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फलस्तीनी कैदियों की रिहाई में देरी के बाद हमास का इजरायल पर गुस्सा
31 Jan, 2025 12:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
यरुशलम। इजराइल ने गुरुवार को 110 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करना शुरू कर दिया, इससे पहले दिन में गाजा पट्टी में आठ बंधकों को उग्रवादियों द्वारा मुक्त कर दिया गया था। इजरायल ने फलस्तीनी कैदियों की रिहाई देर से शुरू की, जिसको लेकर हमास ने आपत्ति जताई थी।
रेडक्रास पर हजारों हथियारबंद लड़ाकों की मौजूदगी
इजरायल ने हजारों हथियारबंद लड़ाकों की मौजूदगी और उनके उत्तेजक-कोलाहलपूर्ण आचरण पर आपत्ति जताई है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस माहौल पर मध्यस्थों का ध्यान आकर्षित किया है। जिन इजरायली बंधकों को गुरुवार को रिहा किया गया उनमें शामिल 29 वर्षीय आर्बेल येहुद को सात अक्टूबर, 2023 को इजरायल के किबुज नीर ओज शहर से अगवा किया गया था।
हजारों लड़ाकों के बीच से चोटिल येहुद बड़ी मुश्किल से पैदल चलकर रेडक्रास के अधिकारियों के पास आ पाईं। उनके साथ 80 वर्ष के गाजी मोसेस को भी हमास ने छोड़ा है। तीसरी बंधक इजरायली सैनिक अगम बर्जर हैं। रिहा किए गए थाइलैंड के पांच नागरिक गाजा के नजदीक इजरायली नागरिकों के खेतों में काम करते थे, वहीं से उन्हें अगवा किया गया था।
पांच थाई बंधकों को रेडक्रास को सौंप दिया
गाजा के खान यूनिस शहर में गुरुवार को हमास ने तीन इजरायली बंधकों और पांच थाई बंधकों को रेडक्रास को सौंप दिया। लेकिन बदले में 110 फलस्तीनी कैदियों की रिहाई देर से शुरू हो पाई है। इजरायल ने हजारों हथियारबंद लड़ाकों की मौजूदगी और उनके उत्तेजक-कोलाहलपूर्ण आचरण पर आपत्ति जताई है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस माहौल पर मध्यस्थों का ध्यान आकर्षित किया है।
खान यूनिस में जो माहौल बंधकों को डराने वाला था
इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा है कि बंधकों की रिहाई के समय खान यूनिस में जो माहौल था वह स्तब्ध करने वाला और बंधकों को डराने वाला था। उन्होंने मध्यस्थों से अनुरोध किया है कि भविष्य में होने वाली बंधकों की रिहाई के समय गाजा में हमास की ओर से ऐसा माहौल नहीं बनाया जाना चाहिए। इस बाबत ठोस आश्वासन मिलने के बाद ही फलस्तीनी बंधकों की रिहाई होगी।
रिहा किए गए कैदियों में 30 ऐसे हैं जो इजरायलियों के खिलाफ घातक हमलों के लिए आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। कुछ को कब्जे वाले पश्चिमी तट पर लौटने की अनुमति दी गई है, जबकि अधिक गंभीर अपराधों के लिए दोषी ठहराए गए लोगों को निर्वासन से पहले मिस्र स्थानांतरित किया जा रहा है।
देर से शुरू हुई फलस्तीनी कैदियों की रिहाई
उनकी रिहाई गुरुवार (30 जनवरी, 2025) को देर से शुरू हुई, जब गाजा में आतंकवादियों ने तीन इजरायली और पांच थाई नागरिकों को रिहा कर दिया, जो 15 महीने से अधिक समय पहले बंधक बनाए जाने के समय दक्षिणी इजरायल में खेतों पर काम कर रहे थे। गाजा में बने माहौल के बाद वापस जेल भेज दी गईं। इजरायली सेना और हमास के बीच चले 15 महीने से ज्यादा के युद्ध के बाद गाजा में युद्धविराम हुआ है और समझौते के तहत बंधकों और कैदियों की रिहाई हो रही है।
मेटा और माइक्रोसॉफ्ट के CEOs ने AI निवेश को लेकर दी टिप्पणियां
31 Jan, 2025 11:55 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
माइक्रोसॉफ्ट और मेटा के सीईओ ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को विकसित करने पर किए गए बेतहाशा खर्च का बचाव करते हुए कहा है कि नए क्षेत्र में प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए यह महत्वपूर्ण था। दरअसल, कम लागत में तैयार किए गए चीनी एआई चैटबाट डीपसीक के सफल होने के बाद इन दोनों कंपनियों के बिजनेस मॉडल पर सवाल उठने लगे हैं।
मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने कही ये बात
माना जा रहा है कि यह कम लागत पर अमेरिकी प्रतिद्वंद्वियों से बेहतर परिणाम देता है। मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने कहा, पूंजीगत व्यय और बुनियादी ढांचे में बहुत अधिक निवेश करने का समय के साथ एक रणनीतिक लाभ होगा।
माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला ने कहा कि एआई के विकास में किया गया खर्च व्यवधानों को कम करेगा। विश्लेषकों से बात करते हुए नडेला ने कहा, जैसे-जैसे एआई अधिक कुशल और सुलभ होता जाएगा, हम इसकी मांग में बढ़ोतरी देखेंगे।
माइक्रोसॉफ्ट ने चालू वित्त वर्ष में एआई के लिए 80 अरब डालर खर्च करना तय किया है जबकि मेटा ने 65 अरब डालर खर्च करने की बात कही है। यह डीपसीक द्वारा अपने एआई मॉडल को विकसित करने के लिए खर्च किए गए लगभग 60 लाख डालर से बहुत ज्यादा है।
माइक्रोसॉफ्ट के शेयर मे गिरावट
वॉल स्ट्रीट के विश्लेषकों का कहना है कि एआई के विकास पर खर्च की राशि सही मायने में कंप्यूटिंग पावर पर खर्च किया गया पैसा है। हालांकि, इसके बावजूद कुछ निवेशक भारी खर्च के चलते धैर्य खोते दिख रहे हैं। यही वजह रही कि माइक्रोसॉफ्ट का शेयर गुरुवार को शुरुआती कारोबार में छह प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
चीन के DeepSeek के बाद सऊदी अरब ने पेश किया अपना AI चैटबॉट
चीन के डीपसीक के बाद सऊदी अरब ने एक एआई चैटबाट बनाया है। खास बात यह है कि यह चैटबाट केवल वैश्विक श्रम बाजार से जुड़े सवालों का जवाब देता है। किंग अब्दुलअजीज इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस सेंटर में आयोजित ग्लोबल लेबर मार्केट कांफ्रेंस में 'रेयान' नाम का यह चैटबाट चर्चा का विषय बना हुआ है।
रियाद स्थित कंपनी ताकामोल द्वारा निर्मित एआR चैटबाट के दो संस्करण है। ऑनसाइट संस्करण में यह केवल अंग्रेजी में प्रश्नों का उत्तर देता है।
ट्रंप के बारे में क्या कहा?
