भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब गुजरात ले जाने की कोशिश को फतेहाबाद पुलिस ने नाकाम कर दिया। पुलिस ने टैंकर से 905 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद की और राजस्थान के बाड़मेर जिले के एक युवक को गिरफ्तार किया है। शराब की पेटियों पर बारकोड और बैच नंबर मिटाए गए थे, और टैंकर की नंबर प्लेट भी फर्जी पाई गई।
सूचना पर की गई कार्रवाई
थाना सदर फतेहाबाद प्रभारी इंस्पेक्टर कुलदीप ने बताया कि गश्त के दौरान पीएसआई बलवान के नेतृत्व में पुलिस टीम को सूचना मिली थी कि मनोज कुमार पुत्र तग्गा राम, निवासी डूडिया की ढाणी, जिला बाड़मेर, तेल टैंकर में शराब तस्करी कर रहा है। वह पंजाब के फाजिल्का से शराब भरकर हरियाणा और राजस्थान के रास्ते गुजरात ले जा रहा है। इस पर पुलिस ने गांव बड़ोपल के पास नाकाबंदी की।
टैंकर चालक की कोशिश नाकाम
कुछ देर बाद एक तेल टैंकर फतेहाबाद की ओर से आता दिखा। नाकाबंदी देख चालक ने टैंकर रोककर भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम मनोज कुमार बताया।
905 पेटी शराब बरामद
पुलिस ने जब टैंकर की जांच की तो उसमें 6 हिस्सों में शराब की पेटियां भरी हुई थीं। एक्साइज इंस्पेक्टर की मौजूदगी में पेटियों को बाहर निकाला गया। सभी पेटियों पर बारकोड और बैच नंबर मिटाए गए थे, और बोतलों पर लगे होलोग्राम भी हटा दिए गए थे।
टैंकर की नंबर प्लेट भी फर्जी
जांच में यह भी सामने आया कि टैंकर की नंबर प्लेट फर्जी थी। गिरफ्तार मनोज कुमार ने पूछताछ में बताया कि यह शराब फाजिल्का और फिरोजपुर से लादी गई थी और इस काम में भूपेंद्र नामक व्यक्ति ने उसे निर्देश दिए थे।
मुकदमा दर्ज कर जांच जारी
सदर फतेहाबाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम और धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। युवक से पूछताछ की जा रही है, और तस्करी से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाने के प्रयास जारी हैं।
पुलिस की बड़ी कामयाबी
फतेहाबाद पुलिस की इस कार्रवाई से शराब तस्करी के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने कहा कि इस मामले की तह तक जाकर दोषियों को पकड़ने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।
हरियाणा में सामान्य से अधिक तापमान, फसल पर असर का डर
25 Jan, 2025 04:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पानीपत। मौसम में आए बदलाव ने किसानों की चिंता बढ़ा रखी है। दिन व रात का तापमान डबल डिजिट में पहुंचा हुआ है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 21.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान 10.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जो सामान्य से अधिक है।
उत्तर-पश्चिमी हवा 4.5 किलोमीटर प्रतिघंटा की औसत रफ्तार से चली। सुबह के समय नमी की मात्रा 55 प्रतिशत दर्ज की गई शाम को घटकर 45 प्रतिशत हो गई। मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले 24 घंटे में मौसम साफ रहेगा। अभी दिन का तापमान सामान्य से ऊपर बना रहा सकता है।
कड़ाके की ठंड वाला होता है जनवरी का अंतिम सप्ताह
भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक जनवरी का आखिरी सप्ताह कड़ाके की सर्दी वाला होता है। देश का उत्तरी भाग अक्सर पश्चिमी विक्षोभ और उससे जुड़ी प्रणालियों से प्रभावित रहते हैं। हालांकि, इस समय क्षेत्र में कोई सक्रिय प्रणाली मौजूद नहीं है।