ऑनलाइन संस्करण में यह फ्रेंच, अरबी और स्पेनिश सहित कई भाषाओं में टेक्स्ट चैट में उत्तर देता है। चैटबाट से बात करने के दौरान जब एक व्यक्ति ने अमेरिकी राष्ट्रपित डोनाल्ड ट्रंप के बारे में पूछा तो उसने डिस्क्लेमर से कहा, 'मैं स्पष्ट तौर पर कह दूं कि मेरी विशेषज्ञता वैश्विक श्रम बाजार विषयों में है। मैं उनके कार्यकाल के दौरान अमेरिकी बाजारों के रुझानों और नीतियों के बारे में सामान्य जानकारी दे सकता हूं।'
रूस ने यूक्रेन के सुमी में फिर से किया हमला, चार की मौत, नौ घायल
30 Jan, 2025 05:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पिछले करीब तीन साल से जारी रूस-यूक्रेन के बीच संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस बीच रात में रूस ने एक बार फिर यूक्रेन पर हमला किया। अधिकारियों ने बताया कि रूसी ड्रोन ने पूर्वोत्तर यूक्रेन में एक अपार्टमेंट बिल्डिंग में विस्फोट किया, जिसमें कम से कम चार लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में नौ लोग घायल भी हुए। सुमी क्षेत्रीय प्रशासन ने बताया कि शाहेद ड्रोन ने रात के एक बजे के बाद प्रमुख शहर सुमी के अपार्टमेंट ब्लॉक में एक दीवार और खिलड़कियां उड़ा दी। मलबे से चार लोगों को बचाया गया। घायलों में एक बच्चा भी शामिल है। इसके अलावा मलबे से 120 लोगों को बाहर निकाला गया।
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने हमले को बताया भयानक त्रासदी
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इस हमले को एक भयानक त्रासदी और भयानक रूसी अपराध बताया। रूस-यूक्रेन के बीच संघर्ष अपने चौथे साल में प्रवेश करने वाला है, लेकिन अभी तक इसके समाप्त होने का कोई संकेत नहीं दिख रहा। अबतक इस संघर्ष में 10,000 यूक्रेनी नागरिकों की मौत हो चुकी है। रूस यूक्रेन में पावर ग्रिड पर भी हमले कर रहा है, जिससे यूक्रेनी नागरिकों को बिजली और पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
रूस ने दागे 80 से ज्यादा ड्रोन
रूस ने रातों रात यूक्रेन पर 80 से ज्यादा ड्रोन दागे। यूक्रेन के दक्षिणी ओडेसा क्षेत्र में रूसी ड्रोन ने एक अस्पताल और दो अपार्टमेंट इमारतों को क्षतिग्रस्त कर दिया। हालांकि, इस हमले से कुछ दिन पहले रूस ने पूर्वी यूक्रेन के शहर पर रणनीतिक कब्जे का दावा किया था। रूसी रक्षा मंत्रालय ने पूर्वी यूक्रेन की एक बस्ती वेलीका नोवोसिल्का के पतन का एलान किया था, जहां युद्ध के पहले करीब पांच हजार लोग रहते थे। जबकि यूकेन का कहना था कि केवल कुछ ही क्षेत्रों से उसके सैनिक पीछे हटे हैं। बता दें कि दोनों देशों की सेनाएं एक-दूसरे के क्षेत्र पर कब्जा करने के लिए लगातार आगे बढ़ रही हैं। रूसी सेना डोनेट्स्क के पोक्रोवस्क और चासिव यार पर कब्जा करने की कोशिश कर रही है।
सलवान मोमिका की हत्या: स्वीडन में कुरान जलाने वाला आलोचक मारा गया
30 Jan, 2025 04:26 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
स्टॉकहोम। स्वीडन में कुरान जलाने वाले सलवान मोमिका की गोली मारकर हत्या कर दी गई। सलवान इस्लाम धर्म के आलोचक थे। 38 वर्षीय मोमिका को बुधवार रात स्टॉकहोम के पास सॉडेटेलिए इलाके में गोली मारी गई थी।
वो चर्चा में तब आए जब उन्होंने साल 2023 में ईद के मौके पर स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम की सबसे बड़ी मस्जिद के सामने मुस्लिम धार्मिक ग्रंथ कुरान का अपमान किया और उसे जलाया था। पुलिस को एक व्यक्ति के गोली लगने की सूचना मिली थी, जिसके बाद घटनास्थल पर पहुंचकर उन्होंने उन्हें गंभीर रूप से घायल पाया।
दुनियाभर में वायरल हुई थी मोमिका की वीडियो
मोमिका के भड़काऊ कुरान जलाने के वीडियो को दुनिया भर में वायरल हुई थी। वीडियो वायरल होने के बाद कई मुस्लिम देशों में गुस्सा और आलोचना पैदा हुई, जिससे कई जगहों पर दंगे और अशांति फैल गई।
स्टॉकहोम की एक अदालत को गुरुवार को यह फैसला सुनाना था कि क्या इराकी ईसाई सलवान मोमिका, जातीय घृणा भड़काने का दोषी है या नहीं। अदालत ने फैसला यह कहते हुए टाल दिया कि प्रतिवादी की मृत्यु हो गई है।"
कौन थे सलवान मोमिका?
मोमिका ने खुद को इराक में एक ईसाई मिलिशिया के प्रमुख के रूप में पेश किया था।। उनका संगठन, इमाम अली ब्रिगेड्स के अंतर्गत आता है। ये संगठन 2014 में बनाया गया था और इस पर वॉर क्राइम के आरोप लगते रहे हैं। सलवान मोमिका ने 2017 में इराकी शहर मोसुल के बाहरी इलाके में अपना सशस्त्र समूह भी बनाया था।
पानीपत हत्याकांड: महिला की 5 साल की बेटी ने नाना को बताया आरोपी
30 Jan, 2025 03:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा के पानीपत में एक महिला की हत्या का मामला सामने आया है. लिव-इन पार्टनर पर हत्या का आरोप लगा है. हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद पार्टनर मौके से फरार हो गया. वारदात का खुलासा महिला की 5 साल की बेटी ने किया. बताया जा रहा है कि बच्ची रोते हुए पड़ोस में रहने वाले नाना के पास गई और कहा कि अंकल ने मम्मी को मारा और मम्मी उठ नहीं रही है. ये सुनते ही पिता तुरंत दौड़ कर बेटी के कमरे में गए, जहां उन्होंने चारपाई पर महिला को मृत पड़ा देखा. हत्या की खबर सुनते ही मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई. मामले की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम नंबर डायल 112 पर दी गई. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. इसके बाद शव को वहां से एंबुलेंस में सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका पंचनामा भरवा कर शवगृह में रखवाया गया.
लिव-इन पार्टनर के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज
पिता की शिकायत पर पुलिस ने महिला के लिव-इन पार्टनर के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की. मृतिका के पिता मोती लाल ने जानकारी देते हुए बताया कि वह मूल रूप से बिहार के गोपालगंज जिला का रहने वाला है. उसने अपनी 30 वर्षीय बेटी सरोज देवी की शादी करीब 10 साल पहले बिहार के रहने वाले ओम प्रकाश राम के साथ की थी. शादी के बाद वह 3 बच्चों की मां है. तीनों ही बेटियां है. जिनमें बड़ी बेटी 10 साल की है. मंझली बेटी 5 साल व सबसे छोटी बेटी साढ़े 3 साल की है.
5 साल की बच्ची ने नाना को बताई हत्या की बात
पिता ने बताया कि वह पानीपत में डाडौला रोड स्थित एक कंपनी में काम करता है. उन्होंने बताया, ''करीब 4 साल पहले उसकी बेटी सरोज को संदीप नाम का युवक भगा लाया था. इसके बाद वे दोनों यहां डाडौला रोड स्थित लेबर क्वार्टर में रह रहे थे. वे दोनों भी उसके पड़ोस में रहने लगे. यहां उनके साथ मंझली और छोटी बेटी भी रहती है. मंझली बेटी 5 साल की है. शनिवार सुबह वह रोते हुए मेरे कमरे में आई. उसने बताया कि संदीप अंकल ने मम्मी को रात को खूब पीटा. अब मम्मी उठ नहीं रही है.
4 साल से लिव-इन रिलेशन में रह रही थी महिला
सरोज की बेटी ने बताया कि अंकल ने मम्मी का गला दबाया था. इसके बाद उसका गला देखा तो उसके गले पर निशान थे. वहीं, आरोपी मौके से फरार मिला. मृतका के पिता ने बताया, ''वह बीते 4 साल से संदीप नामक व्यक्ति के साथ लिव इन रिलेशन में रह रही थी. उन्होंने बताया कि आरोपी संदीप का कॉलोनी के ही रहने वाली किसी और महिला के साथ साथ भी रिलेशन में था जिसको लेकर उनके बीच अक्सर झगड़ा रहता था. कई दिन पहले भी इसी बात को लेकर दोनों के बीच झगड़ा हुआ था. शक है कि इसी वजह से आरोपी ने इस वारदात को अंजाम दिया.
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तलाश जारी
वहीं, जांच अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि मृतिका के परिजनों की शिकायत पर आरोपी संदीप के खिलाफ का मामला दर्ज किया गया है. शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौप दिया जाएगा. आरोपी की तलाश ले लिए थाना और सीआईए दोनों टीमें लगी हुई है. जल्द ही आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा. फिलहाल पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है.
नूंह पुलिस ने सुन्नति मर्डर केस का पर्दाफाश किया, हत्याकांड के मुख्य आरोपी को पकड़ा
30 Jan, 2025 02:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा की नूंह पुलिस ने सुन्नति मर्डर केस का खुलासा कर दिया है. नूंह थाना बिछोर के तहत हाजीपुर गोहता गांव में मंगलवार की रात को सुन्नति नाम की महिला की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. पूरे मामले का पुलिस की सीआईए टीम ने कुछ घंटों में ही पर्दाफाश कर दिया है. हत्याकांड का मुख्य आरोपी मृतक महिला का पति इनायत ही है, जिसने पत्नी के चरित्र पर शक होने के चलते वारदात को अंजाम दिया था. आरोपी इनायत से सीआईए पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल एक अवैध देसी कट्टा, खोखा और एक मोबाइल बरामद किया है. वहीं हत्याकांड के दूसरे आरोपी को भी सीआईए पुन्हाना पुलिस ने मुठभेड़ में दबोचा है. इस मुठभेड़ में पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद वो जख्मी हो गया.
नूंह हत्याकांड में दूसरे आरोपी की भी गिरफ्तारी
इस केस में दूसरे आरोपी की पहचान शाकिर के तौर पर हुई है. इसके पिता का नाम शेर मोहम्मद उर्फ शेरा है. ये तिरवाडा थाना बिछोर, जिला नूंह का निवासी है. मुख्य आरोपी इनायत ने वारदात को अंजाम देने के लिए शाकिर से अवैध हथियार लिया था. इस मुठभेड़ में सीआईए पुन्हाना प्रभारी इंस्पेक्टर संदीप मोर को भी अंगूठे में गोली लगी है. मुठभेड़ के मामले में भी पुन्हाना थाना पुलिस ने दूसरे आरोपी शाकिर पर केस दर्ज किया है.
मृतक महिला का पति ही निकला हत्यारा
पुन्हाना के डीएसपी प्रदीप खत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी देते हुए बताया, ''हाजीपुर गोहता गांव में हुए हत्याकांड के बाद नूंह एसपी विजय प्रताप के निर्देश पर पुलिस की टीम तेजी से जांच में जुटी थी. हत्याकांड के बाद सीआईए टीम ने शक जताते हुए पूछताछ के लिए मृतका के पति इनायत को ही हिरासत में लिया. जिससे पूछताछ में पुलिस का शक सही साबित हुआ. सीआईए टीम के मुताबिक इनायत को अपनी पत्नी सुन्नति पर किसी से अवैध संबंध को लेकर शक था. जिसके लिए उन्होंने रात में सिंचाई के दौरान हत्या का षड्यंत्र रचा.