पिछले सप्ताह के मध्य में हल्की बारिश लाने वाला विक्षोभ अब क्षेत्र से निकल चुका है। इसके पीछे का ठंडा प्रभाव पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में न्यूनतम तापमान को एक अंक में बनाए हुए है। हल्के से मध्यम कोहरे और सामान्य ठंड के अलावा इस दौरान कोई दूसरी मौसम गतिविधि होने की उम्मीद नहीं है।
वर्षा की उम्मीद नहीं, कोहरा कर सकता है वापसी
जनवरी के आखिरी सप्ताह में पानीपत सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में कोहरा लौटने की संभावना है। वर्षा की बात करें तो अभी कोई संभावना नहीं है। जो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ था, वह भी ज्यादा प्रभाव नहीं दिखा सका।
जनवरी के बचे दिनों में कोहरे की घहनता नहीं होगी अधिकांश स्थानों पर मध्यम ही रहेगा। रविवार को न्यूनतम तापमान लगभग 7.0 तक गिरने की संभावना है।
सिरसा जिले में भी तापमान में बढोत्तरी
वहीं, सिरसा जिले में एक सप्ताह से अधिकतम तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। जौ सरसों, गेहूं सहित अन्य फसलों के प्रतिकूल है। इसके कारण पिछेती गेहूं का विकास रुकने और पकाव जल्दी होने के कारण उपज में कमी आने के आसार हैं।
जिले में अब अधिकतम तापमान 23 डिग्री तक पहुंच रहा है। दोपहर के समय अब गर्मी का अहसास होना शुरू हो चुका है। जिसने किसानों की परेशानी को भी बढ़ा दिया है।
सड़क हादसा; थार सवार पीटीआई की मौत और पत्नी गंभीर रूप से घायल
25 Jan, 2025 04:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पानीपत के जीटी रोड एलिवेटेड हाइवे पर शनिवार को हुए एक सड़क हादसे में थार सवार व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई। जबकि उसकी पत्नी गंभीर रूप से घायल है। मृतक की पहचान तिहाड़ जेल में पीटीआई (फिजिकल ट्रेनिंग इंस्ट्रक्टर) के रूप में हुई है। वह मूल रूप से करनाल के समालखा गांव का निवासी था।
हादसे का कारण और घटनास्थल का हाल
हादसा तब हुआ जब तेज रफ्तार थार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायल दंपती को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने पति को मृत घोषित कर दिया। पत्नी की स्थिति गंभीर बनी हुई है और उसे पानीपत के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मृतक की पहचान और परिवार का हाल
मृतक तिहाड़ जेल में बतौर पीटीआई कार्यरत था और हाल ही में अपने परिवार के साथ पानीपत में एक समारोह में शामिल होकर लौट रहा था। इस हादसे से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
अमेरिका का मुसलमानों के लिए नया फरमान, अगर हैं तो ना करें ये काम
25 Jan, 2025 03:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
डोनाल्ड ट्रंप के नए कार्यकारी आदेश ने दुनिया भर में हलचल मचा दी है, खासकर मुस्लिम देशों में। ट्रंप ने अमेरिका में विदेशी नागरिकों, विशेषकर मुस्लिम देशों से आने वाले व्यक्तियों पर कड़ी स्क्रीनिंग का आदेश दिया है। उनका यह कदम अमेरिका और ब्रिटेन में रह रहे मुसलमानों के लिए चिंता का कारण बन गया है। उनके फैसले से इस्लामोफोबिया बढ़ने का डर जताया जा रहा है। अरब देशों में भी इस आदेश को लेकर घबराहट है, क्योंकि ट्रंप का यह नया फरमान कई मुस्लिम मेजॉरिटी देशों को सीधे तौर पर प्रभावित कर सकता है।
मुस्लिम देशों के लिए कड़ी स्क्रीनिंग