पति ने शाकिर से लिया था अवैध हथियार
उन्होंने आगे कहा, ''आरोपी शाकिर से इनायत ने हत्या के लिए अवैध हथियार लिया था. आरोपी पति इनायत से पूछताछ के मुताबिक पुन्हाना सीआईए प्रभारी संदीप मोर के नेतृत्व में गठित टीम ने आरोपी शाकिर को पकड़ने के लिए जाल बिछाया, जो एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर खेड़ला बिजली बोर्ड के रास्ते से तिरवाड़ा की ओर जाने वाला था. सूचना के मुताबिक पुन्हाना जुरहेड़ा सड़क नाले पर नाकेबंदी की गई थी. थोड़ी देर बाद मोटरसाइकिल पर सवार एक युवक आया. जिसने नाकेबंदी को देख भागते हुए पुलिस पर फायरिंग कर दी. डीएसपी ने बताया कि पुलिस द्वारा पीछा करने से तेज गति में मोटरसाइकिल असंतुलित होकर पलट गई. वहीं नीचे गिरे युवक ने सीआईए टीम पर दोबारा फायरिंग की. पुलिस की ओर से भी अपना बचाव करते हुए जवाबी फायरिंग की गई तो आरोपी के दाहिने पैर में एक गोली लगने से घायल हो गया. इस दौरान सीआईए प्रभारी संदीप मोर सीधे हाथ के अंगूठे में गोली के छर्रे लगने से घायल हो गए. उन्होंने कहा, ''आरोपी शाकिर से एक अवैध देसी कट्टा, मोटरसाइकिल बरामद की गई. घायल को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. आरोपी शाकिर पर जिले के तावडू, नगीना, पुन्हाना व फिरोजपुर सहित अलग-अलग थानों में लूट ,चोरी, अवैध हथियार और सरकारी कार्य में बाधा डालने आदि आरोपों के तहत करीब 12 मुकदमे दर्ज हैं.
हाजीपुर गोहता गांव में खेत की सिंचाई के दौरान हुई थी हत्या
बता दें कि मंगलवार-बुधवार की रात बीछोर थाना के अंतर्गत हाजीपुर गोहता गांव में पति पत्नी खेत में सिंचाई कर रहे थे. उसी दौरान महिला की हत्या कर दी गई थी. बिछोर थाना पुलिस ने पति इनायत की शिकायत पर 4 अज्ञात नकाबपोश बदमाशों के खिलाफ केस दर्ज किया था. जिन्होंने अपनी रची गई झूठी कहानी में बताया था कि दंपति से पहले लूटपाट की और पत्नी सुन्नति से छेड़छाड़ करने लगे और विरोध करने पर पत्नी की गोली मारकर हत्या कर दी.
डोनाल्ड ट्रंप के फैसले पर बाइडेन प्रशासन की सख्ती, संघीय सहायता रोकने पर लगाई रोक
30 Jan, 2025 01:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन। राष्ट्रपति बनने के बाद लगातार बड़े फैसले ले रहे डोनाल्ड ट्रंप को व्हाइट हाउस के प्रबंधन एवं बजट कार्यालय की ओर से झटका लगा है।
व्हाइट हाउस ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अस्थायी तौर पर संघीय अनुदानों और कर्ज पर रोक लगाने का आदेश दिया है। दरअसल, ट्रंप प्रशासन यह तय करना चाहता था कि सरकारी धन का इस्तेमाल उनके कार्यकारी आदेशों के मुताबिक हो, जो प्रगतिशील नीतियों को खत्म करने के लिए थे।
सरकारी खर्चों की समीक्षा करना चाहती ट्रंप प्रशासन
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार ने मंगलवार से संघीय अनुदानों और ऋणों को अस्थायी रूप से रोकने का निर्णय लिया था। उनकी सरकार अब सरकारी खर्चों की एक व्यापक वैचारिक समीक्षा करेगी।
आशंका जताई जा रही है कि राष्ट्रपति ट्रंप के इस फैसले से स्वास्थ्य अनुसंधान, शिक्षा कार्यक्रमों और अन्य योजनाओं में बड़ा असर हो सकता है। यहां तक कि जिन अनुदानों को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है लेकिन अभी खर्च नहीं किया गया है, उन्हें भी रोक दिया जाएगा।
व्यय पर रोक जारी रहेगी: ट्रंप प्रशासन
व्हाइट हाउस की ओर से जारी बयान में कहा गया कि सरकार की ओर से संघीय सहायता को रोकने के फैसले को निरस्त कर दिया है। हालांकि, इसके तुरंत बाद प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने घोषणा की कि व्यय पर रोक जारी रहेगी और केवल बजट कार्यालय से जारी ज्ञापन को वापस लिया गया है।
क्या है ट्रंप की नीति?
संघीय सहायता को अस्थायी रूप से रोककर, डोनाल्ड ट्रंप ने देश भर में भ्रम और भय पैदा कर दिया है। इतना ही नहीं, मील्स ऑन व्हील्स और निम्न आय आवास के लिए सरकार द्वारा दी जाने वाली सहायताओं के प्रोजेक्ट्स अधर में लटक गए हैं।
संघीय अदालत ने भी ट्रंप के फैसले की आलोचना की
इससे पहले अमेरिका की एक संघीय अदालत की जज ने ट्रंप प्रशासन की सभी संघीय सहायता को रोकने की योजना के फैसले को अस्थायी रूप से रोक दिया था। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, आपातकालीन सुनवाई में जिला न्यायाधीश लॉरेन अलीखान ने कहा कि 'मुझे लगता है कि इससे अपूरणीय क्षति का डर है।' अलीखान ने सोमवार के लिए अगली सुनवाई निर्धारित की है और उस दिन शाम 5 बजे तक फंडिंग रोकने के आदेश को स्थगित कर दिया है।
आर्थिक संकट से घिरे पाकिस्तान को IMF ने किया आगाह, सुधारों पर जोर देने की जरूरत
30 Jan, 2025 01:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए परेशानियां कम नहीं हो रही हैं, अब पड़ोसी मुल्क को आईएमएफ ने भी आगाह किया है और कहा कि वह अपनी बेलआउट योजना पर कायम रहे. इसके अलावा सरकार को धैर्य की सलाह दी है. वहीं व्यापारियों के द्वारा सार्वजनिक-निजी भागीदारी के अधिक रास्ते खोलने की मांग की जा रही है. इसके जरिए रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं. जानिए पूरा मामला.
पाकिस्तान के लिए नए आईएमएफ रेजिडेंट प्रतिनिधि माहिर बिनिसी ने इस्लामाबाद से सुधारों को लागू करने की अपील की, जो लंबे समय में लोगों के लिए फायदेमंद साबित हो सकेत हैं. पाकिस्तान बार काउंसिल (पीबीसी) में 'अर्थव्यवस्था पर संवाद' नामक एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए बिनिसी ने कहा, "पाकिस्तान की नजरें अपने लक्ष्य पर होनी चाहिए उसे आईएमएफ कार्यक्रम के उद्देश्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहने की जरुरत है. साथ ही उसे सुधारों को लागू करने के लिए धैर्य रखने की जरुरत है, ताकि लोगों को इसका लाभ मिल सके.
आईएमएफ के रेजिडेंट प्रतिनिधि का बयान ऐसे समय में आया जब पाकिस्तान का व्यापारिक समुदाय प्रांतीय और संघीय सरकार के पास शिकायतें, चिंताएं और सिफारिशें लेकर जा रहा है, सार्वजनिक-निजी भागीदारी के अधिक रास्ते खोलने की मांग की जा रही है.
प्रसिद्ध शेयर व्यापारी और आरिफ हबीब ग्रुप के संस्थापक आरिफ हबीब ने शहबाज शरीफ सरकार से अपील की कि वह तत्काल सार्वजनिक-निजी भागीदारी ढांचे के साथ आगे बढ़ने के महत्व को समझे.
कहा, "पहली तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर केवल 0.92 प्रतिशत रही, बेरोजगारी तेजी से बढ़ रही है और व्यापारिक समुदाय के लिए ज्यादा मौके नहीं हैं. वास्तव में, घाटे के कारण व्यवसाय बंद हो रहे हैं या अपना परिचालन कम कर रहे हैं. उन्होंने यह बात सिंध प्रांत के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के नेता बिलावल भुट्टो जरदारी के साथ व्यापारिक समुदाय की एक बैठक के दौरान कही.
कहा, "सरकार को सार्वजनिक-निजी भागीदारी पर विचार करना चाहिए, जिससे व्यवसायियों के लिए दरवाजे खुलेंगे और नौकरियां पैदा होंगी, बेरोजगारी की समस्या से निपटा जा सकेगा.हालांकि, सरकार का कहना है कि आर्थिक संकट को तुरंत हल नहीं किया जा सकता है और सुधारों के सकारात्मक प्रभाव आने वाले दिनों में दिखाई देंगे.वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने कहा, "स्थिरता से विकास की ओर कोई ऑटोमैटिक बदलाव नहीं होता, हमें अर्थव्यवस्था के डीएनए को बदलने की जरूरत है, ताकि आर्थिक विकास में किसी भी नए उछाल के बाद भुगतान संतुलन के किसी भी नए संकट से बचा जा सके.
"आईएमएफ चाहेगा कि पाकिस्तान अपनी प्रतिबद्धता को समझे और उसके कार्यक्रम को पूरा करे. यह ऐसे किसी भी नए उपाय की अनुमति नहीं देगा जो कार्यक्रम को पटरी से उतार सकता है. बिनिसी ने पाकिस्तान सरकार को याद दिलाया कि उसका ध्यान सुधार एजेंडे पर बना रहना चाहिए, उन्होंने कहा, "उद्देश्य मजबूत, टिकाऊ अधिक समावेशी विकास हासिल करना है. गड़बड़ियों को कम करके, राज्य के हस्तक्षेप को समाप्त कर और विभिन्न प्रकार की रियायतों को हटाने से टिकाऊ विकास हासिल किया जा सकता है.
अमेरिका में बड़ा हादसा! हेलीकॉप्टर से टकराकर पोटोमैक नदी में गिरा यात्री विमान, 19 शव निकाले गए
30 Jan, 2025 01:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिका के वॉशिंगटन डीसी में एक विमान और हेलीकॉप्टर के बीच टक्कर हो गई है. हादसा बहुत खौफनाक था. टक्कर इतनी जोरदार थी कि विमान और हेलीकॉप्टर दोनों टूट गए. साथ ही यात्री विमान नदी में गिर गया है. बताया जा रहा है कि विमान में लगभग 60 यात्री सवार थे. यह विमान अमेरिकी एयरलाइंस का था. हादसा वाशिंगटन डीसी में व्हाइट हाउस के पास हुआ और विमान पोटोमैक नदी में गिर गया. जानकारी के मुताबिक अब तक 19 शव निकाले जा चुके हैं.
कंसास सिटी से वॉशिंगटन जा रहा था विमान
यह यात्री विमान अमेरिकी शहर की कंसास सिटी से वाशिंगटन आ रहा था. अमेरिका के संघीय उड्डयन प्रशासन (FAA) ने एक बयान में कहा कि वॉशिंगटन डीसी के बाहर रीगन नेशनल एयरपोर्ट के पास विमान लैंडिंग से पहले हवा में अमेरिकी सेना के सिकोरस्की एच-60 हेलीकॉप्टर से टकरा गया और दुर्घटनाग्रस्त होकर पोटोमैन नदी में गिर गया.
विमान में 60 लोग सवार
रिपोर्ट के अनुसार, कंसास से अमेरिकी सीनेटर रोजर मार्शल ने बताया कि यात्री विमान जिस हेलीकॉप्टर से टकराया वह अमेरिकी सेना का था. साथ ही विमान में 60 लोग सवार थे. मार्शल ने X पर लिखा, 'आज राज हमें एक ऐसी विनाशकारी खबर मिली जिसे किसी बुरे सपने से कम नहीं जा सकता है. विचिटा, कंसास से देश की राजधानी जा रहा विमान, जिसमें लगभग 60 यात्री सवार थे, एक सैन्य हेलीकॉप्टर से टकरा गया.'
सभी उड़ानें रद्द
सोशल मीडिया पर वीडियो में दिखाया गया है कि कैसे विमान ने रीगन एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान हेलीकॉप्टर को टक्कर मारी और फिर नदी में गिर गया. इस घटना के बाद वॉशिंगटर एयरपोर्ट पर सभी उड़ानें रोक दी गईं. वीडियो में देखा जा सकता है कि टक्कर के बाद विमान आग का गोला बन जाता है.