20 जनवरी को राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने एक नया कार्यकारी आदेश जारी किया है, जिसमें फिलिस्तीन समर्थक छात्रों और मुस्लिम देशों से आने वाले व्यक्तियों पर कड़ी स्क्रीनिंग का निर्देश दिया गया है। यह आदेश ट्रंप के पहले कार्यकाल के उस आदेश से कहीं ज्यादा कड़ा है, जिसमें उन्होंने 2017 में कई मुस्लिम देशों पर यात्रा प्रतिबंध लगा दिया था। इस नए आदेश में विदेशी नागरिकों को अमेरिका में प्रवेश से पहले और यहां रहने के दौरान अमेरिकी संस्कृति का सम्मान करने की शर्त रखी गई है।
अरब देशों में चिंता बढ़ी
डोनाल्ड ट्रंप के इस आदेश का प्रभाव सिर्फ अमेरिका तक ही सीमित नहीं है, बल्कि अरब देशों में भी इसे लेकर चिंता का माहौल है। अंतरराष्ट्रीय रिफ्यूजी असिस्टेंस प्रोजेक्ट (IRAP) की वकील दीपा अलागेसन ने इसे 2017 के ट्रंप के आदेश से भी ज्यादा खतरनाक बताया है। उनका कहना है कि यह न केवल अमेरिका में आने के लिए लोगों पर कड़ी जांच लागू करेगा, बल्कि यह उन व्यक्तियों को बाहर निकालने की कोशिश भी हो सकती है, जो 2020 के बाद बाइडेन के कार्यकाल में अमेरिका में आए हैं।
ब्रिटेन में भी हड़कंप
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और वहां के मुसलमानों के लिए भी यह आदेश चिंता का कारण बन गया है। ब्रिटिश पाकिस्तानी टैक्सी ड्राइवर अजमत खान ने अलजजीरा से बातचीत करते हुए कहा कि ट्रंप के फैसलों से यहां मुसलमानों को भड़काने वाली गलत सूचनाएं फैलने की संभावना है। उन्हें डर है कि इस्लामोफोबिया को बढ़ावा मिलने से स्थिति और खराब हो सकती है।
ट्रंप का यह आदेश दुनिया भर में मुस्लिम समुदाय के खिलाफ उठाए गए कदमों की एक कड़ी में नया अध्याय जोड़ता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ सकता है।
सिगरेट छोड़ने के लिए तुर्की के शख्स ने अपनाया अनोखा तरीका, सिर को पिंजरे जैसी हेलमेट में किया बंद
25 Jan, 2025 12:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तुर्की से एक व्यक्ति की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। फोटो में शख्स को अपना सिर पिंजरेनुमा हेलमेट में अंदर रखे देखा गया। बता दें कि शख्स ने ऐसी हरकत सिगरेट छोड़ने के लिए की है।
धूम्रपान छोड़ना लोगों के लिए बहुत बड़ी चुनौती है जिसके लिए जबरदस्त इच्छाशक्ति और समर्पण की आवश्यकता होती है। विभिन्न कोशिशों के बावजूद, धूम्रपान करने वालों में कुछ ही लोग ऐसे होते हैं जो अपनी निकोटीन की लत से सफलतापूर्वक मुक्त हो पाते हैं।
लोगों को जिन अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता है उनमें धूम्रपान को अक्सर सबसे कठिन माना जाता है।
लगभग 11 साल पहले, एक कहानी सामने आई जिसने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। एक तुर्की व्यक्ति, इब्राहिम युसेल, धूम्रपान छोड़ने की कोशिश करने के अपने अनोखे और चरम तरीके के लिए सुर्खियों में आया। अपनी 26 साल की धूम्रपान की आदत को तोड़ने के लिए, युसेल ने असाधारण प्रयास किए।
एक रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने अपना सिर हेलमेट के आकार की धातु की गेंद में बंद कर लिया, इस उम्मीद से कि यह विचित्र तरीका उन्हें सिगरेट छोड़ने में मदद करेगा। उनका उद्देश्य अपनी धूम्रपान की इच्छा को नियंत्रित करना था, जिसमें अपनी पत्नी को पिंजरे की चाबी सौंपने का अतिरिक्त प्रयास भी शामिल था। केवल उनकी पत्नी के पास ही चाबी थी और वह केवल भोजन के समय ही पिंजरे को खोलती थी।
धूम्रपान से इतने लोगों ने गंवाई जान
विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के मुताबिक, प्रतिवर्ष आठ मिलियन से अधिक लोग तम्बाकू के सेवन से अपनी जान गंवाते हैं। निम्न और मध्यम आय वाले देशों में स्थिति और भी खराब है, जहां हाल के दिनों में इन उत्पादों की बिक्री में भारी बढ़ोतरी देखी गई है। बता दें कि,धूम्रपान भी घातक परिणाम दे सकता है।
हर साल, लगभग 1.2 मिलियन गैर-धूम्रपान करने वाले लोग सेकेंड हैंड स्मोकिंग के संपर्क में आने से मर जाते हैं। यही वजह है कि, महिलाओं को भी तंबाकू के धुएं से दूर रहने की सलाह दी जाती है। यह न केवल माताओं को बल्कि उनके शिशुओं की सेहत पर भी बुरा प्रभाव डालता है।
ट्रंप ने कैलिफोर्निया में आग से प्रभावित इलाकों का किया दौरा, FEMA खत्म करने के दिए संकेत
25 Jan, 2025 12:17 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कैलिफोर्निया का दौरा किया। जंगल की आग से भारी तबाही झेलने वाले कैलिफोर्निया के हालात पर ट्रंप ने निराशा जाहिर की और राज्य की हरसंभव मदद का वादा किया। कैलिफोर्निया आने से पहले ट्रंप ने बाढ़ ग्रस्त नॉर्थ कैरोलिना का भी दौरा किया। कैरोलिना में ट्रंप ने आरोप लगाया कि डेमोक्रेट पार्टी के नेताओं ने उत्तरी कैरोलिना को बेसहारा छोड़ दिया। ट्रंप ने संकेत दिए कि वे संघीय आपात प्रबंधन एजेंसी (FEMA)को खत्म कर सकते हैं।
ट्रंप ने लॉस एंजिलिस के जंगलों में लगी आग से निपटने के तरीकों की आलोचना की
डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को कहा कि वे कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूसम के साथ मिलकर लॉस एंजिलिस में लगी आग पर मिलकर काम करेंगे। ट्रम्प ने आग को रोकने के प्रयासों की तीखी आलोचना की। लॉस एंजिलिस के जंगलों में लगी आग ने भारी विनाश किया है और अभी भी तीन बड़े क्षेत्रों में आग लगी हुई है। कैलिफोर्निया के डेमोक्रेट गवर्नर न्यूसम ने राष्ट्रपति ट्रंप से मदद की अपील की। राष्ट्रपति बनने के बाद ट्रंप पहली बार कैलिफोर्निया के दौरे पर पहुंचे। राष्ट्रपति ट्रंप ने प्राकृतिक आपदाओं से निपटने वाली मुख्य संघीय एजेंसी FEMA को खत्म करने के संकेत दिए। उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि राज्यों को आपदाओं से निपटने के लिए सीधे संघीय धन दिया जाए।
ट्रंप ने फेमा पर लगाए अक्षमता के आरोप
ट्रंप ने FEMA पर उत्तरी कैरोलिना में आपातकालीन राहत प्रयासों में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया। ट्रंप ने कहा कि FEMA एक आपदा बन गया है। इसके काम करने का तरीका बेहद धीमा है और इसमें नौकरशाही का दखल भी ज्यादा है। साथ ही इससे संघीय सरकार पर काफी वित्तीय बोझ पड़ रहा है। ट्रंप ने कैलिफोर्निया गवर्नर गेविन न्यूसम और लॉस एंजिलिस के मेयर पर भी अक्षमता का आरोप लगाया। अमेरिका में फेमा के 10 क्षेत्रीय कार्यालय हैं और देश भर में 20,000 से अधिक लोग इसमें कार्यरत हैं।
अवैध अप्रवासियों का निर्वासन, अमेरिका से ग्वाटेमाला भेजे गए सैकड़ों लोग
25 Jan, 2025 12:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। अमेरिका से अवैध अप्रवासियों का निर्वासन शुरू हो गया है। अमेरिकी सैन्य सी-17 विमानों ने शुक्रवार को प्रवासियों को बाहर निकालना शुरू कर दिया है। एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार को, दो अमेरिकी सैन्य विमान, जिनमें से प्रत्येक में लगभग 80 अप्रवासी थे, ने अमेरिका से ग्वाटेमाला के लिए उड़ान भरी।
इतिहास का सबसे बड़ा निर्वासन अभियान शुरू
एक्स पोस्ट में व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि ट्रंप प्रशासन ने सैन्य विमानों के माध्यम से सैकड़ों अवैध अप्रवासी अपराधियों को निर्वासित किया है। उन्होंने कहा कि इतिहास का सबसे बड़ा निर्वासन अभियान अच्छी तरह से चल रहा है।
538 अवैध अप्रवासी अपराधियों को गिरफ्तार किया
लेविट ने कहा कि ट्रंप प्रशासन ने एक संदिग्ध आतंकी, ट्रेन डी अरागुआ गिरोह के चार सदस्यों और नाबालिगों के खिलाफ यौन अपराधों के दोषी कई अवैध लोगों सहित 538 अवैध अप्रवासी अपराधियों को गिरफ्तार किया।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पूरी दुनिया को एक मजबूत और स्पष्ट संदेश दे रहे हैं कि अगर आप अवैध रूप से अमेरिका में प्रवेश करते हैं, तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
ट्रंप द्वारा हस्ताक्षर किए जाने वाला पहला कानून
रिपब्लिकन के नेतृत्व वाले सदन ने बुधवार को चोरी और हिंसक अपराधों के आरोपित अनधिकृत रूप से रह रहे अप्रवासियों को हिरासत में लेने की आवश्यकता वाले विधेयक को अंतिम मंजूरी दे दी। यह अवैध अप्रवासन पर नकेल कसने की उनकी योजनाओं के अनुरूप ट्रंप द्वारा हस्ताक्षर किए जाने वाला पहला कानून है।
ट्रंप ने बुधवार को अमेरिका-मेक्सिको सीमा को सील करने और स्थायी कानूनी स्थिति के बिना लाखों अप्रवासियों को निर्वासित करने के उद्देश्य से कार्यकारी आदेश भी जारी किया था।
सीमा पर भेजे जा रहे अधिक सैनिक
उन्होंने शरणार्थी पुनर्वास को भी रद कर दिया और उन स्थानीय कानून प्रवर्तन अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की योजना का संकेत दिया जो उनकी नई इमिग्रेशन नीतियों को लागू नहीं करेंगे। पेंटागन ने सेना के विशिष्ट 82वें एयरबोर्न डिवीजन सहित दक्षिणी सीमा पर और भी अधिक सैनिकों को भेजने की तैयारी की है।
नाइजीरिया से अमेरिका जा रही यूनाइटेड एयरलाइंस की फ्लाइट में खतरनाक एयर टर्बुलेंस
25 Jan, 2025 11:58 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नाइजीरिया के लागोस से वर्जीनिया के वाशिंगटन डलेस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए उड़ान भरने वाली यूनाइटेड एयरलाइंस की उड़ान एयर टर्बुलेंस के कारण हवा में खतरनाक तरह से हिलने लगी। अचानक हुई हरकत से चार यात्री और चालक दल के दो सदस्य घायल हो गए। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यात्रियों द्वारा लिए गए वीडियो में विमान के फर्श पर ट्रे, भोजन और अन्य वस्तुएं बिखरी हुई दिखाई दे रही हैं।
विमान की लागोस में आपातकालीन लैंडिंग करनी पड़ी
यूनाइटेड एयरलाइंस ने शुक्रवार को कहा कि फ्लाइट 613 को वापस लागोस में आपातकालीन लैंडिंग करनी पड़ी, जहां उसमें सवार छह घायल लोगों को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। यूनाइटेड एयरलाइंस के प्रवक्ता लेस्ली स्कॉट ने सीएनएन को बताया कि वे सभी ठीक है अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
उड़ान में 245 यात्री सवार थे
यूनाइटेड के अनुसार, शुक्रवार की उड़ान में 245 यात्री, आठ फ्लाइट अटेंडेंट और तीन पायलट सवार थे। यूनाइटेड एयरलाइंस ने कहा है कि यह स्पष्ट नहीं है कि उड़ान के दौरान झटके का कारण क्या थे, वहीं टर्बलेंस के कारण कोई गंभीर क्षति नहीं हुई और हम कारण को समझने के लिए अमेरिका और नाइजीरिया में विमानन अधिकारियों के साथ काम कर रहे हैं।
नाइजीरिया के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (एनसीएए) में सार्वजनिक मामलों और उपभोक्ता संरक्षण के निदेशक माइकल अचिमुगु ने घटना की पुष्टि की, इस बात पर जोर दिया कि घटना में कोई मौत नहीं हुई। रेडियो नाइजीरिया ने यह भी बताया कि उन्होंने कहा कि यात्रियों को होटलों में ठहराया गया है।