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस घटना को लेकर एक्स पर पोस्ट किया है, उन्होंने कहा, 'हम स्थिति पर नजर रख रहे हैं, फिलहाल बेहतरी की उम्मीद करते हैं.'
अमेरिका का साइबर सुरक्षा पर सख्त रुख, चीनी ऐप DeepSeek पर लगाया बैन
30 Jan, 2025 12:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
DeepSeek, एक चीनी AI ऐप, हाल ही में टेक्नोलॉजी जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है. इसने Apple के App Store पर OpenAI के ChatGPT को भी पीछे छोड़ दिया है. लेकिन इसकी लोकप्रियता के साथ ही सुरक्षा और नैतिकता को लेकर भी चिंताएं बढ़ रही हैं. हाल ही में, अमेरिकी नौसेना ने अपने सदस्यों को DeepSeek का उपयोग न करने की सख्त चेतावनी दी है.
अमेरिकी नौसेना ने क्यों किया DeepSeek को बैन?
अमेरिकी नौसेना ने अपने कर्मचारियों को ईमेल भेजकर DeepSeek AI के उपयोग से बचने को कहा है. नौसेना ने चेतावनी दी है कि यह मॉडल सुरक्षा के लिहाज से जोखिम भरा हो सकता है, इसलिए इसे न तो कार्य के लिए और न ही निजी इस्तेमाल के लिए डाउनलोड या इंस्टॉल किया जाए. DeepSeek एक ओपन-सोर्स AI मॉडल है, यानी कोई भी इसे मुफ्त में इस्तेमाल कर सकता है.
इसकी खास बात यह है कि यह AI सिर्फ 6 मिलियन डॉलर (लगभग 50 करोड़ रुपये) की लागत में तैयार किया गया, जो OpenAI और Google जैसे दिग्गजों की तुलना में बहुत कम है. DeepSeek की इस कामयाबी का असर वित्तीय बाजारों पर भी पड़ा, जब यह खबर आई कि कंपनी ने बेहद कम लागत में यह AI विकसित कर लिया, तो Nvidia और Broadcom जैसी AI चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयर गिर गए.
नौसेना के ईमेल में क्या कहा गया?
अमेरिकी नौसेना के ईमेल में DeepSeek को लेकर गंभीर चेतावनी दी गई. ईमेल में कहा गया, 'हम आपके ध्यान में एक महत्वपूर्ण जानकारी लाना चाहते हैं, जो नए AI मॉडल DeepSeek से संबंधित है. यह जरूरी है कि कोई भी कर्मचारी इस AI मॉडल का इस्तेमाल न करे, चाहे वह कार्य से जुड़ा हो या निजी उपयोग के लिए हो.' इससे साफ है कि अमेरिका इस चीनी AI ऐप को लेकर सतर्क है और अपने सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं करना चाहता.
DeepSeek के खिलाफ पहला कानूनी नोटिस
DeepSeek को हाल ही में अपना पहला कानूनी नोटिस मिला है. Euroconsumers नामक यूरोपीय कंज्यूमर्स ग्रुप ने इटली की डेटा सुरक्षा एजेंसी (DPA) के साथ मिलकर DeepSeek के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. यूरोपीय एजेंसियां DeepSeek के डेटा प्रबंधन को लेकर चिंतित हैं और इसे General Data Protection Regulation (GDPR) का उल्लंघन मान रही हैं. इटली की डेटा सुरक्षा एजेंसी (DPA) ने DeepSeek को एक पत्र भेजा है और 20 दिनों के भीतर जवाब देने को कहा है. DPA ने चेतावनी देते हुए कहा, 'DeepSeek के कारण लाखों इटालियनों का डेटा खतरे में है। हमें इस पर तुरंत जवाब चाहिए.'
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सऊदी अरब सड़क दुर्घटना पर जताया शोक
29 Jan, 2025 05:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सऊदी अरब में भीषण सड़क हादसे में नौ भारतीयों की मौत हो गई है। जेद्दा में भारतीय मिशन ने इस बारे में जानकारी दी है। मिशन ने बताया कि यह हादसा पश्चिमी सऊदी अरब में जीजान के पास हुआ। मिशन ने बताया कि वह हादसे में मृत हुए लोगों के परिवारों के संपर्क में है। इसके अलावा, वह सऊदी के अधिकारियों के संपर्क में हैं और वे अपना समर्थन दे रहे हैं।
भारतीय वाणिज्य दूतावास ने एक्स पोस्ट में कहा कि हम सऊदी अरब साम्राज्य के पश्चिमी क्षेत्र में जिज़ान के पास एक सड़क दुर्घटना में 9 भारतीय नागरिकों की दुखद मौत पर गहरा शोक व्यक्त करते हैं। पीड़ित परिवारों के प्रति हमारी हार्दिक संवेदना है। जेद्दा में भारत का महावाणिज्य दूतावास पूर्ण सहायता प्रदान कर रहा है और अधिकारियों और परिवारों के संपर्क में है। हम घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना करते हैं।' उन्होंने यह भी बताया कि एक हेल्पलाइन स्थापित की गई है, जहां हादसे को लेकर मृतकों और घायलों के परिजन संपर्क कर सकते हैं।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी इस हादसे पर दुख जाहिर किया है। उन्होंने कहा कि वह दुर्घटना और लोगों की मौत के बारे में जानकर 'दुखी' हैं। एक्स पर एक पोस्ट में विदेश मंत्री ने कहा कि जेद्दा में हमारे महावाणिज्यदूत से बात हुई, जो संबंधित परिवारों के संपर्क में हैं। वह इस दुखद स्थिति में पूरा समर्थन दे रहे हैं।
कैलिफोर्निया में जंगल की आग के बाद फैला H5N9 बर्ड फ्लू, पोल्ट्री उद्योग में मचा हड़कंप
29 Jan, 2025 04:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिका के कैलिफोर्निया में आग के बाद नई आफत आई है. यह आफत बर्ड फ्लू के रूप में है. ये बीमारी इलाके में तेजी से बढ़ रही है. बर्ड फ्लू का एक प्रकार जिसे वैज्ञानिक H5N9 कहते हैं, ये बीमार पक्षियों में पाया गया. अमेरिकी कृषि विभाग ने कहा कि यह पहली बार है कि H5N9 अमेरिकी पोल्ट्री में पाया गया है, जिसका मतलब है कि यह गंभीर बीमारी का कारण है.