मार्च में लाटम एयरलाइंस के विमान ने दिया था झटका
शुक्रवार की घटना में बोइंग 787 शामिल था, जो पिछले मार्च में लाटम एयरलाइंस की उड़ान के मध्य हवा में गोता लगाने के बाद संघीय विमानन प्रशासन द्वारा समीक्षा के अधीन था। उस पिछली घटना में, जांचकर्ताओं ने पाया कि उड़ान में एक पायलट की सीट आगे की ओर झुक गई थी और विमान के नियंत्रण स्तंभ में घुस गई थी, जिससे विमान का अगला हिस्सा नीचे गिर गया था।
हमास ने चार इजरायली महिलाओं को रिहा करने का किया ऐलान
25 Jan, 2025 11:52 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हमास ने गाजा युद्धविराम समझौते के तहत शनिवार को रिहा किए जाने वाले चार इजरायली बंधकों के नामों की घोषणा की है। इज्जेल्डीन अल-कसम ब्रिगेड के प्रवक्ता अबू उबैदा ने कहा कि करीना अरिएव, डेनिएला गिल्बोआ, नामा लेवी और लिरी अलबाग मुक्त होने वाले अगले बंधक होंगे। इजरायल द्वारा कैद या हिरासत में लिए गए दर्जनों फलस्तीनियों की रिहाई के बदले इन चारों बंधकों को शनिवार को रिहा किया जाना है।
सभी बंदियों की रिहाई होगी
हमास की ओर से बंधक बनाए गए लोगों के रिश्तेदारों ने शुक्रवार को इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की और यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि शेष सभी बंदियों की रिहाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी उनकी रिहाई के लिए दबाव जारी रखने की अपील की।
हमास ने अबतक यह जानकारी नहीं दी है कि कितने बंदी अब भी जीवित हैं या मरने वालों के नाम क्या हैं। ऐलेट समेरानो का बेटा योनातन समेरानो अब भी बंधकों के कब्जे में है।
अभी और बंधक हमास की कैद में
उन्होंने कहा कि प्रिय राष्ट्रपति ट्रंप सबसे पहले हम इस सप्ताह महसूस किए गए सुखद क्षणों के लिए आपको धन्यवाद देना चाहते हैं। लेकिन हम बताना चाहते हैं कि अब भी 94 बंधक हैं, हमें घर पर उन सभी की जरूरत है। कृपया न रुकें। दबाव बनाना जारी रखें और वह सब कुछ करें जिससे बंधक तुरंत घर आ जाएं। युद्धविराम समझौते के पहले चरण में इजरायल द्वारा बंदी बनाए गए सैकड़ों फलस्तीनी कैदियों के बदले 33 बंधकों को रिहा किए जाने की उम्मीद है।
इजरायल ने अपने एक शहर का नाम बदलकर ट्रंप वन रखा
यहूदिया के एक इजरायली शहर माले अदुमीम के मेयर ने बुधवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सम्मान में नगरपालिका के एक महत्वपूर्ण शहरी क्षेत्र का नाम बदलकर 'टंप वन' (टी1) रखने की घोषणा की।
मेयर गुय यिफ्राच ने कहा कि ट्रंप का दूसरा कार्यकाल खासतौर से यहूदिया और समारिआ में यहूदी समुदाय को शक्तिशाली बनाने का अनोखा अवसर है। हम ट्रंप पर भरोसा करते हैं और विश्वास है कि आने वाले महीनों में वह क्षेत्र में निर्माण प्रोत्साहित करेंगे।
4000 एकड़ के इस क्षेत्र को पहले ई1 या मेवासेरेट अदुमीम के नाम से जाना जाता था। इजरायली प्रशासनिक और सुरक्षा क्षेत्राधिकार वाले इस क्षेत्र में आवास की कमी दूर करने के लिए 3000 से अधिक घरों का निर्माण कराया जाना था, लेकिन बाइडन प्रशासन और अंतरराष्ट्रीय विरोध के कारण निर्माण नहीं हो पाया है।
ट्रंप के नाम पर एक गोलान कम्युनिटी भी है। 2019 में ट्रंप द्वारा गोलाना हाइट्स पर इजरायल के अधिकार को मान्यता दिए जाने के बाद इजरायल ने उनके सम्मान में कम्युनिटी का नाम रमत ट्रंप रखा था।
एलन मस्क की गेमिंग स्किल्स की पूर्व पत्नी ग्राइम्स ने की तारीफ, कहा....
24 Jan, 2025 04:26 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
एलन मस्क की पूर्व पत्नी और कनाडाई म्यूजिशियन ग्राइम्स ने हाल ही में उनकी गेमिंग स्किल्स की जमकर तारीफ की. माइक्रोब्लॉगिंग साइट एक्स (पहले ट्विटर) पर ग्राइम्स ने कहा, 'मेरी व्यक्तिगत संतुष्टि के लिए, मैं यह बताना चाहती हूं कि मेरे बच्चों के पिता पहले अमेरिकी ड्र्यूड हैं, जिन्होंने डियाब्लो में एबेटॉयर ऑफ जीर को क्लियर किया और सीजन के अंत में अमेरिका के बेस्ट प्लेयर बने.' ग्राइम्स ने आगे कहा, 'उन्होंने पोलिटोपिया गेम में भी रैंकिंग हासिल की और खुद फेलिक्स को हराया. मैंने यह सब अपनी आंखों से देखा है और अन्य गवाह भी इसे सत्यापित कर सकते हैं. बस इतना ही.' एलन मस्क ने उनके इस पोस्ट का जवाब देते हुए उन्हें धन्यवाद दिया.
मस्क का गेमिंग के प्रति लगाव
एलन मस्क लंबे समय से गेमिंग के शौकीन माने जाते हैं. टेस्ला के सीईओ ने कई मौकों पर अपने गेमिंग इंटरेस्ट को जाहिर किया है. हालांकि, हाल के दिनों में उनके गेमिंग स्किल्स पर सवाल उठाए जा रहे हैं.
हाल ही में मस्क ने एक लाइव स्ट्रीम में अपने इन-गेम कैरेक्टर को दिखाया, जिसके बाद उनकी स्किल्स पर बहस छिड़ गई. कई प्रमुख गेमर्स, जिनमें ओटीके (वन ट्रू किंग) ग्रुप के सदस्य असमोंगोल्ड भी शामिल हैं, उन्होने आरोप लगाया कि मस्क ने अपने कैरेक्टर को खुद नहीं बनाया.
असमोंगोल्ड ने अपने एक स्ट्रीम में कहा, 'ऐसा नहीं हो सकता कि उन्होंने खुद उस अकाउंट पर खेला हो. मुझे माफ करें, लेकिन मुझे लगता है कि उन्होंने अकाउंट खरीदा है या किसी और ने उनके लिए इसे खेला है. मैं सौ प्रतिशत यही मानता हूं.'
असंगत गेमप्ले पर उठे सवाल
आलोचकों ने मस्क के गेमप्ले में कई असंगतताओं की ओर इशारा किया. उनका कहना था कि मस्क का हाई-लेवल कैरेक्टर उनकी खुद की स्किल्स का परिणाम नहीं हो सकता. ये आरोप मस्क की गेमिंग विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करते हैं.
मस्क की प्रतिक्रिया
आरोपों का जवाब देते हुए एलन मस्क ने असमोंगोल्ड पर एक्स के जरिए हमला किया, हालांकि बाद में उन्होंने अपना पोस्ट डिलीट कर दिया. मस्क ने लिखा, 'असमोंगोल्ड खुद को एक स्वतंत्र विद्रोही की तरह दिखाते हैं, लेकिन असल में उन्हें कुछ भी करने से पहले अपने बॉस से अनुमति लेनी पड़ती है. वह खुद के मालिक नहीं हैं.'
ग्राइम्स का समर्थन और आलोचकों की राय
जहां ग्राइम्स ने मस्क की स्किल्स का समर्थन किया, वहीं गेमिंग कम्युनिटी के कुछ सदस्य इस पर भरोसा करने को तैयार नहीं हैं. यह मामला मस्क के गेमिंग शौक को लेकर विवाद को और गहरा करता है.