प्रभावित इलाकों को क्वारनटीन किया गया
इसमें मृत्यु दर में भी इजाफा होता है. बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य के अधिकारियों ने प्रभावित इलाकों को क्वारनटीन कर दिया, जैसे कोरोना के दौरान किया जाता था. कोरोना काल के दौरान जब किसी इलाके में मरीज पाया जाता था तो उस क्षेत्र को सील कर दिया जाता था. कोरोना के शुरुआती दौर में ये खासतौर से देखा जाता था.
वैज्ञानिक बर्ड फ्लू वायरस को इस आधार पर वर्गीकृत करते हैं कि उनके अंदर किस प्रकार के दो प्रमुख प्रोटीन हैं, हेमाग्लगुटिनिन, जैसे H5 या H3, और न्यूरोमिनिडेज, जैसे N1 या N9. वायरस में कहीं और कई अन्य उत्परिवर्तन के साथ उन दो प्रोटीनों के विभिन्न मिश्रण इस बात को प्रभावित कर सकते हैं कि लोग और जानवर कैसे बीमार होते हैं और यह कैसे फैलता है. H5N1 अमेरिका में पिछले साल के प्रकोप को बढ़ावा देने वाले उपभेदों का प्रमुख समूह रहा है.
जनवरी 2022 में आया था पहला मामला
अमेरिका में बर्ड फ्लू का पहला मामला जनवरी 2022 में सामने आया था. दक्षिण कैरोलिना में जंगली पक्षियों में इसकी पुष्टि हुई थी. इसके बाद जुलाई 2022 में कैलिफोर्निया में जंगली पक्षियों में इसका पता चला था. कैलिफोर्निया के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग ने 13 दिसंबर को बताया था कि अब तक 33 गायों में वायरस की पुष्टि हो चुकी है.
कैलिफोर्निया ने डेयरी फार्मों और उनके श्रमिकों को भी सुरक्षात्मक उपकरण भेजे, तथा गायों या कच्चे दूध के साथ काम करने वाले लोगों को वायरस के संक्रमण के जोखिम को कम करने के लिए इन उपकरणों का उपयोग करने की सलाह दी.
कैथल में एंटी करप्शन ब्यूरो ने एक्साइज ऑफिसर को रिश्वत लेते पकड़ा
29 Jan, 2025 02:58 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा के कैथल में एंटी करप्शन ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक्साइज एंड टैक्सेशन ऑफिसर दिनेश को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी ने जमीन अटैच करने के मामले में शिकायतकर्ता से 1.40 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी।
पहले भी ली थी रिश्वत
शिकायतकर्ता ऋषिपाल के अनुसार, ईटीओ दिनेश ने उससे पहले 8 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी, जिसमें से वह पहले ही 60 हजार रुपये दे चुका था। इसके बावजूद अधिकारी ने और पैसे की मांग करते हुए उसकी संपत्ति अटैच करने की धमकी दी थी।
शिकायत के बाद हुई कार्रवाई
शिकायतकर्ता ने मामले की सूचना एसीबी को दी, जिसके बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए ईटीओ को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। फिलहाल, एसीबी ने आरोपी अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड: हथनीकुंड बैराज से यमुना नदी की धारा स्वच्छ और अविरल बह रही है
29 Jan, 2025 01:59 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हथनीकुंड: हथनीकुंड बैराज से यमुना नदी की स्वच्छ धारा अविरल बह रही है। यह दावा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी कर रहे हैं। पश्चिमी यमुना नहर की सैंपल रिपोर्ट के मुताबिक पानी के सभी मानक निर्धारित तय मानकों से कम है। इससे साफ जाहिर है कि पश्चिमी यमुना नहर के जरिए दिल्ली को जो पानी सप्लाई किया जा रहा है। वह यहां तो प्रदूषित नहीं हो रहा है।
हर महीने होती है पानी की जांच
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक, हर महीने पश्चिमी यमुना नहर से पानी के सैंपल लेकर जांच करवाई जाती है। 15 जनवरी को मिली रिपोर्ट के मुताबिक पानी सभी मानकों पर खरा उतर रहा है। पानी की जांच के लिए 29 बिंदु निर्धारित किए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, उनमें से एक भी ऐसा नहीं है, जो निर्धारित मानकों पर खरा न उतरता हो। पानी की शुद्धता जांचने के लिए उसमें पीएच लेवल, टोटल सस्पेंडेड सॉलिड, बायोलॉजिकल आक्सीजन डिमांड, केमिकल ऑक्सीजन डिमांड, अमोनिया नाइट्रोजन, नाइट्रेट नाइट्रोजन, टोटल फॉस्फोरस सहित अन्य की जांच की जाती है।
दिल्ली को दिया जा रहा 751 क्यूसेक पानी
मंगलवार को हथनीकुंड बैराज पर आज अधिकतम जल बहाव दोपहर 12 बजे 4200 क्यूसेक दर्ज किया गया जिसमें समझौते अनुसार पूर्वी यमुना नहर को 839 पश्चिमी यमुना नहर को 3009 एवं यमुना नदी में 352 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसी प्रकार शाम 6:00 बजे यमुना का जलस्तर घटकर 1958 क्यूसेक रह गया जो पूर्वी यमुना नहर में 83 पश्चिमी यमुना नहर में 1523 और यमुना नदी में 352 क्यूसेक छोड़ा गया। हथनीकुंड बैराज से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार दिल्ली को निर्बाध रूप से 751 क्यूसेक पानी की आपूर्ति होती रही।
बाड़ी माजरा में 10-10 एमएलडी के दो प्लांट
यमुनानगर में फिलहाल घरों व फैक्टरियों से निकलने वाले गंदे पानी में से 90 एमएलडी ट्रीट हो रहा है। जिसके लिए परवालों में 24 एमएलडी, बाड़ी माजरा में 10-10 एमएलडी व रेस्ट हाउस के पास 20 व 25 एमएलडी के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाए हैं।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने लिये सैंपल
प्रदेश सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर बीरेंद्र सिंह ने बताया कि मंगलवार को हरियाणा-दिल्ली सीमा में पल्ला गांव के पास से यमुना के पानी के सैंपल लिये गए। इसमें अमोनिया शून्य पाया गया है। इसके अलावा सभी मात्रा संतोषजनक पाई गई है। पानी जहरीला नहीं है। पानी सभी मानकों पर खरा उतरता है।
Boom xb-1 Flight: अमेरिका ने पूरी की अपनी पहली सुपरसोनिक उड़ान, 100 डॉलर में देगी दुनिया की सैर
29 Jan, 2025 01:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सुपरसोनिक उड़ानें जल्द ही वास्तविकता बन सकती हैं। ऐसा इसलिए है, क्योंकि अमेरिका में एक नहीं, बल्कि दो ऐसे विमानों का परीक्षण किया जाने वाला है जो सुपरसोनिक स्पीड से उड़ती हैं।
बूम सुपरसोनिक अपने XB-1 सुपरसोनिक विमान का प्रदर्शन करने के लिए तैयार है, वहीं NASA भी अपने X-59 विमान का परीक्षण करने की तैयारी कर रहा है। अगर यह दोनों प्रयोग सफल रहते हैं, तो भविष्य में इन्हें हवाई यातायात के लिए उतारा जा सकता है।
कंपनी के XB-1 प्रदर्शनकारी विमान की सुपरसोनिक उड़ान पहली बार है जब किसी स्वतंत्र रूप से विकसित जेट ने ध्वनि अवरोध को तोड़ा है।
XB-1, जिसने मार्च 2024 में पहली बार हवा में उड़ान भरने के बाद से अब तक 12 सफल परीक्षण उड़ानें पूरी कर ली हैं।
बूम सुपरसोनिक का XB-1 विमान 28 जनवरी को स्थानीय समयानुसार सुबह 7:45 बजे सुपरसोनिक परीक्षण उड़ान के लिए निर्धारित किया गया था। मोजावे एयर एंड स्पेस पोर्ट पर होने वाली इस
उड़ान का उद्देश्य साउंड बैरियर (ध्वनि की रफ्तार) को तोड़ना है, जो मैक 1.1 (लगभग 844 मील प्रति घंटे या 1,358 किलोमीटर प्रति घंटे) की गति तक पहुंचेगा। यह प्रदर्शन मार्च 2024 से अब तक इस विमान के 11 सफल परीक्षण उड़ानों के बाद आया है। इस दौरान XB-1 मैक 0.95 की रफ्तार तक पहुंच चुका है।
बूम के मुख्य परीक्षण पायलट ट्रिस्टन "गेप्पेटो" ब्रांडेनबर्ग द्वारा उड़ाया गया यह विमान, परीक्षण उड़ान के लगभग 12 मिनट बाद 35,000 फीट की ऊंचाई पर मैक 1.122 (652 नॉट्स वास्तविक हवाई गति या 750 मील प्रति घंटा) की गति तक पहुंच गया - जो ध्वनि की गति से लगभग 10% अधिक है।
28 जनवरी की उड़ान से पहले XB-1 की सबसे तेज़ गति मैक 0.95 थी, जो मैक 1 की सुपरसोनिक सीमा से ठीक नीचे थी, जिसे इसने 10 जनवरी को अपनी अंतिम परीक्षण उड़ान के दौरान हासिल किया था।
एक लाइवस्ट्रीम ने अमेरिका में निर्मित पहले नागरिक सुपरसोनिक जेट और दुनिया के पहले स्वतंत्र रूप से विकसित सुपरसोनिक जेट के ऐतिहासिक क्षण को प्रलेखित किया।
नियंत्रण कक्ष में 25 इंजीनियरों ने मिशन के दौरान लाइव डेटा की समीक्षा की।
इस बहुप्रतीक्षित विमान को पहले ही अमेरिकन एयरलाइंस, यूनाइटेड एयरलाइंस और जापान एयरलाइंस से 130 ऑर्डर और प्री-ऑर्डर मिल चुके हैं।
दशकों का इंतजार
कॉनकॉर्ड के 002 प्रोटोटाइप को पहली बार 25 मार्च, 1970 को मैक 1 पर उड़ान भरते हुए लगभग 55 साल हो चुके हैं और नवंबर 2003 में एंग्लो-फ़्रेंच एयरलाइनर की अंतिम उड़ान के साथ वाणिज्यिक सुपरसोनिक यात्रा समाप्त हुए 21 साल से अधिक हो चुके हैं।
सुपरसोनिक स्पेस में कई चुनौती देने वाले आए हैं, जबकि शेष कॉनकॉर्ड यूके, यूएस और फ्रांस के संग्रहालयों में धूल खा रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई भी सफल नहीं हुआ है।
बूम सुपरसोनिक की महत्वाकांक्षाएँ अभी भी ऊँची हैं। सीईओ ब्लेक शोल ने पिछले साल CNN से कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि हमारे जीवनकाल में सुपरसोनिक विमान पारंपरिक एयरलाइनरों की जगह ले लेंगे।
उन्होंने मार्च 2024 में कहा, मैं सुपरसोनिक हवाई यात्रा की वापसी में बहुत विश्वास करता हूँ, और अंततः इसे हर मार्ग पर हर यात्री तक पहुँचाना चाहता हूँ। और यह कोई ऐसी चीज़ नहीं है जो रातों-रात हो जाए।
100 डॉलर में दुनिया की सैर कराएगा यह विमान
बूम प्रोजेक्ट्स ओवरचर 2030 से पहले संचालित होगा, जो मैक 1.7 की स्पीड से 64 से 80 यात्रियों को ले जाएगा। यह वर्तमान सबसोनिक एयरलाइनरों की गति से लगभग दोगुना है। शोल ने 2021 में बताया था कि हमें 100 डॉलर में चार घंटे में दुनिया में कहीं भी उड़ान भरना है। उनका मानना है कि तेज विमान दक्षता बढ़ाते हैं, लागत और पर्यावरणीय प्रभाव को कम करते हैं।
शोल ने कहा, हम हवाई जहाजों को तेज बनाकर उन पर होने वाले सभी लागत और प्रभाव को काफी हद तक कम कर सकते हैं। अगर हमारे पास तेज हवाई जहाज हैं, तो हमें इतने की ज़रूरत नहीं है।
हादसे के बाद प्रशासन सख्त, सुपरवाइजर पर गिरी गाज और कंपनी हुई ब्लैकलिस्ट