ब्रिटेन में पाकिस्तानियों द्वारा चलाई जा रही ग्रूमिंग गैंग, कई मासूम लड़कियों बर्बाद की जिंदगी
24 Jan, 2025 04:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Britain: ब्रिटेन के रोशडेल रॉदरहैम और ओल्डहैम समेत कई शहरों ने पाकिस्तानियों द्वारा चलाई जा रही ग्रूमिंग गैंग ने कई मासूम लड़कियों की जिंदगी बर्बाद कर दी. इन गैंग्स ने ब्रिटिश गोरी लड़कियों से ग्रूमिंग के नाम पर दोस्ती की, फिर उन्हें बहला-फुसलाकर अपने काबू में किया. इसके बाद उनके साथ कई साल तक ऐसे घिनौने काम किए कि मानवता शर्मसार हो जाए. अब ब्रिटेन की एक कोर्ट में 2 टीनेज लड़कियों के मामले की सुनवाई की है. जिन्हें पाकिस्तानियों द्वारा संचालित ग्रूमिंग गैंग ने लंबे समय तक सेक्स स्लेव बनाकर रखा.
दर्जनों अपराधियों को सजा
ये मामले एक दशक से भी ज्यादा पुराने हैं और हाल ही में चर्चा में आए. जब टेस्ला, स्पेसएक्स के मालिक एलन मस्क ने इसे लेकर ब्रिटिश सरकार की खासी लानत-मलानत की थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि ये मामले जान-बूझकर छिपाए गए और इनके आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की गई. अब अदालती मामलों की एक शृंखला के कारण आखिरकार दर्जनों लोगों को सजा सुनाई गई, जिनमें से अधिकतर दक्षिण एशियाई मूल के लोग हैं. इन यौन अपराधियों की शिकार बनी लड़कियों में अधिकांश गोरी लड़कियां थीं. कोर्ट में बताया गया कि नस्लवादी दिखने से बचने के लिए पुलिस और सामाजिक कार्यकर्ता बच्चियों के साथ हुए यौन दुराचार को रोकने में ना केवल असफल रहे, बल्कि अपराधियों को सजा भी नहीं दी गई.
सजा के बाद अब न्याय की उम्मीद
हाल ही में एक कोर्ट में हुई सुनवाई में यह पता चला कि रोशडेल में दो 13 वर्षीय लड़कियों के बलात्कार और यौन शोषण के आरोपी 8 लोगों ने उनके साथ भयानक अत्याचार किए. इन लोगों ने बार-बार टीनेज लड़कियों के साथ रेप किए और उन्हें कई अन्य लोगों के पास भी भेजा, जिन्होंने उनके साथ रेप किए. उन्हें बुरी तरह अपमानित किया. कोर्ट ने इन 8 लोगों पर 56 यौन अपराधों का आरोप लगाया गया है. जिनमें 2001 और 2006 के बीच इन दो 13 वर्षीय बच्चियों के साथ यौन शोषण और रेप करने के आरोप भी शामिल हैं.
पाकिस्तानी मोहम्मद जाहिद चलाता था गैंग
मैनचेस्टर मिनशुल स्ट्रीट क्राउन कोर्ट के जूरी सदस्यों को बताया मोहम्मद जाहिद नाम का व्यक्ति ग्रूमिंग गैंग्स चलाता था और उसका गिरोह लड़कियों को सेक्स के लिए इधर-उधर भेजता था. लड़कियां उसे 'बॉसमैन' के नाम से जानती थीं. ये आरोपी मोहम्मद जाहिद, काशीर बशीर, मुश्ताक अहमद, रोहिज खान, मोहम्मद शहजाद, निसार हुसैन, नहीम अकरम और अरफान खान हैं. हालांकि उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया है.
कार, पार्कों, गोदामों में ले जाकर करते थे रेप
लड़कियों ने कोर्ट को बताया कि उन्हें गंदे फ्लैटों, कारों, कार पार्किंग एरिया, गलियों या उपयोग ना होने वाली गोदामों में ले जाकर उनका रेप किया जाता था. इन लड़कियों से कहा जाता था कि इन पुरुषों के साथ जब भी जहां भी कहा जाए वहां फिजीकल रिलेशन बनाएं.
हादसे के बाद प्रशासन सख्त, सुपरवाइजर पर गिरी गाज और कंपनी हुई ब्लैकलिस्ट
